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चुनाव आयोग ने कहा- कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, मतलब फर्जी मतदाता नहीं है

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने ऐसी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिसमें दो अलग-अलग राज्यों के वोटरों के समान मतदाता पहचान पत्र संख्या (ईपीआईसी) नंबर होने का मुद्दा उठाया गया है। आयोग का कहना है कि ईपीआईसी नंबर चाहे जो भी हो, कोई भी मतदाता अपने राज्य के अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है, जहां उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज होता है, न कि कहीं और। चुनाव आयोग ने एक नई पहल करते हुए मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया है। आयोग का कहना है कि कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, लेकिन समान ईपीआईसी नंबर वाले मतदाताओं के लिए जनसांख्यिकीय विवरण, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र सहित अन्य विवरण अलग-अलग हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्र नंबर होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता फर्जी है। आयोग का यह स्पष्टीकरण विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में रविवार को सामने आया है। गौरतलब है कि कई विपक्षी दलों ने भी मतदाताओं को जारी किए गए एक समान ईपीआईसी नंबर को लेकर चिंता जाहिर की है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी आशंका को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आशंका दूर करने के लिए पंजीकृत मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया है। डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर के किसी भी मामले को एक यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करके ठीक किया जाएगा। इस प्रक्रिया की सहायता के लिए ईआरओएनईटी 2.0 प्लेटफॉर्म को अपडेट किया जाएगा। विभिन्न राज्यों के कुछ मतदाताओं को जारी किए गए समान ईपीआईसी संख्या का कारण भी आयोग ने बताया है। आयोग के मुताबिक, यह पहले अपनाई गई विकेंद्रीकृत और मैन्युअल प्रणाली के कारण हुआ। इसके परिणामस्वरूप कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालयों ने एक ही ईपीआईसी अल्फान्यूमेरिक श्रृंखला का उपयोग किया। इसके कारण विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर आवंटित किए जाने की संभावना बनी रही।

रामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव

अयोध्या अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हाल ही में कमी आई है। पहले जब राम मंदिर के निर्माण के बाद लाखों भक्त अयोध्या पहुंचते थे, तब हर दिन 3 से 4 लाख श्रद्धालु मंदिर के दर्शन के लिए आते थे। लेकिन पिछले 1-2 महीनों में यह संख्या घटकर 2 से ढाई लाख के आसपास पहुंच गई है। श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव मिली जानकारी के मुताबिक, इस कमी को देखते हुए अब अयोध्या में दर्शन के लिए जाने और बाहर निकलने के मार्गों में बदलाव किए जा रहे हैं। पहले श्रद्धालु गेट नंबर 3 से मंदिर में प्रवेश करते थे और इसी गेट से बाहर निकलते थे। अब, नया फैसला लिया गया है कि श्रद्धालुओं को राम जन्मभूमि पथ से मंदिर में भेजा जाएगा, और बाहर निकलने के लिए अंगद टीले के पास बने नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही गेट नंबर 3 को बंद कर दिया जाएगा। राम मंदिर में भक्तों की संख्या कम बताया जा रहा है कि पहले, जब भक्तों की संख्या ज्यादा थी, तब गेट नंबर 3 से प्रवेश और निकासी का रास्ता रखा गया था। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होती थी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होती थी। लेकिन अब जब भक्तों की संख्या में कमी आई है, तो पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु राम जन्मभूमि पथ से प्रवेश करेंगे और दर्शन करने के बाद अंगद टीले से बाहर निकलेंगे। एंट्री-एग्जिट के पुराने नियम होंगे लागू बता दें कि शनिवार को राम मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों की संख्या 2 लाख से ज्यादा रही थी। यदि रविवार को भी यही संख्या रही तो सोमवार से नए निकासी मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। पहले भक्तों की बड़ी संख्या के कारण प्रवेश और निकासी में दूरी बनाए रखी जाती थी, जिससे पथ पर दबाव कम रहता था और श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पाते थे। अब, महाकुंभ समाप्त हो जाने के बाद भक्तों की संख्या घट गई है, इसलिए नया निकासी मार्ग तैयार किया गया है।

देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के लिए आज से 8 मार्च तक अभ्यास वर्ग होगा आयोजित

भोपाल राजधानी भोपाल में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग आज से आयोजित होने जा रहा है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी शामिल होंगे. बता दें कि कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग 3 मार्च से 8 मार्च तक चलेगा. जिसमें देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल होंगे. प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन, नेतृत्व और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण, संगठनात्मक कौशल, अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए प्रेरित करना है. कार्यक्रम को दो श्रेणियों, छह समूहों और 11 कार्य क्षेत्रों में बांटा गया है. हर समूह की जिम्मेदारी तय की जाएगी और इन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती के वरिष्ठ अधिकारी मार्गदर्शन देंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलार रोड क्षेत्र में किया इस्कॉन के श्री श्री राधा गोविंद मंदिर का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति से प्रेम और ग्राम संस्कृति को सम्मान देने की शिक्षा दी है। राज दरबार में सोने-चांदी और मोती माणिक्य के बीच मोर पंख को अपने शीश पर धारण कर सम्मान प्रदान करना प्रकृति से प्रेम का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण का यह भाव बताता है कि मनुष्य मात्र से प्रेम ही प्रभु प्राप्ति का सच्चा मार्ग है। भगवान श्रीकृष्ण का सुदामा को सम्मान देना, जीवन में मित्रता के महत्व और मित्र के सम्मान के लिए प्रतिबद्धता को प्रतिपादित करता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों से हमें कई व्यावहारिक शिक्षाएं प्राप्त होती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोलार रोड क्षेत्र में मानसरोवर डेंटल कॉलेज के पास इस्कॉन द्वारा बनाए जा रहे श्री श्री राधा गोविंद मंदिर के भूमि पूजन के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, इस्कॉन के मध्यप्रदेश प्रमुख गुरु प्रसाद स्वामी महाराज तथा सचिव महामन प्रभु उपस्थित थे।कार्यक्रम में बताया गया कि यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर स्थापना की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण, लोगों पर सुख-आनंद, वैभव और उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलार रोड से इस्कॉन मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग का नाम प्रभुपाद मार्ग रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत की सभी दिशाओं में प्रभु श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण की उपस्थिति की सहज ही अनुभूति होती है। विश्व में भी वर्षों से भारत, भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण की धरती के रूप में जाना जाता है, मंदिर निर्माण भगवद्भाव के साकार रूप लेने का माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ऐसी कामना है कि भूमि-पूजन के बाद मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के प्रकटीकरण और मंदिर के लोकार्पण का अवसर शीघ्र ही आएगा, । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सात्विक जीवन प्रणाली के प्रसार में प्रभु पाद के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन विचारों के अनुरूप ही राज्य सरकार, मद्यनिषेध की दिशा में कार्य कर रही है, इसीलिए प्रदेश के 17 स्थानों में शराबबंदी की व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ सहयोग से दुग्ध उत्पादन 9% से 20% तक ले जाने की कार्य योजना का क्रियान्वयन जारी है। यह प्रयास हमारी मूल संस्कृति की ओर लौटने के लिए किया जा रहा है। इससे खेती और पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और दूध की पौष्टिकता से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने में सहयोग मिलेगा।  

