LATEST NEWS

बीजेपी के जाति जनगणना कराने का ऐलान, जिसका लक्ष्य सामाजिक समीकरणों को साधना और चुनावी रणनीति को मजबूत करना

नई दिल्ली  बीजेपी ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक चतुराई का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना करवाने की घोषणा की है। यह फैसला सिर्फ आंकड़ें जुटाने के लिए नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक इंजीनियरिंग, चुनावी रणनीति और वैचारिक संतुलन का भी समीकरण बिठाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब देश की राजनीति में ‘मंडल-कमंडल’ की बहस को फिर से हवा देने की कोशिश हो रही थी। ऐसे में यह समझना चुनावी और राजनीतिक रणनीति को देखते हुए बहुत जरूरी है कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र की एनडीए सरकार ने यह कदम अचानक किन 5 प्रमुख वजहों से लिया है और कैसे यह उसके लिए एक ‘गेमचेंजर’ साबित हो सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव का नतीजा 2014 में नरेंद्र मोदी के पहले लोकसभा चुनाव से लेकर 2019 तक उनके कार्यकाल के दूसरे चुनाव तक बीजेपी ने ओबीसी (OBC),अति-पिछड़ी जातियों (EBC) और अनूसूचित जातियों (SC) को जोड़कर एक मजबूत सामाजिक समीकरण खड़ा किया था। लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का यह वोट बैंक बिखर गया और इन वर्गों का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की ओर झुक गया, जिससे बीजेपी के 400 पार वाला सपना चकनाचूर हो गया। बीजेपी और एनडीए को इसके चलते खासकर यूपी,राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे बड़े राज्यों में तगड़ा झटका लगा। ऐसे में जाति जनगणना वाला दांव इन जातियों की उन उपेक्षित भावनाओं पर मरहम लगाने का प्रयास है। ओबीसी को सीधा संदेश देने का प्रयास बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओबीसी होने वाले तथ्य को अबतक विपक्ष के पिछड़े वाले दांव को कुंद करने के लिए इस्तेमाल करती रही है। जब बिहार में जातिगत सर्वे करवाया गया था, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी जेडीयू एनडीए में नहीं थे। अलबत्ता तब भी बीजेपी ने आधिकारिक रूप से उस जातिगत सर्वे का समर्थन किया था। अब मोदी सरकार देशभर में जाति जनगणना का दांव चलकर प्रधानमंत्री और बिहार के सीएम नीतीश के पिछड़ा पृष्टभूमि को और मजबूती से भुनाने की कोशिश कर रही है। वैसे भी मोदी सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के अपने फैसले का हमेशा जिक्र करती रही है। अब इस फैसले से उसका काम और आसान हो सकता है कि असल में पीएम मोदी खुद पिछड़े समाज से तो हैं ही, वह ओबीसी समाज के मसीहा के तौर पर भी काम कर रहे हैं। राज्यों की राजनीति पर भारी पड़ने की कोशिश बीजेपी को मालूम पड़ चुका था कि अगर केंद्र जाति जनगणना को लेकर सुस्त रहा, तो विपक्ष शासित राज्य सरकारें इसे अपने-अपने ढंग से लागू करके सामाजिक समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश सकती हैं। तेलंगाना पहले ही इस दिशा में सक्रिय हो चुका है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार भी अपने दांव लगाने की कोशिशों में जुटी है और झारखंड में भी ‘सरना कोड’ की मांग जोर पकड़ रही है। ऐसे में केंद्र की ओर से इसे राष्ट्रीय स्तर पर करवाने का एलान करके, बीजेपी सरकार ने विपक्ष की राजनीति पर बढ़त बनाने वाली चाल चल दी है। नया प्रयोग करने की कोशिश 2014 में जब से मोदी सरकार आई है, उसकी अनेकों कल्याणकारी योजनाएं, सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत करने के लिए बनाई गई हैं। ईडब्ल्यूएस कोटा और विश्वकर्मा योजना इसका सबसे बेहतरी उदाहरण है। इसी तरह से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए भी अनेकों योजनाएं चल रही हैं, जिनके माध्यम से इन वर्गों के उत्थान का भी काम हो रहा है, वहीं इसके माध्यम से सरकार इन वर्गों के बीच पहुंच भी पहुंची है। लेकिन, जाति जनगणना के माध्यम से पार्टी जातियों में बंटे भारतीय समाज को सीधे तौर पर साधने की कोशिश कर रही है, जिसे अब सहेज कर रखना उसके लिए बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी थी। क्योंकि, उज्जवला योजना, जनधन योजना जैसी अनेकों ऐसी योजनाएं हैं, जिनके माध्यम से भाजपा सरकार ने खुद को समाज के विशेष वर्गों के नजदीक पहुंचाया है, लेकिन अब उसमें भी जातियों के आधार पर दिक्कतें बढ़ने लगी थीं, जिसके लिए नया कार्ड चलना जरूरी लग रहा था। हिंदुत्व की सियासत पर जाति की चाशनी बीजेपी की राजनीति लंबे समय से हिंदुत्व के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ धार्मिक ध्रुवीकरण अब पार्टी के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए अब पार्टी हिंदुत्व पर भी सामाजिक न्याय और पिछड़ों की चुनावी चाशनी लगाने की कोशिश कर रही है। इसका मकसद एक ऐसे व्यापक सामाजिक समीकरण को तैयार करना है, जिसमें धार्मिक और जातिगत दोनों स्तरों पर समर्थन हासिल हो सके। हालांकि, बीजेपी की यह सोच समझी रणनीति चुनावी फ्रंट पर कितना काम करती है, यह इस समय का सबसे बड़ा सवाल है।

MP कैडर के 53 IAS अफसरों को एक महीने की ट्रेनिंग के लिए मसूरी बुलाया, नए अफसरों की एंट्री सीएमओ

भोपाल  मध्यप्रदेश कैडर के 53 आईएएस अफसरों को करीब एक महीने की ट्रेनिंग के लिए मसूरी बुलाया गया है। इन अफसरों को जून से जुलाई तक मिड करियर ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी जाना होगा। खास बात यह है कि सूची में शामिल दो अफसर मुख्यमंत्री के सचिव सीबी चक्रवर्ती एम और डॉ. इलैया राजा टी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में दो पद खाली हो जाएगा तो इसके बदले में नए अफसर आमद दे सकते हैं। चार जिलों के कलेक्टर भी शामिल इसके अलावा 4 जिलों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत चार जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। यह सभी 53 अफसर सचिव, अपर सचिव स्तर के हैं। हालांकि कई अफसरों ने अपनी ट्रेनिंग रद्द करवाने के लिए जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि वर्किंग एफिशिएंसी में सुधार के लिए यह ट्रेनिंग आवश्यक होती है। इन अधिकारियों को 16 जून से 11 जुलाई तक होने वाले एमसीटीपी के चौथे चरण की ट्रेनिंग के लिए सूचित किया गया है। इन अफसरों के नाम शामिल लोकेश कुमार जाटव, धनंजय सिंह भदोरिया, स्वतंत्र कुमार सिंह, शशांक मिश्रा, स्वाति मीणा नायक, आईरिन सिंथिया जेपी, विकास नरवाल, भरत यादव, सीबी चक्रवर्ती, वी. किरण गोपाल, नंदकुमारम, शिल्पा गुप्ता, सूफिया फारूकी वली, अजय गुप्ता, अविनाश लवानिया, प्रियंका दास, अभिषेक सिंह, प्रीति मैथिल, ईलैया राजा टी., तेजस्वी नायक, अमित तोमर, श्रीकांत बनोठ, मुजीर्बुर रहमान, अनय द्विवेदी, तन्वी सुंदरियाल बहुगुणा, तरुण राठी, गणेश शंकर मिश्रा, अभिजीत अग्रवाल, कर्मवीर शर्मा, कौशलेंद्र विक्रम सिंह, अनुराग चौधरी, भास्कर लक्षकार, आशीष सिंह, शण्मुगा प्रिय मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, दिनेश जैन, गिरीश शर्मा, शिवराज सिंह वर्मा, उमाशंकर भार्गव, प्रीति जैन, उषा परमार, सरिता बाला, ओम प्रजापति, चंद्र मौली शुक्ला, मनोज पुष्य, वीएस चौधरी कोलसानी, रुचिका चौहान, सौरव कुमार सुमन, विजय कुमार जे., हरजिंदर सिंह, नेहा मराव्या, बी. विजय दत्ता, अनुगृह पी और मोहित बुंदस।

एम्स भोपाल मुंह के कैंसर की पहचान के लिए बना रहा ऐप, तंबाकू छोड़ने के लिए भी लोगों को प्रेरित करेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मुंह के कैंसर की पहचान अब आसान होगी। एम्स भोपाल एक मोबाइल ऐप बना रहा है। यह ऐप कुछ ही मिनटों में कैंसर की जांच कर लेगा। मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी यानि एमपीसीएसटी ने इस काम के लिए लाखों रुपए की सहायता भी दी है। यह ऐप लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए भी अपील करता हुआ नजर आएगा। एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉक्टर अजय सिंह का इसे लेकर कहना है कि यह ऐप तकनीक के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा। यह रिसर्च 24 महीनों तक चलेगी। एम्स भोपाल के डॉक्टर अंशुल राय इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं। वे ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में प्रोफेसर हैं। कई विभागों के डॉक्टर शामिल इस रिसर्च में कई और विभागों के डॉक्टर भी शामिल हैं। जैसे कि रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, पैथोलॉजी और सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ। यह ऐप कैंसर के लक्षणों को पहचानेगा। साथ ही, यह लोगों को तंबाकू, सुपारी और धूम्रपान के नुकसान बताएगा। इससे लोग इन्हें छोड़ने के लिए प्रेरित होंगे। प्रोजेक्ट के लिए लाखों की मदद एमपीसीएसटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 7.4 लाख रुपए दिए हैं। पहली किस्त के रूप में 3.7 लाख रुपए मिल चुके हैं। इस ऐप से मुंह के कैंसर की शुरुआती पहचान जल्दी हो सकेगी। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल पाएगा। और उनकी जान बच सकेगी। यह ऐप एक बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो गांवों में रहते हैं और जिनके पास डॉक्टर तक पहुंचने के लिए साधन नहीं हैं। शोध के लिए लिए मिली मंजूरी, 7.4 लाख स्वीकृत एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि “ओरल कैंसर और अन्य प्री-मेलिग्मेंट (पूर्व-कैंसर) स्थितियों की पहचान के लिए एक मोबाइल ऐप के माध्यम से स्क्रीनिंग के लिए एक अभिनव अनुसंधान परियोजना प्रारंभ की है. इसके लिए एमपी काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने दो साल के रिसर्च प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इस दो वर्षीय अनुसंधान परियोजना के लिए कुल 7.4 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से पहले साल के लिए 3.7 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है. जबकि बची हुई राशि दूसरी किश्त में प्रदान की जाएगी.” इस तरह मोबाइल एप से होगी कैंसर की स्क्रीनिंग एम्स के डाक्टरों ने बताया कि यह मोबाइल ऐप ओरल कैंसर, मुंह खोलने में रुकावट की बीमारी और अन्य गंभीर मुख स्थितियों की स्क्रीनिंग करने में मदद करेगा. यह एप कुछ ही मिनटों में परिणाम देगा और सभी रोगियों की जानकारी पूर्ण रूप से गोपनीय रखेगा. बता दें कि इस रिसर्च का नेतृत्व एम्स भोपाल के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डॉ. अंशुल राय करेंगे. उनके साथ को-प्रोजेक्ट इन्वेस्टिगेटर के रूप में डॉ. सैकत दास (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी), प्रो. अभिनव सिंह, डॉ. दीप्ति जोशी (पैथोलॉजी) और डॉ. अंकुर जोशी (कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन) शामिल हैं. जूनियर रिसर्च फेला को मिलेंगे 4 लाख 70 हजार डॉ. अंशुल राय ने बताया कि “रिसर्च के लिए स्वीकृत राशि में से दो साल के लिए जूनियर रिसर्च फेलो की सैलरी 4 लाख 80 हजार रुपए तय की गई है. कंज्यूमेबल्स पर 60 हजार रुपए, यात्रा व्यय पर 1 लाख रुपए और पब्लिकेशन व प्रिंटिंग पर 1 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे. बता दें कि यह रिसर्च मोबाइल ऐप के जरिए बड़ी आबादी में मुंह से जुड़ी गंभीर बीमारियों की पहचान और इलाज की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. डॉ. अंशुल राय ने जानकारी दी कि इस मोबाइल ऐप पर वे गत एक वर्ष से कार्य कर रहे हैं.”  एक हजार मरीजों पर किया जाएगा शोध एमपी काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा कुल 7.5 लाख रुपये की धनराशि इस परियोजना के लिए प्रदान की गई है. आगामी दो वर्षों में यह अनुसंधान 1,000 व्यक्तियों पर किया जाएगा. एक व्यापक रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी. जिससे ओरल कैंसर से संबंधित नीति निर्माण में सहायता मिल सके. यह ऐप उपयोगकर्ताओं को तंबाकू, सुपारी, सिगरेट और बीड़ी जैसे हानिकारक पदार्थों के प्रभावों के बारे में जागरूक करेगा और उन्हें इनका सेवन छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा. यह ऐप अपनी तरह का पहला इनोवेशन है, जिसे सरकार ने फंडिंग दी है और यह स्पष्ट तरह से कैंसर होने के कितने चांसेस हैं उसका प्रमाण देगा.

