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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं कर रहे फील्ड विजिट

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में आम जनता की शिकायतों एवं मांगों के त्वरित समाधान के लिए ‘सुशासन तिहार’ का आयोजन पूरे उत्साह के साथ जारी है। तीसरे चरण में प्रदेशभर के गांवों और कस्बों में शासन-प्रशासन पूरी तत्परता और तन्मयता के साथ आमजन की बाते सुन रहा है और उनका का समाधान कर रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे हेलीकाप्टर से गांवों के आकस्मिक दौरे कर रहे हैं। शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहे हैं। जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं और समाधान शिविरों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका मौके पर निराकरण करवा रहे हैं। यह जनता-जनार्दन के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। राज्य में अब तक 40 लाख 95 हजार आवेदन सुशासन तिहार के तहत अब तक 40 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है। इसमें धमतरी जिला ने लगभग 2 लाख 28 हजार आवेदनों में से 99.38 प्रतिशत का निराकरण कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के 14 जिले क्रमशः धमतरी, महासमुंद, सक्ति, बालोद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, रायपुर, सरगुजा, दक्षिण बस्तर दंतेवाडा, दुर्ग, जांजगीर-चाम्पा, नारायणपुर, बीजापुर ने 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण कर लिया है, जबकि गरियाबंद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बिलासपुर, राजनांदगाँव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदा बाज़ार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कबीरधाम, बेमेतरा, जशपुर, कोरिया, उत्तर बस्तर कांकेर, सूरजपुर जिले ने 80 से 90 प्रतिशत आवेदनों का समाधान किया है। बस्तर जिले में 78.48 प्रतिशत, कोण्डागांव में 70.97 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज जिलें में 60.59 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर ने 59.09. प्रतिशत, कोरबा जिले ने 41.61 प्रतिशत तथा सुकमा जिले ने 30 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि राज्यभर में त्वरित एवं प्रभावी समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। रायपुर को मिले सर्वाधिक आवेदन रायपुर जिले को 3 लाख 764 आवेदन प्राप्त हुए, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसके बाद दूसरे क्रम पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है। धमतरी, बिलासपुर और बस्तर क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर हैं। निराकरण के मामले में धमतरी पहले, महासमुंद दूसरे और सक्ति जिला तीसरे स्थान पर हैं। बालोद और रायगढ़ चौथे और पांचवें क्रम पर हैं। सुशासन तिहार के दौरान सर्वाधिक 10 लाख से अधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्राप्त हुए, जिनमें से 94.70 प्रतिशत का निराकरण हो चुका है। उज्ज्वला योजना से जुड़े 1.47 लाख और राशन कार्ड हेतु 1.12 लाख आवेदनों में से अधिकांश का समाधान कर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता से संबंधित मांगें भी प्रमुख रहीं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 25 लाख 77 हजार 747 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग को 3 लाख 74 हजार 429, खाद्य विभाग को 2 लाख 18 हजार 113, महिला एवं बाल विकास विभाग को 1 लाख 57 हजार और नगरीय प्रशासन विभाग को 1 लाख 42 हजार 475 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण में महिला एवं बाल विकास विभाग प्रथम, श्रम विभाग दूसरे, तथा उद्योग, पशुपालन और खाद्य विभाग क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य को, जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की दिशा में आगे बढ़ा रही है। गांवों में शिविरों में पहुँचकर आम लोगों से संवाद करना, शिकायतों की तत्काल सुनवाई करना और शासकीय तंत्र को अधिक उत्तरदायी बनाना, यही सुशासन तिहार की मूल भावना है। ‘सुशासन तिहार’ छत्तीसगढ़ शासन की एक अभिनव पहल है, जिसने प्रशासन को जनता के और निकट लाकर विश्वास, समाधान और सेवा की एक मजबूत परंपरा को जन्म दिया है। यह अभियान मुख्यमंत्री की सोच को साकार करता है, जहाँ सरकार सिर्फ कार्यालयों में नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर आमजन की आवाज सुनती है और हर समस्या का समाधान करती है।

