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ई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले- 2025 में संस्कृति विभाग का संयुक्त स्टॉल तथा पी-06 में मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी का स्टॉल लगाया गया

भोपाल नई दिल्ली के भारत मंडपम में 9 फरवरी तक चल रहे नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले- 2025 में मध्यप्रदेश की पुस्तकें खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मेले में हॉल नंबर 2 के आर-59 में शासन के पर्यटन विभाग और संस्कृति विभाग का संयुक्त स्टॉल तथा पी-06 में मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी का स्टॉल लगाया गया है। पर्यटन और संस्कृति विभाग के स्टाल में भोपाल और उज्जैन के प्रतिष्ठित प्रकाशकों जैसे स्वराज संस्थान, धर्मपाल शोधपीठ, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, वीर भारत न्यास, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास तथा हिन्दी साहित्य अकादमी की पुस्तकें विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से राज्य के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, कला-संस्कृति, पर्यटन, ऐतिहासिक धरोहर और पुरातत्व जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है। राज्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों की रचनाएं भी यहां उपलब्ध हैं। गांधी दर्शन, अद्वैत वेदांत दर्शन, लोकगीत तथा देवी-स्तुति गीत, भित्ति चित्र, लोक तथा जनजातीय कला जैसे विषयों पर आधारित दुर्लभ पुस्तकों को पाठक खूब पसंद कर रहे हैं। पुस्तकालय संचालक, शोधकर्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी बड़ी संख्या में स्टॉल पर पहुंच रहे हैं। पर्यटक और प्रकृति प्रेमी पर्यटन विभाग के प्रकाशन – मध्यप्रदेश गाइड मैप, ‘वाइल्ड एमपी’, ‘उज्जैन: द लिविंग लेजेंड’, ‘बुंदेलखंड: द हार्ट बीट ऑफ एमपी’, ‘सतपुड़ा’ और ‘बर्ड्स ऑफ भोपाल’ किताबों में विशेष रूचि ले रहे हैं। मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के स्टॉल में राज्य के नाट्य संग्रह, काव्य शास्त्र, विज्ञान, समाजशास्त्र, व्याकरण, बुन्देली साहित्य, भारतीय कला और दर्शन, इत्यादि की पुस्तकें उपलब्ध हैं।  

17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया

उज्जैन उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि के अवसर पर पूजन व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। 17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। यह क्रम नौ दिन रहेगा। महाशिवरात्रि पर्व के दिन रात्रि में महानिशा काल में रात्रि पर्यंत विविध प्रकार से भगवान महाकाल की पूजा होगी। 27 फरवरी को तड़के 4 बजे भगवान को सप्तधान मुखारविंद धारण करवाकर उनके शीश पर सवा मन फल व फूलों से बना मुकुट धारण करवाया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से सेहरा उतारने के बाद वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी। वहीं भस्म आरती के बाद दोपहर में ही भगवान को भोग अर्पित कर आरती होगी। इसी दिन मंदिर के पुजारी-पुरोहितों को मंदिर समिति द्वारा पारणा करवाया जाएगा। कोटितीर्थ कुंड व रुद्रयंत्र की सफाई कार्य शुरू होगा महाशिवरात्रि की तैयारियों के तहत कोटितीर्थ कुंड की विशेष सफाई की जाएगी। कुंड से पानी निकालकर काई हटाई जाएगी और नया जल भरा जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में स्थित चांदी के रुद्र यंत्र, जलाधारी और दरवाजों की सफाई व पॉलिश की जाएगी। शिखर की रंगाई-पुताई के साथ स्वर्ण शिखरों को भी चमकाया जाएगा। पर्व से पूर्व संपूर्ण मंदिर परिसर की विशेष सफाई की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की प्रवेश तथा निर्गम व्यवस्था, भस्मार्ती में श्रद्धालुओं के प्रवेश संबंधी व्यवस्था, पुजारी/पुरोहित/साधु-संतों/मीडिया कर्मियों की प्रवेश व्यवस्था, श्री महाकालेश्वर मंदिर में आगंतुक श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उज्जैन शहर में चारो ओर से आने वाले मार्गो के चयनित स्थानों पर अस्थाई रूप से वाहन पार्किंग की व्यवस्था, बसो की व्यवस्था, अस्थाई हाॅस्पिटल, पेयजल, सेंट्रलाईज्ड पी.ए. सिस्टम आदि की व्यवस्था की जाना है। आगंतुक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति द्वारा अस्थाई रूप से मंदिर परिक्षेत्र के चारो ओर चयनित स्थानों पर पूछताछ एवं खोया-पाया केन्द्र स्थापित किए जाऐगें। आगन्तुक श्रद्धालु सरलता से अपने पदवेश व्यवस्थित रूप से रख कर दर्शन उपरांत पुनः सरलता से प्राप्त कर सके, इस हेतु पूर्व वर्षानुसार चिन्हित निर्धारित स्थानों पर अस्थाई जूता स्टेण्ड का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन विकास प्राधिकरण उज्जैन के माध्यम से किया जाना हैं। महाशिवरात्रि पर्व 2025 के उपलक्ष्य पर सम्पूर्ण मंदिर आंतरिक एवं एवं बाह्य परिक्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में फ्लेक्स एवं दिशा सूचक बोर्ड की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की जावेगी। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए चयनित स्थानों पर नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित किए जाना है।आगन्तुक दर्शनार्थियों को लड्डू प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा विभिन्न स्थानों पर लड्डू प्रसाद काउण्टर पहले से अधिक संख्या में स्थापित किये जायेगे। बैठक में दीनदयाल रसोई योजना के संचालन के अंतर्गत उज्जैन शहर में निवासरत गरीब, भिक्षुक, असहाय, निःशक्तजन एवं ऐसे व्यक्ति जो स्वयं भोजन का प्रबंध करने में असमर्थ है, को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर जी का निःशुल्क भोग/भोजन प्रसाद उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा शहर के 06 स्थानों पर स्थापित भोजन केन्द्र में 500 व्यक्ति प्रति भोजन केन्द्र पर कुल 3000 व्यक्तियों के लिए भोजन पहुंचाया जाएगा। पूर्व में भी श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दीन दयाल रसोई योजना के अंतर्गत सेवाएं दी जाती रही है, जिन्हे पुनः प्रारंभ किया गया।  श्री महाकालेश्वर मंदिर में दान एवं भेंट के माध्यम से प्राप्त स्वर्ण एवं रजत सामग्री का त्वरीत मूल्यांकन कर सामग्री पर क्यू.आर. कोडिंग की जावेगी।पं. श्री सूर्यनारायण व्यास अतिथि निवास एवं जे.के. सीमेंट द्वारा नवनिर्मित अतिथि निवास में लाईट चली जाने पर आरक्षित कक्षो में 01 पंखा एवं 01 टयूब लाईट चालु रहे इस हेतु प्रचलित निर्माण कार्यो के अंतर्गत ही डी.जी. सेट (जनरेटर) स्थापित करवाए जाएंगे, साथ ही दोनो अतिथि निवास में 01 पेन्ट्री संचालित करने का निर्णय लिया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा त्रिवेणी संग्रहालय के सम्मुख श्री महाकाल अतिथि निवास का निर्माण कराया गया है, जिसमें वर्तमान में बेसमेंट में पार्किंग एवं ग्राउण्ड फ्लोर पर 09 कक्ष निर्मित है, जो कि वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त नहीं है। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए श्री महाकाल अतिथि निवास के ऊपर 04 फ्लोर (जी+04) का निर्माण कराए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह निर्माण दानदाता के माध्यम से या मंदिर प्रबंध समिति स्वयं करेगी।  मंदिर समिति के वाहन बोलेरो, टाटा मेजिक लोडिंग वाहन एवं मारूति वेन लगभग 15 से 20 वर्ष पुराने होने के कारण वर्तमान में उपयोग में नहीं लिए जा सकते है, जिन्हे आर.टी.ओ. के माध्यम समिति बनाकर अपलेखित (हटाने) किए जाने का निर्णय लिया गया।

आज तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा भारत

कटक श्रृंखला के शुरूआती मैच में शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारत रविवार को बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच में रविवार को तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा वहीं मेहमान इंग्लैंड सीरीज को जीवित रखने के लिए पुरजोर कोशिश करेगा। नागपुर में पहले वनडे में आसान जीत हासिल करने के बाद, भारतीय टीम मुकाबले में लय के साथ उतरेगी। हालाँकि, कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर चिंता बनी हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले केवल दो मैच बचे हैं और सलामी बल्लेबाज अपनी फार्म को वापस पाने के लिये बेकरार होगा। रोहित ने मैच से पहले कहा, “मैं बस यही चाहता हूं कि हम यह सुनिश्चित करते रहें कि हम जितनी बार संभव हो सही चीजें करें। ऐसा कुछ भी खास नहीं है जिसे हम हासिल करना चाहते हैं। हम सिर्फ गेंदबाजी, बल्लेबाजी और अन्य पहलुओं को चुस्त दुरुस्त और अधिक बेहतर रखना पसंद करेंगे।” नागपुर में पदार्पण मैच पर प्रभावित करने वाले युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेंगे। हालाँकि इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने उन्हें शुरू में ही दबाव में डाल दिया था, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मेहमान टीम को 248 रन पर रोक दिया। दूसरे वनडे में इंग्लैंड के शीर्ष क्रम के खिलाफ उनकी भूमिका अहम साबित हो सकती है। रन मशीन विराट कोहली की वापसी से भारत के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुभवी बल्लेबाज घुटने में दर्द के कारण पहला वनडे नहीं खेल सके और इस मैच में उनकी भागीदारी की अभी भी साफ नहीं हुई है। यदि वह लौटते हैं, तो टीम प्रबंधन को कठिन निर्णय का सामना करना पड़ेगा कि किसे बाहर रखा जाए, क्योंकि उनकी जगह लेने वाले श्रेयस अय्यर ने सफल रन चेज़ में शानदार अर्धशतक बनाया है। अय्यर ने मैच के बाद कहा था, “हम सभी जानते हैं, दुर्भाग्य से, एक खिलाड़ी चोटिल हो गये और फिर मुझे मौका मिला। लेकिन मैंने खुद को तैयार रखा। मुझे पता था कि किसी भी समय, मुझे मौका मिल सकता है।” दूसरी ओर, इंग्लैंड वापसी के लिए बेताब होगा। श्रृंखला के शुरुआती मैच में उनकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और उन्हें अपने मध्यक्रम से मजबूत प्रयास की जरूरत होगी। मेहमान भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अपने गेंदबाजों पर भी भरोसा करेंगे, जिन्होंने नागपुर में आसानी से लक्ष्य का पीछा किया था। दोनों टीमों के बीच बहुत कुछ दांव पर होने के कारण, बाराबती स्टेडियम में क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक मुकाबला इंतजार कर रहा है। भारत की जीत सीरीज पर कब्जा कर लेगी, जबकि इंग्लैंड सीरीज को निर्णायक मुकाबले में धकेलने के लिए बेताब होगा। टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती। टीम इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), हैरी ब्रूक, बेन डकेट, जो रूट, फिलिप साल्ट, जेमी स्मिथ, जैकब बेथेल, ब्रायडन कार्स, लियाम लिविंगस्टोन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, मार्क वुड।  

भोपाल में जीआईएस आगंतुकों के लिए 1500 कमरे तैयार, 50 देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट समिट के लिए तैयार है। कई देशों से आने वाले मेहमानों के लिए 50 होटलों में 1500 कमरे बुक किए गए हैं। साथ ही 100 टेंट वाली एक खास टेंट सिटी भी बनाई गई है। एमपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मेहमानों की ठहरने की व्यवस्था देख रहा है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में दुनिया भर के 50 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन मेहमानों के स्वागत के लिए भोपाल पूरी तरह से तैयार है। ठहरने के लिए वीआईवी और वीवीआईपी कमरे बुक किए गए हैं। इसके अलावा टेंट सिटी भी मेहमानों को एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगी। एमपी टूरिज्म देख रहा रहने की व्यवस्था मेहमानों के ठहरने की पूरी जिम्मेदारी एमपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास है। कॉर्पोरेशन के एमडी इलया राजा ने कहा कि किसी भी तरह की कमी नहीं होने देंगे। मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी पूरी तरह तैयार है। यह कथन दर्शाता है कि प्रशासन मेहमान नवाजी के लिए कितना तत्पर है। होटलों की किया जा रहा अपग्रेड चुने गए होटलों को सभी मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है। सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक अनुभवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान बुकिंग और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ स्थापित किया है। मेहमानों के लिए जगह जगह हेल्प डेस्क होटल, टेंट सिटी और समिट स्थल के बीच परिवहन की व्यवस्था अंतिम रूप दे दी गई है। सभी जगहों पर पर्यावरण के अनुकूल उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिनिधियों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर सूचना कियोस्क और हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यादगार समिट बनाने की तैयारी कॉर्पोरेशन सेवाओं के सुचारू समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके अलावा, अंतिम समय की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त आवास विकल्पों की भी पहचान की गई है। पर्यटन विभाग ने मेहमानों के लिए शहर के विस्तृत गाइड भी तैयार किए हैं। इससे मेहमान शहर की खूबसूरती का आनंद ले पाएंगे। सब मिलकर इस सम्मेलन को यादगार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। भोपाल में 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) होगी। इसमें देश-विदेश से करीब 20 हजार मेहमान आएंगे। अंबानी, अडाणी, महिंद्रा, टाटा समेत देश के 50 बड़े उद्योगपति भी आएंगे। VVIP के लिए फाइव स्टार होटल्स में 1 लाख रुपए के रूम भी बुक हो रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजभवन में रुक सकते हैं। जीआईएस में आ रहे मेहमानों के रुकने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी मप्र राज्य पर्यटन विकास को सौंपी गई है। एमपी टूरिज्म और प्राइवेट समेत कुल 48 होटल्स में प्रीमियम, सुइट और डीलक्स स्तर के 1397 कमरे 23, 24 और 25 फरवरी के लिए ब्लॉक किए गए हैं। इन रूम्स का रोज का किराया ही एक लाख रुपए है। इनमें अंबानी-अडाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों को रुकवाया जा सकता है। हालांकि, अभी कौन किस होटल में रुकेगा, यह तय नहीं हुआ है। उद्योगपतियों के आने का ‘ओके’ होते ही यह तय हो जाएगा। मेहमानों के लिए इन होटल्स में बुकिंग 5 स्टार होटल ताज लेक फ्रंट, कोटयार्ड बाय मेरियट और होटल रेडिशन में प्रेसिडेटिंयल सुइट, लग्जरी सुइट, एक्जीक्यूटिव सुइट, डीलक्स लेक व्यू, लग्जरी, डीलक्स रूम, कोटयार्ड सुइट, क्लब रूम, जूनियर सुइट, विंटरग्रीन जैसे रूम हैं। जिनका एक दिन का किराया 12 हजार से 1 लाख रुपए तक है। 2, 3 और 4 स्टार होटल्स में भी 1600 से 4 हजार रुपए प्रतिदिन तक के कमरे हैं। सांची, उदयगिरी में भी ठहरेंगे मेहमान भोपाल की 5 सितारा होटलों में बड़े उद्योगपति, केंद्रीय मंत्रियों को रुकवाने का प्लान है। इसलिए यहां सुरक्षा का कड़ा घेरा रहेगा। विदेशी मेहमानों के लिए भी यहां रुकने की व्यवस्था हो सकती है। हालांकि, बड़े होटल्स में करीब 2 हजार कमरे ही हैं। ऐसे में सांची, उदयगिरी और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद बड़े होटल या रिसोर्ट में भी मेहमानों का इंतजाम किया जा रहा है। कुछ होटलों में शादियों की बुकिंग दरअसल, 24 फरवरी को कई शादियां भी होंगी। इसके लिए प्राइवेट होटलों में पहले से बुकिंग हो चुकी है। इस कारण भी शहर से बाहर बड़े होटलों की लिस्ट बनवाई गई है। इन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रण जीआईएस में जिन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जा रहा है, उनमें मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, एन. चंद्रशेखरन, नोएल एन. टाटा, आनंद महिंद्रा, जमशेद एन. गोदरेज, संजीव पुरी, संजीव बजाज, सतीश रेड्‌डी, नादिर गोदरेज, पवन मुंजाल, एसएन सुब्रह्मण्यम, रिशद प्रेमजी, अजीज प्रेमजी, सलिल एस. पारेख, दिलीप संघवी, वेणु श्रीनिवासन, सुनील भारत मित्तल, बाबा एन. कल्याणी, उदय कोटक शामिल हैं। कुछ की सहमति मिल गई है, जबकि बाकी की आ रही है। इसके अलावा, कई विदेशी मेहमान भी भोपाल पहुंचेंगे। इनमें से कई 23 फरवरी को ही आ जाएंगे, जिनके स्वागत के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। प्लान के अनुसार, 23 फरवरी की रात में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भोपाल में आ सकते हैं। वे और सीएम डॉ. मोहन यादव रात में इन मेहमानों के साथ डिनर करेंगे, जबकि 24 और 25 फरवरी को लंच और डिनर का आयोजन होगा। मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिसमें भारतीय, इंटरनेशनल और मध्यप्रदेश की पारंपरिक डिशेज़ को शामिल किया गया है। खास मेहमानों को परोसेंगे 50 स्पेशल डिश अब तक यह समिट इंदौर में होती आई थी, लेकिन इस बार भोपाल को इसकी मेजबानी का मौका मिला है। इसे लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं, और खासतौर पर मेहमानों के खानपान को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल 50 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। खास मेन्यू को लेकर अधिकारियों-शेफ्स में चर्चा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भारत के प्रमुख उद्योगपतियों समेत जापान, स्पेन और अन्य देशों से विदेशी निवेशक भी आएंगे। उनके स्वागत के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड एक अनोखा और बहुआयामी मेन्यू तैयार कर रहा है, ताकि विदेशी और भारतीय मेहमानों को मध्य प्रदेश के स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन परोसे जा सकें। खास मेन्यू को लेकर संबंधित अधिकारियों और शेफ्स के बीच चर्चा … Read more

अगले महीने लगने वाला है सूर्य ग्रहण, पहला सूर्यग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21-22 सितंबर को होगा

इंदौर साल 2025 में चार बड़ी खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं- दो सूर्य ग्रहण (सूर्य ग्रहण) और दो चंद्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण)। साल का पहला सूर्य ग्रहण, एक गहरा आंशिक ग्रहण, 29 मार्च, 2025 को होगा। हालांकि, यह घटना भारत में दिखाई नहीं देगी। 29 मार्च को होने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा, जिसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य की सतह के केवल एक हिस्से को ही ढकेगा। खगोलविदों के अनुसार, चंद्रमा की केंद्रीय छाया पृथ्वी को नहीं छुएगी, जिसका मतलब है कि कोई पूर्ण ग्रहण नहीं होगा। जबकि यूरोप के अधिकांश हिस्से आंशिक सूर्य ग्रहण देखेंगे, भारत इस खगोलीय घटना को नहीं देख पाएगा। यह घटना यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के कुछ हिस्सों में दिखाई देगी।   इस साल होंगे दो सूर्यग्रहण वर्ष 2025 में दो सूर्यग्रहण होंगे, लेकिन जनवरी में कोई भी नहीं होगा। पहला सूर्यग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21-22 सितंबर को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यग्रहण को अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज़ किया जाता है।   ग्रहण कब शुरू होगा? नासा के अनुसार, 29 मार्च को आंशिक सूर्य ग्रहण इस समय शुरू होगा: 4:50 AM EDT (पूर्वी डेलाइट टाइम) 8:43 AM GMT (ग्रीनविच मीन टाइम) सूर्य ग्रहण क्या है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, जिससे हमारे ग्रह पर छाया पड़ती है। यह संरेखण केवल अमावस्या के चरण के दौरान होता है, जो इसे एक आकर्षक घटना बनाता है। 2025 में, पृथ्वी दो सूर्य ग्रहण देखेगी, जिनमें से दोनों आंशिक ग्रहण होंगे। वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण सितंबर 2025 में बाद में होने की उम्मीद है। खुली आंखों से देखना आंखों के लिए घातक विशेषज्ञ सूर्य ग्रहण देखते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ग्रहण के दौरान नंगी आँखों से सूर्य को देखना आपकी आँखों को नुकसान पहुँचा सकता है। इस खगोलीय घटना का सुरक्षित रूप से आनंद लेने के लिए धूप का चश्मा, दूरबीन या सोलर व्यूअर जैसे सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करना आवश्यक है।

प्रदेश में अब किसान, किसान समूह या निजी व्यक्ति लैंड पुलिंग करके टाउनशिप बना सकेंगे

 भोपाल मध्य प्रदेश में शहरों के आसपास किसान, किसानों के समूह या निजी व्यक्ति लैंड पुलिंग करके टाउनशिप बना सकेंगे यानी यदि उनके पास एकीकृत टाउनशिप बनाने के लिए आवश्यक भूमि नहीं है तो वे आसपास के किसान या निजी भूमि को मिलाकर परियोजना बनाएंगे। इसके लिए भूमि दिलाने के लिए डेवलपर या विकासकर्ता विकास प्राधिकरण या अन्य एजेंसियों से अनुरोध कर सकेंगे। वह आपसी सहमति के आधार पर भूमि दिलाने में भूमिका निभाएगी। यदि परियोजना क्षेत्र में सरकारी भूमि आती है तो अधिकतम आठ हेक्टेयर सीमा की छूट दी जा सकेगी। टाउनशिप नीति तैयार की इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की है। इसमें लैंड पुलिंग का प्रावधान रखा गया है। नियम सरल बनाए गए हैं। यह प्रावधान विकास प्राधिकरण सहित अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट करने वाली एजेंसियों के लिए भी लागू होंगे। प्रस्तावित नीति पर अंतिम निर्णय 11 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में होगा। सुविधाओं का विकास नहीं हो पाता अभी कॉलोनाइजर नियम में कॉलोनी बनाने के लिए न्यूनतम क्षेत्र की कोई आवश्यकता नहीं है इसलिए शहरों में छोटे-छोटे समूहों में कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है, लेकिन इसमें सुविधाओं का विकास नहीं हो पाता है। इसके लिए एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की गई है। एक निश्चित स्थान पर कॉलोनी बनेगी इसमें नगर निगम सीमा या योजना क्षेत्र के भीतर पांच लाख से कम जनसंख्या वाले शहर में न्यूनतम दस हेक्टेयर में कॉलोनी का विकास किया जाएगा। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर में भूमि की यह सीमा दस हेक्टेयर और नगर निकाय सीमा या उसके बाहर न्यूनतम 40 हेक्टेयर रहेगी। इसका मतलब यह हुआ कि अब छोटे-छोटे समूह के स्थान पर एक निश्चित क्षेत्र में कॉलोनी बनेगी। परियोजना क्षेत्र निर्धारित होगा इसके लिए किसान या निजी व्यक्ति के पास आवश्यकता के अनुरूप भूमि नहीं है तो वह समूह बनाकर काम करेगा। लैंड पुलिंग करके परियोजना क्षेत्र निर्धारित होगा। डेवलपर प्रस्तावित टाउनशिप की सीमा के अंदर 80 प्रतिशत भूमि प्राप्त कर चुका है और शेष भूमि प्राप्त करने में विफल रहता है तो वो संबंधित प्राधिकरण से भूमि अधिग्रहित करने का अनुरोध करेगा। सीमा में छूट दी जाएगी आपसी सहमति के आधार पर भूमि की व्यवस्था कराई जाएगी। सरकारी भूमि के परियोजना क्षेत्र में आने पर अधिकतम आठ हेक्टेयर तक छूट दी जा सकती है। कृषि भूमि खरीदने पर उच्चतम जोत सीमा में छूट दी जाएगी क्योंकि भूमि उद्देश्य विशेष के लिए ली जा रही है। 50 प्रतिशत का उपयोग जनसुविधा के लिए स्टांप ड्यूटी और अतिरिक्त फ्लोर रेशियो एरिया में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही विकास प्राधिकरण या अन्य निर्माण एजेंसी अधिग्रहित की गई जमीन में से 50 प्रतिशत का उपयोग जनसुविधा के लिए कर सकेंगी।

इस बार उज्जैन सिंहस्थ 2028 कुछ हटकर होगा, सिंहस्थ की जमीन पर हाईटेक और स्थायी कुंभ नगरी बसाने की योजना

उज्जैन  सिंहस्थ क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप देने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है. सिंहस्थ की भूमि पर स्थायी कुंभ नगरी बसाने की तैयारी है. इसमें हाईटेक अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी. इस प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) लैंड पूलिंग स्कीम के तहत लगभग 2378 हेक्टेयर क्षेत्र में कुंभ नगरी विकसित करेगी. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है. स्थायी संरचनाओं के साथ आधुनिक सुविधाएं अब तक सिंहस्थ मेले के दौरान अस्थायी निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते थे, जो सिंहस्थ के पूरा होते ही हटा दिए जाते थे. लेकिन इस बार स्थायी सड़कें, बिजली, सीवरेज सिस्टम, जल आपूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. इस हाईटेक धार्मिक नगरी की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं. देश में पहली बार स्थायी कुंभ नगरी उज्जैन में     इंटरकनेक्टेड सड़कों का नेटवर्क : 60 से 200 फीट चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी, जो मेला क्षेत्र को सुव्यवस्थित तरीके से जोड़ेंगी.     स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट : भीड़ नियंत्रण के लिए सड़कों को इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को सुगमता से डायवर्ट किया जा सके.     अत्याधुनिक सीवरेज और जल निकासी प्रणाली : अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम और वॉटर मैनेजमेंट से सफाई बनी रहेगी.     भव्य प्रवेश द्वार : धार्मिक महत्व को दर्शाने वाले शानदार प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे.     हरे-भरे सार्वजनिक स्थल : पार्क, वॉकिंग पाथवे, ओपन जिम, और प्लांटेशन का विशेष ध्यान रखा जाएगा. उज्जैन के लोगो के साथ ही किसानों को लाभ मिलने का दावा सरकार का दावा है कि यह योजना सिर्फ सिंहस्थ के लिए नहीं, बल्कि उज्जैन के किसानों और स्थानीय लोगों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है.     लैंड पूलिंग स्कीम के तहत 50% भूमि किसानों के पास ही रहेगी, जिससे उन्हें अपनी जमीन पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.     25% भूमि सड़क निर्माण में जाएगी, जिसमें बिजली, पानी, और सीवरेज जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी.     5% भूमि हरित क्षेत्र, उद्यान, और सार्वजनिक पार्कों के लिए आरक्षित होगी.     5% भूमि पर अस्पताल, स्कूल, पुलिस स्टेशन, और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. स्थायी कुंभ नगरी पर खर्च होंगे 2 हजार करोड़ रुपए इस परियोजना पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य है. पहली बार सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी विकास होगा, जिससे हर 12 साल में बार-बार अस्थायी निर्माण की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे भविष्य में खर्च भी कम होगा और उज्जैन को एक सुनियोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में पहचान मिलेगी. उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी का कहना है “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदृष्टि यह है कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. इसके तहत सिंहस्थ 2028 के लिए तैयार होने वाली यह कुम्भ नगरी न केवल श्रद्धालुओं के लिए सहूलियत लाएगी, बल्कि स्थानीय किसानों, व्यापारियों और निवासियों के लिए भी वरदान साबित होगी.” 1806 किसानों की जमीन होगी लैंड पूलिंग स्थायी कुंभ सिटी तैयार करने उज्जैन विकास प्राधिकरण 1806 किसानों की करीब 5000 सर्वे वाली जमीन की लैंड पूलिंग करेगा। ऐसा पहली बार होगा जब सिंहस्थ भूमि पर स्थायी सड़कें, बिजली के पोल और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। यहां 60 से 200 फीट तक की सड़कें बनेगी। ये सभी इंटर कनेक्ट रहेंगी। इसका फायदा यह होगा कि श्रद्धालु सुगमता से कुंभ में आ-जा सकेंगे। प्रशासन भी भीड़ बढ़ने पर क्राउड को समय रहते शिफ्ट कर सकेगा। दरअसल, अब तक सिंहस्थ भूमि पर स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं थी। जिससे मंगलनाथ क्षेत्र और शिप्रा नदी से मुरलीपुरा तक के आसपास की सिंहस्थ भूमि पर विकास नहीं हो पाया था। लेकिन, उज्जैन विकास प्राधिकरण की इस योजना से यह पूरा क्षेत्र स्थायी तौर पर विकसित हो सकेगा।

दुष्यंत गौतम भी सीएम पद की रेस में साथ ही मनजिंदर सिंह सिरसा, विजेंद्र गुप्ता के नाम पर भी चर्चा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे जारी हो रहे हैं। अब तक के नतीजों और रुझानों से ये साफ हो गया है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए हैं। इसी के साथ दिल्ली के नए मुख्यमंत्री की कवायद शुरू हो गई है। सीएम पद की रेस में बीजेपी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। लेकिन बीजेपी नेतृत्व किस पर भरोसा जताएगी, ये देखना दिलचस्प होगा। प्रवेश वर्मा का नाम चल रहा आगे नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा का नाम रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। प्रवेश वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। वे नई दिल्ली सीट से सांसद भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें लोकसभा में टिकट नहीं दिया। विधानसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को हराकर पार्टी का भरोसा फिर से जीत लिया है। दुष्यंत गौतम के नाम की भी चर्चा दिल्ली के करोल बाग विधानसभा चुनाव से बीजेपी उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सीएम रेस में चल रहा है। इस सीट पर उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के विशेष रवि और कांग्रेस के राहुल धानक से था। चुनावों के नतीजों के बीच गौतम ने कहा, ‘हम एक विधायक के तौर पर हम शपथ लेगें। मुख्यमंत्री या मंत्री बनने का फैसला पार्टी लेगी। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसको निभायेगें।” मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम की चर्चा इसके अलावा बीजेपी के सीनियर नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम की भी चर्चा सीएम पद की रेस में है। उन्हें पार्टी ने राजौरी गार्डन से उम्मीदवार बनाया था। जहां उन्होंने 1800 वोटों से आम आदमी पार्टी की धनवती चन्दीला को हराया। राजौरी गार्डन पंजाबी बहुल सीट है। विजेंद्र गुप्ता भी हो सकते हैं दावेदार बीजेपी के विधायक विजेंद्र गुप्ता भी दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। गुप्ता दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में भी जीत हासिल की थी। विजेंद्र गुप्ता विधानसभा में मुखर होकर पार्टी की बात रखते हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर सफाया, 67 उमीदवार नहीं बचपाये अपनी जमानत

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 70 में से 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. वह 70 सदस्यीय विधानसभा में लगातार तीसरी बार अपना खाता खोलने में नाकाम रही है. हालांकि, कांग्रेस के वोट शेयर में 2.1% का मामूली सुधार हुआ है. जबकि उनके कई प्रमुख नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा. वहीं. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि वो लोगों का विश्वास फिर से जीतेंगे और 2030 में अपनी सरकार बनाएंगे. दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर सफाया गया. पार्टी के अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. कांग्रेस के सिर्फ तीन उम्मीदवार अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे. जिनमें कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त जो दूसरे स्थान पर रहने वाले एकमात्र कांग्रेसी नेता हैं. इस लिस्ट में नांगलोई जाट से रोहित चौधरी और बादली से देवेंद्र यादव शामिल हैं. ज्यादातर कांग्रेस उम्मीदवार बीजेपी या आप के बाद तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन कुछ सीटों में कांग्रेस के उम्मीदवार एआईएमआईएम के उम्मीदवारों से भी पीछे रहे. जिसमें मुस्लिम बहुल क्षेत्र शामिल हैं. ये उम्मीदवार रहे तीसरे नंबर पर दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव खुद बादली सीट पर तीसरे स्थान पर रहे, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी में तीसरे स्थान पर रहीं और पूर्व मंत्री हारून यूसुफ बल्लीमारान में तीसरे स्थान पर थे, जिसका उन्होंने 1993 से 2013 के बीच पांच बार प्रतिनिधित्व किया था. कांग्रेस ने बिगाड़ा आप का खेल कांग्रेस के वोट शेयर में मामूली सुधार ने आप आदमी पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस आप के लिए खेल बिगाड़ने में कामयाब रही, जिसे अनुसूचित जाति और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जहां कांग्रेस ने आप की कीमत पर मामूली बढ़त हासिल की और भाजपा को फायदा हुआ. चुनाव में आप के वोट शेयर में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. आम आदमी पार्टी को 43.19 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि 2020 के चुनाव में 53.6 प्रतिशत वोट शेयर मिला था. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट शेयर में 2.1 प्रतिशत का सुधार हुआ है, लेकिन ये वोट शेयर सीट में तब्दील नहीं हो पाया. पार्टी को 2020 के विधानसभा चुनावों में 4.3 प्रतिशत के मुकाबले 2025 के चुनाव में 6.39 प्रतिशत वैध वोट मिले हैं. साल 2008 में कांग्रेस का वोट शेयर 40.31 प्रतिशत (पिछली बार जब कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई थी) था. कांग्रेस का ये प्रतिशत साल 2013 में गिरकर 24.55 प्रतिशत पहुंच गया, 2015 में 9.7 प्रतिशत और 2020 में 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था.वहीं, AAP ने कांग्रेस के वोट शेयर में सेंध लगाकर 2013 में 29.6 प्रतिशत, 2015 में 54.6 प्रतिशत और 2020 में 53.6 प्रतिशत वोट हासिल किया था.   पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘हमने जो खोया था, उसका कुछ हिस्सा वापस पा लिया है. ये लड़ाई जारी रहेगी.’ कांग्रेस नेताओं को लगता है कि अब ये एक लंबी और कठिन लड़ाई है, क्योंकि पार्टी लगभग 5.8 लाख वोट हासिल करने में सफल हो सकती है, जो 2020 में 3.95 वोट से थोड़ा अधिक है. लेकिन 2015 में 8.67 लाख वोट और 2013 में 1.93 करोड़ वोट से बहुत दूर है जब उसने 8 सीटें जीती थीं. 2008 में कांग्रेस को 2.49 करोड़ वोट मिले थे, जब उसने 43 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. इसके इतर कांग्रेस का पतन और उसकी बिगड़ती स्थिति का असर इंडिया ब्लॉक की एकता जुटता पर पड़ेगा, क्योंकि इंडिया ब्लॉक में पहले ही कांग्रेस बैकफुट पर है. कांग्रेस के साझेदार वैचारिक मुद्दों और चुनावी तालमेल को लेकर अलग-अलग राय रखते रहे हैं. बिहार में विधानसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक के साझेदारों के बीच तनातनी दिख सकती है. हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद दिल्ली में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन से विपक्षी गुट में उसकी प्रमुख स्थिति और भी कम हो जाएगी. इसलिए जबकि कांग्रेस और AAP ने दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन किया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली में अकेले लड़ने का फैसला किया.

मोदी ने ‘यमुना मैया की जय’ का नारा लगाया, कहा- 21वीं सदी के युवा दिल्ली में पहली बार भाजपा का सुशासन देखेगी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आना शुरू हो गया है। केजरीवाल-मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े चेहरे हार गए हैं। हालांकि, आतिशी ने कालकाजी सीट पर जीत दर्ज की है। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर पांच फरवरी को मतदान हुआ था और इस बार 60.54 फीसदी मतदान हुआ है, जबकि दिल्ली में पिछली बार 62.60 प्रतिशत मतदान हुआ था।   पीएम मोदी ने कहा, “जहां एनडीए है, वहां सुशासन और विश्वास है। देश में एनडीए को जहां भी जनादेश मिला, उस राज्य को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाया है, इसलिए भाजपा को लगातार जीत मिल रही है। लोग दूसरी बार, तीसरी बार चुन रहे हैं। हरियाणा, यूपी, एमपी, गुजरात, उत्तराखंड, गोवा, सब जगह दोबारा मौका दिया। यूपी में कानून व्यवस्था की चुनौती, दिमागी बुखार पर संकल्पबद्ध होकर काम किया। महाराष्ट्र में सूखे का संकट होता था। हरियाणा में बिना पर्ची-खर्ची नौकरी नहीं मिलती थी। गुजरात कृषि पावर हाउस बनकर उभरा है। बिहार में भी बदलाव तब आई, जब एनडीए की सरकार आई।” पूर्वांचल से अपनेपन का है रिश्ता: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के कार्यकर्ताओं के मन में टीस और कसक दिल्ली की पूरी तरह सेवा न कर पाने की थी। दिल्ली ने वह भी आग्रह मान लिया। 21वीं सदी के युवा दिल्ली में पहली बार भाजपा का सुशासन देखेगी। हरियाणा में फिर महाराष्ट्र में नया रिकॉर्ड बनाया, दिल्ली में नया इतिहास रच गया है। यह हमारा दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं, दिल्ली मिनी हिंदुस्तान है। दिल्ली में दक्षिण, पूर्वी, उत्तर भारत के लोग रहते हैं। इसी विविधता वाली दिल्ली ने प्रचंड जनादेश का आशीर्वाद दिया। इस चुनाव में मैं जहां भी गया, मैं गर्व से कहता था कि मैं पूर्वांचल से सांसद हूं। पूर्वांचल से अपनेपन का रिश्ता है। पूर्वांचल के लोगों ने उस विश्वास को नई ताकत दे दी। पूर्वांचल के सांसद के नाते पूर्वांचल के लोगों का विशेष आभार। दिल्ली की असली मालिक सिर्फ जनता: PM मोदी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “दिल्ली की असली मालिक सिर्फ और सिर्फ जनता है। जिनको मालिक होने का घमंड था, उनका सच से सामना हो गया है। दिल्ली के जनादेश से यह भी स्पष्ट हो गया कि राजनीति में शॉर्टकट और झूठ फरेब की कोई जगह नहीं है। जनता ने शॉर्टकट का शॉर्ट-सर्किट कर दिया है। दिल्ली की जनता ने मुझे कभी निराश नहीं किया। 2014, 2019 और 2024 में भव्य विजय दिया।” दिल्ली आप-दा मुक्त हुई है: PM मोदी पीएम मोदी ने कहा कि मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए सिर झुकाकर नमन करता हूं। दिल्ली ने हमें दिल्ली खोलकर प्यार किया है। आपके प्यार को सवा गुना कर विकास के रूप में लौटाएंगे। दिल्ली के लोगों का यह प्यार, विश्वास, हम सभी पर एक कर्ज है। दिल्ली की डबल इंजन सरकार तेजी से विकास कर अपना कर्ज चुकाएगी। आज की यह ऐतिहासिक विजय है। यह सामान्य विजय नहीं, दिल्ली के लोगों ने आप-दा को बाहर कर दिया है। एक दशक की आपदा से दिल्ली मुक्त हुई है। दिल्ली के दिल में बसता है मोदी: जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “यह चुनाव और इसके पहले के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया। लोकसभा में सातों सीटों और आज 48 सीटों पर विजय, यह स्पष्ट संदेश है कि दिल्ली के दिल में मोदी बसता है। पीएम ने 10 सालों में भारत की राजनीति में जो परिवर्तन लाया। इस बात के लिए , देश में जो काम हुआ, उसपर यह चुनाव मोहर लगाता है। पहले की राजनीति लोकलुभावन वादे करो फिर भूल जाओ। मोदी जी ने जो कहा वह किया, जो नहीं किया वह भी किया।” मोदी जी की ओर से अभिनंदन: जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “आज के इस विशाल सभा में मंच पर उपस्थित हम सबके प्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री, भारत के गृह मंत्री अमित शाह का हम स्वागत करते हैं। कार्यकर्ता आज इस ऐतिहासिक घड़ी में भाजपा मुख्यालय में हर्ष और उल्लास के साथ एकत्रित हुए हैं। करोड़ों कार्यकर्ता जो टीवी पर देख रहे हैं। उनकी ओर से मोदी जी की ओर से अभिनन्दन। आपके नेतृत्व में एक के बाद एक जीत, जनता ने बारंबार मोहर लगाया। आप ने भी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली के जनता जनार्दन ने मोदी के नेतृत्व में आशीर्वाद दिया। तमाम कार्यकर्ताओं दिन रात मेहनत की। उन सबका धन्यवाद।”  

मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों को सरकार उनकी पसंद का पेट्रोल या ई-स्कूटी देगी, CM मोहन यादव का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मेधावी विद्यार्थियों के लिए सरकार की तरफ से जो स्कूटी दी जा रही है, उसके लिए कोई टेंडर (ठेका) नहीं निकलेगा। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मेधावी छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की स्कूटी सीधे ले सकेंगे चाहे वो पेट्रोल या इलेक्ट्रिक हो। यह बयान कांग्रेस के उस आरोप के बाद आया है कि जिसमें विपक्षी दल ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने अब तक स्कूटी बांटने के लिए टेंडर नहीं किया है। मोहन यादव ने बुधवार को 10 छात्र-छात्राओं को स्कूटी देकर इस योजना की औपचारिक शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था कि राज्य बोर्ड की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वालों को राज्य सरकार तोहफे में स्कूटी देगी। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 2023-24 की 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कुल 7900 छात्र-छात्राओं को इस योजना के लिए चुना गया है। कांग्रेस ने एक्स पर एक ट्वीट में आरोप लगाया था कि अब तक मात्र 50 विद्यार्थियों को स्कूटी मिली है जबकि बाकी को सिर्फ मंजूरी का पत्र मिला है क्योंकि स्कूटी बांटने के लिए टेंडर ही नहीं हुआ है। सीएम मोहन यादव ने कहा- “मुझे खुशी है कि राज्य भर में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मुहैया कराने से बढ़िया माहौल है। कुछ लोगों ने भ्रम फैलाया है कि टेंडर के बाद स्कूटी दी जाएगी। कोई टेंडर नहीं होगा। विद्यार्थियों को सीधे उनकी पसंद की पेट्रोल या ई स्कूटी दी जाएगी। मुझे उम्मीद है कि विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाएंगे और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देंगे। इसके अलावा हम व्यवस्था कर रहे हैं कि इसी तरह विद्यार्थियों को लैपटॉप भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाए।”

जगदलपुर में भाजपा का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व रोड शो, मुख्यमंत्री साय बोले – नगर निगम चुनाव में बीजेपी को जिताकर बनाएं ट्रिपल इंजन सरकार

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज जगदलपुर में भाजपा का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व रोड शो आयोजित हुआ, जिसमें भारी जनसमर्थन देखने को मिला. एयरपोर्ट से शुरू हुए इस भव्य रोड शो में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया. कमल के झंडों से सजी सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने भाजपा की प्रचंड जीत का संकेत दे दिया. मुख्यमंत्री साय ने जनता से अपील करते हुए कहा कि 11 फरवरी को कमल का बटन दबाकर भाजपा को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाएं और महापौर प्रत्याशी संजय पांडे सहित सभी 48 वार्डों के पार्षद प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाकर ट्रिपल इंजन सरकार का लाभ जगदलपुर को दिलाएं. उन्होंने कहा कि जैसे विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाया गया, वैसे ही नगर निगम चुनाव में भी भाजपा को जिताकर कांग्रेस को मजा चखाना है. “अटल विश्वास पत्र” के हर वादे को भाजपा सरकार पूरा करेगी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भाजपा ने “अटल विश्वास पत्र” जारी किया है और उसमें किए गए हर वादे को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही मात्र 13 महीनों में विकास की गंगा बहाई गई है, जिससे जनता का भाजपा पर विश्वास और मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नगरीय निकायों के विकास के लिए ₹7,000-8,000 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है, जिससे शहरों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा. उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में 3 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए जाएंगे, नजूल भूमि पर बसे परिवारों को मालिकाना हक देने के लिए नया कानून लाया जाएगा, महिलाओं के नाम पर संपत्ति कर में 25% की छूट मिलेगी, समय पर बिजली बिल और संपत्ति कर भरने वालों को पीएम आवास योजना का लाभ मिलेगा, स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ₹2.5 लाख तक का बिना गारंटी लोन, स्ट्रीट वेंडर्स को ₹30,000 की आर्थिक सहायता और यूपीएससी पास करने वाले छात्रों को महापौर सम्मान निधि के तहत ₹1 लाख की सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत प्रदेश में अभूतपूर्व योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ जनता को सीधे मिल रहा है. 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल तय किया गया है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी हो रही है. किसानों को दो साल का बकाया बोनस, 70 लाख माताओं-बहनों को ‘महतारी वंदन योजना’ का लाभ, तेंदूपत्ता संग्रहण दर ₹5500 प्रति मानक बोरा, 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्रीरामलला दर्शन और काशी यात्रा का लाभ तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना’ के तहत हर साल ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है. भाजपा की जीत से नगर निगम क्षेत्रों में होगा तेज गति से विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ में विकास की नई इबारत लिखी गई है, और अब नगर निगम चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत से शहरों के विकास की रफ्तार और तेज होगी. उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि भाजपा को भारी मतों से विजयी बनाएं ताकि जगदलपुर को स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाया जा सके. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस ऐतिहासिक रोड शो ने यह स्पष्ट कर दिया कि जगदलपुर की जनता भाजपा को नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए तैयार है. मुख्यमंत्री श्री साय ने 11 फरवरी को कमल के पक्ष में भारी मतदान कर भाजपा की जीत सुनिश्चित करते हुए जगदलपुर का सुनहरा भविष्य सुनिश्चित कर विकास की ऊंचाइयों तक ले जाने में सहयोग देने की सभी से अपील की. इस ऐतिहासिक रोड शो में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक विनायक गोयल, महापौर प्रत्याशी संजय पाण्डे, पूर्व विधायक संतोष बाफना, पूर्व महापौर सफीरा साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.

कड़ाके की सर्दी से कांपा मध्यप्रदेश, रायसेन में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे, फसलों को फायदा

भोपाल  उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवा ने मध्यप्रदेश में सर्दी का असर बढ़ा दिया। 7 जिले हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडे रहे। सबसे कम न्यूनतम पारा राजगढ़ में 6.6 डिग्री दर्ज हुआ। उत्तरी हवा के प्रभाव से पारे में गिरावट आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार से हवाओं का रुख बदल सकता है, जिससे पारे में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा। फरवरी में ठंड ने फिर कमबैक किया है। पिछले 3 दिन से सर्दी पड़ रही है। इस वजह से रात का तापमान 10 और दिन में 25 डिग्री से नीचे आ गया है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो राजगढ़, रायसेन, धार, शाजापुर, सीहोर, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, उमरिया और शहडोल अधिक शीतलहर वाले जिले रहे। वहीं, भोपाल, विदिशा, झाबुआ, आगर-मालवा, गुना, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, निवाड़ी, सतना, मेहर, मऊगंज, सिंगरौली, अनूपपुर में भी सर्द हवा चली। वहीं, रात में कल्याणपुर, राजगढ़, खजुराहो, नौगांव, टीकमगढ़, गुना, सतना, धार, पचमढ़ी और मंडला में पारा 10 डिग्री से नीचे आ गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी न्यूनतम तापमान 10.2 से 12 डिग्री तक रहा। 30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चली सर्द हवा शुक्रवार को प्रदेश के कई शहरों में हवा की रफ्तार 30 किमी प्रतिघंटा तक रही। भोपाल में 15 से 17 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में भी पारे में गिरावट का दौर रहा। भोपाल में 4.4 डिग्री लुढ़का पारा, 23.2 डिग्री रहा, प्रदेश में सबसे कम शुक्रवार को भोपाल में एक ही दिन में पारा 4.4 डिग्री लुढ़ककर 23.2 डिग्री पर आ गया। यह प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, रायसेन में 23.5 डिग्री, रीवा में 23.8 डिग्री, पचमढ़ी में 24.4 डिग्री, सतना में 24.9 डिग्री और धार, नरसिंहपुर-दमोह में 25 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 25.4 डिग्री, इंदौर में 24.8 डिग्री, उज्जैन में 26 डिग्री और ग्वालियर में 24.4 डिग्री रहा। उत्तर भारत में जारी बर्फबारी का रायसेन में भी देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन में भी लोगों को तेज ठंड का सामना करना पड़ रहा है। .मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस तक सीमित है। आसमान में बादल और धूप का खेल जारी है, जबकि 14-15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही हैं। राहत की बात यह है कि शनिवार से तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिल सकती है। किसानों के लिए यह मौसम सही साबित हो रहा है। वर्तमान में गेहूं की फसल में सिंचाई की जा रही है और यह ठंडा मौसम फसल के लिए आवश्यक नमी बनाए रखने में मदद कर रहा है। रवि सीजन की फसलों के लिए भी यह मौसम बेहद अनुकूल माना जा रहा है। मौसम विभाग(MP Weather Alert) के अनुसार न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है और दिन का तापमान स्थिर रहेगा। पश्चिमोत्तर भारत में 248 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से जेट स्ट्रीम हवा चल रही है। साथ ही 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उत्तरी हवा भी चल रही है। इन दोनों हवाओं की वजह से सर्दी की वापसी हुई है। सुबह सर्दी की वजह से कंपकपी रही। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। इसका असर 10 फरवरी से दिखेगा। तापमान में बढ़ोतरी होगी। स्कूलों का बदला समय अब सुबह 9 से 2 बजे तक होंगे संचालित ग्वालियर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने शुक्रवार को आदेश जारी कर केजी, नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों का समय बदला गया है। अब जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई, आईसीएसई व शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक संचालित होंगे, जबकि पूर्व में सर्दी को देखते हुए स्कूल का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किए जा रहे थे।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ताप्ती नदी परियोजना के लिए जल्द ही समझौता करेंगे: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं के‍क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्य प्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में संवाद करेंगे और इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री सिलावट और विधायक चिटनीस ने निमाड़ क्षेत्र की जीवन रेखा बदलने वाली ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों की संयुक्त परियोजना के रूप में प्रस्तावित है। इस योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 सेक्टर में सिंचाई प्रस्तावित है. योजना में भूजल भंडारण का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा तहसीलें लाभान्वित होंगी. इस योजना के अंतर्गत पूर्व में पारंपरिक भंडारण हेतु 66 टीएमसी क्षमता का जल भराव बाँध प्रस्तावित किया गया था, जिससे 17 हज़ार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हो रही थी, जिसमें वन भूमि एवं बाघ अभ्यारण की भूमि भी शामिल थी। इसके अलावा 73 गांव की लगभग 14 हजार जनसंख्या भी प्रभावित हो रही थी। अब इस अवरोध को दूर करते हुए पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भूजल पुनर्भरण योजना द्वारा जल भंडारण प्रस्तावित किया गया है। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्य प्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है. इसकी जल भराव क्षमता 8.31 … Read more

मुख्यमंत्री यादव ने प्रयागराज महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

भोपाल /जयपुर /प्रयागराज सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज प्रयागराज महाकुंभ में संगम में पवित्र स्नान किया। वे अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। संगम में स्नान करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘मां गंगा मां यमुना की कृपा है। प्रयागराज सब तीर्थों का राजा है। यहां कुंभ स्नान कई जन्मों के पुण्य से मिलता है। मैं यहां मध्य प्रदेश की जनता, विशेष रूप से युवाओं की भलाई, बेरोजगारों के रोजगार और समाज के हर वर्ग के सौभाग्य और खुशहाली की प्रार्थना कर रहा हूं’। उन्होंने इसे सनातन धर्म के लिए गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम ऐसे अलौकिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आने वाले समय में उज्जैन में होने वाले कुंभ के लिए भी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले अधिकारियों का दल भी यहां आ चुका है और अब मैं स्वयं भी साधु संतों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करूंगा। सीएम भजनलाल शर्मा अपनी पूरी कैबिनेट और विधायकों के साथ कुंभ पहुंचे हुए हैं। कुंभ के लिए करीब 115 मंत्री और विधायक जयपुर एयरपोर्ट से सुबह साढ़े सात बजे निकले थे। कुंभ क्षेत्र में घूमने के बाद हनुमान मंदिर के दर्शन भी मंत्री और विधायकों ने किए। तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम भजनलाल शनिवार अपने विधायकों के साथ कुंभ क्षेत्र में ही रात में ठहरेंगे। फिर रविवार को दोपहर सभी के जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। एम मोदी जो कहते हैं वो करते हैं कुंभ क्षेत्र में पहुंचने के बाद सीएम भजनलाल ने दिल्ली चुनावों में बीजेपी की जीत पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को लेकर आमजन में विश्वास है। उनको लगता है कि पीएम मोदी जो कहते हैं वो करते हैं। इस वजह से दिल्ली की जनता ने भी देश की राजधानी में डबल इंजन की सरकार को चुना है। प्रदेशवासियों की ओर से लगाऊंगा आस्था की डुबकी वहीं, एमपी के सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं और यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाऊंगा। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया। वहीं, सीएम मोहन यादव ने दिल्ली चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आप और कांग्रेस की असलियत को जनता जान गई है और आज उनके फैलाये कीचड़ में भी कमल खिला है। मध्य प्रदेश के कल्याण और खुशहाली की प्रार्थना इसी के साथ उन्होंने महाकुंभ की व्यवस्थाओं के लिए यूपी सरकार को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मैं एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री जी भी यहां स्नान करके गए हैं, गृहमंत्री जी भी यहां आ चुके हैं। यहां मध्यप्रदेश का पंडाल भी लगा है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं। 2028 में उज्जैन में कुंभ मेला लगेगा, उसकी तैयारियों के लिए अधिकारियों का दल भी प्रयागराज आ चुका है। आज मैं स्वयं यहां आया हूं..साधु संतों से मार्गदर्शन लेंगे और आशीर्वाद भी लेंगे। मैं प्रदेशवासियों के लिए मां गंगा से प्रार्थना करूंगा।’ मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं : यादव संगम पहुंचने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं। यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाने। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाएं। जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया। अनुराग ठाकुर ने पत्नी के साथ लगाई डुबकी पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संगम में स्नान किया। ठाकुर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। अनुराग ठाकुर ने कहा- पुण्य धरा प्रयागराज में महाकुंभ के पावन अवसर पर पुण्य सलिला मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम तट पर सपरिवार पवित्र स्नान, पूजा-अर्चना कर सर्वकल्याण की कामना की। मां गंगा, यमुना और सरस्वती के शुभाशीष से आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि व सौभाग्य का वास हो। मौनी अमावस्या पर 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया था स्नान जानकारी के मुताबिक, ‘‘सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाई। एक फरवरी और 30 जनवरी को दो-दो करोड़ से अधिक और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई।” पीएम मोदी समेत इन्होंने किया संगम स्नान महाकुंभ में अभी तक संगम में स्नान करने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) शामिल हैं। इनके अलावा प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति, असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी समेत कई लोग शामिल हैं। आगामी 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भी महाकुंभ आकर संगम स्नान करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।  

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