LATEST NEWS

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक हितग्राहियों को 600 करोड़ रुपए किए अंतरित

कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा पीएम मित्र पार्क से लाभ, 3 लाख रोजगार होंगे सृजित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने उमरबन में सामूहिक विवाह सम्मेलन में 2123 नव विवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक हितग्राहियों को 600 करोड़ रुपए किए अंतरित 85 लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की प्रथम किश्त की 1704.94 करोड़ राशि ट्रांसफर 1870 करोड़ लागत की धार माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना और 277 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान), और नारी सशक्तिकरण के लिए 4 मिशन लॉन्च किए हैं। हितग्राहियों को कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र से राज्य सरकार प्रदेश को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए संकल्पित है। युवाओं को रोजगार, लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता, गरीब जरूरतमंदों के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था है। जनजातीय क्षेत्रों सहित प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं का जाल बिछाया है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाकर प्रदेश के सिंचित रकबे को 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 1 लाख हेक्टेयर करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए केन-बेतवा लिंक और पार्वती-चंबल-कालीसिंध लिंक परियोजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि धार को पीएम मित्र पार्क की सौगात केन्द्र से मिली है। यहां 2100 करोड़ से औद्योगिक पार्क आकार लेगा और लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। धार अंचल के किसान कपास की खेती करेंगे तो उन्हें भी अधिक लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार के उमरबन में आयोजित सामूहिक विवाह एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी, विधायक हीरालाल अलावा, विधायक कालू सिंह ठाकुर ,श्रीमती रंजना बघेल, चंचल पाटीदार, सरदार सिंह सहित बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। उमरबन में परिणय सूत्र में बंधे 2123 जोड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उमरबन में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधे 2123 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि आज उमरबन की धरती से प्रदेश को कई सौगातें मिली हैं। कन्या विवाह योजना में बेटियों को प्रावधान के अनुसार 49 हजार का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही सामूहिक विवाह सम्मेलन में कल्याणी विवाह और अन्तर्जातीय विवाह करने पर राज्य सरकार की ओर से 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह में गैर-जरूरी खर्च से बचा जाए और यह राशि परिवार और बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी कार्यों पर खर्च किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनों का भाई गरीब से गरीब की बेटी का विवाह कराएगा। 27 हजार से अधिक संबल हितग्राहियों को 600 करोड़ रूपए अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में प्रदेश के 27 हजार से अधिक संबल हितग्राहियों को 600 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संबल योजना से जुड़ने वाले सभी परिवारों को मुश्किल समय में सहायता प्रदान करती है। पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड योजना का भी लाभ मिल रहा है। हितग्राहियों का 5 लाख रुपए तक का इलाज फ्री है। हमारी सरकार ने सभी आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में संकट या कोई कष्ट आएगा तो सरकार हर संभव सहायता करेगी। लाड़ली बहनों के खातों में भी हर महीने 1250 रुपए आते रहेंगे। 1870 करोड़ लागत की धार माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1870 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली धार माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं धार जिले के लिए 277 करोड़ के लागत से विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने प्रदेश के 85 लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना वर्ष 2025-26 की प्रथम किश्त के रूप में 1704.94 करोड़ रुपए की राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्य प्रदेश में समृद्धि लाएंगे। प्रदेश का सिंचाई रकबा 55 लाख हेक्टेयर हो चुका है, अब इसे 1 लाख करोड़ हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। उमरबन के 1 लाख 3 हजार किसानों को भी नई सिंचाई परियोजना का लाभ मिलेगा। जनजातीय समुदाय के विकास का संकल्प पूर्ण कर रही प्रदेश सरकार केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में केन्द्र की सभी कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रहा है। धार जिले में हर खेत तक पानी पहुंचाने का कार्य हो रहा है। जनजातीय समुदाय के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को पूरा किया जा रहा है। बुजुर्गों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ जनकल्याणकारी कार्यों में लगी है। नारी सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर कृषि विभाग सहित अन्य विभागों की विकास प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन धार की ओर से प्रकाशित “देवस्थानम” पुस्तक का विमोचन भी किया।  

रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ

देश की संस्कृति उदार एवं महान है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नवदम्पत्तियों को दी शुभकामनाएं कालापीपल के रामपुरा में मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह में सम्मिलित हुए रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ भोपाल हमारी संस्कृति उदार और महान है। दुनिया में ऐसी कोई संस्कृति नहीं है, जिसमें भारत की तरह हर कार्य संस्कार के अनुसार होते हैं। हमारी संस्कृति में जन्म से लेकर मृत्यु तक संस्कार हैं, जिसमें पाणिग्रहण संस्कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में संबोधित करते हुए यह बात कही। सामुहिक विवाह में कुल 1247 विवाह हुए, जिसमें 1133 कन्याओं का विवाह हिन्दु रीति रिवाज के साथ तथा 114 निकाह हुए। कार्यक्रम में नवविवाहित दम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि 49 हजार रूपये के चेक प्रदान किए गये। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक प. प्रदीप मिश्रा, संतकल्याणदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतश्यामदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतरामगिरी महाराज, रघुनाथदास महाराज, विष्णुपुरी महाराज, सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी, क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, डॉ. रवि पाण्डे एवं अशोक नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियां नए परिवार की सदस्य बनने जा रही है, जहां उसे नए माता-पिता मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बेटी को नए परिवार के सदस्य आदर एवं सम्मान दें। बेटियां भी नए परिवार के सदस्यों का आदर करें। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया आज हमारी संस्कृति की तरफ बड़ी आशा भरी निगाहों से देखती है, वो हमारी संस्कृति को जानना एवं समझना चाहती है। हमारी तो संस्कृति इतनी उदार और महान है कि जो व्यक्ति अपना घर, संसार सब छोड़ देते हैं, उसके चरणों में प्रणाम करके अपना जीवन धन्य मानती है। यह हमारी संस्कृति वह है जो संग्रह करने में विश्वास नहीं करती, अपितु अपनी वस्तु दूसरों को देकर सुख महसूस करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की दिशा क्या होना चाहिए? सरकार की सोच क्या होना चाहिए, सरकार के मनोभाव क्या होना चाहिए, इसका आदर्श उदाहरण हमारे अपनी संस्कृति से आता है। प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों पर धार्मिक तीर्थ स्थल बनाएंगे। भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव को विकसित किया जायेगा। प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में एक गीता भवन बनाएंगे, जहां युवाओं को पढ़ने का स्थान उपलब्ध कराने के लिए अच्छी लायब्रेरी बनाई जायेगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश ना केवल फल-फूल रहा है, बल्कि सुख, आनन्द, वैभव के साथ विकास के समृद्धि के सारे द्वार भी खोल रहा है। देश के दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने के लिए देश के खिलाफ काम करने वाले आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने में हमारी सरकार सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य गरीबों, महिलाओं, किसानों एवं समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए उनका विकास करना एवं बेहतर जीने के संसाधन मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आने वाले वर्षों में किसानों से 2700 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी होगी। वर्तमान में 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे समृद्धशाली बनें। किसानों के लिए 05 रूपये में बिजली का कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है। शाजापुर जिले में नदी जोड़ो अभियान के तहत पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना से किसान लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को एक-एक खेत को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 5 लाख रूपये लगते हैं, सरकार 10 प्रतिशत की राशि में यानी की 50 हजार रूपये में सोलर पंप देगी, इससे किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सोलर पंप के उपयोग के उपरांत बची हुई बिजली को सरकार भी खरीदेगी, इससे किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के लिए इन्दौर-उज्जैन संभाग के सभी किसानों को लेकर मन्दसौर के सीतामऊ में 03 मई को मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसानों के लिए उन्नत खेती, उद्योग आदि की जानकारी उपलब्ध रहेगी। किसानों को फसलों की बेहतर कीमत उपलब्ध कराने के लिए संभागों में कृषि का महाकुम्भ लगाकर किसानों की बेहतरी के लिए काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार गौ-पालन को प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। सरकार के माध्यम से गौशालाएं संचालित होगी। गौ-शालाओं को 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। सरकार दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। प्रदेश दूध उत्पादन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर है। सरकार इसे पहले स्थान पर लाने के लिये काम करेगी। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कालापीपल क्षेत्र के रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में 1247 कन्याओं के विवाह पर स्थानीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सामुहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। यहां 114 मुस्लिम कन्याओं का निकाह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास के क्षेत्र में प्रदेश को नम्बर वन बनाया है। प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर माँस का विक्रय बंद कराया, वही धार्मिक स्थलों एवं नगरों में शराब का विक्रय बंद कराकर नशामुक्त क्षेत्र बनाया है। उन्होंने दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं अशीर्वाद दिया। कार्यक्रम ओएमजी के पर्यवेक्षक प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता ने विश्व रिकार्ड का प्रमाण पत्र भी दिया। उन्होंने यह प्रमाण पत्र सामुहिक विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में हुए सामुहिक विवाह और कम समय में विवाह संपन्न कराने तथा कई लोगों को एक साथ भोजन कराने पर बने रिकार्ड पर दिया।  

धोनी की CSK ने रचा शर्मनाक इतिहास, प्लेऑफ की रेस से हुई बाहर

चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के 49वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 4 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस हार के साथ ही सीएसके की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद भी खत्म हो गई है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. सीएसके की टीम पूरे 20 ओवर नहीं खेल सकी और 190 पर सिमट गई थी. चहल ने 19वें ओवर में हैट्रिक लगाई और एक ओवर में 4 विकेट झटके थे. इसके जवाब में उतरी पंजाब ने अय्यर की तूफानी पारी के दम पर ये मैच 20वें ओवर में चेज कर लिया. ऐसी रही पंजाब की बल्लेबाजी 191 के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी रही. प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन ने कमाल की शुरुआत की. दोनों के बीच 44 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 5वें ओवर में खलील ने प्रियांश का विकेट झटका. प्रियांश ने 23 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और प्रभसिमरन के बीच शानदार साझेदारी हुई. दोनों ने 10 ओवर में पंजाब का स्कोर 90 के पार पहुंचा दिया. लेकिन 13वें ओवर में प्रभसिमरन का विकेट गिर गया. प्रभसिमरन ने 54 रनों की पारी खेली. लेकिन एक छोर पर कप्तान श्रेयस अय्यर टिके रहे. उन्होंने 32 गेंदों पर फिफ्टी लगाई. इसके बाद नेहाल वढ़ेरा भी सस्ते में आउट हो गए. लेकिन अय्यर ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी रखी. अय्यर ने 42 गेंद में 72 रनों की आतिशी पारी खेली और 19वें ओवर में उनका विकेट गिरा. लेकिन उनकी इस पारी के दम पर पंजाब ने ये मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया. इस हार के साथ ही चेन्नई की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद भी खत्म हो गई है. ऐसी रही चेन्नई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में चेन्नई को पहला झटका लगा जब शेख रसीद को अर्शदीप ने अपना शिकार बनाया. रसीद के बल्ले से केवल 11 रन ही निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में आयुष म्हात्रे भी अपना विकेट गंवा बैठे. आयुष के बल्ले से 7 रन आया. इसके बाद जडेजा अच्छी लय में दिख रहे थे. लेकिन छठे ही ओवर में बरार ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखाया. जडेजा के बल्ले से 17 रन आए. हालांकि, इसके बाद सैम करन और डेवाल्ड ब्रेविस के बीच एक अच्छी साझेदारी पनपी. हालांकि, 15वें ओवर में ब्रेविस का विकेट गिरा और 78 रनों की पार्टनरशिप टूट गई. लेकिन दूसरे छोर पर सैम करन टिके रहे. सैम करन ने 30 गेंद में अर्धशतक जड़ा. फिफ्टी जड़ने के बाद करन ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की. 18वें ओवर में उनका विकेट गिरा. करन ने 47 गेंद में 88 रनों की तूफानी पारी खेली. दुबे के साथ भी उनकी 46 रनों की साझेदारी हुई. एमएस धोनी के बल्ले से 11 रन निकले. उन्होंने चहल के ओवर में एक छक्का लगाया. लेकिन इसके बाद चहल ने हैट्रिक लगाई. 19वें ओवर में चहल ने कुल 4 विकेट झटके. चेन्नई की टीम 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 190 रन पर ही सिमट गई. चेपॉक में लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी चहल ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चेपॉक स्टेडियम में खेलते हुए एक ही ओवर में चार विकेट लेकर इतिहास रच दिया. इस ओवर में उन्होंने हैट्रिक भी पूरी की, जो आईपीएल में उनकी दूसरी हैट्रिक थी. इससे पहले उन्होंने 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ ब्रेबोर्न स्टेडियम में हैट्रिक ली थी. एक ओवर में 4 विकेट लेने वाले गेंदबाज अमित मिश्रा (SRH vs PWI, पुणे 2013) – युजवेंद्र चहल (RR vs KKR, ब्रेबोर्न 2022) – आंद्रे रसेल (KKR vs GT, नवी मुंबई 2022) – युजवेंद्र चहल (PBKS vs CSK, चेन्नई 2025) आईपीएल में सर्वाधिक हैट्रिक – अमित मिश्रा – 3 (2008, 2011, 2013) – युवराज सिंह – 2 (2009) – युजवेंद्र चहल – 2 (2022, 2025) आईपीएल में सर्वाधिक 4+ विकेट हॉल – युजवेंद्र चहल – 9 – सुनील नारायण – 8 – लसिथ मलिंगा – 7 – कगिसो रबाडा – 6 पंजाब किंग्स के लिए हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज – युवराज सिंह – 2 – अमित मिश्रा – 1 – सैम करन – 1 – युजवेंद्र चहल – 1 चहल का यह प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उनकी टीम के लिए भी गेम-चेंजर साबित हुआ है. उनकी गेंदबाजी ने पंजाब किंग्स को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई हैं और उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखा है. बता दें कि इस मुकाबले में टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. सीएसके की टीम पूरे 20 ओवर नहीं खेल सकी और 190 पर सिमट गई थी. चहल ने 19वें ओवर में हैट्रिक लगाई और एक ओवर में 4 विकेट झटके थे. इसके जवाब में उतरी पंजाब ने अय्यर की तूफानी पारी के दम पर ये मैच 20वें ओवर में चेज कर लिया. प्लेऑफ की दौड़ से हुई बाहर चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 10 मैच में 8वीं हार के साथ ही आईपीएल 2025 के प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है। सीएसके ने मुंबई के खिलाफ जीत के साथ सीजन की शुरुआत की थी लेकिन उसके बाद उसका हाल बेहाल हो गया। सीएसके उसके बाद नौ मुकाबलों में से केवल एक लखनऊ के खिलाफ लखनऊ में जीत दर्ज कर सकी और 8 मुकाबले गंवा दिए। इसके साथ ही उसका आईपीएल 2025 में सफर खत्म हो गया।​ चेपॉक में मिली लगातार पांच हार सीएसके ने आईपीएल इतिहास में पहली बार अपने घरेलू मैदान में लगातार पांच मैच गंवाए हैं। इससे पहले साल 2008 में चेन्नई ने अपने घरेलू मैदान पर 7 में से चार मैच गंवाए थे। 18 साल बाद घर पर सीएसके का हाल बेहाल हुआ है। चेन्नई को आरसीबी, दिल्ली कैपिटल्स, केकेआर, सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के खिलाफ घर पर हार मिली है।​ लगातार दूसरी बार प्लेऑफ में नहीं हुई एंट्री चेन्नई सुपर किंग्स 18 साल के आईपीएल के इतिहास में लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर हो गई है। पिछले सीजन आखिरी वक्त में आरसीबी ने नेट रन रेट के आधार पर सीएसके को पीछे छोड़ दिया था। 2020 के बाद तीसरी बार सीएसके प्लेऑफ में पहुंचने में … Read more

836 करोड़ की लागत से भोपाल के 16 KM लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून से

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रत्नागिरी इलाके से लेकर आशाराम तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बाइपास मार्ग के चौड़ीकरण का काम 1 जून 2025 से शुरू होने जा रहा है। काम की लागत 836 करोड़ रुपए आने की संभावना है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंयक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने इस संबंध में मंत्रालय में निर्माण एजेंसी एनएचएआई के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारियों निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की।  इस दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नरवाल ने बताया कि, सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि यातायात बाधित न हो। चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ों को हटाया जाएगा। साथ ही, इनके बदले में इसी सड़क पर चार गुना से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। सड़क चौड़ीकरण में आने वाले बिजली पोल- पाइप लाइन को शिट करने के लिए भी समय सीमा तय की गई है। 6 प्लस 2 यानी 8 लेन होगी सड़क राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि, करीब 2 साल में इस परियोजना को पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य का दायित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 836 करोड़ रुपए है। चौड़ीकरण का काम 1 जून से शुरू होगा। मुख्य सड़क निर्माण से पहले सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि शहर का यातायात बाधित न हो। यह बायपास वर्तमान में 6 लेन है। 2 सर्विस रोड निर्माण के बाद यह 8 लेन हो जाएगा। आनंद नगर में बनेगा फ्लाई ओवर बैठक में आनंद नगर लाई ओवर निर्माण, रत्नागिरी तिराहे पर मैट्रो रेल लाई ओवर निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों उकी समीक्षा की गई। आनंद नगर फ्लाई ओवर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। मेट्रो के लिए भी यहां काम होगा और एलिवेटेड लेन बनेगी। उन्होंने बायपास चौड़ीकरण के दौरान 8 हजार पेड़ों की कटाई के बदले 4 गुना अधिक पौधों का रोपण करने का दावा किया हैं। इस बायपास के दोनों ओर 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे। यह प्रदेश की आदर्श सड़क बनेगी राज्यमंत्री गौर ने स्पष्ट कहा हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की अड़चन को जल्द रूप से हल किया जाएं। कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो जल्द से जल्द कार्य को पूरा करना हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रदेश की एक आदर्श सड़क बनेगी, जिसमें फ्लाईओवर और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।

राजधानी भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी, मैनिट के एक्सपर्ट ने तैयार किया रूट प्लान

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड और मैनिट के एक्सपर्ट हैदराबाद की तर्ज पर भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मॉडल तैयार कर रहे हैं। पिछले दिनों हैदराबाद से लाकर कुछ बसों को ट्रॉयल किया गया।   24 लाख आबादी के बीच 200 बसें करीब 24 लाख की आबादी वाले भोपाल शहर में अभी 200 लो लोर बसें संचालित हैं। इनके अलावा कुछ बसें स्थानीय ऑपरेटर्स संचालित करते हैं, इन बसों में क्षमता से 3 गुना ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इलेक्ट्रिक बसों के सीमित संख्या में चलते यह समस्या और बढ़ सकती है। अरेरा हिल्स, राज भवन और न्यू मार्केट मैनिट के विशेषज्ञ यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि भोपाल के पहाड़ी इलाकों में ओवरलोडेड बसों के संचालन में कोई समस्या न हो। खासकर, अरेरा हिल्स, राज भवन और न्यू मार्केट जैसे चढ़ाई वाले रूट पर इलेक्ट्रिक बसों को आने जाने में परेशनी न हो।    मैनिट के विशेषज्ञों की टीम शहर के पहाड़ी इलाकों के हिसाब से इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की पूरी संख्या भरने के बाद लोडेड व्हीकल को पहाड़ी की ऊंचाई पर चलने योग्य रूट का चयन करेगी। अरेरा हिल्स, राज भवन, न्यू मार्केट जैसे घाट क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों ने बेहतर प्रदर्शन किया था। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड अब इस बात को सुनिश्चित करना चाह रहा है की दोगुनी संख्या में यात्रियों को लेकर चलने के दौरान इन बसों के संचालन में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। इसलिए परीक्षण जरूरी भोपाल शहर 24 लाख की आबादी वाला शहर है। इसके मुकाबले भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड एकमात्र ऐसी संस्था है जो सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराती है। शहर में बीसीएलएल के अलग-अलग ठेकेदार 200 लो लोर बसों को संचालित करते हैं जिनमें क्षमता से तीन गुना तक ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इलेक्ट्रिक बसों के सीमित संख्या में चलने के बाद भी यही हश्र हो सकता है। बीसीएलएल चला रही लो फ्लोर बसें भोपाल में लो फ्लोर बसों के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी बीसीएलएल के डायरेक्टर मनोज राठौर ने ई-बसों के संचालन की तैयारियां की जा रही हैं। विषय विशेषज्ञों से भी इसके लिए सलाह ली जा रही है। EV हब बनेंगे इंदौर-भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल और इंदौर को ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) हब के रूप में विकासित करने का ऐलान किया है। इन शहरों में ई-रिक्शा और ई-बसों के संचालन पर जोर दिया जा रहा है। आम नागरिकों को भी ई-कार और ई-बाइक खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके लिए चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने का प्रयास जारी है।

भेल की 4 हजार एकड़ जमीन पर लगेंगे उद्योग, मोहन सरकार ने जमीन लेने के लिए बनाई कार्ययोजना

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बीचों-बीच हजारों एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस पर चाहकर भी मध्यप्रदेश सरकार विकास कार्य नहीं कर पा रही है। यहां पर हजारों एकड़ भूमि खुले रूप में मौजूद है। जिस पर अवैध कब्जा हो चुका है। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इसे लेने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिया है। दरअसल, यह भूमि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) की है। पूर्व में यह जमीन सरकार मांग चुकी है, लेकिन भेल ने इसे देने से मना कर दिया। अब सरकार इस जमीन को भेल से लेकर उसका पुनर्विकास करने का प्लान बना रही है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की निगरानी में यहां प्लान तैयार हो रहा है। 4000 एकड़ पर विकास कार्य का मॉडल यह जमीन थोड़ी बहुत नहीं, बल्कि 4 हजार एकड़ है। जब तक जमीन नहीं मिल जाती, तब तक विकास मॉडल के आधार पर यहां काम किया जाएगा। ये ऐसे मॉडल होंगे, जिनमें भेल की अतिक्रमण वाली खाली पड़ी जमीनों पर भोपाल के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे हाईराइज बिल्डिंग व औद्योगिक इकाईयों का निर्माण किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह पहल भोपाल के विकास के साथ भेल को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम करेगी। राजस्व का होगा 50-50 बंटवारा सरकार भेल से यह जमीन यूं ही नहीं लेने वाली। इसके बदले में जमीन का कुछ हिस्सा भेल को भी विकसित करके दिया जाएगा। यही नहीं, इस जमीन में लगने वाले उद्योग या अन्य साधनों से मिलने वाले राजस्व को भेल और शासन के बीच 50-50 फीसदी बांटे जाने का प्लान है। क्या है भेल करीब 62 वर्ष पहले भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) को भोपाल में 6000 एकड़ जमीन मिली थी। इसमें से करीब 764 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। करी 700 एकड़ पर निजी खेती की जा रही है। 90 एकड़ जमीन पर जंबूरी मैदान है और करीब 12 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अन्ना नगर बसा है। कुछ वर्ष पहले राज्य शासन ने भेल से जमीन मांगी थी, लेकिन भेल प्रशासन ने साफ-साफ मना कर दिया था। केंद्र सरकार से ऐसे मांगेगे जमीन दरअसल, भोपाल को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है। लेकिन भोपाल के एक ओर वन क्षेत्र की बड़ी सीमा है, जिसे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। यहां विकास नहीं किया जा सकता। दूसरा भोपाल झीलों की नगरी है, बड़ा तालाब रामसर साइट है। यह भोपाल की बड़ी सीमा को घेरता है। दूसरे तालाब व नदियां भी हैं, उन्हें प्रभावित नहीं किया जा सकता। वहीं, भोपाल का बड़ा हिस्सा भेल को दी जमीन से लगा है। उक्त जमीन का बड़ा हिस्सा खाली है। भोपाल से लगे बाकी जो क्षेत्र बचे हैं, उनमें लगातार विकास हो रहा है, आबादी बस रही है। ऐसे में भेल की जमीन सरकार के लिए उपयोगी हो सकती है। यहां विकास के ऐसे कार्य किए जाए जिससे राजस्व की प्राप्ति हो सके। खाली जमीन पर हो रहा अतिक्रमण भेल को मिली 6 हजार एकड़ जमीन में से अभी तक 2000 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस खाली पड़ी जमीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। भेल की 700 अधिक अतिक्रमण वाली जमीन पर निजी लोग खेती कर रहे हैं। वहीं, यहां के खाली पड़े जर्जर आवासों का लोग अवैध तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं।

श्रमिकों की आशा बने मुख्यमंत्री साय जिले में हो रही बदलाव की नई बयार

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, एक मई, एक ऐसा दिन है जो श्रम की महत्ता, मेहनतकश हाथों के सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को उजागर करता है। यह दिवस न केवल इतिहास में दर्ज है बल्कि 1886 के शिकागो आंदोलन को भी याद दिलाता है, जिसमें मजदूरों ने 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे आत्म विकास के अधिकार की मांग की थी, बल्कि यह आज भी उस संघर्ष को व्यक्त करता है जो श्रमिक अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर दिन करते हैं । एमसीबी जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं का दिख रहा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला जो छत्तीसगढ़ के नए जिलों में से एक है, यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों की मेहनत और लगन इस क्षेत्र की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। इस जिले की सड़कों से लेकर निर्माण स्थलों तक, खेतों से लेकर खदानों तक श्रमिकों का पसीना इस इलाके की तरक्की में संजीवनी की तरह काम करता है। जब हम इस क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जिला श्रमिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। मंडल स्तर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल (BOC) के अंतर्गत 30,534 श्रमिक पंजीकृत हैं और असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल में 30,118 श्रमिकों का नाम दर्ज है। जिला गठन के बाद भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में 6,257 और असंगठित क्षेत्र में 4,601 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। कुल मिलाकर 71,510 श्रमिकों का पंजीकरण होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुँच रही हैं और श्रमिक अपने हक के प्रति जागरूक हो रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर बात करें तो मनेंद्रगढ़ में 26,065 श्रमिक पंजीकृत हैं, वहीं खड़गवां ब्लाक में 22,847 और भरतपुर ब्लाक में 10,739 श्रमिक पंजीकृत है, ये आँकड़े न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी कितनी अहम है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं है लागू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं श्रम की गरिमा को बढ़ावा देने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सराहनीय पहल हैं। महतारी जतन योजना के तहत अब तक 1,351 श्रमिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं को पोषण और प्रसवपूर्व देखभाल हेतु वित्तीय सहायता देती है, ताकि मातृत्व और शिशु जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 2,672 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई है, जिससे उन्हें स्कूल जाने में सुविधा हो और शिक्षा बाधित न हो। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1,887 श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप औजार उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर कार्य में दक्षता ला सकें। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 306 महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। वहीं श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 3,536 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली है। इससे शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है और भविष्य की राहें खुली हैं। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 211 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास योजना में 1,031 श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों और कार्य दक्षता की जानकारी दी गई है, जिससे वे बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,230 निर्माण श्रमिकों को हेलमेट, जैकेट, सेफ्टी शूज़ आदि दिए गए, जिससे उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 78 श्रमिक परिवारों को राहत दी गई, जिनके सदस्य या तो दिव्यांग हुए या जिनकी मृत्यु कार्य के दौरान हो गई हो । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 494 लड़कियों को विवाह, शिक्षा या स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता दी गई। वृद्ध श्रमिकों को भी सरकार ने नहीं भुलाया, उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत पेंशन स्वरूप 56 लाभार्थियों को सहायता दी जा रही है । इसके अतिरिक्त बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना से 507 छात्र लाभान्वित हुए, जिससे वे गरिमामय तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्रमिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 8 छात्रों को संसाधन व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। निर्माण श्रमिकों को आवास हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 7 श्रमिकों को घर बनाने में मदद मिली है । केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण योजना से भी हो रहे है लाभान्वित केंद्र सरकार की योजनाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 709 श्रमिकों को नाममात्र प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा कवर प्रदान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 1,412 श्रमिकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की एक और उल्लेखनीय पहल है “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना“ जिसका शुभारंभ 29 मार्च 2025 को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद परिसर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 200 से 250 श्रमिकों को मात्र 05 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह न केवल भूख की समस्या का समाधान है, बल्कि यह श्रमिकों को आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की राह भी देता है। छत्तीसगढ़ सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर हम सभी का कर्तव्य बनता है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करें, उन्हें सम्मान दें और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहभागी बनें। क्योंकि जब श्रमिक मुस्कुराता है, तो समाज मुस्कुराता है। जब श्रमिक सुरक्षित होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है। और जब श्रमिक प्रगति करता है, तो देश आगे बढ़ता है।

MP में पराली जलाने वाले किसानों को सम्मान निधि योजना की वित्तीय सहायता एक साल के लिए निलंबित

भोपाल मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पराली जलाने वाले किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता एक साल के लिए निलंबित करने को मंजूरी दे दी है. इस बात की जानकारी एक मंत्री ने एक न्यूज एजेंसी को दी है. जिसके मुताबिक कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि ऐसे किसानों की उपज एक साल तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के हिसाब से नहीं खरीदी जाएगी. शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने  कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार प्रदूषण फैलाने वाली पराली जलाने पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है. सरकार पराली जलाने वाले किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित करेगी और उनकी उपज एक साल तक एमएसपी के हिसाब से नहीं खरीदी जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि के तौर पर हर साल 12000 रुपये देती है. इसमें से 6000 रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत और इतनी ही राशि राज्य सरकार देती है. राज्य सरकार किसानों को दंडित नहीं करना चाहती. लेकिन हमारे किसान भाइयों को छोटे-मोटे लाभ के लिए बड़ा नुकसान नहीं उठाना चाहिए. क्योंकि अगर पर्यावरण प्रभावित हुआ तो उनके अपने बच्चे भी इसका शिकार होंगे. पर्यावरण संरक्षण के लिए यह निर्णय आवश्यक था. विजयवर्गीय ने कहा कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति को भी मंजूरी दी है. बैठक में कई अन्य निर्णय भी लिए गए, जिसमें राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत की वृद्धि और इसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाना शामिल है, जैसा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले घोषणा की थी. पर्यावरण संरक्षण के लिए फैसला जरूरी- कैलाश विजयवर्गीय शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि सरकार पराली जलाने वाले किसानों की किसान सम्मान निधि योजना के तहत आर्थिक सहायता को रोक देगी। इसके साथ ही ऐसे किसानों की फसल को एमएसपी पर नहीं खरीदा जाएगा। विजयवर्गीय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह फैसला जरूरी था। कितनी मिलती है आर्थिक सहायता? मध्य प्रदेश की सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में प्रति वर्ष 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इस रकम में से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6,000 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 6000 रुपये दिए जाते हैं। अब अगर किसानों ने पराली जलाई तो उन्हें ये पैसे मिलने में समस्या हो सकती है।  

भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम अब सिर्फ BDA द्वारा ही नहीं कराया जाएगा, PWD को प्लानिंग बनाने का जिम्मा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम अब सिर्फ भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा ही नहीं कराया जाएगा। बीडीए की वित्तीय और तकनीकी तौर पर बदहाल स्थिति को देखते हुए अब टीएंडसीपी, हाउसिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी को भी इसमें काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग टीएंडसीपी की सुनीता सिंह के निर्देशन में होगी। जन-उपयोगी भवन व अन्य निर्माण के लिए हाउसिंग बोर्ड काम करेगा, जबकि क्षेत्रों के आपसी जुड़ाव को बेहतर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को प्लानिंग बनाने के लिए कहा गया है।  गौरतलब है कि, बीडीए के पास प्लानिंग शाखा में कोई नहीं है, जबकि इंजीनियरिंग में अधीक्षण यंत्री स्तर के दो ही इंजीनियर बचे हुए हैं। आउटसोर्स व निजी एजेंसियों से यहां काम कराया जा रहा है। ऐसे में प्रोजेक्ट को पूरी तरह से बीडीए के हवाले नहीं किया गया। मेट्रोपॉलिटन रीजन की तय की जा रही प्लानिंग में भोपाल से पास के जिलों से 2000 हेक्टेयर जमीन निकाली जानी है। भोपाल की बढ़ती आबादी को इसी 2000 हेक्टेयर में नई टाउनशिप में बसाया जाएगा। मेट्रो प्रस्तावित करेंगे, अभी रोड से ही कनेक्टिविटी तय प्लानिंग के अनुसार पीडब्ल्यूडी को भोपाल से किनारे जिलों की सड़कों पर प्लानिंग के लिए कहा गया है। करीब 600 किमी लंबाई की सड़कों को लेकर प्लानिंग होगी। सड़कों की चौड़ाई औसतन 24 मीटर करने का कहा गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन वाले क्षेत्र तक ये बनेगी, उसके बाद संबंधित जिले के विभागों का जिमा होगा कि वे आगे कहां तक लेकर जाते हैं। शासन ने कहा- जनप्रतिनिधियों को दें प्रजेंटेशन बीडीए मेट्रोपॉलिटन रीजन जैसे महत्वपूर्ण काम की प्लानिंग अपने ही स्तर पर करने की कोशिश कर रहा था। बीडीए ने अपना बजट भी जाहिर नहीं किया। इसकी शिकायत शासन स्तर पर हुई। इसके बाद सीईओ श्यामबीर सिंह और टीम को पूरी प्लानिंग जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर करने का कहा गया। प्लानिंग किसी एक एजेंसी के जिम्में नहीं- PS इस संबंध में शहरी आवास एवं विकास के पीएस संजय शुक्ला का कहना है कि, मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग किसी एक एजेंसी के जिम्में नहीं रखी जाएगी। समग्रता के साथ काम किया जाएगा, जिसका लाभ सबको मिलेगा।

राजधानी में लव जिहाद और गैंगरेप केस पर महिला आयोग सख्त, तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित

भोपाल राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस अब आरोपियों के परिवार की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाने वाली है. दरअसल, एक पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसके साथ फरहान ने जो कुछ किया, उसने इस बारे में उसकी बहन को भी बताया, लेकिन उसने बदनामी का डर दिखाया और कहा कि फरहान उसे पसंद करता है, इसलिए उसकी बात मानने में ही भलाई है. उसने कहा कि यदि बात बाहर होगी, तो लड़की होने के कारण उसकी ही बदनामी होगी. फरहान की बहन ने पीड़िता को इस हद तक ब्रेनवॉश किया कि वह उसकी बातों में आकर वह सब करने लगी, जो फरहान ने उसे कहा. उसने बुर्के में अपनी सेल्फी भी भेजी और रोजा भी रखा. इस गिरोह में कुल छह आरोपी हैं, जिनमें मास्टरमाइंड फरहान है. इसके अलावा साहिल, साद, अली, अबरार और नबील हैं. वहीं, भोपाल के ही एक अन्य मामले में पुलिस ने हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म के आरोपी शाहरुख और उसके दोस्त जावेद को गिरफ्तार किया. लेकिन पीड़िता पर दबाव बनाने, उसे शाहरुख से संबंध बनाने और बदनामी का डर दिखाकर किसी को यह बात न बताने के आरोप में पुलिस ने जावेद के भाई फैजान और उसकी पत्नी जोया को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. जिस तरह इन दोनों मामलों में परिजनों पर आरोपियों को बचाने और पीड़िताओं पर दबाव बनाने के आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए पुलिस ने तय किया है कि सभी आरोपियों के परिवार की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा और उनसे जल्द पूछताछ की जाएगी. लव जिहाद और गैंगरेप केस पर महिला आयोग सख्त, तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लव जिहाद और गैंगरेप से जुड़ा बड़ा मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है. एक निजी कॉलेज में मुस्लिम युवकों के गिरोह द्वारा हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसा कर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाए जाने के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमिटी का गठन किया है जो 3 मई से 5 मई तक भोपाल दौरे पर रहेगी और पीड़ित छात्राओं, परिजनों और अधिकारियों से मुलाकात कर रिपोर्ट तैयार करेगी. जांच समिति की अध्यक्ष झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर होंगी. साथ में जबलपुर हाईकोर्ट की अधिवक्ता निर्मला नायक और महिला आयोग के अवर सचिव आशुतोष पांडे सदस्य होंगे. यह समिति सभी पक्षों से जानकारी लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट महिला आयोग को सौंपेगी. जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी फरहान अली, अली, साहिल खान समेत अन्य ने कॉलेज में पहचान छिपाकर छात्राओं को झूठे प्रेम में फंसाया और फिर उनके साथ दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाए. इन वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर उनसे अन्य लड़कियों को भी साथ लाने का दबाव बनाया गया. पीड़िताओं के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें नशे की हालत में कई बार हवस का शिकार बनाया और मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी. इस मामले में पीड़िताओं ने 11 अप्रैल को बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी. इसके बाद पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और फरहान अली को 25 अप्रैल को जेल से ही रेप केस में दोबारा गिरफ्तार किया गया. 28 अप्रैल को अली को भी पुलिस ने भोपाल से पकड़ा. पुलिस ने अब तक आरोपियों के मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जिनमें से अधिकांश डिलीट किए गए थे. इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. आरोपियों की करतूतों से आक्रोशित लोगों ने अदालत परिसर में जमकर विरोध किया. जब आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तो गुस्साए वकीलों ने उनकी पिटाई कर दी, जिससे उनके कपड़े तक फट गए. पुलिस ने बड़ी मशक्कत से उन्हें बचाया. मेडिकल के लिए जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब भी हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया. फिलहाल, सभी आरोपियों के खिलाफ POCSO अधिनियम, मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस को आशंका है कि अभी और पीड़िताएं सामने आ सकती हैं, इसलिए कॉलेज की छात्राओं की काउंसलिंग भी करवाई जा रही है.  

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक , अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए

रायपुर मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गाें के विनिर्धारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गाें पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।  इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में State of Art NIELIT की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान NIELIT को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।  राज्य में NIELIT केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। मंत्रिपरिषद ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने बैठक में ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा।

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक जारी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक जारी है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये जा सकते हैं। बैठक में सरकार कुछ अहम योजनाओं को लेकर फैसला ले सकती है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी होने की संभावना है। वहीं श्रमिकों और किसानों के लिए सरकार नई योजना लाने की तैयारी में है। जमीन नामांतरण के लिए भी आज गाइडलाइन जारी हो सकती है। दरअसल, हाल ही में विष्णु सरकार ने जमीन के नामांतरण करने का नियम बदला है। ऐसे में इसे लेकर गाइडलाइन जारी की जा सकती है।

महासचिव गुटेरेस ने जयशंकर और PAK पीएम शहबाज को किया फोन, ‘पहलगाम हमले में हमारा कोई हाथ नहीं…

इस्लामाबाद पाकिस्तान के नेता देश की जनता के सामने भारत को चुनौती दे रहे हैं। पाकिस्तान के नेता देश की संसद में बाबरी मस्जिद की बुनियाद की ईंट रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की सरकार भारत के हमले से डरकर यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद ‘भारत को सलाह’ देने की अपील की है। शहबाज शरीफ ने यूएन सेक्रेटरी से उस वक्त बात की है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की छूट दे दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अगले 24 से 48 घंटे में भारतीय हमले की आशंका जता रहे हैं। पाकिस्तान के नेता अपने अवाम के सामने सीना फुलाकर खड़ी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सामने देश की सरकार छाती पीट रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के नेता बार बार इसलिए भाकत से हमले की आशंका जता रहे हैं, ताकि अंतर्राष्ट्रीय संगठन हस्तक्षेप करे और भारत को हमले से रोके। कई इंटरनेशनल रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध में पैसों के लिए पाकिस्तान ने भारी मात्रा में हथियार बेच डाले हैं, लिहाजा पाकिस्तान के पास ज्यादा दिनों तक लड़ने के लिए गोला-बारूद ही नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान की कोशिश देश की अवाम के सामने खुद को मजबूत दिखाने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मध्यस्थता के लिए राजी करना है। एंटोनियो गुटेरेस ने एस जयशंकर से भी बात की  यूनाइटेड नेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर UN ने चिंता जताई महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और ऐसे टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अपना सहयोग देने की पेशकश की. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत ने पहलगाम हमले के संबंध में पाकिस्तान के खिलाफ अपने आरोपों के लिए एक भी सबूत नहीं दिया है. बौखलाए पाक आधिकारी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने में भारत का हाथ है. यूनाइटेड नेशंस से गुहार लगा रहा पाकिस्तान मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गये एक बयान में कहा गया है कि “शहबाज शरीफ ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार कर दिया है।” इसके अलावा शहबाज शरीफ के कार्यालय ने कहा है कि “प्रधानमंत्री इस बात पर जोर देते हुए, कि भारत द्वारा किसी भी दुस्साहस की स्थिति में पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूरी ताकत से रक्षा करेगा, प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भारत को जिम्मेदारी से काम करने और संयम बरतने की सलाह देने की अपील की है।” इसके बाद यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी टोनियो गुटेरेस ने भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फोन करके दोनों पक्षों से तनाव कम करने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा है कि “उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके दुखद परिणाम हो सकते हैं।” इसके अलावा उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए अपने ऑफिस से मदद का ऑफर दिया है। लेकिन दूसरी तरफ पहलगाम आतंकी हमले के बाद मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने की आजादी दे दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक “प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं में पूर्ण विश्वास और भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर फैसला लेने का पूरा ऑपरेशनल फ्रीडम है।” उन्होंने भारतीय सेना के सामने भारत के ‘आतंकवाद को कुचलने के लिए राष्ट्रीय संकल्प’ बताया है। इसके अलावा आज प्रधानमंत्री मोदी एक के बाद एक चार बड़ी बैठकें करने वाले हैं। जिनमें पहली बड़ी बैठक कैबिनेट की सुरक्षा कमेटी की होगी। ये बैठक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और संभावना है कि यहीं से पाकिस्तान के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाना है, उसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

सुशासन तिहार अभियानराज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है। पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है। इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।     नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क

पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों की उलटी गिनती शुरू, सेना को मिल गई है खुली छूट

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों की उलटी गिनती शुरू हो गई है. भारत के इरादे साफ हैं. आतंक और आतंकी दोनों को जड़ों से सफाया किया जाएगा. मोदी सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी है और अब फैसलों पर फाइनल मुहर का वक्त आ गया है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बड़ी बैठकें करने जा रहे हैं और ये बैठकें पाकिस्तान को लेकर बेहद अहम मानी जा रही हैं. इन बैठकों पर पूरे देश की नजर है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार सुबह 11 बजे सबसे पहले कैबिनेट सुरक्षा कमेटी (CCS) की बैठक होगी. उसके बाद पीएम की अध्यक्षता में CCPA ( Cabinet Committee on Political Affairs) की अहम बैठक होगी. तीसरी बड़ी मीटिंग कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी (CCEA) की होगी. उसके बाद आखिरी में कैबिनेट की बैठक होगी. पहलगाम हमले के बाद कैबिनेट की यह पहली बैठक होगी. इसी बैठक में उन प्रस्ताव और फैसलों पर मुहर लगेगी, जिन पर लंबे मंथन के बाद सहमति बनेगी. आज का दिन बेहद अहम पाकिस्तान को लेकर आज बेहद अहम दिन है. बैठकों में PM मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत अन्य सदस्य शामिल होंगे. सेना को मिल गई है खुली छूट इससे पहले मंगलवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस अनिल चौहान और तीनों सेना प्रमुखों के साथ डेढ़ घंटे तक हाईलेवल मीटिंग की. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तीनों सेना को खुली छूट दे दी है. तीनों सेनाएं जैसे चाहे, वैसे देश के दुश्मनों को जवाब दे सकती है. मतलब यही है कि अब दहशतगर्दों और उनके आकाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का वक्त है. लेकिन भारत क्या करेगा, इसके संकेत पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे चुके हैं. पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री से भी किया लंबा मंथन सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लंबी चर्चा की थी. राजनाथ ने सेना प्रमुख से पहलगाम को लेकर अपडेट लिया था और पीएम को जानकारी देने पहुंचे थे. पीएम मोदी ने 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक में भी पहलगाम पर सारी जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए थे. आज कौन-कौन चार बड़ी बैठकें अब बुधवार को पीएम मोदी फिर 4 बड़ी बैठक करने जा रहे हैं. पहली बैठक सुबह 11 बजे सुरक्षा मामलों पर बनी कैबिनेट कमेटी यानी सीसीएस की होगी. इस बैठक के बाद पीएम की अध्यक्षता में CCPA यानी Cabinet Committee on Political Affairs की अहम होगी. आज तीसरी बड़ी मीटिंग कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी यानी CCEA की होगी. उसके बाद कैबिनेट की बैठक होगी. आज रणनीति पर लगेगी फाइनल मुहर माना जा रहा है कि पाकिस्तान को लेकर रणनीति पर इन बैठकों में फाइनल मुहर लग सकती है. इसका संकेत पीएम मोदी पहले ही दे चुके हैं. 24 अप्रैल को पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकियों की बची खुची जमीन को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. PAK की उलटी गिनती शुरू मंगलवार को पीएम मोदी की हाई लेवल बैठक से निकलकर जो कुछ सामने आया, उससे साफ हो गया कि पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों की उलटी गिनती शुरू हो गई है. पीएम मोदी ने देश के दुश्मनों पर जवाबी एक्शन की खुली छूट दे दी है. यानी अब सेना तय करेगी- हमले का वक्त क्या होगा, तारीख क्या होगी और जवाबी एक्शन क्या होगा. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तीनों सेना को खुली छूट दे दी है. तीनों सेनाएं जैसे चाहें, वैसे देश के दुश्मनों को जवाब दे सकती हैं. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने हमला किया था. इसमें 26 टूरिस्ट मारे गए थे. करीब 16 पर्यटक घायल हो गए थे. हमले के बाद 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ डिप्लोमैटिक स्ट्राइक की थी. ऐसे में अटकलें तेज हैं कि बुधवार की बड़ी बैठकों में किस बड़ी कार्रवाई का ऐलान हो सकता है. आतंकियों की तलाश में ऑपरेशन जम्मू कश्मीर में एक तरफ आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं तो दूसरी तरफ जांच एजेंसियां सुराग तलाश रही हैं. एनआईए की 45 सदस्यीय टीम जांच में जुटी हैं. अब तक सीन रीक्रिएट करने के साथ ही हर उस शख्स से पूछताछ की गई है जो किसी भी तरह से पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है. हमले वाली जगह पर चप्पे-चप्पे की वीडियोग्राफी की जा रही है. जांच के दौरान एनआईए को आतंकियों के डिजिटल फुटप्रिंट भी मिले हैं. NIA को पता चला है कि आतंकियों ने मोबाइल पेड एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया. साथ ही इतने बड़े हमले को अंजाम देने के लिए स्थानीय आतंकियों की भी मदद ली गई. इस बीच, खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद जम्मू-कश्मीर के 48 टूरिस्ट स्पॉट को बंद करने का फैसला किया गया है.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet