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भिंड में एक युवक की कार को बदमाशों ने घेर लिया, BJP विधायक अंबरीश शर्मा के पहुंचते ही वो वहां से भागे

भिंड  मारपीट और अपहरण के मामले में लहार थाने में सुनवाई नहीं होने पर एक युवक अपनी कार से भिंड एसपी से शिकायत करने आ जा रहा था। इसी दौरान उसकी कार को रावतपुरा सानी मोड़ पर लाठी-डंडे लेकर आए आरोपितों ने रोक लिया। वो युवक के साथ मारपीट करने वाले ही थे, तभी वहां से लहार विधायक अंबरीश शर्मा(Bhind MLA Ambreesh Sharma) गाड़ी से निकले। कार सवार को घिरा देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और बंदूक लेकर उतरे। विधायक को देखकर आरोपित वहां से भाग खड़े हुए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, लहार के बीजासेन रोड निवासी युवराज सिंह राजावत, शेयर मार्केट का काम करता है। कुछ समय पहले उसने लहार के ही कुछ युवकों से रुपये लेकर शेयर मार्केट में लगाए थे। रकम लौटाने के बाद भी आरोपित मूल रकम का 80 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। रकम लौटाने के बाद भी दबाव बनाया पीड़ित युवराज का आरोप है कि रकम लौटाने के बाद भी उस पर दबाव बनाया जा रहा था। तीन जनवरी को वह जयपुर गया था, जहां आरोपियों ने खाटू श्याम चलने की बात कहकर उसे बुलाया और बंधक बना लिया। धौलपुर तक ले जाकर उसके साथ मारपीट की और कट्टा अड़ा दिया। इसके बाद लहार में भी एक घर में बंधक बनाकर रखा गया। किसी तरह वह वहां से भागकर आया और थाने में शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भिंड आते समय घेरा, विधायक के आने पर भागे आरोपित पीड़ित युवराज सिंह का कहना है, कि गुरुवार को स्वजन के साथ कार से भिंड एसपी से शिकायत करने के लिए आ रहा था। रास्ते में रावतपुरा सानी मोड़ पर आरोपित युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर आए उसे घेर लिया। डंडे लेकर मारपीट की तैयारी थी। युवराज के स्वजनों ने दुकानों में छिपकर अपनी जान बचाई। इस घटना का वीडियो भी बनाया गया। इसी दौरान वहां से लहार विधायक अंबरीश शर्मा गुजर रहे थे। भीड़ देख उन्होंने गाड़ी रुकवाई और बंदूक लेकर मौके पर उतर आए। विधायक को आता देख आरोपित भाग निकले। उस वक्त विधायक के साथ उनका गनर और अन्य लोग भी मौजूद थे। विधायक बोले- गुंडागर्दी नहीं होने देंगे विधायक अंबरीश शर्मा(Bhind MLA gun incident) का कहना है, कि क्षेत्र में गुंडागर्दी किसी भी हाल में सहेंगे। अगर कोई किसी को धमकाता है या डराता है, तो उसे पुलिस की मदद लेनी चाहिए और जरूरत पड़ी तो वे खुद मदद को तैयार हैं। टीआई बोले- शिकायत नहीं मिली     इस मामले की कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। फरियादी शिकायत करने आता है तो आरोपितों पर कार्रवाई की जाएगी। वैसे इंटरनेट पर वायरल वीडियो के आधार पर वह जांच करवा रहे हैं। – रविंद्र शर्मा, टीआई थाना लहार  

मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सुबह एकात्म पर्व आचार्य शंकर प्रकटोत्सव शंकरदूत शिक्षा आरक्षण समारोह के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार सुबह एकात्म पर्व आचार्य शंकर प्रकटोत्सव शंकरदूत शिक्षा आरक्षण समारोह के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे। पूज्य अवधेशानंद महाराज के पावन सानिध्य में एकात्म धाम में महर्षि संदीपनी वेद विद्या पीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य संतों के साथ ‘एकात्म धाम’ पुस्तक का विमोचन किया। यहां उन्होंने जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदजी जी से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर ओंकारेश्वर में शंकर दूत शिक्षा एवं अलंकरण समारोह में संतों का सम्मान किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व के समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में एकात्म धाम की यज्ञशाला में पवित्र यज्ञ में आहुति देकर यज्ञ की परिक्रमा की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NHDC गेस्ट हाउस ओंकारेश्वर में स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से सौजन्य भेंट की। सीएम डॉ. मोहन यादव सुबह करीब 7 बजे इंदौर से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में पांच दिवसीय आचार्य शंकर प्राकट्य उत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। दोपहर में वे इंदौर लौटेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शाम को वे भोपाल के लिए रवाना होंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री गुरुवार देर रात इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे सीधे रात्रि विश्राम के लिए रेसीडेंसी कोठी चले गए। हालांकि पहले मुख्यमंत्री को रात करीब 8:40 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना था। यहां से उन्हें ओंकारेश्वर रवाना होकर वहीं रात्रि विश्राम करना था, लेकिन खंडवा के हरसूद से लौटने में देरी होने के कारण वे इंदौर में ही रुक गए।

उन्नाव, सुल्तानपुर, इटावा के बाद अब शाहजहांपुर में दिखी वायुसेना की ताकत, सड़क पर उतरे फाइटर जेट

 लखनऊ  निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर में बनी हवाई पट्टी पर शुक्रवार को वायुसेना के विमान उतरे। राफेल, मिराज और जगुआर जैसे विमान उतार कर वायुसेना नई बनी हवाई पट्टी का परीक्षण किया गया। इस अवसर पर वायुसेना की तरफ से शाहजहांपुर में एयर शो भी किया गया। इसका उद्देश्य युद्ध या आपदा के समय इस एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करना है। 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए शाहजहांपुर में बनाई गई यह हवाई पट्टी देश की पहली हवाई पट्टी होगी, जहां वायुसेना के लड़ाकू विमान रात में भी उतर सकेंगे। शुक्रवार को लड़ाकू विमान यहां पूर्वाभ्यास भी किया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से हवाई पट्टी के दोनों किनारों पर 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भारतीय वायु सेना ने हवाई पट्टी को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया है। एयर शो का आयोजन दिन और रात दोनों समय में किया जाएगा, ताकि हवाई पट्टी की नाइट लैंडिंग क्षमता का भी परीक्षण किया जा सके। आपको बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी का चौथा ऐसा एक्सप्रेस-वे है, जिसमें हवाई पट्टी है. हालांकि, यह रात में लैंडिंग की क्षमता वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे है. देश में पहली बार किसी हाइवे पर दिन के साथ नाइट लैंडिंग ट्रायल भी होगा. यह एक्सप्रेस-वे 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. यह 594 किलोमीटर लंबा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा है. बीते दिनों ही सीएम योगी ने इसका निरीक्षण किया था. इसका 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है. गौरतलब है कि बीते दिन गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि पहलगाम हमले का बदला चुन-चुन कर लिया जाएगा. इसके मद्देनजर भारत की तैयारियां तेज हो गई हैं. वहीं, अब एयर फोर्स गंगा एक्सप्रेसवे पर राफेल, सुखोई, जगुआर लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान और लैंडिंग का अभ्यास कर कड़ा संदेश दे रही है. उधर, नौसेना भी अरब सागर में युद्धपोतों के साथ अभ्यास कर रही है. जबकि, थल सेना आतंकियों का चुन-चुन कर खात्मा करने में जुटी है. गंगा एक्सप्रेसवे पर उतरे एयरफोर्स के लड़ाकू विमान दरअसल, शाहजहांपुर के जलालाबाद में बनाई गई हवाई पट्टी पर शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे वायुसेना का AN-32 विमान आया. इस विमान ने करीब पांच मिनट तक चक्कर लगाए. इसके बाद हवाई पट्टी पर इसकी लैंडिंग हुई. करीब एक बजे यह विमान यहां से टेकऑफ कर गया. इसके बाद अन्य विमान आए. हालांकि, सिर्फ दिन में ही नहीं रात में भी इस हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमान उतरेंगे और ऐसा पहली बार होगा, जब किसी एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों की नाइट लैंडिंग होगी. इस दौरान कटरा-जलालाबाद हाइवे बंद रहेगा. बेहद खास है ये स्ट्रैटिजिक लोकेशन रक्षा दृष्टिकोण से शाहजहांपुर का यह इलाका बेहद अहम है क्योंकि यह नेपाल की सीमा के पास है और नेपाल से जुड़ी चीन की सीमा भी है. इस वजह से इलाके की स्ट्रैटिजिक लोकेशन अहम हो जाती है. यही वजह है कि यहां डे और नाइट दोनों तरह की लैंडिंग की सुविधा विकसित की गई है. आपात स्थिति में सेना इस पट्टी का प्रयोग कर सकेगी. एयर फोर्स ने आज जिन विमानों को ट्रायल के लिए उतारा उनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर जैसे फाइटर जेट के अलावा C-130J सुपर हरक्यूलिस, AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान और MI-17 हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं. ये सभी एयरक्राफ्ट युद्ध, राहत, रेस्क्यू और स्पेशल ऑपरेशन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भी इस तरह के युद्धाभ्यास हो चुके हैं. लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे पर यह पहली बार हो रहा है, और वह भी दिन और रात दोनों सत्रों में.  इस अभ्यास में भाग लेने वाले प्रमुख फाइटर जेट्स  राफेल: आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और लंबी दूरी की मेटेओर मिसाइल से लैस, यह विमान सभी मौसम में ऑपरेशन की क्षमता रखता है. SU-30 MKI: भारत-रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह ट्विन-सीटर फाइटर लंबी दूरी तक स्ट्राइक करने में सक्षम है और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें लेकर उड़ान भर सकता है. मिराज-2000: फ्रेंच मूल का यह विमान हाई-स्पीड डीप स्ट्राइक में दक्ष है और न्यूक्लियर कैपेबल है. मिग-29: यह तेज गति, ऊंची उड़ान और राडार चकमा देने की क्षमता वाला लड़ाकू विमान है. जगुआर: यह ग्राउंड अटैक और एंटी-शिप मिशन में प्रयोग होने वाला सटीक स्ट्राइक विमान है. C-130J सुपर हरक्यूलिस: यह भारी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट विशेष बलों की तैनाती, आपदा राहत और रेस्क्यू मिशन में प्रमुख भूमिका निभाता है. AN-32: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान और जवानों की ढुलाई के लिए उपयुक्त ट्रांसपोर्ट विमान. MI-17 V5 हेलिकॉप्टर: सर्च एंड रेस्क्यू, मेडिकल एवैकुएशन और मानव सहायता कार्यों के लिए जरूरी बहुउद्देशीय हेलिकॉप्टर. 594 किमी. लंबा है गंगा एक्सप्रेसवे यूपीडा के एसीईओ श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे 4 ग्रुप्स में बन रहा है. तीन ग्रुप (2,3,4) को अडानी बना रहा है और एक ग्रुप को आईआरबी कंपनी द्वारा पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है. रायबरेली-प्रयागराज की ओर बने ग्रुप-4 को छोड़कर मुख्यमंत्री जी ने बाकी तीनों ग्रुप्स का भ्रमण किया और प्रगति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को आपस में जोड़ते हुए मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है. एक्सप्रेसवे का भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में किया था. इसकी शुरुआत मेरठ-बुलंदशहर मार्ग (एनएच-334) पर मेरठ के बिजौली ग्राम से होगी और समापन प्रयागराज बाईपास (एनएच-19) पर जुडापुर दांदू गांव पर होगी.  गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत  – गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 6 लेन में किया जा रहा है, जिसे जरूरत पड़ने पर 8 लेन में विस्तारित किया जा सकता है.  – इसके राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की चौड़ाई 120 मीटर है, जबकि डिजाइन स्पीड 120 किमी. प्रति घंटा है.  – यह एक्सप्रेसवे 4 ग्रुप्स में बंटा हुआ है और प्रत्येक ग्रुप में 3 पैकेज हैं.  – इसके तहत 9 जनसुविधा परिसरों का भी निर्माण हो रहा है, जहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी.  – वहीं, 2 मुख्य टोल प्लाजा (मेरठ एवं प्रयागराज) के साथ 19 रैंप टोल प्लाजा (4 नए सम्मिलित) शामिल हैं.  – गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबाई का दीर्घ सेतु भी प्रस्तावित है.  – यही नहीं, शाहजहांपुर (तहसील जलालाबाद) के … Read more

भोपाल में छात्राओं से रेप मामले में 5वां आरोपी गिरफ्तार,बंगाल में लोकेशन मिली, बिहार के नबील के ही कमरे का इस्तेमाल हुआ

भोपाल आरोपी नबील खान अशोका गार्डन पुलिस की गिरफ्त में आया है। कुल 5 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, एक आरोपी अबरार गिरफ्त से बाहर है।भोपाल में कॉलेज छात्राओं से रेप और वीडियो बनाने के मामले में फरार आरोपी नबील खान अशोका गार्डन पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। एफआईआर की भनक लगने के बाद वह बंगाल भाग गया था।राजधानी भोपाल के निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ दुष्कर्म और उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले एक अन्य आरोपी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी नबील ही छात्राओं से दुष्कर्म के दौरान वीडियो शूट करता था और अपने लैपटॉप में रखता था. भोपाल कॉलेज रेप, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद केस में सामने आई कुल 5 छात्राएं गौरतलब है चर्चित भोपाल निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद केस में अब तक कुल 5 छात्राएं सामने आई हैं. बुधवार को खुलासा हुआ था कि गैंग सरगना फरहान अली उर्फ फराज पीड़िताओं के बनाए आपत्तिजनक वीडियोज को एक पोर्न साइट्स पर बेचने वाला था. फरहान 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में पुलिस ने मास्टरमाइंड फरहान खान को 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सोमवार को वकीलों के हमले के बाद आरोपी को जस्टिस नीलम मिश्रा की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था। गैंग सरगना फरहान अली उर्फ फऱाज के खिलाफ दर्ज हुआ गैंगरेप का मामला रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल पुलिस ने छात्राओं के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और लव जिहाद मामले में आरोपी और गैंग सरगना फरहान अली उर्फ फऱाज के खिलाफ अब गैंगरेप का मामला दर्ज किया है. गुरुवार को उसकी पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद फरहान को कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे फिर जेल भेज दिया गया.   फरहान की गिरफ्तारी के बाद भोपाल फरार हो गए थे अबरार और नबील रिपोर्ट के मुताबिक मामले में गैंग सरगना फरहान समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित छात्राओं का आपत्तिजनक वीडियो शूट करने के आरोपी अबरार और नबील फरार हो गए हैं. बताया जाता है, जिस कमरे में छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाये जाते थे, वो कमरे अबरार और नबील के थे और वीडियोज उन्हीं दोनों के लैपटॉप में सेव थे. आरोपी साहिल की डांस एकेडमी में डांस सीखने आती थीं 30 हिन्दू लड़कियां मामले में गिरफ्तार आरोपी और डांस एकेडमी संचालक साहिल के डांस क्लब में करीब 30 से अधिक हिंदू लड़कियों के पंजीकरण का रिकॉर्ड मिला है, जिनमें कई युवतियों के साथ दुष्कर्म के बाद आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और आरोपी साहिल खुद उन्हें ब्लैकमेल कर नाइट क्लब, पार्टी, हाईप्रोफाइल होटल्स में ले जाता था. एक-दूसरे के साथ वीडियो शेयर करते थे सभी आरोपी मामले में खुलासा हुआ है कि लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक के साथ शराब पिलाई जाती थी। इसके बाद बारी-बारी से आरोपी अलग-अलग काम के बहाने से चले जाते थे। फिर फरहान छात्राओं के साथ मारपीट कर रेप करता था। इन वीडियोज को फरहान, अबरार, नबील और अली एक-दूसरे से शेयर करते थे। लड़की नहीं आती तो वीडियो वायरल करने की धमकी सभी आरोपी अपने-अपने मोबाइल, लैपटॉप में सिक्योर फोल्डर में इन्हें सेव रखते थे। जब कोई लड़की आरोपियों के बुलाने पर नहीं आती तो इन वीडियो को वायरल करने की धमकी दी जाती थी। अबरार और नबील अपने कमरे का इस्तेमाल करने की एवज में फरहान से पैसे लेते थे। लड़कियों को लाने और छोड़ने का काम भी यही करते थे। नबील खान के बाद अब पुलिस को अबरार की तलाश नबील की गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस की एक टीम छठे आरोपी अबरार की तलाश में बिहार में डेरा डाले हुए हैं। दस से अधिक ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। एक दर्जन से अधिक रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की जा चुकी है।वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। अबरार की लास्ट लोकेशन मुर्शिदाबाद में ट्रेस की गई थी। हालांकि, वह भी मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है। गैंगरेप कांड के आरोपियों की पूरी कुंडली जानें… इस तरह लड़कियों को बनाते थे निशाना मध्यप्रदेश के भोपाल में लव जिहाद और गैंगरेप का ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई. 6 मुस्लिम युवकों का एक गैंग, जिसक काम था हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाना. उनका ब्रेन वॉश करना और फिर रेप करना. उसके बाद अपने साथियों से गैंगरेप करवाना. भोपाल में हुए लव जिहाद और गैंग रेप कांड में दबोचे गए आरोपियों का कच्चा चिट्ठा आज हम आपके सामने खोलने जा रहे हैं. गैंगरेप के एक एक आरोपी का पूरा कर्मकांड हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपकी भी रूह कांप जाएगी. इनकी काली करतूतों को सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे. आरोपी नंबर 1- फरहान सबसे पहले बात इस गैंग के सरगना फरहान की. MBA पास फरहान खान हिंदू लड़कियों को सबसे पहले अपने प्रेम जाल में फंसाता था और फिर रेप करता था. उस रेप की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाता और बाद में वो वीडियो दिखाकर पीड़ित लड़कियों को ब्लैकमेल करता था. इसी तरह का उसने अपना एक गैंग तैयार कर साथियों से भी ये काम करवाना शुरू किया और उनके अश्लील वीडियो मंगवाता रहा. फिर उन पीड़िताओं को सा​थियों की मदद से अपने पास बुलवाता और वीडिया दिखाकर रेप करता था लेकिन भोपाल पुलिस ने फरहान को दबोच लिया है. आरोपी नंबर 2- साहिल खान साहिल खान, फरहान के गैंग की मुख्य कड़ी है. मूल रूप से पन्ना का रहने वाला था लेकिन अशोक गार्डन इलाके में रहकर डांस क्लास चलाता था. जिसमें करीब 30 हिंदू लड़कियां आती थी. यही साहिल का टारगेट था. झूठे प्रेम जाल में फंसाकर उनका रेप करना. बाद में वही वीडियो दिखाकर उन्हें ब्लैकमेल करना. आरोपी नंबर 3- अली खान अली पर आरोप है कि उसने एक छात्रा को लव जिहाद के मायाजाल में फंसाकर रेप किया और बाद में उसका अश्लील वीडियो फरहान को भेजा. फिर वीडियो के आधार पर ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू हुआ और छात्रा को फरहान के साथ भी अवैध संबंध बनाने को मजबूर किया गया. आरोपी नंबर 4- साद साद मैकेनिक था और फरहान का जिगरी यार था. वो लड़कियों को लाने-ले जाने का … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने विझिनजम अंतरराष्ट्रीय गहरे पानी के बहुउद्देशीय बंदरगाह का किया उद्घाटन

तिरुवनंतपुरम केरल की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 8,900 करोड़ रुपये की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने हजारों करोड़ की लागत से निर्मित ‘विझिनजाम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट’ को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी मौजूद रहे। केरल सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) की ओर से सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित किया गया है। पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां दुनिया के बड़े मालवाहक जहाज आसानी से आ सकेंगे। अभी तक भारत का 75% ट्रांसशिपमेंट देश के बाहर के पोर्ट्स पर होता था, इससे बहुत बड़ा नुकसान होता आया है। ये परिस्थिति अब बदलने जा रही है। अब देश का पैसा देश के काम आएगा। जो पैसा बाहर जाता था, अब वो केरल और विझिनजम के लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। इससे पहले उन्होंने कहा कि आज भगवान आदि शंकराचार्य की जयंती है। तीन वर्ष पूर्व सितंबर में मुझे उनके जन्मभूमि क्षेत्र में जाने का सौभाग्य मिला था। केरल से निकलकर देश के अलग-अलग कोनों में मठों की स्थापना करके आदि शंकराचार्य जी ने राष्ट्र की चेतना को जागृत किया। इस पुनीत अवसर पर मैं उन्हें नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि गुलामी से पहले हमारे भारत ने हजारों वर्ष की समृद्धि देखी है। एक समय वैश्विक जीडीपी में मेजर शेयर भारत का हुआ करता था। उस दौर में हमें जो चीज दूसरे देशों से अलग बनाती थी, वो थी समुद्री क्षमता, हमारी पोर्ट सिटी की आर्थिक गतिविधि। केरल का इसमें बड़ा योगदान था।

खुले केदारनाथ धाम के कपाट, श्रद्धालुओं की भीड़ में गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे

केदारनाथ  उत्तराखंड के पवित्र हिमालयी धाम, केदारनाथ के कपाट आज प्रातः 7 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ इस शुभ अवसर पर मंदिर में उपस्थित रहे और बाबा केदार के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस पावन मौके पर हजारों श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंदिर को विशेष रूप से 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया, जिनमें देश-विदेश के 45 प्रकार के फूल शामिल थे। पश्चिम बंगाल के 50 कारीगरों ने सजावट में योगदान दिया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसने श्रद्धालुओं के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा इससे पहले गुरुवार को में प्रदेश के डीजीपी दीपम सेठ एवं अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) श्री वी. मुरुगेशन ने श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ धाम में जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं और अन्य तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया.  पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने उन्हें सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी. इस बार केदारनाथ यात्रा में भीड़ नियंत्रण के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जा रही है, जो पहले दिन से ही प्रभावी होगी. डीजीपी ने टोकन काउंटरों की संख्या बढ़ाने, पीए सिस्टम से यात्रियों को जानकारी देने और स्क्रीन पर स्लॉट व नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए. उन्होंने एटीएस और पैरा मिलिट्री बल की तैनाती को भी सुव्यवस्थित करने की बात कही. इस बार मंदिर में फोन पर है पाबंदी केदारनाथ में यात्रियों के लिये गाइडलाइन्स जारी की गई हैं. केदारनाथ मंदिर परिसर के 30 मीटर के दायरे में मोबाइल के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है. रील या फोटो शूट करते पाए जाने पर मोबाइल फोन जब्त कर लिये जाएंगे और 5000 का जुर्माना देना पड़ सकता है हर साल शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण बाबा केदारनाथ के मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. जैसे ही ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है, मंदिर के द्वार पुनः खुलते हैं और बाबा केदार भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. पंचमुखी डोली यात्रा और व्यवस्थाएं 27 अप्रैल को ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की पंचमुखी डोली यात्रा आरंभ हुई थी, जो विभिन्न पड़ावों से होते हुए 1 मई को केदारनाथ धाम पहुंची। यात्रा के स्वागत और कपाटोत्सव के लिए मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां की गईं, जिनमें साफ-सफाई, दर्शन व्यवस्थाएं और पुजारियों के आवास की सुविधा शामिल रही। चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने 50 हेल्थ एटीएम, 70 से अधिक स्वास्थ्य जांच केंद्र और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। श्रद्धालुओं के लिए टोकन सिस्टम लागू कपाट खुलने के पहले दिन ही लगभग 15,000 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह 10:15 बजे तक 10,000 से अधिक लोगों ने दर्शन किए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने टोकन सिस्टम लागू किया है, जिसमें हर घंटे 1,400 लोगों को दर्शन की अनुमति दी जा रही है। संगम पर बनाए गए 10 टोकन काउंटरों से वितरण हो रहा है, जिससे लंबी कतारों की आवश्यकता न पड़े। हालांकि, गौरीकुंड में इस बार अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई। मुख्यमंत्री का संदेश और सांस्कृतिक आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “चारधाम यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू हो चुकी है और सरकार का प्रयास है कि यह यात्रा हर श्रद्धालु के लिए सुरक्षित और सुगम बने।” उन्होंने कपाट खुलने के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं से संवाद किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हाल ही में हुए पहलगाम हमले के मद्देनज़र केदारनाथ धाम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में 139 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड भी तैनात हैं। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों की लगातार निगरानी जारी है। चारधाम यात्रा का उत्साह चरम पर 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। इस वर्ष केदारनाथ धाम में जून से अगस्त के बीच 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। अब तक केदारनाथ यात्रा के लिए 7.60 लाख से अधिक ऑनलाइन पंजीकरण हो चुके हैं। धार्मिक महत्व केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और चारधाम तथा पंचकेदार यात्रा का अभिन्न हिस्सा है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कपाट खुलने के साथ ही मंदिर में रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और केदाराष्टक जैसे मंत्रों का जाप हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को गहरे आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से हो रहे सुधार: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पुराने वक्फ बिल की विसंगतियों को दूर करने का प्रयास नए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के माध्यम से किए जा रहे है, ताकि मुस्लिम समुदाय के पिछड़े और गरीब तबके के लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकें और उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वक्फ सुधार जनजागरण अभियान समिति रायपुर द्वारा वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 विषय पर मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित व्याख्यान माला में यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 मुसलमानों के हित में है और इसका लाभ सभी मुसलमानों को होगा। यह बिल मुस्लिम समाज के विरोध में नहीं है। विषय-विशेषज्ञों एवं समाज के सभी तबके से सलाह मशवरा कर यह कानून लाया गया है। व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से रिफार्म किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने की बात हो या ट्रिपल तलाक जैसे कानूनों को समाप्त कर मुस्लिम समाज के महिलाओं को हक दिलाने की बात हो, यह सभी कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए हैं। अब वक्फ बिल के माध्यम से पिछड़े मुसलमानों को उनका हक दिलाते हुए वक्फ बोर्ड की गड़बड़ियों को दूर कर सकारात्मक सुधार का प्रयास किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि हमारी सरकार का प्रयास है कि वक्फ के माध्यम से समाज के वास्तविक लोगों को ही इसका फायदा मिल सके। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से यूपीए सरकार द्वारा आनन-फानन 2013 में वक्फ क़ानून में किए संशोधन से हुए नुकसान एवं विसंगतियों के बारे विस्तृत जानकारी दी। साथ ही वर्तमान वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से होने वाले फायदों एवं विसंगति प्रावधानों के हटाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि आज वक्फ कानून के संबंध में जो गलतफहमी समाज में फैलाई जा रही है उससे हम सब को बचना है और नए वक्फ कानून की वास्तविकता को पहचाना एवं जानना है। हमारे विभाग द्वारा भी जिला स्तर से लेकर विकासखंडों तक ऐसे जागरण या व्याख्यान माला का आयोजन किए जाएंगे। इस अवसर में पूर्व विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा, धमतरी महापौर रामू रोहरा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमेन डॉ. सलीम राज सहित मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें

जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां सक्षम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया स्कूल, अस्पताल एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी का किया वितरण नई औद्योगिक क्रांति से प्रदेश के युवाओं का संवरेगा भविष्य, रोजगार के अवसर होंगे सृजित मुख्यमंत्री ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय वर्ग को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुरूप जनजातीय भाई-बहनों के समग्र कल्याण के लिए पेसा नियमों को ध्यान में रखते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और अधिक गति दी जा रही है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों को भी केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं जैसे पक्का मकान, नि:शुल्क राशन और आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद के बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमारी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर प्रोत्साहित कर रही है। तेंदूपत्ता के शासकीय मूल्य में 1000 रुपए प्रति मानक बोरा की वृद्धि कर इसे 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अभी 15 हजार वन समितियां हैं। जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां निरापद रूप से सर्वाधिक सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खंडवा जिले के हरसूद में तेंदूपत्‍ता, वन समितियों और जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हरसूद को नए अस्पताल, स्कूल और सिंचाई परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी (स्टिक) का वितरण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पात्रतानुसार हितलाभ के चेक, ई-रिक्शा प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल, अस्पताल जैसे विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में जल संरक्षण के लिये सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर वर्षा जल की बूंद-बूंद सहेजने के उद्देश्य विषय पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद को विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें 20 करोड़ की लागत की नया अस्पताल, सांदिपनि आदर्श विद्यालय, 45 करोड़ की लागत से नई सिंचाई परियोजना शामिल है। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित थे। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बुजुर्गों को आधुनिक जादू की छड़ी मिली है। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेतों को सिंचित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन मूल्य 2600 रुपए है, जो देशभर में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में शुरू हुई 2 राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सभी लंबित मुद्दों को सुलझा रही है। राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र के साथ नदी जल समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श ग्राम और एक वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया है। नई औद्योगिक क्रांति से संवरेगा प्रदेश के युवाओं का भविष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां सबसे ज्यादा टाइगर हैं। देश में चीता भी सिर्फ मध्यप्रदेश में ही हैं। सरकार वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)- 2025 प्रदेश में औद्योगीकरण की नई शुरुआत है, जिसमें 30 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हमारी नई औद्योगिक नीतियों से प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवरेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य में गरीबों का समग्र कल्याण, युवाओं को रोजगार, अन्नदाता (किसानों) की समृद्धि और प्रदेश की सभी बहनों के सशक्तिकरण के लिए हमने 4 मिशन शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग और सद्प्रयासों से हम यह मिशन पूरा करेंगे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी मध्यप्रदेश सरकार : केंद्रीय राज्यमंत्री उइके केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश में 70 आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व से मध्यप्रदेश अब स्वर्णिम राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में जनजातीय समाज के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई विकास योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेसहारों का सहारा बन रही है हमारी सरकार : जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश की मेधावी बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने स्कूटी वितरण योजना शुरू की है। खंडवा जिले की बेटियों को भी इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बुजुर्गों को छड़ी वितरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सरकार किसी को भी बेसहारा नहीं रहने देगी। बेसहारों का सहारा बनकर सरकार इनके समग्र कल्याण की चिंता कर रही है।  

राजभवन में संयुक्त समारोह में मना हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात का स्‍थापना दिवस

राज्यों का स्थापना दिवस नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रसंग : राज्यपाल पटेल विविधतापूर्ण, सांस्कृतिक, पौराणिक चेतना के केन्द्र हमारे राज्य राजभवन में संयुक्त समारोह में मना हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात का स्‍थापना दिवस भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राज्यों का स्थापना दिवस नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रसंग है। समारोह, राज्य के विकास, खुशहाली के लिए सबके विश्वास, साथ और प्रयासों से नव निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के सभी राज्य भारत माता के वह सपूत है, जिन्होंने अपनी धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के साथ राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। समय की जरूरत है कि हमारी गौरवशाली आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में प्रत्येक नागरिक योगदान का संकल्प लें और एक भारत को श्रेष्ठ, भारत बनाए। राज्यपाल पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्‍थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता एवं प्रदेश में निवासरत तीनों राज्यों के मूल निवासी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल का समारोह में तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा उनके राज्य की परंपरा अनुसार अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के वीडियों संदेश का प्रसारण किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात तीनों ही प्रदेश हमारी विविधतापूर्ण, पौराणिक परंपरा की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक धरोहरों के केन्द्र है। समय की मांग है कि राज्यों की मूल पहचान और सम्मान को बनाए रखते हुए भारत के गौरव को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में प्रत्येक नागरिक अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं और ऋषियों की तपोभूमि है। प्रदेश का त्रिलोकीनाथ मंदिर और ब्रह्मा कमल जैसे तीर्थ स्थल हमारे अध्यात्मिक गौरव के प्रतीक है। भारत माता का भाल यह प्रदेश पांडवों के वनवास काल के दौरान उनकी ध्यान, साधना और तपस्या का केंद्र भी रहा है। महाप्रलय के बाद जब सर्वत्र जल ही जल रह गया था, तब मनु ऋषि ने अपनी नौका प्रदेश के मनाली में लाकर जीवन की पुनः स्थापना की थी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य का पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास गौरवशाली और अद्भुत है, जहाँ भगवान श्रीराम ने वनवास काल में लक्ष्मण जी और सीता जी के साथ पंचवटी कुटी बनाई थी। यहॉ त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, भीमाशंकर, दक्षिणी गंगा माँ गोदावरी का उद्गम स्थल और कुम्भ की आयोजन स्थली नासिक जैसे पवित्र तीर्थ स्थल है। महाराष्ट्र के भगवान विठोबा (विठ्ठल) के उपासक संतों, संत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव, संत तुकाराम, संत एकनाथ, संत चोखामेला और संत गाड़गे महाराज आदि ने वैदिक, वेदांत, गीता, रामायण के ज्ञान को जन – जन तक पहुँचाया है। उन्होंने गुजरात राज्य को भगवान कृष्ण की कर्म भूमि और लीला भूमि बताते हुए कहा कि राज्य हमारी सांस्कृतिक चेतना का गौरव है। स्वयं भगवान कृष्ण के द्वारा मथुरा छोड़ने के बाद स्थापित पुराणों की स्वर्ण नगरी द्वारिका हमारी सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक विरासत है। गुजरात में ही भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ, संत दत्तात्रेय की तपस्या स्थली ‘गिरिनाथ’ सहित जैन, बौद्ध और हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण केन्द्र भी है। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद सरस्वती, दादा भाई नैरोजी और प्रधानमंत्री वैश्विक नेता नरेन्द्र मोदी जैसे युगीन महापुरुष गुजरात राज्य की देन है। उन्होंने गौरवशाली भारतीय संस्कृति की धरोहर के संरक्षक, विविधता में एकता के संकल्प “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की परंपरा में आयोजित महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह में आए अतिथियों का राजभवन में स्वागत, अभिनंदन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति के लिए के कलाकारों को हार्दिक बधाई दी। मध्यप्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में मध्यप्रदेश की जनता की ओर से स्थापना दिवस की बधाई दी है। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश से आए चम्बा लोक कला मंच के 16 कलाकारों के दल ने जनजातीय क्षेत्र भरमौर के हर गांव, हर घर एवं हर त्यौहारों एवं विवाह में किए जाने वाले हिमाचल प्रदेश के गददी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। यह नृत्य हिमाचल प्रदेश के जिले चम्बा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर का लोक नृत्य है। नृत्य में गददी पुरुष चोला डोरा और टोप डालकर एवं गददी महिलाएं लुआचडी डोरा डालकर नृत्य करते है। गददी परिधान भगवान शिव एवं माता पार्वती के संकेतिक रूप को दर्शाता है। समारोह में गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य की स्‍थापना एवं इतिहास से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया जिसमें महाराष्ट्र राज्य की कला, संगीत और परंपराओं की मनोहारी झलक दिखाई गई। मराठी समाज जबलपुर और मराठी समाज भोपाल के दल द्वारा गणेश वंदना, जय महाराष्ट्र माझा, मी अहिल्या होनार, कोली नृत्य एवं लेझिम का प्रदर्शन किया है। गुजरात राज्य का लोक नृत्य मांडवी, डांडिया रास एवं टिप्पनी प्रस्तुतियों ने जय-जय गरवी गुजरात से मंच को गुंजायमान कर दिया। समारोह में म.प्र. के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से संबंधित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में अपर सचिव राजभवन उमाशंकर भार्गव, हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों के प्रतिनिधि के रुप में भारतीय वन सेवा के मध्यप्रदेश कॉडर के अधिकारी पुरुषोत्तम धीमान, हिमाचली समाज जन कल्याण समाजिक सेवा समिति भोपाल के संजीव डोगरा, महाराष्ट्र समाज तुलसी नगर ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष विलास बुच के मराठी साहित्य अकादमी निदेशक संतोष गोडबोल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमिजीत देशमुख, मराठी समाज जबलपुर की प्रतिनिधि श्रीमती नीलिमा देशपांडे, अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल, गुजराती समाज भोपाल के सचिव मिनेश पटेल और महिला मंडल अध्यक्षा सुरेखा कांटावाला मौजूद थे। अवर सचिव राजभवन श्रीमती आभा शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन एवं आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाऊस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।

MI ने राजस्थान रॉयल्स पर दर्ज की 100 रनों से सबसे बड़ी जीत, स्टैंडिंग में टॉप पर पहुंची टीम; RR बाहर

जयपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-50 में मुंबई इंडियंस ने राजस्थान रॉयल्स (RR) को 100 रनों से हरा दिया. 1 मई (गुरुवार) को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को जीत के लिए 218 रनों का टारगेट मिला था, जिसका पीछा करते हुए उसकी पूरी टीम 16.1 ओवरों में 117 रनों पर सिमट गई. मुंबई इंडियंस की लगातार छठी जीत मौजूदा सीजन में मुंबई इंडियंस की यह लगातार छठी जीत रही. मुंबई के अब 11 मैचों में सात जीत से कुल 14 अंक हो चुके हैं और वो बेहतर नेट-रनरेट के कारण अंकतालिका में पहले नंबर पर आ चुकी है. दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स की 11 मैचों में आठवीं हार रही और वो प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई. राजस्थान से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) भी प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह आउट हो गई थी. देखा जाए तो मुंबई ने इस मैदान पर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 12 साल बाद जीत हासिल की है. टारगेट का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत खराब रही. पहले ही ओवर में उसने 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का विकेट गंवा दिया, जो खाता खोले बगैर दीपक चाहर का शिकार बने. फिर ट्रेंट बोल्ट ने यशस्वी जायसवाल (13) को बोल्ड कर दिया. बोल्ट ने नीतीश राणा (9) को भी चलता कर दिया, जिससे राजस्थान का स्कोर तीन विकेट पर 41 रन हो गया. जसप्रीत बुमराह भी कहां पीछे रहने वाले थे. बुमराह ने पारी के 5वें ओवर में लगातार गेंदों पर कप्तान रियान पराग (16) और शिमरॉन हेटमायर (0) को आउट करके राजस्थान की हालत खस्ता कर दी. इसके बाद 8वें ओवर की पहली गेंद पर हार्दिक पंड्या ने ‘इम्पैक्ट सब’ शुभम दुबे (15) को आउट कर दिया, जिससे राजस्थान का स्कोर 6 विकेट पर 64 रन हो गया. राजस्थान रॉयल्स के विकेट्स गिरने का सिलसिला जारी रहा और वो पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई. राजस्थान के लिए जोफ्रा आर्चर ने सबसे ज्यादा 30 रन (27 गेंद, 2 चौके और 2 सिक्स) बनाए. मुंबई की ओर से ‘इम्पैक्ट सब’ कर्ण शर्मा, ट्रेंट बोल्ट ने तीन-तीन विकेट झटके. वहीं जसप्रीत बुमराह को दो सफलताएं हासिल हुईं. हार्दिक पंड्या और दीपक चाहर ने भी एक-एक विकेट प्राप्त किया. 13 साल पर जयपुर में मुंबई को मिली जीत मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 217/2 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें रायन रिकल्टन और रोहित शर्मा की अर्धशतकीय पारियों के साथ-साथ सूर्यकुमार यादव और कप्तान हार्दिक पंड्या के नाबाद 48-48 रनों का योगदान रहा। इसके बाद एमआई की गेंदबाजी ने आरआर को 16.1 ओवर में मात्र 117 रनों पर समेट दिया, जिससे जयपुर में उनकी 2012 के बाद पहली जीत दर्ज हुई। मुंबई की इस शानदार जीत ने उनकी नेट रन रेट को 1.274 तक पहुंचा दिया, जो टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ है। दूसरी ओर, इस करारी हार ने राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल 2025 से बाहर कर दिया। रॉयल्स की टीम इतने ही मुकाबलों में छह अंक के साथ आठवें स्थान पर है और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है। आइये, ऐसे में आपको बताते हैं आरआर की हार के 5 विलेन के बारे में, जिनकी वजह से टीम यह मैच गंवा बैठी। अगर वह बेहतर प्रदर्शन करते तो शायद मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। जोफ्रा आर्चर मुंबई इंडियंस के खिलाफ जोफ्रा आर्चर काफी महंगे साबित हुए और उन्होंने कोई विकेट भी नहीं झटका। उन्होंने 4 ओवर में 10.50 की इकॉनमी से गेंदबाजी करते हुए 42 रन खर्च किए हैं। नीतीश राणा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे नीतीश राणा भी 11 गेंद में 9 रन बनाकर आउट हो गए। वह आरआर के बैटिंग लाइन अप की अहम कड़ी हैं। इतने बड़े रनचेज में टीम को उनकी काफी जरूरत थी। ध्रुव जुरेल पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ध्रुव जुरेल ने भी निराश किया। उनकी टीम मुश्किल में थी जब वह बल्लेबाजी करने आए थे। लेकिन वह राजस्थान को इस मुश्किल से नहीं निकाल पाए और 11 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हो गए। रियान पराग राजस्थान की कप्तानी कर रहे रियान पराग का बल्ला भी इस मैच में खामोश रहा। वह 8 गेंद में 16 रन बनाकर आउट हो गए। जसप्रीत बुमराह की तेज तर्रार बाउंसर ने उनकी पारी को समाप्त किया। फजलहक फारूकी अफगानिस्तान के पेसर फजलहक फारूकी भी काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने 4 ओवर में 54 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं लिया।

सीएम योगी की मौजूदगी में आज गंगा एक्सप्रेसवे पर उतरेंगे लड़ाकू विमान, वायुसेना दिखाएगी ताकत

शाहजहांपुर शाहजहांपुर जिले में पहली बार दो मई को राफेल, मिराज और जगुआर लड़ाकू विमान उतरेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही सैकड़ों लोग इसके साक्षी बनेंगे। नाइट लैंडिंग शो के कारण कटरा-जलालाबाद मार्ग दो मई को शाम सात बजे से रात दस बजे तक पूरी तरह से बंद रहेगा। इससे पहले दो मई को प्रातः 8 बजे से वायुसेना की ओर से एफएलसी प्रारंभ होगी। सुबह 9:45 बजे से 10:30 बजे तक वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा एयर शो का आयोजन किया जाएगा। जलालाबाद के गांव पीरू के पास स्थित गंगा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर दो और तीन मई को होने वाले भारतीय वायुसेना अभ्यास की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बुधवार को डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। डीएम ने निराश्रित गोवंश प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था एवं स्कूली बच्चों के लिए बैठने की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। धूल-मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराने सहित अन्य व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। डीएम ने बताया कि नाइट लैंडिंग शो के कारण कटरा-जलालाबाद मार्ग दो मई को शाम सात से रात 10 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। लोग वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंगे। करीब ढाई सौ कैमरों से निगरानी की जाएगी। नाइट लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी पर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर वायुसेना अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्कूली बच्चों, एनसीसी, स्काउट गाइड और जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग, पानी टैंकर, मोबाइल टॉयलेट, सफाई व्यवस्था पर चर्चा की। अधिकारियों को समय से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के दृष्टिगत सभी तैयारियां गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित की जाएं। हवाई पट्टी के किनारे स्विस कॉटेज तथा उसके पास ही जर्मन हैंगर का निर्माण किया जा रहा है। यहां मुख्यमंत्री सहित कुछ विशिष्ट लोग ही मौजूद रहेंगे। मीडिया सहित अन्य पास धारकों के बैठने की व्यवस्था हवाई पट्टी की फेंसिंग के बाहर की गई है। वायु सेना भी लैंडिंग से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्य पूरे कर रही है। डीएम ने स्विस कॉटेज को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए, ताकि मुख्यमंत्री को एयर शो को देखने में कोई दिक्कत न हो। जर्मन हैंगर में दो से ढाई सौ लोगों के बैठने की जगह होगी, जिनमें स्काउट गाइड व एनसीसी से जुड़े बच्चों के अलावा हवाई पट्टी के निर्माण में लगे रहे मजदूरों को बैठाने की तैयारी है। यहां अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। डीएम ने वायु सेना अफसरों से भी उनकी प्राथमिकता पूछीं। आज फाइनल होंगे विमानों के नाम वायु सेना के अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि जिन विमानों का लैंडिंग का अभ्यास कराया जाएगा। इसे एक मई को फाइनल किया जाएगा। डीएम ने छुट्टा पशुओं को लेकर मदनापुर व जलालाबाद के बीडीओ को कड़े निर्देश दिए। कहा कि हवाई पट्टी के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में छुट्टा पशु नजर नहीं आने चाहिए।  कैमरे लगाने की व्यवस्था अभी तक पूरी न होने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह, एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय, एसपी राजेश द्विवेदी मौजूद रहे।

भारतीय नौसेना पाकिस्तान के ठीक सामने बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही, सता रहा बड़ा डर

मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती चली जा रही है। दोनों देशों की सेनाएं बोर्डर पर लामबंद हो रही हैं और हाई अलर्ट पर हैं। वहीं, LoC पर भी पाकिस्तानी सेना लगातार फायरिंग कर रही है जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इस बीत अब भारतीय नौसेना ने भी बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना पाकिस्तान के ठीक सामने बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है। नौसेना के इस कदम ने पाकिस्तान को और ज्यादा टेंशन में ला दिया है। 4 दिनों तक युद्धाभ्यास करेगी भारतीय नौसेना भारतीय नौसेना  30 अप्रैल से लेकर तीन मई  तक गुजरात के पास समुद्र में अभ्यास करेगी। इस अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना समुद्री सीमा से 85 नॉटिकल माइल्स पीछे होगी। बता दें कि इसके ठीक सामने पाकिस्तान भी अभ्यास कर रहा है। पाकिस्तान 30 तारीख से लेकर दो मई तक अभ्यास करेगा तो वहीं भारतीय नौसेना 30 अप्रैल से तीन मई तक अभ्यास करेगी। दोनों देशों की नौसेनाओं के आमने-सामने आने से जंग के आसार और बढ़ गए हैं। पाकिस्तान को 1971 वाला डर पाकिस्तान के ठीक सामने भारतीय नौसेना के अभ्यास ने पड़ोसी देश की सरकार को बुरी तरह से डरा दिया है। पाकिस्तान को डर सता रहा है कि भारतीय नौसेना साल 1971 की तरह उसे तबाह न कर दे। बता दें कि साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन ट्राइडेंट चलाया था। नौसेना ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के करांची बंदरगाह को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और कई पाकिस्तानी जहाजों को डूबो दिया था। पाकिस्तान को हमले का डर पाकिस्तान को लगातार डर सता रहा है कि भारत कभी भी उस पर हमला शुरू कर सकता है। हाल ही में पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के दावा किया था कि 24-36 घंटों में भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है। बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।   5 संकेत जो बताते हैं कि कुछ बड़ा होने वाला है भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान की कुछ हरकतों के बाद ये तनाव और भी बढ़ गया है। पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर में इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी फायरिंग शुरू कर दी है। उसने भारत के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर साइबर हमले भी किए थे, जिन्हें नाकाम कर दिया गया। इसके अलावा, पाकिस्तान ने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारी हथियार भी जमा कर लिए हैं। …तो डर गया पाकिस्तान ! सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में हवाई गतिविधियां कम हो गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान को डर है कि भारत, पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दे सकता है। पहलगाम में हुए हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत अगले 36 घंटों में सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इसका कोई सबूत नहीं दिया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को पूरी छूट दे दी है कि वे अपनी मर्जी से तय करें कि कैसे, कब और कहां जवाबी कार्रवाई करनी है। एक दिन पहले ही उन्होंने सेना को ये छूट दी थी। इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी फायरिंग शुरू अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने अब जम्मू के परागवाल में इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी फायरिंग शुरू कर दी है। पहले, पाकिस्तानी सेना सिर्फ LoC पर ही फायरिंग करती थी। पहले खबर आई थी कि पाकिस्तान ने अपनी सेना और तोपखाने को भारतीय सीमा के पास भेज दिया है। इनमें लंबी दूरी तक मार करने वाली रॉकेटें भी शामिल हैं। डीजीएमओ ने पाकिस्तान को चेतावनी दी मंगलवार को, डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मिलिट्री हॉटलाइन पर बात की। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर उसने बिना वजह फायरिंग की, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, भारत के पास भी भारी हथियार हैं और अगर पाकिस्तान ने फायरिंग तेज की, तो भारत भी जवाबी कार्रवाई करेगा। साल भर में 2,500 से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान पहले छोटे हथियारों से फायरिंग करता है और फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाता है। इस साल अब तक 2,651 बार छोटे हथियारों से फायरिंग की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान ने कम से कम 15 बार सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है। भारत में हाई अलर्ट, सेना सतर्क भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में सात आतंकवादियों को मार गिराया है। ये आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने पाकिस्तान को इस बारे में चेतावनी भी दी है। भारत ने पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के साथ पूंछ में कम से कम दो बैठकें की हैं। इन बैठकों में भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वे घुसपैठ की कोशिशों में मदद न करें। भारत ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान अपनी तरफ से फायरिंग करके आतंकवादियों को कवर न दे। सीमा पर तनाव चरम पर, पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तान ने साइबर हमले भी किए हैं। पाकिस्तान भारत के महत्वपूर्ण सैन्य संस्थानों को हैक करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, भारत ने इन हमलों को नाकाम कर दिया है। फिर भी, पाकिस्तान के साइबर ऑपरेटर लगातार भारतीय सेना से जुड़ी वेबसाइटों को निशाना बना रहे हैं। इनमें आर्मी नर्सिंग कॉलेज, आर्मी पब्लिक स्कूल, आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गनाइजेशन और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की वेबसाइटें शामिल हैं। खबर है कि पाकिस्तान में हवाई गतिविधियां कम हो गई हैं। पिछले दो दिनों में लड़ाकू विमानों की उड़ानें और हवाई निगरानी प्लेटफार्मों की आवाजाही कम हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि यह भारत की तरफ से बढ़ाई गई सतर्कता का नतीजा है। भारत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत किया है। भारत के पास लंबी दूरी की S-400 मिसाइल सिस्टम भी है, जिससे पाकिस्तान सतर्क हो गया है। हाई अलर्टः कुछ बड़ा होने के 5 … Read more

आतंकी सरगना हाफिज सईद को सताने लगा मौत का डर, पाकिस्तानी सेना ने सुरक्षा की 4 गुना

लाहौर पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। पाकिस्तान भारत को गीदड़भभकियां दे रहा है। उसे डर है कि भारत उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक की तरह ही कोई बड़ा एक्शन ले सकता है। इसके चलते पाकिस्तान में युद्धाभ्यास से लेकर वायुसेना की गश्ती बढ़ाने की खबरें हैं। इस बीच खबरें हैं कि पाकिस्तान ने आतंक के सरगना लश्कर-ए-तैय्यबा के चीफ हाफिज सईद की सुरक्षा भी बढ़ाई है। रिपोर्ट बताती है कि आईएसआई और पाकिस्तान सरकार ने भारत के सीक्रेट ऑपरेशन के डर से हाफिज सईद की सुरक्षा में इजाफा किया है। सूत्रों के मुताबिक उसे स्पेशल सर्विस ग्रुप के पूर्व कमांडोज की सिक्योरिटी में रखा गया है। इतना ही नहीं, उसे जानबूझकर घनी आबादी वाले इलाके में रखा गया है, जहां मस्जिद और मदरसे सभी हैं। इसके अलावा लाहौर के मोहल्ला जोहर सहित आतंकी चीफ के सभी घरों पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। सिक्योरिटी के लिए लगाए गए हाई लेवल कैमरे हाफिज की सिक्योरिटी के लिए उसकी लोकेशन के एक किलोमीटर के दायरे में इशारा पहचानने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिससे वहां परिंदा भी पर न मार सके। लश्कर और जमात उद दावा का चीफ अमेरिका और भारत में बड़ी आतंकी हमलों को अंजाम देने में अहम कड़ी रहा है। इसमें मुबंई का 26/11 हमला भी शामिल है। बिश्नोई गैंग ने खाई हाफिज सईद को मारने की कसम ध्यान देने वाली बात यह भी है कि लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट ने बुधवार को पहलगाम में नागरिकों की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। बिश्नोई गैंग ने हाफिज सईद की एक फोटो अटैच करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धमकी दी जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान के इस बेहद कीमती व्यक्ति को निशाना बनाया जाएगा। इलाके में ड्रोन उड़ाने पर बैन सुरक्षा उपायों के तहत पूरे इलाके में ड्रोन उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और 4 किलोमीटर के दायरे में हाई-रिजॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा, सड़कों पर सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है और किसी भी आम नागरिक को सईद के आवास के पास आने की अनुमति नहीं है. बताया जा रहा है कि ड्रोन निगरानी से भी इलाके पर लगातार नजर रखी जा रही है. हमले के पीछे हाफिज सईद का हाथ! जानकारी के मुताबिक, यह सुरक्षा प्रबंध पहलगाम हमले के तुरंत बाद लागू किए गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नामक संगठन ने ली थी, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ माना जाता है. भले ही TRF ने औपचारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी ली हो, लेकिन भारतीय एजेंसियों का मानना है कि इस हमले की योजना में हाफिज सईद की प्रमुख भूमिका थी. हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित है, बावजूद इसके वह पाकिस्तान में खुला घूमता रहा है. उसका आवास किसी छिपे ठिकाने में नहीं बल्कि लाहौर जैसे भीड़-भाड़ वाले शहर के केंद्र में है. वर्ष 2021 में सईद के घर के पास हुए कार बम धमाके के बाद से उसकी सुरक्षा बढ़ाई जाती रही है. हाल ही में उसके करीबी सहयोगी अबू क़ताल की हत्या के बाद एक बार फिर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई और उसे और सख्त किया गया. यह घटनाक्रम भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण कूटनीतिक संबंधों को और जटिल बना सकता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सईद को मिली यह अभूतपूर्व सुरक्षा, पाकिस्तान की दोहरी नीति और आतंकवाद के प्रति नरम रुख को उजागर करती है. हाफिज सईद पाकिस्तान सरकार की तथाकथित हिरासत में है। सात आतंकी फंडिग मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 46 साल की सजा काट रहा है। 7 अप्रैल 2022 के एक आदेश में हाफिज सईद को आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में उसे 31 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। 2019 के कागजों में गिरफ्तार दिखाया गया। सईद पहले से ही 2020 में दिए गए समान आरोपों पर 15 साल सजा काट रहा था। अदालत सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया लेकिन कहा जाता है कि वह आराम से हाई सिक्योरिटी में लग्जरी लाइफ स्टाइल के मजे ले रहा है। पाकिस्तान में जेल की सजा काट रहा है हाफिज सईद रिपोर्ट के अनुसार, सईद फिलहाल दस्तावेजों में जेल में हैं और उसके घर को उपजेल में बदल दिया गया है। सूत्रों ने अखबार को बताया कि एक किमी के रेडियस में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम के जरिए की जा रही है। आतंकवादियों को फंडिंग करने के 7 मामलों में सईद दोषी साबित हुई है। उसे 46 साल की जेल की सजा हुई है कहां है हाफिज सईद खबर है कि बीते तीन सालों में दो दर्जन से ज्यादा बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। उस दौरान वह सुरक्षा घेरे में रहता है, जिसमें SSG के पूर्व कमांडो शामिल होते हैं।

8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारियां तेज, 42 अहम पदों पर चयन शुरू, 7वें पे पेनल मुकाबले कम होंगे सदस्य

नई दिल्ली सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारियों को गति देते हुए 42 पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (DoE) ने 21 अप्रैल को दो अलग-अलग सर्कुलर जारी किए, जिनमें 40 पदों के लिए भर्ती की बात कही गई है। इनमें सलाहकारों के साथ-साथ सचिवालय के कई पद शामिल हैं। इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष और दो अन्य प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। 8th Pay Commission: जल्द होगी चेयमैन की घोषणा फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक 8वें वेतन आयोग के लिए चेयरमैन और दो अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम करीब-करीब तय हो चुके हैं और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। नियुक्त किए जाने वाले सदस्यों में दो निदेशक/उप सचिव, तीन अवर सचिव और 37 अन्य कर्मचारी शामिल होंगे। ये सभी सदस्य आयोग की शर्तें (Terms of Reference – ToR) तय होने के बाद प्रारंभिक कार्य करेंगे। 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में होंगे कम सदस्य फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने सूत्रों के अनुसार लिखा कि 8वें वेतन आयोग में पिछली बार की तुलना में कम सदस्य होंगे। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में कुल 45 सदस्य थे, जिसमें अध्यक्ष, 18 सचिवालय कर्मी, 16 सलाहकार और 7 अन्य कर्मचारी शामिल थे। यह आयोग न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर की अध्यक्षता में काम कर रहा था। 6वें वेतन आयोग में कुल चार सदस्य और 17 सचिवालय कर्मी थे। वहीं, 5वें वेतन आयोग में केवल तीन सदस्य थे। शुरुआती दौर में पहले वेतन आयोग में 9 सदस्य, दूसरे में 6 और तीसरे व चौथे में 5-5 सदस्य होते थे। 8th Pay Commission: राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने तैयारियां तेज कीं इसी बीच, नेशनल काउंसिल (JCM) के स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले ज्ञापन की तैयारी शुरू कर दी है। 22 अप्रैल को आयोजित विस्तारित बैठक में न्यूनतम वेतन, पे स्केल, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पदोन्नति नीति और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई है जिसमें प्रमुख कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभी संगठनों को 20 मई 2025 तक अपने सुझाव PDF और Word फॉर्मेट में भेजने को कहा गया है। 8वें वेतन आयोग में 7वें वेतन आयोग से कम सदस्य होंगे अगर हम पिछला स्ट्रक्चर को देखें तो 7वें वेतन आयोग में कुल 45 लोग शामिल थे. इसमें अध्यक्ष, सचिवालय में 18 लोग, 16 सलाहकार और 7 अन्य कर्मचारी शामिल थे. इस आयोग की अध्यक्षता जस्टिस अशोक कुमार माथुर कर रहे थे. वहीं, अगर बात करें छठे वेतन आयोग की तो इसमें भी अध्यक्ष समेत चार सदस्य थे, लेकिन सचिवालय में सिर्फ 17 लोग ही काम कर रहे थे. छठे वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण कर रहे थे. मजे की बात यह है कि 5वें वेतन आयोग में सदस्यों की संख्या और भी कम थी. इसमें केवल तीन सदस्य शामिल थे. अगर शुरुआती चरण की बात करें तो पहले पे कमीशन में नौ सदस्य थे, दूसरे में छह, जबकि तीसरे और चौथे वेतन आयोग में पांच-पांच सदस्य थे. 8th Pay Commission: 48 लाख कर्मचारियों और 57 लाख पेंशनभोगियों को लाभ की उम्मीद हालांकि सरकार ने अभी तक आयोग के औपचारिक गठन या ToR की घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार जारी हो रहे सर्कुलर और आंतरिक बैठकों से स्पष्ट है कि आयोग के गठन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। एक बार आयोग सक्रिय हो जाने के बाद यह 48 लाख केंद्र सरकार कर्मचारियों और 57 लाख पेंशनरों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में सुधार के लिए अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच चर्चा इस बीच राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने 22 अप्रैल को अपनी स्थायी समिति की विस्तारित बैठक के बाद 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले व्यापक ज्ञापन की तैयारी शुरू कर दी हैं. इस बैठक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें मिनिमम सैलरी, वेतनमान, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पदोन्नति नीति और पेंशन लाभ शामिल हैं. ज्ञापन तैयार करने के लिए एक मसौदा समिति का गठन किया गया है. इस समिति में प्रमुख कर्मचारी महासंघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. ये महासंघ 30 अप्रैल 2025 तक अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजेंगे.व्यय विभाग ने सर्कुलर में कहा, “इन पदों पर 8वें वेतन आयोग के गठन की डेट से लेकर कमीशन के बंद होने तक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी. इसमें यह भी कहा गया है कि रिक्त पदों के लिए आवेदनों की समीक्षा तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी पद भर नहीं जाते.” कितने कर्मचारियों को मिलेगा लाभ? हालांकि, सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग के औपचारिक गठन या इसके टर्म ऑफ रिफ्रेंस को लेकर कोई की घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार सामने आ रहे सर्कुलर और मीटिंग्स से संकेत मिलता है कि तैयारियां तेजी से चल रही हैं और कमीशन अगले कुछ महीनों में काम करना शुरू कर देगा. एक बार 8वां वेतन आयोग एक्टिव हो जाने के बाद यह लगभग 48 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 57 लाख से अधिक पेंशनर्स के सैलरी स्ट्रक्चर और सर्विस कंडीशन को रिवाइज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

ROB की चौड़ाई बढ़ने से एमआर-10 पर लवकुश चौराहा से चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा तक ट्रैफिक को राहत होगी

इंदौर एमआर-10 पर आवागमन की सुविधा के लिए वर्तमान रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के समांतर ही चार लेन का नया आरओबी बनाया जाना है। रेलवे ने इसकी ड्राइंग को मंजूरी दे दी है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) इसके लिए टेंडर जारी करेगा। सिंहस्थ से पहले चार लेन आरओबी का निर्माण किया जाएगा। इसके बनने से वाहनों का आवागमन आसान होगा और वर्तमान चार लेन आरओबी से भी दबाव कम होगा। सिंहस्थ में वाहनों का सर्वाधिक दबाव यही रहेगा     शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एमआर-10 पर बने आरओबी की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। वर्तमान आरओबी के समांतर कुमेडी की तरफ चार लेन का नया आरओबी आकार लेगा।     विगत दिनों बोर्ड बैठक में सहमति के बाद आईडीए ने रेलवे को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था। रेलवे ने जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) को मंजूरी दे दी है। अब आईडीए आगे की प्रक्रिया करेगा।     सिंहस्थ में वाहनों का सर्वाधिक दबाव एमआर-10 पर रहेगा, इसलिए इसका निर्माण दो साल में पुरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। 60 करोड़ अनुमानित लागत चार लेन आरओबी बनाने के लिए आईडीए ने अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये तय की है। इसमें चार लेने का नया आरओबी बनाया जाएगा। इसके बाद वर्तमान आरओबी जाने और नया आरओबी आने के लिए उपयोग होगा। अभी वर्तमान आरओबी पर ही एमआर-10 के पूरे वाहनों का दबाव है। चार लेन का नया आरओबी बनने के बाद एमआर-10 और सुपर कॉरिडोर पूरी तरह से आठ लेने हो जाएगा। सुपर कॉरिडोर पर बना रेलवे आरओबी पहले ही आठ लेन बनाया गया है। पुलिया की भी बढ़ेगी चौड़ाई एमआर-10 आरओबी के साथ ही पास में कान्ह नदी पर बनी पुलिया की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। यह पुलिया अभी चार लेन है। आठ लेन का आरओबी बनाने के साथ ही पुलिया को भी आठ लेन बनाया जाएगा। इससे वाहनों का आवागमन बगैर किसी बाधा के आसानी से हो सकेगा। टेंडर फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हुई निर्माण के लिए टेंडर फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गर्मी में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। मालूम हो, एमआर-10 पर टोल पहले ही समाप्त हो चुका है। मौजूदा ब्रिज के फोर लेन होने से ब्रिज पर अकसर वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम लग जाता है। दोनों तरफ जाम का असर दूर तक होता है। ब्रिज की चौड़ाई बढ़ने से ट्रैफिक आसानी से निकल सकेगा। इससे लवकुश चौराहा से चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा तक ट्रैफिक को राहत मिलेगी।     713 मीटर कुल लंबाई है इस आरओबी की     08 लेन में तब्दील होगा अब     15.5 मीटर चौड़ाई और बढ़ेगी नया बनने पर     61 करोड़ रुपए सिविल कॉस्ट     82 करोड़ रुपए टोटल कॉस्ट तिलक नगर से रिंग रोड की लिंक रोड बनना शुरू तिलक नगर को रिंग रोड से जोड़ने वाली लिंक रोड का काम निगम ने शुरू कर दिया है। मंगलवार को तिलक नगर स्थित श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल के पास सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को हटा दिया गया। एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने बताया कि छह महीने में सड़क बना लेंगे। यह मामला 2020 से कोर्ट में लंबित था। अब निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह सड़क तिलक नगर में श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल के पास से शुरू होकर साईंनाथ कॉलोनी, महावीर नगर, और नर्मदा टंकी के पास से गोयल नगर होते हुए रिंग रोड की सर्विस रोड पर स्थित शकुंतला नर्सिंग होम के पास समाप्त होगी। इस सड़क के बनने से क्षेत्र की 100 से अधिक कॉलोनियों को फायदा होगा। कनाड़िया रोड का ट्रैफिक दबाव भी कम होगा वाहन चालकों को महावीर नगर से कनाड़िया रोड और बंगाली चौराहा होकर आना-जाना नहीं पड़ेगा, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। वाहन तिलक नगर से बड़ी ग्वालटोली होते हुए गीता भवन चौराहे तक आसानी से पहुंच सकेंगे। बंगाली कॉलोनी, बंगाली फ्लायओवर और पीपल्याहाना चौराहे के ट्रैफिक में भी कमी आएगी।

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