मुख्यमंत्री ने सिचुएशन रूम से 5 जिलों में सिविल डिफेंस मॉकड्रिल की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। राष्ट्र के समक्ष उत्पन्न विशेष परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। नागरिकों को किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सिविल डिफेंस प्रोटोकॉल्स के बारे में बताया जाए और सभी को सिविल डिफेंस नियमों का सक्रियता से पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए। सभी कलेक्टर्स सजग रहें, सतर्क रहें और सावधान रहकर ताजा हालातों पर पैनी नजर रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वल्लभ भवन स्थित सिचुएशन रूम से प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और कटनी जिले के कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों में सिविल डिफेंस के तहत आज हुई मॉकड्रिल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की रिहर्सल की समीक्षा की। साथ ही सभी कलेक्टर्स को नागरिकों के हित में सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स से कहा है कि वे भी अपने-अपने जिले में सिविल डिफेंस की सारी तैयारियां पुख्ता कर लें। समीक्षा में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण श्री नीरज मंडलोई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष से वर्चुअली जुड़े पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार पांचों जिलों में सिविल डिफेंस मॉकड्रिल करा ली गई है। ब्लैक आउट के लिए भी ताकीद करा दिया गया है। लोगों को विधिवत् अभ्यास कराया गया है। पुलिस महानिदेशक होमगार्ड श्री अरविंद कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रदेश के चिन्हित 5 जिलों में एक रेड सिग्नल दिया गया। इसके बाद सिविल डिफेंस के लिए नागरिकों को बचाव के तरीके बताकर उन्हें इनका पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद ग्रीन सिग्नल दिया गया। इस दौरान सभी को किसी भी विषम हालात में सुरक्षा के लिए इसी तरह एक्टिव रहने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार 7 मई की शाम 7.30 से ब्लैक आउट की तैयारी भी की गई है। उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट का डॉक्युमेंटेशन भी किया जाएगा, भविष्य के लिए यह एक रैफरेंस के तौर पर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 जिलों के कलेक्टर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा कर मॉकड्रिल की जानकारी ली। सभी कलेक्टर्स ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने जिलों में आग लगने पर बचाव, मलबा गिरने पर बचाव और आपदा नियंत्रण दल द्वारा की गई कार्रवाई की सिलसिलेवार जानकारी ली। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि शहर के 5 स्थानों में मॉकड्रिल पूरी कराई गई। देर शाम को होने वाले ब्लैक आउट की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। कलेक्टर इंदौर ने बतायाकि मॉकड्रिल हो चुकी है और सभी को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को किस तरह व्यवहार करना है, इस बारे में बताया गया। ब्लैक आउट के लिए भी तैयारी की जा चुकी है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि शहर के चिन्हित स्थलों में मॉकड्रिल कराई गई और नागरिकों को सिविल डिफेंस प्रोटोकॉल के बारे में बताया गया। कलेक्टर ग्वालियर ने बताया कि शहर में मॉकड्रिल कराई गई और रेस्क्यू टीम को मोबलाइज कर दिया गया है। नागरिकों को सर्च एंड रेस्क्यू का अभ्यास कराया गया है। ब्लैक आउट की तैयारी भी कर ली है और मॉकड्रिल में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों सभी को जोड़ा गया। कलेक्टर कटनी ने बताया कि शहर में नागरिकों को हर तरह के हालात से निपटने के लिए सिविल डिफेंस नियमों के बारे में बताया गया। आग लगने और मलबा हटाने का मॉकड्रिल भी कराया गया। एक मॉक सायरन बजाया गया, जिसके बजते ही नागरिकों को बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।  

प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी को पहलगाम आंतकी हमले के मुंहतोड़ जवाब पर बधाई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय सेना का शौर्य गर्व का आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” को बताया अद्वितीय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कहते हैं वह होता है। हमारी सेना भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्ति संपन्न है, जो दुश्मनों का समूल नाश करने में सक्षम है। पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। इससेपूरा देश गौरवान्वित है। ऑपरेशन सिंदूर नाम से ही स्पष्ट है, सिंदूर पर हाथ लगाने और गलत निगाह दौड़ने वाले को भारतीय सेना ने जवाब दिया है। वह दृश्य अपने सामने दिखाई दे रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हर वह स्थान और हर वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देखेगा उसे मिट्टी में मिला देंगे। यह परिणाम सबने देखा है। प्रधानमंत्री मोदी को आतंकी खातमे के इस जबर्दस्त प्रहार की कोटिशः बधाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, सरकार और पूरे भारतवासी जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में एकजुटता दिखाई, वह सबके लिए गौरव का विषय है। हम सब प्रधानमंत्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के हर कदम के साथ है। हमारे देश के दुश्मनों को सबक सिखाते हुए भारतीय वीरता का जो परचम फहराया गया है, यह हम सब भारतवासियों के लिए गर्व का आधार है। इस ऑपरेशन में किसी को भी व्यक्तिगत हानि ना होते हुए आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किये।  

मुख्यमंत्री ने बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान के भाग-ख में विकास कार्यों को दी मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिला खनिज प्रतिष्ठान के तहत अर्जित फंड एक रिजर्व फंड है। इस फंड से जिलों के खनन प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक हित और सबके उपयोग के लिए स्थायी प्रकृति के ठोस काम ही कराए जाएं। काम ऐसे हों, जिसका लाभ अधिकतम लोगों को मिले। इस (डीएमएफ) मद से स्कूल भवन, अस्पताल, सामुदायिक भवन, औषधालय भवन, पशु चिकित्सालय/औषधालय, खेल मैदान सहित विशेष पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की बसाहट क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्थायी श्रेणी के काम कराए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्थायी प्रकृति के एवं मरम्मत आदि के काम संबंधित विभागों के विभागीय बजट से कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में जिला खनिज प्रतिष्ठान के भाग-ख के तहत हो सकने वाले विकास कार्यों की मंजूरी के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खनन क्षेत्रों वाले जिलों में जिला खनिज प्रतिष्ठान से प्राप्त राशि में से 502 करोड़ रूपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इस निर्णय से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के विकास एवं उन्नयन कार्य किए जा सकेंगें। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब जिला खनिज प्रतिष्ठान से प्रदेश के डिण्डौरी, शहडोल, अनूपपुर, बड़वानी, दमोह, छिंदवाड़ा, सिवनी, अलीराजपुर, शिवपुरी, सागर, रीवा, बैतूल आदि जिलों में विभिन्न श्रेणी के विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें डिण्डौरी जिले में आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण, शहडोल जिले की सोन नदी पर बैराज/एनिकट का निर्माण, अनूपपुर जिले के कोतमा के चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय अधोसंरचना का निर्माण प्रमुख रूप से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बड़वानी जिले में भीलटदेव मंदिर नागलवाड़ी के तलहटी से मंदिर तक पहुंच मार्ग का निर्माण भी डीएमएफ मद से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन कामों को जल्द से जल्द पूरा कराया जा सकता हो, वे काम पहले कराए जाएं। स्कूलों में आवश्यकतानुसार पेयजल व्यवस्था के लिए टंकी निर्माण, बाउंड्री वॉल निर्माण जैसे काम तत्काल कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को इनका शीघ्र लाभ मिले। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमाकांत उमराव तथा संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल.ए. सहित अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमराव ने बैठक में बताया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (भाग-ख) में वर्तमान में 1681 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। इस राशि से छोटे बड़े सभी श्रेणी के काम कराए जा सकते हैं। इस राशि से उच्च प्राथमिकता क्षेत्र (60 प्रतिशत) के तहत 1008.6 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि शासन द्वारा खर्च की जा सकती है। उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में शिक्षा, पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण उपाय, स्वास्थ्य की देखभाल, स्वच्छता सुधार, कौशल विकास, वृद्धजन एवं नि:शक्तजन कल्याण तथा महिला एवं बाल कल्याण संबंधी कार्य विशेष रूप से चिन्हित किए गए हैं। अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र (40 प्रतिशत) में सिंचाई सुविधा, भौतिक अवसंरचना तथा ऊर्जा एवं वॉटरशेड विकास जैसे काम कराए जाते हैं। इस क्षेत्र के लिए भी डीएमएफ (संचित निधि) से करीब 672.4 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जा सकती है।  नोडल विभाग द्वारा कुल 1015 कार्य अनुमोदित किए गए हैं, इनमें से 317 कार्य उच्च प्राथमिकता वाले हैं। इन कार्यों को पहले पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुमोदन उपरांत डीएमएफ फंड से सभी विकास कार्य जल्द ही प्रारंभ करा दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बैठक में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाई) की नवीन गाइडलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि मुख्य खनिज की खदान अथवा खदानों के समूह से 15 किलोमीटर परिधि क्षेत्र प्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र होगा तथा जहां स्थानीय जनसंख्या खनन संबंधी प्रक्रिया के कारण आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिणामों के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित है, वहां जिले में स्थित मुख्य खदान अथवा खदानों से 25 किलोमीटर का क्षेत्र अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र होगा। इसके अलावा डीएमएफ (संचित निधि) की 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय करने का प्रावधान किया गया है। इस क्षेत्र में केंद्र सरकार ने आवास, कृषि एवं पशुपालन को भी जोड़ दिया है। इसी तरह डीएमएफ (संचित निधि) की 30 प्रतिशत राशि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय करने को कहा गया है। इस क्षेत्र में खनन जिलों में पर्यावरण की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करने के अन्य उपाय भी इसमें जोड़े गए हैं। 

रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का किया ऐलान, टीम इंडिया को भंवर में छोड़ा

नई दिल्ली रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. भारतीय टीम को अगले महीने इंग्लैंड का दौरा करना है. जहां टीम इंडिया मेजबानों से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में दो दो  हाथ करेगी.  इस अहम सीरीज से पहले रोहित का संन्यास का ऐलान करना टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है.  भारत को जून में इंग्लैंड दौरे पर जाना है. हिटमैन ने टेस्ट से रिटायरमेंट की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी.  उन्होंने बताया कि वह वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. रोहित शर्मा ने इंस्टा स्टोरी पर पोस्ट किए गए फोटो पर लिखा सभी को हेलो. मैं ये शेयर करना चाहता हूं कि मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं. ये मेरे लिए गर्व की बात है कि मैंने टेस्ट में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. आप सभी के प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया. मैं वनडे में खेलता रहूंगा.’   रोहित ने टेस्ट में ओपनर के तौर पर बनाए 9 शतक टेस्ट में बतौर ओपनर रोहित शर्मा ने 66 पारियों में 9 शतक जड़े हैं. उन्होंने इस दौरान 8 अर्धशतक लगाए हैं जबकि 42.81 की औसत से 2697 रन बनाए हैं. रोहित ने साल 2024 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा जबकि साल 2025 में टेस्ट क्रिकेट को छोड़ा. रोहित वनडे में खेलना जारी रखेंगे और 2027 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेंगे. रोहित का टेस्ट करियर 38 वर्षीय रोहित शर्मा अपने करियर के दूसरे भाग में भारत के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज थे. जिन्होंने 67 टेस्ट में 12 शतकों और 18 अर्धशतकों की मदद से 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए. रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भारत की कप्तानी की और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर सीरीज़ में पिछली दो सीरीज़ को बचाया. इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत को नया टेस्ट कप्तान मिलेगा. जिसके संभावित उम्मीदवार केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत हैं. बयान में क्या कहा रोहित ने अपने बयान में कहा है कि आप सभी को सूचित कर रहा हूं कि मैं टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो रहा है। सफेद गेंद के प्रारूप में अपने देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बेहद सम्मान की बात रही है। इस दौरन आप सभी से जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। रोहित ने आगे लिखा है कि वह वनडे फॉर्मेट में भारत के लिए खेलते रहेंगे। बता दें कि हाल ही में भारत ने रोहित की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। इससे पहले भारत ने साल 2024 उन्हीं की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप भी जीता था। साल 2023 में भारत रोहित शर्मा की कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा था। कुछ समय से कर रहे थे संघर्ष रोहित शर्मा पिछले कुछ अरसे से टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष कर रहे थे। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं में भी उनके बल्ले से रन नहीं निकले। इसके बाद दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके लिए भूलने लायक ही रहा। इस पूरे दौर में आठ टेस्ट मैचों में रोहित की औसत 10.93 रहा और वह मात्र एक बार 50 का स्कोर पार कर पाए। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ दोनों टेस्ट जीते थे, लेकिन न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराया था। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी भारत 3-1 से हार गया था। टेस्ट डेब्यू से ऐन पहले लगी थी चोट रोहित शर्मा के डेब्यू को लेकर एक दिलचस्प कहानी है। उन्हें साल 2010 में नागपुर टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू करना था। लेकिन टॉस से ऐन पहले रोहित को चोट लग गई। इसके चलते वहां पर उनका डेब्यू टल गया। फिर रोहित शर्मा ने तीन साल बाद साल 2013 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में डेब्यू किया था। रोहित ने शतक के साथ टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इस मैच में 177 रन बनाए थे। कौन बनेगा नया कप्तान? इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए भारत के पास एक नया टेस्ट कप्तान होगा। इसके संभावित उम्मीदवार जसप्रीत बुमराह, लोकेश राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत हो सकते हैं। फिलहाल बुमराह टेस्ट में उपकप्तानी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित की अनुपस्थिति में बुमराह ने ही वहां पर कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली थी।  

