LATEST NEWS

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेने जारी की लाडली बहना योजना की 24वीं किस्‍त, महि‍लाओं के खाते में पहुंचे 1552 करोड़ रुपये

सीधी मध्‍य प्रदेश में आज 1 करोड़ 27 लाख महि‍लाओं का लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की 24वीं किस्‍त का इंतजार खत्‍म हो गया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सीधी जिले की तहसील गोपदबनास (सीधी खुर्द) से मई महीने की किस्‍त जारी की. सीएम ने लाभार्थी महिलाओं के खाते में 1551.89 करोड़ रुपये (करीब 1552 करोड़) ट्रांसफर किए. योजना के तहत प्रतिमाह हर लाडली बहन को खाते में 1250 रुपये भेजे जाते हैं. साल 2023 में यह योजना मह‍िलाओं की आर्थ‍िक रूप से सशक्‍त करने के लिए शुरू की गई थी. इस महीने इसके 24 महीने यानी दो साल पूरे हो गए हैं. सिलेंडर रिफ‍िलिंंग के लिए 57 करोड़ रुपये जारी गोपदबनास तहसील में आयोज‍ित कार्यक्रम में सीएम ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और सिलेंडर रिफिलिंग योजना की मई महीने की राशि भी लाभ‍ार्थ‍ियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की. साथ ही कार्यक्रम में सीधी के धोहनी में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया. सीएम ने 56 लाख 83 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रुपये से ज्‍यादा ट्रांसफर किए और 26 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर गैस रिफिलिंग की 30.83 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की सब्सिडी राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की. अब तक इतनी राशि हुई ट्रांसफर मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की मई माह की किस्त 1552 करोड़ 38 लाख रूपये अंतरित किया. लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 24वीं किस्त है. योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके खातों में अंतरित की जाती है. मध्य प्रदेश में जून 2023 से अप्रैल 2025 तक ₹35 हजार 329 करोड़ से अधिक राशि ट्रांसफर की गई है. जबकि 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खातों में जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक ₹25 हजार 332 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण हुआ है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की. साथ ही मुख्यमंत्री 25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 57 करोड़ रुपए की राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की. ये सौगातें भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा जिले के जवा में आयोजित हुए कार्यक्रम में बैकुंठपुर में नया महाविद्यालय बनाने समेत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की. सीएम ने कहा कि जहां-जहां भगवान राम और श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं. मध्यप्रदेश के उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा. मोहन यादव ने जवा, रीवा में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को अनेकों सौगात दीं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज रीवा जिले के दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बधाई दी. सीएम मोहन ने कहा “आज रीवा जिले के दिव्यगवां में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अंतर्गत आयोजित ‘जनसंवाद एवं विभिन्न विकास कार्यक्रमों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम’ में सहभागिता कर ₹7.50 करोड़ की लागत से निर्मित 501 खेत-तालाबों एवं मुनगा वन का शुभारंभ किया. साथ ही ₹2 करोड़ 75 लाख की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं ₹47 करोड़ 98 लाख लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को जनक्रांति बनते देख गर्व की अनुभूति हो रही है. विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रबंधन के लिए हम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. निश्चित ही हम सभी के सम्मिलित प्रयासों से जल संकट की चुनौतियों का समाधान होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी.” योजना की राशि बढ़ाने की मांग विपक्ष राज्‍य सरकार से लाडली बहना योजना की राश‍ि बढ़ाए जाने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस योजना के तहत मिलने वाली राश‍ि को बढ़ाने पर विचार नहीं कर रही है. मालूम हो कि 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान सत्‍तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रत‍ि माह करने का ऐलान किया था. लेकिन तब से सरकार ने किस्‍त 3000 हजार रुपये करने के बारे में कोई बात नहीं की है, जबकि‍ विपक्ष बार-बार इसपर सरकार काे घेरता है. पिछले महीने हुई थी राशि भेजने में देरी पिछले महीने ही सरकार को नियत 10 तारीख पर योजना की कि‍स्त न जारी कर पाने पर विपक्षी दल कांग्रेस की आलोचना झेलनी पड़ी थी. राज्‍य सरकार ने 23वीं कि‍स्त 16 अप्रैल को जारी की थी. यानी 6 दिन की देरी से जारी की गई थी. हालांकि, राज्‍य सरकार ने अब इसे हर महीने की 15 तारीख के आसपास जारी करने का फैसला किया है. कई राज्‍यों में छाई योजना मध्‍य प्रदेश में लागू हुई यह योजना इतनी लोकप्र‍िय हुई है कि यह कई राज्‍यों में अलग-अलग नाम से चलाई जा रही है. खासकर योजना का जादू विधानसभा चुनावों के दौरान देखने को मिला, जहां कई राज्‍यों में इसने सरकार बनाई तो कुछ में सरकार को बचाए रखने में महत्‍वपूर्ण भूम‍िका निभाई. विभ‍िन्‍न राज्‍यों में योजना के तहत अलग-अलग राशि‍ महि‍लाओं के खाते में भेजी जाती है.

भोपाल की 25वीं बटालियन में मॉक ड्रिल के दौरान एक हैंड ग्रेनेड फटने से दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल

  भोपाल राजधानी भोपाल की 25वीं बटालियन में गुरुवार को मॉक ड्रिल के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। सुरक्षा अभ्यास के दौरान एक हैंड ग्रेनेड अचानक फट गया, जिससे दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में प्रधान आरक्षक विशाल सिंह और आरक्षक संतोष कुमार शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार, विशाल सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दोनों घायल जवानों का उपचार चूनाभट्टी स्थित बंसल अस्पताल में चल रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान हादसा कैसे हुआ?     हाल ही में पाकिस्तान द्वारा किए गए सीमापार हमलों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए प्रदेश में लगातार मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है। इसी श्रृंखला में भोपाल की 25वीं बटालियन में सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया था। अभ्यास के दौरान अचानक एक हैंड ग्रेनेड फट गया, जिससे प्रधान आरक्षक विशाल सिंह और आरक्षक संतोष कुमार को गंभीर चोटें आईं। विस्फोट की तेज आवाज ने आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। घायल जवानों की स्थिति घायलों को तुरंत बंसल अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि विशाल सिंह की हालत नाजुक है और वे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हैं। संतोष कुमार की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। दोनों घायल जवानों का उपचार जारी है और अस्पताल प्रशासन उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। जांच के आदेश जारी इस गंभीर घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले की पूरी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय इंक्वायरी कमेटी गठित की जा सकती है, जो मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई चूक की पूरी विवेचना करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा नियम बनाए जाएंगे। मॉक ड्रिल क्यों होती है? मॉक ड्रिल (Mock Drill) सुरक्षा बलों के लिए एक आवश्यक अभ्यास होता है, जिसका उद्देश्य जवानों को वास्तविक स्थिति के लिए तैयार करना होता है। यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और सामरिक कौशल को निखारने के लिए आयोजित किया जाता है। प्रदेशभर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के चलते मॉक ड्रिल का महत्व और भी बढ़ गया है।

20 मई को चलेगी प्रदेश की पहली मेट्रो, लेकिन सफर रहेगा बिल्कुल फ्री, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

