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खड़े ट्रक में घुसी कार, लेडी कॉन्स्टेबल और पति की मौत, क्रेन से निकाले गए शव, कार में पीछे बैठे बच्चे बुरी तरह हो गए घायल

रतलाम  शनिवार की अलसुबह शहर के पास हुईं सड़क दुर्घटना में पति-पत्नी की मौत हो गई। यह चारों कार से रतलाम आ रहें थे और इनकी कार सड़क पर खड़े ट्रक में जा घुसी, दुर्घटना में घायल महिला शहर के माणकचौक थाने पर पदस्थ थी। घटना सुबह शनिवार सुबह 4 फोरलेन स्थित ग्राम सिमलावदा के निकट झालरापाड़ा की है इस सड़क दुर्घटना में बोरझनी कानवन जिला धार के रहने वाले झन्ना (32) पति अरविन्द और अरविन्द (32) की मौत हो गई। बता दें कि मृतिका झन्ना शहर के माणकचौक थाने पर आरक्षक के रूप में पदस्थ थी। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही बिलपांक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों दम्पति अपने दोनों बच्चों श्रेयांस (4) और पीरल (7) के साथ धार से वापस रतलाम लौट रहें थे और यह हादसा हुआ। दुर्घटना में श्रेयांस और पीरल को मामूली चोट लगी।‌ घटना की जानकारी मिलते ही बिलपांक पुलिस मौके पर पहुंची और चारों को रतलाम के मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परिक्षण कर दम्पति को मृत घोषित कर दिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दोनों बच्चों को मामूली चोट आने पर उनका भी मेडिकल और उपचार कराया मौके पर मृतक के रिश्तेदार पंहुच गए थे। फोरलेन रोड पर चल रहा था काम महिला कॉन्स्टेबल झन्ना गामड़ शहर के माणकचौक थाने में पदस्थ थीं। कार कॉन्स्टेबल के पति अरविंद ड्राइव कर रहे थे। जबकि वो आगे बैठी थीं। दोनों बच्चे पीछे की सीट पर थे। वे शनिवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे सिमलावदा से आगे बदनावर की तरफ जा रहे थे। यहां फोरलेन पर काम चल रहा है। रात में ट्रक से निर्माण सामग्री उतारी जा रही थी। इसी दौरान कार पीछे से आकर ट्रक में जा घुसी। बदनावर से शादी से लौट रहे थे झन्ना गामड़ के पति प्राइवेट जॉब करते थे। मूलत: धार जिले के बदनावर के रहने वाले थे। परिवार में शादी होने के कारण वह बदनावर गए थे। महिला कॉन्स्टेबल शुक्रवार शाम तक माणकचौक थाने ड्यूटी पर थी। ड्यूटी के बाद वह अपने परिवार के साथ बदनावर गई थी। शादी से लौटते समय हादसे का शिकार हो गए।

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की असलियत जनता जान गई, इनका झूठ तिनके की तरह बिखर गया: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जनता के साथ जुड़ाव, भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और देश के बदलते मिजाज के चलते हमें दिल्ली में जीत मिल रही है। टुकड़े-टुकड़े गैंग और छोटी मानसिकता वाले लोग जो अब तक गुमराह करते आए थे उनकी हार हुई हैं। अपने सोशल मिडिया अकांउट पर उन्होंने लिखा कि आप-दा से मुक्त हुआ दिल्ली। सीएम ने दिल्ली विधानसभा की 11 सीटों पर प्रचार किया था। इनमें त्रिनगर सीट पर भाजपा जीत चुकी है। नजफगढ, विकासपुरी, नंगलोई जाट, उत्तम नगर समेत कई सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इन रुझानों पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि जहां प्रचार करने का मौका मिला वहां पार्टी जीत रही है। भाजपा का अश्वमेध का घोड़ा निर्बाध दौड़ रहा प्रयागराज में महाकुंभ स्नान से पहले मीडिया से बातचीत में सीएम डॉ यादव ने कहा कि सत्य कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कहा पीएम मोदी जिस तरह लोककल्याण की भावना से काम कर रहे हैं इसीलिए दिल्ली वासियों ने हम पर भरोसा जताया। सीएम डॉ मोहन यादव ने पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को बधाई देते हुए कहा कि भाजपा के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा निर्बाध गति से दौड़ रहा है। कांग्रेस का हर हथकंडा फेल जिस तरह पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हर हथकंडा अपनाकर झूठ बोला, फिर महाराष्ट्र हरियाणा के चुनाव में भी उसने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन उसका झूठ तिनके की तरह बिखर गया। जनता इन दोनों दलों की असलियत जान चुकी है। इन दोनों दलों को अब अपने भीतर झांकना चाहिए। ये जो कीचड़ उन्होंने फैलाया था उसमें कमल खिल गया।  अपने सोशल मिडिया अकांउट पर उन्होंने लिखा कि आप-दा से मुक्त हुआ दिल्ली। सीएम ने दिल्ली विधानसभा की 11 सीटों पर प्रचार किया था। इनमें त्रिनगर सीट पर भाजपा जीत चुकी है। नजफगढ, विकासपुरी, नंगलोई जाट, उत्तम नगर समेत कई सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इन रुझानों पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि जहां प्रचार करने का मौका मिला वहां पार्टी जीत रही है।

पीएम मोदी ने कहा- दिल्ली में विकास जीता, सुशासन की जीत हुई, दिल्ली के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली शानदार जीत के लिए बधाई दी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को धन्यवाद दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में विकास जीता है। सुशासन की जीत हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। आपको बता दें कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई थी। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने आप के शासन की तुलान आपदा से की थी। प्रधानमंत्री मोदी लिखते हैं, ‘जनशक्ति सर्वोपरि! विकास जीता, सुशासन जीता। दिल्ली के अपने सभी भाई-बहनों को भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए मेरा वंदन और अभिनंदन! आपने जो भरपूर आशीर्वाद और स्नेह दिया है, उसके लिए आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभार। दिल्ली के चौतरफा विकास और यहां के लोगों का जीवन उत्तम बनाने के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे, यह हमारी गारंटी है। इसके साथ ही हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विकसित भारत के निर्माण में दिल्ली की अहम भूमिका हो। ” पीएम मोदी ने दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए लिखा, ‘मुझे भाजपा के अपने सभी कार्यकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जिन्होंने इस प्रचंड जनादेश के लिए दिन-रात एक कर दिया। अब हम और भी अधिक मजबूती से अपने दिल्लीवासियों की सेवा में समर्पित रहेंगे।” अमित शाह ने भी दी बधाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को झूठ के शासन का अंत और विकास व विश्वास के एक नए युग का आरंभ बताया और कहा कि राजधानी के मतदाताओं ने ‘वादाखिलाफी’ करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है जो झूठे वादे करने वालों के लिए मिसाल बनेगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की ‘प्रचंड जनादेश’ के लिए जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी अपने सभी वादे पूरे कर दिल्ली को विश्व की नंबर एक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित है। शाह ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली के दिल में मोदी…। दिल्ली की जनता ने झूठ, धोखे और भ्रष्टाचार के ‘शीशमहल’ को नेस्तनाबूत कर दिल्ली को आप-दा मुक्त करने का काम किया है। दिल्ली ने वादाखिलाफी करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है, जो देशभर में जनता के साथ झूठे वादे करने वालों के लिए मिसाल बनेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दिल्ली में विकास और विश्वास के एक नए युग का आरंभ है। दिल्ली में झूठ के शासन का अंत हुआ है… यह अहंकार और अराजकता की हार है।’’ केंद्रीय गृह मंत्री ने इसे ‘मोदी की गारंटी’ और उनके विकास के दृष्टिकोण पर दिल्लीवासियों के विश्वास की जीत करार देते हुए इस ‘प्रचंड जनादेश के लिए दिल्ली की जनता का दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा अपने सभी वादे पूरे कर दिल्ली को विश्व की नंबर एक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चाहे महिलाओं का सम्मान हो, अनधिकृत कॉलोनीवासियों का स्वाभिमान हो या स्वरोजगार की अपार संभावनाएं, मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली अब एक आदर्श राजधानी बनेगी।’’ अमित शाह ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्लीवासियों ने इस चुनाव में बता दिया कि जनता को बार-बार झूठे वादों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘जनता ने अपने वोट से गंदी यमुना, पीने का गंदा पानी, टूटी सड़कें, ओवरफ्लो होते सीवरों और हर गली में खुले शराब के ठेकों का जवाब दिया है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री अपनी हार को स्वीकार करते हुए कहा- वह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने ना सिर्फ जनता के फैसले को स्वीकार किया बल्कि बड़ा दिल दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत की बधाई दी। हालांकि, अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर हार की मायूसी साफ नजर आ रही थी। प्रचार दौरान कई बार चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके अरविंद केजरीवाल ने मतदान से ठीक पहले ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका भी जाहिर की थी, लेकिन नतीजों के बाद उन्होंने किसी तरह का प्रश्नचिह्न लगाने की बजाय जनादेश को स्वीकार किया। केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘आज दिल्ली चुनाव के नतीजे आए हैं। जनता का जो भी फैसला है उसे हम पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। जनता का निर्णय सिर माथे पर।’

दिल्ली विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझाने के बाद मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा

नई दिल्ली/श्रीनगर दिल्ली में आज मतगणना का दिन है. वोटों की गिनती जारी है. शुरुआती रुझान बीजेपी के पक्ष में आ रहे हैं. अब तक के डेटा के अनुसार, बीजेपी 32 सीटों पर आगे चल रही है जबकि AAP सिर्फ 14 सीटों पर बढ़त हासिल कर पाई है. वोटों की गिनती के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कांग्रेस और AAP पर निशाना साधा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘महाभारत’ सीरियल का एक सीन शेयर करते हुए उमर अब्दुल्ला ने सिर्फ इतना लिखा, ‘और लड़ो आपस में!’… साफ है कि उनका इशारा दिल्ली में कांग्रेस और AAP के अलग-अलग चुनाव लड़ने के फैसले पर है. विधानसभा चुनावोंं में काम नहीं करता है ‘इंडिया’ ब्लॉक कांग्रेस और AAP केंद्र में इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं लेकिन विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन काम नहीं करता है. पहले हरियाणा और फिर दिल्ली में कांग्रेस और AAP ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा और दोनों ही जगह बीजेपी को फायदा हुआ. सही साबित होते दिख रहे एग्जिट पोल दिल्ली में पांच फरवरी को वोट डाले गए थे. नतीजों से पहले जारी हुए एग्जिट पोल्स में बताया गया था कि अबकी बार बीजेपी के लिए दिल्ली दूर नहीं है यानी एग्जिट पोल्स में बीजेपी को बहुमत मिलता बताया गया था. शुरुआती रुझानों में एग्जिट पोल सही साबित होते दिख रहे हैं. बता दें कि दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा सीट के लिए 5 फरवरी को मतदान हुआ था. इस दौरान कुल 60.54 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था.चुनाव के दौरान तीनों दलों ने जमकर प्रचार प्रसार किया था. पीएम मोदी ने किया प्रचार बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार का नेतृत्व किया. इस दौरान पार्टी ने यमुना नदी के कथित जहरीली होने और मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल के आवास के रेनोवेशन का मुद्दा उठाया. वहीं, AAP ने अपने 11 साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षा क्षेत्र में अपनी परफोर्मेंस को जनता के सामने रखा. दूसरी ओर कांग्रेस भी जमकर प्रचार किया. इस दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले को लेकर मामले में कथित भूमिका के लिए केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया पर निशाना साधा. दो चुनावों में AAP का रहा दबदबा बता दें कि दिल्ली में लगातार 15 साल तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस को पिछले दो विधानसभा चुनावों में बुरी तरह से शिकस्त का सामना करना पड़ा.इतना ही नहीं पार्टी एक सीट भी अपने नाम नहीं कर सकी. इसी तरह बीजेपी भी दो दशक से अधिक समय दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि पिछले दो चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था.  

