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मप्र से राजस्थान पहुंचने वाले मरीजों को न ओपीडी शुल्क देना होगा न ही किसी प्रकार की जांचों के लिए अतिरिक्त रुपए लगेंगे

भोपाल राजस्थान सीमा से लगे मप्र के जिलों के मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। अब झालावाड़ सहित पूरे राजस्थान में आयुष्मान कार्ड से फ्री इलाज कराया जा सकेगा। मप्र से पहुंचने वाले मरीजों को न ओपीडी शुल्क देना होगा न ही किसी प्रकार की जांचों के लिए अतिरिक्त रुपए लगेंगे। 3 साल पहले बंद हुई थी सुविधा दरअसल, करीब तीन साल पहले राज्य शासन ने बाहर के राज्यों से आने वाले मरीजों को मुत उपचार की सुविधा बंद कर दी थी और उसके लिए शुल्क निर्धारित किया था। जिसमें ओपीडी शुल्क, भर्ती शुल्क के साथ ही जरूरी दवाइयों पर भी शुल्क लागू किया गया था। अब इसमें राहत दी गई है। तीन साल बाद राज्य शासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए रोक हटा दी और आयुष्मान कार्ड यहां भी चालू कर दिया है। इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिले से लगे झालावाड़ और झालरा पाटन में मरीजों को मुत उपचार मिलेगा। झालावाड़ के आर्थोपेडिक ट्रॉमा सेंटर खांड्या चौराहा, बालाजी आर्थोपेडिक अस्पताल, संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी सेंटर और एलएन मल्टीस्पेशलिटी सेंटर सहित झालवरा पाटन के सरदार पटेल अस्पताल में यह मुत उपचार मिल सकेगा। सभी जगह आयुष्मान कार्ड लागू होगा। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में कार्ड दिखाकर ओपीडी शुल्क के साथ ही भर्ती शुल्क, जांर्चा का शुल्क भी नहीं लगेगा। जानकारी अनुसार झालावाड़ में उपचार करवाने के लिए राजगढ़ जिले के खिलचीपुर, जीरापुर, माचलपुर, छापीहेड़ा, संडायता और राजगढ़ जिला मुयालय, कालीपीठ तक के लोग पहुंचते हैं। राजगढ़ के साथ ही श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर मालवा, शाजापुर सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के नागरिकों को भी इस नहीं योजना का लाभ मिलने लगेगा। राज्य सरकार के दिशा निर्देश झालावाड़ सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि ‘आयुष्मान कार्ड की पोर्टेबिलिटी राज्य सरकार के दिशा निर्देश के बाद शुरू कर दी है। इसमें चयनित अस्पतालों में पांच लाख रुपए तक का उपचार मुत होगा। साथ ही कार्ड दिखाने पर ओपीडी शुल्क और अन्य प्रकार की जांचों के लगने वाले शुल्क भी नहीं लगेंगे। यह व्यवस्था सोमवार से ही लागू कर दी गई है।’ हर दिन मप्र से आने वाले मरीज जानकारी झालावाड़ शासकीय अस्पताल के अनुसार     50 से 60 मरीज मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल में     50 मरीज निजी अस्पतालों में     10 से 12 प्रसूताएं प्रतिदिन रेफर होकर आती हैं     ओपीडी चार्ज भी शुरू कर दिया गया था अभी तक ये चार्ज तय थे, अब नहीं लगेंगे ओपीडी शुल्क- 10 रुपए भर्ती शुल्क- 30 रुपए जांचों का शुल्क- 10-1000 रुपए सिटी स्कैन शल्क- 900-10000 रुपए

इंदौर की पहचान अब आईटी सेक्टर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा, जल्द 2 नए IT Parks की सौगात

इंदौर इंदौर की पहचान अब सिर्फ साफ-सफाई और व्यापार तक सीमित नहीं रही। अब शहर आईटी सेक्टर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। सरकार दो नए आईटी पार्कों की सौगात देने जा रही है, जिनकी आधारशिला 27 अप्रैल को आईटी कॉन्क्लेव में रखी जाएगी। इससे न केवल स्टार्टअप्स को सहूलियत मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। छोटे स्टार्टअप्स को बड़ी ताकत देगा नया आईटी इकोसिस्टम इंदौर में आईटी सेक्टर का ईकोसिस्टम तेजी से तैयार हो चुका है। फिलहाल शहर में 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी आईटी कंपनियां सक्रिय हैं और हर दिन इस संख्या में इज़ाफा हो रहा है। अब सरकार दो नए आईटी पार्क बना रही है, जहां खासकर छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल के तहत सस्ती दरों पर स्पेस मिलेगा। कहां बनेंगे ये आईटी पार्क? पहला आईटी पार्क परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स (Pardesipura Electronics Complex) में और दूसरा भंवरकुआ क्षेत्र में बनेगा। अच्छी बात ये है कि दोनों जगह पहले से उपलब्ध हैं, जिससे काम जल्दी शुरू किया जा सकेगा। सरकार इन्हें स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) का दर्जा देगी, जिससे कंपनियों को टैक्स जैसी कई अहम रियायतें भी मिलेंगी। 250 करोड़ का निवेश, दो हजार नौकरियों की उम्मीद परदेशीपुरा में बनने वाला आईटी पार्क पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर तैयार किया जाएगा। इसमें करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे और अनुमान है कि करीब दो हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। यह न सिर्फ शहर के युवाओं के लिए बल्कि राज्य के टेक टैलेंट को रोकने के लिए भी बड़ा कदम साबित होगा। पहले से मौजूद हैं आईटी पार्क, और भी होंगे शामिल इंदौर में पहले ही तीन सरकारी और दो निजी आईटी पार्क काम कर रहे हैं। आईटी चौराहा, परदेशीपुरा (पहले वाला), और सिंहासा में बने पार्क में पहले से कई कंपनियां कार्यरत हैं। सिंहासा में तो 40 से ज्यादा कंपनियों को प्लॉट भी मिल चुके हैं। टीसीएस और इंफोसिस ने दिखाया रास्ता प्रदेश सरकार ने एक दशक पहले टीसीएस और इंफोसिस को 100 और 130 एकड़ जमीन रियायती दरों पर दी थी, साथ ही शर्त रखी थी कि 50 फीसदी नौकरियां प्रदेश के युवाओं को दी जाएं। इन कंपनियों ने न केवल SEZ स्टेटस हासिल किया, बल्कि इंदौर के युवाओं को करियर की नई दिशा भी दी।