इंदौर  इंदौर मेट्रो के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को बड़ी अच्छी खबर मिलने वाली है। 20 मई से मेट्रो शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 मई को इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। शुरुआत में यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने का मौका मिलेगा। बाद में टिकट पर छूट भी मिलेगी। मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इसका किराया 20 रुपये से शुरू होगा। खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश में यह पहली मेट्रो होगी जो अपना चलना शुरू करेगी। भोपाल मेट्रो को पूरा करने का काम भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। इंदौर मेट्रो को शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसके लिए काम कर रहा है। अभी तक कॉमर्शियल रन की तारीख आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुई है, लेकिन यह तय हो गया है कि पीएम मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम मोदी दिखांएगे हरी झंडी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी 20 मई को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। कयास हैं कि वे डिजिटल माध्यम से जुड़ सकते हैं। हालांकि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सरकार ने अभी तक इस बारे में बात स्पष्ट नहीं की है। पहले सात दिन इंदौर मेट्रो फ्री मेट्रो प्रबंधन यात्रियों को लुभाने के लिए खास योजना बना रहा है। शुरू में टिकट पर छूट दी जाएगी। पहले हफ्ते में यात्रा मुफ्त रहेगी। दूसरे हफ्ते में टिकट पर 70 प्रतिशत छूट मिलेगी। तीसरे हफ्ते में यह छूट 50 प्रतिशत होगी। चौथे हफ्ते से अगले 3 महीनों तक टिकट पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। बता दें कि सी एमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम ने पिछले दिनों ही इंदौर मेट्रो को हरी झंडी दिखाते हुए अपनी ओके रिपोर्ट दे दी थी। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इस दौरान मेट्रो दोनों तरफ़ से 25-25 फेरे लगाएगी, यानी की मेट्रो दोनों तरफ के मिलाकर कुल 50 फेरे लगाएगी। इंदौर मेट्रो दोनों तरफ से एक साथ चलना शुरू होगी यानी गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ चलेगी। इंदौर मेट्रो दोनों स्टेशन से सुबह 8 बजे से चलना शुरू होगी और आखिरी फेरा रात 8 बजे लगाएगी। मेट्रो के कॉमर्शियल रन के दौरान हर 30 मिनट के अंतराल पर एक मेट्रो कोच सेट का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर इस समय को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। 20 रुपए रहेगा किराया मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इंदौर मेट्रो का किराया 5 जोन में बांटा है। इस 5 जोन के तहत इंदौर मेट्रो के 28 स्टेशन आएंगे। न्यूनतम किराया 20 रुपए रहेगा। जबकि अधिकतम किराया 80 रुपए रखा गया है। वहीं, शुरुआती प्रायोरिटी कॉरिडोर की बात करें तो इसका न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए रहेगा। कॉमर्शियल रन में सिर्फ 2 से 5 मिनट लगेंगे इंदौर में यलो लाइन का प्रायोरिटी रूट कुल 5.9 किमी का है। इसमें 5 स्टेशन रहेंगे। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 से 5 मिनट के अंदर पहुंचेगी। अभी पांच स्टेशन मेट्रो डिपो से लेकर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 के आगे तक टेस्टिंग हो रही है, जो दिन और रात दोनों समय की जा रही है। बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल रन के दौरान जब इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो वह हर 2 से 5 मिनट में एक स्टेशन पर पहुंच जाएगी। 24-25 मार्च को किया था फाइनल निरीक्षण सीएमआरएस ने 24-25 मार्च को ही मेट्रो का तीसरा और अंतिम निरीक्षण किया था। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6 किमी हिस्से में मेट्रो दौड़ेगी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3, 4, 5 और 6 कुल पांच स्टेशन आएंगे। इनमें इलेक्ट्रिकल सेक्शन, प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्कलेटर सहित सभी सुविधाएं जुटाई जा चुकी हैं। ट्रेन को न्यूनतम व अधिकतम गति से चलाकर देखा जा चुका है। हर 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम ने मेट्रो को हरी झंडी दिखा दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे सुरक्षित बताया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, इंदौर मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। मेट्रो दोनों तरफ से 25-25 चक्कर लगाएगी। इस तरह कुल 50 चक्कर लगेंगे। मेट्रो गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ शुरू होगी। मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर 30 मिनट में एक मेट्रो मिलेगी। अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, तो समय कम किया जा सकता है। इतना होगा किराया मेट्रो का किराया अलग-अलग जोन के हिसाब से होगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किराए को 5 जोन में बांटा है। इन 5 जोन में मेट्रो के 28 स्टेशन होंगे। सबसे कम किराया 20 रुपये होगा। सबसे ज्यादा किराया 80 रुपये होगा। शुरुआती रूट पर सबसे कम किराया 20 रुपये और सबसे ज्यादा किराया 30 रुपये होगा।

मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर केन्द्रित बेंगलुरू में हुआ इंटरेक्टिव सेशन 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों में बनाए गए हैं उद्योग प्रकोष्ठ, नई उद्योग केंद्रित नीतियां हैं लागू मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर केन्द्रित बेंगलुरू में हुआ इंटरेक्टिव सेशन 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए 18 हजार 975 नए रोजगार होंगे सृजित बीईएमएल को 148 एकड़ भूमि आवंटन, म.प्र. बना निवेश का भरोसेमंद डेस्टीनेशन बेंगलुरू में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर परिसंवाद भी किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापारी और निवेशक मध्यप्रदेश आएं और उद्योग को बढ़ावा दें। आज मेड इन इंडिया का जमाना है। मध्यप्रदेश सरकार ने नई उद्योग केंद्रित नीतियां लागू की हैं। सभी जिलों में उद्योग प्रकोष्ठ खोले गए हैं। इंडस्ट्री शुरू करने के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। निवेशकों के लिये मुख्यमंत्री सहजता से उपलब्ध है। राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक, पानी और बिजली उपलब्ध है। राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को सब्सिडी के बैकलॉग का एक-एक रुपया लौटाया है। सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बेंगलुरू में हुए रोड-शो के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरेक्टिव सेशन में विभिन्न निवेशकों से चर्चा हुई। आज निवेशकों से 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 18 हजार 975 नए रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परफॉर्म, रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म” के मूलमंत्र को आधार बनाकर हम आत्म-निर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय पर विभिन्न शहरों में किये गये रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन सहित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से हमने लोकल से ग्लोबल स्तर तक सफलतापूर्वक निवेश संवाद किया है। बेंगलुरु में आज दूसरी बार हुए रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन से निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए “प्रगतिशील, पारदर्शी और भरोसेमंद राज्य” के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा शेयर बाजार नई ऊँचाईयों को छू रहा है। निवेशक मध्यप्रदेश आएं और अपने उद्योग को बढ़ाएं। एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। सभी प्रकार के उद्योगों के विकास का कार्य मध्यप्रदेश में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश का वादा नहीं करता, हम जिनसे कमेटमेंट करते है, उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा भी कर रहे है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 में हमने केवल वादे नहीं किए, उन्हें धरातल पर भी उतारा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में 5260 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि बड़े उद्योगों और एमएसएमई को वितरित की गई है। प्रदेश में विभिन्न सेक्टरों में निवेश संवर्द्धन के लिये 18 नई औद्योगिक नीतियां लांच की गई, जो आज निवेश के लिये गेम चेंजर साबित हो रही हैं। जनविश्वास अधिनियम, एकीकृत सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित किये जा रहे पीएम मित्रा टेक्सटाईल पार्क (धार), नर्मदापुरम मेन्युफैक्चरिंग ज़ोन, रीवा, इंदौर एवं उज्जैन मे नई आईटी परियोजनाओं, उज्जैन में 5 जून 2025 को ‘स्पिरिच्युअल एवं वेलनेस समिट’ एवं अन्य क्षेत्र जैसे फार्मा, माइनिंग, कृषि, डेयरी, नवकरणीय ऊर्जा आदि संभावनाओं के बारे मे निवेशकों को अवगत कराया जा रहा है। निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिये ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ अंतर्गत आज बेंगलुरु में हमने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के साथ भूमि आवंटन और ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ विषय पर सफल इंटरेक्टिव सेशन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरू में आज भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को प्रदेश के रायसेन के ग्राम उमरिया में 148 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौपा। रायसेन में 1800 करोड़ रूपये की लागत से एक अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण परियोजना स्थापित की जाएगी। परियोजना से प्रदेश में रेल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारतीय सेना का शौर्य अभिनंदनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के वर्तमान परिदृश्य की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री का नेतृत्व और भारतीय सेना का शौर्य अभिनंदनीय है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी हथियारों को करारा जवाब देकर 3 से 4 दिन में ही युद्ध जीत लिया। हमारी तीनों सेनाओं ने अपनी सीमा में रहते हुए अतुलनीय क्षमता का प्रदर्शन किया। पहलगाम हमले के दोषियों को सबक सिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सेनाओं को खुली छूट दी। इस घटनाक्रम से भारत ने नए दौर में प्रवेश किया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं होगा और लगातार चलता रहेगा। जब भी कोई हमला होगा, उसकी तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी। पाकिस्तान पर पहली स्ट्राइक में हमारे सैनिक उस पार गए और टारगेट को खत्म कर सुरक्षित वापस आ गए। दूसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान को हमारे पायलट अभिनंदन वर्धमान को सम्मानपूर्वक लौटाना पड़ा। अब तीसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान की हार हुई। एक माह में होगा रेल कोच निर्माण इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि एक माह में रायसेन जिले में रेल कोच निर्माण इकाई के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के लिए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरू में निवेशकों की ओर से मिले रिस्पांस के लिये कनार्टक की राजधानी बेंगलुरू में पधारे सभी इंवेस्टर्स को धन्यवाद देता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश की नीति पर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर आज बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में शानदार प्रतिक्रिया मिली। पिछले दौरे में मिले प्रस्ताव अब धरातल पर उतर रहे हैं। सभी विभागों की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश का सबसे तेजी से आगे बढ़ता राज्य है। एनर्जी, आइटी, रियल एस्टेट, रेडीमेड गारमेंट्स … Read more