दिल्ली चुनाव: मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे

नई दिल्ली नई दिल्ली विधानसभा सीट से आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए हैं. अरविंद केजरीवाल कुल 1200 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से ये चुनाव हार गए हैं. नई दिल्ली सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था. यहां से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Kejriwal Election Result), भारतीय जनता पार्टी के प्रवेश वर्मा हैं और कांग्रेस के संदीप दीक्षित मैदान में थे. नई दिल्ली सीट की जनता ने चुनाव में बीजेपी का साथ देते हुए इस सीट पर कमल खिलाया है. बता दें दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा मिला है. रुझानों के अनुसार, भाजपा 47 सीटों पर और आम आदमी पार्टी 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. 10 साल से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी एक करारी हार की ओर बढ़ रही है. मनीष सिसोदिया भी हारे चुनाव आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं. बीजेपी उम्मीदवार तरविंदर सिंह मारवाह ने इस सीट से जीत दर्ज की है. मीडिया से बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि लोगों ने उनका बहुत अच्छा समर्थन किया है और उम्मीद जताई कि भाजपा के उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा, “पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छा संघर्ष किया, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे.” मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने मतगणना केंद्र जाने से पहले कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए थे. हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद प्रवेश वर्मा ने मीडिया से बात की थी.  उन्होंने कहा था, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. हम बहुत समर्थन देख रहे हैं और पूरे दिन लगातार समर्थन मिल रहा है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा समर्थन मिलता रहेगा.” पिछले दस वर्षों से दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य पर आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा है, जबकि बीजेपी 1998 से शहर की सत्ता से बाहर है. वर्ष 1998 से 2013 तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार हार की ओर अग्रसर दिख रही थी. दिल्ली में पांच फरवरी को हुए चुनाव में 1.55 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने मतदान किया था. करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन को हराया शकूरबस्ती से भाजपा के करनैल सिंह ने आप के सत्येंद्र जैन को हराया. जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं: मनीष सिसोदिया जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने हार स्वीकार करते हुए कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छी लड़ाई लड़ी, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह क्षेत्र के लिए काम करेंगे. सभी का आभार व्यक्त करता हूं: रविंदर सिंह नेगी पटपड़गंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी ने कहा, मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा. यह उनका आशीर्वाद था, जिस तरह से उन्होंने आम आदमी पार्टी को आपदा कहा, उन्होंने कहा आपदा हटाओ, दिल्ली बचाओ. लोगों ने इसे स्वीकार भी किया। शीर्ष नेतृत्व के नेतृत्व में हमें जीत मिली है, मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं. ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित: कुलदीप कुमार कोंडली विधानसभा से AAP उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने जीत दर्ज की. उन्होंने कहा, ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित है. उन्होंने दूसरी बार मुझे टिकट दिया था और मैं जीत के आया हूं. AAP दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है और अरविंद केजरीवाल चौथी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.  

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।

दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर कार्यशाला का किया शुभारंभ

प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को हर कोने हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये संकल्पित – उप मुख्यमंत्री शुक्ल अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में जन-जागरूकता तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को हर कोने हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में जन सहभागिता सुनिश्चित करने में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच को साकार करते हुए अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में शासन के साथ-साथ उसे जन-जागरूकता तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दीन दयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गांव में अब पहले से ज्यादा सुविधाएं हैं। आदर्श ग्रामों के विकास के लिए अनुकूल समय है। दीनदयाल शोध संस्थान का मार्गदर्शन और मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद का समर्पण इस दिशा में निर्णायक बदलाव ला सकता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख के आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी ग्रामों के चित्रकूट मॉडल को सम्पूर्ण प्रदेश में विस्तारित करने के उद्देश्य से दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट और मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि गांव की समृद्धि और विकास के लिये आवश्यक है कि सभी ग्रामवासियों की सम्पूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। तभी स्थायी और सतत परिणाम होंगे। उन्होंने परिषद अमले को कहा कि गांव में सिखाने नहीं सीखने के भाव से जाएं। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि नाना जी का मानना था कि कर्मठता और स्वावलंबन से ही ग्राम जीवन में बदलाव आ सकता है। नाना जी ने अपने समय की समस्त चुनौतियों को संबोधित किया है। उनका विकास मॉडल सर्वे भवंतु सुखिनः का उदघोष करता है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ.धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि परिषद की उपस्थिति अधिकांश पंचायतों में है। नवांकुर संस्थाओं और प्रस्फुटन समितियों सहित प्रदेश में सीएमसीएलडीपी के 50 हजार विद्यार्थियों के साथ परिषद सबसे महत्वपूर्ण मैदानी संगठनों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अपेक्षाओं के अनुरूप इस प्रशिक्षण से परिषद अमले को ग्राम-समाज को समझने और बदलावों की गतिविधियों के चिन्हांकन के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद राज्य कार्यालय के अधिकारियों सहित समस्त संभाग जिला और विकासखण्ड समन्वयक सहभागिता कर रहे हैं।  

लॉस एंजिल्स के जंगल में आग लगने से 164 अरब डॉलर का नुकसान, सामने आई रिपोर्ट

लॉस एंजिल्स अमेरिका की लॉस एंजिल्स काउंटी (Los Angeles County) में जंगल की आग पर जारी एक नई रिपोर्ट में भारी नुकसान नुसारन बताया गया है। खबरों के अनुसार, जंगल की आग पर जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार इससे कुल 164 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति और पूंजी (Property and Capital) तक का नुकसान हुआ है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (University of California ), लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) द्वारा मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पैलिसेड्स और ईटन की आग (The Palisades and Eaton’s Fire) से होने वाली कुल संपत्ति और पूंजीगत हानि 95 अरब डॉलर से 164 अरब डॉलर के बीच हो सकती है, जिसमें बीमाकृत नुकसान 75 अरब डॉलर होने का अनुमान है। यूसीएलए एंडरसन फोरकास्ट के अर्थशास्त्री झियुन ली और विलियम यू (Economists Zhiyun Li and William Yu) द्वारा लिखित रिपोर्ट में 2025 के लिए काउंटी-स्तरीय सकल घरेलू उत्पाद (county-level GDP) में 0.48 प्रतिशत की हानि का अनुमान लगाया गया है, जो लगभग 4.6 अरब डॉलर है और प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय व्यवसायों एवं कर्मचारियों की कुल वेतन हानि 29.7 करोड़ डॉलर है। रिपोर्ट में कहा गया कि जंगल की आग का पर्याप्त एवं प्रभावी शमन और निवेश के बिना, कैलिफ़ोर्निया वासियों को तेजी से उच्च बीमा प्रीमियम एवं उत्पन्न प्रदूषण के कारण बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों (health risks) का सामना करना पड़ेगा। लॉस एंजिल्स आवास बाजार विशेष रूप से किराये की इकाइयों के लिए तेजी से पहुंच से बाहर हो जाएगा। यूसीएलए एंडरसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (UCLA Anderson School of Management)की वेबसाइट के अनुसार, यूसीएलए एंडरसन पूर्वानुमान कैलिफोर्निया एवं देश के लिए सबसे व्यापक रूप से देखे जाने वाले और प्रायः उद्धृत आर्थिक दृष्टिकोणों में से एक है।

Milkipur By-Election Result 2025 : मिल्कीपुर उपचुनाव में तीसरे राउंड की गिनती पूरी, बीजेपी के चंद्रभानु पासवान 10, 170 वोट से आगे

नई दिल्ली दिल्ली चुनाव में अब नतीजे का वक्त आ गया है. सुबह 8 बजे से काउंटिंग शुरू हो गई है. 11 जिलों के 19 केंद्रों पर काउंटिंग चल रही है. शुरुआती रुझान में बीजेपी आगे चल रही है. AAP भी कड़ी टक्कर दे रही है. राजधानी में 5 फरवरी को वोट डाले गए. कुल 60.54 प्रतिशत वोट पड़े थे. दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजे की घड़ी आ गई है. वोटों की काउंटिंग चल रही है. शुरुआती रुझान में बीजेपी आगे चल रही है. AAP भी कड़ी टक्कर दे रही है. AAP के कई दिग्गज नेता पीछे चल रहे हैं. दिल्ली में कुल 70 सीटें हैं और बहुमत के लिए 36 सीटें होना जरूरी है. सुबह से हर किसी की निगाहें इस बात पर रहीं कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार तीसरी बार जीत हासिल करती है या बीजेपी राजधानी में 27 साल के सत्ता के सूखे को खत्म करेगी. वहीं, पिछले दो चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई कांग्रेस को भी इस चुनाव से काफी उम्मीदें हैं.  रुझानों में कांटे की टक्कर रुझानों में बीजेपी और AAP के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. अब तक BJP 39 सीटों पर आगे है. जबकि AAP भी 30 सीटों पर आगे है. एक सीट पर कांग्रेस आगे है. ओखला में बीजेपी आगे नजफगढ़ से बीजेपी 4383 वोटों से आगे है. मटियाला सीट से बीजेपी 2862 वोटों से आगे है. उत्तमनगर से बीजेपी 2223 वोटों से आगे है. द्वारका सीट से बीजेपी 1257 वोटों से आगे है. बिजवासन सीट और पालम सीट पर भी बीजेपी आगे है. पटेलनगर में बीजेपी के राजकुमार आनंद आगे हैं. ओखला सीट से लगातार बीजेपी आगे है. पहले राउंड की गिनती पूरी हो गई है.  ग्रेटर कैलाश में सौरभ भारद्वाज पीछे ग्रेटर कैलाश से AAP के सौरभ भारद्वाज पीछे चल रहे हैं. बीजेपी की शिखा राय आगे हैं. मटियाला सीट से बीजेपी के संदीप सहरावत आगे हैं. कोंडली सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका गौतम आगे हैं. मादीपुर सीट से बीजेपी के कैलाश गंगवाल आगे हैं. AAP की उम्मीदवार राखी बिरला पीछे हैं. रुझानों में बीजेपी की लहर देखी जा रही है. बीजेपी 45 और AAP 24 सीटों पर बढ़त बनाए है. एक सीट पर कांग्रेस आगे है.  जंगपुरा में सिसोदिया भी आगे जंगपुरा सीट पर भी उलटफेर हुआ है. AAP के मनीष सिसोदिया दो राउंड की गिनती के बाद 1800 वोटों से बढ़त बनाई है. हालांकि, आतिशी अभी भी पीछे चल रही हैं.  उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज शनिवार को जारी होंगे. मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है. सपा नेता अवधेश प्रसाद के फैजाबाद से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई इस सीट पर बुधवार को उपचुनाव हुआ. समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच यहां मुख्य मुकाबला है. ये उपचुनाव समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है. कारण, यह सीट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अयोध्या जिले का हिस्सा है. दरअसल, 2024 में फैजाबाद लोकसभा सीट जीतने के बाद सपा नेता अवधेश प्रसाद के मिल्कीपुर सीट खाली करने के बाद यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी है. अब, जबकि सपा इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, भाजपा इस चुनाव को फैजाबाद में अपनी हार का बदला लेने के अवसर के रूप में देख रही है. कारण, 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर अयोध्या जिले की एकमात्र विधानसभा सीट थी, जिसे भाजपा हार गई थी. बुधवार को हुए उपचुनाव में पड़े 65 फीसदी वोट मिल्कीपुर सीट पर हुए बुधवार को हुए उपचुनाव में कुल 3.70 लाख मतदाताओं में से 65 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो 2022 के विधानसभा चुनावों में दर्ज किए गए मतदान से अधिक है. चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान पूरा होने तक 65.35 फीसदी वोट पड़े. 2022 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत 60.23 था. पांचवें राउंड के बाद- BJP- 27115 वोट सपा- 12850 वोट आजाद समाज पार्टी- 835 वोट अन्य- 1172 वोट कुल- 41972 अब बीजेपी 14220 वोटों से आगे मिल्कीपुर चुनाव में बीजेपी 14220 वोटों से आगे. बीजेपी के चंद्रभानु पासवान सपा के अजीत प्रसाद से पांचवें राउंड में भी आगे. आजाद समाज पार्टी को 549 वोट मिले  अभी तक की काउंटिंग में बीजेपी को 17123, सपा को 7000 जबकि, आजाद समाज पार्टी को 549 वोट मिले हैं. कुल 25407 वोटों की गिनती हुई है.      चौथे राउंड में भी बीजेपी आगे मिल्कीपुर चुनाव में बीजेपी 11635 वोटों से आगे. बीजेपी के चंद्रभानु पासवान सपा के अजीत प्रसाद से चौथे राउंड में भी आगे चल रहे हैं.  

बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी बचाने वाली जल सहेलियां निकाल रहीं 300 किमी की यात्रा

छतरपुर ‘बुंदेलखंड’ के नाम के साथ ही सूखा ग्रस्त इलाका, पलायन और बेरोजगारी जैसी समस्याएं जुड़ी हुई हैं। पानी के संकट से जूझते इस पूरे इलाके को पानीदार बनाने के लिए देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा रिवर लिंक प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने किया। चंदेल कालीन तालाबों को पुनर्जीवित करने में मप्र का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संरक्षण पर काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं (NGO), और पब्लिक की मदद से काम करेगी। जल संरक्षण पर काम कर रही गैर सरकारी संस्थाओं ने ओरछा में वर्कशॉप आयोजित की। इस कार्यशाला में जल पुरुष राजेंद्र सिंह, मप्र के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और जल संरक्षण पर काम करने वाले संजय सिंह तमाम एक्सपर्ट्स ने मंथन किया। चंदेल राजाओं ने बनवाए बांध, तालाब और बावड़ियां बुंदेलखंड मप्र और उप्र के 7-7 जिलों में बंटा हुआ है। इस इलाके में 9वीं से 16वीं शताब्दी तक चंदेलों का शासन रहा है। पानी की कमी से यह इलाका हमेशा जूझता रहा है। चंदेल राजाओं ने बरसाती पानी को सहेजने के लिए 2 पहाड़ों के बीच पत्थर और मिट्‌टी का प्रयोग करते हुए बांधों का निर्माण कराया। पहाड़ियों के तराई इलाके में बरसाती पानी इकट्‌ठा हो सके। इन तालाबों को बनाने में ऐसी तकनीक का प्रयोग किया गया। जिसमें एक तालाब के भरने पर वेस्टवियर के जरिए उसके तराई इलाके का तालाब भर सके। इन तालाबों के साथ ही बावड़ियां भी बनवाई गई। ताकि तालाबों और बांधों के किनारे की बावड़ियां भर सकें। पंचायत मंत्री बोले- तालाबों का कैचमेंट बढ़ाएंगे पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने  कहा- लगातार चर्चाएं होती हैं वास्तविक स्थिति पर हमें जरुरी विचार करना पडे़गा। शुरू से यह बातें होती रहीं हैं। जल पुरुष राजेंद्र सिंह और जो संस्थाएं जल के क्षेत्र में काम करती हैं। उनके साथ विमर्श करके हमें रास्ता निकालना पडे़गा। चूंकि, मैं उस क्षेत्र का जनप्रतिनिधि रहा हूं तो मैंने देखा कि कैचमेंट की समस्या बढ़ी है। चाहे तालाबों में अतिक्रमण हो, या फिर सीसी रोड डाल दिया तो आने वाला बरसाती पानी अवरुद्ध हो गया। अगर पुलिया होती तो शायद पानी उसमें जाता। ये प्रयास इन कमियों को ठीक करने के लिए हैं। पंचायत मंत्री बोले- तालाबों का कैचमेंट बढ़ाएंगे पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने  कहा- लगातार चर्चाएं होती हैं वास्तविक स्थिति पर हमें जरुरी विचार करना पडे़गा। शुरू से यह बातें होती रहीं हैं। जल पुरुष राजेंद्र सिंह और जो संस्थाएं जल के क्षेत्र में काम करती हैं। उनके साथ विमर्श करके हमें रास्ता निकालना पडे़गा। चूंकि, मैं उस क्षेत्र का जनप्रतिनिधि रहा हूं तो मैंने देखा कि कैचमेंट की समस्या बढ़ी है। चाहे तालाबों में अतिक्रमण हो, या फिर सीसी रोड डाल दिया तो आने वाला बरसाती पानी अवरुद्ध हो गया। अगर पुलिया होती तो शायद पानी उसमें जाता। ये प्रयास इन कमियों को ठीक करने के लिए हैं।। पानी पर काम करना हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- उन तालाबों में डीसिल्टिंग की बहुत ज्यादा जरूरत नहीं हैं। क्योंकि वहां का जो डेटा हमारे पुरखों ने बनाया उसमें कोई नुकसानदेह चीजें नहीं हैं। पानी की आवक को निरंतर करना। अगर कोई अतिक्रमण है तो उनको दूर करना। पानी आने के रास्तों को खोलने के लिए प्रशासनिक जरूरत पड़ती है। ऐसी कोई जानकारियां जो वहां पर काम करने वाले लोग हैं या फिर जो जल के क्षेत्र में काम करने वाले लोग हैं उनके कोई सुझाव हैं। जो भी सुझाव विमर्श में सामने आएंगे उसके लिए सरकार कटिबद्ध है। हमें आने वाली पीढ़ी के लिए पानी पर काम करना ही होगा। ये हमारी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। पानी के रास्ते में बनी सड़कों पर विभाग बनवाएगा पुलिया मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- हमें एक बार चिह्नित करना पडे़गा कि हम शुरुआत कहां से करें। दमोह में मैने किया था बेलाताल में एसपी के सामने पुलिया थी, उसे हमने तोड़ दिया था। मुझे लगता है कि कैचमेंट खोलना हमारे नैतिक बल पर निर्भर करता है। प्रशासन की जरूरत तब पडे़गी तब वहां कोई अवरोध पैदा करे। दूसरी बात ये है कि अगर सीसी रोड बना दिया तो वहां पुलिया बनानी पडे़गी। ऐसे निर्माण की गारंटी हम जैसे मंत्रालय के लोग ही ले सकते हैं। आप बरसात के पहले पुलिया बना दो, अन्यथा वो फिर समस्या पैदा होगी। पानी आएगा तो रास्ता रुक जाएगा। हमारी मानवीय भूलों के कारण जो अवरोध पैदा हुए हैं। उसमें किसी बदलाव की जरूरत पड़ती है। तो फिर उसे हम अपने विभाग की प्राथमिकता में शामिल करेंगे। पानी बचाने वाली जल सहेलियां निकाल रहीं 300 किमी की यात्रा बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संरक्षण पर काम करने वाली जल सहेलियों (महिलाओं के समूह) ने 2 फरवरी को ओरछा से यात्रा शुरू की है। जल सहेलियों की यह 18 दिवसीय यात्रा ओरछा के कंचना घाट से शुरू होकर छतरपुर के जटाशंकर धाम में पूरी होगी। इस यात्रा के दौरान जल सहेलियां गांव-गांव जाकर जल संरक्षण का संदेश देंगी और लोगों को जल प्रबंधन के महत्व को समझाएंगी।

मोहन सरकार 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्याक्ता को परिवार पेंशन का लाभ देगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए नए नियम लागू करेगी। ये नियम पेंशन और छुट्टियों से जुड़े हैं। अविवाहित, विधवा और परित्यक्ता बेटियों को भी परिवार पेंशन मिलेगी। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को अब सेवा पुस्तिका नहीं दी जाएगी। छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव होंगे। वित्त विभाग ने इन बदलावों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इन नियमों के तहत 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को सेवा पुस्तिका नहीं दी जाएगी क्योंकि अब सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है। छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं। नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लंबे समय से हो रही थी बदलावों की मांग वित्त विभाग की एक समिति ने इन नए नियमों का प्रारूप तैयार किया है। पेंशनर्स एसोसिएशन लंबे समय से पेंशन नियमों में बदलाव की मांग कर रही थी। सरकार ने उनकी मांगों को सुनते हुए यह कदम उठाया है। इस समिति में वित्त विभाग के सदस्यों के अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पेंशन संचालनालय के संचालक और रेरा के वित्तीय सलाहकार मिलिंद वाईकर भी शामिल थे। समिति की बैठक में पेंशन नियमों में कई अहम बदलावों पर सहमति बनी। पेंशनर्स की मांगों को सरकार ने मांगा पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से पेंशन नियमों में सुधार करने और नए पेंशन नियम लागू करने की मांग की जा रही थी. इसके लिए राज्य सरकार ने वित्त विभाग की एक समिति गठित की थी. इस समिति में सदस्यों के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पेंशन संचालनालय के संचालक, रेरा के वित्तीय सलाहकार मिलिंद वाईकर को रखा गया है. समिति की बैठक में नए पेंशन नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया गया. बैठक में तय किया गया है कि परिवार पेंशन में न्यूनतम आयु सीमा के नियमों को बदला जा सकता है. मोहन सरकार ला रही नए पेंशन नियम – राज्य सरकार कर्मचारियों के अवकाश नियमों में करीबन 50 साल बाद बदलाव करने जा रही है. इसके तहत भर्ती होने वाले नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा. नए अवकाश नियमों को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की है. – इसमें प्रावधान किया जा रहा है कि 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्यक्ता को भी परिवार पेंशन का लाभ दिया जा सकता है. – वहीं अभी तक पेंशन प्रकरण के साथ सेवा पुस्तिका भी भेजी जाती थी, लेकिन अब इसे खत्म करने का निर्णय लिया गया है. क्योंकि अब ऑनलाइन व्यवस्था होने के चलते पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए इसे अलग से भेजने की जरूरत ही नहीं है. – यदि पेंशनर्स पर आश्रित की दिव्यांगता 25 वर्ष की आयु के पहले होती है तो ही उसे परिवार पेंशन की आजीवन पात्रता का लाभ मिलेगा. इस आयु सीमा के बाद दिव्यांग होने पर उसे परिवार पेंशन का लाभ नहीं दिया जाएगा. – वसूली के मामलों में पेंशन से राशि उसी स्थिति में काटी जा सकेगी, जिसमें वसूली की सूचना रिटायरमेंट के पहले दी जा चुकी हो. इस तरह के मामलों में कोर्ट भी कई बार निर्णय दे चुकी है. सरकार कर्मचारियों के अवकाश नियमों में लगभग 50 साल बाद बदलाव करने जा रही है। नए नियमों के तहत नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने नए अवकाश नियमों पर विस्तार से चर्चा की है। अब सेवा पुस्तिका की ज़रूरत नहीं 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को परिवार पेंशन देने का प्रावधान किया जा रहा है। अब तक पेंशन प्रकरण के साथ सेवा पुस्तिका भी भेजी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चूंकि सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए सेवा पुस्तिका भेजने की ज़रूरत नहीं है। दिव्यांगता पेंशन पर बड़ा अपडेट अगर किसी पेंशनधारी के आश्रित की दिव्यांगता 25 साल की उम्र से पहले होती है, तो उसे ही आजीवन परिवार पेंशन मिलेगी। इस उम्र के बाद दिव्यांग होने पर परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। वसूली के मामलों में पेंशन से राशि तभी काटी जा सकेगी, जब वसूली की सूचना रिटायरमेंट से पहले दी गई हो। कोर्ट भी इस तरह के मामलों में कई बार फैसला दे चुकी है। जल्द लागू होंगे नए फैसले नए नियमों को जल्द ही लागू किया जाएगा। समिति द्वारा तैयार किए गए प्रारूप पर एक बार फिर उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद इसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने पेश किया जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद ही नए नियम लागू होंगे। केंद्र सरकार ने पेंशन और अवकाश नियमों को लेकर कई फैसले लिए हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में अभी तक इनके आधार पर संशोधन नहीं किए गए थे।

फ्रीलांसर, डिलीवरी ब्वॉय और कैब ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स को भी अब मिलेगी पेंशन! बजट में हुआ बड़ा ऐलान

नई दिल्ली बीते एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रीलांसर, डिलीवरी ब्वॉय और कैब ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया। इसके तहत गिग वर्कर्स को हेल्थ बेनिफिट समेत कई बड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। दरअसल, लेबर मिनिस्ट्री ने कहा है कि जल्द ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े एक करोड़ गिग श्रमिकों के लिए पेंशन योजना लाने को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मांगेगा। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत हर लेनदेन से हुई आय से सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान दिया जाएगा। क्या है प्लान  कहा कि श्रम मंत्रालय एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसके तहत जोमैटो, स्विगी के अलावा ओला, उबर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इन श्रमिकों की आय पर हर लेनदेन पर प्रतिशत के रूप में सामाजिक सुरक्षा अंशदान काट लेंगे। सूत्र के मुताबिक इस योजना के तहत श्रमिकों को रिटायरमेंट के समय दो विकल्प दिए जा सकते हैं, जब उनकी पेंशन तय हो जाएगी। वे जमा पर ब्याज को पेंशन के रूप में निकाल सकते हैं या संचित धन को निर्धारित अवधि के लिए बराबर किस्तों में विभाजित कर सकते हैं। हालांकि, सूत्र ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए योगदान की जाने वाली राशि अभी तय नहीं की गई है। गिग श्रमिक एक साथ दो या अधिक प्लेटफॉर्म के लिए काम कर सकते हैं। बजट में हुआ बड़ा ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार ई-श्रम प्लेटफॉर्म पर गिग कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करेगी। साथ ही उन्हें पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी। बता दें कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डिलिवरी सर्विसेज प्रोवाइड करने वाले कर्मचारी आदि ‘गिग’ कर्मियों की श्रेणी में आते हैं। व्यव सचिव ने कही थी ये बात बीते दिनों व्यय सचिव मनोज गोविल ने कहा कि श्रम मंत्रालय और संबंधित अन्य मंत्रालयों के साथ परामर्श कर योजना के मापदंडों तथा विवरणों पर काम किया जा रहा है। गोविल ने कहा कि ‘गिग’ श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना या तो 100 प्रतिशत केंद्रीय क्षेत्र की योजना हो सकती है या केंद्र प्रायोजित योजना हो सकती है, जहां लागत केंद्र व राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाएगी।

उज्जैन सिंहस्थ के दौरान रेलवे के सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे, 75 प्रतिशत भीड़ दूसरे स्टेशनों से आ-जा सकेगी

 भोपाल  प्रयागराज की तरह उज्जैन सिंहस्थ के दौरान भी रेलवे के सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे। तीन से चार स्टेशन बनाने की रूपरेखा बनी है। इससे मुख्य स्टेशन में आने वाली लगभग 75 प्रतिशत भीड़ दूसरे स्टेशनों से आ-जा सकेगी। इसका लाभ यह होगा कि स्टेशन और शहर में एक साथ भीड़ नहीं पहुंचेगी। प्रयागराज कुंभ में यह प्रयोग सफल रहा है। मप्र पुलिस के अधिकारियों की टीम ने कुंभ में जाकर सैटेलाइट स्टेशन सहित अन्य व्यवस्था देखी थी। अब उसी के अनुरूप उज्जैन सिंहस्थ के लिए तैयारी की जा रही है। सैटेलाइट रेलवे स्टेशन के लिए विस्तार से हुई चर्चा पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने भी उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर बैठक ली थी। इसमें सैटेलाइट रेलवे स्टेशन और बस स्टाप कहां-कहां बनाए जा सकते हैं, इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई थी। सिंहस्थ के दौरान लगभग तीन करोड़ लोगों के आने की संभावना है। उज्जैन के आसपास पांच से सात किमी के क्षेत्र में सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विशेष ट्रेन चलाने की भी तैयारी है। सुरक्षा में लगेंगे 42 हजार पुलिसकर्मी सिंहस्थ में सुरक्षा के लिए दो पाली में लगभग 42 हजार पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जिला पुलिस बल के अतिरिक्त होम गार्ड्स के जवान भी लगाए जाएंगे। आवश्यकता होने पर केंद्र से अर्धसैनिक बल की सहायता ली जाएगी। सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर सहित अन्य सामग्री की खरीदी के लिए पुलिस मुख्यालय से प्रस्ताव मांगा गया है। छह माह के भीतर खरीदी की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।

एमपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए पार्टी अपने पुराने और आजमाए हुए फॉर्मूले पर ही भरोसा करेगी

