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मुख्यमंत्री साय ने NCC कैडेट्स का बढ़ाया उत्साह, कहा-अब युवाओं के पायलट बनने का सपना भी होगा साकार

जशपुरनगर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज आगडीह के हवाई पट्टी में 3 सीजी एयर एसक्वीएन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया और उनके अनुभव जाने. मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के युवाओं को मेडिकल, इंजीनियरिंग, शिक्षा, सहित हर क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए बेहतर प्रयास किया जा रहा है. जशपुर के युवा पायलट में अपना भविष्य बना सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है. उन्होंने युवाओं को जशपुर के पर्यटन स्थल का भ्रमण करवाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही बताया कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य से बहुत अच्छा जिला है. यहां काजू, चाय पत्ती, नाशपाती सहित अच्छे फलों की खेती होती है. जशपुर में सेब की भी खेती की जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने माइक्रो लाइट एयर स्कवाड्रन विमान का अवलोकन कर तकनीकी जानकारी ली. इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि जिले में 7 मार्च 2025 से हर सुबह छोटे विमान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विमान आसमान की सैर कर वापस जमीन पर आ जाता है. दरअसल, आगडीह हवाई पट्टी से 3 सीजी एयर स्कवाड्रन एनसीसी रायपुर के 100 चयनित कैडेट्स को हल्के विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. रायपुर से बाहर जशपुर जिले में पहली बार हो रहे प्रशिक्षण को लेकर कैडेट्स में भी भारी उत्साह है. एक तरफ जशपुर का मनोरम दृश्य और प्रशिक्षण पाने का उत्साह उनके जोश को दोगुना कर देता है. लगभग एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में कैडेट्स को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. 100 कैडेट्स को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है. ट्विन-सीटर SW-80 विमान से दी जा रही ट्रेनिंग आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है. सिंगल इंजन ट्वीन सीटर वायरस एसडब्ल्यू 80 विमान से कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विमान 20 हजार फीट तक उड़ान भर सकता है. फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1000 फीट तक ही उड़ान का संचालन किया जा रहा है. कमांडिग ऑफिसर ने बताया कि यह प्रशिक्षण कैडेट्स के सुनहरे भविष्य की नींव तैयार कर रहा है. उन्होंने बताया कि एनसीसी के एयर विंग से सी प्रमाण पत्र परीक्षा में अच्छे ग्रेडिंग से पास करने पर केडेट्स सीधे एयर फोर्स के इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं. एयर फोर्स पायलट बनने का सपना लिए ले रहे हैं प्रशिक्षण प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया कि जशपुर का स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत उपयुक्त है. उन्होंने कहा कि मेरा सपना एयरफोर्स पायलट बनने का है, और यह प्रशिक्षण मुझे उस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा. इसी तरह प्रांशु चौहान ने बताया कि जशपुर में एयर ट्रैफिक साफ-सुथरा रहता है, जिससे उड़ान में कोई बाधा नहीं आती. रनवे भी पूरी तरह से क्लियर रहता है, जिससे प्रशिक्षण बिना किसी रुकावट के संचालित हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता के बीच प्रशिक्षण लेना हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगा.

मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्मी के तीखे तेवर के बीच छाए बादल, 15 जिलों में बारिश के आसार

भोपाल मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्मी के तीखे तेवर के बीच बादल छाने लगे हैं। मौसम विभाग ने आज ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के आसार हैं। ऐसे में उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर में बारिश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा तापमान मध्य प्रदेश में गर्मी के तीखे तेवर बरकरार हैं। इसी क्रम में शनिवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। रात का सबसे कम 15.2 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 15 डिग्री सेल्सियस पर रहा। भिंड के अटेर में हुई बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भिंड के अटेर में एक मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हवाओं के साथ नमी आने लगी है। इससे बादल भी छाने लगे हैं। रविवार को ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान एवं उससे लगे दक्षिणी हरियाणा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो राजस्थान और उससे लगे हरियाणा पर बने चक्रवात से होकर गुजर रही है। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में हवाओं का रुख दक्षिणी बना हुआ है। हवाओं के साथ नमी आने के कारण बादल छाने लगे हैं। आज ग्वालियर, चंबल एवं उज्जैन संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।

भारतीय मूल की दो महिलाओं को कनाडा की नई कैबिनेट में मिली बड़ी जिम्मेदारी

कनाडा भारतीय-कनाडाई अनीता आनंद और दिल्ली में जन्मी कमल खेड़ा को कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। पूर्व केंद्रीय बैंकर मार्क कार्नी ने शुक्रवार को कनाडा के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। कार्नी (59 साल) ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जगह ली है। ट्रूडो ने जनवरी में अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। लिबरल पार्टी द्वारा नया नेता चुने जाने तक ट्रूडो सत्ता में बने रहे। भारतीय मूल की महिलाओं को अहम मंत्रालय आनंद को (58) नवाचार, विज्ञान और उद्योग मंत्री बनाया गया है जबकि 36 वर्षीय खेड़ा स्वास्थ्य मंत्री हैं। दिल्ली में जन्मी खेड़ा का परिवार उस समय कनाडा चला गया था जब वह स्कूल की शिक्षा ग्रहण कर थीं। बाद में उन्होंने टोरंटो के यॉर्क विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक की डिग्री हासिल की। स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर चुकी हैं कमल खेड़ा कनाडा के प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर उल्लेख है कि खेड़ा को पहली बार 2015 में ब्रैम्पटन वेस्ट से संसद सदस्य के रूप में चुना गया था। इसमें कहा गया है, ‘मंत्री खेड़ा संसद के लिए चुनी गई सबसे कम उम्र की महिलाओं में से एक हैं। वह एक पंजीकृत नर्स, सामुदायिक स्वयंसेवक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।’ खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एक नर्स के रूप में, मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता हमेशा अपने मरीजों की सहायता के लिए मौजूद रहना था और यही मानसिकता मैं स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका में भी हर दिन अपनाऊंगी। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा मुझे पर जताये गये भरोसे के लिए बहुत आभारी हूं।’ राजनीति में आने से पहले, उन्होंने टोरंटो के सेंट जोसेफ हेल्थ सेंटर में एक पंजीकृत नर्स के रूप में काम किया था। पीएम पद की भी दावेदार थीं अनीता आनंद ट्रूडो की जगह अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे बताई गई आनंद ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह इस दौड़ से हट रही हैं। आनंद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,‘‘मुझे मार्क कार्नी की सरकार में नवाचार, विज्ञान और आर्थिक विकास मंत्री के रूप में शपथ लेने पर गर्व है।’ कनाडा के प्रधानमंत्री की वेबसाइट के अनुसार आनंद को पहली बार 2019 में ओकविले के लिए संसद सदस्य के रूप में चुना गया था और इससे पहले उन्होंने ट्रेजरी बोर्ड के अध्यक्ष, राष्ट्रीय रक्षा मंत्री और सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री के रूप में कार्य किया था। इसमें कहा गया है कि आनंद ने एक विद्वान, वकील और शोधकर्ता के रूप में काम किया है और वह एक कानूनी शिक्षाविद रही हैं।

मध्य प्रदेश में पुलिस पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश, मऊगंज की घटना पर सीएम सख्त

मऊगंज मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शनिवार को दो गुटों में हो रहे विवाद को रोकने पहुंची पुलिस पर हमला हो गया था। इसमें एक एएसआई की मौत हो गई। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया और हमलावरों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर डीजीपी कैलाश मकवाना आज घटना स्थल पर पहुंचेंगे, इनके साथ एडीजी इंटेलिजेंस भी रहेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा- मऊगंज जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में दो गुटों के आपसी विवाद की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित पुलिस की टीम पर हुए दुर्भाग्यपूर्ण हमले में हमारी पुलिस के एक एएसआई रामचरण गौतम की जवाबी कार्रवाई में दुःखद मृत्यु हुई है। मेरी गहरी शोक संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है। घटना में अन्य घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए रीवा चिकित्सालय भेजा गया है।   डीजी पुलिस को पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में धारा 163 लागू कर डीआईजी रीवा, एसपी मऊगंज सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। एडीजी रीवा जोन मौके पर पहुंच रहे हैं, साथ ही मैंने डीजी पुलिस को मौके पर पहुंचकर पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया है। इस तरह की अमानवीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

भोपाल से लाए गए 337 टन कचरे में से तीस टन कचरे का हुआ निपटान

इंदौर भोपाल से लाए गए 337 टन कचरे में से तीस टन कचरे का निपटान हो चुका है। इस दौरान हानिकारक गैसें ज्यादा नहीं निकली, लेकिन अभी कचरे की राख को लैंडफील नहीं किया गया है। उसे रामकी संयंत्र में ही सुरक्षित रखा गया है। तीनों ट्रायल रन की रिपोर्ट अब 27 मार्च को होने वाली जबलपुर हाईकोर्ट की सुनवाई में प्रस्तुत की जाएगी। तीन टन कचरे के बाद फिलहाल भस्मक बंद है। कोर्ट के निर्देशों के बाद फिर बचे कचरे के निष्पादन की कार्ययोजना तैयार होगी। उधर कचरा जलाने का विरोध कर रही पीथमपुर बचाअेां समिति का कहना है कि कचरा का क्लिनिकल ट्रायल होना चाहिए। कचरे को जलाने के बाद बची राख और निपटान के बाद भस्मक से डिस्चार्ज किए गए पानी की भी जांच के बारे में प्रदूषण नियंत्रण मंडल कुछ नहीं कह रहा। राख का निपटान कैसे होगा इस बारे में भी नहीं बताया जा रहा है। समिति के हेंमत कुमार हिरोले ने कहा कि समिति भी अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल से लाए गए कचरे में मर्करी भी है, जो घातक न्यूरोटाॅक्सिन है, लेकिन रिपोर्ट में उसकी मात्रा का जिक्र नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल का कहना है कि तीनों ट्रायल रन के दौरान निकली गैसों पर निगरानी रखी गई है। गैसों का उत्सर्जन तय मापदंडों के अनुरुप पाया गया है। कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जो निर्देश मिलेंगे। उसके आधार पर आगे कचरे का निपटान होगा। फिलहाल भस्मक में कचरा नहीं जलाया जा रहा है।

मऊगंज जिले में युवक को पिटाई से बचाने गई पुलिस टीम पर लोगों ने किया हमला, ASI की हत्या, तहसीलदार सहित कई पुलिसवाले घायल

रीवा मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में एक युवक को पिटाई से बचाने गई पुलिस टीम पर लोगों ने हमला बोल दिया। लोगों की पिटाई से जहां युवक की मौत हो गई वहीं, लोगों के हमले में एक एएसआई की भी जान चली गई। लोगों के हमले में तहसीलदार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में आदिवासी परिवार ने एक युवक को बंधक बनाकर पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाते ही उसे बचाने पहुंचे थाना इंचार्ज समेत पुलिस की टीम पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। लोगों के हमले में एक एएसआई की मौत हो गई है, जबकि तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामला दो महीने पहले हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। हादसे में अशोक कुमार आदिवासी की मौत हो गई थी। आदिवासी परिवार ने इसे हादसा न मानते हुए सनी द्विवेदी नाम के युवक पर हत्या का आरोप लगाया था। आदिवासी परिवार ने सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर मार डाला। युवक की पिटाई की सूचना पर जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो लोगों ने पुलिसवालों पर हमला बोल दिया। कई पुलिसकर्मियों को भी आरोपियों ने बंधक बना लिया। घटना के बाद इस कदर बवाल मच गया कि मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रमनगरी के गड़रा गाव में 2 महीना पहले अशोक कुमार आदिवासी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आदिवासी परिवार के लोगों ने इसे हत्या बताते हुए सनी द्विवेदी पर हत्या का आरोप लगाया था। यह हादसा उस वक्त हुआ था जब तेज रफ्तार बाइक दो महीने पहले बने पुल से टकरा गई थी। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त वहां पर कोई मौजूद नहीं था। घटना के बाद से इस मामले में काफी गहमा गहमी चल रही थी। इसी बीच होली के त्योहार का फायदा उठाते हुए आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी द्विवेदी को बंधक बना लिया। उसके बाद उसे कमरे के अंदर बंद करके जमकर पीटा गया। मामले की जानकारी लगने के बाद मौके पर शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय अपनी पुलिस टीम के साथ पहुंचे। स्थिति को बेकाबू देखकर थाना प्रभारी संदीप भारतीय ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इस घटना के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पुलिस फोर्स के साथ कमरे को खुलवाया गया तो देखा कि युवक सनी द्विवेदी की मौत हो चुकी थी। इस पूरे मामले पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद एक बार फिर से बवाल मच गया। इस बवाल की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। जैसे ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कमरे के अंदर पहुंचे वैसे ही उन पर हमला कर दिया गया। आरोपियों ने डंडे और पत्थर बरसाए। इसमें एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई, जबकि शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय, तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, मऊगंज थाने में पदस्थ एएसआई बृहस्पति पटेल, एसडीओपी रीडर अंकित शुक्ला, जवाहर सिंह यादव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज लाया गया है। वहीं तहसीलदार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

फ्रांस की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी के अमेरिका के दरवाजे पर पहुंचने से हड़कंप मचा

ओटावा  फ्रांस की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी के अमेरिका के दरवाजे पर पहुंचने से हड़कंप मच गया है। फ्रांसीसी परमाणु पनडुब्बी को अमेरिका की सीमा से महज 480 किलोमीटर की दूरी पर देखा गया। फ्रांसीसी नौसेना की सफ्रेन श्रेणी की पनडुब्बी FS टूरविले इस सप्ताह की शुरुआत में कनाडा के हैलिफैक्स, नोवा स्कोटिया पहुंची। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के विलय की धमकी दी थी। ऐसे में फ्रांसीसी पनडुब्बी के पहुंचने को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई। फ्रांस के प्रमुख अखबार ले पेरिसियन के अनुसार, एफएस टूरविले ने अटलांटिक पार का अपना दौरा रॉयल कैनेडियन नेवी के अपने पुराने पनडुब्बी बेड़े को नवीनीकृत करने की 60 अरब डॉलर की निवेश करने घोषणा के बाद किया है। नोवा स्कोटिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर माइक सैवेज के कार्यालय ने लिखा, ‘फ्रांसीसी पनडुब्बी टूरविले का स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। सहयोगी और मित्र मिलकर काम कर रहे हैं। अपने प्रवास का आनंद लें।’ ट्रंप की धमकियों का जवाब? ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दावों में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के जवाब के रूप में देखा गया। हालांकि, इन अफवाहों को खारिज कर दिया गया। फ्रांस और कनाडा ने सितम्बर में एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। उस समय तक ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान में ही थे। कनाडाई न्यूज चैनल ने सीटीवी के अनुसार, पनडुब्बी के 21 मार्च तक बंदरगाह में रहने की उम्मीद है। टूरविले की खासियत एफएस टूरविले 99 मीटर लंबी पनडुब्बी है, जो पानी में डूबने पर 5200 टन का विस्थापन करती है। यह 350 मीटर से अधिक गहराई तक गोता लगा सकती है। फ्रांसीसी पनडुब्बी एक परमाणु रिएक्टर से संचालित है और यह 25 समुद्री मील से अधिक की गति तक पहुंच सकती है। यह पनडुब्बी नेवी क्रूज मिसाइलों, F21 भारी वायर-गाइडेड टॉरपीडो और आधुनिक एक्सोसेट SM39 एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है। फ्रांसीसी पनडुब्बी के बारे में कहा जाता है कि यह सभी महासागरों में काम करने के लिए उपयुक्त है और यह साल में 270 से ज्यादा दिन तक समुद्र में रह सकती है, जिससे इसका उपयोग खुफिया मिशनों के लिए किया जा सकता है।

अभिनेत्री रन्या राव ने एक बार फिर DRI अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए

बेंगलुरु सोने की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव (Ranya Rao) ने एक बार फिर डीआरआई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रन्या ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) अफसरों पर आरोप लगाया है कि उसे पूछताछ के दौरान कई बार थप्पड़ मारे गए, खाना नहीं दिया गया और DRI के अधिकारियों ने उसे खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया.रन्या राव की नई जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई. डीआरआई के अतिरिक्त महानिदेशक को लिखे पत्र में रन्या ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की बेटी कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 4 मार्च 2025 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था. वह दुबई से 14.8 किलोग्राम सोना तस्करी कर लाने की कोशिश कर रही थीं. इस सोने की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है. मुख्य जेल अधीक्षक के माध्यम से भेजा पत्र परप्पना अग्रहारा जेल के मुख्य अधीक्षक के माध्यम से भेजे गए अपने पत्र में रन्या ने दावा किया कि उन्हें विमान के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया और डीआरआई ने उन्हें स्पष्टीकरण देने का मौका दिए बिना हिरासत में ले लिया. रन्या ने कहा, “जब से मुझे हिरासत में लिया गया, तब से लेकर अदालत में पेश किए जाने तक, मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिन अधिकारियों को मैं पहचान सकती हूं, उन्होंने मुझे 1015 बार थप्पड़ मारे. बार-बार मारपीट के बावजूद, मैंने उनके द्वारा तैयार किए गए बयानों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया.” पहले भी लगाए थे ये आरोप  इससे पहले जब रन्या को आर्थिक अपराध की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था तो अदालत ने रन्या से कई सवाल पूछे. अदालत ने एक्ट्रेस से पूछा कि क्या आपको किसी परेशानी का सामना करना पड़ा? तो एक्ट्रेस कोर्ट में ही रो पड़ीं और उन्होंने डीआरआई  अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया. इसके बाद कोर्ट ने रन्या से पूछा कि क्या आपको मेडिकल उपचार मिला है? इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेत्री ने कांपती आवाज़ में दावा किया कि उसे मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है. जज ने आगे सवाल किया कि बस इस सवाल का जवाब दें- क्या उन्होंने आपको चिकित्सा उपचार दिया या थर्ड-डिग्री पूछताछ की?. रान्या ने जवाब दिया, ‘उन्होंने मुझे मारा नहीं, लेकिन उन्होंने मुझे बुरी तरह से गाली दी. इससे मुझे बहुत मानसिक परेशानी हुई है.’ DRI ने आरोपों को किया खारिज वहीं, अदालत में एक्ट्रेस की पेशी के दौरान डीआरआई के छह से ज्यादा अधिकारी मौजूद थे. उन्होंने रन्या के दावे को खारिज करते हुए रन्या पर सवालों के जवाब ना देना और जांच में सहयोग ना करने का आरोप लगाया है. अदालती कार्यवाही के दौरान, जांच अधिकारी (आईओ) ने न्यायाधीश को सूचित किया कि रन्या को डीआरआई अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं किया गया है.  

इंदौर में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के भाव, इन स्थानों पर दोगुना हो जाएंगे जमीनों के दाम

 इंदौर अगर आप भी इंदौर (Indore City) में प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए हैं, 1 अप्रैल को शहरभर की कई लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की कीमतें सिर चढ़कर बोलेंगी। दरअसल यहां एक अप्रैल से कलेक्टर की नई गाइडलाइन जारी होगी। कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन की समिति की बैठक में बढ़ी हुई प्रॉपर्टी रेट का निर्धारण कर नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। जो एक अप्रैल से लागू होगी। सबसे महंगा हो सकता है इंदौर पिछले साल नवंबर में प्रस्तावित गाइडलाइन (Collector New Guideline) संशोधन नहीं हो सका था। ऐसे में इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रॉपर्टी के दामों में यह पिछले 4-5 वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि वाली गाइडलाइन होगी। सूत्रों के मुताबिक, आवासीय प्लॉटों की दरों में औसतन 30% तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। खेती की जमीनों की गाइडलाइन में 40% तक वृद्धि की संभावना है। 3100 लोकेशंस पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 500 नई कॉलोनियां जुड़ेंगी, पिछले साल तक जिले में 5000 से अधिक लोकेशंस/कॉलोनियां थीं, लेकिन डबल एंट्री और दो नाम वाली लोकेशनों को हटाकर संख्या 4650 कर दी गई। इनमें से 3100 लोकेशंस पर कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही, इस बार 500 नई कॉलोनियां पहली बार गाइडलाइन में जोड़ी जाएंगी। ये वे कॉलोनियां हैं, जो पिछले एक वर्ष में विकसित हुई हैं या अब तक गाइडलाइन सूची में शामिल नहीं की गई थीं। कई इलाकों में 100% तक वृद्धि संभव जानकारी के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में 100 फीसदी तक गाइडलाइन वृद्धि प्रस्तावित है। इसमें आईटी पार्क चौराहा रिंग रोड से तेजाजी नगर बायपास, उमरियाखेड़ी (खंडवा रोड); सोनवाय (नए राष्ट्रीय राजमार्ग और बायपास के कारण); बिचौली हप्सी (एनएचएआई द्वारा नया बायपास घोषित होने के कारण)। इन गांवों में खेती की जमीनों की सरकारी दरें भी महंगी हो जाएंगी -ग्राम सोनगीर, हिंगोनिया खुर्द, नरलाय, टिगरिया बादशाह -कलारिया-धार रोड, भैंसलाय, बिसनावदा, कुमावत मोहल्ला-हातोद, पांडा-राऊ, लिंबोदागारी -कलारिया, गुर्दाखेड़ी, बांक, सिंदोड़ा, एयरपोर्ट रोड से सटे इलाके

इंदौर का एमवाय अस्पताल में निम्न दरों पर आईवीएफ उपचार उपलब्ध कराने वाला मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बनेगा

