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राज्य सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई करते हुए आमजन की परिवेदनाओं को आत्मीयता के साथ सुना और अधिकारियों को परिवेदनाओं के निस्तारण के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। प्रत्येक फरियादी की समस्या को सुनना और उसका निस्तारण सुनिश्चित करना हमारी सरकार का मूलमंत्र है। मुख्यमंत्री ने जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, राजस्व, मनरेगा, ऊर्जा एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को राहत दी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित भी रहे। जनसुनवाई के दौरान जयपुर निवासी श्री रामसिंह राजोरिया ने मुख्यमंत्री को चावल के एक दाने पर उकेरी अयोध्या स्थित रामलला मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। श्री शर्मा ने श्री राजोरिया की माइक्रो आर्ट की प्रशंसा की। श्री राजोरिया ने सूक्ष्मतम हस्तलिखित श्री भगवत् गीता के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

भारत के डर से पाकिस्तानी सेना में मची ‘भगदड़’असीम मुनीर, इस्तीफा दो वर्ना…

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपनी सरकार को भारत के साथ तनाव को कम करने की सलाह दी है। पाकिस्तान के तीन बार पीएम रहे नवाज शरीफ मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बड़े भाई हैं। पाकिस्तान के सबसे सीनियर नेताओं में शुमार नवाज ने अपने भाई और पीएम शहबाज को साफतौर पर कहा है कि भारत के साथ युद्ध की ओर ना बढ़ें बल्कि कूटनीतिक तरीके अपनाकर तनाव को कम करें। पाकिस्तानी नेताओं की भारत के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी के बीच नवाज शरीफ की ओर से यह सलाह दी गई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद भारत के साथ उपजे तनाव के बीच शहबाज शरीफ ने अपने भाई नवाज शरीफ से मुलाकात की है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत से तनाव के संबंध में नवाज शरीफ को अपनी सरकार के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि देश किसी भी आक्रमण का जवाब देने के लिए तैयार है। इस पर नवाज शरीफ ने कहा कि वह आक्रामक रुख अपनाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने शहबाज से कहा कि वह दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच शांति बहाल करने के लिए सभी उपलब्ध राजनयिक संसाधनों का इस्तेमाल करें। बातचीत के जरिए भारत के साथ तनाव करने पर काम करें। शहबाज ने नवाज से कहा- भारत झूठ बोल रहा शहबाज शरीफ ने मुलाकात में नवाज शरीफ को बताया कि पहलगाम हमले में भारत झूठ बोल रहा है। इसमें पाकिस्तान का कोई किरदार नहीं है। इस हमले का मकसद क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना है। भारत ने एकतरफा तरीके से सिंधु समझौते से हटने का ऐलान कर दिया है। ये पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट पैदा करता है। भारत के सिंधु समझौते को निलंबित करने के फैसले से युद्ध का खतरा बढ़ा है। नवाज की सलाह पर शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान शांति के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन भारत की ओर से कोई कार्रवाई हुई तो जवाबी कदम उठाए जाएंगे। शहबाज ने ये भी बताया कि उनकी सरकार ने पहलगाम हमले की जांच के लिए भारत को अंतरराष्ट्रीय आयोग बनाने का प्रस्ताव दिया। इस पर नवाज ने कहा कि दोनों देशों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए शांति जरूरी है। ऐसे में प्राथमिकता बातचीत से चीजों को हल करना होना चाहिए। क्या है पूरा मामला कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में 26 लोगों की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं तो इस्लामाबाद की ओर से भी आक्रामक बयानबाजी की जा रही है और युद्ध की धमकी दी जा रही है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। भारत के डर से पाकिस्तानी सेना में मची ‘भगदड़’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के मंत्री एक तरफ ऊल-जलूल बयान देने में लगे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तानी फौज के प्रमुख असीम मुनीर से इस्तीफा मांगा जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में अटकलें थीं कि मुनीर देश छोड़कर भाग गए हैं। कई रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि असीम मुनीर के परिवार ने भी देश छोड़ दिया है। इसके अलावा, बिलावल भुट्टो का परिवार भी देश छोड़कर जा चुका है। माना जा रहा है कि भारत पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों को ऐसी सजा देने की बात की है, जो आतंकियों की कल्पना से परे होगा। जानते हैं-क्या भारत की संभावित कार्रवाई के डर से पाकिस्तानी फौज की हालत खराब हो रही है। जब पाकिस्तानी PMO को फोटो शेयर कर देनी पड़ी सफाई कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि जनरल मुनीर रावलपिंडी में एक बंकर में छिप गए हैं। इन अटकलों के बीच पाकिस्तान सरकार ने एक फोटो शेयर कर बताया कि ‘सब ठीक ठाक है।’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक X हैंडल से रविवार को एबटाबाद से एक ग्रुप फोटो पोस्ट की, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल मुनीर आगे की लाइन में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। फोटो के साथ तारीख भी स्पष्ट रूप से कैप्शन देते हुए पाक पीएमओ ने कहा-26 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर (NIM) और पीएमए काकुल के अधिकारी एबटाबाद के पीएमए काकुल में 151वें लॉन्ग कोर्स के ग्रेजुएट अधिकारियों के साथ एक ग्रुप फोटो में शामिल हुए। मुनीर ने फिर उगला जहर-मुसलमान-हिंदू अलग मुल्क हैं मुनीर ने बीते फिर जहर उगलते हुए कहा कि मुसलमान और हिंदू दो अलग-अलग मुल्क हैं। मुनीर ने इस बात पर जोर दिया था कि उनके पूर्वजों का मानना था कि हिंदू और मुसलमान जीवन के हर पहलू में भिन्न हैं। मुनीर शनिवार को खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के काकुल इलाके में पाकिस्तान सैन्य अकादमी (PMA) में कैडेट की पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे। मुनीर ने कहा-द्वि-राष्ट्र सिद्धांत इस बुनियादी मान्यता पर आधारित था कि मुसलमान और हिंदू दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, एक नहीं। मुसलमान जीवन के सभी पहलुओं- धर्म, रीति-रिवाज, परंपरा और सोच में हिंदुओं से अलग हैं।

हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत 2 मई 2025 को प्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिनिधि, लाड़ली बालिकाएं, उनके अभिभावक, लाड़ली क्लब की अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के प्रति समर्पित सोच का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने प्रत्येक जिला और निकाय स्तर पर कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सशक्तिकरण का वातावरण तैयार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति साझा संकल्प है। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा। इसमें कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, लाड़ली बालिकाओं के प्रेरक उद्बोधन और ‘अपराजिता’ कार्यक्रम अन्तर्गत मार्शल आर्ट का प्रदर्शन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल है। इस उत्सव के जरिये जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं तथा लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों का सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान में जन-प्रतिनिधियों और बालिकाओं द्वारा पौध-रोपण भी किया जाएगा। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं अपने अनुभव भी साझा करेंगी।  

CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अप्रैल को करेंगे श्रमिक परिवारों को राशि वितरित 30 अप्रैल को अनुग्रह सहायता योजना के 27,523 प्रकरणों में 600 करोड़ रूपये की राशि की जाएगी अंतरित CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे धार जिले के उमरबन में होगा राशि वितरण कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 अप्रैल को धार जिले के उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 27 हजार 523 प्रकरणों में राशि रूपये 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा हेतु सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है एवं इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निः शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना प्रारंभ से अब तक 01 करोड 75 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया जारी है। संबल योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से वर्तमान तक कुल 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 6 हजार 432 करोड से अधिक के हितलाभ का वितरण किया जा चुका है।  

भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल मरीन विमानों की डील हो गई, 63,000 करोड़ रुपये में की गई

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जारी तनाव के बीच सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल मरीन विमानों की डील हो गई है. यह डील 63,000 करोड़ रुपये में की गई है. इस डील के तहत भारतीय नौसेना के लिए फ्रांस से 26 राफेल मरीन एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे. इस समझौते के भारत का प्रतिनिधित्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया. इस ौदरान नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल के. स्वामीनाथन भी मौजूद थे. भारत और फ्रांस के बीच हुए इस समझौते के तहत 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. इससे पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी. भारत और फ्रांस के बीच 2016 में एक सौदा हुआ था, जिसके तहत पहले से ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में 36 एयरक्राफ्ट है. भारतीय वायुसेना के राफेल जेट अंबाला और हाशिनारा इन दो बेस से ऑपरेट होंगे. इन 26 राफेल-M की डील के साथ भारत की राफेल जेट की संख्या बढ़कर 62 हो जाएगी. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: … Read more

भोपाल रेप कांड में गैंग के सरगना फरहान की एक गलती ने कर दिया पूरे गिरोह का भंडाफोड़!

