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प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर बढ़ता जा रहा है। सूरज की तपिश तेज होने के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गुरुवार को शाजापुर-सीहोर जिले में जहां बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन समेत प्रदेश के 20 जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 43.2 डिग्री रहा। गुना में 42.4 डिग्री, शाजापुर में 42.1 डिग्री, नरसिंहपुर-धार में 42 डिग्री, टीकमगढ़ में 41.5 डिग्री, सागर में 41.4 डिग्री, नौगांव, खजुराहो-मंडला में 41 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह खरगोन में 40.6 डिग्री, खंडवा-दमोह में 40.5 डिग्री, रायसेन में 40.4 डिग्री और शिवपुरी में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां दिन का पारा 42 डिग्री रहा। भोपाल में 41.1 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 41.5 डिग्री और जबलपुर में 39.6 डिग्री रहा। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। इन्हीं 4 घंटों के दौरान धूप तेज होती है और गर्म हवाएं चलती हैं। वहीं, खाना-पान और सूती कपड़े पहनने की सलाह भी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। वहीं, रात में भी गर्मी बढ़ी है। अगले 5 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। एमपी में गर्मी का पारा बढ़ गया है। ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन सहित 20 से ज्यादा जिलों में सूरज के तेवर तीखे रहेंगे। चिलचिलाती धूप से लोग बेहाल रहेंगे। अगले 5 दिन तक MP में मौसम ऐसा ही रहेगा। दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। इन जिलों में रहेगी तेज गर्मी मौसम विभाग ने 18 अप्रैल को निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, इंदौर, उज्जैन, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, रतलाम, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर में तेज गर्मी की संभावना जताई है। दिन तपिश रहेगी। रात को भी गर्मी का अहसास होगा। नर्मदापुरम सबसे गर्म नर्मदापुरम में गुरुवार को दिन का पारा सबसे ज्यादा 43.6 डिग्री रहा। रतलाम 43.2, गुना 42.4, शाजापुर 42.1, ग्वालियर 42, भोपाल 41.1, इंदौर 40.4, उज्जैन 41.5 और जबलपुर में 39.6 डिग्री तापमान रहा। नरसिंहपुर, 42, धार 42, टीकमगढ़ 41.5, सागर 41.4, नौगांव, खजुराहो-मंडला में 41 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 40.6, खंडवा 40.5, -दमोह 40.5, रायसेन 40.4 और शिवपुरी में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानिए कल कैसा रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में गर्मी का कहर रहेगा। बंगाल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय होगा। सिस्टम का असर एमपी भी रहेगा। अप्रैल के आखिरी 3 से 4 दिन तक लू चलेगी। दिन और रात का पारा बढ़ेगा। मौसम विभाग ने 19 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर तेज गर्मी की संभावना जताई है। 20 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, उज्जैन ग्वालियर में दिन का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहने का अनुमान जताया है।   

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज एवं वन आदि प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ एक समृद्ध राज्य

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी स्थित शहीद स्मारक भवन में लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा को नये दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज एवं वन आदि प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ एक समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, टीन, बक्साइड, चूना पत्थर से लेकर लिथियम सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज पर्याप्त मात्रा मौजूद हैं। इसी तरह वन संसाधनों के मामलों में भी छत्तीसगढ़ एक अग्रणी राज्य है। राज्य में मौजूदा संसाधनों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर मोदी की गारंटी के अनुरूप देश के साथ साथ छत्तीसगढ़ को भी 2047 तक विकसित राज्य बनाना है। इसके तहत राज्य में सभी समाज और वर्गों के विकास के पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। यहां कृषि औजारो के निर्माण सहित विभिन्न शिल्प कलाओं के निर्माण में लौह शिल्पकारों की प्राचीन काल से ही अहम भूमिका रही है। हमारे प्रदेश के हर क्षेत्र एवं हर गांव में लौह शिल्प से जुड़े शिल्पकार निवासरत है और वो अपनी जीविकोपार्जन के लिए ही नहीं बल्कि अपने परम्परागत व्यवसाय के माध्यम निर्माण के क्षेत्र में अहम भागदारी निभा रहे। नवनियुक्त अध्यक्ष विश्वकर्मा के नेतृत्व में बोर्ड शिल्पकारों के उत्थान एवं शिल्प कला को नई ऊंचाइया प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महत्वपूर्ण दिन है। आज हमने प्रदेश के लिए 20 अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण किया। गर्मी के दिनों में आग लगने की घटना अधिक होती है। उनसे बचाव के लिए अग्निशमन वाहन उपयोगी साबित होंगे। आज कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया है। जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। यह कैम्पस नवा रायपुर में स्थापित होगा। इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। भारत में फैशन शिक्षा का यह एक प्रमुख संस्थान है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा समाज का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। कहते है भगवान विश्वकर्मा इस सुंदर संसार का सृजन किए। पहले गांव में कोई भी कार्य विश्वकर्मा समाज के लोगों के बिना पूर्ण नहीं हो पाता था चाहे कृषि का कार्य हो या शादी-ब्याह। सभी में लोहे से बने औजारों का उपयोग करते थे। आज लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों को पहचान कर उनकी प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। उन्होंने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नए अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जगदलपुर विधायक किरण देव सिंह ने कहा कि प्रफुल्ल विश्वकर्मा बहुत ही सहज सरल एवं अनुभवी है। वह सभी को साथ में लेकर चलने वाले लोगों में शामिल है। निश्चित ही उनके नेतृत्व में बस्तर से लेकर सरगुजा तक शिल्पकला को एक नया मुकाम मिलेगा। इस अवसर पर महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायकगण सर्वसुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ निःशुक्त जन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाड़िया, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छग राजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहल्लाद रजक, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. एस. विश्वकर्ता, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा, रायपुर विकास प्राधिकारण के अध्यक्ष नंदे साहू, किशोर महानंद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले राज्य में फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में फैशन शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) के नए कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फैशन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खोलेगा, बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) भारत में फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक है। 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत स्थापित इस संस्थान के वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु सहित देश भर में 17 परिसर हैं। नवा रायपुर में स्थापित होने वाला यह 18वां नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि होगी। यह संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करेगा। साथ ही, यह फैशन उद्योग के साथ सहयोग के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को विश्वस्तरीय फैशन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर अपने राज्य में ही मिलेगा। यह संस्थान तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करके फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना न केवल फैशन शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति लाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाएगी। नवा रायपुर एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्र नवा रायपुर, जो पहले से ही एक स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, अब शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में भी एक नया मुकाम हासिल कर रहा है। एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना से नवा रायपुर को फैशन और टेक्सटाइल उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की छवि को भी निखारेगी।

आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला होगा, फॉर्म में लौटे युजवेंद्र चहल से रहना होगा बचकर

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल 2025 का 34वां मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें अपना पिछला मुकाबला जीतकर आ रही हैं। आईपीएल 2025 में शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला होगा। पंजाब किंग्स ने अपने पिछले मैच में कोलका नाइट राइडर्स के खिलाफ आईपीएल के इतिहास का सबसे कम स्कोर डिफेंड किया है, ऐसे में बेंगलुरु के बल्लेबाजों को पंजाब किंग्स के गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना करना होगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम अभी तक जारी सीजन में घरेलू मैदान पर जीत नहीं दर्ज कर सकी है। आरसीबी के बल्लेबाजों को धीमी पिच पर गुजरात टाइटंस के आर साई किशोर और दिल्ली कैपिटल्स के कुलदीप यादव और विपराज निगम के सामने संघर्ष करना पड़ा था, ऐसे में चहल और ग्लेन मैक्सवेल उसकी इस कमजोरी का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। यही नहीं चहल और मैक्सवेल लंबे समय तक आरसीबी की तरफ से खेलते रहे हैं और यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। बेंगलुरु को चहल से रहना होगा बचकर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ चार विकेट लेकर फॉर्म में लौटने वाले चहल का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता जबकि मैक्सवेल को बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के बावजूद अंतिम एकादश में जगह मिलना तय है। चहल जादुई गेंदों के बजाय लेंथ के मास्टर हैं। यह लेग स्पिनर ऑफ-स्टंप के बाहर गेंद करके बल्लेबाजों को लंबे शॉट खेलने का लालच देता है जिससे कि वह सीमा रेखा के करीब कैच दे देते हैं। वह अपनी गति में भी काफी चतुराई से बदलाव करते हैं और यदि बल्लेबाजों को उनके खिलाफ छक्के मारने हैं तो उन्हें अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत होती है। मैक्सवेल भी एक ऐसा स्पिनर है, जो बड़े टर्न या डिपर्स के बजाय नियंत्रण पर भरोसा करता है। आरसीबी के पास क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा के रूप में अच्छे स्पिनर हैं और टीम उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। पंजाब टीम के पास अर्शदीप सिंह और मार्को यानसन के रूप में अच्छे तेज गेंदबाज हैं, हालांकि वे आरसीबी के जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जितने अनुभवी नहीं हैं। रजत-श्रेयस ने बतौर कप्तान किया है इम्प्रेस अगर कप्तानों की बात करें तो रजत पाटीदार और श्रेयस अय्यर में बहुत कम समानता है। इस टूर्नामेंट में एक बल्लेबाज के रूप में शानदार रिकॉर्ड रखने वाले अय्यर ने आईपीएल विजेता कप्तान के रूप में अपनी साख साबित की है। दूसरी तरफ पाटीदार आईपीएल में पहली बार कप्तान बने हैं। लेकिन असमानता यहीं पर खत्म हो जाती है, क्योंकि यह दोनों खिलाड़ी शांत रहकर बड़ी कुशलता से अपनी टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अच्छा बल्लेबाज माना जाता है और इसलिए बल्लेबाजी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। कोलकाता के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में जीत दर्ज करने से पंजाब का हौसला बढ़ा होगा लेकिन उसे आरसीबी से सतर्क रहना होगा जिसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में काफी गहराई है और उस पर पार पाना किसी भी टीम के लिए आसान काम नहीं होता है। टीम इस प्रकार है : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, यश दयाल, जोश हेजलवुड, फिल साल्ट, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, सुयश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, नुवान तुषारा, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, स्वास्तिक छिकारा, लुंगी एनगिडी। अभिनंदन सिंह, मोहित राठी। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे, प्रवीण दुबे, विजयकुमार विशक, हरप्रीत बराड़, अजमतुल्लाह उमरजई, जोश इंग्लिस, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, आरोन हार्डी, कुलदीप सेन। हरनूर सिंह, मुशीर खान, पला अविनाश।

रोहित शर्मा ने 26 रन बनाकर भी इतिहास रच गए… वानखेड़े में पूरा किया ‘स्पेशल शतक’

मुंबई मुंबई इंडियंस ने गुरुवार (17 अप्रैल) को वानखेड़े स्टेडियम की मुश्किल प‍िच पर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पर चार विकेट से जीत दर्ज की. विल जैक्स मैच के असली हीरो रहे. ज‍िन्होंने 3-0-14-2 के महत्वपूर्ण स्पेल के बाद 36 (26 गेंद, 3x4s, 3x6s) की शानदार पारी खेलकर निर्णायक भूमिका निभाई. वहीं इस मुकाबले के दौरान मुंबई ने रनचेज करते हुए वानखेड़े स्टेड‍ियम में एक अनोखा कीर्तिमान अपने नाम किया. SRH की टीम ने अब तक के आईपीएल सीजन में यही बात साब‍ित की है कि वो अपने घर में शेर है. रोहित शर्मा ने भी इस दौरान एक ऐसा कीर्तिमान बनाया, जो वानखेड़े में पहली बार बना. सनराइजर्स हैदराबाद ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 162 रन बनाए. अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 40 रन बनाए, वो पंड्या की गेंद पर कैच आउट हुए. अभ‍िषेक के आउट होने के बाद ईशान किशन मात्र दो रन पर स्टंप आउट हो गए. जबकि उनके पार्टनर ट्रेव‍िस हेड पूरी पारी में संघर्ष करते हुए दिखाई दिए. पंड्या के ओवरस्टेपिंग के कारण नो-बॉल पर कैच आउट होने के बावजूद हेड इसका फायदा उठाने में विफल रहे और 29 गेंदों पर 28 रन बनाकर आउट हो गए. वानखेड़े स्टेडियम की पिच स्पिनरों के लिए ग्रिप और टर्न प्रदान कर रही थी और धीमी गेंदों ने तेज गेंदबाजों को फायदा पहुंचाया, जिसके कारण सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाजों को पारी के अधिकांश समय रन बनाने के ल‍िए संघर्ष करना पड़ा. लेकिन आखिरी पांच ओवरों में 57 रन बनाकर SRH ने संघर्ष लायक स्कोर जरूर बना दिया. MI की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 4-0-21-1, ट्रेंट बोल्ट 4-0-29-1 और विल जैक्स ने 3-0-14-2 ने शादार स्पेल फेंका. 18वें ओवर में आया पहला छक्का MI की गेंदबाजी इतनी कमाल थी कि उनकी पारी का पहला छक्का 18वें ओवर में आया. जो SRH की पारी का सबसे बेहतरीन ओवर था. तब हेनरिक क्लासेन (28 गेंदों पर 37 रन, 3x4s, 2x6s) ने 21 रन लेकर चाहर के आंकड़े (4-0-47-0)  खराब कर द‍िए.  अंतिम ओवर में अनिकेत वर्मा ने दो छक्के लगाए और पैट कमिंस ने एक छक्का लगाकर पंड्या के महत्वपूर्ण 22 रन बटोरे. मुंबई इंडियंस की सनराइजर्स हैदराबाद पर धमाकेदार जीत अभिषेक-क्लासेन ने खेली अच्छी पारी सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए पांच विकेट पर 162 रन बनाए. हैदराबाद को पहली ही गेंद पर झटका लग जाता, लेकिन विल जैक्स ने दीपक चाहर की गेंद पर अभिषेक शर्मा का कैच टपका दिया. अभिषेक ने इस जीवनदान का फायदा उठाया और कुछ बेहतरीन शॉट्स खेले. शुरुआती 6 ओवरों में हैदराबाद ने बिना विकेट खोए 46 रन बना डाले. मुंबई इंडियंस को पहली सफलता कप्तान हार्दिक पंड्या ने दिलाई, जिन्होंने अभिषेक शर्मा को चलता किया. अभिषेक ने 7 चौके की मदद से 28 गेंदों पर 40 रन बनाए. अभिषेक और हेड के बीच पहले विकेट के लिए 7.3 ओवर में 59 रनों की पार्टनरशिप हुई. फिर विल जैक्स ने ईशान किशन (2) को सस्ते में आउट कर दिया. विल जैक्स ने मुंबई को एक और बड़ी सफलता दिलाई, जब उन्होंने ट्रेविस हेड को पवेलियन भेजा. हेड ने तीन चौके की मदद से 29 बॉल पर 28 रन बनाए. नीतीश रेड्डी बिल्कुल भी लय में नहीं दिखे और वो 19 रन बनाकर ट्रेंट बोल्ट का शिकार बने. अब हेनरिक क्लासेन पर जिम्मेदारी की थी कि वो हैदराबाद को एक सम्मानजक स्कोर तक पहुंचाएं. क्लासेन ने निराश नहीं किया और 18वें ओवर में 21 रन बनाए, जो दीपक चाहर ने फेंका था. हालांकि वो अगले ओवर में जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर पर बोल्ड हो गए. हेनरिक क्लासेन ने तीन चौके और दो छक्के की मदद से 28 गेंदों पर 37 रनों की पारी खेली. क्लासेन के आउट होने के बाद अनिकेत वर्मा (18*) और कप्तान पैट कमिंस (8*) ने कुछ बड़े शॉट्स लगाए, जिसके चलते हैदराबाद 160 रनों का आंकड़ा पार करने में सफल रही. मुंबई इंडियंस के लिए विल जैक्स ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. हार्दिक पंड्या, ट्रेंट बोल्ट और जसप्रीत बुमराह को एक-एक विकेट मिला. मुंबई का रनचेज कैसा रहा? रोहित शर्मा ने आउट होने से पहले इस मुकाबले में अपनी लय दिखाई और 16 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 26 रन बनाए, वहीं उनके साथी ओपनर रयान रिकेल्टन ने शानदार 31 रन बनाए, जबकि सूर्यकुमार यादव ने दो छक्के और इतने ही चौके लगाकर 26 रन (15 गेंदों पर) बनाए. कप्तान हार्दिक पांड्या ने सिर्फ नौ गेंदों पर 21 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और MI को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया. तिलक वर्मा (नाबाद 21) ने फिर MI को जीत दिलाई, मुंबई ने रनचेज 18.1 ओवर में 6 विकेट पर 166 रन बनाकर कंपलीट कर ल‍िया. आईपीएल में किसी मैदान पर रनचेज करते हुए सबसे ज़्यादा जीत: मुंबई इंडियंस (MI) – 29 जीत (वानखेड़े स्टेडियम, 47 मैच) कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) – 28 जीत (ईडन गार्डन्स, 40 मैच) राजस्थान रॉयल्स (RR) – 24 जीत (सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर, 31 मैच) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) – 21 जीत (चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु, 41 मैच) सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) – 21 जीत (राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, हैदराबाद, 32 मैच) चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) – 20 जीत (एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई, 31 मैच) इस सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का हैदराबाद से बाहर प्रदर्शन SRH इस सीजन (2025) में अब तक कोई भी अवे मैच (हैदराबाद के अलावा) मैच नहीं जीत पाई है – दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ हार – व‍िशाखापत्तनम – कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ़ हार – कोलकाता – मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ हार – वानखेड़े, मुंबई MI vs SRH मुकाबले में बने अन्य रिकॉर्ड – रोहित शर्मा आईपीएल में टीम की जीत के दौरान 4000 रन पूरे करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए. दूसरे भारतीय ख‍िलाड़ी व‍िराट कोहली हैं, ज‍िन्होंने RCB के ल‍िए 120 पार‍ियों में 4492 रन बनाए हैं. -160+ रन का लक्ष्य पीछा करते हुए सबसे ज़्यादा जीत आईपीएल में दर्ज करने वाली टीम मुंबई इंडियंस (MI) बन गई है. पंजाब ने 81 मैचों में 34 बार, RCB ने 77 में से 31 बार और दिल्ली ने 95 में से 31 बार ऐसा किया है. – रोहित शर्मा … Read more

मध्य प्रदेश के लाखो कर्मचारियों को मिलेगा डबल प्रमोशन, 60 हजार पर डिमोशन का भी खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 9 साल बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की है. अभी इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं. इससे मध्य प्रदेश शासन के 4 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे. हालांकि सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मिले 8 साल से अधिक समय बीत चुका है. ऐसे में वो डबल प्रमोशन के हकदार हैं. इस पर भी सरकार ने विचार किया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से प्रमोशन के साथ आरक्षित वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर डिमोशन का खतरा भी मंडरा रहा है. अब देखना ये है कि सरकार इस मामले का किस प्रकार पटाक्षेप करती है. एक साथ नहीं मिलेगा डबल प्रमोशन जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति मिले 8 साल से अधिक का समय बीत चुका है, या फिर जिन्होंने साल 2014-15 के बाद ज्वाइन किया और उनकी समयावधि 8 साल पूरी हो चुकी है. ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को डबल प्रमोशन का लाभ सरकार देगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है, कि कर्मचारियों को डबल प्रमोशन का लाभ तो मिलेगा, लेकिन एक साथ नहीं. बल्कि सरकार की मंशा है कि इस वर्ष एक प्रमोशन देने के बाद दूसरा प्रमोशन उनको अगले वर्ष दिया जाए. जिससे कर्मचारियों की कमी न हो. इन कर्मचारियों पर लटकी डिमोशन की तलवार सपाक्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि “साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार ने एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने का नियम बनाया था. इस नियम के तहत साल 2016 तक प्रदेश में आरक्षित वर्ग के कई अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हुए. इससे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को काफी फायदा हुआ, लेकिन ओबीसी समेत वो कर्मचारी-अधिकारी जो अनारक्षित वर्ग में थे, वो प्रमोशन में पीछे छूटते गए और उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जिसमें कोर्ट ने तथ्यों पर विचार करने के बाद इस पदोन्नति प्रक्रिया को रद्द कर दिया. लेकिन इस बीच आरक्षित वर्ग के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है, ऐसे लोगों को डिमोशन का खतरा भी बना हुआ है.” हाई कोर्ट भी सुना चुका है फैसला केएस तोमर ने बताया कि “पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश के 60 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिल चुका है, लेकिन जब इसे हाईकोर्ट 2016 में रद्द कर चुका है, तो ऐसे में इसकी वैधता कितनी है. तोमर ने बताया कि अभी मध्य प्रदेश में प्रमोशन का कोई नियम नहीं है, इसलिए ठीक है, लेकिन जैसे ही सरकार नए नियम बनाएगी, जो कर्मचारी गलत तरीके से प्रमोशन का लाभ ले रहे हैं. उनको डिमोशन करना होगा. हाईकोर्ट ने भी 31 मार्च 2024 के आदेश में कहा है कि 2002 के नियम के आधार पर जिन एससी-एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ मिला है. उन सभी का डिमोशन किया जाएग. हालांकि सरकार ऐसा करने से बचना चाहती है, इसलिए नए नियमों को ऐसा बना रही है. जिससे सबको समान रुप से पदोन्नति का लाभ मिल सके. यूपी-उत्तराखंड में डिमोट, पंजाब-हरियाणा में क्रीमीलेयर बाहर उच्च न्यायालय ने पदोन्नति को लेकर अपने आदेश में कहा है कि जब तक स्टेटस की यथा स्थिति है, तब तक ना डिमोट होंगे और ना ही प्रमोट किया जाएगा, लेकिन जिस दिन स्टेटस बैकेंड हो जाएगा, यथा स्थिति खत्म हो जाएगी. उसी दिन डिमोट करना पड़ेगा. यूपी और उत्तराखंड में भी बाद में गलत पदोन्नति नियम के कारण आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को डिमोट किया गया. केएस तोमर ने बताया कि सपाक्स ने अपनी याचिका में कहा है कि पदोन्नति में आरक्षण के नियम में क्रीमीलेयर को शामिल नहीं करना चाहिए. ऐसे ही मामले में पंजाब और हरियाणा में पदोन्नति के दौरान क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ देने से वंचित किया गया है.

MMLP में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं होगी, पहले चरण में एक 5 सितारा होटल भी बनने जा रहा

पीथमपुर प्रदेश के पीथमपुर में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) आधुनिक सुविधाओं वाला बनाया जाएगा। न केवल इसका जुड़ाव रेलवे से होगा बल्कि एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होगा ताकि कस्टम की औपचारिकताएं भी यहीं से पूरी हो जाए और कंटेनर सीधे जहाज में लोड हो सके। एमएमएलपी में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं होगी। पहले चरण में एक 5 सितारा होटल भी बनने जा रहा है। जल्द पूरा करने के निर्देश करीब 2 महीने से काम में तेजी आई है। प्रोजेक्ट को केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी प्राथमिकता में लिया है। दो बार वे इंदौर दौरे पर इस प्रोजेक्ट के बारे चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने एनएचएआइ के अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गडकरी ने सागोर से पार्क तक ट्रेन पहुंचाने के लिए नई रेलवे लाइन का उद्घाटन कर दिया है। इंदौर और आसपास से होने वाले माल का एक्सपोर्ट विदेश तक आसानी से हो जाएगा। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत कस्टम का भी ऑफिस बनेगा। तीन चरणों में होगा काम एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया, 250 एकड़ में बन रहे पार्क का निर्माण 1100 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। तीन चरणों में काम होना है। जरूरत के हिसाब से वेयर हाउस, ऑफिस, कोल्ड स्टोरेज समेत पहले चरण में एक 5 स्टार होटल भी होगी। पहले चरण के निर्माण में 1100 करोड़ खर्च होंगे पहला चरण 1100 करोड़ रुपए का है। इसमें पीथमपुर के जामोदी में रेलवे यार्ड बनेगा। इसमें दो तरह की रेलवे की पटरियां बिछाई जाएंगी, जिससे बड़े-छोटे कंटेनर आसानी से ट्रेन में लोड हो सकें। रेलवे तक माल लाने और यहां से अंदर तक ले जाने के लिए बड़ा ट्रक पार्किंग एरिया बनेगा, जिसमें एक समय पर एक हजार ट्रक खड़े हो सकें। यहां पेट्रोल-डीजल पंप भी बनेगा और होटल आदि भी होगा। इंदौर से अब इंटरनेशनल एयर कार्गो सेवा की शुरुआत भी हो चुकी है। यह लॉजिस्टिक्स हब हवाई, सड़क और रेल तीनों माध्यमों को जोड़ते हुए इंदौर को एक इंटरनेशनल सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ेगा। यह हब टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमियों को न केवल तेज़ सप्लाई सिस्टम देगा, बल्कि निर्यात के नए रास्ते भी खोलेगा। लालवानी ने कहा यह लॉजिस्टिक्स पार्क सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, रोजगार और विकास की नींव है। यह पार्क वेस्टर्न रिंग रोड और इंदौर-अहमदाबाद मार्ग से जुड़ेगा। दिल्ली-मुंबई नेशनल हाईवे से इसकी दूरी मात्र 150 किलोमीटर है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के सागौर रेलवे स्टेशन के पास इस पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है। गडकरी ने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र को कई फायदे होंगे। लॉजिस्टिक पार्क बनने के बाद परिवहन समय और लागत दोनों में कमी आएगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और धार विधायक नीना विक्रम वर्मा मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5 पुलिस थानों का बल तैनात किया गया था। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र, भाजपा जिला अध्यक्ष नीलेश भारती और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। भारत में अब तक कुल 35 मल्टी लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण किया जा चुका है। 255 एकड़ भूमि पर इस पार्क का निर्माण चल रहा है।

जनजातीय जीवन और प्रकृति पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्मों का होगा प्रदर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में वन पुनर्स्थापन, जलवायु परिवर्तन और समुदाय-आधारित आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित होने वाली कार्यशाला में विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों में वनों की भूमिका पर मंथन होगा। कार्यशाला में प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह स्वागत उद्बोधन देंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की रूपरेखा डॉ. राहुल मूँगीकर प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय समुदाय और प्राकृतिक संरक्षण पर केंद्रित ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी जाएगी। प्रमुख विषय : वन संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक प्रबंधन राष्ट्रीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में वन संरक्षण की वर्तमान कानूनी व्यवस्थाएं, उनकी सीमाएं और समाधान, जैव विविधता संशोधन अधिनियम-2023, सामुदायिक वन अधिकार, पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण और वन पुनर्स्थापन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। बैंगलुरू से आ रहे प्रो. रमेश विशेषज्ञ वक्तव्य भी देंगे। कार्यशाला में डॉ. योगेश गोखले, डॉ. राजेन्द्र दहातोंडे आदि वक्ता विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन राज्यपाल पटेल समापन सत्र को करेंगे संबोधित राज्यपाल मंगुभाई पटेल राष्ट्रीय कार्य शाला के समापन-सत्र में मुख्य अतिथि होंगे। पूर्व राष्ट्रीय जनजातीय आयोग अध्यक्ष हर्ष चौहान समापन वक्तव्य देंगे। कार्यशाला में वनीकरण, जलवायु संवेदनशीलता और वनवासी समुदायों की समावेशी भागीदारी पर केन्द्रित डॉक्युमेंट्री फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण में वनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यशाला वनों, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय आजीविका को केंद्र में रखते हुए एक सतत और न्यायसंगत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

ट्रेड वॉर: US की कंपनियां चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने के तैयारी में, भारत के लिए एक बड़ा अवसर

नई दिल्ली  दुनिया की दो सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देशों अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने चीनी माल पर 245% टैक्स लगा दिया है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन में सामान बनाना फायदे का सौदा नहीं रह गया है और वे चीन में अपना बोरिया बिस्तार समेटने की तैयारी में हैं। भारत सरकार इसे एक बड़े मौके के रूप में देख रही है। सरकार चाहती है कि ये कंपनियां भारत में आकर अपना कारोबार करें। इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने और दवाइयों जैसे सेक्टरों में फायदा होगा। इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक सरकार भारतीय कंपनियों को भी अमरीका में कारोबार बढ़ाने में मदद करना चाहती है। हाल ही में सरकार ने इंडस्ट्री के लोगों के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में अमरीका में कारोबार बढ़ाने के तरीकों पर बात हुई। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। इस बारे में बातचीत जल्द ही शुरू होने वाली है। पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात होगी और फिर मई के मध्य से आमने-सामने मीटिंग होने की संभावना है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को इसमें एक बड़ा मौका दिख रहा है। अमरीका ने चीन से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया है। लेकिन भारत और 75 से ज्यादा देशों से आने वाले सामान पर टैक्स नहीं लगाया है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर नया टैक्स लगाएंगे। चीन में बने आईफोन जैसे स्मार्टफोन पर अमरीका में 20% टैक्स लगता है। वहीं, भारत में बने सामान पर कोई टैक्स नहीं है। किससे है सबसे बड़ी चुनौती इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि सरकार को सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी ताकि अमरीका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सके। उनका कहना है कि अगर सही से योजना नहीं बनाई गई, तो वियतनाम इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकता है। वियतनाम अमरीका को सैमसंग के स्मार्टफोन और गैजेट्स का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। उसके पास भारत से ज्यादा मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन है। वियतनाम का अमरीका के साथ व्यापार ज्यादा है। साथ ही वहां ज्यादातर चीनी कंपनियों ने निवेश किया है। इसलिए भारत के लिए भी मौके हो सकते हैं। प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के कारण देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के पास तीन पीएलआई स्कीम हैं। ये स्कीम स्मार्टफोन, लैपटॉप और सर्वर जैसे IT हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स के लिए हैं। अभी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) इस बारे में बातचीत कर रहा है। जल्द ही दूसरे मंत्रालय भी इसमें शामिल होंगे। इंडस्ट्री के एक जानकार ने बताया कि सरकार ने 10-12 सेक्टरों की पहचान की है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिसिन, केमिकल, ऑटोमोबाइल, खिलौने, एयर कंडीशनर और अप्लायंसेज शामिल हैं। इन सेक्टरों में भारत को फायदा हो सकता है। इंडस्ट्री की दिक्कत एक और सूत्र ने बताया कि सरकार ने साफ कर दिया है कि जॉइंट वेंचर और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एग्रीमेंट को ज्यादा महत्व दिया जाएगा क्योंकि भारत में इस तरह का सिस्टम बनाने की जरूरत है। इंडस्ट्री को बताया गया है कि सरकार भारत को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना चाहती है। साथ ही, दुनिया के व्यापार में ज्यादा हिस्सा हासिल करना चाहती है। इंडस्ट्री ने टैक्स, कस्टम और दूसरी दिक्कतों के बारे में बताया है। उसका कहना है कि इन दिक्कतों की वजह से लक्ष्य हासिल करने में परेशानी हो सकती है।  

भाजपा में जल्द ही बड़े बदलाव, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू, प्रह्लाद जोशी इस दौड़ में सबसे आगे

नई दिल्ली  बीजेपी जल्द ही बड़े बदलाव के लिए तैयार है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू हो सकती है। इसको लेकर पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में भाजपा के शीर्ष स्तर पर काफी गहमागहमी देखी गई है। बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें अमित शाह, राजनाथ सिंह और बी एल संतोष जैसे पार्टी और आरएसएस के बड़े नेता शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पार्टी के संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भी मंथन हुआ। पार्टी के भरोसेमंद सूत्र ने बताया है कि अभी मुख्य रूप से पांच नामों पर चर्चा चल रही है और हो सकता है कि इस बार कर्नाटक के किसी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी जाए। लेकिन, इस सूत्र ने एक छठा नाम भी बताया है। बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन? बीजेपी के एक विश्वस्त सूत्र ने  बताया है कि अभी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम चल रहा है। इनके अलावा भी उन्होंने 4 और नाम बताए हैं। लेकिन, सबसे चौंकाने वाला नाम छठे नेता का है, जो अबतक इस चर्चा में पूरी तरह से गायब रहे हैं। यहां पर बीजेपी के सभी संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम और उन्हें यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावित वजह भी बताई जा रही है। 1) प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री बीजेपी सूत्र का कहना है कि प्रह्लाद जोशी को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद जोशी अभी मोदी सरकार में कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री हैं। प्रह्लाद जोशी आरएसएस से होते हुए भाजपा सरकार में इतने बड़े पद तक पहुंचे हैं। 2) बीएल संतोष, बीजेपी महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी कर्नाटक से आते हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रचारक हैं। भारतीय जनता पार्टी में यह पद पार्टी संगठन और संघ के बीच कड़ी का काम करता है। बीएल संतोष 1993 से आरएसएस के प्रचारक हैं और पूरी तरह से संघ के कार्यों से जुड़े रहे हैं। जब हमने बीजेपी सूत्र से सवाल किया कि क्या पार्टी इस तरह से एक प्रचारक को सीधे अपने संगठन का जिम्मा सौंप सकती है? तो उन्होंने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे के नाम का जिक्र किया, जिन्होंने आरएसएस से सीधे पार्टी संगठन का उत्तरदायित्व संभाला था। बीजेपी सूत्र ने यह भी दावा किया है कि अगर संतोष के नाम पर मुहर लगती है तो सुनील बंसल उनकी जगह महासचिव (संगठन) का जिम्मा संभाल सकते हैं। 3) सीटी रवि, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता हैं। वे चिकमगलूर विधानसभा क्षेत्र से चार बार MLA रह चुके हैं। रवि अपनी आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वे कर्नाटक में भाजपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े रहे हैं और अभी कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। उनकी आक्रामक राजनीति की वजह से उनका भी नाम जेपी नड्डा की जगह भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लिया जा रहा है। 4) धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काफी पहले से लिया जा रहा है। इसकी वजह है उनका आरएसएस वाला बैकग्राउंड और उनकी जबरदस्त संगठन क्षमता। वह पार्टी के बैकग्राउंड रणनीतिकारों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और चुनावी समीकरण बिठाने में भी इनके कौशल की पार्टी में खूब सराहना होती है। अभी प्रधान ओडिशा के संबलपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 5) भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से संसद भूपेंद्र यादव अभी केंद्र में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संभाल रहे हैं। भूपेंद्र यादव की तरह ही ये भी बीजेपी के धुरंधर रणनीतिकारों में शामिल रहे हैं और पार्टी के लिए चुनाव जितवाने वाली मशीन की तरह काम आते रहे हैं। संघ का बैकग्राउंड और बेहतरीन संगठन क्षमता की वजह से बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर इनका नाम भी काफी चर्चा में रहा है। मनोज सिन्हा का भी आ रहा है नाम भाजपा सूत्र ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर जो सबसे चौंकाने वाला संभावित नाम बताया है, वह है जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा का। सूत्र ने दलील दी है कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से पार्टी चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है, ऐसे में मनोज सिन्हा भी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सामने आ जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। पार्टी सूत्र का यह भी कहना है कि जो भी अध्यक्ष होंगे, वे अपेक्षाकृत युवा चेहरा होंगे। 2020 से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं नड्डा जेपी नड्डा जनवरी 2020 से ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ाया गया था, ताकि वे लोकसभा चुनाव तक काम कर सकें। बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव फरवरी 2025 तक ही हो जाना था, लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली के चुनावों के कारण यह टल गया। फिर देशभर में संगठन चुनाव शुरू हो गए। बीजेपी में दो कार्यकाल से ज्यादा अध्यक्ष बनने की परंपरा नहीं है। लेकिन, नड्डा का एक ही कार्यकाल पूरा हुआ है, बाकि वह अतिरिक्त या कार्यकारी प्रभार संभालते रहे हैं।

CM Mohan Yadav ने प्रदेश के किसानों के लिए खोल दिया पिटारा, पराली नहीं जलाने वाले को मिलेगी प्रोत्साहन राशि !

भोपाल मप्र में पराली जलाने के बढ़ते मामलों के बीच सरकार किसानों के लिए एक नई स्कीम लेकर आ रही है। इसके तहत जो किसान सरकार की पांच शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक एकड़ खेत वाले किसान को 1500 रुपए से लेकर 3 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की योजना है। सरकार ने इस नई स्कीम को अन्नदाता मिशन (कृषक कल्याण मिशन) नाम दिया है। इसके जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ साथ उन्हें जलवायु अनुकूल खेती और फसलों के सही दाम दिलाना है। बता दें कि मंगलवार यानी 15 अप्रैल को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस मिशन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सरकार ने मिशन के लिए 2028 तक का टारगेट भी तय किया है। इसमें 2.69 लाख वनाधिकार ( एफआरए) पट्टाधारी किसानों को 100 फीसदी फायदा देना है। पहले जानिए सरकार ने क्यों लागू किया मिशन मप्र में लघु और सीमांत किसानों की संख्या सबसे ज्यादा है, मगर उन तक तकनीक और संसाधनों की सीमित पहुंच है। मानसून पर निर्भरता की वजह से ये किसान फसल का सही उत्पादन भी नहीं कर पाते। जिसकी वजह से उन्हें फसल के उचित दाम नहीं मिलते। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अन्नदाता की आय बढ़ाने के साथ वे खेती के साथ और भी व्यवसाय कर सके इसके लिए सरकार ने पॉलिसी बनाई है। कृषि विभाग के अलावा उद्यानिकी एवं फूड प्रोसेसिंग, खाद एवं नागरिक आपूर्ति, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग को भी इसमें जोड़ा गया है। किसानों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे जलवायु अनुकूल खेती करें। साथ ही ऐसी फसलों का उत्पादन करें जो पोषण और खाद्य सुरक्षा तय करते हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि इस पॉलिसी के जरिए गौशालाओं को बढ़ावा देने का काम भी किया जाएगा। इसके लिए आहार, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था भी सरकार करेगी। 5 शर्तें पूरी की ताे मिलेंगे 3 हजार रु. प्रति एकड़ तक कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अन्नदाता मिशन के तहत किसानों को 1500 रुपए से लेकर 3000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसानों को 5 शर्तों को पूरा करना होगा। इनमें तीन शर्तें अहम है। पहली- पराली जलाने से मुक्त खेती को अपनाना, दूसरी- खेती के लिए लिए गए लोन का समय पर भुगतान। तीसरी शर्त के रूप में कीटनाशकों का कम इस्तेमाल यानी जैविक खेती की पद्धति को अपनाना है। इन तीनों शर्तों के अलावा तिलहन और दलहन की फसलें और ड्रिप इरिगेशन पद्धति को बढ़ावा देना भी शामिल है। अधिकारी के मुताबिक मप्र के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 12 हजार रुपए प्रतिवर्ष मिल रहे हैं। इन पांच शर्तों को किसान पूरा करते हैं तो उन्हें 15 हजार रु. तक मिल सकते हैं। ये एक तरह से इन्सेंटिव होगा। एमपी में तीन साल में पराली जलाने की 32 हजार से ज्यादा घटनाएं कृषि विभाग के अधिकारी बताते हैं कि हरियाणा,पंजाब, दिल्ली के बाद पराली जलाने की घटना मध्यप्रदेश में बढ़ती जा रही है। पिछले तीन साल के आंकड़े देखें तो रबी और खरीफ सीजन मिलाकर 32 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई है। इनमें भोपाल संभाग अव्वल है। दूसरे नंबर पर चंबल संभाग है। अधिकारी के मुताबिक किसान अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए आसान रास्ता अपनाते हैं। नर्मदापुरम और हरदा के बेल्ट में गेहूं की फसल काटने के बाद मूंग की फसल लेने के लिए खेत में आग लगा दी जाती है। इससे खेत तो साफ हो जाता है, लेकिन उसकी मृदा शक्ति पर विपरीत असर पड़ता है। किसान बोले- जुर्माने से ज्यादा महंगा खेत की सफाई कराना पराली जलाना किसानों की मजबूरी है। राजगढ़ जिले के किसान मुकेश नागर कहते हैं कि फसल कटाई के बाद जो अवशेष बचते हैं उसे हटाने के लिए बक्खर चलाना पड़ता है। मजदूर एक एकड़ का 4 से 5 हजार रुपए लेते हैं। अब किसी किसान का दो से तीन एकड़ का खेत है तो उसे कम से कम 10 से 15 हजार रुपए खेत की सफाई के लिए लिए देना पड़ते हैं। नागर कहते हैं कि इससे अच्छा तो जुर्माना देकर पराली जलाना है। पांच एकड़ खेत में पराली जलाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना है। किसान की अगली फसल की लागत भी नहीं बढ़ती है। यदि सरकार किसानों को पराली न जलाने पर कोई आर्थिक सहायता देगी तो किसान पराली नहीं जलाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन में नए आयाम जुड़ रहे हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन में नए आयाम जुड़ रहे हैं। पारिस्थितिकी तंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गिद्धों का संरक्षण न केवल जैव विविधता की रक्षा के लिए आवश्यक है, अपितु पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से भी अनिवार्य है। प्रदेश में गिद्ध संरक्षण को भी नई दिशा दी जा रही है। भोपाल स्थित केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्धों को बुधवार को पहली बार प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि राज्य सरकार ने गिद्धों सहित अन्य पशु पक्षियों की संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए सतत प्रयास किए हैं। एशिया से लुप्त हो रहे चीतों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका के देशों से चीते लाकर कूनो अभ्यारण में उनका संरक्षण एवं संवर्धन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक वातावरण में छोड़े गए गिद्धों पर जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं,जिससे उनके आवागमन, व्यवहार एवं सुरक्षा की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके।  

साय कैबिनेट में हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मंत्रिपरिषद की बैठक में परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, सरगुजा/बस्तर/बिलासपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा अथवा साक्षात्कार में उपस्थित होंगे उन्हें उनके द्वारा दी गई परीक्षा शुल्क की राशि वापस की जाएगी।          इससे सिरियस केन्डीडेट की परीक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं नॉन सिरियस केन्डीडेट और इनइलिजिबल केन्डीडेट परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे और इनके कारण राज्य शासन को होने वाली आर्थिक क्षति भी कम होगी। कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया।          जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में एन.आई.एफ.टी. (NIFT) के कैम्पस को मंजूरी प्रदान की गई। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) का नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में स्थापित किया जाएगा। कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) भारत में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत हुई थी। एन.आई.एफ.टी. के पूरे भारत में 17 परिसर हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु शामिल हैं। यह संस्थान फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखता है। यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए फैशन उद्योग के साथ सहयोग करता है। मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज (Lease) दरों पर शासकीय भूमि आबंटन किये जाने की सहमति प्रदान करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग एवं संबंधित नगर निगमों को अधिकृत किया है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में सहकारिता को प्रोत्साहन दिये जाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर वितरण हेतु अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आवश्यक शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय लिया है। इस हेतु शक्कर का क्रय मूल्य 37,000 रू. प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जी.एस.टी. अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। मंत्रिपरिषद ने स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।

न्यायाधीश के घर में पैसे मिले और FIR नहीं हुई लेकिन न्यायपालिका राष्ट्रपति पर सवाल उठा सकती हैःउपराष्ट्रपति धनखड़

नई दिल्ली 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार एक टिप्पणी के जरिए सलाह दी थी कि राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर राज्यपालों द्वारा भेजे गए लंबित विधेयकों पर फैसला ले लेना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रतिक्रिया दी है और इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत ने ऐसे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की थी। उपराष्ट्रपति ने किसे कहा ‘सुपर संसद’? उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, भारत ने ऐसे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की थी, जहां न्यायाधीश कानून बनाएंगे, कार्यकारी कार्य करेंगे और ‘सुपर संसद’ के रूप में कार्य करेंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को न्यायपालिका की भूमिका, पारदर्शिता की कमी और हाल की घटनाओं को लेकर चिंता जताई. उन्होंने न्यायपालिका द्वारा कार्यपालिका और विधायिका के क्षेत्र में हस्तक्षेप को लेकर तीखे सवाल उठाए. हाल ही में एक जज के आवास पर हुई घटना, उन पर एफआईआर दर्ज न होने और राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर ये सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश ने ऐसे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की थी, जहां जज कानून बनाएंगे, कार्यपालिका का काम भी काम खुद ही करेंगे और सुपर संसद की तरह काम करेंगे. हाल ही में एक फैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है. आखिर हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? ये बातें उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के छठे बैच को उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में संबोधित करते हुए कहीं. उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें बेहद संवेदनशील होना होगा. ये कोई समीक्षा दायर करने या न करने का सवाल नहीं है. राष्ट्रपति को समयबद्ध तरीके से फैसला करने के लिए कहा जा रहा है. अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित विधेयक कानून बन जाता है. अनुच्छेद-142 न्यायपालिका के लिए न्यूक्लियर मिसाइल बन गया है. इसका उपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार करने के लिए किया जा रहा है. ये संविधान की आत्मा के खिलाफ है उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति को निर्देश देना संविधान की आत्मा के खिलाफ है. बता दें कि उपराष्ट्रपति ने ये बात सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर कही है जिसमें अदालत ने राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए बिलों को मंजूरी देने में 3 महीने का समय निर्धारित किया था. उन्होंने केशवानंद भारती केस में आए मूल ढांचे के सिद्धांत की सीमाओं का जिक्र करते हुए आपातकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की याद दिलाई और कहा कि तब मौलिक अधिकारों का हनन हुआ था, जबकि मूल ढांचा अस्तित्व में था. देश का कानून उन पर लागू नहीं होता राज्यसभा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे जज हैं जो कानून बनाएंगे, जो कार्यपालिका का कार्य खुद संभालेंगे, जो सुपर संसद की तरह काम करेंगे और उनकी कोई जवाबदेही नहीं होगी, क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ये सब देखना पड़ेगा. भारत में राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा है और राष्ट्रपति संविधान की रक्षा, संरक्षण एवं बचाव की शपथ लेते हैं. जबकि मंत्री, उपराष्ट्रपति, सांसदों और जज सहित अन्य लोग संविधान का पालन करने की शपथ लेते हैं. क्या देरी को समझाया जा सकता है? उपराष्ट्रपति ने कहा, हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते जहां आप भारत के राष्ट्रपति को निर्देश दें और वह भी किस आधार पर? संविधान के तहत आपके पास एकमात्र अधिकार अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या करना है. इसके लिए पांच या उससे अधिक न्यायाधीशों की आवश्यकता होती है. धनखड़ ने कहा, मैं हाल की घटनाओं का उदाहरण देना चाहूंगा. 14 और 15 मार्च की रात दिल्ली में एक जज के निवास पर एक घटना घटी. सात दिनों तक किसी को इसके बारे में पता नहीं चला. क्या देरी को समझाया जा सकता है? क्या इससे बुनियादी सवाल नहीं उठते? उन्होंने कहा, क्या ये मामला क्षमा योग्य है? क्या इससे कुछ बुनियादी सवाल नहीं उठते? एक लोकतांत्रिक देश में इसकी जांच की जरूरत है. इस समय कानून के तहत कोई जांच नहीं चल रही है क्योंकि आपराधिक जांच के लिए एफआईआर से शुरुआत होनी चाहिए. यह देश का कानून है कि अपराध की सूचना पुलिस को देना आवश्यक है. ऐसा न करना एक अपराध है. इसलिए आप सभी सोच रहे होंगे कि कोई एफआईआर क्यों नहीं हुई. इसका उत्तर सरल है. कानून से परे एक वर्ग को छूट कैसे मिली? उपराष्ट्रपति ने कहा, इस देश में किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है, किसी भी संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ, चाहे वह आपके सामने मौजूद कोई भी हो. मगर, ये न्यायाधीश हैं, उनकी श्रेणी है, तो एफआईआर सीधे दर्ज नहीं की जा सकती. इसे न्यायपालिका में संबंधित लोगों द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए, लेकिन संविधान में ऐसा नहीं दिया गया है. संविधान ने केवल राष्ट्रपति और राज्यपालों को ही अभियोजन से छूट दी है. फिर कानून से परे एक वर्ग को यह छूट कैसे मिली? इसके दुष्परिणाम सभी के मन में महसूस किए जा रहे हैं. धनखड़ ने कहा कि उनकी चिंताएं ‘‘बहुत उच्च स्तर” पर हैं और उन्होंने ‘‘अपने जीवन में” कभी नहीं सोचा था कि उन्हें यह सब देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत में राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा है और राष्ट्रपति संविधान की रक्षा, संरक्षण एवं बचाव की शपथ लेते हैं, जबकि मंत्री, उपराष्ट्रपति, सांसदों और न्यायाधीशों सहित अन्य लोग संविधान का पालन करने की शपथ लेते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते जहां आप भारत के राष्ट्रपति को निर्देश दें और वह भी किस आधार पर? संविधान के तहत आपके पास एकमात्र अधिकार अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या करना है> इसके लिए पांच या उससे अधिक न्यायाधीशों की आवश्यकता होती है।’ उपराष्ट्रपति निवास में राज्यसभा के 6वें बैच के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए धनखड़ दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के घर से जले हुए नोटों के बंडल मिलने के मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 14 और 15 मार्च की रात को नई दिल्ली में एक न्यायाधीश के निवास पर एक घटना हुई। सात दिनों तक, किसी को इसके बारे में पता नहीं था। हमें अपने आप से सवाल पूछने होंगे। क्या देरी समझने योग्य … Read more

मुख्यमंत्री साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी

नवा रायपुर में अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर का किया लोकार्पण अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों से राहत कार्यों को मिलेगी गति रायपुर प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है। आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी। अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ। शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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