LATEST NEWS

मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव प्रशंसनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल नवविवाहित जोड़ों को सफल वैवाहिक जीवन का दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता, एकता और मितव्ययिता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक ही मंडप में कई जोड़ों का विवाह होना सामाजिक चेतना और बदलती सोच का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रजाखेड़ी बजरिया (मकरोनिया) में सम्पन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब सामूहिक विवाह समाज द्वारा प्रसन्नतापूर्वक सहजता से अपनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि हमारे समाज की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। यह बेहद प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक आयोजनों से वर-वधू दोनों ही पक्षों का आर्थिक बोझ कम हो जाता है और इससे सामाजिक एकता को भी बल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीय अपील की कि हम सब इसी प्रगतिशील सोच को अपनाएं और समाज में सद्भाव, सहयोग एवं सादगी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से अब तक लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। यह योजना जरुरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है। उन्होंने वर-वधू से कहा कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें। हमारी सरकार सबके रोजगार और सबके हितों की चिंता कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए श्री हितानंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज के जरुरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह का जिम्मा अब सरकार ने ले लिया है। बेटियों के हित में पूरी सरकार साथ हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में एक मिसाल पेश की है। यहां धन के अभाव के कारण किसी गरीब परिवार को अपनी बेटी के विवाह के लिए क़र्ज़ नहीं लेना पड़ता। यहां सरकार कन्यादान योजना में अपने खर्च पर बेटियों का विवाह कराती है। कार्यक्रम स्थल से उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आज ही सभी जोड़ों के खाते में योजना में कुल 6 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। सम्मेलन के आयोजक नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सबके सहयोग से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस सामूहिक सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया है। कार्यक्रम स्थल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेंद्र जैन, विधायक बीना श्रीमती निर्मला सप्रे, विधायक बंडा श्री वीरेंद्र लंबरदार, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे।  

राजस्व विभाग ने पटवारियों के लिए अलग तबादला नीति की जारी, लोकायुक्त केस वालों का नहीं होगा ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने पटवारियों के अंतर्जिला संविलियन के लिए नई नीति 2025 जारी की है, जिसमें कई नई शर्तें और प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। इस नीति के तहत पटवारी अब अपनी गृह तहसील में पदस्थ नहीं हो सकेंगे और एक बार जिला आवंटित हो जाने के बाद उसमें कोई बदलाव भी संभव नहीं होगा। नीति में यह भी उल्लेख है कि यदि संविलियन आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पटवारी उपस्थिति नहीं देता है, तो आदेश निरस्त माना जा सकता है। संविलियन प्रक्रिया पर विभाग का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। पटवारी को एक बार जिला मिलने के बाद उसे उस जिले में उपस्थिति देनी ही पड़ेगी जिसके लिए उसने अप्लाई किया है। उस जिले में भी खाली पद होने की स्थिति में ही ट्रांसफर किया जाएगा। राजस्व विभाग ने ये साफ कर दिया है कि आरक्षण नियमों के अनुसार ही ट्रांसफर किए जाएंगे। तीन साल बाद तबादलों से हटी रोक आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। उसके बाद अब तक कोई नई नीति नहीं आई है। अब डॉ मोहन सरकार में नई तबादला नीति 2025 लागू होगी। इस ट्रांसफर पॉलिसी को सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयार किया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। पटवारी परीक्षा 2022 के परिणाम 16 फरवरी 2024 से पहले नियुक्त पटवारी ही सामान्य स्थिति में संविलियन के लिए पात्र होंगे। इसके बाद नियुक्त पटवारी केवल विशेष परिस्थितियों जैसे पति/पत्नी का शासकीय पदस्थापन, गंभीर बीमारी या आपसी आधार पर ही आवेदन कर सकेंगे। संविलियन के बाद जिला कलेक्टर द्वारा तहसील में पदस्थापना की जाएगी, लेकिन गृह तहसील में किसी भी पटवारी की पदस्थापना नहीं की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन करना होगा आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उनको आयुक्त भूअभिलेख को  ऑनलाइन देना होगा। ऑफलाइन आवेदन या दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे। आवेदन में विशिष्ट श्रेणी जैसे चयन का वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनारक्षित एवं उपवर्ग ओपन, महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग बताना होगा। संविलियन उन्हीं जिलों में होगा, जहां रिक्त पद उपलब्ध होंगे और आरक्षण नियमों एवं जिला रोस्टर का पालन किया जाएगा। एक बार जिला आवंटित हो जाने पर फिर से जिला परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी और पटवारी को अनिवार्यतः कार्यभार ग्रहण करना होगा। नवीन जिले में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पटवारी की वरिष्ठता उसकी प्रथम नियुक्ति तिथि से मानी जाएगी और विभागीय दायित्व भी वहीं से होंगे। तबादले के लिए ऐसे आवेदन कर सकेंगे पटवारी     तबादले के लिए आवेदन करने वाले पटवारी आयुक्त भू-अभिलेख को ऑनलाइन प्रक्रिया के आवेदन करेंगे।     आवेदन में अपनी विशिष्ट श्रेणी जैसे चयन का वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनारक्षित तथा उपवर्ग ओपन, महिला, भूतपूर्व सैनिक दिव्यांग की स्थिति बतानी होगी।     तबादले के लिए कोई ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे।     जिले के पटवारियों के ऑनलाइन आवेदन में दी गई जानकारी का सत्यापन जिला कलेक्टर द्वारा ऑनलाइन ही किया जाएगा।     आवेदन पत्रों की जांच के बाद संविलियन के लिए पात्र और अपात्र आवेदकों की सूची आयुक्त भू-अभिलेख मप्र ‌द्वारा तैयार की जाकर विभाग को भेजी जाएगी। संविलियन आदेश राज्य शासन के अनुमोदन से आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा जारी किए जाएंगे। संविलयन के लिए इन शर्तों का पालन जरूरी     जिस जिले में संविलयन चाहा गया है, उस जिले में संबंधित वर्ग के रिक्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में ही संविलयन किया जाएगा।     आरक्षण के प्रावधानों एवं जिला आरक्षण रोस्टर के परिपालन में ही संविलयन किया जा सकेगा।     आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर पटवारी को संविलयन किये गये जिले में उपस्थिति देनी होगी।     जिले के अंदर पदस्थापना जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी परंतु किसी भी पटवारी को उसके गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जायेगा।     संविलियन आदेश में किसी भी प्रकार के संशोधन की अनुमति नहीं होगी।     संविलियन पर एक बार जिला आवंटित हो जाने पर पुनः जिला परिवर्तन की पात्रता नहीं होगी।     प्रशासनिक कारणों से किए गए संविलियन में ही पटवारी ‌द्वारा नए जिले में पदभार ग्रहण करने पर उस जिले की संधारित सूची में पटवारी की वरिष्ठता की गणना उसकी संवर्ग में प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाएगी। उधर, डीजीपी ने निरस्त किया रीवा आईजी का आदेश डीजीपी कैलाश मकवाना ने रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत का आदेश निरस्त कर दिया। उन्होंने 1 मई को एसपी रीवा, सीधी, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली को आदेश जारी किया था। कहा था कि चौकी प्रभारियों, सहायक उपनिरीक्षकों के साथ सब इंस्पेक्टरों और निरीक्षकों के कोई भी तबादले बगैर उनके अनुमोदन के नहीं किए जाएंगे। डीजीपी ने इस आदेश को निरस्त करते हुए कहा है कि यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला नीति की कंडिका 8 में तय किए गए प्रावधानों के विरुद्ध है इसलिए आईजी रीवा के निर्देश निरस्त किए जाते हैं।

सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने एयरस्ट्राइक की सराहना की और सरकार के हर निर्णय, सेना की हर कार्रवाई में साथ देने की बात कही

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च कर पाकिस्तान में आतंकियों के नौ ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था. सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक में सभी दलों के नेताओं ने एयरस्ट्राइक की सराहना की और सरकार के हर निर्णय, सेना की हर कार्रवाई में साथ देने की बात कही. ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई इस बैठक में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बैठक में शामिल नहीं होने का मुद्दा उठाया. खड़गे ने बैठक में यह भी कहा कि जो काम कर रहे हैं, करते रहिए. हम आपके साथ हैं. उन्होंने बैठक में राफेल मार गिराने के पाकिस्तानी दावे का भी जिक्र किया, लेकिन किसी ने भी इस विषय पर सरकार से जवाब देने को नहीं कहा. सर्वदलीय बैठक के बाद बाहर आए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमें जो बताया गया, हमने वह सुन लिया. हमने सरकार को समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि हम इस घड़ी में सरकार के साथ खड़े हैं. पीएम को शायद लगता है कि वह संसद से ऊपर हैं. जब वक्त आएगा, तब बात करेंगे लेकिन अभी इस घड़ी में हम किसी की आलोचना नहीं करेंगे. यह समय एकजुटता का- राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि हमने कहा है कि देशहित में सरकार के साथ रहेंगे. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम एकजुट हैं और शुरुआत से ही सरकार के साथ हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हां, कुछ चिंताएं हैं लेकिन ठीक है. यह समय एकजुटता का है. बैठक के बाद राहुल गांधी ने बाहर आकर कहा कि हम सभी ने सरकार को समर्थन दिया है. सभी दलों के नेताओं को बोलने के लिए 4 से 5 मिनट का समय दिया गया. कांग्रेस के साथ ही समाजवादी पार्टी ने भी सर्वदलीय बैठक से प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी का मुद्दा उठाया. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने बठिंडा में फाइटर जेट मार गिराए जाने वाले दावे से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट का मुद्दा उठाया. बैठक की शुरुआत में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में जानकारी दी. हालांकि, रक्षा मंत्री ने इस बैठक में ऑपरेशनल डिटेल नहीं दी. सभी पार्टियों के नेताओं ने सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि हम साथ हैं. बैठक के बाद बाहर आए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे अच्छा बताया. किरेन रिजिजू ने कहा कि यह ऑपरेशन अभी जारी है, इसलिए इस पर अलग से ब्रीफिंग नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत संवेदनशील विषय है और सभी ने पूरी गंभीरता से अपनी बातों को रखा है. किरेन रिजिजू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूरे देश की राजनीतिक पार्टियों के एक लाइन पर बयान आ रहे हैं. यह भी बहुत अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने परिपक्वता दिखाई है. हमारे देश के राजनीतिक दलों ने दिखाया है कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है. किरेन रिजिजू ने यह भी कहा कि जब हम ऐसे विषयों पर बात करते हैं, तब इसमें राजनीति का महत्व नहीं है. उन्होंने सभी विपक्षी पार्टियों को धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि फेक न्यूज से एकता प्रभावित होती है. PAK पर कार्रवाई दुरुस्त, चीन-तुर्की को भी नसीहत… ओवैसी  इस बैठक के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पूरी जानकारी दी.ओवैसी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में मैंने हमारी सेना की तारीफ की. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. मैंने बैठक में कहा कि हमें टीआरएफ के खिलाफ इंटरनेशनल कैंपेन चलाना चाहिए, खासतौर से सिक्योरिटी काउंसिल इसका ऐलान करें. ओवैसी ने कहा कि हमें अमेरिका को बताना है कि वो अपने ही मुल्क में टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित करें.  उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हाफिज सईद के बेटे ने एक स्पीच में कहा था कि हम 2025 में जिहाद करेंगे. ये जिहाद का नाम लेकर भारत में कत्ल करना चाहते हैं. आतंक फैलाना चाहते हैं. हम संयुक्त राष्ट्र से आग्रह करते हैं कि टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित करे. पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में रखा जाए. ओवैसी ने कहा कि हमने ब्रिटेन के साथ ट्रेड डील भी की है. ऐसे में हम उनसे भी कहेंगे कि टीआरएफ को बैन करे. ब्रिटेन का वित्त मंत्रालय पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए. हमारी अमेरिका से ट्रेड डील होने जा रही है तो ऐसे में अमेरिका से भी कहेंगे कि पाकिस्तान को आतंकी सूची में डाले.  

केदारनाथ में ITBP तैनात, पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान भी मुस्तैद, अब उत्‍तराखंड के चारधामों में सुरक्षा बढ़ाई

देहरादून भारतीय सेना के पाकिस्तान व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद अबउत्‍तराखंड के चारधामों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केदारनाथ समेत पड़ाव स्थलों पर आईटीबीपी तैनात है। बदरीनाथ धाम में अब सुरक्षा का जिम्मा आईआरबी संभालेगी। वहीं सीमांत उत्तरकाशी जनपद में पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद हैं। केदारनाथ समेत पड़ाव स्थलों पर आईटीबीपी तैनात रुद्रप्रयाग। पाकिस्तान व भारत के बीच पैदा हुए तनाव के चलते केदारनाथ समेत यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केदारनाथ धाम में आईटीबीपी तैनात है, जबकि यात्रा पड़ावों पर भी आईटीबीपी तैनात की गई है। बुधवार को भारत द्वारा पाकिस्तान के नौ ठिकानों पर किए गए कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केदारनाथ धाम आने व जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही जनपद में भी सभी स्थानों पर आने जाने वालों पर पुलिस नजर रख रही है। केदारनाथ धाम में शीतकाल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था आईटीबीपी के पास थी, उसे अभी भी तैनात किया गया है। रेगुलर पुलिस के साथ ही पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था में लगी है। गौरीकुंड, सोनप्रयाग, सीतपुर, रामपुर, गुप्तकाशी व फाटा समसेत यात्रा पड़ावों पर पुलिस के साथ ही आईटीबीपी तैनात की गई है। केदारनाथ धाम में तीस जवान आईटीबीपी के तैनात हैं, इसके अलावा पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के जवान भी तैनात हैं। सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने भी सख्त निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाए। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। युद्ध जैसे हालात की स्थिति को देखते हुए जागरुकता अभियान तेज कर दिए गए हैं। बताया कि केदारनाथ, सोनप्रयाग, गौरीकुंड के साथ ही अन्य प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक एक प्लाटून आईटीबीपी के जवान तैनात है। केदारनाथ धाम में 30 से अधिक आईटीबीपी जवान तैनात हैं। जबकि पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड सहित पर्याप्त फोर्स मौजूद है। जनपद में पुलिस की सरकारी खुफिया एजेंसी द्वारा हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बदरीनाथ में एटीएस तैनात, चलाया चेकिंग अभियान चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्री बदरीनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं व अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बुधवार को धाम में सघन चेकिंग अभियान चलाया। विशेष रूप से दर्शन के लिए पहुंचे सभी श्रद्धालुओं की गहनता से तलाशी व उनके सामान, बैग की जांच की गई। इस दौरान पुलिस श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध करती रही कि वह अपने साथ मंदिर परिसर के भीतर बैग या बड़ा सामान लेकर न आएं। धाम की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आतंकवादी निरोध दस्ता (एटीएस) को भी तैनात किया गया है। पूरे बदरीनाथ धाम की सुरक्षा का जिम्मा अब एटीएस के कंधों पर है। बदरीनाथ धाम में अब सुरक्षा का जिम्मा आईआरबी को गोपेश्वर: श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने के साथ ही, यहां की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शीतकाल के दौरान धाम की सुरक्षा का दायित्व संभालने वाली भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने अब इंडियन रिजर्व बटालियन को यह जिम्मेदारी सौंप दी है। अब बदरीनाथ धाम की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईआरबी संभालेगी। गौरतलब है कि हर साल शीतकाल में जब श्री बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं, तब विषम परिस्थितियों और भारी बर्फबारी के बीच धाम की सुरक्षा का जिम्मा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को ही सौंपा जाता है। आईटीबीपी के जवान इस दौरान दुर्गम परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इस वर्ष कपाट खुलने के बाद धाम की आगे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आज यह जिम्मा आईआरबी द्वारा संभाल लिया गया है। सुरक्षा हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत आईटीबीपी की सीमाद्वार यूनिट से आए जवानों ने औपचारिक रूप से आईआरबी को चार्ज सौंपा दिया है। सीमांत उत्तरकाशी में पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भी पुलिस व पैरामिलेट्री के जवान मुस्तैद हैं। यहां चारधाम यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के साथ यात्रा रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बता दें कि मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे बाद भारत ने पाकिस्तान व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की संभावना जतायी गयी है।

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मुरिदके शहर स्थित लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर नेस्तनाबूद

 मुरिदके भारतीय सैन्यबलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात पाक के कब्जे वाले कश्मीर समेत पाकिस्तान स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया. सेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद को निशाना बनाया ही, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके को भी सैन्य एक्शन की जद में लिया. सेना ने मुरीदके के मरकज तैयबा कैंप को नेस्तनाबूद कर दिया. यह वही मरकज है, जहां 26/11 के गुनहगार अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली की ट्रेनिंग हुई थी. भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान से कई वीडियो सामने आए, जो तबाही के निशान समेटे हुए थे. पाकिस्तान के मुरीदके से अब एक नया वीडियो सामने आया है. ताजा वीडियो लश्कर के मुख्यालय मरकज तैयबा का बताया जा रहा है. करीब 82 एकड़ जमीन में फैले इस परिसर के वीडियो में रेस्क्यू की गाड़ियां, एम्बुलेंस खड़ी नजर आ रही हैं. हाफिफ सईद के टेरर कैंप की ध्वस्त इमारतों का बिखरा मलबा भारतीय हमले में हुई तबाही का मंजर बयान कर रहे हैं. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इमारतों की छतें फर्श में तब्दील हो गई हैं. इमारत के अंदर भी दीवारों ने जो बोझ उठा भी रखा है, उसमें भी बस सरिया ही नजर आ रहा है. इमारतों की दीवारों पर लकड़ियों के फ्रेम तो हैं, लेकिन वह भी ऐसे नहीं जो अंदर देखने से रोक पाएं. इमारतों में रखे फर्नीचर तक तबाह हो गए हैं. लश्कर के आतंकी जिस मरकज परिसर में पहुंचकर ट्रेनिंग लेते थे, भारत में आतंकी गतिविधियों के दौरान दिशानिर्देश लेते थे, आका का फरमान पाते थे, उस परिसर में हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा नजर आ रहा है. ताजा तस्वीर यह है कि जिसे पाकिस्तान में आतंकियों की सबसे बड़ी नर्सरी कहा जाता था, वहां बस तबाही ही तबाही नजर आ रही है. ध्वस्त इमारतों के इर्द-गिर्द पाकिस्तान की ओर से लगाया गया सील का लेबल तबाही की कहानी खुद ही बयान कर रहा है. गौरतलब है कि इस मरकज की स्थापना 25 साल पहले हुई थी. तल्‍हा सईद मारा गया या नहीं? यह हमला पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हुआ, जहां से तल्‍हा सईद ऑपरेशन चल रहा था. हमले में कैंप की दीवारें खून से सन गईं. चारों ओर लाशें ही लाशें बिखरी नजर आईं. सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में तल्‍हा सईद के पांच टॉप कमांडर मारे गए हैं, कहा जा रहा है क‍ि इसमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान भी शामिल था. कैंप में रखे गए सारे हथियार और गोला बारूद जमींदोज हो गए हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ताल्हा सईद स्ट्राइक के वक्त वहां पर मौजूद था या नहीं. तल्हा सईद कैसे चला रहा था कैंप? तल्हा सईद लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर है और संगठन की वित्तीय गतिविधियों को संभालता है. 2023 में हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद तल्हा ने मुजफ्फराबाद कैंप की कमान संभाली थी. कैंप में 18-25 साल के युवाओं को भर्ती कर उन्हें हथियार चलाने, बम बनाने और गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती थी. पहलगाम हमले के लिए आतंकियों को इसी कैंप में प्रशिक्षित किया गया था. तल्हा ने सऊदी अरब और खाड़ी देशों से फंडिंग जुटाई, जिसका इस्तेमाल हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया. उसने जिहाद के नाम पर ऑनलाइन डोनेशन कैंपेन भी चलाए.  

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126 वीं बैठक की अध्यक्षता कर परियोजनाओं को दी मंजूरी

तय समय पर पूरी हों सभी वृहद परियोजनाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव दो वृहद परियोजनाओं को मिली मंजूरी बी.पी.सी.एल. पेट्रोकेमिकल परियोजना के लिए महुता घाट के डाउनस्ट्रीम में बनेगा बैराज: मुख्यमंत्री डॉ यादव गोठड़ा से शनि मंदिर तक कान्ह नदी के दोनों तटों पर बनेंगे घाट एवं क्षिप्रा नदी के बाएं एवं दाएं तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक होगा घाटों का निर्माण मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126 वीं बैठक की अध्यक्षता कर परियोजनाओं को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य की सभी विकास परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति में गति लायी जाए और हर स्तर पर नियोजन की स्पष्टता हो। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि परियोजनाओं की सफलता का मूल मंत्र समर्पण, पारदर्शिता और समय प्रबंधन है। उन्होंने कहा कि अधूरी अथवा लंबित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य में तेजी लायी जाए, जिससे जनहित में समय रहते लाभ पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 126 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश में चल रही विभिन्न वृहद परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को समुचित दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के हर पहलू को प्राथमिकता दे रही है। सरकार के प्रयासों का जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिले, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इन 2 वृहद परियोजनाओं को मिली मंजूरी इसके तहत वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 वृहद परियोजनाओं को मंजूरी दी। टर्न की पद्धति पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) पेट्रोकेमिकल परियाजना के लिए महुता घाट के डाउनस्ट्रीम में बैराज एवं संबंधित कार्यों का निर्माण कराया जाएगा। विदिशा एवं सागर जिले में इस परियोजना के तहत 42.94 मिलियन घन मीटर जल संग्रहण क्षमता वाला बांध निर्माण किया जाएगा। कुल 229.78 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली इस वृहद परियोजना में 6.6 कि.मी. लम्बाई की पाइप लाइन बिछाने का काम, पम्प हाउस एवं इंटेकवेल के निर्माण सहित 1.25 मेगावाट के पम्प हाउस का निर्माण कार्य भी कराया जाएगा। यह सम्पूर्ण कार्य अगले 33 माह में पूरा किया जाएगा। उज्जैन जिले के गोठड़ा से शनि मंदिर तक कान्ह नदी के दोनों ओर तटों पर घाटों का निर्माण (कुल लम्बाई लगभग 29.21 किमी) एवं क्षिप्रा नदी के बाएं एवं दाएं तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक घाट निर्माण कार्य एवं कान्ह नदी पर पंथ पिपलई, जमालपुरा, गोठड़ा स्टॉप डेम, पिपलिया राधौ बैराज नम, रामवासा बैराज नं. 2 का स्टॉप डेम का निर्माण कार्य एवं क्षिप्रा नदी पर किथोदाराव बैराज का निर्माण कार्य एवं उन्डासा और जस्ताखेड़ी तालाब का मरम्मत कार्य तथा दुर्गादास की छतरी के पास सीसी रोड का निर्माण कार्य किया जाएगा। कुल 593.62 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली यह वृहद परियोजना अगले 30 माह में पूरी की जाएगी।  

मप्र सड़क विकास निगम की 46वीं संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

सड़क निर्माण में गुणवत्ता और दीर्घकालिक जरूरतों पर दें विशेष ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए मप्र सड़क विकास निगम की 46वीं संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए और उसमें दीर्घकालिक जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाएं। उन्होंने कहा कि सड़कें प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ हैं। उनका निर्माण टिकाऊ, सुरक्षित और आधुनिक मानकों के अनुरूप हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता सुनिश्चित की जाएं। साथ ही सड़क परियोजनाओं के निर्माण में तय समय-सीमा का पालन किया जाए, ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर आवागमन सुविधाएं मिल सकें। बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई एवं आगामी कार्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क निर्माण में नवीन तकनीकों को अपनाया जाए और पर्यावरणीय मानकों का पालन कर पारिस्थितिकीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री एवं मप्र सड़क विकास निगम के उपाध्यक्ष राकेश सिंह, मुख्य सचिव एवं मप्र सड़क विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खनिज साधन उमाकांत उमराव, प्रबंध संचालक मप्र सड़क विकास निगम भरत यादव, निगम में स्वतंत्र संचालक एवं संचालक मंडल के विशेष सदस्य वेंकटेश बालासुब्रमण्यम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक यादव ने बताया कि निगम द्वारा गत वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1586 करोड रुपए की लागत से 1127 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया। इसी दौरान सड़क विकास के पूंजीगत कार्यों पर 2761.47 करोड रुपए एवं संधारण व मरम्मत कार्यों पर 280.79 करोड रुपए इस प्रकार कुल 3042.29 करोड रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जारी वित्त वर्ष के लिए 1425 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य लिया गया है। इस पर 3134 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा चिन्हित मार्गो के पुनर्निर्माण, संधारण, डामरीकृत नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण, रेगुलर कॉन्ट्रैक्ट एवं उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए निविदा आमंत्रित की गयीं। निविदा समिति के अनुमोदन उपरांत 35 प्रकार के सड़क निर्माण कार्यों के लिए 3443.72 करोड रुपए की निविदाएं स्वीकृत कर न्यूनतम दर वाले निविदाकारों को निविदा स्वीकृति पत्र जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 46 में नवीन प्रस्तावित एकरेखण (एलाईनमेंट) के लिए कार्यवाही की जा रही है। इससे भोपाल-जबलपुर मार्ग की दूरी कम हो जाएगी।  

CSK ने दर्ज की सीरीज की तीसरी जीत, केकेआर को दो विकेट से हराया; ब्रेविस और शिवम चमके

कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के 57वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 2 विकेट से हराया. इस हार के बाद केकेआर की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद भी लगभग टूट गई है. इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को जीत के लिए 180 रनों का टारगेट दिया था.जिसे चेन्नई ने 20वें ओवर में 2 विकेट रहते चेज कर लिया. प्लेऑफ की दौड़ से पहले ही तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं और 7 मई की रात की हार के बाद केकेआर के भी उनमें शामिल होने की पूरी संभावना है. नूर ने झटके चार विकेट, ब्रेव‍िश ने खेली ताबड़तोड़ पारी कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए छह विकेट पर 179 रन बनाए. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सबसे ज्यादा 48 रन बनाए. रहाणे ने 33 गेंदों की पारी में 4 चौके और दो छक्के लगाए. वहीं आंद्रे रसेल ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 21 बॉल पर 38 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. वहीं अनुभवी बल्लेबाज मनीष पांडे ने नाबाद 36 और सलामी बल्लेबाज सुनील नरेन ने 26 रनों का योगदान दिया. चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से स्पिनर नूर अहमद ने सबसे ज्यादा चार विकेट झटके. जबकि तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और स्पिनर रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता हासिल हुई. इसके जवाब में उतरी सीएसके ने उर्विल पटेल (11 गेंद 31 रन), डेवाल्ड ब्रेविश (25 गेंद 52 रन ) और श‍िवम दुबे (45 रन 40 गेंद) की पारी के दम पर इसे चेज कर लिया. धोनी 17 रन पर नाबाद लौटे. इस मुकाबले के प्लेयर ऑफ द मैच नूर अहमद रहे. नूर ने 4 विकेट झटके थे.  नूर अहमद ने खुद को नहीं बल्कि इस खिलाड़ी को बताया मैन ऑफ द मैच कोलकाता के खिलाफ ईडन गार्डन में खेले गए मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने 2 विकेट से जीत दर्ज की। इसी के साथ उन्होंने आईपीएल में 23 दिनों बाद कोई मुकाबला अपने नाम किया। चेन्नई के लिए इस मैच में हीरो स्टार स्पिनर नूर अहमद रहे, जिन्होंने कोलकाता के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी गेंदबाजी का ही कमाल था कि कोलकाता नाइट राइडर्स 20 ओवर में 179 रन ही बना सकी और अंत में चेन्नई ने इसे 8 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। चेन्नई के लिए इस सीजन ये तीसरी जीत है। तो वहीं कोलकाता इस हार के साथ प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। नूर ने इस मुकाबले में अपने फिरकी का जादू बिखेरा और उन्होंने 4 विकेट अपने नाम किए। इसी के साथ अहमद पर्पल कैप की रेस में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उसके बाद इस स्टार गेंदबाज ने पर्पल केक को लेकर पड़ा बयान दिया है। KKR vs CSK: मैन ऑफ द मैच बनने के बाद नूर अहमद ने दिया बड़ा बयान पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में बात करते हुए अहमद ने कहा, “हमारे लिए ये एक बहुत ही शानदार जीत है। हम एक टीम के रूप में मुकाबला जीते हैं और इस वजह से बहुत खुश हूं। डेवाल्ड ब्रेविस ने बहुत ही बेहतरीन खेल और जिस तरह से हमने अंत में मैच को फिनिश किया वो बहुत ही शानदार था। मेरा ध्यान पर्पल कैप पर था लेकिन टीम के लिए अच्छा करना चाहता था और ये चीज मेरे काम आई। अंगकृष रघुवंशी की विकेट आज की सबसे पसंदीदा विकेट है।”

संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना

नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है, प्रदेश में सफलतापूर्वक हुआ मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का पूर्वाभ्यास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ ने प्रदेश के 5 नगरों में मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट की जानकारी कलेक्टर्स से की प्राप्त संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर और कटनी में केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन में निर्धारित समय पर किए गए ब्लैक आउट और मॉक ड्रिल गतिविधियों की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर्स के नेतृत्व में किए गए कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक प्रबंधन की तैयारी के लिए यह मॉक ड्रिल की गई। नागरिक सुरक्षा की प्राथमिकता और संकटकालीन परिस्थिति की चुनौती को देखते हुए इस तरह की मॉक ड्रिल के माध्यम से न सिर्फ आपदा प्रबंधन के अमले बल्कि नागरिकों को भी सजग और सतर्क करने के प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम पुलिस मुख्यालय पहुंच कर सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आपातकालीन स्थिति के लिए की गई मॉक ड्रिल की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि सभी जिलों में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आज संपन्न मॉक ड्रिल और उसकी पूर्व की तैयारियों का विस्तृत विवरण दिया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे एन कंसोटिया, एडीजीपी ए. साई मनोहर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलेवार जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर्स ने बताया कि नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरी उपाय अपनाने के लिए जिलों के शिक्षित और सजग किया गया है। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि निर्धारित समय पर समूचे शहर में प्रकाश व्यवस्था बंद करने की कार्रवाई की गई। ड्रोन द्वारा शूटिंग भी करवाई गई है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि एक पुरानी बिल्डिंग से लोगों को बचाने की रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। ब्लैक आउट की कार्यवाही भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इंदौर कलेक्टर ने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज के नजदीक एक भवन में अग्निकांड से बचाव की मॉकड्रिल की गई। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया। ब्लैक आउट की कार्रवाई भी की गई। ग्वालियर कलेक्टर ने भी ब्लैक आउट और अन्य बचाव गतिविधियों के अभ्यास की जानकारी दी। कटनी कलेक्टर ने बताया कि निर्धारित 12 मिनट अवधि के लिए ब्लैक आउट किया गया। इसके अलावा रेस्क्यू कार्य का अभ्यास भी किया गया।  

CM साय ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगलों में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए है. तेलंगाना की सीमा से लगे जंगली इलाकों में सुरक्षा बल ऑपरेशन संकल्प के तहत नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. इसी दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगल में बुधवार की सुबह मुठभेड़ शुरू हुई. अब तक 22 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. इलाके में तलाशी अभियान जारी है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही 21 अप्रैल से ऑपरेशन संकल्प के तहत मारे गए नक्सलियों की संख्या 26 हो गई है. ऑपरेशन संकल्प, बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा कमांडो सहित करीब 24 हजार सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. माओवादियों के सबसे मजबूत संगठन बटालियन नंबर 1, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में इनपुट के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया था. 24 अप्रैल को माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर 1 से जुड़ी 3 नक्सली महिलाओं को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर मार गिराया गया था. उन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था. वहां से हथियारों, विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ था. 5 मई को भी मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादी बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है. उन्होंने कहा, “सूचनाओं से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के दौरान कई वरिष्ठ स्तर के माओवादी कैडर मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनके साथी उन्हें जंगल के अंदर खींचने में कामयाब रहे.” इस ऑपरेशन के दौरान तक सैकड़ों नक्सली ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं. कोबरा यूनिट के एक अधिकारी समेत कम से कम छह सुरक्षाकर्मी प्रेशर आईईडी विस्फोटों की अलग-अलग घटनाओं में घायल हुए हैं. सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं. उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 168 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 151 बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं. 31 मई नक्सलियों को खत्म करने की डेडलाइन है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नक्सलवाद का खात्मा जरूरी है. उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की थी. बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान 21 अप्रैल को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु (तेलंगाना) जिलों से लगी अंतर-राज्यीय सीमा के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा पहाड़ियों के दुर्गम भूभाग और घने जंगलों में शुरू किया गया. यह अभियान अपने चरम अवस्था पर है.  नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भविष्यवाणी की कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र अगले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ के मुकुट का मणि होगा और यह पर्यटन केंद्र तथा प्रदेश का सबसे विकसित क्षेत्र बन जाएगा. उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ चल रही मुहिम रंग ला रही है और विश्वास जताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई समयसीमा मार्च 2026 तक इस समस्या का खत्म कर दिया जाएगा. बस्तर पूर्व में एक अलग जिला था लेकिन अब यह दक्षिणी छत्तीसगढ़ के सात जिलों का एक संभाग है, जिसकी सीमाएं तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से लगी हैं. साय ने कहा कि सभी राज्यों के सुरक्षा बलों ने मिलकर संयुक्त कार्य बल बनाया है जो नक्सलियों पर लगाम कसने के लिए मिलकर काम कर रहा है. यहां ध्यान केंद्रीत करेगी सरकार साय 16 महीने पुरानी सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों पर कठोरता और मुख्यधारा में आने वालों को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ सरकार नक्सलवाद का सफाया करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल के सफाए के बाद सरकार लघु वनोपज प्रसंस्करण उद्योगों, पशुपालन और पर्यटन के विकास के माध्यम से संसाधन संपन्न क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी. बस्तर एक हरा-भरा वन क्षेत्र है, जो चित्रकोट जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है, जिसे देश का सबसे सुंदर और चौड़ा जलप्रपात कहा जाता है. इसे अक्सर एशिया का नियाग्रा कहा जाता है. मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि बस्तर के अधिकांश हिस्से नक्सलियों से मुक्त हैं, नक्सली केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रित हैं, लेकिन इसकी वजह से पूरे राज्य की छवि खराब है. साय ने हालांकि, स्पष्ट किया कि बस्तर क्षेत्र में कोई जबरन औद्योगिकीकरण नहीं किया जाएगा और यह कार्य स्थानीय लोगों से परामर्श करने और उन्हें विश्वास में लेने के बाद किया जाएगा. नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर धब्बा उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर एक धब्बा है और एक बार यह मिट जाए तो राज्य की सुंदरता उभर कर सामने आएगी. यह राज्य जंगलों, झरनों, गुफाओं तथा खनिज संसाधनों के मामले में समृद्ध है. यहां लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला, टिन, सोना और लिथियम के भंडार हैं.” छत्तीसगढ़ में अपने 15 साल के लंबे शासन (2003 से 2018 तक रमन सिंह के नेतृत्व में) के दौरान, तत्कालीन भाजपा सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी, एक ऐसी लड़ाई जो केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ साय सरकार में तेज हो गई है. गृह मंत्री शाह ने मार्च 2026 तक नक्सवाद को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है. ‘बस्तर में होगी शांति…’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता साय ने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि गृहमंत्री का संकल्प पूरा होगा और बस्तर में शांति कायम होगी.” साय चार बार सांसद रह चुके हैं और 2014 से 2019 तक पहली मोदी सरकार में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई थी. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद … Read more

अभी 100 KM तक घुसे , 300 KM तक जाना बाकी , हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे

नईदिल्ली भारतीय सेना की ओर से पाकिस्‍तान और पीओके में की गई कार्रवाई को लेकर जम्मू में स्‍वागत किया जा रहा है. जम्‍मू-कश्‍मीर में स्‍थानीय लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. इस दौरान स्‍थानीय लोगो में काफी ज्यादा उत्साह दिखाई दिया. स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा था, वह कर दिखाया. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. उत्साहित लोग बोले, “हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फैलाएंगे.” पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा, भारत ने जताई खुशी स्थानीय लोगों ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल को बधाई देते हैं. पूरे देश की मांग थी कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाने का काम किया जाए. मंगलवार की रात लोग सोए रहे और भारत पाकिस्तान में तबाही मचाता रहा. सुबह पता चला कि आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है. इस दौरान सैन्य कार्रवाई में आतंकियों के नौ ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए. अबकी पार 300 पार स्थानीय लोगों ने कहा कि आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा हुआ है. पाकिस्तान को धराशायी करने का काम भारतीय सेना ने किया. वहीं, पुंछ के अंदर हमारी थल सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे. अब विश्व के नक्शे में पाकिस्तान नहीं होगा. पाकिस्तान देता रहा गीदड़ भभकी, भारत ने मचा दिया कोहराम पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों का जवाब भारतीय सेना ने दे दिया है. गौरतलब है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है. पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने कायराना हमला कर 26 लोगों की गोलीमार कर हत्या कर दी थी. अभी भारत मौजूदा रुख? ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने ‘सटीक, संयमित और गैर-उत्तेजक’ बताया है, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से और हमले की साजिश थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा. हमले के तुरंत बाद भारत ने G20, UN, और अमेरिका जैसे देशों को हमले की जानकारी दी, जिससे वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश की गई है. अब भारत का संभावित आगे का कदम क्या हो सकता है? हाई अलर्ट पर सेना ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान लगातार LoC पर गोलाबारी कर रहा है, जिसमें मासूम नागरिकों की जान जाने की खबर है. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया है. उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और पंजाब में हाई अलर्ट है. भारतीय वायुसेना 7-8 मई को बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास कर रही है, जिसमें राफेल, सुखोई-30, और जगुआर विमान शामिल हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को बंकरों में भेजने का आदेश दिया है. कूटनीतिक दबाव भारत ने UN, अमेरिका, UAE, और सऊदी अरब को सबूतों के साथ बताया कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से बात की. भारत अब UNSC में पाकिस्तान को घेरने की कोशिश करेगा, जैसा कि 2019 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाकर किया था. आतंकी नेताओं पर नकेल: ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने नष्ट हुए है. सूत्रों के मुताबिक, यह पहला चरण था, और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के आधार पर और कार्रवाइयां हो सकती हैं. मसूद अजहर और लश्कर नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश जारी रह सकती है. अगला टारगेट इन्हीं लोगों को बनाया जा सकता है. देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना भारत ने 1971 के बाद पहला मॉक ड्रिल आज करवा रहा है, जो देश के कई राज्यों में है. अब सरकार देशा में किसी अनहोनी से बचने की पूरी कोशिश करेगी. अब पाकिस्तान के रवैया भी आगे तय करेगा भारत ने हमला करके पाकिस्तान को उसकी औकात बता दी है. अब पाकिस्तान को देखना है कि वह आतंकियों के ठिकाने जो नष्ट हुए उस पर क्या जवाब भारत को देगा. यह अलग बात है जैसे ही पाकिस्तान को इस हमले की सूचना मिली वह बौखला गया. सीमा पर गोली बारी करने लगा. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ने जवाबी कार्रवाई की धमकी भी दी, लेकिन साथ में यह भी कहा कि अगर इस तनाव पर भारत अब अपना कदम पीछे खींच लेता है तो वह अब कोई जवाब नहीं देने वाला. लेकिन पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या करेगा, उस पर भी भारत का जवाब तय होगा.

ग्वालियर-चंबल अंचल में बढ़ रहा अग्निवीर बनने का जुनून, जून में होने वाली है लिखित परीक्षा

ग्वालियर  भारतीय सेना में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने वाले युवाओं का जुनून बढ़ता जा रहा है। इस बार 33 प्रतिशत अभ्यर्थी बढ़े हैं। सेना भर्ती से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़े बेशक ग्वालियर- चंबल अंचल के 10 जिलों के हैं, लेकिन कमोवेश देश के अन्य भर्ती कार्यालयों की भी यही स्थिति है। इस बार लिखित परीक्षा में पिछली भर्ती के मुकाबले अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे।भर्ती के लिए लिखित परीक्षा जून माह में आयोजित कराई जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सिलेबस वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। 32 हजार से ऊपर पहुंची संख्या अग्निवीर बनने का जुनून ग्वालियर-चंबल अंचल में अभूतपूर्व है, जहां अग्निपथ योजना लागू होने के बाद सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। इस बार लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ गई है। 2023 में लिखित परीक्षा में 21 हजार 646 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि यह संख्या इस बार 32 हजार 708 तक पहुंच गई है। लिखित परीक्षा जून महीने में प्रस्तावित तीन साल में सबसे ज्यादा आवेदन इस बार हुए हैं। लगातार अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। मध्य प्रदेश के 10 जिलों ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, श्योपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़ के अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा जून माह में प्रस्तावित है। अब सेना के अधिकारी लिखित परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। आंकड़ों की बात करें तो 10 जिलों में पहले स्थान पर मुरैना, दूसरे स्थान पर भिंड और तीसरे स्थान पर ग्वालियर है। सबसे ज्यादा अभ्यर्थी इन्हीं तीन जिलों से हैं। लगातार बढ़ रही अभ्यर्थियों की संख्या     अग्निवीर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा जून माह में होगी। इस बार अभ्यर्थियों की संख्या 33 प्रतिशत तक बढ़ गई है। तीन साल में इस साल सबसे ज्यादा आवेदन किए गए हैं। लगातार अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ रही है और चयन प्रतिशत भी बढ़ रहा है। अभ्यर्थियों के लिए सिलेबस वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी माक टेस्ट भी कर सकते हैं। – कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर।  

Moody’s ने 2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान में किया फेरबदल, जानें कितनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा

नई दिल्ली ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कही ये बात मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, “वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।” रेटिंग एजेंसी ने पहले 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का लगाया था अनुमान रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की जताई संभावना व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना इसमें कहा गया है, “निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।” मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा मूडीज ने कहा, “उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।” आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को करेगा बाधित आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में कहा, “सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है।

एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम, 10 नई परियोजनाओं पर विचार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पनबिजली परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की तैयारी में है। पहलगाम हमले को देखते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को फिलहाल स्थगित किया गया है। इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है। पिछले हफ्ते हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को समय सीमा कम करने के लिए कहा गया है। सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। लगभग 10 नई परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है। पांच को मंजूरी मिल चुकी है। 240 मेगावाट की उरी-1 स्टेज-II पनबिजली परियोजना के लिए टेंडर इस हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने की तैयारी ET की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार उन पनबिजली परियोजनाओं के काम में तेजी लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी विचार कर रही है जो अभी शुरू नहीं हुई हैं। सरकार चाहती है कि ये परियोजनाएं आर्थिक रूप से फायदेमंद हों और इनकी कीमतें भी प्रतिस्पर्धी हों। अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के समय में 3-4 महीने कम किए जाएंगे। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) और अन्य एजेंसियां मिलकर उन पनबिजली परियोजनाओं की सूची बना रही हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जा सकता है। उरी-1 स्टेज II झेलम नदी पर बन रही मौजूदा परियोजना का विस्तार है। इसका उद्देश्य किशनगंगा नदी से आने वाले पानी का इस्तेमाल करना है। इस परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय से दो महीने पहले मंजूरी मिल गई थी। अब इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। किन प्रोजेक्ट को मिल चुकी CEA से मंजूरी CEA से मंजूरी पाने वाली अन्य परियोजनाएं हैं: सिंध नाला पर न्यू गांदरबल परियोजना, चिनाब नदी पर किश्तवाड़ में किर्थई-II, रामबन और उधमपुर जिलों में सावलकोट। अधिकारियों का कहना है कि उरी-1, स्टेज II के साथ ये चारों परियोजनाएं मिलकर 3,100 मेगावाट बिजली पैदा करेंगी। हालांकि, इन परियोजनाओं को अभी केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कई तरह की मंजूरी लेनी बाकी है। इसलिए, सभी मंत्रालयों और जम्मू-कश्मीर के विभागों को इन मंजूरियों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। 10 नई परियोजनाओं पर विचार बैठक में परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता पर भी विचार किया गया। मुश्किल इलाके और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कुछ परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। सरकार नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन और जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसी एजेंसियों को धन देने, आसान ऋण देने, जल कर माफ करने और निर्माण के दौरान मुफ्त बिजली देने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। CEA को नई परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी कहा गया है। CEA की शॉर्टलिस्ट में लगभग 10 ऐसी परियोजनाएं हैं। इनमें डोडा में बिचलारी और बारिनियम/शौस, अनंतनाग में चंदनवारी लारीपुरा, किश्तवाड़ में लोअर कलनई और वार्डवान बर्सर, रियासी में अंस-1, गांदरबल में गंगबल और बांदीपोरा में किशनगंगा-II शामिल हैं। इनसे लगभग 1,000 मेगावाट बिजली पैदा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर,लद्दाख में बिजली आपूर्ति बढ़ाने पर जोर केंद्र सरकार ने एजेंसियों से चिनाब नदी से रावी नदी में पानी मोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए भी कहा है। इसके लिए एक स्टडी शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि पाकल दुल, किरू, परनई और क्वार परियोजनाओं में 3-4 महीने की कमी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली की आपूर्ति बढ़ाई जाए। एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम कई एक्सपर्ट पहले बता चुके हैं कि सिंधु जल समझौता अगर पूरी तरह से रद्द हो जाता है और भारत इसके पानी को अपनी जरूरतों के इस्तेमाल करने के लिए जमा रखने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लेता है, तो केंद्र शासित प्रदेश में बिजली की कमी तो नहीं ही रहेगी, देश के कई राज्यों में पानी की कोई कमी नहीं रह जाएगी। दरअसल भारत, सिंधु जल संधि पर जितनी जल्दी पाकिस्तान की नकेल कसने में कामयाब होता दिख रहा है, वह इसलिए संभव हो रहा है, क्योंकि इसकी तैयारी वर्षों से चल रही है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- भारतवर्ष के गौरवशाली अतीत से परिचय तथा प्रेरणा वर्तमान की अनिवार्य आवश्यकता है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष के गौरवशाली अतीत से परिचय तथा प्रेरणा वर्तमान की अनिवार्य आवश्यकता है। इसीलिये उद्देश्य से ही राज्य सरकार उज्जैन में वीर भारत संग्रहालय विकसित कर रही है। भारत भूमि सदियों की संस्कृति और सर्वश्रेष्ठ ज्ञान को समेटे है। देश और उसकी संस्कृति पर हुए अनेक आक्रमणों के बाद भी वीर सपूतों ने अपने शौर्य और बलिदान से संस्कृति और संस्कारों की रक्षा करते हुए भारतीय जीवन मूल्यों को संजोए रखा है। वीर भारत संग्रहालय में भारत के सभी कालखंडों के तेजस्वी व्यक्तित्व और घटनाओं को रेखांकित किया जाएगा। देश के शूरवीरों, विचारकों, दार्शनिकों, ऋषियों, लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के योगदान का भी यहां उल्लेख होगा। भारत उत्कर्ष पर केन्द्रित शोध, अनुसंधान, फैलोशिप और अध्ययन की गतिविधियां वीर भारत न्यास के अंतर्गत संचालित होंगी। प्रथम चरण में उज्जैन के कोठी महल में वीर भारत संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर भारत न्यास, वीर भारत संग्रहालय और महादेव मूर्ति कला कार्यशाला की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई के त्रिशताब्दी समारोह के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, सृष्टि के आरंभ से ही महत्वपूर्ण रहा है। ऐतिहासिक रूप से अलग-अलग युगों में उज्जैन के महत्व पर केंद्रित गैलरी, वीर भारत संग्रहालय में विकसित की जाए। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों पर भी गैलरी हो। देश की धरोहर के रूप में विकसित हो रहे संग्रहालय के विकास से संस्कृति, कला और स्थापत्य के विशेषज्ञों को जोड़ने के साथ-साथ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से भी सहयोग लिया जाए। उज्जैन को मूर्ति कला परम्परा के संरक्षण और विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, यहां से प्रदेश में आवश्यकता अनुसार मूर्तियां उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन बड़ी मूर्तियों को पत्थर से बनाना कठिन है, उन्हें धातुशिल्प से बनाया जाए। वीर भारत संग्रहालय से विश्वविद्यालय, अकादमिक संस्थाओं और विज्ञान के शिक्षण, प्रशिक्षण व शोध से जुड़ी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल महालोक में विद्यमान रंगमंडप में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रद्धालुओं के लिए भी यह रूचिकर होगा। महाकाल मंदिर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर से समाज सेवा के विभिन्न कार्य आरंभ करने पर भी विचार किया जाए। प्रदेश में विद्यमान धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का अन्य राज्यों में प्रचार-प्रसार भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई का त्रिशताब्दी समारोह 20 से 31 मई तक मनाया जाएगा। इस उपलक्ष में 20 मई को मंत्रि-परिषद की बैठक राजवाड़ा इंदौर में होगी। इसके साथ ही महेश्वर, इंदौर, भोपाल और उज्जैन में अन्य आयोजन भी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्या बाई महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सुशासन की प्रतीक थीं। त्रिशताब्दी समारोह के अंतर्गत मालवा-निमाड़ क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूहों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाए। बैठक में बताया गया कि समारोह में लोकमाता देवी अहिल्या बाई के व्यक्तित्व और जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रदर्शनी, व्याख्यान माला, महेश्वरी साड़ी सहित अन्य क्षेत्रीय सामग्री की प्रदर्शनी, पारम्परिक लोक कला, नाट्य, गायन-वादन और नृत्य पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। समारोह में मालवा और निमाड़ क्षेत्र के क्षेत्रीय व्यंजनों को स्टॉल भी लगाए जाएंगे। बैठक में कोठी महल और परिसर के उन्नयन के लिए जारी गतिविधियां, वीर भारत न्यास के कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में वीर भारत संग्रहालय के अंतर्गत विकसित होने वाली गैलरियों की विषय-वस्तु का प्रस्तुतिकरण किया गया। उज्जैन में पत्थर, संगमरमर, ग्रेनाइट और धातु आदि के मूर्तिशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित महादेव मूर्ति कला कार्यशाला के अंतर्गत जारी गतिविधियों की भी समीक्षा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री संजय शुक्ला, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी, उज्जैन के कमिश्नर-कलेक्टर तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet