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27 मार्च को झाबुआ में 1000 से अधिक जोड़ों के होंगे सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री आयेंगे झाबुआ

इन्दौर म.प्र. शासन द्वारा जरूरतमंद निराश्रित/निर्धन परिवारों की कन्या/विधवा/परित्यक्ता महिलाओं को विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना संचालित की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री निर्मला भूरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में सम्मिलित होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आमंत्रित किया गया हैं। जिसके लिए उनकी अनौपचारिक स्वीकृति प्राप्त हो गई हैं। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2025 को गोपालपुरा हवाईपट्टी पर 1000 से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह किया जाना प्रस्तावित है जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं सम्मिलित होकर विवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देंगे। जल्द ही कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा तैयार कर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मुंबई के लिए खासतौर पर जारी हुआ FASTag का नया नियम

मुंबई फास्टैग को लेकर नया नियम जारी किया गया है। यह नियम खासतौर पर मुंबई के लिए है, जो कि 1 अप्रैल 2025 से सभी टोल प्लाजा पर लागू हो जाएगा। इस नए नियम के तहत FASTag को मुंबई में अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैफिक को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडल (MSRDC) ने सभी टोल प्लाजा पर FASTag ओनली सिस्टम लागू किया है। आसान हो जाएगी डिजिटल पेमेंट सुविधा इसका मकसद टोल भुगतान को आसान बनाना और टोल बूथ पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना है। ऐसा माना जा रहा है कि यह डिजिटल टोल सिस्टम पेमेंट प्रक्रिया को फास्ट बनाएगा और मैनुअल टोल कलेक्शन में होने वाली देरी को कम करेगा। फास्टैग न होने पर देना होगा दोगुना टोल रिपोर्ट की मानें, तो जिनके पास FASTag नहीं होगा, उन्हें दोगुना टोल देना होगा। फिर चाहे, वो नकद, क्रेडिट या फिर डेबिट कार्ड या UPI से भुगतान करें। मतलब हर गाड़ी पर फास्टैग होना चाहिए। यह नियम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की तरफ से लागू किया गया है, जो देशभर में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है और मैन्युअल टोल को धीरे-धीरे हटा रही है। सरकार ने इसकी अधिसूचना पहले ही जारी कर दी है। स्कूल बस, हल्के मोटर वाहन और राज्य परिवहन बस को मुंबई के 5 मेन प्वाइंट पर FASTag से छूट दी गई है। टेक्नोलॉजी की जरूरत पर दिया जोर इस नीति को डिजिटल पेमेंट में बदलाव की मुश्किलों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कुछ लोगों का मानना था कि यह उन लोगों के लिए अनुचित है, जो डिजिटल साक्षर नहीं हैं। लेकिन कोर्ट ने इसे बरकरार रखा और कहा कि यह वाहन मालिकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता। एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने टेक्नोलॉजी को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया, जो आज के समय की मांग है। टोल कलेक्शन में होगी पारदर्शिता यह फैसला डिजिटल बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है। FASTag का यह कदम न सिर्फ ट्रैफिक जाम को कम करेगा, बल्कि फ्यूल के खर्च को भी कम करेगा और टोल कलेक्शन में पारदर्शिता में बढ़ावा मिलेगा। यह सिस्टम उन लोगों के लिए चुनौती हो सकती है, जो अभी तक डिजिटल पेमेंट से वाकिफ नहीं हैं।

अब इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होने का रास्ता लगभग साफ, 23 मार्च के बाद हो सकता है सफर

इंदौर इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए मेट्रो कोच व ट्रैक के संबंध में रेलवे बोर्ड से अनुमोदन (अप्रूवल) मिल गया है। इसके मुताबिक इंदौर का मेट्रो कोच व वायडक्ट पर बिछाया गया ट्रैक फिट है। ऐसे में अब इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। देशभर में संचालित मेट्रो रेलवे एक्ट में आती है। इस वजह से मेट्रो को वायडक्ट पर चलाने से पहले रेलवे बोर्ड से अनुमोदन लेना अनिवार्य होता है। रेलवे बोर्ड के अनुमोदन के बाद अब रंगपंचमी के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग मेट्रो का संचालन आम आदमी के लिए शुरू होने के पहले का ‘लाइन ओपनिंग फाइनल चेक’ करने इंदौर आएंगे। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज गौरतलब है कि वे पूर्व में मेट्रो डिपो, कोच के निरीक्षण के लिए आए थे। इसके बाद सीएमआरएस टीम के सदस्यों ने सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में बने पांच मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने मेट्रो स्टेशन निर्माण कार्य संबंधित कुछ सुझाव दिए थे, जिन्हें दुरुस्त किया गया है।   गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर अब मार्च में सीएमआरएस के आगामी निरीक्षण के पश्चात ‘फाइनल क्लीयरेंस’ मिलते ही इंदौर में सुपर कॉरिडोर पर गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर तीन के बीच शहरवासियों का मेट्रो में सफर शुरू होगा। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि 23 मार्च के बाद भी प्रदेश सरकार व मेट्रो प्रबंधन एक भव्य आयोजन के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन का शुभारंभ करेंगे। 15 से 30 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलाने की योजना सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्रियों के लिए मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी भी शुरू हो गई। इस हिस्से में बने पांचों मेट्रो स्टेशन तैयार हैं और वहां यात्री सुविधाओं के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, सुविधाघर, पीने के पानी व अन्य इंतजाम पूरे हो गए हैं। टिकट काउंटर पर कर्मचारी व स्टेशन परिसर में सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं। यह है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान 15 से 30 मिनट के अंतराल पर एक मेट्रो कोच सेट का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार इस समय को बढ़ाया व कम किया जा सकेगा।   शुरुआत में प्रमोशन डिस्काउंट से कम दर में सफर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए न्यूनतम किराया 20 रुपये तय किया गया है। हालांकि सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन शुरू करने पर मेट्रो प्रबंधन की प्रमोशन डिस्काउंट देने की तैयारी है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि शहरवासी शुरुआत में 10 रुपये न्यूनतम दर पर भी सफर कर पाएंगे। अगस्त तक रेडिसन चौराहे तक मेट्रो चलाने की कवायद अभी सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से सुपर कारिडोर स्टेशन नंबर तीन के बीच 5.9 किलोमीटर के हिस्से में कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा। मेट्रो प्रबंधन अगस्त तक गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से रेडिसन चौराहे तक 11.7 किलोमीटर के लिए मेट्रो चलाने की कवायद में है। ऐसे में शहरवासियों को अगस्त तक गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर करने मौका मिलेगा।