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं।

मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में SC ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें फटकार लगाई

 मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई फटकार, MP High Court के एफआईआर के आदेश पर रोक लगाने से इनकार विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, पूछा- संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा बयान कैसे दे सकता मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में SC ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें फटकार लगाई भोपाल / जबलपुर मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर उनके खिलाफ महू के मानपुर थाने में बुधवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई थी। मंत्री द्वारा एफआईआर रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी, जिस पर उन्हें वहां से भी फटकार मिली। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि स्वत: संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। आज हाईकोर्ट के पटल पर उस वीडियो का लिंक भी रखे जाएंगे, जिसमें मंत्री ने कर्नल सोफिया को लेकर टिप्पणी की थी। कांग्रेस कर रही मंत्री को पद से हटाने की मांग इधर कांग्रेस मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग कर रही है। प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित कई शहरों में मंत्री शाह के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया था। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस, उम्र कैद या 7 साल तक की सजा का प्रविधान बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 152 : अलगाव, सशस्त्र विद्रोह और विध्वंसक गतिविधियों को भड़काने वाले कृत्यों को अपराध मानती है। यह देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यों को भी अपराध मानती है। इसमें उम्रकैद या सात साल तक के कारावास के दंड का प्रविधान है। बीएनएस 196(1)(ख) : धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक कार्य करने से संबंधित है। इसमें पांच वर्ष के कारावास का प्रविधान है। बीएनएस 197(1)(ग) : राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों से संबंधित है। इसमें किसी भी समूह की भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा को संदेह में लाने वाले आरोप, दावे या कथन शामिल हैं। इसमें तीन वर्ष के कारावास का प्रविधान है। हाईकोर्ट ने कहा- “गटर जैसी भाषा”, दर्ज हुआ मामला 14 मई 2025 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत ने उनकी टिप्पणी को “गटर की भाषा” कहा और इसे महिलाओं के सम्मान और सेना की गरिमा के विरुद्ध करार दिया। कोर्ट के मुताबिक, एक कैबिनेट मंत्री की ओर से इस तरह की टिप्पणी न केवल कर्नल सोफिया के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती है, बल्कि इससे भारतीय सेना की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े होते हैं। आदेश के तहत आईपीसी की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है। Supreme Court की फटकार, 16 मई को अगली सुनवाई विजय शाह ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए Supreme Court का रुख किया, लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। 15 मई को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंत्री की भाषा अस्वीकार्य है और उन्होंने अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख तय की है और कहा है कि मामले में कानून के तहत उचित निर्णय लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर समर्थन, विपक्ष का हमला यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हजारों लोग कर्नल सोफिया के समर्थन में सामने आए हैं और विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं और सेना के प्रति भाजपा सरकार के “दृष्टिकोण” का प्रतिबिंब बताया है। यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इसका असर मध्य प्रदेश की राजनीति पर भी दिख सकता है।

सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देकर फंसे मंत्री विजय शाह, अब खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

भोपाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी जानकारी मीडिया से साझा करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में सूबे के काबीना मंत्री विजय शाह के खिलाफ बुधवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं इस मामले को लेकर विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं और उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की है. उन्होंने याचिका पर ⁠जल्द सुनवाई की मांग की है. दरअसल कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान को लेकर हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. जिसके बाद मंत्री शाह पर FIR दर्ज हुई है. ये याचिका एओआर शांतनु कृष्णा के माध्यम से दाखिल की गई है. मानपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले का मीडिया की खबरों के आधार पर बुधवार को ही खुद संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर शाह के खिलाफ मानपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने का कृत्य), धारा 196 (1) (बी) (अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला ऐसा कृत्य जिससे सार्वजनिक शांति भंग होती हो या भंग होने की आशंका हो) और धारा 197 (1) (सी) (किसी समुदाय के सदस्य को लेकर ऐसी बात कहना जिससे अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर विपरीत असर पड़ता हो या उनके बीच शत्रुता या घृणा या दुर्भावना की भावना पनपती हो या पनपने की आशंका हो) के तहत दर्ज की गई है. इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बयान के संदर्भ में कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं.” मानपुर पुलिस थाने में बुधवार रात 11:30 बजे के आस पास दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 12 मई (सोमवार) को रायकुण्डा गांव में हलमा (सामूहिक श्रमदान और सामुदायिक सहभागिता की जनजातीय परम्परा) के कार्यक्रम के दौरान शाह के संबोधन के कुछ अंश प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए. शाह ने बयान को लेकर मांगी थी माफी शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए बुधवार को माफी मांग ली और कहा कि वह ‘बहन सोफिया’ और सेना का हमेशा सम्मान करते हैं. अगर किसी व्यक्ति को उनकी बातों से ठेस पहुंची है, तो वह 10 बार माफी मांगने के लिए तैयार हैं.  शाह ने कर्नल सोफिया को ‘देश की बहन’ करार दिया और कहा कि उन्होंने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर काम किया है. HC के आदेश के बाद FIR दर्ज मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार रात इंदौर जिले में एफआईआर दर्ज की गई है. मंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 3 अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की गई है. उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 196(1) (B) और 197 (1)(C) के तहत FIR दर्ज की गई है. मंत्री ने मांगी माफी मंत्री की वीडियो वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. साथ ही उनके इस्तीफे की मांग भी की जा रही है. इसी बीच मंत्री ने वीडियो जारी कर के माफी भी मांगी है और सोफिया कुरैशी को अपनी बहन बताया है. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, हाल ही में मैंने जो बयान दिया अगर उसकी वजह से किसी भी समाज की भावना आहत हुई है, तो इसके लिए मैं दिल से न सिर्फ शर्मिंदा हूं बल्कि बेहद दुखी भी हूं और सभी से माफी चाहता हूं. उन्होंने सोफिया कुरैशी को लेकर आगे कहा, हमारे देश की वो बहन, सोफिया कुरैशी, जिन्होंने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर जो काम किया है, उन्हें हमारी सगी बहन से भी ऊपर सम्मानित मानता हूं. सोफिया कुरैशी को बताया बहन कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री ने कहा, मैं भारतीय सेना और बहन सोफिया के उन सभी साथियों का दिल से सम्मान करता हूं, जिन्होंने हमारी बहनों का बदला लेने के लिए, हिंदुस्तान की मान-मर्यादा की रक्षा करते हुए, हमारे विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. मेरी भावना और मंशा यही थी कि मैं उनके अदम्य साहस और बलिदान को समाज के सामने सम्मानपूर्वक रखूं, लेकिन दुख के लम्हों में मुझ से कुछ ऐसे शब्द निकल गए जो नहीं निकलने चाहिए थे. आज मैं पूरे समाज, समुदाय, बहन सौफिया और सभी आर्मी जवानों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. मैं हमेशा बहन सोफिया और हमारी सेना के वीरों का सम्मान करता हूं और एक बार फिर सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. मंत्री ने क्या बयान दिया था ऑपरेशन सिंदूर के बाद मंत्री लोगों के संबोधित कर रहे थे इसी दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र किया और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की. मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को उन आतंकवादियों की बहन बताया, जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की. यही नहीं, मंत्री ने पीएम मोदी पर भी व्यंग्य कसते हुए कहा था कि उन्होंने आतंकवादियों की बहन को सेना में भेजा है.  

अब उज्जैन और सागर में खुलेंगे पोषण केंद्र, मोटे अनाज के साथ सभी सामग्री मिलेगी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर में 30 जन पोषण केंद्र खोलकर की जा चुकी है। अब इसका विस्तार उज्जैन और सागर में किया जाएगा। यहां 15-15 दुकानों को पोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मोटे अनाज से बने उत्पादों के साथ अन्य सामग्री भी दुकान संचालक रख सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि दुकान संचालकों को अतिरिक्त आय का माध्यम मिले और हितग्राहियों को भी सुविधा मिले। कारगर सिद्ध नहीं हुए नवाचार मध्य प्रदेश में अधिकतर उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है। समितियों की सरकार पर निर्भरता कम हो और आय में वृद्धि हो, इसके लिए इन्हें बहुउद्देश्यीय बनाने का प्रविधान रखा गया है। कुछ नवाचार भी हुए, पर वे अधिक कारगत सिद्ध नहीं हुए। इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया अब भारत सरकार ने उचित मूल्य की राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र की तरह संचालित करने का माडल लागू किया है। पहले चरण में इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। अगले चरण में उज्जैन और सागर में 15-15 दुकानों को जन पोषण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित होने वाली सामग्री के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार सभी वस्तुएं रखने की अनुमति होगी। इससे नागरिकों को सुविधा तो मिलेगी ही, दुकान संचालक समिति का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव मझौली में एक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी करेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त 15 मई 2025 को जारी होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सीधी जिले के मझौली में एक कार्यक्रम में यह राशि जारी करेंगे। इस योजना के तहत, लाखों बहनों के खातों में ₹1250 की अगली किस्त डाली जाएगी। साथ ही, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सब्सिडी की राशि भी 25 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। 24वीं किस्त होगी जारी लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त 15 मई 2025 को जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सीधी जिले के मझौली में राज्य स्तरीय सम्मेलन में योजना की राशि जारी करेंगे। इस दिन लाखों बहनों के खाते में ₹1250 की किस्त ट्रांसफर की जाएगी। सीधी में तैयारी तेज मुख्यमंत्री लाडली बहना सम्मेलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर इसकी पुष्टि हो चुकी है। सीएम मोहन यादव लाडली बहनों से बात भी करेंगे। उज्ज्वला योजना के तहत गैस सब्सिडी की राशि भी 25 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। पहले 10 तारीख को आती थी राशि लाडली बहना योजना की राशि पहले हर महीने 10 तारीख को आती थी। सरकार ने फैसला किया है कि हर महीने की 15 तारीख को लाडली बहनों को किस्त की राशि दी जाएगी। अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त भेजी गई थी। अब मई में 15 तारीख को 24वीं किस्त जारी होने जा रही है। इस योजना के तहत महिलाओं हर महीने ₹1250 की आर्थिक मदद मिल रही है। नहीं जुड़ रहे नए नाम वहीं, लाडली बहना योजना की राशि से महिलाओं की जिंदगी में बदलाव आ रहे हैं। हालांकि योजना शुरू होने के बाद से अब तक लाभार्थियों की संख्या घटते जा रहे हैं। वहीं, नए नाम अभी इस योजना में नहीं जोड़े जा रहे हैं। अब योजना की शुरुआत के दो साल हो गए हैं लेकिन नए नाम नहीं जोड़े गए हैं। कब हुई थी शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना की शुरुआत की. इसकी घोषणा 28 जनवरी 2023 को हुई थी जिसे 5 मार्च से लागू किया गया. इसके तरह हर महीने राज्य की महिलाओं को 1250 रुपये उनके खाते में दिए जाते हैं. सरकार ने इसे महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. योजना का लाभ पाने के लिए क्या हैं शर्तें? महिला मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी हो. शादीशुदा हो या विधवा, तलाकशुदा महिलाएं इसमें शामिल हैं. आवेदक की आयु 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच की हो. बहरहाल, महिलाओं के खाते में 24वीं किस्त सीएम मोहन यादव ट्रांसफर करने वाले हैं. बता दें कि यह राज्य की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है. इस योजना की चर्चा पूरे देश में होती है. कई राज्यों ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर अपने-अपने राज्यों की बहनों के लिए इस तरह की योजनाओं की शुरुआत की है.

Russia और China मिलकर चांद पर बनाएंगे Nuclear Power … संयंत्र बनाने की डील तय

मॉस्को चीन और रूस ने चंद्रमा पर एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो 2036 तक पूरा होने की उम्मीद है. यह संयंत्र अंतरराष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS) को ऊर्जा प्रदान करेगा, जिसका नेतृत्व चीन और रूस संयुक्त रूप से कर रहे हैं. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने 2026 के बजट प्रस्ताव में चंद्रमा पर एक कक्षीय स्टेशन की योजना को रद्द करने की बात कही है. यह कदम चीन और रूस की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को और मजबूत करता है, जबकि अमेरिका की आर्टेमिस कार्यक्रम में देरी और बजट कटौती ने इसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. चीन-रूस का चंद्र परमाणु संयंत्र: एक क्रांतिकारी कदम चीन और रूस ने हाल ही में एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत वे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक स्थाई, मानव-नियंत्रित चंद्र आधार (लूनर बेस) स्थापित करने के लिए एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाएंगे. यह संयंत्र ILRS को ऊर्जा प्रदान करेगा, जो वैज्ञानिक अनुसंधान और दीर्घकालिक मानव रहित संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें भविष्य में मानव उपस्थिति की संभावना भी शामिल है. निर्माण प्रक्रिया: रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के महानिदेशक यूरी बोरिसोव के अनुसार, इस संयंत्र का निर्माण “मानव उपस्थिति के बिना” स्वचालित रूप से किया जाएगा. यह तकनीकी रूप से कैसे संभव होगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन बोरिसोव ने दावा किया कि तकनीकी कदम “लगभग तैयार” हैं. समयसीमा: संयंत्र का निर्माण 2030 से 2035 के बीच शुरू होगा और 2036 तक पूरा हो जाएगा. ILRS की आधारशिला 2028 में चीन की चांग-ई-8 मिशन के साथ रखी जाएगी, जो पहली बार चीनी अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारेगी. अंतरराष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS): एक वैश्विक परियोजना ILRS एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे चीन और रूस ने जून 2021 में पहली बार घोषित किया था. यह स्टेशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थापित किया जाएगा. इसमें 17 देश शामिल हो चुके हैं, जिनमें मिस्र, पाकिस्तान, वेनेजुएला, थाईलैंड और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. रोडमैप: ILRS का निर्माण पांच सुपर हेवी-लिफ्ट रॉकेट लॉन्च के माध्यम से 2030 से 2035 तक किया जाएगा. इसके बाद, 2050 तक इस स्टेशन का विस्तार किया जाएगा, जिसमें एक कक्षीय अंतरिक्ष स्टेशन, चंद्रमा के भूमध्य रेखा और इसके दूर के हिस्से पर दो नोड्स शामिल होंगे. ऊर्जा स्रोत: स्टेशन को सौर, रेडियो आइसोटोप और परमाणु जनरेटरों से ऊर्जा मिलेगी. इसके अलावा, चंद्रमा-पृथ्वी और चंद्र सतह पर उच्च गति संचार नेटवर्क, चंद्र वाहन और मानवयुक्त रोवर भी होंगे. उद्देश्य: ILRS का लक्ष्य वैज्ञानिक अनुसंधान, दीर्घकालिक मानव रहित संचालन, और मंगल पर मानव लैंडिंग के लिए तकनीकी आधार तैयार करना है चीन की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएं चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम पिछले एक दशक में तेजी से विकसित हुआ है. 2013 में चांग-ई-3 मिशन के साथ चीन ने चंद्रमा पर अपना पहला रोवर उतारा. इसके बाद, उसने चंद्रमा और मंगल पर और रोवर भेजे, चंद्रमा के निकट और दूर के हिस्सों से नमूने एकत्र किए और चंद्र सतह का मानचित्रण किया. 2030 का लक्ष्य: चीन का लक्ष्य 2030 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारना और अंतरिक्ष अनुसंधान में वैश्विक नेता बनना है. 2050 की योजना: ILRS को 2050 तक एक विस्तृत नेटवर्क में बदलने की योजना है, जो चंद्रमा के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेगा और मंगल मिशनों के लिए आधार प्रदान करेगा. नासा का आर्टेमिस कार्यक्रम: चुनौतियों का सामना चीन और रूस की इस घोषणा के ठीक बाद, नासा ने अपने 2026 के बजट प्रस्ताव में आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण कटौती की घोषणा की. आर्टेमिस का लक्ष्य 2027 में आर्टेमिस III मिशन के माध्यम से अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को 50 वर्षों बाद चंद्रमा पर वापस लाना है. हालांकि बजट कटौती ने इस कार्यक्रम को जोखिम में डाल दिया है. लूनर गेटवे का रद्द होना: नासा की योजना एक कक्षीय चंद्र स्टेशन, लूनर गेटवे को 2027 तक लॉन्च करने की थी. लेकिन 2026 के बजट प्रस्ताव ने इस मिशन को रद्द कर दिया, साथ ही स्पेस लॉन्च सिस्टम और ओरियन कार्यक्रमों को भी आर्टेमिस III के बाद समाप्त करने की बात कही. बजट कटौती: नासा के बजट में 24% की कटौती प्रस्तावित है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए 500 मिलियन डॉलर की कमी शामिल है. प्रभाव: इन कटौतियों ने नासा की चंद्र महत्वाकांक्षाओं को कमजोर किया है, जिससे चीन और रूस को अंतरिक्ष दौड़ में बढ़त मिल सकती है. चीन-रूस बनाम अमेरिका: अंतरिक्ष दौड़ में नया मोड़ चीन और रूस का यह समझौता अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नई प्रतिस्पर्धा का संकेत देता है. जहां नासा आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करने की योजना बना रहा था, वहीं बजट कटौती और देरी ने इसकी गति को धीमा कर दिया है. दूसरी ओर चीन और रूस की ILRS परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें 17 देशों का समर्थन और स्पष्ट रोडमैप शामिल है. चीन-रूस की ताकत: दोनों देशों की परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता ILRS को एक मजबूत आधार प्रदान करती है. चीन की चांग’ए मिशन और रूस की स्वचालित निर्माण तकनीक इस परियोजना को गति दे सकती है. अमेरिका की चुनौतियां: नासा के सामने न केवल बजट की कमी है, बल्कि तकनीकी देरी और राजनीतिक अनिश्चितता भी है। आर्टेमिस III की 2027 की समयसीमा पहले ही 2026 से स्थगित हो चुकी है. वैश्विक प्रभाव और भविष्य चीन और रूस का चंद्र परमाणु संयंत्र वैज्ञानिक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. यह न केवल चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति को संभव बनाएगा, बल्कि मंगल मिशनों के लिए भी आधार तैयार करेगा.यह परियोजना हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है. वैज्ञानिक लाभ: ILRS चंद्रमा की सतह, संसाधनों और अंतरिक्ष पर्यावरण के अध्ययन को बढ़ावा देगा. रणनीतिक प्रभाव: यह परियोजना चीन और रूस को अंतरिक्ष में वैश्विक नेतृत्व प्रदान कर सकती है, विशेष रूप से तब जब अमेरिका अपनी योजनाओं में पीछे रह रहा है. भारत की भूमिका: भारत, जो अपने चंद्रयान मिशनों के लिए जाना जाता है, भविष्य में ILRS या आर्टेमिस जैसे कार्यक्रमों में सहयोग कर सकता है, लेकिन अभी तक इस परियोजना में शामिल नहीं हुआ … Read more

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ, कराची के निकट अरब सागर में 36 युद्धपोतों की तैनाती

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में सैन्य शक्ति प्रदर्शन को केंद्र में ला दिया है. ऑपरेशन सिंदूर, जिसे मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ. इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने कराची के निकट अरब सागर में 36 युद्धपोतों की तैनाती की, जिसमें स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत, 7 विध्वंसक, 7 फ्रिगेट, पनडुब्बियां और तेज हमलावर नौकाएं शामिल थीं. यह तैनाती भारत की समुद्री ताकत का शानदार प्रदर्शन थी, जिसने पाकिस्तान को रक्षात्मक स्थिति में धकेल दिया. ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले ने भारत को निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रेरित किया. इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से जोड़ा गया. जिसके बाद भारत ने त्रि-आयामी दबाव (सेना, वायुसेना और नौसेना) के जरिए जवाबी कार्रवाई शुरू की. ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना. पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देना था कि भारत किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दे सकता है. इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने कराची के निकट अरब सागर में अभूतपूर्व तैनाती की. इस तैनाती ने पाकिस्तान नौसेना को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया. भारतीय नौसेना की तैनाती: एक ऐतिहासिक प्रदर्शन 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ट्राइडेंट और ऑपरेशन पायथन के दौरान कराची बंदरगाह पर हमला करने के लिए केवल 6 युद्धपोतों का उपयोग किया था. उस हमले ने पाकिस्तान की समुद्री रसद को तबाह कर दिया था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में, भारतीय नौसेना ने 36 युद्धपोतों की तैनाती की जो 1971 की तुलना में छह गुना अधिक है. 1. INS विक्रांत और कैरियर बैटल ग्रुप INS विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, इस तैनाती का केंद्रबिंदु था. 40,000 टन का यह युद्धपोत मिग-29K लड़ाकू विमान, कामोव हेलीकॉप्टर और उन्नत हवाई चेतावनी प्रणालियों से लैस है. कैरियर बैटल ग्रुप: विक्रांत के साथ 8-10 युद्धपोतों का एक समूह तैनात किया गया, जिसमें विध्वंसक, फ्रिगेट और सहायक जहाज शामिल थे. इस समूह ने अरब सागर में कराची के निकट एक अभेद्य समुद्री दीवार बनाई, जिसने पाकिस्तानी नौसेना और वायुसेना को तट पर ही सीमित कर दिया. रणनीतिक प्रभाव: मिग-29K विमानों ने हवाई निगरानी और हमले की क्षमता प्रदान की, जबकि हेलीकॉप्टरों ने पनडुब्बी-विरोधी युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2. सात विध्वंसक: बहुआयामी ताकत भारतीय नौसेना ने सात विध्वंसक तैनात किए, जो ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (MRSAM) और वरुणास्त्र भारी टॉरपीडो से लैस थे. ये विध्वंसक समुद्री सतह, हवा और पनडुब्बी-विरोधी लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम थे. ब्रह्मोस मिसाइल, जो 450 किमी की रेंज और 2.8 मैक की गति से हमला कर सकती है. कराची बंदरगाह और अन्य रणनीतिक लक्ष्यों को तुरंत नष्ट करने की क्षमता रखती थी. उदाहरण: कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जैसे INS कोलकाता और INS चेन्नई, इस तैनाती में शामिल थे, जो अपनी उन्नत रडार और हथियार प्रणालियों के लिए जाने जाते हैं. 3. सात स्टील्थ फ्रिगेट: चपलता और शक्ति सात स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट, जिनमें हाल ही में शामिल INS तुशिल भी तैनात की गईं. ये फ्रिगेट उन्नत रडार, मिसाइल प्रणालियों और स्टील्थ तकनीक से लैस थीं, जो हवाई और समुद्री खतरों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकती थीं. इन फ्रिगेट्स ने पश्चिमी तट के साथ एक रक्षात्मक और आक्रामक समुद्री दीवार बनाई, जिसने पाकिस्तानी नौसेना को कोई जवाबी कार्रवाई करने से रोक दिया. INS तुशिल: यह नवीनतम तलवार-श्रेणी का फ्रिगेट है, जिसे रूस के सहयोग से भारत में निर्मित किया गया और 2024 में नौसेना में शामिल किया गया. 4. पनडुब्बियां: अदृश्य खतरा अनुमानित छह पनडुब्बियां, जिनमें परमाणु-संचालित INS अरिहंत और पारंपरिक स्कॉर्पीन-श्रेणी की पनडुब्बियां (जैसे INS कलवारी) शामिल थीं ने अरब सागर में गुप्त रूप से संचालन किया. ये पनडुब्बियां स्टील्थ ऑपरेशन्स में माहिर थीं. पाकिस्तानी नौसेना की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ संभावित हमलों के लिए तैयार थीं. रणनीतिक महत्व: INS अरिहंत की परमाणु मिसाइल क्षमता ने भारत की दूसरी हमले की क्षमता (second-strike capability) को मजबूत किया, जो परमाणु निरोध में महत्वपूर्ण है. 5. तेज हमलावर नौकाएं और मिसाइल बोट कई तेज हमलावर नौकाएं और मिसाइल बोट भी तैनात की गईं, जो त्वरित और सटीक हमलों के लिए डिज़ाइन की गई थीं. ये छोटे लेकिन घातक जहाज कराची बंदरगाह जैसे लक्ष्यों पर तुरंत हमला करने में सक्षम थे. इनकी तैनाती ने भारतीय नौसेना की ताकत को और बढ़ाया, जिससे कुल युद्धपोतों की संख्या 36 तक पहुंच गई. पाकिस्तानी नौसेना की स्थिति: रक्षात्मक मुद्रा पाकिस्तानी नौसेना की तुलना में भारतीय नौसेना की तैनाती कहीं अधिक प्रभावशाली थी. पाकिस्तान के पास वर्तमान में 30 से कम युद्धपोत हैं, जिनमें चार चीनी-निर्मित टाइप 054A/P फ्रिगेट, कुछ पुरानी फ्रिगेट, और सीमित पनडुब्बियां शामिल हैं.ऑपरेशन सिंदूर के दौरानपाकिस्तानी नौसेना के जहाज मुख्य रूप से कराची बंदरगाह के भीतर या तट के बहुत करीब सीमित रहे. NAVAREA चेतावनी: भारतीय नौसेना की भारी तैनाती के डर से पाकिस्तान ने समुद्री क्षेत्र में NAVAREA (Navigational Area) चेतावनी जारी की, जिसमें संभावित नौसैनिक हमले की आशंका जताई गई. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: पाकिस्तानी नौसेना ने दावा किया कि उनकी सतर्कता ने भारतीय नौसेना को उनके जल क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका. हालांकि, भारतीय नौसेना ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल निवारक मुद्रा बनाए रखना था, न कि सक्रिय हमला करना. सीमित क्षमता: पाकिस्तानी नौसेना की कमजोर समुद्री ताकत और पुराने उपकरणों ने उसे भारतीय नौसेना के सामने जवाबी कार्रवाई करने में असमर्थ बना दिया. अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रभाव भारतीय नौसेना की इस विशाल तैनाती ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रभाव छोड़े… समुद्री यातायात पर असर: कराची के आसपास उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के कारण अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को अपने मार्ग बदलने पड़े। इससे पाकिस्तान की समुद्री अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा. वैश्विक ध्यान: इस तैनाती ने वैश्विक शक्तियों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन का ध्यान आकर्षित किया. भारत की समुद्री ताकत ने हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया. पाकिस्तान पर दबाव: भारतीय नौसेना की तैनाती ने पाकिस्तान को न केवल सैन्य, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर भी दबाव … Read more

बिना गिरवी वाले कर्ज में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ रहा, RBI नियमों को और सख्त करने की तैयारी में

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बिना गिरवी रखे दिए जाने वाले व्यक्तिगत कर्ज, जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड के नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। बिना गिरवी वाले कर्ज में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ रहा है। इससे आरबीआई चिंतित है। नवंबर 2023 में RBI ने इन कर्जों पर रिस्क वेट 100% से बढ़ाकर 125% कर दिया था, लेकिन अब और कड़े कदम जरूरी हैं। क्रेडिट स्कोर के आधार पर लोन: आरबीआई ने बैंकों को अपनी कर्ज देने की नीतियों को सख्त करने के निर्देश दिए हैं। कर्ज लेने वालों की क्रेडिट स्कोर के आधार पर ऋण की अधिकतम सीमा तय करना होगा। अगर कोई व्यक्ति पहले से होम लोन या ऑटो लोन ले चुका है, तो बैंकों को पर्सनल लोन देते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। रिटेल लोन के तेजी से बढ़ने से आरबीआई चिंतित: बैंकों से बातचीत के आधार पर एनडीटीवी प्रॉफिट को पता चला है कि RBI को रिटेल लोन के तेजी से बढ़ने और इसमें छिपे जोखिमों को लेकर चिंता है। मार्च 2024 में पर्सनल लोन में वार्षिक वृद्धि 14% रही (पिछले साल इसी समय 17.6% थी)। प्राइवेट बैंक अभी भी तेजी से ये कर्ज दे रहे हैं, जबकि सरकारी बैंकों का फोकस कम है। RBI की रिपोर्ट का अहम बिंदु: दिसंबर 2023 की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेट बैंकों में कर्ज माफ करने (राइट-ऑफ) की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो जोखिम का संकेत है। आरबीआई का अगला कदम: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही (अगले 15 दिनों में) इन नए दिशा-निर्देशों का ड्राफ्ट जारी कर सकता है। बैंकों से अपेक्षा है कि वे इन कर्जों को लेकर अधिक सतर्कता बरतेंगे और केवल योग्य उधारकर्ताओं को ही ऋण देंगे। आरबीआई का यह कदम आम लोगों को जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से रोकने और बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए है। एक से ज्यादा पर्सनल लोन लेना अब आसान नहीं! अब पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने वालों के लिए मल्टीपल लोन लेना मुश्किल होने वाला है. RBI ने एक नया नियम लागू कया है, जिससे कर्ज लेने और देने दोनों में बड़ा बदलाव आने वाला है. इस नियम के मुताबिक अब लेंडर्स को क्रेडिट ब्यूरो में लोन की जानकारी 1 महीने की जगह 15 दिन के अंदर अपडेट करनी होगी. इससे कर्ज देने वालों को डिफॉल्ट और पेमेंट रिकॉर्ड की सटीक जानकारी जल्दी मिल सकेगी. इससे कर्ज लेने वालों के जोखिम का बेहतर आकलन हो सकेगा और मल्टीपल लोन लेने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी. मल्टीपल लोन (Multiple Loan) पर लगेगी रोक! अगस्त 2024 में जारी किए गए इन निर्देशों को 1 जनवरी 2025 से लागू किया गया है. रिजर्व बैंक का मानना है कि इससे कर्ज देने वालों को रिस्क मैनेजमेंट में मदद मिलेगी. अभी तक EMI चुकाने की तारीखें अलग-अलग होने की वजह से महीने में एक बार रिपोर्टिंग करने से पेमेंट रिकॉर्ड में 40 दिनों की देरी हो सकती थी. लेकिन अब हर 15 दिन में अपडेट होने से ये देरी खत्म हो जाएगी और कर्ज देने वालों को असल समय में जानकारी मिलेगी. कुल मिलाकर अब EMI रिपोर्टिंग में देरी कम होगी और पेमेंट-डिफॉल्ट की सही जानकारी जल्दी मिलेगी. मल्टीपल कर्ज लेने की आदत लगाम! मल्टीपल कर्ज लेने की आदत पर भी ये नियम लगाम लगाएगा. नए लोन लेने वालों को कई जगहों से ज्यादा लोन मिल जाते हैं जो उनकी चुकाने की क्षमता से ज्यादा होता है. बैंकों ने ही रिकॉर्ड को ज्यादा बार अपडेट करने का सुझाव दिया था, जिससे कर्ज लेने वालों की सही जानकारी उपलब्ध हो सके. अब अगर कोई शख्स मल्टीपल लोन लेता है और उसकी EMI अलग-अलग तारीखों पर होती है, तो उसकी आर्थिक गतिविधियां 15 दिनों के अंदर क्रेडिट ब्यूरो के सिस्टम में दिखाई देंगी. इससे कर्ज देने वालों को कर्ज लेने वालों की आर्थिक स्थिति का सटीक और ताजा डेटा मिलेगा. ‘एवरग्रीनिंग’ पर रोक लगेगी! लेंडर्स का मानना है कि इस बदलाव से ‘एवरग्रीनिंग’ जैसी हरकतों पर भी रोक लगेगी. इसमें कर्ज लेने वाले पुराने कर्ज नहीं चुका पाने पर नया कर्ज ले लेते हैं, जिससे उनकी असल स्थिति छिपी रहती है. रिपोर्टिंग समय घटाने से क्रेडिट ब्यूरो और लेंडर्स को ज्यादा भरोसेमंद डेटा मिलेगा और कर्ज देने का सिस्टम मजबूत होगा. RBI के इस नए नियम से कर्ज देने का सिस्टम और ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनेगा और ये देखना दिलचस्प होगा कि इससे लोन लेने वालों पर क्या असर पड़ता है. पर्सनल लोन के फायदे व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) का लाभ उठाना आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक नायाब सुविधा बन गया है. इसका प्रमुख फायदा यह है कि इसे बिना किसी गारंटी के लिया जा सकता है. पर्सनल लोन  की विशेषता यह है कि इसका इस्तेमाल अनेकों आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है, जैसे कि आपातकालीन चिकित्सा खर्च, शिक्षा, शादी, घर की मरम्मत या अन्य व्यक्तिगत जरूरतें. पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है. अधिकतर बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होती है, जिससे समय की बचत होती है और दस्तावेजी प्रक्रिया भी सरल हो जाती है. इसके अलावा, ऋण राशि भी कुछ ही दिनों में आपके खाते में ट्रांसफर हो जाती है, जिससे आपकी आवश्यकताओं को त्वरित रूप से पूरा किया जा सकता है. Personal Loan के नकारात्मक पहलू जब पैसों की तात्कालिक जरूरत होती है, तो अधिकतर लोग पर्सनल लोन की तरफ भागते हैं, क्योंकि आसानी से मिल जाता है. पर्सनल लोन को सबसे बड़ा निगेटिव प्वाइंट्स ये है कि इसका ब्याज काफी ज्यादा होता है. पर्सनल लोन का टेन्योर बहुत कम होता है, और किसी कारण से समय पर भुगतान नहीं करने से बैंक मजबूरी का फायदा उठाता है. बिना सूझ-बूझ के पर्सनल लोन से आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है. यही नहीं, अगर आपने समय पर EMI नहीं चुकाई, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को भी बिगाड़ सकता है.  

भारत की एक कंपनी से भी छोटा है पाकिस्तान का पूरा शेयर बाजार, जानिए कैसे किया यह कमाल!

मुंबई बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है। आपको बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार भारत में 5,000 से अधिक लिस्टेड कंपनियां हैं। वहीं, पाकिस्तान में केवल 600 से भी कम कंपनियां सूचीबद्ध हैं। भारतीय शेयर बाजार 5 ट्रिलियन डॉलर के वैल्युएशन के साथ मार्केट कैपिटल के मामले में दुनिया भर में शीर्ष मार्केट में से एक है। पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा। भारत से 250 गुना छोटा है पाकिस्तान का शेयर बाजार सबसे पहले आंकड़ों की बात करें तो, भारत के शेयर बाजार की गिनती आज दुनिया के टॉप 5 शेयर बाजारों में होती है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप आज करीब 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की तरफ देखें, तो ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, कराची स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप इस समय सिर्फ 20.36 अरब डॉलर है। यानी भारत का शेयर बाजार पाकिस्तान के मुकाबले करीब 250 गुना ज्यादा बड़ा है। भारतीय शेयर बाजार में जहां 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, वहीं पाकिस्तान में ये संख्या महज 500 के आसपास है। इससे साफ है कि भारतीय बाज़ार में कंपनियों की विविधता और निवेश के मौके पाकिस्तान के मुकाबले काफी अधिक हैं। भारत का शेयर बाजार केवल विदेशी निवेशकों पर ही निर्भर नहीं है। भारतीय बाजार को मजबूत बनाते हैं यहां के घरेलू निवेशक, रिटेल निवेशक और SIP जैसे निवेश के साधन, जिससे बाजार को किसी भी उतार-चढ़ाव के समय स्थिरता यानी सपोर्ट देते हैं। इससे बाजार में पैनिक सेलिंग बहुत कम देखने को मिलती है। वहीं पर पाकिस्तान का शेयर बाजार ज्यादा भावनात्मक और कम लिक्विडिटी वाला माना जाता है। ऐसे में किसी भी जियोपॉलिटिकल घटना का असर वहां तुरंत और तेजी से दिखता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से ही पाकिस्तान का शेयर बाजार बुरी तरह हिल हुआ है। कराची स्टॉक मार्केट में आज 8 मई को कुछ देर के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। उसका KSE-30 इंडेक्स एक झटके में 7.2 फीसदी टूट गया। वहीं उसके सबसे प्रमुख इंडेक्स, KSE-100 में 9 फीसदी की भारी गिरावट आई। साल 2008 के बाद यह पहली बार है, जब कराची स्टॉक मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे पहले 7 मई को भी पाकिस्तानी शेयर बाजार में हाहाकार की स्थिति रही। KSE-100 इंडेक्स 7 मई को कारोबार के दौरान 6500 अंक या करीब 6 फीसदी टूटकर बंद हुए। यह भी कराची स्टॉक मार्केट में साल 2021 की सबसे बड़ी गिरावट थी। यह गिरावट आई भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, जिसके तहत सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद 9 आंतकी ठिकानों को नेस्तानाबूत करके पहलगाम हमले का बदला लिया। भारत की इस कार्रवाई में 100 आंतकियों के मारे जाने की खबरें हैं। अब बात करते हैं भारत के शेयर बाजार की। भारत के शेयर बाजार ने पिछले 2 दिनों में काफी स्थिरता दिखाई है। बीएसई सेंसेक्स आज 8 मई को जरूरत 400 अंक टूटकर बंद हुआ। लेकिन इस पहले 7 मई को इसमें 105 अंकों की तेजी देखने को मिली थी। निफ्टी भी 34 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ था। आज के कारोबार के पहले हाफ दोनों इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार कर रहे थे। यानी सीमा पर तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार अभी तक स्थिर और भरोसेमंद बना हुआ है। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान का KSE 100 इंडेक्स अब तक करीब 13 फीसदी गिर चुका है। वहीं पर KSE-30 इंडेक्स में 14 फीसदी की गिरावट आई है। जबकि दूसरी ओर सेंसेक्स और निफ्टी इस दौरान लगभग एक फीसदी ऊपर हैं। भारत और पाकिस्तान के शेयर बाजार के रिटर्न की बात करें तो, पिछले 2 साल पाकिस्तान के लिए अच्छे रहे हैं। लेकिन बाकी सालों में अधिकतर बार भारतीय शेयर बाजार ने ही अच्छा … Read more

अब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने हार्ड-किल काउंटर-स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ का सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली भारत ने ड्रोन हमलों के खिलाफ अपनी क्षमताओं को और मजबूत करते हुए अत्याधुनिक, कम लागत वाले हार्ड-किल काउंटर-स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर स्थित सीवर्ड फायरिंग रेंज में किया गया। यह सिस्टम स्वदेशी रूप से सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) द्वारा विकसित किया गया है और इसे भारत की रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, खासकर यह ड्रोन स्वॉर्म (झुंड) जैसे खतरों को निष्क्रिय करने में काफी कारगर है। परीक्षण के दौरान सिस्टम के माइक्रो रॉकेट्स ने सभी प्रदर्शन मानकों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया। 13 मई को तीन अलग-अलग परीक्षण किए गए, जिनमें दो व्यक्तिगत रॉकेट दागे गए और एक साल्वो मोड में, जहां दो रॉकेट केवल दो सेकंड के अंतर में दागे गए। सभी रॉकेट्स ने तय लॉन्च मापदंडों को पूरा किया। ‘भार्गवास्त्र’ 2.5 किमी तक की दूरी पर छोटे और तेज गति से उड़ने वाले ड्रोन को पहचानकर उन्हें नष्ट कर सकता है। इसका पहला रक्षा स्तर बिना दिशा-निर्देशन वाले माइक्रो रॉकेट्स पर आधारित है, जो 20 मीटर के घातक दायरे में कई ड्रोन को खत्म कर सकते हैं। दूसरा स्तर गाइडेड माइक्रो मिसाइल पर आधारित है, जो सटीकता के साथ लक्ष्यों पर वार करती है। यह प्रणाली ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों (5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई) में भी प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम है। इसका डिजाइन मॉड्यूलर है, जिसमें सॉफ्ट-किल तकनीकों जैसे जैमिंग और स्पूफिंग को भी शामिल किया जा सकता है। यह भारत की मौजूदा नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर प्रणाली से भी पूरी तरह लैस है। इसमें उन्नत सी4आई (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन्स, कंप्यूटर एंड इंटेलिजेंस) तकनीकें शामिल हैं। रडार 6 से 10 किमी तक की दूरी पर सूक्ष्म हवाई खतरों का पता लगाने में सक्षम हैं। एसडीएएल ने इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक बताया है, जिसमें रॉकेट और माइक्रो-मिसाइल दोनों का विकास देश में ही किया गया है। कंपनी का कहना है कि दुनियाभर में जहां कई देश ऐसी तकनीकें विकसित कर रहे हैं, वहीं ‘भार्गवास्त्र’ जैसी लागत-कुशल और मल्टी-लेयर्ड प्रणाली अभी तक कहीं भी तैनात नहीं की गई है। यह परीक्षण न केवल “मेक इन इंडिया” पहल के तहत एक और मील का पत्थर है, बल्कि देश की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

मुख्यमंत्री ने बीईएमएल के 2100वें मेट्रो कोच की टेस्ट राइड कर किया रवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है। अलग-अलग कम्पनियों ने इस क्षेत्र में जो कार्य किया है वह ‘मेड इन इंडिया’ का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। देश में मेट्रो और वन्देभारत जैसी आधुनिक रेल के विभिन्न उपकरणों का निर्माण हो रहा है। बीईएमएल, मध्यप्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से मध्यप्रदेश के संबंध प्रगाढ़ होंगे। हम अनेक कार्यों में परस्पर विकास के नये रास्ते खालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को बेंगलुरू में बीईएमएल कार्यशाला के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बेंगलुरू स्थित बीईएमएल लिमिटेड के अत्याधुनिक रेल कोच विनिर्माण संयंत्र से 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई रोलिंग स्टॉक विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन-पत्र कंपनी के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय को सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण है। बीईएमएल में निर्मित 2100वें मेट्रो कोच का शुभारंभ भारत की उन्नत निर्माण क्षमता, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और स्वदेशी तकनीक के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के रायसेन में बीईएमएल की इकाई स्थापना को एक अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के समावेशी एवं सतत् विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।” मध्यप्रदेश शासन, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम और बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश शासन ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। 2100वें मेट्रो कोच का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि हमारे सहयोगी संस्थानों ने बीईएमएल पर निरंतर विश्वास जताया है। यह उपलब्धि हमारे नवाचार, स्वदेशीकरण एवं गुणवत्ता के प्रति समर्पण को दर्शाती है। साथ ही देश की औद्योगिक उन्नति एवं रोजगार सृजन में हमारी भूमिका को सुदृढ़ करती है। भारत की अग्रणी रेल निर्माण कंपनी बीईएमएल (BEML) भोपाल में एक अत्याधुनिक निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यह ऐतिहासिक पहल रेल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति का प्रतीक है और विशेष रूप से शहरी परिवहन के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। इस इकाई के प्रारंभिक चरण में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी कोच का निर्माण किया जाएगा और भविष्य में एल्यूमीनियम कार बॉडी कोच के निर्माण की क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा। यह प्लांट आधुनिक आधारभूत संरचना से सुसज्जित होगा, जो न केवल देश की आवश्यकताओं को बल्कि वैश्विक बाजार की मांग को भी पूरा करेगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे इसका संचालन रणनीतिक और टिकाऊ रूप से हो सके। औद्योगिक प्रगति के साथ यह परियोजना क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक लाभ भी लेकर आएगी। यह स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के विकास को प्रोत्साहित करेगी और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को आकार देगी। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश के युवाओं, विशेषकर तकनीकी संस्थानों, कॉलेजों और स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। विशेष रूप से यह रायसेन जिले के ग्रामीण समुदायों के विकास और उत्थान में भी योगदान देगी, जिससे आजीविका और स्थानीय आधारभूत संरचना को बल मिलेगा। बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवरलेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इस नवीन कोच की विशेषता “ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम” है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया गया है। इस प्रणाली में पाँच प्रमुख मॉड्यूल – रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet