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मध्यप्रदेश के 400 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फसलों का मुआवजा, कैबिनेट में हुआ बड़ा फैसला

भोपाल सोमवार, 24 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक ली। जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में विशेष रूप से उज्जैन के विक्रमोत्सव, औद्योगिक विकास के GIS (Geographic Information System) प्रोजेक्ट और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के विस्तार को लेकर चर्चा हुई। काल गणना का केंद्र बनेगा उज्जैन कैबिनेट बैठक के दौरान उज्जैन को काल गणना (Time Calculation) का केंद्र बनाने की योजना पर चर्चा हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में वर्तमान में विक्रमोत्सव (Vikramotsav) का आयोजन किया जा रहा है और 12, 13, 14 अप्रैल को दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य पर एक महानाट्य आयोजित होगा। उज्जैन को वैश्विक स्तर पर काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। ओला प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को ओले गिरने से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करने और सर्वे के बाद आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आत्मनिर्भर नगर निगम और नगर पालिका बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश में 4 बड़े सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि तनख्वाह और पेय जल के बिल के खर्च को कम किया जा सके। काल गणना आधारित किताब का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक (CM Mohan Yadav Cabinet) से पहले विक्रमादित्य ध्वज और पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि गुड़ी पड़वा पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हों। विमोचित पुस्तिका “भारत का नव वर्ष विक्रम संवत” में विक्रम संवत, काल गणना की पद्धति, प्राचीन यंत्रों, वैदिक घड़ी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। विक्रम संवत भारत का प्राचीन कैलेंडर है, जिसकी शुरुआत 57 ई.पू में हुई थी। उज्जैन को बनाया जाएगा काल गणना का प्रमुख केंद्र कैबिनेट में ये भी फैसला लिया गया कि उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, क्योंकि यहां गणितीय सटीकता उच्च स्तर की मानी जाती है। मोहन कैबिनेट के प्रमुख फैसले     उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।     प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर नववर्ष उत्सव मनाया जाएगा, मंत्री अपने-अपने जिलों में समारोह में शामिल रहेंगे।     ओलावृष्टि से प्रभावित 400 से अधिक गांवों में फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को राहत राशि दी जाएगी।     खजुराहो में ओबेरॉय ग्रुप को 19 एकड़ भूमि वैलनेस सेंटर बनाने के लिए दी जाएगी।     प्रदेश में चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे, जिससे नगर निकायों और जल आपूर्ति योजनाओं की बिजली लागत कम होगी।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत भिंड-चंबल क्षेत्र में 18 एमओयू साइन हुए। ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी।     गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टरों को टैंकरों से जल आपूर्ति और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था के निर्देश। प्रदेश में चार बड़े बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में चार स्थानों पर बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार नगर निगमों और नगर पालिकाओं में सबसे अधिक खर्च वेतन, पेयजल और बिजली पर होता है। इसलिए फैसला लिया गया है कि चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएं, ताकि निकायों का बिजली खर्च कम हो। विजयवर्गीय ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समूह जल योजनाओं के लिए भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे जल आपूर्ति को सुचारू और किफायती बनाया जा सके। गुड़ी पड़वा उत्सव में शामिल होंगे मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गुड़ी पड़वा के अवसर पर सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर इस पर्व को मनाने में सहयोग करें। सभी मंत्री-विधायक इन कार्यक्रमों में शामिल रहें। अलग-अलग जिलों में ये पर्व अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इसलिए स्थानीय परंपराओं के अनुसार नववर्ष समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दिन अधिक से अधिक लोगों को गुड़, धनिया और नीम की पत्तियां खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे स्वस्थ रह सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमोचित पुस्तिका ‘भारत का नव वर्ष विक्रम संवत’ के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तिका में विक्रम संवत, काल गणना की पद्धति, प्राचीन यंत्रों, वैदिक घड़ी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर दिखने लगा मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के परिणाम अब दिखने लगे हैं। इसके तहत सभी प्रमुख सचिव साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं। मुख्य सचिव महीने में एक बार और मुख्यमंत्री खुद हर दो महीने में इसका रिव्यू करेंगे। सीएम ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए काम जारी है। इसी कड़ी में 21 मार्च को ग्वालियर क्षेत्र में 18 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन किया गया। 11 इकाइयां मुरैना, 7 ग्वालियर और 1 इकाई भिंड में स्थापित की जा रही है। यह सिलसिला जारी है और इसी कड़ी में मंगलवार (25 मार्च) को उज्जैन संभाग के तहत उज्जैन की 13 इकाइयों और संभाग के अन्य स्थानों की 12 इकाइयों, यानी कुल 25 इकाइयों का भूमि पूजन किया जाएगा। यह प्रक्रिया संभागवार निरंतर जारी रहेगी। ओंकारेश्वर वाइल्डलाइफ सेंचुरी बनाई जा रही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में प्रदेश में दो अभयारण्यों को मूर्त रूप देने के बाद अब सरकार वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके तहत ओंकारेश्वर में 614 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रदेश की 26वीं वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित की जा रही है। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि इसमें कोई गांव या बसाहट नहीं है। भविष्य में इसे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जाएगा। विक्रम महोत्सव के तहत महानाट्य का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विक्रम महोत्सव के तहत नई दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को विशेष आयोजन होने जा रहे हैं। इनमें सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रस्तुति भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और उनकी शासन व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित यह महानाट्य प्रदेश … Read more

