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मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में रच रहा नए प्रतिमान

एक वर्ष में सर्वाधिक स्वास्थ्य संस्थाओं को मिली राष्ट्रीय गुणवत्ता पहचान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और सेवा भावना का परिणाम है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले शासकीय अस्पतालों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 427 से अधिक शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों ने राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है, जो पूर्व वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। यह प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली में आए अभूतपूर्व सुधार और सेवा के अंतिम छोर तक पहुँच सुनिश्चित करने का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को उनकी समर्पित कार्यशैली और दूरदर्शी प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ‘चिंतागुफा’ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी चुनौतियों का प्रतीक रहा, आज वहाँ का स्वास्थ्य केन्द्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवा गुणवत्ता के लिए सम्मानित हुआ है। चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को 28 नवंबर 2024 को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में कुल 436 शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्ता प्रमाणन मिल चुका है, वहीं 644 अन्य संस्थानों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुसंगत, भरोसेमंद और उत्कृष्ट बनाने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन केवल उन्हीं अस्पतालों को प्रदान किया जाता है, जो उपलब्ध सेवाओं, मरीज अधिकारों, इनपुट गुणवत्ता, क्लिनिकल सर्विसेज, इन्फेक्शन कंट्रोल और  गुणवत्ता प्रबंधन जैसे सख्त मानकों पर खरे उतरते हैं। विशेषज्ञों की टीम द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद ही यह प्रमाणन प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि सरकार की सतत पहल और समर्पित टीम वर्क के जरिए छत्तीसगढ़ शीघ्र ही देश के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदायक राज्यों में शामिल होगा।

KKR ने DC को 14 रन से हराया, डुप्लेसिस ने 62 रन बनाए; नरेन को तीन विकेट

नई दिल्ली  इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (IPL 2025)के 48वें मैच में मंगलवार (29 अप्रैल) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 14 रन से हराया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 8 साल बाद जीत दर्ज की। इससे पहले वह 2017 में जीती थी। दिल्ली ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 204 रन बनाए। दिल्ली कैपिटल्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 190 रन बनाए। कोलकाता के लिए अंगकृष रघुवंशी और रिंकू सिंह ने अच्छी पारी खेली। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क ने 3 विकेट लिए। दिल्ली कैपिटल्स के लिए फाफ डुप्लेसिस ने बेहतरीन अर्धशतक जड़ा। चोट के बाद अक्षर पटेल ने शानदार पारी खेली। विपराज निगम ने भी शानदार पारी खेली। कोलकाता के लिए सुनील नरेन ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए। दिल्ली कैपिटल्स 9 मैच में 12 अंक के साथ तीसरे नंबर पर है। उसे 2 मई को सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ना है। कोलकाता नाइट राइडर्स के 10 मैच में 9 अंक हो गए हैं। वह 7वें नंबर पर है। उसे 1 मई को मुंबई इंडियंस से भिड़ना है। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत झटके के साथ हुई थी। अनुकूल रॉय ने पहले ही ओवर में अभिषेक पोरेल को रसेल के हाथों कैच आउट कराया। वह सिर्फ चार रन बना सके। इसके बाद तीसरे और चौथे नंबर पर आए करुण नायर 15 और केएल राहुल सात रन बना पाए। चौथे विकेट के लिए फाफ डुप्लेसिस को कप्तान अक्षर पटेल का साथ मिला। दोनों के बीच 42 गेंदों में 76 रनों की साझेदारी हुई। नरेन ने अक्षर को अपना शिकार बनाया। वह चार चौके और तीन छक्के की मदद से 43 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, फाफ डुप्लेसिस ने 31 गेंदों में इस सत्र का अपना दूसरा पचासा पूरा किया। वह 45 गेंदों में 62 रन बनाकर पवेलियन लौटे। दिल्ली के लिए विप्रज निगम ने 38 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। उनके अलावा ट्रिस्टन स्टब्स ने एक रन, आशुतोष शर्मा ने सात रन और मिचेल स्टार्क खाता खोले बगैर आउट हो गए। वहीं, दुष्मंथा चमीरा और कुलदीप यादव क्रमश: दो और एक रन बनाकर नाबाद रहे।

इंदौर और भोपाल के महानगर बनने का रास्ता साफ,5-5 शहरों को मिलाया जायेगा

भोपाल इंदौर और भोपाल के महानगर बनने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने मप्र मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 का ड्राफ्ट तैयार करने की नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मेट्रोपॉलिटन एरिया के गठन के प्रस्ताव पर समीक्षा बैठक हुई। नगरीय आवास एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने प्रेजेंटेशन में बताया कि इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया के प्रथम चरण का काम पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी गई है। दोनों शहरों के विकास का जिम्मा मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी का होगा। पढ़िए इंदौर-भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में कौन-कौन से क्षेत्र आएंगे और इसका स्वरूप क्या होगा? 5 जिलों के 1756 गांव होंगे शामिल इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया में पांच जिले इंदौर, देवास, उज्जैन, धार और शाजापुर को शामिल किया गया है। कुल क्षेत्रफल करीब 9 हजार वर्ग किमी का होगा। इस एरिया की आबादी 55 लाख के करीब होगी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया को डेवलप करने का काम तेजी से हो रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण( आईडीए) को नोडल एजेंसी बनाया है। आईडीए ने डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्त कर ली है। मेट्रोपॉलिटन एरिया को 4 चरणों में डेवलप किया जाना है, जिसमें इंसेप्शन, सिचुएशन एनालिसिस, रीजनल एवं इन्वेस्टमेंट प्लान और डीपीआर शामिल है। इसके पहले चरण यानी इंसेप्शन का काम पूरा हो चुका है यानी ये तय हो गया है कि मेट्रोपॉलिटन एरिया का कुल क्षेत्रफल कितना होगा? इनमें कौन-कौन से जिले शामिल होंगे, तहसील और गांवों की संख्या कितनी होगी? अब सिचुएशन एनालिसिस का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा यानी इसमें शामिल जिलों की अलग-अलग तहसील, निकायों का डेटा, वहां की जनसंख्या, स्थापित उद्योग, क्षेत्र की विशेषता की स्टडी होगी। इसके बाद वहां की भौगोलिक, आर्थिक, धार्मिक-सामाजिक स्थिति का आकलन होगा। कहां कौन सी इंडस्ट्री है, किस तरह की जरूरतें हैं, इसका भी खाका तैयार होगा। इसके बाद रीजनल एवं इन्वेस्टमेंट प्लान बनेगा, जिसमें ये देखा जाएगा कि मेट्रोपॉलिटन एरिया का समान रूप से विकास हो सके। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट जारी की जाएगी। 7863 वर्ग किमी के एरिया में बनेगी इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल पर इंदौर और भोपाल को महानगरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर के अलावा उज्जैन, देवास और धार जिले को भी मिलाया जाएगा। मेट्रोपॉलिटन सिटी में पूरा इंदौर शामिल होगा जबकि उज्जैन, देवास और धार का कुछ हिस्सा भी इसमें जोड़ा जाएगा। इंदौर में इसके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की घोषणा की और तुरंत ही इसपर अमल करने के निर्देश देकर प्लान बनवाए। इंदौर महानगर की कवायद तेजी से चल रही है। कुल 7863 वर्ग किमी का एरिया निर्धारित किया इंदौर नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के लिए प्रशासन ने योजना तैयार कर ली है। इसके लिए कुल 7863 वर्ग किमी का एरिया निर्धारित किया है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में 19 निकाय शामिल किए जाएंगे। अगले दो ढाई दशकों में विकास का खाका तैयार करने के लिए डेढ दर्जन से ज्यादा विभागों से रिपोर्ट तलब ​की गई है। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी भी विकसित की जाएगी जिसमें भोपाल के साथ ही सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ जिलों के हिस्सों को मिलाया जाएगा। भोपाल मेट्रोपॉलिटन के लिए प्रारंभिक योजना में भोपाल की 59 ग्राम पंचायतें और रायसेन जिले के मंडीदीप की 9 ग्राम पंचायतें शामिल की गई थीं। अब इनमें कई नए एरिया जुड़ेंगे। खाका फाइनल होने के बाद भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनाई जाएगी। केंद्र सरकार व राज्य सरकार के बीच एमओयू होगा। अवंतिका मेट्रोपॉलिटन रीजन नाम संभावित समीक्षा बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि दोनों महानगरों का नाम क्या होगा? इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए तीन नामों का विकल्प रखा गया है।     इंदौर-उज्जैन महानगरीय क्षेत्र     मालवा महानगरीय क्षेत्र     अवंतिका महानगरीय क्षेत्र सूत्र बताते हैं कि बैठक में तीसरे विकल्प यानी अवंतिका महानगरीय क्षेत्र पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। हालांकि, अंतिम फैसला मेट्रोपॉलिटन एक्ट बनने के बाद लिया जाएगा। इंदौर में तेजी से काम की वजह इंदौर मेट्रोपॉलिटन के तेजी से हो रहे काम की वजह है सिंहस्थ 2028। दरअसल, इंदौर का जो एरिया तय हुआ है उसमें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) को जोड़ा गया है। सरकार की कोशिश है कि इससे उद्योगों और व्यापार को नई गति मिले। इससे देवास, पीथमपुर, उज्जैन और बदनावर जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इंदौर, देवास और अन्य शहरों को मजबूत सड़क, रेल और हवाई मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।   भोपाल के लिए जून में कंसल्टेंट की नियुक्ति भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में भोपाल- सीहोर- रायसेन-विदिशा और राजगढ़ जिले के ब्यावरा को शामिल किया गया है। भोपाल विकास प्राधिकरण को मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलप करने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। हालांकि अभी तय नहीं है कि इन जिलों का कितना क्षेत्रफल भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल होगा। साल 2022 में शिवराज सरकार ने भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंडीदीप तक विस्तार करने के लिए मेट्रोपॉलिटन एरिया के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दी थी। उस वक्त भोपाल मेट्रोपॉलिटन का प्रांरभिक एरिया डिफाइन किया था, जिसमें भोपाल की 59 ग्राम पंचायतें और मंडीदीप निवेश क्षेत्र (रायसेन) की 9 ग्राम पंचायतें शामिल की गई थी। समीक्षा बैठक में बताया गया कि कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया गया है, जो जून में ओपन होगा। भोजपाल महानगरीय क्षेत्र हो सकता है नाम इंदौर की तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए भी तीन नाम सुझाए गए हैं…     भोपाल महानगरीय क्षेत्र     मध्य प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र     भोजपाल महानगरीय क्षेत्र

MP में कर्मचारियों का बढ़ाकर 55 % हुआ, अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी, जाने संभावित सैलरी क्या होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया है. इस भारी बढ़त के साथ सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है. वहीं अब कर्मचारी ये गणित जानने में लगे हुए हैं कि उनकी अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी? इस आर्टिकल में जानें डीए 55 प्रतिशत होने के बाद आपकी संभावित सैलरी क्या हो सकती है? पहले जानें क्या होता है DA? नई सैलरी का गणित जानने से पहले बता दें कि DA को अंग्रेजी में डियरनेस अलाउंस कहते हैं. इसका मतलब होता है महंगाई भत्ता. सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता एक जीवनयापन भत्ता है, जो महंगाई को देखते हुए दिया जाता है. महंगाई भत्ता महंगाई के असर को कम करने कि लिए दिया जाता है. डीए यानी महंगाई भत्ता कर्मचारी के मूल वेतन से कैल्क्युलेट किया जाता है. DA के बाद वेतन कैसे कैल्क्युलेट किया जाता है? उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी अगर 15 हजार रु है, और डीए 50 प्रतिशत है तो उसका डीए 15000 का 50 प्रतिशत यानी 7500 रु होगा. वहीं कर्मचारी का सकल वेतन या ग्रॉस सैलरी 15000+7500 = 22,500 रु होगी. हालांकि, ग्रॉस सैलरी में डीए के अलावा कई अन्य तरह के भत्ते भी जोड़े जाते हैं. ये भत्ते व्यक्ति के ग्रेड पे और अन्य फैक्टर्स को देखते हुए दिए जाते हैं. इसमें HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस, ट्रेवल अलाउंस समेत कई तरह के भत्ते जोड़े जाते हैं, जिससे आखिर में ग्रॉस सैलरी कैल्क्युलेट की जाती है. इसके बाद पीएफ व अन्य टैक्स काटने के बाद नेट सैलरी बनती है, जो कर्मचारी के खाते में क्रेडिट होती है. 55 प्रतिशत DA बढ़ने के बाद कितनी होगी नई सैलरी? मान लीजिए कि आपका मूल वेतन 25,000 रु है. वहीं, अबतक 50 प्रतिशत के हिसाब से 12,500 रु महंगाई भत्ता दिया जा रहा था. ऐसे में जनवरी 2025 के बाद 5 प्रतिशत डीए बढ़ने से कुल डीए 25,000 रु का 55 प्रतिशत यानी 13,750 रु होगा. यानी हर महीने 1250 रु की बढ़ोत्तरी. एरियर में एकसाथ ये राशि मिलने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी. हालांकि, जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 तक 3 प्रतिशत के हिसाब से डीए जोड़ा जाएगा. वहीं जनवरी 2025 के बाद 2 प्रतिशत के हिसाब से. डीए बढ़ने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बढ़त ग्रेड पे के हिसाब से भी होगी. यानी जितनी ज्यादा बेसिक सैलरी होगी डीए और वेतन उतना बढ़ेगा. 5 किश्तों में सरकार देगी डीए की राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा है कि सभी शासकीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता जिस तारीख से लागू होगा उसे पांच समान किश्तों में दिया जाएगा. कर्मचारियों को कब मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी? मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा, ” प्रदेश के सभी कर्मचारियों को केंद्र के समान ही 55% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. महंगाई भत्ते में वृद्धि के फल स्वरुप एरियर राशि का भुगतान पांच समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक दिया जाएगा.”

ATM से पैसे निकालने वालों को बड़ा झटका! HDFC, PNB और IndusInd Bank ने जारी किए नए चार्ज

नई दिल्ली अगर आपकी एटीएम से बार-बार पैसे निकालने की आदत है तो इसे तुरंत बदल दें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो एक मई से आपको बड़ा नुकसान होने लगेगा। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। ये नए नियम पूरे देश में 1 मई 2025 से लागू होंगे। रिजर्व बैंक का कहना है कि इन बदलावों का मकसद एटीएम इस्तेमाल करने पर लगने वाले चार्ज को लेकर पारदर्शिता लाना है। इससे बैंकों को भी एटीएम नेटवर्क चलाने में आसानी होगी। दरअसल, हर बैंक अपने हर ग्राहक को एटीएम से पैसे निकालने की एक लिमिट तक फ्री सुविधा देता है। इसमें अपने बैंक के एटीएम और दूसरे बैंकों के एटीएम दोनों शामिल हैं। फ्री लिमिट के बाद बैंक चार्ज लेना शुरू करता है। एक मई से इस चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। फ्री लिमिट के बाद एटीएम ट्रांजैक्शन पर हर बार 1 मई के बाद प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 23 रुपये का शुल्क देना होगा। इस पर टैक्स अलग से लगेगा। अभी तक यह शुल्क 21 रुपये तक था। फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट क्या होगी? आरबीआई ने साफ कर दिया है कि अब भी मेट्रो शहरों में हर महीने 3 फ्री ट्रांजेक्शन मिलेंगे और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा रहेगी। यह लिमिट फाइनेंशियल जैसे कैश निकालने और नॉन-फाइनेंशियल जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, पिन चेंज आदि दोनों ट्रांजेक्शन पर लागू होगी। फ्री लिमिट के बाद कितना चार्ज लगेगा? अगर आप फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन करते हैं तो अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये (प्लस टैक्स) देने होंगे। ये नियम सभी एटीएम पर लागू होगा। बैंक क्या कह रहे हैं? HDFC Bank ने बताया है कि 1 मई से अपने एटीएम से कैश निकालने पर फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये + टैक्स लगेगा। वहीं बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट और पिन चेंज जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन फ्री रहेंगे। PNB ने कहा है कि अन्य बैंकों के एटीएम पर फ्री लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 11 रुपये (जीएसटी अलग) का चार्ज लगेगा। ये बदलाव 9 मई 2025 से लागू होगा। IndusInd Bank ने भी जानकारी दी है कि उनके सेविंग्स, सैलरी, एनआर और करंट अकाउंट होल्डर्स को 1 मई 2025 से फ्री लिमिट के बाद गैर-IndusInd एटीएम से निकासी पर 23 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन देना होगा। ग्राहकों के लिए सलाह ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने एटीएम ट्रांजेक्शन पर नजर रखें, खासकर जब दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल कर रहे हों। ज्यादा शुल्क से बचने के लिए कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा अपने बैंक के एटीएम का ही इस्तेमाल करें या डिजिटल पेमेंट का सहारा लें। कितनी बार है फ्री सुविधा     मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई आदि में ग्राहक महीने में तीन बार मुफ्त में एटीएम इस्तेमाल कर सकते हैं।     नॉन-मेट्रो शहरों में यह लिमिट पांच बार है। गैर-मेट्रो शहर वे होते हैं जो मेट्रो शहरों जितने बड़े नहीं होते।     यह लिमिट पैसे निकालने और दूसरी तरह के ट्रांजैक्शन, दोनों के लिए है। इसका मतलब है कि आप महीने में तीन या पांच बार ही मुफ्त में पैसे निकाल सकते हैं या बैलेंस चेक कर सकते हैं। कुछ बैंक के अलग हैं नियम कुछ बैंकों ने अधिकतम ट्रांजैक्शन में छूट दी है। इसमें एचडीएफसी बैंक भी शामिल है। एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों पर एचडीएफसी के एटीएम से पैसे निकालने पर ही चार्ज लगेगा। बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट निकालना और पिन बदलना मुफ्त होगा। अगर आप किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो पैसे निकालने के साथ-साथ बैलेंस चेक करने, मिनी स्टेटमेंट निकालने और पिन बदलने पर भी चार्ज लगेगा। होम नेटवर्क के बाहर का ATM पड़ेगा महंगा हर महीने की पहली तारीख को देश में कई नियमों में बदलाव होता है और अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 मई से भी कई बदलाव (Rule Change From 1st May) लागू होने जा रहे हैं. इसमें एटीएम से पैसे निकालने पर लगे वाले चार्ज से जुड़ा नियम भी शामिल हैं. जी हां, होम बैंक नेटवर्क के बाहर अगर किसी एटीएम मशीन से कोई भी ट्रांजैक्शन किया जाता है, या फिर बैलेंस चेक किया जाता है, तो यूजर को अब पहले से ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा. अभी भी ऐसे एटीएम का उपयोग करने वाले चार्ज अप्लाई है और 1 मई से ये और भी बढ़ने वाला है. अब इतना बढ़ने वाला है खर्च केंद्रीय बैंक (RBI) ने बीते दिनों भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के प्रस्ताव के आधार पर फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी. रिपोर्ट की मानें तो अब तक अगर ग्राहक अपने होम बैंक के ATM के बजाय किसी दूसरे नेटवर्क के बैंक एटीएम से पैसे निकालते थे, तो उन्हें हर ट्रांजैक्शन पर 17 रुपये चार्ज देना होता था, जो 1 मई से बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा. इसके अलावा अगर किसी दूसरे बैंक के ATM से बैलेंस चेक करते थे, तो इस पर 6 रुपये का शुल्क लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया जाएगा. व्हाइट लेवल ATM ऑपरेटर्स की थी मांग ATM Transaction Fee Hike की मांग लगातार व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटर्स के द्वारा की जा रही थी. उनका तर्क था कि बढ़ती परिचालन लागतों को देखते हुए पुरानी फीस कम है. NPCI के प्रस्ताव को आरबीआी की मंजूरी के बाद अब छोटे बैंकों पर दबाव ज्यादा बढ़ने की आशंका है. दरअसल, वे अपने सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण दूसरे बैंकों के एटीएम नेटवर्क पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं. ये जान लेना जरूरी है कि बढ़ी हुई इंटरचेंज फीस, वह राशि होती है जो एक बैंक दूसरे बैंक को तब देता है, जब उसका कोई ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल पैसों की निकासी के लिए करता है. गौरतलब है कि ‘व्हाइट लेबल एटीएम’ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के एटीएम की तरह काम करते हैं. इसे बैंक की बजाय निजी या गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लगाती हैं. इनसे आप डेबिट (Debit Card) और क्रेडिट कार्ट (Credit Card) के जरिए कैश विद्ड्ऱॉल, बैलेंस चेक या उन सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं, जो अन्य एटीएम में मिलती हैं. क्या है बैंकों की … Read more

चेन्नई के कई इलाको में महिलाओं की सुरक्षा में तैनात होंगे ‘रेड बटन रोबोटिक सीओपी’, 200 जगहों पर लगाने की व्यवस्था

चेन्नई  महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चेन्नई पुलिस कई नई पहल कर रही है. इसी सिलसिले में अब शहर के विभिन्न इलाकों में ‘रेड बटन रोबोटिक सीओपी’ नामक रोबोटिक पुलिस मशीनें लगाई जा रही है. पुलिस ने कहा है कि इससे महिलाएं किसी भी समय हिम्मत के साथ बाहर निकल सकती हैं. महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा और यौन अपराध की घटनाएं आज के समय में आम बात हो गई है. सिर्फ यौन उत्पीड़न और बलात्कार ही नहीं, बल्कि प्यार से इनकार करने पर हत्या, तेजाब फेंकने जैसे अपराध भी हो रहे हैं. इस वजह से ज्यादातर लड़कियां और उनके माता-पिता डर के साये में रहते हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में चेन्नई पुलिस ने आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए ‘रेड बटन रोबोटिक कॉप’ नामक सुरक्षा रोबोटिक मशीनें लगाने की कवायद शुरू की है. ये उन जगहों पर काम आएंगी जहां महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं. उन इलाकों में जहां अपराध की घटनाएं होती हैं. पहले चरण में चेन्नई में 200 जगहों पर इन्हें लगाने की व्यवस्था की गई है. रेड बटन – रोबोटिक कॉप नामक यह पुलिस मशीन कई मीटर की दूरी से 360 डिग्री पर 24 घंटे स्थिति की निगरानी और नियंत्रण कर सकती है. यह न केवल होने वाली घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड करता है, बल्कि आवाजें भी रिकॉर्ड करता है. इसी तरह अगर कोई भी व्यक्ति, चाहे वह महिला ही क्यों न हो, खतरे में है तो उसे बस इस मशीन पर बटन दबाना होगा. इससे इमरजेंसी कॉल अलार्म बजेगा. इससे आस-पास की पुलिस तुरंत इलाके में आ जाएगी. इसके अलावा इस मशीन में खतरे में फंसे लोगों और पुलिस के साथ संवाद करने की सुविधा भी है. इसमें माइक्रोफोन सुविधा और जीपीएस सुविधा सहित अत्याधुनिक सुविधाएं भी हैं. इस मशीन पर लाल बटन दबाने से खतरे में पड़े व्यक्ति या उसकी ओर से कोई दूसरा व्यक्ति तुरंत पुलिस को सूचना भेज देगा. खास बात यह है कि यह तेज आवाज करके अलार्म बजाएगा. इससे आस-पास के लोग भी मदद के लिए आ सकते हैं. इस डिवाइस में ऐसी सुविधाएं हैं जिससे खतरे में फंसे लोग सीधे वीडियो कॉल के जरिए पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं. गश्त कर रही पुलिस घटनास्थल पर क्या हो रहा है इस पर नजर रख सकती है. तुरंत जाकर कार्रवाई कर सकती है और कैमरे में रिकॉर्ड की गई फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर सकती है. रेड बटन-रोबोटी कॉप डिवाइस में 24 घंटे इंटरनेट की सुविधा होगी. चेन्नई पुलिस आयुक्त के आदेश पर 12 पुलिस जिलों के 4 पुलिस जोन में 50-50 स्थानों पर पुलिस रेड बटन-रोबोटी पुलिस डिवाइस लगाने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के लिए फील्ड सर्वे किया गया है. इसके अनुसार जून से चेन्नई में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, शॉपिंग मॉल, पूजा स्थल, शैक्षणिक संस्थान, कारखाने, आईटी कंपनियां, पार्क, अस्पताल आदि सहित आम लोगों के आने-जाने वाले क्षेत्रों में इन आयरन पुलिसकर्मियों को बड़ी संख्या में तैनात किया जाएगा.  

MP पुलिस में भर्ती के रूल बदलेंगे, आरक्षक और उपनिरीक्षक के पदों पर भर्ती के लिए अलग बोर्ड

 भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक, उपनिरीक्षक सहित तृतीय श्रेणी के अन्य पदों पर भर्ती के लिए अलग से भर्ती बोर्ड बनेगा। इसका लाभ यह होगा कि भर्ती प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकेगी। अभी कर्मचारी चयन मंडल से भर्ती की जा रही, जिसमें पूरी प्रक्रिया में लगभग दो वर्ष लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में बैठक के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाणा को इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के लिए कहा है। कैबिनेट से स्वीकृति के बाद बोर्ड बनाया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया आदि के युवाओं को पुलिस में भर्ती की विशेष योजना बनाएं। पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए बोर्ड बनाने की बात बता दें कि पुलिस मुख्यालय की चयन शाखा के अधिकारी लंबे समय से भर्ती बोर्ड बनाने का सुझाव सरकार को दे रहे थे, पर गृह विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार को बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने बोर्ड बनाने की बात कही। दरअसल, कर्मचारी चयन मंडल के पास कई परीक्षाओं का दबाव होने के कारण पहले तो लगभग छह माह भर्ती प्रक्रिया में ही देरी हो जाती है। इसके बाद भर्ती प्रारंभ होने पर परीक्षा आयोजित करने में लगभग एक वर्ष लग रहे हैं। कारण, एक बार में पुलिस आरक्षकों के छह हजार या इससे अधिक पदों पर भर्ती हो रही है। पुलिस मुख्यालय ने प्रतिवर्ष भर्ती का निर्णय लिया है, क्योंकि अभी लगभग 20 हजार पद रिक्त हैं। 500 एसआई और 7,500 पुलिस आरक्षकों के पदों पर होनी है भर्ती राज्य शासन ने पुलिस मुख्यालय को पुलिस आरक्षकों के 7,500 और उप निरीक्षकों के 500 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी है। इन पदों को भरने के लिए कर्मचारी चयन मंडल को प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय भेज चुका है। मंडल ने इस वर्ष के अंत तक इन पदों के लिए परिणाम जारी करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या एक लाख से अधिक रहती है, जिससे इस वर्ष चयन हो पाना मुश्किल है। ऐसे में अगर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने के पहले बोर्ड का गठन हो जाता है तो इन पदों को भी इसके माध्यम से भरना आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकार सिंहस्थ को देखते हुए प्रति वर्ष आरक्षकों की भर्ती करने की तैयारी में है। बोर्ड बनने से भर्ती जल्दी हो सकेगी। एमपी पुलिस में निकलेगी कांस्टेबल के 7000 और SI के 500 पदों पर भर्ती एमपी पुलिस में कांस्टेबल के 7000 और सब इंस्पेक्टर के 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल करीब साढ़े 7 हजार पदों पर ऑनलाइन आवेदन लेगा। प्रदेश के लाखों युवाओं को इस भर्ती का लंबे समय से इंतजार है। अंतिम बार 2017 में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकाली गई थी। कांस्टेबल और एसआई भर्ती की रूल बुक तैयारी होने के बाद विज्ञप्तियां esb.mp.gov.in पर जारी होंगी और यहीं से अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एमपी पुलिस एसआई भर्ती लंबे समय से न निकलने के चलते लाखों अभ्यर्थी ओवरएज हो गए हैं। ऐसे में अधिकतम आयु सीमा में छूट देने की मांग भी की जा रही है। समाचार पत्र दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मुख्यालय ने एमपी ईएसबी को भर्ती को लेकर अधियाचना भेज दी है। कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि ईएसबी और पुलिस मुख्यालय मिलकर इसके लिए रूल बुक तैयार कर रहे हैं। 10 दिन में रूल बुक बनकर तैयार होने की संभावना है। सब इंस्पेक्टर भर्ती के नियम बदले गृह विभाग ने इस बार सब इंस्पेक्टर पदों के भर्ती नियमों में भी बदलाव किया है जिसमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट भी शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 साल की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। प्रीलिम्स परीक्षा दो घंटे की होगी जिसमें कुल 100 अंक के मल्टीपल चॉइस सवाल आएंगे। नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। मेन्स एग्जाम में दो प्रश्न पत्र होंगे। प्रत्येक प्रश्न पत्र में दो सेक्शन होंगे। हर सेक्शन 150 अंकों का होगा। इस तरह कुल 600 अंक होंगे। सभी प्रश्न मल्टीपल चॉइस वाले होंगे। शारीरिक दक्षता परीक्षा 100 अंकों की होगी जिसमें दौड़, कूद और गोला फेंक होंगे। 800 मीटर की दौड़ के 40 अंक, लंबी कूद के लिए 30 अंक और गोला फेंक के लिए 30 अंक रहेंगे। इंटरव्यू 50 अंको का होगा।

माध्यमिक शिक्षा मंडल इस सप्ताह मध्य प्रदेश 10वीं 12वीं परीक्षा परिणाम की तिथि व समय की घोषणा कर सकता