मध्यप्रदेश में अप्रैल में जारी हो सकता है 7 हजार आरक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन

भोपाल प्रदेश में 7,400 पुलिस आरक्षकों की भर्ती का परीक्षा परिणाम पिछले सप्ताह जारी होने के बाद अब करीब 7000 आरक्षकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अगले माह से शुरू हो सकती है। कर्मचारी चयन मंडल (पीईबी) इसकी तैयारी कर रहा है। विज्ञापन जारी होने के बाद लिखित परीक्षा और फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। दोनों परीक्षाओं के अंक जोड़कर वर्ष के अंत तक परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी है। यानी अगले वर्ष इन पुलिस आरक्षकों की सेवाएं मिलने लगेंगी। अभी तक आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में लगभग डेढ़ वर्ष लग रहे थे। इस कारण रिक्त पदों के विरुद्ध प्रति वर्ष भर्ती का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा था। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पुलिस मुख्यालय की तरफ से लगातार पीईबी पर दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन मंडल के पास अन्य परीक्षाओं का दबाव होने के कारण अधिक समय लग रहा था। भर्ती के लिए पीईबी कैलेंडर तैयार कर रहा है। आबादी के हिसाब से बढ़ाई जानी है थाने की संख्या बता दें, प्रदेश में 1 लाख 26 हजार स्वीकृत पदों में से लगभग 95 हजार आरक्षक ही पदस्थ हैं। जिस तरह से आबादी और अपराध बढ़े हैं, उसे देखते हुए कम से कम डेढ़ लाख पुलिस आरक्षकों की आवश्यकता है। जिला पुलिस बल के 960 थाने हैं। अपराध और आबादी बढ़ने के कारण थानों की संख्या भी बढ़ाई जानी है, लेकिन पुलिस बल कम होने के कारण नए थाने नहीं बनाए जा रहे हैं। छोटे थाने के लिए कम से कम 35 और बड़े थाने के लिए 60 से 70 पुलिसकर्मी चाहिए। आरक्षकों की भर्ती से नए थाने खोलना भी आसान हो जाएगा। उप निरीक्षकों के लगभग 500 पदों पर भी अगले माह भर्ती प्रारंभ कर इसी वर्ष परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी है। इस वर्ष ही जारी होंगे परीक्षा परिणाम पीईबी के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि इस बार ऐसी तैयारी है कि इस वर्ष ही आरक्षकों और उप निरीक्षकों की भर्ती परीक्षा के अंतिम परिणाम जारी कर दिए जाएं।

विश्वविद्यालय के ऑफिशियल दस्तावेजों पर ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ शब्द लिखा जाएगा, संस्कृत विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन के महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के ऑफिशियल दस्तावेजों पर ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ शब्द लिखा जाएगा। ऐसा करने वाला यह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। अब विश्वविद्यालय की वेबसाइट, विद्यार्थियों की कॉपी और कैलेंडर सहित सभी जगह भारत लिखा होगा। संस्कृत विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होगा जो अपने आधिकारिक दस्तावेजों में भारत शब्द का प्रयोग करेगा। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक कुलगुरु की अध्यक्षता में की गई थी। दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कार्यपरिषद सदस्य गौरव धाकड़ ने विश्वविद्यालय में ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ शब्द का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा गया था जिसके बाद इस प्रस्ताव को सभी लोगों ने मंजूर कर दिया है। क्या लिया गया फैसला महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक के बाद गौरव धाकड़ ने बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री उन नामों को प्रचलन में लाने का प्रयास कर रहे हैं जो देश की संस्कृति और पहचान से जुड़े हुए हैं। इसी दिशा में विश्वविद्यालय में भी ‘भारत’ शब्द को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। 31 मार्च को होगा दीक्षांत समारोह महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का पांचवां दीक्षांत समारोह 31 मार्च को होगा। दीक्षांत समारोह कालिदास संस्कृत अकादमी के संकुल हॉल में आयोजित होगा। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई है। दीक्षांत समारोह में शोधार्थियों और छात्रों को उपाधियां प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली बैठक में वित्तीय वर्ष के आय-व्यय पत्रक प्रस्तुत किए जाएंगे। बीच में उठा था मुद्दा बता दें कि इंडिया की जगह भारत करने का मामला बीच में सामने आया था। इसको लेकर सोशल मीडिया में कई तरह के पोस्ट और कमेंट भी किए गए था। हालांकि समय-समय पर इसको लेकर अलग-अलग संगठनों के द्वारा मांग उठती रहती है।

एशिया कप भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा, नहीं खेलेंगे कोहली-रोहित

नई दिल्ली साल 2025 में होने वाला एशिया कप भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सितारे इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे। ये दोनों खिलाड़ी और साथ ही रविंद्र जडेजा ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट (टी-20) को अलविदा कह दिया है, जिससे टीम इंडिया को एक नई दिशा में कदम बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस बार एशिया कप की मेज़बानी भारत के पास है, लेकिन खबरों के मुताबिक टूर्नामेंट को किसी न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की तैयारी की जा रही है। यह फैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि भारतीय टीम में बदलावों के बावजूद इस टूर्नामेंट का आयोजन ठीक से और निष्पक्ष रूप से किया जा सके। टीम की जिम्मेदारी किसपर? कोहली और रोहित के बिना टीम इंडिया की कप्तानी का जिम्मा सूर्यकुमार यादव या हार्दिक पांड्या पर होगा। दोनों ही खिलाड़ी इस वक्त शानदार फॉर्म में हैं और टीम को मजबूती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सूर्यकुमार यादव, जिन्होंने पिछले कुछ समय में अपने खेल से सबका दिल जीता है, अब कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करेंगे। वहीं, हार्दिक पांड्या, जो एक ऑलराउंडर के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, उनसे भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी। युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका इस एशिया कप में युवाओं को भी मौका मिलेगा। टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी जैसे यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। दोनों खिलाड़ी पिछले कुछ समय में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और अब एशिया कप में अपनी टीम के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी से टीम को मजबूत बनाने की उम्मीद की जा रही है। गेंदबाजी की अगुवाई करेंगे जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी में भारतीय टीम का मुख्य आधार जसप्रीत बुमराह होंगे। बुमराह, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन पेस बॉलर्स में से एक माने जाते हैं, इस बार एशिया कप में अपनी टीम के लिए कड़ी चुनौती से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उनके नेतृत्व में पेस अटैक को मजबूती मिलेगी और टीम को विपक्षी टीमों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फायदा मिलेगा। भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा ही आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी दोनों टीमों के बीच तीन बार भिड़ंत हो सकती है। पहले ग्रुप स्टेज में दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं, फिर सुपर फोर में भी इन दोनों के बीच मैच हो सकता है। अगर सब कुछ सही रहा तो एशिया कप का फाइनल भी भारत-पाकिस्तान के बीच हो सकता है, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक रोमांचक मुकाबला होगा।  

रंगपंचमी पर टोरी कार्नर की गेर में आईआईटी के विद्यार्थी ट्राले पर डांस करेंगे

इंदौर होली के बाद अब रंगपंचमी पर 19 मार्च को इंदौर अपना रंग दुनिया को दिखाने की तैयारी में जुट गया है। पिछली बार नहीं निकली टोरी कार्नर की गेर इस बार दोगुने उल्लास के साथ निकाली जाएगी। हालांकि इस बार रसिया कार्नर की गेर नहीं निकलेगी। इधर संगम कार्नर ने चल समारोह की खास तैयारी शुरू कर दी है। इसमें बांके बिहारी के ढोल पर मिसाइल से 200 फीट ऊपर तक रंग उड़ाया जाएगा। मारल क्लब की गेर में बोरिंग मशीन से गुलाल उड़ाया जाएगा। इसके अतिरिक्त हिंद रक्षक संगठन की राधाकृष्ण फाग यात्रा भी निकलेगी। रंगपंचमी पर तीन गेर और एक फागयात्रा सुबह 9.30 से दोपहर तीन बजे तक राजवाड़ा पर जुटने वाले लाखों लोगों को रंग से भिगोएगी। संगम कार्नर की गेर के लिए आठ हजार किलो फूलों से गुलाल बनाया जा रहा है। कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि गेर का यह 75वां वर्ष है। इस बार गेर का प्रमुख आकर्षण बरसाना की टीम लट्ठमार होली के अतिरिक्त बांके बिहारी का ढोल आकर्षण का केंद्र रहेगा। देशभक्ति ओर सद्भावना से ओतप्रोत युवाओं की टोली देशभक्ति के तरानों पर भांगड़ा करती चलेगी। रसिया कार्नर : इस वर्ष नहीं निकलेगी गेर ओल्ड राज मोहल्ला से निकलने वाली इंदौर की प्रतिष्ठित रसिया कार्नर की गेर इस वर्ष नहीं निकाली जाएगी। संयोजक पंडित राजपाल जोशी के पिताजी और गेर के प्रमुख संरक्षक पंडित क्रांतिसागर जोशी का कुछ माह पूर्व ही निधन हो गया था, जिसके कारण समिति ने इस वर्ष गेर नहीं निकालने का निर्णय लिया है। जोशी ने बताया कि पिताजी के चले जाने का दुख अभी भी हम सभी के दिलों में है, इसलिए रसिया कार्नर परिवार ने इस वर्ष गेर स्थगित की है। आने वाले वर्ष में इंदौर की जनता को रंगों से सराबोर करने के लिए और भी ज्यादा अच्छी गेर निकालेंगे। मारल क्लब : गेर में बोरिंग मशीनों से बरसाएंगे गुलाल मारल क्लब की गेर का यह 51वां वर्ष है। छीपा बाखल से निकलने वाली गेर के लिए इस बार विशेष तैयारी की जा रही है। इसमें बोरिंग मशीनों से गुलाल बरसाया जाएगा। आयोजक अभिमन्यु मिश्रा का कहना है कि इसकी तैयारी सदर बाजार में की जा रही है। भजन गायक मनीष तिवारी भी भजनों की प्रस्तुति देते चलेंगे। मशीनों को तोप का स्वरूप दिया गया है। साथ ही पानी के टैंकर भी रहेंगे। हिंद रक्षक संगठन : फाग यात्रा में नजर आएगा नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर हिंद रक्षक संगठन की राधाकृष्ण फाग यात्रा नृसिंह बाजार से निकलेगी। संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ ने बताया कि यह यात्रा का 27वां वर्ष है। पिछले वर्ष जहां अयोध्या में बने राम मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई थी, वहीं इस बार नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर नजर आएगा। इसके साथ ही भगवान कृष्ण गोवर्धन पर्वत उठाए हुए एक झांकी में दिखेंगे। 100 से अधिक भगवा ध्वजा लेकर युवक व महिलाएं चलेंगी। टेसू के फूलों का प्राकृतिक रंग उड़ाया जाएगा। टोरी कार्नर गेर : ट्राले पर नृत्य करते दिखेंगे आईआईटी के विद्यार्थी सबसे पुराने टोरी कार्नर से निकलने वाली गेर पिछले वर्ष 2024 नहीं निकली थी। संस्थापक शेखर गिरि के बड़े भाई सतीश गिरि का निधन होने से गेर निकालना रद किया गया था। हालांकि उस समय तक गेर की सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। संस्थापक शेखर गिरि ने बताया कि इस बार दोगुने उल्लास के साथ गेर की तैयारी की जा रही है। इसमें आईआईटी के विद्यार्थी ट्राले पर नृत्य करते नजर आएंगे। गेर की थीम ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रहेगा। साथ ही अलग-अलग समाज की महिलाएं भी इसमें बड़ी संख्या में शामिल होगी।

10वीं-12वीं की आंसरशीट का औसत मूल्यांकन करने मूल्यांकनकर्ता पर होगी कड़ी कार्रवाई

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए मूल्यांकन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार मूल्यांकनकर्ताओं को भी प्रशिक्षण दिया गया है। अब तीन स्तरों पर मूल्यांकन होगा। इसमें मुख्य परीक्षक, उप मुख्य परीक्षक और परीक्षक शामिल हैं। इस संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अगर किसी विद्यार्थी ने एक ही प्रश्न के उत्तर को कई बार लिखा है, तो परीक्षक अपने विवेक से एक ही उत्तर का मूल्यांकन करेंगे और एक ही उत्तर के अंक गणना में लिए जाएंगे। साथ ही परीक्षक के उत्तरपुस्तिका जांचने के बाद उप मुख्य परीक्षक पुन: परीक्षण करेंगे कि कहीं कोई त्रुटि तो नहीं है। साथ ही अगर मूल्यांकनकर्ता द्वारा औसत मूल्यांकन किया गया होगा, तो उस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परीक्षक द्वारा ऑनलाइन भरे गए अंकों की जांच भी की जाएगी। अगर अंक भरने में गलती मिलेगी तो परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक दोनों पर कार्रवाई होगी। बता दें कि प्रदेश के करीब 17 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख कॉपियों के मूल्यांकन के लिए 40 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। दूसरे चरण का मूल्यांकन 21 मार्च से शुरू होगा। मूल्यांकन के बाद अंक ऑनलाइन प्रविष्ट किए जाएंगे निर्देशित किया गया है कि एक शिक्षक को एक दिन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 45 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना होगा। साथ ही उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद ऑनलाइन अंक प्रविष्टि की जाएगी। संबंधित शिक्षक द्वारा अंकों की प्रविष्टि करने के बाद इच्छुक होने पर 15 उत्तरपुस्तिकाएं और प्रदान की जा सकती हैं। बिना बारकोड लगे उत्तरपुस्तिकाओं को मंडल कार्यालय भेजना होगा। उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या कम ज्यादा होने पर जानकारी देनी होगी प्रत्येक बंडल में केंद्राध्यक्ष द्वारा भेजी गई उत्तरपुस्तिकाओं के साथ प्रमाणीकरण या पंचनामा का प्रारूप शामिल करना होगा। शिक्षकों को उत्तरपुस्तिकाएं वितरित करने से पहले उप मुख्य परीक्षकों को भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य है। उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या कम-ज्यादा होने पर मंडल मुख्यालय को जानकारी देनी होगी होली की वजह से धीमा हुआ मूल्यांकन मूल्यांकन कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। अभी होली त्योहार के कारण मूल्यांकन कार्य गति कुछ धीमी है। – एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल  

RSS की अहम भूमिका, समाज में इसके योगदान और अपने व्यक्तिगत अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के बीच बातचीत का पॉडकास्ट आज रविवार को रिलीज हो गया है. इस बातचीत में पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इसमें पीएम मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की उनके जीवन में अहम भूमिका, समाज में इसके योगदान और अपने व्यक्तिगत अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की. लेक्स ने उनसे सवाल पूछा कि जब आप आठ साल के थे, तब RSS में शामिल हो गए थे, जो हिंदू राष्ट्रवाद के विचार का समर्थन करता है. क्या आप मुझे आरएसएस के बारे में बता सकते हैं? आप पर और आपके राजनीतिक विचारों के विकास पर उनका क्या प्रभाव पड़ा? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि बचपन से ही मुझे हमेशा किसी न किसी काम में लगे रहने की आदत थी. मुझे याद है कि मकोशी नाम का एक आदमी था, मुझे उसका पूरा नाम ठीक से याद नहीं है, मुझे लगता है कि वह सेवा समूह का हिस्सा थे. वह अपने साथ एक ढफली जैसा रखते थे. वह अपनी गहरी, दमदार आवाज में देशभक्ति के गीत गाते थे. जब भी वह हमारे गांव में आते थे तो अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम करते थे. मैं उनके पीछे पागलों की तरह दौड़ता रहता था, बस उनके गाने सुनने के लिए. मैं पूरी रात उनके देशभक्ति के गाने सुनता रहता था. मुझे इसमें मज़ा आता था, मुझे नहीं पता क्यों, लेकिन बस मज़ा आता था. ‘संघ को समझना इतना सरल नहीं’ उन्होंने कहा कि हमारे गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक शाखा थी, जहां देशभक्ति के गीत चलते थे. उन गीतों की कुछ बातें मुझे बहुत छू गईं. और इस तरह मैं आरएसएस का हिस्सा बन गया. आरएसएस में हमें जो मूल मूल्य दिए गए, उनमें से एक था कि जो भी करो, उसे उद्देश्य के साथ करो. राष्ट्र के योगदान के लिए करो. जैसे मैं पढ़ाई करूं तो इतनी करूं की देश के काम आए. जब मैं व्यायाम करूं तो इतना करूं कि मेरा शरीर भी देश के काम आए. ये संघ के लोग सिखाते रहते हैं. संघ एक बहुत बड़ा संगठन है. यह अब अपनी 100वीं वर्षगांठ के करीब है. इतना बड़ा स्वयंसेवी संगठन शायद दुनिया में कहीं और मौजूद नहीं है. करोड़ों लोग इससे जुड़े हुए हैं. लेकिन संघ को समझना इतना सरल नहीं है. इसके कार्य की प्रकृति को सही मायने में समझने के लिए प्रयास करना चाहिए. किसी भी चीज से ज़्यादा, संघ आपको एक स्पष्ट दिशा प्रदान करता है जिसे वास्तव में जीवन में एक उद्देश्य कहा जा सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी बात, देश ही सब कुछ है और जनसेवा ही ईश्वर की सेवा है. यही वैदिक काल से कहा जाता रहा है. यही हमारे ऋषियों ने कहा है, यही विवेकानंद ने कहा है और यही बातें संघ के लोग करते हैं. तो स्वयंसेवक को कहा जाता है कि तुम्हें जो संघ से प्रेरणा मिली है, उससे समाज के लिए कुछ करना चाहिए.आज, उस भावना से प्रेरित होकर कई पहल चल रही हैं. जैसे कुछ स्वयंसेवकों ने सेवा भारती नामक संगठन की स्थापना की. यह संगठन उन झुग्गी-झोपड़ियों और बस्तियों की सेवा करता है जहां सबसे गरीब लोग रहते हैं, जिन्हें वे सेवा समुदाय कहते हैं. मेरी जानकारी के अनुसार, वे बिना किसी सरकारी सहायता के केवल सामुदायिक सहयोग से, लगभग एक 1 लाख 25 हजार सेवा परियोजनाएं चलाते हैं. वे वहां समय बिताते हैं, बच्चों को पढ़ाते हैं, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं, अच्छे संस्कार देते हैं और इन समुदायों में स्वच्छता को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हैं. यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. ‘संघ ने आदिवासी इलाकों में खोले 70 हजार स्कूल’ उन्होंने कहा कि इसी तरह, संघ द्वारा पोषित कुछ स्वयंसेवक वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से आदिवासी समुदायों की सेवा के लिए समर्पित हैं. वे आदिवासियों के बीच रहते हैं, उनके कल्याण के लिए काम करते हैं. उन्होंने दूरदराज के आदिवासी इलाकों में 70,000 से ज़्यादा एक शिक्षक वाले स्कूल खोले हैं. अमेरिका में भी कुछ लोग हैं जो इनके लिए लगभग 10 या 15 डॉलर का दान करते हैं. और वे कहते हैं, ‘इस महीने एक कोका-कोला न पिएं और उस पैसे को एक शिक्षक वाले स्कूल में दान करें.’ अब कल्पना करें, आदिवासी बच्चों को शिक्षित करने के लिए समर्पित 70,000 एक शिक्षक स्कूल. कुछ स्वयंसेवकों ने शिक्षा में क्रांति लाने के लिए विद्या भारती की स्थापना की है. आज, वे लगभग 25,000 स्कूल चलाते हैं, लगभग 30 लाख छात्रों को शिक्षित करते हैं, और मेरा मानना ​​है कि इस पहल से करोड़ों छात्रों को लाभ हुआ है, जो अविश्वसनीय रूप से कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. शिक्षा के साथ-साथ, मूल्यों को प्राथमिकता दी जाती है, और छात्र जमीन से जुड़े रहते हैं, कौशल सीखते हैं ताकि वे समाज पर बोझ न बनें. यानी, जीवन के हर पहलू में, चाहे वह महिलाएँ हों, युवा हों या फिर मज़दूर हों, RSS ने भूमिका निभाई है. ‘संघ से मुझे जीवन के संस्कार मिले’ पीएम मोदी ने कहा कि सदस्यता के आकार के संदर्भ में, अगर मैं ऐसा कहूं तो हमारे पास भारतीय मज़दूर संघ है. इसके लगभग 50,000 संघ हैं, जिनके देश भर में लाखों सदस्य हैं. शायद, पैमाने के संदर्भ में, दुनिया में इससे बड़ा कोई मज़दूर संघ नहीं है. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वे किस तरह का दृष्टिकोण अपनाते हैं. ऐतिहासिक रूप से, वामपंथी विचारधाराओं ने दुनिया भर में मज़दूर आंदोलनों को बढ़ावा दिया है. और उनका नारा क्या रहा है? 

मुख्यमंत्री ने 40.62 करोड़ रूपये के शौर्य स्मारक और जिला चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण

 भोपाल डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजगढ़ में लगभग 500 करोड़ के निवेश से विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में राजधानी भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश में 30 लाख करोड़ रूपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश का प्रत्येक अंचल लाभान्वित होगा। स्कूलों में शिक्षकों के पदों सहित पुलिसकर्मियों के रिक्त पदों की पूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजगढ़ जिला अस्पताल के बाद शीघ्र मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि पौने तीन सौ किलोमीटर लंबी रामगंज मंडी से भोपाल तक की रेल लाइन की सौगात इस क्षेत्र को मिल रही है। विकास का कारवां निरंतर चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, खाद्य प्र-संस्कृत इकाई योजना सहित विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को राजगढ़ में शौर्य स्मारक जिला अस्पताल के लोकार्पण और रैन बसेरा भवन, नए विद्यालय भवन और विधि महाविद्यालय के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी, लाड़ली बहना योजना, उज्जवला रसोई गैस योजना, नि:शुल्क अन्न वितरण सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में विकास का यज्ञ चल रहा है। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में हेलीपेड प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन से किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी जमीन न बेचें। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो सिंचाई परियोजना से इस अंचल का बड़ा इलाका लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ों परियोजना से राजगढ़ क्षेत्र का भूगोल और भाग्य दोनों बदलेंगे। दो दशक पहले यहां सूखे की गंभीर समस्या थी। गत दो दशक से विकास की गति बढ़ी है। आने वाले समय में इस क्षेत्र का तीव्र विकास होगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से राजगढ़, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, सारंगपुर, खिलचीपुर को लाभ मिलेगा। फोरलेन सड़कों के निर्माण, मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना और नए औद्योगिक निवेश से पूरा क्षेत्र बदल जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए प्रति वर्ष सौर ऊर्जा से संचालित 10 लाख विद्युत पम्प स्थापित किए जाएंगे। तीन वर्ष में 30 लाख सोलर पम्प लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्व-रोजगार से स्वावलंबन के जरिए महिलाओं की जीवन-स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास भी किया जा रहा है। महिला श्रम पर आधारित उद्योगों, विशेष रूप से रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में प्रति महिला श्रमिक 5 हजार रूपए के मान से प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ में जन श्रद्धा की प्रतीक माँ जालपा देवी और भैंसवा माता की जय-जयकार से संबोधन प्रारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजगढ़ जिले के नागरिक परिश्रमी हैं। यही नहीं भारतीय संस्कृति के पालन के लिए दृढ़ और कृत संकल्पित नागरिकों ने राजगढ़ की पहचान बनाई है। इस अंचल की दाल-बाटी और दाल-बाफले का स्वाद भी निराला है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं राजगढ़ जिला प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास श्री नारायण सिंह पंवार, सांसद श्री रोडमल नागर स्थानीय विधायक ने अपने संबोधन में जिले को दी गई सौगातों के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री चन्दर सिंह सौंधिया, विधायक राजगढ़ श्री अमर सिंह यादव, विधायक खिलचीपुर श्री हजारीलाल दांगी, विधायक नरसिंहगढ़ श्री मोहन शर्मा, दिशा के सदस्य श्री ज्ञानसिंह गुर्जर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है। विश्व में भारत की पहचान हमारे आध्यात्मिक विचारों तथा जियो और जीने दो के सिद्धांत को व्यवहार में क्रियान्वित करने से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड में स्थित अतिशय क्षेत्र बरासों में सुमेरु पर्वत निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को राजकीय विमानतल भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बरासों में 414 फीट ऊंचे सुमेरू पर्वत का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की ख्याति सबको जीने का हक देने वाले देश के रूप में रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में, जीवन के सभी क्षेत्रों में गौरव अर्जित कर रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा के आध्यात्मिक तेज के साथ-साथ विश्व में देश की साख और धाक बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन के साथ-साथ दूध के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन पर गौ-पालकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं को दिए जा रहे अनुदान को भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का स्थान भारत में तीसरा है, हमारा प्रयास प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का है। दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर बोनस की व्यवस्था की जाएगी, इससे कृषकों की आय बढ़ेगी और समाज सम्पन्न होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों में बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित अन्य जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्ञानार्जन के क्षेत्र में भी विशेष नवाचार किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। भिंड के बरासों में आयोजित कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, दिगम्बर संत आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज, परम पूज्य रामदास जी महाराज ने भी संबोधित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने यहां बनने वाली गौ-शाला, विद्यालय और अस्पताल आदि के लिए दान देने वाले दानदाताओं तथा अन्य सहयोगियों का आभार माना। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि सात्विक, सदाचारी, शाकाहारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार हुआ है।  

UP की गौशालाएं होंगी आत्मनिर्भर, गाय के गोबर-मूत्र का प्राकृतिक खेती में होगा इस्तेमाल: योगी सरकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों के लिए गाय के गोबर और मूत्र का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की गौशालाएं पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देंगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएंगी और किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी होंगी। ‘हम गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रहे’ पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने न्यूज एजेंसी से कहा कि हम गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड, कृषि विभाग और अन्य हितधारकों से बात करके हम सभी पशुशालाओं में ‘वर्मीकम्पोस्ट’ बनाएंगे। इसे किसानों को बेचा जाएगा और गाय आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।” मंत्री ने कहा कि इसके लिए परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है और नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) जैसे संगठनों से भी मदद ली जाएगी। हाल में संपन्न महाकुंभ के दौरान, पशुपालन और दुग्ध विकास मंत्रालय ने गहन विचार-विमर्श किया और पर्यावरण के अनुकूल कृषि में गौशालाओं की भूमिका को मजबूत करने के लिए रणनीतिक योजनाएं तैयार कीं। ‘प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गोबर, मूत्र का होगा इस्तेमाल’ विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि योजनाओं के अनुसार गाय के गोबर और मूत्र का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों के लिए किया जाएगा। साथ ही, किसानों और गौशालाओं के कर्मचारियों को मवेशियों के पोषण में सुधार के लिए चारा उत्पादन और संरक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों के स्वास्थ्य और भूमि एवं पानी की गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रही है, जिसके तहत प्राकृतिक खेती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह एक ऐसी विधि है जिसमें खेती के लिए रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया जाता। अधिकारी ने कहा कि इस कृषि पद्धति में मवेशी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें गाय के गोबर और मूत्र को जैविक उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को दोहरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनके परिवारों को शुद्ध दूध मिलेगा और जैविक उर्वरकों के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी। अधिकारी ने कहा कि समय के साथ ये प्रयास गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे। ‘प्रदेश की 7,700 से अधिक गौशालाओं में इस वक्त साढ़े 12 लाख छुट्टा मवेशी रखे गए’ विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 7,700 से अधिक गौशालाओं में इस वक्त साढ़े 12 लाख छुट्टा मवेशी रखे गए हैं। इसके साथ ही राज्य ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना भी लागू की है जिसके तहत एक लाख किसानों को 1.62 लाख छुट्टा मवेशी दिए गए हैं और उनकी देखभाल के लिए हर महीने 1,500 रुपए प्रति पशु की दर से दिये जा रहे हैं। अपने नवीनतम बजट में सरकार ने छुट्टा मवेशियों की सुरक्षा के लिए 2,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। यह पहले दिए गए 1,001 करोड़ रुपए के अतिरिक्त है। इसके अलावा 543 नई गौशालाओं को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक बड़ी गौशाला के लिए 1.60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि दी गई है। राज्य सरकार पशुपालकों को मवेशी पालने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। मवेशी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत देशी नस्लों को बढ़ावा दे रही है। साथ ही बैंक ऋण पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। अमृत धारा योजना 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी वाले ऋण प्रदान करती है। तीन लाख रुपये से कम के ऋण के लिए किसी गारंटर की आवश्यकता नहीं होती है।   देश में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया कदम अधिकारियों ने बताया कि देश में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को गाय आधारित जैविक उर्वरकों का उपयोग करके रसायन मुक्त कृषि अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि ये पहल विशेष रूप से गंगा नदी और बुंदेलखंड क्षेत्र के गांवों में केंद्रित हैं और इनमें स्थानीय जल संसाधनों को पर्यावरण के अनुकूल खेती के मॉडल में जोड़ा जा रहा है। कोविड महामारी ने स्वास्थ्य को लेकर वैश्विक जागरूकता बढ़ाई है, जिससे जैविक और प्राकृतिक रूप से उगाए गए उत्पादों की मांग बढ़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि खान-पान की आदतों में यह बदलाव न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक भी है जिससे उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।  

रियासी में दर्दनाक हादसा, पलटी बस, 22 महिला समेत 30 यात्री घायल, दो लोग गंभीर रूप से घायल

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के रियासी में रविवार को एक मिनी बस के पलट जाने से 30 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में अधिकतर महिलाएं थीं। बताया जा रहा है कि बस पहाड़ी रास्ते से जा रही थी। नियंत्रण खोने से बस खाई में पलट गई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना तारा मोड़ के पास हुई जब बस राजौरी जिले के मुगला से रियासी के पौनी जा रही थी। दो की हालत गंभीर, जम्मू अस्पताल में रेफर उन्होंने बताया कि दुर्घटना में 22 महिलाओं समेत 30 यात्री घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गंभीर रूप से घायलों में से दो रफाकत अली और गौतम शर्मा को विशेष उपचार के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल जम्मू रेफर कर दिया गया है। अधिकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना चालक की लापरवाही के कारण हुई है। आगे की जांच के लिए मामला दर्ज किया गया है। घायलों की हुई पहचान     सपना देवी (25) पत्नी विक्की कुमार, अल्ल्या     अंजलि शर्मा (20), पुत्री अजय कुमार, मोघला     ​​बलवंत राज (54) पुत्र मुंशी राम, मंगल (तरेणु)     बलबीर सिंह (35) पुत्र राम सिंह, मल्लूरियां     अंजू देवी (45) पत्नी कमल सिंह, जुंगरियाल     मंजू देवी (45) पत्नी बलदेव सिंह, जुंगरियाल     मंत्रा देवी (33) पत्नी रमेश कुमार, जुंगरियाल     राज कुमारी (50) पत्नी शेर सिंह, जुंगरियाल     फरजाना कौसर (21) पत्नी मोहम्मद अख्तर, अल्ल्या     सुमन देवी (30) पत्नी जसबीर सिंह, मल्लूरियां     बिट्टो देवी (50) पत्नी कृष्ण लाल, मोघला     ​​कमला देवी (85) पत्नी सुरम सिंह, मोघला     ​​चंचलो देवी (55) पत्नी पूरन सिंह, जुंगरियाल     सुभाष सिंह (44) पत्नी संत राम, जुंगेरियल     रफाकत अली (25) पुत्र अब्दुल शकूर, जुंगेरियल     रीता देवी (35) पत्नी पप्पू सिंह, मोघला     ​​गणेश कुमार (37) पुत्र तेज पॉल, खेयोन     गौतम शर्मा (6) पुत्र सुनील कुमार, केरल तेरथ     बबली देवी (29) पत्नी सुनील कुमार, केरल तेरथ     गुड्डो देवी (60) पत्नी चरण दास, जुंगेरियल     कमलेश कुमारी (42) पत्नी केवल कृष्ण, जुंगेरियल     कमला देवी (30) पत्नी कृष्ण सिंह, जुंगेरियल     पुष्पा देवी (30) पत्नी केवल कृष्ण, जुंगेरियल     बिमला देवी (60) पत्नी सुरम चंद, जुंगेरियल     किशो देवी (62) पत्नी बर्फी लाल, जुंगेरियल     मोहिनी देवी (50) पत्नी स्वर्ण सिंह, उम्बलीगल्ला     तारेनू के अब्दुल रशीद के पुत्र मोहम्मद अशरफ (29)     मोहम्मद फारूक (40) अल्लिया के जिम्दी चौधरी का पुत्र     मांगल के बलवंत राज की पत्नी गुड्डो देवी (40)     मांगल के गुलशन कुमार की पत्नी अनु शर्मा (23)  

राजधानी रायपुर और बिलासपुर में पारा 40 डिग्री के पार, मार्च के महीने में ही शुरू AC और कुलर

रायपुर मार्च के महीने में ही में सूरज की किरणें झुलसाने लगी हैं. राजधानी रायपुर और बिलासपुर में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शनिवार को ग्रीष्म लहर चली. रविवार को भी मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ में लू चलने की चेतावनी जारी की है. रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके चलते भारी गर्मी का अहसास हो रहा था. रायपुर शहर 16 मार्च को आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटो में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है. उसके पश्चात आगामी 3 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया. उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू क्षेत्र में औसत समुद्र तल से 3.1 और 9.6 किमी ऊपर स्थित है. इसके चलते प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. साथ ही मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है. 2 दिनों के बाद प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. घरों में चलने लगे AC और कूलर तेजी से बढ़ना चालू हो गए तापमान के कारण पिछले तीन दिनों से लोग बेचैन हैं. शाम को हल्की ठंडक रहती है, लेकिन दोपहर और दिन ढलने के बाद कूलर और एसी की जरूरत पड़ने लगी है. मौसम विभाग ने पिछले ही महीने अपने मौसम पूर्वानुमान में चेताया था कि इस साल मार्च से ही गर्मी अपने तेवर दिखाने चालू कर देगी. प्रशांत महासागर में सक्रिय ला नीना इफेक्ट गर्मी को और बढ़ाएगा. इस वजह से मार्च से लेकर अप्रैल और मई तक जोरदार गर्मी पड़ने की संभावना है. ग्रीष्म लहर के लिए दो शर्तें है आवश्यक मौसम विभाग के अनुसार ग्रीष्म लहर के लिए अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना चाहिए. या अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना चाहिए. आंकड़ों के मुताबिक में बिलासपुर  40.5 डिग्री सेल्सियस और रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. जो सामान्य से 5.3 डिग्री ज्यादा है. माना हवाई अड्डे पर आज दिन का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो आज के दिन के सामान्य तापमान से छह डिग्री ज्यादा था. पेंड्रा रोड के तापमान 39.5 डिग्री था, जो सामान्य से साढ़े 7 डिग्री ज्यादा रहा.

इंदौर रंगपंचमी पर मारल क्लब की गेर में बोरिंग मशीनों से गुलाल बरसाया जाएगा, गेर में होंगे श्रीनाथजी मंदिर के दर्शन

इंदौर होली के बाद अब रंगपंचमी पर 19 मार्च को इंदौर अपना रंग दुनिया को दिखाने की तैयारी में जुट गया है। पिछली बार नहीं निकली टोरी कार्नर की गेर इस बार दोगुने उल्लास के साथ निकाली जाएगी। हालांकि इस बार रसिया कार्नर की गेर नहीं निकलेगी। इधर संगम कार्नर ने चल समारोह की खास तैयारी शुरू कर दी है। इसमें बांके बिहारी के ढोल पर मिसाइल से 200 फीट ऊपर तक रंग उड़ाया जाएगा। मारल क्लब की गेर में बोरिंग मशीन से गुलाल उड़ाया जाएगा। इसके अतिरिक्त हिंद रक्षक संगठन की राधाकृष्ण फाग यात्रा भी निकलेगी। रंगपंचमी पर तीन गेर और एक फागयात्रा सुबह 9.30 से दोपहर तीन बजे तक राजवाड़ा पर जुटने वाले लाखों लोगों को रंग से भिगोएगी। संगम कार्नर की गेर के लिए आठ हजार किलो फूलों से गुलाल बनाया जा रहा है। कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि गेर का यह 75वां वर्ष है। इस बार गेर का प्रमुख आकर्षण बरसाना की टीम लट्ठमार होली के अतिरिक्त बांके बिहारी का ढोल आकर्षण का केंद्र रहेगा। देशभक्ति ओर सद्भावना से ओतप्रोत युवाओं की टोली देशभक्ति के तरानों पर भांगड़ा करती चलेगी। रसिया कार्नर : इस वर्ष नहीं निकलेगी गेर ओल्ड राज मोहल्ला से निकलने वाली इंदौर की प्रतिष्ठित रसिया कार्नर की गेर इस वर्ष नहीं निकाली जाएगी। संयोजक पंडित राजपाल जोशी के पिताजी और गेर के प्रमुख संरक्षक पंडित क्रांतिसागर जोशी का कुछ माह पूर्व ही निधन हो गया था, जिसके कारण समिति ने इस वर्ष गेर नहीं निकालने का निर्णय लिया है। जोशी ने बताया कि पिताजी के चले जाने का दुख अभी भी हम सभी के दिलों में है, इसलिए रसिया कार्नर परिवार ने इस वर्ष गेर स्थगित की है। आने वाले वर्ष में इंदौर की जनता को रंगों से सराबोर करने के लिए और भी ज्यादा अच्छी गेर निकालेंगे। मारल क्लब : गेर में बोरिंग मशीनों से बरसाएंगे गुलाल मारल क्लब की गेर का यह 51वां वर्ष है। छीपा बाखल से निकलने वाली गेर के लिए इस बार विशेष तैयारी की जा रही है। इसमें बोरिंग मशीनों से गुलाल बरसाया जाएगा। आयोजक अभिमन्यु मिश्रा का कहना है कि इसकी तैयारी सदर बाजार में की जा रही है। भजन गायक मनीष तिवारी भी भजनों की प्रस्तुति देते चलेंगे। मशीनों को तोप का स्वरूप दिया गया है। साथ ही पानी के टैंकर भी रहेंगे। हिंद रक्षक संगठन : फाग यात्रा में नजर आएगा नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर हिंद रक्षक संगठन की राधाकृष्ण फाग यात्रा नृसिंह बाजार से निकलेगी। संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ ने बताया कि यह यात्रा का 27वां वर्ष है। पिछले वर्ष जहां अयोध्या में बने राम मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई थी, वहीं इस बार नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर नजर आएगा। इसके साथ ही भगवान कृष्ण गोवर्धन पर्वत उठाए हुए एक झांकी में दिखेंगे। 100 से अधिक भगवा ध्वजा लेकर युवक व महिलाएं चलेंगी। टेसू के फूलों का प्राकृतिक रंग उड़ाया जाएगा। टोरी कार्नर गेर : ट्राले पर नृत्य करते दिखेंगे आईआईटी के विद्यार्थी सबसे पुराने टोरी कार्नर से निकलने वाली गेर पिछले वर्ष 2024 नहीं निकली थी। संस्थापक शेखर गिरि के बड़े भाई सतीश गिरि का निधन होने से गेर निकालना रद किया गया था। हालांकि उस समय तक गेर की सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। संस्थापक शेखर गिरि ने बताया कि इस बार दोगुने उल्लास के साथ गेर की तैयारी की जा रही है। इसमें आईआईटी के विद्यार्थी ट्राले पर नृत्य करते नजर आएंगे। गेर की थीम ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रहेगा। साथ ही अलग-अलग समाज की महिलाएं भी इसमें बड़ी संख्या में शामिल होगी।

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