मुख्यमंत्री साय बोले – मुस्लिम समाज के हित में है वक्फ संशोधन कानून

रायपुर, वक्फ संशोधन कानून मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हित में है। हम सभी का सम्मिलित प्रयास और उद्देश्य होना चाहिए कि वक्फ कानून को लेकर समाज में किसी भी प्रकार का भ्रम न फैले। सभी को वास्तविकता को समझना चाहिए और दूसरों को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। वक्फ संशोधन कानून को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, और इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण कार्यक्रम में यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम  मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन बहुत ही पुनीत उद्देश्य के साथ किया गया था, ताकि मुस्लिम समाज, विशेषकर गरीब वर्ग और पसमांदा मुसलमानों को लाभ मिल सके। लेकिन विगत वर्षों में कुछ रसूखदार लोगों ने इस कानून का लाभ उठाकर अपना स्वार्थ सिद्ध किए, जिससे गरीब मुसलमान अपने अधिकारों से वंचित रह गए। श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ का जो लक्ष्य रखा है, उसे प्राप्त करने में सभी देशवासियों की भूमिका आवश्यक है। यदि कोई भी वर्ग पीछे छूटता है, तो हम अपना संकल्प पूर्ण नहीं कर पाएंगे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार सभी के हितों की चिंता करती है। वक्फ कानूनों में हुए संशोधनों का उद्देश्य मुस्लिम समाज को सशक्त बनाना है। अब वक्फ संपत्तियों की आमदनी का एक-एक पाई का लेखा-जोखा रखा जाएगा और यह राशि समाज के लोगों की भलाई, उनकी शिक्षा और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में उपयोग की जाएगी। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वक्फ बोर्ड के सीईओ डॉ. एस. एफ. फारूकी एवं मुस्लिम समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

244 शहरों में ब्लैक आउट की भी रिहर्सल, आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी

जयपुर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित आतंकी हमलों को लेकर गृह मंत्रालय ने बुधवार को पूरे देश में मॉक ड्रिल (अभ्यास) आयोजित करने का आदेश जारी किया, जिसके तहत जयपुर से लेकर हैदराबाद और मुंबई तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर नजर आईं। देश के 244 शहरों में ब्लैकआउट की रिहर्सल होना बाकी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सिविल डिफेंस की टीम ने मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया। इसी तरह जोधपुर और रावतभाटा में भी अभ्यास किया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों ने भाग लिया। महाराष्ट्र में मुंबई के क्रॉस मैदान पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जहां फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें पूरे समन्वय के साथ नजर आईं। वहीं पुणे के काउंसिल हॉल में भी व्यापक नागरिक सुरक्षा अभ्यास हुआ, जिसमें आमजन को भी शामिल किया गया। दक्षिण भारत में भी इस ड्रिल को गंभीरता से लिया गया। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सिविल डिफेंस की ओर से मॉक ड्रिल की गई, जहां प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर अभ्यास किया गया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक करना है कि संकट की स्थिति में उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। देश में सेना की कार्रवाई को लेकर नागरिकों में गर्व का माहौल है, लेकिन साथ ही सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

समदड़िया माल में गिरे बम, पांच घायल, आग लगी, चीख-पुकार के साथ मची भगदड़, रेस्क्यु टीम ने किया रेस्क्यु

जबलपुर शहर के बीचों बीच स्थित समदड़िया माल में शाम करीब चार बजे एक के बाद एक दो बम गिरे। बम के धमाकों से माल की ऊपरी मंजिल पर आग लग गई। माल के प्रथम तल पर स्मोक बम भी आग गिरा और चारों तरफ धुंआ ही धुंआ हो गया। माल में चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। माॅल में हमले की खबर मिलते ही सायरन बज उठे। एक-एक कर पुलिस, एंबुलेेंस, नगर निगम के फायर फाइटर के वाहन सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए। एनडीआरएफ की टीम भी आ गई। माॅल में फंसे लोगों को जमीन पर लेटने, टेबिल मेच के नीचे छिपने की सलाह देते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यु शुरू हो कर दिया। चारों तरफ बारूद का धुंआ फैलने से लोगों काे सांस लेने में परेशानी हो रही थी लिहाजा लोगों को मास्क दिए गए और कपड़े से मुंह ढंकने की सलाह दी गई। नगर निग के फायर फाइटर वाटर वाउचर से पानी की बौछारें कर आग बुझाने में जुटे रहे। जबकि पुलिस और होमगार्ड के जवान सहित अन्य रेस्क्यु दल अन्य कर्मचारी माल में फंसे लाेगाें को सुरक्षित बहार निकालने में जुट गए। आम नागरिकों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस की एक टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी के लिए सुरक्षा चक्र बनाना शुरू कर दिया है तत्काल पुलिस ने प्लास्टिक की रिबन से क्षेत्र को कवर कर दिया है। ताकि एक सुरक्षित दूरी बनी रहे और किसी बाहरी व्यक्तियों को नुकसान न पहुंचे। दरअसल ये सीन सिविल डिफेंस माकड्रिल का था। पहलगांव में आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच बने तनाव के हालात पर देश में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा को भी परखा जा रहा था। सिविल डिफेंस माक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमलों और आतंकी गतिविधियों जैसे आपातकालीन हालात में देश की प्रतिक्रिया प्रणाली को परखना है। पहलगाम हमले के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। इस अभ्यास में सभी स्तरों पर नागरिकों की भागीदारी से सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जबलपुर में समड़िया माल सहित गोहलपुर गारमेंट क्लस्टर, गाेरखपुर थाना और सिहोरा में इसी तरह की मॉकड्रिल की गई। स्ट्रेचर कम पड़े तो कंधों पर उठाकर लाए माक ड्रिल के तहत हुए सिविल डिफेंस की टीम सक्रिय हो गई थी। कलेक्टर, एसपी सहित निगमायुक्त भी पहुंच गए थे। एनडीआरएफ, एनसीसी कैडेट्स और होमगार्ड के जवान बचाव एवं राहत कार्य में जुटे रहे। धमाके में धुएं के कारण माल के अंदर कई लोगों का दम घटने लगा तुरंत सिविल डिफेंस की टीम में सदस्य ने अनाउंसमेंट करते हुए लोगों को बचाव के तरीके बताए। रास्ता खाली कराया गया। आकस्मिक रास्ते से धमाके में घायल हुए लोगों को बाहर निकल गया एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। माक ड्रिल के दौरान मरीज को निकालने के तरीके से लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचने तक के तमाम पहलुओं पर अभ्यास किया गया। स्ट्रेचर कम पड़ने पर लोगों को कंधे में उठकर बाहर निकाला गया। चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को टर्न टेबल लैडर के जरिये उतारा गया।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी का किया आभार व्यक्त

भारतीय सेना ने शक्ति, कुशल नेतृत्व और नागरिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता का दिया परिचय : उप मुख्यमंत्री देवड़ा  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी का किया आभार व्यक्त भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भारतीय सेना द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ आपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आंतकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान के आंतकवादी ठिकानों को नष्ट कर भारतीय सेना ने शक्ति, कुशल नेतृत्व, क्षमता और नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दुनिया को दिया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि भारतीय सेना की एयर स्ट्राईक से पूरे देश में प्रसन्न्ता का वातावरण है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आंतकवादी हमले में पीड़ितो को न्याय दिलाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि बदला धर्म देखकर नहीं, कर्म देखकर किया गया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि हम सब प्रधानमंत्री मोदी एवं देश के साथ खड़े है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना

प्रदेश के सभी शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के पोषण और सही शारीरिक विकास के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग परस्पर समन्वय से करें कार्य:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना मुख्यमंत्री ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी शहरों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित “सखी-निवास” सुविधा का विस्तार उन औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाए, जहां महिला कर्मचारी अधिक संख्या में हैं। बालिकाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल उन्नयन के लिए विभागीय समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और पोषण की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग निश्चित कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन करें। आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता और रख रखाव के लिए नगरीय निकायों और पंचायतराज संस्थाओं से भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए “मोटी आई” अभियान पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नवाचार को अनुकरणीय बताया गया। समीक्षा में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभागीय प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूखी बली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंगनवाड़ियों में पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक माह में कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चना और अन्य प्रोटीन स्रोत अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। दुग्ध संघों से आंगनवाड़ी के बच्चों को दूध भी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को भी सम्पूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों के साथ मंदिरों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी आंगनवाड़ियों की बेहतरी के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव की संभावित तिथि से पहले सुदूरवर्ती ग्रामों तथा अन्य स्थानों से अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के रहने तथा उनकी देखरेख के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय-सीमा निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाए की सभी जिलों में आंगनवाड़ियां शासकीय भवनों में संचालित हों। इसके लिए स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के उपलब्ध भवनों का भी उपयोग किया जाए। जिला स्तर पर पंचायत राज संस्थाओं, नगरीय निकायों के सहयोग तथा सांसद-विधायक निधि, डीएमएफ एवं अन्य संसाधनों से प्राथमिकता के आधार पर आंगनवाड़ियों के लिए भवनों का निर्माण कराया जाए। भवनों में जहाँ पर्याप्त स्थान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हों, वहीं आंगनवाड़ियों का संचालन हो। मिशन शक्ति में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 726 महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला हेल्प लाइन-181 से इस वर्ष 82 हजार 552 महिलाओं को सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 58 लाख 70 हजार हितग्राहियों को एक हजार 878 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। सशक्त वाहिनी नवाचार में 11 हजार 321 युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 156 युवतियां विभिन्न शासकीय विभागों में चयनित हुईं। बैठक में मिशन वात्सल्य, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन, पोषण भी पढ़ाई भी, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना की समीक्षा भी हुई।  

विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ को दी एक और बड़ी सौगात आईआईटी भिलाई सहित देश के पांच आईआईटी के शैक्षणिक और अवसंरचना क्षमता के विस्तार को मंजूरी विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार रायपुर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट बैठक में आज छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी घोषणा हुई। आईआईटी भिलाई के कैम्पस के विस्तार के साथ ही तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा अब आईआईटी भिलाई में अधिक छात्रों को पढ़ाई का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आईआईटी भिलाई के विस्तार के संबंध में की गई घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में एक और बड़ा कदम है। उल्लखेनीय है कि केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा देश के पांच नए आईआईटी संस्थानों, जिनमें छत्तीसगढ़ का आईआईटी भिलाई भी शामिल है, की शैक्षणिक और आधारभूत संरचना का विस्तार करने की मंजूरी दी गई है। केंद्रीय केबिनेट के फैसले से आने वाले चार वर्षों में देशभर के 6,500 से अधिक छात्र प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का सपना पूरा कर सकेंगे। खास बात यह है कि आईआईटी भिलाई में अब और अधिक सीटें होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के युवाओं को भी लाभ मिलेगा। इस फैसले से आईआईटी भिलाई कैम्पस के अवसंरचना विस्तार के साथ-साथ न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। शिक्षकों, कर्मचारियों और शोधकर्ताओं की भर्ती के साथ-साथ आस-पास के इलाकों में आवास, परिवहन और अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी।   आईआईटी भिलाई पहले से ही अपने स्थायी परिसर में कार्य कर रहा है, लेकिन इस विस्तार के बाद यह संस्थान अब और भी अधिक छात्रों के लिए शिक्षा और नवाचार का केंद्र बनेगा।उल्लेखनीय है कि चार वर्षों में पूरे देश में छात्रों के लिए 13,687 सीटें उपलब्ध होंगी, जो अभी 7,111 हैं। इसका मतलब है कि 6,576 नई सीटों का इजाफा होगा। देश के जिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शैक्षणिक और अवसंरचना क्षमता के विस्तार की स्वीकृति दी गई है, इनमें भिलाई के साथ-साथ आंध्र प्रदेश (तिरुपति), जम्मू-कश्मीर (जम्मू), कर्नाटक (धारवाड़) और केरल (पालक्काड़) के आईआईटी  शामिल हैं। केन्द्र सरकार ने इनके विस्तार के लिए 11,828.79 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जो साल 2025-26 से 2028-29 तक खर्च होगा। इसके अंतर्गत न केवल नई इमारतें और आधुनिक सुविधाएं बनाई जाएंगी, बल्कि 130 नए प्रोफेसर पदों का सृजन भी होगा, जिससे पढ़ाई और शोध का स्तर और मजबूत होगा। उद्योग अकादमिक संबंधों को मजबूत करने के लिए पांच नये अत्याधुनिक अनुसंधान पार्क भी बनाये जा रहे हैं।

भारतीय सेना ने मार गिराया पाकिस्तान का फाइटर जेट JF-17, बठिंडा में भी पाकिस्तानी जेट क्रैश

कश्मीर भारत की एयर डिफेंस ने कश्मीर में पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया है, जो कि चीनी JF-17 लड़ाकू विमान है. यह एक हल्का, एकल इंजन वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है. JF-17 थंडर का पहला प्रोटोटाइप 2003 में उड़ान भर चुका है और यह पाकिस्तान एयर फोर्स का मुख्य लड़ाकू विमान माना जाता है. क्या है इस विमान की खासियत JF-17 की कुल लंबाई लगभग 14.9 मीटर, पंखों की चौड़ाई 9.45 मीटर और ऊँचाई लगभग 4.77 मीटर है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 12,474 किलोग्राम तक पहुँच सकता है. यह विमान रूसी Klimov RD-93 या चीनी Guizhou WS-13 टर्बोफैन इंजन से सुसज्जित है, जो इसे लगभग Mach 1.6 (लगभग 1,910 किमी/घंटा) की अधिकतम गति प्रदान करता है. यह विमान 7 हार्डपॉइंट्स पर 1,500 किलोग्राम तक के विभिन्न प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है, जिसमें एयर-टू-एयर मिसाइलें, एयर-टू-ग्राउंड बम, और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हैं. इसके शस्त्रागार में चीनी PL-5, PL-12, PL-15 मिसाइलें और GPS गाइडेड बम शामिल हैं, जो इसे वायु और सतह दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर प्रभावी ढंग से हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं. JF-17 में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, कंप्यूटराइज्ड फ्लाइट कंट्रोल, हेड-अप डिस्प्ले, डेटा लिंक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल हैं, जो इसे उच्च युद्ध क्षमता प्रदान करते हैं. यह विमान मध्यम से कम ऊंचाई पर बेहतर मुकाबला करने में सक्षम है और इसकी रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी की लड़ाइयों के लिए उपयुक्त बनता है. भारत की एयर डिफेंस की सफलता और बढ़ता तनाव भारत की एयर डिफेंस प्रणाली द्वारा पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट को गिराने की घटना से दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य संकट और भी गहरा हो सकता है. यह न केवल भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का प्रदर्शन है, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संकेत भी है कि भारत किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को गंभीरता से लेगा. इस महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय वायुसेना की ताकत तकनीकी रूप से उन्नत विमानों को भी नाकाम कर सकती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और जटिल हो गई है. रात्रि में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 7 मई को लगभग एक बजे ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ किया गया. पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई इस एयर स्ट्राइक में आतंकियों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया गया. पाकिस्तानी सेना ने 6-7 मई की रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की, जिसमें 10 भारतीय नागरिकों की जान चली गई. इस हमले में एक महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा, 38 लोग घायल हुए हैं, जो इस अंधाधुंध शेलिंग का शिकार बने.

पीएम मोदी ने दिया था ऑपरेशन सिंदूर नाम, पहलगाम की पीड़ित महिलाओं को दिलाया इंसाफ

नई दिल्ली 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को तड़के 1:44 बजे “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयासों से अंजाम दिया गया, जिसकी निगरानी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस कार्रवाई के बाद पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और पीड़ितों के परिजनों ने भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना की और पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी, अस्वरी जगदाले, जब इस ऑपरेशन की खबर से रूबरू हुईं, तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। एएनआई से बात करते हुए असवरी ने कहा, “हम खुशी से रो पड़े। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने बदला लिया है और जिस तरह से इस ऑपरेशन का नाम रखा गया – ‘सिंदूर’, उससे हमारी आंखों से आंसू रुक ही नहीं रहे। जिन बहनों का सिंदूर आतंकियों ने छीन लिया था, आज भारत ने उनका जवाब 9 जगहों पर दिया है। ये भाव अलग हैं, और हमारी आंखों से खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।” “सरकार पर विश्वास जगा” हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के पिता, संजय द्विवेदी, ने कहा कि इस ऑपरेशन से देश की सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं लगातार खबरें देख रहा हूं। मैं भारतीय सेना को सलाम करता हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने देश के लोगों के दर्द को सुना। मैं सेना का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद को खत्म किया। ये खबर सुनकर हमारे पूरे परिवार का दिल हल्का हो गया है।” “ये असली श्रद्धांजलि है” शुभम द्विवेदी के एक अन्य रिश्तेदार मनोज द्विवेदी ने कहा, “22 अप्रैल को जब हमारा बच्चा शहीद हुआ, हमने कहा था कि हमारे देश में अब एक क्रांति आने वाली है। हमें पूरा विश्वास था कि पीएम मोदी आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबसे सख्त कदम उठाएंगे। आज सेना ने हमारे बेटे को असली श्रद्धांजलि दी है, इसके लिए हम तहेदिल से शुक्रगुजार हैं।” पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर को अपने दुख का बदला लेने वाला कदम बताया। उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं ने पूरे देश को छू लिया। शुभम द्विवेदी की विधवा ने कहा, “आज मेरे पति का बदला पूरा हुआ। मैं भारतीय सेना को सलाम करती हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। आज मेरे पति की आत्मा को शांति मिलेगी।” महाराष्ट्र के कौस्तुभ गणबोते भी हमले में शहीद हुए थे। उनकी विधवा संगीता गणबोते ने कहा, “सेना का यह कदम सराहनीय है। ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनकर मैं भावुक हो गई। यह महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। पीएम मोदी ने आतंकियों को करारा जवाब दिया। आतंक का खात्मा हो!” शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता का रिएक्शन पहलगाम में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने इस कार्रवाई की सराहना की है। अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नरवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जब भी मीडिया ने मुझसे पूछा कि मैं भारत सरकार से क्या चाहता हूं, तो मैंने उनसे कहा कि मुझे उन पर भरोसा है और वे अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “और अब वह दिन आ गया है, जब काम पूरा हो गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, वे उन्हें वापस नहीं पा सके, लेकिन हम ऐसी कार्रवाई चाहते थे, जो एक बड़ा संदेश दे। मुझे लगता है कि वे (पाकिस्तान) इस कार्रवाई को कभी नहीं भूलेंगे।” नरवाल ने ऑपरेशन “सिंदूर” की भी सराहना की और कहा कि इससे 26 महिलाओं को निश्चित रूप से सांत्वना मिलेगी, जिन्होंने अपने पुरुषों को खो दिया है। उन्होंने सशस्त्र बलों को धन्यवाद दिया और कहा कि हमें हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए, इससे उनका मनोबल बना रहता है। “बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया” पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मां आशा नरवाल ने कहा, “मेरा पूरा परिवार मोदी साहब के साथ है, जिन्होंने आज बदला लिया है। मैं सशस्त्र बलों के जवानों से कहना चाहती हूं कि वे आगे बढ़ते रहें। आज उन सभी को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है।” पहलगाम आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले कर्नाटक निवासी मंजूनाथ राव की मां सुमति ने कहा, “मेरे बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया… हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी उचित कार्रवाई करेंगे और उन्होंने ऐसा किया।” जम्मू में गूंजे ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ के नारे इस ऑपरेशन के बाद जम्मू में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। लोगों ने खुले दिल से सेना और सरकार की सराहना की। एक स्थानीय निवासी ने एएनआई से कहा, “पाकिस्तान की ओर से हुए हमले का जवाब देना बेहद जरूरी था। हम सरकार और भारतीय सेना के आभारी हैं कि उन्होंने सटीक और प्रभावी कार्रवाई की।” ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ करारा जवाब भारतीय सशस्त्र बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन को “नॉन-एस्केलेटरी” और “कैलिब्रेटेड” बताया गया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया। भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा, “न्याय हुआ। जय हिंद!” इस ऑपरेशन को पहलगाम हमले के जवाब में एक मजबूत कदम माना गया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को भी दिखाया है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की रातभर निगरानी की। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रची जाती थी।” इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जारी किया 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम

रायपुर परीक्षा देने के बाद परिणाम का इंतजार कर रहे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के 10वीं और 12वीं कक्षा के लाखों विद्यार्थियों के लिए आखिरकार वह घड़ी आ ही गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बतौर स्कूल शिक्षा मंत्री के रूप में आज दोनों कक्षाओं का परिणाम घोषित किया. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र और अभिभावक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और results.cg.nic.in पर जाकर परिणाम देख सकते हैं. पिछले सालों की तरह परिणाम देखने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए बोर्ड ने सर्वर को अपडेट कर लिया है. 2.40 लाख विद्यार्थियों ने दी 10वीं की परीक्षा कक्षा 10वीं में 2,40,422 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से 519 विद्यार्थियों को परीक्षा निरस्त किया गया है. वहीं परीक्षा के दौरान 16 नकल प्रकरण सामने आया है. 40 विद्यार्थियों का जांंच का प्रकरण है. 3.28 लाख विद्यार्थियों ने दी 12वीं की परीक्षा वहीं कक्षा बारहवीं में 3,28,716 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से 6163 विद्यार्थियों का परीक्षा निरस्त किया गया है. पच्चीस नकल प्रकरण बना है, और वही पांच विद्यार्थी जांच प्रकरण के दायरे में हैं.

