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अब ओरछा रेलवे स्टेशन पर रूकेंगी ग्वालियर बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस और खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

ओरछा विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा को दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज का तोहफा मिला है। ग्वालियर बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस और खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अब ओरछा रेलवे स्टेशन पर रूकेंगी, यह दोनों ट्रेन कब से ओरछा रुकेंगी यह अभी तय नहीं हुआ है। भाजपा नेता विकास यादव ने 12 नवंबर 2024 को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के द्वारा उक्त ट्रेनों के ओरछा ठहराव की मांग रखी थी। मंत्री सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मांग को आगे बढ़ाया।       रेलवे बोर्ड के संयुक्त निर्देशक विवेक कुमार सिंह ने दोनों ट्रेनों के ठहराव के आदेश जारी कर दिए हैं।     मंत्री सिंधिया ने फेसबुक पोस्ट के जरिये रेल मंत्री का आभार जताया है।     दोनों ट्रेनों के ओरछा स्टॉपेज के इस फैसले से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।     ओरछा आने वाले देशी व विदेशी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ट्रेन की बेहतर सुविधा मिलेगी।     केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने फेसबुक पर पोस्ट कर रेलमंत्री का आभार जताया।     अब कुल पांच बड़ी ट्रेनों का ओरछा रेलवे स्टेशन पर ठहराव होगा।     इन दो ट्रेनों के ठहराव के साथ ओरछा में रुकने वाले ट्रेनों की संख्या 5 हो गई है।     इससे पहले फतेहपुर, प्रयागराज एक्सप्रेस, झांसी बांदा मैमू और झांसी मानिकपुर मैमू यहां रुकती थीं।  

सरकार योजनाओं की ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर योजनाओं में सुधार या बदलाव करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। मोहन सरकार अब लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी  जैसी कई फ्लैगशिप योजनाओं का सोशल ऑडिट कराने की तैयारी में है।इसके तहत पता लगाया जाएगा कि इन योजनाओं से लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा, इनमें क्या खामियां व खूबियां है। इस ऑडिट की रिपोर्ट तैयार कर फिर राज्य शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर योजनाओं में सुधार या बदलाव किए जाएंगे।खबर है कि जल्द ही विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और स्वीकृति मिलने पर विभागों से समन्वय कर सोशल आडिट की प्रक्रिया शुरू होगी। खास बात ये है कि ये ऑडिट सिर्फ कागजों पर नहीं होगा बल्कि इसमें खुद अधिकारी कर्मचारी घर-घर जाकर योजना के लाभार्थियों से संपर्क करेंगे। ऑडिट में इन योजना पर रहेगा फोकस खबर है कि सोशल आडिट के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विभागवार खाका तैयार किया जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इनमें प्रधानमंत्री मातृवंदना, पीएम आवास, निशुल्क खाद्यान्न वितरण, पथ विक्रेता योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित तमाम ऐसी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। मई में 15 तारीख तक आएगी लाड़ली बहना योजना की 24वीं किस्त 16 अप्रैल को सीएम डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख बहनों के खातों में 23वीं किस्त के 1552 करोड़ 38 लाख जारी कर दिए है।इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 1250 भेजे गए है।25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 57 करोड़ भी खातों में भेजे गए है।अब योजना की 24वीं किस्त मई में जारी होगी। ध्यान रहे अगली किस्त 15 तारीख तक आएगी क्योंकि अंतरण की तारीख में सदैव एकरूपता लाने के लिए राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी।     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से अप्रैल 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 23 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी।

मध्य प्रदेश का एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में एक शुगर बोर्ड की स्थापना करने जा रहा, बच्चों को डायबिटीज की शिक्षा जरूरी

जबलपुर  मध्य प्रदेश का एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में एक शुगर बोर्ड की स्थापना करने जा रहा है. इस बोर्ड के जरिए स्कूली बच्चों को डायबिटीज से बचाव कैसे करें यह समझाने की कोशिश की जाएगी. इसके साथ ही बच्चों के लिए कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की अनुशंसा पर यह पत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा है. गलत खानपान की वजह से कम उम्र में बढ़ती मधुमेह की बीमारी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. भारत में बढ़ती डायबिटीज भारतीय चिकित्सा विज्ञान परिषद की एक इकाई भारत में मधुमेह के बढ़ते हुए रोगियों की संख्या पर अध्ययन करती है. इसके अनुसार 1990 में भारत में 5.5 प्रतिशत मधुमेह के रोगी थे. 2016 तक आते-आते यह संख्या 7% तक पहुंच गई. 2018 की सर्वे में यह संख्या 9.3 प्रतिशत थी जो 2021 में बढ़कर 9.7% हो गई. यह लोग अलग-अलग समय पर समाज के अलग-अलग हिस्सों में सैंपलिंग करते हैं जिससे यह प्रतिशत निकाला जाता है. क्यों हो जाती है डायबिटीज जबलपुर के डॉक्टर सुनील मिश्रा बताते हैं कि, ”हमारे खानपान की बदलती आदतें और हमारा बदलता हुआ रहन-सहन डायबिटीज की मुख्य वजह है. आजकल का आदमी ज्यादा आराम पसंद है, मेहनत कम करता है. जबकि उसका खाना पहले की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक हो गया है. इसमें ज्यादा तादाद में तेल कार्बोहाइड्रेट शुगर और प्रोटीन है. शरीर में जरूर से ज्यादा खाना पहुंच रहा है. इसी की वजह से मोटापा बढ़ रहा है और लोगों में मधुमेह की समस्या बढ़ रही है. सबसे बड़ा संकट बच्चों के सामने है क्योंकि बच्चे जंक फूड खा रहे हैं.” जंक फूड क्या है चॉकलेट, कैंडी, केक, बेकरी आइटम, डीप फ्राइड चिप्स, बर्गर, पिज्जा यह सभी आइटम जंक फूड की श्रेणी में आते हैं. इन सभी खाद्य सामग्रियों में जरूरत से ज्यादा कैलोरी है. इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक आइसक्रीम जैसे खाद्य पदार्थ भी शरीर में शक्कर की मात्रा बढ़ा रहे हैं और इन्हीं को खाने की वजह से बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है. जिसकी वजह से कम उम्र में ही बच्चों को डायबिटीज की समस्या हो रही है. शहरी स्कूलों में बाकायदा कैंटीन बनाई जा रही हैं. वहीं गांव के स्कूलों के आसपास ऐसी दुकानें होती हैं जहां बहुत कम पैसे में चिप्स कोल्ड ड्रिंक जैसे सामान मिल जाते हैं. डायबिटीज की शिक्षा जरूरी इस बार यह चिंता राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने जताई है. बाल संरक्षण आयोग की अनुशंसा पर स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने जिला शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र भेजा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि स्कूलों में एक बोर्ड की स्थापना की जाए. जिसमें चीनी के जरूर से ज्यादा उपयोग की वजह से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं, किन-किन सामानों में चीनी ज्यादा होती है. जंक फूड क्या होता है. यह जानकारी हर बच्चे को दी जाए. इसके साथ ही हर स्कूल में शक्कर की ज्यादा इस्तेमाल की वजह से होने वाली बीमारियों के बारे में कार्यशालाओं का आयोजन करवाया जाए. शिक्षकों को इस बारे में जानकारी दी जाए ताकि बच्चों तक यह जानकारी पहुंच सके और बच्चों में होने वाली डायबिटीज की बीमारी से बचाव किया जा सके. स्कूलों में कार्यशालाओं का आयोजन जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि, ”इस पत्र के सिलसिले में उन्होंने जबलपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की है और जल्द ही जबलपुर के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इसके साथ ही स्कूलों में डायबिटीज की बीमारी से जुड़े विषयों पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा. सभी स्कूलों को 30 दिनों के भीतर बोर्ड की स्थापना करनी है और स्कूल शुरू होते ही कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना है.” हेल्थ के लिए नुकसानदायक है पिज्जा-बर्गर यह समस्या सरकारी स्कूलों में कम है. निजी स्कूलों में जहां समाज के अपेक्षाकृत संपन्न वर्ग के बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां बच्चों में मोटापा स्पष्ट दिखता है. इन्हीं स्कूलों में शुगर बोर्ड की जरूरत सबसे ज्यादा है, ताकि बच्चे यह समझ सकें कि जिस चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक को वह बड़े चावल से खा और पी रहे हैं वह दरअसल जानलेवा है. ज्यादातर छोटे बच्चों की आदत बिगाड़ने का काम उनके परिवार के लोग करते हैं. इसलिए परिवार के लोगों को भी इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है.

कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने बाल विवाह में शामिल मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स, बैंड और धर्मगुरुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी

भोपाल अक्षय तृतीया से पहले राजधानी भोपाल के जिला प्रशासन ने बाल विवाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बाल विवाह में शामिल मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स, बैंड वालों और धर्मगुरुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो साल की जेल, एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. कलेक्टर ने अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त को देखते हुए यह आदेश जारी किया, क्योंकि इस अवसर पर बड़ी संख्या में विवाह होते हैं, जिनमें बाल विवाह की आशंका बढ़ जाती है. उन्होंने कहा, ”बाल विवाह की सूचना सही पाए जाने पर वर-वधू के परिजनों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा.” आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विवाह समारोह में सेवाएं देने वाले, जैसे मैरिज गार्डन, कैटरिंग या बैंड वाले, यह सुनिश्चित करें कि वर और वधू बालिग हैं. आयु प्रमाणपत्र की जांच अनिवार्य होगी. अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं, जिन पर बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है: 9425047133: जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास 7000879805: सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास 8696389007: जिला कार्यालय इसके अलावा, डायल 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर भी बाल विवाह की शिकायत दर्ज की जा सकती है. कलेक्टर ने सामूहिक विवाह आयोजकों से लिखित आश्वासन देने को कहा है कि उनके आयोजन में कोई नाबालिग विवाह नहीं करेगा. जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें.  

मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के 1500 कर्मचारियों को अप्रैल से ही मिलेगा भत्ता, लाभान्वित होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन में ही बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को सचिवालय (मंत्रालय) भत्ते में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए। इससे मंत्रालय के लगभग 1500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बता दें कि मंत्रालय भत्ता एक जुलाई 2013 के बाद से नहीं बढ़ाया गया था। वाहन एवं विकलांग भत्ता का आदेश जारी करना भूला वित्त विभाग वित्त विभाग ने कैबिनेट निर्णय के बाद बढे हुए भत्ते देने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ते के आदेश जारी करना भूला गया। राज्य सरकार एक अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाड़ा भत्ता स्थाई यात्रा भत्ता अनुग्रह भत्ता दोहरा कार्य भत्ता अव्यवसायिक वाहन भत्ता विकलांग भत्ता वृद्धि करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद तीन अप्रैल को वित्त विभाग ने वाहन भत्ता 200 से 384 एवं विकलांग भत्ता 350 से 675 करने के आदेश को छोड़कर उक्त अन्य सभी भत्तों का लाभ एक अप्रैल 2025 से प्रदेश के कर्मचारियों को मई के वेतन से देने का आदेश जारी कर दिया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि अप्रैल माह समाप्ति की ओर है 13 साल से जो भत्ते नहीं बढ़ाए गए थे कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश जारी न होने पर अप्रैल के वेतन में इनका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है। महामंत्री तिवारी ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने किया था सुंदरकांड मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने सचिवालय भत्ते के आदेश जारी होने पर हनुमानजी महाराज और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने शासन में लंबित मांगों पर कोई निर्णय न होने से थक हारकर मंत्रालय परिसर स्थित मंदिर में हनुमान जी महाराज के चरणों में मांगपत्र रखकर सुंदर कांड पाठ किया था। नायक ने कहा कि हनुमान जी महाराज ने मंत्रालयीन अधिकारियों कर्मचारियों की पीड़ा को सुना और उसके बाद से ही कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के समाचार आना शुरू हुए यानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नतियां जल्दी की जाएंगी। नायक ने कहा कि लंबित भत्तों का पुनरीक्षण हुआ, गृह भाड़ा भत्ता बढ़ा,  सचिवालय भत्ते में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति का आदेश जारी होने के बाद सभी आदेशों को हनुमान जी महाराज के चरणों में समर्पित किया जाएगा और बाकी मांगों के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करने के लिए पुनः सुंदर कांड और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा।

इंदौर में जल्द बनकर तैयार होगा पश्चिमी रिंग रोड, किसानों के खाते में जल्द मुआवजा राशि होगी जारी

इंदौर पश्चिमी रिंग रोड परियोजना को लेकर जिले की तीनों तहसीलों हातोद, देपालपुर और सांवेर में सर्वे हो चुका है। लंबे समय से रुका हुआ सर्वे किसानों की सहमति के बाद शुरू हुआ था। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम ने भूमि सर्वेक्षण का कार्य कर अधिग्रहित होने वाली जमीन पर मौजूद मकान, दुकान, पेड़, बोरिंग, कुएं और पाइपलाइन जैसे सभी निर्माणों का भी विवरण दर्ज किया। अब सड़क के लिए अधिग्रहित जमीन पर पिलर मार्किंग का कार्य किया जा रहा है। 64 किमी लंबी रिंग रोड शिप्रा से लेकर पीथमपुर तक बनने वाली 64 किमी लंबी पश्चिम रिंग रोड के लिए जिले की 570.5678 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी। 98.4979 हेक्टेयर शासकीय जमीन पर सीमांकन और अन्य सर्वे पहले ही हो चुका है। राजस्व विभाग ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ अधिग्रहित जमीन व उस पर मौजूद संरचनाओं का सर्वे कर लिया है। इससे किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा। देपालपुर एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी का कहना है कि देपालपुर तहसील में पिलर की मार्किंग की जा रही है। सर्वे के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई द्वारा नियुक्त सीएएलए अधिकारी सर्वे के परिणामों के आधार पर आरआरसी (भूमि मुआवजा अधिसूचना) जारी करेंगे। वहीं किसानों को उनके खाते में मुआवजा राशि जारी की जाएगी। हातोद के गांवों से होकर गुजरेगी सड़क हातोद तहसील में सर्वे शुरू कर दिया गया। सड़क में आने वाली 158.1178 हेक्टेयर और 6.7692 हेक्टेयर अतिरिक्त निजी भूमि का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। सड़क हातोद तहसील के 12 गांवों की 174.3415 हेक्टेयर भूमि से होकर गुजर रही है। इसमें 164.8870 हेक्टेयर निजी और 9.4545 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल है। सरकारी भूमि का सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। अब एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) द्वारा निजी भूमि का सर्वे किया जा रहा है। 472 हेक्टेयर निजी भूमि का होगा सर्वे वेस्ट रिंग रोड इंदौर जिले की तीन तहसीलों की 570.5678 हेक्टेयर भूमि से होकर गुजर रही है। इसमें 472.0699 हेक्टेयर निजी और 98.1829 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल है। निजी भूमि का सर्वे कार्य एक साल से बंद था, लेकिन अब सर्वे किया जा रहा है। 998 किसानों की जमीन पश्चिमी रिंग रोड तीन तहसीलों के 26 गांवों से होकर गुजर रही है। इन गांवों के 998 किसानों की जमीन सड़क की जद में आ रही है। इसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य सड़क के लिए और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए अधिग्रहित की जानी है। सबसे ज्यादा 512 किसान सांवेर तहसील के हैं। जबकि 333 हातोद और 153 किसान देपालपुर तहसील के हैं। सर्वे का काम पूरा हातोद तहसील में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। तीन दिन में 12 गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन का सर्वे का काम पूरा कर लिया गया। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। – रवि वर्मा, एसडीएम हातोद 998 किसान होंगे प्रभावित इंदौर जिले की तीनों तहसीलों के 998 किसानों की 472.0699 हेक्टेयर जमीन पश्चिमी रिंग रोड में आ रही है। इसमें सबसे अधिक 512 किसान सांवेर, 333 हातोद और 153 देपालपुर तहसील के हैं। यह सड़क तीनों तहसील के 26 गांवों से गुजर रही है और इसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य सड़क और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए अधिग्रहित होगी।

मध्य प्रदेश में ऑपरेशन मुस्कान के बाद भी नहीं मिल रहीं लापता 3,400 बालिकाएं, संतोषजनक परिणाम नहीं मिले

भोपाल  मध्य प्रदेश में अभी भी 3,400 से अधिक बालिकाएं लापता हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल होने पर उसकी लोकेशन से पता करने की सुविधा होने का बाद भी उनका पता नहीं लगाया जा सका है। गृह विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी तक प्रदेश में 5,100 बालिकाएं गुम थीं। रिपोर्ट के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग ढाई हजार बालिकाएं गुम हो रही हैं। पुराने आंकड़ों को भी मिला लें तो संख्या लगभग 4,500 से पांच हजार के बीच पहुंच जाती है। 50 प्रतिशत बालिकाओं को ही खोज पाते हैं इनमें पुलिस प्रति वर्ष पुराने और उस वर्ष के मिलाकर लगभग 50 प्रतिशत बालिकाओं को ही खोज पाती है। ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत वर्ष 2021 से फरवरी 2025 तक गुम बालिकाओं में 14 हजार 269 को खोजा गया है। इसके बाद भी 3,434 लापता हैं। यह अब तक का दूसरा बड़ा आंकड़ा है। ऑपरेशन मुस्कान चलाकर गुम बालिकाओं को खोजते हैं इसके पहले एक मार्च 2024 की स्थिति में गुम बालिकाओं की संख्या 3,620 थी। बता दें कि पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में दो बार जनवरी-फरवरी और अगस्त-सितंबर में ऑपरेशन मुस्कान चलाकर गुम बालिकाओं को खोजा जाता है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर बालिकाएं परिवार से नाराज होकर जाती हैं। अन्य मामलों में भगाकर ले जाना, मजदूरी के लिए लेकर जाना, प्रेमी के साथ जाना और काम के लिए कहीं चले जाना शामिल है।

प्रदेश के 44 जिलों में लक्ष्य से अधिक राशि का समामेलित निधि में संग्रहण हर्ष और गर्व की बात: राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि तेरा “वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहे न रहें,” इस भावना के साथ सीमाओं की रक्षा के लिए त्याग और बलिदान देने वाले सैनिकों के कल्याण प्रयासों में सहयोग राष्ट्र सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 55 जिलों में से 44 जिलों में लक्ष्य से अधिक राशि का समामेलित निधि में संग्रहण हर्ष और गर्व की बात है। यह उपलब्धि, आम नागरिकों के सेना के प्रति परस्पर प्रेम और समादर का प्रतीक है। राज्यपाल श्री पटेल समामेलित विशेष निधि में एक लाख रुपए से अधिक राशि का दान देने वाले नागरिकों, संस्थाओं और लक्ष्य से अधिक राशि संकलित करने वाले संभागीय और जिला अधिकारियों के अभिनंदन कार्यक्रम को राजभवन में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में संभाग आयुक्त नर्मदापुरम श्री कृष्ण गोपाल तिवारी, कलेक्टर नीमच श्री हिमांशु चन्द्रा, कलेक्टर अलीराजपुर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, कलेक्टर हरदा श्री सिद्धार्थ जैन, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी दमोह, सतना, सिंगरौली और 26 व्यक्तिगत एवं संस्थागत दान दाताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सैनिकों की राष्ट्र भक्ति बलिदान का मान और परिजनों के सम्मान के लिए आगे आए सभी दान दाताओं के प्रति राष्ट्र और समाज आभारी है। सैनिक कल्याण निधि में योगदान सबके साथ, विश्वास और प्रयासों से विकास की दिशा में मज़बूत पहल है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि आगामी वर्ष में हर जिला निधि के लिए लक्ष्य से अधिक राशि का संग्रहण करेगा। राज्यपाल श्री पटेल ने अभिनंदन कार्यक्रम में उपस्थितों वीरमाता श्रीमती निर्माण शर्मा सहयोग राशि 3 लाख एक रुपए, जनरल मैनेजर स्थानीय मुख्य कार्यालय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भोपाल श्री शरत चन्द्र पाण्डा सहयोग राशि 2 लाख 32 हजार रुपए, मध्यप्रदेश विक्रय कर तृतीय वर्ग (कार्यकारी) गृह निर्माण सहकारी संस्था इंदौर के सचिव श्री आर. बी. शर्मा एवं श्री जगदीप नारायण चौबे सहयोग राशि 2 लाख रुपए, पटेल मोटर्स प्रायवेट लिमिटेड इंदौर के श्री वल्लभ भाई पटेल एवं श्री मनीष सिंह मंगरोलिया सहयोग राशि 1 लाख 51 हजार रुपए, प्रिज्म जोनसन लिमिटेड सतना के श्री मनीष कुमार सिन्हा एवं श्री देवेन्द्र मिश्रा सहयोग राशि 1 लाख 11 हजार रुपए, मुख्य प्रबंध निदेशक सार्थक हास्पिटल सतना डॉ. सुनील अग्रवाल एवं डॉ. श्रीमती रश्मि अग्रवाल सहयोग राशि 1 लाख 11 हजार रुपए, क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक सागर श्री सुनील कुमार सिंह सहयोग राशि 1 लाख 6 हजार 100 रुपए, इंदौर की श्रीमती रीता मित्रा एवं श्रीमती सुतप्पा मुकर्जी सहयोग राशि 1 लाख 5 हजार रुपए, मैहर के श्री सूर्यप्रकाश चौरसिया सहयोग राशि 1 लाख 5 हजार रुपए, ऑनरेरी सब लेफ्टीनेन्ट सेवा निवृत अनीस मोहम्मद एवं श्री बलराम मिश्रा टीकमगढ सहयोग राशि 1 लाख 521 रुपए, टेक्नो डेवलपर्स, नीमच के श्री विनोद कुमार त्रिपाठी एवं श्री आमोद कुमार त्रिपाठी सहयोग राशि एक लाख रुपए, ग्रीनको प्रा. लि. सिद्धार्थ ग्रुप नीमच के श्री अमित कुमार सोनी सहयोग राशि एक लाख रुपए, अध्यक्ष एवं यूनिट हेड जेपी थर्मल पॉवर प्लान्ट बीना जिला सागर के मेजर जनरल एस. के. पाणिग्रहि सेवा निवृत सहयोग राशि एक लाख रुपए, जनरल मैनेजर एच.आर. भारत पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड बीना रिफाइनरी जिला सागर श्री शिरीष चन्द्रकर एवं श्री फाईन चर्टजी सहयोग राशि एक लाख रुपए, उज्जैन की श्रीमती सुनीता जैन एवं श्रीमती रेणु मेहता सहयोग राशि एक लाख रुपए, अध्यक्ष मध्यप्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति, भोपाल सहयोग राशि एक करोड़ रुपए, इंदौर की श्रीमती निर्मला विद्या प्रसाद वर्मा की ओर से श्री विवेक प्रकाश वर्मा एवं श्रीमती अंजली वर्मा सहयोग राशि एक लाख रुपए, नीमच की श्रीमती प्रेमलता चोपड़ा की ओर से श्री नवरत्न चोपडा एवं श्री आयुष कोठारी सहयोग राशि एक लाख रुपए, को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, जनरल आफिसर कमांडिंग मध्य भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत और जनरल आफिसर कमांडिंग पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया मेजर जनरल सुमित कबथियाल भी मौजूद थे। स्वागत और धन्यवाद उद्बोधन संचालक राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड ब्रिगेडियर सेवा निवृत श्री अरूण नायर ने किया। संयुक्त संचालक केन्द्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड श्री प्रशांत मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया।  

कृषि उपज मंडी गोदाम से धुआं निकलता देख लोग मौके पर पहुंचे, लगी भीषण आग, 100 क्विंटल सोयाबीन व 8 बाइक खाक

राजगढ़ नगर के कृषि उपज मंडी प्रांगण स्थित टीन शेड से बने अनाज गोदाम में बुधवार को अचानक आग लग गई। गोदाम से धुआं निकलता देख लोग मौके पर पहुंचे। वह आग बुझाने में लग गए। आग तेजी से फैली, जिससे हम्मालों की आठ बाइक, करीब सौ क्विंटल सोयाबीन, साढ़े तीन हजार बारदान समेत अन्य सामान खाक हो गया। इससे लाखों रुपये की नुकसानी का आकलन लगाया गया है। आग लगने का कारण फिलहाल पता नहीं चला है।   टीन शेड से धुआं उठता देख घबरा गए थे लोग जानकारी मुताबिक सुबह करीब 11 बजे राजेंद्र करनावद के मंडी प्रांगण स्थित टिन शेड के गोदाम में अचानक आग लग गई। इस दौरान मंडी में गेहूं की नीलामी प्रारंभ हो गई थी, लेकिन टीन शेड से धुआं उठते देख व्यापारी और किसान टीन शेड की ओर भागे। उसके बाद ताबड़तोड़ आग बुझाने में लग गए। सूचना के बाद नगर परिषद से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई थी।    गोदाम होने के कारण आग के साथ धुआं काफी ज्यादा हो रहा था। इस वजह से मशीन के माध्यम से टिन शेड तोड़ा गया। जले बारदानों को बाहर किया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए मौके पहुंचे अधिकारी आग बुझाने में तीन फायर ब्रिगेड, तीन निजी टैंकर एवं नगर परिषद के पानी के टैंकरों का उपयोग किया गया। आग लगने की सूचना मिलते ही नप उपाध्यक्ष दीपक जैन टीम के साथ मौके पर पहुंचे व आग बुझाने में जुट गए थे। इस दौरान एसडीएम आशा परमार, थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान, नप अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश जायसवाल भी मौके पर पहुंच गए थे। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, क्योंकि मंडी प्रांगण में प्रतिदिन खरीदी के चलते हजारों क्विंटल गेहूं टिन शेड समेत अन्य स्थानों पर खुले में पड़ा है।  

प्रदेशभर में नई कलेक्टर गाइड लाइन को लेकर पंजीयन कार्यालयों में 2 घंटे रजिस्ट्री की प्रक्रिया बंद

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में नई कलेक्टर गाइड लाइन तैयार करने के लिए सर्वे का काम चल रहा है. इस सर्वे में पटवारी, तहसीलदारों से लेकर पंजीयन विभाग के उप पंजीयक भी जुटे हुए हैं, जिसके कारण रायपुर सहित प्रदेशभर के तमाम पंजीयन कार्यालयों में बीते एक सप्ताह से सुबह 10 से 12 बजे तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद है. पंजीयन के समय में की गई तब्दीली के कारण लोग रजिस्ट्री कराने के लिए पंजीयन कार्यालय खुलने के दो घंटे बाद का ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले पा रहे हैं. मरता क्या न करता पर अमल करते हुए लोग भरी दोपहर में तमाम परेशानी उठाते हुए रजिस्ट्री के लिए पंजीयन कार्यालय में पहुंच रहे हैं. सुबह घटा पर शाम का बढ़ा नहीं समय सर्वे में व्यस्त उपपंजीयकों के कारण सुबह के दो घंटे का समय पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए बंद कर दिया गया है. इसके कारण लोगों को दिनभर में दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कुल 5 घंटे का ही समय मिल पा रहा है. इधर सुबह का समय कम किया गया है, लेकिन शाम को समय बढ़ाया नहीं गया है, जिसके कारण कई लोगों को अपॉइंटमेंट भी नहीं मिल पा रहा है. दो घंटे में 100 से ज्यादा रजिस्ट्री आकड़ों के अनुसार, रायपुर पंजीयन कार्यालय में 5 उप पंजीयक है. इस तरह एक घंटे के दौरान रायपुर में 50 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं. इस तरह दो घंटे में सौ से ज्यादा रजिस्ट्री होती है. दो घंटे तक अपॉइंटमेंट नहीं मिलने के कारण सामान्य दिनों की अपेक्षा रजिस्ट्री भी कम हो रही है. 30 तक यही स्थिति रहने की संभावना नई कलेक्टर गाइड लाइन के लिए 30 अप्रैल तक सर्वे की रिपोर्ट मंगाई गई है. सूत्रों के अनुसार रायपुर जिले में सर्वे का काफी धीमी गति से किया जा रहा है, जिससे सर्वे की रिपोर्ट भी माहांत तक आने/ की संभावना है. जब तक सर्वे का काम पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक सुबह के दो घंटे तक रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट भी बंद रहेगा. इसके कारण माहांत तक पंजीयन, कार्यालय में ऐसी स्थिति ही बनी रहेगी. सुबह 10 से 12 बजे तक अपॉइंटमेंट बंद रायपुर के मुख्य पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि नई कलेक्टर गाइड लाइन के लिए सर्वे का काम चल रहा है. उप पंजीयकों को इस कार्य में लगाया गया है. शासन के निर्देश के अनुसार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट बंद है.

कायरतापूर्ण हरकत पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कीमत पर कार्रवाई करने को तैयार :विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल/इंदौर  मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भारत के प्रधानमंत्री जी  विदेश दौरा रद्द करके तत्काल भारत वापस लौटे हैं। हमारी भारत सरकार सचेत और सजग एक्शन के मूड में है। इस कायरतापूर्ण हरकत पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कीमत पर कार्रवाई करने को तैयार है। बीजेपी विधायक ने कहा कि हम अपने नागरिकों का बदला लेंगे। आतंकवादी कान खोलकर सुन ले, शांति में अगर आग लगाई है तो आंच  तुम्हारे घरों तक जरूर जाएगी। यह शांति का टापू है मेरा कश्मीर, केसर की क्यारी है मेरा कश्मीर और हिंदुस्तान की धरती का स्वर्ग है मेरा कश्मीर। ध्यान रखना तुम्हें मगर मुगालता होगा तो वह दूर कर लेना, भारत रात को 12 बजे भी बदला लेना जानता है।   आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता वहीं पूर्व मंत्री और वर्तमान बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने भी कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले  की निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय भक्ति शीर्ष नेतृत्व की सरकार इस पर कड़ा एक्शन लेगी। देश की अखंडता और एकता को 75 वर्षों से जो प्रयास कर रहे हैं इन्हें कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।  सरकार इस आतंकी हमले को लेकर कठोर कदम उठा रही है।   पूर्व मंत्री ने कहा कि देश की अखंडता और एकता को तोड़ने वाली शक्तियों को खत्म किया जाएगा। सेकुलरिज्म और धर्मनिरपेक्षता की बात करने वालों को अपनी आत्मा के अंदर झांक कर विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का केवल आतंक फैलाना ही काम है और इन्हें सबक सिखाने का काम केंद्र नेतृत्व का है और उन्हें अच्छे से आता है। देश के स्वर्ग में धर्म पूछ पूछ कर मारना और मानवता को शर्मसार करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा उन्हें सबक सिखाया जाएगा। कलमा पढ़ने की बात को लेकर उनका कहना था कि जिस धर्म ग्रंथ की वह बात करते हैं उन्होंने उस धर्म को न पड़ा है ना समझा है। अगर पढ़ा और समझा होता तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं करते।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक्शन में भारतीय सेना और सरकार, गृह मंत्री शाह की दो टूक- कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

 पहलगाम  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरा देश आहत है। जिस तरह से आतंकियों ने कायराना हरकत को अंजाम दिया और पर्यटकों को अपना निशाना बनाया, उसने पूरे देश को झकझोर के रख दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस टेरर अटैक पर रिएक्ट किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बुधवार को पहलगाम में बैसरन का दौरा किया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने क्या कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘भारी मन से पहलगाम आतंकी हमले के मृतकों को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा। इस नृशंस आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ पहलगाम टेरर अटैक के बाद पहली बार अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को शाह ने दी श्रद्धांजलि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पहलगाम में बैसरन का दौरा किया। जम्मू कश्मीर में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर इस पर्यटन स्थल में मंगलवार को आतंकवादियों के नृशंस हमले में 28 पर्यटक मारे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित शोक समारोह में पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद अमित शाह हेलिकॉप्टर से यहां से करीब 110 किलोमीटर दूर बैसरन के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि शाह को सुरक्षा अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी दी। पहलगाम अटैक में 28 पर्यटकों ने गंवाई जान आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटक स्थल पर हमला किया, जिसमें 28 लोग मारे गए और 16 लोग घायल हो गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे तो पहलगाम घूमने के लिए आए थे। अमित शाह हमले के कुछ घंटों के भीतर मंगलवार रात को यहां पहुंचे और उन्हें पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने स्थिति के बारे में जानकारी दी। गृह मंत्री ने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की, जिसमें उपराज्यपाल भी शामिल हुए।

आतंकी हमले में शहीद हुए अधिकारी के घर पहुंचे कलेक्टर, जाने कब इंदौर पहुंचेगा शव

 इंदौर  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam Terror Attack) में हुए आतंकी हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल की मौत हो गई। सुशील नथानियल का पार्थिव शरीर एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 803 से आज देर शाम 8:15 बजे इंदौर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए आज सुबह शोकाकुल परिवार से मुलाकात की थी। मामले की सूचना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सुबह हीरानगर क्षेत्र में जाकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि, दुख की इस घड़ी में शासन और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। वहीं इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने सुशील नथानियल के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। कलेक्टर ने कहा कि हर संभव मदद का प्रयास किया जाएगा। पहलगाम से सुशील नथानियल का पार्थिव शरीर एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 803 से आज देर शाम 8:15 बजे इंदौर लाया जाएगा। इसके साथ ही उनकी बेटी को कुछ माइनर इंज्रीज है। उसका इंदौर में इलाज कराया जाएगा और प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसारन घाटी इलाके में मंगलवार दोपहर 2.45 बजे हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई। इस हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल भी मारे गए। वहीं उनकी बेटी आकांक्षा को भी चोट लगी है। सुशील आलीराजपुर में एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। आज सुबह जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए परिवार का ढाढस बढ़ाया। कांग्रेस MLA ने सरकार से एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और बेटी के इलाज की मांग की है।  मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के हीरानगर थाना इलाके में आने वाले वीणा नगर के बी-सेक्टर के मकान नंबर-68 में रहने वाले एलआईसी अधिकारी सुशील नथानियल की मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों ने गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद से उनके घर ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है तो वहीं, शहर के साथ साथ प्रदेशभर में शोक की लहर है। हत्या की सूचना फैलते ही रिश्तेदारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में शहरवासी बुधवार सुबह से ही सुशील के घर पहुंच रहे हैं तो वहीं, कलेक्टर आशीष सिंह और शहर के सभी राजनैतिक दलों के नेता लगातार शोकाकुल परिवार से ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।  आतंकी हमले के शिकार हुए एलआईसी अफसर सुशील नथानियल के घर बुधवार सुबह कलेक्टर आशीष सिंह पहुंचे। सबसे पहल उन्होंने शोकाकुल परिवार के साथ घटना पर ढांढस बंधाया। साथ ही शोकाकुल परिवार के साथ-साथ पड़ोसियों और रिश्तेदारों तक को विश्वास दिलाया कि, दोषियों को किसी शर्त पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पीड़ित परिवार को शासन से हर संभव मदद मुहैय्या कराने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान कलेक्टर सिंह ने शोकाकुल परिवार के सदस्यों के संबंध में तो जानकारी ली ही, साथ ही सवाल किया कि, हादसा का शिकार हुए सदस्य कब गए थे कश्मीर। परिवार से मिले कलेक्टर कलेक्टर आशीष जैन के अनुसार, देर रात तक सुशील का शव इंदौर आ जाएगा और गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। आपको बता दें कि सुशील की मौत के शोक में आज लगभग पूरा शहर बंद है। विधायक मेंदोला और प्रभारी महापौर भी पहुंचे आतंकी घटना को लेकर इलाके के रहवासियों में काफी आक्रोश है। रात से लेकर अबतक मृतक सुशील के घर शहरवासियों का तांता लगा हुआ है। इसी क्रम में बुधवार को क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला और प्रभारी महापौर राजेन्द्र राठौर के अलावा भाजपा-कांग्रेस के कई नेता भी पहुंचे हैं। उन्होंने वहां मौजूद मृतक नथानियल के रिश्तेदार विकास और अन्य से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही मृतक और उसके बारे में जानकारी भी ली और परिवार को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है। इस आतंकी घटना में घायल मृतक की बेटी आकांक्षा की हालत ठीक है। उसके पैर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे भी पिता के शव के साथ इंदौर लाया जा रहा है। अलीराजपुर में पदस्थ थे सुशील नथानियल मिली जानकारी के अनुसार अलीराजपुर में पदस्थ बीमा अधिकारी सुशील नथानियल 15 अप्रैल को पत्नी जेनिफर, बेटे ऑस्टिन उर्फ गोल्डी जो खिलाड़ी है और बैंक ऑफ बड़ौदा गुजरात में पदस्थ बेटी आकांक्षा के साथ जम्मू कश्मीर रवाना हुए थे। पड़ोसियों ने बताया- परिवार काफी मिलनसार है और सबके दुख सुख में खड़े रहने के लिए तत्पर रहता है, जब लोगों ने इस तरह की घटना उनके साथ होना सुनी तो सभी स्तब्ध रह गए। बताया जा रहा है कि आतंकी द्वारा चलाई गई गई गोली बीमा अधिकारी सुशील की बेटी आकांक्षा के पैर में लगी है। 30 साल पहले इंदौर आकर बसे थे सुशील घटनाक्रम को लेकर क्षेत्रीय पार्षद राजू भदौरिया ने बताया कि, रिश्तेदार और परिवार के कुछ लोग कल ही घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। रात तक सुशील के शव को इंदौर लाया जाएगा। आतंकियों की गोली की शिकार घायल महू मेन स्ट्रीट की जेनिफर तथा सुशील नथानियल की बेटी आकांक्षा को इंदौर लाया जा रहा है। सुनील का पैतृक घर जोबट में है। 30 साल पहले वे इंदौर में रहने आए थे। फिलहाल, सुशील का शव इंदौर लाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतिम संस्कार कल किया जाएगा। हालात सामान्य बनाए रखने के लिए सुनील के घर के आसपास भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। 4 दिन पहले कश्मीर घूमने निकला था परिवार ये भी बता दें कि, बीमा अधिकारी सुशील नथानियल के परिवार में 4 सदस्य हैं। ये सभी चार दिन पहले ही एक साथ जम्मू कश्मीर घूमने गए थे। राहत की बात ये है कि, घर के सभी सदस्यों की जांन बच गई है। बस बेटी के पैर में गोली लगने की खबर है। जबकि, घर के अन्य सदस्य ठीक हैं।

एजेंसियों का दावा हमलावर आतंकी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव के साथ प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के डिजिटल सबूत पाकिस्तान से जुड़ते नजर आ रहे हैं. भारत की खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि हमले के संदिग्ध आतंकियों के डिजिटल फुटप्रिंट मुजफ्फराबाद और कराची स्थित सेफ हाउस तक पहुंच रहे हैं. इससे इस हमले के क्रॉस बॉर्डर लिंक का सबूत मिल रहा है. बता दें कि इस हमले में अबतक 28 सैलानियों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हैं. खुफिया सूत्रों ने घटनास्थल से बरामद फॉरेंसिक एनालिसिस और हमले में बचे लोगों से मिली जानकारी के आधार पर कहा है कि आतंकियों ने सेना के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियारों का इस्तेमाल हमले के लिए किया. इसका ये अर्थ निकलता है कि हमलावर पूरी तरह से ट्रेंड थे और उन्हें सभी जरूरी हथियार मिले थए. भारत की एजेंसियों को घटनास्थल के आस-पास एडवांस कैटेगरी के संचार उपकरण मिले हैं. इससे ये संकेत मिलता है कि आतंकियों को बाहर से लॉजिस्टिक सपोर्ट और सहयोग मिल रहा था.   खुफिया एजेंसियों का दावा है कि हमलावर आतंकी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव के साथ प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में थे. पहलगाम हमले के संदिग्धों के डिजिटल कनेक्शन पाकिस्तान स्थित मुजफ्फराबाद और कराची के ‘सेफ हाउस’ पर पाए गए, जिससे सीमा पार आतंकियों के संबंध के साक्ष्य मजबूत हुए. सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हथियारों की प्रकृति और हमले की सटीकता से पता चलता है कि आतंकियों ने प्रशिक्षित संचालकों से सैन्य सहायता ली थी. बता दें कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) जो छद्म नाम लेकर आतंकी हमले करता है ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. खुफिया एजेंसियों के अनुसार आतंकवादी पूरी तैयारी के साथ हमले के लिए आए थे. आतंकवादियों ने अपनी पीठ पर बैग टांग रखे थे, जिसमें सूखे मेवे, दवाइयां और संचार उपकरण थे.  5 से 6 विदेशी आतंकवादियों का एक समूह कुछ समय से जंगल में छिपा हुआ था और स्थानीय लोगों की मदद से पहलगाम की रेकी कर रहा था. तैयारी पूरी होने के बाद दहशतगर्दों ने मौका देखकर हमला कर दिया. खुफिया एजेंसियों का दावा है कि 3 से4 आतंकवादियों ने एके-47 से लगातार फायरिंग की. इस दौरान 2 पाकिस्तानी आतंकवादी पश्तो भाषा बोल रहे थे. उनके साथ 2 स्थानीय आतंकी (आदिल और आसिफ) भी थे. ये दो स्थानीय आतंकवादी बिजभेरा और त्राल के हैं. पाकिस्तानी आतंकियों ने बॉडी कैमरा पहनकर सब कुछ रिकॉर्ड किया. माना जा रहा है कि पहलगाम में आतंकवादी हमला 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले की तर्ज पर किया गया था. इस आतंकवादी हमले का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना था. इस हमले के पीछे संभवतः पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई का हाथ है. खुफिया एजेंसियों ने इस हमले को अंजाम देने वाले 4 आतंकियों की एक साथ तस्वीरें जारी की है. इन तस्वीरों में सबसे दायीं ओर पाकिस्तानी सेना से रिटायर आसिफ फौजी भी शामिल है. जांच से ताल्लुक रखने वाले एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, “यह सिर्फ एक अलग-थलग आतंकी घटना नहीं है. हमलावरों को सीमा पार से निर्देशित, सुसज्जित किया गया था और उन्हें सपोर्ट दिया गया. उनका उद्देश्य क्षेत्र को अस्थिर करना और शांति को पटरी से उतारना है.” गृह मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है. वरिष्ठ खुफिया और सैन्य अधिकारियों की अध्यक्षता में इस सप्ताह के अंत में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक होने की उम्मीद है. यह घटना क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी समूहों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति में बदलाव का संकेत देती है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सैन्य-ग्रेड हथियारों और एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों का उपयोग कश्मीर में हाइब्रिड युद्ध के एक नए चरण की ओर इशारा करता है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद के साथ, हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल व्यापक नेटवर्क के बारे में अधिक विवरण सामने आने की संभावना है. पाकिस्तान ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में क्या कहा? बता दें कि पहलगाम अटैक के बाद पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. पाकिस्तान ने इस घटना से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि उसका इससे कोई लेना-देना नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले से पाकिस्तान का कोई लिंक नहीं है. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. हम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है.    

भोपाल में आतंकवादियों के खिलाफ मुस्लिम समाज का फूटा गुस्सा, पुतला फूंककर लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

भोपाल भोपाल आज बुधवार दोपहर में वक्फ बोर्ड परिसर में पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संपूर्ण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हे और वहां हमारे हिन्दू भाइयों के आस्था केंद्र धार्मिक स्थल भी हैं। कश्मीर का मुसलमान भी इन धार्मिक स्थलों की यात्रा में सदैव हिन्दू भाइयों का सहयोगी रहा है। निर्दोष यात्रियों के कत्लेआम से शेष भारत का मुस्लिम समुदाय भी आहत हुआ है। मध्यप्रदेश में भी लोगों ने आतंकवादियों की इस कायराना हरकत की निंदा की है। भोपाल में जय हिंद सेना ने भारत माता चौराहे पर प्रदर्शन किया, तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला जलाया। भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’ और ‘मोदी जी 56 इंच का सीना दिखाना होगा’ जैसे नारे लगाए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। इस कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब आतंकियों को जरूर मिलेगा। पूर्व सीएम कमलनाथ और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी इस हमले की निंदा की है। सीएम बोले- आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ कायराना आतंकी हमला घोर निंदनीय है। इस कायराना और अमानवीय कृत्य में कई निर्दोष लोगों की जान गई है। मैं सभी दिवंगतों की पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस घृणित कृत्य में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि हमले में सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। गंजबासौदा में संगठन के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला फूंका गंजबासौदा में बुधवार को पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आतंकवाद और पाकिस्तान का पुतला जलाया है। इस दौरान बरेठ रोड स्थित संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के पास ABVP के करीब 50-60 पदाधिकारी कार्यकर्ता एकत्रित हुए. अभाविप के जिला संयोजक बोले- आतंकवाद को खत्म करने का समय आ गया प्रदर्शन के दौरान अभाविप के जिला संयोजक शुभम सिंह ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को समाप्त करने का समय आ गया है। जब तक आतंक की जड़ प्रहार नहीं किया जाएगा, तब तक देश के निर्दोष नागरिक ऐसी घटनाओं का शिकार होते रहेंगे। ABVP कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ किया प्रदर्शन अभाविप के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया और पाकिस्तान की आतंक समर्थक नीतियों की निंदा की। कार्यक्रम में अभाविप के कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सभी ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई।

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