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देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रखी

भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम। देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर  में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रखी रायपुर देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और AI प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा। छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा? * रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे। * किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा। * आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी। * आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।

हमारी कोशिश कि रजत जयंती वर्ष के स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर पार्क का लोकार्पण भी हो सके : मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का किया शिलान्यास हमारी कोशिश कि रजत जयंती वर्ष के स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर पार्क का लोकार्पण भी हो सके : मुख्यमंत्री पूरी परियोजना में एक हजार करोड़ रुपए का होगा निवेश छत्तीसगढ़ के विकास को गति और युवा प्रतिभा को मिलेगा वैश्विक मंच रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना हेतु उद्योग आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये। मुख्यमंत्री साय ने एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा। केंद्र सरकार के एआई मिशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले साल इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। हमें गर्व है कि साल भर के भीतर हमने एआई को लेकर मोदी जी के विजन पर ठोस काम करके दिखाया है। आज कई सारे उद्योग डाटा से संचालित होते हैं। मोबाइल क्रांति के बाद अब एआई का दौर है। हमारे जीवन के हर क्षेत्र को एआई प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी। एआई डाटा सेंटर की स्थापना से एजुकेशन, चिकित्सा, मनोरंजन हो या कारखानों में होने वाला उत्पादन सभी को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के कैबिनेट में लिए गए निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले ही हमारी कैबिनेट ने डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में स्टेट ऑफ आर्ट  नाइलिट (State of Art NIELIT) की स्थापना के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) को लगभग 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आबंटित की है। आज एआई डाटा सेंटर के लिए भूमिपूजन हो या फिर कुछ दिनों पहले सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्टरिंग यूनिट का शिलान्यास। इससे पता चलता है कि हमारी सरकार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर कैसे आगे बढ़ रही है। कुछ महीने पहले ही हम नई औद्योगिक नीति लेकर आए। इस नई नीति का कमाल देखिए पांच महीने में प्रदेश को साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है। नवा रायपुर की इस धरती पर आज हम जिस एआई डाटा सेंटर की नींव रख रहे हैं वह नई औद्यगिक नीति के कारण संभव हुआ है। क्योंकि अब प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभाग में चक्कर नहीं काटने पड़ते। राज्य में कोई बड़ा उद्योग लगाना हो या स्टार्टअप शुरू करना होगा, सिर्फ एक क्लिक करने पर ही कई सरकारी विभागों की मंजूरियां मिल जाती हैं। नई औद्योगिक नीति के जरिए हमने अगले पांच साल में लगभग चार लाख नये रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकता है। हमारे पास आईटी, इंजीनियरिंग से जुड़े बेहतरीन संस्थान हैं। एनआईटी के साथ ही अब तो प्रदेश के आईटीआई में एआई आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। एआई डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता काफी अहम होती है। सौभाग्य से हमारा प्रदेश पावर प्लस स्टेट है। मेसर्स रैक बैंक द्वारा अपनी इस परियोजना में सौर ऊर्जा का भी काफी इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश का यह पहला एआई डाटा सेंटर देश में मॉडल बनेगा। पिछले दिनों मुझे मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरु में इनवेस्टर मीट में शामिल होने का अवसर मिला। देशभर के उद्योगपति अब छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुक हैं। एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के साथ युवा प्रतिभाओं की योग्यता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सीएसआईडीसी के चेयरमैन राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग सचिव रजत कुमार उपस्थित रहे ।

कोर्ट ने सुनाया अंतिम फैसला- शिमला की संजौली मस्जिद सिर्फ 3 मंजिल नहीं, पूरी की पूरी गिराई जाएगी

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित मस्जिद को लेकर नगर निगम अदालत ने अंतिम फैसला सुना दिया है। पूरी मस्जिद के अवैध घोषित कर उसे पूरी तरह गिराने का आदेश दिया गया है। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था। शिमला नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद पूरे निर्माण को अवैध करार देते हुए संजौली मस्जिद को पूरी तरह से गिराने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला उस समय आया जब वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत में मस्जिद की जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सका। साथ ही मस्जिद निर्माण से संबंधित कोई वैध नक्शा या नगर निगम की स्वीकृति भी पेश नहीं की गई। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन मस्जिद कमेटी इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर सकी। अदालत ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया शनिवार को हुई सुनवाई में नगर निगम अदालत ने मस्जिद के बची हुई दो मंजिलों को भी अवैध माना और उन्हें गिराने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड के वकील ने दलील दी कि मस्जिद का अस्तित्व 1947 से पहले का है और यह पुनर्निर्माण है। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि अगर यह पहले से मौजूद थी तो नए निर्माण के लिए नगर निगम की मंजूरी क्यों नहीं ली गई? नियमों को ताक पर रखकर सारी मस्जिद बनाई गई। पौने घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और दोपहर एक बजे के बाद नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री ने फैसला सुनाया। इसमें साफ कहा कि पूरी मस्जिद अवैध है, इसे गिराया जाए। मस्जिद कमेटी समय पर नहीं कर सकी कार्रवाई 5 अक्तूबर 2024 को नगर निगम अदालत ने मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, जिसे दो महीने के भीतर पूरा करना था। लेकिन मस्जिद कमेटी द्वारा समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जा सका। बाद में दो बार और समय मांगा गया, परंतु अब भी एक मंजिल और पिलर का काम अधूरा है। पिछले साल हुई झड़प के बाद सामने आया मामला संजौली मस्जिद का यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 29 अगस्त 2024 को शिमला के मल्याणा क्षेत्र में दो समुदायों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। इसके बाद 1 सितंबर को संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और अवैध निर्माण का मुद्दा उठ खड़ा हुआ। 11 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों ने मस्जिद निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर मस्जिद की ओर कूच किया, जिस पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिस कर्मी घायल हुए। इसी के बाद नगर निगम कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और जांच शुरू की।