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं-12वीं के छात्रों का रिजल्ट को लेकर इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। खबर है कि मंडल ने रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 10 मई से पहले कभी भी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।हालांकि अभी अधिकारिक डेट व टाइम की पुष्टि होना बाकी है। एमपी बोर्ड रिजल्ट स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जारी किया जायेगा जिसके बाद छात्र mpbse.nic.in, mpresults.nic.in, mponline.gov.in वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर दर्ज कर नतीजे देख सकेंगे। रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी।इसके बाद टॉपर्स को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया जायेगा। इस साल कक्षा 10वीं, 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन 25 फरवरी से 29 मार्च के बीच किया था।कक्षा 10वीं परीक्षा 27 फरवरी से 19 मार्च और 12वीं की परीक्षा 25 फरवरी से 25 मार्च तक चली थी।दोनों कक्षाओं के करीब 18 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था।बीते साल एमपी बोर्ड 10वीं में 58.10 फीसदी  और कक्षा 12वीं रिजल्ट में 64.49 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने एग्जाम पास किया था। MP Board: पास होने के लिए चाहिए इतने अंक     एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं में छात्रों को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत नंबर लाने अनिवार्य है।     अगर एक या दो सब्जेक्ट में न्यूनतम पास प्रतिशत से कम अंक आते हैं, तो विद्यार्थी फेल माना जाएगा। ऐसे में छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा देनी होगी, जो जून में आयोजित हो सकती है। चुंकी पिछले साल कंपार्टमेंट एग्जाम 8 और 10 जून को आयोजित किया गया था।     एमपी बोर्ड रुक जाना नहीं योजना का लाभ ले सकते हैं। मध्य प्रदेश ओपन स्कूल MPSOS द्वारा 10वीं 12वीं के लिए Ruk Jana Nahi Yojana के तहत परीक्षा ली जाती है।     12वीं कक्षा में भी पास होने के लिए सभी स्ट्रीम के छात्रों को न्यूनतम 33 प्रतिशत मार्क्स जरूरी है।     अगर थ्योरी का पेपर 80 अंकों का है, तो पास होने के लिए 26 अंकों की जरूरत होगी।     12वीं में प्रैक्टिल वाले विषय में थ्योरी का पेपर यदि 70 अंक का है, तो 23 नंबर पर पास होंगे।     20 नंबर के प्रोजेक्ट में 7 अंक और 30 अंक के प्रैक्टिकल परीक्षा में 10 अंक लाने पर पास माने जाएंगे। कैसे चेक करें MP Board 10th 12th Result ? MPBSE वेबसाइट से     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर जाएं।     होमपेज पर आपको “MP Board 10th Result 2024” या “MP Board 12th     Result 2024” का लिंक दिखेगा, उसपर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और एपलीकेशन नंबर दर्ज करें।     “सबमिट” पर क्लिक करें। आपका रिजल्ट आपके स्क्रीन पर आ जाएगा।     अपना रिजल्ट चेक करने के बाद उसे डाउनलोड कर के अपने पास रख लें। SMS से कैसे करें चेक कक्षा 10वीं के लिए: मोबाइल के मैसेज बॉक्स में MPBSE10 [रोल नंबर] टाइप करें और इसे 56263 पर भेज दें। कक्षा 12वीं के लिए: मैसेज में MPBSE12 रोल नंबर लिखें और इसे 56263 पर भेज दें। Google Play Store मोबाइल ऐप से     सबसे पहले Google Play Store से MPBSE मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।     ऐप खोलें और “अपना रिजल्ट जानें” विकल्प पर टैप करें।     फिर अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर डालें।     सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।  

CM योगी ने कहा पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या वाकई SP के नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं ……..

देवरिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को देवरिया में थे. सीएम योगी ने पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया और विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर हमला बोला. सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जाति के मुद्दे पर भी सपा को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि यह लोग ्जाति की बात करते हैं, लेकिन जब सत्ता में आते हैं तब तुष्टिकरण की नीति की पराकाष्ठा को पार करते हुए केवल अपने परिवार के हित की बात करते हैं. सीएम योगी कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ था. उन्होंने कहा कि इसे लेकर समाजवादी पार्टी के लोग कैसे-कैसे बयान दे रहे हैं. सीएम योगी ने कहा कि कभी-कभी तो यह पता लगा पाना भी कठिन हो जा रहा है कि ये समाजवादी पार्टी का नेता बयान दे रहा है या पाकिस्तान का कोई प्रवक्ता. उन्होंने कहा कि कानपुर का एक नौजवान पहलगाम गया था अपने परिवार के साथ शुभम द्विवेदी. आतंकियों ने शुभम द्विवेदी की निर्मम हत्या कर दी. इस हमले में कानपुर के एक युवा शुभम द्विवेदी की जान चली गई थी. सीएम योगी ने कहा कि सपा के अध्यक्ष से जब पत्रकारों ने पूछा कि कानपुर का जो नौजवान मरा है, आप उसके घर जाएंगे? तो वह (सपा के अध्यक्ष) बोलते हैं कि हमारी पार्टी का थोड़ी था. यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बयान है. सीएम योगी ने आगे कहा कि अपने नागरिकों के साथ देश की संवेदना होनी चाहिए. पूरा देश पार्टी लाइन से ऊपर उठकर के एक स्वर से घटना की निंदा कर रहा है और समाजवादी पार्टी के लोग इस प्रकार के दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं. उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना को लेकर सपा का एक राष्ट्रीय महासचिव बयान देता है कि हिंदू ने ही हिंदू को मारा है. यानी पाकिस्तान को क्लीनचिट देने की कुत्सित चेष्टा. सीएम योगी ने कहा कि उनका एक सांसद उससे भी निचले स्तर का बयान देता है. सीएम योगी ने कहा कि जब भी विभाजन की, जातिवाद की राजनीति होगी, तुष्टिकरण की पराकाष्ठा को पार करते हुए वे ऐसे ही आपकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने का प्रयास करेंगे, जैसा आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेता कर रहे हैं. आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई 140 करोड़ लोगों को एकसाथ लड़ना चाहिए. इससे पहले, सीएम योगी ने देवरिया में 501 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. देवरिया को विकास परियोजनाओं की सौगात देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित जनसमूह संबोधित कर रहे थे.  

कर्रेगुट्टा में नए सुरक्षा शिविरों से माओवादियों के लिए खतरे की घंटी बजना तय, गढ़ को ध्वस्त करने में मिलेगी सफलता

जगदलपुर छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर माओवादियों के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा बल इलाके में नवीन सुरक्षा शिविर (एफओबी) तैयार करेंगे। माओवादियों के सबसे सुरक्षित आश्रय स्थल कर्रेगुट्टा तक पहुंचने के बाद अब यहां कई एफओबी खोलकर तेलंगाना सीमा को माओवादियों के लिए पूरी तरह से बंद करने की तैयारी की जा रही है। इधर, लगातार आठवें दिन भी सुरक्षा बल के जवानों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर अभियान जारी रखते हुए पहले दिन से तैनात जवानों को आराम देने का निर्णय लेते हुए उनकी जगह नए जवानों की तैनाती की गई है। क्सलियों के खिलाफ चल रहे सबसे बड़े ऑपरेशन को छत्तीसगढ़ की फोर्स अकेले ही हैंडल कर रही है। हालांकि केंद्र से CRPF का सपोर्ट है लेकिन तेलंगाना अब इस पर बैकफुट पर दिख रही है। तेलंगाना में अब बड़े नेता शांति वार्ता के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं। अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना और महाराष्ट्र से भी फोर्स कर्रेगुट्टा के पहाड़ को घेर रही है। ऑपरेशन करीब 7 दिन से चल रहा है। कुछ जवान जब ऑपरेशन के पांचवें-छठवें दिन मौके से लौटे तब ऑपरेशन से जुड़ी और जानकारी बाहर आई। पता चला कि, इस ऑपरेशन में सिर्फ छत्तीसगढ़ की ही फोर्स है। छत्तीसगढ़ में बस्तर के IG सुंदरराज पी ने इस नक्सल ऑपरेशन को निर्णायक जंग बताया था। अब आपको बताते हैं तेलंगाना में इसे लेकर कैसा माहौल है और राजनेताओं का क्या रुख है? अभियान अंतिम परिणाम आने तक चलता रहेगा इससे स्पष्ट है कि माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों का यह अभियान अंतिम परिणाम मिलने तक चलता रहेगा। बस्तर में माओवादियों के सबसे मजबूत ठिकाने तक शनिवार को फोर्स के जवान पहुंच गए थे। इसके बाद से लगातार पहाड़ी पर सर्चिंग जारी है। इस बीच जवानों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी से अब तक 150 से अधिक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) व माओवादियों के दर्जनों बंकर भी ढहा दिए हैं। 45 से 48 डिग्री तापमान के बीच अभियान कर रहे जवानों को चोटी पर पानी का एक प्राकृतिक सोता भी मिला है, इससे भी जवानों का हौसला बढ़ा है। तेलंगाना सीमा पर निर्णायक बढ़त छत्तीसगढ़ व तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ी लंबे समय से माओवादियों का ठिकाना हुआ करती थी, वहां आठ दिन से चल रहे अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने निर्णायक बढ़़त बना ली है। बीते चार दशक से कर्रेगुट्टा की खड़ी चढ़ाई के कारण इस पहाड़ी शृंखला तक पहुंचने में सुरक्षा बल को कभी कामयाबी नहीं मिली थी, पर अब वहां भी फोर्स पहुंच चुकी है। बस्तर में माओवादियों क्षेत्रों में लगातार एफओबी की स्थापना से एक-एक कर माओवादियों के गढ़ छिनते चले गए। इसके बाद यह सूचना मिल रही थी कि माओवादी संगठन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), तेलंगाना स्टेट कमेटी (टीएससी) व बटालियन नंबर एक के शीर्ष नक्सलियों ने कर्रेगुट्टा को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए हैं। 10 हजार से अधिक जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ी को घेरा आठ दिन पहले माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की ओर से एक निर्णायक लड़ाई छेड़ी गई। दस हजार से अधिक जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ी को घेर लिया। पहली बार 12 किमी की चढ़ाई कर जवान पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने में सफल रहे। इस अभेद्य कुर्रेगुटा की पहाड़ी शृंखलाओं के बड़े हिस्से पर सुरक्षा बल ने कब्जा कर लिया है। जवान एक सप्ताह से यहां के चप्पे-चप्पे की छानबीन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस पहाड़़ी पर कई एफओबी स्थापित किए जाएंगे, जिसके बाद ढाई सौ वर्ग किमी की यह पहाड़ी शृंखला माओवादियों के लिए सुरक्षित नहीं रह जाएगी। तेलंगाना में राजनीति शुरू नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना में राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व CM के. चंद्रशेखर राव ने इस ऑपरेशन को गलत ठहराया है। उन्होंने केंद्र से माओवादियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कगार’ को रोकने का आग्रह किया है। तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट भी एक्शन मोड पर नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद का खात्मा करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में भी BJP की सरकार है। जबकि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। यहां विपक्ष में भी लोकल पार्टी BRS है। यही वजह है कि नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट एक्शन मोड पर नहीं है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि, इस इलाके को घेरने के लिए तेलंगाना की लोकल पुलिस को एक्टिव ही नहीं किया गया। जबकि जहां नक्सल ऑपरेशन चल रहा है, वहां का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा तेलंगाना में ही है। शांतिवार्ता समिति ने CM से की मुलाकात छत्तीसगढ़ की फोर्स ने नक्सलियों के टॉप कैडर्स को पिछले 8 दिनों से घेर रखा है। जवान लगातार पहाड़ की चढ़ाई चढ़ रहे हैं। बड़े कैडर्स फंस चुके हैं। वहीं तेलंगाना में शांति वार्ता समिति के दुर्गा प्रसाद, प्रोफेसर हरगोपाल, प्रोफेसर अनवर खान और संयोजक न्यायमूर्ति चंद्रकुमार समेत अन्य सदस्यों ने तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी से बातचीत की है। इसमें शांति वार्ता के लिए पहल करने और ऑपरेशन रुकवाने पर जोर दिया है। समिति के सदस्यों ने इस बैठक में मुख्यमंत्री से कर्रेगुट्टा में युद्ध विराम के लिए केंद्र पर दबाव डालने को कहा है। रेड्डी ने भी आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए जना रेड्डी से मिलेंगे। तेलंगाना में राजनीति शुरू नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना में राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व CM के. चंद्रशेखर राव ने इस ऑपरेशन को गलत ठहराया है। उन्होंने केंद्र से माओवादियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कगार’ को रोकने का आग्रह किया है। तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट भी एक्शन मोड पर नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद का खात्मा करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में भी BJP की सरकार है। जबकि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। यहां विपक्ष में भी लोकल पार्टी BRS है। यही वजह है कि नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट एक्शन मोड पर नहीं है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि, इस इलाके को घेरने के लिए तेलंगाना की लोकल पुलिस को एक्टिव ही नहीं किया गया। जबकि जहां नक्सल ऑपरेशन चल रहा है, वहां का लगभग 40 से 50 प्रतिशत … Read more

UPSC Mains क्लियर हुआ है तो मिलेंगे पैसे, छत्तीसगढ़ सरकार देगी 1 लाख, नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने संघ लोकसेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। बता दें कि राज्य शासन द्वारा नगर निगमों में महापौर सम्मान राशि दी जाती है। यूपीएससी के प्रतिभागियों को 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि इसी निधि के अंतर्गत दी जाएगी। हाल ही में UPSC 2024 के नतीजे जारी हुए हैं, जिसमें बिलासपुर की पूर्वा अग्रवाल ने 65वां रैंक हासिल किया है। मुंगेली के अर्पण चोपड़ा ने 313वां रैंक हासिल किया है। वहीं बस्तर के जगदलपुर की मानसी जैन ने 444वीं रैंक, अंबिकापुर के केशव गर्ग ने 496वीं रैंक और अंबिकापुर की ही शची जायसवाल ने 654वीं रैंक हासिल की है। महापौर सम्मान निधि से मिलेगा लाभ सरकार की इस पहल के तहत UPSC की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को यह राशि नगर निगमों की ‘महापौर सम्मान निधि’ के अंतर्गत दी जाएगी। यह निर्णय न केवल युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी सहयोग प्रदान करेगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं का शानदार प्रदर्शन हाल ही में घोषित हुए UPSC 2024 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पूर्वा अग्रवाल (बिलासपुर) ने 65वीं रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। अर्पण चोपड़ा (मुंगेली) ने 313वीं रैंक हासिल की। मानसी जैन (जगदलपुर, बस्तर) को 444वीं रैंक मिली। केशव गर्ग और शची जायसवाल (दोनों अंबिकापुर से) ने क्रमशः 496वीं और 654वीं रैंक हासिल की। यूपीएससी में नवोदय विद्यालय का जलवा कायम  यूपीएससी 2024 में नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस साल एनवीएस के 35 पूर्व छात्रों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपना और स्कूल का नाम रोशन किया. शिक्षा मंत्रालय ने भी इस उपलब्धि की सराहना की है. एनवीएस ने ग्रामीण प्रतिभाओं को बड़ा मंच दिया है. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) 2024 के नतीजों में नवोदय विद्यालय (NVS) के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस वर्ष एनवीएस के कई छात्रों ने देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा को पास कर इतिहास रचा है. इन छात्रों की सफलता से न सिर्फ उनके स्कूल का मान बढ़ा है बल्कि पूरे देश में नवोदय शिक्षा मॉडल की ताकत भी दिखाई दी है. शानदार सफलता हासिल की नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के 35 पूर्व छात्रों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में सफलता हासिल कर सभी का गर्व बढ़ाया है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 22 अप्रैल को परीक्षा के नतीजे जारी किए, जिसमें कुल 1009 से ज्यादा उम्मीदवारों का चयन हुआ. टॉप 3 में भी चमके प्रतिभाशाली छात्र इस बार प्रयागराज के शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है. वहीं, हर्षिता गोयल ने रैंक 2 और डोंगरे अर्चित पराग ने रैंक 3 हासिल कर शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है. शिक्षा मंत्रालय ने दी बधाई शिक्षा मंत्रालय ने भी नवोदय विद्यालयों की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की. मंत्रालय ने कहा कि नवोदय स्कूल ग्रामीण छात्रों को बेहतरीन शिक्षा देकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के काबिल बना रहे हैं. यह सफलता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में बताए गए समावेशी और समान शिक्षा के सपनों को साकार करती है. चयनित छात्र अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और केंद्र सरकार की ग्रुप ‘A’ और ‘B’ सेवाओं में नियुक्त होंगे. यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर पूरी मेरिट लिस्ट देखी जा सकती है. व्यक्तिगत अंक (स्कोरकार्ड) 15 दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे. यूपीएससी ने नियमों के अनुसार एक सामान्य आरक्षित सूची भी तैयार की है. साथ ही, फिलहाल 241 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को अनंतिम तौर पर रखा गया है.  

कैबिनेट का फैसला :पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज होने पर अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा नही जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक मई से 30 मई तक तकादले हो सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई। ई- ऑफिस से ही तबादले आवेदन लिए जाएंगे। विभाग अपनी सुविधा अनुसार तबादला नीति बना भी सकेंगे। कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास, आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि परली जलाने पर संबधित किसान की सम्मान निधि एक साल के लिए रुकी जाएगी। पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज होने पर उस किसान का अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा नही जाएगा। इन प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट की मुहर पराली जलाने के मामले में सरकार ने सख्त निर्णय लिया है। अगर कोई किसान पराली जलाएगा तो किसान सम्मान निधि एक साल के लिए रोक दी जाएगी और अगले साल उपज खरीदी नहीं जाएगी। इससे किसानों को नुकसान से बचना होगा। शासकीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त देने के मुख्यमंत्री के फैसले पर कैबिनेट ने अनुसमर्थन दिया है। अब कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते के बराबर हो गया है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर अब 1 मई से 30 मई 2025 के बीच हो सकेंगे। इसके लिए अधिकारी- कर्मचारियों को ऑनलाइन 30 मई तक ई-ऑफिस में ट्रांसफर के लिए अप्लाई करना होगा। 30 मई के बाद तबादले के लिए आवेदन करने वालों का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। विभाग अपने व्यवस्था के अनुसार ट्रांसफर नीति बना सकता है। कैबिनेट ने तबादला नीति में जो प्रस्ताव तय किए हैं उसके अनुसार मंत्री और प्रभारी मंत्री तबादले कर सकेंगे। इसके लिए विभागों में पद वार तबादलों का प्रतिशत भी तय किया गया है। 200 पद के लिए 20 प्रतिशत 201 से 1000 से 15 प्रतिशत 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत 2001 से अधिक पर 5 प्रतिशत तबादले होंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि ग्रीन एनर्जी पर फोकस मोहन सरकार ने किया है।  इसलिए एमपी और यूपी सरकार की बिजली डिमांड को ध्यान रखते हुए प्लान तैयार किया गया है। एमपी में बरसात में बिजली की डिमांड कम हो जाती है जबकि यूपी में बरसात के दौरान डिमांड बढ़ जाती है। आगे मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने तय किया है कि तीन हजार मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। एक हजार मेगावाट कंपोजिट प्लान में रहेगी जबकि 2 हजार मेगावाट यूपी को दी जा सकेगी। यह प्लांट चंबल में लगाया जाएगा। केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) के लिए छह अधिकारियों की कमेटी बनी है। यह कमेटी कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक रूप पेंशन स्कीम का प्रस्ताव तैयार करेगी। इस कमेटी में अशोक बर्णवाल, मनीष रस्तोगी, लोकेश जाटव, तन्वी सुंद्रियाल, अजय कटेसरिया, जेके शर्मा इस कमेटी में शामिल हैं। कमेटी भारत की गाइडलाइन का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के आधार पर यह कमेटी बनाई गई है।     विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार अब केंद्र सरकार के समान शासकीय कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी।     इससे राज्य सरकार पर 3.50 हजार करोड़ वित्तीय भार आएगा। कैबिनेट की बैठक में ग्रीन एनर्जी को लेकर भी निर्णय लिया गया।     मप्र और उत्तर प्रदेश अपनी अपनी डिमांड के अनुरूप ग्रीन एनर्जी बिजली का उपयोग करेंगे। ग्रीन एनर्जी संयंत्र मध्य प्रदेश में लगेगा और इससे उत्तर प्रदेश को भी बिजली मिलेगी।     मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की बिजली मांग की अवधि एक दूसरे की पूरक होने के कारण मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में पूरक आधार पर विद्युत प्रदाय के लिए मध्य प्रदेश में 2000 मेगावाट सौर पार्क व 1000 मेगावाट कंपोजिट ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया।     इस परियोजना से दोनों राज्यों द्वारा पृथक-पृथक छः महीनों के लिए बिजली ली जाएगी। इसके अलावा पेंशन योजना के लिए कमेटी गठित की गई। यूनीफाइड पेंशन योजना देने पर यह कमेटी विचार करेगी।    

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्माण एजेंसी को दिये निर्देश, आयोध्या बायपास चौड़ीकरण का कार्य एक जून से शुरू होगा

आयोध्या बायपास चौड़ीकरण का कार्य एक जून से शुरू होगा:राज्यमंत्री श्रीमती गौर 836 करोड़ की लागत से 2 साल में होगा पूरा होगा मार्ग का चौड़ीकरण: राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्माण एजेंसी को दिये निर्देश, आयोध्या बायपास चौड़ीकरण का कार्य एक जून से शुरू होगा भोपाल भोपाल में रत्नागिरी से आशाराम तिराहे तक 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बायपास मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य एक जून से शुरू होगा। इस मार्ग की चौड़ीकरण की लागत 836 करोड़ रूपये है। इसे 2 वर्ष की समयावधि में पूरा किया जायेगा। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय निर्माण एजेंसी एनएचएआई के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारियों निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निर्माण के दौरान आने वाली किसी भी कठिनाई के निराकरण के लिये अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें। कठिनाई का तुरंत निराकरण किया जायेगा। इस कार्य में विलंब नहीं होना चाहिए, 2 वर्ष की तय समय-सीमा में तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश का आदर्श रोड होगा। इसमें फ्लाई ओवर आदि का निर्माण भी शामिल है। एनएचएआई के इस प्रोजेक्ट के डारेक्टर देवांश नरवाल ने बताया कि अयोध्या बायपास चौड़ीकरण का कार्य तय समय-सीमा में पूरा होगा। इसमें सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जायेगी ताकि यातायात बधित नहीं हो। कटने वाले पेड़ों के स्थान पर 4 गुना से अधिक पेड़ लगायेंगे बैठक में बताया गया कि अयोध्या बायपास चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ों को हटाया जायेगा। हटाये जाने वाले पेड़ों के स्थान पर हटाये गये पेड़ों की संख्या के 4 गुना से अधिक पेड़ लगाये जायेगें। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरवाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण में आने वाले विद्युत पोल और पाइप लाईन आदि को समय पर शिफ्ट किया जायेगा। बैठक में आनंद नगर फ्लाई ओवर निर्माण, रत्नागिरी तिराहे पर मैट्रो रेल फ्लाई ओवर निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने आनंद नगर फ्लाई ओवर निर्माण के लिये भूमि अधिग्रहण के कार्य को अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिये। समीक्षा बैठक में आयुक्त नगर निगम संजीव सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई देवांश नरवाल, मैट्रो रेल भोपाल के महा प्रबंधक, लोक निर्माण विभाग, राजस्व और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।  

CM यादव ने डॉ भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वही आज हमारी सबसे बड़ी ताकत

 इंदौर  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद किया। वहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर करारा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आज तक उनके नाम का इस्तेमाल सिर्फ वोटों के लिए किया है, लेकिन बाबा साहेब जीवित थे, तब उन्हीं के खिलाफ काम किया। मंगलवार को एमपी के इंदौर में बाबा साहेब अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने डॉ भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वही आज हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मजाकिया अंदाज में कहा- मैं मामा परिवार से आता हूं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को ‘हमारी महारानी यशोदा राजे सिंधिया’ कहकर संबोधित किया और कहा कि उनका उज्जैन और मालवा से आत्मिक जुड़ाव है। उन्होंने मंच से मजाकिया अंदाज़ में कहा कि ‘मैं मामा परिवार से आता हूं, तो अब मुझे शायद सन्यास भी लेना पड़ेगा।’ भावुक अंदाज में वसुंधरा राजे के पूर्वजों की तारीफ की सीएम ने भावुक अंदाज में वसुंधरा राजे के पूर्वजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘आपके पिता श्री ने बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए संविधान का सम्मान करते हुए, सबसे पहले अपनी रियासत भारत सरकार को समर्पित कर दी थी। यह भारत के एकीकरण की दिशा में बहुत बड़ा कदम था।’ डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ समाजसेवी नारायण केसरी का भी मंच से अभिनंदन किया। उन्होंने केसरी जी के 100 वर्ष पूरे होने की कामना करते हुए कहा कि ‘परमात्मा करें, आप आगे भी समाज का मार्गदर्शन करते रहें।’ नेहरू पर सीधा हमला, ‘दाह संस्कार तक की अनुमति नहीं दी गई’ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘बाबा साहेब जब जीवित थे, तब भी उन्हें उपेक्षा झेलनी पड़ी। उनके राजनीतिक करियर को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया। चुनाव में हराने के लिए खुद प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में गए। यहां तक कि जब बाबा साहेब का निधन हुआ, तो दिल्ली में उनके दाह संस्कार की अनुमति भी नहीं दी गई। यह देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।’ डॉ मोहन ने खुलासा किया कि ‘जिस विमान से बाबा साहेब का पार्थिव शरीर मुंबई ले जाया गया, उसके किराये का बिल भी उनकी पत्नी को थमा दिया गया था। यह कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।’ BJP का सम्मान और स्मृति निर्माण की पहल सीएम डॉ मोहन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अंबेडकर के योगदान को हमेशा सम्मान दिया है। ‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने बाबा साहेब की स्मृतियों को सहेजने के लिए गंभीर प्रयास किए। लंदन में जहा बाबा साहेब ने पढ़ाई की थी, उस भवन को स्मारक बनाकर भारत सरकार ने तीर्थ स्थल का दर्जा दिया है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘बीजेपी ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य किया है। बाबा साहेब का सपना था एक ऐसे भारत का निर्माण जिसमें जातिवाद नहीं हो, जहां सबको बराबरी का अधिकार हो। बीजेपी उसी रास्ते पर चल रही है।’

राजधानी भोपाल में एक अनोखी पाठशाला सुर्खियों में है, जहां हिंदू युवतियों को ‘लव जिहाद’ से बचने की ट्रेनिंग दी जा रही

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अनोखी पाठशाला सुर्खियों में है, जहां हिंदू युवतियों को ‘लव जिहाद’ से बचने की ट्रेनिंग दी जा रही है. स्मार्ट सिटी रोड पर स्थित दुर्गा मंदिर में हिंदू संगठन की ओर से शुरू की गई इस पाठशाला में लड़कियों और उनके माता-पिता को ‘लव जिहाद’ से सतर्क रहने के तरीके सिखाए जा रहे हैं. यह पहल हाल ही में भोपाल में सामने आए एक बड़े रेप और ब्लैकमेलिंग रैकेट के बाद शुरू की गई है.   दुर्गा मंदिर में हर एकादशी के दिन यह खास पाठशाला आयोजित की जाती है. इस दौरान माइक पर ‘संस्कृति बचाओ मंच’ के पंडित चंद्रशेखर तिवारी भगवान के भक्ति मंत्रों की जगह ‘लव जिहाद’ से बचने के मंत्र बता रहे हैं. पंडित तिवारी युवतियों और उनके माता-पिता को संबोधित करते हुए उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों, सांस्कृतिक मूल्यों और खास तौर पर ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. पाठशाला में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल होते हैं. एकादशी का दिन इसलिए चुना गया पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया, ”हमारा उद्देश्य हिंदू बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक खतरों से अवगत कराना है. एकादशी का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि इस दिन मंदिर में बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं पूजा-पाठ के लिए आती हैं.” मंदिर में मौजूद युवतियों और महिलाओं ने बताया कि वे यहां दी जा रही बातों को ध्यान से सुनती हैं और राजधानी जैसे शहर में भी उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कॉलेज की घटना से उबाल हाल ही में भोपाल में एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया, जिसमें फरहान अली, साहिल और साद जैसे युवकों ने हिंदू नाम अपनाकर कॉलेज की छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाया. इन आरोपियों ने न केवल युवतियों के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि उनके वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और गिरोह के अन्य युवकों से संबंध बनाने का दबाव डाला. पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच कर रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस गिरोह को ‘लव जिहाद’ के लिए फंडिंग तो नहीं हो रही थी. हिंदू संगठनों की सक्रियता इस घटना के बाद हिंदू संगठन सक्रिय हो गए हैं और अलग-अलग तरीकों से कार्रवाई कर रहे हैं. ‘संस्कृति बचाओ मंच’ ने मंदिरों में ऐसी पाठशालाएं शुरू की हैं, जहां युवतियों को सतर्कता बरतने की ट्रेनिंग दी जा रही है. संगठन का कहना है कि वे सनातन धर्म को मजबूत करने और हिंदू समाज को जागरूक करने के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं.  

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