LATEST NEWS

दिल्ली में 13-14 मई को विधानसभा का विशेष सत्र

नई दिल्ली दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। सरकार ने 13 और 14 मई को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। बैठक में सत्र के दौरान संभावित विधेयकों और विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के बाद भाजपा विधायक शिखा राय ने बताया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सरकार की मौजूदा और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक उनका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से, 20 दिवसीय स्वच्छता अभियान की शुरुआत होने वाली है, जिसमें सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिखा राय ने कहा कि इस अभियान के जरिए दिल्ली को स्वच्छ बनाने का वादा पूरा किया जाएगा। भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने बताया कि इस सत्र में दिल्ली के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी। इनमें शिक्षा से संबंधित विधेयक और मानसून के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, विधेयकों का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सत्र की तारीखें 13 और 14 मई तय की गई हैं। भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि बैठक में मानसून की तैयारियों, नालों से गाद निकालने, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, टेंडर माफिया को खत्म करने और पानी की उचित व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें सरकार और विधायकों के बीच समन्वय के लिए नियमित रूप से आयोजित होती हैं। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह बैठक विशेष सत्र की तैयारियों और जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाएंगे और उनका समाधान निकालेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जनता के लिए सप्ताह में सातों दिन-चौबीसों घंटे काम कर रही है। चाहे मौसम, सड़कों की स्थिति या जलभराव की समस्या हो, हर क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल की रिकॉर्ड बारिश के बावजूद जलभराव की स्थिति को एक घंटे में नियंत्रित कर लिया गया। सीएम ने कहा कि 27 साल के बैकलॉग को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सचिवालय हर दिन जनता की सेवा के लिए खुला रहता है।

तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच पीएम मोदी ने प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए तीनों सेनाओं के स्तर पर चल रही रणनीतिक तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की। वायुसेना प्रमुख के साथ पीएम की हुई इस बैठक की कोई जानकारी साझा नहीं की गई मगर समझा जाता है कि पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों तथा उसके संरक्षकों को सबक सिखाने के लिए वायुसेना की रणनीतिक तैयारियों पर इसमें चर्चा हुई। तैयारियों की हो रही समीक्षा वायुसेना प्रमुख से पहले प्रधानमंत्री ने शनिवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के साथ बैठक कर नौसेना की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था। देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व तथा सेनाओं के प्रमुखों के बीच पिछले कई दिनों से जारी बैठकों के दौर का संकेत है कि पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए सामरिक-रणनीतिक तैयारियों की पुख्ता समीक्षा की जा रही है। इस हमले पर भारत की जवाबी कार्रवाई की तैयारियों की हलचलों के बीच नियंत्रण रेखा पर पिछले 10 दिनों से पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही गोलीबारी का भारतीय सेना रणनीतिक तरीके से माकूल जवाब दे रही है। वायुसेना प्रमुख के साथ प्रधानमंत्री की रविवार को बैठक की पुष्टि करते हुए सूत्रों ने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान सैन्य नेतृत्व संग यह पीएम की दूसरी बैठक थी। कठोर कार्रवाई की हो रही मांग शनिवार को नौसेना प्रमुख से भी पीएम ने पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में उनसे मंत्रणा की थी। जबकि बीते हफ्ते ही प्रधानमंत्री की रक्षामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक हुई थी। विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर एक सुर से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार का पूरा समर्थन करने की घोषणा कर चुकी हैं।  

पहलगाम आतंकी हमला : दो आतंकी कश्मीरी, पर्यटकों से की दोस्ती फिर घटना वाली जगह ले गए

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर निशाना बनाया। इस हमले की जांच एनआईए कर रही है। इस बीच आतंकियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम हमले के चार आतंकवादियों में से दो जम्मू में कठुआ की तरफ से भारत में वापस आए और हमले से पहले पर्यटकों के साथ घुलमिल गए थे। इन आतंकियों ने पर्यटकों को एक फूड कोर्ट में इकट्ठा किया था। पर्यटकों के बीच घुल-मिल गए थे दो आतंकी रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम हमले के चार आतंकियों में से दो दक्षिण कश्मीर से थे। वे पहले अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गए थे। लेकिन उनके भारत वापस आने का कोई रेकॉर्ड नहीं है। माना जा रहा है कि वे जम्मू में कठुआ की तरफ से भारत में वापस आए। ये आतंकी पर्यटकों के बीच घुल मिल गए उन्हें फूड कोर्ट में इकट्ठा किया। इसके बाद अन्य दो आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर गोलियां चलाईं। गोली चलाने वाले आतंकी पाकिस्तान के थे। चार-पांच दिनों से बैसरन के आसपास थे आतंकी एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी 4-5 दिनों से बैसरन के आसपास ही थे। यह बिना स्थानीय लोगों की मदद के मुमकिन नहीं था। खुफिया जानकारी में वायरलेस चैट से भी पता चला था कि आतंकवादी उसी इलाके में हैं। लेकिन उनके संचार सेट अलग होने के कारण बातचीत को समझा नहीं जा सका। सरकार को इस बात की चिंता है कि हथियारबंद आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थलों से स्नाइपर राइफल, एम-सीरीज राइफल और कवच-भेदी गोलियां जैसे आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। शक है कि ये अफगानिस्तान में NATO सैनिकों के बचे हुए हथियार हैं। पहले ही मिली थी खतरे की जानकारी इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को खतरे की जानकारी मिल गई थी। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि श्रीनगर के होटलों में ठहरे पर्यटकों को निशाना बनाया जा सकता है। खतरे को देखते हुए डल झील और मुगल गार्डन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस के बड़े अधिकारी भी हमले से कुछ दिन पहले घाटी में ही डेरा डाले हुए थे। अधिकारियों को लगा कि हमला श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित किसी होटल पर हमला हो सकता है। इसलिए पहलगाम हमले से पहले डाचीगाम, निशात और आसपास के इलाकों में 10-15 दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से किया संवाद, नगर निगम की सेवाओं का घर बैठे मिलेगा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नगर पालिक निगम रीवा द्वारा निर्मित माय रीवा सिटीजन ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप नागरिकों की सेवा में एक स्मार्ट पहल है, जिसके माध्यम से रीवा के नागरिक नगर निगम की सेवाओं से जुड़कर घर बैठे आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर नगर निगम द्वारा माय रीवा सिटीजन ऐप से संबंधित निर्मित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर जिले के विकास में सहभागी बनने का आहवान किया। माय रीवा सिटीजन ऐप में शिकायत पंजीकरण, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क, सीवरेज, पेयजल सहित सेवा ट्रैकिंग और समाधान स्थिति को देखा जा सकेगा। इसके माध्यम से आमजन सुझाव, फीडबैक प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, सम्पत्तिकर, जलकर भुगतान, अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं ई-चालान सहित अन्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप में शिकायत के साथ फोटो अपलोड करने, गूगल मैप आधारित स्थान चिन्हांकन, वन-स्टाप प्लेटफार्म में शिकायतों, सेवाएँ, सरल एवं पारदर्शी इंटरफेस, डैशबोर्ड तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण आदि की सुविधा भी रहेगी। नवीन विश्राम गृह का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा प्रवास के दौरान राजनिवास सर्किट हाउस परिसर में नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। इंडो-यूरोपियन शैली में पुर्नघनत्वीकरण योजना से 656.45 लाख रूपये की लागत से निर्मित विश्राम गृह सभी आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधिवत पूजा-अर्चना कर नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन सर्किट हाउस रीवा के लिए बड़ी सौगात है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन विश्राम करने वालों को सुखद अनुभूति देगा। उन्होंने नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को साधुवाद दिया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण के उपरांत सर्किट हाउस का अवलोकन किया और बेहतर निर्माण की प्रशंसा की। पुर्नघनत्वीकरण योजना में म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा 2200 वर्ग मीटर में नवनिर्मित विश्राम गृह में 6 स्विट रूम के साथ एक वेंटिंग एरिया, 24 सीटर मीटिंग हॉल, ड्राइंग रूम, 14 सीटर डायनिंग एरिया आदि शामिल हैं। भवन में लिफ्ट एवं अग्निशमक यंत्र का भी प्रावधान किया गया है। इस अवसर सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कमिश्नर श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री जस्टिस सूर्य कांत, श्री जस्टिस जे. के. माहेश्वरी एवं श्री जस्टिस एस. सी. शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस सुरेश कुमार कैत, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश श्री जस्टिस संजीव सचदेवा एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह मौजूद थे। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय परिसर के समीप बनने वाले लॉयर्स चेम्बर एवं मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। समारोह में एमपी स्टेट बार कॉउंसिल के चेयरमेन श्री राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, हाईकोट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री डी. के. जैन, मध्यप्रदेश स्टेट बार कॉउंसिल के उपाध्यक्ष श्री आर. के. सिंह सेनी एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धरमिन्दर सिंह राठौड़ भी उपस्थित थे। इसके पहले समारोह स्थल पहुंचने पर महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जनप्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जबलपुर सर्किट हाउस में विधायक श्री अशोक रोहाणी एवं श्री नीरज सिंह और श्री रत्नेश सोनकर ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती प्रीति यादव एवं अपर कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।  

दीक्षांत समारोह: स्वर्ण पदक से 122 एवं शोध उपाधियों से 33 विद्यार्थी सम्मानित

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संगीत हमेशा ही मन को भाता है। मनुष्य की हर उम्र में संगीत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्यपाल श्री पटेल ने रविवार को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूरामबामनिया ने की। इस मौके पर वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. किरण देशपाण्डे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय भारतीय संगीत को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। महाविद्यालय के अनेकों छात्रों ने संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं को अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देना चाहिए। संगीत विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के बाद जिन छात्रों को पुरस्कृत किया गया है वे अपने जीवन में संगीत के माध्यम से देश विकास में अपना सहयोग करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वरिष्ठ तबला वादक प्रो. किरण देशपाण्डे के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेना चाहिए। वे जिस प्रकार से 87 वर्ष की उम्र में भी तबला वादन कर रहे हैं, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार क्रिकेट में खिलाड़ी शतक लगाते हैं, उसी प्रकार प्रो. देशपाण्डे भी अपनी उम्र का शतक लगाएँ, यह हम सबकी कामना है। पद्मश्री कालूराम बामनिया के गायन और प्रो. पं. किरण देशपाण्डे के वादन की हुई प्रस्तुतियां दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. पं. किरण देशपाण्डे ने कहा कि उनका तबला वादन विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट उपाधि से सम्मानित किए जाने के प्रति धन्यवाद ज्ञापन हैं। समारोह में कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूराम बामनिया ने जीवन में गुरू की महत्ता पर भजन की प्रस्तुतियां दी। जनजाति नृत्य की हुई प्रस्तुति दीक्षांत समारोह में संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सहरिया जनजाति नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को कार्यक्रम के प्रारंभ में शोभा यात्रा निकालकर मंच तक लाया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने अतिथियों का स्वागत कर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. राकेश कुशवाह सहित साधारण परिषद, कार्य परिषद एवं विद्यार्थी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्तियों के साथ रीवा में किया न्यायालय भवन का लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि न्याय पाना देश के हर नागरिक का कानूनी अधिकार है। वादी को समय पर न्याय दिलाना ही सम्पूर्ण न्याय प्रणाली का एकमात्र लक्ष्य है। न्याय पाने के अधिकार की सुरक्षा करते हुए हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक को सहज और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय पर न्याय दिलाना एक समाजिक सूत्र है, जिसे हम सभी को अपने-अपने दायरे में पूरी शिद्दत से निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रियासत काल से ही रीवा क्षेत्र न्याय व्यवस्था की दृष्टि से हमेशा अग्रणी रहा है। इस दिशा में रीवा में आज एक और नए युग का सूत्रपात हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रीवा में नवनिर्मित जिला न्यायालय कॉम्पलेक्स के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नवनिर्मित भवन को न्याय का मंदिर बताते हुए विश्वास जताया कि इस भवन में आने वाला हर व्यक्ति सहज, सुलभ और पूर्ण न्याय प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में सम्राट विक्रमादित्य ने ही देश में एक सशक्त न्याय प्रणाली की आधारशिला रखी थी और आज भी उनकी वही समृद्ध परम्परा निर्बाध गति से प्रवाहमान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले डेढ़-दो सालों में ही न्यायालयीन व्यवस्था की बेहतरी के लिए प्रदेश में 30 से अधिक छोटे-बड़े न्यायालय भवनों का लोकार्पण किया गया है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार न्याय पाने के इच्छुक हर व्यक्ति के लिए जिला न्यायालय में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न्यायिक प्रणाली को अधिक कारगर बनाने के लिए नये कानून बनाए। उन्होंने उच्चतम न्यायालय द्वारा बीते कुछ सालों में दिए गए प्रमुख निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि इन निर्णयों से सबके दिलों में देश की न्याय व्यवस्था के प्रति श्रद्धा और बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्यायपालिका ने एक अहम निर्णय लेते हुए अब न्याय की देवी की काली पट्टी खोल दी है, ताकि न्याय की देवी खुली आंखों से सबको न्याय दे सके, यह एक अभूतपूर्व पहल है। न्यायशीलता और न्यायप्रणाली के प्रति अगाध श्रद्धा हम भारतीयों की पहचान है। खुद के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों की संरक्षा भी संस्कृति है। इस संस्कृति को हम सबको मिलकर और आगे लेकर जाना है। उन्होंने सर्वसुविधायुक्त नये न्यायालय भवन के लिए रीवावासियों को बधाई देते हुए कहा कि सबके अधिकारों और हितों की रक्षा में यह भवन न्याय के प्रति आस्था का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा में न्याय की गौरवशाली परंपरा रही है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के 11 वर्ष रीवा राज्य के चित्रकूट में बिताकर इस धरती को धन्य किया है। उनकी प्रेरणा से ही राम राज्य की परिकल्पना को साकार करने का बल मिला है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री सूर्य कांत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार के सक्रिय सहयोग से 30 नवीन न्यायालय भवनों की सौगात मिली है। रीवा के नवीन न्यायालय भवन में न्यायालयीन प्रणाली से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी। नवीन भवन में मानवीय मूल्यों की स्थापना हो और कारगर न्यायप्रणाली से निष्पक्ष न्याय मिले। देश की प्रगति के लिए मजबूत न्याय प्रणाली का होना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि रीवा में राजा विश्वनाथ सिंह ने वर्षों पहले दो न्यायालयों का गठन किया था। मेताक्षरा न्यायालय में हिन्दू धर्म की परंपराओं के अनुसार तथा धर्मसभा में धार्मिक आधार पर न्याय किया जाता था। नवीन न्यायालय भवन बघेली स्थापत्य और आधुनिकता का अनूठा संगम है। इस भवन में जब करूणा, विवेक और न्याय होगा तभी इसकी आत्मा जागृत होगी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि रीवा में विधि का इतिहास बहुत महत्वपूर्ण है। इसी माटी से निकलकर श्री जी.पी. सिंह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा जस्टिस जे.एस. वर्मा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। यहाँ के कई जज और अधिवक्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश को 30 नये भवन मिले हैं। रीवा के भव्य न्यायालय भवन में 40 कोर्ट और 750 वकीलों के बैठने की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रकरण अधिक हैं लेकिन जजों की संख्या कम है। प्रकरणों के निराकरण के लिए हाईकोर्ट में 32 नये जजों की नियुक्ति की जाना आवश्यक है।  

आज जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिले में सैन्य वाहन गहरी खाई में गिरा, 3 सैन्यकर्मियों की मौत

जम्मू जम्मू एवं कश्मीर के रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक सड़क दुर्घटना में तीन जवानों की मौत हो गई। सैन्य वाहन गहरी खाई में गिर गया। एक अधिकारी ने बताया, “आज जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिले में बैटरी चश्मा के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वाहन खाई में गिर गया। तीन सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया।” पुलिस ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पिछले पखवाड़े से जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग रामसू-रामबन खंड में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण बंद रहा है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़क बह गई है। राजमार्ग की मरम्मत कर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी 40 किलोमीटर से अधिक लंबा रामबन-रामशू खंड लगभग 300 किलोमीटर लंबे महत्वपूर्ण राजमार्ग की कमजोर कड़ी बना हुआ है। भूमि से घिरी घाटी के लिए सेना और सभी नागरिक आपूर्ति इसी राजमार्ग से होकर गुजरती है। इस रणनीतिक राजमार्ग के अस्थायी रूप से बंद होने से घाटी में पेट्रोलियम उत्पादों, खाद्य पदार्थों आदि सहित आवश्यक वस्तुओं की कमी हो जाती है। इस दुखद घटना ने दिसंबर 2024 के पुंछ हादसे की याद दिला दी है। जम्मू कश्मीर के पुंछ में दिसंबर 2024 में मेंढर सब डिविजन के बलनोई क्षेत्र में भारतीय सेना का वाहन गहरी खाई में गिर गया था। तब 5 जवानों की मौत हो गई थी और 5 गंभीर रूप से घायल हुए थे। सेना का वाहन तब 300 फीट की गहरी खाई में गिर गया था।

कांग्रेस पार्टी से बहुत सी गलतियां तब हुईं जब मैं राजनीति में नहीं था, लेकिन मैं हर गलती की जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं: राहुल गांधी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों पर अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस की गलतियों को स्वीकारते हुए कहा कि वे पार्टी के इतिहास में हुई हर गलती की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, भले ही यह घटना उनके राजनीति में आने से पहले की हो। यह बयान उन्होंने वॉटसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में आयोजित एक सत्र के दौरान दिया, जब एक सिख युवक ने उनसे तीखे सवाल किए। सिख युवक ने राहुल गांधी से पूछा, “आपने कहा था कि बीजेपी राज में सिखों को कड़ा पहनने और पगड़ी बांधने से रोका जा सकता है, लेकिन कांग्रेस ने खुद भी सिखों को अभिव्यक्ति की आजादी नहीं दी। क्या आप 1984 के दंगों सज्जन कुमार जैसे नेताओं को बचाने की पार्टी की भूमिका की जिम्मेदारी लेंगे?” राहुल गांधी का जवाब- गलतियां हुई हैं, जिम्मेदारी मेरी है राहुल गांधी ने सिख युवक के सवाल के जवाब में कहा, “बहुत सी गलतियां तब हुईं जब मैं राजनीति में नहीं था, लेकिन मैं कांग्रेस पार्टी द्वारा की गई हर गलती की जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1984 में जो हुआ वह गलत था। मैं कई बार स्वर्ण मंदिर जा चुका हूं और सिख समुदाय के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं।” उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर जो डर है, वह वास्तविक है। बीजेपी का तीखा हमला राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, “राहुल गांधी अब न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में मजाक का पात्र बन चुके हैं।” दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “यह सिखों के दर्द और गुस्से की अभिव्यक्ति थी। राहुल गांधी का बयान कोई माफी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक ड्रामा था।” बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, “अगर राहुल गांधी वाकई जिम्मेदारी लेना चाहते हैं, तो उन्हें तत्काल सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और कमलनाथ को पार्टी से बाहर करना चाहिए।” आपको बता दें कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद पूरे देश, विशेषकर दिल्ली में सिख समुदाय के खिलाफ भीषण हिंसा हुई थी। हजारों सिखों की हत्या कर दी गई थी। 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में सिख समुदाय से माफी मांगी थी। इसके बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी खेद जताया था।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देर रात सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच मुठभेड़ , आठ लाख का इनामी माओवादी ढेर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देर रात सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें एक माओवादी मारा गया। मृत माओवादी की पहचान साकेत उर्फ योगेश उर्फ आयतु के रूप में हुई है। ये डीबीसी (डिवीजन बॉडी काम्बैट) का सदस्य और शीर्ष माओवादी नेताओं का बॉडीगार्ड रह चुका था। उस पर आठ लाख रुपये का इनाम था। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि छत्तीसगढ़ ओडिशा की सीमा पर जिला बल सीआई-30 और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए भेजी गई थी। शाम करीब छह बजे मोतीपानी जंगल में घात लगाए माओवादियों ने सुरक्षाबल पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक माओवादी को मार गिराया। ऐसे तय होता है इनाम 50 लाख से एक करोड़ के इनामी : पोलित ब्यूरो, सेंट्रल कमेटी 25 लाख के इनामी : स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य (एसजेडसीएम) 10 लाख के इनामी : कंपनी कमांडर 8 लाख के इनामी : डिविजनल कमेटी, बटालियन सदस्य, कंपनी सदस्य, डिप्टी व प्लाटून कमांडर 5 लाख के इनामी : प्लाटून सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, लोकल ऑपरेशनल स्क्वायड, कमांडर, लोकल गुरिल्ला स्क्वायड कमांडर 3 लाख के इनामी : सेक्शन कमांडर 1 लाख के इनामी : एलओएस सदस्य, एलजीएस सदस्य, जनमिलीशिया सदस्य पर यह इनाम घोषित किया जाता है। बस्तर के माओवाद मुक्त गांवों में बनेंगे बलिदानियों के स्मारक बस्तर में माओवादी आतंक के काले अध्याय को मिटाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने “हमर बलिदानी योजना” शुरू की है। इसके अंतर्गत उन गांवों में स्मारक बनाए जाएंगे जो माओवादी आतंक का केंद्र रहे अब शांति की राह पर लौट आए हैं। स्मारकों से स्थानीय बलिदानियों की वीरता और योगदान को सहेजा जाएगा। ऐसे 500 स्मारक बनाए जाएंगे। संगमरमर की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक स्मारक पर तीन लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पंचायत विभाग को इस योजना की जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि माओवादी हिंसा के प्रतीक स्मारकों को सुरक्षा बल लगातार ढहा रहे हैं। सरकार का दावा है कि मार्च 2026 तक बस्तर को माओवाद मुक्त कर लिया जाएगा। राजनीतिक एकजुटता का संदेश उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू से हुई बातचीत को इंटरनेट मीडिया पर साझा किया। इस बातचीत में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष साहू ने सरकार की नक्सल विरोधी कार्रवाई की सराहना की ही और कहा कि जब कोई अच्छा काम हो रहा है, तो विपक्ष में रहकर भी उसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए। साहू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि झीरम घाटी जैसी घटनाएं किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे राज्य की पीड़ा हैं और इस पर सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। बता दें कि झीरम घाटी में हुई नक्सली वारदात में कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं समेत 31 लोग मारे गए थे। राज्य के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर में माओवाद पीड़ित परिवारों के लिए विशेष सर्वे कराया गया है, जिसके आधार पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर दिए जा रहे हैं। साथ ही बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम ने युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।  

मध्यप्रदेश में नई तबादला नीति में 10% का तबादला होना तय, खराब परफॉर्मेंस वाले पहले बदले जाएंगे

