LATEST NEWS

मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना रखे जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 स्वीकृत गौ-शालाओं में प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना रखे जाने की स्वीकृति प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख रूपये की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत “मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025” की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया हैं। गौ-शालाओं को प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस किये जाने का निर्णय लिया गया। “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” को “डॉ. अम्बेडकर विकास योजना” किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढाने, किसानों की आय बढने से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करायें जायेंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता पर स्वीकृती दी गयी। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किए जाने के लिए एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI-XII) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं। मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे। विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी। लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन वाली परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया हैं। इसे जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। साथ ही निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन करने एवं अन्य निराकरण किये जाने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पी.पी.पी. परियोजनाओं के लिए गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है।  

फेक डॉक्टर की वजह से हुई 7 मौतें, उसने की थी पूर्व स्पीकर की सर्जरी, हो गई थी मौत, अब बेटे ने बताई कहानी

  दमोह दमोह जिले के एक मिशनरी अस्पताल में 7 मरीजों की मौत के मामले में आरोपी फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ ने कथित तौर पर 2006 में छत्तीसगढ़ के एक प्राइवेट अस्पताल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की सर्जरी की थी, जिसके बाद राजनेता की मौत हो गई थी. मध्यप्रदेश पुलिस ने दमोह जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एम के जैन की शिकायत पर रविवार आधी रात को आरोपी कथित डॉक्टर नरेंद्र जॉन कैम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की 20 अगस्त 2006 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी. उन्होंने 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था. शुक्ल के सबसे छोटे बेटे प्रदीप शुक्ल (62) ने कहा कि फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव 2006 में अपोलो अस्पताल में सेवा दे रहा था, जब उनके पिता वहां भर्ती थे. उन्होंने कहा, यादव ने मेरे पिता के हृदय की सर्जरी का सुझाव दिया और उसे अंजाम दिया. इसके बाद उन्हें 20 अगस्त 2006 को मृत घोषित किए जाने से पहले करीब 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. प्रदीप शुक्ल ने बताया, यादव ने एक-दो महीने पहले ही अपोलो अस्पताल में अपनी सेवा देना शुरू किया था. तब अपोलो अस्पताल ने उन्हें मध्य भारत के सर्वश्रेष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में पेश किया था, जो लेजर का उपयोग करके सर्जरी करते हैं. बाद में, हमें दूसरों से पता चला कि यादव के पास डॉक्टर की डिग्री नहीं थी और वह एक धोखेबाज था. यहां तक कि उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिलासपुर इकाई ने उनकी जांच की थी. उन्होंने कहा, मेरे पिता की मृत्यु के बाद यादव द्वारा इलाज किए गए रोगियों की मृत्यु के कुछ और मामले सामने आए, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें अपोलो अस्पताल छोड़ने के लिए कहा. यादव द्वारा इलाज किए गए लगभग 80 प्रतिशत रोगियों की अस्पताल में मृत्यु हो गई थी. शुक्ल ने कहा, एक तरह से, हमारे पिता और अन्य रोगियों की हत्या कर दी गई. जब मेरे पिता की मृत्यु हुई, तब वह विधायक थे और उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार ने वहन किया था. उन्होंने कहा कि यादव और अपोलो अस्पताल के खिलाफ जांच की जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने भी सरकार को धोखा दिया है. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के दूसरे बेटे और जस्टिस (सेवानिवृत्त) अनिल शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी यादव और जिस अस्पताल में वे कार्यरत थे, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर जांच की जानी चाहिए. सर्जरी के बाद स्पीकर की हुई मौत पूर्व विधायक के सबसे छोटे बेटे प्रदीप शुक्ला (62) ने कहा कि कथित फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव 2006 में अपोलो अस्पताल में काम कर रहे थे, जब उनके पिता वहां भर्ती हुए थे. प्रदीप शुक्ला ने कहा, यादव ने मेरे पिता की हार्ट सर्जरी की थी. इसी के बाद वो 20 अगस्त को दम तोड़ने से पहले 18 दिन तक वेंटिलेटर पर थे. यादव ने अपोलो अस्पताल 1-2 महीने पहले ही ज्वाइन किया था. प्रदीप शुक्ला ने दावा किया कि उन्हें अपोलो अस्पताल ने बताया था कि यादव बेस्ट कार्डियोलॉजिस्ट हैं और वो लेजर का इस्तेमाल कर के सर्जरी करते हैं. प्रदीप शुक्ला ने आगे कहा कि हमें बाद में पता लगा कि यादव के पास कोई डॉक्टर की डिग्री नहीं है और वो एक फ्रॉड है. उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिलासपुर यूनिट ने इनकी जांच की थी. प्रदीप शुक्ला ने आगे कहा, मेरे पिता की मृत्यु के बाद, यादव ने जिन मरीजों का इलाज किया उनकी मौत के कुछ और मामले भी सामने आए हैं, जिसके बाद उन्हें अपोलो अस्पताल छोड़ने के लिए कहा गया. पिता की हत्या का लगाया आरोप प्रदीप शुक्ला ने यह आरोप लगाते हुए कि यादव ने जिन मरीजों का इलाज किया उन में से लगभग 80 प्रतिशत मरीजों की अस्पताल में मृत्यु हो गई, दावा किया कि उनके पिता और अन्य की “हत्या” की गई थी. दीप शुक्ला ने आगे कहा, जब मेरे पिता की मृत्यु हुई, तब वो विधायक थे और उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार ने उठाया था. यादव और अपोलो अस्पताल के खिलाफ जांच की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने भी सरकार को धोखा दिया है. पूर्व विधायक के एक और बेटे, जस्टिस (रिटायर) अनिल शुक्ला ने कहा कि यादव और उस अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए जहां वो उस समय काम कर रहे थे. इसी के साथ अपोलो अस्पताल के पब्लिक रिलेशन अधिकारी देवेश गोपाल ने इस बात की पुष्टि की कि यादव ने वहां सेवा की थी. डॉक्टर को लेकर डाटा किया जा रहा इकट्ठा पब्लिक रिलेशन अधिकारी गोपाल ने कहा, यादव लगभग 18-19 साल पहले अस्पताल से जुड़े थे. यह बहुत पुराना मामला है. वो कितने समय तक तैनात थे और उन्होंने कितने मरीजों को संभाला, जैसे सटीक आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं. दस्तावेज एकत्र होने के बाद सभी डाटा शेयर किया जाएगा. बिलासपुर के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर डॉ. प्रमोद तिवारी ने कहा कि मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपोलो अस्पताल से यादव के संबंध में सारी जानकारी मांगी है. डॉ. तिवारी ने कहा, अस्पताल मेनेजमेंट को मंगलवार सुबह डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है. जो जानकारी मांगी गई है, उसमें यह शामिल है कि वो कब से वहां काम कर रहे थे, उनकी डिग्री क्या थी और उन्होंने कितने लोगों का ऑपरेशन किया था. उन्होंने कहा कि अगर मामले में कोई अनियमितता पाई जाती है तो एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाएगी और उसके अनुसार संबंधित व्यक्ति और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. अपोलो अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी देवेश गोपाल ने पुष्टि की कि यादव ने वहां काम किया था. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में उनके कार्यकाल के दौरान उनसे संबंधित दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं, जिसके बाद उनके बारे में पूरी जानकारी साझा की जाएगी. गोपाल ने कहा, … Read more

सुशासन तिहार :8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ आज 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।   जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

किसानों को उपार्जित गेहूँ का अभी तक 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 2 लाख 47 हजार 377 किसानों से 21 लाख 36 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूँ उपार्जन के लिये 9 अप्रैल तक पंजीयन करा सकते हैं। प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 3 लाख 22 हजार 237, सीहोर में 3 लाख 46 हजार 973, देवास में 1 लाख 50 हजार 514, शाजापुर में 1 लाख 63 हजार 112, इंदौर में 1 लाख 15 हजार 427, भोपाल में 1 लाख 59 हजार 745, राजगढ़ में 1 लाख 27 हजार 499, मंदसौर 75 हजार 992, आगर मालवा में 73 हजार 77, धार में 50 हजार 443, विदिशा में 1 लाख 42 हजार 240, हरदा में 50 हजार 110, खण्डवा में 26 हजार 392, रतलाम में 36 हजार 831, नीमच में 12 हजार 869, नर्मदापुरम में 35 हजार 561, झाबुआ में 9003, रायसेन में 88 हजार 802, बैतूल में 7032, दमोह में 17 हजार 75, खरगौन में 988, गुना में 5388, सागर में 31 हजार 711, नरसिंहपुर में 10 हजार 560, छिंदवाड़ा में 2553, अशोकनगर में 3129, सिवनी में 24 हजार 973, सतना में 6382, शिवपुरी में 1829, मण्डला में 1109, छतरपुर 998, दतिया में 1244, अलीराजपुर में 70, श्योपुर में 940, ग्वालियर में 556, पन्ना में 437, भिंड में 351 और रीवा में 153, मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।  

जयपुर बम ब्लास्ट में मिला इंसाफ, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला; 4 दोषियों को आजीवन कारावास

जयपुर जयपुर बम ब्लास्ट से जुड़े मामले में सबसे बड़ी खबर, जयपुर बम ब्लास्ट के गुनहगारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिंदा बम मिलने के मामले में दोषी ठहराए गए चारों आतंकियों को सजा सुनाई गई है। 4 अप्रैल को जज रमेश कुमार जोशी ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था। जयपुर में करीब 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा मिले बम केस में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 600 पेज का फैसला दिया है। 13 मई को 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे, नौंवा बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। बम फटने के 15 मिनट पहले इसे डिफ्यूज कर दिया गया था।  अदालत ने शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान को दोषी करार देते हुए कहा कि सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है। विशेष न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी की अदालत ने चारों को भारतीय दंड संहिता (IPC), यूएपीए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया है। बता दें कि बीती 4 अप्रैल 2025 को अदालत ने इन चारों आरोपियों को दोषी घोषित किया था। इसके बाद 6 अप्रैल को सजा पर बहस हुई और आज कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा दी। दोषियों को IPC की धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 121A (राजद्रोह संबंधी साजिश), धारा 307 (हत्या की कोशिश), धारा 153A (धार्मिक विद्वेष फैलाना), विस्फोटक अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 और यूएपीए की धारा 13 और 18 के तहत सजा दी गई है। शुक्रवार को दोषी करार दिया था इससे पहले शुक्रवार को जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था। अदालत ने जिंदा बम केस में सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी ठहराया था। चारों आतंकियों को इंडियन पेनल कोड की 4 धाराओं, अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) की दो, विस्फोटक पदार्थ कानून की 3 धाराओं में दोषी ठहराया गया है। इन धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास का प्रावधान है। इनमें शाहबाज को छोड़कर अन्य को सीरियल ब्लास्ट के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था। फांसी की सजा के मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। 112 गवाहों के बयान हुए थे एटीएस ने जिंदा बम मामले में इन सभी आरोपियों को 25 दिसंबर 2019 को जेल से गिरफ्तार कर लिया था। एटीएस ने जिंदा बम मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की थी। इसमें एटीएस ने तीन नए गवाह शामिल किए थे। सुनवाई के दौरान एटीएस ने पत्रकार प्रशांत टंडन, पूर्व एडीजी अरविंद कुमार और साइकिल कसने वाले दिनेश महावर सहित कुल 112 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक सागर तिवाड़ी ने कहा कि यह गंभीरतम अपराध है। इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। ऐसे लोगों को शेष जीवनकाल तक जेल में रहना चाहिए। वहीं, आरोपियों के वकील मिन्हाजुल हक ने अदालत में तर्क दिया कि चारों आरोपी पिछले 15 साल से जेल में हैं, और अन्य आठ बम ब्लास्ट केसों में हाईकोर्ट उन्हें बरी कर चुका है। ऐसे में उन्हें कम से कम सजा दी जाए। अदालत की टिप्पणी- फैसला सुनाते वक्त न्यायालय ने कहा कि सबसे बड़ा न्यायालय, हमारा मन होता है… क्या गलत है, क्या सही, यह हमारा मन जानता है। सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है। क्या है ब्लास्ट का पूरा मामला? बताते चलें कि 13 मई 2008 को जयपुर के विभिन्न स्थानों पर आठ सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिसमें 70 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसी दौरान नवां बम चांदपोल बाजार स्थित एक गेस्ट हाउस के पास मिला था, जिसे धमाके से 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर लिया गया था जिससे एक और बड़ी त्रासदी टल गई थी।

दमोह का फर्जी डॉक्‍टर नरेंद्र यादव 7 मरीजों की मौत का है आरोपी, 5 दिन की पुलिस हिरासत

 दमोह मध्य प्रदेश की दमोह जिला अदालत ने फर्जी हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन केम को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने सोमवार को नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) से गिरफ्तार किया था. यह मामला दमोह के एक मिशनरी अस्पताल में 7 मरीजों की मौत से जुड़ा है, जहां आरोपी ने फर्जी मेडिकल डिग्री के आधार पर इलाज किया था. दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया, “रविवार आधी रात को सीएमएचओ एमके जैन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज की गई। हमारी टीम ने प्रयागराज में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया और दमोह लाकर अदालत में पेश किया।” एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपी का मेडिकल प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया. CMHO जैन ने शिकायत में आरोप लगाया कि नरेंद्र यादव ने मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के बिना अस्पताल में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं कीं. एनएचआरसी को मिली एक अन्य शिकायत में दावा किया गया कि उसने ब्रिटेन के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉन कैम के नाम का दुरुपयोग कर मरीजों को गुमराह किया, जिसके गलत इलाज से 7 मरीजों की मौत हुई. जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि मरीजों की मौत की जांच के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग  की एक टीम भी दमोह में इस मामले की अलग से जांच कर रही है. टीम बुधवार तक जिले में रहेगी और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात करेगी. NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा, “यह गंभीर मामला है. फर्जी डॉक्टर द्वारा इलाज से मरीजों की जान गई.” उधर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, “हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश भर में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और कठोर कदम उठाने को कहा गया है. हम केंद्र सरकार के संपर्क में हैं.” क्या है दमोह में फर्जी डॉक्टर से जुड़ा पूरा मामला? फर्जी डॉक्टर और उसके फर्जी इलाज से जुड़ा यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के दमोह में स्थित मिशन हॉस्पिटल का है। यहां के कार्डियोलॉजी विभाग में कुछ महीने पहले ही एक डॉक्टर की नियुक्ति हुई। नाम था- डॉक्टर जॉन कैम, एक लंदन आधारित कार्डियोलॉजिस्ट जिसे दिल की बीमारियों के इलाज के लिए जाना जाता है। इस फर्जी डॉक्टर की अब जो पहचान सामने आई है, उसके मुताबिक, इसका नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है, जिसने जॉन कैम की पहचान चोरी कर ली और खुद को लंदन में प्रशिक्षित डॉक्टर बताकर अस्पताल में नियुक्ति तक पा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फर्जी डॉक्टर ने दिसंबर 2024 को अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति पाई। इस दौरान अस्पताल ने उसे ठीक से जांच किए बिना आठ लाख रुपये प्रतिमाह वेतन देने का कॉन्ट्रैक्ट भी किया। इसके बाद अस्पताल में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ शुरू हुआ।  इन कमियों के बावजूद एक प्लेसमेंट एजेंसी ने अस्पताल के लिए ‘फर्जी डॉक्टर जॉन कैम’ की भर्ती कर ली। इ़स डॉक्टर ने दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक अस्पताल में काम किया और मरीजों की एंजियोग्राफी से लेकर उनकी एंजियोप्लास्टी तक की। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अस्पताल सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम के तहत गरीबों का इलाज भी करता था। ऐसे में फर्जी डॉक्टर ने सार्वजनिक फंड्स का लंबे समय तक नुकसान किया और अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। फर्जी डॉक्टर कैसे ले रहा था मरीजों की जिंदगी? नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के मोडस ऑपरेंडाई को लेकर मृतकों के परिजनों ने खुलासा किया है। दमोह के पुराना बाजार-2 निवासी रहीसा बेगम (63) के बेटे नबी कुरैशी ने बताया कि 9 जनवरी को उनकी मां के सीने में दर्द उठा था। वह 10 जनवरी को उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मिशन अस्पताल भेज दिया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान से इलाज होना था, लेकिन मिशन अस्पताल में 50 हजार रुपए मांगे गए। जब बिना जांच के ही अस्पताल में रुपए मांगे गए तो नबी ने मां को निजी अस्पताल में डॉ. डीएम संगतानी के यहां ले गए। उन्होंने फिर मिशन अस्पताल में भर्ती करा दिया। ऐसे में नबी ने 5 हजार रुपए जमा किए।   रहीसा की जांच फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन जॉन कैम ने कराई। रिपोर्ट में एक नस 92 तो दूसरी 85 प्रतिशत ब्लॉक मिली। डॉ. कैम ने कहा-सर्जरी होगी। 14 जनवरी को रहीसा को भर्ती कराया। 15 जनवरी दोपहर 12 बजे सर्जरी हुई और साढ़े 12 बजे रहीसा की मौत हो गई। फर्जी डॉक्टर ने कहा- सर्जरी के दौरान दूसरा हार्ट अटैक आया था। 15 दिन बाद जांच रिपोर्ट दी। पहले सभी ने इसे सामान्य मौत माना। हालांकि, अब गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। दूसरी तरफ दमोह के भरतला गांव निवासी मंगल सिंह की मौत हुई है। उनके बेटे जितेंद्र ने बताया कि वह चार फरवरी को अपने पिता को मिशन अस्पताल लेकर गया था। यहां एंजियोग्राफी की गई। रिपोर्ट में बताया कि हार्ट का ऑपरेशन करना होगा। लेकिन ऑपरेशन के कुछ घंटों में मौत हो गई। जितेंद्र ने बताया ऑपरेशन से पहले और बाद में डॉक्टर नहीं मिले। फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट ने ही उसके पिता का ऑपरेशन किया था।  कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा? इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब दमोह के बरी गांव के कृष्णा पटेल फरवरी में अपने दादाजी का इलाज कराने के लिए उन्हें मिशन अस्पताल ले गए। यहां उन्हें भर्ती कराया गया और एंजियोग्राफी के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए। एंजियोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर ओपन हार्ट सर्जरी की बात कही गई। कृष्णा के मुताबिक, जब उन्होंने अस्पताल में कहा कि एंजियोग्राफी 10 हजार रुपये में हो जाती है और इसके नतीजों को लेकर सवाल किए तो डॉक्टर कैम के बहरूपिये ने उनसे खराब तरह से बात की और सर्जरी के लिए किसी और अस्पताल जाने की बात कही। इसके बाद कृष्णा अपने दादा को लेकर जबलपुर पहुंचा और वहां इलाज कराया। कृष्णा के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के … Read more

बुंदेलखंड : महान कलाकार पद्मश्री रामसहाय पांडे का निधन, राई नृत्य को दुनियाभर में दिलाई पहचान

सागर  बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राई नर्तक रामसहाय पांडे का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने राई नृत्य को 24 देशों में पहचान दिलाई। उनका निधन सागर के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। रामसहाय पांडे ने 12 साल की उम्र से ही राई नृत्य करना शुरू कर दिया था। उन्होंने इस नृत्य को दुनिया भर में पहचान दिलाई। 98 साल की उम्र में ली अंतिम सांस राई लोकनृत्य की साधना को लेकर मशहूर पं.रामसहाय पांडे ने 98 साल की उम्र में मंगलवार तड़के सागर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. पहले उनका इलाज भोपाल में चल रहा था. रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सागर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. उनके बीमार होने की खबर मिलते ही शहर और बुंदेलखंड के कई लोग हाल चाल जानने पहुंचे थे और उनकी लंबी आयु की कामना की. दुनियाभर में मशहूर किया राई नृत्य रामसहाय पांडे ने राई नृत्य को पूरी दुनिया में फेमस किया। उन्होंने 24 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया। भारत सरकार ने उन्हें 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति है। 12 साल की उम्र से किया राई नृत्य रामसहाय पांडे ने 12 साल की छोटी उम्र से ही राई नृत्य करना शुरू कर दिया था। बुंदेलखंड को पिछड़ा इलाका माना जाता था। इसलिए शुरुआत में इस नृत्य को ज्यादा पहचान नहीं मिली लेकिन रामसहाय पांडे ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मेहनत से राई नृत्य को पूरी दुनिया में पहुंचाया। कौन हैं रामसहाय पांडे उनका जन्म 11 मार्च 1933 को सागर जिले के मड़धार पठा गांव में हुआ था। बाद में वे कनेरादेव गांव में बस गए। यहीं से उन्होंने राई नृत्य की शुरुआत की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, ‘बुंदेलखंड के गौरव, लोकनृत्य राई को वैश्विक पहचान दिलाने वाले लोक कलाकार पद्मश्री श्री रामसहाय पांडे जी का निधन मध्यप्रदेश और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। लोक कला एवं संस्कृति को समर्पित आपका सम्पूर्ण जीवन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति दें।’ बचपन से ही लोकृनत्य राई की साधना में लीन रामसहाय पांडे का जन्म 11 मार्च 1933 को सागर के मडधार पठा में हुआ था. गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्मे रामसहाय पांडे बचपन से ही राई नृत्य की सतत साधना में जुट गए. 11 साल की उम्र में राई नृत्य में मृदंग बजाने लगे थे. हालांकि उस समय बुंदेलखंड में राई नृत्य को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता था. ऐसे में उन्हें सामाजिक बहिष्कार भी झेलना पड़ा. इसके बाद वह अपना गांव छोड़कर सागर के कनेरादेव में बस गए और जीवनभर राई नृत्य की साधना में जुटे रहे. देश के साथ ही विदेश में बजाया राई का डंका सामाजिक बहिष्कार और अपमान के बाद भी पं. रामसहाय पांडे ने अपनी साधना जारी रखी और राई नृत्य की मंचीय प्रस्तुति में एक अलग पहचान बनायी. उन्होंने देश के तमाम प्रदेशों में राई नृत्य का प्रदर्शन किया. यहां तक कि वह दुबई, जापान,जर्मनी, हंगरी और स्विटजरलैंड जैसे देशों में राई की प्रस्तुति दे चुके थे. पद्मश्री मिलने के बाद उनकी प्रतिष्ठा काफी बढ़ गई थी. कमर में मृदंग बांधकर जब नाचते थे रामसहाय पांडे कद में छोटे थे, लेकिन राई नृत्य में उनका कोई मुकाबला नहीं था। जब वे कमर में मृदंग बांधकर नाचते थे, तो लोग हैरान रह जाते थे। उन्होंने जापान, हंगरी, फ्रांस, मॉरिसस जैसे कई बड़े देशों में राई नृत्य का प्रदर्शन किया। रामसहाय पांडे ब्राह्मण परिवार से थे। उनके परिवार में राई नृत्य को अच्छा नहीं माना जाता था। क्योंकि इसमें महिलाओं के साथ नाचना होता है। जब रामसहाय पांडे ने राई नृत्य किया, तो उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया था। लेकिन जब उन्होंने इस लोकनृत्य को गांव से निकालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया, तो सभी ने उन्हें अपना लिया। सरकार ने भी उनकी कला को सराहा और उन्हें मध्य प्रदेश लोककला विभाग में जगह दी। 6 साल की उम्र में हुआ पिता का निधन रामसहाय पांडे जब 6 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां अपने बच्चों को लेकर कनेरादेव गांव आ गईं। 6 साल बाद उनकी मां भी चल बसीं। उनका बचपन बहुत मुश्किलों में बीता था। क्या होता है राई नृत्य राई नृत्य बुंदेलखंड का सबसे प्रसिद्ध नृत्य है। यह साल भर हर बड़े आयोजन में होता है। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों नाचते हैं। राई नृत्य करने वाली महिलाओं को बेड़नियां और पुरुषों को मृदंगधारी कहते हैं। महिलाएं पैरों में घुंघरू बांधकर और सज-धज कर मृदंग की थाप पर नाचती हैं। इस दौरान पुरुष और महिलाएं देशी स्वांग भी गाते हैं। बुंदेलखंड में शादी और बच्चों के जन्म पर राई नृत्य सबसे ज्यादा होता है।

निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई

मुंबई सोमवार को तगड़ी गिरावट के बाद आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी आई है. BSE SENSEX 1700 से ज्‍यादा अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि न‍िफ्टी में 500 अंकों की तेजी देखी जा रही है. 1:30 pm तक सेंसेक्‍स 74,800 और निफ्टी 22,650 पर थे. बाजार में यह तेजी आरबीआई के MPC बैठक के फैसले से पहले आई है. उम्‍मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. बाजार में तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी उछाल आया है और यह 4.61 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 393.86 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. इंडिया फीयर गेज (India VIX) 10.2% गिरकर 20.47 पर पहुंच चुका है. क्‍यों आई मार्केट में तूफानी तेजी?     अमेरिका और एशियाई बाजारों में भारी उछाल के कारण आज इंडियन मार्केट में भी तेजी देखी जा रही है. खासकर आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है. वहीं जापान का निक्केई 5.6 फीसदी चढ़ चुका है.     RBI की एमपीसी की बैठक के फैसले 9 अप्रैल को आने वाले हैं ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में 25 प्रतिशत की कमी आ सकती है. जिसे लेकर बाजार साकारात्‍मक बना हुआ है.     सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है, जिस कारण निफ्टी और सेंसेक्‍स में तेजी देखी जा रही है. बड़े निवेशक भी इस डिप पर अच्‍छे स्‍टॉक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं.     क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट आई है. यह 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है. जो अगस्‍त 2021 का निचला स्‍तर है. ट्रंप के टैरिफ की वजह से बड़ी गिरावट आई है. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सभी शेयर ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्‍यादा तेजी Zomato और Titan के शेयरों में 4 फीसदी से ज्‍यादा की आई है. वहीं SBI,LT और एशियन पेंट्स के शेयरों में 3 फीसदी की तेजी आई है. आज के टॉप गेनर फाइव स्‍टार बिजनेस के शेयर में 7 फीसदी की तेजी आई है. पीजी इलेक्‍ट्रोपास्‍ट के शेयर में 6.36 फीसदी, Kaynes Technology के शेयर में 5 फीसदी, पॉलिसी बाजार के शेयर में 6 फीसदी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में 6 फीसदी और बाइकॉन के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है.

मध्य प्रदेश में एक रुपए में 25 एकड़ जमीन निजी मेडिकल कालेज को मिलेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में 11 बजे अहम कैबिनेट सम्पन्न हुई। बैठक में गायों के आहार के लिए 20 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति गाय अनुदान देने का प्रस्ताव समेत एक दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। मोहन सरकार ने फैसला किया है कि आने वाले 5 वर्षों में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक किया जाएगा। चना और मसूर की फसलों की सरकारी खरीदी भी शुरू हो गई है।कैबिनेट ने यह भी तय किया कि 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली के लाल किले पर विक्रम महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें मध्य प्रदेश के सभी मंत्री शामिल होंगे। सम्राट विक्रमादित्य की उपलब्धियों को नाटक और एक्सपो के माध्यम से पेश किया जाएगा। एक रुपए में 25 एकड़ जमीन निजी मेडिकल काॅलेज को देंगे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट बैठक में तय हुआ है कि एक रुपए में 25 एकड़ सरकारी जमीन निजी मेडिकल कालेज को उपलब्ध कराएंगे। अब तक निजी मेडिकल कालेज के लिए निवेशक को खुद जमीन अरेंज करनी पड़ती है। इसके लिए टेंडर डाक्यूमेंट नियम में संशोधन किया गया था। इससे पीपीपी मोड पर मेडिकल काॅलेज तेजी से खोले जाएंगे। निजी मेडिकल काॅलेज को डेवलपर से संबद्ध करेंगे डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट ने जिला अस्पतालों को प्राइवेट डेवलपर को ट्रांसफर करने का पुरानी सरकार का फैसला पलट दिया है। पहले इसमें डेवलपर को अस्पताल सौंपने का प्रावधान किया गया था। अब जिला अस्पताल यथावत रहेंगे। इस पर सरकार का नियंत्रण रहेगा। शुक्ल ने कहा कि अब निजी मेडिकल काॅलेज को डेवलपर से संबद्ध किया जाएगा, इसके लिए एक कमेटी बनेगी, जिसमें जिला अस्पताल का भी हस्तक्षेप होगा। ऐसे में अस्पताल पर सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा और जिला अस्पताल अपग्रेड होगा। जिला अस्पताल में 75 प्रतिशत नि:शुल्क सुविधा आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगी। आम आदमी के लिए जिला अस्पताल आसानी से उपलब्ध रहेगा। पशु आहार अनुदान बढ़ाया डिप्टी सीएम ने बताया कि आज की कैबिनेट गौमाता पर समर्पित रही है। पशुपालन विभाग के माध्यम से गौशालाओं के निर्माण के साथ आहार अनुदान 40 रुपए करने का फैसला किया गया है। पहले यह 20 रुपए था। गौवंश विहार के लिए पीपीपी मोड पर निवेशकर्ताओं को बुलाने के लिए पालिसी को मंजूरी दी है। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि पांच हजार गौवंश रखने के लिए पीपीपी मॉडल तैयार कर रहे हैं, जिसके लिए बिडिंग होगी। इसमें निवेशक सीएनजी, सोलर और अन्य उत्पादन कर सकेगा। 25 गाय या भैंस रखने वालों को अनुदान देंगे मंत्री ने बताया कि निवेशक से पूछेंगे कि वह कितने दिन तक योजना का लाभ लेंगे। इससे निराश्रित गौवंश को पालने में मदद मिलेगी। इसी साल इस पर काम शुरू करेंगे। इसके लिए बिडिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कैबिनेट ने विभाग की आठ योजनाओं को चलाए रखने के साथ यह तय किया है कि 25 गाय या भैंस रखने वालों को अनुदान दिया जाएगा। एक व्यक्ति 200 गाय या भैंस का पालन कर दुग्ध उत्पादन कर सकेगा। ऐसी भी सुविधा देने का फैसला कैबिनेट ने लिया है। ग्वालियर-सागर बायपास के लिए राशि मिली मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार की ओर से प्रदेश को 4 हजार करोड़ से अधिक की सौगातें मिली हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के अंतर्गत चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत 1426 करोड़ की लागत से बनने वाला 28.5 किलोमीटर लंबा ग्वालियर पश्चिमी बाईपास और 688 करोड़ की लागत से बनने वाला सागर बाईपास शामिल है। एग्रोविजन के अंतर्गत मंदसौर, दमोह , मुरैना, नरसिंहपुर में इस वर्ष के प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। 12,13,14 अप्रैल को दिल्ली स्थित लाल किले में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति होगी। 21 अप्रैल तक होगा चने का उपार्जन मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिले। इसलिए चना, मसूर, सरसों, तुअर का उपार्जन प्रारंभ किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 5200 प्रति क्विंटल की दर पर 7.28 लाख मैट्रिक टन चने का उपार्जन 21 अप्रैल तक किया जाना है। चना उपार्जन का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब तक 2.6 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है और 7871 मैट्रिक टन चने का उपार्जन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं बोनस मिलाकर 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं उपार्जित किया जा रहा है। अब तक 31.36 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है, और 2 लाख 49000 किसानों को 4 हजार 12 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने मसूर, सरसों, तुअर उपार्जन के लिए जारी गतिविधियों की भी जानकारी दी। कैबिनेट में इन फैसलों को भी मिली मंजूरी     पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना से 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके लिए 2932 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।     मंदसौर जिले के मल्हार गढ़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई है।     लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजनाओं के परीक्षण को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।     शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर सरकार का फोकस है। एजुसेट इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू करने का फैसला हुआ है।     बिजली कंपनियों में कैश फ्लो बना रहे, इसके लिए सरकार गारंटी देती है। वर्ष 2024-25 से 2028-29 हर साल 12466 करोड़ रुपए की नकद साख सुविधा की स्वीकृति दिए जाने पर फैसला हुआ है। इस पर 0.5 प्रतिशत ब्याज पर गारंटी दी जाएगी। 13 अप्रैल को अशोकनगर आएंगे प्रधानमंत्री कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल को अशोकनगर जिले में स्थित श्री आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम आ रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को भोपाल में रहेंगे। शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य शासन एवं दुग्ध संघों के बीच अनुबंध हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में होगा। पीएम मोदी-अमित शाह आएंगे मध्य प्रदेश     सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक से पहले अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर ट्रस्ट आश्रम आएंगे।     केंद्रीय गृह तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह … Read more

मुद्रा योजना के10 साल, लाभार्थियों में 68% महिलाएं, मोदी बोले- योजना ने लोगों के सपनों को हकीकत बनाया

नई दिल्ली मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुद्रा योजना के लाभार्थियों से बातचीत की. इस दौरान कुछ ऐसे मौके भी आए, जब पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में लोगों से बात की. प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि यह योजना मोदी के लिए नहीं है. यह जरूरतमंदों के लिए है. भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है. लाभार्थियों की यात्रा प्रेरणा देने वाली है. मुद्रा योजना देश के नौजवानों के लिए है. नौजवानों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए है. इस दौरान पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे. इस पर सभी ठहाका लगाकर हंसने लगे.. ‘मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला’ पीएम मोदी ने लिखा, ‘आज, जब हम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं, जिनके जीवन में इस योजना की बदौलत बदलाव आया है। इस दशक में मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला है। ऐसे लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता से वंचित रखा गया था। यह दर्शाता है कि भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है!’ पीएम ने आगे कहा, भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है, 33 लाख करोड़ देश के लोगों को बिना गारंटी दिए गए, इससे जीवन बदला है, सबसे ज्यादा महिलाएं आगे आई हैं। क लाभार्थी ने बताया कि मुद्रा लोन से अपना बिजनेस सेट-अप करके घर भी खरीदा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले उनका सालाना टर्नओवर 12 लाख था, वो अब 50 लाख हो चुका है। उन्होंने पीएम मोदी को इसके लिए थैंक्यू कहा। एक ने कहा मुद्रा योजना से पहले वो 20 हजार रुपए महीना कमाता था, आज उसकी इनकम दोगुनी हो गई है। पहली बार फ्लाइट में बैठी महिला एक लाभार्थी ने बताया कि वह बहुत गरीबी में थीं। उन्होंने बताया कि वह पहली बार दिल्ली आईं और पहली बार ही फ्लाइट में बैठीं। उन्होंने बताया कि उन्हें लोन कैसे मिला। उन्होंने बताया कि वे एक महीने का 60 हजार रुपये इनकम कर रही हैं। पीएम मोदी ने लाभार्थी की सराहना की और उन्हें बधाई दी। नहीं आएंगे इनकम टैक्स वाले इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि आपकी आय कितनी है? पीएम मोदी के इस सवाल से लाभार्थी झिझक गया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। पीएम मोदी का इस तरह तंज कसने पर सभी लाभार्थी हंस पड़े।  ये योजना मोदी की तारीफ के लिए नहीं, लाभार्थियों से बोले पीएम लाभार्थियों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी की तारीफी के लिए नहीं है। यह योजना मेरे देश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का साहस देने के लिए है। पीएम मोदी से बात करते हुए मध्य प्रदेश के भोपाल के लाभार्थी लवकुश मेहरा ने कहा, ‘पहले मैं किसी के यहां काम करता था, नौकर था, लेकिन आपने मुद्रा लोन के ज़रिए हमारी गारंटी ली और आज हम मालिक बन गए हैं।’ 50 लाख से ज्यादा का हुआ टर्नओवर इसके साथ ही लवकुश ने कहा, ‘मैंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और मैंने बैंक से संपर्क किया, उन्होंने मुझे 5 लाख रुपये की लोन लिमिट दी। मुझे डर था कि मैं पहली बार इतना बड़ा लोन ले रहा हूं। मैं इसे चुका पाऊंगा या नहीं। आज मेरा मुद्रा लोन 5 लाख रुपये से बढ़कर 9.5 लाख रुपये हो गया है। मेरा पहले साल का टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से ज्यादा हो गया है।’ क्या है मुद्रा योजना? मालूम हो कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम मोदी की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य वित्तपोषित सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषित करना है। पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है। इस योजना में 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एमनागराजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने उन लोगों के लिए यह व्यवसाय योजना शुरू की है जो बिना किसी गारंटी के ऋण चाहते हैं। हमने पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है और कुल 33 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया है। इनमें से 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं, और 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े समुदायों से हैं। लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।’ ‘देश के नौजवानों के लिए है योजना’ पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी के लिए नहीं है, बल्कि देश के नौजवानों के लिए है।  पीएम मोदी ने कहा- हमारे देश में बहुत कम लोग हैं, जिन्हें पता है साइलेंटली कैसे रिवॉल्योशन हो रहा है। ‘सालाना टर्नओवर 12 से 50 लाख पहुंचा’ पीएम मोदी को लोगों ने अपने अनुभव बताया, एक ने कहा मुद्रा लोन के बाद हमने पेट को लेकर सुविधा शुरू की। अब मुझे इसे बहुत फायदा हो रहा है। पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। बता दें कि मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को हुई थी. इससे हर साल मुद्रा योजना 5.14 करोड़ रोजगार का सृजन हुआ है. इस योजना के तहत सरकार ने दस साल में 53 लाख करोड़ का लोन दिया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर मैंने देशभर से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था. लाभार्थियों ने हमें बताया कि किस तरह यह योजना उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोंडवाना सामाजिक भवन के जीर्णाेद्धार, बाउंड्री वॉल के लिए 80.48 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है। समापन समारोह को कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है। इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

महापौरों ने शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री से रखी अपनी-अपनी बात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास समिति बनाई जाएगी। अपने शहर के विकास के लिए डॉक्टर, इंजीनियर, सिटी प्लानर, प्रोफेसर, लेक्चरर, टीचर सब मिलकर काम करेंगे। हमने इसी बजट में शहरों में विकास समिति बनाने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के महापौरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महापौर शहर के प्रथम नागरिक हैं। नगर और नागरिकों के विकास के लिए पूरी क्षमता, समर्पण और सेवा भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि हमारे शहर विकास के मामले में अव्वल रहें, इसके लिए नगर विकास के रोडमेप पर लगातार चर्चा की जाएगी। म.प्र. महापौर संघ के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव (महापौर इंदौर) के नेतृत्व में प्रदेश के 12 शहरों के महापौर ने सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। महापौरों ने शहर के विकास के लिए अपनी-अपनी बात रखी। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, रीवा महापौर अजय मिश्रा, खंडवा महापौर सुअमृता यादव, रतलाम महापौर प्रह्लाद पटेल, देवास महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम आहाके, कटनी महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, बुरहानपुर महापौर सुमाधुरी पटेल और सिंगरौली महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने प्रदेश के पवित्र शहरों में शराबबंदी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ देकर एवं अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। जल गंगा जल संवर्धन अभियान के कामों को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल बचाना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी महापौर अपने निगम क्षेत्रों में इस अभियान के तहत प्राथमिकता से जल संरक्षण के काम कराएं और जन सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए प्रयास जारी हैं। नगर निगम अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव दें। बच्चों, अकांक्षी युवाओं को कैरियर डेवलपमेंट कैंप या व्यक्तित्व सुधार शिविर आदि लगाएं। अपने जन बल (समर्थन) का उपयोग शहर के विकास में करें। नगर सरकार की अवधारणा को मजबूत बनाने के लिए काम करें। निगम मित्तव्यता बरतें, अपने खर्च कम करें और विकास के कामों के लिए राजस्व जुटाएं। हर साल नए नए काम करें और आय अर्जन के स्रोत सृजित करके आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महापौर संघ के अध्यक्ष ने मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में महापौरों के लिए प्रोटोकॉल बनाए जाने, इनके वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने, नगर निगमों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी की पूर्ति किए जाने और महापौरों को एक-एक सुरक्षाकर्मी भी दिए जाने की मांग की गई है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में आज 26 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों के जवानों को सहृदय बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को निरंतर सफलता मिल रही है। इस उपलब्धि में नियद नेल्ला नार योजना और लोन वर्राटू अभियान की अहम भूमिका रही, जो आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा लाल आतंक प्रभावित गांवों को नक्सलमुक्त घोषित होने पर ₹1 करोड़ की विशेष सहायता राशि की घोषणा के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि हम निश्चित रूप से तय समयसीमा के भीतर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महज कोई अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सुरक्षा और समृद्धि का मिशन है।

मुख्यमंत्री ने प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा कर सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़क विकास के काम में हम किसी से भी पीछे न रहें। प्रदेश में सड़कों विशेषकर अधिक यातायात वाले राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से उच्च कोटि का समन्वय करें। आपसी संवाद में कोई कमी न रखें, ताकि राजमार्गों की मंजूरी और निर्माण के कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में लोक निर्माण एवं एनएचएआई के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरी गुणवत्ता (परफार्मेंस गारंटी) के साथ तय समय-सीमा में ही पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े भू-अधिग्रहण के लंबित मामलों को आपसी वार्ता के जरिए शीघ्र सुलझाया जाए। बैठक में बताया गया कि गत वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर कराने के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। यह मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा दी गई बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में बाबा महाकाल मंदिर के पास से एक एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है, जो रेलवे स्टेशन को सीधा कनेक्ट करे। इससे महाकाल दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का बेहतर तरीके से यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को बदनावर आएंगे बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एनएचएआई के अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि आगामी 10 अप्रैल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी धार जिले के बदनावर आएंगे। यहां वे एक गांव में एनएचएआई द्वारा निर्मित की गईं 218 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकर्पण करेंगे। इनकी कुल लागत 3502 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार एनएचएआई द्वारा निर्मित की जाने वाली 110 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमिपूजन भी इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा किया जाएगा। इन सभी निर्माण कार्यों की लागत 2330 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री प्रदेश की 7 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी से करेंगे आग्रह बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की 7 परियोजनाएं पाइप लाइन में हैं। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलना शेष है। यह जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन अत्यधिक आवश्यकता वाले मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने के लिए वे स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी से आग्रह करेंगे। बताया गया कि बदनावर-पेटलावद-थांदला 4 लेन मार्ग निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.), पूर्वी इंदौर बायपास मार्ग निर्माण (लंबाई 77 किमी, लागत 3500 करोड़ रु.) एवं उज्जैन-झालावाड़ 4 लेन मार्ग का निर्माण कार्य (लंबाई 134 किमी, लागत 2200 करोड़ रु.) अत्यंत जरूरी है। यह तीनों राजमार्ग विकास कार्य 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। इसी प्रकार मिसरौद से औबेदुल्लागंज खण्ड रा.रा.- 46 का 6 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 19.32 किमी, लागत 280 करोड़ रु.), ग्वालियर-भिण्ड से म.प्र/उ.प्र. की सीमा तक रा.रा.- 719 का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 96 किमी, लागत 3125 करोड़ रु.) तथा सतना-चित्रकूट खण्ड रा.रा.- 135 बीजी का 4 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.) प्रस्तावित है। इसी तरह लखनादौन से रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (लंबाई 200 किमी, लागत लगभग 5985 करोड़ रु.) के निर्माण के लिए बालाघाट और लांजी तहसील के जनजातीय क्षेत्र से गुजरने वाले एकरेखण(अलाइमेंट) के विकल्प को प्राथमिकता दी जानी है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यह परियोजनाएं सिर्फ़ भू-अधिग्रहण एवं वन अनुमतियां न मिलने की वजह से अबतक मंजूर होने से शेष हैं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में कुल 9664 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध हैं। इसमें से 5428 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएचएआई के अधीन हैं। शेष 4236 किमी लंबाई युक्त राष्ट्रीय राजमार्गों का संधारण लोक निर्माण विभाग (3990 किमी) एवं म.प्र. सड़क विकास निगम (846 किमी) द्वारा किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्रीय सरकार द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए 3935 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। गत वित्त वर्ष की कार्य योजना अंतर्गत 8 नवीन कार्यो के लिए 3412 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में स्वीकृति के लिए प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोड नेटवर्क बढ़ाने के लिए हम केंद्र सरकार से लगातार सम्पर्क में हैं और बहुत जल्द ही प्रदेश को नए राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर होने वाले हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, म.प्र. सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव, एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