पेंच जिला सिवनी में आयोजित हुई राज्य निर्वाचन आयुक्तों की नेशनल कॉन्फ्रेंस

भोपाल पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ईव्हीएम के बाद अब पेपरलेस बूथ की कल्पना को मूर्त दिया जा रहा है। पंचायत उप निर्वाचन में चुनाव पेपरलेस बूथ के माध्यम से सफलतापूर्वक कराये जा चुके हैं। मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने यह बात राज्य निर्वाचन आयोग की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस में कही। कॉन्फ्रेंस पेंच जिला सिवनी में आयोजित की गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराये जाने वाले पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन लोकतंत्र की प्रयोगशाला और परीक्षण स्थली हैं। पूरी दुनिया के साथ भारत का यह अनुभव है कि जब भी निर्वाचन संबंधी कोई महत्वपूर्ण प्रयोग होते हैं, तो सबसे पहले स्थानीय निर्वाचनों में होते हैं। जब महिलाओं को प्रतिनिधि संस्थाओं में आरक्षण का विचार आया, तो सबसे पहले पंचायतों और स्थानीय निकायों में इसे लागू किया गया। मध्यप्रदेश में तो निकायों में पहले 33 प्रतिशत और बाद में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया है। इसकी जितनी स्वीकार्यता पिछडे़ कहे जाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में हुई, उतनी वरिष्ठ स्तरों पर अभी भी नही हो पाई। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन लोकतंत्र की नींव हैं। यह चुनाव पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस चुनाव के माध्यम से नागरिक सीधे शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनते हैं। उन्होंने ऑनलाइन वोटिंग पर चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रयोग पहली बार एस्टोनिया में किया जा चुका है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के मद्देनजर यह जरूरी है कि हम चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रक्रिया में बदलाव करते रहें। ईव्हीएम शेयरिंग राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने कहा कि चुनावी खर्च कम करने के उद्देश्य से राज्यों के बीच ईव्हीएम शेयरिंग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांफ्रेंस में राज्य निर्वाचन आयुक्त उनके राज्य में किए गए नवाचारों को साझा करेंगे। इससे अन्य राज्यों में भी उसे लागू किया जा सकेगा। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता असम के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री आलोक कुमार ने की। इस दौरान विभिन्न राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचारों को समाहित कर लिखी गई पुस्तक एक्स-चेंज@एक्स-पीरियंस इनीशिएटिव-2025 का विमोचन किया गया। इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री अभिषेक सिंह ने स्थानीय निकायों की निर्वाचन प्रक्रिया में पेपरलेस बूथ प्रणाली तथा इंटरग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम को अपनाने की कार्ययोजना पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पेपरलेस बूथ प्रणाली में डिजिटल टूल्स अपनाने से स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया सरल होगी। सभी डॉक्यूमेंटेशन डिजिटल होंगे तथा मानवीय भूल की संभावना भी कम होगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल टूल्स का उपयोग होने से चुनाव में लगने वाले अमले की संख्या में कमी आएगी तथा चुनाव खर्च भी कम होंगे। आन्ध्रप्रदेश निर्वाचन आयोग की आयुक्त श्रीमती नीलम साहनी द्वारा स्वचलित लोकल बॉडी इलेक्शन प्रक्रिया पर प्रेजेंटेशन दिया गया। उन्होंने इलेक्ट्रोरल रोल मैनेजमेंट, पोल मैनेजमेंट के ऑटोमेशन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए अन्य आयुक्तों के साथ समस्या एवं सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की। विभिन्न राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्तों ने निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लखनादौन एसडीएम श्री रवि सिहाग तथा सहायक कलेक्टर श्री पंकज वर्मा द्वारा “ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस” और सुविधाजनक निर्वाचन प्रक्रिया के लिए नवीन तकनीकों को अपनाने के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग त्रिपुरा द्वारा राज्य में स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर सिवनी सुश्री संस्कृति जैन ने प्रथम सत्र के समापन पर आभार व्यक्त किया। कॉन्फ्रेंस में तीन और चार मार्च को भी विभिन्न विषयों पर विषय-विशेषज्ञ प्रेजेंटेशन देंगे।  

यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नगर निगम को उसका उचित हिस्सा मिले, की जाएगी गौशालाओं की मदद: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने मंत्रिमंडल के साथ रविवार को बवाना स्थित गोपाल गोसदन हरेवली गौशाला का दौरा किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा गौशालाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नगर निगम को उसका उचित हिस्सा मिले। उन्होंने पिछली सरकारों की गलतियों से बचने की शपथ ली। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “हम पिछली सरकारों के तरीके का पालन नहीं करेंगे, जिन्होंने नगर निगम को पैसे का उचित हिस्सा नहीं दिया। मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि नगर निगम को उसका हिस्सा मिले और गौशालाओं का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।” उन्होंने राष्ट्र की प्रगति और परंपराओं के संरक्षण के महत्व पर भी विचार व्यक्त किए। धार्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण को दिल्ली सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा, “आजादी के 70 साल बाद भी हमारा देश बर्बादी की स्थिति में था। हमारे सनातन धर्म में जो पूजनीय था, उसे भी नजरअंदाज किया गया। सभी तीर्थ स्थल, सभी गौशालाएं और हमारे भगवान के प्रति हमारी भक्ति, को किसी न किसी तरह नजरअंदाज क‍िया गया। 2014 के बाद एक नई सुबह आई, जिसने सनातन में आस्था रखने वालों के दिलों में उम्मीद जगाई।” वहीं भाजपा सांसद योगेंद्र चांदोलिया ने भी कार्यक्रम में बोलते हुए गौशालाओं के प्रति पूर्ववर्ती सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि किस तरह दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम ने अतीत में गौशालाओं के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से गौशालाओं के लिए आवंटित धनराश‍ि को जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि दिल्ली सरकार की ओर से गौशालाओं को सशक्‍त बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के लिए कल्पनालोक बना रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के लिए कल्पनालोक बना रहा है। राज्य सरकार की नई फिल्म एवं पर्यटन नीति-2025 ने यहां शूटिंग को व्यापारिक दृष्टिकोण से भी आकर्षक बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस नीति से प्रदेश की छवि बड़े पर्दे पर और भी प्रभावशाली बनकर वैश्विक पटल पर उभरेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को भी नई ऊंचाइंया मिलेंगीं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि जीआईएस भोपाल से फिल्म निर्माण एवं पर्यटन उद्योग के गोल्डन ग्लोबल गेट की ओपनिंग हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए हमें बताया कि भारत के विकास में टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत से अधिक होगा। जीआईएस-भोपाल में नई नीति बनी करोड़ों के निवेश का आधार जीआईएस-भोपाल में पर्यटन विभाग ने राज्य सरकार की नई फिल्म एवं पर्यटन नीति पर प्रेजेंटेशन से फिल्म निर्माता और पर्यटन उद्योग के पुरोधा अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने माना कि इससे प्रदेश में और अधिक अनुकूल वातावरण बनेगा, साथ ही इस क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश होंगे। जीआईएस-भोपाल से पर्यटन, फिल्म-पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 68,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, इससे पर्यटन क्षेत्र में 1.2 लाख नए रोजगार सृजित होंगे। नई नीति में फिल्म निर्माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन नई फिल्म-पर्यटन नीति में फिल्मों और वेब-सीरीज के निर्माण के लिए अनुदान राशि बढ़ाई गई है। नई नीति में फीचर फिल्म निर्माण के लिये 5 करोड़ रुपये, वेब सीरीज निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये, टीवी सीरियल निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपये, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण के लिए 50 लाख रुपये, अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के निर्माण पर, 12 करोड़ रुपये और शॉर्ट फिल्म निर्माण पर 20 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना में लाभ प्राप्ति के लिये फिल्म निर्माण की 75 प्रतिशत शूटिंग मध्यप्रदेश में करना होगा। नई नीति में प्रदेश में सिनेमाघरों के नवीनीकरण के लिए निवेश जुटाने पर भी ध्यान दिया गया है। फिल्म शूटिंग संबंधी अनुमतियों के लिए एकल मंजूरी की व्यवस्था की गई है। इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है।  स्थानीय भाषाओं और विषयों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन राज्य सरकार ने स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय भाषाओं-बोलियों में फिल्म बनाने पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देने का नई नीति में प्रावधान किया है। इसमें मालवी, बुंदेली, निमाड़ी, बघेली और भीली भाषाओं की फिल्मों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, महिला और बच्चों पर केंद्रित फिल्मों के निर्माण पर भी 15 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। मध्यप्रदेश में फिल्म-शूटिंग बढ़ता क्रेज वर्तमान में मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माता आगे आ रहे हैं। मध्यप्रदेश को वर्ष-2022 में ‘द मोस्ट फिल्म-फ्रैंडली’ राज्य का पुरस्कार मिल चुका है। अब तक 15 हिंदी फिल्मों, 2 तेलुगु फिल्मों और 6 वेब सीरीज को 30 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय अनुदान दिया जा चुका है। प्रमुख फिल्म और वेब सीरीज परियोजनाओं में स्त्री-1 एवं स्त्री-2, भूल-भुलैया-3, सुई-धागा, लापता लेडीज, द रेलवे मैन, पैडमैन, धड़क-2, स्त्री, पंचायत, कोटा फैक्ट्री, गुल्लक और सिटाडेल आदि शामिल हैं। प्रदेश में मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य संसाधनों से फिल्म-शूटिंग का क्रेज बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पर्यटन है ग्लोबल-अट्रेक्शन मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन का अनुभव कराने के साथ साथ यहां पर्यावरण संरक्षण और सह अस्तित्व की अवधारणा पर कार्य किया जाता है। वन्य जीव बिना डर के गांव में विचरण करते हुए नजर आते है। श्योपुर में चीते आस-पास के गांव में तो बाघ भोपाल में शहरी इलाकों में विचरण करते हुए दिखते है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में संभव है। मध्यप्रदेश चीता, बाघ, घड़ियाल, तेंदुआ के साथ वल्चर स्टेट भी है। टाइगर रिजर्व की संख्या में भी वृद्धि हो रही हैं। प्रदेश में डायवर्सिफाइड टूरिज्म रिसोर्सेज के कारण मध्यप्रदेश को देश के साथ ही विश्व की टॉप टूरिज्म डेस्टिनेशन माना जा रहा है। नई नीति से पर्यटक स्थलों में होंगे विश्वस्तरीय अधोसंरचनात्मक विकास मध्यप्रदेश में खजुराहो, कान्हा, सांची, ओरछा, ग्वालियर, बांधवगढ़, पंचमढ़ी, अमरकंटक, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन नीति-2025 में विश्वस्तरीय अधोसंरचना के विकास की योजना बनाई है, जिसमें गोल्फ कोर्स, क्रूज टूरिज्म, वेलनेस रिसॉर्ट, रोपवे, म्यूजियम और लाइट एंड साउंड शो शामिल हैं। पर्यटन में निवेश के मिले आकर्षक प्रस्ताव राज्य सरकार को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें अमेज़न प्राइम, जी-5, आईएचएसओएल, ट्रेजर ग्रुप, आईटीसी होटल्स, हिल्टन समूह आदि के 300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। आकर्षक निवेश से निसंदेह मध्यप्रदेश में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इमेजिका वर्ल्ड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने इंदौर में वॉटर पार्क के लिए 200 क़रोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नीमराना समूह ने चंदेरी के राजा-रानी महल को विकसित करने के लिए 20 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इवॉल्व बैक रिसॉर्ट्स ने पन्ना टाइगर नेशनल पार्क के पास नए वेलनेस रिसोर्ट के लिए 150 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है। 

30 साल बाद नक्सलियों की राजधानी पामेड़ में शुरू हुई बस सेवा

जगदलपुर दक्षिण बस्तर का नाम सुनते ही लोगों के मन में गोलियों की तड़तड़ाहट के साथ ही निर्दोष ग्रामीणों की हत्या से लेकर अन्य कई तस्वीरे सामने आ जाती हैं। जिसके कारण आमजनों के अंदर ख़ौफ़ देखने को मिलता है, वही दक्षिण बस्तर के अंतिम छोर में पुलिस के द्वारा चलाये गए अभियान के चलते अब वहां खून खराबा नही बल्कि यात्री बसों के हॉर्न सुनाई दे रहे हैं। कल तक जो इलाका नक्सलियों के कब्जे में था , अब उस इलाके में पुलिस ने अपनी पैठ जमाते हुए कैम्प के साथ ही वहां के ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रहे है, जिसका सबसे सुखद परिणाम यह आ रहा है कि अब बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अंतिम गाँव में बसे पामेड़ में अब बसों का आवाजाही शुरू हो गया है। बता दें कि बीजापुर जिले का एक ऐसा गाँव पामेड़ जो कभी नक्सलियों की राजधानी के रूप में जाना जाता था, सरकार व जवानों की कड़ी मेहनत के चलते अब वहां विकास तेजी से बढ़ रहा है, पामेड़ इलाके की बात करे तो कभी वहां पर दुपहिया वाहन भी देखने को लोग तरस जाते थे, अब उसी पामेड़ में 30 वर्षो के बाद यात्री बस की सेवा शुरू हो गई है। बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर बसा यह पामेड़ गाँव, उस  इलाके के 7 पंचायतों को भी जोड़ता है, सरकार के साथ ही पुलिस जवानों के अथक प्रयास से बीते 4 माह के अंदर इस गाँव मे विकास की बड़ी गाथा लिखी गई है, इस इलाके में सड़क और कैंप के साथ ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत इस इलाके के ग्रामीणों के लिए शुरू हुई यात्री बस की सेवा है, बस सेवा के चलते अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों को पहले तेलंगाना से होते हुए अपने गृहगांव तक जाना पड़ता था, लेकिन अब वे बीजापुर से सीधे पामेड़ अपने घर पहुंच रहे हैं। देखा जाए तो आजादी के बाद से  पामेड़ इलाके तक सड़क थी, 50 साल पहले भी सड़क हुआ करती थी, लेकिन उस मार्ग में वाहनों का आवाजाही कम होता था, जिसके चलते धीरे-धीरे इस इलाके में नक्सलियों ने अपनी पैठ बनाई और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया, नक्सलियों के दबाव और होने वाले वारदातों को देखने के बाद इसे कुछ ही समय में इस इलाके को नक्सलियों की राजधानी कहा जाने लगा,  अब नक्सलियों को खदेड़ने के लिए सरकार ने यहां विकास की गाथा लिखने की शुरुआत की, जिसके चलते सबसे पहले इस क्षेत्र में कैंप स्थापित किए गए फिर सड़कों का जाल बिछाने का काम शुरू किया गया, बीजापुर से सुबह पामेड़ के लिए जाने वाली बस आवापल्ली, बासागुड़ा,तररेम,चिन्नागेल्लूर, गुंडेम कोंडापल्ली जीडपल्ली करवगट्टा और धर्माराम होते हुए पामेड़ पहुंचती है, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करने लगे हैं, इन इलाकों में विकास के साथ ही सुविधाओं के साथ ही नक्सलियों को खदेड़ने में सबसे बड़ा श्रेय जवानों को जाता है जो दिन-रात नक्सली इलाके में डटकर लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में लगे हैं। जिन इलाकों में कभी दुपहिया वाहन तक सही रूप से नहीं चलाते थे अब उन इलाकों में चार पहिया वाहनों के साथ यात्री बसें दौड़ने लगी है, 50 वर्षो तक जिन सुविधाओं के लिए ग्रामीण तरस रहे थे वह सारी सुविधा पामेड़ इलाके के ग्रामीणों के लिए बहुत तेजी से बढ़ रही है, इस इलाके में आधार कार्ड, राशन कार्ड के अलावा राशन दुकान भी गांव में संचालित की जा रही है, बताया जा रहा है कि नक्सलियों के ख़ौफ़ के चलते पामेड़ में काम करने वाले जवानों के लिए वेतन से लेकर अखबार तक हेलीकॉप्टर से मदद से भेजा जाता था, लेकिन अब सड़क बनने और बस सेवा के शुरू हो जाने से जवानों का यह कठिन सफर खत्म हो चुका है, जवानों और ग्रामीणों के लिए इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी का भी विस्तार भी हो चुका है जिससे वह अपने परिवार वालों से बात कर सकते है।

अब 5 रुपए में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन, तीन साल में किसानों को देंगे 30 लाख सोलर पंप: CM डॉ मोहन यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के किसानों के हक में लिए गए फैसलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया गया। आज दोपहर को सीएम हाउस में किसान आभार सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचें किसानों ने सरकार की विभिन्न किसान हितैषी नीतियों, निर्णयों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। वहीं सीएम डॉ मोहन ने कार्यक्रम बड़ी घोषणा की। अब 5 रुपए में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा, तीन साल में 30 लाख सोलर पंप किसानों को देंगे और किसानों से सरकार बिजली खरीदेगी। किसानों के समृद्धि होने से भारत विकसित बनेगा सीएम डॉ मोहन यादव बोले- किसान अन्नदाता- जीवनदाता हैं। किसान का हल, हर समस्या का हल। पूरा विश्व श्रद्धा से पीएम की तरफ देख रहा है। मनमोहन सिंह की सरकार में बेशर्मी से कहते थे गांव में सड़क की क्या जरूरत है। इन्होंने गांव नहीं देखा, भारत को देखने समझने के लिए गांव देखना जरूरी है। किसानों के सुखी समृद्धि होने से भारत विकसित बनेगा। किसान, गरीब, युवा, महिला 4 जातियों की बात पीएम मोदी करते हैं। किसानों को जो आजादी के समय मिल जाना चाहिए था उसमें 55 साल लगे। भाजपा सरकार में गांव का विकास हुआ मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार आयी तब गांव का विकास हुआ। सड़क, बिजली, पानी नहीं था कांग्रेस के समय। दिग्विजय सिंह ने विधानसभा में कहा था शिप्रा में नर्मदा का जल आ ही नहीं सकता। कांग्रेस के लोगों ने कहा नदी से नदी जोड़ो असंभव- प्रकृति बिगड़ जाएगी, हमने जब कोशिश की तो अड़ंगे लगाएंगे लेकिन हमने किया। कोर्ट में केस भी जीते, केन बेतवा लिंक से तस्वीर बदल रही है। चंबल में बंदूक उठा लेते थे, दिक्कत आती थी। प्रदेश का कोई खेत खाली नहीं रहेगा, हर जगह पानी पहुंचाया जाएगा। एक और नदी जोड़ो अभियान हम जल्द करेंगे। दूध खरीदने पर सरकार अलग से बोनस देगी 5 रुपये में बिजली का स्थायी कनेक्शन देने की घोषणा सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने की। बिजली के लिए अभी साल के 7500 देते हैं। इस बजट में कोशिश करेंगे कि सोलर पंप के माध्यम से परेशानी खत्म कर दें। अगर खेत में सोलार से बिजली उत्पादन होगा तो आपसे बिजली खरीदेंगे। सोलार पम्प के माध्यम से स्थायी कनेक्शन देंगे। सरकार दूध खरीदने पर अलग से बोनस देगी। अभी दूध का 9 प्रतिशत उत्पादन है उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति मेंअंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों ने ली शपथ

रायपुर  नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हाई कोर्ट ने कहा- नर्मदा तट के दोनों ओर 300 मीटर के क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा, यह क्षेत्र खुला रखा जाएगा

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने विगत छह वर्ष से विचाराधीन नर्मदा मिशन और समर्थ गऊ चिकित्सा केंद्र की जनहित याचिका पर अंतिम आदेश सुना दिया है। जिसमें साफ किया गया है कि नर्मदा तट के दोनों ओर 300 मीटर के क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा। यह 300 मीटर का क्षेत्र खुला रखा जाएगा। कोर्ट ने संशोधित विकास योजना 2021 का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस मामले में 27 फरवरी को उभयपक्षों की बहस पूरी होने के साथ ही सुरक्षित किया गया आदेश शनिवार, एक मार्च को बाहर आया। हाई कोर्ट ने इससे पूर्व भी एक जनहित याचिका पर 13 दिसंबर, 2013 को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था, जिसमें व्यवस्था दी थी कि नर्मदा तट के दोनों ओर 300 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक रहेगी। अवैध निर्माण किए गए हैं नर्मदा मिशन और समर्थ गऊ चिकित्सा केंद्र की ओर से 2019 में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि नर्मदा तट के प्रतिबंधित क्षेत्र में बहुत से अवैध निर्माण किए गए हैं। कई निर्माण जारी हैं। याचिका में कहा गया कि मास्टर प्लान 2021 में नर्मदा तट से नदी के उच्चतम बाढ़ स्तर तक के 300 मीटर दायरे में कोई भी निर्माण नहीं होगा। वहीं राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने नर्मदा तट से दोनों ओर 300 मीटर के क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंध किया था। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि सरकार ने पांच अक्टूबर, 2015 को अधिसूचना जारी कर यह स्पष्ट किया था कि नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्र के दोनों ओर 300 मीटर, परियट के दोनों ओर 100 मीटर तथा गौर नदी के दोनों ओर 50 मीटर खुला क्षेत्र (नो कंस्ट्रक्शन जोन) रखा जाएगा। इस अधिसूचना के आधार पर विकास योजना 2021 तैयार की गई है। खुले क्षेत्र में सामाजिक वानिकी, लैंडस्केप, गार्डन, पार्किंग, पंप हाउस और वाचमैन हाउस बनाने की छूट रहेगी। दरअसल, यह जनहित याचिका लंबित रहने के दौरान यह तथ्य रेखांकित हुआ था कि जबलपुर के तिलवारा घाट अंतर्गत प्रतिबंधित क्षेत्र में एक धर्म विशेष का निर्माण प्रस्तावित है। वर्ष 2019 में केंद्र की ओर से अंडरटेकिंग दी गई थी हाई कोर्ट के आदेश के बिना कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिया हैं कि विकास योजना के अंतर्गत इस बात का सत्यापन कर लें कि उक्त प्रस्ताव प्रतिबंधित क्षेत्र के दायरे में है या उससे बाहर है। यह प्रक्रिया दो सप्ताह में पूरी करें।

मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश किये जारी, एक अप्रैल से फिर खुलेंगे स्कूल, पहले दिन होगा प्रवेशोत्सव

भोपाल प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। इस दिन स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशित किया गया है कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों को सजाया जाए। इस दिन बाल सभा का आयोजन किया जाए। विद्यार्थियों का स्वागत किया जाए। स्कूल के वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा भी कनिष्ठ विद्यार्थियों का स्वागत किया जाए और एक अप्रैल को ही सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जाए। इससे पहले 25 मार्च तक कक्षाओं में नामांकन कार्य पूरा करना है। विद्यार्थियों की हर कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थित होनी चाहिए। प्रत्येक शिक्षक को 10 विद्यार्थियों को स्कूल लाने की जिम्मेदारी यह भी निर्देशित किया गया है कि जो विद्यार्थी दो साल पहले स्कूल में अध्ययनरत थे, लेकिन इस साल किसी भी स्कूल में नहीं हैं, यानी शाला त्यागी हैं या ड्राप बाक्स में चले गए हैं, ऐसे बच्चों को स्कूल में लाने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी दी जाए। एक शिक्षक को 10 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका 10 अप्रैल तक भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जाए। स्कूलों में प्रवेशित विद्यार्थियों को पात्रता के आधार पर प्रदान की जाने वाली सुविधाओं जैसे पाठ्यपुस्तक, छात्रवृत्ति, साइकिल आदि का निर्धारण पोर्टल पर अपडेशन के बाद किया जाएगा। अभिभावकों को स्कूल में आमंत्रित किया जाए निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में शाला प्रबंध समिति एवं अभिभावकों की बैठक का आयोजन किया जाए। इसके तहत स्कूलों में 17 मार्च तक प्रत्येक विद्यार्थी के माता-पिता को आमंत्रित किया जाए और बच्चे की विगत वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ नए शैक्षणिक सत्र के प्रथम माह में आयोजित होने वाली गतिविधियों के बारे में अवगत कराएं।

मुंबई के एयरपोर्ट पर महिला के पेट से मिली 10 करोड़ की कोकीन

मुंबई मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारी उस समय हतप्रभ हो गए, जब महिला के पेट में एक या दो नहीं बल्कि 10 करोड़ की कोकीन मिली। महिला ब्राजील के साओ पाउलो से कोकीन की तस्करी करने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद DRI के अधिकारियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया। महिला कोकीन से भरे करीब 100 कैप्सूल निगलकर भारत आई थी। महिला ने कोकीन की तस्करी की बात स्वीकार कर ली है। दरअसल महिला अपने अंदर साढ़े 10 करोड़ की कोकीन छिपाकर तस्करी कर ब्राजील से मुंबई ला रही थी। हालांकि तस्कर महिला को मुंबई एयरपोर्ट पर ही पकड़ लिया गयाष राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने उस ब्राज़ीलियाई महिला को साओ पाउलो से भारत में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला ने खुद भी स्वीकार किया कि उसने कोकीन से भरे कैप्सूल्स निगले थे। इसके बाद उसे तुरंत एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने 100 कैप्सूल्स बाहर निकाले। इनमें कुल 1,096 ग्राम कोकीन थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग 10.96 करोड़ आंकी गई है। यानी 10 करोड़ की कीमत के कोकीन की तस्करी की कोशिश महिला ने की। फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। ड्रग म्यूल्स का इस्तेमाल करते हैं तस्कर डीआरआई के अनुसार, कोकीन की तस्करी में शामिल गिरोह एयर ट्रैवलर्स का उपयोग करते हैं, जिन्हें “ड्रग म्यूल्स” कहा जाता है। ये तस्कर अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और पैसों के लालच में इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं और आखिर में आकर फंस जाते हैं। अब इस महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है।

मायावती ने लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक बुलाई, जिसमे कई बड़े फैसले हुए, मायावती के भाई का बढ़ाया कद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सियासी दल बहुजन समाज पार्टी में बड़ा फेरबदल हुआ है. पार्टी को दो नए नेशनल को-ऑर्डिनेटर मिले हैं. आकाश आनंद की जगह उनके पिता और पार्टी महासचिव आनंद कुमार और राज्यसभा सांसद राम जी गौतम को बीएसपी का नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है. बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में आज पार्टी की अहम बैठक बुलाई और ये अहम फैसला लिया गया. इस बैठक में कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए. पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई. आकाश आनंद को बीएसपी के सभी पदों से हटा दिया गया है. इस बैठक में मायावती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मायावती के भाई आनंद, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा मौजूद रहे. राज्यसभा सांसद रामजी गौतम भी पार्टी की बैठक में मौजूद है लेकिन आकाश आनंद इस बैठक में नहीं आए थे. पिछले साल आकाश को लगा था झटका पिछले साल मई में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी पद से हटा दिया था. बसपा सुप्रीमो ने उन्हें दिसंबर 2023 में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. लोकसभा चुनाव के बीच मंगलवार को मायावती ने अपना फैसला वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि पूर्ण परिपक्वता आने तक आकाश आनंद को दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग रखा जाएगा. आकाश आनंद के विवादित बयान आकाश आनंद ने सीतापुर में बीजेपी सरकार को ‘आतंक की सरकार’ करार दिया था, जिसके बाद उन पर एफआईआर भी दर्ज हो गई थी. इसके अलावा दो-तीन जगहों पर बयान देते वक्त वह इतने जोश में आ गए कि उनके मुंह से गाली जैसे शब्द निकल पड़े. आवेश में दिए उनके बयानों की भी काफी आलोचना हो रही थी, जिसमें ‘जूते मारने का मन करता है’ जैसे बयान शामिल हैं.

पीएम मोदी आज दोपहर सोमनाथ महादेव का दर्शन करने के बाद मंदिर के ट्रस्टियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करेंगे

जामनगर गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर जामनगर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार सुबह रिलायंस रिफाइनरी परिसर स्थित वनतारा पहुंचे हैं। दोपहर बाद यहां से वे सोमनाथ महादेव का दर्शन करने हेलिकॉप्टर से सोमनाथ जाएंगे। शाम को वे सासण गिर जाएंगे, जहां रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह राजकोट जाएंगे और यहां से वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार दोपहर सोमनाथ महादेव का दर्शन करने के बाद मंदिर के ट्रस्टियों के साथ विकास कार्यों की चर्चा करेंगे। वे 27 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हाट बाजार और शॉपिंग सेंटर का लोकार्पण करेंगे। वे सोमनाथ मॉडल बस स्टैंड का भूमिपूजन करेंगे। इससे पहले शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जामनगर एयरपोर्ट से पायलट बंगला तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रोड शो आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए आतुरता के साथ सड़क के दोनों किनारे खड़े रहे। प्रधानमंत्री शनिवार रात जामनगर सर्किट हाउस में विश्राम के बाद रविवार सुबह रिलायंस रिफाइनरी परिसर में स्थित वनतारा पहुंचे हैं। रिलायन्स इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन की ओर से अनंत अंबानी के ड्रीम प्रोजेक्ट वनतारा (स्टार ऑफ फॉरेस्ट प्रोग्राम) लॉन्च किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत देश और विदेशों के घायल प्राणियों के बचाव, इलाज समेत देखभाल और पुनर्वसन का काम किया जा रहा है। रिलायन्स की जामनगर रिफाइनरी परिसर में करीब 3 हजार एकड़ ग्रीन बेल्ट में रेस्क्यू सेंटर फैला हुआ है।

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