प्रदेश में लाड़ली बहना योजना सहित कई योजनाओं का होगा सोशल ऑडिट, घर-घर संपर्क कर इन योजनाओं को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना जैसी कई फ्लैगशिप योजनाओं का सोशल ऑडिट(सामाजिक अंकेक्षण) करवाया जाएगा। इन योजनाओं से लोगों के जीवन में क्या बदलाव आया, इनकी कमियों से लेकर खूबियों तक की रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर योजनाओं में सुधार या परिवर्तन जैसे निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके लिए शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर विभागों से समन्वय कर सोशल आडिट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें, मध्य प्रदेश में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के पहले शुरू हुई लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में एक करोड़ 17 लाख पात्र महिलाओं प्रतिमाह 1250 रुपये दिए जा रहे हैं। इस योजना पर हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 18,669 करोड़ रुपये बजट का प्रविधान भी किया गया है। यह योजना इतनी लुभावनी साबित हुई कि महाराष्ट्र में भी इसे लागू किया गया। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं के लिए भी इसी तरह का वादा किया। ये हैं एमपी सरकार की योजनाएं सोशल आडिट के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विभागवार खाका तैयार किया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री मातृवंदना, पीएम आवास, निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण, पथ विक्रेता योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित तमाम ऐसी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। कैग (सीएजी) की तरह ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी, अंतर केवल यह होगा कि वित्तीय आडिट की जगह यह एक सोशल आडिट होगा। बता दें, सोशल आडिट का उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी होता है। मुख्यमंत्री के जनसेवा मित्रों की सेवाएं लेने पर किया जा रहा विचार फ्लैगशिप योजनाओं के लाभार्थियों के डाटा के आधार पर घर-घर संपर्क किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री के जनसेवा मित्रों की सेवाएं लिए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में 9390 जनसेवा मित्र हैं। इनकी सेवाएं पिछले वर्ष पूर्ण हो चुकी हैं। योजनाएं एक नजर में – वर्ष 2024-25 में लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के अंतर्गत दो लाख 43 हजार 396 बालिकाओं का पंजीयन किया गया है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब तक 12,932 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। – प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 52 लाख माताएं पंजीकृत हैं वित्तीय वर्ष 2024-25 में पांच लाख 75 हजार हितग्राहियों को 264 करोड़ रुपये भुगतान किया गया। – प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत एक करोड़ 33 लाख परिवारों को निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण। अब तक 32,47,304 टन खाद्यान्न वितरण किया गया है।

चीन ने बनाया खतरनाक बम, एल्यूमीनियम भी पिघला दे! क्या चीन के विस्फोटक से घबरा जाएगा अमेरिका?

बीजिंग अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर तनाव चल रहा है. दोनों एक-दूसरे को युद्ध की धमकी भी दे चुके हैं. दोनों देशों का झगड़ा सामान्य तू-तू मैं-मैं से आगे जा चुका है. इसी बीच चीन ने एक नॉन न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम तैयार कर लिया है. इसे नॉन न्यूक्लियर बम इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि इसे बनाने के लिए परमाणु मटेरियल का इस्तेमाल नहीं हुआ है. ये खबर सामने आते ही अमेरिका की टेंशन बढ़ना लाजमी है. चीन ने इसका सफलतापूर्वक टेस्ट भी कर लिया चीन ने इस नॉन-न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम का सफलतापूर्वक टेस्ट भी कर लिया है. 2 किलो के वजन वाले इस बम ने 1000 डिग्री सेल्सियस की गर्मी वाला आग का गोला बनाया था. ये आग का गोला महज 2 सेकेंड के लिए ही रहा. हालांकि, ये TNT विस्फोटक के मुकाबले काफी ज्यादा गर्म था और इसके कायम रहने का टाइम भी अधिक रहा. TNT का ब्लास्ट तो सिर्फ 0.12 सेकंड में ही सिमट जाता है. ऐसे काम करता है ये हाइड्रोजन बम इस हाइड्रोजन बम को चीन स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन-CSSC के 705 रिसर्च इंस्टीट्यूट शोधकर्ताओं ने मिलकर बनाया है. ये बम मैग्नीशियम हाइड्राइड नाम के केमिकल से बना है, ये दिखने में चांदी जैसा नजर आता है. इसे बनाने वाली टीम में शामिल रहे वैज्ञानिक वांग जुएफेंग ने बताया कि जब मैग्नीशियम हाइड्राइड को विस्फोटक से एक्टिव किया जाता है, तो यह टूटता है और इससे हाइड्रोजन गैस निकलने लगती है. ये तेजी से जलने लगती है और तेज गति के साथ काफी दूर तक फैल जाती है. ये बम बड़े इलाके में तबाही मचा सकता है. क्या है इस बम की खासियत? शोधकर्ताओं ने चीनी भाषा के जर्नल ऑफ प्रोजेक्टाइल्स, रॉकेट्स, मिसाइल्स एंड गाइडेंस में कहा कि ये सक्रिय किए जाने पर मैग्नीशियम हाइड्राइड तेजी से थर्मल अपघटन से गुजरता है, जिससे हाइड्रोजन गैस निकलती है जो लगातार आग में बदल जाती है. सीएसएससी रिसर्च साइंटिस्ट वांग ज़ुएफेंग के नेतृत्व वाली टीम ने कहा, “हाइड्रोजन गैस के विस्फोट नई प्रज्वलन ऊर्जा के साथ प्रज्वलित होते हैं, इनका विस्फोट क्षेत्र व्यापक होता है. साथ ही इनकी लपटें तेजी से बाहर की ओर फैलती हैं. ये कॉम्बिनेशन विस्फोट की तीव्रता सटीक कंट्रोल रखता है, जिससे एक बड़े इलाके में टारगेट का आसानी से विनाश किया जा सकता है.” एल्युमिनियम को पिघलाने की क्षमता रखता है ये बम ये हाइड्रोजन बम लंबे समय तक थर्मल डैमेज कर सकता है क्योंकि इससे बहुत ज्यादा गर्मी पैदा होती है. इससे पैदा सफेद गर्म आग का गोला एल्युमिनियम तक को पिघलाने की क्षमता रखता है. ये टीएनटी ब्लास्ट से भी ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि टीएनटी का आग का गोला 0.12 सेकेंड तक रहता है तो ये हाइड्रोजन बम 2 सेकेंड तक आग का गोला बना रहा. वैज्ञानिकों का दावा है कि इसका इस्तेमाल बड़े इलाकों में गर्मी पैदा करने या फिर खास तरह के टारगेट को तबाह करने के लिए किया जा सकता है. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि चीन की सेना किन परिस्थितियों में इस हथियार की तैनाती कर सकती है. एल्यूमीनियम भी पिघल जाता है ऐसा दावा है कि इस बम से जो आग का गोला बना, वह इतना गर्म था कि उससे एल्यूमीनियम भी पिघल जाता है. हालांकि, तकनीक की मदद से विस्फोट की स्पीड को कंट्रोल किया जा सकता है. आधुनिक दौर की जंग में ये बम बेहद कारगर साबित हो सकता है. नॉन-न्यूक्लियर हाइड्रोजन बम की विशेषताएं विस्फोटक शक्ति: यह बम 1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाला आग का गोला बनाता है, जो सामान्य TNT विस्फोट की तुलना में 15 गुना अधिक समय तक रहता है. छोटा आकार: इस बम का वजन केवल 2 kg है, जो इसे छोटे आकार में भी जबरदस्त शक्ति प्रदान करता है. स्वच्छ ऊर्जा: यह बम रेडियोधर्मी कचरा नहीं छोड़ता है, जो इसे पारंपरिक न्यूक्लियर बम से अलग बनाता है. वैश्विक सैन्य संतुलन पर प्रभाव नई सैन्य रणनीतियां: यह बम युद्ध की तकनीक में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जो पारंपरिक न्यूक्लियर हथियारों पर आधारित रणनीतियों को बदल सकता है. वैश्विक सुरक्षा: इस बम के उपयोग से वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, खासकर अगर यह तकनीक अन्य देशों या संगठनों के हाथ लगती है. चीन के नए हथियार के मायने चीन अपने नए हाइड्रोजन बम के जरिए कई निशाने साधने की कोशिश में है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन नहीं करना. दुश्मन पर बड़ा हमला करने के लिए विकल्प बढ़ाना शामिल है. चीन के फायदे रणनीतिक बढ़त: बिना परमाणु टैग के भी यह हथियार चीन को युद्धक्षेत्र में बढ़त दिलाएगा. प्रतिरोधक क्षमता: यह हथियार दुश्मन देशों के लिए एक नया खतरा होगा, जिसके लिए वे तैयार नहीं हैं. अंतरराष्ट्रीय संधियों से बचाव: चीन अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ा सकता है बिना अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन किए. भारत के लिए खतरा – भारत-चीन सीमा पर पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति है. – चीन इस हथियार का उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित हमले के लिए कर सकता है. – भारत को अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने और नई रणनीतियों को विकसित करने की आवश्यकता है. भारत-चीन सैन्य तुलना चीन ने अपनी सेना को एआई, ड्रोन स्वार्म, हाइपरसोनिक मिसाइल और नॉन-न्यूक्लियर रणनीतिक हथियारों से लैस करना शुरू कर दिया है. भारत को अपनी सैन्य क्षमताओं की तुलना चीन से करनी चाहिए. अपनी ताकत बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित

जनसेवा का प्रभावी माध्यम है सिविल सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल सिविल सर्विस-डे पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया पुरस्कार में लोकसेवकों को प्रदान किया 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति-पत्र मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिविल सेवा सिर्फ़ एक पेशा नहीं, यह जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों का दायित्व है कि वे अपने अधिकारों का नि:संदेह सदुपयोग करें, लेकिन अपने कर्तव्यों से कदापि विमुख न हों। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन एक वृहद विषय है। इसका मूल मंत्र है – “लोगों की हर संभव तरीके से सेवा”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय लोक सेवा दिवस (नेशनल सिविल सर्विस डे) के अवसर पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी सिविल सेवकों को लोक सेवा दिवस की बधाई दी और सभी से अपने उत्तरदायित्वों के प्रति संकल्पबद्ध रहने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा, समर्पण, मनोयोग के साथ निभाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के चयनित 16 सिविल सेवकों (अधिकारियों) को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी अवार्डियों को उनके द्वारा किए गए नवाचारों के लिए बधाई देकर एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक कुशल सिविल सेवक वह होता है, जो न केवल शासन के नियमों, उपनियमों का पालन करे, बल्कि पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाइयों एवं समस्याओं को समझे और उन्हें समुचित समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों की तत्पर सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और शासन को जनकल्याण की दिशा में अधिक प्रभावी बनाने की ओर अग्रसर करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे कामों और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसीलिए सभी लोक सेवक शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और लोक जवाबदेही की भावना को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करें। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक पागला, राज्य शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे, जिससे एक शक्तिशाली राजवंश में प्रशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोक सेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल्स) तैयार किए। उन्होंने लोक सेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। करप्शन फ्री और गुड गवर्नेंस के लिए कार्य करें सभी लोकसेवक: मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि हर साल 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोक सेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और इसके आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि न्यू इंडिया का सपना साकार करने में अनुभवी अधिकारियों के साथ युवा अफसरों के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी है। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के लिए 16 लोक सेवकों में क्रमशः माधव प्रसाद पटेल (माध्यमिक शिक्षक), श्रीमती अदिति गर्ग (तत्कालीन सीईओ आयुष्मान भारत निरामयम योजना), डॉ. इंदिरा दांगी (शिक्षक) आष्टा जिला सीहोर, श्रीमती शारदा डुडवे (माध्यमिक शिक्षक) चंद्रशेखर आजाद नगर, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया जिला दमोह, चंद्रमोहन ठाकुर तत्कालीन प्रबंध निदेशक भवन विकास निगम, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय भोपाल, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, अमित तोमर तत्कालीन प्रबंध संचालक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर, ऋषव गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा तत्कालीन प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिव्यांक सिंह तत्कालीन सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना इंदौर, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा सहायक प्राध्यापक इंदौर, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक चिमनाखारी जिला सिवनी तथा सुशीला दाहिमा अतिरिक्त सचिव शिक्षा विभाग को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। प्रशासन अकादमी में हुई नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान ने सभी अथितियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

राहुल गांधी को मंत्री सारंग ने कहा आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता ….

भोपाल  राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है , महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद से राहुल गांधी और उनकी पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। इस समय राहुल अमेरिका दौरे पर हैं और उन्होंने एक बार फिर वहां भारत के चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। राहुल गांधी को एमपी के मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब दिया है सारंग ने कहा आप चुने हुए सांसद है, आप विदेश में भारत को बदनाम कर रहे हैं ये देशद्रोह की श्रेणी में आता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार किया है, बता दें राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग पर उंगली उठाई और भारत की चुनाव प्रक्रिया की बुराई की है वहीं दिग्विजय सिंह ने मस्जिद के सामने से हिंदू जुलूस पर सवाल उठाये हैं और खड़गे ने नेशनल हेराल्ड केस में भाजपा पर निशाना साधा है। बोस्टन में राहुल ने फिर उठाया महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के बोस्टन शहर के दौरे पर पहुंचे वहां उन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से बात करते हुए महाराष्ट्र चुनाव का मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जितने युवा थे, उससे ज्यादा वोट डाले गए, ये एक सच्चाई है, हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े मिले थे, लेकिन 5:30 से 7:30 बजे के बीच, जब वोटिंग बंद हो जानी चाहिए थी, उस समय 65 लाख लोगों ने वोट डाला। चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के आरोप लगाए राहुल गांधी ने आगे कहा  ये शारीरिक रूप से मुमकिन ही नहीं है क्योंकि एक व्यक्ति को वोट डालने में करीब 3 मिनट लगते हैं, और यदि इसका हिसाब लगाएं तो मतलब ये है कि रात 2 बजे तक लोग लाइन में लगे रहे और पूरी रात वोटिंग चलती रही, जोकि सच नहीं है ऐसा हुआ ही नहीं, उन्होंने कहा हमारे लिए ये स्पष्ट था कि चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता से समझौता कर लिया है, सिस्टम में कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ी है, ये बिल्कुल साफ दिख रहा है, हमने यह बात खुलकर कही है और मैंने खुद कई बार यह बात दोहराई है। सारंग ने राहुल गांधी पर किया पलटवार राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि फिर राहुल गांधी का बचपना सामने आया है वे हमेश अंतर राष्ट्रीय मंच पर भारत का अपमान करते हैं वे भूल जाते हैं कि उन्हें यदि वहां बोलने का मौका मिल रहा है तो एक सांसद के तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, आपकी निजी कोई पहचान नहीं है। भारत को विदेश में बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए सारंग ने कहा  वहां जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं शर्म आनी चाहिए, आप विपक्ष में है सरकार की आलोचना कीजिये लेकिन भारत में कीजिये विदेश की धरती पर भारत को बदनाम करना अपमानित करना देश द्रोह की श्रेणी में आता है, हो सकता है अप मीडिया की सुखियों में आने के लिए ये सब बोलते हैं लेकिन इससे भारत के मान सम्मान कम होता है। सारंग का सवाल , राहुल, प्रियंका, सोनिया संसद कैसे पहुंच गए सारंग ने सवाल किया कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है तो राहुल गांधी संसद में कैसे पहुंच गए? प्रियंका गांधी कैसे पहुंच गई, सोनिया गांधी कैसे लगातार सांसद चुनी जाती रहीं, कांग्रेस इतनी सीटें कैसे जीते गई? अपनी हार का ठीक किसी और पर फोड़ना बचपना ही है, इसलिए वे इस तरह की बातों को करना बंद करें। गुना एसपी को हटाने की वजह बताई दिग्विजय सिंह ने गुना के एसपी को हटाये जाने के मामले पर दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया और भाजपा पार्षद पर कार्रवाई होने की वजह से एसपी को हटाया गया है उन्होंने कहा कि आरोपी भाजपा पार्षद पहले भी माहौल ख़राब करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन भाजपा ने उन्हें बचा लिया, उन्होंने कहा मैं आज तक यह नहीं समझ पाया इन नफरत फैलाने वालों को मस्जिद के सामने ही नाचने का मन क्यों होता है, यह खोज का विषय है। भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता दिग्विजय के बयान पर सारंग ने पलटवार करते हुए कहा दिग्विजय सिंह भारत में पाकिस्तान की भाषा ना बोले, क्या हिन्दुओं का जुलूस मस्जिदों के सामने से नहीं निकलेग?  तुष्टिकरण की राजनीति करना, सनातन विरोधी मानसिकता के साथ जीवन जीना मियां दिग्गी की आदत है , इसलिए वे पूरे देश में बदनाम हैं।  उन्होंने कहा भारत में हिंदुओं को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी, इसे कोई नहीं रोक सकता। नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? उधर नेशनल हेराल्ड मामले में ED की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसे भाजपा की बदले की कार्रवाई कह रहे हैं, सारंग ने इस पर प्रहार करते हुए कहा नेहरू परिवार में पैदा होने से क्या भ्रष्टाचार करने का सर्टिफिकेट मिल गया है? मल्लिकार्जुन खड़गे जिस मामले की बात कर रहे हैं वो 2012 में शुरू हुआ, नेशनल हेराल्ड का सच जनता के सामने है।  

दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ क्षिप्रा के घाटों की सफाई कर जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता की माँ नर्मदा परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण करण के साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंच कोशी यात्रियों का स्वागत, सम्मान कर यात्रा का शुभारंभ कराया नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का सम्मान किया उज्जैन जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन क्षिप्रा के रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत घाटों की सफाई की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी में उतरकर घाटों की सफाई की। उन्होंने सफाई के बाद क्षिप्रा में स्नान किया। उन्होंने माँ क्षिप्रा का पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारे प्रदेश के पुराने ऐतिहासिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का विशेष अभियान है। इसमें नदियों को पुनः प्रवहमान बनने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। भोपाल के पास बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुनर्जीवित कर दिया गया है, इस अभियान की यह विशेषता है कि हम अपनी ऐतिहासिक, पुरानी बावड़ी, कुएँ, तालाब, जल स्त्रोत को पुनर्जीवित कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में और पूरे विश्व में हमारे मध्यप्रदेश की माँ नर्मदा ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है, मध्यप्रदेश सरकार नर्मदा नदी के परिक्रमा स्थल को सुव्यवस्थित कर तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं बनाएंगे और माँ क्षिप्रा के घाटों को 29 किलोमीटर और बनाया जा रहा है, जिससे माँ क्षिप्रा के परिक्रमा करने वाले यात्रियों को भी सुविधा होगी। उज्जैन में माँ क्षिप्रा को प्रवहमान बनाने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी जलाशय योजना, माँ क्षिप्रा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए खान डायवर्सन नदी परियोजना भी चल रही है। इसका 50% काम लगभग पूरा हो चुका है, आने वाले 2 वर्षों में माँ क्षिप्रा कल-कल होकर बहेगी, इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक पौराणिक नगरी के साथ-साथ काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है, अकबर, शाहजहां, जहांगीर ने भी उज्जैन में प्रवास किया था और भर्तहरी गुफा पहुंचकर काल गणना के ज्ञान को समझा था, यहां पर उन्होंने टकसाल भी स्थापित कराई थी। यह केवल ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के साथ एक वैज्ञानिक नगरी भी है हम इसके वैभव को पुनः स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं राजा भृतहरि, सम्राट विक्रमादित्य, सम्राट अशोक के साथ-साथ अन्य महान राजाओं के द्वारा उज्जैन के लिए अनेक प्रकार के प्रमाणिक कार्य किए गए हैं। श्रीमंत महाद जी सिंधिया ने पानीपत के युद्ध के बाद इसके गौरव को पुनर्स्थापित किया और लाल किले पर धवज फहराया था। इन सभी महान राजाओं की गाथा का आज भी उज्जैन की भूमि आज भी यशोगान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सलामतपुर से आए पंचकोशी यात्रियों का सम्मान किया गया और उनकी यात्रा का शुभारंभ कराया गया और नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव नगर निगम महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल और जन प्रतिनिधि एवं संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल थाने को आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी हैं।

देश में नक्सलियों के लिए दो ही रास्ते, सरेंडर या मौत – मुख्यमंत्री मोहन यादव

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास केवल दो विकल्प हैं – या तो वे आत्मसमर्पण करें, या फिर मरने के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह बात उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी की पूजा-अर्चना की और रामघाट पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कई जिलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है, जिसमें कई नक्सली मारे गए हैं। ” बता दें कि मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कुछ जिलों में नक्सली लगातार मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं. इसके बाद भी नक्सली जंगलों में सक्रिय हैं. मुख्यमंत्री ने किया शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान मख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर शिप्रा नदी के पवित्र रामघाट पर जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया. मुख्यमंत्री ने रामघाट की सीढ़ियों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया. साफ-सफाई के बाद मुख्यमंत्री ने मां शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई और विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. उन्होंने कहा “हमारा प्रयास है कि जब श्रद्धालु पंचकोशी यात्रा के अंत में रामघाट पहुंचे तो उन्हें स्वच्छ जल मिले.” उज्जैन में 29 किमी के दायरे में नए घाट बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “उज्जैन में सिद्धनाथ से लेकर त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार किए जाएंगे. पहले से ही 6 किमी के घाट बने हुए हैं. उज्जैन सिहंस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को कुल मिलाकर 35 किमी के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी. सिंहस्थ के दौरान ये घाट रामघाट जैसे ही होते हैं.” रामघाट पर सफाई मित्रों को सम्मानित किया मुख्यमंत्री ने कहा “जल गंगा संवर्धन अभियान इस बार 3 माह तक चलेगा, इसे गुड़ी पड़वा पर शुरू किया गया और गंगा दशहरा तक चलेगा. अभियान के तहत अब तक 1.62 लाख जलदूतों का पंजीयन हो चुका है. करीब 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. ये प्रयास प्रदेश के किसानों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा.” रामघाट पर सफाई मित्रों संग “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत स्वच्छता कार्य करने के बाद मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों को सम्मानित किया. शिप्रा नदी के विकास की योजनाएं मुख्यमंत्री ने उज्जैन में शिप्रा नदी के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि सिद्धनाथ से त्रिवेणी तक 29 किलोमीटर के नए घाट बनाए जाएंगे। इससे सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किलोमीटर के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत रामघाट पर सफाई मित्रों के साथ श्रमदान किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन महीने तक चलेगा और इसके तहत 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों के लिए भी राहत लेकर आएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने वाले प्रदेशभर के 16 लोकसेवकों को किया पुरस्कृत

 भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय लोकसेवा दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने वाले प्रदेशभर के 16 लोकसेवकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 के लिए चयनित लोकसेवकों को 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुशासन से जुड़े नवाचारों के लिए कार्य करने वाले सभी लोकसेवकों को राष्ट्रीय लोकसेवा दिवस की बधाई दी। समारोह के मुख्य अथिति डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए ज रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे ताकि एक शक्तिशाली राजवंश में लोकशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोकसेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल) तैयार किए। उन्होंने लोकसेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोकसेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईड ऑफ लिविंग और ईड ऑफ डूईंग के लिए मिशन मोड में कार्यरत हैं। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माधव प्रसाद पटेल माध्यमिक शिक्षक, अदिति गर्ग आयुष्मान कार्ड में नवाचार, डॉ. इंदिरा दांगी शिक्षक आष्टा, शारदा डुवडे शिक्षक, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया, चंद्रमोहन ठाकुर अधोसंरचना श्रेणी में पुरस्कार, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, अमित तोमर प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, ऋषभ गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिवांग सिंह ग्रीन ब्रांड इंदौर में उत्कृष्ट कार्य, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक, शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेशभर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रमान ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माधव प्रसाद पटेल माध्यमिक शिक्षक, अदिति गर्ग आयुष्मान कार्ड में नवाचार, डॉ. इंदिरा दांगी शिक्षक आष्टा, शारदा डुवडे शिक्षक, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया, चंद्रमोहन ठाकुर अधोसंरचना श्रेणी में पुरस्कार, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, अमित तोमर प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, ऋषभ गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिवांग सिंह ग्रीन ब्रांड इंदौर में उत्कृष्ट कार्य, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक, शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेशभर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रमान ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया।  

इलाहाबाद हाईकोर्ट राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सख्त, केंद्र सरकार को स्पष्ट रिपोर्ट दस दिन में देने का आदेश दिया

लखनऊ कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपना लिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह दस दिनों में इस सम्बन्ध में याची की ओर दाखिल प्रत्यावेदन को निस्तारित करें और नागरिकता को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट दें। अगली सुनवाई के लिए 5 मई की तिथि नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया है। पिछली सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडे ने अदालत को बताया था कि याची के शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, संबंधित मंत्रालय ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के बारे में विवरण मांगते हुए ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखा है और इसलिए सरकार को शिकायत पर निर्णय लेने के लिए समय चाहिए। उल्लेखनीय है कि मामले में याची की ओर से दलील दी गई है कि उसके पास तमाम दस्तावेज और ब्रिटिश सरकार के कुछ ई-मेल हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि राहुल गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं और इस कारण से वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। लोकसभा सदस्य का पद नहीं धारण कर सकते। इसी आधार पर याची ने राहुल गांधी की सांसद पद पर बने रहने के खिलाफ अधिकार पृच्छा रिट जारी करने का आदेश देने की भी मांग की है। इसके साथ ही याचिका में राहुल गांधी के इस प्रकार से दोहरी नागरिकता धारण करने को भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट के तहत अपराध बताते हुए, सीबीआई को केस दर्ज कर जांच करने का आदेश देने की भी मांग की गई है। याची का यह भी कहना है कि उसने दोहरी नागरिकता के सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी को दो-दो बार शिकायतें भेजीं लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने पर वर्तमान याचिका दाखिल की गई है।

हमारी सरकार OBC वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय पर पूरी तरह कायम: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार 27 प्रतिशत आरक्षण देने के स्टैंड पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल से भी इस विषय में चर्चा की गई है और उन्हें सरकार का स्पष्ट पक्ष रखा गया है। डॉ. यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी लंबित याचिकाओं को लेकर भी गंभीर संवाद की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम हो रहा है और प्रदेश सरकार भी सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार न्यायपूर्ण और समावेशी नीतियों के माध्यम से सभी वर्गों को समान अवसर देने के संकल्प पर अडिग है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रिट लगाइए, चयनित अभ्यर्थियों को होल्ड करने का मामला भी सुनेंगे सुनवाई के दौरान एमपी के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट से कहा- कि ये 50 फीसदी आबादी से जुड़ा मामला है। उन्होंने कोर्ट से इस मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की। वहीं, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं को बुलाकर संवाद करेंगे। एससी बोला– आप पिटीशन लगाइए, हम सुनेंगे इस दौरान ओबीसी महासभा के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि एमपी में अलग-अलग विभागों में जिन पदों पर भर्ती हुई उनमें से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित होने का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा जा रहा है। जबकि 27% ओबीसी आरक्षण पर किसी भी कोर्ट ने कानूनी रोक नहीं लगाई। इसके बावजूद प्रक्रिया के नाम पर चयनित अभ्यर्थियों को जॉइन नहीं कराया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने ओबीसी महासभा के वकील से कहा- अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे ओबीसी महासभा के वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि आज की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता भी मौजूद थे। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे। सीएम बोले- आरक्षण को लेकर सरकार पूरी तरह स्पष्ट भोपाल के प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह में शामिल होने के बाद सीएम मोहन यादव ने इस मामले को लेकर कहा कि OBC आरक्षण को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह स्पष्ट है। हम हर हाल में 27% आरक्षण के पक्ष में कायम हैं। हमने अटॉर्नी जनरल को यह भी कहा है कि शिवराज सरकार के समय आई ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण किया जाए। जल्द ही इस पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे सीएम डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी वर्गों का हित साधा जा सके। मुझे विश्वास है कि जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। कमलनाथ सरकार ने 27% किया था OBC आरक्षण कमलनाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27% कर दिया था। इसके बाद विधानसभा में इससे जुड़े विधेयक को पारित कर दिया गया। 2 सितंबर 2021 को सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को भर्ती में 27% आरक्षण देने का सर्कुलर जारी किया था। इसके खिलाफ यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन हाईकोर्ट गया। 4 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने सरकार के सर्कुलर पर रोक लगा दी।

फर्जी डॉक्टर यादव और अपोलो प्रबंधन की बढ़ी मुश्किलें, 19 साल बाद FIR दर्ज, जानें कैसे मिली थी ज्वॉइनिंग

बिलासपुर फर्जी हार्ट सर्जन नरेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद लगातार हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। नरेंद्र यादव ने 19 साल पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा स्पीकर राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की सर्जरी की थी और सर्जरी के बाद उनकी मौत हो गई थी। अब आरोपी डॉक्टर के खिलाफ बिलासपुर में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि ‘फर्जी’ हृदय रोग विशेषज्ञ नरेंद्र यादव उर्फ ​​नरेंद्र जॉन कैम और बिलासपुर के एक निजी अस्पताल पर शनिवार को 19 साल पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार यादव और निजी अस्पताल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (धारा 304), धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने बताया कि यादव को मध्य प्रदेश के दमोह स्थित एक अस्पताल में गलत सर्जरी के बाद सात मरीजों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने यहां निजी अस्पताल में शुक्ला का ऑपरेशन किया था, जिसके बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत हो गई थी। 2006 में हुई थी मौत कोटा विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन कांग्रेस विधायक शुक्ला का 2006 में बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले अध्यक्ष रहे थे। पूर्व स्पीकर के बेटे प्रदीप शुक्ला ने हाल ही में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जब उनके पिता इस निजी अस्पताल में भर्ती थे, तब यादव उस अस्पताल में काम करते थे। शिकायत में कहा गया है, “यादव ने मेरे पिता की हार्ट सर्जरी की थी और उन्हें 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसके बाद 20 अगस्त 2006 को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने मेरे पिता के इलाज के लिए राज्य सरकार से 20 लाख रुपये लिए थे।” प्रदीप शुक्ला ने लगाए गंभीर आरोप प्रदीप शुक्ला ने कहा कि उन्हें हाल ही में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यादव और दमोह अस्पताल में हुई मौतों के बारे में पता चला। एसएसपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने पाया है कि यादव की डिग्री फर्जी है तथा भारतीय चिकित्सा परिषद/छत्तीसगढ़ चिकित्सा परिषद में उसके पंजीकरण का दस्तावेज अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने बिना उचित जांच के यादव को हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त करके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शुक्ला के साथ-साथ कई अन्य हृदय रोगियों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। दमोह में 7 मौतों के बाद हुई गिरफ्तारी यादव को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा शिकायत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मिशन अस्पताल, दमोह में सात लोगों की मौत हो गई थी, जहां उन्होंने हृदय रोगों के इलाज के नाम पर मरीजों का ऑपरेशन किया था। इंदौर स्थित एक रोजगार परामर्श फर्म के निदेशक ने पिछले सप्ताह कहा था कि यादव ने 2020 से 2024 के बीच नौकरी के लिए तीन बार अपना बायोडाटा भेजा था और दावा किया था कि उन्होंने हजारों मरीजों का ऑपरेशन किया है। नरेंद्र यादव बोले- मेरी सारी डिग्रियां असली 2024 में अपनी फर्म को भेजे गए 9 पन्नों के बायोडाटा में यादव ने खुद को वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ बताया था और अपना स्थायी पता ब्रिटेन में बर्मिंघम बताया था। बायोडाटा में उसने यह भी बताया था कि वह हजारों हृदय रोगियों के ऑपरेशन में शामिल रहा है, जिसमें 18,740 “कोरोनरी एंजियोग्राफी” और 14,236 “कोरोनरी एंजियोप्लास्टी” शामिल हैं, निदेशक ने कहा। आरोपी नरेंद्र यादव ने खुद को एक “बड़ी साजिश” का शिकार बताया है और दावा किया है कि उनकी डिग्रियां असली हैं। अस्पताल की गंभीर लापरवाही सामने आई आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज किया और लापरवाही से मौत का कारण बना. स्व. राजेन्द्र शुक्ल के बेटे डॉक्टर प्रदीप शुक्ला की शिकायत के बाद IPC की धारा 420, 465, 466, 468, 471, 304, 34 के तहत 19 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया. FIR में अपोलो प्रबंधन को भी आरोपी बनाया गया. आरोप है कि बिना दस्तावेज सत्यापन के अस्पताल प्रबंधन ने फर्जी डॉक्टर को भर्ती कर इलाज का मौका दिया. अस्पताल प्रबंधन के पास ना ही कोई डॉक्टर से संबंधित उपयोगिता और विशेषज्ञ का दस्तावेज है केवल बायोडाटा लेकर ही आरोपी डॉक्टर की पदस्थापना कर दी गई। इसी से गंभीर लापरवाही हुई और मरीज की जान चली गई.  CMHO कार्यालय को अब तक नहीं दी जानकारी 19 साल बाद दिवंगत राजेंद्र शुक्ल के बेटे प्रदीप का बयान सामने आने के बाद CMHO डॉ. प्रमोद तिवारी ने गंभीरता से लिया था. उन्होंने अपोलो अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया कि किस आधार पर डॉक्टर की नियुक्ति की गई थी..? वहीं प्रबंधन ने अब तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए. जिसके कारण  विभागीय जांच में देरी हो रही है। उसकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा गया था. साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समेत कई लोगों की मौत के मामले में डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई थी. इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की भी जांच जारी है. ढाई महीने में 15 ऑपरेशन, 7 की मौत दमोह के मिशन अस्पताल में लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन जोन केम के नाम पर फर्जी डॉक्टर ने ढाई महीने में 15 हार्ट ऑपरेशन कर डाले. आरोप है कि दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच हुए इन ऑपरेशन में 7 मरीजों की मौत हो गई. इसका खुलासा तब हुआ जब एक मरीज के परिजन ने संदेह होने पर डॉक्टर की शिकायत की. इसके बाद मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया. मामला 4 अप्रैल को सुर्खियों में आया, जब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की. इसमें मिशन अस्पताल में 7 हार्ट पेशेंट्स की मौत और फर्जी डॉक्टर का जिक्र किया. 7 मरीजों की मौत के बाद जांच हुई तो आरोपी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव का बिलासपुर कनेक्शन सामने आया. बिलासपुर में भी ये कई लोगों की जान ले चुका है. इनमें सबसे बड़ा नाम छत्तीसगढ़ विधानसभा … Read more

कुम्भ में हर घाट रामघाट होगा, श्रद्धालु कहीं भी स्नान करेंगे उन्हें उतना ही पुण्य मिलेगा: CM यादव

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को  के पवित्र रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शिप्रा नदी में डुबकी लगाई और घाट की सफाई कर सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम यादव ने कहा कि शिप्रा नदी के किनारे पंचकोशी परिक्रमा की एक पुरानी परंपरा रही है। हर साल हजारों-लाखों लोग यहां आकर परिक्रमा करते हैं। घाट पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घाट की सफाई में भाग लिया और वे खुद घाट पर पड़े कचरे को हटाते नजर आए। उन्होंने कहा कि पंचकोशी परिक्रमा की शुरुआत में श्रद्धालु जब यहां स्नान करेंगे, तो घाट पर स्वच्छता और जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। खासकर नदी के अंदर जो गंदगी जम जाती है, उसे साफ करना जरूरी है। 29 किमी के नए घाट तैयार होंगे सीएम ने कहा कि सिध्दनाथ से त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार होंगे। पहले से 6 किमी के घाट बने हुए है। इस तरह से कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किमी के घाट उपलब्ध होंगे। कुम्भ में हर घाट रामघाट होगा। श्रद्धालु कहीं भी स्नान करेंगे उन्हें उतना ही पुण्य मिलेगा। इस बार कुम्भ में जलमार्ग बनाने जा रहे है। शनि मंदिर से रामघाट, गऊघाट से लालपुर, मंगलनाथ से रामघाट तक नौकायन से लोग आना-जाना कर सकेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान में उज्जैन पहुंचे सीएम सीएम ने कहा, शिप्रा नदी के किनारे पंचकोशी परिक्रमा की एक पुरानी परंपरा रही है। हर साल हजारों-लाखों लोग यहां आकर परिक्रमा करते हैं। इस परिक्रमा की शुरुआत में श्रद्धालु जब यहां स्नान करेंगे, तो घाट पर स्वच्छता और जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। खासकर नदी के अंदर जो गंदगी जम जाती है, उसे साफ करना जरूरी है। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 मार्च (गुड़ी पड़वा) से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। इसका उद्देश्य प्रदेश की नदियों और अन्य जल स्रोतों का संरक्षण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश वास्तव में नदियों का मायका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में कोई ग्लेशियर नहीं होने के बावजूद, यहां की भौगोलिक और वन संपदा के साथ-साथ जनभागीदारी के कारण पर्याप्त जलराशि उपलब्ध है। उन्होंने नर्मदा, केन-बेतवा, चंबल और सोन जैसी प्रमुख नदियों का उल्लेख करते हुए बताया कि ये न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए भी जीवनदायिनी हैं। डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की कुल जलराशि किसी भी तरह से हिमालय के जल स्रोतों से कम नहीं है। उन्होंने जल स्रोतों के उचित रखरखाव, भूगर्भ जल भंडारण क्षमता में वृद्धि और जल के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘जल ही जीवन है’ के आह्वान को दोहराते हुए बताया कि राज्य सरकार अमृत सरोवर, खेत तालाब और पुरानी जल संरचनाओं के पुनरुद्धार के माध्यम से जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मैं उज्जैन प्रवास पर आया था। शिप्रा को नमन करते हुए मैंने यहां स्नान भी किया और सेवा भाव से कार्य किया। यह हम सबका फर्ज भी है। शिप्रा को नमन करते हुए स्नान किया सीएम ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मैं उज्जैन प्रवास पर आया था। शिप्रा को नमन करते हुए मैंने यहां स्नान भी किया और सेवा भाव से कार्य किया। यह हम सबका फर्ज भी है।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की  महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग तेजी से विकास कर रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाना होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 62 वर्षों से कार्यशील है, जिससे 12 लाख व्यापारी जुड़े हैं। प्रदेश के इस सबसे बड़े व्यापारी संगठन के इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न हुआ है, जो संगठन की एकजुटता का प्रमाण है। इस परंपरा को यह संगठन आगे भी कायम रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है। नई औद्योगिक नीति : प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति से उद्योगों के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बना है। इसके लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाल ही में प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। हाल ही में हमने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया। देशभर के कारोबारियों और उद्योगपतियों में इसे लेकर गजब का उत्साह है। वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह मुख्यमंत्री ने चैंबर के पदाधिकारियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बाजार में धन का प्रवाह आवश्यक है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। मुख्यमंत्री साय ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल का धान बोनस भी दिया गया।  प्रदेश का बजट 6000 करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। देश में सर्वाधिक ऑटोमोबाइल विक्रय छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ देश के प्रथम तीन विकसित राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश के विकास में चैंबर की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी। पूर्व सांसद और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रकार उद्योग जगत भी प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। जब दोनों पहिए साथ-साथ चलते हैं, तो विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सर्वसम्मति से चैंबर के चुनाव होना यह दर्शाता है कि व्यापार जगत तेजी से आगे बढ़ेगा। जो देश व्यापार, व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देता है, उसकी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह कार्य कुशलता से किया जा रहा है। उन्होंने चैंबर के सदस्यों से आग्रह किया कि गर्मियों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पानी, पना और मठा का वितरण करें। इस अवसर पर संत साईं उदय शदाणी, साईं लालदास, अम्मा महंत मीरा देवी, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिकों से आज संवाद करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की 17 वीं “विज्ञान मंथन यात्रा” के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिकों से आज संवाद करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में शाम 7 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा पर जाने वाले भावी वैज्ञानिको को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विज्ञान मंथन यात्रा का फ्लैग ऑफ भी करेंगे। इस अवसर पर वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों उपस्थिति रहेंगे। 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 21 से 27 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। योजना में चयनित प्रतिभागियों को देश की प्रतिष्ठित प्रयोशालाओं और समर्पित वैज्ञानिकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यात्रा उपरांत परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्षों तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 छात्र-छत्राओ का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया में प्रदेश को 5 विभिन्न जोन (ईस्ट, वेस्ट, नार्थ, साउथ व सेंट्रल) में बांटकर प्रत्येक जोन से 75 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। परियोजना प्रभारी डॉ. विवेक कटारे के अनुसार इन प्रतिभागियों का चयन प्रदेश स्तर पर पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर किया गया है। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं के 49 छात्राओं एवं 76 छात्रों, कक्षा 11वीं के 54 छात्राएं तथा 71 छात्रों और कक्षा 12वीं के 48 छात्राएं तथा 77 छात्रों का चयन किया गया है। इन छात्र-छात्राओं के उपयोगी मार्गदर्शन के लिये प्रदेश के विज्ञान विषय के 33 शिक्षकों का भी चयन किया गया है। सोमवार को प्रदेश भर से सभी चयनित विद्यार्थी प्रौद्योगिकी परिषद के नेहरू नगर स्थित मुख्यालय में प्रातः 9.00 बजे उपस्थित होंगे। इस वर्ष कुल चयनित 375 विद्यार्थियों को 02 पृथक समूहों में विभाजित किया गया है, जिनमें से एक ग्रुप चंडीगढ़ जायेगा और दूसरा समूहों दिल्ली स्थित संस्थानों का भ्रमण करेगा। दिल्ली जाने वाले समूहों के विद्यार्थी नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और दिल्ली संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। परियोजना प्रभारी डॉ. कटारे ने बताया कि चंडीगढ़ जाने वाले समूह का नाम “सीवी रमन समूह” एवं दिल्ली जाने वाले समूह का नाम “एपीजे अब्दुल कलाम समूह” रखा गया है। “सीवी रमन समूह ” में कक्षा 11वीं और 12वीं एवं “एपीजे अब्दुल कलाम समूह” में 10वीं के छात्र-छात्राए होंगे। दोनों ही समूह मंगलवार 22 अप्रैल को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से प्रातः वन्दे भारत ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर प्रदेश के इन सभी भावी वैज्ञानिकों का भव्य स्वागत विज्ञान भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए विगत 16 वर्षो से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। आज हम सभी की उन्नत जीवन शैली विज्ञान के नित नए आविष्कारो पर ही आधारित है। इन आविष्कारों के पीछे नित नये शोध कार्य और इस शोधो को अंजाम देने वाले हमारे कर्मठ वैज्ञानिकों, समर्पित प्रयोगशालाओं आदि के साक्षात् दर्शन से जो वातावरण पैदा होता है, वह विद्यार्थियों के मन में देशप्रेम के साथ-साथ समर्पित वैज्ञानिक के रूप में अपना कॅरियर बनाने की प्रतिबद्धता प्रदान करता है। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढाया जाने का कार्य किया जा रहा है।

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