भोपाल 29 अप्रैल को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने तबादला नीति (Transfer Policy) को मंजूरी दे दी थी, लेकिन आदेश जारी नहीं किए गए थे। मध्यप्रदेश में कैबिनेट की मंजूरी के चार दिन बाद आधी रात को सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है। एक अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच जिन अधिकारियों (Officers) और (&) कर्मचारियों (Employees) का तबादला किया है, उनका ट्रांसफर मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। शनिवार और रविवार की रात 12.05 बजे राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है। इसमें राज्य एवं जिला स्तर पर तबादले के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति जारी की गई है. जिसका पालन सभी विभागों को करना होगा। प्रदेश में 6 लाख 6 हजार नियमित कर्मचारी हैं। नई तबादला नीति में 10% का तबादला होना तय माना जा रहा है। ऐसे में 30 मई तक 60 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकते हैं। तबादला नीति की 3 बड़ी बातें – 0- विभाग अपने लिए अलग से तबादला नीति बना सकेंगे, लेकिन जीएडी के प्रावधानों का पालन करना जरूरी होगा। 0- जीएडी की नीति से हटकर किए जाने वाले तबादलों में मुख्यमंत्री के समन्वय में आदेश प्राप्त करने होंगे। 0- जिला संवर्ग के कर्मचारी का और राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर तबादला कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद किया जाएगा। पुलिस तबादला बोर्ड के फैसले पर पोस्टिंग तबादला नीति में कहा गया है कि गृह विभाग के अंतर्गत उप पुलिस अधीक्षक से नीचे के पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले गृह विभाग द्वारा गठित पुलिस स्थापना बोर्ड ‌के आधार पर होंगे। तबादला बोर्ड द्वारा जिले में पदस्थापना का निर्णय लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ‌द्वारा प्रभारी मंत्री के परामर्श के बाद पदस्थापना की जाएगी। उप पुलिस अधीक्षक और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण पुलिस स्थापना बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभागीय मंत्री के अनुमोदन बाद सीएम समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर किए जाएंगे। कमजोर परफार्मेंस वालों को पहले हटाएंगे तबादला नीति में प्रावधान किया है कि प्रशासनिक आधार पर किए जाने वाले तबादलों में उन शासकीय सेवकों को पहले बदला जा सकेगा, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है। यानी उनका परफार्मेंस कमजोर रहा हो। यह अनिवार्य नहीं है कि 3 साल पूर्ण होने पर ही तबादला किया जाए। खुद के खर्च पर ऐसे होंगे ट्रांसफर जो कर्मचारी-अधिकारी खुद के खर्च पर ट्रांसफर करवाना चाहते हैं या परस्पर ट्रांसफर चाहते हैं, उनके आवेदन ऑनलाइन या कार्यालय प्रमुख ‌द्वारा सत्यापित आवेदन के रूप में पेश किए जाएंगे। स्वयं के व्यय पर रिक्त परस्पर किए गए स्थानांतरण तथा प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण संबंधी आदेश अलग-अलग जारी किए जाएंगे। स्वेच्छा से स्थानांतरण संबंधी आवेदन में उन शासकीय सेवकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण किया गया हो। तबादला नीति में ये प्रावधान भी खास हैं 0- जो अधिकारी या कर्मचारी एक साल या उससे कम समय में रिटायर हो रहे हैं, उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। पति-पत्नी एक साथ ट्रांसफर का आवेदन देते हैं तो उनका ट्रांसफर किया जा सकेगा। लेकिन नियुक्ति की जगह प्रशासनिक जरूरत के आधार पर तय होगी। 0- ऐसे कर्मचारी जिन्हें गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी खराब होने के कारण डायलिसिस या हार्ट सर्जरी की वजह से रेगुलर जांच कराना जरूरी है, उनका जहां ट्रांसफर होता है वहां ये सुविधा नहीं है तो मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर उनकी चाही गई जगह पर ट्रांसफर हो सकेगा। 0- जो कर्मचारी 40% या इससे अधिक दिव्यांग कैटेगरी में हैं, उनके ट्रांसफर नहीं होंगे। वे चाहें तो खुद से ट्रांसफर ले सकेंगे। सभी तरह के अटैचमेंट खत्म होंगे 0- ट्रांसफर पॉलिसी में कहा है कि सभी प्रकार के अटैचमेंट खत्म किए जाना है। साथ ही तबादले से रिक्त होने वाले पद की भरपाई उसी पद या समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाएगी। नियमित अधिकारी या कर्मचारी का तबादला कर उस पद का चार्ज जूनियर अधिकारी कर्मचारी को नहीं दिया जाएगा। जितने भी तबादले होंगे उसकी जानकारी विभाग प्रमुखों को जीएडी को देना अनिवार्य होगी। 0- जिसका तबादला हो जाएगा, उस शासकीय सेवक का अवकाश नई पदस्थापना वाले कार्यालय में जॉइन करने के बाद ही स्वीकृत किया जाएगा। सभी तबादला आदेश ऑनलाइन अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष के ई-ऑफिस माड्यूल से ही किए जाएंगे। 30 मई के बाद की गई एंट्री को शून्य माना जाएगा। ऐसे आदेशों का पालन नहीं होगा। 0- कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों को इस आधार पर मिलेगी छूट शासन से पत्राचार करने की मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की प्रदेश, संभाग, जिला, तहसील, विकासखंड शाखा के पदाधिकारियों जैसे अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष को पद पर नियुक्ति के बाद स्थानांतरण से दो पदावधि के लिए यानी 4 साल तक के लिए छूट रहेगी। यह सुविधा उसके पूरे सेवाकाल में दो पदावधि के लिए मिलेगी। 0- चार साल से अधिक समय होने पर प्रशासकीय आवश्यकता के आधार पर ऐसे पदाधिकारियों को भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। 0- संगठन के पदों में नियुक्ति की पूर्व सूचना के संबंध में सक्षम अधिकारी से संतुष्टि का आधार लिया जाएगा। 0- तबादला नीति-2025 को मंगलवार को डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने बैठक में मंजूरी दी थी।

भोपाल के इश्तिहाक ने खुद को अमन सिंह बताकर महिला सब इंस्पेक्टर को प्रेमजाल में फंसाया और फिर शादी कर ली

रायसेन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े रायसेन जिले में एक महिला पुलिस एसआई लव जिहाद का शिकार हो गई। भोपाल के इश्तिहाक ने खुद को अमन सिंह बताकर उसे प्रेमजाल में फंसाया और फिर शादी कर ली। महिला को इस फरेब का पता लगा तब तक देर हो चुकी थी। उसने फरवरी 2025 में थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसके ही साथी तीन महीनों तक इस मामले को दबाए रहे। भोपाल में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह की वारदातें सामने आने के बाद जब जनविरोध बढ़ा तो पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। महिला एसआई का आरोप है कि वर्ष 2019 में भोपाल में आरक्षक पद पर पदस्थ रहते हुए उसकी मुलाकात एक युवक से हुई थी।   मकान की रजिस्ट्री पर लिखा मिला इश्तिहाक अहमद युवक ने खुद को ‘अमन’ नामक हिंदू युवक के रूप में प्रस्तुत किया और दोस्ती बढ़ाकर विवाह का प्रस्ताव रखा। कुछ ही समय में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने विवाह कर लिया। एक वर्ष बाद 2020 में महिला को तब सच्चाई का पता चला जब एक मकान की रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेजों में युवक का असली नाम ‘इश्तिहाक अहमद’ दर्ज मिला। मानसिक रूप से प्रताड़‍ित करता रहा इस पर दोनों के बीच विवाद हुआ, लेकिन महिला ने वैवाहिक जीवन बचाने का प्रयास किया। बाद में इश्तिहाक का व्यवहार हिंसक होता गया। वह महिला एसआई के साथ आए दिन मारपीट करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। 19 फरवरी 2025 को महिला ने प्रताड़ना बढ़ने पर मंडीदीप थाने में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक तौर पर यह शिकायत केवल मारपीट और प्रताड़ना के रूप में दर्ज की गई थी, लेकिन हाल ही में इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं जोड़ी गईं।   भोपाल में कैफे चलाता है इश्तिहाक एसपी पंकज कुमार पांडे ने बताया कि आरोपी इश्तिहाक अहमद भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में एक कैफे का संचालन करता है। पुलिस की टीम ने उसे शुक्रवार को भोपाल से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर भी जांच कर रही है। बच्चे के कारण साथ रह रही थी महिला औबेदुल्लागंज एसडीओपी शीला सुराणा ने बताया कि आरोपित, महिला एसआई के साथ रह रहा था और घरेलू हिंसा करता था। नाम उजागर होने के बाद भी महिला अपने बेटे के कारण उसके साथ रह रही थी, लेकिन जब अत्याचार असहनीय हो गया तब उसने शिकायत दर्ज कराई।

जम्मू-कश्मीर के रामबन में भारतीय सेना का वाहन गिरा खाई में, 2 सैनिकों की मौत

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भारतीय सेना का एक वाहन खाई में गिर गया, जिसमें दो जवान शहीद हो गए। यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH44) पर बैटरी छस्मा के पास हुई। फिलहाल राहत और बचाव का कार्य जारी है। पुलिस, एसडीआरएफ, स्थानीय लोग और सेना की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। तस्वीरों में 700 फीट गहरी खाई में वाहन के क्षतिग्रस्त अवशेष दिखाई दे रहे हैं। घटनास्थल पर सैनिकों के शव, उनके सामान और कुछ कागजात बिखरे पड़े हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ट्रक जम्मू से श्रीनगर जा रहे काफिले का हिस्सा था। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर बैटरी चश्मा के पास 11.30 बजे के करीब यह दुर्घटना हुई। आपको बता दें कि सेना का काफिला उधमपुर से श्रीनगर जा रहा था। रामबन के पास काफिले की जो गाड़ी खाई में जा गिरी, उसमें दो कर्मी सवार थे। एक चालक और एक सैनिक गाड़ी में सवार थे। एक शव बरामद किया गया है और उसकी पहचान सुरजीत कुमार के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे का पता लगाने के लिए खोज अभियान जारी है।

मुख्यमंत्री साय बोले – औषधीय पौधों के संवर्धन से असीम संभावनाएं

  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष   विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने  मरकाम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।         मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में औषधि पादप को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि औषधि पौधों में बहुत से गुण होते हैं, इनके साथ ही बेहतर आमदनी के लिए औषधि पादपों के रोपण को बढ़ावा देने की जरूरत है। बस्तर एवं सरगुजा में इसकी अपार संभावनाएं है। बोर्ड को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की जरूरत है।       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बैगा-गुनिया और वैद्य  आदिम समय से  वन औषधि की पहचान कर लोगों का इलाज करते हैं। उन्होंने कहा डॉ रमन सिंह जी ने बैगा, वैद्य के बेहतरी एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के लिए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड गठन किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के ओरछा के परंपरागत वैद्य श्री हेमंचद मांझी को औषधि पादप के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है।        आदिम जाति विकास मंत्री  राम विचार नेताम ने कहा कि  जिन उद्देश्यों को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का गठन किया गया है, निश्चित ही  मरकाम के नेतृत्व में उन उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे।  वैद्यों के ज्ञान एवं वनौषधियों के अनुभव का संग्रहण कर एक डाटाबेस तैयार  करने बोर्ड  को कार्य करने की जरूरत है ताकि इस डाटा का उपयोग समाज एवं मानव स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए किया जा सके।         वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि   छत्तीसगढ़ देश का आक्सीजन जोन है। वनौषधियों  के संरक्षण एवं संवर्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की है। हमारी सरकार वन में रहने वाली ग्रामीणों के लिए बेहतर कार्य कर रहे है। छत्तीसगढ़ में 5500 रूपये प्रति मानक बोरा के दर समर्थन मूल्य में वनोपज की खरीदी होती है जिसका फायदा तेंदूपता संग्राहकों को मिलता है। इसके साथ ही 67 प्रकार के वनोपज की भी खरीदी होती है। पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह को पूर्व राज्यसभा सांसद  समीर उरांव  और पादप बोर्ड के नवनिययुक्त अध्यक्ष   विकास मरकाम ने भी सम्बोधित किया।       इस अवसर पर रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद   देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, मोती लाल साहू, गजेंद्र यादव, नीलकंठ टेकाम, प्रणव मरपच्ची, सहित विभिन्न मंडल एवं आयोग के अध्यक्षों, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित वैद्य एवं आर्युवेदाचार्य  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले – रजक समाज का परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक सद्भाव में रहा है महत्वपूर्ण योगदान

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रजककार विकास बोर्ड  के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा रजक समाज,जिनका परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक सद्भाव में महत्वपूर्ण योगदान रहा है उनका सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में है। रजक धोबी समाज हमारे गांवों के उन समुदायों में से एक हैं जिन्हें हुनर पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता आया है। इसी हुनर से वे रोजगार प्राप्त करते रहे हैं। नये जमाने में इस हुनर को और निखारने की जरूरत है। हम परंपरागत काम को कैसे आधुनिक बना सकते हैं, रोजगार के नये अवसरों का निर्माण कैसे कर सकते हैं, इस बारे में भी बोर्ड के माध्यम से पहल करें। आप जो रास्ता तय करेंगे, उसमें हमारी सरकार आपके साथ खड़ी मिलेगी। श्री साय ने आगे कहा रजक समाज परंपरागत रूप से श्रम, सेवा और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति है। छत्तीसगढ़ का ऐसा कोई गांव नहीं जहां रजक समुदाय के लोग निवास नहीं करते है। हर गांव में रजक समाज से जुड़े व्यक्ति निवास रहते है जिनका समाज व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की दिशा में तैयारी से आगे बढ़ रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि समाज के हर वर्ग को बराबरी का अवसर और सम्मानजनक भागीदारी मिले। हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है कि हम अनुसूचित जाति, जनजातियों, पिछड़े वर्ग और वंचित समुदायों को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय,और स्वावलंबन के सभी साधन उपलब्ध कराएं। यही सामाजिक न्याय है। यही समरसता का मार्ग है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कौशल उन्नयन को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम लोग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर उनका स्किल डवलपमेंट से स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर आत्मनिर्भर बना रहे हैं। रजककार विकास बोर्ड का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है कि हम इस समाज की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानें, उनके लिए योजनाएँ बनाएं,और उन्हें विकास की मुख्यधारा में पूरी गरिमा के साथ जोड़ें। मुझे विश्वास है श्री प्रहलाद रजक जी अपने सुदीर्घ अनुभव से समाज की अपेक्षाओं निश्चित ही खरा उतरेंगे। उनकी यह नियुक्ति केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो सामाजिक समरसता,समान अवसर और सामाजिक न्याय पर आधारित है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री दयाल दास बघेल,श्री टंक राम वर्मा, दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल,विधायक श्री अमर अग्रवाल,श्री मोती लाल साहू ईश्वर साहू, दीपेश साहू, सहित विभिन्न मंडल आयोग के अध्यक्ष,छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में रजक,धोबी एवं कन्नौजे समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet