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मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू करने को मंजूरी

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मंजूरी दी गई, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा की संरचना और परिणामों को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा जीवन निर्माण की प्रक्रिया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा मिले, चाहे वह किसी भी कोने में क्यों न रहता हो। उन्होंने इसे भविष्य निर्माण की नींव बताया और कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना राज्य का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बहुआयामी रणनीतियाँ लागू की जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिनमें विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा दी जाएगी। विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की प्रमुख विशेषता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ, आधारभूत सुविधाएँ और शिक्षक उपस्थिति जैसे संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। यह पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की नई मिसाल होगी। जो विद्यालय अपेक्षित गुणवत्ता तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्य न केवल शिक्षा विभाग द्वारा, बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से किया जाएगा, जिससे सामुदायिक निगरानी को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक ओर जहाँ कमजोर विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मॉडल विद्यालयों का चयन कर भी किया जाएगा। कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे श्रेष्ठ शैक्षणिक व्यवहार और व्यवस्थाओं से प्रेरणा ले सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पालक-शिक्षक सहभागिता मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पालक-शिक्षक बैठकों (PTM) को एक औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा। इससे शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और बच्चों की प्रगति पर संयुक्त रूप से कार्य हो सकेगा। इस अभियान के तहत कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष फोकस रहेगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाएँ, जिससे सीखने की प्रक्रिया आनंददायक और प्रभावी हो। मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शिक्षा को केवल पहुंच का विषय नहीं, बल्कि गुणवत्ता का विषय भी बनाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान न केवल प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल बनाएगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन कामयाब, कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है। इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। सीआरपीएफ के डीजी ने जानकारी दी कि नक्सल विरोधी अभियान की शुरुआत 2014 में हुई थी, लेकिन 2019 के बाद से इस अभियान ने अधिक गति पकड़ी है। जवानों के लिए देश भर में संयुक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी रणनीतिक और सामरिक क्षमताओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जहां 2014 में 35 जिले नक्सली गतिविधियों के केंद्र हुआ करते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या घटकर मात्र 6 जिलों तक सीमित रह गई है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के चलते नक्सली हिंसा में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इस ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘नक्सल फ्री भारत’ के संकल्प में एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करते हुए सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कुर्रगुट्टालू पहाड़ (केजीएच) पर 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया। गृह मंत्री ने कहा कि जिस पहाड़ पर कभी लाल आतंक का राज था, वहां आज शान से तिरंगा लहरा रहा है। कुर्रगुट्टालू पहाड़ पीएलजीए बटालियन 1, डीकेएसजेडसी, टीएससी और सीआरसी जैसी बड़ी नक्सल संस्थाओं का यूनिफाइड हेडक्वार्टर था, जहां नक्सल ट्रेनिंग के साथ-साथ रणनीति और हथियार भी बनाए जाते थे। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी इस सबसे बड़े अभियान को हमारे सुरक्षा बलों ने मात्र 21 दिनों में पूरा किया और मुझे अत्यंत हर्ष है कि इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों में एक भी जानहानि नहीं हुई। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भी अपनी बहादुरी और शौर्य से नक्सलियों का सामना करने वाले हमारे सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों को बधाई देता हूं। पूरे देश को आप पर गर्व है। शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित हैं। मैं देशवासियों को पुनः विश्वास दिलाता हूं कि 31 मार्च 2026 तक भारत का नक्सलमुक्त होना तय है।” उल्लेखनीय है कि सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। कर्रेगुट्टा जैसी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार की कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और साहस का प्रमाण है।

प्लान तैयार कर कार्यों को स्वीकृत कराया जाये जिससे जल्द से जल्द से कार्य शुरू हो और भविष्य में खिलाड़ियों को इसका लाभ मिले: मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भविष्य की दृष्टि से खेल अधोसंरचना विकास के कार्य करने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्लान तैयार कर कार्यों को स्वीकृत कराया जाये जिससे जल्द से जल्द से कार्य शुरू हो और भविष्य में खिलाड़ियों को इसका लाभ मिले। मंत्री श्री सारंग बुधवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम खेल एवं युवा कल्याण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने खेल अधोसंरचना विकास की दृष्टि से सिविल विंग बनाने को भी कहा, जिससे इन्फ्रास्टेक्चर का रख-रखाव हो सके। खेलों एमपी यूथ गेम्स की तैयारी अभी से करें मंत्री श्री सारंग पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने के लिये इसका आयोजन करवाने को कहा। उन्होंने विकासखंड स्तर पर भी पारम्परिक खेलों पर ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने समर कैम्प का समापन होने के पहले खिलाड़ियों की स्पर्धा भी कराई जाए। जिससे खिलाड़ियों का हुनर सामने आये। साथ ही उन्होंने खेलों एमपी यूथ गेम्स के लिये आवश्यक तैयारी अभी से करने के निर्देश दिये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इसके लिये समय तालिका निर्धारित करें। इस संबंध में कमेटी की मीटिंग भी करें। पार्थ योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले मंत्री श्री सारंग ने पार्थ योजना के 9 स्थान भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, सागर, रीवा, मुरैना, शहडोल और जबलपुर के अधिकारियों से चर्चा की और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने निर्देश दिये कि इसमें बच्चों की स्ट्रेंथ पूरी रहे इस बात का ध्यान रखे। उच्च स्तर से जिला कलेक्टर को इस संबंध में निर्देश जारी किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि टारगेट ग्रुप पर फोकस किया जाये। खिलाड़ियों का परफॉमेंस चार्ट मंत्री श्री सारंग ने खेल अकादमियों के खिलाड़ियों का परफॉमेंस चार्ट बनाने को कहा। उन्होंने खिलाड़ियों की कॉउंसलिंग करने के निर्देश भी दिये। बैठक में बीएचईएल खेल परिसर और प्रकाश तरण पुष्कर पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता, उप सचिव श्री अजय श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश के 25 जिलों में आंधी-बारिश का कहर, जानिए किन-किन जिलों में चलेगी लू, प्री-मॉनसून रेन कोटा पूरा

भोपाल मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री 15 जून तक हो सकती है। इससे पहले प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। बुधवार को भोपाल समेत 25 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन-नर्मदापुरम संभाग में भी मौसम बदला रहेगा। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा बदला कि नौतपा से पहले ही प्री-मॉनसून बारिश का कोटा पूरा हो गया. वहीं, अब मध्य प्रदेश में समय से पहले मॉनसून के दस्तक देने की संभावना बन रही हैं. राजधानी भोपाल में गरज चमक के साथ मंगलवार दोपहर को भी तेज बारिश हुई. वहीं 37 अन्य जिलों में भी आज बारिश होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस साल मॉनसून समय से पहले जोरदार एंट्री कर सकता है. मध्य प्रदेश में प्री मॉनसून का कोटा पूरा मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक प्रदेश में अलग-अलग जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. इसके बाद मौसम शुष्क होने लगेगा. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में प्री-मॉनसून का कोटा पूरा हो चुका है. अब मॉनसून के आने की तैयारी है. पिछले साल एमपी में कब आया था मॉनसून? मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 में 23 जून को मॉनसून ने दस्तक दी थी. तब प्रदेश के 23 जिलों में एक साथ मॉनसून आया था जबकि जून की औसत बारिश (132.8 मिमी) का कोटा मॉनसून के आने से पहले ही पूरा हो गया था. 2024 में टूटा था बारिश का रिकॉर्ड बता दें कि 2024 में भोपाल में पिछले 40 सालों में चौथी सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. इस दौरान कुल 64.35 इंच पानी बरसा था. इससे ज्यादा बारिश 2006 में 67.45 इंच, 2019 में 70.62 इंच और 2022 में 75.24 इंच हुई थी. केरल पांच दिन पहले पहुंच रहा मॉनसून मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, ” इस बार केरल में पांच दिन पहले यानी 27 मई को मॉनसून पहुंचने की संभावना है. हालांकि, अभी कुछ कहना मुश्किल है. यदि सामान्य स्थितियां रहती हैं, तो मध्यप्रदेश में 15 से 20 जून तक मॉनसून दस्तक दे देगा.” हालांकि, मौसम वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि मॉनसून की बारिश विंड पैटर्न पर भी निर्भर करती है. यदि नमी नहीं मिलती है, तो मॉनसून की रफ्तार कम हो जाती है और वह कहीं कहीं अटक जाता है. ऐसे में 4 से 5 दिन का अंतर भी हो सकता है. पिछले साल भी ऐसा हुआ था. मध्य प्रदेश के इन जिलों से होगी मॉनसून की एंट्री मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मॉनसून इस बार बंगाल की खाड़ी से मध्य प्रदेश में पहुंच सकता है. यहां से सिवनी, मंडला या बालाघाट के रास्ते एमपी में मॉनसून एंट्री करेगा. इस बार सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है. केरल में मॉनसून आने के करीब दो सप्ताह बाद भोपाल में पहुंचता है. वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्यप्रदेश में मॉनसून या तो अरब सागर या फिर बंगाल की खाड़ी से आता है. इस बार बंगाल की खाड़ी वाली शाखा से मॉनसून आने की उम्मीद है. ऐसे में सबसे पहले सिवनी, मंडला या बालाघाट में बारिश होगी. वहीं यदि अरब सागर से मॉनसून की एंट्री होती है, तो सबसे पहले खंडवा, बुरहानपुर और इंदौर संभाग में बारिश होगी. भोपाल-इंदौर में तेज आंधी के साथ बारिश इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में पूरा शहर तरबतर हो गया। हवा की रफ्तार तेज होने से बड़े तालाब में एक से डेढ़ फीट ऊंची लहरें उठीं। धार, रतलाम में भी बारिश हुई। वहीं, बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। बारिश-आंधी के बीच कई शहरों में गर्मी का असर भी देखने को मिला। सबसे गर्म खजुराहो रहा। जहां तापमान 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 42 डिग्री, सतना में 41.8 डिग्री, रीवा में 41.2 डिग्री, उमरिया में 41.1 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, सीधी में 40.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 40.4 डिग्री, गुना में 40.2 डिग्री और मंडला में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.2 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 41.4 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 दिन में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की आमद 15 जून को हो सकती है। मंगलवार को मानसून ने अंडमान द्वीप में दस्तक दे दी। अब यह धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और 15 जून तक प्रदेश के दक्षिणी हिस्से यानी बालाघाट, सिवनी, मंडला, बैतूल, बुरहानपुर आदि जिलों के रास्ते से प्रदेश में आ जाएगा। इसके 10 दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर सकता है। आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज मंगलवा को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, देवास, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकला, अनुपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पांढुर्णा जिलों में हल्की बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफतर से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है. मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी रहेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं। लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। पहले पखवाड़े में तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी रहा। अगले चार दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग ने दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर बढ़ने का अनुमान जताया है। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के … Read more

बीईएमएल भोपाल के पास गौहरगंज में स्थापित करेगी औद्योगिक ईकाई, वन्देभारत और मेट्रो के कोच बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य में औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगारपरक कार्यों को प्रोत्साहन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं से परिचित होगा उद्योग जगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीईएमएल भोपाल के पास गौहरगंज में स्थापित करेगी औद्योगिक ईकाई, वन्देभारत और मेट्रो के कोच बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर के बाद अब नरसिंहपुर में 26 मई को होगा आगामी कृषि उद्योग समागम मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में ये विचार किए व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रत्येक गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और महिलाओं के जीवन की बेहतरी के संकल्प के साथ अग्रसर है। राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगारपरक कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में प्रदेश में निवेश संभावनाओं पर आधारित इंटरैक्टिव सेशन में निवेशकों एवं उद्योगपतियों को प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही वह बेंगलुरु के होटल लीला पैलेस में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग भी करेंगे। गौहरगंज में बनेंगे वन्देभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) परिसर का अवलोकन करने के बाद 2100वें मेट्रो कोच के लोकार्पण समारोह में सहभागिता भी करेंगे। बीईएमएल कंपनी राजधानी भोपाल के पास गौहरगंज में एक यूनिट स्थापित करने जा रही है। यहां वंदेभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच तैयार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरु में राज्य सरकार की ओर से कंपनी को नई मेट्रो कोच निर्माण यूनिट शुरू करने के लिए भूमि आवंटन पत्र भी दिया जाएगा। बीईएमएल के इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड आवंटन कार्य प्रगति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभागीय स्तर पर हुईं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के माध्यम से आए 50 प्रतिशत निवेशकों को औद्योगिक ईकाई स्थापित करने के लिए भूखंड का आवंटित किया जा चुका है। प्रदेश में अनेकों फैक्ट्रियों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। रोजगार के नये-नये द्वार खोलते हुए सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों के मान-सम्मान के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। हम सभी प्रदेशवासी भारतीय सेनाओं के शौर्य से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 26 मई को नरसिंहपुर में अगला कृषि उद्योग समागम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को गति प्रदान करने के लिए अलग-अलग शहरों में कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी कृषि उद्योग समागम 26 मई को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आयोजित होगा। इससे पहले मंदसौर के सीतामऊ में कृषि उद्योग मेले का सफलतापूर्वक आयोजन हो चुका है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज़, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक सुगमता से पहुंचें। इन नई सीटों से भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण तथा दूरस्थ अंचलों में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। जिला अस्पतालों को चिकित्सा शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में सशक्त किया जा रहा है, जिससे न केवल युवा चिकित्सकों को अवसर मिलेगा, बल्कि अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि यह मान्यता राज्य सरकार द्वारा जिला अस्पतालों में बुनियादी ढांचे के सशक्तिकरण, मानव संसाधन की नियुक्ति और प्रशिक्षण की निरंतर प्रक्रिया का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में प्रत्येक जिला चिकित्सालय एक अत्याधुनिक उपचार और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो। स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एनबीईएमएस, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल शिवपुरी में डीजीओ (डिप्लोमा इन गाइनेकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स) की 4 सीटें एवं डीए (डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया) की 2 सीटें, जिला अस्पताल रतलाम में डीओ (डिप्लोमा इन ऑप्थाल्मोलॉजी) की 2 सीटें तथा जिला अस्पताल भोपाल में डीजीओ की 4 नई सीटों को एनबीईएमएस द्वारा मान्यता दी गई है। इस मान्यता के साथ ही प्रदेश में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है।  

अप्रैल में लुढ़क कर 3.16 % पर आई रिटेल महंगाई दर, जानें टूटा कितने सालों का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारत की रिटेल महंगाई (CPI) 2019 के बाद सबसे कम हो गई और इसका कारण सब्जियों की कम कीमतें हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के  जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स-बेस्ड इन्फ्लेशन अप्रैल में घटकर 3.16% रह गई, जो मार्च में 3.34% थी. खुदरा महंगाई लगातार घट रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में रिजर्व बैंक (RBI) मॉनेटरी पॉलिसी में कुछ नरमी बरत सकता है. महंगाई दर पिछले कुछ वक्त से रिजर्व बैंक के 2 से 4% के लक्ष्य के अंदर रह रही है. पिछली पॉलिसी के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए थे कि अगर महंगाई कम होती है तो दरें और घट सकती हैं. RBI ने पिछली बैठक में रेपो रेट को 6% तक घटाया था, जो लगातार दूसरी कटौती थी. ताजा महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए अब एक बार फिर दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. इस साल मार्च में खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 2.69 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई दर के छह साल के निचले स्तर पर आने के बाद आगामी जून माह में आरबीआइ की तरफ से एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। महंगाई में कमी का क्या मिलेगा फायदा? आनंद राठी ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने बताया कि खाद्य वस्तुओं के साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत से नीचे बने रहने का अनुमान है जिससे मौद्रिक नीति कमेटी की आगामी बैठक में आरबीआइ के लिए रेपो रेट में कटौती करने की पूरी गुंजाइश है। महंगाई में कमी से सरकार को विकास नीति में तेजी और कारपोरेट सेक्टर को आय बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। पिछले महीने सब्जी के दाम में पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 11 प्रतिशत, दाल व दलहन में 5.23 प्रतिशत, मसाले में 3.04 प्रतिशत तो मांस व मछली के दाम में 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस साल अप्रैल में पिछले साल अप्रैल की तुलना में सबसे अधिक 17.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी खाद्य तेल व वनस्पति की कीमतों में रही। अप्रैल में फल के खुदरा दाम में 13.80 प्रतिशत, अनाज में 5.35 प्रतिशत, दूध में 2.72 प्रतिशत, चीनी में 4.59 प्रतिशत, गैर अल्कोहल पेय पदार्थ में 4.40 प्रतिशत का इजाफा रहा। तेलंगाना व दिल्ली की महंगाई दर दो प्रतिशत से नीचे अप्रैल में सबसे कम 1.26 प्रतिशत की खुदरा महंगाई दर तेलंगाना में दर्ज की गई। दिल्ली की खुदरा महंगाई दर इस अवधि में 1.77 प्रतिशत रही तो सबसे अधिक महंगाई दर केरल में 5.94 प्रतिशत दर्ज की गई। कर्नाटक में 4.26 प्रतिशत, पंजाब में 4.09 प्रतिशत तो जम्मू-कश्मीर में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत रही। रिटेल महंगाई के आंकड़े     अप्रैल CPI रूरल महंगाई 2.92% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI अर्बन महंगाई 3.36% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI हाउसिंग प्राइस बढ़ी 3% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI क्लोथिंग & फुटवियर प्राइस 2.67% बढ़ी (YoY)     April CPI फ्यूल & लाइटिंग प्राइस 2.92% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड & बेवरेज प्राइस 2.14% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड प्राइस 1.78% बढ़ी (YoY) कहां बढ़ी और घटी महंगाई (YoY)     दालों की महंगाई अप्रैल में 5.35% रही, मार्च में 5.93% थी     मीट और मछली की महंगाई अप्रैल में 0.35% घटी, मार्च में 0.32% बढ़ी थी     दूध, मिल्क प्रोडक्ट्स की महंगाई दर अप्रैल में 2.72% रही, मार्च में 2.56% थी     ईंधन और बिजली की महंगाई दर अप्रैल में 2.92% रही, मार्च में 1.48% थी     कपड़ों की महंगाई 2.67% बढ़ी है     हाउसिंग प्राइस 3% बढ़ी है

देश में संकट आ जाएगा… सिंधु जल समझौते के ठंडे बस्ते में जाने से बिलबिलाया पाकिस्तान, भारत से लगाई गुहार