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार राज्य की धरती पर ‘जिहाद या लव जिहाद’ बर्दाश्त नहीं करेगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. राजधानी भोपाल के एक कॉलेज की 3 लड़कियों के साथ बलात्कार और ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद सीएम यादव का यह बयान आया है. आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाई थी. CM यादव ने कहा कि सुशासन के लिए मशहूर मध्य प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा, “जो कोई भी अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी, हमारी सरकार राज्य की धरती पर किसी भी तरह के जिहाद या लव जिहाद को बर्दाश्त नहीं करेगी. जो भी इस तरह के कृत्यों में शामिल पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह राज्य के अंदर हो या राज्य से बाहर भाग गया हो, मध्य प्रदेश पुलिस उसे पकड़कर वापस लाएगी.” एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लड़कियों को फंसाकर उनके साथ बलात्कार करने के रैकेट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. दो आरोपियों को पोक्सो और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य फरार है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक और निजी कॉलेज का पूर्व छात्र फरहान अली उर्फ ​​फराज ने दो साल पहले अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की से दोस्ती की. उसने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, फराज के दो दोस्तों ने इसी तरह दो अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया. घटना 18 अप्रैल को तब सामने आई जब पहली पीड़िता ने बाग सेवनिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बताया कि उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे अपने दोस्तों से अपनी सहेलियों को मिलवाने के लिए मजबूर किया और उन्होंने उसका यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल किया. जांचकर्ताओं के करीबी सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. भोपाल रेप कांड में गैंग के सरगना फरहान की एक गलती ने कर दिया पूरे गिरोह का भंडाफोड़! राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों के साथ रेप मामले का इंदौर कनेक्शन भी सामने आया है, जिसमें मुख्य आरोपी फरहान ही किरदार है, जिसकी एक गलती ने इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया. भोपाल के बागसेवनिया थाने में जिस युवती ने फरहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, वह फरहान से बचने के लिए इंदौर जा चुकी थी, लेकिन फरहान वहां भी उसे परेशान करने पहुंच गया. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के साथ पहले फरहान के दोस्त अली ने रेप किया था और इसका वीडियो बनाया था. यही वीडियो उसने फरहान को भेजा था, जिसके बाद फरहान ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया. फरहान से परेशान होकर पीड़िता भोपाल से इंदौर चली गई ताकि वह सब कुछ भूल सके और फरहान के चंगुल से बच सके, लेकिन फरहान इंदौर भी पहुंच गया और वहां भी छात्रा के साथ दुष्कर्म किया. फरहान की यही हरकत उस पर भारी पड़ गई. जब छात्रा को लगा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, तो उसने यह सारी बात अपने एक दोस्त को बताई, जिसने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद भोपाल आकर छात्रा ने फरहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और पूरे मामले का खुलासा हुआ. बता दें कि भोपाल पुलिस ने हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनके साथ बलात्कार करने के रैकेट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. दो आरोपियों को पोक्सो और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य फरार है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक और निजी कॉलेज का पूर्व छात्र फरहान अली उर्फ फराज ने दो साल पहले अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की. उसने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, फराज के दो दोस्तों ने इसी तरह दो अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया. यह घटना 18 अप्रैल को तब सामने आई, जब पहली पीड़िता ने बागसेवनिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बताया कि उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे अपने दोस्तों से अपनी सहेलियों को मिलवाने के लिए मजबूर किया, और उन्होंने उसका यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल किया. जांचकर्ताओं के करीबी सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. डांस क्लास के जरिए फंसाते थे हिंदू लड़कियां… भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि यह गिरोह अशोका गार्डन इलाके स्थित एक डांस क्लास में आने वाली लड़कियों को भी अपना शिकार बना चुका है. डांस क्लास संचालक साहिल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस के मुताबिक, साहिल मूल रूप से पन्ना जिले का रहने वाला है और अशोका गार्डन इलाके में डांस क्लास चलाता है. बागसेवनिया थाने दर्ज एफआईआर में साहिल का भी नाम है. साहिल पर आरोप है कि वह डांस क्लास के बहाने वहां आने वाली लड़कियों से नज़दीकियां बढ़ाता था. उन्हें बाइक पर घुमाने ले जाता, पब और हुक्का लाउंज में ले जाकर उनकी दोस्ती गिरोह के अन्य युवकों से करवाता था. इस दौरान युवतियों को हाई-प्रोफाइल लाइफ का सपना दिखाकर गांजा और शराब का नशा करवाया जाता और इसका वीडियो बनाया जाता  था. इसके बाद नशे में होने का बहाना बनाकर युवतियों को रूम में ले जाते थे और दुष्कर्म किया जाता था. घिनौनी वारदात का भी वीडियो बनाया जाता था और बाद में वायरल करने की धमकी देकर साहिल खुद भी कई बार दुष्कर्म कर चुका था. यही नहीं, युवतियों को अन्य युवकों से रिलेशन बनाने का दबाव भी बनता था. पुलिस अब साहिल से जुड़े अन्य किरदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसमें एक युवती का नाम भी सामने आ रहा है जो इलाके में ही ब्यूटी … Read more

प्रदेश में एक साथ इंदौर, भोपाल, जबलपुर में ED के छापे, 100 करोड़ के घोटाले की आशंका

इंदौर / भोपाल मध्यप्रदेश में 71 करोड़ रुपये के आबकारी फर्जी बैंक चालान घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह बड़ी कार्रवाई की। ED की 18 टीमों ने इंदौर, भोपाल और जबलपुर में आबकारी अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले की राशि 72 से 100 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। यह घोटाला शराब कारोबारियों और आबकारी अधिकारियों के गठजोड़ से फर्जी चालानों के जरिए किया गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र गुप्ता ने ईडू को साक्ष्य और बयान दिए। 6 मई को ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की और आबकारी आयुक्त से 5 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। हालांकि भेजी गई जानकारी को ED ने अधूरी बताकर दोबारा पूरी जानकारी मांगी। इंदौर जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में साल 2015 से 2018 के बीच सरकारी गोदाम से शराब लेने के लिए इस्तेमाल हुए 194 बैंक चालानों में गड़बड़ी सामने आई थी, जिसमें हजारों के बैंक चालानों को लाखों रुपए का बनाकर गोदामों से उतनी शराब उठाकर ठेकेदारों ने अपनी सरकारी शराब दुकान से बेच दी थी। इसी मामले में ईडी को शिकायत की गई थी, जिसके बाद ईडी ने इस मामले की जांच 2024 में शुरू कर दी थी। इनके ठिकानों पर पड़े छापे शराब ठेकेदार एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोपखाना समूह के योगेंद्र जायसवाल, बायपास चौराहा देवगुराड़िया समूह राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल शिवहरे, लवकुश और प्रदीप जायसवाल के ठिकानों पर छापे पड़े हैं। ईडी ने 2024 में लिखा पत्र इस मामले में इंदौर के रावजी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर 172/2017 दर्ज की गई थी। ईडी ने आबकारी विभाग द्वारा की गई आंतरिक जांच के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के संबंध में विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इस पत्र में लिखा गया है कि शराब ठेकेदारों से वसूली गई राशि, यदि कोई हो तो उसका विवरण उपलब्ध कराएं। इसके अलावा शराब ठेकेदारों के बैंक खाते का विवरण भी उपलब्ध कराने और जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी देने को कहा है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा, उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध अगर कोई जांच हुई है, तो उसकी आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इस मामले में यह हुई थी कार्रवाई जिला आबकारी कार्यालय इंदौर सहित अन्य जिला आबकारी कार्यालयों में सामने आए इस 42 करोड़ के घोटाले को लेकर 12 अगस्त 2017 को रावजी बाजार पुलिस ने ठेकेदारों सहित 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोप है कि आबकारी विभाग में इसके पहले तीन साल से फर्जी चालान जमा किए जा रहे थे। आबकारी विभाग के अफसरों को हर 15 दिन में चालान को क्रॉस चेक करना (तौजी मिलान) होना था, लेकिन उन्होंने तीन साल तक ऐसा नहीं किया। इसकी वजह से उनकी साठगांठ साफ नजर आ रही थी। जिस वक्त यह शराब घोटाला हुआ था, उस वक्त जिला आबकारी कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर संजीव दुबे नियुक्त थे। यही वजह रही कि आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त संजीव कुमार दुबे सहित छह अफसरों को निलंबित कर दिया था। निलंबित अधिकारियों में लसूड़िया आबकारी वेयरहाउस के प्रभारी डीएस सिसोदिया, महू वेयर हाउस के प्रभारी सुखनंदन पाठक, सब इंस्पेक्टर कौशल्या सबवानी, हेड क्लर्क धनराज सिंह परमार और अनमोल गुप्ता के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा 20 अन्य अधिकारियों के तबादले भी किए थे, जिनमें उपायुक्त विनोद रघुवंशी का नाम भी शामिल था। चालानों की जांच के बाद भी नतीजा शून्य शराब घोटाले कि जांच में 11 ऑडिटरों ने एक-एक चालान की जांच की थी। घोटाले के समय से पहले के तीन सालों में इंदौर में शराब दुकानें 2015 में 556 करोड़ में, 2016 में 609 करोड़ में और 2017 में 683 करोड़ में नीलाम हुई थीं। इस तरह 1700 करोड़ के शराब के चालानों की जांच की गई, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। इन लोगों को बनाया गया था आरोपी शराब ठेकेदार एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोप खाना समूह योगेंद्र जायसवाल, बायपास चौराहा देवगुराड़िया समूह राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल शिवहरे, लवकुश और प्रदीप जायसवाल। क्या है मामला जांच में सामने आया कि शराब कारोबारियों ने बैंक में मात्र 10 हजार रुपये जमा कराए और षड्यंत्रपूर्वक चालानों में इसे 10 लाख रुपये दिखाकर वेयरहाउस से देसी व विदेशी शराब उठा ली। इस गड़बड़ी से कारोबारियों को भारी मुनाफा हुआ, जबकि सरकार को 1% इनकम टैक्स और 8% परिवहन शुल्क का करीब 97.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल 194 फर्जी चालानों के जरिए यह घोटाला अंजाम दिया गया। आबकारी आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी गड़बड़ी 2015 से 2018 के बीच इंदौर जिले में हुई। जांच में सामने आया कि इंदौर में कूटरचित चालानों के जरिए शासन को 42 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि इस घोटाले में आबकारी अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, सरकार ने आईएएस स्नेहलता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक विभागीय जांच समिति भी बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। अब इस मामले में आज ED की टीम ने इंदौर के साथ-साथ भोपाल और जबलपुर में भी आरोपियों के ठिकानों पर रेड की है।

राफेल एम जेट आईएनएस विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29के बेड़े का सहयोग करेंगे, भारत आज करेगा फ्रांस से बड़ी डील

नई दिल्ली भारत और फ्रांस 28 अप्रैल 2025 यानी आज 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील करेगा. यह समझौता भारतीय नौसेना के लिए होगा. इस समझौते की कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है. इसमें 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है. पाकिस्तान समंदर में भी चोट खाएगा. क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी.   दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: 9500 लीटर Su-30: 9400 लीटर Rafale-M… 11,202 लीटर… यानी ज्यादा देर तक उड़ान संभव. ज्यादा अच्छी डॉग फाइट. स्पीड में सिर्फ एक चीनी फाइटर जेट से पीछे J-10: 2205 km/hr J-15: 2963 km/hr Su-30: 2120 km/hr. Rafale-M… 2205 km/hr. यानी J-15 से कमजोर लेकिन सुखोई से ऊपर और जे-10 के बराबर. कॉम्बैट/फेरी रेंज… में सबसे बेहतर राफेल J-10: 1240 km (कॉम्बैट रेंज) J-15: 3500 km (फेरी रेंज) Su-30: 3000 km (फेरी रेंज) Rafale-M… कॉम्बैट रेंज 1850 km और फेरी रेंज 3700 km. यानी सबसे बेहतर. अधिकतम ऊंचाई… इसी मामले में कमजोर है J-10: 59 हजार फीट J-15: 66 हजार फीट Su-30: 57 हजार फीट Rafale-M… 52 हजार फीट. यानी तीनों चीनी फाइटर जेट से पीछे.   किस तरह के फाइटर जेट्स हैं… J-10/J-15 चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. Su-30 मल्टीरोल एयर सुपरीरियॉरिटी जेट है. Rafale-M 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. राफेल में ज्यादा हथियार लगाने की क्षमता चीन के जे-10 फाइटर जेट में 11 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, 90 मिलिमीटर के अनगाइडेड रॉकेट्स, 23 मिलिमीटर की गन और चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. जे-15 फाइटर जेट में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. जिनमें 9 तरीके के हथियार लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा बम भी. इसमें 30 मिलिमीटर की गन लगी होती … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की

वेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वन-ऑन-वन मीटिंग्स का आयोजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को हम ‘विकसित मध्य प्रदेश’ से साकार करेंगे। राज्य में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब विभिन्न सेक्टर पर आधारित कॉनक्लेव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं है, बल्कि एक विचार-मंथन नीति-निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास की यात्रा सतत जारी रहेगी। हम निवेशकों के विश्वास को मजबूती देंगे, नई नीतियाँ लागू करेंगे, आधारभूत संरचना को और सशक्त करेंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए हम संकल्पित है। उन्होंने कहा कि नवीन जीसीसी नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025, एवीजीसी एक्सआर नीति 2025 और ड्रोन प्रोत्साहन और उपयोग नीति के द्वारा इन क्षेत्रों में निवेशकों को आवश्यक मदद प्रदान करने के प्रावधान है। आज नीतियों के गाइडलाइंस भी जारी की गई है। तकनीकी दक्षता, सुशासन और निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिए नए डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, उद्योगपतियों और निवेशकों को एक एकोसिस्टम प्रदान करेगी। निवेशकों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विजन-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा । इन उद्योपतियों से की वन- ऑन – वन मीटिंग्स पंचशील रियल्टी (आईटी इंफ्रा सेक्टर) के फाउंडर अतुल चोरड़िया, पार्टनर रजत जैन, सोमवेद इंटरप्राइजेज (सेमीकॉन सेक्टर) के सीओओ सोमेश चौधरी, फाउंडर, आनंद द्विवेदी, डायरेक्टर, शुभम अग्रवाल, सीएमओ, योट्टा कंपनी (डेटा सेंटर) के प्रबंध निदेशक सुनील गुप्ता, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के सह संस्थापक अविनाश सेठी, सिद्धार्थ सेठी, केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकॉन सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक कुमार और डायरेक्टर अनुराग कुमार, मीना सर्किट्स (पीसीबी सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, डायरेक्टर अर्चित अग्रवाल और डायरेक्टर शिवम अग्रवाल, डिजिटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर आबिद फारूकी साइमा सिद्दीकी, आईआईटी इंदौर दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन कंपनी, इंदौर के प्रोफेसर सुहास एस जोशी, निदेशक, आईआईटी इंदौर प्रो बीके लाड, आदित्य एसजी व्यास सीईओ, वैभव जैन, वरिष्ठ तकनीकी ने इन्क्यूबेशन सेंटर, न्यूमिजो प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकंडक्टर सेक्टर) के अनूप दत्ता मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्फ़ोचिप्स कंपनी (इंजीनियरिंग-एएसआईसी) के पुलकित दुबे निदेशक – पीईएस, नीलेश रणपुरा, प्लैंक रेड प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर्स) के शिशिर मिगलानी सीईओ,रत्नजीत सिंह,होमा बाइनरी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर)के रविन्द्र वाघानी सीईओ,अरविंद सिंह दरबार, अभय गौड़,एचएलबीएस (सेमीकॉन सेक्टर) के प्रबंध निदेशक मितेश लोकवानी, इन्फिनिटी सॉल्यूशंस से मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत घुले, एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) कंपनी के राजन बोहरा, बिक्री प्रमुख शांतनु दीक्षित, अर्पित सक्सेना, ड्रोनामैप्स (ड्रोन सेक्टर) के उत्कर्ष सिंह को फाउंडर एंड सीईओ, देवांशी दीपक, ग्रोथ एएक्सएल के डायरेक्टर ग्लोबल स्ट्रेटजीज संजीव राव, बूयोंग स्कीकॉर्प (लेदर एंड फुटवेयर) के अमित बाजोरिया सीईओ, सीयू ऊंग़ मून डायरेक्टर, श्रीमती सोनी जैन कंपनी सेक्रेटरी, सन फार्मास्युटिकल(फार्मा) के सीनियर जनरल मैनेजर अनूप कुलकर्णी, सनाथन टेक्सटाइल्स (टेक्सटाइल सेक्टर) के अजय दत्तानी मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरुकृपा के चेयरमैन धर्मेन्दर नरूला से वन ऑन वन चर्चा की।  

कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग मंदिर की तरह हैं जिससे लाखों लोगों को मिलता है रोजगार के रूप में आशीर्वाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आईटी से संबंधित हुये 99 एमओयू में से 25 प्रतिशत का आज हुआ है भूमि-पूजन “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” है प्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव म.प्र. अब मात्र वादों का नहीं, वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी नीति पर होगा कार्य कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को मिलेंगी नई ऊंचाईयाँ मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केन्द्र बनेगा, 1500 करोड़ का मिला निवेश हम “इरादों को निवेश में” और नीतियों को क्रियान्वयन में बदल रहें हैं कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 75 हजार रोजगार होंगे सृजित निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिये “प्रोत्साहन पोर्टल” लॉन्च मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ 2025 में शामिल हुये आईटी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में हुआ “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” का आयोजन अनेक उद्योगों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों का निर्माण किसी मंदिर के बनने की तरह है। उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो भगवान की तरह दर्शन जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद देते हैं। श्रम शक्ति से लाखों व्यक्तियों को रोजी-रोटी मिलती है। आज के तकनीकी दौर में छोटे देश भी प्रगति कर रहे हैं। युद्धों से विकास में पिछड़ने वाले देश भी उद्यमशीलता से विकसित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आज बदलते दौर का भारत देख रहे हैं, जहां कई क्षेत्रों में तीव्र प्रगति हो रही है। इंदौर ने उद्योगों के विकास का कीर्तिमान बनाया है, इंदौर आईटी क्षेत्र की राजधानी है। इंदौर में अतुल पंचशील जैसे उद्योगपति विशिष्ट कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया प्रदेश में पाँच बड़े नगरों में इण्डस्ट्री पार्क प्रारंभ किये जा रहे हैं। कोरिया जैसे देश जिनसे भारत का पुराना सांस्कृतिक नाता है, वे भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक हैं। आज की कॉन्क्लेव में कोरिया और जापान से भी प्रतिनिधि आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव से लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज के टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास भी हुए हैं। इसमें से जीआईएस-भोपाल में आईटी सेक्टर में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25 प्रतिशत का आज भूमि-पूजन हुआ है, जो इस बात का द्योतक है कि हम बस वादे नहीं करते, उन्हें धरातल पर उतारकर भी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के बैरसिया में मोबाईल, सेमीकंडक्टर डिवाइस पार्क बनाने वाले प्रतिष्ठान विश्व स्तरीय अधोसंरचना का लाभ प्राप्त करेंगे। लगभग 209 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के इस मेगा प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बैरसिया में महत्वपूर्ण निवेश करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है। स्पेस टेक नीति के अंतर्गत यह कार्य होगा। इससे सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में नया दौर सामने आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में एग्रीटेक उत्कृष्टता केन्द्र बनेगा। ड्रोन तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आयेगा। परदेशीपुरा आईटी पार्क से नई संभावनाएँ विकसित होंगी। इंदौर आईटी क्षेत्र की नई राजधानी बन गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गयी 18 उद्योग हितैषी नीतियों का लोकार्पण किया था। ये नीतियाँ उद्योगों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अद्भूत कार्य किया है। उनके विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। जीआईएस-भोपाल से उद्योग स्थापना के सभी रिकार्ड टूटे हैं। उद्योगपति स्वयं यह कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश में एक माह में उद्योग लगाने का कार्य संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। आगामी 3 मई को कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपये तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में आज हुई कॉन्क्लेव में एमओयू करने वाले सभी औद्योगिक संस्थान बधाई के पात्र हैं। कॉन्क्लेव के दौरान चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइड लाईन जारी की गयी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का नहीं, जनता से किये गये वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है। “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव है। आज का दिन मध्यप्रदेश के टेक्नो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इन्दौर में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ है। यह सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं है, बल्कि प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में हमने दुनिया को मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी क्षमता से रूबरू करवाया था। यह कॉन्क्लेव उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां हम “इरादों को निवेश में” और ‘नीतियों को क्रियान्वयन’ में बदल रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को हुए अभी 60 दिन ही हुए हैं और इस अल्प समय में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी ‘प्रॉमिस्ड डिलीवरी’ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के निवेश इरादों को ठोस निवेश में बदलना, राज्य में तकनीकी विकास के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, नए आईटी पार्क, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेटर्स की स्थापना करना, प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन कर आधारशिला रखना एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करना, जीसीसी, आईटी, आईटीईएस सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर पर चर्चा करके इन नीतियों का सफल क्रियान्वयन कराना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योगपतियों के बीच विशेष बैठकें … Read more

DC और RCB के बीच रोमाचंक मुकाबले में आरसीबी की टीम ने 6 विकेट से बाजी मारी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में रविवार को दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में आरसीबी ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की.  इस मैच में आरसीबी के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. पहले बैटिंग करते हुए दिल्ली की टीम ने 8 विकेट खोकर 162 रन बनाए थे. इसके जवाब में उतरी आरसीबी ने 19वें ओवर में क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली की फिफ्टी के दम पर इसे चेज कर लिया. ऐसी रही आरसीबी की पारी 163 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में अक्षर पटेल ने बेथल का विकेट झटका. बेथल के बल्ले से केवल 12 रन निकले. इसके बाद उसी ओवर में देवदत्त पड्डिकल भी बिना खाता खोले अक्षर पटेल का शिकार बन गए. वहीं, चौथे ही ओवर में रजत पाटीदार भी रन आउट हो गए. यानी दो ओवर के भीतर ही आरसीबी को तीन झटके लगे. लेकिन इसके बाद क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली के बीच एक साझेदारी पनपी. दोनों के बीच 83 गेंदों में 113 रनों की बड़ी साझेदारी हुई, जिसने आरसीबी की उम्मीदों को जिंदा रखा. हालांकि, कोहली ने फिफ्टी जड़ने के बाद 18वें ओवर में अपना विकेट गंवा दिया. लेकिन क्रुणाल पंड्या टिके रहे. पंड्या ने 47 गेंदों में 73 रनों की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 4 छक्के लगाए. वहीं, कोहली ने 51 रन बनाए और 4 चौके लगाए. 19वें ओवर में आरसीबी ने इस मुकाबले को जीतकर दो अंक जोड़े. ऐसी रही दिल्ली की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही. चौथे ही ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे अभिषेक पोरेल आउट हो गए. उन्हें हेजलवुड ने अपना शिकार बनाया, जिनके पास अब पर्पल कैप आ गई है. इसके बाद अगले ही ओवर में करुण नायर का विकेट गिर गया. नायर के बल्ले से केवल 4 रन आए. इसके बाद फाफ और केएल राहुल के बीच अच्छी साझेदारी हुई. लेकिन 10वें ओवर में फाफ का विकेट क्रुणाल पंड्या ने चटकाया. फाफ ने 22 रन बनाए. इसके बाद अक्षर पटेल भी केवल 15 रन बनाकर हेजलवुड का शिकार हो गए. 14वें ओवर में उनका विकेट गिरा. इसके बाद केएल राहुल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन राहुल के बल्ले से 39 गेंद में केवल 41 रन निकले. लेकिन इसके बाद स्टब्स ने एक छोटी आतिशी पारी खेली, जिसके दम पर दिल्ली की टीम ने 20 ओवर में 163 रनों का लक्ष्य आरसीबी के सामने रखा. अंकतालिका के टॉप पर पहुंची आरसीबी इस जीत के साथ ही आरसीबी अब अंकतालिका के टॉप पर पहुंच गई है. 10 मैच में आरसीबी ने 7 जीत हासिल की है और 14 अंक हैं. जबकि गुजरात के 8 में से 6 जीत के साथ 12 अंक है. वहीं, दिल्ली अब चौथे पायदान पर खिसक गई है. 9 में से उसकी 6 जीत है और 12 अंक हैं. लेकिन रन रेट के मामले में मुंबई उससे आगे है.

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।  

सर्चिंग ऑपरेशन में जंगल में डंप किए गए 9 जिंदा बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद

धमतरी धमतरी पुलिस, नगरी डीआरजी और सीएएफ खल्लारी की संयुक्त टीम को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए सर्चिंग ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है। इस ऑपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा जंगल में डंप किए गए 9 जिंदा बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। बता दें कि इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने चमेंदा और साल्हेभाट के बीच जंगल में सर्चिंग के दौरान 3 नग कुकर बम, 3 नग दूध पाउडर के डिब्बे का उपयोग कर बनाया गया बम, 2 नग पाइप बम और एक नग टिफिन बम, 1 वाकी टॉकी समेत दैनिक उपयोगी नक्सली सामान जैसे राशन, बर्तन, दवाइयाँ आदि बरामद किए गए है। इन सामग्रियों को विभिन्न थैलों में रखकर त्रिपाल झिल्ली और नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपाया गया था। डंप किए गए बमों को किया गया डिफ्यूज धमतरी पुलिस की बीडीएस (बम डिस्पोजल) टीम ने मौके पर पहुंचकर डंप किए गए बमों को डिफ्यूज कर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम किया। इस ऑपरेशन के तहत थाना खल्लारी में अज्ञात माओवादियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद उन्होंने नगरी डीआरजी और सीएएफ की टीम को नक्सल विरोधी सर्चिंग अभियान जारी रखने और सूचना तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय के मार्गदर्शन में यह ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस बल की तत्परता और साहस ने महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।

मई से करीब दो प्रतिशत बिजली के बिल का कम भुगतान करना पड़ेगा, 12 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

प्रयागराज जिले के 12 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। मई से करीब दो प्रतिशत बिजली के बिल का कम भुगतान करना पड़ेगा। अप्रैल में उपभोक्ताओं ने 1.24 प्रतिशत अधिक बिजली मूल्य का भुगतान करना पड़ा, लेकिन मई से उन्हें आगामी कई माह तक राहत मिलने की उम्मीद है। पहले ईधन अधिभार शुल्क टैरिफ में ही तय (फिक्स) था, लेकिन मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 में बदलाव किया गया। इसके तहत वर्ष 2029 तक अब हर माह ईंधन अधिभार शुल्क अलग-अलग होगा। इसकी सुगबुगाहट मिलने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। उपभोक्ता भंवर सिंह, एसके जैन, मोहित का कहना है कि बिजली का बिल निरंतर अधिक आने से घर का बजट बिगड़ गया था। मई में बिजली के बिल में दो प्रतिशत कम भुगतान की जानकारी मिलने से राहत मिली है, लेकिन इसे और कम किए जाने की जरूरत है। ये है बिजली बिल कम आने की वजह वहीं, गौरव कुमार, निहाल की मानें तो पेट्रोल- डीजल और कोयले के मूल्य के आधार पर ईंधन अधिभार शुल्क तय किया जाता है। अप्रैल में 1.24 प्रतिशत अधिक बिजली मूल्य का भुगतान करना पड़ा था। इस संबंध में मुख्य अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि मई में बिजली वसूली के संबंध में जो भी आदेश जारी होगा, उसका पालन किया जाएगा।

IIM रायपुर ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया खास प्रोग्राम, फ्री होगी ट्रेनिंग, अप्लाई करने की ये है लास्ट डेट

रायपुर  राज्य के युवाओं के स्वाभिमान, सहूलियत और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति का अवसर प्रदान किया है, जिसको मूर्त रूप आईएमएम ने दिया है। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईएमएम) रायपुर ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप (चीफ मिनिस्टर गुड गवर्नेंस फेलोशिप) अंतर्गत दो वर्षीय लोक नीति एवं सुशासन में एमबीए कोर्स हेतु 11 मई 2025 तक आवेदन आमंत्रित किया है। इस पाठ्यक्रम की पूरी शुल्क राशि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक नामांकित छात्रों को प्रति माह 50 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान किया जाएगा।  आईआईएम रायपुर परिसर में व्याख्यान तथा छत्तीसगढ़ सरकार के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। योग्यता और मापदंड अभ्यर्थी की योग्यता अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना चाहिए। वर्ष 2022, 2023 और 2024 का कोई भी वैध कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) स्कोर कार्ड मान्य होगा। किसी भी विषय में स्नातक डिग्री न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों पर (आरक्षित श्रेणियां के लिए 55 प्रतिशत) अथवा समतुल्य सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। आरक्षण, छत्तीसगढ़ राज्य के आरक्षण नीति के अनुसार लागू होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइटhttps://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ आईआईएम रायपुर डॉट एसी डॉट इन/एमबीए – पीपीजी का अवलोकन किया जा सकता है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना (CMGGF fellowship ) है। इस योजना के तहत जिन छात्रों का चयन होगा, उनकी फीस सरकार की ओर से भरी जाएगी। इस फेलोशिप स्कीम के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आपको 11 मई से पहले आवेदन करना होगा। इसके बाद मौका नहीं मिलेगा।   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना क्या है? छत्तीसगढ़ में मैनेजमेंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने की चाह रखने वाले मेधावी छात्रों के लिए नवंबर, 2024 में राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि युवा प्रोफेशनल्स सरकार के सुशासन और पॉलिसी निर्माण और उन्हें लागू करवाने में अहम भूमिका निभाएं। इससे युवाओं में प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी। यह योजना IIM रायपुर और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर चला रही है। इस योजना के तहत छात्रों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ नियमित संवाद भी होगा। इस दौरान छात्र अपने अनुभव साझा कर सकेंगे और प्रोजेक्ट सीएम को दिखा सकेंगे।   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की विशेषताएं 2 साल के लिए MBA in Public Policy and Governance कोर्स की पढ़ाई जो छात्र चुने जाएंगे, उनकी ट्यूशन फीस सरकार भरेगी चुने गए प्रत्येक छात्र को 50,000 रुपये हर महीने मिलेंगे IIM Raipur में पढ़ाई का मौका मिलेगा राज्य के सरकारी विभागों और जिला कलेक्टरेट जैसे ऑफिस में इंटर्नशिप का मौका पब्लिक पॉलिसी रोल्स के लिए विशेषज्ञता मिलेगी और नेटवर्किंग बनेगा   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के लिए पात्रता छात्र भारत का नागरिक और छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए छात्र के पास वर्ष 2022, 2023 या 2024 का वैध CAT स्कोर होना चाहिए अगर किसी छात्र के पास एक से ज्यादा CAT स्कोर है तो सबसे ज्यादा स्कोर मान्य होगा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 60% नंबर्स के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री आरक्षित वर्ग के लिए ग्रेजुएशन में 55 फीसदी नंबर की जरूरत होगी अगर ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं है तो CA/CMA(ICWA)/CS कम से कम 50% नंबर से पूरा किया हो   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना में MBA के लिए चयन कैसे होगा? चयन के लिए ग्रेजुएशन के नंबर्स के साथ CAT Score देखा जाएगा इसके बाद Group Discussion या इंटरव्यू किए जाएंगे इसके बाद एडमिशन के लिए ऑफर दिया जाएगा   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की आखिरी तारीख क्या है? इस योजना के तहत एडमिशन लेने के लिए आवेदन 22 अप्रैल से शुरू हो गए हैं 11 मई तक पात्र छात्र इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए आवेदन कैसे करें?   STEP-1     सबसे पहले आपको IIM Raipur के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा     होम पेज से Programmes के टैब में MBA in Public Policy & Management पर क्लिक करें     यहां Apply online के ऑप्शन पर क्लिक करें, फिर New Registration पर क्लिक करें     अपना नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर डालकर नया पासवर्ड बना लें   STEP-2 अब फिर से Apply Online पर क्लिक करें, ई-मेल आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें आवेदन फॉर्म में चार चरण होंगे, उन्हें ध्यानपूर्वक भरें पहले चरण में Personal Information, दूसरे में शैक्षिक योग्यता भरें तीसरे चरण में प्रोफेशनल जानकारी देनी है और आखिरी चरण में बैंक डीटेल वगैरह अब आवेदन फॉर्म को भरें और मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करें और सबमिट कर दें   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के लिए जरूरी दस्तावेज छत्तीसगढ़ का डोमिसाइल सर्टिफिकेट CAT Score Card जाति प्रमाण पत्र (अगर आरक्षित वर्ग से हैं तो) ग्रेजुएशन की डिग्री और मार्कशीट/ CA/CMA(ICWA)/CS सर्टिफिकेट 10वीं, 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट पासपोर्ट साइज फोटो डिजिटल हस्ताक्षर   मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की अहम तारीखें   MBA in Public Policy तारीख आवेदन शुरू होने की तारीख 22 अप्रैल आवेदन फाॅर्म भरने की आख‍िरी तारीख 11 मई पर्सनल इंटरव्‍यू मई, 2025 का आख‍िरी हफ्ता र‍िजल्‍ट की घोषणा जून, 2025 का दूसरा हफ्ता क्‍लास की शुरुआत जून, 2025 का चौथे हफ्ते से

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