मुरैना में 5 फुटवेयर कंपनियां लगेंगी, होगा 301 करोड़ का निवेश, 1100 से अधिक श्रमिकों को मिलेगा रोजगार

मुरैना मध्य प्रदेश अब फुटवेयर इंडस्ट्री का नया हब बनने जा रहा है! मुरैना के सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में फुटवेयर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर के लिए पांच कंपनियों को सरकार ने जमीन आवंटित की है। इन कंपनियों के 301 करोड़ रुपये के निवेश से न सिर्फ इलाके का कायाकल्प होगा, बल्कि 1120 से ज्यादा लोगों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के मौके मिलेंगे। ये खबर स्थानीय लोगों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। पांच कंपनियां, बड़ा निवेश, बंपर नौकरियां सीतापुर में जिन पांच कंपनियों को जमीन दी गई है, वे हैं- बू यांग स्काईकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड, कोलेन्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, गुरुकृपा इंटरप्राइजेज, खुराना एंड कंपनी, और अशोका बूट फैक्ट्री। ये कंपनियां मिलकर 301 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इससे न केवल फुटवेयर और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि हजारों युवाओं को नौकरी भी मिलेगी। सरकार का फोकस चंबल संभाग में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है, और ये कदम उसी दिशा में एक बड़ा धमाका है। 161 एकड़ में बनेगा इंडस्ट्रियल हब मप्र सरकार ने सीतापुर में फुटवेयर क्लस्टर के लिए लगभग 161.30 एकड़ जमीन आरक्षित की है, जिसमें से 75 एकड़ से ज्यादा पर इंडस्ट्रियल भूमि तैयार होगी । करीब 55 एकड़ जमीन पर उद्योग लगाने के लिए जमीनों के आवंटन का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा, 10 प्लग एंड प्ले यूनिट्स भी बनाई जा रही हैं, जहां उद्यमी सिर्फ अपनी मशीनें लगाकर तुरंत प्रोडक्शन शुरू कर सकेंगे। ये सुविधा छोटे और मझोले उद्योगपतियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का बड़ा निवेश , इंदौर में हुई थी शुरुआत  इंदौर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कई कंपनियों ने चंबल संभाग में निवेश की इच्छा जताई थी। उसी का नतीजा है कि आज मुरैना में इतना बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है। इसके अलावा, सीतापुर में अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी चल रहे हैं। मसलन, दिल्ली की जायक्स कंपनी 150 करोड़ की लागत से एथेनॉल प्लांट बना रही है, सात्विक एग्रो 210 करोड़ के निवेश से सोयाबीन और मक्का से प्रोटीन पाउडर का प्लांट तैयार कर रही है, और मयूर यूनिकोट्स 50 करोड़ के निवेश से वाहनों के सीट कवर्स के लिए केनवास बना रही है। सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले पुरुष और महिला कर्मचारियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल्स भी बनाए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को रहने की सुविधा मिलेगी, बल्कि इलाके में काम करने की चाहत रखने वाले लोगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ये कदम मध्य प्रदेश को औद्योगिक नक्शे पर और मजबूत करेगा। इसे एमपी में औद्योगिक विस्तार के नजरिये से भी देखा जा सकता है। पांचों कंपनियों को मिली जमीन का विवरण     बू यांग स्काईकार्प प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 35.99 एकड़ क्षेत्रफल जमीन आवंटित की गई है। इनके द्वारा 225 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा तथा 300 लोगों को रोजगार मिलेगा।     कोलेन्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 5.44 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इनके द्वारा 43 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा तथा इसमें 220 लोगों को रोजगार मिलेगा।     गुरु कृपा इंटरप्राइजेज कंपनी को 9.13 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इसमें 20 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा तथा 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।     खुराना एण्ड कंपनी को 4-15 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इनके द्वारा 10 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा तथा 100 लोगों को रोजगार मिलेगा।     अशोका बूट फैक्ट्री को 0.72 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इनके द्वारा तीन करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा तथा इसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। 75 एकड़ में लगेंगी कंपनियां राज्य की ओर से मुरैना जिला प्रशासन को पत्र लिखकर 75 एकड़ भूमि उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए हैं। इस भूमि में अन्य कंपनियों की यूनिट भी लगाई जाएंगी। प्रदेश सरकार ने फुटवियर तथा ऐसेसिरीज क्लस्टर के विकास के लिए 161.30 एकड़ भूमि देना प्रस्तावित किया है। फिलहाल सरकार ने उपरोक्त में से 55 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर उद्योगों के लिए भू-खंण्डों के आवंटन के लिए पत्र जारी कर दिया है। सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र, मुरैना के एरिया मैनेजर अंकित शर्मा ने कहा कि सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में 10 प्लग एण्ड प्ले यूनिट्स लगाने का भी प्रस्ताव आया है। इनके लिए 10 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल का भी निर्माण किया जा सकता है। इसमें उद्योगपति सीधा अपनी मशीनें लगाकर कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।  

मुख्यमंत्री एकात्म धाम ओंकारेश्वर में शंकर प्रकटोत्सव में हुए सम्मिलित, पुस्तक का किया विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ओंकार पर्वत पर स्थापित आदिगुरु की 108 फीट ऊंची प्रतिमा व आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली को राज्य सरकार एकात्म धाम के रूप में विकसित कर रही है, जो चरणबद्ध रूप से पूर्ण हो रहा है। आदि गुरु शंकराचार्य ने अपने जीवन काल में अनेक महान कार्य किए। गुरु शंकराचार्य की चेतना शास्त्र परंपरा से हमारा परिचय कराती है। भारत को शक्ति संपन्न बनने के लिए ज्ञान, आध्यात्म, शास्त्र एवं शस्त्र सभी विधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे संतों एवं संन्यासियों ने धर्म की स्थापना के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। शस्त्र के साथ शास्त्र की परंपरा का अद्भुत समन्वय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी की शुरुआत की है। शराब की दुकानें बंद कर दूध की दुकाने खोली जा रही है। दुग्ध उत्पादन को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सांस्कृतिक पर्वों एवं त्यौहारों को समाज के साथ समारोहपूर्वक मनाएगी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति से जुड़ाव और सामाजिक आयोजनों के लिये सम्पूर्ण प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को  आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव पर पंच दिवसीय ‘एकात्म पर्व‘ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने की। इस अवसर पर महर्षि संदीपनी वेद विद्या पीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने एकात्म धाम की यज्ञशाला की पवित्र यज्ञ-वेदी में आहुति दी। उन्होंने यज्ञ की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साधु-संतों के साथ आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों का स्वागत कर “एकात्म धाम : एकात्मता की यात्रा” पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही अद्वैत वेदांत के आचार्य स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती एवं प्रो. व्ही कुटुम्ब शास्त्री का अलंकरण किया गया। कार्यक्रम में अद्वैत जागरण युवा शिविर पर केंद्रित फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्म धाम में संतों के वचनों का श्रवण कर ऐसा लगा जैसे गागर में सागर भर दिया हो। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने मात्र 32 वर्ष के लघु जीवन काल में इतने महान कार्य किये जो कल्पना से परे हैं। पाँच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में एकात्म के माध्यम से अद्वैत वेदान्त का वर्णन किया। सृष्टि में जगह-जगह कृष्णत्व नजर आया है। शंकराचार्य की दृष्टि हिमालय पर्वत के समान अद्वितीय थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमको सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने का अवसर मिला है। वर्तमान काल में ज्ञान के साथ भारत को शक्ति संपन्न बनने की आवश्यकता है। जूना अखाड़ा में लोगों ने नागा सन्यासी बनकर धर्म की स्थापना के लिए सांसारिक जीवन का त्याग कर दिया। आज शस्त्र के साथ शास्त्र के तालमेल की आवश्यकता है। विगत 1400 साल में शंकराचार्य के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा और शस्त्रों का अद्वितीय रूप दिखाई देता है। पंचायतन भाव के साथ अपने देवों की पूजा करते हुए हमें एकात्मक के भाव को बनाए रखना है। जूनापीठाधीश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पाखंडी और अज्ञानियों ने वेदों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए। जब देश वेद विमुख हो रहा था तो गुरू शंकराचार्य के रूप में भगवान स्वयं धरती पर आए। उनका आगमन न होता तो हम आज हिंदू, सनातनी और आर्य न होते। उन्होंने विविधता को तोड़ते हुए अद्वैत के माध्यम से एकत्व के सिद्धांत को प्रचारित किया। उन्होंने कहा कि गीता भवनों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प अत्यंत सराहनीय है। यह सत्य है कि गाय के बिना गति नहीं है, गीता के बिना मति नहीं है। अब गीता को गांव-गांव में पहुंचाना है। गुरू शंकराचार्य ने गीता पर भाष्य किया और इसमें अद्वैत और एकात्म के माध्यम से पूरे विश्व की एकता की बात कही गई है। एकात्म धाम में शंकराचार्य पर शोध होगा, चर्चाएं होंगी और विश्व व्यापी प्रचार-प्रसार होगा। नश्वर जगत में एकात्म का सिद्धांत सदैव विद्मान रहेगा। स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सनातनी मूल्य और सांस्कृतिक निष्ठा के साथ प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश में सांस्कृतिक मूल्यों का संचार हो और आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन हो, उज्जैन में सिंहस्थ: 2028 को कैसे वैश्विक रूप से भव्यता प्रदान की जाये, इन कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक दूरगामी सोच रखते हैं। भगवान ने उन्हें इन कार्यों के लिए चुना है। माँ नर्मदा, क्षिप्रा और ओंकारेश्वर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यहां भेजा है। समारोह में बताया गया कि म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम के उन्न्यन का कार्य 4चरणों में किया जा रहा है। इसमें प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना की गई है, द्वितीय चरण में आचार्य शंकर के जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय, अद्वैतलोक हेतु अतिशीघ्र निविदा जारी की जा रही है, जिसमें उनके जीवन दर्शन का विभिन्न तकनीकियों के माध्यम से

सकल हिंदू समाज ने भोपाल के 26 स्थानों पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के विरोध में किया विरोध प्रदर्शन

भोपाल हिंदू समाज की बेटियों और महिलाओं को के षड्यंत्रों में फंसाकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की बढ़ती घटनाओं के विरोध में सकल हिंदू समाज की महिलाओंं का शहर के 26 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा। शुक्रवार शाम पांच बजे से प्रदर्शन शूरू हो गया। सकल हिंदू समाज नगर के बोर्ड ऑफिस चौराहा, बीमा कुंज,अशोका गार्डन, वाजपेयी नगर,बैरागढ़, आशिमा माल,करोंद चौराहा,नादरा बस स्टैंड,डीआइजी बंग्ला सहित 26 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवतियां, महिलाएं, युवा, समाज के सभी वर्गों के नागरिक शामिल हैं।   नादरा बस स्टैंड पर विराट विरोध प्रदर्शन इस अवसर पर सैकड़ों की तादाद में महिलाएं एवं बेटियां उपस्थित रही।कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से आरोपित को फांसी पर भी लटकाया गया। ओल्ड भोपाल के वाजपेई नगर मल्टी में हजारों की संख्या में महिलाएं शस्त्र लेकर उतरी मैदान में। लव जिहाद के खिलाफ आरोपितो को फांसी की सजा की मांग की। पहचान छुपाकर मासूम छात्राओं को बना रहे लव जिहाद का शिकार ऐसे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग।

मुख्यमंत्री साय ने कौशल, रोजगार और आजीविका पर नीति-आयोग की कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी। कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है। नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू   राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा। तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।

एमपी में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश, अगले 4 दिन तक बूंदाबादी के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे है। प्रदेश में कहीं तेज गर्मी पड़ रही है तो कही बारिश और ओले गिर रहे है। गुरुवार को करीब 25 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। राज्य में आज शुक्रवार को भी कई जिलों में बूंदाबांदी होने की संभावना है। जबकि 5 जिले-छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। वहीं कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर जारी है। पिछले 6 दिन प्रदेश के आधे हिस्से में मौसम बदला हुआ है। कहीं तेज आंधी-बारिश हो रही है तो कहीं ओले भी गिर रहे हैं। भिंड में शुक्रवार सुबह से तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके चलते शहर की बिजली बंद हुई। हालांकि, सुबह के समय होने वाली बारिश से तापमान भी कम हुआ है। इसके साथ ही मुरैना में भी तेज बारिश हुई। आज शुक्रवार को कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार 5 मई तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। कुछ जिलों में दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के बाद मौसम बदलेगा। इससे पहले, गुरुवार को भी कुछ जिलों में बारिश हुई। करीब 25 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। डिंडौरी में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। वहीं, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पन्ना, शहडोल, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, उज्जैन और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ हल्की बारिश हुई। मई के पहले ही दिन उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, गुना और नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शाजापुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रतलाम में 43.6 डिग्री, उज्जैन में 43.4 डिग्री और गुना-नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, खरगोन, खंडवा, शिवपुरी, रायसेन, टीकमगढ़, सागर, दमोह, बैतूल, खजुराहो और नर्मदापुरम में पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 42.5 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.2 डिग्री रहा। इन जिलों में आज बारिश ओले का अलर्ट  मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार कोकटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है।छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। 5 मई तक बारिश का दौर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, 5 मई तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। कुछ जिलों में दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के बाद मौसम बदलेगा। गुरुवार को डिंडौरी में ओले गिरे। वहीं, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पन्ना, शहडोल, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, उज्जैन और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ हल्की बारिश हुई। इधर, शाजापुर, रतलाम, गुना और नरसिंहपुर में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शाजापुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रतलाम में 43.6 डिग्री, उज्जैन में 43.4 डिग्री और गुना-नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, खरगोन, खंडवा, शिवपुरी, रायसेन, टीकमगढ़, सागर, दमोह, बैतूल, खजुराहो और नर्मदापुरम में पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 42.5 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.2 डिग्री रहा। प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 मई: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। वहीं, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है। 3 मई: उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में ओले गिरने का अलर्ट है। जबलपुर, कटनी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भी मौसम बदला रहेगा। 4 मई: सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल और हरदा में गरज-चमक, बारिश होने की संभावना है। 5 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मौसम बदला रहेगा। कहीं, गरज-चमक और आंधी चलेगी तो कहीं बारिश भी हो सकती है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में आसमान साफ रह सकता है।  

जनजातीय छात्रावासों विद्यालय रहित चिन्हित ग्रामों में केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 51 छात्रावासों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान जनजातीय छात्रों के लिए 51 छात्रावासों की स्वीकृति : मंत्री डॉ. विजय शाह भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) में जनजाति वर्ग के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए 51 छात्रावासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को मात्र शिक्षण संस्थान ही नहीं उनके लिए छात्रावास की उपलब्धता भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस अभियान में ऐसे 1296 गाँव चिन्हित किए गए हैं जहां 5 कि. मी. में कोई भी माध्यमिक विद्यालय संचालित नहीं है। ऐसे गाँवों में छात्रावासों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। 117.30 करोड़ के प्रस्ताव जनजातीय छात्रावासों के लिए विद्यालय रहित चिन्हित ग्रामों में केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक 51 छात्रावासों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 22 छात्रावासों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। शेष 29 छात्रावासों के लिए डीपीआर तैयार है। छात्रावास गति शक्ति पोर्टल के अनुसार इसके अलावा 38 ओैर छात्रावासों की स्वीकृति का प्रस्ताव भारत सरकार के पास स्वीकृति के लिये भेजा है। इस पर प्रति यूनिट 2.3 करोड़ की दर से 117.30 करोड़ की लागत से कार्य योजना तैयार की गई है। 24 जिले, 1296 गाँव मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि इस अभियान में जनजाति छात्रावासों के लिए प्रदेश के 24 जिलों के 1296 गाँव चिन्हित किए गए हैं। छात्रावासों के निर्माण के लिए तीन चरणों में स्वीकृति प्रस्ताव चलन में हैं। समग्र शिक्षा में छात्रावासों के लिए ऐसे गाँवों को चिन्हित किया गया है जहाँ 5 किमी के दायरे में माध्यमिक विद्यालय नहीं हैं। इस श्रेणी में शिवपुरी जिले में 192 गाँव चि‍न्हित किए गए हैं। शिवपुरी के लिए 9 छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया चलन में है। इनमें 5 छात्रावासों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है शेष 4 छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस क्रम में 129 गाँवों के साथ विदिशा दूसरे नंबर पर है, जहां 6 छात्रावासों के निर्माण के लिए तृतीय चरण में प्रस्ताव भेजे गए हैं। तीसरे स्थान पर 125 स्थानों के साथ शहडोल है जहां 6 छात्रावासों कि स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही नरसिंपुर में न्यूनतम 5 गांव चिन्हित किए गए हैं। न्यूनतम क्रम में इसके बाद 7 स्थानों के साथ मुरैना जिला है जहाँ चिन्हित छात्रावासों की संख्या 4 है जिनके प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए सुधारों का असर, छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य

रायपुर अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण  में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि  हासिल  की है। छत्तीसगढ़ ने  4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है । सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण, गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।” यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता

साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें : राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की बस्तियों में भ्रमण कर रहवासियों की समस्याएं सुनीं  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कालोनियों का भ्रमण के दौरान रहवासियों से कहा कि क्षेत्र में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दे । उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों को समय पर सफाई करने के लिए कहे । उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आज गोविंदपुरा क्षेत्र के खेजड़ा में नाली निर्माण , स्ट्रीट लाइट, पेयजल से जुड़ी नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भानपुर मल्टी के रहवासियों से भेंट कर जल आपूर्ति की समय सीमा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए। इसी क्रम में 40 लाख की लागत से बनने वाले मुख्य मार्ग से भानपुर मल्टी तक सड़क कार्य का भूमिपूजन किया । भानपुर मल्टी के रहवासियों के घरों के चारों तरफ गंदगी देख अप्रसन्नता प्रकट की । महोली में भ्रमण के दौरान स्थानीय रहवासियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनी और स्थानीय अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। स्थानीय रहवासियों ने सांस्कृतिक उत्सव के लिए बने शेड के आस पास बाउंड्रीवाल, सीवेज, पेयजल आपूर्ति समस्या से अवगत कराया है । उन्होंने समस्याओं का जल्द और स्थाई समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए । साथ ही हाईमास्ट लाइट लगाने को भी निर्देशित किया है। महोली के शासकीय स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यहां पर पेवर ब्लॉक लगवाए जाएंगे और कम्युनिटी हॉल बनाया जाएगा। उन्होंने दामखेड़ा में रोड नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या का निराकरण किया। इकोग्रीन पार्क में रहने वाले 150 परिवारों ने बिल्डर के द्वारा की जा रही गलत कार्रवाई से राज्यमंत्री को अवगत कराया। दरअसल, बिल्डर कॉलोनी वालों को बिजली विभाग के मीटर लगाने के कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है और बिल्डर द्वारा कॉलोनी वालों से मनचाही दर से बिल की वसूली की जा रही है। कोलुआ कलां के रहवासियों ने रोड चोड़ीकरण की मांग की है। सड़क चौड़ीकरण करने के लिए पहले अतिक्रमण हटाए जाएंगे, उसके बाद रोड का कार्य किया जाएगा। यहां पर शासकीय माध्यमिक शाला की जर्जर हो रही बिल्डिंग की मरम्मत कराई जाएगी। कैलाश नगर सेमरा में स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क निर्माण व सफाई नहीं होने की शिकायत रहवासियों ने की। इस दौरान पार्षद श्रीमती शकुन लोधी, राजू लोधी, विकास पटेल, राजू राठौड़, मंडल अध्यक्ष नीलेश गोर सहित बड़ी संख्या में रहवासी, कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।  

राष्ट्रपति ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स छूट का दर्जा समाप्त कर दिया

  वॉशिंगटन     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स छूट (Tax Exempt) का दर्जा समाप्त कर दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी घोषणा की. उनका यह कदम हार्वर्ड जैसी प्रतिष्ठित संस्था पर सरकार की कड़ी निगरानी और नीतिगत बदलावों की ओर इशारा कर सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मई 2025 को ऐलान किया कि उनका प्रशासन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स-छूट (Tax-Exempt) का दर्जा समाप्त करने जा रहा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘हम हार्वर्ड का टैक्स-छूट दर्जा समाप्त करने जा रहे हैं. वो इसी लायक हैं.’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन हार्वर्ड विश्वविद्यालय को अनुदान रोक सकता है, जिसने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया है।”और ऐसा लगता है कि हम उन्हें अब और अनुदान नहीं देने जा रहे हैं, है न लिंडा?” समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ट्रम्प की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन का हवाला दिया था। उन्होंने कहा, “अनुदान देना हमारे विवेक पर निर्भर है और वे वास्तव में अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह बहुत बुरा है।” विश्वविद्यालय ने पहले ट्रम्प प्रशासन की मांगों की एक सूची को अस्वीकार कर दिया था जिसका उद्देश्य विविधता पहलों पर अंकुश लगाना और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ना था। ट्रम्प ने हार्वर्ड को उदारवादी गड़बड़ बताया इससे पहले, डोनाल्ड ट्रम्प ने हार्वर्ड को “यहूदी विरोधी, अति वामपंथी संस्थान” कहा था, क्योंकि विश्वविद्यालय ने उनके प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, “यह जगह एक उदारवादी गड़बड़ है”, उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय ने “पूरी दुनिया से ऐसे छात्रों को प्रवेश दिया है जो हमारे देश को तोड़ना चाहते हैं।” ट्रम्प प्रशासन का हार्वर्ड पर दावा ट्रम्प प्रशासन ने बार-बार हार्वर्ड विश्वविद्यालय पर अमेरिका के सहयोगी देश इजरायल के खिलाफ परिसर में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों को लेकर निशाना साधा है। विश्वविद्यालय ने इससे पहले ट्रम्प प्रशासन की मांगों की सूची को अस्वीकार कर दिया था, जिसका उद्देश्य विविधता संबंधी पहलों पर अंकुश लगाना और यहूदी-विरोधी भावना से लड़ना था, तथा इसे मुक्त भाषण और शैक्षणिक स्वतंत्रता पर हमला बताया था। हार्वर्ड के खिलाफ कार्रवाई ट्रम्प प्रशासन ने विश्वविद्यालय के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। हार्वर्ड के लिए संघीय निधि में लगभग 9 बिलियन डॉलर की औपचारिक समीक्षा शुरू की गई, विविधता, समानता और समावेशन प्रथाओं पर विश्वविद्यालय प्रतिबंध की मांग की गई, और कुछ फिलिस्तीनी समर्थक समूहों पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने विश्वविद्यालय के विदेशी संबंधों के बारे में और अधिक जानकारी मांगी, इसकी कर-मुक्त स्थिति और विदेशी छात्रों को दाखिला देने की इसकी क्षमता को हटाने का प्रस्ताव रखा। अमेरिकी प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के लिए संघीय निधि में 2.3 बिलियन डॉलर की राशि रोक दी। इसके बाद हार्वर्ड ने ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया। हार्वर्ड के अतिरिक्त, डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन, DEI, जलवायु पहल और ट्रांसजेंडर अधिकारों जैसे मुद्दों पर अन्य शैक्षणिक संस्थानों को संघीय वित्त पोषण में कटौती की धमकी दी। हार्वर्ड $1 बिलियन के निजी इक्विटी फंड को बेचने के लिए बातचीत कर रहा है मामले से परिचित एक व्यक्ति के हवाले से रॉयटर्स ने खबर दी है कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय की संस्था एक अरब डॉलर मूल्य के निजी इक्विटी फंड को बेचने के लिए बातचीत कर रही है , क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संस्था को संघीय धन देने पर रोक लगा दी है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल शुरू हुई बिक्री प्रक्रिया का राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा वित्त पोषण में कटौती से कोई संबंध नहीं है।  

जल गंगा संवर्धन अभियान: हर शहर-हर ग्राम में जल को सहेजने और संरक्षण के हो रहे कार्य

जल गंगा संवर्धन अभियान समाचार सामुहिक श्रमदान से जल स्रोतों की हो रही है सफाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में 30 जून तक चलने वाला जल गंगा संवर्धन अभियान जन भागीदारी के साथ प्रदेशभर में उत्साह के साथ चल रहा है। अभियान में प्रत्येक जिले में जल स्रोतों को चिन्हित किया गया है और उनके संरक्षण व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मालदेव तालाब पर किया गया श्रमदान छिंदवाडा़ जिले में जन अभियान परिषद ने विकासखंड परासिया में जल गंगा संवर्धन अभियान में मानका देही खुर्द में मालदेव में तालाब गहरीकरण में श्रमदान कर ट्राली से मिट्टी निकाली। कार्यक्रम में जनपद पंचायत सदस्य कुबेर सिंह सूर्यवंशी, ग्राम के उपसरपंच सिरसाम सहित समाजसेवियों ने नागरिकों के साथ श्रमदान किया। श्रमदान के बाद जल संवाद किया गया। मजदूर दिवस के अवसर पर रोजगार गारंटी के मजदूरों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। संवाद में जल के महत्व को बताया गया। जन सामान्य को जानकारी दी गई कि अच्छे भविष्य के लिये जल को बचाना जरूरी है। श्रमदान में मास्टर ऑफ सोशल वर्क के छात्रों ने भी श्रमदान किया। जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है ग्राम पंचायत बैरागढ़ और आंट में क्षिप्रा नदी की हुई सफाई देवास जिले में जल है तो कल है, जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है। इन वाक्यों के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों एवं कुंड की साफ-सफाई की जा रही है। जल स्रोतों के आस-पास से गदंगी और गाद को बाहर निकाला जा रहा है। क्षिप्रा शुद्धिकरण सफाई अभियान अंतर्गत जन अभियान परिषद ब्लॉक देवास, बागली, टोंकखुर्द एवं सोनकच्छ के स्वयंसेवकों द्वारा ग्राम पंचायत बैरागढ़ एवं ग्राम पंचायट आंट में क्षिप्रा नदी की सफाई की गई। नदी की साफ-सफाई एवं गहरीकरण होने से बारिश के दिनों में पानी का अधिक संग्रहण होगा और वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। ग्रामीणों को पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। देवास जिले में अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जिले की जनपद पंचायत खातेगांव की ग्राम पंचायत बरछाबुजुर्ग में जनसहयोग से नाले का गहरीकरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वॉटरशेड अंतर्गत बागली विकासखंड के ग्राम पुंजापुरा में वॉटरशेड विकास यात्रा का शुभारंभ किया गया। विधायक बागली मुरली भंवरा ने वॉटरशेड वेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वॉटरशेड अंतर्गत ग्राम पुंजापुरा में जल कलश यात्रा, जल शपथ, नुक्‍कड नाटक कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ। इस दौरान विधायक बागली भंवरा ने जीवन में जल के महत्व को समझाया और प्रतिभावान कृषक, स्कूली बच्चों तथा आजीविका समूह की महिलाओं का सम्मान किया। खकनार विकासखंड की ग्राम पंचायतों में जारी हैं विभिन्न निर्माण कार्य बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान व्यापक स्तर पर संचालित हो रहा है। इसी श्रृंखला में खकनार विकासखंड की ग्राम पंचायत लोखंडिया में भोला भावसिंग के खेत के पास तालाब निर्माण का कार्य किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत खड़की में भी चेक डेम निर्माण का कार्य जारी है। हर शहर-हर ग्राम में जल को सहेजने और संरक्षण के हो रहे कार्य शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनपद पंचायत गोहपारू के नवीन खेत तालाब का निर्माण कार्य ग्राम लफदा, भूरसी, जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम कंचनपुर में किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों में जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी, पत्रकार और नागरिकों की भागीदारी से जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जन सामान्य को जल की एक-एक बूंद को सहेजने को संदेश दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत बजरंगगढ में किया गया श्रमदान गुना जिले में ग्राम पंचायत बजरंगगढ़ में ‘’जल गंगा संवर्धन अभियान’’ में श्रमदान किया गया। श्रमदान में विधायक गुना पन्नालाल शाक्य ने सीता कुंड की सफाई में भाग लिया। बजरंगगढ़ में विशेष अभियान में 108 प्राचीन कुओं का चिन्हांकन किया गया है। बजरंगगढ़ एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर रहा है, जिसकी पहचान किले के अतिरिक्त 108 मंदिर और बावड़ी से होती रही है। ऐसे समस्त प्राचीन कुओं एवं बावड़ियों की सफाई के साथ उनके रिचार्ज संरचनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। इस अभियान में समस्त जिला प्रशासन की टीम के साथ जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग मिल रहा है। ग्राम पंचायत बमूरिया फ़ूट में ग्रामीणों को जल बचाने की दिलाई गई शपथ अशोकनगर जिले में जन अभियान परिषद विकासखंड अशोकनगर की चयनित नवांकुर संस्था उन्नति जन कल्याण सेवा समिति बिजौरी के मढखेड़ा सेक्टर-एक में ग्राम पंचायत बमूरिया फ़ूट में ग्रामीणों को जल बचाने की शपथ दिलाई गई और जल बचाव के उपाय बताए गए। ग्रामीणों से कहा गया कि बारिश का पानी गांव से बाहर नहीं जाना चाहिए, तभी वॉटर लेवल बढ़ेगा। गांव का पानी गांव में खेत का पानी खेत में होना चाहिए। ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए जिला पंचायत अशोकनगर की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के प्रत्येक वार्डों में सार्वजनिक प्याऊं तत्काल चालू कराये जाने के निर्देश मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण को दिए गए। कलेक्टर ने किया जल संरचनाओं का निरीक्षण नरसिंहपुर जिले में विभिन्न पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और मरम्मत करने के साथ नवीन जल संरचनाओं के निर्माण किये जा रहे हैं। इसमें अमृत सरोवर, खेत- तालाब, कंटूर ट्रेंच-खंती आदि शामिल हैं। कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले एवं सीईओ जिला पंचायत दिलीप कुमार ने चांवरपाठा जनपद पंचायत के ग्राम अंजसरा, खुलरी एवं रम्पुरा पहुंचकर अमृत सरोवर व खेत- तालाब निर्माण का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम अंजसरा में लगभग 28 एकड़ शासकीय भूमि अमृत सरोवर निर्माण के लिए चिन्हित की गई है, जिसमें लगभग 10 एकड़ में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि इस भूमि पर बरसात के समय में पानी लबालब भरा रहता है। … Read more

पाकिस्तान के एयरस्पेस को बंद किए जाने से एयर इंडिया को भारी नुकसान, होगा 600 मिलियन डॉलर का नुकसान, रिपोर्ट में दावा

 नई दिल्ली  पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव है। इस घटना के बाद भारत ने पाक के खिलाफ कई बड़े एक्शन लिए हैं। इस बीच पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को 23 मई तक बंद रखने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के इस फैसले का असर भारतीय विमानों पर भी देखने को मिल सकता है। इस बीच एयर इंडिया ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी लिखी है और कहा कि पाकिस्तान के एयरस्पेस के बंद होने से एयरलाइन कंपनी को 12 महीनों में करीब 600 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। दरअसल, भारतीय एयरलाइन्स को ईंधन की बढ़ी हुई लागत और लंबी यात्रा अवधि का सामना करना पड़ रहा है। रॉयटर्स के अनुसार कंपनी ने केंद्र सरकार से इस नुकसान की भरपाई करने की अपील की है. रॉयटर्स के अनुसार, सिविल एविएशन मिनिस्‍ट्री (Aviation Ministry) को एअर इंडिया द्वारा भेजे गए पत्र में एयरलाइंस ने 27 अप्रैल को भारत सरकार से आर्थिक नुकसान के नुपात में ‘सब्सिडी मॉडल’ की मांग की थी, जिसमें अनुमान लगाया था कि एयरस्‍पेस प्रतिबंध होने के कारण हर साल उसे 50 अरब भारतीय रुपये (591 मिलियन डॉलर) से ज्‍यादा का नुकसान होगा. AIR इंडिया ने पत्र में क्या लिखा? समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने विमानन मंत्रालय को लिखे पत्र का हवाला देते हुए बताया कि विमान कंपनियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए, एयर इंडिया ने सरकार से आनुपातिक सब्सिडी की मांग की है। पत्र में कहा गया कि प्रभावित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सब्सिडी एक अच्छा, सत्यापन योग्य और उचित विकल्प है, स्थिति में सुधार होने पर सब्सिडी हटाई जा सकती है। एयर इंडिया ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से भारी नुकसान जानकारी दें कि मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि एयर इंडिया का पत्र तब भेजा गया जब सरकार ने अपने अधिकारियों से भारतीय एयरलाइन्स पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के प्रभाव का आकलन करने को कहा। बता दें कि भारत में 26.5% बाजार हिस्सेदारी रखने वाली एयर इंडिया यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के लिए उड़ान भरती है। एयरलाइंस के विमान अक्सर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से ही होकर गुजरते हैं। यह बड़ी घरेलू प्रतिद्वंद्वी इंडिगो की तुलना में कई अधिक लंबी दूरी के मार्गों का संचालन करती है। नुकसान को कम करने पर विचार कर रही सरकार वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मामले से परिचित तीन अन्य लोगों ने बताया कि भारत सरकार पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने से एयरलाइन उद्योग को होने वाले नुकसान को कम करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि भारतीय एयरलाइन्स ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ संभावित समाधानों पर काम करने के लिए मुलाकात की है। वहीं, अपने पत्र में एयर इंडिया ने सरकार से कुछ ओवरफ्लाइट मंजूरी के लिए चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क करने को कहा, हालांकि इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। इसके साथ ही एयरलाइ कंपनी ने सरकार से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की उड़ानों में अतिरिक्त पायलटों को ले जाने की मंजूरी देने के लिए भी कहा ताकि यात्रा का समय अधिक हो। सरकार ने एयरलाइंस को आकलन करने को कहा था एअर इंडिया के इस लेटर में कहा गया है कि प्रभावित इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए सब्सिडी एक अच्छा, वेरिएबल और उचित विकल्प है. स्थिति में सुधार होने पर सब्सिडी हटाई जा सकती है. रिपोर्ट का कहना है कि सरकार द्वारा एअर इंडिया (Air India) के अधिकारियों से भारतीय विमानन कंपनियों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के प्रभाव का आकलन करने को कहने के बाद एअर इंडिया ने ये लेटर भेजा है. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि एअर इंडिया, IndiGo और Spicejet समेत कई एयरलाइंस ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद (Pak AirSpace Close) करने के प्रभाव पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय को अपने इनपुट और सुझाव दिए हैं. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्थिति का आकलन कर रहा है और इस मुद्दे को हल करने के लिए संभावित समाधानों पर विचार कर रहा है. मंत्रालय ने हाल ही में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कई एयरलाइंस के साथ बैठक की और स्थिति से निपटने के लिए उनके सुझाव मांगे. पाकिस्तान ने 24 अप्रैल को भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था. हवाई क्षेत्र बंद होने से क्‍या होगा असर? उत्तर भारतीय शहरों से संचालित होने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए एक्‍स्‍ट्रा लागत हर हफ्ते 77 करोड़ रुपये होने की संभावना है, क्योंकि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध के कारण ईंधन की खपत बढ़ जाएगी और उड़ान की अवधि भी लंबी हो जाएगी. पीटीआई द्वारा विदेशी उड़ानों की संख्या और बढ़ी हुई उड़ान अवधि तथा अनुमानित व्यय के आधार पर किए गए कैलकुलेशन के विश्लेषण से पता चला है कि भारतीय एयरलाइंस के लिए अतिरिक्त मासिक परिचालन लागत 306 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.

नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल-सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली  दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों को नोटिस भेजा है। ये नोटिस नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़ा है। ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने इन सभी के खिलाफ एक चार्जशीट दाखिल की है। ये मामला मनी लॉन्ड्रिंग का है। कोर्ट ने अगली तारीख 8 मई, 2025 तय की है। आरोपियों को सुनवाई का पूरा हक-कोर्ट नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और बाकी आरोपियों को चार्जशीट पर सुनवाई का पूरा हक है। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई का अधिकार सभी को मिलना चाहिए। कोर्ट ने आगे कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए ये ज़रूरी है कि हर आरोपी को सुना जाए। इसलिए नोटिस जारी करना ज़रूरी था। कोर्ट चाहता है कि सभी आरोपियों को अपनी बात रखने का मौका मिले। इससे ये सुनिश्चित होगा कि मामले की सुनवाई सही तरीके से हो। इससे पहले अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को अभी नोटिस जारी करने से मना कर दिया था। स्पेशल जज विशाल गोगने ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला लिया था। ईडी का कहना है कि नए नियमों के अनुसार, आरोपी को सुने बिना शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा सकता। अदालत इस बात से संतुष्ट नहीं थी कि नोटिस जारी करना जरूरी है। ईडी का कहना है कि कानून बदल गया है। नए कानून के हिसाब से, आरोपी को सुने बिना शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा सकता। ईडी ने अदालत से कहा, ‘हम नहीं चाहते कि यह आदेश लंबा चले, नोटिस जारी किया जाए।’ पहले कोर्ट ने नोटिस जारी करने से कर दिया था मना जज ने 25 अप्रैल को सुनवाई में कहा था कि पहले अदालत को यह देखना होगा कि नोटिस जारी करना जरूरी है या नहीं। जज ने कहा कि अदालत को यह भी देखना होगा कि मामले में कोई कमी तो नहीं है। अदालत ने बताया कि चार्जशीट में कुछ जरूरी कागज गायब हैं। अदालत ने ईडी को उन कागजों को जमा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि कागजात मिलने के बाद ही वह नोटिस जारी करने पर फैसला करेगी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet