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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी नाका स्थित ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक सुनील सोनी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य के समग्र विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना की अहम भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और राजधानी से लेकर दूरस्थ अंचलों तक प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की चिंता हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में ‘मेडिसिटी’ विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ के प्रबंधन एवं स्टाफ को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह संस्थान माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कांग्रेस ने किया ‘गायब’ वाला पोस्ट, मच गया सियासी घमासान, बीजेपी का पलटवार ‘सर तन से जुदा’ कमेंट कर सुना दिया

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सियासी घमासान तेज होने लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इसी बीच कांग्रेस की ओर से ‘एक्स’ पर ऐसा पोस्ट किया गया, जिसे लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया। दरअसल कांग्रेस ने अपने पोस्ट एक तस्वीर शेयर करते हुए सिर्फ इतना लिखा- जिम्मेदारी के समय गायब। कांग्रेस ने इस पोस्ट के जरिए कहीं न कहीं पीएम मोदी को टारगेट करने की कोशिश की। इस पर बीजेपी ने पलटवार किया है। कांग्रेस की पोस्ट पर अमित मालवीय का पलटवार कांग्रेस की ओर से ‘एक्स’ पर जिस तरह से ‘गायब’ वाला पोस्ट किया गया उस पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सवाल उठाए। उन्होंने एक्स पर रिएक्ट करते हुए कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने ‘सर तन से जुदा’ वाली तस्वीर का इस्तेमाल किया, इसमें अब कोई संदेह नहीं रह गया कि यह महज एक राजनीतिक बयान नहीं है। यह मुस्लिम वोट बैंक को पाने की कोशिश है। ये प्रधानमंत्री के खिलाफ एक छिपी हुई उकसावेबाजी है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है। बीजेपी सांसद ने कहा कि कांग्रेस और उनके नेताओं की क्या मजबूरी है, कि पाकिस्तान के बोल बोलने जरूरी है? वे पाकिस्तान का समर्थन क्यों कर रहे हैं? जब भारतीयों का खून बहता है तो क्या उन्हें ये देखकर गुस्सा नहीं आता? उनके नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सैफुद्दीन सोज ने हमसे कहा कि हम पाकिस्तान की सुने और पाकिस्तान को पानी नहीं रोके. कांग्रेस किसके साथ खड़ी है? भारत के या पाकिस्तान के? जब पाकिस्तान पर भारत सर्जिकल स्ट्राइक करता है तो काग्रेस सवाल उठाती है. अब कांग्रेस का प्रो-पाकिस्तान चेहरा एक्सपोज हो गया है. वही, बीजेपी नेता अमित मालीवय ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने ‘सर तन से जुदा’ वाली तस्वीर का इस्तेमाल किया है, इसमें अब कोई संदेह नहीं रह गया कि यह महज एक राजनीतिक बयान नहीं है. यह मुस्लिम वोट बैंक को पाने की कोशिश है. ये प्रधानमंत्री के खिलाफ एक छिपी हुई उकसावेबाजी है. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने ऑर्डर पाकिस्तान से ले रही है. कांग्रेस पार्टी के ट्वीट को पाकिस्तान के पूर्व मंत्री कोट करते हैं. तो आज देश के सामने ये स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस, पाकिस्तान के आतंक के डीपस्टेट की जुगलबंदी चल रही है. कांग्रेस के अलग-अलग नेता फिर चाहे वे सिद्धारमैया हो या कांग्रेस के जम्मू कश्मीर के चीफ हो गए, जो कह रहे हैं कि हमें पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए. अगर कांग्रेस का चाल-चरित्र और नीति आज पाकिस्तान समर्थक टेरर पार्टी की है. इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी का चाल और चरित्र वही है जो एंटी नेशनल पार्टी का होता है. राहुल गांधी को भी बीजेपी नेता ने सुना दिया अमित मालवीय ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ लोगों को उकसाया और हिंसा को उचित ठहराया है। फिर भी कांग्रेस कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि प्रधानमंत्री को लाखों भारतीयों का प्यार और आशीर्वाद प्राप्त है। इसके विपरीत, कहावत के अनुसार, अगर किसी की गर्दन कटी है, तो वह कांग्रेस है। आज कांग्रेस बिना सिर वाली एक ऐसी पार्टी बन गई है, जिसे कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या करना है। वे दिशाहीन होकर भटक रहे हैं। कांग्रेस ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग वहीं पहलगाम हमले को लेकर कांग्रेस की ओर से विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि हमने कई विपक्षी दलों से बातचीत की और उसके बाद ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पहलगाम आतंकी हमले पर विशेष सत्र बुलाने और चर्चा कराने की मांग की। जयराम रमेश ने क्या कहा जानिए जयराम रमेश ने आगे कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया को यह सामूहिक संकल्प दिखाना है कि हम एक हैं। यह एकता का समय है, ध्रुवीकरण का नहीं। मौजूदा हालात को देखते हुए एकता और एकजुटता जरूरी है। एकता और सामूहिक संकल्प दिखाने के लिए राज्यसभा और लोकसभा के विशेष सत्र बुलाए जाने चाहिए। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री संसद का विशेष सत्र बुलाएंगे और उसमें मौजूद रहेंगे।

भोपाल में मुस्लिम युवकों ने पहचान छिपा हिंदू लड़कियों से रेप, वकीलों ने आरोपियों को पीटा

भोपाल भोपाल में पहचान छिपाकर समुदाय विशेष के युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों से रेप और ब्लैकमेल की वारदात सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। इस घटना को लेकर लोगों के आक्रोश का अंदाजा सोमवार को हुई एक घटना से लगाया जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सोमवार को जब पुलिस दो आरोपियों को जीप में बैठाकर जिला न्यायालय परिसर से ले जा रही थी तभी गुस्साए वकीलों की भीड़ ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए उन पर हमला बोलते हुए पीट दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्य बार काउंसिल के सह-अध्यक्ष राजेश व्यास ने बताया कि वकील, खासकर युवा, इस घटना से नाराज हैं। वकील इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं। वे अनुशासित तरीके से विरोध कर रहे हैं। यह संघर्ष जारी रहेगा और अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों में से एक सैफ अली को बचा लिया गया। सैफ को सुरक्षित ले जाया गया। दूसरे आरोपी को भगवा कपड़े में ले जाए जाने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने उसे यह कपड़ा नहीं दिया था। यह भी हो सकता है उसने खुद को ढकने के लिए वाहन में पड़े इस कपड़े को ले लिया हो। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, भोपाल के एक निजी कॉलेज की तीन लड़कियों के साथ आरोपियों पहचान छिपाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने बाद में इन लड़कियों को ब्लैकमेल किया। आरोपियों में से एक फरहान अली उर्फ ​​फराज कॉलेज का पूर्व छात्र है। उसने दो साल पहले अपनी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़कियों में से एक से दोस्ती की। उसने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता का वीडियो बनाया और फिर उसे ब्लैकमेल किया। उसके दो दोस्तों ने भी इसी तरह अन्य लड़कियों को फंसाया। यह सनसनीखेज वारददात 18 अप्रैल को तब सामने आई जब पहली पीड़िता ने बाग सेवनिया पुलिस स्टेशन का रुख किया। उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे और उसकी सहेलियों को अपने दोस्तों से मिलने के लिए मजबूर किया। आरोपियों ने उसका यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल किया। आरोपियों ने अन्य लड़कियों के साथ भी दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और विडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच आगे बढ़ने पर पीड़िताओं और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। जिला अस्पताल में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन इससे पहले, सोमवार को ही आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया था. इस दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उन्हें जनता के हवाले करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की. क्या है पूरा मामला? यह सनसनीखेज मामला 18 अप्रैल 2025 को तब सामने आया, जब एक पीड़िता ने बागसेवनिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. उसने आरोप लगाया कि फरहान अली उर्फ फराज ने उसे अपने दोस्तों से मिलवाने के लिए मजबूर किया, जिन्होंने उसका यौन शोषण किया और ब्लैकमेल किया. पुलिस के अनुसार, फरहान कॉलेज का पूर्व छात्र है और उसने दो साल पहले अपनी पहचान छिपाकर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की थी. फिर रेप किया. यही नहीं, पीड़िता का वीडियो बनाया और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. फरहान के दो दोस्तों, साहिल और साद ने भी इसी तरह अन्य लड़कियों को अपने जाल में फंसाया. पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS), और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच में फरहान के फोन से कई अश्लील वीडियो बरामद हुए, जिनमें कम से कम 10-15 लड़कियों के वीडियो होने की बात सामने आई है. जांचकर्ताओं का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. अजमेर रेप कांड से तुलना यह मामला 1992 के कुख्यात अजमेर रेप कांड की याद दिलाता है, जहां 100 से ज्यादा स्कूली छात्राओं को ब्लैकमेल कर उनका यौन शोषण किया गया था. भोपाल मामले में भी आरोपियों ने वीडियो बनाकर पीड़िताओं को ब्लैकमेल किया और उन्हें अपने दोस्तों से मिलवाने के लिए मजबूर किया. कई पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें जबरदस्ती नशा कराया गया, मांस खिलाया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया.  सियासी बवाल इस मामले ने भोपाल में सामाजिक तनाव को जन्म दिया है. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को ‘द केरल स्टोरी” फिल्म जैसी साजिश करार देते हुए आरोपियों को सार्वजनिक सजा देने की मांग की है. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में ‘जिहाद या लव जिहाद’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों को सख्त सजा दी जाएगी. कांग्रेस ने भी इस मामले की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

मुख्यमंत्री ने अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के दिए निर्देश, सभी शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में हो सुधार

रायपुर : आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था पर हो काम– विष्णु देव साय आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाएं – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की मुख्यमंत्री ने अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के दिए निर्देश, सभी शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में हो सुधार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे बड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा कर विभाग द्वारा संचालित केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में अधिकारियों को शहरों में आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाने और उन पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों के आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाने को कहा, ताकि बच्चों को खेलने-कूदने तथा बड़े-बुजुर्गों को वॉकिंग, जॉगिंग, योग और शारीरिक व्यायाम के साथ ही आमोद-प्रमोद की जगह सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों में अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करते हुए भारत सरकार द्वारा जारी स्वच्छता की अपनी वर्तमान रैंकिंग में सुधार लाने को कहा। उन्होंने शहरों को सुंदर और स्वच्छ बनाने जन भागीदारी बढ़ाने के साथ ही इंदौर जैसे बेहतर सफाई व्यवस्था वाले शहरों में नगर निगमों के आयुक्तों को अध्ययन के लिए भेजने को कहा। मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शहरी आबादी से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य विभागों से समन्वय बनाकर बुनियादी शहरी सुविधाएं विकसित करने को कहा। इससे निकट भविष्य में समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों के नगरीय निकाय में शामिल होने या नए नगरीय निकाय के रूप में अस्तित्व में आने पर शहरों के मुताबिक व्यवस्थाएं और जन सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर देते हुए निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने वाले निकायों के लिए रिवार्ड-सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एप या ऑनलाइन सिस्टम तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम की तरह अन्य नगरीय निकायों में भी संपत्ति कर की वसूली के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया। इससे लोग घर बैठे या अपने कार्यस्थल से ही मोबाइल या कम्प्यूटर से संपत्ति कर जमा कर सकेंगे जिससे राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने अगले एक वर्ष में सभी निकायों में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मोर संगवारी योजना के तहत घर पहुंच दस्तावेज बनाने की व्यवस्था को केंद्र सरकार के डिजी-लॉकर से लिंक करने को कहा। इससे नागरिकों के दस्तावेज स्थायी रूप से उनके डिजी-लॉकर में सुरक्षित रहेंगे। इससे योजना संचालन के व्यय में भी कमी आएगी। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन सवेरे निकाय के अधिकारियों के साथ साफ-सफाई एवं विकास कार्यों के निरीक्षण के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। इससे विभाग के कार्यों में कसावट के साथ ही निर्माण कार्यों की प्रगति एवं साफ-सफाई की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। सभी नगरीय निकायों में वर्तमान जरूरतों के मुताबिक सेट-अप के पुनरीक्षण और निकायों के वर्गीकरण की कार्यवाही की जा रही है। बड़े विकास कार्यों, शहरों की आवश्यकता एवं भावी जरूरतों के मुताबिक शहरी विकास को गति देने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति तथा सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के साथ ही विभिन्न निकायों में बन रहे अटल परिसरों तथा नालंदा परिसरों की प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, राहुल भगत, डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का, उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव तथा सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलदूतों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले के सारंगपुर में किया श्रमदान मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में किया जल संरक्षण तथा अधोसंरचनात्मक विकास के विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजगढ़ जिले के किसानों की समृद्धि, खेती आधारित उद्योग, मिल्क प्रोसेसिंग ईकाई खोलने और फूड इंडस्ट्री पार्क स्थापित करने में राज्य सरकार अनुदान प्रदान करेगी। प्रदेश की माताएं-बहनें भी सशक्त हो रही हैं। अब लाड़ली बहनें ड्रोन दीदी और लखपति दीदी बन रही हैं। माताएं-बहनें ही भारतीय परंपरा में परिवार का आधार हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें लोकसभा और विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भगवान कृष्ण के लीला स्थलों को दिव्य और देवस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ नगरी बसायी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सारंगपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण को समर्पित राज्य सरकार 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का उपार्जन कर रही है। गौमाता के कल्याण के लिए सरकारी गौशालाओं का अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति गाय किया गया है। जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिकाओं में गौशाला खोलने पर भी अनुदान दिया जाएगा। पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसमें गौपालकों को कम से कम 25 और अधिकतम 200 गाय पालने पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सारंगपुर के कपिलेश्वर महादेव के प्रांगण में बाबा महाकाल के मंदिर जैसी अनुभूति होती है। राजगढ़ एक अनूठा जिला है, जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। आधुनिक भारत के भगीरथ प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया है। राजगढ़ में कभी पलायन एक बड़ी समस्या थी, लेकिन बदलते दौर में स्थिति भी बदली है। राजगढ़ आकांक्षी जिले की श्रेणी में शामिल है। जिले में सारंगपुर, नरसिंहगढ़, ब्यावरा क्षेत्र सब्जियों के साथ अनाज उत्पादन में भी आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैब कुटुम्बकम सनातन संस्कृति का आधार रहा है। लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो यह नया भारत घर में घुसकर मारेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम में कायरता और हत्या करने वाले आतंकियों को धरती के आखिरी छोर तक पीछा कर मार गिराने का संकल्प लिया है। हमारे सैन्य बलों ने सदैव दुश्मनों का मुकाबला कर देश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालीसिंध नदी के तट पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जलदूतों के साथ श्रमदान भी किया। इस महा अभियान में पानी की एक-एक बूंद सहेजने के लिए प्रदेश में प्राचीन नदियों, तालाब, पोखर और जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौशाला का निरीक्षण करने के बाद गौमाता की पूजा कर गौसेवा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की एवं कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ड्रोन दीदी, जल निगम सहित कई स्टॉल्स और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। राजगढ़ प्रदेश का पहला जिला है, जहां सभी थाने आईएसओ सर्टिफाइड हो चुके हैं। कार्यक्रम में राजगढ़ पुलिस के सर्टिफिकेशन और कार्यशैली पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपराधिक जीवन छोड़ने वालों के पुनर्वास कार्य के लिए पुलिस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के लिए 112.10 करोड़ की लागत से विभिन्न 733 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें जल गंगा संवर्धन अभियान के 633 कार्य शामिल हैं। यहां 590 अमृतसरोवर, 10 हजार 500 नए खेत तालाबों का निर्माण कार्य हुआ है। इसके साथ ही 5 करोड़ 70 लाख की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कन्या छात्रावास और नल जल कार्य का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सारंगपुर में भव्य पुल के निर्माण और 2 करोड़ 4 लाख की लागत से चार स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण की घोषणा की। उन्होंने 44 करोड़ की लागत से सारंगपुर को फोरलेन सिटी से जोड़ने और 38 करोड़ की लागत से एबी रोड लिंक करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के 3 रोगियों के उपचार के लिए 5 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। रोजगार एवं कौशल विकास राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर नगरी भगवान राम के सारंग धनुष के नाम पर पहचानी जाती है। सारंगपुर में वर्ष 1824 में नरसिंहगढ़ के राजा कुंभा ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पानी की महत्ता को सिद्ध किया है। उन्होंने सारंगपुर को 1500 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार के लिए सारंगपुर में औद्योगिक क्षेत्र और सोलर प्लांट स्थापित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में मंत्री नारायण सिंह पंवार, सांसद रोडमल नागर, विधायक मोहन शर्मा, विधायक हजारीलाल दांगी और जनअभियान परिषद के अध्यक्ष मोहन नागर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी

भोपाल, इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया से जुड़ी सभी आवश्यक कार्यवाही समय-सीमा में हो पूरी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव  सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तावित भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तावित भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए औैर इन क्षेत्रों में आर्थिक विकास की संभावनाओं के मद्देनजर कार्य योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी। इसके लिए योजना से जुड़ी समस्त एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन एरिया गठन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, राज्य मंत्री नगरीय विकास श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में भूमि का नियोजित रूप से विकास सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए निवेशकों को अभी से प्रोत्साहित करें। इन क्षेत्रों में भविष्य को देखते हुए इकॉनामिक कॉरिडोर, सड़क परिवहन के साथ रेल परिवहन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इससे जुड़ी सभी कार्यवाही निश्चित समय- सीमा में पूरी की जाएं। दो मेट्रोपॉलिटन एरिया देवास-सीहोर जिलों में परस्पर भी जुड़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक साथ दो महानगरीय क्षेत्रों के गठन की पहल से इन्दौर और भोपाल के मध्य स्थित इलाकों के समग्र विकास में सहयोग मिलेगा। दोनों मेट्रोपॉलिटन एरिया परस्पर जुड़ने से प्रदेश का एक विशाल क्षेत्र समन्वित और एकीकृत विकास का उदाहरण बनेगा। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी दोनों महानगरीय क्षेत्रों के लिए जनप्रतिनिधियों से चर्चा के सत्र सम्पन्न हुए हैं। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास में अपनी विरासत को संरक्षित रखने और पर्यावरण की दृष्टि से ग्रीन बेल्ट पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इंदौर -भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनने से इकॉनामिक कारिडोर के विजन को पूरा किया जा सकेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में हमें सेमी-अर्बन क्षेत्र से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर प्रारंभिक रूप से प्लानिंग करनी होगी। अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने प्रजेंटेशन द्वारा बताया कि पहला मेट्रोपॉलिटन एरिया इंदौर, उज्जैन, देवास, धार को मिलाकर बनाया जा रहा है। दूसरा मेट्रोपॉलिटन एरिया भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आगामी विधान सभा सत्र से पूर्व तैयारी पूरी की जाएगी।  

वैभव की आँधी में उडा गुजरात, रचे कई कीर्तिमान, पांच हार के बाद जीता RR

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) में सोमवार को राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए मैच में 14 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान देखने को मिला. वैभव सूर्यवंशी ने महज 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया. उनकी इस पारी के दम पर राजस्थान ने गुजरात के 210 रनों के टोटल को महज 16वें ओवर में ही 8 विकेट रहते चेज कर लिया. वैभव आईपीएल इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर आ गए हैं. उनसे आगे केवल वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ओर से खेलते हुए मात्र 30 गेंदों में शतक ठोका था. इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर यूसुफ पठान हैं, जिन्होंने 2010 में मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिए 37 गेंदों में शतक जमाया था. वहीं डेविड मिलर ने 2013 में किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ 38 गेंदों में शतक बनाया था. शतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज वैभव ने यह शतक महज 14 साल और 32 दिन की उम्र में लगाया. यानी सबसे कम उम्र में टी20 शतक लगाने का रिकॉर्ड अब वैभव के नाम आ गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड विजय जोल के नाम था, जिन्होंने 2013 में महाराष्ट्र की ओर से मुंबई के खिलाफ 18 साल और 118 दिन की उम्र में शतक लगाया था. वहीं, बांग्लादेश के परवेज हुसैन इमन ने 2020 में 18 साल और 179 दिन की उम्र में शतक बनाया था, जबकि फ्रांस के गुस्ताव मकेऑन ने 2022 में 18 साल और 280 दिन की उम्र में स्विट्जरलैंड के खिलाफ शतक जड़ा था. 17 गेंदों में ही लगाई फिफ्टी वहीं, वैभव ने अर्धशतक लगाने के लिए भी महज 17 गेंदों का सामना किया. इस दौरान वैभव ने 3 चौके और 6 छक्के जडे. वैभव ने 17 गेंद में फिफ्टी लगाई जो आईपीएल के इस सीजन में सबसे तेज अर्धशतक था. वहीं, राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल के इतिहास में लगाई गई ये दूसरी सबसे तेज फिफ्टी थी. इसके अलावा आईपीएल में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड भी अब वैभव के नाम दर्ज हो गया है. वैभव ने 14 साल और 32 दिन की उम्र में आईपीएल में फिफ्टी लगाई है. इससे पहले ये रिकॉर्ड रियान पराग के नाम था, जिन्होंने 17 साल 175दिन की उम्र में फिफ्टी लगाई थी. सूर्यवंशी के शतक में बने कुल 8 रिकॉर्ड, तूफान के बाद की शांत में वैभव को पिछले साल नवंबर में हुई नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था. इससे पहले, 12 साल और 284 दिन की उम्र में बिहार के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू कर वे भारत के चौथे सबसे युवा फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर बने थे. वहीं इस मैच में सूर्यवंशी ने अपनी पारी की धीमी शुरुआत के बाद ईशांत शर्मा के एक ओवर में 28 रन ठोककर 13 गेंदों में 35 रन पूरे किए. उन्होंने महज 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर आईपीएल इतिहास की पांचवीं सबसे तेज फिफ्टी बनाई. इसके बाद वे और आक्रामक हो गए और सिर्फ 18 गेंदों में 50 से 100 तक पहुंच गए. उन्होंने 35 गेंदों में अपना शतक पूरा कर आईपीएल के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया. इस मामले में उनसे आगे सिर्फ क्रिस गेल (30 गेंदों में शतक, 2013) हैं. सूर्यवंशी अंततः 38 गेंदों में 101 रन बनाकर आउट हुए. उनकी इस विस्फोटक पारी में 11 छक्के और 7 चौके शामिल थे. यानी 94 रन केवल चौके और छक्के से आए. आइये उनकी इस शानदार पारी में बने कुल रिकॉर्ड पर नजर डालते हैं- टी20 क्रिकेट इतिहास में सबसे युवा शतकवीर बने 14 साल और 32 दिन की उम्र में टी20 क्रिकेट में शतक लगाने वाले वे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने विजय जोल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2013 में मुंबई के खिलाफ महाराष्ट्र के लिए 18 साल और 118 दिन की उम्र में शतक लगाया था. यह टी20 क्रिकेट इतिहास में सातवां सबसे तेज शतक है. सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड साहिल चौहान के नाम है, जिन्होंने 2024 में एस्टोनिया के लिए साइप्रस के खिलाफ सिर्फ 27 गेंदों में शतक लगाया था. वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की, जो आईपीएल इतिहास में पांचवीं सबसे तेज फिफ्टी है. एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज सूर्यवंशी ने अपनी पारी में 11 छक्के लगाए, जो आईपीएल इतिहास में चौथी सबसे बड़ी संख्या है. इस लिस्ट में पहले स्थान पर क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2013 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ 17 छक्के लगाए थे. इसके अलावा, आईपीएल में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा खेली गई पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्होंने साझा कर लिया है. इससे पहले, मुरली विजय ने 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे. रन चेज में सबसे ज्यादा छक्के मारने का रिकॉर्ड आईपीएल के किसी रन-चेज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अब उनके नाम है. उन्होंने सनथ जयसूर्या (2008 में CSK के खिलाफ 11 छक्के) के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. इसके साथ ही, वे 18 साल से कम उम्र में टी20 क्रिकेट में 10 या अधिक छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं. एक शतक में बाउंड्री से आए सबसे ज्यादा रन वैभव ने 35 गेंद की अपनी सेंचुरी में कुल 11 छक्के और 7 चौके लगाए. 11*6= 66 और 7*4= 28 रन. यानी कुल 94 रन केवल बाउंड्री से आए. यह आईपीएल में किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक शतक में बाउंड्री प्रतिशत के हिसाब से कुल रन के मामले में सबसे ज्यादा है. उन्होंने 100 रन बनाने में 93 प्रतिशत रन केवल बाउंड्री से बनाए.   आईपीएल इतिहास की तीसरी सबसे तेज 100+ पारी सूर्यवंशी ने 265.78 के स्ट्राइक रेट से यह पारी खेली, जो आईपीएल इतिहास में तीसरी सबसे तेज 100+ पारी है. 2010 में यूसुफ पठान ने 37 गेंदों में शतक लगाते हुए 270.07 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे, जबकि 2013 में डेविड मिलर ने 38 गेंदों में 101* रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट … Read more

भारतीय सेना की कार्रवाई से बचने पाकिस्तान ने आतंकवादियों को आर्मी के बंकर में शिफ्ट होने के लिए कहा

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों को लॉन्च पैड से निकालकर आर्मी शेल्टर्स में शिफ्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों से कहा है कि वे या तो आर्मी शेल्टर या फिर बंकरों में चले जाएं. पीओके स्थित सभी लॉन्च पैड को खाली करने को कहा गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि, पीओके में स्थित लॉन्च पैड से गाइड के जरिए आतंकी जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल होते हैं. हाल फिलहाल में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ लॉन्च पैड की पहचान की थी, जिनमें से इन लॉन्च पैड से आतंकियों को शिफ्ट किया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, फॉरवर्ड कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे में कुछ लॉन्च पैड हैं, जहां हमेश आतंकी मौजूद होते हैं. एलओसी के पास अपनी सुरक्षा बढ़ा रहे कश्मीरी सीमा पर तनाव के बीच कश्मीर में एलओसी के पास रहने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने लगे हैं. मसलन,कुछ वर्षों की सामान्य स्थिति और शांति के बाद, एलओसी के पास रहने वाले लोगों के लिए तनाव और अनिश्चितता फिर से वापस आ गई है. खासतौर से पीओके में भारतीय सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बाद स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ी है. नियंत्रण रेखा, कुपवाड़ा के केरन, माछिल, तंगधार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद गोलीबारी की घटनाएं फिर से आम हो गई हैं. अपनी सुरक्षा के लिए लोग अब बम शेल्टर खोल रहे हैं और उनकी सफाई कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर लोग अपनी जान बचा सकें. पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा सीजफायर का उल्लंघन पाकिस्तान पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू-कश्मीर में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से ये उल्लंघन आम हो गए हैं. अप्रैल 2025 तक दर्ज की गई घटनाओं को एलओसी के साथ जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा उकसावे के रूप में देखा जा रहा है. भारतीय सेना ने प्रत्येक घटना का तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब दिया है, नागरिकों पर इसका कम से कम प्रभाव हुआ है.  

नई शिक्षा नीति के तहत अब सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी

भोपाल नई शिक्षा नीति के तहत अब निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी हो चुकी है। आगामी 16 जून से नए शिक्षा सत्र में जिले के 226 स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं शुरू होंगी, जिसके चलते सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को नर्सरी से शिक्षा उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए तीन वर्ष की उम्र वाले विद्यार्थियों को संस्था में प्रवेश दिया जायेगा। यह सभी स्कूल सांदिपनी विद्यालय से अलग होंगे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों में यह सभी व्यवस्था लागू होंगी। जिला परियोजना समन्वयक रमेश राम उईके ने बताया कि जिले के 226 सरकारी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र 16 जून से नर्सरी की कक्षाएं शुरू होंगी। इन कक्षाओं को नियमित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पीपी-2 और पीपी-3 की कक्षाएं होंगी, जो केजी-1 अन्य कक्षाओं को नियमित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पीपी-2 और पीपी-3 की कक्षाएं होंगी, जो केजी-1 और केजी-2 के समकक्ष हैं। नर्सरी के विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए डाइट के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे कि शिक्षक विद्यार्थियों को शुरुआती दौर में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ज्ञान दे सकें। इसके अतिरिक्त शिक्षक बच्चों को नाच-गाकर भी पढ़ाएंगे, जिससे कि विद्यार्थियों को आसानी से अक्षर का ज्ञान हो सकेगा। नर्सरी में प्रवेश के लिए तीन साल की उम्र निर्धारित नई शिक्षा नीति के अनुसार पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 से साढ़े 7 वर्ष व नर्सरी में प्रवेश के लिए तीन साल की उम्र निर्धारित की गई हैं। निजी स्कूलों में पहले से ही नर्सरी की कक्षाएं संचालित हैं। इन स्कूलों को टक्कर देने के लिए ही सरकारी स्कूलों में यह पहल शुरु की जा रही है। 226 स्कूलों के बाद आगामी समय में जिले के अन्य सभी स्कूलों में इस व्यवस्था को लागू किया जायेगा। डीपीसी के मुताबिक प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर अब शिक्षक नर्सरी के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाएंगे। पिछले वर्ष के आगे की कक्षा में भेजे जाएंगे और अभिभावकों को शिक्षक घर-घर जाकर सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षा में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेंगे। नए प्रयोग से मजबूत होगी बच्चों की नींव डीपीसी आरआर उइके के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग का यह तर्क है कि सरकारी स्कूलों से अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ा जाए। यदि प्रारंभिक दौर में नर्सरी के बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा तो वह आगे की कक्षा में भी सरकारी स्कूलों में ही अध्ययन करेंगे। शिक्षक नाच-गाकर नर्सरी के बच्चों को अक्षर का ज्ञान सिखाएंगे ऐसे में विद्यार्थी कक्षा पहली तक आते-आते अक्षर व शब्द लिखना पूरी तरह सीख जाएंगेे। ऐसे में बच्चों की शिक्षा की राह आसान होगी ओर उनकी नींव भी पूरी तरह मजबूत होगी। विभाग ने इसके लिए नियम लागू कर दिए हैं। शिक्षकों को घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश भी जारी किये गए हैं। बच्चों के लिए करें व्यवस्था राज्य शिक्षा केंद्र ने जिला कलेक्टरों को जारी दिशा-निर्देश में कहा है कि प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए स्कूल में टाट पट्टी, पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए. जिस विद्यालय में प्रवेश दिया जाना है, वहां कम से कम दो कक्षाओं में प्रवेश पाने वाले बच्चों की कक्षा संचालन की सुविधा हो और बाहर खेलने के लिए मैदान पर्याप्त जगह वाला हो.  

एनसीईआरटी की कक्षा 7वीं की इतिहास की पाठ्यपुस्तक से मुगलों और दिल्ली सल्तनत से संबंधित सभी संदर्भ हटाया

नई दिल्ली नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान की किताब में बड़ा बदलाव किया है. NCERT ने इस किताब में से मुगलों और दिल्ली सल्तनत से जुड़ा पूरा हिस्सा हटा दिया है. इसकी जगह पर ‘पवित्र स्थल’, ‘महाकुंभ’ और ‘सरकारी योजनाओं’ पर जोर दिया गया है. इस बदलाव को न्यू एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCFSE) 2023 के अनुरूप बताया गया है, जिसका मकसद शिक्षा में भारतीय ज्ञान, परंपराओं और स्थानीय सोच को जोड़ना है. क्लास 7 की सामाजिक विज्ञान की किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ (Exploring Society: India and Beyond) है.  रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें अब मौर्य, शुंग, सातवाहन जैसे प्राचीन भारतीय राजवंशों पर फोकस किया गया है. वहीं मुगलों, तुगलकों, खिलजियों, ममलूक और लोधी वंश जैसे मध्यकालीन शासकों का अब कोई जिक्र नहीं है. मुगलों को इतिहास से बाहर करने की कोशिश? प्रोफेसर अली नदीम रिजवी ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “देश का माहौल इस तरह से बदल रहा है कि मुगलों को इतिहास से गायब करने की कोशिश की जा रही है. इतिहास चाहे अच्छा हो या बुरा, वह इतिहास होता है और उसे बदला नहीं जा सकता. हां, अगर नए तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें शामिल किया जा सकता है, लेकिन इतिहास से किसी भी महत्वपूर्ण संदर्भ को हटा देना सही नहीं है.” प्रोफेसर रिजवी ने यह भी कहा कि इतिहास का या किसी भी विषय का सिलेबस बार-बार संशोधित किया जा सकता है, लेकिन इतिहास के कुछ पन्नों को गायब करना चिंताजनक है. उनका मानना है कि अगर नई जानकारी मौजूद है, तो उसे पाठ्यपुस्तकों में जोड़ा जा सकता है, लेकिन इतिहास के कुछ हिस्सों को हटाना या नजरअंदाज करना देश के लिए हानिकारक हो सकता है. क्या मुगलों का योगदान मिटाने की कोशिश हो रही है? प्रोफेसर रिजवी ने यह भी कहा कि यह बदलाव देखकर ऐसा लगता है कि मुगलों के योगदान को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश की जा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को यह पता न चले कि मुगलों ने देश के इतिहास और संस्कृति में क्या योगदान दिया था. उन्होंने आशंका जताई कि यह बदलाव कहीं ना कहीं उस वातावरण का हिस्सा हो सकता है, जिसमें इतिहास को फिर से लिखा जा रहा है और कुछ हिस्सों को जानबूझकर हटा दिया जा रहा है. प्रोफेसर रिजवी ने इस बारे में विस्तार से बताया कि अगर पाठ्यपुस्तकों में भारतीय संस्कृति, सभ्यता या समाज के बारे में बात की जा रही है, तो महाकुंभ, मेक इन इंडिया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे विषयों को वहां शामिल किया जा सकता है, क्योंकि ये हमारे समाज और संस्कृति का हिस्सा हैं. लेकिन जहां तक इतिहास की बात है, तो इतिहास को सिर्फ इतिहास तक सीमित रखा जाना चाहिए. इतिहास को बदलने की कोशिश करना या उसमें हेरफेर करना, उनके मुताबिक, निंदनीय है. नया पाठ्यक्रम: संस्कृति और इतिहास का सही संतुलन प्रोफेसर रिजवी ने इस संदर्भ में कहा कि यदि किताबें संस्कृति और सभ्यता के बारे में बात करती हैं, तो उन्हें महाकुंभ और अन्य सांस्कृतिक संदर्भों को शामिल करने की आज़ादी होनी चाहिए. लेकिन इतिहास को इतिहास ही रहने देना चाहिए, और उसे बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उनका कहना था कि मुगलों को ‘इनविजिबल’ करने की जो कोशिश हो रही है, वह भारत के इतिहास को समझने में एक बड़ी बाधा साबित हो सकती है. कौन-से चैप्टर हटाए गए? दिल्ली की NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों में कक्षा 7 की किताबों से मुगल और दिल्ली सल्तनत के चैप्टर्स हटा दिए गए हैं. इन बदलावों के तहत नए अध्यायों में भारतीय राजवंश, ‘पवित्र भूगोल’, महाकुंभ और सरकारी योजनाओं पर जोर दिया गया है. NCERT अधिकारियों के मुताबिक, ये पाठ्यपुस्तक का पहला हिस्सा है और दूसरा हिस्सा आने वाले महीनों में जारी किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह पुष्टि नहीं की कि पहले हटाए गए हिस्से वापस जोड़े जाएंगे या नहीं. कोविड-19 महामारी के दौरान 2022-23 में NCERT ने पहले ही मुगल और दिल्ली सल्तनत पर आधारित हिस्सों को कम कर दिया था, लेकिन अब नई पाठ्यपुस्तक ने इन्हें पूरी तरह हटाने का फैसला किया गया है. ‘Exploring Society: India and Beyond’ नाम के सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में नए अध्याय शामिल हैं जो प्राचीन भारतीय राजवंशों जैसे मगध, मौर्य, शुंग और सातवाहन पर केंद्रित हैं. महाकुंभ का जिक्र नई पाठ्यपुस्तक में ‘पवित्र भूगोल’ नाम के अध्याय भी शामिल हैं जिसमें भारत के पवित्र स्थानों और तीर्थयात्राओं के बारे में विस्तार से बताया गया है. इसमें 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम यात्रा, और शक्ति पीठों का वर्णन किया गया है. महाकुंभ मेला, जो इस साल प्रयागराज में आयोजित हुआ, उसे भी पाठ्यपुस्तक में शामिल किया गया है, जिसमें बताया गया है कि इस में लगभग 660 मिलियन यानी 66 करोड़ लोग शामिल हुए थे. एक नया चैप्टर ‘हाउ दी लैंड बिकम्स सेक्रेड’ (How the Land Becomes Sacred) भी जोड़ा गया है. इसमें बताया गया है कि भारत और दूसरे देशों में कैसे जमीन को पवित्र माना जाता है. इस चैप्टर में इस्लाम, ईसाई, यहूदी, पारसी, हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म जैसे धर्मों के लिए भारत और विदेश में पवित्र माने जाने वाले स्थानों और तीर्थस्थलों के बारे में भी बताया गया है. इसके अलावा, चार धाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ और पवित्र नदियों के संगम की चर्चा है. साथ ही यह भी बताया गया है कि किस तरह बद्रीनाथ से कन्याकुमारी तक भारत को ‘तीर्थों की भूमि’ माना गया है.

MP में सरकारी नौकरी पर भर्ती के लिए परीक्षा का तरीका बदलेगा, पीएससी और चयन मंडल की परीक्षाएं अब एक बार, बढ़ेगी पारदर्शिता

 भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती और चयन परीक्षा में बड़ा परिवर्तन करने जा रही है। राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती परीक्षाएं अब बार-बार नहीं होंगी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर वर्ष में केवल एक बार परीक्षा होगी और सभी श्रेणी के पदों के लिए प्रावीण्य सूची बना ली जाएगी। प्रतीक्षा सूची भी एक ही रहेगी। इसके लिए पदों की संख्या सभी विभागों से वर्ष में एक बार पूछ ली जाएगी और उसके आधार पर सितंबर में आगामी वर्ष के लिए कैलेंडर निर्धारित हो जाएगा। जनवरी, 2026 से भर्ती-चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी सामान्य प्रशासन विभाग कर रहा है। कैलेंडर के हिसाब से परीक्षाएं होती है आयोजित प्रदेश में द्वितीय और कार्यपालिक तृतीय श्रेणी के पदों की भर्ती पीएससी के माध्यम से होती है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लिए कर्मचारी चयन मंडल परीक्षाएं कराता है। अभी जैसे-जैसे विभागों की ओर से पद उपलब्ध होते हैं, वैसे-वैसे दोनों एजेंसियां अपने कैलेंडर के हिसाब से परीक्षाएं आयोजित करती हैं। बार-बार फीस और परीक्षा देनी पड़ती है इसमें न केवल अधिक समय लगता है बल्कि अभ्यर्थियों को बार-बार फीस और परीक्षा देनी पड़ती है। एजेंसियों को भी हर परीक्षा के लिए मानव संसाधन से लेकर अन्य व्यवस्थाएं करनी होती हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को परिवर्तित करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग ने पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं के साथ विभागीय भर्ती नियम सहित अन्य प्रक्रियाओं में परिवर्तन का खाका तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा ही तरह की परीक्षा से विभिन्न श्रेणी के उपलब्ध पदों के लिए मेरिट के हिसाब से चयन किया जाएगा। एक बार बनाई जाएगी प्रतीक्षा सूची विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों से आवेदन के समय विकल्प मांगे जाते हैं। मेरिट के हिसाब से यदि उसका चयन दो पदों के लिए हो जाता है और ऐसे में वह जिस पद का चयन करता है तो दूसरा पद प्रतीक्षा सूची वाले को मिल जाएगा। प्रतीक्षा सूची एक बार बनाई जाएगी। पद उपलब्ध होते ही इस सूची के अभ्यर्थी को मौका मिलता रहेगा। दरअसल, अभ्यर्थी एक साथ कई परीक्षाएं देते हैं और अलग-अलग पद पर चयन होने पर वे किसी एक सेवा का चयन करते हैं। ऐसे में अन्य पद रिक्त रह जाते हैं। नियम से लेकर परीक्षा का ब्योरा रहेगा ऑनलाइन सूत्रों का कहना है कि पारदर्शिता के लिए नियम से लेकर परीक्षा का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहेगा। अभी पीएससी के माध्यम से होने वाली परीक्षा में कई बातें सार्वजनिक नहीं की जाती हैं, जिससे अभ्यर्थी कोर्ट चले जाते हैं। परीक्षा परिणाम या चयन सूची पर रोक लगा जाती है। पूरी प्रक्रिया रुक जाती है। आगे ऐसा न हो, इसके लिए सभी जानकारियां ऑनलाइन की जाएंगी ताकि किसी को सूचना के अभाव में कोई संदेह न रहे। एक जैसे होंगे विभागों के भर्ती नियम विभागों के भर्ती नियम भी अब एक जैसे होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ही इन्हें बनाकर अधिसूचित करने के लिए देगा। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि एकरूपता रहे। इसमें समान प्रकृति के पदों के लिए एक जैसे नियम हो जाएंगे। साथ ही यह लाभ भी होगा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को विज्ञापन निकालते समय विभागीय भर्ती नियम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और समय पर विज्ञापन जारी हो जाएंगे। दो-ढाई लाख पदों पर होंगी भर्तियां प्रदेश में आगामी दो-तीन साल में दो से ढाई लाख सरकारी पदों पर भर्तियां होनी हैं। इसमें रिक्त पदों के साथ पदोन्नति होने पर खाली होने वाले पद भी शामिल हैं। ये सभी पद समयसीमा में भर जाएं, इसके लिए चयन प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन किया जा रहा है। बार-बार नहीं देनी होगी परीक्षा     मुख्यमंत्री की मंशा है कि परीक्षाएं समय पर और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए और अभ्यर्थी को बार-बार परीक्षा भी न देनी पड़े। इसके लिए नियमों में संशोधन करके पूरी व्यवस्था में ही परिवर्तन किया जा रहा है। प्रयास यह है कि सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करके जनवरी, 2026 से लागू कर दिया जाए।- संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग  

9 किलोमीटर के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के कारण फंसा 495 करोड़ का हाईवे प्रोजेक्ट! 8 महीने से अटका काम

 श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बन रहे 155 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (NH 52) में भले ही पहले दो भाग (पाली-गोरस और गोरस-श्यामपुर) काम चल रहा है, लेकिन तीसरे भाग श्यामपुर-सबलगढ़ का काम टेंडर होने के 8 महीने बाद भी अटका हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस भाग में 9 किलोमीटर का वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का क्षेत्र आ रहा है, लिहाजा अभी काम की अनुमति नहीं मिली है। हालांकि एनएच के अफसर आवेदन कर चुके हैं, लेकिन अभी एनओसी का इंतजार है।  यही वजह है कि पिछले दिनों श्योपुर आए प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला भी समीक्षा बैठक में वन विभाग के अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया गंभीरता से पूरी कराने के निर्देश दे गए हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में नेशनल हाइवे के 155 किमी में पाली श्योपुर-गोरस के भाग में 60 फीसदी काम हो गया है, जबकि गोरस-श्यामपुर के भाग में प्रारंभिक काम शुरु हो गया है। बीच में नौ किमी का वाइल्डलाइफ कॉरिडोर यूं तो श्यामपुर से सबलगढ़ तक फुल 55 किलोमीटर के हाइवे निर्माण होना है, लेकिन इसमें किलोमीटर का हिस्सा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का आ रहा है। जिसमें श्योपुर कूनो नेशनल पार्क और राजस्थान के कैलादेवी अभयायरण्य के बीच का ये हिस्सा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के रूप में संरक्षित है, यही वजह है कि हाइवे निर्माण के लिए एनओसी की जरुरत है। बताया गया है कि श्यामपुर-सबलगढ़ हाइवे में नए एलाइनमेंट के अनुसार वीरपुर कस्बे के बाहर से हाइवे निर्माण होगा। वहीं वीरपुर के आगे जाकर ब्रॉडगेज रेल लाइन के ऊपर से ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा। 495 करोड़ में बनना है ये 55 किमी का मार्ग नेशनल हाइवे 552 (एक्सटेंशन) पाली-श्योपुर-गोरस-श्यामपुर-सबलगढ़ का 3 भाग में काम हो रहा है। इसी के तहत ये तीसरा भाग श्यामपुर से सबलगढ़ का है। 55 किलोमीटर के इस भाग के लिए गत वर्ष सितंबर माह में ही टेंडर हो चुके हैं, जिसमें इसके निर्माण की लागत 495 करोड़ रुपए है। लेकिन टेंडर होने के 8 महीने बाद भी काम शुरु होना तो दूर अभी तक संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ एग्रीमेंट भी नहीं हुआ है। यही वजह है कि फिलहाल सड़क निर्माण अधर में लटका है। इस मामले में एनएच-पीडब्ल्यूडी श्योपुर के सब इंजीनियर विजय अवस्थी ने बताया कि ‘एनएच के तहत श्यामपुर-सबलगढ़ के निर्माण के लिए टेंडर तो पिछले साल हो गए थे, लेकिन इसके बीच वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का हिस्सा आ रहा है, जिसकी एनओसी के लिए हमने आवेदन किया हुआ है। एनओसी मिलते ही इसका काम शुरू हो जाएगा।’

प्राइवेट स्कूलों में 5 मई से होंगे आरटीई से एडमिशन, टाइमटेबल घोषित, 7 मई से 21 मई तक होंगे आवेदन

भोपाल  आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में नि: शुल्क शिक्षा पाने का अवसर खुल गया है। सत्र 2025-26 के लिए आरटीई अधिनियम में नि: शुल्क प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम घोषित कर दिया है। सीटें होंगी आरक्षित योजना में प्रदेश के मान्यता प्राप्त निजी गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। आवेदन प्रक्रिया 7 से 21 मई तक पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। स्कूलों का आवंटन 29 मई को लॉटरी के माध्यम से होगा। प्रक्रिया पारदर्शी व डिजिटल होगी। शिक्षा विभाग 5 मई को मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों और आरक्षित सीटों की जानकारी वेबसाइट पर जारी करेगा। आवेदन के साथ जन्म, निवास, बीपीएल प्रमाण-पत्र तथा माता-पिता के पहचान-पत्र को अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। आवेदन के बाद 7 से 23 मई तक दस्तावेजों का मूल सत्यापन संबंधित जनशिक्षा केंद्रों पर होगा। सूची होगा तैयार सत्यापन उपरांत योग्य अभ्यर्थियों की सूची तैयार होगी। स्कूल आवंटन के बाद अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से सूचना मिलेगी। इसके बाद 2 से 10 जून तक विद्यार्थियों को उपस्थिति दर्ज करानी होगी तथा मोबाइल एप के माध्यम से रिपोर्टिंग भी करनी होगी। योजना का लाभ केवल मप्र के मूल निवासी बीपीएल या वंचित समूह के बच्चों को मिलेगा। इस प्रकार तय किए गए नर्सरी: 3 वर्ष से 4 वर्ष 6 माह, केजी-14 वर्ष से 5 वर्ष 6 माह, केजी-2: 5 वर्ष से 6 वर्ष 6 माह व कक्षा-1:6 वर्ष से 7 वर्ष 6 माह। गलत जानकारी देने या अधूरे दस्तावेज प्रस्तुत करने पर आवेदन निरस्त हो जाएगा। दिन 1-5: इम्पॉर्टन्ट सब्जेक्ट्स कवर करें सभी इम्पॉर्टन्ट सब्जेक्ट्स निकालें सबसे पहले उन विषयों को चुनें जो आपके लिए सबसे इम्पॉर्टन्ट हैं और जिन्हें आप अच्छे से समझते हैं। उदाहरण के तौर पर, गणित, रसायनशास्त्र और भौतिकी के कुछ महत्वपूर्ण चैप्टर्स जैसे मैट्रिक्स, काइनेमैटिक्स, वर्क एंड एनर्जी, और आर्गेनिक केमिस्ट्री पर ध्यान दें। इन विषयों को पहले मजबूत करें। सिंपल टॉपिक्स को प्रायोरिटी दें जिन टॉपिक्स को आपने पहले अच्छी तरह से पढ़ा है, उन पर रिवीजन करें। यदि कोई टॉपिक थोड़ा कठिन लगता है, तो उसे छोड़कर अपने मजबूत विषयों पर ध्यान केंद्रित करें। टाइम मैनेजमेंट हर विषय के लिए 2-3 घंटे का समय निर्धारित करें और अपनी समय सारणी का पालन करें। यह सुनिश्चित करें कि आप हर दिन समय पर काम समाप्त कर सकें। दिन 6-10: मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर मॉक टेस्ट लेना शुरू करें इन 5 दिनों के दौरान मॉक टेस्ट लें और हर एक टेस्ट के बाद उसे अच्छे से एनालिसिस करें। यह आपको यह जानने में मदद करेगा कि आप कहां कमजोर हैं और किसे और मजबूत करना है। नोट्स बनाएं उन टॉपिक्स के लिए छोटे-छोटे नोट्स तैयार करें जिनमें आपको मुश्किल आ रही है। इन नोट्स को दिन में एक बार रिवीजन करने की आदत डालें। स्पीड और एक्युरेसी पर ध्यान दें मॉक टेस्ट में समय सीमा का पालन करते हुए अपनी स्पीड और एक्युरेसी को सुधारने पर ध्यान दें। सही उत्तर की संख्या ज्यादा महत्वपूर्ण है, समय से पहले सभी सवाल हल करने की कोशिश करें। दिन 11-13: कमजोर क्षेत्रों पर फोकस केवल कठिन टॉपिक्स पर काम करें इन तीन दिनों में केवल उन्हीं टॉपिक्स पर काम करें जिनमें आप कमजोर हैं। जैसे भौतिकी के कुछ खास टॉपिक्स या रसायनशास्त्र के किसी विशेष चैप्टर पर ध्यान केंद्रित करें। डाउट्स क्लियर करें अपने टीचर्स या ट्यूटर्स से डाउट्स को क्लियर करें। अब आखिरी समय में जो भी शंका है, उसे तुरंत दूर करें। दिन 14-15: रिवीजन और फाइनल प्रैक्टिस किसी भी नई चीज़ को न सीखें अंतिम दो दिन केवल रिवीजन के लिए रखें। नए टॉपिक्स को अब सीखने का कोई फायदा नहीं है। केवल पहले से पढ़े हुए विषयों की समीक्षा करें। मॉक टेस्ट और मॉक इंटरव्यू दिन में एक या दो मॉक टेस्ट लें और उनकी जाँच करें। मॉक टेस्ट से यह भी पता चलेगा कि परीक्षा में किस तरह के प्रश्न आ सकते हैं। मनोबल बनाए रखें परीक्षा से एक दिन पहले मन को शांत रखें। थोड़ी देर के लिए ध्यान या हल्का-फुल्का शारीरिक व्यायाम करें, जिससे आपका मन प्रसन्न रहे। एक्सट्रा टिप्स स्वस्थ आहार और पर्याप्त नींद परीक्षा से पहले शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों में स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। अच्छा आहार लें और सही नींद लें ताकि आप परीक्षा के दिन ताजगी महसूस करें। पॉजिटिव मानसिकता रखें खुद पर विश्वास रखें। सकारात्मक सोच आपकी परीक्षा में सफलता की कुंजी है।

प्रदेश में लागू नियमों के अनुसार ही भोपाल में हाई राइज बिल्डिंग निर्माण की अनुमति दी जाए

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विरासत के संरक्षण के साथ भोपाल के विकास का समुचित नियोजन किया जाए। भोपाल के समृद्ध अतीत को शहर की प्लानिंग का भाग बनाते हुए भोजपुर जाने वाले मार्ग पर राजभोज की स्मृति में तथा उज्जैन की ओर जाने वाले मार्ग पर सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित द्वार निर्मित होगा। शीघ्र ही इन दोनों द्वारों के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न अंचलों की झलक राजधानी में अभिव्यक्त हो, इस दृष्टि से भोपाल @2047 के विकास के बारे में विचार करना आवश्यक है। इसके साथ ही भोपाल को मेट्रोपॉलिटन एरिया के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पश्चिम में आगरा-मुम्बई रोड और विदिशा, रायसेन व सीहोर तक आवागमन का नेटवर्क विकसित करते हुए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में भोपाल जिले के विकास कार्यों की समीक्षा में य‍ह निर्देश दिए। बैठक में सूक्ष्म, लघु और उद्यम तथा जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर तथा मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भोपाल से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के लिए जनप्रतिनिधियों ने आभार माना। उन्होंने कहा कि इससे भोपाल में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने भोपाल को उद्योग-व्यापार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। एजुकेशन, मेडिकल, टूरिज्म, इंडस्ट्री आदि के क्षेत्र में गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। भोपाल में आवागमन के लिए सड़क परिवहन के साधनों तथा मैट्रो सुविधा का परस्पर लिंकेज स्थापित करते हुए समग्रता में प्लान क्रियान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय उपयोग सुनिश्चित करते हुए परिवहन अधोसंरचना का निर्माण हो। मार्गों की प्लानिंग में जन-प्रतिनिधियों के सुझावों को अवश्य शामिल किया जाए। शहर के नियोजन में सैटेलाइट सर्वे का उपयोग सुनिश्चित करते हुए अवैध बसाहटों के निर्माण पर भी नजर रखी जाए। स्वीकृत कालोनियों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल शहर में ऊंचे भवनों के निर्माण की अनुमति के संबंध में कहा कि इस संबंध में जो नियम प्रदेश में लागू हैं, भोपाल में भी उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विकसित आवासीय सुविधाएं किराये पर नहीं जाएं, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों और झुग्गियों के निर्माण के संबंध में सतर्क रहें, संबंधित क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां होने पर उस क्षेत्र के राजस्व और नगर निगम अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएचईएल क्षेत्र के भूमि प्रबंधन के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के सभी शासकीय भवनों पर प्राथमिकता से सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से कार्य किया जाए कि सौर ऊर्जा के उपयोग में राजधानी भोपाल, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल जिले में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करते हुए प्रभावी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल में एम्स से करोंद चौराहा और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा मार्ग के दो कॉरीडोर पर मैट्रो कार्य प्रगति पर है। बीएचईएल की भूमि का उपयोग 50-50 मॉडल पर शहर के विकास तथा बीएचईएल के हित में करने के संबंध में भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय तथा प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के मध्य सैद्धांतिक सहमति हुई है। बैठक में बताया गया कि अचारपुरा क्षेत्र में उद्योगों की निरंतर मांग के दृष्टिगत ग्राम हज्जामपुरा की 31.21 हैक्टयर भूमि पर 32.29 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसी प्रकार कोलार क्षेत्र के ग्राम सतगढ़ी में 69.91 हेक्टयर भूमि पर रेडीमेड गारमेंट हौजरी पार्क विकसित करने की योजना है। बैठक में महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी एवं विष्णु खत्री सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक है, कूनों में पांच नन्हें मेहमानों का आगमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय उद्यान कूनो में नए मेहमानों के आगमन पर प्रदेशवासियों को बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रविवार को मध्यप्रदेश के चीता परिवार में पुनः वृद्धि हुई है। कूनों में पांच नन्हें मेहमानों का आगमन हमारे बीच हुआ है, जो चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह वन विभाग की टीम के सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जितने चीते अफ्रीका से लाए गए थे, उससे ज्यादा चीतों का जन्म मध्यप्रदेश में हो चुका है। यह चीता प्राजेक्ट के सफल क्रियान्वयन को दर्शाता है, हम निरंतर इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब मध्यप्रदेश में पहला चीता छोड़ा था, तब से लेकर आज तक कूनों में चीतों में निरन्तर वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार सभी वन्य जीवों और उनके परिवार वृद्धि के लिए उपयुक्त ईको-सिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रही है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और पर्यटन भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि चीते को भी एशिया में पुनर्स्थापित किया जा सकता है।

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