नई दिल्ली 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया था. इससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. इस फैसले को लेकर पाकिस्तान ने भारत से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील की है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान में गंभीर जलसंकट पैदा कर सकता है. पत्र में भारत से अपील की गई है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे. सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डालने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. पाक की शहबाज सरकार ने भारत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. भावी संकट को देखते हुए भारत से गुहार लगाई है. शहबाज सरकार ने कहा कि इस फैसले से पाकिस्तान में संकट हो जाएगा. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय में सचिव सैय्यद अली मुर्तुजा ने जल शक्ति मंत्रालय में सचिव देवश्री मुखर्जी को पत्र लिखा है. इसमें फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है. पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान इस मसले पर बात करने को तैयार है. सूत्रों के अनुसार नियम के मुताबिक यह पत्र विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है. पाकिस्तान का कहना है कि अगर भारत तीन नदियों के जल पर अपने अधिकार का पूर्ण उपयोग करने लगा, तो पाक‍िस्‍तान के कई राज्‍यों में गंभीर जल संकट पैदा हो जाएगा. इस खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान ने भारत से तुरंत बात करने की अपील की है. लेकिन भारत इस बार नरमी के मूड में नहीं दिखता. पीएम मोदी ने एक द‍िन पहले ही कहा था क‍ि पाक‍िस्‍तान को क‍िसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते- PM मोदी सूत्रों से मुताबिक भारत को पाकिस्तान की गुहार से कोई हमदर्दी नहीं. पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते. भारत अब तीन नदियों के पानी का अपने लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है. इस पर तुरंत काम शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.  भारत ने बना ल‍िया प्‍लान सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार पाकिस्तान की गुहार से प्रभावित नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ किया कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते. यह बयान पाकिस्तान के लिए भारत के कड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है. भारत अब रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के जल पर अपना अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं और गहराती जा रही हैं. क्‍यों बेचैन है पाक‍िस्‍तान सिंधु जल समझौता सस्पेंड होने से पाकिस्तान बेचैन है. क्योंकि उसकी कृषि और वाटर सप्‍लाई का बड़ा हिस्सा भारत से बहने वाली नदियों झेलम, चेनाब और सिंधु पर निर्भर है. भारत अगर इन नदियों के पानी को रोककर अपने इस्तेमाल में लाता है तो पाकिस्तान में सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा. पहले से जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी. भारत की योजना से उसे 3 नदियों के जल पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, जिससे पाकिस्तान की जल-आर्थिक सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराने लगा है. सिंधु जल समझौता पाकिस्तान की लाइफ लाइन दरअसल, पहलगाम हमले के अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था. 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. पाकिस्तान की करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर है. इसके अलावा 90% जमीन में सिंचाई का पानी सिंधु नदी से मिलता है. तनाव के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी पानी भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965, 1971 और 1999 की जंग के बाद भी सिंधु जल समझौते को सस्पेंड नहीं किया था. लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक दिया और झेलम पर किशनगंगा परियोजना से भी पानी के बहाव को कम कर दिया.  

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के सतत विकास के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के सतत विकास के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल इस बात की है कि उपलब्ध बजट का समय पर प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गति तेज करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंत्रालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूंजीगत बजट की योजना अनुसार प्रगति, निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति, उपकरणों की खरीदी और एजेंसीवार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी है कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त बजट का अधिकतम उपयोग कर सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। बैठक में परियोजना संचालक नीरज कुमार सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि पीआईयू, बीडीसी और बी एंड आर सहित सभी कार्यान्वयन एजेंसियों की मासिक आधार पर भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जाए तथा एजेंसियों को समय पर सचेत कर कार्यों को गति प्रदान की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों सहित समस्त चिकित्सकीय संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए। साथ ही उपकरणों की खरीदी में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मंडला, श्योपुर, राजगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों और पीजी व यूजी पाठ्यक्रमों के लिए उपकरणों की खरीदी की भी गहन समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट कहा कि कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा और बजट उपयोग की त्रि-सूत्रीय रणनीति पर कार्य कर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। बैठक में जानकारी दी गई कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा 430 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत की गई है। इसका उपयोग अस्पताल एवं औषधालयों के भवन निर्माण में किया जा रहा है। प्रथम तिमाही में पूंजीगत व्यय सीमा को 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है, ताकि निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाई जा सके। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-अभीम) में 476 करोड़ रुपये और मेडिकल एजुकेशन में सेंट्रली स्पॉन्सर्ड योजनाओं के तहत 365.67 करोड़ रुपये की राशि विभाग के पास उपलब्ध है, जिसके त्वरित उपयोग के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए ताकि केंद्र से आवंटन समय से प्राप्त हो सके। केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपये, पीजी पाठ्यक्रम सुदृढ़ीकरण के लिए 206 करोड़ रुपये, एमबीबीएस सीट वृद्धि के लिए 150 करोड़ रुपये और नवीन नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये की प्रावधानित राशि के उपयोग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडला, श्योपुर, राजगढ़, बुधनी, छतरपुर, दमोह और सिंगरौली में चल रहे अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लागत संशोधन, अनुबंध वृद्धि एवं प्रशासनिक स्वीकृति जैसे प्रकरणों में विभाग शीघ्र निर्णय लेकर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करे। सभी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।  

मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता कर वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हमेशा साथ है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गोटेगांव में हुआ 218 जोड़ों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता कर वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विवाह हमारी संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हमारे समाज और परिवार का आधार है। सामूहिक विवाह सम्मेलन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के प्रतीक हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ हमारी सरकार दोस्त बनकर हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नरसिंहपुर जिले के नई कृषि उपज मंडी प्रांगण, गोटेगांव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आय़ोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 218 जोड़े (216 कन्याओं का विवाह और 02 बेटियों का निकाह) परिणय सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बहन, बेटियों के लिए हमने अपने सालाना बजट में 27 हजार 147 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में ग्रामसभा से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की प्रभावी उपस्थिति है। शासकीय नौकरियों में हमने महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान किया है। प्रदेश में 40 प्रतिशत से अधिक स्टार्ट-अप्स का संचालन महिलाएं कर रही हैं। बीते वर्षों में 5 लाख स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करीब 62 लाख ग्रामीण बहनें आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। यह हमारे लिये गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नवविवाहित जोड़ों को दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं व आशीर्वाद देते हुए कहा कि 16 संस्कारों में सबसे सुंदर संस्कार पाणिग्रहण संस्कार है। विवाह 2 परिवारों का और 2 संस्कारों का भी मिलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य न केवल बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा करना है, बल्कि उनके जीवन की नई शुरुआत को आर्थिक संबल सशक्त आधार देना भी है। उन्होंने वर-वधूओं से अपील की कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को आत्मनिर्भर और सुखमय बनाएं। सम्मेलन को गोटेगांव विधायक महेन्द्र सिंह नागेश ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल, पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, समाजसेवी रामस्नेही पाठक, महंत पीतम पुरी, दादूराम पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिगण, वर-वधू एवं बड़ी संख्या में उनके परिजन एवं नागरिकगण उपस्थित थे। 26 मई को नरसिंहपुर में लगेगा विशाल कृषि मेला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय में नरसिंहपुर में विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। 26 मई को वे स्वयं नरसिंहपुर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कृषि मेले में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे इस त्रि-दिवसीय विशाल कृषि मेले में आकर कृषि की नई तकनीकों और इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी लें और इन्हें अपनाकर अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाएं। 

भारत की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने BSF के अगवा जवान को छोड़ा, DGMO लेवल की बातचीत के बाद रिहाई; 20 दिन बाद अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे

अटारी पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को वापस लौटा दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे. कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार सुबह 10:30 बजे वतन वापस लौटे हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. कैसे पाकिस्तान पहुंच गए थे पूर्णम कुमार? पूर्णम कुमार, गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे. भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे तनाव बढ़ गया. ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई. पत्नी ने जताई थी उम्मीद पूर्णम कुमार की पत्नी राजनी ने उम्मीद जताई थी कि डीजीएमओ की बातचीत में पूर्णम कुमार के मुद्दे को उठाया जाएगा. उन्होंने कहा था, ‘जब भारतीय सेना ने 3 मई को एक पाकिस्तानी रेंजर को राजस्थान में हिरासत में लिया, तब लगा था कि शायद मेरे पति को भी छोड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब DGMO वार्ता से नई उम्मीद जगी है.’ राजनी ने यह भी कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को उन्हें फोन किया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने उनके ससुरालवालों की चिकित्सा सहायता की भी बात कही. बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की पत्नी रजनी अपने पति के पाकिस्तान के हिरासत में लिए जाने की कहानी सुना ही रही थी तब ही इसी बीच उन्हें एक कॉल आती है. रजनी हमारा कॉल ऑन रखते हुए दूसरा कॉल पिक करती हैं, दूसरी तरफ से कुछ आवाज आती है और रजनी ऊंची आवाज में कहती हैं क्या बात कर रहे हैं, सच में? तब ही क्विंट के रिपोर्टर ने पूछा क्या हुआ, सब ठीक है? तब रजनी ये बोलते हुए कॉल कट कर देती हैं कि भैया मैं थोड़े देर में कॉल करती हूं. रजनी के कॉल कट करते ही हमने तुरंत इंटरनेट पर बीएसएफ जवान पूर्णम से जुड़ी जानकारी देखने की कोशिश की. लेकिन हमें पूर्णम के पाकिस्तान में गलती से घुस जाने और परिवार से जुड़ी पुरानी खबरों के अलावा कुछ नया नहीं मिला. दरअसल, 23 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ के एक जवान पूर्णम कुमार शॉ को हिरासत में ले लिया था. साव गलती से पाकिस्तान बॉर्डर में घुस गए थे. करीब 21 दिन बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूरनम कुमार शॉ को मंगलवार लगभग साढ़े 10 बजे पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं शॉ जवान शॉ मूल रूप से पश्चिम बंगाल में हुगली के रिसड़ा गांव के रहने वाले हैं। वह 23 अप्रैल को फिरोजपुर में किसानों के साथ भारत-पाक बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान वह गलती से एक पेड़ के नीचे बैठने के लिए पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। क्या है पूरी कहानी? हिमाचल के कांगड़ा में बीएसएफ के 34 बटालियन में तैनात पूर्णम कुमार की ड्यूटी 16 अप्रैल 2025 को पंजाब के पठानकोट के पास फिरोजपुर में पोस्टिंग हुई थी. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली. इसी बीच कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ 23 अप्रैल 2025 को दोपहर 11:50 बजे, फिरोजपुर सेक्टर के क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया. गर्भवती पत्नी भी फिरोजपुर पहुंची थी 28 अप्रैल को BSF जवान की गर्भवती पत्नी रजनी पश्चिम बंगाल से फिरोजपुर पहुंची थी। यहां उन्होंने BSF के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की। वह 2 दिन फिरोजपुर में रुकी भी रहीं। हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें वापस भेजा गया। क्या है जीरो लाइन और उसका प्रोटोकॉल…     जीरो लाइन बेहद संवेदनशील हिस्सा: जीरो लाइन अंतरराष्ट्रीय सीमा का वह संवेदनशील हिस्सा होता है जहां दो देशों की सीमाएं बेहद पास होती हैं। भारत-पाकिस्तान की जीरो लाइन पर सीमित समय और परिस्थितियों में किसानों को खेती करने की अनुमति दी जाती है। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए भारत की तरफ से BSF के जवान तैनात किए जाते हैं। इन जवानों को ‘किसान गार्ड’ भी कहा जाता है।     क्या कहता है प्रोटोकॉल: आमतौर पर ऐसी घटनाओं में 24 घंटे के भीतर जवानों को लौटा दिया जाता है। हालांकि, मौजूदा मामले में ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में एक अधिकारी ने बताया कि पहले दोनों देशों के बीच अगर कोई जवान बॉर्डर पार कर लेता था तो फ्लैग मीटिंग के बाद उसे लौटा दिया जाता था। यह सामान्य बात थी, लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद बदले हालात में यह घटना असामान्य हो गई है। पहले भी गलती से जवान … Read more

मंत्री विजय शाह मामले में MP हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कहा- 4 घंटे में दर्ज करें FIR, क्या इस्तीफा देंगे शाह

भोपाल  कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की मुश्किल बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर HC के जस्टिस अतुल श्रीधरन और अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कोर्ट ने सरकार को चार घंटे के अंदर (6:00 बजे तक) मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर पीएम मोदी भी नाराज हैं। मंत्री शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में एक विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की है। मंत्री शाह ने बाद में अपने बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन कांग्रेस ने उनकी माफी को स्वीकार नहीं किया और उनके इस्तीफे की मांग जारी रखी है। ‘विजय शाह पर देशद्रोह का मामला दर्ज हो’ बता दें कि मंत्री विजय शाह के बयान से बवाल मचा हुआ है. बुधवार (14 मई) को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल श्यामला हिल्स थाने पहुंचा. कांग्रेस ने उठाई विजय शाह के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस गुरुवार (15 मई) को मध्य प्रदेश के सभी थानों में कल शिकायती आवेदन भी देगी. एक मिनट भी पद रहने का हक नहीं- कांग्रेस मंत्री विजय शाह के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विजय शाह ने सेना का अपमान किया है और उन्हें एक मिनट भी मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं है. उनके बयान से देश के लोग खुश नहीं हैं. हमने श्यामला हिल्स थाने में इसको लेकर आवेदन दिया है साथ ही हमने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी पत्र लिखा है. क्या इस्तीफा देंगे मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान ने मध्य प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है. इस मामले में मंत्री विजय शाह को केन्द्रीय नेतृत्व से फटकार लगी है. इसके बाद उन्होंने मांफी भी मांगी है. इधर, कांग्रेस ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. कांग्रेस के आक्रामक रुख और जनता की नाराजगी को देखते हुए अब बीजेपी बचाव की मुद्रा में है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विजय शाह मंत्री पद से इस्तीफा देंगे. बीजेपी नेता जुटे डैमेज कंट्रोल में वहीं, मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान से हुई पार्टी की किरकिरी के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिशें बीजेपी ने तेज कर दी हैं. विजय शाह को प्रदेश पार्टी मुख्यालय तलब किया गया. सफाई देने मंत्री हवाई चप्पल पहने ही दौड़े-दौड़े पहुंचे. इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने बयान को लेकर माफी मांगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है “मंत्री विजय शाह को समझाइश दी गई है. पार्टी नेतृत्व ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और उन्हें आगाह किया गया है. सोफिया कुरैशी इस देश की बेटी है और उसने जो पराक्रम किया है, उसको पूरा देश सैल्यूट करता है.” कांग्रेस अध्यक्ष खडगे के बयान को लेकर वीडी शर्मा ने कहा “वे क्या कहते हैं वह उनका नजरिया है, लेकिन पार्टी इस पूरे मामले में गंभीर है.” हालांकि विजय शाह के इस्तीफे के सवाल पर पार्टी अध्यक्ष ने कुछ भी नहीं कहा. नेम प्लेट पर कालिख पोतने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ एफआईआर इधर, मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान के विरोध में मंत्री की नेम प्लेट पर कालिख पोतने के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. वहीं, मंत्री पर एफआईआर दर्ज कराने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस नेता थाने भी पहुंचे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अब इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. जीतू पटवारी ने लिखा है “मंत्री का यह बयान न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि भारतीय सेना की गरिमा, देश की एकता और सामाजिक सद्भाव पर भी खुला हमला है. कर्नल सोफिया कुरैशी ने अपनी वीरता और देशभक्ति से देश का मान बढ़ाया है. ऐसे व्यक्तित्व पर हमला उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर प्रहार और भारतीय सेना एवं जन भावनाओं का अपमान है.”

जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, फोन, लैपटॉप के दाम होंगे सस्ते!

नई दिल्ली भारत में अब वो दिन दूर नहीं जब भारतीय फोन और लैपटॉप अपने ही देश में सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने भारत की चिप बनाने की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा दिया है। इसके मद्देनजर आज बुधवार को मोदी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। 3,706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर होगी। बता दें कि जेवर प्लांट में उत्पादित चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी आदि में किया जाएगा। अन्य पांच सेमीकंडक्टर गुजरात और असम में अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि करीब 3706 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इस प्लांट में लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट एचसीएल और फोक्सकाॅन के सहयोग से स्थापित की जाएगी और इसमें डिस्प्ले ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसकी कैपासिटी मंथली 3.6 करोड़ माइक्रो चिप्स की होगी। भारत में तेजी से बढ़ रहा सेमीकंडक्टर उद्योग सरकार ने कहा, “पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। अब 6वीं यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं आ गई हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों से सख्ती से संपर्क कर रही हैं।” भारत में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, चिकित्सा उपकरण, बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।  

महानदी भवन में मुख्यमंत्री साय ने की कैबिनेट की बैठक, लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं। यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को मिलेगा रोजगार – नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। हाइटेक खेती को बढ़ावा – अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा। युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं – राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे। गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा। पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा – बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन – टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा। लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ – अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। दिव्यांगजनों को विशेष लाभ – दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।    

महिला डॉक्टर की मौत के बाद बस मालिक का फर्जीवाड़ा, हादसे के बाद बस को बेचने का फर्जी डाक्यूमेंट बनवा लिया

भोपाल  बाणगंगा चौराहे पर सोमवार करीब 11 बजे हुए बस हादसे के बाद श्रीराम नंदा एजुकेशन एंड वेयलफेयर सोसायटी ने दोपहर तीन बजे पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए जालसाजी की थी। पुलिस ने जांच के बाद इस फर्जीवाड़े को भी राजफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि स्कूल बस हादसे के चार घंटे बाद ही बस बेचने के अनुबंध के दस्तावेज तैयार करवाए गए थे, ताकि हादसे की जिम्मेदारी से बचा जा सके। इसके लिए एक किसान प्रवेश नागर को प्रलोभन देकर तैयार किया गया था। पुलिस ने इसके बाद दोनों आरोपित पर धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ा दी हैं। दस्तावेज खंगाले गए टीटी नगर थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि हादसे के बाद करीब तीन बजे दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और श्रीराम नंदा एजुकेशन एंड वेयलफेयर सोसायटी के सचिव प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया। हादसे के बाद एग्रीमेंट करवाते नजर आए पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रवेश नागर पुलिस को पूछताछ में गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में वह टूट गया। पुलिस को एक स्थान पर सीसीटीवी फुटेज में दोनों हादसे के बाद एग्रीमेंट करवाते नजर आ रहे हैं। बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है। डॉक्टर की मौके पर ही मौत बता दें कि सोमवार को भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर स्कूल की बस ने रेड सिग्नल पर खड़ी आठ गाड़ियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटी सवार बीएएमएस इंटर्न डॉ. आयशा खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वह अपनी शादी की तैयारियों में जुटी थी। शादी की तारीख 14 जून तय थी। उनकी मां जब रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांट रही थीं, तभी उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली। 50 फीट तक घिसटती रही सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि रेड सिग्नल पर खड़ी गाड़ियों को पीछे से तेज रफ्तार आई बस ने टक्कर मारी। स्कूटर पर बैठी आयशा बस के अगले हिस्से में फंस गई और करीब 50 फीट तक घिसटने के बाद आगे वाले पहिए के नीचे आ गई। छह अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर मारने वाली बस का फिटनेस नवंबर 2024 में ही खत्म हो चुका था और बीमा भी नवीनीकृत नहीं था। बस सड़क पर अवैध रूप से दौड़ाई जा रही थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त संदीप सिंह ने भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। फर्जी दस्तावेजों से बचने की कोशिश टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की बस से हुए हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई तो दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान पाया गया कि दुर्घटना के तुरंत बाद, बैकडेट में दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें प्रवेश नागर को क्रेता और प्रदीप पांडे को विक्रेता दर्शाया गया। यह संभावना है कि दस्तावेजों में दी गई तारीख हादसे के बाद ही बनाई गई है। पुलिस ने इसे दस्तावेजी फर्जीवाड़ा मानते हुए दोनों पर IPC की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हादसे के मुख्य आरोपी बस ड्राइवर विशाल बैरागी फिलहाल फरार है। IPS स्कूल का संचालन करती है श्री रामनंदा एजुकेशन सोसाइटी डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि आईपीएस स्कूल का संचालन श्री रामनंदा एजुकेशन सोसाइटी करती है। सोसाइटी में 8 सदस्य हैं। पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में सोसाइटी के सचिव प्रदीप पांडेय सहित प्रवेश नागर की गिरफ्तारी कर ली गई है। ड्राइवर विशाल बैरागी फरार है। उसके पास हैवी लाइसेंस नहीं होने के बावजूद उसे बस चलाने को दी गई थी।

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