RCB ने 10 साल बाद किया मुंबई का किला ‘फतह’, क्रुणाल पांड्या बने जीत के हीरो

मुंबई आईपीएल 2025 के 20वें मैच में रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियंस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने हरा दिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 20 ओवर में 221 रनों का विशाल स्कोर बनाया. जवाब में मुंबई इंडियंस की टीम 12 रनों से मैच हार गई. एक समय ऐसा लग रहा था कि मुंबई इंडियंस की टीम ये मैच जीत सकती है लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने अंतिम लम्हों में कमाल प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत दिला दी. आरसीबी के लिए ये जीत बेहद खास है क्योंकि इस टीम ने पूरे 10 साल के बाद वानखेड़े में मुंबई इंडियंस को हराया है. आरसीबी की तीसरी जीत आरसीबी की ये इस टूर्नामेंट में तीसरी जीत है. वो अंक तालिका में नंबर तीन पर है. वहीं मुंबई इंडियंस की टीम चौथा मैच हारी है और वो 8वें स्थान पर है. आरसीबी के लिए विराट कोहली ने 42 गेंदों में 67 रन बनाए. कप्तान रजत पाटीदार ने भी 32 गेंदों में 64 रनों की पारी खेली. गेंदबाजी में क्रुणाल पंड्या ने सबसे ज्यादा 4 विकेट चटकाए. हेजलवुड और यश दयाल को 2-2 विकेट मिले. हार्दिक-तिलक की मेहनत बेकार मुंबई इंडियंस एक वक्त मैच में आ गई थी और इसकी वजह हार्दिक पंड्या और तिलक वर्मा की तूफानी पारी थी. हार्दिक पंड्या ने 15 गेंदों में 4 छक्के और 3 चौके की मदद से 42 रन बनाए. तिलक ने 29 गेंदों में 56 रनों की पारी खेली. लेकिन ये पारियां भी मुंबई को जीत नहीं दिला सकी.तिलक वर्मा के बाद हार्दिक पंड्या के आउट होते ही मुंबई इंडियंस की हार तय हो गई. मुंबई ने 19वें ओवर में हार्दिक पंड्या का विकेट खोया और फिर आखिरी ओवर में क्रुणाल पंड्या ने तीन विकेट लेकर आरसीबी को मैच जिता दी. ऐसी रही आरसीबी की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर फिल साल्ट को ट्रेंट बोल्ट ने अपना शिकार बनाया. लेकिन इसके बाद विराट कोहली ने आतिशी पारी खेली. देवदत्त पड्डीकल भी लय में दिखे. हालांकि, पड्डीकल 9वें ओवर में 37 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की. लेकिन 15वें ओवर में हार्दिक पंड्या ने कोहली और लियाम लिविंगस्टन दोनों को आउट किया. विराट कोहली ने 42 गेंद में 67 रन बनाए. लेकिन इसके बाद रजत पाटीदार ने कमाल की बल्लेबाजी की. पाटीदार ने 32 गेंद में 64 रन बनाए, जिसके दम पर आरसीबी ने 5 विकेट खोकर मुंबई के सामने 222 रनों का लक्ष्य खड़ा किया. ऐसी रही मुंबई की पारी 222 रनों के जवाब में उतरी मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही. रोहित शर्मा ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए लेकिन रोहित शर्मा 17 रन बनाकर दूसरे ही ओवर में आउट हो गए. इसके बाद चौथे ओवर में रकल्टन भी आउट हो गए. उनके बल्ले से केवल 17 रन निकले. इसके बाद सूर्यकुमार य़ादव ने पारी को संभालने की कोशिश की. लेकिन 12वें ओवर में वो भी आउट हो गए. सूर्या के बल्ले से 28 रन  निकले. इसके बाद हार्दिक पंड्या और तिलक वर्मा का तूफान आया. दोनों ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की. हार्दिक ने 15 गेंद में 42 रन बनाए तो तिलक ने 29 गेंद में 56 रनों की पारी खेली. एक समय ऐसा लग रहा था कि मुंबई आसानी से ये मैच जीत जाएगी. लेकिन भुवी ने मैच पलट दिया. आखिरकार मुंबई की टीम 209 रन ही बना सकी. पहले एक नजर हार्दिक-तिलक के कमाल पर 222 रनों के लक्ष्य के जवाब में जब मुंबई की टीम मैदान में उतरी तो उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही. जब सूर्यकुमार यादव के रूप में मुंबई को चौथा झटका लगा था तब मुंबई 12 ओवर में केवल 99 रन ही बना सकी थी. लेकिन इसके बाद हार्दिक पंड्या बल्लेबाजी के लिए पहुंचे. दूसरी ओर तिलक वर्मा थे. दोनों ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की. तिलक-हार्दिक ने 34 गेंद में 89 रन जोड़े. एक समय ऐसा लग रहा था कि मुंबई ये मैच जीत जाएगी. फिर ऐसे पलटा मैच 18वां ओवर लेकर भुवनेश्वर कुमार आए. उस वक्त मुंबई को जीत के लिए 34 रन ही चाहिए थे. लेकिन भुवी ने तिलक वर्मा को आउट कर दिया और सधी हुई गेंदबाजी की. उस ओवर में भुवी ने केवल 14 रन दिए. इसके बाद अगले ही ओवर की पहली गेंद पर हेजलवुड ने हार्दिक को भी आउट कर दिया. यहीं से मैच एक बार फिर आरसीबी के पाले में आ गया. आईपीएल 2025 के मैच नंबर-20 में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को 12 रनों से हराया. यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया. 10 साल बाद ऐसा हुआ है जब आरसीबी ने मुंबई को उसके घर यानी की वानखेड़े के मैदान में शिकस्त दी हो. इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट खोकर 221 रन बनाए थे. कोहली और रजत पाटीदार ने फिफ्टी जड़ी थी. मुंबई को जीत के लिए 222 रन बनाने थे. लेकिन मुंबई 209 रन ही बना सकी. हार्दिक पंड्या और तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की. लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet