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INS सूरत को हजीरा पोर्ट पर तैनात कर भारत ने पाकिस्तान पर की बड़ी स्ट्राइक, ठप होगा कराची पोर्ट

अहमदाबाद  पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई जारी है। गुजरात के सूरत में आईएनएस सूरत की तैनाती के बाद अब पाकिस्तान की पोर्ट्स की तरफ मूवमेंट नहीं कर पाएगी। आईएनएस सूरत को हजीरा पोर्ट पर तैनात किया गया है। अरब सागर में अगर पाकिस्तान की बोट भारतीय सीमा में प्रवेश करेंगी तो भारतीय एजेंसियों की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ भारत की नावें और जहाज पाकिस्तान की तरफ नहीं जाएंगे। सूत्रों के अनुसार आईएनएस सूरत के हजीरा पोर्ट पहुंचने और पाकिस्तान की नावों और जहाजों पर पाबंदी कराची पोर्ट ठप्प पड़ जाएगा। पाकिस्तान का कराची बंदरगाह सुमद्री व्यापार का बड़ा अड्‌डा है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सबसे पहले सिंधु जल समझौता रद्द किया था।   तैनाती के बाद लगाई रोक भारत का आईएनएस सूरत 1 मई को गुजरात के हजीरा पोर्ट पर पहुंचा था। भारत के आतंक हमलों के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए तीनों सेनाएं अलर्ट मोड पर आने के बाद भारत ने यह कदम उठाया था। आईएनएस सूरत को कुछ महीने पहले मुंबई में कमीशन किया गया था। भारतीय नौसेना अरब सागर में अपने अभ्यास तेज को तेज किया। इसे युद्ध से पहले की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। नौसेना का जंगी जहाज आईएनएस सूरत को पहली बार सूरत के हजीरा पोर्ट पर तैनात कर दिया गया। अपने नाम वाले शहर पहुंचने पर आईएनएस सूरत का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। नई तकनीक से लैस है INS सूरत नौसेना का आईएनएस-सूरत युद्धपोत विध्वंसक श्रेणी में आता है। यह पनडुब्बी, जहाज, विमान जैसे किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकता है। आईएनएन सूरत में हेलिकॉप्टर भी तैनात हैं।युद्धपोत में आधुनिक हथियार प्रणाली, रडार, और मिसाइलें लगी हैं जो इसे समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी बनाती हैं। आईएनएस सूरत में सभी वे खूबियां मौजूद हैं जिससे वह दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकता है। महाराष्ट्र और गुजरात के स्थापना दिवस पर जब आईएनएस सूरत जब अपने होम सिटी पहुंचा था। तब इस बड़े कदम के तौर पर देखा गया था। एक्सपर्ट का कहना है कि आईएनएस सूरत न सिर्फ लंबी समुद्री सीमा को सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि दुश्मन की समुद्र में निगरानी सख्त होगी।   इंडियन नेवी ने अपने सभी वॉरशिप को अलर्ट पर रखा है। अरब सागर में एंटी शिप और एंटी एयरक्राफ्ट फायरिंग की प्रैक्टिस की गई। गुजरात के नजदीक कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट पर रखा गया है। उधर, पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर चौकियों पर अपने झंडे फिर लगा दिए हैं। एक दिन पहले पाक ने चौकियों से झंडे हटा दिए थे। इस बीच खबर है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद मांगी है।     भारत-पाक सीमा के फॉरवर्ड पोस्ट्स पर पाकिस्तान ने सेना तैनात कर दी हैं। इसमें चीन से मिली तोपें भी शामिल हैं।     नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) चीफ सदानंद दाते गुरुवार दोपहर पहलगाम पहुंचे। वह तीन घंटे बायसरन में रहे।     प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका से अपील की है कि वह भारत पर जिम्मेदारी से पेश आने और बयानबाजी कम करने का दबाव बनाए।     अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से शरीफ ने यह भी कहा कि भारत के उकसाने वाले रवैया से क्षेत्रीय हालात बिगड़ सकते हैं। आईएनएस विक्रांत अरब सागर में तैनात भारतीय नौसेना ने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात किया था। यह भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है। तैनाती 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।इससे पहले भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था। इसमें लिखा गया, ‘एकता में शक्ति, उद्देश्यपूर्ण उपस्थिति।’ नौसेना ने पोस्ट के साथ कई हैशटैग भी लगाए थे।

समीकरण बिगाड़ सकता है राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स पर भी मंडरा रहा है IPL 2025 से बाहर होने का खतरा

