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छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष पैकरा के पदभार ग्रहण शामिल हुए मुख्यमंत्री साय, शुभकामनाएं दी

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और श्री पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने श्री पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भोपाल में गृहमंत्री अमित सहकारिता सम्मेलन में हुए शामिल, दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी विकास बोर्ड के बीच हुआ अनुबंध

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पहुंचे। वह यहां रवींद्र भवन में राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर मप्र राज्य सहकारी दुग्ध संघ और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच प्रदेश में दूध का उत्पादन और प्रसंस्करण बढ़ाने के लिए अनुबंध हुआ। मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद डॉ. मोहन यादव ने दुग्ध उत्पादक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एनडीडीबी के साथ अनुबंध की पहल की थी। सहकारिता सम्मेलन दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगा। इसमें कई कार्यक्रम होंगे। यह भी बता दें कि 17 अप्रैल को भी अमित शाह मप्र के नीमच में आ रहे हैं। वह यहां सीआरपीएफ की परेड और गोपालकों के सम्मेलन में सम्मिलित होंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का मुख्यमंत्री निवास में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। लंच के बाद अमित शाह रविंद्र भवन में राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंच गए हैं। जहां उनकी मौजूदगी में मध्य प्रदेश दुग्ध संघ और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एमओयू साइन होने जा रहा है। इसके अलावा एमपी के छह दुग्ध संघों और एनडीडीबी के बीच छह अलग-अलग एमओयू भी किए जाएंगे। यह भी पढ़ें- भोपाल MANIT में एक साथ 120 बच्चों की तबियत बिगड़ी, मचा हड़कंप अगले पांच साल में जोड़े जाएंगे डेढ़ लाख किसान इस संबंध में पशुपालन और डेयरी मंत्री लखन पटेल ने कहा कि, आज क्रांतिकारी फैसला होने जा रहा है। अगले 5 साल में डेढ़ लाख किसानों को जोड़ा जाएगा। 10 लाख लीटर के करीब दूध उत्पादन को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारी संस्थाओं को भी बढ़ाया जाएगा। मध्य प्रदेश को तीसरे पायदान से दूध उत्पादन में पहले पायदान पर लाया जाएगा। मध्य प्रदेश डेयरी फेडरेशन में एमओयू के जरिए कई ऐतिहासिक बदलाव होंगे।  

पानी के लिए प्रदर्शन, राजमार्ग पर दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कता, समझाइश के बाद बंद किया प्रदर्शन

खंडवा नर्मदा जल योजना की मुख्य पाइप लाइन बार बार फूटने से खंडवा शहर में भीषण जलसंकट की स्थिति बनी हुई है। पानी नहीं मिलने से नाराज लोगों ने रविवार को खंडवा डेढ़तलाई राजमार्ग पर जाम लगा दिया। महिलाएं सड़क पर आकर पानी की मांग करने लगीं। देखते ही देखते रोड के दोनों ही ओर वाहनों के पहिए थम गए। सड़क पर जाम लगाने वाली महिलाओं ने कहा कि हमें पंद्रह दिन से पानी नहीं मिला है। आज जब नर्मदा पाइप लाइन सुधार गई है तो कहा जा रहा है कि आपके क्षेत्र का शेड्यूल नहीं है।   टैंकर का पानी इतना गंदा की कपड़े भी नहीं धो सकते टैंकर भेजे जाते हैं लेकिन पानी इतना गंदा आ रहा है कि पीने क्या कपड़े धोने के लिए भी उपयोग नहीं कर सकते। स्टेट हाइवे पर जाम की सूचना मिलते ही मौके पर कोतवाली टीआई अशोक चौहान पहुंचे। उन्होंने जाम नहीं लगाने का अनुरोध किया लेकिन लोग नहीं माने। महिलाएं नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ी रहीं। कुछ ही देर में निगम उपायुक्त सचिन सिटोले और एसडीएम बजरंग बहादुर पहुंचे। एसडीएम ने लोगों को चेतावनी दी कि यदि जाम नहीं हटाया तो जेल भेज देंगे। इस पर लोग भड़क गए और अधिकारियों की खरी-खरी सुनाई। जल्द पानी दिलाने का आश्वासन दिया महिलाओं ने कहा कि हमें जेल ही ले चलो, कम से कम वहां पानी तो मिलेगा। करीब एक घंटे तक यहां अधिकारी जाम लगाने वाले लोगों को मनाने पर अड़े रहे। उपायुक्त सिटोले द्वारा जल्द ही नर्मदा जल की आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम हटाया जा सका। विदित हो कि नर्मदा जल योजना की मुख्य पाइप लाइन नौ दिनों के चार बार फूट चुकी है। इससे पूरे शहर में जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा चुकी है।

भिलाई में 53 अवैध मकानों पर चला निगम का बुलडोजर

भिलाई  भिलाई नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को खुर्शीपार क्षेत्र के गौतम नगर में कार्रवाई शुरू कर दी है. निगम के तोड़ू दस्ते ने यहां 53 अवैध मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है. यह कार्रवाई निगम प्रशासन द्वारा पूर्व में जारी किए गए नोटिस के आधार पर की जा रही है. हालांकि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन कई निवासियों ने खुद ही अपने कब्जे खाली कर दिए. मौके पर जोन 4 के कमिश्नर सहित निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है. निगम प्रशासन का कहना है कि आगे भी अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत, गरज-चमक और बारिश के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम धीरे-धीरे करवट ले रहा है. प्रदेश में अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन लोगों को अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं से दो-चार होना पड़ सकता है. मौसम विभाग की मानें तो आगामी 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और मेघ गर्जन की स्थिति बन सकती है. खास बात यह है कि 14 अप्रैल से मेघ गर्जन की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, राजनांदगांव में सबसे अधिक तापमान 42°C दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 18°C रहा. आज कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर ने शनिवार को बुलेटिन जारी किया, जिसके अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा. बारिश के आंकड़ों में जशपुर जिले के मनोरा में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई. सिनॉप्टिक सिस्टम     पश्चिमी विक्षोभ अब कश्मीर घाटी और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा रहा है.     पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण से छत्तीसगढ़ होते हुए पूर्वोत्तर तेलंगाना तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक द्रोणिका बनी हुई है. आज और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवा चलने की संभावना. वहीं 2 दिन बाद तक मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ हल्की वर्षा जारी रह सकती है. रायपुर का हाल राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा. तापमान में ज्यादा अंतर नहीं होगा, अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

‘पंचतीर्थ’ और संविधान दिवस से नई पीढ़ी बाबा साहब से ले रही है प्रेरणा: मुख्यमंत्री

प्रिएम्बल वाल पर हस्ताक्षर कर संविधान की मूल भावना के प्रति जताई प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया रायपुर भारत का संविधान हर नागरिक के लिए पवित्र ग्रंथ है, जो हमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। हमारा विशाल लोकतंत्र संविधान की मजबूत नींव पर खड़ा है और बाबा साहब इस ग्रंथ के शिल्पकार थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब से ‘जय भीम पदयात्रा’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री युवाओं के साथ हुए पदयात्रा में शामिल मुख्यमंत्री स्वयं इस पदयात्रा में युवाओं के साथ शामिल हुए और पदयात्रा के अंतिम पड़ाव में अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान की मूल भावना के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रिएम्बल वाल पर अपने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि ‘जय भीम पदयात्रा’ का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केंद्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। बाबा साहब की दूरदर्शिता को बताया लोकतंत्र की नींव मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊ में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र को एक समावेशी और शक्तिशाली संविधान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। साथ ही संविधान दिवस की घोषणा कर देशवासियों को संविधान के प्रति समर्पण का संदेश दिया है। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण श्री साय ने कहा कि बाबा साहब की दूरदर्शिता की वजह से आज भारत जैसा विशाल देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार समृद्ध कर रहा है, वहीं भारत के साथ आज़ाद हुए अन्य देश लोकतंत्र को साथ लेकर नहीं चल पाए। उन्होंने युवाओं से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उनके अगुवाई में ही देश के संविधान का निर्माण किया गया। उनके आदर्शों एवं बताए गए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। युवाओं को किया गया सम्मानित इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले युवाओं को मुख्य मंच से सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक  खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में युवा, स्कूली बच्चे और आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले – रायपुर एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा, किसानों को मिलेगा फायदा

रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद की किसानों एवं कृषि के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत तभी लहलहाते हैं जब बीज अच्छा होता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड की जिम्मेदारी है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आज पदभार ग्रहण कर रहे दोनों अध्यक्ष स्वयं किसान हैं। वे किसानों की कठिनाइयों को अच्छे से समझते हैं। निश्चित रूप से दोनों अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के दुःख-दर्द को समझती है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कृषि और किसानों की उन्नति के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना का प्रारंभ किया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा प्रारंभ की गई। रायपुर एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा जल्द शुरू होगी। इससे किसानों की उपजों को अंतरराष्ट्रीय मार्केट मिलेगा और उन्हें फायदा होगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के अन्नदाता किसान भाई-बहनों से  मिलेट्स, मक्का और ऐसी फसलों के उत्पादन का आग्रह किया, जिनमें पानी की खपत कम होती है। उन्होंने कहा कि हमें ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर सुजला योजना पुनः प्रारंभ की जाएगी, जिसमें किसानों को अनुदान पर सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आय बढ़ाने के लिए किसानों से खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से कहा कि आवास प्लस-प्लस योजना का सर्वे हो रहा है, इस सर्वे में हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि आवास योजना की पात्रता में वृद्धि की गई है। अब जिनके पास 5 एकड़ असिंचित भूमि, ढाई एकड़ सिंचित भूमि है, मोटरसाइकिल है, साथ ही 15 हजार मासिक आय वाले भी प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में गरीबों को 18 लाख प्रधानमंत्री आवास से वंचित होना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। पिछले 14 माह की अवधि में हमें केंद्र से 14 लाख आवास की राशि मिल गई है। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही साढ़े तीन लाख आवास की राशि और देने जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद एवं छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम का किसानों के बेहतर नवाचार एवं नवीन योजनाएं बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी सरकार ने ऐसे जमीनी स्तर से दो बेहद अनुभवी, कुशल संगठक, किसान पुत्र को इसकी जिम्मेदारी दी है। निश्चित ही इसका लाभ प्रदेश के किसान भाइयों को मिलेगा। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज भगवान हनुमान की जयंती है। हनुमान जी शक्ति, सामर्थ्य, सेवा एवं समर्पण के प्रतीक हैं। इन्हीं के आशीर्वाद से हमारी सरकार किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद एवं छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम का महत्वपूर्ण योगदान कृषि क्षेत्र में है। किसानों को उचित समय सीमा में गुणवत्ता पूर्ण बीज उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही कृषि मं् उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने की भी जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है, चाहे 31 सौ प्रति क्विंटल में धान खरीदी हो या वनोपज की खरीदी में। इसका ही परिणाम है कि प्रदेश में धान उत्पादन से लेकर अन्य फसल, साग-सब्जियों में कृषि रकबा बढ़ा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी को नवीन जिम्मेदारी के लिए बधाई दी गई। इस अवसर पर सांसद रायपुर  बृजमोहन अग्रवाल, राजनांदगांव संतोष पांडेय, महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक रायपुर ग्रामीण मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, बसना संपत अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।  

राजस्थान रॉयल्स और आरसीबी के बीच होगा घमाशान, दोनों ही टीमें जीत के इरादे से उतरेंगी

जयपुर राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी के बीच रविवार को पिंक सिटी जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के इस लीग मैच में दोनों ही टीमें जीत की राह पर लौटने के इरादे से उतरेंगी, क्योंकि पिछले मैचों में दोनों रॉयल टीमों को हार मिली है। इस मैच में सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और विराट कोहली के सामने तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर कड़ी चुनौती पेश करेंगे। ये मैचअप देखने लायक होगा। फैंस भी इस टक्कर के लिए बेताब होंगे। आरसीबी पांच मैचों में तीन जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है, जबकि राजस्थान इतने ही मैचों में दो जीत के साथ सातवें पायदान पर है। आईपीएल के इस सत्र के शुरुआती मैच में इस लीग में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बने आर्चर ने लय में वापसी कर ली है। उनकी तेज रफ्तार गेंदें पिछले दो मैचों से कहर बरपा रहीं हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने 25 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें शानदार लय में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर को 148.6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद पर बोल्ड करना शामिल है। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 152.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाली थी, जबकि 147.7 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार वाली इनस्विंगर पर गुजरात के कप्तान शुभमन गिल को चकमा देकर पवेलियन भेजने में सफल रहे थे। आर्चर के सामने रविवार को कोहली (186 रन) और इंग्लैंड टीम के साथी खिलाड़ी सॉल्ट (143) की आक्रामक जोड़ी को रोकने की चुनौती होगी। यह जोड़ी कुछ ही ओवरों में मैच को प्रतिद्वंद्वी टीम की पकड़ से दूर करने की क्षमता रखती है। आर्चर के अलावा राजस्थान के लिए गेंदबाजी में सिर्फ संदीप शर्मा ही प्रभावित कर सके हैं। आरसीबी के बल्लेबाज टीम की इस खामी का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। ऐसे में टीम को श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा और महीश तीक्षणा की स्पिन जोड़ी से बीच के ओवरों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कोहली ने अब तक दो अर्धशतक लगाये हैं, लेकिन सॉल्ट के पास बेहद आक्रामक रवैये के साथ बल्लेबाजी करने की क्षमता है। देवदत्त पडिक्कल भी बड़ी पारी खेलने के लिए बेताब होंगे। वहीं, कप्तान रजत पाटीदार अपनी शानदार लय को जारी रखना चाहेंगे। टिम डेविड और लियाम लिविंगस्टोन के पास किसी भी गेंदबाजी के खिलाफ तेजी से रन बनाने की क्षमता टीम की बल्लेबाजी को काफी मजबूत बनाती है। अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में लगी इस टीम के पास जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं, लेकिन स्पिन गेंदबाजों को थोड़ा और निरंतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। राजस्थान रॉयल्स की टीम को इस मैच में अपने बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीम गुजरात टाइटंस के खिलाफ 159 रन पर आउट हो गयी थी। उनके पास शीर्ष क्रम में संजू सैमसन, रियान पराग, यशस्वी जायसवाल और नितीश राणा के साथ आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। इसके साथ ही निचले क्रम में ध्रुव जुरेल और शिमरोन हेटमायर की विस्फोटक जोड़ी मौजूद है। ये मुकाबला सुपर संडे का दिन का पहला मैच होगा, जो दोपहर को साढ़े 3 बजे से खेला जाएगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल, सुयश शर्मा, रसिख डार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, अभिनंदन सिंह, रोमारियो शेफर्ड, लुंगी एनगिडी, नुवान तुषारा, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा। राजस्थान रॉयल्स: संजू सैमसन (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, शुभम दुबे, नितीश राणा, रियान पराग, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, जोफ्रा आर्चर, महीश तीक्षाना, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, फजल हक फारूकी, कुणाल सिंह राठौड़, आकाश मधवाल, कुमार कार्तिकेय, क्वेन मफाका, वानिंदु हसरंगा, युद्धवीर सिंह चरक, अशोक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.3 बिलियन डॉलर पर पहुंचा, जानें गोल्ड रिजर्व का क्या है हाल

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में 10.8 बिलियन डॉलर बढ़कर 676.3 बिलियन डॉलर हो गया है। यह लगातार पांचवां सप्ताह है जब देश के फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 9 बिलियन डॉलर की बढ़त रही, जो अब 574.08 बिलियन डॉलर हो गई हैं। इसके अलावा भारत का गोल्ड रिजर्व (सोने का भंडार) भी 1.5 बिलियन डॉलर बढ़कर 79.36 बिलियन डॉलर हो गया। इसी तरह, विशेष आहरण अधिकार (SDR) भी 186 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.36 बिलियन डॉलर तक पहुंच गए। आरबीआई के अनुसार, पिछले हफ्तों में विदेशी मुद्रा बाजार में उनके हस्तक्षेप और मुद्रा के दोबारा मूल्यांकन (Revaluation) से फॉरेक्स रिजर्व में सुधार आया है। सितंबर 2024 में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 704.88 बिलियन डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था। मजबूत फॉरेक्स रिजर्व से भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिर रखने में मदद मिलती है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। अगर फॉरेक्स रिजर्व ज्यादा होता है, तो जरूरत पड़ने पर RBI डॉलर बेचकर रुपये को गिरने से बचा सकता है। वहीं, वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2025 में भारत का व्यापार घाटा घटकर 14.05 बिलियन डॉलर रह गया, जो पिछले तीन सालों में सबसे कम है। इसका कारण है कि इस दौरान भारत का निर्यात लगभग स्थिर रहा और आयात में गिरावट आई। यह दिखाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। टैरिफ वॉर के बीच बढ़ा फॉरेक्स रिजर्व हफ्तेभर में 10.9 डॉलर की यह वृद्धि एक ऐसे समय में हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए टैरिफ के प्रति करेंसी मार्केट की प्रतिक्रियाओं के मद्देनजर वैश्विक स्तर पर डॉलर में भारी गिरावट आई है. बीते दिन यह यूरो के मुकाबले यह तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया. डॉलर खरीदने के साथ-साथ आरबीआई के रखे गए गैर-डॉलर परिसंपत्तियों का वैल्यूएशन बढ़ने के चलते भी देश का फॉरेक्स रिजर्व बढ़ा है. विदेशी मुद्रा संपत्तियाें में भी हुई वृद्धि विदेशी मुद्रा संपत्तियां (Foreign Currency Assets) भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. रिजर्व बैंक की डेटा के मुताबिक, 4 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते में FCA 9.1 अरब डॉलर बढ़कर 574.09 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इसमें विदेशी मुद्रा भंडार में रखी गई यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी  फॉरेन करेंसी के मूल्य में घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है. भारत का गोल्ड रिजर्व भी बढ़ा आरबीआई की दी जानकारी के मुताबिक, सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार भी 1.567 मिलियन डॉलर बढ़कर 79.36 बिलियन डॉलर हो गया है. विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 186 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.362 बिलियन डॉलर हुआ. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में देश का आरक्षित विदेशी मुद्रा भंडार 4.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.46 अरब डॉलर हो गया. पाकिस्तान के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में भी आई तेजी दुनिया में ट्रंप के टैरिफ वॉर से मची उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में भी तेजी आई है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का उछाल आया है. इसी के साथ पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 15.75 अरब डॉलर हो गया है.  

अयोध्या में राम दरबार 6 जून से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा, राम, सीता और अन्य देवताओं की प्रतिमाएं 23 मई को स्थापित होंगी

अयोध्या श्रीराममंदिर के निर्माण कार्य में तेजी देखने को मिल रही है। योगी सरकार की निगरानी में यह ऐतिहासिक राम मंदिर निर्माण कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में राममंदिर में रामलला के अलावा 18 और मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा जून में होगी। ये मूर्तियां राजस्थान के जयपुर में बनाई जा रही हैं। ये मूर्तियां 15 अप्रैल के बाद अयोध्या पहुंच जाएंगी। इसके बाद 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के मौके पर सिंहासन पर मूर्तियों को रखा जाएगा। फिर जून में प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार और परकोटा में छह मंदिरों की स्थापना होगी। इनमें सूर्य, भगवती, अन्नपूर्णा, शिवलिंग, गणपति और हनुमान जी की मूर्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, शेषावतार मंदिर में लक्ष्मण जी की मूर्ति स्थापित की जाएगी। सप्त मंडप में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य मुनि, निषाद राज, शबरी और अहिल्या की मूर्तियां स्थापित होंगी। ये सभी प्रतिमाएं सफेद मकराना मार्बल से तैयार की गई हैं, जिनका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मूर्तियों के श्रृंगार, वस्त्र और आभूषणों की तैयारी भी जोरों पर है। चंपत राय ने बताया कि तुलसीदास की मूर्ति पहले ही स्थापित की जा चुकी है और यात्री सुविधा केंद्र के मंडप में श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर राम दरबार को प्रथम मंजिल के गर्भगृह में स्थापित कर दिया जाएगा। जून में ट्रस्ट के सभी सदस्यों की उपस्थिति में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित होगा, जिसमें जलवास, अन्नवास, औषधिवास और शैय्यावास जैसे अनुष्ठान शामिल होंगे। शेषावतार मंदिर का कार्य बाद में शुरू होगा, जिसके लिए अंदर के टावर क्रेन से हटाए जाएंगे। मिश्र ने बताया, ‘रामलला की प्राण प्रतिष्ठा इस मंदिर के भूतल पर 2024 में हो चुकी है। अब राजा राम को प्रथम तल पर राम दरबार में विराजमान करने की बारी है। अनुमान है कि भगवान राम, उनके भाइयों और माता सीता की प्रतिमाएं अयोध्या पहुंचेंगी और 23 मई को मंदिर के प्रथम तल पर इन्हें स्थापित किया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘जब भगवान राम की प्रतिमा उनके दरबार में स्थापित होगी तो स्वभाविक है कि एक धार्मिक समारोह के बाद ही यह होगा। यहां पूजा होगी, लेकिन इसे प्राण प्रतिष्ठा कहना ठीक नहीं होगा क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा पहले ही हो चुकी है। हां, राम दरबार को आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने से पूर्व अलग-अलग तरह की पूजा होगी। यह पूजा 5 जून को संपन्न होगी।’ 23 मई को होगी प्रतिमा स्थापित मिश्र ने कहा कि 23 मई और 5 जून की तिथियों का अपना ज्योतिषीय योग है। इसलिए 23 मई को स्थापना करने और 5 जून को पूजा संपन्न होने के बाद राम दरबार को आम लोगों के लिए खोलने का फैसला किया गया है। करीब पांच फुट की राम की प्रतिमा जयपुर में सफेद संगमरमर से तैयार की गई है और इसे राम दरबार में स्थापित किया जाएगा। यहां सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की भी प्रतिमाएं होंगी। यह पूछने पर क्या पूरा मंदिर 5 जून तक तैयार हो जाएगा और 6 जून से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा, मिश्र ने कहा, ‘हां, यह हो जाएगा क्योंकि दूसरा फ्लोर भी उसी दिन तैयार हो जाएगा। मुख्य मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा, लेकिन परिसर की दीवार का निर्माण पूरा होने में कुछ और माह लगेंगे। हालांकि, 6 जून तक राम मंदिर के बाहर महर्षि वाल्मिकी मंदिर जैसे अन्य सात मंदिरों का निर्माण पूरा हो जाएगा।’ राय ने कहा, ‘जून में कोई पावन तिथि तय करके सभी विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा होगी।’ राय ने बालक राम लला के सूर्य तिलक की व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य तिलक की परिकल्पना पीएम नरेंद्र मोदी की थी। ‘सभी मूर्तियां लगभग तैयार हैं’ राय ने कहा, ‘सभी मूर्तियां लगभग तैयार हैं। वस्त्र और आभूषण तैयार कराए जा रहे हैं। 15 अप्रैल के बाद मूर्तियों को लाने का क्रम शुरू हो जाएगा। सफेद मकराना पत्थर की मूर्तियां भारी हैं, इसलिए उन्हें लाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘इसमें संत तुलसीदास की मूर्ति स्थापित हो चुकी है। कुल 18 मूर्तियां जयपुर से आनी हैं। सप्तमंडप की महर्षि बाल्मीकि, गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी, अहिल्या आदि की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं।’ उन्होंने बताया कि अप्रैल तक टावर क्रेन हट जाएगी तब उत्तर, दक्षिण में अधूरे छोड़े गए परकोटे का निर्माण होगा। इसके बाद परकोटा के उत्तर और दक्षिण हिस्से का निर्माण शुरू होगा। राम मंदिर का निर्माण कार्य अक्तूबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। चंपत राय ने बताया कि शिखर का पूजन हो चुका है और भुज दंड सहित अन्य हिस्सों की स्थापना क्रमिक रूप से की जाएगी। योगी सरकार की सक्रिय भागीदारी से यह परियोजना न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से भी अयोध्या को नई पहचान दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि यह मंदिर संपूर्ण भारत के लिए एकता और श्रद्धा का प्रतीक बने। जन्मभूमि में तांबे की गिलहरी स्थापित होगी राम जन्मभूमि में तांबे की गिलहरी की बड़ी मूर्ति रखी जाएगी। इसे ऐसी जगह रखा जाएगा, जिससे सभी की नजर पड़े। बता दें कि भगवान राम ने लंका तक पहुंचने के लिए रामसेतु का निर्माण शुरू किया, तब गिलहरी ने भी इसमें मदद करने की कोशिश की थी। वह रेत और मिट्टी के छोटे-छोटे ढेले उठाकर पुल में जोडऩे की कोशिश करती थी। भारत की आध्यात्मिक एकता दर्शाएंगे द्वार मंदिर में चार द्वार बनाए जा रहे हैं। उत्तरी दिशा का द्वार, क्रॉसिंग 11 का द्वार, क्रॉसिंग 3 का द्वार और राम जन्मभूमि का मुख्य प्रवेश द्वार। इन द्वारों के नाम रामानुज, शंकराचार्य, माधवाचार्य और रामानंदाचार्य की परंपराओं के आधार पर रखे जाएंगे, जो भारत की आध्यात्मिक एकता को दर्शाएंगे।

नए फाइनेंसियल ईयर में ‘कैश लिक्विडिटी मैनेटमेंट’ के कारण अटक गई लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त, आया अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना के तहत मिलने वाला पैसा इस महीने अभी तक नहीं आया है। आमतौर पर यह पैसा हर महीने की 10 तारीख को महिलाओं के खाते में जमा हो जाता है। हालांकि इस बार देरी हो रही है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि नए फाइनेंसियल ईयर में ‘कैश लिक्विडिटी मैनेटमेंट’ के कारण ऐसा हुआ है। उम्मीद है कि 13 अप्रैल के आसपास 1.2 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में 1,250 रुपये जमा कर दिए जाएंगे। केंद्र सरकार से मिलता है यह पैसा राज्य सरकार को यह पैसा केंद्र सरकार से मिलता है। सूत्रों के अनुसार, लाडली बहना योजना का पैसा तभी दिया जाएगा जब केंद्र से पैसा आएगा। इस योजना के लिए वित्त विभाग ही पैसा जारी करता है। क्या है लाडली बहना योजना लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश की एक बड़ी योजना है। इसमें महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये मिलते हैं। यह योजना पिछली सरकार, यानी शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 2023 में शुरू की थी। यह योजना चुनाव जीतने में काफी मददगार साबित हुई थी लेकिन इस योजना से मध्य प्रदेश सरकार पर हर महीने 1500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है। क्यों हो रही इस बार देरी इस बार लाडली बहना योजना के पैसे में देरी क्यों हो रही है, इस बारे में कोई भी खुलकर बात नहीं कर रहा है। वित्त विभाग के अधिकारी और महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग के अधिकारी भी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। ज्यादातर वित्त अधिकारियों का यही कहना है कि ‘कोई जानकारी नहीं।’ कुछ दिनों में जारी हो जाएगा पैसा सूत्रों का कहना है कि डब्ल्यूसीडी विभाग ने बड़े अधिकारियों को वित्त विभाग के ‘फंड प्रबंधन’ के बारे में बता दिया है। कुछ वित्त अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इस योजना के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस महीने पैसा जरूर जारी कर दिया जाएगा, भले ही कुछ दिन की देरी हो जाए। उन्होंने कहा, ‘इस योजना के लिए कोई फंड संकट नहीं है और इस महीने पैसा जारी कर दिया जाएगा, हालांकि कुछ दिन बाद।’

गृहमंत्री अमित शाह आज 13 अप्रैल को भोपाल आएंगे, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। पीएम मोदी के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अमित शाह दुग्ध उत्पादकों के लिए आयोजित गोपाल सम्मेलन में शामिल होंगे। राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कार्यक्रम भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित किया जाएगा। सोसायटी को देंगे सौगात, सहकारिता के क्षेत्र में विकास की बात मध्यप्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन से संबंद्व बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, गोगावां जिसका पंजीयन कमांक-112 दिनांक 08 अप्रैल 1963 है। खरगोन सनावद मुख्य मार्ग पर 13800 वर्गफीट में ग्राम गोगावां में संस्था का मुख्यालय संचालित है। संस्था द्वारा वाणिज्यिक दृष्टि से सुपर मार्केट स्थापित करने की योजना बनायी गयी है। इस योजना के अन्तर्गत संस्था द्वारा 120 लाख रुपये की लागत से सुपर मार्केट का निर्माण किया जाना है। गोगांवा सुपर मार्केट बनाने वाली प्रदेश की पहली सोसायटी होगी। इस तरह की सुविधाएं प्रदेश की अन्य सोसायटियों में उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बैंक प्रबंध संचालक पीएस धनवाल द्वारा बताया गया कि, अंतराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अन्तर्गत 13 अप्रैल को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 120 लाख रुपये का स्वीकृति आदेश गोगांवा संस्था को प्रदान करेंगे। 11625 वर्ग फीट के भु-खण्ड पर 12675 वर्ग फीट सुपर बिल्टप क्षैत्र में सुपर मार्केट का भुतल एंव प्रथम मंजिल पर निर्माण होगा। संस्था गोगांव, विकासखण्ड एवं तहसील मुख्यालय गोगांवा पर स्थित है, जहा कि जनसंख्या 20 हजार से अधिक है। संस्था के कार्य क्षेत्र में 09 गांव है। जिनमें कुल 04 हजार संस्था के सदस्य है। जिनमें से 1900 ऋणी सदस्य एवं 2100 अऋणी सदस्य है। इस प्रकार कुल 24 हजार सदस्य है जो सुपर मार्केट के संभावित ग्राहक है। संस्था निरन्तर अ वर्ग में वर्गीकृत होकर 183.48 लाख के लाभ में है। संस्था मुख्यालय पर संस्था द्वारा बचत काउण्टर संचालित है। जहां प्रतिदिन 150 से 200 ग्राहक अपना लेन-देन करने के लिए आते है। सुपर मार्केट में किसानों के उपयोग में आने वाली सामग्रियों यथा खाद, बीज, दवाई, मशिनरी आदि का विक्रय किया जाएगा तथा संस्था द्वारा सुपर मार्केट में जन औषधि केन्द्र एवं कृषक सुविधा केन्द्र का संचालन भी किया जाएगा। साथ ही सुपर मार्केट में 20 दुकानों का निर्माण किया जाकर उनको इलेक्ट्रीक सामान, कपडा मार्केट, किराना स्टोर्स, जनरल स्टोर्स, मेडिकल स्टोर्स आदि का व्यापार के लिए किराये से दिया जावेगा। संस्था द्वारा सुपर मार्केट आकार लेने पर संस्था को प्रतिवर्ष 20 लाख की अतिरिक्त आय होना संभावित है। जिले में एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए मप्र शासन आनंद विभाग के निदेशक प्रवीण कुमार गंगराड़े द्वारा 11 अप्रैल को पुराने कलेक्ट्रेट कार्यालय में 11 अप्रैल को आनंद विभाग से जुड़े आनंद क्लब सदस्यों, आनंदम सहयोगी एवं आनंदको की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान गंगराड़े ने कहा कि, खरगोन जिले में आनंद विभाग की गतिविधियां बेहतर है लेकिन और कोशिश करें कि स्वयं भी आनंदित हो दूसरों को भी आनंद संस्थान से जोड़े। गांव स्तर पर आनंद अल्पविराम गतिविधियों को बढ़ाने में आप जैसे सक्रिय हेप्पीनेस वालिंटियर की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए।  बदले रहेंगे रास्ते; कहीं भी जाने से पहले देखें पुलिस का ट्रैफिक प्लान अमित शाह रविंद्र भवन में होने वाले सहकारिता सम्मेलन में शामिल होंगे। शाह की सुरक्षा में 900 जवान तैनात रहेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस ने गृह मंत्री की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्ट किया है। राजाभोज एयरपोर्ट से रविंद्र भवन तक शहर की कई प्रमुख सड़कों पर रविवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहेगा। कहीं भी जाने से पहले पुलिस का डायवर्ट ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें…। बाइक और कार वाले यहां से नहीं जा पाएंगे रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और गांधीपार्क तिराहा तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। दोपहिया और चारपहिया वाहन (जीप/कार) रोशनपुरा चौराहा, कंट्रोल रूम, लिली चौराहा से भारत टॉकीज की ओर जा सकेंगे। इन रास्तों पर आवागमन प्रतिबंधित रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और पॉलिटेक्निक चौराहा से गांधीपार्क तिराहा तक मालवाहक और व्यवसायिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़ तिराहा, नाथू बरखेड़ा रोड, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा और मुबारकपुर चौराहा होकर आ-जा सकेंगे। हलालपुर तक जाएंगी बसें हलालपुर बस स्टैंड से लालघाटी तरफ जाना प्रतिबंधित रहेगा। इंदौर, उज्जैन की ओर से आने-जाने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड पर रोकी जाएंगी। राजगढ़-ब्यावरा से आने वाली बसें मुबारकपुर बायपास तिराहा, खजूरी बायपास तिराहा, बैरागढ़ मार्ग से होकर हलालपुर बस स्टैंड तक जा सकेंगी। सीहोर और इंदौर जाने वाला रास्ता भोपाल से सीहोर और इंदौर की तरफ जाने के लिए भारतमाता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़, राती बड़, झागरिया का रास्ता चुनना पड़ेगा। प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरी, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करौंद चौराहा, नई जेल से  गांधीनगर तिराहा होते हुए शहर से सीहोर-इंदौर, राजगढ़-ब्यावरा, राजा भोज एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे।   

एमपी में वक्फ की 15000 से अधिक संपत्तियां, 2000 संपत्तियों पर अवैध कब्जा, अब होगी कार्रवाई

भोपाल  वक्फ संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष संवर पटेल ने बोर्ड की भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग 2000 लोगों की पहचान की है, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। इन सभी को जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस में उनसे संपत्ति खाली करने या कानूनी किराएदार बनने के लिए कहा जाएगा। ऐसा न करने पर नए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस नेताओं पर लगाया कब्जे का आरोप पटेल ने कांग्रेस के नेताओं पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता स्वदेश शर्मा ने वक्फ संशोधन अधिनियम को विभाजन की राजनीति करने का एजेंडा बताया है। मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले कई लोगों ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अधिनियम को वापस लेने की मांग की। सख्त कार्रवाई की तैयारी मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अब वक्फ संपत्तियों को लेकर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। बोर्ड के अध्यक्ष संवर पटेल ने बताया कि राज्य में 15,008 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से ज्यादातर पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। हमने काम शुरू कर दिया उन्होंने कहा कि अब कानून आ गया है, तो काम भी होगा। हमने कमर कस ली है, और राज्य बोर्ड ने इस पर काम शुरू कर दिया है। राज्य में 15,008 वक्फ संपत्तियों में से ज्यादातर पर कब्जा है। हमने 2000 लोगों की पहचान की है और उन्हें जल्द ही नोटिस भेजने जा रहे हैं। हम उन्हें नोटिस में संपत्ति खाली करने या कानूनी किरायेदार बनने के लिए कहेंगे। यदि कोई दोनों विकल्पों पर कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो नए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। खुद को बचाने के लिए कर रहे प्रदर्शन पटेल ने यह भी कहा कि बोर्ड सरकार और प्रशासन से कब्जे हटाने में मदद मांगेगा। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता विरोध प्रदर्शन इसलिए कर रहे हैं ताकि वे खुद को बचा सकें। इसके साथ ही पटेल ने कहा कि जहां तक वक्फ संपत्तियों पर कब्जे की बात है, तो ज्यादातर लोग जो इस पर कब्जा किए हुए हैं, वे कांग्रेस से है।. यहां तक कि उनके (कांग्रेस) राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भी वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है। एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी पर भी कब्जा करने का आरोप है। कई कांग्रेस नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है। वे (कांग्रेस) खुद को बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हमने जो आर.आर.सी. जारी किए हैं, उनमें से सबसे बड़ा आर.आर.सी. रियाज खान के खिलाफ 7.11 करोड़ रुपये का है, और वह एक कांग्रेस नेता हैं। पटेल ने कहा कि इसी तरह, जब 2000 लोगों की सूची आएगी, तो आप देखेंगे कि उनमें से ज्यादातर कांग्रेस के नेता होंगे। विभाजन की राजनीति कांग्रेस नेता स्वदेश शर्मा ने वक्फ संशोधन अधिनियम को विभाजन की राजनीति करने का एजेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस कानून के जरिए वक्फ की जमीनों को अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को देना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने ‘अबकी बार, 400 पार’ का नारा दिया था और इसके पीछे केवल एक ही मकसद था कि जिस तरह से हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और सरकारी संगठन अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को बेचे गए, उसी तरह जमीन के लिए एक कानून लाया जाए जो वक्फ या अन्य को दान कर दी गई थी, जिसका उद्देश्य उन जमीनों को अपने उद्योगपति दोस्तों को प्रदान करना था। ये जमीनें (वक्फ संपत्तियां) वे जमीनें हैं जो लोगों द्वारा दान की गई थीं, और सरकार को उन्हें किसी को भी देने का अधिकार नहीं है। मुस्लिमों ने किया प्रदर्शन इसके अलावा, मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ राज्य की राजधानी में इकबाल मैदान के पास विरोध प्रदर्शन किया और अधिनियम को वापस लेने की मांग की। गौरतलब है कि वक्फ संशोधन अधिनियम, 2013 में पारित किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण को बेहतर बनाना है। अधिनियम वक्फ बोर्ड को वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे को हटाने और इन संपत्तियों का उपयोग मुस्लिम समुदाय के लाभ के लिए करने के लिए अधिक अधिकार देता है।

हमें दूसरों की पूजा के तरीकों से कोई विरोध नहीं है, जब तक कि यह इस देश की संस्कृति के खिलाफ न हो- दत्तात्रेय होसबाले

नई दिल्ली  भारत में नए मंदिर-मस्जिद विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसा कोई सप्ताह नहीं जाता जब किसी नए शहर में मंदिर के नीचे मस्जिद होने का दावा सामने न आए और तनाव बढ़ जाए। हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी इससे चिंतित दिखाई दे रहा है। RSS ने पहले अयोध्या, मथुरा और काशी जैसे बड़े मंदिर-मस्जिद विवादों में ही हिंदू पक्ष के दावों का समर्थन किया था। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कई बार मस्जिदों के नीचे मंदिरों की खोज को रोकने की अपील की है। अब संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भी इसी तरह की चिंता जताई है। होसबाले ने पूछा है कि अगर हम 30,000 मस्जिदों को खोदना शुरू कर दें, यह दावा करते हुए कि वे मंदिरों को तोड़कर बनाई गई हैं, तो भारत किस दिशा में जाएगा? उन्होंने RSS की कन्नड़ साप्ताहिक पत्रिका ‘विक्रमा’ को दिए एक इंटरव्यू में पूछा, ‘क्या इससे समाज में और अधिक शत्रुता और नाराजगी नहीं पैदा होगी? क्या हमें एक समाज के रूप में आगे बढ़ना चाहिए या अतीत में फंसे रहना चाहिए? कथित तौर पर नष्ट किए गए मंदिरों को पुनः प्राप्त करने के लिए हमें इतिहास में कितना पीछे जाना चाहिए?’ राम मंदिर आंदोलन पर भी बोले होसबाले RSS के शताब्दी वर्ष के मौके पर हुए इस इंटरव्यू में होसबाले ने कई विषयों पर संगठन के विचार स्पष्ट किए। इनमें से कई विचार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ से जुड़े अन्य संगठनों के विचारों से मेल नहीं खाते हैं। मस्जिदों के नीचे मंदिरों की खोज पर होसबाले ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन RSS ने शुरू नहीं किया था। RSS के स्वयंसेवक सांस्कृतिक महत्व के कारण इस आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, ‘उस समय, विश्व हिंदू परिषद और धार्मिक नेताओं ने तीन मंदिरों का उल्लेख किया था। अगर कुछ RSS स्वयंसेवक इन तीन मंदिरों को फिर से प्राप्त करने के प्रयासों में शामिल होना चाहते थे, तो RSS ने इसका विरोध नहीं किया। लेकिन अब स्थिति बहुत अलग है।’ संघ को भी सता रही दुश्मनी और नफरत की चिंता उन्होंने पूछा, ‘देश में 30,000 मस्जिदों के नीचे मंदिरों के दावे हैं। अगर हम इतिहास को पलटने के लिए उन सभी को खोदना शुरू कर दें, तो क्या इससे समाज में और अधिक दुश्मनी और नफरत नहीं पैदा होगी?’ होसबाले ने कहा कि मस्जिदों के नीचे मंदिरों की खोज करने से हम अस्पृश्यता को खत्म करने, युवाओं में जीवन मूल्यों को स्थापित करने, संस्कृति की रक्षा करने और भाषाओं को संरक्षित करने जैसे अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने से वंचित रह जाएंगे। ‘हिंदू धर्म की जड़ों को जगाने से दूर होगी चिंता’ उन्होंने कहा, ‘जब मंदिरों की बात आती है, तो क्या किसी इमारत में जो अब एक मस्जिद है, कोई दिव्यता है? क्या हमें इमारत में हिंदू धर्म की तलाश करनी चाहिए, या हमें उन लोगों में हिंदू धर्म को जगाना चाहिए जो खुद को हिंदू नहीं मानते हैं? इमारतों में हिंदू धर्म के अवशेषों की खोज करने के बजाय, अगर हम समाज में हिंदू धर्म की जड़ों को जगाते हैं, तो मस्जिद का मुद्दा अपने आप हल हो जाएगा।’ भारतीय मुसलमानों के लिए संघ का संदेश होसबाले ने दावा किया कि भारत में लोग एक ही नस्ल के हैं और हिंदू धर्म अनिवार्य रूप से मानवतावाद है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय मुसलमानों ने अपनी धार्मिक प्रथाओं को बदल दिया होगा, लेकिन उन्हें अपनी राष्ट्रीय और सांस्कृतिक जड़ों को नहीं छोड़ना चाहिए। यह RSS का रुख है।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि मुसलमानों या ईसाइयों को हिंदू होने के लिए अपना धर्म छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें दूसरों की पूजा के तरीकों से कोई विरोध नहीं है, जब तक कि यह इस देश की संस्कृति के खिलाफ न हो।’ होसबाले ने कहा कि RSS ने हमेशा शिक्षा के माध्यम के रूप में अपनी मातृभाषा को बढ़ावा दिया है। ‘हम मानते हैं कि बच्चों के लिए सीखना आसान और अधिक स्वाभाविक है जब उन्हें उनकी मातृभाषा में पढ़ाया जा रहा हो।’ उन्होंने कहा कि शिक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने को न केवल एक व्यक्तिगत स्वतंत्रता के रूप में देखा जाना चाहिए, बल्कि संस्कृतियों को संरक्षित करने के साधन के रूप में भी देखा जाना चाहिए। ‘अंग्रेजी के प्रति आकर्षण समझ में आता है। लेकिन हमें एक स्थायी समाधान की आवश्यकता है।’ भाषा विवाद पर भी बोले संघ के नेता होसबाले ने ऐसी आर्थिक योजनाएं बनाने का भी आह्वान किया जो क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षित लोगों के लिए नौकरियां प्रदान करें। उन्होंने कहा, ‘बुजुर्गों, न्यायाधीशों, शिक्षा विशेषज्ञों, लेखकों, राजनेताओं और धार्मिक नेताओं को इस पर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। तीन-भाषा फॉर्मूले का उचित कार्यान्वयन 95% समस्या का समाधान कर सकता है। समस्याएं तब पैदा होती हैं जब भाषा का राजनीतिकरण किया जाता है। हमारे देश ने हजारों वर्षों से भाषाई विविधता के भीतर एकता बनाए रखी है।’ सियासी दलों को लेकर संघ के नेता ने कही बड़ी बात होसबाले ने कहा कि यह गलत है कि किसी विशेष राजनीतिक समूह से संबंधित लोगों को देशभक्त के रूप में पहचाना जाए और दूसरों को गद्दार कहा जाए। ‘देशभक्ति और राष्ट्रवाद सामान्य लक्षण हैं।’ उन्होंने कहा, ‘देश में कई राजनीतिक दलों का अस्तित्व इसकी एकता में बाधा नहीं है। हालांकि, राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से, हम सभी को कुछ सार्वभौमिक सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।’ होसबाले से पूछा गया कि क्या RSS का केवल एक राजनीतिक दल का समर्थन करना एक समस्या है। उन्होंने कहा कि यह मानना गलत है कि RSS केवल एक राजनीतिक दल का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, ‘स्वयंसेवक किसी भी सामाजिक या राजनीतिक व्यवस्था में काम करने के लिए स्वतंत्र हैं। स्वयंसेवक स्वाभाविक रूप से उन दलों के साथ जुड़ते हैं जिनके RSS के साथ संबंध हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘अन्य दलों को स्वयंसेवकों को RSS और उनकी पार्टी दोनों का हिस्सा बनने की अनुमति देनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि RSS के स्वयंसेवकों के अल्पसंख्यकों, जाति, एकता, धर्मांतरण और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों पर कुछ विश्वास हैं, जो उनके लिए ऐसी पार्टी में काम करना मुश्किल बना देंगे जो इन सिद्धांतों के खिलाफ है। ‘जबकि कई राजनीतिक दलों ने खुले तौर पर RSS … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए गौ-शालाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-शालाओं के माध्यम से गौ-सेवा की नई इबारत लिखी जाएगी और प्रदेश में नई दुग्ध क्रांति लाई जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी वृद्धि की जाएगी। हमारा प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। इस दिशा में हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर जिले के महू-मण्डलेश्वर मार्ग पर स्थित आशापुरा में प्रदेश में हाईटेक कामधेनु गौ-शाला के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस गौ-शाला में 10 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था रहेगी। यह गौ-शाला लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस गौ-शाला का निर्माण इंदौर नगर निगम द्वारा किया जायेगा। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी नगर निगम ही संभालेंगी। गौ-शाला के संचालन में संत समाज का सहयोग भी लिया जायेगा। गौ-शाला के संचालन में समाजसेवी नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा के कार्यों में जुड़ सकेंगे। गायों के पालन और संरक्षण के लिये सभी जरूरी सुविधाएं गौ-शाला में रहेंगी। गौ-शाला क्षेत्र में सघन पौध-रोपण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, राज्यसभा सदस्य सुश्री कविता पाटीदार, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री निरंजन सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। दुग्ध उत्पादकों को मिलें बेहतर दाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा संकल्पबद्ध होकर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के भी निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही हमारे प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। अभी देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की समस्याओं का समाधान गौ-शालाओं के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश के सभी बड़े नगरों में हजारों गौ-वंश क्षमता की गौ-शालाएँ स्थापित कर उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में भी अब 10 हजार गौ-वंश क्षमता की अत्याधनिक सुविधाओं से युक्त गौ-शाला बनायी जा रही है। यह कामधेनु गौ-शाला अद्भुत होगी। उन्होंने कहा कि गौ-शालाओं के विकास में शासन के साथ समाज की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आहवान किया की समर्पण और सेवा भाव के साथ समाज का हर वर्ग गौ-शाला के संचालन में सहयोग के लिये भागीदार बने। राज्य शासन द्वारा गौ-शालाओं के विकास और विस्तार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी। गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है। गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, जो हमारे लिये पूजनीय है। उन्होंने कहा कि गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य शासन ‍निरंतर प्रयासरत है। हमने यह वर्ष गौ-माता की सेवा को समर्पित किया है। गौ-वंश को बढ़ावा देने के लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम से योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना में गौ-वंश पालकों को अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 बनायी गयी है। निराश्रित गौ-वंश की समस्या का समाधान गौ-शालाओं की स्थापना से किया जा रहा है। गौ-सेवा कर, बछिया को दुलारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में गौमाता का पूजन कर गौ-ग्रास भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने बछिया को गोद में लेकर स्नेह से दुलार किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने अपने सम्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की नयी इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये कृत संकल्पित होकर कार्य किये जा रहे हैं। हातोद स्थित गौ-शाला का कायाकल्प किया गया। इसे उच्च सुविधाओं से युक्त किया गया है। इससे गायों की संख्या बढ़कर 650 से 2 हजार हो गयी। इंदौर देश की एकमात्र ऐसी नगर निगम होगी जहाँ गौ-सेवा के लिये सवा सौ बीघा भूमि पर गौ-शालाये होंगी। स्वामी श्री अच्चुतानंदजी महाराज ने कहा कि गौ-रक्षा की दिशा में यह सबसे बड़ा प्रकल्प है। यह गौ-शाला देश की अन्य गौ-शालाओं के लिये उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। गौ-वंश का संरक्षण एवं संवर्धन अब जन-आंदोलन बन गया है। सर्वसुविधा युक्त होगी कामधेनु गौ-शाला आशापुरा (महू) नगर निगम इंदौर द्वारा महू तहसील के आशापुरा ग्राम में कामधेनु गौ-शाला का निर्माण प्रारंभ किया गया है। इस गौ-शाला के लिए कलेक्टर इंदौर द्वारा लगभग 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर गौ-वंश के संवर्धन हेतु नगर निगम इन्दौर के अधिपत्य में दी गयी है।

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