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भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल, बनेगी ग्रेटर केपिटल सिटी

भोपाल  भोपाल को ग्रेटर केपिटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region)का नोडल एजेंसी बनाया है। इंदौर में भी आइडीए का यह जिमा सौंपा गया है। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल हैं। प्रमुख सचिव शहरी आवास एवं विकास संजय शुक्ला के अनुसार बीडीए कंसलटेंट तय कर आगामी प्लानिंग बनाएगा। यह उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ को मिलाकर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत अगले 14 महीने में पांचों जिलों का सर्वे करने के साथ रीजनल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्लान बनाया जाएगा। इस प्लान के आधार पर भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाया जाना है। बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह के कार्यालय में पांचों जिलों के कलेक्टर्स की मौजूदगी में बीडीए के सीईओ श्यामवीर सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें डीपीआर को लेकर बात रखी गई। आठ हजार वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र कवर होगा संभागायुक्त ने बताया कि पांच जिलों के आठ हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा और इसमें पांच जिले शामिल होंगे, जिसमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ शामिल किया गया है। इन जिलों को जोड़ने से महानगर की आबादी 35 लाख हो जाएगी। चार स्टेज में काम किया जाएगा। पहले चरण में टीम का गठन, सर्वे, बैठकें आयोजित कर अमलीजामा पहनाना, वर्कप्लान फाइनल करना, सभी विभागों का सर्वे अपने अपने एरिया में करना और विधानसभावार 18 विभागों का डेटा जुटाने का काम किया जाएगा, जबकि आखिरी स्टेज में इंजीनियरिंग, लागत अनुमान और वर्कप्लान की डीपीआर तैयार की जाएगी। दो जून को डीपीआर बनाने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके आधार पर टैंडर लेने वाली कंपनी को डीपीआर बनाने का काम सौंपा जाएगा। इस डीपीआर के लिए 18 विभागों से डेटा मांगा गया है। ये तहसील होंगी शामिल     भोपाल जिला : हुजूर, बैरसिया, कोलार     विदिशा जिला : विदिशा शहर, ग्यारसपुर, गुलाबगंज     रायसेन जिला : रायसेन, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज     सीहोर जिला : सीहोर शहर, आष्टा, इच्छावर, श्यामपुर, जावर     राजगढ़ जिला : राजगढ़, नरसिंहगढ़, पचोर ये भी होंगे काम     पांचों जिलों के गांव और शहरों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा     सड़कों को एक दूसरे से जोड़कर आवागमन आसान किया जाएगा     इन शहरों शुरू होगा उद्योगों का विकास     इन जिलों के पर्यटन क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा     सैटेलाइट से गांवों को चिह्नित किया जाएगा     कचरा डिस्पोजल और सीवेज सिस्टम भी डेवलप किया जाएगा ऐसे होगा काम ● सीहोर- भोपाल की प्लानिंग कर तालाब व कैचमेंट संरक्षण का काम होगा। ● मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को भोपाल से जोडकऱ काम किया जाएगा। ● अन्य जिलों में स्थित भोपाल के पास की वैश्विक धरोहरें सांची, भीमबैठका और अन्य पर भोपाल से काम तय हो जाएगा। ● मेट्रो का नेटवर्क भी पास के क्षेत्रों तक बढ़ाने की राह खुलेगी। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग मेट्रोपॉलिटन रीजन में सेटेलाइट टाउन बनाकर नए आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। अतिरिक्त आबादी को इसमें बसाया जाएगा। शहरी क्षेत्र की बजाय रीजन के रूरल एरिया में विशेष आवासीय क्षेत्र बनाकर लोगों को बसाएंगे और कार्यस्थल पर आवाजाही के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करेंगे। इतना ही नहीं, रीजन में नए टूरिस्ट सेंटर व सर्किट तय किए जाएंगे। इस तरह होगा विकास का खाका क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की योजना ग्रोथ सेंटर को चिन्हित करना सेटेलाइट टाउन के लिए क्षेत्र चिन्हित करना टूरिस्ट सेंटर व सर्किट भी तय होगा पर्यावरणीय विकास के लिए पूरा मैनेजमेंट तय करना बेहतर कृषि भूमि का संरक्षण प्लान कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान होगा, जिसमें रोड, प्राकृतिक नाले, जनसुविधाएं व सेवाओं के साथ रीजन के आर्थिक विकास का पूरा मैप रहेगा। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का प्राथमिक मैप तैयार है। बेहतर प्लान के साथ रीजन तय करेंगे। भोपाल का स्वरूप बदलेगा, विकास की संभावनाएं बढ़ेगी। – संजीव सिंह, संभागायुक्त व प्रशासक बीडीए एमपी में 9 शहरों को मिलाकर बनेंगे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, 6 संभागों का होगा डेवलपमेंट  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 5 जिलों की बदल जाएगी सूरत, जानिए कैसे मेगा रोड प्रोजेक्ट से 80 लाख को होगा फायदा  मध्य प्रदेश के पांच जिलों – भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में मेगा रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत, आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लोग 80 लाख की आबादी तक को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इन जिलों को भोपाल से बेहतर कनेक्ट करने के लिए सड़क नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है और कंसल्टेंट तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगले एक महीने में इन पांच जिलों से जुड़े रोड नेटवर्क का सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा। सीएम का ग्रेटर राजधानी की बात करना हाल ही में भोपाल में आयोजित आंबेडकर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृहद राजधानी के निर्माण की बात की थी। इस घोषणा के बाद से ही इस दिशा में कार्य शुरू हो गया था और अब वृहद राजधानी के रूप में भोपाल और आसपास के इलाकों … Read more

एमपी में प्री-पेड मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ, दरों में मिलेगी राहत, मोबाइल एप और एसएमएस के जरिए मिलेगा बिल

जबलपुर मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनियां अब स्मार्ट मीटर के बाद प्री-पेड मीटर की सुविधा देने जा रही हैं। सबसे पहले कंपनियां सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड मीटर बदलने पर जोर दे रही हैं। एक-दो माह में सबसे पहले सभी सरकारी कार्यालयों में लगे स्मार्ट मीटर को प्री-पेड सुविधा में बदला जाएगा। इसके बाद आम उपभोक्ताओं के मीटर बदलने का काम शुरू होगा। इस मीटर में मोबाइल बैलेंस की तरह ही बिजली जलाने से पहले अग्रिम राशि से रिचार्ज करना होगा। हर दिन बिजली की खपत के साथ ही बैलेंस भी कम होता जाएगा। उपभोक्ताओं को बैलेंस चेक करने की भी सुविधा होगी। 9.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं दरअसल, बिजली कंपनियां फिलहाल स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। प्रदेश के 21 जिलों में पूर्व वितरण कंपनी द्वारा 9.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर को ही प्री-पेड में बदला जा सकता है। ऐसे में, योजना बहुत जल्द उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर प्री-पेड मीटर में बदलने की है। उपभोक्ताओं को सुविधा देना चाहती है बिजली कंपनी एक अधिकारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर का पूरा डेटा मीटर डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (एमडीएम) में दर्ज होता है, जिसकी केंद्रीयकृत निगरानी की जाती है। बिजली कंपनी अब उपभोक्ताओं को यह सुविधा देना चाहती है कि वह मोबाइल की तरह ही प्री-पेड भुगतान कर बिजली का उपयोग करे। जबलपुर में घरेलू, गैरघरेलू, औद्यौगिक उपभोक्ताओं को चिह्नित कर उनके यहां स्मार्ट मीटर को प्री-पेड की तरह उपयोग कर आकलन किया जाएगा। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे 50 प्री-पेड मीटर उद्योग, गैरघरेलू और घरेलू उपभोक्ताओं के यहां लगाकर उनके परिणाम का आकलन शुरू कर दिया है। इसके परिणाम सकारात्मक मिल रहे हैं। एसएमएस और एप के जरिए प्रतिदिन की बिलिंग हो रही है। मोबाइल एप और एसएमएस के जरिए उपभोक्ता को बकाया राशि की जानकारी भी मिल रही है। भरोसा पैदा करना है उद्देश्य पहले चरण में 21 हजार मीटर लगाने की तैयारी है। अधिकारियों ने बताया कि संभाग स्तर से ब्लाक स्तर के सरकारी महकमें में यह मीटर लगाया जाना है। सरकारी भवनों में मीटर लगाने के पीछे एक उद्देश्य जनता में भरोसा पैदा करना भी है कि यह मीटर उपयोगी है। इसके अलावा बिजली कंपनी सरकारी विभाग खासतौर पर पुलिस स्टेशन, तहसील जैसे कार्यालय के बकाया बिल से परेशान है, उनकी वसूली में समय लगता है, जिस वजह से बिजली कंपनी को आर्थिक क्षति होती है ऐसे में कंपनी प्री पेड मीटर लगाकर पहले ही राशि लेना चाह रही है। हर दिन की खपत की मिलेगी जानकारी प्री-पेड उपभोक्ता को उसके मोबाइल नंबर, मेल और एप के जरिए मीटर से हो रही बिजली की खपत की जानकारी मिलेगी। कंपनी हर दिन का शेष राशि भी बताएगी और सूचना के जरिए अपडेट करेगी कि बिजली रिचार्ज की कब जरूरत होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल के रिचार्ज और उसके उपयोग जैसी होगी। इसके लिए न्यूनतम 100 रुपये से बिजली रिचार्ज होगी। इसके ऊपर उपभोक्ता स्वेच्छा से जरूरत के अनुसार राशि से बिजली रिचार्ज कर सकता है। ये मिलेगा लाभ प्री-पेड मीटर लगाने पर टैरिफ में 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की दर में राहत मिलती है। उपभोक्ता को अभी सालाना खपत का 45 दिन का औसत बिल के बराबर की राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा करनी होती है, यह राशि प्री-पेड मीटर में जमा करने की जरूरत नहीं होगी।