भोपाल मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय होना है. जिसके लिए प्रक्रिया तो जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल लगातार हो रही देरी से उठ रहा है. क्योंकि काफी मशक्कत के बाद बीजेपी ने जिला अध्यक्षों की घोषणा तो कर दी लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में देरी क्यों हो रही है. हालांकि, बीजेपी का कहना है कि फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता दिल्ली विधानसभा चुनाव है, जिसके तुरंत बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चुन लिया जाएगा. अब सवाल यह है कि पार्टी इस बार अध्यक्ष पद के लिए क्या फॉर्मूला तय करती है? बीजेपी से जुड़े सूत्रों की मानें तो एमपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए पार्टी अपने पुराने और आजमाए हुए फॉर्मूले पर ही भरोसा करने वाली है. क्या है पुराना फॉर्मूला? आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में बीजेपी ने साल 2003 के विधानसभा चुनाव में 10 सालों की कांग्रेस सरकार को हटाकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी. तब जिस फॉर्मूले पर भारतीय जनता पार्टी ने काम किया, उसने बीजेपी को मध्यप्रदेश में बेहद मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया. यह फॉर्मूला था ओबीसी मुख्यमंत्री और सवर्ण प्रदेश अध्यक्ष का. 2003 में उमा भारती को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था जो ओबीसी वर्ग से आती हैं. उमा भारती के बाद बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और अब मोहन यादव एमपी के मुख्यमंत्री बने और यह चारों ओबीसी वर्ग से आते हैं. वहीं, इन सभी मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में बीजेपी के संगठन की जिम्मेदारी यानी प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा कैलाश जोशी, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभात झा, नंदकुमार सिंह चौहान, राकेश सिंह और वीडी शर्मा को मिला जो सभी सवर्ण वर्ग से आते हैं.  जातिगत फैक्टर हो सकता है टर्निंग पॉइंट  ओबीसी सीएम वाली सरकार और सामान्य वर्ग वाला प्रदेश अध्यक्ष बनाकर 2003 से बीजेपी ने सत्ता और संगठन में जो संतुलन बनाया, उसने एमपी बीजेपी को देश का सबसे मजबूत संगठन बना दिया और माना जा रहा है कि बीजेपी इसी फॉर्मूले पर इस बार भी भरोसा करने जा रही है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जातिगत समीकरण किस वर्ग के लिए सटीक बैठने की संभावना है.  ब्राह्मण बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा जो ब्राह्मण वर्ग से आते हैं, उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है. सियासी गलियारों की मानें तो वीडी शर्मा को कोई नई जिम्मेदारी देकर एमपी में वीडी शर्मा की जगह नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. ऐसे में ब्राह्मण वर्ग से जो नाम रेस में हैं- उनमें पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और विधायक रामेश्वर शर्मा का नाम सामने आ रहा है. जातिगत समीकरणों की बात करें तो फिलहाल मोहन कैबिनेट में सबसे कम भागीदारी ब्राह्मण वर्ग की है, जिसमें सिर्फ दो मंत्री शामिल हैं. राजेंद्र शुक्ला और राकेश शुक्ला. विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे तो बीजेपी के 27 ब्राह्मण विधायक चुनाव जीते थे लेकिन सरकार में भागीदारी के मामले में यह वर्ग पीछे रह गया. अब जब 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं तो पड़ोसी राज्य में ब्राह्मण को एक बार फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी एमपी और यूपी के सवर्णों को खुश करने की कोशिश कर सकती है. दूसरी तरफ, सरकार में ब्राह्मणों की कम भागीदारी से सवर्णों की नाराजगी का जो डर बीजेपी की सता रहा है, उससे भी उसे छुटकारा मिल सकता है.  क्षत्रिय 2003 के बाद से लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष बनने की जिम्मेदारी एमपी बीजेपी के क्षत्रिय वर्ग से आने वाले नेताओं को ही मिली है. नरेंद्र सिंह तोमर, नंदकुमार सिंह चौहान और राकेश सिंह. वर्तमान में मोहन कैबिनेट की बात करें तो इसमें 4 मंत्री क्षत्रिय वर्ग से आते हैं- जिनमें राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर शामिल हैं. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर हैं जो क्षत्रिय वर्ग से आते हैं. पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने किरण देव सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर एमपी में संदेश लगभग साफ कर दिया है कि यहां इस वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनेगा.  वैश्य बीते कुछ दिनों में जो नाम तेजी से प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी के रूप में उभरा है- उनमें हेमंत खंडेलवाल का नाम है जो वैश्य समाज से आते हैं. मोहन कैबिनेट में फिलहाल 2 वैश्य वर्ग से आने वाले मंत्री हैं- कैलाश विजयवर्गीय और चेतन कश्यप. ऐसे में देखना यह है कि क्या सीएम की पसंद कहे जा रहे हेमंत खंडेलवाल को जिम्मेदारी मिलती है या नहीं? अनुसूचित जाति मोहन कैबिनेट में अनुसूचित जाति के मंत्रियों की संख्या 4 है और एक डिप्टी सीएम हैं- जगदीश देवड़ा. जाहिर है सरकार में इस वर्ग की भागीदारी बेहतर है, इसलिए 2003 फॉर्मूले में यह वर्ग फिट नहीं बैठता. हालांकि, जिस तरह से अंबेडकर के नाम पर इन दिनों सियासी माहौल बना हुआ है, माना जा रहा है कि बीजेपी एससी वर्ग को अपने पाले में करने के लिए किसी एससी वर्ग के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का दांव चल सकती है. अगर ऐसा होता है तो लाल सिंह आर्य का नाम सबसे ऊपर आ जाएगा जो बीजेपी एससी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं.  ओबीसी मध्यप्रदेश में 2003 के बाद से ही बीजेपी ने ओबीसी वर्ग से ही मुख्यमंत्री बनाया है और वर्तमान में ओबीसी वर्ग से आने वाले मोहन यादव सीएम हैं. वहीं, दूसरी तरफ उनकी कैबिनेट में 8 से ज्यादा मंत्री ओबीसी वर्ग से आते हैं. दूसरी तरफ, 2003 के फॉर्मूले को देखें तो ओबीसी सीएम और सामान्य वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाने का नियम रहा है, ऐसे में अगला प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी वर्ग से बनने के आसार न के बराबर हैं.  अनुसूचित जनजाति वर्तमान में मोहन कैबिनेट में अनुसूचित जनजाति वर्ग से 5 मंत्री बने हुए हैं. एमपी में 47 एसटी सीटें हैं, जबकि दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर अनुसूचित जाति ही हार या जीत का फैसला करती है. जाहिर है यह एक बड़ा वोट बैंक है और इसे साधने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए एसटी चेहरे पर भी दांव चल सकती है. अगर ऐसा होता है तो सुमेर सिंह सोलंकी, दुर्गादास उइके (मोदी कैबिनेट में मंत्री)और गजेंद्र पटेल का नाम ऊपर आ सकता है.  जातिगत समीकरण और अनुभव को दी जाएगी तवज्जो मध्यप्रदेश बीजेपी … Read more

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