सीएम मोहन यादव का बयान: ये न्याय है, अब आतंकियों के चेहरे पर खौफ दिखना चाहिए

भोपाल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. इस एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा है कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वो होता है. पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने जो मुंहतोड़ जवाब दिया है, उससे पूरा देश गौरवान्वित है. वहीं सीएम मोहन यादव ने एक वीडियो भी जारी किया है.  जानिए सीएम ने क्या कहा? मोहन यादव ने कहा कि “प्रधानमंत्री जो कहते हैं वह होता है, हमारी सेना ने भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान अपनी शक्ति संपन्न है, ये दिखा दिया कि सेना दुश्मनों से निपटने में सक्षम है. पाकिस्तान के नौ ठिकानों पर आतंकवादी स्थान पर जो भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है, उससे पूरा देश गौरवान्वित है. पूरा देश आनंद में है, ऑपरेशन सिंदूर इस नाम से ही स्पष्ट है सिंदूर पर हाथ लगाने वाले गलत निगाह दौड़ने वाले ऐसे लोगों को जिस ढंग से भारतीय सेना ने अपने इस ऑपरेशन का जवाब दिया वह दृश्य हमें अपने सामने दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम हर वह स्थान वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देख रहा है, उसको मिट्टी में मिला देंगे. प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री गृह मंत्री सभी को बधाई, पूरे देश ने एकजुटता दिखाई थी, यह हमारे लिए गौरव की बात है, हम चट्टान की तरह खड़े हैं मध्य प्रदेश भी उन राज्यों में से है जो प्रधानमंत्री चाहेंगे वह वैसा करेंगे हम हर स्थिति में उनके साथ हैं.” मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, “भारतीय सेना का पराक्रम और प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व आज फिर से सामने आया है. पहलगाम में आतंकवादियों ने जिस तरह से कायराना हमला किया, ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादियों के 9 ठिकानों पर हमला करके उन्हें तबाह करने का काम भारतीय सेना ने किया है.” भारतीय सेना ने ट्वीट कर जानकारी दी इंडियन आर्मी ने अपने X अकाउंट पर लिखा, ‘ऑपरेशन सिंदूर…पहलगाम आतंकी हमला, न्याय हुआ, जय हिंद।’ CM मोहन यादव ने इस पोस्ट को रीट्वीट करते हुए ‘भारत माता की जय’ लिखा। क्या बोले एमपी के मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री का काम है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह नया भारत है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने लिखा ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ इंदौर के सुशील नथानियल की पत्नी क्या बोलीं? पहलगाम हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की भी जान चली गई थी. उनकी पत्नी जेनिफर ने कहा, ‘वो जो चार आतंकवादी थे, उन्हें भी मारना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि आतंकियों के चेहरे पर खौफ आना चाहिए। जो उन्हें ये सब सिखा रहे हैं, उन्हें भी मारना चाहिए। जेनिफर ने कहा कि यह बदला अधूरा नहीं रहना चाहिए। लोगों ने जताई खुशी इस कार्रवाई के बाद देश भर में लोगों ने खुशी जताई है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सेना को बधाई दी है। सरकार ने कहा है कि वह देश की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के 9 ठिकानों पर किए गए सटीक मिसाइल हमलों के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उत्साह का माहौल है.  मुस्लिम समुदाय ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए सुबह-सुबह चौराहों पर तिरंगा लहराया, एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस ऐतिहासिक कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना की सराहना की. भोपाल के पुराने शहर, जहांगीराबाद और पीर गेट जैसे इलाकों में सुबह मुस्लिम समुदाय के लोग तिरंगे झंडे लेकर सड़कों पर निकले. उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए. स्थानीय निवासी मोहम्मद आरिफ ने कहा, ”पाकिस्तान पर मिसाइलें गिरते देख दिल को सुकून मिला. यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है. पाकिस्तान को हर बार ऐसी ही मुंह की खानी होगी.” एक अन्य निवासी रुखसार बानो ने कहा, ”हमारी सेना ने पहलगाम हमले का बदला लिया. हम सब भारतीय हैं और इस कार्रवाई पर गर्व करते हैं.” लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर और गले मिलकर बधाई दे रहे थे. इस कार्रवाई को 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे.    CM मोहन यादव का बयान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को बधाई दी. कहा, ”प्रधानमंत्री  मोदी जो कहते हैं, वह करते हैं. हमारी सेना मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्तिशाली है, जो दुश्मनों को सबक सिखाने में सक्षम है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर करारा जवाब दिया. पूरा देश गौरवान्वित और आनंदित है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम स्पष्ट करता है कि सिंदूर पर हाथ डालने वालों और गलत निगाह रखने वालों को सेना ने जवाब दिया है.” डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री के एक पुराने बयान को याद करते हुए कहा, ”मैं उस दृश्य को याद करता हूं, जब श्री मोदी ने कहा था कि भारत की ओर गलत निगाह डालने वाला हर स्थान और व्यक्ति मिट्टी में मिल जाएगा. यह परिणाम सबने देखा. मैं आतंकियों के खात्मे के इस प्रहार के लिए प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, सरकार, और पहलगाम हमले पर एकजुटता दिखाने वाले सभी भारतवासियों को बधाई देता हूं.” उन्होंने आगे कहा, ”हम सभी PM मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं. राज्य सरकार उनके हर कदम के साथ है. भारतीय वीरता का परचम फहराते हुए दुश्मनों को सबक सिखाया गया है, जो सभी भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है. इस ऑपरेशन में किसी नागरिक को हानि नहीं हुई, केवल आतंकी ठिकाने निशाना बने. यह 56 इंच के साहस और सामर्थ्य को दर्शाता है.”  

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