इंदौर उन्नत चिकित्सा उपचारों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाई अस्पताल) मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है, जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सुविधा शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग की पृष्ठभूमि के लोगों को लाभ पहुंचाना है, जो निजी अस्पतालों में महंगे उपचार का खर्च नहीं उठा सकते। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा, “हमने प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे रोगियों के लिए उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आईवीएफ और अन्य संबंधित उपचारों के लिए एक समर्पित ओपीडी स्थापित करने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि यह सुविधा डेढ़ महीने में आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी।” इस तरह की पहल की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. घनघोरिया ने कहा, “बहुत से लोग आईवीएफ के उच्च खर्च को वहन नहीं कर सकते और अपने बच्चे के जन्म की खुशी से वंचित रह जाते हैं। सरकारी अस्पताल में इस सुविधा को शुरू करने का उद्देश्य उन्हें एक किफायती विकल्प प्रदान करना है।” वर्तमान में, निजी अस्पतालों में आईवीएफ उपचार की लागत 2.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच है, जो कई लोगों की पहुंच से बाहर है। हालांकि, एमवाय अस्पताल द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से उपचार की लागत काफी कम हो जाएगी, जिससे व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। सेंटर कॉलेज के अंतर्गत आने वाले एमटीएच अस्पताल में शुरू किया जाएगा। भोपाल से अनुमति मिलने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला शासकीय अस्पताल होगा, जहां यह सुविधा मिलेगी। संभागभर के निःसंतान दंपतियों को मिलेगा लाभ एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में संभागभर से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इस सेंटर के खुलने से इंदौर के साथ ही संभाग के अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, धार आदि जिलों के मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। यह होता है आईवीएफ विशेषज्ञों के मुताबिक आईवीएफ में पुरुष और महिला दोनों की जांच के बाद प्रक्रिया शुरू होती है। पुरुष के सक्रिय शुक्राणु अलग किए जाते हैं, जबकि महिला के अंडे इंजेक्शन से निकालकर लैब में फ्रीज किए जाते हैं। अंडों पर सक्रिय शुक्राणु रखकर प्राकृतिक रूप से फर्टिलाइजेशन किया जाता है। तीसरे दिन भ्रूण तैयार होने पर उसे महिला के गर्भाशय में कैथिटर के जरिये स्थानांतरित किया जाता है। आईवीएफ गर्भधारण की एक कृत्रिम प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पैदा हुए बच्चे को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है। अभी बिना इलाज के लौट जाते हैं मरीज इंदौर शहर में अभी निजी क्षेत्र में करीब 30 आईवीएफ सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग पहुंचते हैं। यह प्रक्रिया महंगी होने के कारण कई लोगों को निराश लौटना पड़ता है। सरकारी स्तर पर सेंटर के खुलने पर गरीब और जरूरतमंद नि:संतान दंपती को सीधा फायदा होगा। तीन से चार महीने में शुरू हो जाएगा     हमने मेडिकल कॉलेज के एमटीएच अस्पताल में आईवीएफ सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे जो मरीज निजी क्षेत्र में महंगा इलाज नहीं ले पाते हैं, उन्हें सुविधा मिलेगी। उम्मीद है कि तीन से चार माह में यह शुरू हो जाएगा। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज   आयुष्मान कार्ड धारकों को भविष्य में मिलेगा लाभ एक बार जब आईवीएफ उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आ जाएगा, तो लाभार्थी योजना की सीमा के भीतर लागत पर एमवाय अस्पताल में उपचार प्राप्त कर सकेंगे। डॉ. घनघोरिया ने कहा कि इससे पात्र परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा। आईवीएफ क्या है? इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, जिसे IVF भी कहा जाता है, प्रक्रियाओं की एक जटिल श्रृंखला है जो गर्भधारण का कारण बन सकती है। यह बांझपन का इलाज है, जो कि अधिकांश जोड़ों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें वे कम से कम एक साल तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पाते हैं। IVF का उपयोग बच्चे को आनुवंशिक समस्याओं के संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जा सकता है। IVF के दौरान, परिपक्व अंडों को अंडाशय से एकत्र किया जाता है और प्रयोगशाला में शुक्राणु द्वारा निषेचित किया जाता है। फिर एक प्रक्रिया में निषेचित अंडों में से एक या अधिक को, जिन्हें भ्रूण कहा जाता है, गर्भाशय में रखा जाता है, जहाँ बच्चे विकसित होते हैं। IVF के एक पूरे चक्र में लगभग 2-3 सप्ताह लगते हैं। कभी-कभी, इन चरणों को आगे विभाजित किया जाता है और प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।  

मुख्यमंत्री आज राजगढ़ में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित 200 बिस्तर वाले नए भवन का लोकार्पण करेंगे

राजगढ़ ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विवार को राजगढ़ का दौरा करेंगे। सीएम का हेलिकॉप्टर दोपहर 2 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरेगा। वह रोड शो के जरिए जिला अस्पताल पहुंचेंगे।मुख्यमंत्री जिला अस्पताल में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित 200 बिस्तर वाले नए भवन का लोकार्पण करेंगे। साथ ही 230 बिस्तर वाले रेल बसेरे का भूमि पूजन भी करेंगे। इसके बाद वह स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। तैयारियां में जुटे अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महीप कुमार तेजस्वी और जिला विकास समिति सदस्य ज्ञान सिंह गुर्जर ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

उज्जैन-गरोठ फोरलेन हाईवे का काम 90 फीसदी पूरा, तीन महीने के अंदर चालू हो जाएगा, 100 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

उज्जैन उज्जैन-गरोठ फोरलेन हाईवे पर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस फोरलेन हाईवे पर आने वाले महीनों में गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी। इस परियोजना का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, और अब सिर्फ कुछ छोटे-मोटे काम बाकी हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम.एल. पुरबिया का कहना है कि उज्जैन क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज और खेड़ा खजुरिया के आसपास कुछ काम बचे हैं, जो अगले तीन महीनों में पूरे हो जाएंगे। यह फोरलेन सड़क उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी, जिससे यात्रा और भी तेज और आसान हो जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 2,660 करोड़ रुपये है, और इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मंदसौर जिले की सीमा में काम लगभग खत्म हो चुका है, जबकि उज्जैन से खेड़ा खजुरिया तक के 41 किलोमीटर हिस्से में केवल 10 फीसदी काम बाकी है। परियोजना निदेशक पुरबिया का दावा है कि 160 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अधिकतम तीन महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाएगा। हालांकि सड़क अभी आधिकारिक रूप से पूरी नहीं हुई है, लेकिन 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो जाने के कारण वाहनों की आवाजाही पहले से ही आसान हो गई है। इस मार्ग से सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने से पहले ही यात्रा का अनुभव काफी बेहतर हो गया है। उज्जैन से दिल्ली, मुंबई और वडोदरा जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क दूरी को कम करने के साथ-साथ समय और ईंधन दोनों की बचत कर रही है। तीन कंपनियों को सौंपा गया था काम उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नवंबर 2022 में शुरू किया था। इसे तेजी से पूरा करने के लिए परियोजना को तीन भागों में बांटकर अलग-अलग निर्माण कंपनियों—जीएचवी, रवि इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रा—को सौंपा गया था। अनुबंध के मुताबिक, तीनों फर्मों को जुलाई 2024 तक काम पूरा करना था। रवि इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रा ने अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर लिया है, लेकिन जीएचवी का 10 फीसदी हिस्सा अब भी अधूरा है। यह कंपनी 207 दिन की बढ़ी हुई समय सीमा के बावजूद काम पूरा नहीं कर पाई, लेकिन अब इसे अगले एक महीने में पूरा करने की बात कही जा रही है। 89 गांवों से होकर गुजरेगा यह हाईवे फोर लेन की यह सड़क 89 गांवों से होकर गुजरेगी, जिनमें उज्जैन के 13, घट्टिया के 10, महिदपुर के 20, बड़ौद के 11, डग के 3, गंगधार के 11, सुवासरा के 10, शामगढ़ के 7 और गरोठ के 4 गांव शामिल हैं। हाईवे पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे उज्जैन से गरोठ का सफर महज 1 से 1.5 घंटे में पूरा हो जाएगा।

खरगोन वासियों को जल्द ही शहर की सड़कों के किनारों पर अव्यवस्थित खड़े वाहनों से निजात मिलने वाली, 1 अप्रल से नए नियम लागू

खरगोन  मध्य प्रदेश के खरगोन वासियों को जल्द ही शहर की सड़कों के किनारों पर अव्यवस्थित खड़े वाहनों से निजात मिलने वाली है। दरअसल, शहर में जल्द ही अव्यवस्थित खड़े वाहनों पर सख्ती शुरु होने वाली है। एमपी के इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर यहां भी सुगम यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने वाला है। मुख्य बाजारों में पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित किये गए हैं, उन्हीं स्थानों पर अब वाहन खड़ा करना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना चुकाना होगा। बीते दिनों व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के दौरान लिए गए फैसले को 1 अप्रैल से शहर में लागू किया जाएगा। दअरसल, शहर में बढ़ते यातायात और उसके कारण लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने के नजरिये से स्थानीय प्रशासन की ओर से ये फैसला लिया गया है। क्योंकि, शहर के बड़े और व्यस्ततम राधा वल्लभ मार्केट, सराफा बाजार, जवाहर मार्ग, अंजुमन नजर जैसे इलाकों समेत मुख्य मागों पर लोग बेतरतीब वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। दुर्घटनाएं होने की गुंजाइश बनी रहती है। लेकिन, अब जल्द ही शहरवासियों को इस समस्या से राहत मिल जाएगी। यहां बने हैं पार्किंग स्थल नगरपालिका सीएमओ एम.आर. निगवाल के अनुसार, एमजी रोड पर कैलाश प्रिंटिंग प्रेस के पीछे, राधावल्लभ मार्केट, किला परिसर और जवाहर मार्ग पर पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। दुकानदारों को न्यूनतम शुल्क पर मासिक पार्किंग पास मिलेगा। जबकि ग्राहकों को भी कम शुल्क में पार्किंग सुविधा मिलेगी। फिलहाल, शुल्क तय नहीं हुए हैं। जल्दी ही शुल्क तय किए जाएंगे। पुराने तहसील कार्यालय, जिला चिकित्सालय और पुलिस थाना परिसर को भी पार्किंग स्थल बनाया जाए का सुझाव मिला है, जिसपर विचार जारी है। अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की तैयारी यातायात प्रभारी रमेश सोलंकी के अनुसार, अवैध पार्किंग के खिलाफ रोजाना चालानी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मुख्य मार्गो पर ठेले लगाकर व्यवसाय करने वालों को हटाने की भी मांग की गई है। कई दुकानदार अपनी दुकान के आगे 10 फीट तक सामान रख लेते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। ऐसे दुकानदारों पर भी सख्त एक्शन होगा। यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कदम बता दें कि, प्रशासन को एमजी रोड स्थित विजय पुस्तकालय के पास से एक नया रास्ता बनाने और इसे सनावद रोड से जोड़ने का प्रस्ताव भी मिला है। साथ ही, गायत्री मंदिर तिराहा से खंडवा रोड तक एक नया चौराहा विकसित करने की मांग आई है। प्रशासन अब इन प्रस्तावों पर भी विचार कर रहा है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और बेहतर बनाई जा सके।

ट्रेन हाइजैक करने वाले बलूच विद्रोहियों ने कर दिया बड़ा ऐलान, सभी 214 बंधकों को मार डाला

इस्लामाबाद पाकिस्तानी यात्री ट्रेन का अपहरण करने वाले बलूच विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सभी 214 सैन्य बंधकों को मार डाला है, क्योंकि बलूच राजनीतिक कैदियों को रिहा करने के लिए सौदे के लिए उनकी 48 घंटे की समय सीमा समाप्त हो गई थी. बलूच लिबरेशन आर्मी, जिसने पाकिस्तानी सेना के इस दावे को खारिज कर दिया कि बंधकों को रिहा करवा लिया गया है.  बीएलए ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार की “जिद” ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया. विद्रोहियों ने सरकार को बलूच राजनीतिक कैदियों और कार्यकर्ताओं को रिहा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. बलूच विद्रोहियों ने अगवा कर ली थी ट्रेन दरअसल बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करने वाले अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी ने मंगलवार को रेलवे ट्रैक को उड़ाने के बाद पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था. जिस समय ट्रेन को हाइजैक किया गया उस समय ट्रेन में 400 से ज्यादा लोग मौजूद थे. ट्रेन को कब्जे में लेने के बाद बीएलए के विद्रोहियों ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को जाने दिया था. बीएलए ने एक बयान में कहा, “पाकिस्तान ने अपनी पारंपरिक जिद और सैन्य अहंकार का प्रदर्शन करते हुए न केवल गंभीर वार्ता से परहेज किया, बल्कि जमीनी हकीकत से भी आंखें मूंद लीं. इस जिद की वजह से सभी 214 बंधकों को मार दिया गया.” ट्रेन में 400 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकतर सुरक्षाकर्मी थे. बंधकों को छुड़ाने के लिए अभियान चलाने वाली पाकिस्तानी सेना ने कहा कि 30 घंटे के अभियान के बाद बुधवार को घेराबंदी समाप्त हो गई, जिसमें सभी 33 विद्रोही मारे गए. सेना ने दावा किया कि हमले में 23 सैनिक, तीन रेलवे कर्मचारी और पांच यात्री मारे गए. UNSC में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले की निंदा यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल यानि UNSC में पाकिस्तान को बड़ी कामयाबी मिली है। UNSC में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले की निंदा की गई है। सबसे खास बात ये है कि पाकिस्तान को डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का भी साथ मिला है, जिसने अपने पहले कार्यकाल के दौरान बीएलए के हमलों की निंदा करने से परहेज किया था। द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने जाफर एक्सप्रेस पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की तरफ से किए गए “घृणित और कायरतापूर्ण” हमले की कड़ी निंदा की है। यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल, जिसमें 15 स्थाई और अस्थाई सदस्य होते हैं, उसकी अध्यक्ष डेनमार्क की क्रिस्टीना मार्कस लासेन की तरफ से जारी बयान में दोषियों को इंसाफ के कटघरे में लाने का आह्वान किया गया है। इसके अलावा उन्होंने आतंकी हमले में मारे गये जवानों और नागरिकों के प्रति “गहरी सहानुभूति और संवेदना” जताई है। वहीं उन्होंने सभी देशों से इस संबंध में इस्लामाबाद के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया है। UNSC में जाफर एक्सप्रेस हमले की निंदा आपको बता दें कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान के पहाड़ी इलाके बोलन में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के स्वतंत्रता सेनानियों ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। इस दौरान पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इस हमले में 440 यात्रियों को बंधक बना लिया गया था, जिन्हें अब रिहा करवा लिया गया है। इस दौरान पाकिस्तान सेना के भी कई दवानों की मौत हो गई है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पटरी को उड़ा दिया था। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि हमला करने वाले 33 हमलावरों को मार दिया गया है। लेकिन ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही 26 यात्रियों को मार दिया गया था, जबकि ऑपरेशन के दौरान चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। हालांकि बीएलए का दावा है कि अभी भी उसके कब्जे में 150 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवान और आम नागरिक हैं। पाकिस्तानी सेना इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि 26 शहीद ट्रेन यात्रियों में सेना और एफसी के 18 सुरक्षाकर्मी, पाकिस्तान रेलवे और अन्य विभागों के तीन अधिकारी और पांच नागरिक शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि 354 यात्रियों में से 37 गंभीर घायल हुए हैं। इस बीच, हमले पर विस्तार से बात करते हुए UNSC ने कहा कि आतंकवाद के इस निंदनीय कृत्य के परिणामस्वरूप कई पाकिस्तानी नागरिकों की गंभीर क्षति हुई। UNSC की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि “सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने इस बात की पुष्टि की कि आतंकवाद अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।” बयान में आगे कहा गया है कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य आपराधिक और अनुचित है, चाहे उसका मकसद कुछ भी हो, चाहे वह कहीं भी, कभी भी और किसी के द्वारा भी किया गया हो। बलूच विद्रोहियों का दावा हालांकि, बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान के दावे का खंडन करते हुए कहा कि भीषण लड़ाई जारी है और सुरक्षा बलों को “भारी नुकसान” उठाना पड़ रहा है. अपने ताजा बयान में, बीएलए ने दावा किया कि दर्रा-ए-बोलन नामक ऑपरेशन में उसके 12 कर्मी मारे गए. बीएलए के बयान में आगे कहा गया है, “फ़िदायीन ने कुछ बंधक सैन्य कर्मियों को विशेष बोगियों में बंद कर दिया और अपनी स्थिति संभाल ली, जबकि अन्य बीएलए सैनिक शेष बंधकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में कामयाब रहे. जब पाकिस्तानी कमांडो पहुंचे, तो फ़िदायीन ने उन्हें घेर लिया और उन पर भीषण हमला किया. कमांडो को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि बंधकों को भी मार दिया गया.” झूठ बोल रही पाक सरकार- बीएलए पाकिस्तान की सरकार ने बुधवार को ही दावा कर दिया था कि संकट खत्म हो गया है और सभी विद्रोही लड़ाके मारे गए हैं। यह भी दावा किया गया था कि सभी बंधकों को छुड़ा लिया गया है। हालांकि पाकिस्तान की सरकार की तरफ से इसका कोई भी सबूत नहीं जारी किया गया था। अब बीएलए का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार केवल झूठ बोल रही है। बीएलए ने कहा कि पाक सरकार को अपने जवानों की फिक्र ही नहीं है। वह बात करने को तैयार नहीं है। बीएलए ने कहा था … Read more

पाकिस्तान की हुई फिर किरकिरी अमेरिका में नहीं मिलेगी एंट्री! ट्रंप तैयार कर रहे 41 देशों की ऐसी लिस्ट

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोलान्ड ट्रंप अपने फैसलों से पूरी दुनिया को चौंका रहे हैं. टैरिफ विवाद के बीच अब ट्रंप एक और बड़ी योजना बना रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट की माने तो आने वाले समय में ट्रंप दर्जन भर से ज्यादा देशों की यात्रा पर बैन लगाने का विचार कर रहे हैं. एक ज्ञापन मे 41 देशों की सूची सौंपी गई है. जिन पर प्रतिबंध लगाने की संभावना जताई गई है. मीडिया रिपोर्ट की माने तो प्रतिबंध लगाने वाले देशों को तीन अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है. जिन पर आने वाले समय में बेन लगाया जा सकता है. इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना बताया जा रहा है. इस प्रतिबंध का सबसे अधिक प्रभाव भारत के पड़ोसी देशों पर देखने को मिल सकता है. विशेष रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश करना कठिन हो सकता है. अफगानिस्तान में तालिबान के नियंत्रण के बाद से वहां से शरण लेने वाले लोगों के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका हो सकता है. तीन ग्रुप ने बांटे गए देश     पहले समूह में 10 देश शामिल हैं, जिनमें अफगानिस्तान, ईरान, सीरिया, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे देश प्रमुख हैं. इन देशों के नागरिकों के वीजा पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी.     दूसरे समूह में पांच देश इरिट्रिया, हैती, लाओस, म्यांमार और दक्षिण सूडान शामिल हैं. इन देशों को आंशिक निलंबन का सामना करना पड़ेगा, जिससे पर्यटक और छात्र वीजा साथ ही अन्य आप्रवासी वीजा प्रभावित होंगे, हालांकि कुछ मामलों में अपवाद भी हो सकते हैं.     तीसरे समूह में 26 देश शामिल हैं, जिनमें बेलारूस, पाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे देश शामिल हैं. इन देशों के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर आंशिक प्रतिबंध लगाया जा सकता है. हालांकि, इन देशों को 60 दिनों के भीतर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने का अवसर दिया जाएगा. कमियां दूर नहीं हुईं तो वीजा निलंबन हो सकता है अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों ने अपनी सिफारिशों से जुड़ा एक ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें पाकिस्तान को उन 26 देशों में शामिल किया गया है, जिन्हें अमेरिकी वीजा जारी करने पर आंशिक निलंबन का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार अगर 60 दिन के भीतर कमियों को दूर कर देती है तो बड़ी कार्रवाई से बचा जा सकता है. वानुअतु भी लिस्ट में शामिल जिन देशों पर एक्शन लिए जाने की तैयारी है, उनमें तुर्कमेनिस्तान, बेलारूस, भूटान और वानुअतु शामिल हैं. इनमें वानुअतु हाल ही में तब चर्चा में आया, जब भगोड़े और आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने दावा किया था कि उन्होंने वहां की नागरिकता हासिल कर ली है. इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने यात्रा प्रतिबंध की खबरों को अटकलें बताकर खारिज कर दिया था. विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा था कि पाकिस्तान को ऐसे प्रतिबंधों का कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है. खान का कहना था कि फिलहाल यह सब अटकलें हैं और इसलिए इस पर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है. जब पाकिस्तानी राजदूत को नहीं मिली थी अमेरिका में एंट्री अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल में तब तनाव गहराया, जब तुर्कमेनिस्तान में तैनात पाकिस्तानी राजदूत केके अहसान वागन को इस सप्ताह अमेरिका में एंट्री नहीं करने दी गई और लॉस एंजिल्स से निर्वासित कर दिया गया. हालांकि, अमेरिका ने कोई विशेष कारण नहीं बताया, लेकिन रिपोर्टों में कहा गया है कि वागन को इसलिए निर्वासित किया गया क्योंकि अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम ने विवादास्पद वीजा संदर्भों का पता लगाया था. नए ड्राफ्ट के अनुसार, 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है, जिनके नागरिकों का वीजा पूरी तरह से निलंबित कर दिया जाएगा. ये देश हैं- अफगानिस्तान, क्यूबा, ​​ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन. पांच देशों के दूसरे समूह में इरीट्रिया, हैती, लाओस, म्यांमार और दक्षिण सूडान को रखा गया. इन देशों पर भी कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंध प्रस्तावित हैं. पांचों देशों में पर्यटक और छात्र वीजा के साथ-साथ अन्य आप्रवासी वीजा भी प्रभावित हो सकते हैं. बताते चलें कि 20 जनवरी को पद्भार ग्रहण करने के पहले ही दिन ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया था कि सुरक्षा खतरों का पता लगाने के लिए अमेरिका में एंट्री करने वाले किसी भी विदेशी नागरिक की व्यापक जांच की जरूरत पर जोर दिया जाए. ट्रंप ने पहले ही किया था वादा डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद, 20 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें अमेरिका में प्रवेश चाहने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा जांच को और अधिक सख्त करने की बात कही गई थी. आदेश में कैबिनेट के कई सदस्यों को 21 मार्च तक उन देशों की लिस्ट देने को कहा गया था. अमेरिका इस लिस्ट में अभी बदलाव कर सकता है. मतलब कई देशों को इसमें जोड़ा तो कई देशों को इससे बाहर किया जा सकता है. इसके बाद लिस्ट प्रशासन की मंजूरी के बाद ही जारी होगी.  

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