MP सरकार फिर ले रही ढाई हजार करोड़ का लोन, अब तक कुल 4.21 लाख करोड़ का कर्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार वित्तीय वर्ष की समाप्ति यानी 31 मार्च 2025 की स्थिति में 4.21 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कर्ज है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार मई के महीने में भारतीय रिजर्व बैंक से एक बार फिर कर्ज लेने वाली है। 6 मई को 12 साल के लिए ढाई हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। इसका इस्तेमाल विकास परियोजनाओं को गति देने के अलावा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में होगा। MP पर कुल कर्ज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ हो गया इससे पहले 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में सरकार ने कुल 57 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिससे मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये हो गया. बता दें कि विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का हवाला देकर कर्ज लिया जा रहा है. 3 महीनों में प्रदेश सरकार ले चुकी है 27 हजार करोड़ का कर्ज साल 2025 के पहले 3 महीनों में सरकार 27 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी है. अब 5000 करोड़ का कर्ज लेने से इस साल लिए गए उधार का आंकड़ा 32000 करोड़ हो जाएगा. नया कर्ज 12 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा. MP के 7.30 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा हाल ही में मध्य प्रदेश के 7.30 लाख अधिकारियों कर्मचारियों को मोहन सरकार ने तोहफा दिया है. दरअसल, राज्य की मोहन सरकार ने कर्मचारियों को तोहफा देते हुए 5% महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है. जिसके बाद डीए 50% से बढ़कर 55% पहुंच गया है. सीएम मोहन यादन ने घोषणा करते हुए कहा है कि यह वृद्धि दो किस्तों में लागू की जाएगी-1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% अतिरिक्त महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है. एक साल में कर्ज पर 29 हजार करोड़ ब्याज चुकाएगी सरकार ये भी बता दें कि, सरकार साल 2025-26 में सिर्फ ब्याज चुकाने में ही करीब 29 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। ये किसी भी एक योजना में व्यय होने वाली राशि से काफी ज्यादा है। कांग्रेस बोली- भाजपा एमपी को बना रही कर्ज प्रदेश वहीं, दूसरी तरफ राज्य सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि, भाजपा सरकार एमपी को कर्ज प्रदेश बनाने में जुटी है। अबतक जो राशि ली गई है, उसका उपयोग जनहित में होता हुआ नजर नहीं आया। यही कारण है कि, बार-बार सरकार से आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की जाती है। FRBM एक्ट के दायरे में लिया गया अब तक का कर्ज सरकार द्वारा अब तक लिया गया समस्त कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के अंतर्गत ही रहा है। नियमों के अनुसार कर्ज की सीमा तय की जाती है और उस पर निगरानी रखी जाती है। वर्ष 2025-26 में सरकार केवल ब्याज भुगतान में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। यह राशि किसी एक बड़ी विकास योजना से भी अधिक है और सरकार के बजट पर भारी दबाव बनाए रखेगी। कर्मचारियों को बढ़ा भत्ता सरकार ने हाल ही में राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। यह निर्णय नौ साल बाद लिया गया है, लेकिन इससे राजकोषीय बोझ और अधिक बढ़ गया है। वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्ज की ब्याज दर अपेक्षाकृत कम होती है। इसी कारण अधिकतर राज्य सरकारें शुरुआती तिमाही में ही उधारी की प्रक्रिया पूरी कर लेती हैं।

मेडिकल यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह:आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी अब सुश्रुत विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा

जबलपुर  मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में आज 32 हजार छात्रों को उपाधि देकर उनका सम्मान किया गया। यूनिवर्सिटी के 76 छात्रों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए। मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित कुलपति और प्रोफेसर मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह के दौरान महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर सेल चिकित्सा के पितामह कहे जाने वाले सुश्रुत संहिता के प्रणेता आचार्य सुश्रुत के नाम पर रखा गया। आज से मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम सुश्रुत विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम आचार्य शिवशक्ति के नाम पर रखा गया है जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय के छात्रों को काफी प्रेरणा देगा। श्योपुर और सिंगरौली में जल्द खुलेंगे मेडिकल कॉलेज डिप्टी सीएम ने मंच से कहा कि श्योपुर और सिंगरौली में जल्द मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में पहुंचे महापौर जगत बहादुर अन्नू ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से जबलपुर को एम्स की सौगात देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो अच्छा हो जाएगा। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 76 छात्रों को गोल्ड मैडल  दिए कार्यक्रम नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र घंटाघर के आडिटोरियम में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने की। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल और कुलसचिव पुष्पराज बघेल मंच पर मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में 76 छात्रों को गोल्ड मैडल राज्यपाल ने दिए। समारोह में 32 हजार छात्रों की उपाधि मान्य की गई । कौन थे महर्षि सुश्रुत आचार्य महर्षि सुश्रुत प्राचीन भारत के एक महान चिकित्सक और शल्य चिकित्सक थे, जिन्हें शल्य चिकित्सा का जनक माना जाता है. उनका जन्म काशी (वाराणसी) में हुआ था और उन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की थी. उन्होंने शल्य चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी और ‘सुश्रुत संहिताÓ नामक एक महत्वपूर्ण ग्रंथ की रचना की, जो आयुर्वेद चिकित्सा में विशेष स्थान रखता है. डॉक्टर के रूप में भगवान को देखता हूं : महापौर महापौर कहा कि व्यक्ति जब आपके पास आता है तो आप में भगवान देखकर आता है वो ऐसा मानता है कि वह अपने उसे भगवान के पास जा रहा है। जो मेरा सर्वस्व ठीक कर देगा और मैं वापस अपने जीवन की मुख्य धारा में आ जाऊंगा। मैं पिछले 8 महीने से एक बड़ी बीमारी से लड़ाई लड़ रहा हूं लगभग जीत चुका हूं डॉक्टर के कारण जीता हूं ईश्वर के आशीर्वाद के कारण जीता हूं।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा ऐसे अपराधियों को सरे राह गोली मारकर खत्म कर देना चाहिए