मध्य प्रदेश के रायसेन में बनाए जाएंगे मेट्रो कोच, युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसर मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटा रायसेन जिला अब देश भर में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है. रायसेन का उमरिया गांव मेट्रो और रेल निर्माण का नया हब बनने जा रहा है. बेंगलुरु में डॉ. मोहन यादव ने उमरिया में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड कंपनी के नई इकाई के लिए 60.63 हेक्टेयर भूमि आवंटन की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कंपनी के चेयरमैन शांतनु रॉय को भूमि आवंटन पत्र सौंपा. अब कंपनी मध्य प्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी. भोपाल के बाद रायसेन दूसरा जिला होगा, जहां मेट्रो के कोच बनाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने इंटरेक्टिव सेशन के बाद कहा कि निवेशकों को मध्यप्रदेश में आमंत्रित करने आया था। मैंने निवेशकों से चर्चा की है। उसमें सन फॉर्मा से 3 हजार करोड़, एचईएसएस से 2 हजार करोड़, बीईएमएल 1800 करोड़, अरविंद मील 600 करोड़, अभिनाथ समूह लॉजिस्टिक 100 करोड़, नाइज गारमेंट का 385 करोड़, एचटीसीएल टेक्नोलॉजी का 50 करोड़ का निवेश मिला है। सब मिलाकर 8 हजार करोड़ का निवेश है। जिससे कुल 19 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मैंने सभी निवेशकों से कहा है कि आइए मध्यप्रदेश से भी जुड़िए। यहां उद्योग व्यापार की बड़ी संभावनाएं हैं। बीईएमएल को 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु में बीईएमएल को रायसेन जिले में रेलवे कोच के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि रायसेन में बीईएमएल की यूनिट खुलने से देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसर मिलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य सरकार ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। यहां 1800 करोड़ से रेलवे कोच यूनिट लगाई जाएगी। विश्वास पर खरी उतरेगी बीईएमएल मुख्यमंत्री का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमैन और एमडी शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। उन्होंने बताया कि बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवर लेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अन अटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणाली और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसलिए खास हैं ऐसे कोच नए रेलवे कोच की विशेषता ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया है। इस प्रणाली में पांच प्रमुख मॉड्यूल- रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं। रायसेन के गोहरगंज में प्लांट मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य के अधिकारी BEML को आधिकारिक आवंटन पत्र सौंपे। BEML ने गोहरगंज, रायसेन जिले में हाई-स्पीड रेल और मेट्रो कोच उत्पादन के लिए एक कारखाना स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। दरअसल, बेंगलुरु स्थित BEML विभिन्न प्रकार के भारी उपकरण जैसे अर्थमूविंग, परिवहन, रेलवे और खनन उपकरण बनाती है। BEML एशिया में अर्थ मूविंग उपकरणों का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। एमपी में वंदे भारत के भी कोच बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे अब मध्य प्रदेश में वंदे भारत कोच भी बनाएंगे, जैसे कि वे बेंगलुरु में 1,800 करोड़ रुपए के निवेश से बनाते हैं। BEML का यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूत करेगा। इससे देश में ही आधुनिक परिवहन समाधानों का निर्माण होगा। साथ ही, यह क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में निवेशकों के साथ बातचीत की। उन्होंने मध्य प्रदेश में निवेश करने के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योगों के लिए बहुत अच्छा माहौल है। इन प्रणालियों की मदद से डिपो कंट्रोल सेंटर से ही रियल-टाइम प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस और रिमोट डाइग्नोसिस संभव होगा। इस मेट्रो कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए एर्गोनॉमिक इंटीरियर, डायनामिक रूट मैप्स, सीसीटीवी, डिजिटल फायर डिटेक्शन, एडवांस्ड एयरकंडिशनिंग सिस्टम और साइकिल स्टैंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। 2100 वें कोच को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना बेंगलुरु में सीएम मोहन ने बीईएमएल के संस्थान में पहुंचने के बाद सबसे पहले 2100वें कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यहां उन्होंने कोच के भीतर पहुंचकर स्थानीय कर्मचारियों का अभिवादन किया। इसके बाद बीईएमएल के सीएमडी शांतनु रॉय और अफसरों के साथ वहां की यूनिट का निरीक्षण भी किया। एक बार जो आता है वह एमपी का हो जाता है रेलवे कोच के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपने बाद बेंगलुरु में इंटरेक्टिव सेशन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी की जो औद्योगिक पॉलिसी बनी हुई है उसमें सुविधा देने का काम तेजी से हो रहा है। कलेक्टर जिलों में इसके लिए काम कर रहे हैं। निवेशक जो सुविधा चाहते हैं, वह बताएंगे तो हम उसमें बदलाव करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों का जो भी बकाया पुरानी सरकार के कार्यकाल में था, वह हमारी सरकार ने चुकाया है और इस तरह 5260 करोड़ रुपए इंसेंटिव के रूप में दिए गए हैं। सभी निवेशकों को साफ सुथरी वचन बद्धता के साथ मौका मिलना चाहिए। यह हमारी सरकार की कोशिश है। एक बार जो एमपी आता है वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। इसके लिए आप सबको निमंत्रण दे रहा है। पीएस ने दिए निवेशकों के सवालों के जवाब औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने निवेशकों द्वारा किए गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक नीति के बारे में जानकारी दी और सरकार द्वारा निवेश के लिए जो छूट दी जा रही है। इसके बारे में बताया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, राघवेंद्र सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी ने … Read more

प्रदेश सरकार ने एकीकृत टाउनशिप नीति को दी मंजूरी, जमीन मालिक स्वयं कर सकेंगे डेवलपमेंट

भोपाल अब भोपाल विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड जैसी सरकारी निर्माण एजेंसियों की भूमिका खत्म होने जा रही है। शहरी विकास एवं आवास विभाग की एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 के लागू होने से अब रियल एस्टेट विकास में निजी निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। बिल्डर्स किफायती आवास बनाएंगे।  राजधानी समेत अन्य शहरों में निजी रियल एस्टेट एजेंसियों बड़ी-बड़ी टाउनशिप विकसित करेंगी। नीति के तहत कम से कम 40 हेक्टेयर की नई आवासीय टाउनशिप निजी डेवलपर विकसित करेंगे। हालांकि, सडक़, बिजली, पानी और अन्य जरूरी अधोसंरचनाएं सरकार ही विकसित करेगी। इसके लिए राज्य व जिला स्तर पर तय कमेटी आवेदन मंजूर करेगी। ऐसे मिलेगा शहर को लाभ अब सरकार कॉलोनी तक इंफ्रास्ट्रक्चर देगी। भेल, बैरागढ़, करोद, कोलार में बड़ी टाउनशिप विकसित करने की योजना है। यहां 500 हेक्टेयर जमीन सीलिंग की खाली है। यहां सेटेलाइट टाउन बनेंगे। जमीन मालिक भी कर सकेंगे विकसित टाउनशिप में 18 मीटर व 30 मीटर चौड़ी सड़के होंगी। इनके आसपास ही कालोनियां विकसित होंगी। ताकि मुख्य मार्ग पर पहुंच आसान हो। लैंड पुलिंग में बदलाव किए हैं, जिसमें जमीन मालिक खुद टाउनशिप विकसित कर सकेंगे। ऐसे मिलेगी सुविधा राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण में सहायता करेगी। बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी और समय पर मंजूरी सुनिश्चित करेगी। नोडल एजेंसी एकल खिडक़ी मंजूरी प्राधिकरण के रूप में काम करेगी और विभिन्न विभागों से वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने में मदद करेगी। यह है पॉलिसी की खास बातें प्रदेश सरकार ने फरवरी 2025 में एकीकृत टाउनशिप नीति को मंजूरी दी थी। नियमानुसार नगरीय निकाय सीमा में 40 हेक्टेयर भूमि में टाउनशिप विकसित की जा सकेगी। अधिसूचित वन, जल निकाय, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य, रक्षा संपदा, छावनी बोर्ड, पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र, अधिसूचित खदान, खनन क्षेत्र, एसईजेड, वन्यजीव गलियारे और ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक स्थानों पर यह लागू नहीं होगी।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्राचीन और ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई, 832 पुरानी जल संरचनाओं पर काम

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्त्रोतों की साफ-सफाई के काम में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके परिणाम समाज के सामने आ रहे है। जल के महत्व को समझाने के लिये सांस्कृतिक गतिविधियों का सहारा लिया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में जन-प्रतिनिधियों ने पदयात्रा निकाल कर पानी के महत्व का संदेश जन-सामान्य को दिया गया। वाह्य नदी को बारहमासी नदी में बदलने के लिये पदयात्रा भोपाल जिले के बैरसिया में जल गंगा संवर्धन अभियान में वाहृय नदी स्थल का भूमि-पूजन किया गया और वाह्य नदी को बारहमासी नदी में बदलने के लिये बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के नेतृत्व में पद यात्रा शुरू की गई। यह यात्रा तहसील के विभिन्न ग्रामों से होती हुई खजुरिया रामदास पर समाप्त हुई। बैरसिया में जल स्त्रोतों को चिन्हित कर उनके संरक्षण कर कार्ययोजना तैयार कर संरक्षण का कार्य शुरू किया गया है। प्राचीन बावड़ी का चिन्हांकन भी किया गया है। उनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जन-सामान्य को जानकारी दी जाएगी। एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के रिचार्ज के प्रयास विदिशा जिले में एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के स्थायित्व और निरंतरता के लिए मनरेगा की योजनाओं के साथ अभिसरण कर रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक और राज्य स्तरीय भुजलविद ने जिले के चयनित गाँव का दौरा किया। ग्रामीणों को बताया गया कि वर्षा की हर बूंद को भूमि के अंदर संरक्षण करके रखना बहुत जरूरी है। ग्रामीणों को वर्षा के जल को रिचार्ज करने की विधि के बारे में बताया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि ग्राम के ढलान के अनुसार पानी को दिशा देकर 3-3 मीटर के फिल्टर के माध्यम से असफल नल-कूपों में पुनर्भरण किया जा सकता है। जागरूकता के लिये विशेष प्रयास सीहोर जिले में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण से संबंधित अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ सहित अनेकों गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के तहत जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। 832 पुरानी जल संरचनाओं पर काम ग्वालियर जिले की 263 ग्राम पंचायतों में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनायें तेजी से आकार ले रही हैं। कार्यों में तेजी आने से इस अभियान में जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जिले में कहीं पर खेत-तालाब, कहीं पर अमृत सरोवर तो कहीं पर पुराने कुँओं के पुनर्भरण के लिये संरचनायें बनाई जा रही हैं। साथ ही पिछले वर्षों की जल संरचनाओं को पूरा करने का काम भी अभियान के तहत हो रहा है। जिले की 263 ग्राम पंचायतों में वर्तमान में वर्षा जल सहेजने के लिये 1610 कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा 832 पुरानी जल संरचनाओं को पूरा करने का काम भी प्रमुखता से कराया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में जन भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जल संचय एवं उपयोग के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतों में 854 खेत-तालाब स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 794 खेत-तालाबों का काम शुरू हो चुका है। इसी तरह जिले में 903 पुराने कुँओं को रिचार्ज करने के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 810 कुँओं को रिचार्ज करने के लिये संरचनायें बनाने का काम जारी है। जिले में 6 अमृत सरोवर भी स्वीकृत किए गए हैं। जिले में बड़े पैमाने पर बनाई जा रहीं जल संरचनायें जल संरक्षण व संवर्धन का काम तो कर ही रही हैं, साथ ही मछली पालन व सिंघाड़ा उत्पादन जैसी व्यवसायिक गतिविधियों के माध्यम से किसानों की अतिरिक्त आय का साधन भी बनेंगी। खेत-तालाबों व अमृत सरोवरों के किनारे वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के काम भी किए जायेंगे। प्राचीन और ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई झाबुआ जिले के ग्राम भगोर की प्राचीन व ऐतिहासिक बावड़ी में श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महत्वाकांक्षी अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभिन्न जल स्रोत की साफ-सफाई का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में झाबुआ कलेक्टर सुनेहा मीना के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद ग्राम भगोर के केसरिया की प्राचीन ऐतिहासिक कसारा की बावड़ी में श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। जिला समन्वयक प्रेमसिंह चौहान ने बताया कि पूरी बावड़ी में पेड़ों के पत्ते बिखरे हुए थे और गंदगी पसरी हुई थी जिसे ग्राम पंचायत, विद्यार्थी, नवांकुर संस्था के सदस्यों द्वारा मिलकर सफाई की गयी। गौरतलब हैं की यह अति प्राचीन बावड़ी है जो की बड़े बड़े पत्थरों से बनी हुई है। इस बावड़ी में पुराने समय में लोग पानी तक पीते थे। परंतु आज पुरानी होने की वजह से कीचड़ व पत्तों से भर गई है। ग्रामवासियों ने मिलकर इसकी साफ-सफाई की। बावड़ी में पानी दिखाई देने लगा। श्रमदान कार्यक्रम में सभी को जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। प्राचीन सूरजकुंड बावड़ी की सफाई इंदौर जिले में जन अभियान परिषद के तत्वावधान में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत देपालपुर के प्रसिद्ध मंगलेश्वर मंदिर स्थित प्राचीन सूरजकुंड बावड़ी की सफाई का महाअभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में परिषद की प्रस्फुटन समितियों के सदस्य, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्र, नवांकुर तथा सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। सफाई अभियान के दौरान सूरजकुंड बावड़ी की गंदगी को हटाकर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। जिले के ग्रामीण अंचलों में तालाबों, नदियों एवं नालों की सफाई तथा गहरीकरण के कार्यक्रम श्रमदान के माध्यम से निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में मंगलेश्वर मंदिर परिसर स्थित सूरजकुंड बावड़ी पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा हुई और सभी प्रतिभागियों को जल बचाने … Read more

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय क्षेत्र में 25 किमी तो नेपाल में 10 KM के दायरे में ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध, अलर्ट

सिकटी (अररिया) ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। सोनामनी गुदाम से आमबाड़ी तक लगने वाली भारत नेपाल सीमा में सोनामनी गुदाम, कुर्साकांटा, कुआड़ी, सिकटी तथा बरदाहा थाना क्षेत्र में चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां 24 घंटे गहन तलाशी अभियान जारी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद बनाने के लिए चेक प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को आधुनिक वायरलेस संचार प्रणाली और दंगा नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों से भी लैस किया गया है। सीमा पर सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय क्षेत्र में 25 किमी तो नेपाल भूभाग में दस किलोमीटर के दायरे में ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नेपाल में भी नहीं उड़ेगा ड्रोन नेपाल के वरीय अधिकारियों ने बताया कि भारत-पाक तनाव के बीच नेपाल ने भी भारत के सहयोग में बॉर्डर पर सुरक्षा के नियम सख्त किए हैं। अब भारत की ही तरह नेपाल में भी दस किलोमीटर तक कोई भी ड्रोन नहीं उड़ा सकता है। इसके अलावा बांग्लादेश से आने वाली जमात पर भारत व नेपाल की खुफिया एजेंसी निगाह रख रही हैं। दोनों ओर बराबर गश्त भी हो रही है। भारत-पाक तनाव के बीच सुरक्षा दो स्तर पर कर दी गई है। पहले स्तर पर एसएसबी नो मेंस लैंड पर तैनात है। वहां उसकी स्थायी चौकियां हैंं। इसी के साथ एसएसबी ने गश्त को बढ़ा दिया है। दूसरे स्तर पर जिला पुलिस की तैनाती है। इसमें नई सुरक्षा जांच चौकी बनाई गई है। नो मेंस लैंड पर 24 घंटे गश्त सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए बैरियर पर पुलिस को तैनात किया गया है। सीमा के नो मेंस लैंड पर दोनों देश के जवान चौबीस घंटा गश्त कर रहे हैं। बॉर्डर पिलर के दोनों तरफ की 30 फीट जमीन नो मेंस लैंड के दायरे में आता है। नेपाली अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर कैंप किया जा रहा है। सभी आने जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है। इधर, एसएसबी और पुलिस प्रशासन सीमा पर बनाए गए सेक्टर के हिसाब से मोर्चे पर डटी है। अब नेपाल में भी बॉर्डर से 10 किलोमीटर तक कोई भी शादी विवाह में ड्रोन नहीं उड़ा पाएगा। सीमा के बंद होने के बाद किसी को भी न तो आने दिया जाएगा और न ही जाने दिया जाएगा। किसी भी तीसरे देश के नागरिकों को भारत सीमा की ओर न जाने को कहा गया है। इसके साथ ही असमाजिक तत्वों पर भारत-नेपाल की खुफिया विभाग नजर रख रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- लाड़ली बहनों को सम्मान देकर पूरा प्रदेश होता है गौरवान्वित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है। भगवान श्रीराम की संस्कृति को मानते हुए सरकार अपने सभी वचन (संकल्प) पूर्ण कर रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के दो साल पूरे हो गये है। गुरूवार को प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को योजना की 24वीं किश्त जारी की गई है। हर महीने बहनों को 1250 रुपए राशि भेजकर हर माह रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश में नारियों के सम्मान की परम्परा अनादि काल से है। हमने जो वादा बहनों से किया था उसे लगातार निभा रहें है। हम भगवान श्रीराम की संस्कृति को मानने वाले हैं जो वचन देते हैं उसे प्राण देकर भी निभाते हैं। लाड़ली बहना को सम्मान देकर पूरा प्रदेश गौरवान्वित होता है। प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है। सरकार के द्वार बहनों के लिए सदैव खुले हैं। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के खातों में पैसे पहुंचते हैं तो घर में लक्ष्मी बनी रहती है। भारत में पारिवारिक संस्कृति ऐसी है कि एक मां अपने हिस्से का भोजन बेटे को कराकर खुश होती है। भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां भारत भूमि की पूजा मां के रूप में की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को सीधी में विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरण के साथ विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1551 करोड़ 89 लाख रूपए की राशि का अंतरण किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 56 लाख 83 हजार हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की गई। साथ ही 26 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 30 करोड़ 83 लाख रूपए राशि का ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर सीधी जिले में 112 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सीधी क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बहनों के साथ किसान भाइयों के बैंक खातों में भी भेजी जा रही राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक माह बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना, किफायती दरों पर एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने के लिए सहायता राशि अंतरित कर रही है। इसी के साथ किसानों को प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश की बहनों के साथ-साथ किसान भाइयों के बैंक खातों में भी पैसे भेजे जा रहे हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए इस वित्तीय वर्ष में 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2047 तक 22 लाख 50 हजार रुपए करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों से हमने 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीदा है। वर्ष 2003 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 11200 रूपये थी जो आज 1 लाख 52 हजार रूपये हो गई है। विंध्य, सेना का नेतृत्व करने वाला क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र सेना का नेतृत्व करने वाला क्षेत्र है। थलसेना एवं नौसेना की कमान यहां से निकले 2 शीर्ष अफसरों के पास रहना गर्व का विषय है। भारतीय सैन्य बलों ने पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत ने पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की हत्या का षडयंत्र रचने वाले आतंकियों का खात्मा कर 4 दिन पहले सीमा पर दिवाली मनाई। आतंकियों में भारतीय सेना का सामना करने का दम नहीं है। सेना ने पराक्रम से ऑपरेशन सिंदूर चलाकर दुनिया को सिंदूर का महत्व बताया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान अब दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। भारत अब एक नए दौर में है। भारतीय सेना के शौर्य से पूरा देश गौरवान्वित है। उल्लास के वातावरण में अलग-अलग शहरों में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। समारोह में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विन्ध्य से गहरा नाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोकसभा की सभी सीटों पर हमने जीत हासिल की। विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी विधानसभा क्षेत्र को 112 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों की सौगात देकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे सीधी का चौमुखी विकास होगा। सीधी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परम्परागत आदिवासी शैला एवं करमा लोक नृत्य से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्वयं लड्डू खरीदकर टेस्ट किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में मैरिट सूची मे आने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया।  

यूपी सरकार को मंदिर फंड के इस्तेमाल की इजाजत, बांके बिहारी कॉरिडोर मामले में SC का फैसला

मथुरा यूपी के मथुरा स्थित बांके बिहारी कॉरिडोर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला दिया है। अदालत ने यूपी सरकार को परियोजना के लिए आसपास की जमीन खरीदने के लिए मंदिर फंड का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में सर्वोच्च अदालत ने संशोधन कर यूपी सरकार को राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के नंवबर, 2023 के आदेश को इस सीमा तक संशोधित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश को प्रस्तावित योजना के अनुसार मंदिर के आसपास की भूमि खरीदने के लिए मंदिर फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है। हालांकि, इस दौरान यह शर्त लगाई गई कि अधिग्रहित भूमि देवता/ट्रस्ट के नाम पर हो। सर्वोच्च अदालत कहा कि यह एक स्थापित तथ्य है कि ऐतिहासिक मंदिर पुरानी संरचनाएं हैं। उन्हें उचित रखरखाव और अन्य रसद सहायता की जरूरत होती है। बड़ी संख्या में मंदिरों में रिसीवरों की नियुक्ति दशकों से की जा रही है, जिसका मूल रूप से एक अस्थायी उपाय के रूप में इरादा था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिसीवर नियुक्त करते समय संबंधित न्यायालय यह ध्यान में नहीं रख रहे हैं कि मथुरा और वृंदावन, वैष्णव संप्रदायों के लिए दो सबसे पवित्र स्थान हैं और इसलिए वैष्णव संप्रदायों के व्यक्तियों को रिसीवर के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। दरअसल, यूपी के मथुरा के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर के लिए यूपी सरकार पांच एकड़ में भव्य कॉरिडोर बनाना चाहती है। इसमें मंदिर तक पहुंचने में तीन रास्ते होंगे, जिससे भक्तों को दर्शन में आसानी होगी। इस परियोजना में लगभग 262 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए फरवरी में आए बजट में सरकार ने 150 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। इसमें जमीन अधिग्रहण और कॉरिडोर का विकास होगा। वहीं, मंदिर नगरी में पर्यटन के विकास के लिए 125 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री साय पहुंचे बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा किया। यह गांव दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित अंतिम गांवों में से एक है, जहाँ अब नियद नेल्लानार योजना के तहत समावेशी विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय का ग्रामीणों ने महुआ, आमपत्ती से बने पारंपरिक हार और गौर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का भी छिंद पत्तों से बने पारंपरिक गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की ज़मीनी समस्याएं सुनीं और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने राशन दुकान का निरीक्षण किया, जहां हितग्राहियों से बातचीत कर राशन वितरण की नियमितता, गुणवत्ता, और उपयोग की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न का वजन भी मौके पर करवाया और एक हितग्राही का राशन कार्ड देखा। मुख्यमंत्री साय ने आंगनबाड़ी में बच्चों से आत्मीय वार्तालाप कर उनके अक्षर ज्ञान, रंग-पहचान आदि की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट वितरण किया।  मुख्यमंत्री साय ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति, ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण तथा गांव के सभी पारा को जोड़ने हेतु पुलिया और सीसी सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही शिविर लगाकर वनाधिकार मान्यता पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाएगी।  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 9वां स्थान प्राप्त करने वाली दंतेवाड़ा की छात्रा रमशिला नाग से भेंट की, उसे पुष्पगुच्छ भेंटकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया, और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  ग्राम मुलेर में मुख्यमंत्री साय का यह दौरा न केवल सुशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी साबित करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कटिबद्ध है। दंतेवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मुलेर: योजनाओं के क्रियान्वयन से हो रहा सर्वांगीण विकास  उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत मुलेर विकास की नई इबारत लिख रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन ने इस गांव को सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है।  बड़े बचेली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुलेर जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित है। कुल 112 परिवारों में 474 लोग निवासरत हैं, जिनमें 100 प्रतिशत माड़िया जनजाति के लोग हैं। गांव में दो आंगनबाड़ी केन्द्र (बाल्केपारा व पटेलपारा) संचालित हैं। गांव में 6 महिला स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनमें लक्ष्मी समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर प्रदाय किया गया है। इसका उपयोग खेती के साथ-साथ किराए पर भी किया जा रहा है। बीपीएल कार्डधारी परिवारों को राशन की नियमित आपूर्ति की जा रही है। गांव में सौर ऊर्जा से होम लाइटिंग की व्यवस्था है। महतारी वंदन योजना अंतर्गत ग्राम मुलेर में महिलाएँ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मसम्मान का अनुभव हो रहा है। मुलेर ग्राम पंचायत सुदूर आदिवासी क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और सुचारू क्रियान्वयन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यहां जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता से विकास की दिशा में सतत और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुझे टिम कुक के प्लान से दिक्कत, मैंने उन्हें साफ कर दिया है कि भारत में ही इतने ज्यादा प्लांट लगाने की क्या जरूरत: डोनाल्ड ट्रंप

दोहा, ब्लूमबर्ग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ऐपल के सीईओ टिम कुक से कहा है कि वे आईफोन की प्रोडक्शन यूनिट्स भारत में न बनाएं। उन्होंने कहा कि मुझे टिम कुक के इस प्लान से दिक्कत है और मैंने उन्हें साफ कर दिया है कि भारत में ही इतने ज्यादा प्लांट लगाने की क्या जरूरत है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कतर में अपने आधिकारिक दौरे पर गए ट्रंप ने वहां के ऐपल के सीईओ से बातचीत में यह बात कही। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि टिम कुक पूरे भारत में प्रोडक्शन यूनिट्स लगा रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि इस तरह से भारत में विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि अब मेरे कहने के बाद ऐपल की ओर से अमेरिका में आईफोन का प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा। अपने इस ऐतराज की वजह भी डोनाल्ड ट्रंप ने साफ की है। उनका कहना है कि भारत दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला मुल्क है, लेकिन वहां हमारे लिए अपने उत्पादों को बेचना सबसे कठिन है। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाने की बात कही है और वह ट्रेड डील करना चाहता है। इसके साथ ही अपने उत्पादों पर भी एग्रीमेंट चाहता है। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चीन से बाहर भारत में ऐपल की ओर से प्रोडक्शन यूनिट्स लगाई जा रही हैं। दरअसल ऐपल की यह रणनीति है कि सप्लाई चेन में अकेले चीन पर ही निर्भरता न रहे, इसलिए भारत में भी फैक्ट्रियां लगाई जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति को उसके इसी प्लान पर आपत्ति है। दरअसल अब तक आईफोन का ज्यादातर प्रोडक्शन चीन में ही होता रहा है और अमेरिका में कोई उत्पादन नहीं होता था। अब ट्रंप चाहते हैं कि आईफोन की फैक्ट्रियां भारत में लगाने की बजाय अमेरिका में ही लगें। दरअसल कोरोना काल में जब लॉकडाउन लगे थे तो बड़े पैमाने पर सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी। ऐसी स्थिति में ऐपल ने सप्लाई चेन को अलग-अलग देशों में विस्तृत करने की योजना तैयार की थी। इसी के तहत कई जगहों पर ऐपल के आईफोन के प्रोडक्शन की तैयारियां हो रही हैं। भारत में ज्यादातर आईफोन दक्षिण भारत में फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप की ओर से बनाए जा रहे हैं।

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान के बाद मंत्री विजय शाह की मुश्किलें लगातार बढ़ रही, इस्तीफे का दबाव

भोपाल महिला सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप संवैधानिक पद पर हैं और आपको अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। एक मंत्री होकर आप किसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने मंत्री विजय शाह के लिखाफ लिखी गई FIR की कॉपी पर भी सवाल उठाए हैं। इधर सियासी उथलपुथल भी तेज हो गई है। उमा भारती भी इस मामले में लगातार मंत्री शाह के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेत्री उमा भारती ने विजय शाह को घेरते हुए गुरुवार को फिर से ट्वीट किया। उसमें लिखा कि कांग्रेस के कहने सुनने से हमें क्या मतलब, नैतिकता और देशभक्ति पर कांग्रेस खरी उतर ही नहीं पाई किंतु हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई नसीहतों का तो हम ध्यान रखें।’ पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार गुरुवार को युगलपीठ ने हाईकोर्ट के आदेशानुसार मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान अपने आदेश में कहा है कि एफआईआर ऐसे कंटेंट के साथ लिखी गयी है,जो चुनौती देने पर निरस्त हो जाये। युगलपीठ ने आदेश में उल्लेखित कंटेंट के बारे बताते हुए  एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है। इसके अलावा एफआईआर में पुलिस विवेचना की मॉनिटरिंग हाईकोर्ट द्वारा की जाएगी।  पुलिस को जमकर लगाई फटकार, पूछे तीखे सवाल गुरुवार को विजय शाह सुप्रीम कोर्ट की शरण पहुंचे और एफआईआर पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन यहां भी शाह को राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप संवैधानिक पद हैं और आपको अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। एक मंत्री होकर आप किसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके पहले इसी कोर्ट ने बुधवार को विजय शाह के बयान पर नाराजगी जताई थी। हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे कैंसर जैसा घातक बताया। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए डीजीपी को विजय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने कहा कि मंत्री शाह ने गटरछाप भाषा का इस्तेमाल किया है, जो अस्वीकार्य है। इसके बाद बुधवार देर रात महू पुलिस ने विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। दिल्ली में भाजपा की अहम बैठक शाह का मामला दिल्ली के गलियारों तक भी पहुंच गया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी नाराजगी जता चुके हैं। गुरुवार को BJP में मंथन की बात सामने आ रही है। मंत्री विजय शाह को लेकर पार्टी महासचिव बीएल संतोष से मध्यप्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने मुलाकात की है। वहीं विजय शाह भी अमित शाह से मुलाकात के बाद इस्तीफे पर विचार करने का कह चुके हैं। हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी फिलहान सामने नहीं आ सकी है। विजय शाह पर पहले दिन क्यों नहीं हुई कार्रवाई –   पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा  कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में मंत्री विजय शाह पर बीजेपी की ओर से अब तक कोई कार्रवाई ना होने को लेकर वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने दुख जताया है. पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने कहा कि “इस पर तो पहले दिन ही कार्रवाई हो जाना चाहिए थी. मैं हैरान हूं कि पार्टी या सरकार ने अब तक कोई निर्णय क्यों नहीं लिया. उन्होंने कहा कि सारा फजीता करवाने के बाद अब अगर निर्णय लेंगे भी तो उसका क्या औचित्य रहेगा. ईटीवी भारत से खास बातचीत में शर्मा ने कहा कि ऐसे में पार्टी का उपहास होता है, उसकी तपस्या, त्याग, राष्ट्रभक्ति और विचार पर सवालिया निशान लगता है.” शाह पर पार्टी ने क्यों निर्णय नहीं लिया, मुझे हैरानी बीजेपी नेता रघुनंदन शर्मा ने कहा कि “मंत्री रहते हुए अपनी वाणी भाषा संयम रहना आवश्यक है, क्योंकि मंत्री सरकार का प्रतिनिधित्व करता है. हमारे यहां विधान ज्वाइंट रिस्पांसिबिलिटी का है. एक व्यक्ति की त्रुटि सबकी त्रुटि मानी जाती है और एक व्यक्ति का त्याग सबका त्याग, या फिर उसका जनहित का काम पूरी सरकार का जनहित का लोकहित का काम माना जाता है. कहावत है जिएंगे भी साथ मरेंगे भी साथ. शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि इसके उपर तत्परता से पहले दिन ही कार्रवाई हो जाना चाहिए थी. पार्टी ने या सरकार ने अभी तक क्यों निर्णय नहीं लिया, मुझे तो बड़ा दुख हो रहा है. इतनी फजीती करवाने के बाद निर्णय लेंगे, तो उसका क्या औचित्य रहेगा. उन्होंने कहा कि देश में एक जांबाज सैनिक के प्रति जो युद्ध के समय सम्मान का जो ज्वार उठा था, ऐसे समय में उसके बारे में बोलना और बहुत ही सम्मान प्रगट ना करते हुए अपमानित भाषा का उपयोग करना, चाहे वो कितने ही जोश में रहे हों, लेकिन जोश में होश नहीं खोना चाहिए. हमारे मंत्री ने जोश में होश खो दिया. उसका परिणाम उनको भी भुगतना पड़ रहा है और सारी पार्टी को भुगतना पड़ रहा है.” ऐसे लोग पार्टी की त्याग तपस्या पर सवालिया निशान रघुनंदन शर्मा ने कहा कि “मेरी पार्टी को तो मैं क्या सलाह दूंगा. वहां अब सलाह का अर्थ भी नहीं है. ये तो स्वयं निर्णय लेने का मामला था. कोर्ट निर्णय ले और कोर्ट तक बात जाए, ऐसी परिस्थिति उपन्न ही नहीं होना देनी थी, लेकिन प्रत्युन्नमति का अभाव होने के कारण ये सब खेल खड़ा होता है. उन्होंने कहा कि ऐसे में पार्टी का उपहास होता है. पार्टी का त्याग पार्टी की तपस्या पार्टी की राष्ट्रभक्ति पार्टी का विचार सारा इस सबके ऊपर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर देते हैं. ऐसे लोग जिसमें निर्णय ना लेने लोग भी शामिल हैं. मैं सोचता हूं कि इस बारे में बात साफ कर लेना चाहिए. दूध का दूध का पानी का पानी पहले ही हो जाना चाहिए था. क्यों नहीं हो रहा है मैं खुद हैरान हूं.” राज्यपाल से मिलेंगे कांग्रेस विधायक FIR के बाद भी मंत्री का इस्तीफा नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कड़ा रुख अपनाया … Read more

साइबर अपराधी अब स्टेगनोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे, फोटो-वीडियो डाउनलोड करते ही फोन हैक हो सकता

इंदौर सोशल मीडिया पर मैसेज बॉक्स में अनजान नंबर से आई एक फोटो या ऑडियो फाइल पर क्लिक करने से आपका बैंक खाता खाली हो सकता है. फोटो या ऑडियो फाइल पर क्लिक करते ही आपके फोन का एक्सेस साइबर अपराधियों तक पहुंच जाता है. वे दूर बैठे बिना आपसे ओटीपी पूछे बैंक खाता साफ कर सकते हैं. साइबर अपराध की दुनिया में इन दिनों अपराधी स्टेगनोग्राफी का उपयोग कर साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. इसे लेकर राजस्थान पुलिस ने आमजन को आगाह किया है. इसे लेकर राजस्थान पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट से वीडियो जारी किया गया. साइबर कमांडो महेश कुमार वीडियो में बता रहे हैं कि आजकल साइबर फ्रॉड का एक तरीका काफी चर्चा में है. इसमें कोई अनजान व्यक्ति वाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो, वीडियो या ऑडियो फाइल भेजता है. यूजर जैसे ही फोटो, ऑडियो या वीडियो फाइल पर क्लिक करता है. उसका फोन हैक हो जाता है. फोन का एक्सेस साइबर अपराधी के पास पहुंच जाता है. इसके बाद साइबर अपराधी मैसेज और कॉल को दूसरे किसी नंबर पर फॉरवर्ड कर देते हैं. इसके बाद ओटीपी काम में लेकर साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम देते हैं.  फोटो-वीडियो डाउनलोड करने के शौकीन साइबर अपराध का शिकार बन सकते हैं। अपराधी अब धोखाधड़ी के लिए स्टेगनोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए अपराध शाखा ने एडवाइजरी जारी की है। भारत-पाकिस्तान में तनाव के दौरान पाकिस्तानी स्कैमर के सक्रिय होने की आशंका भी जताई गई है। साइबर अपराधियों के लिए इंटरनेट मीडिया (वॉट्सएप-इंस्टाग्राम) ठगी का सबसे आसान अड्डा है। वाट्सएप यूजर्स बगैर सोचे-समझे अनजान नंबरों से आने वाले फोटो और वीडियो डाउनलोड कर लेते हैं। ऐसी लापरवाही अब बैंक खाता खाली करवा रही है। इसे स्टेगनोग्राफी कहते हैं एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक इस तकनीक को स्टेगनोग्राफी कहा जाता है। आसान भाषा में हम एपीके फाइल का एडवांस वर्सन बता सकते हैं। इसमें साइबर अपराधी और स्कैमर वॉट्सएप पर ब्लर फोटो और वीडियो भेजता है। यूजर जैसे ही उस पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक हो जाता और बैंक की निजी जानकारी और उसका डेटा स्कैमर के पास चला जाता है। एडीसीपी के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा भी इस फ्राड से बचने की चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि स्टेगनोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में होने की आशंका है। विशेषकर भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी स्कैमर द्वारा फ्राड किया जा सकता है। देवी-देवताओं के फोटो भेजकर फोन हैक कर सकते हैं स्कैमर वॉट्सएप पर भारतीय सेना और हिंदू देवी-देवताओं के फोटो और वीडियो भेज कर फोन हैक कर सकते हैं। दरअसल स्कैमर द्वारा फोटो (फाइल) के साथ में हिडन मेलवेयर छिपा रहता है, जो फाइल पर क्लिक करते ही सक्रिय हो जाता है और यूजर के फोन का एक्सेस उसके हाथ में चला जाता है। एडीसीपी के मुताबिक इस फ्राड से बचने के लिए यूजर को वाट्सप पर मीडिया विजिबिलिटी ऑप्शन ऑफ कर लेना चाहिए। इससे ऑटो डाउनलोडिंग बंद हो जाती है। बगैर ओटीपी खाली हो गया बैंक का खाता एडीसीपी के अनुसार हाल में मिली शिकायतों में पीड़ितों ने बताया कि उनके खाते से रुपये निकल रहे हैं। उन्होंने न ओटीपी बताया न किसी से जानकारी साझा की। जांच में पता चला उनके द्वारा अनजान नंबर से आई फोटो डाउनलोड की गई थी। इस कारण उनके फोन में ओटीपी तक नहीं आया। स्कैमर ने उसका फोन हैक कर लिया था। इस कारण ओटीपी भी स्कैमर के पास पहुंच रहा था। राज्य साइबर सेल के एसपी सव्यसाची सराफ के मुताबिक स्टेगनोग्राफी का पता लगाना बहुत कठिन है। अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज, ऑडियो, वीडियो और फोटो को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। फोन में एंटी वायरस और सिक्योरिटी एप इंस्टाल करें। धोखाधड़ी की घटना होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें। ये सावधानी रखें तो बचाव संभव     ध्यान रखना चाहिए कि अनजान नंबर से मैसेज में आए किसी भी फोटो, ऑडियो या वीडियो को सीन या डाउनलोड नहीं करें     जो भी एप इस्तेमाल किए जा रहे हैं. उसकी मीडिया सेटिंग में जाकर ऑटो डाउनलोड बंद करना चाहिए     किसी भी तरह के साइबर अपराध का शिकार होने पर साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर कर सकते हैं

गौपालन को बढ़ावा देकर गाय का दूध भी खरीदेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के हर गांव में उपलब्ध कराएंगे सिंचाई की सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के कार्यों में नहीं होने देंगे धन की कमी गौपालन को बढ़ावा देकर गाय का दूध भी खरीदेगी सरकार बहनों और बेटियों के लिए जितनी जरूरत, उतने कॉलेज खोलेगी सरकार म.प्र. इकलौता राज्य, जहां तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर हो रहा काम मुख्यमंत्री ने दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय, 501 खेत तालाबों और 50.73 करोड़ के 7 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन बैकुंठपुर में नया कॉलेज भवन, चौखंडी में सांदीपनी विद्यालय और जनपद पंचायत जवां को नगर परिषद बनाए जाने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ये मध्यप्रदेश के विकास का दौर है। विकास के प्रकाश से प्रदेश का कोई कोना वंचित नहीं रहेगा। विकास के कामों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ सिंचाई सुविधाओं का विकास भी हमारी सरकार कर रही है। प्रदेश के हर गांव में हमारी सरकार सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध कराएगी। नदी जोड़ो अभियान में हम इसी दिशा में बढ़ रहे हैं। दो बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ हो चुका है। तीसरी नदी जोड़ो परियोजना के लिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रीवा जिले की सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के दिव्यगवां में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन तथा जल गंगा संवर्धन अभियान में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय (लागत करीब 6 करोड़ रुपये) सहित कुल 50.73 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 2 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में रीवा जिले में करीब 7 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 501 नए खेत तालाबों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विकास यज्ञ है, रुकेगा नहीं, थमेगा नहीं। उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों से अपील की कि वे सभी विकास के कामों में सरकार का सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैकुंठपुर में नया कॉलेज भवन बनाने, चौखंडी में सांदीपनी विद्यालय बनाने, जनपद पंचायत जवां को नगर परिषद बनाए जाने, सिंचाई योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत जवां के कुछ चयनित ग्राम समूहों को आपस में नहरों से जोड़ने और यहां स्टॉप डेम निर्माण के लिए राशि मंजूर करने की घोषणा के अलावा इसी जनपद क्षेत्र के प्रस्तावित 3 ग्राम समूहों की एक पृथक ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने उस कॉलेज का किया‍लोकार्पण जिसे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में किया था स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा को और बेहतर एवं गुणवत्तापरक बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने हर्ष जताते हुए बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने दिव्यगवां में कॉलेज मंजूर किया था और आज उसी कॉलेज का वे बतौर मुख्यमंत्री लोकार्पण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉलेज में 3 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिसमें 80 प्रतिशत बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। इनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए जितनी जरूरत, उतने विद्यालय और महाविद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई, कॉपी किताबें, गणवेश, साईकल, लैपटॉप, स्कूटी देने के अलावा हमारी सरकार विद्यार्थियों की बेहतर कोचिंग की व्यवस्था भी कर रही है। 501 नए खेत तालाबों से रीवा जिले का बढ़ेगा सिंचाई रकबा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां तीन बड़ी नदी परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी), केन-बेतवा लिंक और तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना पर काम हो रहा है। वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विकास कार्य हो रहे हैं। इसी अभियान में रीवा में लोकार्पित किये गये 501 नए खेत तालाबों से जिले का सिंचाई रकबा बढ़ेगा और फसलों की पैदावार बढ़ेगी। प्रदेश सरकार विकास के सभी संकल्पों को अक्षरश: पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने लिए हमारी सरकार गौपालन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना हम गौ पालकों को अनुदान देंगे। पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए अब गाय का दूध सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कामधेनु योजना में किसान 25 गाय से लेकर अधिकतम 200 गाय तक पाल सकते हैं। इसके लिए पात्र हितग्राहियों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान भी सरकार देगी। राम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय विकसित कर बनायेंगे तीर्थ क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं, वहाँ-वहाँ सरकार श्रीराम वन गमन पथ विकसित कर इन्हें तीर्थ क्षेत्र बनाएगी। इसी प्रकार जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुईं, वहाँ-वहाँ श्रीकृष्ण पाथेय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को विकास के लिए संकल्प दिलाते हुए कहा कि देश ने बीते दिनों में भारतीय सेनाओं का जो शौर्य और पराक्रम देखा है उससे पूरे देशवासी बेहद गौरवान्वित हैं। हमें हमारी सेनाओं और जवानों पर नाज है। विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर नहीं रखेगी सरकार उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस मौके पर कहा कि शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय के नए भवन सहित क्षेत्र को आज ढेरों सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि यह विकास को तरजीह देने वाली सरकार है। रीवा जिले सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। रीवा सांसद जनार्दन मिश्र ने क्षेत्रीय बघेली बोली में संबोधित कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रीवा क्षेत्र में नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण होने के लिए आभार ज्ञापित किया। विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह ने क्षेत्रीय विकास से जुड़ी विभिन्न प्रकार की मांगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में रीवा जिले के विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी, के.पी. त्रिपाठी, वीरेंद्र … Read more

सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने में भारत को ‘स्पष्ट बढ़त’ हासिल थी – न्यूयॉर्क टाइम्स

नई दिल्ली अमेरिका के अंग्रेजी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के हवाले से कहा है कि ऐसा लगता है कि चार दिनों तक चले हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने में भारत को बढ़त हासिल थी. रिपोर्ट के अनुसार, हमलों से पहले और बाद की सैटेलाइट से मिली हाई-रिजॉल्यूशन की तस्वीरों में भारतीय हमलों से पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को नुकसान दिखाई देता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चला सैन्य संघर्ष दो परमाणु संपन्न देशों के बीच आधी सदी में सबसे व्यापक लड़ाई थी. चूंकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की एयर डिफेंस का टेस्ट करने और सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया, इसलिए उन्होंने गंभीर नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया. पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को पहुंचा नुकसान इसमें कहा गया है कि सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से संकेत मिलता है कि हमले व्यापक थे, लेकिन नुकसान दावे के मुकाबले कहीं ज्यादा सीमित था. खबर में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि ज्यादातर नुकसान भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को पहुंचाया. इसमें कहा गया है कि हाई-टेक युद्ध के नए युग में, तस्वीर में सत्यापित दोनों पक्षों के किए गए हमले सटीक रूप से टारगेटेड प्रतीत होते हैं. पाकिस्तान पर भारत की बढ़त रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्रों को निशाना बनाने में स्पष्ट बढ़त मिली है, क्योंकि लड़ाई का दूसरा चरण एक-दूसरे की डिफेंस क्षमताओं पर हमलों में बदल गया. भारत के रक्षा अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची से 100 मील से भी कम दूरी पर स्थित भोलारी एयर बेस पर एक विमान हैंगर पर सटीक हमला किया है. नूर खान एयर बेस पर हमला रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीरों में हैंगर जैसी दिखने वाली चीज को साफ नुकसान दिखाई दे रहा है. इसके अलावा नूर खान एयर बेस शायद सबसे संवेदनशील सैन्य लक्ष्य था जिस पर भारत ने हमला किया. नूर खान एयर बेस पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय और देश के प्रधानमंत्री के कार्यालय से लगभग 15 मील की दूरी पर है और पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार की देखरेख और सुरक्षा करने वाली यूनिट से भी यह थोड़ी ही दूरी पर स्थित है. सैटेलाइट की तस्वीरों से खुली पोल भारतीय सेना ने कहा कि उसने विशेष रूप से पाकिस्तान के कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर रनवे और अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया था और इस रिपोर्ट में भी कहा गया है कि सैटेलाइटसे मिली तस्वीरों से नुकसान दिखा. इसमें कहा गया है कि इसके मद्देनजर 10 मई को पाकिस्तान ने रहीम यार खान हवाई अड्डे के लिए एक नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि रनवे क्रियाशील नहीं है. सरगोधा एयरपोर्ट रनवे के दो हिस्सों पर हमला भारतीय सेना ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरगोधा हवाई अड्डे पर रनवे के दो हिस्सों पर हमला करने के लिए सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया था. रिपोर्ट में कहा गया है, जिन स्थानों पर पाकिस्तान ने हमला करने का दावा किया है, उसकी सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरें सीमित हैं और अभी तक पाकिस्तानी हमलों से हुए नुकसान को स्पष्ट रूप से नहीं दिखा पा रही हैं, यहां तक कि उन ठिकानों पर भी जहां सैन्य कार्रवाई के पुख्ता सबूत थे. पाकिस्तान के दावे गलत पाकिस्तानी अधिकारियों के इस दावे पर कि उनकी सेना ने भारत के उधमपुर एयर बेस को नष्ट कर दिया है, रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 मई की तस्वीर में नुकसान नहीं दिख रहा है. भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए थे. पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे. पाकिस्तान के पसरूर और सियालकोट स्थित एयर बेस के रडार स्थलों को भी सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया, जिससे भारी क्षति हुई. भारत रहा हावी- रिपोर्ट न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि सैटेलाइट तस्वीरों से साफ़ पता चलता है कि भले ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा किया, लेकिन असली और प्रमुख नुकसान भारत द्वारा पाकिस्तान को ही पहुंचाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आधुनिक युद्ध प्रणाली और सटीक हथियारों के इस युग में दोनों देशों ने अपने हमलों को रणनीतिक रूप से अंजाम दिया, लेकिन भारत ने खासतौर पर पाकिस्तान की वायुसेना की क्षमताओं और एयरफील्ड्स को निशाना बनाया. भोलारी एयरबेस पर हमला सबसे महत्वपूर्ण हमलों में से एक कराची के निकट भोलारी एयर बेस पर किया गया हमला था, जहां सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में विमान हैंगर को पहुंचा नुकसान साफ दिख रहा है. पाकिस्तान के कराची से करीब 100 मील दूर स्थित भोलारी एयरबेस पर भारत ने एयरक्राफ्ट हैंगर को टारगेट किया.   नूर खान एयरबेस: सबसे संवेदनशील लक्ष्य रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सबसे संवेदनशील हमला नूर खान एयरबेस पर था, जो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित है और सेना के मुख्यालय व प्रधानमंत्री कार्यालय के करीब है. यही यूनिट पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा देखती है. यहां की सुविधाओं को भारत ने सटीक हथियारों से नुकसान पहुंचाया. सरगोधा और रहीम यार खान एयरबेस पर हमले भारत ने यह भी दावा किया कि उसने पाकिस्तान के प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाया है, जिसमें रहीम यार खान और सरगोधा बेस के रनवे सेक्शन भी शामिल हैं.  सैटेलाइट इमेज ने इन दावों का समर्थन किया , जिसमें प्रभावित बुनियादी ढांचे को दिखाया गया है.   पाकिस्तान के सरगोधा एयरबेस की दो रनवे स्ट्रिप्स को भी भारतीय सेना ने सटीक हथियारों से निशाना बनाया. भारतीय सेना ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरगोधा हवाई अड्डे पर रनवे के दो हिस्सों पर हमला करने के लिए सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया था. वहीं रहीम यार खान में पाकिस्तान ने खुद 10 मई को नोटिस जारी किया कि रनवे अब “ऑपरेशनल नहीं” है. इसके अलावा पसरूर और सियालकोट एविएशन बेस पर मौजूद रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया जिससे पाक … Read more

PM शरीफ ने टैंक के ऊपर ही असीम मुनीर और एयर मार्शल बाबर की पीठ ठोकी, तो सेना के अधिकारी उन्हें सैल्यूट दागे

इस्लामाबाद  भारतीय सशस्त्र बलों के हाथों चार दिनों तक लगातार पिटाई के बाद अब पाकिस्तान डींगे मार रहा है। ये तब है जब पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि भारत ने किस तरह से पाकिस्तान में घुसकर उसे नुकसान पहुंचाया है। कई दिनों के बाद अब अमेरिकी अखबारों ने भी सैटेलाइट तस्वीरों को छापकर बता दिया है कि किस तरह भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बावजूद इसके पाकिस्तानी नेता इसे अपनी जीत बता रहे हैं। हद तो तब हो गई जह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को कह दिया कि पाकिस्तान ने 1971 में भारत के हाथों हार का बदला ले लिया है। शहबाज शरीफ ने ये बात सियालकोट स्थित पसरूर छावनी परिसर में कही है। ये वही छावनी है, जिसे भारत ने जवाबी कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया था। इस दौरान अपने संबोधन में शहबाज ने पाकिस्तानी सैनिकों से कहा, आपने 1971 की जंग का बदला ले लिया है। अब पूरा देश आपके साथ खड़ा है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी तो कश्मीर और पानी विवाद पर बातचीत की पेशकश भी कर डाली। भारत को गीदड़भभकी शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को गीदड़भभकी देते हुए कहा, ‘अगर आप हम पर फिर से हमला करेंगे, तो आप सब कुछ खो देंगे…” उन्होंने कहा, ‘हम युद्ध और बातचीत के लिए तैयार हैं। अब चुनाव आपका है।’ शहबाज ने पीएम मोदी के हालिया संबोधन के संदर्भ में कहा, पानी हमारी लाल रेखा है। हमारे पानी को मोड़ने के बारे में सोचना भी मत। हां, पानी और खून एक साथ नहीं बहते। आपने हमारी नीलम-झेलम जल परियोजना को भी नुकसान पहुंचाया है। कश्मीर और जल संधि पर बातचीत की पेशकश इस दौरान शहबाज ने पीएम मोदी से मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत की पेशकश की। उन्होंने कहा, आइए हम इस आग को बुझाएं। आइए हम कश्मीर और पानी पर बात करने के लिए एक साथ बैठें। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। 1960 में हुई संधि के तहत पाकिस्तान को तीन नदियों का पानी मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत पानी रोकता है तो पाकिस्तान में हाहाकार मच सकता है। मोदी की नकल करने निकले शहबाज पाकिस्तानी पीएम का पसरूर दौरा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल था। पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस का दौरा किया था, जिसे पाकिस्तान ने निशाना बनाने का दावा किया था। इस दौरान पीएम मोदी के पीछे ही एस-400 एयर डिफेंस और राफेल विमान खड़ा नजर आया, जो पाकिस्तान के दावों की पोल खोलने के लिए काफी था। इसके उलट जब शहबाज शरीफ पसरूर सैन्य अड्डे पर पहुंचे तो एयरबेस के हिस्से को दिखाया ही नहीं गया, ताकि पाकिस्तान की रही सही इज्जत भी न जाने पाए।

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