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सीएम ने कहा, “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे

 नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को नागपुर हिंसा को लेकर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद उन्होंने कहा कि नागपुर हिंसा को लेकर झूठा प्रचार किया गया कि  कुरान की आयत जलाई गई, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई. सीएम ने आगे कहा, “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. खासकर पुलिसकर्मियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे.”उन्होंने कहा, “दंगाइयों से हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई की जाएगी. उनकी प्रोप्रटी भी जब्त की जाएगी.” सीएम फडणवीस ने बुलडोजर एक्शन को लेकर कहा कि जहां चलाने की आवश्यकता होगी, वहां बुलडोजर चलाया जाएगा. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. किसको कितना मुआवजा मिलेगा? नागपुर में जिला प्रशासन ने इसके साथ ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जिन लोगों के वाहनों का पूरी तरह से नुकसान हुआ है, उन्हें ₹50,000 का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा जिन गाड़ियों को कम नुकसान हुआ है, उनके लिए ₹10,000 का मुआवजा निर्धारित किया गया है। जो लोग बीमा का लाभ उठा चुके हैं, उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा। दंगे के दौरान जिनकी संपत्तियों को नुकसान हुआ, उनके पंचनामा की प्रक्रिया अब शुरू की जा चुकी है। प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सभी का लेखा-जोखा तैयार कर रहे हैं। किस अफवाह ने नागपुर को आग में झोंका? बता दें कि नागपुर में हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पवित्र आयत लिखी चादर जलाई गई थी। हिंसा के इस मामले में अब तक कुल 105 लोग पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, नागपुर हिंसा के सिलसिले में 10 किशोर भी हिरासत में लिए गए हैं। बता दें कि हिंसा के दौरान DCP स्तर के 3 अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ की शहर इकाई प्रमुख फहीम खान और 5 अन्य के खिलाफ राजद्रोह और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

लोकायुक्त, ईडी, IT और DRI के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर की दर्ज

 ग्वालियर ग्वालियर में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा केस में अब पांचवीं जांच एजेंसी की एंट्री हो गई है। लोकायुक्त, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सौरभ और उमा शर्मा के खिलाफ ग्वालियर के सिरोल थाना में शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे परिवहन विभाग की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। साल 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति लेते समय सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा ने शपथ पत्र में बड़े भाई सचिन शर्मा की छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब ग्वालियर में दोनों पर मामला दर्ज कराया गया है। सौरभ की नियुक्ति को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू पहले ही लोकायुक्त में शिकायत कर चुके थे। पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, सहायक परिवहन आयुक्त किरन कुमार को एक जनवरी 2025 को संयुक्त परिवहन आयुक्त की ओर से एक पत्र मिला था। जिसमें सेवानिवृत परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर दिए गए शपथ पत्र की जांच के निर्देश थे। सहायक परिवहन आयुक्त ने जांच की और सर्विस रिकॉर्ड मंगाया। सौरभ शर्मा ने शपथ पत्र में यह जिक्र नहीं किया कि उसका बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में है। सौरभ की नियुक्ति के लिए उसकी मां उमा शर्मा ने भी शपथ पत्र दिया था। जिसमें बड़े बेटे की सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी।जांच के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग में संपर्क किया गया और वेबसाइट से कर्मचारियों की सूची निकाली तो वहां सौरभ के बड़े भाई सचिन शर्मा के सड़क विकास निगम रायपुर में तैनात होने की पुष्टि हुई। जिससे शपथ पत्र झूठे होने का प्रमाण मिला है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा केस में ईडी मनी ट्रेल और प्रॉपर्टी के दस्तावेज, तो इनकम टैक्स विभाग सौरभ के दोस्त चेतन सिंह गौर की गाड़ी से मिले 54 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए की जांच कर रही है। लोकायुक्त आय से ज्यादा संपत्ति की जांच तो डीआरआई इस बात की जांच कर रही है कि जो सोना मिला है, वो लीगल तरीके से लिया गया है या नहीं? काली कमाई को कॉलोनी बनाने में खपाए जाने का कनेक्शन भी जांच एजेंसियों को मिला है। अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

धान मिलिंग और परिवहन के दौरान वाहनों में जीपीएस सिस्टम आवश्यक रूप से लगवाने के साथ उसकी मॉनिटरिंग भी करें : मंत्री राजपूत

भोपाल मध्य प्रदेश में पिछले दिनों  EOW  के छापे में सामने आये करीब 5 करोड़ रुपये के धान उपार्जन घोटाले के बाद सरकार सख्त हो गई है, हाल ही में जबलपुर में भी नागरिक आपूर्ति निगम, राइस मिलर्स और और सोसायटियों के कर्मचारियों की मिलीभगत से एक ही जिले में करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी के सबूत मिले जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश फर्जीवाड़े में शामिल 74 लोगों के खिलाफ जिले के 12 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। अब सरकार इन गड़बड़ियों पर नजर रखने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाने जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि धान और गेहूं उपार्जन, परिवहन और भण्डारण में सामने आने वाली गड़बडियों को रोकने के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र जल्द विकसित करें। जिससे कहीं भी होने वाली गड़बड़ी का तत्काल पता लग जाये और उसपर एक्शन लिया जा सके। खाद्य मंत्री राजपूत ने अफसरों को दिए ये निर्देश खाद्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आयुक्त खाद्य को निर्देश दिये हैं कि धान और चावल के मिलिंग और परिवहन के दौरान वाहनों में जीपीएस सिस्टम आवश्यक रूप से लगवाने के साथ उसकी मॉनिटरिंग भी करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल कमांड सेन्टर बनाया जाए जिससे खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम एवं वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में भण्डारित किये गये उपार्जित धान एवं गेहूँ और चावल की मात्रा, परिवहन और मिलिंग की जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध हो जाए। सदन को ये आश्वासन दिया है मंत्री ने गौरतलब है कि खाद्य मंत्री राजपूत ने विधानसभा में सदन को आश्वस्त किया था कि उपार्जन, परिवहन, भण्डारण में गड़बड़ी रोकने के लिए एकीकृत प्रणाली विकसित कर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम कसेंगे। सहकारिता विभाग के सहयोग से मिलकर गड़बड़ी करने वाली समितियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रखेगे। सीएमआर की रैंडम जांच के निर्देश प्रदेश में खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 के तहत उपार्जित धान की मिलिंग का कार्य विभिन्न मिलर्स के माध्यम से जारी है। खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम को 11 फरवरी 2025 को निर्देश दिये थे कि धान की मिलिंग कार्य उपरांत मानक गुणवत्ता के चावल प्राप्त करने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा मुख्यालय स्तर पर एक दल गठित कर मिलिंग के दौरान समय-समय पर सीएमआर की रैंडम जांच सुनिश्चित करें। 3 सदस्यीय दल करेगा जांच खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि खरीफ उपार्जन वर्ष 2024-25 में धान की मिलिंग उपरांत चावल की गुणवत्ता भारत शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए एक 3 सदस्यीय दल नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा गठित किया गया है। टीम में मुख्यालय में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक (परिदान), सहायक महाप्रबंधक (गु.नि.), गुणवत्ता नियंत्रक (मुख्यालय) को शामिल किया गया है। यह समिति समय-समय पर जिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ उसी समय वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएगी। EWO के छापे में 5 करोड़ का धान उपार्जन घोटाला आया सामने आपको बता दें मध्य प्रदेश में सामने आये धान उपार्जन घोटाले के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर EOW  ने इस महीने की शुरुआत में प्रदेश व्यापी छापामार कार्यवाही की इसमें भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर EOW पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की टीमों ने मिलकर 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों एवं 140 वेयर हॉउसेस पर छापे मारे थे जिसमें 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी के सबूत मिले जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। धान की बोरियों में मिली थी भूसी, कांग्रेस ने PM Modi को लिखा पत्र    खास बात रही कि सतना में EOW की टीम को कनक वेयर हाउस में 535 क्विंटल धान के स्थान पर भूसी मिली। वेयर हाउस में सेवा सहकारी समिति पिंडरा एवं सेवा सहकारी समिति हिरौंदी जिला सतना द्वारा धान का भण्डारण किया गया था। घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबी आई से इसकी जाँच कराने के लिए पत्र भी लिखा है। जबलपुर में सामने आया धान परिवहन घोटाला उधर जबलपुर में धान परिवहन घोटाला सामने आया है, एक शिकायत के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जाँच समिति गठित कर जाँच कराई जिसमें पता चला कि जबलपुर जिले में अंतर-जिला मिलिंग के लिए बाहर भेजी जाने वाली धान को मिलर्स ने स्थानीय दलालों के जरिए बेच दिया। धान परिवहन के लिए 614 ट्रिप में से 571 का टोल नाकों पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। साथ ही, फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबरों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 307 ट्रिप में ट्रक की बजाय कारों के नंबर दर्ज किए गए। 30 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी, 74 लोगों पर FIR दर्ज   शुरूआती जाँच में ही सामने आया कि 30 करोड़ 14 लाख 19 हजार 600 रुपये कीमत की 1 लाख 31 हजार 52 क्विंटल धान की हेराफेरी हुई, जाँच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर के आदेश पर 74 व्यक्तियों के खिलाफ 12 थानों में 12 एफआईआर दर्ज की गई इसमें नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सहित 13 कर्मचारी, 17 राइस मिलर और सहकारी समितियों के उपार्जन केंद्रों से जुड़े 44 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

सनातन धर्म में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टि के आरंभ का दिन, पूजन परंपरा में नजर आएगा महाराष्ट्रीयन प्रभाव, नीम वाले जल से होगा अभिषेक

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा पर 30 मार्च को हिन्दू नववर्ष का उत्सव मनाया जाएगा। सुबह 10.30 बजे भोग आरती में भगवान महाकाल को श्रीखंड व पूरनपोली का भोग लगेगा। मंदिर के शिखर पर ध्वज तथा नैवेद्य कक्ष में गुड़ी आरोहण होगा। नए पंचांग का पूजन भी किया जाएगा। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में महाराष्ट्रीयन संस्कृति का प्रभाव है। सिंधिया स्टेट के समय से यह पूजन पद्धति प्रचलित है। सुबह 7.30 बजे बालभोग आरती, 10 बजे भोग     चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मंदिर में आयोजित होने वाले हिन्दू नववर्ष उत्सव में महाराष्ट्रीयन परंपरा के रंग नजर आते हैं। पं. महेश पुजारी ने बताया कि गुड़ी पड़वा पर सुबह भगवान महाकाल का नीम मिश्रित जल से अभिषेक कर पूजा अर्चना की जाएगी।     सुबह 7.30 बजे होने वाली बालभोग आरती के बाद मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया जाएगा। वहीं नैवेद्य कक्ष में गुड़ी आरोहण कर पूजा अर्चना की जाएगी। सुबह 10.30 बजे भोग आरती में भगवान को केसरिया श्रीखंड व पूरनपोली का भोग लगाया जाएगा।     चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए पंचांग की शुरुआत होती है। मंदिर की पूजन परंपरा तथा तीज त्यौहार ग्वालियर के पंचांग अनुसार मनाए जाते हैं। गुड़ी पड़वा पर नए पंचांग के पूजन की भी परंपरा है। सूर्य को अर्घ्य देकर करेंगे नव संवत्सर का स्वागत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि के आरंभ का दिन है। कालगणना की नगरी उज्जैन से इस दिन की शुरुआत हुई है। इसलिए नवसंवत्सर का उत्सव सबसे पहले उज्जैन की धर्मधरा पर मनाया जाता है। महाकाल को नीम-मिश्री के शरबत का भोग शनिवार को नव संवत्सर, वर्ष प्रतिप्रदा पर महाकाल मंदिर में नीम-मिश्री के शरबत का भोग लगाने के साथ मंदिर का ध्वज बदला जाएगा। शिप्रा किनारे रामघाट, दत्त अखाड़ा के अलावा शहर में विभिन्न संगठनों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मंत्रोच्चारण के साथ सूर्य को अघ्र्य प्रदान किया जाएगा। साथ ही मां शिप्रा का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उपस्थित अतिथियों और शहरवासियों को मिश्री-नीम का प्रसाद दिया जाएगा। सृष्टि के आरंभ का दिन है प्रतिपदा महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि के आरंभ का दिन है। भगवान महाकाल तीनों लोकों के स्वामी हैं। हर तीज-त्योहार, उत्सव की शुरुआत महाकाल के आंगन से होती है। प्रतिपदा गुड़ी पड़वा पर पुजारी-पुरोहितों द्वारा भगवान को नीम-मिश्री के शरबत का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया जाएगा। महाकाल मंदिर में मंदिर के शिखर पर नया ध्वज लगाया जाएगा। शंख ध्वनि से होगी नववर्ष की शुरुआत 5 बजे से बड़ा गणेश मंदिर से 101 कलश यात्रा एवं ध्वज चल समारोह आरंभ होगा। सुबह 6.27 बजे बंगाली समाज की महिलाओं द्वारा शंखध्वनि से नववर्ष का उद्घोष किया जाएगा। ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान शिप्रा का पूजन, सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। संवत्सर मंत्रों का पाठ वेदिक बटुकों द्वारा होगा। इसके अलावा गुरु अखाड़े के छात्रों द्वारा सूर्य नमस्कार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संत- अतिथि और विद्वानों द्वारा नववर्ष की मंगलकामना व शिप्रा आरती होगी। गणेश मंदिर में संध्या समय दीप सज्जा की जाएगी। आयोजन में सांदीपनि स्मृति महोत्सव समिति, गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज, शिप्रा महासभा मालवेद विद्या परिषद, नववर्ष नव विचार समिति, नृसिंह तैराक सेवा संघ आदि का सहयोग रहेगा। महाराष्ट्र समाज का ध्वज चल समारोह महाराष्ट्र समाज उज्जयिनी द्वारा नववर्ष प्रतिपदा गुड़ी पड़वा परम्परा अनुसार उत्सव के रूप में मनाई जाएगी। हनुमान मंडल पानदरीबा द्वारा ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा। गुड़ी पड़वा पर ध्वज चल समारोह पानदरीबा स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होगा, जो गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी होते हुए वापस पानदरीबा होते हुए गणेश मंदिर पर आकर संपन्न होगा। इसमें महाराष्ट्र समाज के लोग परंपरागत वेशभूषा में शामिल होंगे। वहीं महिला मंडल बाइक पर सवार होकर निकलेगा।.

प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों से कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो

 नई दिल्ली दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड करने के बाद आज एक और इंजीनियर उनके निशाने पर आ गया. प्रवेश वर्मा ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर का दिया है. उन्होंने कहा कि ‘काम नहीं करोगे तो कार्रवाई होगी.’ ‘ऐसे तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा’ दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कल रात शराब पी होगी इसलिए उनके मुंह से बदबू आ रही है. उन्होंने कहा, ‘मुझे भी ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड करना अच्छा नहीं लगता. ऐसा किया तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा. सब अधिकारी अच्छे से काम करें और फोन उठाना शुरू करें.’ ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो’ दिल्ली के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो. 10 दिनों के अंदर समाधान नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जैसे कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड किया. अब अगला नंबर आप लोगों का हो सकता है.’ ‘पसीना निकलेगा तो चर्बी घटेगी’ एक दिन पहले प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि 10 साल में अधिकारियों की खाल मोटी हो गई है. हम लोग खुद जमीन पर उतरकर पसीना बहा रहे हैं, उनको भी सड़क पर ला रहे हैं. जब उनके पसीने निकलेंगे तो उनकी चर्बी घटेगी. उन्होंने कहा कि काम तो इन्हीं अधिकारियों से करवाएंगे. समर एक्शन प्लान को लेकर हम हर तीसरे दिन बैठक कर रहे हैं. पिछली बैठकों में कितना क्रियान्वयन हुआ है. हर एक चीज की समीक्षा कर रहे हैं, पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया जाएगा और पूरी दिल्ली को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा. प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘अधिकारी चाहते हैं कि वे मॉनिटर ना हों, लेकिन हम लोग करेंगे. हम लोग जहां भी जमीन पर उतरे, वहां पर दिक्कत दिख रही है. लेकिन हम इन्हीं अधिकारियों से काम करवाएंगे.’  

डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत, आयात पर निर्भर इंडस्ट्री को फायदा होगा

मुंबई भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 86 रुपये से ऊपर पहुंच गया है. यह उसका पिछले दो साल में किसी भी एक सप्ताह का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. तेल की कीमतों में स्थिरता, डॉलर इंडेक्स में गिरावट, और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में किए गए हस्तक्षेप जैसे कारकों ने रुपये को मजबूती दी है. इस सप्ताह रुपये ने 1.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे अधिक है. विशेषज्ञों का कहना है कि RBI द्वारा डॉलर की तरलता (लिक्विडिटटी) बढ़ाने और नियमित हस्तक्षेप के कारण रुपया लगातार मजबूत हो रहा है. इसके अलावा, विदेशी निवेश, तेल की कीमतों में स्थिरता, घरेलू महंगाई में कमी, और व्यापार घाटे (ट्रेड डेफिसिट) में सुधार ने भी रुपये को सबल दिया है. फरवरी में भारत का व्यापार घाटा घटकर 14.05 अरब डॉलर (लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये) रह गया, जो जनवरी में 23 अरब डॉलर (लगभग 1.91 लाख करोड़ रुपये) था. यह सुधार निर्यात और आयात में गिरावट के कारण हुआ है. रुपये की मजबूती के मुख्य कारण     RBI का हस्तक्षेप: RBI ने डॉलर/रुपया स्वैप ऑक्शन के जरिए डॉलर की लिक्विडिटी बढ़ाई. स्वैप नीलामी का मतलब है कि RBI ने बैंकों से डॉलर खरीदे और उन्हें भविष्य में वापस बेचने का वादा किया.     तेल की कीमतों में स्थिरता: तेल की कीमतें स्थिर रहने से भारत का आयात बिल कम हुआ, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला.     विदेशी निवेश: विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में पैसा लगाया, जिससे डॉलर की आपूर्ति बढ़ी.     व्यापार घाटे में सुधार: फरवरी में व्यापार घाटा कम होकर 14.05 अरब डॉलर रह गया, जो अगस्त 2021 के बाद से सबसे कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की सही और समय पर नीतियों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है. इससे रुपये की मजबूती जारी रह सकती है. हालांकि, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और तेल की कीमतों में बदलाव जैसे कारक रुपये को प्रभावित कर सकते हैं. रुपये की मजबूती से किन सेक्टरों को लाभ रुपये की मजबूती से कई सेक्टरों को फायदा होगा, खासकर आयात पर निर्भर रहने वाली इंडस्ट्री को. जब रुपया मजबूत होता है, तो आयात होने वाला सामान जैसे कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मशीनरी सस्ते हो जाते हैं. इससे पेट्रोलियम, ऑटोमोबाइल, और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को लागत में कमी आती है. साथ ही, विदेशी यात्रा करने वालों को भी फायदा होगा, क्योंकि डॉलर के मुकाबले उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ जाती है. हालांकि, निर्यातकों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि मजबूत रुपये से उनके उत्पाद विदेशों में महंगे हो जाते हैं. खासकर आईटी कंपनियों को डॉलर के कमजोर होने और रुपये के मजबूत होने से दिक्कत होती है. बाजार पर विदेशी निवेश का असर   गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,239.14 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. इसके अलावा, भारतीय बॉन्ड मार्केट में भी 5,500 करोड़ रुपये का निवेश देखने को मिला. विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की रियल यील्ड (Real Yield) 3.028% होने के कारण विदेशी निवेशक यहां निवेश को आकर्षक मान रहे हैं.    डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल में बढ़त डॉलर इंडेक्स (Dollar Index), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.13% की बढ़त के साथ 103.98 पर रहा. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) वायदा कारोबार में 0.44% बढ़कर 72.32 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.   शेयर बाजार में भी दिखी मजबूती   घरेलू शेयर बाजार भी सकारात्मक कारोबार कर रहे हैं. दोपहर के कारोबार में 12 बजकर 7 मिनट के करीब BSE सेंसेक्स (Sensex) 581.34 अंक या 0.76% की बढ़त के साथ 76,929.40 पर कारोबार कर रहा था. Nifty 50 भी 165.10 अंक या 0.71% की बढ़त के साथ 23,355.75 पर पहुंच गया.   भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों की भरोसा कायम रुपये की मजबूती भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है. आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स की चाल रुपये की दिशा तय करेगी. वहीं,  फेडरल रिजर्व के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर रुपये की चाल पर पड़ सकता है.

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ कानूनविद, अधिवक्ता व समाजसेवी आनंद मोहन माथुर का निधन

इंदौर इंदौर के वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी आनंद मोहन माथुर का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 95 वर्ष की आयु तक वे सामाजिक आयोजनों और आंदोलनों में सक्रिय थे और वकालत भी करते थे। इसके बाद से वे बीमार हो गए थे। लंबी बीमारी के चलते ही उनका निधन हो गया। आनंद मोहन माथुर ने इंदौर के लिए कई उल्लेखनीय काम किए हैं। खुद के खर्च पर उन्होंने शहर में एक सभागृह, झूला ब्रिज और ओपीडी सहित अन्य काम कराए थे। वे कई संगठनों से भी जुड़े थे। उनके निधन पर कई संगठनों और नागरिकों ने शोक व्यक्त किया है। मिल में मजदूरी भी की वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी माथुर ने आजादी आंदोलनों में भी भाग लिया था। किशोरावस्था में वे अंग्रेजों के खिलाफ हो रहे आंदोलनों में हिस्सेदारी करने लगे थे। इसका खामियाजा उनके परिवार को भुगतना पड़ा। साथ ही उन्हें अपने परिवार का साथ भी छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वे गांव से इंदौर आ गए। उन्होंने मालवा मिल में बदली मजदूर के रूप में काम किया। इसके अलावा उन्होंने काॅलेज में अध्यापन कार्य भी किया। उनका सपना डाॅक्टर बनने का था, लेकिन फिर बाद में उन्होंने वकील बनने का निर्णय लिया। वकील बनकर उन्होंने अपने पेशे को बड़ी निष्ठा से निभाया। वकालत कर उन्हें जो भी फीस मिलती थी, उसका बड़ा हिस्सा वे समाजसेवा से जुड़े कामों में खर्च करते थे। देश का प्रतिनिधित्व भी किया माथुर ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानून विशेषज्ञों के रूप में देश का प्रतिनिधित्व भी किया है। उन्होंने इंदौर की कान्ह नदी पर एक झूला ब्रिज बनवाया। इसके अलावा आनंद मोहन माथुर सभागृह का निर्माण भी कराया। बाइपास पर उन्होंने बेशकीमती जमीन समाज से जुड़े कामों के लिए दे दी। समाजसेवा से जुड़े कई ट्रस्टों में वे ट्रस्टी की भूमिका में लंबे समय तक रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया दुख सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी श्री आनंद मोहन माथुर जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। आपका सम्पूर्ण जीवन सामाजिक आंदोलनों एवं जनसेवा के लिए समर्पित रहा। इंदौर शहर के लिए किए गए आपके उल्लेखनीय कार्य हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में विश्रांति दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।’ उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी हिस्सा लिया था और आपातकाल (Emergency) के दौरान जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, वे मालवा-निमाड़ सहित पूरे मध्य प्रदेश में आंदोलनकारियों के लिए कानूनी सलाहकार और मेंटर रहे। उनकी सामाजिक चेतना और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वे हमेशा मुखर रहे, जैसे कि भोपाल एनकाउंटर (2016) और विकास दुबे एनकाउंटर (2020) जैसे मामलों में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग की थी। गरीब के कारण डॉक्टर नहीं बन पाए : आनंद मोहन माथुर शुरुआत से कानून नहीं बल्कि मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते थे। उनका परिवार गरीब था। स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने के चलते पिता की नौकरी भी चली गई थी। इसके बाद पैसों की तंगी हुई और आनंद मोहन माथुर का डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया। पढ़ाई पूरी करने के लिए मजदूरी की : आनंद मोहन माथुर सामान्य व्यक्तित्व के व्यक्ति नहीं थे। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी लेकिन उनके हौसले बुलंद थे। उन्होंने अपने संघर्ष के शुरुआती दिनों में इंदौर की मालवा मिल में बदली मजदूर के रूप में काम किया। इसके बाद मेहनत करके उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में शिक्षक के रूप में भी सेवाएं दीं। बेटी को बनाया डॉक्टर : खुद डॉक्टर नहीं बन सके इसलिए अपनी बेटी को उन्होंने डॉक्टर बनाने का निर्णय लिया। मेहनत और लगन से उन्होंने अपनी बेटी को मेडिकल की पढाई करवाई। इस समय आनंद मोहन माथुर की बेटी डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। भोपाल गैस कांड का केस भी लड़ा : आनंद मोहन माथुर की कहानी का एक अहम हिस्सा भोपाल गैस कांड से जुड़ा है। जिस दिन उनकी बेटी की शादी थी उसी दिन भोपाल में गैस कांड हुआ। बेटी को विदा कर वे तुरंत भोपाल के लिए रवाना हो गए। उन्होंने भोपाल गैस कांड मामले से जुड़ी याचिका कोर्ट में दायर की। उनके द्वारा डाउ केमिकल फैक्ट्री से पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। समाजसेवा से जुड़े काम : आनंद मोहन माथुर जितने बड़े कानूनविद थे उतने ही बड़े समाजसेवी थे। अधिवक्ता के नाते मिली फीस का बड़ा हिस्सा वे दान कर देते थे। उन्होंने अपनी जमीन भी समाजसेवा से जुड़े कामों में दी। अपने खर्च पर कान्हा नदी पर ब्रिज बनवाया और आनंद मोहन माथुर सभागृह का निर्माण भी किया। संगीत प्रेम भी थे आनंद मोहन माथुर : कानून के जानकर होने के साथ – साथ आनंद मोहन माथुर संगीत प्रेमी भी थे। उन्होंने अपने इसी प्रेम के चलते 94 साल की उम्र में हारमोनियम बजाना सीखा।

बांग्लादेश में नेताओं ने किए बड़े क्रिप्टो निवेश ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को जन्म दे दिया

 ढाका बांग्लादेश में कथित छात्र आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग के बड़े लिंक सामने आए हैं. एक जांच में खुलासा हुआ है कि इस आंदोलन को भारी विदेशी धनराशि से समर्थन मिला था. इसके नेताओं द्वारा किए गए बड़े क्रिप्टो निवेश ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को जन्म दे दिया है. एडीएसएम (ADSM) लीडर और ‘जातीय नागरिक कमेटी’ के संस्थापक सरजिस आलम ने 7.65 मिलियन डॉलर (65 करोड़ रुपये) क्रिप्टोकरेंसी टेथर (Tether) में निवेश किए. बेहद साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आकर इतनी बड़ी संपत्ति बनाना अवैध विदेशी फंडिंग की ओर इशारा करता है. मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका अंतरिम सरकार में आईटी एडवाइजर और एडीएसएम कोऑर्डिनेटर नाहिद इस्लाम ने 204.64 बिटकॉइन (BTC) का निवेश किया है, जिसकी कीमत 17.14 मिलियन डॉलर (147 करोड़ रुपये) है. इस भारी निवेश ने उनके पैसे के स्रोत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीटीजी विश्वविद्यालय (CTG University) से जुड़े एडीएसएम लीडर खान तलत महमूद रफी ने 11.094 बिटकॉइन का निवेश किया जिसकी कीमत 1 मिलियन डॉलर (8.60 करोड़ रुपये) है. कोई ज्ञात संपन्न पारिवारिक पृष्ठभूमि नहीं होने के बावजूद इतना बड़ा निवेश मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाओं को दर्शाता है. मीडिया के लोग भी जाल में शामिल प्रधान सलाहकार के प्रेस सचिव और पत्रकार शफीकुल आलम के पास 93.06 बिटकॉइन (10 मिलियन डॉलर, 86 करोड़ रुपये) की संपत्ति है. इससे यह साफ होता है कि आंदोलन से जुड़े मीडिया के लोग भी इस विदेशी फंडिंग के जाल का हिस्सा थे. बांग्लादेश के जिस आंदोलन को कभी छात्र-नेतृत्व वाले बदलाव का प्रयास माना जा रहा था, उस पर अब विदेशी फंडिंग के आरोप लग रहे हैं. क्रिप्टो निवेशों ने इन बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है. पिछले साल शुरू हुआ था आंदोलन पिछले साल अगस्त में छात्रों ने आरक्षण के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जो बढ़ते-बढ़ते प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिराने पर रुका. देश की बागडोर कुछ समय के लिए अंतरिम सरकार के हाथ में आ गई. उम्मीद थी कि इस बीच चुनाव होंगे और नई लोकतांत्रिक सरकार आ जाएगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ. सरकार गिराने वाले छात्र राजनैतिक दल बना चुके हैं.  

भोपाल में मेट्रो के सेकंड फेज की मिट्टी टेस्टिंग शुरु, भोपाल में भदभदा से रत्नागिरी के बीच दौड़ेगी मेट्रो, 13Km में 14 स्टेशन बनेंगे

भोपाल भोपाल मेट्रो के अंतर्गत आने वाली ब्लू लाइन के निर्माण के लिए मिट्टी परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह टेस्टिंग इसलिए की जा रही है ताकि पिलर और मेट्रो स्टेशनों की नींव मजबूत बनाई जा सके। मिट्टी की स्ट्रेंथ जांचने के लिए कई जगहों पर परीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीन निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त है। इन जगहों पर हो चुकी टेस्टिंग     अब तक कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के सामने स्टेशन और आईटीआई-जेके रोड पर पिलर के लिए मिट्टी की टेस्टिंग हो चुकी है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और पूरे 13 किमी लंबे रूट पर टेस्टिंग की जाएगी। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी स्टेशन एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी बनेगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जाएगा। जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है।   मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है। इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंटरचेंज सेक्शन को अभी से डिजाइन करना पड़ेगा। 1006 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी ब्लू लाइन भोपाल मेट्रो ब्लू लाइन (Bhopal Metro Blue Line) का निर्माण 1006 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक कुल 13 किमी लंबाई में मेट्रो लाइन बनाई जाएगी। यह रूट शहर के कई प्रमुख रास्तों (Bhopal Metro Route) से होकर गुजरेगा। जिससे यातायात को सुगम और तेज बनाया जा सकेगा। ब्लू लाइन के इस रूट पर 14 स्टेशन बनाए जाएंगे। ब्लू लाइन में इंटरचेंज सेक्शन भी होगा भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro) की ब्लू लाइन में बोगदा पुल पर एक इंटरचेंज सेक्शन बनाया जाएगा। यह सेक्शन करोंद चौराहा से एम्स तक बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा से रत्नागिरी तक की ब्लू लाइन को आपस में जोड़ेगा। इस इंटरचेंज सेक्शन की मदद से यात्री एक मेट्रो से उतरकर आसानी से दूसरी मेट्रो पकड़ सकेंगे। बोगदा पुल के पास यह सेक्शन सुभाष नगर से एम्स के प्रायोरिटी ट्रैक के करीब होगा। दो तरह से परीक्षण मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने और जेके रोड पर पिलर के लिए टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, मिंटो हॉल के सामने स्टेशन के लिए टेस्टिंग शुक्रवार को की गई। इन जगहों पर बनेंगे 14 स्टेशन ब्लू लाइन के लिए कुल 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा शामिल हैं। मिट्टी की टेस्टिंग के दौरान बेरिकेडिंग की गई है। ताकि, कोई दिक्कत न हो। मिट्टी परीक्षण दो चरणों में होगा मेट्रो (Bhopal Metro) निर्माण के लिए मिट्टी की टेस्टिंग दो चरणों में की जा रही है। पिलर के लिए मिट्टी परीक्षण: यह उन जगहों पर किया जा रहा है जहां मेट्रो के पिलर खड़े किए जाएंगे। इससे जमीन की ताकत और भार वहन करने की क्षमता का पता लगाया जाता है। मेट्रो स्टेशन के लिए मिट्टी परीक्षण: यह उन जगहों पर किया जा रहा है जहां मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस टेस्टिंग से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मिट्टी की संरचना स्थिर और मजबूत है। ब्लू लाइन का निर्माण कब तक पूरा होगा? भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन का निर्माण काम 2024 में शुरू हुआ है और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अधिक तेज़, कुशल और सुविधाजनक बन जाएगी।

मंत्री सारंग ने कहा कि पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश देश में नम्बर-1 पर

भोपाल  मध्यप्रदेश प्रत्येक विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम बनाने वाला पहला राज्य बनेगा, दरअसल सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री के जवाब के बाद उनके दोनों विभागों के लिये 2700 करोड़ 41 लाख 88 हजार की अनुदान मांगे सर्व-सहमति से पारित कर दी गई, यह मांगे मध्यप्रदेश के बजट सत्र में चर्चा के दौरान पारित की गई। बीज का नया ब्रॉण्ड “चीता” जल्द होगा लांच सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उनके दोनों विभागों की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में इस वर्ष को मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार बीज की दिशा में काम कर रही है। बीज संघ को उन्नत स्तर पर पहुँचाने का प्रयास है। बीज संघ के माध्यम से चीता बीज के नाम से नया ब्रॉण्ड लांच किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम से चीता बीज का वितरण किया जायेगा। इसमें भी मध्यप्रदेश लीड करेगा। उन्होंने कहा कि पैक्स को अग्रणी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिये एम-पैक्स की अवधारणा की गयी है। प्राथमिक समिति केवल क्रेडिट का काम न कर बहुउद्देश्यीय बनायी जा रही है। दो पैक्स को पेट्रोल की डीलरशिप भी मिली है। प्रत्येक विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम बनाने वाला पहला राज्य बनेगा मध्यप्रदेश, सदन में 2700 करोड़ 41 लाख 88 हजार की अनुदान मांगे सर्व-सहमति से पारित पैक्स कम्प्यूटराइजेश में मध्यप्रदेश नम्बर-1 पर मंत्री सारंग ने कहा कि पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश देश में नम्बर-1 पर है। सभी पैक्स संस्थाओं के कम्प्यूटराइजेशन का कार्य लगभग हो चुका है। सहकारिता विभाग में भर्ती के मामले में भी मध्यप्रदेश अव्वल है। आईबीपीएस के माध्यम से विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया करवायी जा रही है। इसी संस्था के माध्यम से रिजर्व बैंक और नाबार्ड में भी भर्तियाँ होती हैं। पैक्स और अपैक्स दोनों के होंगे चुनाव, सहकार सभा भी होगी मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पैक्स और अपैक्स दोनों के चुनाव भी होंगे। पंचायत स्तर तक जाकर खाद का वितरण करने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। सहकारिता वर्ष में मध्यप्रदेश ने भी कैलेण्डर बनाकर सहकारी आंदोलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और पारदर्शिता लाने का काम किया है। जल्द ही सहकार सभा भी आयोजित की जायेगी, जिसमें सभी को जुड़ने का मौका मिलेगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सेवाओं की पूर्ति हो सके, इस पर काम किया जा रहा है। कृषि विकास दर में सहकारिता का बहुत बड़ा योगदान मंत्री सारंग ने कहा कि हमने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से लगभग 2300 करोड़ के 19 एमओयू किये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर में सहकारिता का बहुत बड़ा योगदान है। खाद-बीज, शार्टटर्म लोन और उपार्जन के माध्यम से सही दाम किसानों को मिल सके, यही सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने सहकारी आंदोलन मंत्री सारंग ने कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये सहकारी आंदोलन मजबूत होना चाहिये। इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने केन्द्र में सहकारिता विभाग का गठन कर केन्द्रीय मंत्री अमित शाह जैसे कुशल नेतृत्व में सहकारिता विभाग का दायित्व दिया। केन्द्र और राज्य सरकार में बड़े और छोटे भाई की भूमिका रही है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में काम हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर 3 शीर्ष स्तर की संस्थाएँ बनायी गयी हैं। विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के लिये काम कर रही है। विधानसभा स्तर पर खेल स्टेडियम बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नई पार्थ (पीएआरटीएच) योजना और एमपीवायपी योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश युवा पोर्टल की शुरूआत की है। मध्यप्रदेश सरकार ज्ञान (जीवायएएन) की अवधारणा पर काम कर रही है। मंत्री सारंग के वक्तव्य के बाद विधानसभा में उनके दोनों विभाग सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण की 2700 करोड़ 41 लाख 88 हजार रुपये की अनुदान मांगों को सर्व-सम्मति से पारित किया गया।

ईडन गार्डन्स की पिच का कैसा रहेगा मिजाज और किसे मिलेगा फायदा?, केकेआर वर्सेस आरसीबी मुकाबला आज

कोलकाता दुनिया की सबसे रंगारंग लीग आईपीएल के 18वें सीजन का आगाज आज होगा जब गत चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भिड़ेगी। केकेआर वर्सेस आरसीबी मुकाबला भारतीय समयानुसार साढ़े 7 बजे शुरू होना है, मगर ओपनिंग सेरेमनी के चलते मैच शुरू होने में थोड़ी देरी हो सकती है। आईपीएल 2025 के ओपनिंग मुकाबले पर बारिश का भी साया है। कोलकाता के कुछ हिस्सों में इस समय ऑरेंज अलर्ट जारी है, ऐसे में रिपोर्ट्स हैं कि यह मैच रद्द भी हो सकता है। हालांकि फैंस चाहेंगे कि यह मैच पूरा हो और उन्हें 2008 की तरह आईपीएल 2025 का भी आगाज देखने को मिले। आइए KKR vs RCB की पिच रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं- केकेआर वर्सेस आरसीबी पिच रिपोर्ट कोलकाता के इस एतिहासिक मैदान की पिच वैसे तो बल्लेबाजों को फेवर करने के लिए मानी जाती है, मगर शुरुआत में यहां गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिलती है। यहां अधिकतर टीमें टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना पसंद करती है क्योंकि इस मैदान पर रनचेज काफी आसान हो जाती है। ओस इस रन चेज में अहम भूमिका निभाती है, मगर बीसीसीआई के नए नियम के चलते कप्तानों की सोच बदल सकती है। बता दें, बीसीसीआई के नए नियम के अनुसार असर मैदान पर ओस ज्यादा हो तो अंपार्यस दूसरी पारी में 10वें ओवर के बाद बॉलिंग टीम को नई गेंद सौंप सकते हैं। ईडन गार्डन्स आईपीएल आंकड़े और रिकॉर्ड्स पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 38 (40.86%) रनचेज करते हुए जीते गए मैच- 55 (59.14%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 49 (52.69%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 44 (47.31%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 262/2 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 163 केकेआर वर्सेस आरसीबी हेड टू हेड कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की भिड़ंत आईपीएल में अभी तक कुल 34 बार हुई है जिसमें केकेआर ने 20 तो आरसीबी ने 14 मैच जीते हैं। अगला मुकाबला केकेआर के घर में होने वाला है तो ऐसे में उनके पास अपनी लीड को बढ़ाने का मौका रहेगा। केकेआर वर्सेस आरसीबी स्क्वॉड केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), वेंकटेश अय्यर (उपकप्तान), मोइन अली, वैभव अरोड़ा, क्विंटन डी कॉक, हर्षित राणा, स्पेंसर जॉनसन, मयंक मारकंडे, सुनील नरेन, एनरिक नॉर्टजे, मनीष पांडे, रोवमन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रहमानुल्लाह गुरबाज, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, आंद्रे रसेल, चेतन सकारिया, रिंकू सिंह, लवनीथ सिसोदिया, वरुण चक्रवर्ती। आरसीबी: रजत पाटीदार (कप्तान), अभिनंदन सिंह, जैकब बेथेल, मनोज भांडागे, स्वास्तिक चिकारा, टिम डेविड, जोश हेजलवुड, विराट कोहली, भुवनेश्वर कुमार, लियाम लिविंगस्टोन, मोहित राठी, लुंगी एनगिडी, देवदत्त पडिक्कल, क्रुणाल पांड्या, रसिख सलाम, फिल साल्ट, जितेश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, यश दयाल।  

फॉरेस्ट्स एण्ड फूड्स थीम पर आधारित है वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया खिलाड़ियों का सम्मान, कहा “आपने छत्तीसगढ़ का सिर गर्व से ऊंचा किया” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव: खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री 130 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रूपए की सम्मान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित रायपुर आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़  का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही  है। ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है। बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीक मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं। खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है। परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था।  मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तराशना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव … Read more

“आयुष्मान वय वंदना कार्ड“ के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा

महासमुंद केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की गई है। “आयुष्मान वय वंदना कार्ड“ के माध्यम से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा उनके पारिवारिक आयुष्मान कार्ड से अलग होगी, जिससे वे स्वतंत्र रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। जिले में 62,137 पात्र हितग्राहियों का वय वंदना कार्ड बनाया जाना है, जिनमें से अब तक 7,834 हितग्राहियों (12.6 प्रतिशत) का कार्ड बन चुका है। इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इसी प्रकार से एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज मुफ्त उपलब्ध होता है। यदि परिवार में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक हैं, तो वे अपना वय वंदना कार्ड बनवाकर अतिरिक्त 5 लाख रुपये तक की अलग से स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड“ बनाने के लिए केवल आधार कार्ड की आवश्यकता होगी। यह कार्ड सरकारी स्पतालों और च्वाईस सेंटरों में मुफ्त में बनाया जाएगा। यदि पहले से आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, तो ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। वय वंदना कार्ड को मोबाइल ऐप या पोर्टल https://beneficiary.nha.gov.in/ के माध्यम से आधार लिंक मोबाइल ओटीपी, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट, या फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा बनाया जा सकता है। जिले में शत प्रतिशत हितग्राहियों को लाभ दिलाने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार बचे हुए हितग्राहियों के लिए विशेष महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्राम सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बैंक सखियां, और अन्य विकासखंड स्तरीय कर्मचारी शिविर लगाकर कार्ड बनाने में सहायता करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने आधार कार्ड के साथ नजदीकी सरकारी अस्पताल या च्वाईस सेंटर पर जाकर जल्द से जल्द वय वंदना कार्ड बनवा लें। इस कार्ड के माध्यम से उन्हें भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य समस्या के दौरान आर्थिक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इंदौर के एमवायएच और जिला अस्पताल के लिए 700 करोड़ रुपए मंजूर किए, मालवा के मरीजों को मिलेगी और बेहतर सुविधाएं

 इंदौर विधानसभा में गुरुवार को एमवाय अस्पताल को आदर्श बनाने के लिए 700 करोड़ रुपये की घोषणा हुई। इस राशि से नई बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिससे संभागभर के मरीजों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने जिला अस्पताल और एमवायएच को आदर्श अस्पताल के रूप में उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न प्रविधानों की घोषणा की है। लंबे समय से इसे लेकर मांग की जा रही थी। इस घोषणा के बाद अब जिला अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी आ सकती है। कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि इस निर्णय से इंदौर की स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और यह चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इससे मालवा क्षेत्र के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। एमवायएच परिसर में बनेगा नया सात मंजिला भवन मंत्री सिलावट के अनुसार, उन्होंने एमवायएच अस्पताल के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से कई बार अनुरोध किया था। इसी के तहत 773 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से सात मंजिला नया भवन निर्माण किया जाएगा। भोपाल में अधिकारियों द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार, इंदौर और उज्जैन संभाग के मरीजों के लिए 1,450 नए बेड जोड़े जाएंगे। यह आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त होगा। नया भवन ओपीडी के पास बनाया जाएगा, जिसके लिए वर्तमान नर्सिंग हॉस्टल और अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। इस भवन से चाचा नेहरू अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एमआरटीबी और कैंसर अस्पताल तक पहुंचना भी आसान होगा। मौजूदा भवन में स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी विस्तार कार्य के दौरान वर्तमान अस्पताल भवन में सभी सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी। परिसर में डॉक्टरों और मरीजों के लिए दो मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, नर्सिंग स्टूडेंट्स के लिए 300 बिस्तरों वाला नया हॉस्टल भी बनाया जाएगा। वर्तमान में अस्पताल में 1,152 बेड हैं और हर दिन ओपीडी में औसतन 4,000 मरीजों का उपचार किया जाता है। विस्तार कार्य के पूरा होने के बाद यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में से एक बन जाएगा। सात मंजिला होगा नया एमवायएच नई बिल्डिंग तल मंजिल के साथ सात मंजिला होगी। बिल्डिंग बनाने के लिए जिस जगह का चयन किया गया है, वहां से चाचा नेहरू, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, कैंसर अस्पताल काफी नजदीक रहेंगे। ऐसे में मरीजों को अस्पतालों में आने-जाने में भी सुविधाएं मिलने लगेगी। नई बिल्डिंग में दो मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी। उम्मीद है कि घोषणा की राशि को बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में जिस बिल्डिंग में एमवाय अस्पताल संचालित हो रहा है, उसकी क्षमता 1152 बेड की है। यहां विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जाता है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब चार हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल की बिल्डिंग की दीवारों में अब जगह-जगह सीलिंग की समस्या आने लगी है।

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