भोपाल भोपाल में कॉलेज छात्राओं को ड्रग्स, सेक्स, धोखा और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाने के मामले में लव-जिहाद के मुख्य आरोपी फरहान को शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हिरासत के दौरान पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, इसी दौरान झूमाझटकी में उसके पैर में गोली लग गई।  अब इस मामले में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का बयान सामने आया है। मंत्री सारंग ने अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “ऐसे लोगों के पैर पर नहीं, छाती पर गोली मारनी चाहिए। ये लोग इस धरती पर बोझ हैं। लव जिहाद जैसे कुकृत्य करने वालों को इस प्रदेश और देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्री ने आगे कहा कि जो लोग महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं, मासूम लड़कियों को निशाना बनाते हैं और समाज को नशे के जाल में फंसाते हैं, ऐसे अपराधियों को सरे राह गोली मारकर खत्म कर देना चाहिए। बता दें आरोपी फरहान पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज है, जिनमें दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, ड्रग तस्करी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।   जानकारी के अनुसार देर रात अशोका गार्डन पुलिस फरहान को लेकर गिरोह के फरार आरोपी अबरार की तलाश में सीहोर जिले के बिलकीसगंज जा रही थी। फरहान को शुक्रवार को ही अशोका गार्डन पुलिस ने रिमांड पर लिया है। फरहान ने पुलिस से कहा कि अबरार बिलकीसगंज में छिपा है। पुलिस रात साढ़े ग्यारह बजे अशोका गार्डन थाने से सुरक्षा बल के साथ फरहान का लेकर बिलकीसगंज जा रही थी। रातीबड़ थाने के आगे निकलते ही सरवर गांव में फरहान ने पेशाब करने के लिए गाड़ी रुकवाई। उसकी सुरक्षा के लिए उप निरीक्षक सहित दो पुलिस वाले उसकी सुरक्षा के लिए नीचे उतरे। इस बीच आरोपी फरहान उप निरीक्षक की पिस्टल छीनकर फरार होने की कोशिश की। दोनों के बीच छीना झपटी में उप निरीक्षक के पिस्टल से गोली चल गई जो फरहार के पैर में लगी है। चन्नी का बयान बेहद शर्मनाक है कांग्रेस सांसद चरणजीत चन्नी के बयान पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर समय कांग्रेस का हाथ पाकिस्तान के साथ रहा है। पाकिस्तान परस्ती की बात करना कांग्रेस नेतृत्व का उनके नेताओं के लिए निर्देश है। देश अब यह बर्दाश्त नहीं करेगा। यह सेना और सैनिकों के मनोबल को तोड़ने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान के एजेंडे पर काम कर रही है। जब देश सेना के साथ खड़ा है तब ऐसे बयान सेना को हतोत्साहित करती है। कांग्रेस ने जो आपत्तिजनक ट्वीट किया उसे सबसे पहले पाकिस्तान ने रिट्वीट किया। क्या कांग्रेस पाकिस्तान की स्क्रिप्ट पर बयान देती है। उन्होंने कहा कि चन्नी का बयान बेहद शर्मनाक है।  मंत्री ने कहा- लव जिहाद मामले को हल्के में नहीं लेंगे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है. संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने तत्परता से कार्रवाई शुरू कर दी है. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि उनकी सरकार लव जिहाद के किसी भी मामले को हल्के में नहीं लेगी. आरोप है कि धर्म विशेष के कुछ युवकों ने अपनी बातों के जाल में फंसा कर कुछ हिंदू लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया. इतना ही नहीं इन पीड़ितों के जरिए और लड़कियों को फंसाने का काम किया. ऐसा लगता है कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है : सारंग मंत्री विश्वास सारंग ने इस घटना को लेकर कहा, ” सरकार के संज्ञान में इस मामले के आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है. अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी. यह एक बहुत ही गंभीर मामला है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ऐसा लगता है कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं.” मंत्री सारंग ने आगे कहा, ” जिन बेटियों के साथ यह अमानवीय कृत्य हुआ है, उनकी पहचान को गोपनीय रखा जाएगा और पूरी संवेदनशीलता के साथ जांच आगे बढ़ाई जाएगी. राज्य सरकार इस प्रकार की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष और गहन होनी चाहिए, यदि इस मामले से जुड़े और लोग सामने आते हैं तो उन्हें भी गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी डीसीपी (जोन 2) संजय अग्रवाल ने पूरे केस के बारे में बताया. उन्होंने कहा, पीड़िताओं की रिपोर्ट में संबंधित थानों में मामला दर्ज किया गया है. एसआईटी गठित की गई है. मुख्य आरोपी को बागसेवानिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग थानों में गिरफ्तार कर लिया गया है. कुछ आरोपी फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. अग्रवाल के मुताबिक जो कंटेंट उनके पास मिले हैं उस आधार पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लगाया गया है. सभी आरोपियों के मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं.

भारत सरकार का पाकिस्तान से व्यापारिक नाता खत्म, आयात-निर्यात की सभी वस्तुओं पर लगाया बैन

नई दिल्ली पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे मुक्त रूप से आयात योग्य हो या अन्यथा अनुमत हो, तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाएगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। जारी किये गए आदेश में कहा गया है कि, यह आदेश तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता होगी। पाकिस्तान से आयात पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू भारत सरकार ने एक सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान से आने वाले सभी उत्पादों के आयात और पारगमन (Transit) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह रोक न केवल प्रत्यक्ष आयात पर लागू होगी, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से किसी अन्य देश के माध्यम से आने वाले पाकिस्तानी सामान पर भी प्रभावी होगी। पहले डायरेक्‍ट ट्रेड बंद किया गया था, लेकिन अब इनडायरेक्‍ट ट्रेड भी बंद कर दिया गया है. यह पाकिस्‍तान पर गहरा चोट है. भारत का वाणिज्य मंत्रालय उन उत्पादों की सूची तैयार कर रहा है, जिन्हें भारत से आयात-निर्यात नहीं किया जाएगा. वाणिज्य मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्‍ट या इनडायरेक्‍ट आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 में इस संबंध में एक प्रावधान जोड़ा गया है. जिसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से आने वाले या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के डायरेक्‍ट या इनडायरेक्‍ट आयात पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है. यह 2 मई की अधिसूचना में जानकारी दी गई है. अगले आदेश तक एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट बंद FTP के प्रावधान में कहा गया है कि पाकिस्तान से आने वाले या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात किए जा सकें या अनुमति प्राप्त हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेंगे. भारत सरकार का ये आदेश तब आया है, जब आतंक को बढ़ाव देने वाला देश पाकिस्‍तान ने पर्दे के पीछे रहते हुए पहलगाम में आतंकी हमला करवा था और इससे 26 लोगों की जान चली गई. भारत सरकार की चाहिए होगी मंजूरी विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने अधिसूचना में कहा कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है. इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की मंजूरी की आवश्‍यकता होगी. इसका मतलब है कि अगर कोई भी चीज पाकिस्‍तान व्‍यापार के उद्देश्‍य से भेजी आती है या फिर वहां से आती है तो भारत सरकार की मंजूरी की आवश्‍यकता होगी. सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है और इसमें वे वस्तुएं भी शामिल हैं जिनके आयात की पहले अनुमति थी।इस निर्णय से भारत-पाक व्यापारिक संबंधों पर बड़ा असर पड़ सकता है और पहले से ही सीमित व्यापारिक संपर्क अब पूरी तरह ठप हो जाएंगे। और कंगाल हो जाएगा पाकिस्तान… पाकिस्तान के साथ आयात-निर्यात पर बैन लगने से पाकिस्तान और कंगाल होन जाएगा। पहले से ही दोनों देशों के बीच सीमित व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह ठप हो सकते हैं। पाकिस्तान से भारत को होने वाले आयात में मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, मसाले, और कुछ खाद्य पदार्थ शामिल थे, जो अब पूरी तरह बंद हो जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा, खासकर खाद्य पदार्थों की कमी और बढ़ती महंगाई के रूप में। भारत ने पहले ही 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को सीमित कर दिया था, और अब यह प्रतिबंध उस दिशा में एक और कड़ा कदम है।   पहलगाम हमले ने बढ़ाया तनाव पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें दो विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, हालांकि बाद में उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और इसके जवाब में कई कड़े कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल समझौता निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा बंद करना, और पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना शामिल है।

भोपाल दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी फरहान का का शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की थी कोशिश, पुलिस ने पैर में मारी गोली

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप, ब्लैकमेलिंग और ‘लव जिहाद’ के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी फरहान का शॉर्ट एनकाउंटर हो गया है. दरअसल, आरोपी फरहान ने पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश की, इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई. गोली लगने के बाद फरहान को हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि लव जिहाद मामले में कुल 5 FIR हुई हैं, जिसमें लगभग सभी FIR में फरहान ही आरोपी है. भोपाल ज़ोन-1 की डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फरहान को सबूत जुटाने के लिए अशोका गार्डन पुलिस स्टेशन की एक टीम बिलकिसगंज गांव लेकर जा रही थी. रास्ते में फरहान ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और मौके का फायदा उठाकर सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनने की कोशिश की. इसी दौरान छीना-झपटी में पुलिस की पिस्तौल से गोली चल गई, जो फरहान के पैर में लगी. घायल फरहान को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे की ये घटना है. उन्होंने कहा कि जब फरहान रातीबड़ इलाके में टॉयलेट के लिए पुलिस की गाड़ी से उतरा तो एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल भी उसके साथ नीचे उतरे. इसी दौरान फरहान ने एसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया. झूमाझटकी में गोली फरहान के दाएं पैर में लग गई. इस घटना को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने X पर लिखा कि ‘एक जिहादी का शॉर्ट एनकाउंटर…’ शातिर आरोपी ऐसे फंसाते थे हिंदू लड़कियों को पुलिस पूछताछ में आरोपी फरहान ने कहा था कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उसने ‘सवाब’ का काम किया है. रिमांड अवधि के दौरान फरहान से पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने कॉलेज में हमउम्र मुस्लिम लड़कों का एक गिरोह बनाया था, जो केवल हिंदू लड़कियों से ही दोस्ती और प्रेम संबंध बनाते थे. गिरोह में यह सख्त नियम था कि कोई भी मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम संबंध नहीं बनाएगा. एक बार हिंदू लड़की से प्रेम संबंध स्थापित हो जाने के बाद, उसे हुक्का लाउंज, पब या गिरोह के सदस्यों के किराए के कमरों में ले जाया जाता था. वहां नशे की हालत में उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था और इसका वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए अन्य युवतियों से दोस्ती करने का दबाव बनाया जाता था. छठे आरोपित तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस टीआईटी कालेज से जुड़े गिरोह के साहिल सहित उसके पांच साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक आरोपित अबरार फरार है। पुलिस का कहना है कि अबरार की भी लोकेशन मिल चुकी है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। इस मामले में तीन थानों में पांच एफआईआर दर्ज हैं। टूटेगा आरोपितों का अड्डा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में आरोपित युवक टीआईटी कालेज की छात्राओं को कालेज के पास स्थित एक क्लब-रेस्टोरेंट पर लेकर जाते थे। क्लब में कई कमरे मिले हैं। बताया जा रहा है इन्हीं कमरों में पीड़िताओं से दुष्कर्म कर वीडियो बनाए गए हैं। यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपित फरहान को मौके पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन करवाया था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि क्लब की जांच की जा रही है। यदि क्लब संचालक का कोई दोष पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी और पुलिस की संस्तुति पर प्रशासन द्वारा क्लब को तोड़ा जाएगा। डांस स्टूडियो की आड़ में देह व्यापार चला रहा था साहिल     हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में सक्रिय गिरोह बड़े शातिर ढंग से वारदात को अंजाम दे रहा था। छात्राओं को इस दलदल में फंसाने के लिए हर आरोपित की भूमिका तय थी।     अब सामने आया है कि अशोका गार्डन क्षेत्र में डांस स्टूडियो चलाने वाला साहिल खान दरअसल इसकी आड़ में देह व्यापार करा रहा था।     पुलिस को दिए बयान में साहिल और फरहान के झांसे में आई कई पीड़िताओं ने यह जानकारी दी है।     पुलिस सूत्रों के मुताबिक साहिल पिछले करीब दो साल से डांस क्लास संचालित कर रहा था।     वहां आने वाली युवतियों को वह रुपयों का लालच देकर या फिर ब्लैकमेल कर देह व्यापार के धकेलता था।     वह शहर के आसपास फार्म हाउस में होने वाली पार्टियों में भी इन युवतियों को भेजता था।     आरोपित डांस स्टूडियो में आने वाली हिंदू युवतियों की दोस्ती भी अपने दूसरे दोस्तों से करवाता था।     उनकी पूरी कोशिश होती थी कि वहां पहुंची हिंदू लड़की किसी न किसी के झांसे में आ जाए।     एक बार ऐसा हुआ तो आरोपित वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे।     पीड़िताओं के इस सनसनीखेज दावे के बाद पुलिस एक बार फिर आरोपित साहिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि देह व्यापार के पूरे प्रकरण का भांडाफोड़ किया जा सके।      

सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिले की सूची से बालाघाट हुआ बाहर, अब देश मे केवल 6 ज़िलें सर्वाधिक नक्सल प्रभावित

बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ताजा समीक्षा में बालाघाट जिले को बड़ी राहत मिली है। एक समय देश के 12 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल रहा बालाघाट अब इस सूची से बाहर हो चुका है। हालांकि, जिले को अभी ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि यहां अभी भी सतर्कता की जरूरत है, लेकिन हालात पहले से काफी सुधरे हैं। इस बदलाव की पुष्टि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने की है। एसपी ने दी जानकारी एसपी के मुताबिक, बीते वर्षों में सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई और निरंतर प्रयासों के चलते जिले में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। नक्सलियों के कई मंसूबों को सुरक्षा बलों ने विफल किया है और अब जिले में नक्सलियों का दबदबा पहले जैसा नहीं रहा। गृह मंत्रालय की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि अब देश में 58 की बजाय केवल 38 जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। इनमें भी अब केवल 6 जिले ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी की श्रेणी में ये जिले मध्य प्रदेश के अन्य दो जिले मंडला और डिंडोरी, जहां पहले नक्सल प्रभाव दर्ज किया गया था, उन्हें अब ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी’ की श्रेणी में रखा गया है। यह श्रेणी उन क्षेत्रों के लिए बनाई गई है जहां पहले नक्सलियों की सक्रियता रही है लेकिन वर्तमान में हालात काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं। इन दोनों जिलों को अब निरंतर निगरानी के साथ विकास की मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। पांच साल में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का यह सकारात्मक परिणाम है। बालाघाट पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कैंप स्थापित किए। नक्सल उन्मूलन अभियान चलाए। साथ ही क्षेत्र में सरकारी योजनाओं से विकास कार्य भी हुए। पहले देश में 58 नक्सल प्रभावित जिले थे, जिनमें 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट भी शामिल था। अब यह संख्या घटकर 38 रह गई है। इनमें केवल 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित श्रेणी में हैं। 2020 से फरवरी 2025 के बीच बालाघाट पुलिस ने कई एनकाउंटर में करोड़ों रुपए के इनामी नक्सलियों को मार गिराया। इससे जिले के जंगलों को सुरक्षित आश्रय मानने वाले नक्सलियों में पुलिस का खौफ है। कोर जोन में अब केवल एक दलम सक्रिय है। एसपी नगेन्द्र सिंह के अनुसार, श्रेणी में बदलाव के बावजूद नक्सल उन्मूलन के लिए मिली सुरक्षा कंपनियों के बलों में कोई कमी नहीं होगी। पुलिस का लक्ष्य मार्च 2026 तक जिले से नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि इस क्षेत्र के लोग मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जिले में नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले तीन दलम थे, अब एक दलम रह गया है, जिसमें 8 से 10 नक्सली हैं, जिसे लेकर हम निरंतर प्रभाव बनाए हुए हैं। मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील है कि वह प्रदेश की आत्मसमर्पण नीति के तहत, आत्मसमर्पण करें और मुख्य धारा से जुड़ें और यदि वे नहीं आएंगे तो कार्रवाई जारी रहेगी। नक्सल प्रभाव वाले जिलों में गिरावट गृह मंत्रालय की रिपोर्ट यह भी बताती है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर अपनाई गई रणनीति, जिसमें सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों और स्थानीय संवाद शामिल हैं, वास्तव में प्रभावशाली रही है। देशभर में नक्सल प्रभाव वाले जिलों की संख्या 58 से घटकर 38 हो गई है, जो नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि भले ही बालाघाट अब सर्वाधिक प्रभावित जिलों की सूची से बाहर हो गया है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेंगी। उनका कहना है कि नक्सलवाद को जिले से पूरी तरह समाप्त करने का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में बालाघाट को किसी भी नक्सली श्रेणी से बाहर करने का लक्ष्य है।

नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की संतुष्टी ही हमारा ध्येय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी दक्षता और क्षमता संवर्धन पर दें विशेष ध्यान योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की सीधी सुनवाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की संतुष्टि ही हमारा ध्येय है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सुशासन है, इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और उनके सुझावों पर भी अमल करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में चल रही सभी प्रकार की घटनाओं पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 14 जिलों के विभिन्न प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम के मजबूती के लिये प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाये। समाधान ऑनलाइन में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन में आ रहा है तो यह गंभीर है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी योजनाओं में जिलों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग कराई गई है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के बारे में फीडबैक भी लिया जा रहा है। ग्रेडिंग में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाले जिले अपना प्रदर्शन सुधार लें और नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को कस्टमर फ्रेंडली बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। किसान पराली न जलायें, इसके लिये उन्हें समझाइश दें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में किसानों को जागरूक करें। कलेक्टर्स किसानों को यह समझायें कि वे किसी भी स्थिति में अपने खेत में पराली या अन्य फसल अवशेष न जलायें। किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण फैलने के साथ-साथ खेत की मिट्टी के जलने से उसकी उर्वरता कम होने से जुड़े भावी नुकसान के बारे में भी बतायें। उन्होंने कहा कि पराली को जलाना ही कोई हल नहीं है। किसान दूसरे तरीकों से भी पराली का निदान या निपटान कर सकते हैं। समाधान ऑनलाईन में आये ये 14 मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में पांढुर्णा, मुरैना, उमरिया, नीमच, भिंड, बैतूल, निवाड़ी, रायसेन, नर्मदापुरम एवं धार जिले के एक-एक मामले तथा शहडोल और सतना जिले के 2-2 मामलों (कुल 14 प्रकरणों) की सीधी सुनवाई की। पांढुर्णा जिले की आवेदिका श्रीमती कलावती हिंगवे ने शिकायत की थी कि उन्हें कपिलधारा कूप निर्माण, मेढ़ बंधान, खेत-तालाब, भूमि शिल्प, नंदन फल उद्यान के संबंध में मनरेगा की ओर से भुगतान नहीं किया गया था। कलेक्टर पांढुर्णा ने बताया‍कि इस मामले में दोषी ग्राम रोजगार सहायक को पद से पृथक कर दिया गया है। पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दोषी सब इंजीनियर का 15 दिन का वेतन रोका गया और दोषी पाये गये सहायक यंत्री के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव कमिश्नर जबलपुर को भेज दिया गया है। वर्तमान में आवेदिका को उसका भुगतान करा दिया गया है। मुरैना जिले के आवेदक ब्रह्मलाल सिंह ने उसके फौती नामांतरण में देरी होने की शिकायत की थी। कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस दिया गया है और पटवारी पर भी कार्रवाई की गई है। उमरिया जिले के आवेदक दीपक कोरी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना में उसे पेंशन न मिलने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि शिकायत करने के बाद अब उसे पेंशन मिल रही है। कलेक्टर उमरिया ने बताया कि हितग्राही को पेंशन मिलने में देरी के लिये दोषी पाये गये समग्र सामाजिक न्याय अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकी गई है। ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और इस संबंध में देरी के लिये विशेष रूप से दोषी पाये गये ग्राम रोजगार सहायक से अर्थदंड की राशि तीन हजार रूपए वसूल करके आवेदक को दे दी गई है। नीमच जिले के आवेदक लालाराम भील ने उसे दिये गये वनाधिकार हक प्रमाण पत्र में वन विभाग की गलती के कारण उसे लाभ न मिलने की शिकायत की थी। अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने बताया कि जारी किये गये वनाधिकार प्रमाण पत्र में शाब्दिक/तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदक के साथ यह परिस्थिति बनी। निराकरण कर अब आवेदक को उसके हक की 9 लाख 28 हजार 200 रूपए की शासकीय राशि भुगतान कर दी गई है। भिंड जिले के आवेदक (छात्र) दिनेश चरकोटा ने उसे जनजातीय कार्य विभाग की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर भिंड ने बताया कि आवेदक को छात्रवृत्ति मिलने में विलंब के‍लिये दोषी क्षेत्र संयोजक पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जिला संयोजक (जो पहले से ही निलंबित चल रहे हैं) के निलंबन आरोप में इस मामले के आरोप भी जोड़ दिये गये हैं। बैतूल जिले के आवेदक (किसान) अनोखीलाल यादव ने सहकारिता विभाग द्वारा जारी उसके केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण नहीं होने के कारण उसे कठिनाई होने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि उसने वर्ष- 2022 में शिकायत की थी। कलेक्टर बैतूल ने मामले में अद्यतन जानकारी देते हुये बताया‍कि आवेदक द्वारा जमा की गई राशि का संबंधित शाखा प्रबंधक द्वारा गबन कर लिया गया था। इसलिए प्रबंधक पर एफआईआर की गई, फिर उससे वसूली भी की गई है। निवाड़ी … Read more

मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई

जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़ें अधिकाधिक नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा परिक्रमा पथ के स्थानों पर परिक्रमावासियों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को जरूरी निर्देश भी दिए। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 से संबंधित गतिविधियों और एयर एंबुलेंस सेवा के संबंध में भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ में आश्रय स्थलों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिक्रमा पथ के 321 स्थानों की पोर्टल पर भी मैपिंग की गई है। परिक्रमावासियों के विश्राम, भोजन के साथ ही संतों के लिए ध्यान कक्ष और कुटिया की व्यवस्था भी इन स्थानों पर की जा रही है। जनभागीदारी बढ़ाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रदेश में पानी बचाने, सहेजने, जल स्त्रोतों के संरक्षण और नए स्त्रोतों के निर्माण कार्यों में नागरिक भी भागीदारी कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अब तक 21 लाख नागरिकों की सहभागिता सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संवर्धन कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में खेत-तालाब के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा का सृजन करने में सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि खेत-तालाब निर्माण के लिए प्रति किसान 100 रूपए के व्यय पर राज्य शासन पर मात्र 5 रूपए का वित्तीय भार आता है। प्रदेश में वर्तमान में पूर्ण हुए 23 हजार 494 कार्यों पर लागत 634 करोड़ रूपए है। प्रति किसान औसत लागत 2.7 लाख रूपए आई है। प्रदेश में रिमोट सेंसिंग से 7 लाख कूपों की मैपिंग की गई है। अभिनव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी जिलों को बधाई जल गंगा संवर्धन अभियान में कूप रीचार्ज कार्य में बैतूल जिला प्रदेश में प्रथम है। खंडवा द्वितीय और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। खंडवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी के संरक्षण के कार्य को व्यापक प्रशंसा मिली है। यह नदी छह महीने सूखी रहती थी। अब 12 ग्रामों की साढ़े सात सौ हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होने लगी है। अमृत सरोवर निर्माण में धार प्रथम है। सीधी द्वितीय स्थान और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण में टीकमगढ़ जिले में वजीतपुरा बावड़ी का संरक्षण किया गया है। इंदौर में अहिल्या कुंड ने संरक्षण के बाद नया स्वरूप ले लिया है। इंदौर में एक पॉली टैंक कानिर्माण भी हुआ है, जहां मत्स्य पालन हो रहा है। नर्मदापुरम में नर्मदा पथ में जल मंदिर का निर्माण किया गया है। 7339 पुराने जल संरक्षण कार्य हुए पूर्ण बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 अप्रैल की एक माह की अवधि में 7 हजार 339 पुराने जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए हैं। कुल 24 हजार 685 डगवेल रिचार्ज किए गए हैं। कुल 822 अमृत सरोवर बनकर तैयार हुए हैं। विदिशा जिले में 100 साल प्राचीन चेतन बावड़ी का जीर्णोद्धार हुआ है। अनूपपुर में मृदा क्षरण रोकने के लिए कल्प वृक्ष के संरक्षण में सफलता मिली। राजगढ़ जिले में टोंटी लगाओ पानी बचाओ अभियान से पानी की बचत सुनिश्चित की जा रही है। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन और पन्ना जिलों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स को श्रेष्ठ कार्य के लिए बधाई दी। तीन-चार महीने पर्वों पर होंगे ये कार्य बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक पानी, मिट्टी और पेड़-पौधों से जुड़े अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इनमें 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर कुओं और जलाशयों की पूजा-अर्चना की गई। गंगा दशहरा पर 5 जून को जल की पूजा, नदियों की शुद्धता और जली संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। वट सावित्री व्रत पर 6 जून को बरगद की पूजा और धागा बांधकर वृक्ष रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। निर्जला एकादशी पर 8 जून को जल का दान, पर्यावरण संरक्षण संदेश, हरियाली अमावस्या पर 25 जुलाई को पेड़-पौधे लगाने और उपासना करने का कार्य होगा। हरियाली तीज पर नवीन वस्त्र धारण, पेड़-पौधों की पूजा, रक्षाबंधन पर वृक्षों को राखी बांधने, कजरी तीज पर 12 अगस्त को नीम के वृक्ष की पूजा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिये जल गंगा संवर्धन अभियान के संदर्भ में अन्य निर्देश          जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य से जनप्रतिनिधि और आम नागरिक जुड़ें।          अधिकारी दल जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण भी करें।          खेत-तालाब और कूप रिचार्ज कार्यों में भी गति लाई जाए।          प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण के कार्य भी चलें          सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था सभी जिलों में की जाए। जहां प्रारंभ हो गए हैं, उनका सुचारू संचालन हो, नए प्याऊ भी प्रारंभ करें।          नदियों के जल उद्गम स्थलों की सूची तैयार कर उनके निकट पौध-रोपण के कार्य हों।          नर्मदा परिक्रमा के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा और ओंकारेश्वर में नर्मदा परिक्रमा पथ से संबंधित आवश्यक कार्य हो।          जल संरचनाओं के संरक्षण में प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सामने आई है। इसे बढ़ाया जाए।          सभी 55 जिलों में नर्सरियों के विकास के भी प्रयास हों। उद्योग संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025 के संदर्भ में जिला स्तरीय उद्योग और निवेश संवर्धन समितियां गतिशील रहें।          कलेक्टर उद्योग संवर्धन प्रयासों और गतिविधियों की नियमित रूप से बैठकों में समीक्षा करें।          नए निवेश प्रस्तावों का परीक्षण कर उनकी प्रगति में सहयोग करें।          स्थानीय बाजारों, पारम्परिक मेलों को परस्पर जोड़ें। राज्य शासन मेलों को प्रोत्साहित करेगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। एयर एम्बुलेंस सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          जिन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं होती है, वहां गंभीर रूप से घायल नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस का उपयोग सुनिश्चित करें।          डायल 100 और पुलिस … Read more

मुख्यमंत्री ने उपयंत्री मनोज पटेल को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए बधाई दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुविधा के लिए प्रारंभ किए गए प्लेटफार्म निरंतर उपयोगी रहें इसके लिए इनके संचालन और प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों का सजग सक्रिय रहना आवश्यक है। सीएम हेल्पलाइन एक ऐसा माध्यम है, जिससे नागरिकों की लंबित समस्याओं का समाधान संभव होता है। इसे प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। दो यंत्रियों को‍मिली मुख्यमंत्री की बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जबलपुर के नगरीय विकास और आवास विभाग के उपयंत्री मनोज पटेल को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए बधाई दी। इसी तरह सीहोर जिले में पदस्थ ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री रवि चौहान को सीएम हेल्पलाइन के 98.57 प्रतिशत प्रकरणों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बधाई मिली। विभागों में ऊर्जा और जिलों में रायसेन, सीहोर, कटनी, सागर, सिंगरौली की हुई प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए उनके निराकरण के लिए किए गए कार्य में प्रथम आए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। प्रदेश के‍जिन जिलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, उनमें रायसेन, सीहोर, कटनी, सागर और सिंगरौली के नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स और उनकी टीम को श्रेष्ठ कार्य की प्रशंसा करते हुए बधाई दी। जबलपुर में लैंड रिकार्ड के नवाचार की प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे गुरूवार को जबलपुर में राजस्व अभिलेखागार के शुभारंभ में गए थे, जहां बरसों पुराने लैंड रिकार्ड को प्लास्टिक बैग में सुरक्षित करने, उनकी हार्डकॉपी और सॉफ्ट कॉपी की व्यवस्था करने का कार्य किया गया है। समस्त रिकार्ड का लोकेशन निर्धारित कर यह जानने की ऑनलाईन व्यवस्था की गई है कि दस्तावेज किस जगह संधारित किया गया है। यह नवाचार प्रशंसनीय है और अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का कारण भी बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना को इस नवाचार की जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को प्रदान की।  

गिल-बटलर की जोरदार पारी, गुजरात ने हैदराबाद को 38 रन से हराया

अहमदाबाद  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-51 में गुजरात टाइटन्स (GT) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को 38 रनों से हरा दिया. 2 मई (शुक्रवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को जीत के लिए 225 रनों का टारगेट मिला था, जिसका पीछा करते हुए वो छह विकेट पर 186 रन ही बना सकी. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन वो टीम के काम नहीं आई. गुजरात अब टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूदा आईपीएल सीजन में गुजरात टाइटन्स की 10 मैचों में ये सातवीं जीत रही. दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद की 10 मैचों में ये सातवीं हार रही. गुजरात टाइटन्स अब अंकतालिका में दूसरे नंबर पर आ गई है, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद नौवें नंबर पर है. मुंबई इंडियंस बेहतर नेट रनरेट के चलते अंकतालिका में पहले नंबर पर है. इस हार के बाद सनराइजर्स हैदराबाद का प्लेऑफ में पहुंचना काफी मुश्किल हो चुका है. टारगेट का पीछा करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत अच्छी रही. ‘इम्पैक्ट सब’ ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा ने मिलकर 27 बॉल पर 49 रनों की पार्टनरशिप की. प्रसिद्ध कृष्णा ने हेड को आउट करके इस साझेदारी का अंत किया. हेड ने चार चौके की मदद से 16 गेंदों पर 20 रन बनाए. ईशान किशन इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 13 रन बनाकर गेराल्ड कोएट्जी की गेंद पर चलते बने. तेज गेंदबाज कोएट्जी का गुजरात टाइटन्स के लिए ये डेब्यू मुकाबला था. यहां से अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन पर ये जिम्मेदारी थी कि वो तेजी से रन बनाए. अभिषेक लय में लग रहे थे और उन्होंने 28 गेंदों पर फिफ्टी पूरी, लेकिन वो नाजुक मौके पर आउट हो गए. अभिषेक को अनुभवी गेंदबाज ईशांत शर्मा ने चलता किया. अभिषेक ने चार चौके और 6 छक्के की मदद से 41 बॉल पर 74 रन बनाए. अभिषेक और क्लासेन के बीच तीसरे विकेट के लिए 57 रनों की पार्टनरशिप हुई. अभिषेक शर्मा के बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने हेनरिक क्लासेन (23) का भी विकेट गंवा दिया. फिर अनिकेत वर्मा (3) और कामिंदु मेंडिस (0) भी सस्ते में आउट हो गए. यहां से सनराइजर्स हैदराबाद का जीत पाना बेहद मुश्किल था और वही हुआ. कप्तान पैट कमिंस (19*) और नीतीश रेड्डी (21*) केवल हार का अंतर कम कर सके. गुजरात टाइटन्स की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने दो-दो विकेट झटके. ईशांत शर्मा और गेराल्ड कोएट्जी को भी एक-एक विकेट मिला.  IPL प्लेऑफ की रेस में कायम है सनराइजर्स हैदराबाद मौजूदा सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद की ये 10 मैचों में सातवीं हार रही. सनराइजर्स हैदराबाद के सिर्फ 6 अंक हैं और वो दस टीमों की अंकतालिका में नौवें पायदान पर है. सनराइजर्स हैदराबाद को लीग स्टेज में 4 मुकाबले और खेलने हैं. अब फैन्स के मन में ये सवाल जरूर होगा कि सनराइजर्स हैदराबाद क्या अब भी प्लेऑफ में पहुंच सकती है? तो इसका जवाब है- हां. लेकिन इसके लिए सनराइजर्स हैदराबाद को किस्मत का भी सहारा चाहिए… आमतौर पर प्लेऑफ में क्वालिफाई करने के लिए कम से कम 16 अंक चाहिए होते हैं. लेकिन कभी-कभी 14 अंकों पर भी टीमें क्वालिफाई कर जाती हैं, अगर उनका नेट रन रेट (NRR) अच्छा हो. जैसे कि पिछले आईपीएल सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 14 अंकों के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया था. पिछले सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु शुरुआती आठ मैचों में से केवल एक ही जीत पाई थी. लेकिन, उसने अपने आखिरी छह मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बनाई. सनराइजर्स हैदराबाद को 14 अंकों तक पहुंचने के लिए बाकी के चार मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, ताकि उसका नेट रनरेट (NRR) सुधर सके. वर्तमान में सनराइजर्स हैदराबाद का NRR -1.192 है. हालांकि ये भी शायद पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि उसका भाग्य अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर करेगा. सनराइजर्स हैदराबाद को उम्मीद करनी होगी कि उसके अलावा अधिकतम 3 टीमें  ही 14 या उससे ज्यादा अंक हासिल करें. बता दें कि गुजरात टाइटन्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, मुंबई इंडियंस (MI) और पंजाब किंग्स (PBKS) के पास पहले से ही 13 या उससे अधिक अंक हैं. यदि ये चारों टीमें 14 से अधिक अंकों पर पहुंच जाती हैं तो सनराइजर्स हैदराबाद प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह बाहर हो जाएगी. इन टीमों से जुड़े मैचों पर भी सनराइजर्स हैदराबाद को नजर रखनी होगी. सनराइजर्स हैदराबाद को अब दिल्ली कैपिटल्स (DC), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से मुकाबले खेलने हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के बाकी मैचों का शेड्यूल 5 मई बनाम दिल्ली कैपिटल्स, हैदराबाद, शाम 7.30 बजे 10 मई बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, हैदराबाद, शाम 7.30 बजे 13 मई बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, बेंगलुरु, शाम 7.30 बजे 18 मई बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ, शाम 7.30 बजे अंपायर से दो बार भिड़ गए कप्तान शुभमन गिल शुभमन गिल ने खोया आपा, दो बार अंपायर से भिड़े गुजरात-हैदराबाद मैच में अंपायर्स के फैसले पर विवाद भी हुआ. इसके केंद्र में गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल रहे. इस मैच में दो मौकों पर शुभमन गिल अंपायर से बहस करते दिखे. पहली बार शुभमन गिल ने उस समय आपा खोया, जब वो रनआउट होकर पवेलियन लौट रहे थे. यह वाकया गुजरात टाइटन्स की पारी में 13वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ. उस ओवर में स्पिनर जीशान अंसारी की आखिरी गेंद को जोस बटलर ने लेग साइड में मोड़ने की कोशिश की, लेकिन बॉल शॉर्ट फाइन लेग की ओर अंदरूनी किनारा लेकर गई. ऐसे में शुभमन गिल और बटलर रन लेने के लिए दौड़ पड़े. उस एरिया में मौजूद हर्षल पटेल ने गेंद को तेजी से कलेक्ट किया और स्ट्राइकर एंड पर विकेटकीपर हेनरिक क्लासेन को दिया. हालांकि रन आउट करने की कोशिश में क्लासेन का दस्ताना भी स्टम्प से लगा, साथ ही गेंद पर भी स्टम्प पर हिट हुई. शुभमन गिल क्रीज से बाहर थे, लेकिन ये पूरी तरह स्पष्ट नहीं था कि  हेनरिक क्लासेन के दस्ताने ने बेल्स गिराया या गेंद के स्टम्प पर लगने से गिल्लियां गिरीं. टीवी अंपायर माइकल गॉफ ने कई फ्रेम देखने के बाद शुभमन गिल को आउट करार दिया. रिव्यू के दौरान शुभमन शांत और … Read more

टिम कुक ने किया खुलासा, अमेरिका में बिकने वाले आईफोन होंगे मेड इन इंडिया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस मेक इन इंडिया इन‍िशिएटिव की बात बरसों से करते आए हैं, उसके परिणाम अब सामने हैं। ये मोदी का मास्‍टरस्‍ट्रोक ही है कि ऐपल अपने सबसे पॉपुलर प्रोडक्‍ट आईफोन की मैन्‍युफैक्‍चरिंग लगातार इंडिया में शिफ्ट कर रहा है। अब ऐपल के सीईओ टिम कुक के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आई है। एक इंटरव्‍यू में टिम कुक ने कहा है कि मार्च की तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच अमेरिका में बिकने वाले आधे से ज्‍यादा आईफोन भारत से आए थे। यही नहीं, कंपनी जून में खत्‍म होने वाली तिमाही यानी अप्रैल, मई और जून में अमेरिका में बिकने वाले ज्‍यादातर आईफोन्‍स को भारत से मंगवाएगी। आईफोन भारत से, बाकी प्रोडक्‍ट्स वियतनाम, चीन का नाम नहीं कंपनी अपनी सप्‍लाई चेन में लगातार बदलाव कर रही है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल के अमेरिका में बिकने वाले आईफोन अब मेड इन इंडिया होंगे, जबकि आईपैड, ऐपल वॉच, मैक और एयरपॉड्स वियतनाम से आएंगे। चीन का तो नाम ही नहीं है। गौरतलब है कि कंपनी चीन से अपनी मैन्‍युफैक्‍चरिंग को कम कर रही है। अमेरिकी टैक्‍स से पिछड़ा चीन, भारत को मौका अमेरिका ने चीन पर जो टैक्‍स लगाए हैं, उससे ऐपल को चीन में बनने वाले प्रोडक्‍ट्स महंगे पड़ रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों ने बीते हफ्ते हुए एक मीटिंग में यह जानकारी दी, जो अब सामने आई है। वहीं, ऐपल सीईओ टिम कुक ने उम्‍मीद जताई है कि अमेरिका में बिकने वाले ज्‍यादातर आईफोन्‍स अब भारत में बनेंगे। चीन में बनने वाले प्रोडक्‍ट्स को अमेरिका के बजाए अन्‍य देशों में भेजा जाएगा। नए टैरिफ से ऐपल का बढ़ सकता है खर्च अमेरिका ने चीन पर जो टैक्‍स लगाया है, उसका असर ऐपल पर होगा। कंपनी का कहना है कि मार्च में टैक्‍स का ज्‍यादा असर नहीं हुआ, लेकिन जून की तिमाही में उस पर 900 मिलियन डॉलर का खर्च बढ़ सकता है। दिलचस्‍प आंकड़ा यह भी है कि कंपनी की कमाई इस साल की पहली त‍िमाही में बढ़ी है। इसकी वजह उसके सभी प्रोडक्‍ट्स की अच्‍छी सेल बताई जा रही है। हाल ही में आई काउंटरपॉइंट इंडिया की रिपोर्ट भी कहती है कि प्रीमियम स्‍मार्टफोन कैटिगरी में ऐपल का दबदबा बढ़ रहा है। भारत में भी लोग ऐपल आईफोन्‍स को खूब खरीद रहे हैं। भारत से हवाई जहाज में भरकर भेजे आईफोन पिछले महीने यह खबर आई थी कि ऐपल ने अमेरिका का नया टैरिफ लागू होने से पहले ही कई हवाई जहाजों में आईफोन भरकर उन्‍हें अमेरिका पहुंचा दिया था। अब S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के अनुसार, कंपनी ने मार्च में भारत से अमेरिका को 98 फीसदी एक्सपोर्ट किया। कुल 31 लाख यूनिट अमेरिका पहुंचाईं गईं। टैक्‍स की बात करें तो अमेरिका भारत से आने वाले सामान पर 26 फीसदी, जबकि चीन से आने वाले सामान पर 145 फीसदी टैक्‍स लगाता है। कंपनी भारत में नए रिटेल स्‍टोर्स भी खोलने जा रही है।

केंद्र सरकार मप्र को 44255.33 करोड़ रुपए देगी और 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के शामिल होंगे

 भोपाल मध्यप्रदेश में केंद्रीय योजनाओं के संचालन के लिए बड़ी राशि मिलने वाली है। इसी कड़ी में केंद्रीय योजनाओं के संचालन के पीएम मोदी (PM MODI) ने एमपी (MP) के लिए पिटारा खोला है। पीएम ने कुल 68519.05 करोड़ रुपए खर्च का फैसला किया है। केंद्र सरकार 44255.33 करोड़ रुपए देगी और 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के शामिल होंगे। मोदी सरकार ने डॉ मोहन सरकार को 28 अप्रैल तक की स्थिति में 283.46 करोड़ रुपए दे भी दिए है। मप्र कृषि और ग्रामीण विकास विभाग को पिछले बजट से अधिक राशि, पिछले वित्त वर्ष में ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8561.16 करोड़ रुपए मिले थे, इस साल 9819.34 करोड़ रुपए का प्रावधान है। कृषि विकास विभाग में पिछले साल 237.36 करोड़ रुपए का प्रावधान था, इस वित्त वर्ष में 1005.46 करोड़ रुपए देने का फैसला लिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग को पिछले वित्त वर्ष में 1541 करोड़ रुपए का प्रावधान था। इस वित्त वर्ष में 4448.40 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष में 4400 करोड़ के प्रावधान के बावजूद प्रदेश को जल जीवन मिशन में राशि आवंटित नहीं की गई, इस वित्त वर्ष में 8561.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पिछले एक महीने में केंद्र सरकार ने मोहन सरकार को 283 करोड़ रुपए दिए हैं , इसमें लोक निर्माण विभाग, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को 39.14 करोड़ रुपए मिला है, जबकि वित्त विभाग को भी 217.07 करोड़ रुपए मिला है. जिसका खर्च किया जाना है. बता दें कि 2024-25 में मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में मोहन सरकार को 37652 करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया था, लेकिन इसमें 16155 करोड़ कम मिले थे, प्रदेश को केवल 21497 करोड़ रुपए ही मिले थे. इन विभागों को मिलेगा सबसे ज्यादा फंड इस पैसे में सभी विभागों को फंड मिलेगा, लेकिन ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा फंड दिया जाएगा. इसके अलावा भी दूसरे सभी विभागों को फंड मिलेगा. लेकिन चार विभाग ऐसे हैं जिनके हिस्से में ज्यादा कुछ नहीं आने वाला है. इनमें पर्यटन संस्कृति विभाग, वित्त विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग शामिल है. 

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