LATEST NEWS

पोर्न साइट पर हिन्दू छात्राओं का Video बेचने वाला था भोपाल का ‘मुस्लिम गैंग’, डांस एकेडमी से लेकर रेस्टोरेंट तक में यौन शोषण

भोपाल भोपाल में सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। फरहान नामक आरोपी ने हिंदू छात्राओं के साथ गलत काम किया और उनके वीडियो बनाए। ताजा जांच में खुलासा हुआ कि वह इन वीडियो को गंदी साइट्स पर बेचने की तैयारी कर रहा था। यह घिनौना आइडिया उसे अबरार और नबील नाम के दो और दोस्तों ने दिया था। ये दोनों भी उसके साथ इस पूरे मामले में साथ थे। फरहान ऐसा इसलिए कर रहा था क्योंकि इंदौर में रहने वाली एक छात्रा उसे इग्नोर कर रही थी। पुलिस ने फरहान को गिरफ्तार कर लिया है और अबरार और नबील की तलाश जारी है। दरअसल, फरहान उस छात्रा से मिलना चाहता था, लेकिन वह राजी नहीं हो रही थी। फरहान ने उसके घर पर भी हंगामा किया था। इसलिए उसने छात्रा और उसकी बहन को सबक सिखाने की योजना बनाई। इस काम में उसके कॉलेज के जूनियर अबरार और नबील ने उसकी मदद की। ये दोनों फरहान के बहुत करीबी थे। बड़ा खुलासा अबरार और नबील ने ही फरहान को अश्लील साइट्स पर वीडियो बेचने का तरीका बताया। इन दोनों ने ऑनलाइन वीडियो बेचने का तरीका सीखा। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उनकी शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और पुलिस चुपचाप उनकी जांच कर रही है। 13 अप्रैल को जब फरहान को गिरफ्तार किया गया, तब अबरार और नबील भोपाल में ही थे। फरहान के पकड़े जाने की खबर मिलते ही दोनों अलग-अलग भाग गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। फरहान की तमाम धमकियों के बाद भी छात्रा उससे मिलने को राजी नहीं होती थी। वह उसके इंदौर स्थित घर में भी हंगामा कर चुका था। छात्रा और उसकी बहन को सबक सिखाने फरहान ने साथी अबरार और नबील के साथ प्लानिंग की। यह दोनों कॉलेज में उसके जूनियर रहे और बेहद विश्वसनीय थे। ऐसे में अबरार और नबील ने फरहान को पोर्न साइट्स पर वीडियो बेचने का रास्ता बताया। इन दोनों ने ही अपने मोबाइल से ऑनलाइन पोर्न वीडियो बेचने की डील करने का तरीका सीखा। उन्हें भनक नहीं थी कि इस बीच उनकी शिकायत हो चुकी है। पुलिस गुपचुप तरीके से उनकी जांच कर रही है। 13 अप्रैल को जब फरहान की गिरफ्तारी की गई, तब अबरार और नबील भोपाल में थे। फरहान के पकड़े जाने की भनक लगते ही दोनों अलग-अलग फरार हो गए। लड़कियों को कमरे पर बुलाते थे अबरार और नबील पूरे केस के पांचवे और छठवें नंबर के इन दोनों आरोपियों की भूमिका भी अहम हुआ करती थी। दोनों ही आरोपी लड़कियों को अपने कमरे में कभी पढ़ाई तो कभी पार्टी के नाम पर बुलाया करते थे। यहां पहले से फरहान व अन्य साथी मौजूद होते थे। कमरों के खास स्थानों में पहले ही मोबाइल वीडियो रिकार्डिंग के साथ सेट कर दिए जाते थे। पार्टी के नाम पर लाउड म्यूजिक के साथ गांजे से भरी सिगरेट लड़कियों को दी जाती थी। फरहान 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में पुलिस ने आरोपी फरहान को 13 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सोमवार को वकीलों के हमले के बाद आरोपी को जस्टिस नीलम मिश्रा की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश किया था। कोई लड़की नहीं आती तो वीडियो वायरल करने की धमकी देते मामले में खुलासा हुआ है कि लड़कियों को कोल्डड्रिंक के साथ शराब पिलाई जाती थी। इसके बाद बारी-बारी से आरोपी अलग-अलग काम के बहाने से चले जाते थे। फिर फरहान छात्राओं के साथ मारपीट कर रेप करता था। इन वीडियो को फरहान, अबरार और नबील सहित अली के साथ शेयर करते थे। सभी अपने-अपने मोबाइल लैपटॉप में सिक्योर फोल्डर में इन्हें सेव कर रख लिया करते। जब कोई लड़की आरोपियों के बुलाने पर नहीं आती तो इन वीडियो को वायरल करने की धमकी दी जाती थी। अबरार और नबील कमरे का इस्तेमाल करने के एवज में फरहान से पैसा लिया करते थे। इसी के साथ लड़कियों को लाने और छोड़ने का काम भी करते थे। अबरार और नबील की तलाश में पुलिस की दो टीमें पश्चिम बंगाल और बिहार में पिछले पांच दिनों से डेरा डाले हुए हैं। उनके दस से अधिक ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। एक दर्जन से अधिक रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की जा चुकी है। दोनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। अबरार की लास्ट लोकेशन मुर्शिदाबाद में ट्रैस की गई थी। हालांकि वह भी मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है। क्लब-90 रेस्टोरेंट संचालक भी शामिल फरहान हिंदू युवतियों को क्लब 90 नाम के रेस्टोरेंट लाया करता था। लगभग हर रोज उसका यहाँ आना-जाना लगा रहता था। छात्राओं को इसी लोकेशन पर बुलाकर गलत हरकत करता था। फिर यहाँ से नाइट क्लब, पार्टी और बड़े होटलों में ले जाया करता था। पुलिस को फरहान के फोन से जो तस्वीरें मिली हैं। वो इसी रेस्टोरेंट की हैं जो छात्राओं के कॉलेज से महज 100 मीटर की दूरी पर है। पुलिस बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को फरहान को लेकर क्लब-90 पहुँची। यहाँ पीछे 7 कमरे मिले, जिनमें बेड रखे हैं। रेस्टोरेंट संचालक प्राइवेसी के नाम पर घंटों बैठने के लिए केबिन देता था। साथ ही गाँजा भी उपलब्ध कराता था। पुलिस ने रेस्टोरेंट की सील कर दिया है। पुलिस अब संचालक को भी मामले में आरोपित बना सकती है। रईसाजादों के पास भी भेजता था युवती अशोका गार्डन में डांस क्लास चलाने वाला साहिल अली फरहान के बाद दूसरा सबसे खतरनाक मानसिकता का व्यक्ति निकला। वह आने वाले दिनों में फरहान से अलग अपना स्वयं का लव जिहाद गिरोह संचालित करने वाला था। यह युवतियों को फंसाने के लिए ही डांस क्लास संचालित करता था। उसके डांस क्लास में 30 के करीब युवतियों की एंट्री मिली है। साहिल पहले युवतियों से दोस्ती करता था, जो युवती उससे खुलने लगती थी, उससे वह अश्लील बातें करते हुए पे्रमजाल के नाम पर फरहान के पास पहुंचा देता था। जहां फरहान या कोई अन्य युवक उसके साथ दुष्कर्म करता और उसका वीडियो बना लेता। इसके बाद पूरा गिरोह उक्त लड़की को ब्लैकमेल करता था। साहिल के बारे में पुलिस को ऐसी भी जानकारी मिली है कि वह स्मार्ट दिखने वाली, … Read more

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में खाली पद जल्द भरें जायेंगे, डिप्टी सीएम ने अफसरों को दिए निर्देश, बोले- टाइम लिमिट पर फोकस करें

भोपाल मध्य प्रदेश में तबादलों से बैन हटने के बाद अब विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती का कार्य एक निश्चित समय-सीमा का निर्धारण कर शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने इस समय चल रही भर्ती प्रक्रिया की अपडेट जानकारी अधिकारियों से ली। भर्ती प्रक्रिया सरल बनाने संशोधन की भी बात मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग , सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मण्डल के अधिकारियों के साथ बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में यह निर्देश स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों की बैठक में दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिए जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों के लिए परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक मलिका निगम नागर, संचालक कर्मचारी चयन मंडल संकेत मालवीय और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अनिल सुचारी की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाए। स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करे। मंत्री बोले- प्रस्तावों को गंभीरता से लें बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिये जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों की पूर्ति के लिये परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिये गये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करें और प्रस्ताव के विषय में वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाये।  राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने तथा कर्मचारियों के ग्रेड-पे और एनएचएम कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समतुल्य सुविधाएं देने आदि पर विचार करने के निर्देश दिए।  

‘क्या आप सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं?’ पहलगाम हमले पर जनहित याचिका पर सुनवाई से SC का इनकार

नई दिल्ली पूरे देश में इस समय पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आक्रोश है। इस बीच इस हमले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। न्यूज एजेंस पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले को फटकार लगाते हुए कहा कि न्यायाधीश आतंकवाद मामलों की जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका दायर करने वालों को फटकार लगाते हुए सवाल किया कि क्या वे सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं? उन्हें ऐसे मुद्दों को न्यायिक क्षेत्र में नहीं लाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि इस मुश्किल वक्त में देश का प्रत्येक नागरिक आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट है।  जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाले वकीलों की कड़ी आलोचना की। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा, “जिम्मेदार बनो। देश के प्रति तुम्हारा कुछ कर्तव्य है। क्या यही तरीका है… प्लीज ऐसा मत करो। कब से कोई रिटायर्ड हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का जज ऐसे मुद्दों की जांच करने के लिए विशेषज्ञ बन गया है? हम कुछ भी नहीं सुन रहे हैं।” जस्टिस सूर्यकांत ने आगे कहा, “यह वह महत्वपूर्ण समय है जब देश का हर नागरिक आतंकवाद से लड़ने के लिए हाथ मिला रहा है। ऐसी कोई प्रार्थना न करें जिससे किसी का मनोबल गिरे। मामले की संवेदनशीलता देखिए।” ‘सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं’ पीठ ने कहा, “इस महत्वपूर्ण समय में देश के हर नागरिक ने आतंकवाद से लड़ने के लिए हाथ मिलाया है. क्या आप इस तरह की जनहित याचिका दायर करके सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं. इस तरह के मुद्दे को न्यायिक क्षेत्र में न लाएं.” याचिकाकर्ता फतेह कुमार साहू और अन्य को जनहित याचिका वापस लेने के लिए कहा गया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझें और अदालत में ऐसी कोई अपील न करें, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल गिरे. ‘आदेश पारित करने को न कहें’ पीठ ने याचिकाकर्ताओं में से एक से कहा, “आप रिटायर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करने के लिए कह रहे हैं. वे जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि वे केवल निर्णय दे सकते हैं और किसी मुद्दे पर निर्णय ले सकते हैं. हमें आदेश पारित करने के लिए न कहें. आप जहां जाना चाहते हैं, जाएं. बेहतर होगा कि आप वापस चले जाएं.” जनहित याचिका में केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की मौत बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम के ऊपरी इलाकों में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल बैसरन में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए. मरने वालों में अधिकतर दूसरे राज्यों से आए पर्यटक थे – इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया है. किसने दायर की थी पिटीशन जनहित याचिका कश्मीर के रहने वाले मोहम्मद जुनैद ने दायर की थी। याचिकाकर्ताओं में फतेश कुमार साहू और विकी कुमार का भी नाम है। याचिका में ये भी कहा गया है कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। इसमें एक नेपाल का टूरिस्ट भी शामिल था। आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर गोली मारी थी। हमले की जिम्मेदारी पहले द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, हालांकि बाद में इससे मुकर गया था। पहलगाम हमला मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। NIA ने मामले में 27 अप्रैल को जम्मू में केस दर्ज किया था। चश्मदीद ने बताया था, 22 अप्रैल को क्या हुआ था… आतंकी हमले में महाराष्ट्र के संतोष जगदाले भी मारे गए थे। जगदाले अपनी पत्नी और बेटी के साथ पहलगाम घूमने गए थे। साथ में एक महिला रिश्तेदार भी थी। आतंकियों ने तीनों महिलाओं को छोड़ दिया। जगदाले की बेटी असावरी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया था- हम पांच लोगों का ग्रुप था। इसमें मेरे माता-पिता भी शामिल थे। हम पहलगाम के पास बैसरन घाटी में थे, तभी गोलीबारी की आवाज सुनी। देखा कि पुलिस के कपड़े पहने कुछ लोग गोलियां चला रहे हैं। असावरी ने कहा, ‘हम सभी पास के एक टेंट में छिप गए। 6-7 अन्य लोग भी आ गए। हम सभी गोलीबारी से बचने के लिए जमीन पर लेट गए, पहले लगा कि यह आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कोई मुठभेड़ है। तभी एक आतंकी हमारे टेंट में आ गया। उसने मेरे पिताजी को बाहर आने के लिए कहा। साथ ही पीएम मोदी के लिए कुछ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। फिर उन्होंने मेरे पिता से एक इस्लामी आयत (शायद कलमा) पढ़ने को कहा। जब वे नहीं पढ़ पाए तो उन्हें तीन गोलियां मार दीं, एक सिर पर, एक कान के पीछे और एक पीठ में। मेरे चाचा मेरे बगल में थे। आतंकवादियों ने उन्हें चार से पांच गोलियां मारीं।’

आतंकी खेलना चाहते थे पहलगाम के आरू, एम्यूजमेंट पार्क या बेताब घाटी में खूनी खेल, इस वजह से बैसरन को बनाया निशाना

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पता चला है कि हमला करने वाले आतंकियों ने बैसरन से पहले तीन और जगहों पर भी रेकी की थी। बताया गया है कि आतंकियों ने 22 अप्रैल से पहले पहलगाम और आसपास के इलाके की रेकी शुरू की थी। बैसरन, आरु वैली और बेताब वैली संग लोकल एम्यूज़मेंट पार्क की रेकी करने के बाद हमले के लिए बैसरन को चुना गया था। आतंकियों की ओर से सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किए जाने के इनपुट भी जांच में मिले हैं। इसी बीच पूरे कश्मीर में छापेमारी और पूछताछ का तेज सिलसिला चल रहा है। हिरासत में लिए गए करीब 185 लोगों से आतंकियों और मददगारों के गठजोड़ के सुराग तलाशे जा रहे हैं। किन जगहों की रेकी जांच में गिरफ्तार किए गए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) ने बताया कि आतंकी घटना से दो दिन पहले बैसारन घाटी में मौजूद थे। आतंकियों ने 15 अप्रैल को पहलगाम पहुंचकर चार जगहों की रेकी की थी। इनमें बैसरन घाटी, आरु घाटी, स्थानीय एम्यूज़मेंट पार्क और बेताब घाटी शामिल थे। सुरक्षा कड़ी होने की वजह से आतंकी इन जगहों पर हमला नहीं कर पाए। NIA इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। एनआईए को शक है कि लगभग 20 ओवर ग्राउंड वर्कर ने विदेशी आतंकियों की मदद की थी। इनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी पर नजर रखी जा रही है। ओवर ग्राउंड वर्कर ने की आतंकियों की मदद जांच में पता चला है कि कम से कम चार ओवर ग्राउंड वर्कर ने आतंकियों को रेकी और जरूरी सामान पहुंचाने में मदद की। हमले से पहले इलाके में तीन सैटेलाइन फोन के इस्तेमाल के सबूत भी मिले हैं। इनमें से दो डिवाइस के सिग्नल को ट्रैस कर लिया गया है। एनआईए और खुफिया एजेंसियां अब तक 2,500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। फिलहाल 186 लोगों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। जम्मू और कश्मीर में कई जगह छापेमारी हमले के बाद जम्मू और कश्मीर में कई जगह छापेमारी की गई। कुपवाड़ा, हंदवाड़ा, अनंतनाग, त्राल, पुलवामा, सोपोर, बारामूला और बांदीपोरा में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अलग-अलग गुट और जमात-ए-इस्लामी जैसे प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों और समर्थकों के घरों की तलाशी ली गई। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इन संगठनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। फिर भी इन्होंने एक ऐसा नेटवर्क बनाया, जिससे पाकिस्तानी आतंकियों को पहलगाम में हमला करने की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद मिली। NIA की जांच में पता चला है कि ऐसे 4 ओवरग्राउंड वर्कर्स ने पहलगाम समेत 4 जगहों की हमले के लिए रेकी की थी। इस रेकी के बाद ही आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला करने का फैसला लिया। सूत्रों का कहना है कि अब तक कुल 20 ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान हो चुकी है। इनमें से कई लोगों को अरेस्ट भी किया गया है। अब तक इस हमले के बाद से 186 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके पूछताछ की जा रही है। दरअसल कश्मीर में लंबे समय से आतंकी संगठनों की यह रणनीति रही है। अब आतंकी संगठनों का कोई खुलकर साथ नहीं देता, लेकिन अपनी नौकरी और धंधे करते हुए ही कई लोग ऐसे पाए जाते हैं, जो आतंकियों का साथ देते हैं। इन्हें ही ओवरग्राउंड वर्कर का नाम दिया गया है। 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम में टूरिस्टों को मारा था। इन आतंकियों ने पुरुषों को ही मारा और उनकी महिलाओं को छोड़ दिया। इन महिलाओं एवं अन्य परिजनों ने ही बताया था कि आतंकियों ने उनसे पहले धर्म पूछा था और फिर कलमा पढ़वाया और खतना तक चेक किया। रिपोर्ट्स के अनुसार 20 लोगों की पैंट उतरवाकर आतंकियों ने देखा था कि उनका खतना हुआ है या नहीं। खतना नहीं पाया तो पुष्टि हुई कि वे मुसलमान नहीं हैं और फिर उनका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। कॉल रिकॉर्ड की जांच इन संगठनों से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं को इन समूहों के सदस्यों और पहलगाम हमले में शामिल ओवर ग्राउंड वर्कर के बीच बातचीत के लिंक मिले हैं। इससे पता चलता है कि हमले की साजिश में कई लोग शामिल थे। एनआईए और दूसरी एजेंसियां मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस हमले में और कौन-कौन शामिल था और उनका मकसद क्या था? मामले की जांच अभी जारी इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है। एनआईए हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दे रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं और इलाके में कड़ी निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके। लोगों से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। हमले से दो दिन पहले पहुंचा आतंकी दल सूत्रों की मानें तो आतंकियों का दल अपने ओवरग्राउंड वर्क संग 19 अप्रैल को बैसरन पहुंचा था। उन्होंने बैसरन पार्क और आसपास क्षेत्र की रेकी की, लेकिन अपने ओवरग्राउंड वर्कर से इस विषय में कोई बात नहीं की आतंकियों ने हमले से एक दिन पहले अपने ओवरग्राउंड वर्कर से संपर्क किया और उसे 22 अप्रैल की दोपहर को बैसरन पहुंचने के लिए कहा था। ओवरग्राउंड वर्कर बने गाइड सूत्रों के अनुसार, बैसरन नरसंहार के गुनहगारों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल ने अपना तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है। सुरक्षा बल ने 20 के करीब ऐसे ओवरग्राउंड वर्करों को चिह्नित किया है, जो हमलावर आतंकियों के साथ संपर्क में रह चुके हैं। इनमें से कुछ जेल में बंद हैं। चार ओवरग्राउंड वर्करों ने पाकिस्तानी आतंकियों के लिए कथित तौर पर गाइड का भी काम किया है। पांच ओवरग्राउंड वर्करों के बारे में कहा जा रहा है कि वह हमले के समय पहलगाम और बैसरन के आसपास … Read more

सांसद आलोक शर्मा ने कहा- लव जिहाद करने वालों की नसबंदी कराएं

भोपाल   मध्यप्रदेश में बढ़ते लव जिहाद मामले को सेकर सरकार चिंतित है। हाल ही में पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल में कई मामले सामने आ चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद इस तरह के मामले कम नहीं हो रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल सांसद आलोक शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- लव जिहाद करने वालों की नसबंदी कराएं। आलोक शर्मा ने यह मांग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है। बता दें कि राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में कई लड़कियों से लव जिहाद का मामला सामने आया है। शहर पुलिस की कारर्वाई में अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। इन आरोपियों ने कॉलेज की छात्राओं को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाते हुए उनसे न केवल दुष्कर्म किए, बल्कि उनके वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल किया। आरोप है कि आरोपियों ने कुछ लड़कियों को फंसाते हुए उनकी सहेलियों से भी संपर्क साधे और इसके बाद उन्हें भी शिकार बनाया।  इस दौरान आरोपियों ने लड़कियों को नशे के जाल में फंसाते हुए उन पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव मनाया। चारों आरोपी धर्म विशेष के हैं, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से लड़कियों को अपना शिकार बनाया। इस मामले में अब तक लगभग आधा दर्जन लड़कियां सामने आ चुकी हैं, जिन्होंने पुलिस से संपर्क साधा है। संभावना जताई जा रही है कि पुलिस की कारर्वाई आगे बढ़ने के साथ और लड़कियां भी हिम्मत जुटाते हुए आ सकती हैं। आरोप है कि आरोपी लड़कियों को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और इस प्रताड़ना और यौन शोषण के वीडियो क्लिप्स को एक-दूसरे के साथ साझा भी करते थे। इससे यह एक सुनियोजित आपराधिक गिरोह होने की बात कही जा रही है। सांसद शर्मा ने कहा कि- मोहन यादव की सरकार लव जिहाद को रोकने का काम कर रही है। मैं मोहन यादव से मांग करता हूं। मध्यप्रदेश शांति का टापू है, यहां कोई लव जिहाद करता है तो उसकी गिरफ्तारी तो होगी ही, उसके साथ-साथ उसकी नसबंदी भी करा दी जाए। नसबंदी होगी तो इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। बता दें कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में हिंदू युवतियों के साथ लव जिहाद और गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ हो रही है। पूछताछ में रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपियों का लक्ष्य हिंदू युवतियों को फंसाकर रेप फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना था। मामले की जांच जारी है।

शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण

 हर युवा के चेहरे की चिंता हमने पढ़ी, हर परिवार की पीड़ा हमने समझी और उसका समाधान करने का किया प्रयास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ: 26 सौ से अधिक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।        इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

नक्सल पीड़ितों ने नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने का किया अनुरोध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बस्तर अंचल से आए नक्सल हिंसा पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सुकमा, बीजापुर, कांकेर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के वे नक्सल हिंसा पीड़ित शामिल थे, जिन्होंने विगत वर्षों में नक्सली हिंसा के कारण अपनों को खोया है, शारीरिक यातनाएँ झेली हैं अथवा विस्थापन का दंश सहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को ज्ञापन सौंपते हुए कुर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर के हजारों परिवार चार दशकों से माओवादी आतंक की विभीषिका का सामना कर रहे हैं, जिसने क्षेत्र की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक बुनियाद को गहरा नुकसान पहुँचाया है। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समावेशी विकास की नीति से बस्तर में शांति और विकास की आशा फिर से जगी है। ग्रामीणों ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को इस नई जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुर्रेगुट्टा में चलाया जा रहा सुरक्षा अभियान निर्णायक चरण में है। सरकार किसी भी कीमत पर नक्सल उन्मूलन अभियान को पूर्ण करेगी ताकि बस्तर के विकास को गति मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद सिर्फ एक हिंसक आंदोलन नहीं, बल्कि हमारी सह-अस्तित्व पर आधारित संस्कृति पर खतरा भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर नक्सल पीड़ित परिवार के साथ सरकार खड़ी है और सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने या अभियान में बाधा डालने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर में स्थायी शांति और समावेशी विकास ही सरकार का लक्ष्य है, और यह तभी संभव है जब क्षेत्र को हिंसा और भय के साये से पूरी तरह मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने आशा व्यक्त की कि नक्सल विरोधी संघर्ष में जन-भागीदारी और विश्वास की शक्ति से हम निस्संदेह सफलता प्राप्त करेंगे और बस्तर को स्थायी शांति और विकास की दिशा में अग्रसर करेंगे।

बिलासपुर:योग के बहाने नमाज, रात तीन बजे GGU सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को घर से उठा लाई…

 बिलासपुर  कोटा क्षेत्र के शिवतराई में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस कैंप के दौरान छात्रों को योग के बहाने नमाज पढ़ाने के मामले में कोटा पुलिस की टीम रात तीन बजे केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को घर से उठा लाई है। प्राेफेसर से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। कोटा क्षेत्र के शिवतराई में एनएसएस कैंप के दौरान विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देने का प्रलाेभन देकर नमाज पढ़वाने के मामले में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिलीप झा, डा मधुलिका सिंह, डा ज्योति वर्मा, डा नीरज कुमारी, डा प्रशांत वैष्णव, डा सूर्यभान सिंह, डा बसंत कुमार और टीम कोर लीडर आयुष्मान चौधरी आरोपित हैं। मामले की जांच के दौरान कोटा पुलिस ने प्रोफेसर दिलीप झा को गुरुवार की तड़के तीन बजे उनके घर से हिरासत में लिया है। पुलिस की टीम मामले में शामिल अन्य आरोपित की तलाश कर रही है। क्या है मामला गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस विंग का कोटा के शिवतराई में सात दिवसीय शिवर 26 मार्च से एक अप्रैल तक लगाया गया था। आरोप है कि 31 मार्च की सुबह कैंप में मौजूद प्रोफेसरों और टीम लीडर ने सभी छात्र-छात्राओं को एकत्र कर नमाज पढ़वाई। साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र देने का प्रलोभन दिया गया। कैंप से लौटकर कुछ छात्रों ने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन से की। इधर कैंप में नमाज पढ़वाने की जानकारी लगते ही हिंदू संगठन के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कोनी पुलिस ने शुन्य में मामला दर्ज कर केस डायरी कोटा पुलिस को सौंप दी। मामले की जांच अब कोटा पुलिस कर रही है। DSP रश्मीत कौर चावला ने बताया कि कथित घटना को लेकर आठ लोगों के खिलाफ 26 अप्रैल को दर्ज FIR के सिलसिले में प्रोफेसर दिलीप झा को गुरुवार सुबह हिरासत में लिया गया. उन्होंने बताया कि झा और बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के 6 फैकल्टी मेंबर्स और टीम के एक मुख्य नेता पर धर्म के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने समेत अन्य अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता व छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने 26 मार्च से 1 अप्रैल के बीच जिले के कोटा थाना इलाके के शिवतराई गांव में आयोजित एनएसएस शिविर के दौरान 31 मार्च को 159 छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया, हालांकि उनमें से केवल चार ही मुस्लिम थे. छात्रों के वापस लौटने पर विरोध प्रदर्शन के बाद जांच शुरू की गई, जिसके बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने भी आंदोलन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की जांच के लिए सिटी पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) अक्षय सबदरा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की थी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर झा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. चावला ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है. छात्रों ने कार्रवाई की मांग की थी छात्रों के मुताबिक, विरोध करने पर उन्हें धमकी और सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी भी दी गई। छात्रों ने कोनी थाना पुलिस से शिकायत करके प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बसंत कुमार, कोआर्डिनेटर दिलीप झा सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिविर में शामिल नहीं हुए थे प्रोफेसर इधर, प्रोफेसर दिलीप झा का कहना था कि यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित NSS कैंप में वो शामिल ही नहीं हुए थे। ऐसे में उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैंप में नमाज पढ़ाने की उन्हें जानकारी ही नहीं है। न ही कैंप में शामिल को आर्डिनेटर ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। ऐसे में बेवजह केस में आरोपी बनाया गया है। पुलिस बोली- साक्ष्यों को किया प्रभावित, जांच में सहयोग नहीं वहीं, सीएसपी व मीडिया प्रभारी रश्मित कौर चावला का कहना है कि इस मामले की जांच के बाद प्रो.दिलीप झा, डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. प्रशांत वैष्णव, डॉ. सुर्यभान सिंह, डॉ. बसंत कुमार और टीम कोर लीडर छात्र आयुष्मान चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच में अपराध सबूत पाए जाने के साथ ही साक्ष्य को प्रभावित करने और विवेचना में सहयोग नहीं करने के कारण आरोपी प्रोफेसर दिलीप झा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

जातिगत जनगणना के फैसले को CM Mohan Yadav ने बताया ऐतिहासिक

भोपाल  केंद्र सरकार ने लंबे समय से चली आ रही जातिगत जनगणना करवाने की मांग को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है. मोहन यादव ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया. मोहन यादव ने केंद्र के फैसले को बताया ऐतिहासिक डॉ. मोहन यादव ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा, ” यह एक महत्वपूर्ण फैसला है. आजादी के बाद देश के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा यह सबसे बड़ा निर्णय है. देश में पुरानी घटनाओं के सुधार की दृष्टि से ये एक महत्वपूर्ण कदम है. कैबिनेट के इस फैसले से समता, समरसता, सुगमता और सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत होगी.” मुख्यमंत्री ने कहा, “दशकों तक कई दलों ने जातिगत जनगणना का विरोध किया. जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं होंगे बल्कि देश के गरीब, पिछड़े, कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभाएगा.” सीएम ने अभी तक जातीय जनगणना न होने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया. आजादी के बाद से जातीय जनगणना की चल रही मांग बुधवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग करते हुए बताया था कि, सरकार ने आगामी जनगणना के साथ जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया है. दरअसल, देश में जातीय जनगणना की मांग आजादी के बाद से ही चल रही है. पिछली जातीय जनगणना ब्रितानिया हुकूमत के दौरान साल 1931 में हुई थी. हालांकि, 1941 की जनगणना में भी जातियों की गणना की गई थी, लेकिन सरकार ने इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए थे. 2011 की जनगणना के समय भी इसकी जोर-शोर से मांग उठी थी. क्या होती है जातीय जनगणना? जातिगत जनगणना का अर्थ है भारत में मौजूद सभी जातियों के लोगों की अलग-अलग गिनती. यानी देश में अब जब भी जनगणना होगी, उसमें लोगों की जाति के आधार पर भी गिनती होगी. हालांकि, इससे पहले भी देश में जातीय गिनती होती आई है लेकिन सिर्फ अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आंकड़ों को गिना और प्रकाशित किया गया. लेकिन अब अगली जनगणना में ओबीसी की भी गिनती की जाएगी और सरकार उनके आंकड़ों को सार्वजनिक भी करेगी.

छत्तीसगढ़ नक्सली ऑपरेशन में जवानों को बड़ी सफलता, करेगुट्टा पहाड़ी पर फहराया गया तिरंगा

कर्रेगुट्टा   छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी, लंबे समय से नक्सलियों का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। लेकिन अब ये पहाड़ी भारतीय सुरक्षाबलों के नियंत्रण में है। ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत 9 दिनों की कठिन चढ़ाई और रणनीतिक अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने इस पहाड़ी पर कब्जा कर लिया और वहां तिरंगा झंडा फहरा दिया है। इस ऐतिहासिक जीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जवान गर्व से तिरंगा लहराते नजर आ रहे हैं। ऑपरेशन संकल्प: नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान कर्रेगुट्टा पहाड़ी समुद्र तल से लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई पर है। बताया जाता है कि ये पहाड़ी लंबे समय से नक्सलियों के पीपुल्स लिबरेशन गेरिला आर्मी (PLGA) के बटालियन नंबर 1 का मुख्य ठिकाना थी। इस क्षेत्र में करीब 500-1,000 नक्सली छिपे हुए थे। यह क्षेत्र हिड़मा, देवा, दामोदर, आजाद और सुजाता जैसे शीर्ष नक्सली कमांडरों का केंद्र रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुए ‘ऑपरेशन संकल्प’ में करीब 10,000 सुरक्षाकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें छत्तीसगढ़ पुलिस, तेलंगाना पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, एसटीएफ, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स शामिल थे। अभियान के दौरान 500 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों को हेलिकॉप्टरों के जरिए पहाड़ी पर उतारा गया। 40-45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी, दुर्गम रास्तों और नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चुनौतियों के बावजूद जवानों ने नक्सलियों को खदेड़कर पहाड़ी के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इस दौरान दो जवान आईईडी विस्फोट में घायल हुए, और कई जवान डिहाइड्रेशन का शिकार हुए। नक्सलियों का गढ़ अब जवानों के कब्जे में कर्रेगुट्टा पहाड़ी को नक्सलियों का ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ या ‘ब्लैक हिल्स’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह क्षेत्र इतना घना और दुर्गम है कि शाम 4 बजे के बाद अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोग इस इलाके में जाने से डरते थे। सुरक्षाबलों ने न केवल पहाड़ी पर कब्जा किया, बल्कि वहां एक अस्थायी कैंप भी स्थापित किया, जिससे निगरानी और अभियान को और मजबूती मिलेगी। रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को चारों ओर से घेर लिया गया है। करीब 2,000 नक्सलियों को घेरने की खबर है, जबकि कुछ शीर्ष नक्सली नेता, जैसे हिड़मा, तेलंगाना की ओर भाग गए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नक्सलियों की गुफा का खुलासा अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर एक विशाल गुफा मिली, जो इतनी बड़ी थी कि इसमें 1,000 नक्सली छिप सकते थे। इस गुफा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री रखने की व्यवस्था थी। गुफा के अंदर एक प्राकृतिक सुरंग भी मिली, जो नक्सलियों के लिए भागने का रास्ता थी। जवानों ने इस गुफा पर भी कब्जा कर लिया। नक्सलियों का शांति प्रस्ताव, सरकार का इनकार नक्सलियों ने ऑपरेशन के दबाव में शांति वार्ता और युद्धविराम का प्रस्ताव दिया। सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय प्रवक्ता अभय और तेलंगाना कैडर के नक्सली शांता ने इसके लिए बयान और प्रेस नोट जारी किए। हालांकि, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने को कहा। स्थानीय लोगों में राहत, विकास की उम्मीद कर्रेगुट्टा पर सुरक्षाबलों के कब्जे के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने इस अभियान का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब क्षेत्र में शांति और विकास के रास्ते खुलेंगे। सुरक्षाबलों की योजना इस क्षेत्र में एक स्थायी चौकी (फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस) स्थापित करने की है, ताकि नक्सली गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उत्साह सुरक्षाबलों द्वारा जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा फहराते दिख रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक्स पर कई यूजर्स ने इसे ‘नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक जीत’ करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर लाल आतंक का पर्याय रही कर्रेगुट्टा पहाड़ी अब तिरंगे की शान के साथ जवानों के कब्जे में है।” सरेंडर और नक्सलियों पर बढ़ता दबाव अभियान के दौरान बीजापुर में 28.50 लाख रुपये के इनामी 14 नक्सलियों समेत कुल 24 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल थीं। इससे नक्सलियों पर बढ़ते दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मध्य प्रदेश की नई तबादला नीति 2025, 10 प्वाइंट में विस्तार से समझें, आज 1 से 30 मई तक राज्य में होंगे ट्रांसफर

भोपाल प्रदेश में आज से 30 मई तक तबादलों का मौसम एक्टिव रहेगा। राजधानी भोपाल और जिला मुख्यालयों में तबादले का इंतजार कर रहे अधिकारी-कर्मचारी ऑनलाइन और आफ लाइन आवेदन के जरिए अपनी पसंद की जगह पर तबादला कराने के लिए आवेदन करेंगे। इस दौरान राज्य स्तर से जारी होने वाले हर आदेश को संबंधित विभाग के ई-ऑफिस में रजिस्टर कराने के बाद ही जारी किया जा सकेगा। हालांकि तबादले की मंजूरी के 36 घंटे बाद भी सामान्य प्रशासन विभाग अभी तक 2025 की नई तबादला नीति जारी नहीं कर सका है। मोहन यादव कैबिनेट ने 29 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब गुरुवार से आवेदन लेने और आदेश जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। मंत्रियों ने सरकार से स्वैच्छिक आवेदन वाले तबादला आदेश को तबादला नीति में तय सीमा से अलग रखने की मांग की थी। लेकिन सीएम ने स्वैच्छिक आधार के तबादलों को भी इसी में शामिल रखने के निर्देश दिए हैं। कब कौन सी फाइल मूव हुई, ई-ऑफिस में होगी एंट्री ई-ऑफिस मॉड्यूल में ट्रांसफर फाइल के मूवमेंट से यह पता लग जाएगा कि जिस अधिकारी-कर्मचारी का ट्रांसफर किया जा रहा है, उसकी फाइल तबादले के लिए तय समय सीमा में ही मूव की गई है। जो फाइल 30 मई 2025 की रात 12 बजे के बाद मूव की जाएगी, उस तबादले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इस स्थिति के बारे में सभी मंत्रियों को भी बता दिया गया है। उनसे कहा गया है कि फाइल का मूवमेंट तय तारीख तक होने के बाद आदेश भले ही अगले दिन जारी हो जाए, लेकिन तबादले की समय सीमा के बाहर काम नहीं होना चाहिए। 36 घंटे बाद भी तबादला नीति जारी नहीं मोहन कैबिनेट ने मंगलवार (29 अप्रैल) को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे के करीब नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इसके बाद से 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति जारी नहीं कर सका है। ऐसे में विभागों के कर्मचारी आज से तबादले के लिए आवेदन भले ही करने लगेंगे पर किस आधार पर तबादले किए जाएंगे, अभी यह विभाग प्रमुखों को स्पष्ट नहीं है। सिर्फ पद संख्या के आधार पर किए जाने वाले तबादलों का प्रतिशत ही कैबिनेट की मंजूरी में साफ हुआ है। लेकिन विभागों को इसकी भी लिखित जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग अब एक मई को नई तबादला नीति के निर्देश जारी करेगा। नई तबादला नीति 2025, 10 प्वाइंट में विस्तार से समझें 1. तबादला नीति के तहत हर वर्ष कुछ दिनों के लिए तबादलों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाता है। सभी वर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर किये जाते हैं। नियमानुसार दूरस्थ जिलों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी अपने गृह जिले या पसंद के जिले में तबादला करवाते हैं। 2. सभी श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारी के तबादले किए जा सकेंगे। यह संख्या जीएडी द्वारा निर्धारित अधिकतम तबादला संख्या के आधार पर लागू होगी। आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक व राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी इस नीति के दायरे में सीधे नहीं आते। 3. कर्मचारियों को ट्रांसफर के लिए अपने विभाग की तरफ से तय की गई प्रक्रिया के आधार पर आवेदन करना होगा। कई विभाग आनलाइन आवेदन करवाएंगे। वहीं, कुछ में ऑफलाइन प्रक्रिया चलेगी। विभागीय मंत्री और विभाग के प्रमुख के यहां आवेदन जमा हो सकेंगे। 4. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले सीधे विभागीय मंत्री कर सकेंगे। 5. मंत्री अपने विभागों में एक से दूसरे जिले में अधिकारी, कर्मचारी के टआ कर सकेंगे। इसके अलावा वे अपने प्रभार के जिलों में जिले से जिले के अंदर तबादला कर पाएंगे। 6. विधायक अपनी पसंद के अधिकारी, कर्मचारी को अपने जिले या क्षेत्र में पदस्थ कराने के लिए अनुशंसा के लिए स्वतंत्र रहेंगे। 7. तबादला आदेश जारी होने के 15 दिन तक कर्मचारी-अधिकारी नए पदस्थापना स्थल पर जॉइन करना होगा। 8. जब प्रदेश में तबादला नीति लागू नहीं थी तब भी तबादले हो रहे थे। लेकिन यह तबादले प्रशासनिक आधार पर किए जा रहे थे। कुछ मामलों में स्वैच्छिक आधार पर मंत्री, प्रमुख सचिव की सहमति से तबादले हो रहे थे। 9. कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले प्रदेश के एक से दूसरे जिले में हो सकेंगे। इसके अलावा जो कर्मचारी जिले में पदस्थ हैं और वे जिले में ही अन्य स्थान पर पदस्थ होना चाहते हैं तो वे भी तबादला करवा सकेंगे। 10. शासकीय नौकरी में पदस्थ पति-पत्नी को एक ही जिले में तबादला के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। नई तबादला नीति के प्रमुख बिन्दु     स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 में 1 मई 2025 से 30 मई 2025 तक की अवधि के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध शिथिल किया गया है।     प्रत्येक पद/संवर्ग में वर्ष में प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक (प्रतिबंध अवधि एवं प्रतिबंध शिथिलीकरण अवधि को मिलाकर) स्थानांतरण निर्धारित संख्या तक किए जा सकेंगे।     पद/संवर्ग की संख्या 200 तक 20 प्रतिशत, 201 से 1000 तक 15 प्रतिशत, 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत, 2001 से अधिक 5 प्रतिशत के आधार पर स्थानांतरण किये जायेंगे।     स्वैछिक ट्रांसफर भी इसमें ही जोड़े जायेंगे यानि स्वैच्छिक ट्रांसफर में भी इसी अनुपात का ध्यान रखा जायेगा। कोई भी विभाग अपनी तबादला नीति बना सकता है लेकिन उसे सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृति लेनी होगी और फिर इसी अनुपात और इसी अवधि में तबादले कर सकता है।     ई-ऑफिस के माध्यम से स्थानांतरण होंगे। विभाग अपने स्तर पर भी नीति बना सकता हैं।     जिलों में तबादला आदेश के 15 दिन बाद तक ज्वाइन करना होगा, कर्मचारी-अधिकारी नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन नहीं करेगा तो सरकार उस पर निलंबन की कार्रवाई भी कर सकती है।     कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले प्रदेश के एक से दूसरे जिले में हो सकेंगे।     जो कर्मचारी जिले में पदस्थ हैं और वे अपने गृह विधानसभा या तहसील में पदस्थ होना चाहते हैं, तो वे जिला स्तर पर आवेदन कर अपने तबादले करा सकेंगे। एमपी में 2023 से लगा हुआ था तबादलों पर प्रतिबंध गौरतलब है कि 2023 में हुए एमपी विधानसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में तबादलों पर बैन लगा हुआ था और नई तबादला नीति घोषित नहीं की गई थी, जिसके चलते … Read more

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर के डे-स्कॉलर विशेष बच्चों के लिए निःशुल्क बस सेवा का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को एक बड़ी सौगात देते हुए दो विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें रायपुर और बिलासपुर स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों में अध्ययनरत डे-स्कॉलर बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सुविधा विशेष बच्चों के लिए न केवल सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास, शिक्षा की निरंतरता और सामाजिक समावेश को भी मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल उन माता-पिता के लिए भी राहत लेकर आएगी, जो अपने बच्चों की दैनिक आवाजाही को लेकर चिंतित रहते हैं, विशेष रूप से जब दोनों अभिभावक कार्यरत हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर विशेष आवश्यकता वाले बच्चे तक पहुँचा जाए और उन्हें एक बेहतर जीवन देने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यह बस सेवा केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विशेष बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि शिक्षा तक पहुंच सभी बच्चों का अधिकार है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी शारीरिक बाधा के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उल्लेखनीय है कि इन विशेष बसों के संचालन से रायपुर और बिलासपुर के सैकड़ों दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को प्रतिदिन सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा का अवसर मिलेगा, जिससे वे मुख्यधारा की शिक्षा से सहज रूप से जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी एवं समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में मई खूब तपेगा, पारा 48 डिग्री पहुंचेगा, इस हफ्ते बारिश- ओले के आसार, बैतूल में तेज आंधी से टावर गिरा

भोपाल अमूमन मई-जून में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। इस बार भी मध्यप्रदेश में मई महीना खूब तपने वाला है। इस सब के बावजूद मई के पहले हफ्ते में बारिश और ओले गिरने के आसार हैं। महीने के अंतिम सप्ताह में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। कुछ जिलों में पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। गुरुवार, को बैतूल में BSNL का टावर गिरने से चार मवेशियों की मौत हो गई। मध्यप्रदेश में मई महीने में भीषण गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान और उत्तर प्रदेश बॉर्डर से जुड़े एमपी के जिलों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इस बार भी ऐसी ही गर्मी पड़ सकती है। खरगोन, खंडवा और रतलाम में 43 डिग्री के पार पहुंचा पारा बुधवार को सबसे गर्म मालवा-निमाड़ यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर रहे। खरगोन में 43.2 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 43.1 डिग्री, रतलाम-शाजापुर में 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान पहुंच गया। वहीं, गुना, नरसिंहपुर, धार, सागर, शिवपुरी, टीकमगढ़, रायसेन और दमोह में पारा 41 डिग्री से ऊपर ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 41.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 39.3 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया है। बैतूल में BSNL का टावर गिरा बुधवार को दिनभर की गर्मी के बाद शाम को कई शहरों में तेज आंधी आई। बैतूल के भीमपुर खंड के पिपरिया गुरुवा में 100 फीट ऊंचा BSNL का टावर गिर गया। इस हादसे में एक किसान के चार बैल मारे गए और दो घायल हुए। हालांकि, किसी इंसान के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं, इंदौर में भी शाम को तेज हवा चलने लगी, जिससे एक पेड़ गिर गया। भोपाल में शाम 4 बजे के बाद बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इंदौर-उज्जैन में सबसे ज्यादा गर्मी बुधवार को इंदौर और उज्जैन के शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी। खरगोन में तापमान 43.2 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री और रतलाम-शाजापुर में 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं गुना, नरसिंहपुर, धार, सागर, शिवपुरी, टीकमगढ़, रायसेन और दमोह में तापमान 41 डिग्री से ऊपर चला गया। बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 41.6 डिग्री, ग्वालियर में 39.3 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 39 डिग्री सेल्सियस का तापमान देखा गया। इस महीने 48 डिग्री पहुंचेगा टेम्प्रेचर मौसम विभाग के मुताबिक, मई का महीना गर्मी के लिए बहुत खास होता है। इस महीने में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 सालों के आंकड़ों के अनुसार, कई शहरों में तापमान 47-48 डिग्री तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी एक ट्रेंड होता है। इस बार मई की शुरुआत में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, 30 अप्रैल को प्रदेश में गर्मी, आंधी और बारिश का मौसम रहा। मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ रहेगा। हालांकि, एक दिन पहले 30 अप्रैल को प्रदेश में गर्मी, आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। पहले सप्ताह में ओले और बारिश का अलर्ट मई के पहले सप्ताह में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। अगले 4 दिन यानी 1 से 4 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से में बादल, बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओले गिरने की संभावना है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक्टिव होने से अगले 24 घंटे में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडोरी में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। इस हफ्ते ओले-बारिश का अलर्ट मई के पहले हफ्ते में मौसम का मिक्स असर देखने को मिलेगा। अगले 4 दिन, यानी 1 से 4 मई तक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल, बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओले गिरने की उम्मीद है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से अगले 24 घंटे में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडोरी में हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम ? 1 मई को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 2 मई को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, इंदौर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल में भी आंधी चल सकती है। 3 मई को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की चेतावनी है। वहीं ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, हरदा, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी और अनूपपुर में … Read more

देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है सजग और प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मंत्री जायसवाल देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के उत्कृष्ट स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज रायपुर मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित टीबी उन्मूलन एवं एनक्यूएएस (NQAS) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग, संवेदनशील और सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ भी पूरे समर्पण और संकल्प के साथ काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य को सर्वश्रेष्ठ ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है। राज्य की 4103 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए टीम भावना से काम करना जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। गौरतलब है कि निक्षय निरामय अभियान के अंतर्गत राज्य में 36 लाख से अधिक हाई रिस्क व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, 4.5 लाख एक्स-रे जांच और 1.5 लाख टीबी जांच उच्च तकनीक NAT मशीनों से की गई। इन प्रयासों से 100 दिनों के भीतर 17 हजार नए टीबी मरीजों की पहचान कर उपचार प्रारंभ किया गया। साथ ही 3130 नए नि-क्षय मित्रों का पंजीयन कर, 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य तय करना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देना है। टीबी के खिलाफ हमारी यह लड़ाई अब केवल अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सेवा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि ‘नि-क्षय मित्र’ अभियान ने प्रदेश में सामुदायिक भागीदारी की एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा और सभी स्वास्थ्यकर्मी इसे अपना व्यक्तिगत संकल्प मानें। सम्मान समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलों को पुरस्कृत किया गया। 350 से कम पंचायतों की श्रेणी में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को पहला, कोरिया को दूसरा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, 350 से अधिक पंचायतों की श्रेणी में जशपुर को प्रथम, सरगुजा को द्वितीय और रायगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। नि-क्षय मित्र पहल श्रेणी में गरियाबंद को प्रथम और रायपुर को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान में उच्च वरीयता वाले जिलों के अंतर्गत नारायणपुर को प्रथम और कोंडागांव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि निम्न वरीयता वाले जिलों में कांकेर को पहला और मुंगेली को दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण (NQAS) श्रेणी में रायपुर को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय और दुर्ग को तृतीय पुरस्कार मिला। इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में संचालक डॉ. सुरेंद्र पामभोई, विभागीय अधिकारीगण, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, डीपीएम सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ग्राम दाउदखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर 70 नव-दम्पतियों को दिया आशीर्वाद

सामूहिक विवाह सामाजिक सुधार का है महत्वपूर्ण कदम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के सभी केन्द्र धार्मिक केन्द्रों के रूप में किए जाएंगे विकसित- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ग्राम दाउदखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर 70 नव-दम्पतियों को दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश एवं प्रदेशवासियों को परशुराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल महालोक कॉरिडोर की सौगात के बाद से उज्जैन ने विकास के नित नए आयाम स्थापित किए हैं। उज्जैन को धर्म और धार्मिक पर्यटन का मुख्य केन्द्र बनाया जा रहा है। धर्म ही समाज को एक सूत्र में पिरोता है। सामूहिक विवाह का आयोजन सामाजिक सुधार का महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दाउदखेड़ी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह का आयोजन सामूहिक रूप से करने से मितव्ययता आती है और वैवाहिक कार्यक्रम के लिए अनावश्यक कर्ज का बोझ नहीं पड़ता है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्रत्येक वधु को 49 हजार रूपये एवं आयोजनकर्ता निकाय को प्रति कन्या 6 हजार रूपये प्रदान किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना हुई एक वरदान साबित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्रिकालदर्शी महामृत्युंजय बाबा महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के पुण्य अवसर पर आज प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब परिवार की कन्याओं का विवाह कराने के लिए माता-पिता कर्ज में डूब जाया करते थे। बेटी के जन्म के साथ ही उसकी शादी की चिंता सताने लगती थी, लेकिन अब सरकार बेटियों का कन्यादान कर रही है। माता-पिता अब बेटियों के जन्म पर उदास नहीं होते, बधाई गीत गाते हैं। निर्धन परिवारों की बेटियों के वि वाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना एक वरदान साबित हुई है। सामूहिक विवाह आज समाज में परिवर्तन का माध्यम बन रहे हैं, इन आयोजनों के माध्यम से समाज में समरसता और अपनत्व की भावना भी बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल 70 नवदंपत्तियों को बधाई एवं आशीर्वाद दिया। हमारा प्रदेश महिला सशक्तिकरण का रोल-मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में हो रहे प्रयासों को देश भर में सराहा जा रहा है। मध्यप्रदेश मॉडल को विभिन्न राज्यों ने अपनाया है। कई राज्य हमारी योजनाओं का अनुसरण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण का जो संकल्प लिया है, हमारी सरकार उसी के अनुरूप महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक संबल देने एवं नारी सशक्तिकरण के लिए हर कदम उठा रही है। प्रदेश में नारी शक्ति के कल्याण और विकास के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 27 हजार 147 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 5 लाख 3 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन स्व-सहायता समूहों से 62 लाख 30 हजार से अधिक महिला सदस्य जुड़ी हैं और सरकार की आजीविका विकास योजनाओं से लाभान्वित हो रही हैं। बहनों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। सड़कों और सेतु निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास ने पकड़ी नई रफ्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के स्थानों को धार्मिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में सड़क,सेतु और आधारभूत संरचनाओं का विकास कर ग्रामीण अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर,जनपद अध्यक्ष उज्जैन श्रीमती भंवरबाई,जनप्रतिनिधी संजय अग्रवाल,शोभाराम मालवीय, दीपक चौधरी,सरपंच पुष्पा उदय सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ब्रह्म भट्ट क्षत्रिय समाज के 38वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए सम्मिलित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में अखिल भारतीय ब्रह्म भट्ट क्षत्रिय समाज के 38वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 23 नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने वाले समाजसेवी राधेश्याम परमार एवं उनकी टीम को सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव-दम्पत्तियों को उपहार स्वरूप चांदी की पायजेब भेंट की। उन्होंने नव-दम्पत्तियों से चर्चा कर उनके सुखद वैवाहिक मंगलमय जीवन के लिए मंगलकामनाएं दी। समारोह में ब्रह्मभट्ट समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet