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MP के खेतों में अभी गेहूं की फसल हरी, दाना परिपक्व नहीं, तापमान बढ़ने पर समय से पहले पकने की आशंका

भोपाल  मौसम का सबसे बड़ा ग्राहक किसान होता है। मौसम जब मौज में होता है, तो किसानों का मन प्रफुल्लित हो उठता है। मौसम का मिजाज बिगड़ने का सीधा प्रभाव भी सबसे पहले किसान पर ही होता है। मौसम विभाग ने मार्च में ही लू जैसे हालात बनने की चेतावनी दी है। आशंका है कि अगर मार्च में ही इतनी गर्मी बढ़ी तो गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे गेहूं का उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। फसलों की कटाई अब होगी शुरू जिले में रबी फसलों की कटाई का दौर मार्च माह में शुरू होगा। इसके तहत 10 से 15 मार्च के बीच फसलों की कटाई प्रारंभ होगी, जो 15 अप्रेल तक चलेगी। हालांकि अगेती फसलों की कटाई इस माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। गेहूं का दाना छोटा रहने पर समर्थन मूल्य पर खरीद में परेशानी होती है। पिछले साल भी काश्तकारों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ा था। उत्पादन में पडेगा फर्क, जल्दी पक जाएगी फसल तापमान में बढ़ोतरी के कारण गेहूं और जौ की फसल में फर्क पड़ेगा। दाना तो बन जाएगा, लेकिन जल्दी पक जाएगा। इससे उत्पादन में 5-7 प्रतिशत घट सकता है। इसके अलावा अन्य फसलों में कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। अच्छी पैदावार की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी     भोपाल के ग्राम सलैया निवासी कामता पाटीदार ने बताया कि उन्होंने विदिशा जिले के ग्राम दुलई में अपनी 50 एकड़ जमीन में गेहूं की बोवनी की है। धान की फसल लेने के कारण बोवनी जनवरी में हो सकी थी। अभी खेत में गेहूं की हरी फसल खड़ी है। अब बढ़ती धूप देखकर फसल के जल्दी पकने की आशंका है।     खजूरीकला के किसान मिश्रीलाल राजपूत ने बताया कि जनवरी में ठीक ठाक ठंड पड़ने के कारण इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन हरी फसल के दौरान धूप के तीखे तेवर देखकर अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है।     मध्य प्रदेश के किसानों ने वर्ष 2024-25 के रबी सीजन में 138.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल लगाई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा गेहूं का है। सामान्य मौसम में सरकारी एजेंसियों ने इस साल 80 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है। नहीं हो पाता है दानों का पूरा विकास बढ़ते तापमान से गेहूं की बढ़वार रुक जाती है. फसल की लंबाई कम होती है और यह जल्दी पक जाती है. गेहूं में बालियां लगने के बाद दाना भरने के लिए कुछ समय चाहिए होता है. मौसम परिवर्तन के कारण तेज हवा चलती है और तापमान बढ़ जाता है, तो पुष्पन क्रिया शीघ्र हो जाती है. गेहूं की बालियों में दाने नहीं भर पाते हैं. दानों को मजबूती नहीं मिल पाती है, क्योंकि तापमान में तेजी से वृद्धि के कारण दानों का पूरा विकास नहीं हो पाता है और समय से पहले ही दाने परिपक्व हो जाते हैं. दाना कमजोर पड़ जाता है. इससे गेहूं की गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ता है. गेहूं की फसल में ये काम करें गेहूं और जौ की फसलों को बढ़ते तापमान प्रभाव से बचाने के लिए दाना भराव और दाना निर्माण की अवस्था पर सीलिसिक अम्ल 15 ग्राम प्रति 100 लीटर का फॉलियर स्प्रे करना चाहिए. सीलिसिक अम्ल का पहला छिड़काव बलियां निकलते समय और दूसरा छिड़काव दूधिया अवस्था पर करने से काफी लाभ मिलेगा. सीलिसिक अम्ल गेहूं को प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ने की शक्ति प्रदान करता है और निर्धारित समय पूर्व पकने में मदद करता है. इससे उपज में गिरावट नहीं होती है. गेहूं और जौ की फसल में जरूरत के अनुसार, बार-बार हल्की सिंचाई करनी चाहिए. इसके अलावा, 0.2 प्रतिशत म्यूरेट ऑफ पोटाश या 0.2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का 15 दिनों के अंतराल पर दो बार छिड़काव किया जा सकता है. तापमान से नुकसान से बचने के उपाय गेहूं और जौ की फसलों में बाली आने पर एस्कॉर्बिक अम्ल के 10 ग्राम प्रति 100 लीटर पानी का घोल छिड़काव करने से अधिक तापमान होने पर भी नुकसान नहीं होगा. गेहूं की पछेती बोई फसल में पोटेशियम नाइट्रेट 13:0:45, चिलेटेड जिंक, चिलेटेड मैंगनीज का छिड़काव भी फायदेमंद होता है. वातावरण में बदलाव के कारण गेहूं की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है तो इसके नियंत्रण के लिए किसानों को प्रोपिकोनाजोल की एक मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी के घोल को दो बार 10 से 12 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए. दाना पतला पड़ने से पैदावार प्रभावित होगी     मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान धान की खेती की तरफ बढ़ा है। धान की कटाई दिसंबर तक होने के कारण गेहूं की बोवनी भी देरी से हो पाती है। इस वजह से अभी गेहूं की फसल हरी है। यह समय दाना के परिपक्व होने का है। तापमान बढ़ने के कारण फसल जल्दी पकने लगेगी। इससे गेहूं का दाना पतला रह जाएगा। इससे गेहूं के उत्पादन में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट होने की संभावना है। – डॉ. जीएस कौशल, पूर्व संचालक, कृषि विभाग, भोपाल  

दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए :CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और सतत विकास की नीति अब वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में निवेशकों ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश की हरित और श्वेत क्रांति के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस भोपाल में प्राप्त निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को वैश्विक “फूड बास्केट” बनाने के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। जैविक खेती में अग्रणी मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश पहले ही देश का सबसे बड़ा जैविक खेती वाला राज्य बन चुका है। देश की कुल जैविक खेती में 40% योगदान देने वाले राज्य ने अब इस क्षेत्र का विस्तार कर 17 लाख हेक्टेयर से 20 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकार किसानों को निःशुल्क सोलर पंप उपलब्ध करा रही है ताकि वे पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उत्पादन कर सकें। राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीते वर्षों में बागवानी फसलों का रकबा27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इससे राज्य के फल-सब्जी उत्पादकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश बनेगा दुग्ध उत्पादन का हब प्रदेश दूध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। वर्तमान में देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9% योगदान देने वाला मध्यप्रदेश अब इसे 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांची ब्रांड ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन 591 लाख किलो दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे प्रदेश देश में तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है।  नवाचार और खाद्य प्र-संस्करण में निवेश की बाढ़ जीआईएस-भोपाल में “सीड-टु-शेल्फ” थीम पर केंद्रित एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें निवेशकों ने प्रदेश की अपार संभावनाओं को पहचाना। राज्य में 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टरऔर एक लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण योजना के तहत 930 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यहां 70 से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां और 3,800 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयाँ पहले ही सक्रिय हैं। इनके जरिए कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सिंचाई परियोजनाओं से होगा कृषि क्षेत्र का विस्तार प्रदेश में सिंचित रकबा तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2003 में केवल 3 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा, सोन, क्षिप्रा, कालीसिंध और तवा जैसी सदानीरा नदियों पर बनी सिंचाई परियोजनाओं से यह लक्ष्य संभव हो सकेगा। जीआईएस-भोपाल से रोजगार के नए अवसर जीआईएस-भोपाल में खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में आये 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश में 8,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बढ़ने से किसान सीधे अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे, जिससे राज्य की आर्थिक मजबूती को और बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस-भोपाल में हरित और श्वेत क्रांति को लेकर मिले निवेश प्रस्तावों ने मध्यप्रदेश को देश का “फूड बास्केट” बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने का अवसर दिया है। कृषि, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन में हुए ये निवेश प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखने को तैयार हैं।  

रमजान में भोपाल में सिर्फ भाईजान की दुकान से सामान खरीदे, वायरल मैसेज से गर्माया सियासी पारा

भोपाल मध्य प्रदेश में रमजान का पवित्र महीना शुरू होते ही सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें मुस्लिम समुदाय से सिर्फ मुस्लिम दुकानदारों से सामान खरीदने की अपील की जा रही है. इस मैसेज ने सूबे की सियासत को गरमा दिया है. हालांकि, मुस्लिम समाज के कई लोगों ने इसे गलत परंपरा करार देते हुए कहा है कि वे ऐसे संदेशों पर ध्यान नहीं देंगे और समाज को बांटने की कोशिशों को नाकाम करेंगे.   रमज़ान की शुरुआत के साथ अगले 30 दिन तक रोज़ेदार अल्लाह की इबादत में जुटे रहेंगे और ईद के साथ इसे पूरा करेंगे. इस बीच, भोपाल में मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए मुस्लिमों से केवल मुस्लिम दुकानदारों से खरीदारी करने का अभियान चलाया जा रहा है. एक ‘X’ यूज़र इबरार अहमद ने लिखा, “अस्सलामुअलैकुम. रमज़ान का मुबारक महीना आ गया है. खरीदारी सोच-समझकर करें, खास तौर पर उनसे जो आपकी खरीदारी से रमज़ान और ईद खुशी से मना सकें.” आजतक की टीम ने भोपाल में कई लोगों से बात की, जिन्होंने ऐसे मैसेज दिखाए लेकिन कहा कि वे इन पर अमल नहीं करेंगे. सियासी बवाल इस मैसेज पर सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी विधायक और पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “जब हिंदुओं के कुंभ में मुस्लिमों को दुकान लगाने से रोकने की बात होती है, तो खूब हल्ला मचता है. लेकिन अब ये पार्टियां चुप क्यों हैं?” वहीं, कांग्रेस ने इसे चिंताजनक बताया. MP कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा, “पिछले 10 सालों में माहौल इतना खराब हो गया है कि लोग धर्म के आधार पर खरीदारी की बात कर रहे हैं. यह समाज के लिए खतरनाक है.” पहले भी हुई थी ऐसी अपील पिछले साल दिवाली पर भी हिंदुओं से ‘अपना त्यौहार, अपनों के साथ’ हैशटैग के साथ हिंदू दुकानदारों से खरीदारी की अपील हुई थी. अब रमज़ान में इसी तरह का कैंपेन सामने आने से दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई है. बीजेपी इसे विपक्ष की चुप्पी से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बता रही है. भाईचारे पर सवाल त्यौहार आमतौर पर भाईचारे का प्रतीक होते हैं, लेकिन इस तरह के मैसेज से समाज को बांटने की कोशिशें चिंता का विषय बन गई हैं. सामाजिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी हरकतों पर लगाम लगाना जरूरी है, वरना सामाजिक तनाव बढ़ सकता है. फिलहाल, यह मामला मध्य प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.  

MP अब एक बार फिर 8500 पदों पर भर्ती की जाएगी, शासन को प्रस्ताव भेजा

भोपाल  मध्य प्रदेश में जल्द ही 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाने वाली है। गृह विभाग के पास खाली पदों की जानकारी भेजी गई थी, जिसके बाद अब पुलिस भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती से न केवल शासन के पास मौजूद पुलिस बल में इजाफा होगा बल्कि जनता भी पहले से ज्यादा महफूज होगी। वहीं जो लोग पुलिस में नौकरी करना चाहते हैं उनके लिए भी ये खबर काम की है। 2 महीने पहले ही 7500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके बाद अब एक बार फिर 8500 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार होगा जब एक ही साल के अंदर 15500 पुलिसकर्मी चयनित होंगे और कानून व्यवस्था दुरुस्त हो सकेगी। बता दें कि 8500 पुलिसकर्मियों की इस भर्ती में 7500 सिपाही, 500 सब इंस्पेक्टर और 500 ऑफिस स्टाफ के पद शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 8 साल बाद सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती की जाने वाली है। मध्य प्रदेश का गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव देखते हैं। ऐसे में पुलिस भर्ती का फैसला युवाओं और बेरोजगारों के लिए हितकारी होने की बात कही जा रही है। डीजीपी मकवाना ने दी जानकारी मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना में खुद सोशल मीडिया के जरिए 8500 पदों पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की जानकारी दी है। बता दें कि इसके पहले भी जब मकवाना ने डीजीपी का पदभार संभाला था। तब उन्होंने देखा कि प्रदेश में केवल पुलिस बल एक लाख ही है और 25000 पद खाली पड़े हैं। हर साल रिटायर्ड होने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 500 से 700 है, जिससे बल कम हो रहा है। इस बात की जानकारी उन्होंने गृह विभाग को दी थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को तुरंत ही स्वीकार कर लिया था। 7500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई है और इसका रिजल्ट आना बाकी है। वहीं अब 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। भारती नियमों में हुआ संशोधन बता दें गृह विभाग की ओर से सब इंस्पेक्टर पद की भर्ती के नियमों में संशोधन किया गया है। अब इन नियमों में सब इंस्पेक्टर रेडियो और फोटो फिंगरप्रिंट पद को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अब 38 साल तक के उम्मीदवार सब इंस्पेक्टर पद की परीक्षा दे सकते हैं जबकि अब तक यह उम्र 36 साल रखी गई थी। नियमों में संशोधन होने से ज्यादा युवा भर्ती का हिस्सा बन सकेंगे। 8 सालों से नहीं हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार पद की भर्ती बीते 8 सालों से नहीं हुई है। फिलहाल 1200 पद ऐसे हैं जो खाली है। भर्ती नियमों में संशोधन होने के बाद अब सब इंस्पेक्टर के 500 पदों पर भर्ती होगी। इसके अलावा स्टेनो और एएसआई के पद पर भी भर्ती होगी।

दमोह – सागर जिले की जनता के लिए बड़ी सौगात, फोरलेन हाईवे की मिली मंजूरी, साल के अंत तक निर्माण कार्य आरंभ

 दमोह/ सागर सफर को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार लगातार सड़क परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के दमोह और सागर जिले के लोगों के लिए बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दमोह-सागर रोड को फोरलेन (Damoh-Sagar Four lane highway) करने की मंजूरी स्टेट लेवल इंपावर्ड कमेटी (एसएलईसी) से मिल चुकी है। अब कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और उम्मीद है कि साल के अंत तक निर्माण कार्य भी आरंभ हो जाएगा। चार बायपास होंगे शामिल दमोह-सागर फोरलेन सड़क परियोजना करीब 2,196 करोड़ रुपए की लागत से पूरी होगी। 76.83 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के दौरान चार बायपास भी बनाए जाएंगे, जिससे पारसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बांसा जैसे आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और इन क्षेत्रों का विकास भी होगा। परियोजना के प्रमुख बिंदु     सड़क की चौड़ाई 45 मीटर होगी।     वर्तमान में यह सफर दो घंटे में तय होता है, जो फोरलेन बनने के बाद एक घंटा कम हो जाएगा।     सड़क का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर किया जाएगा।     परियोजना का 40% खर्च अग्रिम रूप से एमपीआरडीसी (MPRDC) वहन करेगा, जबकि शेष 60% राशि राज्य सरकार द्वारा 15 वर्षों तक एन्युटी भुगतान के रूप में दी जाएगी। बहेरिया से मारुताल तक होगा निर्माण राज्य सरकार ने इस परियोजना को एसएच-63 (स्टेट हाईवे 63) के अपग्रेडेशन के रूप में मंजूरी दी है। इस सड़क का निर्माण सागर के बहेरिया से लेकर दमोह के मारुताल बायपास तक किया जाएगा। इससे आसपास के गांवों और कस्बों को भी तेज और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र का विकास होगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया एसएलईसी से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। मुख्यमंत्री पहले ही इस परियोजना को मंजूरी का संकेत दे चुके हैं। जैसे ही कैबिनेट से स्वीकृति मिलेगी, टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, जिसे चार महीनों में पूरा करने की योजना है। यदि सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहा, तो नवंबर-दिसंबर तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। एमपीआरडीसी सागर के जीएम नितिन वार्वे ने बताया कि ‘सागर-दमोह रोड को फोरलेन किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।’ इस परियोजना से क्या होंगे फायदे?     दमोह और सागर के बीच यात्रा का समय घटेगा।     सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सफर सुरक्षित होगा।     हाईवे से जुड़े गांवों और कस्बों का आर्थिक विकास होगा।     क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और ट्रैफिक की समस्या दूर होगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख भागवत आज 4 मार्च को भोपाल में 700 कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर उद्घाटन करेंगे

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत आज  भोपाल में रहेंगे। वे विद्या भारती के देशभर से आने वाले 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के अभ्यास वर्ग का उद्घाटन करेंगे।दरअसल, इस अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के लगभग 700 कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. संघ के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आयोजित किया जाएगा. संघ के इस पदाधिकारी ने बताया कि आठ मार्च को शिविर के समापन सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आरएसएस के विचारक और विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी भी संबोधित करेंगे. मंत्री विश्वास सारंग ने प्रदर्शनी का किया  उद्घाटन उद्घाटन से एक दिन पहले यानी सोमवार 3 मार्च को मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति सोमवार को उसी स्थान पर भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया . उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे. केरवा डैम रोड स्थित शारदा विहार में 5 दिन चलने वाले अभ्यास वर्ग में एनसीईआरटी, सीबीएसई डायरेक्टर, भाषा भारती अध्यक्ष सहित शिक्षा के क्षेत्र से जुडे़ अधिकारी और विशेषज्ञ सत्रों में शामिल होंगे। कार्यकर्ता पिछले 3 महीनों से इस अभ्यास वर्ग के लिए तैयारियां कर रहे थे। संघ के अनुसार, आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती, एक गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो 1952 से देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है. तब उसने गोरखपुर में अपना पहला स्कूल स्थापित किया था. इस वक्त विद्या भारती देश भर में 22,000 स्कूल चलाती है. इन विद्यालयों में सामूहिक रूप से 1,54,000 शिक्षक और लगभग 36 लाख विद्यार्थी हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी पर फोकस राव ने बताया विद्या भारती के करीब 22 हजार औपचारिक और अनौपचारिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में शैक्षणिक, प्रबंधन और तमाम कामों को करने वाले 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को अभ्यास वर्ग में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी जिलों में एक अच्छा स्किल डेवलपमेंट सेंटर तैयार हो। कल्पना यही है कि स्किलिंग बाय स्कूलिंग यानि शिक्षा के साथ निपुणता की व्यवस्था हो। अपडेटेड नॉलेज से समृद्ध बने। इस दृष्टि से हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक्नोलॉजी में हमारे शिक्षक गण दक्ष हों। हमारे पास 1 लाख 6 हजार आचार्य हैं उनको सशक्त करने के लिए यह अभ्यास वर्ग चला रहे हैं। वर्ग में कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। जिला स्तर पर देंगे प्रशिक्षण पूर्ण रूप से विद्याभारती के लिए काम करने वाले जिला और उससे ऊपर के कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले नए परिवर्तन पर प्रशिक्षण लेकर यह जिला स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। प्रदर्शनी में भारत की सांस्कृतिक झलक आयोजन स्थल को पर्यावरण-संवेदनशील बनाते हुए पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प लिया गया है। भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक डिजिटल व मैन्युअल प्रदर्शनियों का नियोजन किया जाएगा। ये प्रदर्शनियां भारत की संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के अद्वितीय पहलुओं को प्रस्तुत करेंगी। स्कूल से ओलंपिक तक जाते हैं विद्या भारती के विद्यार्थी विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर ने बताया कि विद्याभारती के 22 हजार स्कूलों में 35 लाख विद्यार्थी पूरे देश में अध्ययनरत हैं। विद्यालय से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जो भारत के स्कूली खेलों का आयोजन करती है। इसने 29वें राज्य के रूप में विद्या भारती को मान्यता दी। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेलने जाते हैं। उसके बाद ओलंपिक तक में सहभागिता करते हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मिले निवेश प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टर समिट का असर धरातल पर दिखना चाहिए. इसके लिए सभी प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी. राजधानी भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित राजनीति के दिग्गजों ने भी इस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेकर विदेश से आने वाले निवेश को लेकर वर्तमान समय को सबसे बेहतर बताया. अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं. विदित है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, यूएस, यूएई सहित विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. बैठक में सीएस अनुराग जैन, एसीएस राजेश राजौरा सहित कई विभागों के पीएस मौजूद थे. 26 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले भोपाल में आयोजित की गई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. दो दिनों तक चली समिट में भोपाल में सबसे ज्यादा 5.8 लाख करोड़ का निवेश मिला है, जबकि इंदौर और उज्जैन में 4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन्हीं निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कही यह बात बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेश प्रस्ताव का फॉलोअप लेते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि निवेशकों से लगातार सीधा संपर्क बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने अभी कहा है कि 2 साल के भीतर सभी उद्योग शुरू हो जाने चाहिए. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर बनाया जाए.  

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – दक्षिण कोरिया का ईसीडीएस ग्रुप प्रदेश में मेडिकल डिवाइस सहित एविएशन और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में करेगा निवेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि साउथ कोरियन ज्वाइंट वेंचर ग्रुप प्रदेश में बने बेहतर औद्योगिक वातावरण को देखते हुए से मेडिकल उपकरणों, मेडिकल एआई, नैनो टेक्नोलॉजी, बायो पॉलीमर और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश का इच्छुक है। आज मंत्रालय में साउथ कोरिया के ईसीडीएस ग्रुप के निवेशकों और शोधार्थियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा में प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उनका समूह उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क में शोध और निर्माण पर केंद्रित इकाई स्थापना की दिशा में पहल कर रहा है। इस इकाई में यूरिन परीक्षण से कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किट निर्मित करने की योजना है। इससे प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान कर तत्काल इलाज आरंभ करने में मदद मिलेगी। समूह प्रदेश में एविएशन सेमीकंडक्टर आदि क्षेत्र में भी निवेश का इच्छुक है। इसके साथ ही समूह ने कौशल उन्नयन के लिए तकनीक और विशेषज्ञता साझा करने में भी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से डॉ. वुंग कवांग यांग, डॉ. युंगहून लिम, डॉ. सिओक किम, श्री जोंग शिओल जंग, श्री जेली शिओन, श्री वू सिओक शुंग तथा श्री राजेश भारद्वाज ने भेंट की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे।  

ब्रज की होली में मुसलमानो के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध, BJP विधायक ने किया समर्थन, जानें क्या कहा?

मथुरा /पटना मथुरा के संतों ने होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग का बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने भी समर्थन किया है। उन्होंने साधु संतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति को नहीं मानते हैं, उन्हें ऐसे आयोजनों पर जाने से रोका जाना चाहिए। भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए। अल्लाह देता है दंड- बीजेपी विधायक बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए. साधु संतों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे. मथुरा में धूमधाम से मनाई जाती है होली गौरतलब है कि मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है. इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं. होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए. होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा. मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए. बिहार से भी मथुरा के साधु-संतों का समर्थन साधु-संतों की मांग का समर्थन करते हुए भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे। ब्रज की होली में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक मामला मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है। इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं। होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए। होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा। मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए। देश-दुनिया से ब्रज की होली में शामिल होते हैं श्रद्धालु ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है। यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं। इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है। बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है। ब्रज में कई दिन पहले से शुरू हो जाती है होली ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं. इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है. बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है.

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के किसानों को महज 5 रुपये में बिजली का कनेक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों को अब 5 रुपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को अब 5 रुपये में बिजली का स्थाई कनेक्शन दिया जाएगा। मध्य क्षेत्र को यह व्यवस्था तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में किसानों को यह सुविधा दी जाएगी। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। भोपाल में किसानों को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि मध्य प्रदेश केंद्रीय विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही इस योजना को शुरू करेगी. उन्होंने कहा, ”जिन किसानों के पास स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें पांच रुपये में यह सुविधा दी जाएगी. हम किसानों का जीवन बेहतर बनाना चाहते हैं.” एमपी के किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई के लिए सौर पंप के माध्यम से किसानों को बिजली संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाना चाहती है. उन्होंने कहा, ”अगले तीन सालों में किसानों को 30 लाख सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार किसानों से सौर बिजली खरीदेगी.” किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में सुधार हुआ हैइसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। भोपाल में किसान आभार सम्मेलन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को ‘किसान आभार सम्मेलन’ में हिस्सा लेकर किसान भाई-बहनों से आत्मीय संवाद किया. भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में ये सम्मेलन आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि अन्नदाताओं के श्रम से अन्न के हर दाने में प्रदेश की समृद्धि की गूंज है. किसान कल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके विकास के लिए हमारा संकल्प अटूट है. धान पर 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस, 2600 रुपए प्रति क्विंटल में होगा गेहूं का उपार्जन इससे पहले शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में ऐलान किया था कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर निर्णय लेती जा रही है। राज्य सरकार ने गेहूं को खरीदने के लिए 2600 रुपए प्रति क्विंटल की राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में निर्धारित की है। समर्थन मूल्य के अलावा किसानों को भुगतान के लिए 175 रुपए बोनस देने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह राज्य सरकार अब धान उपार्जन के लिए प्रति हेक्टेयर 4000 रुपए की राशि किसानों के खाते में डालने जा रही है। सभी किसान भाइयों के खाते में राशि मार्च में ही राशि अंतरित की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने किए और भी ऐलान     सीएम ने कहा कि किसानों की जिंदगी बेहतर करने के लिए प्रत्येक आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।मध्य प्रदेश में देश का करीब एक चौथाई कपास होता है, इस फैसले से कपास उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे।दूध उत्पादन पर बोनस देंगे।     गोपाल कृष्ण के देश में हम प्रदेश में गाय पालन पर अनुदान देंगे। इसके लिए गांव गांव में प्रोत्साहन देंगे। बड़े नगरों में 10,000 क्षमता की गौशालाएं संचालित होगी।प्रति गाय बीस के स्थान पर 40 रुपए अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। उन्नत बीज,कृषि यंत्र किसानों को दिलवाने के लिए मेले लगाए जाएंगे।     कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे।

राज्यपाल ने सराहनीय कार्यों के लिए रेडक्रॉस की विभिन्न इकाइयॉ पुरस्कृत

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस मानव सेवा का सशक्त प्रकल्प है। सदस्य, रेडक्रॉस के सेवा संकल्पों को पीड़ित मानवता की सेवा कार्यों में साकार करे। राज्यपाल पटेल रेडक्रॉस की मध्यप्रदेश शाखा की वार्षिक साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रेडक्रॉस की विभिन्न इकाइयों को पुरस्कृत किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जिला इकाइयॉ रेडक्रॉस शाखा की पुरस्कृत इकाइयों से पीड़ितों की सेवा के बेहतर कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा ले। इकाइयों से सकारात्मकता के साथ परस्पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करे। सेवा कार्यों का आदर्श प्रस्तुत करे। राज्य शाखा द्वारा प्राप्त निर्देशों और लक्ष्यों का एकनिष्ठता के साथ समय सीमा में पालन करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को आगे बढ़ाने में रेडक्रॉस की भूमिका महत्वपूर्ण है। सिकल सेल की जागरूकता, जांच और उपचार के कार्यक्रमों को ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक आयोजित करे। चिन्हित मरीजों का इलाज संवेदनशीलता के साथ करे। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की है कि सिकल सेल से प्रभावित बच्चों और परिवारों की मदद के व्यक्तिगत प्रयास जरूर करें। राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। रेडक्रॉस राज्य शाखा के चेयरमेन डॉ. गगन कोल्हे ने स्वागत उद्बोधन और मध्यप्रदेश रेडक्रॉस शाखा की 2023-24 का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। राज्य शाखा के महासचिव रामेन्द्र सिंह ने आगामी कार्य योजना प्रस्तुत की। कोषाध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। आभार उपाध्यक्ष भरत झंवर ने माना। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के. सी. गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य और जिला शाखा के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।      

कोलकाता नाईट राइडर्स की कप्तानी मिलते ही गदगद हुए रहाणे, इतने साल बाद फिर जुड़ा कनेक्शन

कोलकाता  तीन बार की विनर और डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स ने अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को IPL 2025 के लिए अपना कप्तान बनाया है. उपकप्तानी की जिम्मेदारी ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर को सौपी गई है, जिन्होंने बीते सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था. श्रेयस अय्यर की जगह लेंगे अजिंक्य रहाणे केकेआर ने पिछले साल नवंबर में आईपीएल मेगा नीलामी में रहाणे को उनके बेस प्राइस 1.5 करोड़ रुपये में साइन किया था. इस बीच वेंटकेश अय्यर 23.75 करोड़ रुपये के साथ केकेआर की सबसे बड़ी खरीद बने थे. रहाणे पिछले सीजन में केकेआर के सफल कप्तान श्रेयस अय्यर की जगह लेंगे, जिन्हें रिटेन नहीं किया गया था और फिर नीलामी में पंजाब किंग्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ लिया. KKR की कप्तानी मिलने के बाद क्या बोले रहाणे KKR की कप्तानी मिलने के बाद अजिंक्य रहाणे काफी खुश नजर आए। कप्तानी मिलने के बाद रहाणे ने फैंस को भरोसा दिया है कि वो इस सीजन टाइटल को डिफेंड करने की कोशिश करेंगे। कप्तानी मिलने पर रहाणे ने कहा, आईपीएल में सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्हें लगता है कि उनके पास एक बेहतरीन और काफी संतुलित टीम है। वो सभी के साथ काम करने और ट्रॉफी को डिफेंड करने की चुनौती लेने के लिए उत्सुक हैं। IPL में रहाणे का बैटिंग रिकॉर्ड पिछले काफी समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे अजिंक्य रहाणे का आईपीएल में बल्लेबाज के तौर पर रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 185 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 30.14 की औसत और 123.43 की स्ट्राइक रेट से 3761 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतकीय और 30 अर्धशतकीय पारी देखने को मिली है। उनकी गिनती आईपीएल के सबसे सफल बल्लेबाजों में की जाती है। रहाणे आईपीएल में अब तक राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके हैं। रहाणे को 1.50 करोड़ में खरीदा अजिंक्य रहाणे पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) टीम से खेले थे. फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया था. ऐसे में आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में कोलकाता फ्रेंचाइजी ने रहाणे को बेस प्राइस पर ही खरीदा है. उनकी बेस प्राइस 1.50 करोड़ रुपये रही थी. दूसरी ओर वेंकटेश अय्यर हैं, जो लगातार केकेआर टीम के साथ बने हुए हैं. हालांकि फ्रेंचाइजी ने पिछली बार वेंकटेश को भी रिलीज कर दिया था, लेकिन मेगा ऑक्शन में दोबारा खरीद लिया. कोलकाता फ्रेंचाइजी ने वेंकटेश को दोबारा खरीदने के लिए 23.75 करोड़ रुपये खर्च किए. इस समय टीम में वेंकटेश ही सबसे महंगे प्लेयर हैं. 36 साल के रहाणे ने IPL में अब तक 185 मुकाबले खेले हैं. उन्होंने 30.14 की औसत से 4642 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 123.42 रहा. उन्होंने 2 शतक और 30 अर्धशतक जमाए हैं. श्रेयस की कप्तानी में चैम्पियन बनी थी केकेआर पिछले सीजन में कोलकाता टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर ने संभाली थी. उनकी कप्तानी में ही टीम ने IPL 2024 का खिताब भी जीता था. यह केकेआर टीम का तीसरा आईपीएल खिताब रहा. मगर फ्रेंचाइजी ने श्रेयस अय्यर को रिलीज कर दिया. ऐसे में मेगा ऑक्शन में पंजाब किंग्स (PBKS) ने 26.75 करोड़ की बोली लगाकर श्रेयस को खरीदा और टीम का कप्तान भी बनाया. IPL 2025 के लिए कोलकाता का स्क्वॉड अजिंक्य रहाणे (कप्तान), वेंकटेश अय्यर (उपकप्तान), सुनील नरेन  रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, रमनदीप सिंह, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, एनरिक नॉर्किया, अंगकृष रघुवंशी, वैभव अरोड़ा, मयंक मार्कंडे, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, स्पेंसर जॉनसन, लवनीत सिसोदिया, अनुकूल रॉय, मोईन अली, उमरान मलिक. दूसरी बार KKR के लिए खेलेंगे अजिंक्य रहाणे आपको बता दें कि, यह दूसरी बार होगा, जब रहाणे KKR के लिए खेलते हुए दिखेंगे। इससे पहले कोलकाता ने 2022 सीजन से पहले रहाणे को खरीदा था। उस सीजन उन्हें सिर्फ सात मैचों में खेलने का मौका मिला, जिसमें वह केवल 133 रन ही बना सके। अगले सीजन, वह चेन्नई सुपर किंग्स में शामिल हुए और वहां उन्होंने 172.49 की स्ट्राइक रेट से 326 रन बनाए। उस साल चेन्नई खिताब जीतने में भी कामयाब रहा था। उस पूरे सीजन में रहाणे ने टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में अहम भूमिका निभाई थी। रहाणे को ही क्यों बनाया गया कप्तान केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने यह घोषणा करते हुए कहा, ‘हम अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी को पाकर बहुत खुश हैं. एक लीडर के रूप में वह अपने साथ अनुभव और परिपक्वता लेकर आते हैं. साथ ही, वेंकटेश अय्यर केकेआर के लिए एक फ्रैंचाइजी खिलाड़ी रहे हैं और उनमें नेतृत्व के कई गुण हैं. हमें विश्वास है कि वे हमारे खिताब की रक्षा का अभियान शुरू करने के लिए दोनों आपस में अच्छा तालमेल बिठाएंगे.’ ओपनिंग मैच खेलेगी KKR केकेआर अपने टाटा आईपीएल 2025 अभियान की शुरुआत शनिवार 22 मार्च को अपने घर- ईडन गार्डंस स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ सीजन के पहले मैच से करेगी. कप्तान की भूमिका स्वीकार करते हुए रहाणे ने कहा, ‘आईपीएल में सबसे सफल फ्रैंचाइजी में से एक केकेआर का नेतृत्व करने के लिए कहा जाना सम्मान की बात है. मुझे लगता है कि हमारे पास एक बेहतरीन और संतुलित टीम है. मैं सभी के साथ काम करने और अपने खिताब की रक्षा करने की चुनौती लेने के लिए उत्सुक हूं.’

चीफ मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को BSP से निकाला बाहर, ससुर बने वजह?

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखया है। उन्होंने ट्वीट कर ये जानकारी दी है। मायावती ने कल ही आकाश आनंद को पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-“बीएसपी की आल-इण्डिया की बैठक में कल आकाश आनन्द को पार्टी हित से अधिक पार्टी से निष्कासित अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में लगातार बने रहने के कारण नेशनल कोआर्डिनेटर सहित सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था, जिसका उसे पश्चताप करके अपनी परिपक्वता दिखानी थी.” पूर्व सीएम ने आगे लिखा-“लेकिन इसके विपरीत आकाश ने जो अपनी लम्बी-चौड़ी प्रतिक्रिया दी है वह उसके पछतावे व राजनीतिक मैच्युरिटी का नहीं बल्कि उसके ससुर के ही प्रभाव वाला ज्यादातर स्वार्थी, अहंकारी व गैर-मिशनरी है, जिससे बचने की सलाह मैं पार्टी के ऐसे सभी लोगों को देने के साथ दण्डित भी करती रही हूँ.” उन्होंने लिखा-“अतः परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट के हित में तथा मान्यवर कांशीराम की अनुशासन की परम्परा को निभाते हुए आकाश आनन्द को, उनके ससुर की तरह, पार्टी व मूवमेन्ट के हित, में पार्टी से निष्कासित किया जाता है.” ससुर अशोक सिद्धार्थ को बताया था जिम्मेदार बता दें कि 2 मार्च (रविवार) को लखनऊ में हुई बसपा की राष्ट्रीय स्तर की बैठक के बाद मायावती ने बयान जारी कर कहा था कि पार्टी हित में आकाश आनंद को इसकी सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है. इस बयान में कहा गया था कि इस कार्रवाई के लिए पार्टी नहीं, बल्कि पूर्ण रूप से उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार हैं. क्या बोले थे आकाश आनंद वहीं बसपा से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होने पर आकाश आनंद ने एक्स पर पोस्ट कर कहा-“मैं परमपूज्य आदरणीय बहन कु. मायावती का कैडर हूं, और उनके नेतृत्व में मैंने त्याग, निष्ठा और समर्पण के कभी ना भूलने वाले सबक सीखे हैं, ये सब मेरे लिए केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य हैं. आदरणीय बहन जी का हर फैसला मेरे लिए पत्थर की लकीर के समान है, मैं उनके हर फैसले का सम्मान करता हूं उस फैसले के साथ खड़ा हूं. आदरणीय बहन कु. मायावती द्वारा मुझे पार्टी के सभी पदों से मुक्त करने का निर्णय मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भावनात्मक है, लेकिन साथ ही अब एक बड़ी चुनौती भी है, परीक्षा कठिन है और लड़ाई लंबी है. कल आकाश आनंद को दी गई थी चेतावनी मायावती ने एक्स पोस्ट में लिखा, “बीएसपी की आल-इण्डिया की बैठक में कल आकाश आनन्द को पार्टी हित से अधिक पार्टी से निष्कासित अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में लगातार बने रहने के कारण नेशनल कोआर्डिनेटर सहित सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था, जिसका उसे पश्चताप करके अपनी परिपक्वता दिखानी थी.” आकाश आनंद को मायावती ने बताया ‘अहंकारी’ मायावती ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि लेकिन आकाश आनंद की प्रतिक्रिया उम्मीदों के विपरीत रही. उन्होंने एक लम्बी प्रतिक्रिया दी, जिसे मायावती ने अहंकारी और गैर-मिशनरी करार दिया. उन्होंने इसे केवल स्वार्थी रवैया बताया, जो पार्टी की विचारधारा और मिशन से मेल नहीं खाता. अपने पोस्ट में मायावती ने उन सभी पार्टी सदस्यों को भी चेतावनी दी, जो इस तरह के व्यवहार करते हैं. मायावती ने “बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान मूवमेन्ट के महत्व” पर जोर देते हुए ये फैसला लिया. उन्होंने कहा कि यह कदम बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की अनुशासन की परम्परा को निभाने के लिए आवश्यक था.

सिंहस्थ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और समय सीमा मे काम करना सुनिश्चित करें

उज्जैन अपर मुख्य सचिव नीरज कुमार मंडलोई ने आज कलेक्टर कार्यालय सभा गृह में सिंहस्थ 2028 के प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की।    लोक निर्माण विभाग, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम और ब्रिज कॉरपोरेशन व विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य जो 2 वर्ष में पूर्ण होना है उन सभी को जून 2027 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किया जावे इसके लिए सभी विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय कर लें और किसी प्रकार का कोई गतिरोध ना हो।     कलेक्टर सभागृह में आयोजित बैठक में संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, प्रभारी कलेक्टर श्रीमति जयति सिंह, और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।       अपर मुख्य सचिव ने बैठक मे सभी निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जून 2027 तक सभी बड़े कार्यो को पूर्ण करने की कार्य योजना बनाकर काम करें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी जो भी अधिकारी इसकी डीपीआर बना रहे हैं उनकी जिम्मेदारी भी तय होगी आगे यदि किसी काम में समस्या आती है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी लेना होगी।      रेलवे ओवर ब्रिज के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि इसके लिए ब्रिज कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर सीधे रेल्‍वे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे और प्रतिदिन के अनुसार कार्य की गतिशीलता पर भी ध्यान रखेंगे इसकी रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।        बैठक में संभाग आयुक्त संजय गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित निर्माण एजेंस‍ियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दे दिए गए हैं हरी फाटक ब्रिज के साथ एक और फोर लेन का ब्रिज प्रस्तावित है और रेलवे स्टेशन से शिप्रा नदी तक 24 मीटर की रोड भी प्रस्तावित की गई है।        बैठक में संभाग गुप्ता ने बताया कि हरी फाटक से महाकाल लोक तक एक अंडरपास बनेगा जिसमें छोटी गाड़ियां और पैदल ही लोगों को सीधे जाने की सुविधा होगी। इसी के साथ ब्रिज कॉरपोरेशन के पास 5 रेलवे ओवरब्रिज का काम है और 13 अन्य ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं इसके लिए भी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।                             संभाग आयुक्त ने कहा की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के अनुसार पंचकोशी मार्ग हेतू टू लेन सड़क प्रस्तावित है। पांच स्थाई कैंपों को विशेष रूप से व्यवस्थित बनाया जाएगा जिसमें शौचालय, फूड जोन ,चेंजिंग रूम, रेस्ट रूम और आकस्मिक चिक‍ित्सालय का भी निर्माण किया जाना है। इसी के साथ रोड के दोनों और व्यापक स्तर पर प्लांटेशन किए जाने की व्यवस्था की गई है। बाकतकड़ ब्रिज से दाऊद खेड़ी तक भी फोर लाइन का रोड प्रस्तावित है। इसी के साथ आई.एस.बी.टी बस स्टॉप भी बनाए जाने का प्रस्ताव है।            अपर मुख्य सचिव ने मंडलोई ने निर्देश दिए की उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्य और प्रस्तावित कार्यों के लिए वह भू-अर्जन के लिए अलग से एक व्यवस्था बनाई जावे जिससे किसी भी निर्माण एजेंसी को समस्या ना हो और निर्माण कार्य  की गति प्रभावित न हो। संभाग आयुक्त गुप्ता ने बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रू. का एक अतिरिक्त फंड बनाया जाकर काम किए जाने का प्रस्तावित दिया गया है।         अपर मुख्य सचिव को प्रेजेंटेशन में बताया गया कि आगर मालवा जिले में आमला से नलखेड़ा तक 13 किलोमीटर का फोर लाइन बाईपास निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित है जिससे बगलामुखी माता मंदिर के लिए जाने की सुविधा प्राप्त होगी। मंदसौर में पशुपतिनाथ से नालछा माता मंदिर तक फोरलेन का बाईपास भी प्रस्तावित किया गया है।        अपर मुख्य सचिव मंडलोई जी ने निर्देश दिए हैं कि सिंहस्थ के निर्माण कार्य को देखते हुए पीडब्ल्यूडी का एक डिविजन और ब्रिज कॉरपोरेशन का एक सबडिवीजन उज्जैन में स्थापित होगा। जिससे कार्य को गति मिले और 2 वर्ष की अवधि में सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में सुविधा होगी।       इसी के साथ बताया गया कि उज्जैन इंदौर सिक्स लेन मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है जिस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रोड सेफ्टी के साथ-साथ आसपास की गाड़ियां सीधे रोड पर ना चढ़े, इसकी व्यवस्था भी कि जावे, लाइट एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जाए।        उज्जैन-जावरा 98 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड मार्ग के लिए भी प्रेजेंटेशन दिया गया जिसकी लागत रू. 5000 करोड़ की रखी गई है इसमें सिविल वर्क रू. 2029 करोड़ का है।        उज्जैन-मक्सी फोरलेन मार्ग 38 किलोमीटर का है जो 16 मीटर चौडा मार्ग प्रस्तावित है और इसकी लागत रू. 273 करोड़ रखी गई है।        इंगोरिया-उन्हेल मार्ग जिसकी लम्बाई 24 किलोमीटर है जो रू. 112 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा, इंगोरिया- देपालपुर मार्ग 32 किलोमीटर का 2 लेन मार्ग रू.195 करोड़ की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित है उज्जैन सिंहस्थ बायपास फोरलेन मार्ग जो 19.82 किलोमीटर का है जो 17 मीटर चौड़ा बनेगा इसके लिए लगभग रू. 701 करोड की लागत रखी गई है।        अपर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यों को समन्वय के साथ तीव्र गति से किया जावे इसके लिए यदि अतिरिक्त अमले की आवश्यकता है तो उसके संबंध में विभाग सीधे पत्राचार करें जिससे कार्य की गति भी प्रभावित न हो और कार्य तीव्र गति से हो सके।       अपर मुख्य सचिव ने इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और मेडिसिटी के प्रेजेंटेशन को भी देखा अपर मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजना पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि उपरोक्त कार्य योजना बेहतर है और यदि इसको समय पर पूर्ण कर लिया गया तो हम  सिंहस्थ 2028  में बेहतर कनेक्टिविटी बना पाएंगे सभी अधिकारियों को उन्होंने समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए हैं।

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