हमें कुणाल कामरा जहां भी मिलेगा, हम उसकी धुलाई करेंगे: निलेश राणे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जोक का मामला तूल पकड़ रहा है। कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। साथ ही शिवसेना नेताओं ने कामरा को खुली धमकी दे दी है। वहीं, कमरा अब संविधान के जरिए आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है। शिंदे पर की गई टिप्पणी के बाद शिवसेना नेताओं ने आयोजन स्थल पर तोड़फोड़ कर दी थी। कामरा के खिलाफ मुंबई के MIDC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई है। शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें वह FIR की प्रति दिखाते नजर आ रहे हैं। कामरा ने सोमवार को एक्स पर एक फोटो पोस्ट की है। इसमें वह भारत के संविधान की प्रति लिए नजर आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने लिखा है, ‘आगे बढ़ने का सिर्फ एक यही तरीका है।’ शिंदे को लेकर उनकी तरफ से की गई टिप्पणी को शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) नेता संजय राउत ने भी शेयर किया था और कहा था, ‘कुणाल का कमाल।’ शिवसेना ने दी धमकी शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कामरा को चेतावनी दी कि पूरे देश में शिवसेना कार्यकर्ता उनका पीछा करेंगे। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘आपको भारत से भागने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।’ समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘कुणाल कामरा एक किराए के कॉमेडियन हैं, और वह कुछ पैसों के लिए हमारे नेता पर टिप्पणी कर रहा हैं। महाराष्ट्र की बात तो दूर, कुणाल कामरा पूरे भारत में कहीं भी स्वतंत्र रूप से नहीं जा सकते, शिवसैनिक उन्हें उनकी जगह दिखा देंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हमें संजय राउत और शिवसेना (यूबीटी) के लिए दुख है कि उनके पास हमारे नेता पर टिप्पणी करने के लिए कोई पार्टी कार्यकर्ता या नेता नहीं बचा है, यही वजह है कि वे इस काम के लिए उनके (कुणाल कामरा) जैसे लोगों को काम पर रख रहे हैं… हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का पालन करते हैं, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कुणाल कामरा न तो महाराष्ट्र में और न ही देश में कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूम सके। कुणाल कामरा को करारा जवाब मिलेगा, और वह आकर अपनी गलती के लिए माफी मांगेंगे।’ भाजपा भी भड़की वहीं, भारतीय जनता पार्टी विधायक राम कदम ने कहा, ‘कुणाल कामरा ने सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार देश के बड़े राजनेताओं और पत्रकारों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। ऐसा क्यों? अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर क्या वह किसी को भी कुछ भी कह सकते हैं? एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं। वह पूर्व CM हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘किसे कॉन्ट्रैक्ट पर वह काम कर रहे हैं? ठाकरे गुट के? टाइमिंग देखिए। दिशा सालियान केस में ठाकरे परिवार के नाम आया तो ध्यान भटकाने के लिए क्या कुणाल कामरा ने जानबूझकर इस समय उनका नाम लिया? वो भी ठाकरे गुट के कहने पर? क्या वजह है? समय आ गया है कि वह जहां भी नजर आएं, उनका चेहरा काला कर दिया जाए। महाराष्ट्र सरकार कुणाल कामरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। हम उन्हें चेतावनी देते हैं कि वह सस्ती लोकप्रियता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते।’ केस दर्ज शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल और 19 अन्य के खिलाफ कल हैबिटेट स्टैंडअप कॉमेडी सेट पर तोड़फोड़ करने के आरोप में FIR दर्ज की गई। विभाग प्रमुख श्रीकांत सरमालकर ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में सरमालकर ने कहा, ‘हमें पुलिस स्टेशन लाया गया है और हमें देखना है कि गिरफ्तार किया गया है या नोटिस देने के बाद छोड़ दिया जाएगा’। 20 नाम अज्ञात में हैं।

सीएम मोहन ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख किया और उनके नाम पर पार्क बनाने की घोषणा

भोपाल बिहार के विधानसभा चुनाव पास आ गए हैं और इसके साथ ही बीजेपी की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। बिहार के चुनाव में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव भी पार्टी की ओर से अहम भूमिका निभाएंगे। बिहार के यादव वोटर्स को लुभाने का दायित्व उन्हें भी दिया गया है। डॉ. मोहन यादव CM Mohan yadav ने यह जिम्मेदारी निभाना शुरु भी कर दिया। राजधानी भोपाल में बिहार दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बिहारवासियों के लिए अहम ऐलान किए। कार्यक्रम में आए बिहार के लोगों से बीजेपी को जिताने की अपील की और पूर्व सीएम लालू यादव के परिवार पर निशाना भी साधा।  बिहार तो बिहार मध्य प्रदेश में भी बिहार दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन सत्ताधारी मोहन यादव सरकार ने कराया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया। एमपी सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ। राजेंद्र प्रसाद को लेकर एक बड़ी घोषणा भी की है। इससे दोनों राज्यों के रिश्तों में और सकारात्मक सुधार होगा। भोपाल में एक कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम बिहार दिवस के मौके पर था। मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने मिलकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का नाम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ था। सीएम मोहन ने की बिहार की तारीफ मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि देश और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार ने धर्म और संस्कृति को बचाने का काम किया है। राजू कुमार सिंह ने देश के विकास में बिहार के योगदान की बात कही। उन्होंने लोगों से एनडीए का साथ देने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।’ मोहन सरकार की बड़ी घोषणा सीएम मोहन यादव ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भोपाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के नाम पर एक पार्क बनाया जाएगा। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। यह पार्क सभी सुविधाओं से लैस होगा। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने पं. जवाहरलाल नेहरू के मना करने के बाद भी सरदार वल्लभ भाई पटेल के बुलाने पर सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को बचाने में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का यह योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति भी लगाई जाएगी। सीएम ने पूछा कि रामजी का मंदिर बन गया तो वहां दर्शन करने क्यों नहीं गए! उन्होंने कहा कि यमुनाजी का किनारा खाली है… गोपाल कृष्ण बुला रहे हैं… अब वहां मंदिर बनाने की बात कर लो। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जिसका भगवान कृष्ण के नाम पर नामकरण किया गया है।

आर्थिक तंगी से परेशान महिला को मंत्री सारंग ने आर्थिक सहायता और रोजगार का दिया भरोसा

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने एक बार फिर अपनी दरियादिली और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। रविवार को छोला क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में दर्शन कर लौटते समय मंत्री सारंग की नजर मंदिर की चौखट पर रो रही एक महिला पर पड़ी, जो अपने दो छोटे बच्चों के साथ परेशान हाल में खड़ी थी। महिला की दशा देखकर मंत्री सारंग तुरंत उसके पास पहुंचे और उसकी समस्या सुनी। महिला ने आंसू भरी आंखों से बताया कि उसके पति वेल्डिंग का काम करते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। यहां तक कि वे बच्चों की स्कूल फीस भरने में भी असमर्थ हैं। महिला बोली-पति का काम धंधा ठीक नहीं चल रहा मंत्री सारंग ने महिला से कहा- क्या बात है यहां खेड़ापति भगवान के सामने क्यों रो रही हो? तो हम सब मिलकर तुम्हारी समस्या हल करेंगे। मंत्री के काफी देर पूछने के बाद महिला ने रुंधे हुए गले से कहा- घर में तंगी चल रही है। मंत्री ने पूछा आपके पति क्या काम करते हैं? महिला ने बताया वेल्डिंग का काम करते हैं लेकिन, काम अच्छा नहीं चल रहा। मंत्री सारंग ने कहा, चिंता मत करो, पति देव को मेरे पास भेजना। उनके रोजगार की व्यवस्था करेंगे और आपकी मदद भी करेंगे। तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ है। कितने बच्चे पढ़ते हैं, कोई दिक्कत तो नहीं? महिला ने बताया कि दो बच्चे हैं लेकिन, उनकी फीस नहीं भर पा रही हूं। मंत्री ने फिर कहा आप पति देव को भेजना आपकी समस्याएं भाई हल कराएगा। चिंता नहीं करना। खेड़ापति सबके पालनहार हैं सबकी मदद करेंगे। मां को रोते देख बच्ची हाथ जोड़े खड़ी दिखी महिला जब मंत्री को अपनी परेशानी बता रही थी। उसी दौरान उसकी बेटी हाथ जोड़े खड़ी थी। ये देख मंत्री भी भावुक नजर आए। महिला की व्यथा सुनने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने उसे ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, “खेड़ापति हनुमान जी ने ही आपकी मदद के लिए मुझे भेजा है।” मंत्री सारंग ने महिला को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसके पति को रोजगार उपलब्ध कराने और बच्चों की स्कूल फीस माफ करवाने का वादा किया। मंत्री के इस आश्वासन से महिला की चिंता कुछ कम हुई और उसने राहत की सांस ली। मंत्री सारंग ने दिया हर संभव सहायता का आश्वासन महिला की व्यथा सुनने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने उसे ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, “खेड़ापति हनुमान जी ने ही आपकी मदद के लिए मुझे भेजा है।” मंत्री सारंग ने महिला को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसके पति को रोजगार उपलब्ध कराने और बच्चों की स्कूल फीस माफ करवाने का वादा किया। मंत्री के इस आश्वासन से महिला की चिंता कुछ कम हुई और उसने राहत की सांस ली। मंत्री सारंग इससे पहले भी कई मौकों पर जरूरतमंदों की सहायता कर चुके हैं। पिछले वर्ष नरेला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक दिव्यांग बच्ची के पिता ने मंत्री सारंग से इलाज के लिए गुहार लगाई थी। मंत्री ने तत्काल पहल करते हुए बच्चे के ऑपरेशन की व्यवस्था करवाई थी। उल्लेखनीय है कि मंत्री सारंग हर दिन अपने निवास पर जनदर्शन के माध्यम से जनता की समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हैं, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं।

पीएम की सभा के लिए तैयारी शुरू, 55 एकड़ में सभा स्थल, 5 हेलीपेड, 120 सेक्टर में बैठने की व्यवस्था

बिलासपुर बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को करीब 100 एकड़ में प्रधानमंत्री की सभा होने की तैयारी शुरू हो गई है. इसमें 55 एकड़ में सभा स्थल और शेष में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. रूट चार्ट के अनुसार अलग-अलग रूट के लिए पार्किंग की कलर कोडिंग कर जिलेवार आरक्षित रखे गए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे. इसका ध्यान रखते हुए सभा स्थल में पांच हेलीपेड तैयार किए जा रहे है. इसमें प्रधानमंत्री एवं उनके स्टॉफ के उतरने के लिए स्थल के किनारे तीन हेलीपेड लगभग तैयार हो गए हैं. वहीं स्थल के एक किनारे पर दो और हेलीपेड बनाये जा रहे हैं. जो राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के लिए है. गर्मी के साथ बारिश को ध्यान में रखते हुए हो रही तैयारी आमसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा. बदलते मौसम का भी ध्यान रखा जा रहा है. तेज गरमी के साथ बरसात की स्थिति को देखते हुए तैयारी किए जाने को कहा गया है. दो लाख लोग PM मोदी को सुनने पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री को सुनने के लिए पहुंचेंगे. इनकी संख्या करीब दो लाख तक पहुंचने की संभावना है. पीएम के आने-जाने से हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका ध्यान रखने को कहा गया है. वहीं सुरक्षा प्रोटोकाल के चलते दो-तीन घण्टे पहले हितग्राहियों को पहुंचना होगा. 120 सेक्टर में होगी बैठने की व्यवस्था सभास्थल में सभी डोम मिलाकर 120 सेक्टर में लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. प्रत्येक सेक्टर में 1000 से 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. उनके पानी, नाश्ता, दवा और साफ-सफाई से जुड़े लगभग 7 कर्मचारी सहयोग करेंगे. चूंकि लोग 4-5 घण्टे तक सभास्थल पर ठहरेंगे, इसलिए लगभग 150 पक्के टॉयलेट भी निर्मित किए जा रहे है. 25 मार्च के बाद सभास्थल की ब्राण्डिंग एवं फिनिशिंग का कार्य किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट में भी अब एआई का इस्‍तेमाल, मौखिक दलीलें लिखना होगी आसान

नई दिल्ली देश की सर्वोच्‍च अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी अब आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। भारत का सुप्रीम कोर्ट, न्यायिक प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग (ML) टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर रहा है। इसकी मदद से कोर्ट के काम, केस फाइल करने और कानूनी अनुवाद में तेजी आने की उम्‍मीद है। जज भी कानूनी रिसर्च आसानी से कर पाएंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में एक लिखित बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, AI और ML बेस्‍ड टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। इससे कोर्ट का काम और तेजी से होगा। बताया गया है कि एआई का इस्तेमाल संविधान पीठ के मामलों में मौखिक दलीलों को लिखने में किया जा रहा है। एआई की मदद से लिखी गई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी नेशनल इन्‍फर्मेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी) के साथ मिलकर एआई और एमएल बेस्‍ड टूल्स का इस्‍तेमाल कर रही है। इसका मकसद अंग्रेजी भाषा से 18 भारतीय भाषाओं जैसे- असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, खासी, कोंकणी, मलयाली, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संताली, तमिल, तेलुगु और उर्दू में फैसलों को ट्रांसलेट करना है। आईआईटी मद्रास की भी मदद बताया गया है कि हाल ही में 200 एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को प्रोटोटाइप तक पहुंच दी गई है, ताकि वो एआई टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर पाएं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी आईआईटी मद्रास की मदद से एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) टूल्स के प्रोटोटाइप्स का परीक्षण कर रही है। इन टूल्‍स को इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग मॉड्यूल और केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर यानी इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (आईसीएमआईएस) के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। न्‍यायिक फैसलों को एआई का इस्‍तेमाल नहीं सरकार की तरफ से स्‍पष्‍ट किया गया है कि AI का इस्तेमाल न्यायिक फैसले लेने के लिए नहीं किया जा रहा है। अभी इसका इस्‍तेमाल सिर्फ संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान कही गई बातों को लिखने में किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे नियमित सुनवाई के दिनों में भी इस्तेमाल करने की योजना है। गौरतलब है कि एआई टूल्‍स अब हर जगह बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल हो रहे हैं। मेटा के मालिकाना हक वाला वॉट्सऐप में अपने ऐप में एआई टूल को राइटिंग के स्‍तर पर लाने वाला है। उसकी मदद से यूजर्स को अपना मैसेज लिखने में आसानी होगी। मैसेज रिराइट कराया जा सकेगा।

राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों पर अंकुश लगाने का लिया निर्णय

जयपुर राजस्थान में खाप पंचायतों की पुरानी परंपरा पर अब रोक लगने जा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए खाप पंचायतों और उनसे जुड़ी सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए एक पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। इस आयोग में चार वकील और एक सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे, जो गांवों में जाकर खाप पंचायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। खाप पंचायतें – कानून से परे फैसले राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खाप पंचायतें एक गैर-सरकारी अदालत के रूप में काम करती हैं। ये पंचायतें अपने नियम खुद बनाती हैं और गांव के सभी लोगों को उन्हें मानने के लिए बाध्य करती हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से अवैध हैं और कई बार क्रूर फैसले सुनाकर लोगों का जीवन तबाह कर देती हैं। हाल ही में खाप पंचायतों द्वारा सामाजिक बहिष्कार और भारी जुर्माने जैसे कई मामले सामने आए हैं। कई परिवारों को गांव से बाहर निकालने या उन पर आर्थिक दंड लगाने के फरमान दिए गए। इसके खिलाफ कई शिकायतें भी दर्ज हुईं, लेकिन अभी तक खाप पंचायतों को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त फैसला राजस्थान हाईकोर्ट ने अब इस मामले में दखल देते हुए सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अर्जुन सिंह ने खाप पंचायतों की अमानवीय गतिविधियों को उजागर किया। हाईकोर्ट ने पाया कि खासकर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, नागौर और पाली जैसे जिलों में खाप पंचायतों की सामाजिक बुराइयां गहराई तक फैली हुई हैं। राजस्थान में सामाजिक सुधार की जरूरत कोर्ट ने अपने फैसले में राजा राम मोहन राय द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में समय-समय पर कुरीतियों को खत्म करने के प्रयास किए गए हैं। लेकिन अब ग्रामीण स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति का विश्लेषण करने की जरूरत है, ताकि इन समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जा सके। खाप पंचायतों की निगरानी के लिए गठित आयोग     यह आयोग कोर्ट कमिश्नर के रूप में काम करेगा।     आयोग के सदस्यों को पुलिस अधीक्षक से संपूर्ण सहयोग और सुरक्षा मिलेगी।     वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, स्थानीय पुलिस, सरपंच, ग्राम सेवक और ब्लॉक विकास अधिकारियों से बातचीत करेंगे।     रीति-रिवाजों और परंपराओं की आड़ में हो रहे कदाचारों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।  

उधमपुर में विमान सेवा शुरू करने पर मिली सहमति, अब सीधे फ्लाइट से वैष्णो देवी जा सकते हैं श्रद्धालु

उधमपुर जम्मू संभाग के उधमपुर में विमान सेवा शुरू करने पर सहमति मिलने इस पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए सुखद है। इससे विमान सेवा से बाहर जाने वालों को तो राहत मिलेगी ही, उधमपुर व रियासी जिले के पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। अभी तक विमान सेवा सिर्फ जम्मू और श्रीनगर के राजधानी शहरों में ही उपलब्ध है। इस कारण अगर किसी को दिल्ली, मुंबई या फिर कहीं पर भी जाना पड़े तो उसे पहले जम्मू एयरपोर्ट पर आना ही पड़ता है। हालांकि, अभी उधमपुर में कब सेवा शुरू होगी और किस जगह से सीधे फ्लाइट उतरेगी, इस पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है। अब सीधे फ्लाइट से वैष्णो देवी जा सकते हैं श्रद्धालु अभी एक उच्च स्तरीय टीम मूल्यांकन करने के लिए आ रही है और बहुत हद तक उनकी रिपोर्ट पर ही आगे की कार्रवाई होगी, लेकिन इससे इस जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक नई उम्मीद जग गई है। श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए हर वर्ष एक करोड़ के आसपास श्रद्धालु आते हैं। बहुत से श्रद्धालु हवाई मार्ग से जम्मू में आते हैं। अगर उन्हें यह सुविधा उधमपुर तक मिलेगी तो कटड़ा से नजदीक होने के कारण श्रद्धालु उधमपुर को प्राथमिकता दे सकते हैं। यही नहीं अपने धार्मिक व पहाड़ी पर्यटन के लिए जाने जाने वाले उधमपुर, रियासी, डोडा जैसे जिलों में भी पर्यटक जाने को प्राथमिकता दे सकते हैं। फ्लाइट सर्विस के लिए उधमपुर होगा तीसरा शहर लेकिन इसके लिए क्षेत्र में अभी आधारभूत ढांचा विकसित करने की आवश्यकता है। अच्छी बात यह है कि उधमपुर एक सैन्य क्षेत्र भी है। यहां पर सेना की उत्तरी कमान का मुख्यालय है। वायु सेना और सीमा सुरक्षा बल का प्रशिक्षण केंद्र भी कुछ ही दूरी पर स्थित है। जहाज उतारने से इन सभी को भी लाभ होगा। जहाज उतारने के लिए पहले से ही उधमपुर में सुविधा है। ऐसे में यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि आने वाले दिनों में चाहे कुछ एक ही सही लेकिन जहाज सेवा शुरू हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो जम्मू-कश्मीर में जम्मू और श्रीनगर के बाद उधमपुर तीसरा ऐसा शहर हो जाएगा जहां पर जहाज सेवा होगी। इससे लोगों की यात्रा बेहद आसान होगी।

मध्यप्रेदश में न्याय व्यवस्था के सभी विभाग एक दूसरे से जुड़ेंगे, ऑनलाइन होगा क्राइम जस्टिस सिस्टम, शुरू होगी नई व्यवस्था

देवास अपराधिक न्याय व्यवस्था के अलग अलग स्तंभों के मध्य सूचनाओं का आदान-प्रदान डिजिटल प्लेटफार्म पर करने के लिए देवास जिला पायलेट जिले के रूप में चयनित किया गया है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश का यह पहला जिला होगा, जिसमें विवेचकों के पास टेबलेट होंगे। अपराधिक न्याय से जुड़े सभी विभाग ऑनलाइन एक दूसरे से जुड़ेंगे। विवेचना, वारंट, समन, एमएलसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच, न्यायालय, अभियोजन और जेल विभाग जानकारियां साझा करेंगे। इस व्यवस्था को प्रदेश में लागू करने के लिए देवास जिले को पायलेट जिले के रूप में लेकर यहां पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, एफएसएल अधिकारी, अभियोजन के वकीलों विवेचकों की ट्रेनिंग करवाई जाएगी। सिस्टम पूरी तरह से लागू होने पर अपराधिक न्याय व्यवस्था सुलभ, पारदर्शी और तेज हो जाएगी। भारतीय दंड संहिता को भारतीय न्याय संहिता से बदलने के बाद अब दंड से ज्यादा न्याय पर जोर दिया जा रहा है। पहले कानून में दंड देने की बात होती थी, जो अब पीड़ित को न्याय देने की होती है। पुलिस विभाग पूरी अपराधिक न्याय व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अब सभी स्तंभों को ऑनलाइन करने पर जोर दे रहा है। इसके तहत एफआईआर होने से जेल जाने तक सबकुछ एक क्लिक पर लाने की कोशिश है। इस पूरी कसरत के लिए देवास जिला पायलेट जिले के रूप में चयनित हुआ है और काम शुरू हो चुका है। इसके तहत प्रकरणों की विवेचना करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को टेबलेट भी दिए जाएंगे। सब कुछ पेपरलेस और तेज हो जाएगा न्याय व्यवस्था में एफआईआर से प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद एमएलसी के लिए डाक्टर से संपर्क किया जाता है। विवेचना सीसीटीएनएस के माध्यम से पूर्व से ऑनलाइन है, परंतु डाक्टरी रिपोर्ट हार्ड कापी में मिलती है और इसके लिए काफी समय भी लगता है। नई प्रक्रिया में थाने से ही ऑनलाइन रिक्वेस्ट संबंधित अस्पताल में जाएगी, जिस पर रिप्लाय भी ऑनलाइन होगा। सभी एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट टाइप की हुई होगी। आमतौर पर डाक्टरों द्वारा लिखे गए पर्चे समझने में दिक्कत होती है, परंतु टाइप होने से आसानी से समझा जा सकेगा। यह काम सीसीटीएनएस और हेल्थ के मेडलेपार साफ्टवेयर को लिंक करने से होगा। इसी तरह, एफएसएल से भी रिपोर्ट हार्ड कापी में आती थी, जो ऑनलाइन आएगी। किसी भी पोस्टमार्टम के बाद विसरा एफएसल जाता है, जिसकी रिपोर्ट काफी समय बाद आती थी। अब एफएसएल सीसीटीएनएस से लिंक होगी, जिससे रिपोर्ट पोर्टल पर थाना प्रभारी को दिखने लगेगी। इससे एफएसएल के इंतजार में प्रकरण लंबित नहीं रहेंगे। विवेचना के दौरान चालान के पूर्व ई-प्रोसिक्यूशन पोर्टल अभियोजन से डायरी स्क्रूटनी होती है। नया सिस्टम लागू होने से सीसीटीएनएस से डायरी इप्रोसिक्यूशन पर चली जाएगी। चालान को सीसीटीएनएस में सबमिट कर प्रिंट आउट निकालकर देते हैं। इसके बजाय अब आनलाइन ही न्यायालय में चार्जशीट चली जाएगी। सबकुछ पेपरलेस और तेज हो जाएगा। अब ई-विवेचना नई व्यवस्था के तहत विवेचना भी ई-विवेचना हो जाएगी। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत जिले के विवेचकों को करीब 300 टेबलेट मिलेंगे। इसके लिए विवेचकों की ट्रेनिंग भी करवाई जाएगी। पूरी व्यवस्था लागू होने से न्याय सुलभ, तेज और पारदर्शी हो जाएगा। इसके लिए कंट्रोल रूम में रविवार को उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के न्यायमूर्तिगण व अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कार्यशाला की जाएगी। ई-समन और वारंट व्यवस्था जारी न्यायालय में विचारण में दौरान समन व वारंट जारी होते हैं। नई प्रक्रिया में कोर्ट से आनलाइन समन और वारंट जारी किए जाएंगे, जो थाना प्रभारी की सीसीटीएनपएस आइडी में दिखेंगे। थाने में पदस्थ सभी स्टाफ के नाम रहेंगे, जिनकी बीट के आधार पर समंस वारंट संबंधित पुलिसकर्मी को आनलाइन भेजे जा सकेंगे। हर पुलिसकर्मी के पास ई-रक्षक एप्लीकेशन रहेगा। संबंधित पुलिसकर्मी वारंट होने पर वहीं संबंधित का फोटो लेकर एप्लीकेशन में अपडेट कर देगा। कोर्ट का सीआइएस सॉफ्टवेयर (कोर्ट इंफरमेशन सिस्टम) में यह दिखेगा। देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बताया कि वर्तमान में ई-समन और वारंट व्यवस्था को जारी कर दिया गया है। पायलेट प्रोजेक्ट में प्रत्येक विवेचक को टेबलेट दिए जाएंगे। इनके माध्यम से विवेचक घटनास्थल के फोटो, नक्शा मौका, लेटिट्यूट, लांगिट्यूट, बयान, जब्ती की रिकार्डिंग, जब्ती पत्रक आदि की डिटेल फीड कर देंगे। बंदियों का पूरा ब्योरा भी पोर्टल पर दिखेगा न्यायालय से जो भी फैसला होगा, वह भी सीसीटीएनएस में आए नए फार्म में दिखने लगेगा। किसी को सजा होने पर जेल में इप्रिजन साफ्टवेयर में जानकारी डाली जाती है। यह भी सीसीटीएनएस से लिंक हो जाएगा, जिससे जेल में बंद अपराधियों से मिलने कौन आया, वह केस अपराध में बंद है, कब रिहा होगा आदि जानकारियां रहेंगी। आईसीजेएस पोर्टल के माध्यम से यह जानकारी भी आसानी से मिल पाएगी।

सोनकच्छ की प्रसिद्ध मावाबाटी को जीआई टैग दिलाने की तैयारी, देश में अपनी अलग पहचान बना सकती है

देवास अपने बेहतरीन स्वाद व अन्य मिठाइयों की तुलना में अधिक दिनों तक सुरक्षित रहने वाली देवास जिले के सोनकच्छ की प्रसिद्ध मावाबाटी देश में अपनी अलग पहचान बना सकती है। इस मावाबाटी के लिए जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग हासिल करने की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। आगामी लगभग एक माह में सोनकच्छ की मावाबाटी से जुड़ी विभिन्न जानकारी सहित इसमें उपयोग आने वाली सामग्री दूध, मावा आदि की टेस्टिंग करवाकर रिपोर्ट के साथ फाइल वरिष्ठ स्तर पर सौंपी जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए देवास के उद्यानिकी विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो दिन पूर्व उज्जैन में आयोजित जीआई टैग संबंधी प्रस्तुतीकरण व परिचर्चा में सोनकच्छ की मावाबाटी के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान मावाबाटी बनाने वाले एक हलवाई कनछेदीलाल विश्वकर्मा को भी साथ ले जाया गया था। जीआई टैग मिला तो डेढ़ से दोगुना तक हो सकते हैं दाम मावाबाटी को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रस्तुतीकरण देते समय प्रस्तावक रहे आभा फाउंडेशन देवास के आशीष राठौर के अनुसार जीआई टैग मिलने से मावाबाटी बनाने वाले परिवारों को फायदा मिलेगा। वर्तमान में 300-400 रुपये किलो मिलने वाली मावाबाटी का भाव 500 से 600 रुपये तक पहुंच सकता है। मिट्टी के पात्र में दी जाने वाली मावाबाटी 10-12 दिनों तक सुरक्षित रहती है। जीआई टैग मिलने से सोनकच्छ की अलग पहचान देश, विदेश में बनेगी। जहां भी मावाबाटी बेची जाएगी, सोनकच्छ के नाम का जिक्र रहेगा। किसी केमिकल का उपयोग नहीं सोनकच्छ में बनने वाली वास्तविक मावाबाटी में किसी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता है। इसमें मावे की छोटी गोली बनाकर अंदर सूखा मेवा का उपयोग किया जाता है। इसके बाद इस गोली को एक अन्य बड़ी गोली के अंदर डाला जाता है। पकाने के लिए लकड़ी की भटि्टयों का उपयोग किया जाता जिसमें आंच मध्यम या कम रखी जाती है। सोनकच्छ में मावाबाटी का इतिहास 100 साल से भी अधिक पुराना है।

माशिम का Result समय पर लाने के लिए की नई व्यवस्था, कॉपी चेक करने वालों की ऑनलाइन होगी अटेंडेंस

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस बार काफी सख्ती बरती है। कई मूल्यांकनकर्ता समय से समन्वयक केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। निर्धारित नियम के अनुसार, प्रत्येक शिक्षक को हर दिन कम से कम 30 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस कारण मंडल ने इस बार मूल्यांकनकर्ताओं की उपस्थिति को आनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की है। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो सभी समन्वयक केंद्रों के पास होगा। सबसे पहले शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके लिए मंडल ने सभी समन्वयक केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं कि एक कंप्यूटर सिस्टम और एक ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए। 24 मार्च से सभी मूल्यांकनकर्ताओं को उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। बता दें कि 10वीं व 12वीं के 17 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए करीब 40 हजार शिक्षकों को लगाया गया है।   जांची गई उतरपुस्तिकाओं की संख्या भी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी मंडल ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित होने पर सर्वप्रथम मूल्यांकन केंद्र पर निर्धारित स्थान पर उक्त लिंक के माध्यम से अपने आईडी सिस्टम में दर्ज कराकर अपने आने का समय पंजीकृत कराएंगे। इसी तरह निकलने से पहले प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता फिर आईडी से निकलने का समय ऑनलाइन दर्ज कराएंगे। साथ ही एक दिन में कितनी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। इसकी संख्या भी दर्ज करानी होगी। यह भी निर्देशित किया है कि अगर किसी मूल्यांकनकर्ता ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई तो उसे उस दिन अनुपस्थित मान्य किया जाएगा। दूसरे चरण का मूल्यांकन कार्य शुरू दूसरे चरण का मूल्यांकन कार्य शनिवार से शुरू हुआ है। सुबह 10.30 बजे से साढ़े पांच बजे तक मूल्यांकन कार्य संचालित किया जा रहा है। वहीं तीसरे चरण का मूल्यांकन कार्य 31 मार्च से शुरू होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार मई के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट घोषित होने की संभावना है।

सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, भारी मात्रा में डंप हथियार और विस्फोटक बरामद

सुकमा नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है. जिला सुकमा के मरकनगुड़ा और मेट्टागुड़ा के जंगलों में माओवादियों के ठिकानों से भारी मात्रा में डंप हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है. मरकनगुड़ा जंगल से बरामद हुए हथियार दुलेड कैंप के अंतर्गत मरकनगुड़ा के जंगल पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा छुपाए गए 6 भरमार बंदूकें, BGL सेल व भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की है. मेट्टागुड़ा जंगल से भी बरामद हुए हथियार इसी तरह नवीन कैंप मेट्टागुड़ा के अंतर्गत मेट्टागुड़ा के जंगल क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों ने 3 बंदूकें, BGL सेल, भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री जब्त की है. इस कार्रवाई को जिला पुलिस बल, सेकंड वाहिनी सीआरपीएफ, 203 वाहिनी कोबरा और 131 वाहिनी सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है.

मुंबई को चेन्नई ने 155 रनों पर रोका, नूर ने झटके 4 विकेट

चेन्नई. इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच चेपॉक में खेला जा रहा है। मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 155 रन बनाए। मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने सर्वाधिक 31 रन बनाए। चेन्नई की ओर से नूर अहमद ने चार और खलील अहमद ने तीन विकेट लिए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत खराब रही। टीम को पहले ही ओवर में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के रूप में झटका लगा। रोहित बिना खाता खोले आउट हुए। रेयान रिकल्टन 7 गेंद में 13 रन ही बना सके। विल जैक्स 11 रन बनाकर आउट हुए। सूर्यकुमार यादव 26 गेंद में 29 रन बनाकर आउट हुए। रॉबिन मिन्ज ने तीन और तिलक वर्मा 31 रन बनाकर आउट हुए। नमन 17 रन ही बना सके। सैंटनर 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बोल्ट एक बना सके। दीपक चाहर 15 गेंद में 28 रन बनाकर नाबाद लौटे। चेन्नई की ओर से नूर अहमद ने चार और खलील अहमद ने तीन विकेट लिए।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर भोपाल में बनेगा पॉर्क, लगेगी प्रतिमा: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद  विष्णुदत्त शर्मा, बिहार शासन के मंत्री राजू कुमार सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने रविवार को भाजपा प्रदेष कार्यालय में बिहार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘‘ अभियान के तहत आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज बिहार नई करवट ले रहा है। ऐसे में देश में और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। भगवान राम और कृष्ण के नाम से ही हमारी संस्कृति चलती है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी हमेशा भगवान राम और कृष्ण का रास्ता रोकते रहे हैं। इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में भोपाल में पॉर्क भी बनेगा और उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार ने धर्म, आध्यात्म से लेकर संस्कृति को अक्षुण्य बनाने का कार्य किया है। दुनिया को लोकतंत्र की शिक्षा देने का कार्य बिहार ने किया है। बिहार के वैशाली गणराज्य ने दुनिया को सबसे पहले लोकतंत्र की शिक्षा दी है। देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बिहार ने ही सबक सिखाने का कार्य किया है। बिहार के लोग अपनी कर्मठता, कर्मशीलता, मेहनत और विश्वास से दुनिया के कई देशों में स्थापित हैं। भोजपुरी समाज के लोग भोपाल के साथ मध्यप्रदेश के लिए बड़ी ताकत हैं। बिहार शासन के मंत्री राजू कुमार सिंह ने कहा कि देश के विकास में बिहार समाज का अभूतपूर्व योगदान रहा है। भोजपुरी समाज के समर्पण और साधना की चर्चा पूरे देश में होती है। फिरंगियों के खिलाफ सबसे पहले आवाज बिहार से ही उठी थी। देश और बिहार के विकास के लिए एनडीए का साथ दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया : डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जब बिहार में एनडीए की सरकार बनी, तो उस सरकार ने वहां के ऐतिहासिक स्थलों, नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का जीर्णोद्धार कराया। सड़कें और हाइवे बनाए, आईआईटी और आईआईएम जैसे शैक्षणिक संस्थान खोले और बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया। आज बिहार नई करवट ले रहा है। ऐसे में देश में और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। इस मिलन समारोह में उपस्थित सभी भोजपुरी भाई-बहनें ये संकल्प लें कि आने वाले चुनाव में बिहार में एनडीए की सरकार बनाने के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार के सपूत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पं. जवाहरलाल नेहरू के मना करने के बावजूद सरदार वल्लभ भाई पटेल के आमंत्रण पर सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनके इस योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में भोपाल में पॉर्क भी बनेगा और उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। सदियों पुराना है मध्यप्रदेश और बिहार का नाता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार एक स्वतंत्र राज्य के रूप में भले ही 1912 में अस्तित्व में आया हो, लेकिन मध्यप्रदेश से उसके ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। मौर्य काल में जब सम्राट पाटलिपुत्र में बैठते थे, तो भावी सम्राट अवंतिका में बैठकर शासन व्यवस्था संभालते थे। उस काल में सम्राट अशोक ने भी अपने जीवन के 10 वर्ष अवंतिका में बिताए थे। विधर्मियों ने जब राजा भोज के साम्राज्य पर आक्रमण किया, तो यहां के लोगों ने अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए बिहार में ही शरण ली थी। हमें यह बताते हुए गर्व की अनुभूति होती है कि भोजपुरी बोली भी राजा भोज से संबंधित है। बिहार के क्षत्रियों में उज्जैनिया ठाकुर के नाम वाली भी एक शाखा है, जो उज्जैन से बिहार के घनिष्ठ संबंधों को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि बिहार देश का इकलौता राज्य है जिसका नाम वृंदावन बिहारी यानी भगवान कृष्ण के नाम पर है। नरकासुर के वध के लिए भगवान कृष्ण द्वारका से बिहार होते हुए ही असम गए थे। भगवान राम और कृष्ण के नाम से ही हमारी संस्कृति चलती है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी हमेशा भगवान राम और कृष्ण का रास्ता रोकते रहे हैं। इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं। भोजपुरी समाज के लोगों के रग-रग में विश्वास और प्रतिबद्धता है: विष्णुदत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की दुनिया को शिक्षा देने वाले बिहार ने लोकतंत्र को बचाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। कांग्रेस पार्टी ने जब देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र पर प्रहार किया तो जयप्रकाश नारायण जी ने ही लोकतंत्र बचाने की अलख जगाई और उनके आह्वान पर ही देशभर में आंदोलन शुरू हुआ। जयप्रकाश नारायण जी के आंदोलन से निकली सोच को ही आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी देश की सेवा करने में जुटे हैं। बिहार के लोग देश के हर कोने में मिलेंगे और अपनी योग्यता व कर्मठता से देश व समाज की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। भोजपुरी समाज के लोग भोपाल सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए भी बड़ी ताकत हैं। भोपाल में भोजपुरी समाज से आने वाले स्वर्गीय सुरेन्द्र नाथ सिंह तीन बार भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे हैं। वे विधायक भी रहे हैं। वर्तमान में भोपाल के जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति भी भोजपुरी समाज से आते हैं। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से आज तक देखा जाए तो भोपाल के अधिकांश कलेक्टर और एसपी बिहार और भोजपुरी समाज से ही रहे हैं। बिहार में सशक्त और स्पष्ट सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाएं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार का व्यक्ति जहां भी रहे, वह अपनी विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता के … Read more

इंदौर में चलेगा जल गंगा जल संरक्षण अभियान, सघन वृक्षारोपण भी किया जायेगा

इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार इंदौर जिले में जल गंगा जल संरक्षण अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जायेंगे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। साथ ही सघन वृक्षारोपण भी होगा। इसके लिए जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। यह अभियान 30 मार्च से प्रारंभ होकर आगामी 30 जून तक सतत चलेगा। यह जानकारी जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई बैठक में दी गई। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्री मनोज पटेल तथा श्री मधु वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भारत सिंह पटेल, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार यह अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। “जल है तो कल है”, जल से आने वाली ‍पीढ़ी का भविष्य जुड़ा हुआ है। जल चिन्ता व चिंतन दोनों का विषय है। जल हमारी धरोहर है। हमारी संस्कृति एवं परंपरा में जल और वृक्षों की पूजा का बड़ा महत्व है, इसको देखते हुए इस अभियान को बेहतर और प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना होगा। इस अभियान समाज के हर वर्ग की भागीदारी से जन आंदोलन बनाया जायेगा। हमारा प्रयास होगा की यह अभियान एक आदर्श और अनुकरणीय हो तथा देश में नम्बर वन बनें। बैठक के पश्चात अतिथियों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने कहा कि इस अभियान को सभी के सहयोग से जन आंदोलन के रूप में चलाया जायेगा। अभियान में जल संरक्षण के साथ ही वृक्षारोपण पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा। बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत शुरूआत में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल संरक्षण के कार्य किये जायेंगे। जल गंगा जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च 2025 से की जायेगी।  इस अभियान में जल स्रोतों और देवालयों की सफाई की योजना बनाई जाएगी। यह संतों, जन प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय और सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित होगा, जिसमें मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन किया जाएगा । कार्य पूर्ण होने पर वरुण पूजन और जल अभिषेक होगा तथा रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समुदायों को दी जाएगी। बनेंगे 19 नये अमृत सरोवर जिले में गत वर्ष चलाये गये अभियान के तहत 101 नये अमृत सरोवर बनाये गये थे। इन सरोवरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्यवाही की जायेगी। अभियान में अमृत सरोवर 2.0 के तहत 19 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय होना संभावित है । अब तक 10 स्थलों का चयन हो चुका है, जबकि शेष का चयन 30 मार्च 2025 तक वैज्ञानिक (GIS) पद्धति से किया जाएगा । तालाबों से हटेंगे अतिक्रमण अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ तालाबों का सीमांकन किया जायेगा। राजस्व अभिलेखों में नवीन तालाबों को दर्ज किया जायेगा। तालाबों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। तालाबों की सीमा को दर्शाने हेतु चॉदे-मुनारे बनाये जायेंगे। तालाबों का जन भागीदारी से गहरीकरण होगा । मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से तालाब का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। तालाबों में जल की आवक बढ़ाने के लिये इनलेट क्षमता बढ़ायी जायेगी। तालाबों के पास पौधारोपण होगा । उपयोगकर्ता समूह बनाकर संधारण एवं रख रखाव किया जायेगा। नदियों के स्त्रोत के कैचमेंट पर होंगे कार्य जिले की महत्वपूर्ण नदियों के स्त्रोत से वाटरशेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य किये जायेंगे । रिमोट सेंसिंग और फील्ड सर्वेक्षण के आधार पर कार्ययोजना बनाकर एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण किया जाएगा । गेबियन संरचना, ट्रेंच, वृक्षारोपण, चेकडेम तालाब आदि कार्य समुदाय की भागीदारी से किये जायेंगे। पूर्व निर्मित जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार पूर्व में उपयोगी रहे लेकिन वर्तमान में अनुपयोगी चेकडेम व स्टॉप डेम का सर्वेक्षण किया जाएगा । सर्वेक्षण के आधार पर जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार कर कार्य किये जायेंगे। गाद निकालने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी । ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक कुँओं की मुण्डेर को सुव्यवस्थित किया जायेगा।

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