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सीएम विष्णुदेव साय का पहलगाम आतंकी हमले पर बड़ा बयान, बोले – इस तरह की घटना का बदला लेगा देश

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं का देश बदला लेगा. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से पहलगाम गए पर्यटकों के बारे में मुख्य सचिव, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से जानकारी ली. साथ ही आतंकी हमले में मारे गए रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया के परिवार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंबई दौरे पर रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में कहा कि इस तरह की घटनाओं पर देश ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे के बीच से वापस लौट गए हैं. उन्होंने लौटते ही एयरपोर्ट पर बैठक ली, इससे घटना को लेकर उनकी गंभीरता समझ आती है. सीएम साय ने सभी मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले में रायपुर के दिनेश मिरानिया का भी दुखद निधन हुआ है। स्थानीय प्रशासन परिवार के संपर्क में है। शासन-प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह मुंबई के लिए रवाना हुए, जहां वे बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रमों में शिकरत करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम को लेकर बताया कि मुंबई का दो दिवसीय दौरा है, आज टेक्सटाइल पर MOU कार्यक्रम है. वे अंतर्राष्ट्रीय स्टील कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस दौरान उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

पाकिस्तान और दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत एकजुट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में इंदौर निवासी सुशील नथानियल की असामयिक मृत्यु पर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि सुशील नथानियल अलीराजपुर में एलआईसी कार्यालय में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वे स्वयं इंदौर में नथानियल की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। प्रदेश सरकार हमले में घायल नथानियल की बेटी आकांक्षा की मदद के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। दुख की इस घड़ी में सरकार मृतक के परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरा केंद्रीय नेतृत्व इस मामले पर पल-पल नजर रखे हुए हैं। कश्मीर में पर्यटकों पर हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत है। यह घटनाक्रम पूरे देश पर वज्रपात के समान है। पाकिस्तान और उसके हिमायती दहशतगर्दों को इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

इंदौर के सुशील नथानियल की पहलगाम हमले में मौत, बेटी आकांक्षा को भी लगी गोली, पत्नी भी घायल

इंदौर  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन घाटी में मंगलवार दोपहर 2:45 बजे हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की जान चली गई। इस भीषण हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी आकांक्षा नथानियल गोली लगने से घायल हो गई हैं। घूमने गया था परिवार परिवार परिवार हाल ही में कश्मीर घूमने गया था। सुशील, जो अलीराजपुर जिले में एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे, अपने बेटे आस्टन, बेटी आकांक्षा और पत्नी जेनिफर के साथ चार दिन पहले ही कश्मीर पहुंचे थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) अमित सिंह ने उनकी मौत की पुष्टि की है। आखिरी क्षणों में दिखाया साहस सुशील के छोटे भाई विकास नथानियल ने बताया कि हमलावरों ने पहले सुशील को घुटनों पर बैठाया और उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब उन्होंने अपना धर्म ईसाई बताया, तो आतंकियों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। हमले के दौरान सुशील ने अपनी पत्नी को छिपा दिया और खुद सामने आकर आतंकियों का सामना किया। बेटी को पैर में लगी है गोली आकांक्षा को पैर में गोली लगी है, जबकि जेनिफर भागते समय गिरने से घायल हुईं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्नी का जन्मदिन मनाने पहुंचा था परिवार परिवार मूल रूप से अलीराजपुर के जोबट का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में इंदौर के एमआर-10 क्षेत्र के वीणा नगर में निवास कर रहा था। सुशील नथानियल अपनी पत्नी जेनिफर का जन्मदिन मनाने अपने 21 वर्षीय बेटे और 30 वर्षीय बेटी के साथ पहलगाम गए थे। जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और आकांक्षा सूरत स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत हैं। बेटा आस्टन और जेनिफर फिलहाल सुरक्षित हैं। इंदौर की दो महिलाएं घायल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहर की दो महिलाएं बाल-बाल बचीं। एक महिला तो भगदड़ में घायल भी हो गई। दूसरी महिला गोलियों की आवाज और पर्यटकों के शव देखने के बाद अवसाद में चली गईं। उनका उपचार चल रहा है। सेना ने इंदौर पुलिस को सूची साझा करते हुए कहा कि महिलाओं का नाम जेनिफर और आकांक्षा है। उनके सामने ही आतंकवादियों ने गोलियां चलाईं। पास से निकल गई गोलियां अंधाधुंध फायरिंग के बाद महिलाएं भागी थीं। एक महिला भागने के दौरान गिरकर घायल हो गई। एक महिला के पास से गोलियां निकल गईं। वह सदमे में है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून) अमित सिंह ने इसकी पुष्टि की है। हमारे महू प्रतिनिधि के अनुसार किशनगंज क्षेत्र के निवासी सुमित शर्मा भी जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे। घटना के आधा घंटे पहले ही वे घाटी से नीचे आ गए थे। जेनिफर-आकांक्षा अस्पताल में भर्ती सेना ने इंदौर पुलिस को पहलगाम हमले के मृतकों और घायलों की लिस्ट भेजी है। इसके आधार पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) अमित सिंह ने बताया- अंकिता को पैर में गोली लगी है जबकि जेनिफर भागते समय गिरने से घायल हुई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमारे निकलने के 15 मिनट बाद ही हमला जिस जगह आतंकी हमला हुआ, वहां मध्य प्रदेश के महू के किशनगंज में रहने वाले होटल और प्रॉपर्टी कारोबारी सुमित शर्मा भी परिवार के साथ मौजूद थे। वे 15 मिनट पहले ही परिवार के साथ वहां से निकले थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की निंदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंने दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला कायराना और अमानवीय कृत्य है। इसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है। टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टीआरएफ ने ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने एक पर्यटक से नाम पूछकर उसे सिर में गोली मारी और फिर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मृतकों में इटली और इजराइल के एक-एक नागरिक के साथ दो स्थानीय लोग शामिल हैं। अन्य मृतक पर्यटक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा से हैं।

मंडीदीप के GAIL प्लांट से मीथेन गैस का रिसाव हो गया, पूरे इलाके में मच गई अफरा-तफरी

 मंडीदीप भोपाल से करीब 35 किलोमीटर दूर रायसेन के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) के प्लांट से मीथेन गैस का रिसाव हो गया. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. गनीमत रही कि समय रहते गैस रिसाव को काबू में ले लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई. अधिकारियों ने बताया कि सतर्कता के तहत आसपास के औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और सड़क यातायात भी रोक दिया गया. एजेंसी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 2 बजे की है, जब GAIL के प्लांट में मीथेन गैस का रिसाव हुआ. गैस लीक की सूचना मिलते ही फायर सेफ्टी टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद बुधवार सुबह करीब 10 बजे रिसाव को रोका जा सकामीथेन एक अत्यधिक ज्वलनशील, रंगहीन और गंधहीन गैस होती है, जो आग लगने पर गंभीर खतरा पैदा कर सकती है. सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने बताया कि जैसे ही रिसाव की सूचना मिली, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्लांट के 200 मीटर के दायरे में आने वाली सभी इकाइयों का संचालन बंद करा दिया और सड़क मार्ग को भी बंद कर दिया गया. प्रोजेक्ट मैनेजर बोले- स्थिति नियंत्रण में गेल के प्रोजेक्ट मैनेजर डी डोंगरे ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। उन्होंने कहा- रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया है। किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। स्कूलों की छुट्टी या आसपास के क्षेत्र को खाली कराने जैसी कोई आवश्यकता नहीं है। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीपीओ शीला सुरणा और नायब तहसीलदार नीलेश सरवटे ने प्लांट का जायजा लिया है। कलेक्टर बोले- सेफ्टी ऑडिट करा रहे कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने कहा- प्लांट में मिड नाइट से गैस रिसाव हो रहा था। हमें इसकी जानकारी सुबह करीब पांच बजे मिली। अब रिसाव रोक दिया गया है। पूरे एरिया को सैनिटाइज कराया गया है। हालत गंभीर नहीं हैं। हम प्लांट का सेफ्टी ऑडिट करा रहे हैं। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सेफ्टी एसओपी तैयार करेंगे। एसपी पंकज पांडे ने कहा- प्लांट की सेफ्टी जांच की जा रही है। इसके बाद गैस लीक के कारणों का पता लगाया जाएगा। घरों और उद्योगों का पीएनजी सप्लाई होती है मंडीदीप में गेल का प्लांट शासकीय सिविल अस्पताल के पास है। यहां एलएनजी को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) में कन्वर्ट करके पाइपलाइन से घरों और इंडस्ट्रीज में सप्लाई किया जाता है। यहां से कंपनी डोमेस्टिक, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल गैस की सप्लाई करती है। प्लांट में घरेलू गैस 750 एससीएम, कॉमर्शियल 1600 एससीएम और इंडस्ट्रियल 7500 एससीएम की स्टोर कैपेसिटी है। उन्होंने बताया कि गैस हवा में फैल गई और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है. फिलहाल प्लांट से उत्पादन कार्य रोका गया है और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है. रातभर से प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ मौके पर तैनात हैं और प्लांट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं. मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि यह लेवल-3 गैस रिसाव की घटना थी, जो कि गंभीर मानी जाती है. हालांकि राहत की बात यह है कि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों ने रिसाव की वजह बने उपकरण की मरम्मत कर ली है और स्थिति अब नियंत्रण में है. स्थानीय प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया. दो साल पहले भी लीक हुई थी गैस करीब दो साल पहले भी गेल प्लांट से गैस का रिसाव हुआ था। प्लांट में सीएनजी गैस में मरकैप्टन लिक्विड मिलाया जा रहा था। इसी दौरान 6 इंच पाइप में बचे हुए लिक्विड की 10 से 12 बूंदें नीचे गिर गईं। इस केमिकल की गंध इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में करीब आधा किलोमीटर दूर सतलापुर में पहुंच गई थी। लोगों को आंखों में जलन, जी मचलाना, उल्टी और चक्कर की समस्या हुई थी।  

SRH vs MI के खिलाडी पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति शोक जताने आज काली पट्टी बांधकर खेलेंगे

नई दिल्ली सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच आज आईपीएल 2025 का 41वां लीग मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ी पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति शोक जताने के लिए मैच के दौरान काली पट्टी बांधकर खेलेंगे, जबकि इस मुकाबले में चीयरलीडर्स नहीं होंगी और आतिशबाजी भी नहीं की जाएगी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा डीजे पर गाने भी आपको सुनाई नहीं देंगे। टीमें इस घटना से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन भी रखेंगी। इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘दोनों टीम के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर खेलेंगे और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वालों की याद में एक मिनट का मौन रखेंगे। मुंबई इंडियंस और हैदराबाद के बीच होने वाले मैच के दौरान चीयरलीडर्स नहीं होंगी। कोई पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे।’’ डीजे भी शायद सिर्फ स्कोरिंग के लिए यूज हो सकता है। दक्षिण कश्मीर के इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम के बैसरन में मंगलवार को आतंकवादियों ने लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकी समूह का हिस्सा ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले की दुनिया भर में कड़ी निंदा की गई है। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध तोड़ दिए और हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए देश का दौरा करने से इनकार कर दिया जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को दुबई में तटस्थ स्थल का प्रावधान करना पड़ा। आने वाले समय में बीसीसीआई कुछ और कड़े फैसले ले सकती है।

प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एयर एम्बुलेंस सुविधा का होगा विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्पताल से घर तक पार्थिव देह ले जाने के लिए जिलों में उपलब्ध होंगे शव वाहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए। कैंसर जैसे रोगों से ग्रस्त नागरिकों को आवश्यक उपचार सुविधाएं प्राथमिकता से दिलवाई जाएं। प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहित किया जाए। पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं जो प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों से घर तक पार्थिक देह ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था जिलों से प्रारंभ होगी जिसका बाद में विकास खण्ड और तहसील स्तर तक विस्तार होगा। प्रदेश में एयर एम्बुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी बनाते हुए गंभीर रोगियों के साथ ही दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल नागरिकों को भी सेवाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। जिला स्तर पर उपलब्ध होंगे शव वाहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने अस्पताल से पोस्ट मॉर्टम एवं मत्यु के अन्य मामलों में पार्थिव देह घर तक ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था प्रारंभ में जिला स्तर पर रहेगी। बाद में इस व्यवस्था को विकास खण्ड और तहसील तक विस्तार किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा बनाएंगे प्रभावी मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जहां मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा का विस्तार इस तरह किया जाएगा कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर भी एयर एम्बुलेंस को पहुंचाया जा सके। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को चिकित्सक और कलेक्टर द्वारा निर्णय लेकर चिकित्सा संस्थानों तक भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में एयर एम्बुलेंस सेवा में एक हेलीकाप्टर और एक एरोप्लेन उपलब्ध है। गरीब से गरीब नागरिक को इस सुविधा का लाभ देने का प्रयास है। भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत राज्य के विभिन्न जोन निर्धारित कर इस सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं। गत वर्ष नीमच, मंदसौर और सिवनी में कॉलेज प्रारंभ किए गए। इस तरह के अन्य मेडिकल कॉलेज भी प्रारंभ होंगे। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। गंभीर रोगों की आसानी से जांच और उपचार हो इसके लिए यह व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदेश में नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अंगदान और देहदान को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में अंगदान की घोषणा करने वालों और देहदान का संकल्प लेने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। अंगदान से एक से अधिक रोगियों को लाभ मिलता है। देहदान से चिकित्सा विद्यार्थियों के लिये शल्य क्रिया की दृष्टि से पार्थिव देह की उपलब्धता संभव होती है। अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों एवं उनके परिजन को महत्वपूर्ण अवसरों पर सम्मानित किया जाए। सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं लेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि विभिन्न सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में नागरिकों के उपचार में प्राप्त की जाएं। ‍नए मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी संचालित है। अनेक स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था, मातृ शिशु संजीवनी कार्यक्रम, अनमोल 2.0 के माध्यम से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य की शत प्रतिशत ट्रेकिंग और मानीटरिंग और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 के क्रियान्वयन, अस्पतालों के निरीक्षण, स्वास्थ्य संस्थाओं के भवनों के निर्माण, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ कुपोषण समाप्ति के लिए संयुक्त प्रयास, स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार और आम जन को बेस्ट प्रैक्टिसेस से अवगत करवाने, टीकाकरण पल्स पोलियो अभियान, डे-केयर सेंटर के संचालन, मोबाइल मेडिकल यूनिट और नर्सिंग महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित चर्चा एवं समीक्षा की।  

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की, नए विधानसभा भवन में सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी का 95% काम पूरा

रायपुर : तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों व भवनों के निर्माणकार्य करें पूर्ण : विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर दिया जोर   मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की, नए विधानसभा भवन में सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी का 95% काम पूरा   एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों के काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर जोर दिया। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में सड़कों और पुल-पुलियों के काम आगामी पांच साल की कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और वृहद पुलों के कार्यों को भू-अर्जन के बाद डेढ़-दो वर्षों में अनिवार्यतः पूर्ण करने को कहा। उन्होंने शहरों के नजदीक बनने वाले बाइपास और रिंगरोड में पर्याप्त संख्या में ओव्हरब्रिजों और अण्डरब्रिजों का निर्माण करते हुए इन्हें एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। इससे यातायात तेज और सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री साय ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर को विशाखापट्नम से जोड़ने बन रहे एक्सप्रेस-वे से रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने अच्छी गुणवत्ता के कनेक्टिंग-रोड्स बनाने के निर्देश दिए, ताकि इस एक्सप्रेस-वे का अधिक से अधिक लाभ राज्य के लोगों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बड़ी एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए एक-एक डेडीकेटेड (Dedicated) वरिष्ठ अधिकारी नामांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने एनएचएआई (NHAI) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क विकास के कार्यों को पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ काम करने को कहा। उन्होंने नए बजट में प्रावधानित कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही उनके इस्टीमेट (Estimate), डीपीआर और टेण्डर की कार्यवाही पूर्ण करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साय ने पुल-पुलियों के रखरखाव एवं मरम्मत की प्रभावी व्यवस्था बनाने को भी कहा। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रोटोकाल तैयार कर कड़ाई से अमल करने को कहा। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों की तुरंत पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने को कहा। इससे सड़कों के संधारण एवं त्वरित मरम्मत में मदद मिलेगी। उन्होंने खदान क्षेत्रों में सड़कों के मजबूतीकरण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वहां निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नई सड़कों और पुलों के निर्माण से सुदूर वनांचलों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को वर्तमान समय की जरूरतों और लाइफस्टाइल के अनुरूप सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके अच्छे रखरखाव के साथ ही साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने को कहा।   लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि नया रायपुर में निर्माणाधीन विधानसभा के नए भवन का 95 प्रतिशत सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। नए राजभवन का भी 60 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सड़क सुरक्षा के कार्यों के लिए 106 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सड़क दुघर्टनाओं को रोकने आगामी पांच-छह महीनों में ब्लैक-स्पॉट और जंक्शन सुधार के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और मुकेश बंसल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और संयुक्त सचिव एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी मुख्य अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।   मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की समीक्षा की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्गों, एनएचएआई द्वारा किए जा रहे कार्यों, निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों की प्रगति, खेल विभाग के अधोसंरचना निर्माण कार्यों तथा सीआरआईएफ, आरआरपी (एलडब्ल्यूई) तथा आरसीपीएलडब्लूईए योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

कुछ बड़ा होने वाला है! पाकिस्तान को सताने लगा डर, PoK समेत कई जगह अलर्ट

पहलगाम सप्ताहभर पहले शादी के बंधन में बंधे विनय नरवाल और उनकी पत्नी की चमकती आंखें जाने कितने सपने संजो रही थीं. लेकिन किसे मालूम था कि चंद मिनटों में सब कुछ चकनाचूर हो जाएगा. शादी, पगफेरे और फिर रिसेप्शन के बाद दोनों ने हनीमून के लिए कश्मीर जाने का फैसला किया. लेकिन जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पहलगाम में कुछ ऐसा हुआ कि इस प्रेम कहानी ने यहीं दम तोड़ दिया और सामने आई दिल कचोट देने वाली वो तस्वीर जिसमें वादियों के बीच विनय की नई दुल्हन उनके शव के पास पथराई बैठी है और सोच रही है कि उसका गुनाह क्या है? हाल में हुई थी नेवी में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की शादी पहलगाम के बैसरन में मंगलवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिससे बाद पूरे देश में आक्रोश है. यहां आतंकियों ने एक टूरिस्ट ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई. दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल भी हुए, जिनका इलाज चल रहा है. आतंक का शिकार हुए इन लोगों की कहानियां सामने आ रही हैं तो झकझोर कर रख दे रही हैं. यहां हम बात कर रहे हैं मृतकों में से एक नेवी में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात करनाल के रहने वाले विनय नरवाल की जिनकी हाल ही में शादी हुई थी.   शव लेने पहुंच रहे विनय के पिता विनय की आतंकियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई जिसके बाद से उनके परिवार में मातम पसर गया है. अपना सबकुछ लुटा चुके विनय के पिता अब अपने बेटे के शव को लेने के लिए पहलगाम निकले हैं. हमारी टीम उनके घर के बाहर स्थिति का जायजा लिया हालांकि घर के बाहर सन्नाटा छाया हुआ था परिवार के सदस्य कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं. विनय के गांव के लोगों ने कहा आतंकियों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाही होनी चाहिए, अगर आतंकियों को छोड़ेंगे तो इस तरह के हमले फिर दोबारा होते रहेंगे. ऐसे आतंकियों के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा देशभर में भी आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर शोर से उठ रही है. इधर, आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मेरे पत‍ि को बचा लो प्लीज’, पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत घटना के बाद का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें चीख-पुकार और मदद की गुहार लगाते पर्यटक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक महिला कहती सुनाई दे रही है, “हम भेलपूरी खा रहे थे, तभी एक शख्स आया और गोली मार दी। उसने कहा, ‘शायद ये मुस्लिम नहीं है’ और उसके बाद फायरिंग शुरू कर दी।” महिला रोते हुए अपने घायल पति के लिए मदद मांग रही है। आसपास कई अन्य महिलाओं की चीखें भी सुनी जा सकती हैं। एक बच्चा भी रोते हुए सहायता की अपील करता दिख रहा है। वीडियो में कुछ लोग जमीन पर घायल पड़े दिखाई देते हैं, जबकि कुछ खून से लथपथ हैं। पाकिस्तान को सताने लगा डर, PoK समेत कई जगह अलर्ट जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। खुफिया सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि भारत के संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से पाकिस्तान ने अपने एयरफोर्स को अलर्ट पर रखा है। साथ ही भारत-पाकिस्तान सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, लाहौर, कराची, पेशावर, रावलपिंडी और इस्लामाबाद जैसे प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। पाकिस्तान में यह डर है कि भारत सर्जिकल स्ट्राइक या एयरस्ट्राइक जैसे कड़े कदम उठा सकता है, जैसा कि उरी और पुलवामा हमले के बाद किया गया था। भारत की ओर से इस हमले को लेकर सख्त रुख पहले ही जाहिर किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा है कि इस कायराना हमले के गुनहगारों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस सबके बीच भारतीय सेना और वायुसेना ने पहले ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और LoC पर ड्रोन व हवाई निगरानी बढ़ाई गई है। सभी यूनिट्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आपको बता दें कि आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल पहलगाम में हमला किया जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में दो विदेशी नागरिक थे जिसमें एक संयुक्त अरब अमीरात से और एक नेपाल से था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त की और बुधवार सुबह भारत लौट आए। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मंगलवार शाम को श्रीनगर पहुंचकर सुरक्षा हालात का जायजा लिया।

अब 30 जून 2025 से फिर से शुरू होने जा रही कैलाश मानसरोवर यात्रा, यात्रा में कुल 250 तीर्थयात्री शामिल होंगे

नई दिल्ली कैलाश मानसरोवर यात्रा, जो पिछले पांच वर्षों से स्थगित थी, अब 30 जून 2025 से फिर से शुरू होने जा रही है। यह यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के रास्ते से होकर तिब्बत के कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक जाएगी। यात्रा में कुल 250 तीर्थयात्री शामिल होंगे, जिन्हें पांच समूहों में बांटा जाएगा। यात्रा का महत्व कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कैलाश पर्वत को हिंदू धर्म में भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। कहा जाता है कि यहां की परिक्रमा और मानसरोवर में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस यात्रा की विशेषता यह है कि यह भारत और चीन के बीच बेहतर संबंधों का प्रतीक भी है, खासकर धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों में। क्यों बंद हुई थी यात्रा? इस यात्रा को हर साल आयोजित किया जाता है, लेकिन 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई झड़पों और सीमा विवाद के कारण यात्रा फिर से शुरू नहीं हो सकी। अब भारत सरकार के प्रयासों से यह यात्रा संभव हो पाई है, जो दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों का संकेत देती है। 30 जून 2025 को दिल्ली से शुरू होगी यात्रा यात्रा की शुरुआत 30 जून 2025 को दिल्ली से होगी। इस यात्रा में 250 यात्री शामिल होंगे, जिन्हें 5 दलों में बांटा जाएगा, हर दल में 50 यात्री होंगे। यात्रा की पूरी अवधि 22 दिन की होगी। यात्रियों की स्वास्थ्य जांच यात्रियों की स्वास्थ्य जांच दिल्ली और गुंजी में की जाएगी, ताकि ऊंचाई और कठिन मौसम में यात्रा करने के लिए वे पूरी तरह से तैयार हों। यात्रा का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा किया जाएगा। भारत और चीन के बीच सहयोग कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुरू होना भारत और चीन के बीच एक सीमित लेकिन सकारात्मक सहयोग को दिखाता है। इसे सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग का संकेत भी माना जा सकता है।  

बारामूला में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, सेना ने ढेर किए 2 आतंकी, जारी है ऑपरेशन

नईदिल्ली /पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा बीच में ही खत्म कर बुधवार सुबह दिल्ली लौट आए हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पर ही NSA अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव ने पहलगाम अटैक को लेकर उनको ब्रीफिंग दी. पीएम के स्वदेश लौटने के बाद से दिल्ली में हाई लेवल मीटिंगों का दौर जारी है तो दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में ग्राउंड जीरो पर हालातों का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने मंगलवार देर रात एक बजे तक जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग की. उन्होंने अधिकारियों को आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.  बारामूला में LoC के पास घुसपैठ की बड़ी कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है और एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. सुरक्षाबलों की टीम ने आतंकियों के पास से दो राइफल और एक आईईडी बरामद किया है. सुरक्षाबलों ने जानकारी देते हुए बताया कि बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है. टीम ने आतंकियों के पास से 2 AK सीरीज की राइफलें और एक IED बम बरामद किया है. इस बारे में जानकारी देते हुए आर्मी के चिनार कॉप्स ने बताया कि बुधवार को 2-3 यूआई आतंकवादियों ने उरी नाला, बारामूला के सामान्य क्षेत्र से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. तभी नियंत्रण रेखा पर सतर्क TPS ने उन्हें रोक लिया इसके बाद आतंकियों ने सुरक्षाबल की टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षाबल की टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन शुरू किया और एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है, चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. आतंकवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद किए गए हैं. बता दें कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हलमें में 28 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे जो छुट्टियां बिताने यहां आए थे. घटनास्थल जाएंगे अमित शाह बताया जा रहे कि अमित शाह अब से कुछ देर पर पहलगाम में घटना स्थल पर जाएंगे, लेकिन इससे पहले वह अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद आर्म्ड पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे, जहां वह मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद वह दिल्ली लौटेंगे और CCS बैठक में शामिल होंगे. गृह मंत्री के निर्देश के बाद सुरक्षाबलों की कई टीमों ने इलाके को घेरते हुए मंगलवार को ही बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को सऊदी से ही कश्मीर की स्थिति का आकलन किया था.पीएम मोदी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले को लेकर बातचीत भी हुई. मोहम्मद बिन सलमान ने आतंकवादी हमले की निंदा की. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी परिषद की सह-अध्यक्षता की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करना है. मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर जेद्दा पहुंचे PM मोदी ने कश्मीर की स्थिति का आकलन करने के लिए क्राउन प्रिंस के साथ अपनी निर्धारित बैठक में करीब दो घंटे की देरी की. पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. यह हमला 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है. रात्रिभोज में नहीं शामिल हुए PM मोदी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की लेकिन आधिकारिक रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए और अपनी यात्रा को छोटा करने और मंगलवार रात को स्वदेश लौटने का फैसला किया. प्रधानमंत्री दो दिनों के दौरे के लिए सऊदी गए थे. बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में प्रधानमंत्री शामिल होंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में हाई-लेवल मीटिंग की. आतंकियों ने पर्यटकों के एक ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें करीब 26 लोगों की मौत की आशंका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की हमले की निंदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह हमले की निंदा करते हैं. उन्होंने लिखा, जो लोग इस जघन्य कृत्य के पीछे हैं, उन्हें कठघरे में लाया जाएगा और बख्शा नहीं जाएगा. आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है. डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा कि मुश्किल समय में हम भारत के साथ हैं. आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका मजबूती से खड़ा है.  

दिल्ली ने लखनऊ को दी शिकस्त, 8 विकेट से दर्ज की जीत

लखनऊ डियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-40 में दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी. यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में हुआ. इस मैच में दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. ऋषभ पंत की लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए थे. इसके जवाब में उतरी दिल्ली ने 18वें ओवर में ही इसे चेज कर लिया. केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने शानदार फिफ्टी जड़ी. ऐसी रही दिल्ली की बल्लेबाजी 160 रनों के जवाब में उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. चौथे ओवर में ही करुण नायर अपना विकेट गंवा बैठे. मार्करम ने उनका विकेट झटका. इसके बाद केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों अच्छी लय में दिखे. पोरेल ने 32 गेंद  में फिफ्टी जड़ी. लेकिन 12वें ओवर में उनका विकेट गिर गया. लेकिन एक छोर पर केएल राहुल टिके रहे. उन्होंने 40 गेंद में अर्धशतक जमाया. नाबाद भी रहे. वहीं, पोरेल का विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए पहुंचे अक्षर ने भी तूफानी बल्लेबाजी की. इसके दम पर दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ को 8 विकेट से हराया. ऐसी रही लखनऊ की पारी टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी मेजबान लखनऊ की शुरुआत बेहद शानदार रही. एडेन मार्करम और मिचेल मार्श ने तूफानी शुरुआत की. दोनों ने हर गेंदबाज को आंड़े हाथों लिया. एडेन मार्करम ने महज 30 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ दी.  दोनों बल्लेबाजों ने 10 ओवर में 90 रन जोड़े, लेकिन मारक्रम अपना विकेट गंवा बैठे. मार्करम ने अपनी पारी में 2 चौके और 3 छक्के जड़े. लेकिन इसके बाद आईपीएल में अबतक धमाल मचाने वाले निकोलस पूरन मैदान में पहुंचे. उन्होंने कुलदीप को दो चौका भी जड़ा. लेकिन 12वें ओवर में स्टार्क ने उन्हें अपना निशाना बनाया. पूरन के बल्ले से केवल 9 रन ही निकले. इसके बाद अब्दुल समद भी 2 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं, इसी ओवर में मुकेश कुमार ने मिचेल मार्श को भी चलता किया मार्श के बल्ले से 45 रन निकले. एक समय लखनऊ ने 10 ओवर में एक विकेट खोकर 90 रन बना लिए थे. लेकिन अगले 10 ओवर में लखनऊ की टीम केवल 70 रन ही जोड़ पाई. वहीं, 27 करोड़ी ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए तब आए जब सिर्फ दो गेंद का खेल बचा था उसमें भी वो खाता नहीं खोल सके और आउट हो गए. जबकि लखनऊ को तेजी से रन बनाने की दरकार थी. हालांकि, आखिरी ओवर में आयुष बदोनी ने तीन लगातार चौके लगाकर आतिशी बल्लेबाजी की जिसके दम पर लखनऊ ने दिल्ली को 160 रनों का लक्ष्य दिया है.

सीएम साय ने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के दिए निर्देश

नए विधानसभा भवन में सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी का 95% काम पूरा   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों के काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर जोर दिया। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरूण साव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में सड़कों और पुल-पुलियों के काम आगामी पांच साल की कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और वृहद पुलों के कार्यों को भू-अर्जन के बाद डेढ़-दो वर्षों में अनिवार्यतः पूर्ण करने को कहा। उन्होंने शहरों के नजदीक बनने वाले बाइपास और रिंगरोड में पर्याप्त संख्या में ओव्हरब्रिजों और अण्डरब्रिजों का निर्माण करते हुए इन्हें एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। इससे यातायात तेज और सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर को विशाखापट्नम से जोड़ने बन रहे एक्सप्रेस-वे से रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने अच्छी गुणवत्ता के कनेक्टिंग-रोड्स बनाने के निर्देश दिए, ताकि इस एक्सप्रेस-वे का अधिक से अधिक लाभ राज्य के लोगों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बड़ी एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए एक-एक डेडीकेटेड (Dedicated) वरिष्ठ अधिकारी नामांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने एनएचएआई (NHAI) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क विकास के कार्यों को पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ काम करने को कहा। उन्होंने नए बजट में प्रावधानित कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही उनके इस्टीमेट (Estimate), डीपीआर और टेण्डर की कार्यवाही पूर्ण करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। श्री साय ने पुल-पुलियों के रखरखाव एवं मरम्मत की प्रभावी व्यवस्था बनाने को भी कहा। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रोटोकाल तैयार कर कड़ाई से अमल करने को कहा। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों की तुरंत पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने को कहा। इससे सड़कों के संधारण एवं त्वरित मरम्मत में मदद मिलेगी। उन्होंने खदान क्षेत्रों में सड़कों के मजबूतीकरण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वहां निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नई सड़कों और पुलों के निर्माण से सुदूर वनांचलों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को वर्तमान समय की जरूरतों और लाइफस्टाइल के अनुरूप सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके अच्छे रखरखाव के साथ ही साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने को कहा।   लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि नया रायपुर में निर्माणाधीन विधानसभा के नए भवन का 95 प्रतिशत सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। नए राजभवन का भी 60 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सड़क सुरक्षा के कार्यों के लिए 106 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सड़क दुघर्टनाओं को रोकने आगामी पांच-छह महीनों में ब्लैक-स्पॉट और जंक्शन सुधार के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत और श्री मुकेश बंसल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और संयुक्त सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी मुख्य अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।   मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की समीक्षा की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्गों, एनएचएआई द्वारा किए जा रहे कार्यों, निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों की प्रगति, खेल विभाग के अधोसंरचना निर्माण कार्यों तथा सीआरआईएफ, आरआरपी (एलडब्ल्यूई) तथा आरसीपीएलडब्लूईए योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

सिंहस्थ में रास्ते में खराब हुए वाहनों को हटाने के लिए 5 बड़ी क्रेन लगेंगी, पूरे सांवेर रोड को सीसीटीवी सर्विलेंस में लाएंगे

उज्जैन  एमपी में सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन की तैयारियां चल रही हैं। इंदौर शहर में अलग-अलग जगह होल्डिंग जोन बनाने का प्रस्ताव है, ताकि उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर बाहरी लोगों को यहां रोका जाए। जमीन हासिल करने के बाद सभी विभाग यहां हर तरह की सुविधा का इंतजाम करेंगे। पुलिस ने बल व अन्य संसाधनों के साथ हाई-वे चौकियां, सहायता केंद्र व इंट्रीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित करने की अनुमति मांगी है। एक-दो दिन तक रोकने की रहेगी व्यवस्था होल्डिंग जोन बनाने के लिए कुछ जगह चिन्हित की है। यहां 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोकने के लिए विश्राम स्थल, कुर्सियां, सुविधागृह, पंखे, कूलर, पेयजल आदि की व्यवस्था की जाएगी। उज्जैन में भीड़ अधिक होने पर बाहरी लोगों को यहां ठहराया जाएगा। एक-दो दिन तक रोकने की व्यवस्था रहेगी। एडिशनल कमिश्नर मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, लवकुश चौराहे पर लेफ्ट साइड की खाली जमीन, रिंग रोड पर रोबोट चौराहे के पास आइडीए की जमीन, मांगलिया व तेजाजी नगर में भी होल्डिंग एरिया के लिए जमीन मांगी है। उज्जैन में हुई बैठकों में कई प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं। इतने इंतजाम की दरकार -सुपर कॉरिडोर, लवकुश चौराहे के पास करीब 7 एकड़ जमीन इंट्रीगेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के लिए रहेगी, ताकि वहां से नजर रखी जा सके। पुलिस, प्रशासन व निगम के अफसर यहां से सभी गतिविधियां संचालित करेंगे। -पूरे सांवेर रोड को सीसीटीवी सर्विलेंस में लाएंगे। -महालक्ष्मी नगर, सुपर कॉरिडोर व धार रोड को थाने के रूप में मंजूर करने की मांग है। -7 हाई-वे चौकियां चाहिए। देवगुराड़िया, नेमावर रोड, खंडवा रोड पर तेजाजी नगर, एबी रोड पर राऊ के पास व अन्य जगह लगेगी। -रिंग रोड, बायपास पर ट्रैफिक सहायता केंद्र स्थापना की अनुमति मांगी है। -करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल दो महीने पहले चाहिए। साथ ही 20 जीप, 20 बसें व ट्रक फोर्स व सामान के परिवहन के लिए चाहिए। -रास्ते में खराब हुए वाहनों को हटाने के लिए 5 बड़ी क्रेन लगेंगी। शिप्रा के जल से उगाए 50 हजार बांस उज्जैन में सिंहस्थ 2028 में इस बार बहुत कुछ अलग देखने को मिलेगा. इस बार धर्मध्वजाओं को लहराने के लिए पूरे उज्जैन में 50 हजार से ज्यादा बांस उगाए गए हैं, शिप्रा नदी के किनारे 10.72 हेक्टेयर में पूरा जंगल उगाया गया है, यहां शिप्रा नदी के पानी से बांस उगाए हैं, जहां 30 फीट ऊंचे बांस लगाए गए हैं, यह बांस उज्जैन वन मंडल की तरफ से निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इन बांसों से सिंहस्थ में आने वाले सभी अखाड़े और साधु संतों को धर्मध्वजा लहराने के लिए दिया जाएगा. इन बांसों की बारीकी से वन विभाग की तरफ से देखरेख भी की जा रही है. उज्जैन में 7 साल पहले लगे थे यह बांस बताया जा रहा है कि उज्जैन में शिप्रा नदीं के किनारे यह बांस 7 साल पहले ही लगा दिए गए थे. जिन्हें 30 फीट की ऊंचाई तक जाने देना है, हालांकि अभी इनकी ऊंचाई 20 से 25 फीट ही हुई है. अभी अगले दो साल और यह बांस लगे रहेंगे, जिससे इनकी लंबाई 30 फीट से ज्यादा हो जाएगी. वन विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक सिंहस्थ महाकुंभ शुरू होने से तीन महीने पहले ही इन बांसों की कटाई शुरू हो जाएगी और उन्हें व्यवस्थित कर वन विभाग की देखरेख में रखा जाएगा, जबकि बाद में कलेक्टर और मेला अधिकारी को यह बांस सौंप दिए जाएंगे, जहां सिंहस्थ मेला में 13 अखाड़ों समेत जितने भी साधु-संत आएंगे उन्हें यह बांस धर्म ध्वजा लहराने और अपने-अपने शिविरों में झंडा लगाने के लिए दिए जाएंगे. वन विभाग ने भैरवगढ़ मार्ग पर शिप्रा नदी के पास फिलहाल इन बांसों की पूरी देखरेख की जा रही है. बांस का धार्मिक महत्व बता दें कि बांस का अपना अलग धार्मिक महत्व होता है, हिंदू धर्म में बांस पर ही ध्वजा लगाई जाती है. ऐसे में सिंहस्थ के दौरान धर्मध्वजाएं इन्हीं बांसों पर लगेगी, क्योंकि यह आस्था का भाव माना जाता है. 10.72 हेक्टेयर में बांस का यह पूरा जंगल फैला है, बताया जा रहा है कि यह बांस बेंबोसा बाल्कोअ प्रजाति, जिसका बीज 2018 में रीवा की फ्लोरीकल्चर लेब से लाया गया था, जहां उज्जैन में कुल 5600 बांस के पौधों का प्लाटेंशन किया गया था, बताया जा रहा है कि यहां वन मंडल की तरफ से धार्मिक महत्व का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है और बांस के सभी झुंडों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. क्योंकि एक बांस के पेड़ से 20 से 25 बांस निकलते हैं, लेकिन यह सब बिना कटे फटे होने चाहिए, इसलिए यहां पूरी देखरेख की जा रही है. क्योंकि 50 हजार से ज्यादा बांसों में केवल शिप्रा नदीं का ही जल सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया गया है. 

500 करोड़ की लागत से भोपाल में बनेगा नया कलेक्ट्रेट भवन, 90 घरों को नोटिस दिए

भोपाल  भोपाल शहर की प्रोफेसर कॉलोनी में नए कलेक्ट्रेट भवन के लिए 90 घरों को नोटिस दिए गए। बीते दिन इस पर कलेक्टर ने पूछताछ की, जिसमें बताया गया कि जिन्हें नोटिस दिए वे खाली है। सरकारी मकान है जो बेहद जर्जर है। यहां कोई नहीं रहता, लेकिन ये आवंटित है। इन पर नोटिस चस्पा किए गए हैं।  गौरतलब है कि जारी किए नोटिस पर सांसद आलोक शर्मा ने आपत्ति ली थी। टेंडर जारी होने से पहले ही मकान खाली कराने के नोटिस जारी होने पर रहवासियों में तो नाराजगी है ही, सांसद आलोक शर्मा ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से इन मकानों में रहने वालों को नोटिस जारी करने पर तीखी नाराजगी जताई है। मामले में प्रोफेसर कॉलोनी रहवासी संघ भी सक्रिय हुआ। संघ के त्रिभुवन मिश्रा ने बताया वे मामले में मंगलवार को हाउसिंग बोर्ड पहुंचकर उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देंगे। सांसद शर्मा ने मामले में संभवत: बुधवार या गुरुवार को संबंधित प्रशासनिक अफसरों के साथ जनप्रतिनिधियों की बैठक तय करने की बात कही। यहां कुल 149 घर है। इसके अलावा अन्य भवन है। शिफ्ट होने है कई ऑफिस रीडें​सीफिकेशन प्रोजेक्ट लगभग 500 करोड़ रुपए का है। इससे यहां संभागायुक्त, आईजी देहात, कलेक्टर, चार एडीएम कार्यालय, नाजिर शाखा, खनिज शाखा, आबकारी विभाग, खाद्य विभाग, निर्वाचन के लिए अलग से कार्यालय, खाद्य विभाग व इनसे संबंधित कार्यालय, बाबुओं के बैठने की व्यवस्था, कांफ्रेंस हाल, रिकॉर्ड रूम, लोकसेवा गारंटी केंद्र, एसएलआर, अधिवक्ता कक्ष, महिला बाल विकास, आदिम जाति कल्याण विभाग, सामाजिक न्याय विभाग सहित अन्य दफ्तर शिफ्ट होने हैं। इसके साथ ही मौजूदा ओल्ड सेक्रेटरिएट की खाली होने वाली जमीन पर हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट लाने की योजना है। शिफ्टिंग के साथ वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भी आदेश जारी हो गया है। सीबीआई व्यापम स्कैम b1, सीबीआई व्यापम स्कैम b8, 10 समेत साइन मंदिर और गीतांजलि होस्टल भी खाली होगा। सर्किट हाउस समेत क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं मेरेलिया नियंत्रक ऑफिस चंबल बेतवा विषय मुख्य अभियंता कार्यालय भी खाली होगा। 500 करोड़ की लागत से भोपाल का नया कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन बनेगा। प्रोजेक्ट भी तालाब से 60 से 150 मीटर दूर बनाय जा रहा है। हाउसिंग बोर्ड के अधिवक्ता शांतनु सक्सेना ने बताया कि एनजीटी के जज एसके सिंह और एक्सपर्ट मैंबर अफरोज अहमद ने हाउसिंग बोर्ड के तर्कों को स्वीकार करते हुए सिटीजंस फोरम की याचिका को निरस्त कर दिया है। एनजीटी ने इसका ऑर्डर अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है। सोलर एनर्जी से लेकर प्राकृतिक प्रकाश की व्यवस्था कलेक्टोरेट की इमारत को पूरी तरह से जनता से जुड़ा हुआ बनाया जाएगा। उनके लिए यहां अलग से कक्ष भी बनाया जाएंगे। जनसुनवाई कक्ष अत्याधुनिक होगा, वहीं अलग-अलग इमारतों में अधिकारियों की बैठक के लिए भव्य कक्ष बनाए जाएंगे। भविष्य को देखकर इस बिल्डिंग में सोलर एनर्जी से लेकर प्राकृतिक प्रकाश तक की व्यवस्था की गई है। प्रोेफेसर कालोनी के साथ सर्किट हाउस व मंत्री बंगलों को तोड़कर नई कलेक्टोरेट व कुछ अन्य दफ्तरों को यहां शिफ्ट किया जाना है। ये काम रीडेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत हो सकेगा। इसको लेकर पीएस रेवेन्यू के यहां तक बैठकें हो चुकी हैं। इसके बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। बदल जाएगी पुराने शहर की तस्वीर चार बंगला ऑफिस और मकान टूटकर कलेक्ट्रेट और अन्य ऑफिस ब्लॉक बनेंगे। पॉलिटेक्निक चौराहा .. .यहां अर्बन फॉरेस्ट और पोडियम पार्किंग बनाई जाएगी। किलोल पार्क मलेरिया ऑफिस को तोड़कर पार्क का विस्तार होगा और नई सड़कें बनेंगी। पुराने शहर में पहला बड़ा प्रोजेक्ट… यह प्रोजेक्ट सिर्फ नए कलेक्ट्रेट के निर्माण तक सीमित नहीं है। इसमें प्रोफेसर कॉलोनी, कलेक्ट्रेट, चूना भट्टी और मेन रोड नंबर 2 के 58.94 एकड़ जमीन का रिडेंसिफिकेशन होगा। 42.63 एकड़ में सरकारी दफ्तर और अन्य सुविधाएं बनेंगी, जबकि 16.31 एकड़ पर प्राइवेट रेसीडेंशियल और कमर्शियल डेवलपमेंट होगा। शहर के बड़े डेवलपमेंट की रूपरेखा ऐसी होगी     बी टाइप अपार्टमेंट : 20 टॉवर (जी+11)     हॉस्टल ब्लॉक : जी+3 और जी+4 के ब्लॉक     रवींद्र भवन के सामने शॉपिंग : 3000 वर्ग मीटर     अरबन फॉरेस्ट : 7.3 एकड़     स्टेट गेस्ट हाउस : 68 कमरे और 5 सुइट्स बनेंगे। चूना भट्‌टी पर जी एफ सरकारी फ्लैट बनेंगे चूना भट्टी : जी+6 के 5 ब्लॉक। इसमें 3 जी टाइप (72 फ्लैट), 2 एफ टाइप (48 फ्लैट) यानी कुल-120 फ्लैट बनेंगे। कुल जमीन 15,000 वर्ग मीटर। ओल्ड सेक्रेटरिएट : यहां 2.24 हेक्टेयर पर ई टाइप जी+6 के 3 ब्लॉक, 72 फ्लैट व एफ। कलेक्ट्रेट के लिए 9 बार तलाशी जगह… 1972 से अब तक कलेक्ट्रेट के लिए 9 बार अलग-अलग जगहों पर विचार हुआ, लेकिन हर बार कोई न कोई अड़चन आ गई। अब जाकर 2024 में इस नई साइट को मंजूरी मिली है।

डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश, सहकारिता से सरल हुई सशक्तिकरण की राह

भोपाल विशेष लेख संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम है “सहकारिता एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती है”। स्व से सब का भाव हो जाना ही सहकार है। भारतीय संस्कृति स्वयं से ऊपर उठकर हम की भावना रखना सिखाती है और इसी भावना से जन्म हुआ है सहकार का। सनातन संस्कृति में जब हम प्रार्थना करते हैं तो सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना करते हैं। सबके सुख और मंगल की यही कामना सहकारिता का मूल भाव हैI हम लाभ से ज्यादा सेवा को महत्त्व देते हैं। एक से ज्यादा समूह को महत्त्व देते हैं। प्रतिस्पर्धा से ज्यादा परस्पर सहयोग को महत्व देते हैं और यही सहकारिता है। भारत का सहकारिता आंदोलन सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में गहराई से निहित है। यह आंदोलन समावेशी विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में विकसित हुआ है। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और इसकी नवीनतम पहलों के माध्यम से सरकार ने एक सहकारिता-संचालित मॉडल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जो देश के हर कोने तक पहुंचेगा और समाज की मुख्य धारा से अलग पड़े समुदायों के लिए स्थायी आजीविका और वित्तीय समावेशन की सुविधा प्रदान करेगा। सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक नीतिगत ढांचा, कानूनी सुधार और रणनीतिक पहल शुरू की। सरकार ने सहकारी समितियों के लिए ‘व्यापार करने में आसानी’, डिजिटलीकरण के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वंचित ग्रामीण समुदायों के लिए समावेशिता को बढ़ावा देने की अपनी पहल पर काफी जोर दिया है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत का सहकारिता आंदोलन एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। अपनी दूरदर्शी सोच को आधार बनाकर उन्होंने सहकारिता के लिए नई विचारधारा को जन्म दिया है। उनके नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने भारतीय सहकारी आंदोलन में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का विस्तार, पैक्स के लिए बेहतर प्रशासन और व्यापक समावेशिता, पैक्स को कम्प्यूटरीकृत करने एवं पैक्स को नाबार्ड से जोड़ने का काम किया है । नई श्वेत क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश प्रदेश में सहकार से समृद्धि की पहल के तहत केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और स्टेट डेयरी को-ऑपरेटिव फेडरेशन तथा फेडरेशन से संबद्ध दुग्ध संघों के बीच कोलेबोरेशन एग्रीमेंट हुआ। इस कोलेबोरेशन एग्रीमेंट के माध्यम से सहकारी डेयरी नेटवर्क को सशक्त बनाने का लक्ष्य है, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके और सांची ब्रांड का उत्थान और विस्तार किया जा सके। यह नई श्वेत क्रांति की ओर प्रदेश का महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसका लाभ दुग्ध उत्पादकों और दुग्ध उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा। दुग्ध उत्पादक राज्यों में मध्यप्रदेश टॉप-थ्री में है, हमारे यहां देश का करीब 9 प्रतिशत दुग्ध-उत्पादन होता है। प्रदेश में रोजाना करीब 551 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से मध्यप्रदेश स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन और इससे जुड़े संघ करीब 10 लाख किलोग्राम दूध जमा करते हैं।  डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश देश का फ़ूड बास्केट तो है ही, हममें डेयरी कैपिटल बनने की क्षमता भी है। देश का डेयरी कैपिटल बनने के लिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं। प्रदेश में सहकारी डेयरी नेटवर्क को हाइटेक बनाने के लिए एक डेयरी डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की योजना है, जिसमें लगभग 1450 करोड़ रुपए का निवेश होगा। प्रदेश में औसत दुग्ध संकलन को दोगुना किया जाएगा, दुग्ध संकलन को 10 लाख किलो से बढ़ाकर 20 लाख किलो प्रतिदिन करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जाएगी। प्रदेश भर के 18 हजार गांवों के दुग्ध-उत्पादन से जुड़े किसान भाइयों को सहकारी डेयरी नेटवर्क से जोड़ेंगे। ग्राम स्तर पर दुग्ध शीतलीकरण की क्षमता विकसित करेंगे, औसत पैकेट दुग्ध विक्रय 7 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 15 लाख लीटर प्रतिदिन करेंगे। मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए नए हाइटेक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे दुग्ध संकलन और दुग्ध विक्रय में वृद्धि हो सके। सभी दुग्ध संघों का व्यवसाय 1944 करोड़ से बढ़ाकर 3500 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। एनडीडीबी द्वारा एमपीसीडीएफ एवं दुग्ध‍संघों के प्रबंधन, संचालन, तकनीकी सहयोग, नवीन प्रसंस्कररण एवं अन्य अधोसंरचनाएं विकसित करेंगे। एनडीडीबी द्वारा दुग्ध सहकारी समितियों के सभी सदस्यों, सचिवों, प्रबंधन समिति के सदस्यों और दुग्ध संघों के कर्मचारियों को स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहकारिता से सरल हुई सशक्तिकरण की राह प्रदेश में डेयरी गतिविधियों के लिए त्रि-स्तरीय सहकारी संस्थाओं का गठन कर, ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियां, सहकारी दुग्ध संघ और राज्य स्तर पर एमपीसीडीएफ (मध्यप्रदेश स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड) की स्थापना की गई। ये दुग्ध सहकारी समितियां किसानों से दूध संग्रह, गोवंश के कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु आहार, तकनीकी पशु प्रबंधन, उन्नत चारा बीज, पशु उपचार और टीकाकरण जैसी सुविधाएं देने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों के साथ मध्यप्रदेश सरकार डेयरी क्षेत्र विकसित करने के संकल्पों की सिद्धि के लिए प्रदेश में श्वेतक्रांति मिशन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य है। प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025 की स्वीकृति दी है। गौ-शालाओं को पशु चारे और आहार के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को भी 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना अब डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के नाम से जानी जाएगी। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना अंतर्गत 25 दुधारू गाय अथवा भैंस की इकाई स्थापित करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश की गौ शालाओं को हाइटेक बनाया जा रहा है। ग्वालियर स्थित आदर्श गौ-शाला में देश के पहले 100 टन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट की स्थापना की गई है। भोपाल के बरखेड़ी-डोब में 10 हजार गौ-वंश क्षमता वाली हाइटेक गौ-शाला बनाई जा रही है। प्रदेश के सवा 2 लाख किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों को सहकारिता के माध्यम से जोड़ा गया है। सरकार द्वारा दुग्ध सहकारी … Read more

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