नई दिल्ली गत चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) रविवार को जब राजस्थान रॉयल्स का सामना करेगा तो उसका लक्ष्य जीत हासिल करके प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीद को जीवंत रखना होगा। केकेआर को लीग स्टेज में चार और मैच खेलने हैं और प्लेऑफ के लिए उसका समीकरण सीधा है। चारों मैच जीत कर 17 अंक तक पहुंचना। इससे वह अंतिम चार में पहुंचने के लिए अगर मगर से बच जाएगा। कागजों पर यह आंकड़ा भले ही सीधा नजर आता है लेकिन वास्तविकता में यह काफी मुश्किल है। केकेआर को इन चार मैच में से दो मैच घरेलू मैदान पर खेलने हैं। वह रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलने के बाद बुधवार को अपने घरेलू मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स का सामना करेगा। इसके अलावा उसे 10 मई को सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (17 मई) के खिलाफ उनके मैदान पर मैच खेलने हैं। सनराइजर्स की टीम अपना उत्साह खो चुकी है लेकिन बेंगलुरु की टीम शानदार फॉर्म में चल रही है और ऐसे में कोलकाता का अंतिम मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना है। लेकिन यह अभी बाद की बात है और केकेआर को अभी अपना ध्यान घरेलू मैदान पर होने वाले दो मैच पर केंद्रित करना होगा। राजस्थान और चेन्नई की टीम प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी हैं और ऐसे में वे बिना किसी खास दबाव के मैदान पर उतरेंगी जिससे निपटना केकेआर के लिए आसान नहीं होगा। कोलकाता अगर यहां से कोई मैच हारता है तो उनकी गाड़ी 15 अंकों पर ही अटक जाएगी, इसके बाद उन्हें दूसरी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। केकेआर की बड़ी चिंता घरेलू मैदान पर उनका खराब प्रदर्शन है। ईडन गार्डन्स कभी उनका गढ़ हुआ करता था, लेकिन इस बार उसने अभी तक पांच मैचों में से केवल एक जीत हासिल की है जबकि पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला था। केकेआर के स्पिनर यहां की असमान उछाल से सामंजस्य से बिठाने में नाकाम रहे हैं जबकि उसके बल्लेबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उसकी बल्लेबाजी में आक्रामकता की कमी दिख रही है जिसके दम पर उसकी टीम ने पिछले साल खिताब जीता था। पिछले सत्र में सुर्खियां बटोरने वाले फिनिशर रिंकू सिंह आठ पारियों में सिर्फ 169 रन बना पाए हैं जबकि सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने सात पारियों में 137.50 के स्ट्राइक रेट से 143 रन बनाए हैं। उनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। लेकिन केकेआर को सबसे ज्यादा निराश वेंकटेश अय्यर ने किया है जिन्हें इस फ्रेंचाइजी ने 23.75 करोड रुपए में खरीद कर उप कप्तान नियुक्त किया था। वेंकटेश ने 10 मैचों में केवल 142 रन बनाए हैं। कप्तान अजिंक्य रहाणे इस सत्र में केकेआर के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन वह फील्डिंग के दौरान हाथ में लगी चोट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ठीक हूं। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा हूं और उम्मीद है कि मैं रविवार को मैच खेलूंगा।’’ राजस्थान रॉयल्स का अभी तक निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। उसकी टीम ने अपने पिछले सात मैचों में केवल एक जीत हासिल की है जिससे उसकी नीलामी के दौरान अपनाई गई रणनीति की खामियां भी उजागर हो गई हैं। आईपीएल की नई सनसनी 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 35 गेंद पर शतक लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी तरफ खींचा था लेकिन उनसे हर समय इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती है। टीम इस प्रकार हैंं: कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), अंगकृष रघुवंशी, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, लवनिथ सिसौदिया, वेंकटेश अय्यर, अनुकूल रॉय, मोइन अली, रमनदीप सिंह, आंद्रे रसेल, एनरिक नोकिया, वैभव अरोड़ा, मयंक मारकंडे, स्पेंसर जॉनसन, हर्षित राणा, सुनील नारायण, वरुण चक्रवर्ती और चेतन सकारिया। राजस्थान रॉयल्स: संजू सैमसन (कप्तान), रियान पराग, यशस्वी जयसवाल, शिम्रोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), कुणाल सिंह राठौड़, युद्धवीर सिंह चरक, नितीश राणा, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, आकाश मधवाल, कुमार कार्तिकेय, क्वेना मफाका, वानिंदु हसरंगा, महेश थीक्षाना, फजलहक फारूकी, अशोक शर्मा और जोफ्रा आर्चर।

मुख्यमंत्री साय बोले – आमजन के हित में करें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों के इलाज में कोई कमी नहीं आएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र ही पीएससी और व्यापम के द्वारा भरा जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लाडली बहना योजना स कटे हजारो नाम, अब हर महीने की 16 तारीख तक आएगी किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश की लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ‘लाड़ली बहना योजना’ अक्सर चर्चा में रहती है। इसके तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में हर महीने 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। मई में भी लाड़ली बहनों के खाते में 24वीं किस्त आने वाली है। लेकिन ‘लाड़ली बहना योजना’ ने कई जिलों की बहनों को बड़ा झटका दे दिया है। बता दें कि 10 हजार 963 महिलाएं अब इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगी। 24वीं किस्त आने से पहले जान लीजिए कि मई में किन लाड़ली बहनों के खाते में नहीं आएंगे योजना के पैसे…। इस वजह से कई लाड़ली बहना हुई बाहर राज्य शासन की सबसे महत्वपूर्ण लाड़ली बहना योजना(Ladli Behna Yojana 24th Installment) में लगातार दूसरे साल 2025 में 60 वर्ष की आयु पार होने पर 10 हजार 963 महिलाएं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। इन्हें 1250 रुपए मासिक राशि के लाभ से अलग कर दिया गया। केवल 3,92,912 महिलाएं ही इस योजना में शेष बताई गई हैं। बाहर हुई महिलाएं अपात्र महिलाओं की संख्या: 690 लाभ परित्याग करने वाली महिलाएं: 890 मृत महिलाओं की संख्या: 646 समग्र से डिलीट महिलाएं: 426 आधार से समग्र डि-लिंक महिलाएं: 505 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं: 10963 कुल पात्र महिलाएं: 392912 अब हर महीने की 16 तारीख तक आएगी किस्त मध्य प्रदेश की महिलाएं लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। मई का महीना शुरू होते ही महिलाएं उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनके खाते में जल्द ही पैसे आएंगे। पिछली बार 23वीं किस्त 16 अप्रैल को ट्रांसफर की गई थी। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख तक किस्त आ जाती थी। इसलिए, महिलाएं सोच रही हैं कि मई की किस्त कब आएगी। किस्त में देरी पर उठे थे योजना के बंद होने पर सवाल पिछले महीने लाडली बहना योजना के बंद होने की अफवाहें उड़ी थीं। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने मोहन कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए ये बात कही थी। उन्होंने कहा था कि ‘लाडली बहना योजना बंद नहीं होगी और योजना के तहत दिए जाने वाली राशि 1250 को हर महीने की 10 से 16 तारीख के बीच ट्रांसफर किया जाएगा।’ एमपी सरकार ने शुरू की थी योजना लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की थी। इसका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाना है। इस योजना से आज मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं को फायदा मिल रहा है। इस योजना के तहत हर महीने की 10 तारीख को महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। इस तरह सरकार महिलाओं को सालाना 15000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। पिछली बार हुई थी देरी अप्रैल 2025 की 23वीं किस्त जारी होने में देरी की वजह से इस योजना के बंद होने पर सवाल उठने लगे थे। विपक्ष ने भी इस पर खूब सवाल उठाए थे। इस पर सरकार की ओर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा था कि किस्त के रूपए हर महीने की 10 से 16 तारीख के बीच में ट्रांसफर हो जाएंगे। कौन ले सकता है इस योजना का लाभ लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें हैं। महिला मध्य प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए। उसके परिवार में कोई आयकरदाता नहीं होना चाहिए। साथ ही, परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। विधवा और तलाकशुदा महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। योजना की महत्वपूर्ण बातें     लाड़ली बहना योजना(Ladli Behna Yojana) 5 मार्च 2023 से शुरू हुई।     पंजीयन की अंतिम तारीख 30 अप्रेल 2023 थी। फिर योजना में संशोधन किया।     25 जुलाई 2023 से 20 अगस्त 2023 तक फिर पंजीयन किया।     अभी पंजीयन के निर्देश नहीं। जनप्रतिनिधि अनुरोध कर रहे। इन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ     अविवाहित महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।     जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष की आयु से ज्यादा है उन्हें, इस योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा।     जिनके परिवार की सालाना इनकम 2.5 लाख से अधिक है, वे भी योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक हो वे भी योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकतीं।     जिन महिलाओं के परिवार का कोई सदस्य सरकारी पद का लाभ ले रहा है, वे महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इन महिलाओं को ही मिलेगा लाभ     मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी     विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता     21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं     किसी भी वर्ग की महिलाएं ले सकती हैं लाभ     स्वयं या परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता न हो     जिनके परिवार के पास 5 एकड़ से कम भूमि हो  

राज्य सरकार ने मंत्रालय में पद​स्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा किया

भोपाल एमपी में सरकारी अमले के लिए राज्य सरकार की मेहरबानी लगातार जारी है। सरकार ने कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में फिर बढ़ोत्तरी की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार ने मंत्रालय भत्ते में बढ़ोतरी की है। भत्ते में ढाई गुना से ज्यादा वृद्धि की गई है।प्रदेश में मंत्रालय भत्ता करीब डेढ़ दशक बाद बढ़ाया गया है। ऐसे में कर्मचारियों, अफसरों ने खुशी जाहिर की है। राज्य सरकार ने मंत्रालय में पद​स्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा कर दिया है। इनमें मंत्रालय भत्ते में करीब 2.57 गुना वृद्धि की गई है। मंत्रालय के सभी संवर्गों के अधिकारियों, कर्मचारियों को भत्ता बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि की गई है उनमें अपर सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, स्टाफ आफिसर, अनुभाग अधिकारी शामिल हैं। इनके साथ ही निज सचिव, निज सहायक, स्टेनोग्राफर, अनुभाग अधिकारी, सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के भत्ते भी बढ़ाए गए हैं। मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय भत्ता बढ़ोत्तरी के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई है जिसका भुगतान मई माह के वेतन में किया जाएगा। मंत्रालय कर्मचारियों, अधिकारियों को अभी सन 2013 में स्वीकृत मंत्रालय भत्ता दिया जा रहा था।

सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, हर घाट होगा रामघाट, नहीं होगा कोई भी वीआईपी घाट

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ लगेगा। वैसे इसके लिए अभी तीन वर्ष का समय है, लेकिन सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ को देखकर कई सीख ली है। इसी के चलते उज्जैन के लिए खास तैयारियां शुरू हो गई हैं। उज्जैन में शिप्रा के दोनों किनारे पर बनाए जाने वाले नए 29 किमी सहित कुल सभी 35 किमी लंबे घाटों को रामघाट के रूप में ही प्रचारित किया जाएगा। यहां अगल से कोई भी वीआईपी घाट नहीं बनाया जायेगा। उज्जैन सिंहस्थ को लेकर रूपरेखा तैयार पूरी कर ली गई है, अब बस सीएम की हरी झंडी का इंतजार है। उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल बयान देते हुए कहा कि सिंहस्थ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन का हर घाट रामघाट होगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। ऐसा अनुमान लगया जा रहा है कि सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में हर दिन सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 740 टन कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है। इसे नियंत्रित करने के लिए 50 हजार बायो-टॉयलेट भी बनाए जाएंगे। गैरजरूरी कामों के प्रस्ताव नहीं बनाएं कलेक्टर बैठक के पहले चरण में उज्जैन को छोड़ आसपास के जिलों के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इसमें डॉ. राजौरा ने कलेक्टरों को स्पष्ट किया कि नए निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को ध्यान रख ही बनाएं। यानी गैर जरूरीकामों के प्रस्ताव नहीं बनाएं। किसी भी घाट को वीआईपी नाम नहीं दें, ताकि ज्यादा भीड़ केवल उसी दिशा जाने का प्रयास नहीं करें। बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि काम ऐसे होने चाहिए कि वे बाद वाले सिंहस्थ में भी उपयोगी हों। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने सिंहस्थ के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि निर्माण कार्य केवल इस एक सिंहस्थ तक सीमित न रहें, बल्कि वे भविष्य के सिंहस्थ आयोजनों में भी उपयोगी साबित हों। इसी दिशा में निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य स्थायी और गुणवत्तायुक्त हों। इसके लिए अच्छी सामग्री का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार होगा अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंहस्थ 2028 के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए, जिसमें भीड़ प्रबंधन, यातायात, घाटों की व्यवस्था, जल-प्रबंधन और आपदा सुरक्षा की दृष्टि से सभी पहलुओं को शामिल किया जाए।

महाकाल परिसर में एक हजार वर्ष पुराना मंदिर दोबारा बनेगा, एक साल पहले निर्माण के लिए निविदा जारी

उज्जैन महाकाल मंदिर परिसर में नवनिर्माण के लिए की जा रही खोदाई से निकले एक हजार साल पुराने शिव मंदिर को पुनर्निर्मित करने की पूरी तैयारी हो गई है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग की टीम महाकाल पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। बता दें बीते डेढ़ साल से विभाग केवल पत्थरों का नाप जोख और नंबरिंग ही करा रहा है, निर्माण की शुरुआत नहीं करा पाया है। बताया जाता है पुरातत्व विभाग ने करीब एक साल पहले मंदिर निर्माण के लिए निविदा जारी की थी। लेकिन किसी भी ठेकेदार ने निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से समय पर काम शुरू नहीं हो पाया। इसका असर उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे काम पर पड़ा और शहनाई गेट आदि के उन्नयन में देरी होने लगी। इसका असर डेढ़ माह बाद शुरू होने वाले श्रावण पर पड़ता देख मंदिर प्रशासन ने पुरातत्व विभाग को इस दिशा में ठोस कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। इसके बाद विभाग के अफसर मंदिर पहुंचे तथा शीघ्र काम शुरू करने की बात की। 37 फीट ऊंचा बनेगा मंदिर पुनर्निर्मित मंदिर की ऊंचाई करीब 37 फीट रहेगी। निर्माण में भूगर्भ से पुरावशेषों के रूप में प्राप्त हुए पत्थरों का उपयोग होगा। कुछ पत्थर या खंभों को खड़ा करने में आवश्यकता लगी, तो उसी प्रकृति व रंग का पत्थर मालवा परिक्षेत्र से मंगवाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 65 से 75 लाख रुपये का खर्च आएगा। पुरातत्व विभाग भोपाल के अधिकारी डॉ. रमेश यादव ने बताया कि करीब एक हजार वर्ष पुराने 37 फीट उंचे प्राचीन स्वरूप के शिव मंदिर निर्माण का कार्य वहीं से प्राप्त हुए पत्थरों से किया जाएगा। छह माह पहले मंदिर निर्माण की स्वीकृति विभाग से मिलने के बाद निर्माण की कवायद प्रारंभ हुई मंदिर का निर्माण पत्थरों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। जो पार्टस कम रहेंगे, उन्हे बनाने में समय लगेगा। हमारा अनुमान है कि यहां 90 प्रतिशत पत्थर उपलब्ध है। ऐसे में छह महिने में कार्य पूर्ण हो जाएगा। निर्माण के दौरान प्रतिदिन विशेषज्ञ विभाग को रिपोर्ट भी करेंगे। प्राचीन मूल स्वरूप में मंदिर निर्माण के लिए पुरातत्व विभाग ने प्रारंभिक रूप से अनुमानित करीब 65 लाख रूपए खर्च होने का आंकलन किया है। प्राचीन मंदिर का पुरातत्व विभाग की आयुक्त उर्मिला शुक्ला के निर्देशन में कार्य होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालु इस प्राचीन मंदिर से पौराणिक इतिहास जान सकेंगे। मंगलवार से यहां प्रारंभ हुए कार्य त्रिवेणी पुरातत्व संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष योगेश पाल की रेखरेख में शुरू हुआ है। मंदिर के लिए खोदाई होने व स्ट्रेक्चर तैयार करने के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेषज्ञ भी आएंगे। पुरातत्व विभाग मंदिर निर्माण के बाद मंदिर समिति को सौंप देगा। राजस्थान के कारीगर करेंगे निर्माण पुरातत्व विभाग की देखरेख में महाकाल मंदिर के प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण ताराचंद निवासी भरतपुर राजस्थान करेंगे। ताराचंद ने बताया कि इसके पहले वे पुरातत्व विभाग की देखरेख में अनूपपुर के गजा मंदिर, पीएचक्यू भोपाल, उदयपुर, देवबड़ला सिहोर में शिव मंदिर, औंकारेश्वर में शिव मंदिर, आशापुरी जिला रायसेन में सूर्य मंदिर में प्राचीन पत्थरों से विभाग की देखरेख में कार्य कर चुके है। अब महाकाल मंदिर परिसर में प्राचीन मंदिर का निर्माण कार्य करेंगे। पुरातत्व विभाग की निगरानी में खुदाई हुई थी श्री महाकालेश्वर मंदिर में विस्तारीकरण कार्य के लिए मंदिर परिसर के मुख्य द्वार पर सामने के भाग में जून 2021 में खोदाई का काम शुरू किया था। नए निर्माण कार्य के लिए करीब 25 से 30 फीट की खोदाई के दौरान मिट्टी में दबे प्राचीन मंदिर के पुरा अवशेष प्राप्त हुए थे। जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग के आयुक्त शिवशेखर शुक्ला ने पुराविद् डा. रमेश यादव के नेतृत्व में चार सदस्यीय दल गठित कर पुरासंपदा का निरीक्षण कर विभाग को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस पर आयुक्त ने महाकाल मंदिर के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए पुरातत्व विभाग की निगरानी में खोदाई कराने का निर्णय लिया था। वहीं शोध अधिकारी डा. धु्रवेंद्रसिंह जोधा को पुरातात्विक विधि से खुदाई कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। खुदाई में ये पुरासंपदा प्राप्त हुई- पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ की देखरेख में खोदाई के दौरान मंदिर का आधार भाग, प्राचीन शिव लिंग, नंदी, गणेश, मां चामुंडा, शार्दुल की मूर्तियां प्राप्त हुई थी। इसके अलावा भारवाही कीचक तथा दो हजार साल पुराने शुंग, कुषाण, मौर्य व परमार काल में निर्मित मिट्टी के बर्तन भी मिले थे। विशेषज्ञों की देखरेख में इस स्थान से मिले स्तंभ, कुंभ भाग, आमलक आदि के अवशेषों का वर्गीकरण के बाद विभाग ने इन पुरा अवशेषों पर नंबरिंग भी है। जिससे निर्माण के दौरान जो भाग जहां का है वहीं स्थापित किया जा सके। पुरातत्व विभाग आधार भाग से शिखर तक के हिस्सों को जोड़कर प्राचीन स्वरूप में ही मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ करेगा

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 5 मई तक? मार्कशीट के लिए ये 3 वेबसाइटदेखें

भोपाल एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं परीक्षा में शामिल हुए 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स सरकारी रिजल्ट पर लेटेस्ट अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 इसी महीने जारी किया जाएगा. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 से जुड़े सभी अपडेट्स मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in और mpbse.nic.in पर चेक किया जा सकेगा. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल किसी भी वक्त रिजल्ट डेट का ऐलान कर सकता है. अप्रैल में मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 मई से पहले एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 जारी करने का निर्देश दिया था. ऐसे में एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2025 के जल्द जारी होने की उम्मीद की जा रही है. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 चेक करने के लिए रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ जैसी डिटेल्स की जरूरत पड़ेगी. MP Board Result 2025 Date: खत्म होने वाला है इंतजार मध्य प्रदेश बोर्ड रिजल्ट 2025 जारी करने से पहले नोटिफिकेशन जारी करेगा. इस साल भी एमपी बोर्ड रिजल्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही रिलीज किया जाएगा. इस साल मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 16,60,252 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. इनमें से 9,53,777 स्टूडेंट्स ने 10वीं की और 7,06,475 स्टूडेंट्स ने 12वीं की परीक्षा दी थी. अब सभी एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं, जोकि अगले कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा.  एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें? एमपी बोर्ड रिजल्ट कई तरीकों से चेक किया जा सकता है. आप एमपी बोर्ड रिजल्ट की ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर विजिट करके अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं. इसके अलावा 56263 पर रोल नंबर भेजकर एसएमएस के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है. अगर किसी भी वजह से ये दोनों तरीके काम न करें तो स्टूडेंट्स डिजिलॉकर की वेबसाइट और ऐप पर भी सरकारी रिजल्ट चेक कर सकते हैं.  एमपी बोर्ड रिजल्ट चेक करने के से पहले तैयार रखें ये डिटेल्स मध्य प्रदेश कक्षा 10वीं 12वीं का रिजल्ट जारी होने से पहले स्टूडेंट्स ये डिटेल्स निकालकर रख सकते हैं. इनके बिना एमपी सरकारी रिजल्ट चेक नहीं कर पाएंगे: रोल नंबर डेट ऑफ बर्थ स्कूल कोड स्कूल का नाम एमपी बोर्ड की परीक्षा कब से कब तक हुई? मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी से 21 मार्च 2025 के बीच हुआ था। इसके अलावा 12वीं एग्जाम 4 अप्रैल तक हुए थे।  एमपपी बोर्ड कक्षा 10वीं का बीते साल का रिजल्ट फर्स्ट डिवीजन पास करने वाले छात्र: 3,05,067 सेकेंड डिवीजन पाने वाले छात्र: 1,69,863 थर्ड डिवीजन से पास होने वाले छात्र: 2,145  एमपी बोर्ड की मार्कशीट में होंगी ये डिटेल्स     छात्र का नाम     उसकी तस्वीर     स्कूल नंबर     रोल नंबर     रजिस्ट्रेशन नंबर     एग्जाम सेंटर नंबर     हर विषय में मिले अंक     प्रैक्टिकल में हासिल अंक     कुल अंक     डिवीजन  एमपी बोर्ड रिजल्ट चेक करने के 3 तरीके     ऑफिशियल वेबसाइट्स – mpbse.nic.in 2025 या mpresults.nic.in 2025 या mpbse.mponline.gov.in     SMS पर चेक करें।     MP बोर्ड के ऐप पर चेक करें। क्या एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट एक साथ आएगा? जी हां, पिछले सालों की तरह, इस वर्ष भी एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2025 और एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2025 एक साथ जारी करेगा। एमपीबीएसई परिणाम जारी करने की सटीक तारीख और समय की घोषणा जल्द कर सकता है। पिछले 5 साल में एमपी बोर्ड का पास प्रतिशत 2020: कक्षा 12 – 68.81% 2021: कोविड-19 के कारण सभी छात्रों को प्रमोट किया गया 2022: कक्षा 12वीं – 72.72% 2023: कक्षा 12वीं – 55.28% 2024: कक्षा 12वीं – 64.48% 02:45 PM, May 02 2025  मध्यप्रदेश बोर्ड रिजल्ट की वेबसाइट्स     mpbse.nic.in 2025     mpresults.nic.in 2025     mpbse.mponline.gov.in2025  पिछले साल की एमपी बोर्ड रिजल्ट डेट साल 2024 में एमपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणामों की घोषणा 24 अप्रैल को की गई थी। इस साल परिणाम घोषित करने में थोड़ा समय लग रहा है हालांकि इसकी घोषणा जल्द किए जाने की संभावना है।  एमपी बोर्ड के ऐप से कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से MPBSE मोबाइल ऐप या MP मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।     इसके बाद अपने स्मार्टफोन पर ऐप खोलें।     ‘Know your Result’ विकल्प पर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें।     ‘सबमिट’ बटन को क्लिक करने पर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा।  क्या एमपी बोर्ड ने की डेट्स की घोषणा? अभी तक, मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) ने आधिकारिक तौर पर MP बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2025 की तारीख और समय की कोई भी पुष्टि नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और परिणाम जल्द ही, संभवतः मई के पहले सप्ताह के खत्म होने तक जारी किया जा सकता है।  पिछले साल का 10वीं पास परसेंटेज पिछले साल एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं रिजल्ट में 58.10% छात्र पास हुए थे। इस साल इसमें कुछ सुधार होने की उम्मीद है। एसएमएस पर एमपी बोर्ड का रिजल्ट कैसे चेक करें? ऑफिशियल वेबसाइट पर परिणाम ना देख पाने या वेबसाइट के स्लो चलने पर कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं रिजल्ट SMS पर देख सकते हैं। कक्षा 10वीं के लिए: टाइप करें MPBSE10 और स्पेस देकर अपना रोल नंबर लिखें। कक्षा 12वीं के लिए: टाइप करें MPBSE12 और स्पेस देकर अपना रोल नंबर लिखें। इसके बाद मैसेज को 56263 पर भेज दें। एमपी बोर्ड का रिजल्ट कब आएगा? मध्य प्रदेश बोर्ड मई के पहले सप्ताह में जल्द ही एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं परिणाम 2025 की घोषणा कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार एमपी बोर्ड का रिजल्ट ड्राफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्रों को लेटेस्ट अपडेट और आधिकारिक परिणाम घोषणा के लिए नियमित रूप से आधिकारिक एमपीबीएसई वेबसाइट या इस पेज पर बने रहने की सलाह दी जाती है।  एमपी बोर्ड परीक्षा कब से कब तक हुई थी? कक्षा 10वीं एमपी बोर्ड की परीक्षा कब से कब तक हुई – 27 फरवरी से 19 मार्च, 2025 एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं परीक्षा कब से कब तक हुई – 25 फरवरी से 25 मार्च, 2025

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उमर अब्दुल्ला की पीएम मोदी से यह पहली मुलाकात, स्थिति को लेकर हुई चर्चा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उमर अब्दुल्ला की प्रधानमंत्री मोदी से यह पहली मुलाकात है। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। दोनों नेताओं के बीच आतंकी हमले के बाद की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। सीएम उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी से खास बातचीत की। आतंकी हमले के बाद देश की जनता में आक्रोश है। आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है। देश की जनता आतंक को खत्म करने की पीएम मोदी से अपील कर रही है। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को मिलेगी राहत : मुख्यमंत्री साय

ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन व्यवस्था प्रारंभ होने से भ्रष्टाचार की सम्भावना हो रही है खत्म जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर लगेगी रोक: घर बैठे रजिस्ट्री के साथ साथ ही होगा नामांतरण  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज मेफेयर रिसॉर्ट में इन नवाचारों का शुभारंभ करते हुए कहा कि भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सुशासन की राह में आगे बढ़ रही है।  राजस्व से जुड़े कार्याे के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूस्वामी पर पड़ता है। त्रुटि कोई और करे और भुगतता कोई और है। अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन करते हुए सरकार  भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है।कोयला, आबकारी सेक्टर में किए गए सुधारों की तर्ज पर भूमि पंजीयन की प्रक्रिया में रिफार्म किया गया है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजन तक समय पर पहुंचा रहे हैं । मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को बढ़ावा देकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने का जो रास्ता दिखाया है, उस पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार रिफार्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को महिनों चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये कार्य मिनटों में होंगे।   वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि कोई भी अर्थव्यवस्था, देश और समाज जब तक तकनीक और रिफार्म को नहीं अपनाता है, तब तक महान नहीं बनता। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग ने सुधारों को लागू करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। उन्होंने कहा कि  व्यवस्था में परिवर्तन होने से पहले इसका विरोध होता है,लेकिन यह सत्य है कि विकास के लिए परिवर्तन जरूरी है।जनता के हित और सुशासन के लिए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य हो, यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के 10 क्रांतिकारी सुधार को तैयार करने के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की है जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में परिवर्तन से जनता को लाभ मिलेगा। वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में अनेक सुधार किये हैं। अब आमजनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। फर्जी रजिस्ट्री को शून्य करने का अधिकार पंजीयन महानिरीक्षक को दिया गया है। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपए कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है,  विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है सरकार वहां तक पहुंचे जहां आम आदमी है और वह भी सरलता के साथ। डिजिटल गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।   राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पंजीयन में 10 नई क्रांतिकारी बदलाव आमजन को सहूलियत और राहत दिलाएगा। राजस्व और पंजीयन विभाग का यह संयुक्त प्रयास लोगों के लिए भूमि पंजीयन को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इसका लाभ जनता को मिलेगा। राजस्व विभाग आम जनता से जुड़ा विभाग है, इन क्रांतिकारी उपायों के लागू होने से रजिस्ट्री की गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में 90 प्रतिशत प्रकरण नामांतरण के हैं। नई व्यवस्था के लागू होने से इन प्रकरणों की संख्या तेजी से कम होगी। हमारा विभाग लोगों को सुविधा देने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों से न केवल आम जनता को सुविधा मिलेगी, कार्य सुगमता से होंगे बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में आज लागू हुए नवीन सुधार सरलता, सुगमता और सुविधा की क्रांति के बारे में है। एक साथ लाखों लोगों को सुविधा देने का कार्य इन सुधारों से हो सकेगा। अधिकारियों के अधिकारों को कम करना एक बड़ा विजनरी काम है। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को करने का अवसर मिला। यह जनता कि इज ऑफ लिविंग को बढ़ाने का कार्य है।    वाणिज्यिक कर विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी. ने पंजीयन विभाग में लागू हुए रिफॉर्म्स की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजनों को अब रजिस्ट्री कराने रजिस्ट्री आफिस जाने की भी जरूरत नहीं है। अब घर बैठे रजिस्ट्री होगी ।  संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग में नामांतरण के लिए आवेदन नही लगाना पड़ेगा,अब संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ समय से नामांतरण  हो जाएगा। जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर रोक लग जाएगी। किसी भी जमीन की आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा अर्थात आधार लिंक की वजह से बायोमैट्रिक पहचान धोखाधड़ी को रोकेगी। पंजीयन प्रक्रिया आनलाइन कर दी गई है।  आटो डीड जनरेशन की सुविधा भी आरंभ होने से पक्षकार को दस्तावेज बनाने, स्टांप खरीदने, एप्वाइंटमेंट लेने तथा पंजीयन प्रस्तुत करने अलग-अलग लोगों जैसे डीड राइटर, स्टांप वेंडर आदि के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। आज रजिस्ट्री कराने वाले हितग्राहियों ने बताया रजिस्ट्री में … Read more

मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बादल छाए और भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश, अगले तीन दिन भारी बारिश

भोपाल मध्य प्रदेश में शनिवार को सक्रिय मौसमी तंत्रों ने मौसम का रुख बदल दिया। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बादल छाए और भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। कई क्षेत्रों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली, जिससे तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और अन्य साइक्लोनिक सिस्टम के कारण अगले तीन-चार दिन आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। जिलों में आंधी और बारिश का दौर भोपाल में शाम चार बजे के बाद तेज हवाएं चलीं और रात तक कई हिस्सों में बारिश हुई। गुना में 35-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और 15 मिनट तक बारिश हुई, जबकि आरोन में 45 मिनट तक तेज बौछारें पड़ीं। राजगढ़, सीहोर, रायसेन, छतरपुर, दमोह, पन्ना, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, शाजापुर, सागर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, विदिशा, देवास, मुरैना, शिवपुरी, खंडवा, जबलपुर, टीकमगढ़, सतना, शहडोल और अनूपपुर में भी बारिश और हल्की आंधी दर्ज की गई। टीकमगढ़ में धूल भरी आंधी और काली घटाओं से दिन में अंधेरा छा गया, कई पेड़ उखड़ गए। दतिया में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। श्योपुर में गिरे ओले श्योपुर जिले के कराहल तहसील के 12 से अधिक गांवों में 15 मिनट तक बारिश के साथ बेर के आकार के ओले गिरे। इससे कराहल के उपार्जन केंद्र पर खुले में रखा 40 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। मौसम विज्ञानी एके शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश और आसपास सक्रिय दो साइक्लोनिक सिस्टम के कारण मौसम में बदलाव जारी रहेगा। मौसमी तंत्र बने बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में डेढ़ किमी ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड से उत्तरी ओडिशा तक एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन प्रभावी है। इन तंत्रों के कारण प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। रविवार को ओलावृष्टि की आशंका मौसम विभाग ने रविवार को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और डिंडोरी में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इन जिलों में किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम का यह बदला मिजाज अगले कुछ दिनों तक राहत और चुनौतियां दोनों ला सकता है।

खुशहाल कृषक और उन्नत कृषि मध्यप्रदेश की पहचान है, 6 हजार 850 लोगों को मिलेगा रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर जिले के सीतामऊ में आयोजित ‘कृषि उद्योग समागम-2025’ में ‘खाद्य प्र-संस्करण उद्यमियों से संवाद’ कार्यक्रम में कहा कि खुशहाल कृषक और उन्नत कृषि मध्यप्रदेश की पहचान है। खाद्य प्र-संस्करण से जहां उद्योगों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, वहीं किसान भी आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संचालित राज्य सरकार का संकल्प भी यही है। कृषि आधारित उद्योगों के लिए हमारी सरकार सरल व अनुकूल नीतियों का निर्माण कर उद्यमियों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 3812 करोड़ की लागत की 11 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण, भूमि-पूजन हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर 6850 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कृषि संबंधी उद्योगों की संभावनाओं पर निवेशकों से चर्चा की। साथ ही नीमच-मंदसौर जिले में नवीन उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को आशय प्रमाण पत्र (लेटर ऑफ इन्‍टरेस्‍ट) भी प्रदान किए गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के दरवाजे निवेशकों के लिए हमेशा खुले हैं। सरकार निवेशकों के मार्ग की सभी बाधाएं हटाने का काम कर रही है। हम सब प्रदेश की उन्नति के लिए संकल्पबद्ध हैं। सरकार हरसंभव सहयोग के लिए निवेशकों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यानिकी क्षेत्र में 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली पानी एवं बेहतर सड़क की सुविधा के साथ ही औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीतियां उपलब्ध हैं। औद्योगिक निवेश के लिए प्रदेश में बेहतर वातावरण है। उन्होंने कहा कि प्रति बीघा गेहूं के उत्पादन में मध्यप्रदेश ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह के आयोजन बड़े शहरों में ही होते थे, परंतु अब हमने संभाग एवं जिला स्तर पर भी इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने का निर्णय लिया है और इसकी शुरुआत आज मंदसौर जिले से हुई है। राज्य सरकार सभी प्रकार के निवेशकों को समान रूप से निवेश के अवसर उपलब्ध करा रही है। मुख्य सचिव श्री अनुरागजैन ने कहा कि मध्यप्रदेश को रोजगारोन्मुखी बनाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि इसके लिए उद्योगों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक है। जीडीपी में भी कृषि का योगदान 44 प्रतिशत है। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि से कृषि क्षेत्र में उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। मंदसौर, नीमच क्षेत्र मसालों के लिए विख्यात रहा है। यहां खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों में पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार में सरलता के लिए राज्य सरकार ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अनुपम राजन ने कहा कि कृषि उद्योग समागम की पहली कड़ी सीतामऊ मंदसौर में आयोजित हुई है। इसमें विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप इस प्रकार के समागम संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की पर्याप्त संभावना विद्यमान है। इस संबंध में राज्य शासन की नीतियां भी निवेशकों, उद्योगपतियों के लिए अनुकूल हैं और राज्य सरकार भी खाद्य प्र-संस्करण को प्रदेश में नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है। एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला ने निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत विभिन्न नीतियों के संबंध में जानकारी दी। उद्योगपति श्री अजय भटनागर ने भी अपने अनुभव साझा किए। निवेशकों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री श्री निर्मला भूरिया, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं निवेशक उपस्थित रहे।

भारतमाला परियोजना के निर्माण का डिप्टी सीएम साव ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों से ली गुणवत्ता की जानकारी

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अचानक निर्माणधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का औचक निरीक्षण करने अभनपुर पहुंचे, यहां उन्होंने निर्माणधीन ओवरब्रिज एवं सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान भारत माला प्रोजेक्ट एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सबसे पहले अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज कार्य का औचक निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता की जानकारी ली। साथ ही कार्य को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने की बात कही। इस दौरान अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट कार्य की संपूर्ण जानकारी दी। डिप्टी सीएम अरुण साव ब्रिज निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत भेलवाडीह के पास पहुंचे, यहां उन्होंने सड़क निर्माण के संबंध पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों से सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि, निर्माण में सभी मानकों का ध्यान रखा गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने निरीक्षण के बाद कहा कि भारत सरकार की यह क्रांतिकारी परियोजना है, इसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। इस हाइवे के बन जाने के बाद विशाखापट्टनम जाने में लंबी दूरी तय करना नहीं पड़ेगा। साथ ही यह आर्थिक गलियारा के रूप में महत्वपूर्ण साबित होगा। गौरतलब है कि, रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे का अधिकतर कार्य पूर्ण हो गया है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश पहुंच सकेंगे। यह रायपुर को धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम शहर को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे विशाखापट्टनम बंदरगाह पर समाप्त होगा। इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 किमी सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्सलेन सड़क बनना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने कई किसानों की जमीनें अधिग्रहित की है. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है, लेकिन कई किसानों को अब भी मुआवजा नहीं मिल सका है. विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद इस मामले में जांच का फैसला लिया गया था. क्या है भूमि अधिग्रहण नियम? भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत हितग्राही से यदि 5 लाख कीमत की जमीन ली जाती है, तो उस कीमत के अलावा उतनी ही राशि यानी 5 लाख रुपए सोलेशियम के रूप में भी दी जाएगी. इस तरह उसे उस जमीन का मुआवजा 10 लाख दिया जाएगा. इसके तहत 5 लाख की यदि जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उसके 10 लाख रुपए मिलेंगे और 10 लाख रुपए सोलेशियम होगा. इस तरह हितग्राही को उसी जमीन के 20 लाख रुपए मिलेंगे.

PM मोदी से डरा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तनाव कम करने की अपील की

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. पाकिस्तान को भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई का अंदेशा है और इस वजह से वह सहमा हुआ है. वह कभी पहलगाम आतंकी हमले की तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच करवाने और इसमें सहयोग करने, तो कभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठा रहा है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ तनाव बढ़ने पर उसे उचित समय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सबकुछ जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है. अहमद इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की योजना बना रहा है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है और जुलाई में 15 देशों वाली संयुक्त राष्ट्र संस्था की अध्यक्षता करेगा. PAK को सता रहा भारत की जवाबी कार्रवाई का डर उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि पहलगाम में एक घटना हुई है, लेकिन अब जो स्थिति उत्पन्न हुई है उससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है. हमारा मानना ​​है कि सुरक्षा परिषद को वास्तव में ऐसा करने का अधिकार है. पाकिस्तान सहित परिषद के किसी भी सदस्य के लिए यह पूरी तरह उचित होगा कि वह सुरक्षा परिषद की बैठक और चर्चा का अनुरोध करे, ताकि इस गंभीर स्थिति पर विचार किया जा सके.’ अहमद ने कहा, ‘हमने परिषद के सदस्यों के साथ इस पर चर्चा की है. हमने पिछले महीने की अध्यक्षता और इस महीने की अध्यक्षता के साथ इस पर चर्चा की है. हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं और हमें उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है.’ पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने अपने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी के बारे में पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल का सीधे जवाब देने से परहेज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान तीन दशक से अमेरिका और पश्चिमि देशों के लिए ‘गंदा काम’ करता रहा है. पाकिस्तान तीन दशक से आतंकवाद को दे रहा पराश्रय दरअसल, पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में स्काई न्यूज के एंकर यल्दा हाकिम ने ख्वाजा आसिफ से सवाल किया था, ‘आप स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है?’ इसके जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा था, ‘आप जानते हैं कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए यह गंदा काम लगभग तीन दशकों से कर रहे हैं, और ब्रिटेन भी इसमें शामिल है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘आतंकवादियों और आकाओं और इस हमले के साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से भी कड़ी सजा देंगे. देश के दुश्मनों ने न केवल निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है.’ गत 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय सेना को खुली छूट दी थी और कहा था कि पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए इसका तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे. भारत को रोको, हमें बचाओ; UNSC में रोया पाकिस्तान तो अब चर्चा की तैयारी भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और तनाव को कम कराने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत रिजवान सईद शेख ने चेतावनी दी कि “कोई भी गलत कदम या गलत अनुमान परमाणु संघर्ष की ओर ले जा सकता है।” शेख ने कश्मीर को “विश्व का सबसे खतरनाक परमाणु फ्लैशपॉइंट” करार देते हुए ट्रंप से इस मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाने का आग्रह किया है। Fox News Digital से बातचीत में शेख ने कश्मीर को “परमाणु फ्लैशपॉइंट” करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को हल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रपति ट्रंप की विरासत का एक अहम हिस्सा बन सकता है, यदि वे इस मसले को सतही उपायों से नहीं बल्कि कश्मीर विवाद जैसे मूल कारणों को संबोधित करके हल करें।” राजदूत शेख ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया को “खतरनाक और भड़काऊ” बताया। उन्होंने कहा कि हमले के महज 10 मिनट बाद ही भारत की ओर से पाकिस्तान पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा, “भारत ने आरोप लगाने में एक मिनट भी नहीं गंवाया और बिना किसी जांच के ही पाकिस्तान को दोषी ठहराया। हमने सबूत शेयर करने की मांग की और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच में भाग लेने की पेशकश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।” “परमाणु युद्ध की संभावना को नजरअंदाज न करें” पाकिस्तानी राजदूत को भारत की संभावित प्रतिक्रिया से डर लग रहा है। यही वजह है कि वे दूसरे देशों के आगे गुहार लगा रहे हैं कि भारत को रोका जाए। राजदूत ने कहा कि यह क्षेत्र 1.5 अरब से ज्यादा लोगों का घर है और इस तरह के युद्धोन्माद भरे बयानात क्षेत्र को एक बार फिर से “युद्ध की मानसिकता का बंधक” बना रहे हैं। पाकिस्तानी दूत ने गीदड भभकी देते हुए कहा कि “कोई भी गलतफहमी या गलत निर्णय, परमाणु युद्ध में बदल सकता है – जो इस घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए बहने वाली नदियों के जल प्रवाह को एकतरफा रोकने की धमकी, अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इंडस वॉटर ट्रीटी का हवाला देते हुए कहा, “यह संधि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के दौरान भी कायम रही, इसे तोड़ना अंतरराष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना है।” पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित … Read more

पीएम मोदी पहलगाम हमले पर बोले-हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ ठोस एक्शन लेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ़ हमारी लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में अंगोला के राष्ट्रपति लौरेंको के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि, “हम इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मैं पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला को धन्यवाद देता हूं।” इससे पहले, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि राज्य के सभी पांच करोड़ लोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अमरावती के निर्माण कार्यों की फिर से शुरुआत किये जाने के दौरान यह बात कही। नायडू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम वचन देते हैं कि हम आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के हर कदम के साथ खड़े रहेंगे।” नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोग और पूरा देश उनके साथ हैं। बाद में, नायडू द्वारा लगाये गए ‘वंदेमातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से जनसभा गूंज उठी। आतंकियों के पनाहगारों को कड़ी चेतावनी आतंकियों के मददगारों को कड़ी चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम आतंकवादियों और उनके मददगारों के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में समर्थन देने के लिए हम अंगोला का धन्यवाद करते हैं.’पीएम मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति राष्ट्रपति लोरेंसू और अंगोला की संवेदनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया. अंगोला को मदद करने का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 200 मिलियन डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है. रक्षा प्लेटफॉर्म्स के repair और overhaul और सप्लाई पर भी बात हुई है.अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी’ अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐतिहासिक पल अंगोला के राष्ट्रपति भारत दौरे पर हैं। शनिवार को अंगोला के राष्ट्रपति के साथ साझा प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं राष्ट्रपति लोरेंसू और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूं। यह एक ऐतिहासिक पल है। 38 वर्षों के बाद, अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा हो रही है। उनकी इस यात्रा से, न केवल भारत-अंगोला संबंधों को नई दिशा और गति मिल रही है, बल्कि भारत और अफ्रीका साझेदारी को भी बल मिल रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘इस वर्ष, भारत और अंगोला अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। लेकिन हमारे संबंध, उससे भी बहुत पुराने हैं, बहुत गहरे हैं। जब अंगोला आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तो भारत भी पूरी आस्था और मित्रतापूर्ण संबंधों के साथ अंगोला के साथ खड़ा था।’ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और अंगोला प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है। रक्षा प्लेटफॉर्म्स की मरम्मत और बदलाव और सप्लाई पर भी बात हुई है। अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस तकनीक, क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अंगोला के साथ अपनी क्षमताएं साझा करेंगे। हम स्वास्थ्य, डायमंड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर और अहम खनिज क्षेत्रों में भी सहयोग मजबूत करेंगे।’

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