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दिल्ली में चुनाव के बाद हर किसी की नजर परिणाम पर, इस Direct Link से देखें सबसे तेज नतीजे

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फ़रवरी, 2025 को मतदान हुआ था, और परिणाम आज यानी 8 फ़रवरी को घोषित किए जाएंगे। जानें कब, कहां और कैसे देखें दिल्ली विधानसभा के चुनावों का नतीजा।  दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी 2025, बुधवार को संपन्न हुए, जिसमें 70 सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग (ECI) ने बताया कि इस बार 60.42% मतदान दर्ज किया गया, जो यह संकेत देता है कि जनता में चुनाव को लेकर रुचि बनी हुई थी। अब, सभी की निगाहें आज  8 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि दिल्ली की कमान आम आदमी पार्टी (AAP) के हाथ में बनी रहेगी या भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में वापसी करेगी। दिल्ली चुनाव नतीजों के लाइव अपडेट देखने के लिए     चुनाव आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट: eci.gov.in     ECI का रिजल्ट पोर्टल: results.eci.gov.in     दिल्ली चुनाव 2025 के Live Updates, Mint की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 8 फरवरी, आज शनिवार को सुबह 7:00 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। शुरुआती रुझान सुबह 7:30 बजे से आने लगेंगे, लेकिन सीटवार विजेता पूरे दिन घोषित किए जाएंगे। मतगणना समाप्त होने की संभावना शाम 6:00 बजे तक है। चुनावी मुकाबला: किस सीट से कौन उम्मीदवार? दिल्ली चुनाव 2025 में कुल 699 उम्मीदवारों ने 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ा, जो बुधवार को एक ही चरण में हुआ। इस चुनाव में तीन प्रमुख दल आमने-सामने थे- आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस। दिल्ली में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 36 सीटें जीतनी होंगी। दिल्ली के चुनावी मैदान में कई दिग्गज उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नई दिल्ली सीट पर AAP के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मुकाबला BJP के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। कालकाजी सीट पर मौजूदा मुख्यमंत्री AAP की आतिशी को कांग्रेस की अल्का लांबा और BJP के रमेश बिधूड़ी से कड़ी टक्कर मिल रही है। जंगपुरा सीट पर AAP के मनीष सिसोदिया का मुकाबला BJP के तरविंदर सिंह मारवाह और कांग्रेस के फरहाद सूरी से है। शकूर बस्ती सीट से AAP के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन के सामने BJP के कर्नैल सिंह चुनौती पेश कर रहे हैं। क्या AAP की जीत की हैट्रिक होगी या BJP सत्ता में वापसी करेगी? इन चुनावी नतीजों से यह तय होगा कि AAP तीसरी बार लगातार दिल्ली की सत्ता पर काबिज होगी या BJP 27 साल बाद सत्ता में लौटेगी। 2015 और 2020 में हुए चुनावों में AAP को जबरदस्त जीत मिली थी, लेकिन इस बार BJP आक्रामक प्रचार के साथ मैदान में थी। अगर AAP जीतती है, तो आतिशी दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी। वहीं, BJP जीत दर्ज करती है तो यह 27 साल के लंबे इंतजार का अंत होगा। ता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा हैं, जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच टक्कर है. इस चुनाव में कुल 699 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में नई दिल्ली शामिल है, जहां अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ा है. अन्य प्रमुख मुकाबलों में कालकाजी में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का मुकाबला कांग्रेस की अलका लांबा और भाजपा के रमेश बिधूड़ी से है. क्या कह रहे हैं एग्जिट पोल? 5 फरवरी को दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद कई एग्जिट पोल्स सामने आए, जिनमें राजधानी में बड़े बदलाव के संकेत दिखे. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में आम आदमी पार्टी को पिछड़ता दिखाया गया है. दिल्ली में बीजेपी और AAP के बीच कांटे की टक्कर है, लेकिन बीजेपी को मामूली बढ़त मिलती दिख रही है. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता का फैसला किसके पक्ष में जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाटीदार समाज के नशा मुक्ति की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन जिले के तराना में मां उमिया माता का भव्य मंदिर आने वाले समय में न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि मां उमिया की कृपा से यह देवस्थान संपूर्ण प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं तन से मौके पर न सही, पर मन से आप लोगों के साथ हूँ। जल्द ही मंदिर का दर्शन करूगाँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागिता की। पाटीदार समाज की नशामुक्ति और कृषि में विशेष पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाटीदार समाज के नशा मुक्ति की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह समाज न केवल कृषि और पशुपालन में अग्रणी है, बल्कि अपनी मेहनत और अनुशासन से समाज के लिए प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अब गुजरात की तर्ज पर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अधिकाधिक गौ-शालाओं का निर्माण कर गौवंश का संवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे तीन फायदे होंगे- किसानों को गौपालन के लिए कम कीमत पर दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाएगी, गौपालन से दूध उत्पादन होगा। दूध उत्पादन से आय होगी और गौपालन से प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमने यह निर्णय लिया है कि म.प्र. का दुग्ध संघ अब न केवल भैंस, बल्कि गाय के दूध की भी खरीदी करेगा, जिससे किसानों की आय में तेजी से वृद्धि होगी। यह पहल राज्य के डेयरी उद्योग के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगी। गुजरात से पहुंचे विशेष अतिथि, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल गुजरात से श्रद्धालु और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुजरात ने हमेशा देश का मान बढ़ाया है। गुजरात ने देश को ऐसे सपूत दिए हैं जिन्होंने देश की दिशा और दशा बदली है। गुजरात के गौरव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं। मंदिर में बनी भव्य रंगोली ने मोहा मन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में बनाई गई विशाल रंगोली और सुसज्जित मंडप की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कलात्मक प्रस्तुति में पाटीदार समाज की रचनात्मकता और उनकी परंपराओं की जीवंत झलक दिखाती है। इससे गुजरात के शिल्प और वास्तुकला की समृद्धता का भी आभास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां उमिया माता का यह मंदिर पाटीदार समाज के दृढ़ संकल्प और उनकी संस्कृति का प्रतीक बनेगा। पाटीदार समाज के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के मौलाना गांव का नाम ‘विक्रम नगर’ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और समाज हित में कुछ निर्माण कार्यों के प्रस्ताव दिये। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, भक्ति में सराबोर माहौल मां उमिया के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार तथा भक्तिमय वातावरण में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुश्री कविता पाटीदार, तराना विधायक श्री अरुण भीमावद, पाटीदार समाज के श्री बाबूभाई जमनादास पटेल, उमिया माता मंदिर ट्रस्ट के संचालक श्री अशोक कटारिया, श्री घनश्यामजी, श्री जयरामजी, श्री बालकृष्ण पाटीदार, सुश्री हेतल बेन, सुश्री जागृति बेन सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी। माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने परियोजना के संबंध में दोनों राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं के‍क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में संवाद करेंगे और इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट और विधायक श्रीमती चिटनीस ने निमाड़ क्षेत्र की जीवन रेखा बदलने वाली ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

अपनी सीट हार सकते हैं मनीष सिसोदिया और केजरीवाल, दिल्ली चुनाव का रिजल्ट कल

नई दिल्ली  दिल्ली चुनाव के नतीजे शनिवार को सामने आ जाएंगे। उससे पहले ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमानों में भाजपा सरकार बनती दिख रही है।  तीन और एग्जिट पोल जारी हुए। इनमें भी भाजपा को प्रचंड जीत के संकेत मिलते दिख रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) पिछड़ती दिख रही है। इसी बीच एक्सिस माई इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि नई दिल्ली विधानसभा सीट में भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी है। यहां आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का मुकाबला भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। आप को 20 सीटें मिलने का अनुमान पोलस्टर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 50 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है, जबकि आप को 42 प्रतिशत वोट शेयर के साथ केवल 20 सीटें मिल सकती हैं। गुप्ता ने सीएनएन-न्यूज18 के मैनेजिंग एडिटर जक्का जैकब से कहा कि उनकी एजेंसी सीट-दर-सीट अनुमान नहीं लगाती, लेकिन यह बताती है कि किसी विशेष विधानसभा में कौन सी पार्टी सबसे लोकप्रिय है। हार सकते हैं केजरीवाल यदि अनुमान के मुताबिक नई दिल्ली विधानसभा सीट पर भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी हुई, तो इससे केजरीवाल की टेंशन बढ़ सकती है। वे अपनी सीट हार सकते हैं। उन्हें लगातार तीन बार यहां से जीत मिल चुकी है। यहां 2013 की स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है जब आप नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। सिसोदिया को भी मिल सकती है हार गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि आम आदमी पार्टी (आप) कालकाजी, बाबरपुर और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय पार्टी है, जबकि जंगपुरा में भाजपा ज्यादा पॉपुलर है। उन्होंने कहा, ‘आप और भाजपा दोनों ही कालकाजी में लोकप्रिय हैं, जहां से मुख्यमंत्री आतिशी लड़ रही हैं, लेकिन आप को थोड़ी बढ़त हासिल है। जंगपुरा में, भाजपा को आप पर थोड़ी बढ़त हासिल है, यहां मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ रहे हैं। सौरभ भारद्वाज की सीट ग्रेटर कैलाश में, आप को भाजपा पर थोड़ी बढ़त हासिल है, लेकिन यह पार्टी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। वहीं गोपाल रीय की सीट बाबरपुर आप के लिए सुरक्षित सीट है।’ सर्वे के अनुसार यह हो सकता है कि केजरीवाल और सिसोदिया जैसे बड़े आप नेता चुनाव हार सकते हैं। अगर AAP जीती और बड़े चेहरे हारे तो CM कौन? दिल्ली में अगर ऐसा हुआ और आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लेती है, तो सवाल उठता है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. यदि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया या आतिशी चुनाव हार जाते हैं, तो आम आदमी पार्टी के सीएम चेहरे के रूप में कौन उभर कर सामने आएगा? दिल्ली की सियासत में ये तीनों हि बड़े चेहरे हैं और इन सीटों पर इस बार कड़ी टक्कर भी है. कुछ संभावित नाम जो दिल्ली के अगला मुख्यमंत्री बन सकते हैं, उनमें पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेता शामिल हो सकते हैं, जैसे गोपाल राय, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, और राखी बिडलान. हालांकि, इस सवाल पर कोई स्पष्टता नहीं है कि क्या अरविंद केजरीवाल खुद फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी. हारने के बाद क्या कोई सीएम बन सकता है? एक और संभावना यह है कि अगर केजरीवाल खुद सीएम बनते हैं और चुनाव में हारते हैं, तो उन्हें छह महीने के भीतर सदन में जीतने के लिए किसी सीट पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है. इस स्थिति में, किसी जीते हुए विधायक को इस्तीफा देना पड़ेगा ताकि केजरीवाल उस सीट से चुनाव लड़ सकें. लेकिन, अगर केजरीवाल चुनाव हारते हैं, तो उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रहेगा.

सुभाष नगर में पुलिस के दखल के बाद मोतीनगर बस्ती में दुकानदारों ने समान हटाना शुरू

भोपाल राजधानी भोपाल के सुभाष नगर मार्केट में करीब 110 दुकानों को हटाने की नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई 8 फरवरी को होगी. गुरुवार को पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लोगों को स्वेच्छा से दुकान हटाने को कहा. इसके बाद दुकानदार आज सुबह से सामान हटाते नजर आए. 4 दिन से पुलिस फोर्स न होने के चलते दुकानों पर बुलडोजर नहीं चल पा रहा था. जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने इससे पहले 4 फरवरी तक बस्ती को खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसके बाद से बस्ती में रहने वालों को बेघर होने का डर सता रहा है. हालांकि, रहवासियों की मांग और परीक्षाओं को देखते हुए बस्ती हटाने पर 2 महीने तक रोक लग गई है, लेकिन दुकानों को हटाने पर रोक नहीं लगी है और इसलिए दुकानों को शनिवार को तोड़ना शुरू कर दिया जाएगा.   दरअसल, भोपाल में सुभाष नगर आरओबी की ​थर्ड लेग के निर्माण के लिए सुभाष नगर मार्केट और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए मोती नगर बस्ती को हटाने की कार्रवाई होनी है. डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने पुलिस अफसरों के साथ  मुआयना भी किया। वहीं, एडीएम प्रकाश नायक और एमपी नगर एसडीएम एलके खरे ने निरीक्षण किया था। अफसरों की समझाइश के बाद कई दुकानदारों ने सामान हटाना भी शुरू कर दिया, लेकिन कई अभी भी अड़े हैं। ऐसे में शुक्रवार को प्रशासन इन्हें नगर निगम के अमले की मदद से हटाने की कार्रवाई करेगा। 4 फरवरी को ही होनी थी कार्रवाई बता दें कि 4 फरवरी तक बस्ती खाली करने का समय था, लेकिन पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। दो दिन तक कार्रवाई अटकी रही। बस्ती में कुल 384 मकान मोतीनगर बस्ती में कुल 384 मकान हैं। यहां 110 पक्की दुकानें भी हैं। इन दुकानों को हटाने से कार्रवाई की शुरुआत होगी। नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। दुल्हन को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच चुके कांग्रेसी मोतीनगर बस्ती को हटाने का विरोध भी किया जा रहा है। तीन दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला एक दुल्हन को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास पहुंच गए थे। शुक्ला ने कहा था, जिला प्रशासन की कार्रवाई के पहले मोतीनगर से कई मानवीय पहलू सामने आ रहे हैं। यदि प्रशासन मौजूद सैकड़ों परिवारों को मोहलत नहीं देता है तो उनके सामने आर्थिक संकट के अलावा नैतिक संकट भी खड़े हो रहे हैं। किसी के घर में बेटी के हाथ पीले होने हैं तो कहीं बेटे की शादी की तैयारी हो रही है। इस स्थिति में भी कार्रवाई होती है तो कई शादियां भी टालनी होगी। दूसरी ओर, बच्चों की परीक्षाएं भी हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सर्वे भी किया है।  

IMD ने जारी किया बारिश-शीतलहर का अलर्ट, दिन और रात के तापमान में गिरावट आई

भोपाल  पिछले दो दिनों से चल रही ठंडी हवाओं के कारण भोपाल वासियों ने फिर से दिन में गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। जबकि दो पहले गर्मी की वजह से अधिकतर लोगों ने स्वेटर या जैकेट दिन में पहनना बंद कर दिया था। हवा का रुख उत्तरी होने के साथ तेज गति से हवा के चलने के कारण गुरुवार को न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट आ गई। फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ा हुआ था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी के बाद उत्तरी सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है।  मध्यप्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र और उत्तर भारतीय राज्यों में ठंड बढ़ने का असर भी दिखने लगा है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मौसम में ठंडक घुल गई है। गुरुवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से यह तापमान 10 डिग्री के पार पहुंच गया था। वहीं अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले कुछ दिनों तक जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं गुरुवार को तापमान 30 डिग्री के नीचे आ गया। 9 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंचा प्रदेश में सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो एवं राजगढ़ में दर्ज किया गया। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 10.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। राज्य के नौ शहरों में न्यूननतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज हुआ। प्रमुख शहरों का तापमान एमपी के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान खजुराहो में 7, सागर में 8.7, नौगांव में 9, सागर में 8.7, धार में 9.02, गुना में 9.5, ग्वालियर में आठ, रायसेन में 9.5, राजगढ़ में 7, रतलाम में 9, भोपाल में 10.8, इंदौर में 13.4, उज्जैन में 11.2, जबलपुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। देखें तो भोपाल में 25.8, ग्वालियर में 25.4, इंदौर में 23.5, उज्जैन में 25, जबलपुर में 23.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के किसी भी जिले में कोहरे की कोई स्थिति निर्मित नहीं हुई। रविवार से तापमान में हो सकती है वृद्धि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक प्रदेश के मौसम का मिजाज इसी तरह बने रह सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार से प्रदेश के तापमान में फिर वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम चल रही हैं।  बुधवार को अधिकतम तापमान(MP Weather Update) में साढ़े पांच डिग्री की गिरावट हुई और गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बुधवार के मुकाबले 3.2 तो अधिकतम आधा डिग्री कम रहा। शुक्रवार को भी तापमान में गिरावट की संभावना है। दस साल में फरवरी में न्यूनतम तापमान ● 9 फरवरी 2024 : 9 ● 2 फरवरी 2023 : 6.5 ● 5 फरवरी 2022 : 7.6 ● 1 फरवरी 2021 : 7.4 ● 9 फरवरी 2020 : 8.1 ● 9 फरवरी 2019 : 5.8 ● 15 फरवरी 2018 : 10.6 ● 1 फरवरी 2017 : 10.8 ● 4 फरवरी 2016 : 8.7 ● 1 फरवरी 2015 : 10.5 18 से 20 किमी की रतार से चली हवा गुरुवार को धूप में भी सर्द हवाएं चलीं। इससे मौसम में ठंडक रही। हवा की अधिकतम रतार 18 से 20 किमी के आसपास रही। अभी गिरावट, फिर बढ़ोतरी: मौसम विभाग के अनुसार हवा का रुख उत्तरी होने के कारण सर्दी बढ़ गयी है। 8 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा तब फिर से बदलाव आएगा और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, 10 फरवरी के बाद हल्के बादल की भी स्थिति बन सकती है।

मध्य प्रदेश में वन विभाग कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, कर्मचारियों को रिटायरमेंट या मृत्यु पर मिलेगी 10 लाख ग्रेच्युटी

भोपाल  मध्य प्रदेश के वन विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्थायी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अब रिटायरमेंट या मृत्यु पर 10 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी मिलेगी। यह नया नियम गुरुवार, 6 फरवरी 2025 को वन मुख्यालय द्वारा जारी किया गया। यह 2010 के ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत लागू किया गया है। कर्मचारी मंच लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। इस फैसले से अन्य विभागों में भी इसी तरह के बदलाव की उम्मीद है। 14 साल बाद लागू हुआ नियम वन विभाग में काम करने वाले सभी स्थायी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी इस नए नियम के दायरे में आएंगे। पहले, 1972 के ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत, उन्हें केवल 3.5 लाख रुपये ही मिलते थे। लेकिन अब, केंद्र सरकार के 2010 के नए अधिनियम के अनुसार, उन्हें अधिकतम 10 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी मिल सकेगी। मध्य प्रदेश में 14 साल बाद यह नियम लागू हुआ है। कर्मचारी मंच के पदाधिकारियों ने जताई खुशी मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि वे लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रहे थे। वन विभाग में ग्रेच्युटी अधिनियम 1972 के तहत स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति एवं मृत्यु होने पर अभी तक तीन लाख 50 हजार रुपये ग्रेजुएटी भुगतान की जा रही थी। यह नया नियम वन विभाग में लागू होने के बाद, अब उम्मीद है कि जल्द ही अन्य सरकारी विभागों में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। अशोक पांडे ने आगे कहा, ‘केंद्र सरकार ने ग्रेच्युटी अधिनियम 1972 के स्थान पर नए ग्रेजुएटी अधिनियम 2010 प्रतिस्थापित कर दिए हैं। जिसके तहत कर्मचारियों को ग्रेजुएटी साढे़ तीन लाख के स्थान पर अधिकतम 10 लाख रुपए भुगतान किए जाने की निर्देश है लेकिन मध्य प्रदेश में 14 साल बाद भी नए ग्रेजुएटी अधिनियम लागू नहीं किए गए हैं।’ क्या होता है ग्रेच्युटी यह फैसला कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। इससे उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। ग्रेच्युटी एक तरह का बोनस होता है जो कर्मचारी को लंबी सेवा के बाद मिलता है। यह रिटायरमेंट के बाद जीवन-यापन में मदद करता है या फिर परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है। केंद्र सरकार लाई थी 2010 का ग्रेच्युटी अधिनियम यह 2010 का ग्रेच्युटी अधिनियम केंद्र सरकार द्वारा लाया गया था। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर ग्रेच्युटी लाभ प्रदान करना था। इस अधिनियम के तहत, ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी के अंतिम वेतन और सेवा के वर्षों के आधार पर की जाती है। अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तय की गई है।

छतरपुर में शुरू होगा MP का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, भोपाल, सतना, सिंगरौली में तेजी से चल रहा काम

 छतरपुर छतरपुर में शुरू होगा मध्य प्रदेश का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, जानें विशेषताएं। मध्य प्रदेश में सबसे पहला ड्राइविंग सेंटर छतरपुर जिले में शुरू होगा। इस माह सेंट्रल इंस्टिट्यूट आफ रोड, ट्रासपोर्ट (सीआईआरटी)पुणे से तकनीकी, फाइनेंस, सुपरविजन की तीन अलग-अलग टीम सेंटर की जांच करने आएंगी। सेंटर से मिलेगा प्रमाण पत्र सीआईआरटी से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन विभाग की देखरेख में तपस्या साई बाबा जन कल्याण शिक्षा प्रसाद समिति ट्रेनिंग सेंटर का संचालन शुरू करेगी। इसके बाद से सेंटर से प्रमाण पत्र के अधार पर आरटीओ की ओर से परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया बेहतर होगी इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया और बेहतर व पारदर्शी होगी। समिति के संचालक डॉ. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि छतरपुर में सेंटर का काम पूरा हो चुका है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप(पीपीपी)मोड पर छतरपुर में रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर(आरडीटीसी)बनकर तैयार है। सड़क हादसों को कम करना है उद्देश इसमें साढ़े पांच एकड़ जमीन व छह करोड़ रुपये से अधिक खर्चा आया है। केंद्र सरकार के सहयोग से सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। जिससे कुशल ट्रेनिंग लेने वालों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बन सकें। संचालन शुरू करने के लिए पुणे से सीआईआरटी की अनुमति मिलनी है। संभवत: दो महीने में सेंटर का संचालन शुरू होने की उम्मीद हैं। भोपाल में 60 प्रतिशत काम पूरा भोपाल में भी रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर(आरडीटीसी)का निर्माण हो रहा है। बंगरसिया में साढ़े पांच एकड़ जमीन में सेंटर बन रहा है। इसके लिए शासन से 5.5 करोड़ और 92 लाख संबंधित एजेंसी पैसा लगा रही है। इस वर्ष में भोपाल का सेंटर भी शुरू हो सकता है। इसके अलावा बैतूल में भी आरडीटीसी का काम शुरू होना है। तीन जिलों में बनेंगे डीटीसी उज्जैन सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के तीन से चार सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे, स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगीउज्जैन सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के तीन से चार सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे, स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी मध्य प्रदेश के तीन जिलों में डिस्ट्रिक्ट ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर(डीडीटीसी)बनेंगे। इनमें सतना, दमोह, सिंगरौली को शामिल किया गया। पन्ना में भी डीटीसी बनना है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह व्यवस्था सफल होने पर प्रदेश के सभी जिलों में भविष्य में आरडीटीसी व डीडीटीसी शुरू होंगे। फिर क्षेत्रीय व जिला परिवहन अधिकारी सेंटरों से मिलने वाले ट्रेनिंग प्रमाण पत्रों के आधार पर परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया करेंगे। भोपाल,  इंदौर, बैतूल में खुलेगा ड्राइविंग स्कूल बता दें कि ये ड्राइविंग स्कूल मध्य प्रदेश के छतरपुर, भोपाल,  इंदौर, बैतूल, सिंगरौली में खोला जा रहा है। छतरपुर प्रदेश का पहला ड्राइविंग स्कूल होगा।  जहां पर अभी तक 35 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। एक-एक करके प्रदेश के हर जिले में ड्राइविंग स्कूल बनाने की तैयारी की जा रही है।  जिसकी जिम्मेदारी निजी एजेंसियां को सौंपी गई है। प्रशासन की इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में पारदर्शित आएगी। 5.5 एकड़ जमीन पर बनेगा ड्राइविंग स्कूल जिला स्तर पर 3.5 एकड़ जमीन और संभागीय स्तर पर 5.5 एकड़ जमीन पर ड्राइविंग स्कूल बनाए जाने के कार्ययोजना है। इसमें ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। इसमें सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एक यार्ड में आधुनिक मशीनें भी लगेंगे। साथ ही वाहनों की पार्किंग की सुविधा सहित बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था होगी। नियमों के दिशा-निर्देश भी अंकित किए जाएंगे। इसमें मोटर सइकिल, मोपैड, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन भी रहेंगे। इन वाहनों से लोगों का टेस्ट लिया जाएगा। यहां खुलेगा ड्राइविंग सेंटर मध्यप्रदेश में मैसर्स वक्रतुंड क्रियेटिव सोशल वेलफेयर सोसायटी छतरपुर, तपस्या साईं बाबा जन कल्याण शिक्षा प्रसार समिति भोपाल, बैतूल मल्टी ट्रेड कंपनी बैतूल को 3 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) खोलने की मंजूरी दी गई है. साथ ही 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (डीटीसी) सार्थक वेलफेयर सोसायटी सतना, आर्यन मोटर्स सिंगरौली, मालवा ड्राइविंग सेंटर धार में खोले जाएंगे।    

जम्मू-कश्मीर में सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे 7 पाकिस्तानियों को किया ढेर, कुख्यात BAT के आतंकी भी थे शामिल

नई दिल्ली इंडियन आर्मी ने जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे 7 पाकिस्तानियों को ढेर कर दिया है. इन घुसपैठियों में पाकिस्तान के कुख्यात बॉर्डर एक्शन टीम के आतंकी भी शामिल हैं. सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने 4-5 फरवरी की रात को नियंत्रण रेखा पर अपनी चौकी पर पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले को नाकाम कर दिया. इस दौरान 7 पाकिस्तानी घुसपैठिए मारे गए. इन घुसपैठियों में 2 से 3 पाकिस्तानी आर्मी के जवान भी शामिल थे. यह घटना जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में हुई. सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी घुसपैठिए कुख्यात बॉर्डर एक्शन टीम की मदद से भारत के जवानों पर घात लगाकर हमला करना चाहते थे. बॉर्डर एक्शन टीम LoC पर छिपकर हमला करने के लिए ट्रेंड है. पाकिस्तान की ये एजेंसी पहले भी बॉर्डर पर इंडियन जवानों पर हमला कर चुकी है. इसी अनुभव का फायदा लगाकर ये टीम एक बार फिर से भारत के जवानों को टारगेट करना चाहती थी.  सूत्रों ने बताया कि LoC पर पाकिस्तानी घुसपैठियों को देखते ही भारतीय जवानों ने ढेर कर दिया. मारे गए आतंकियों में दहशत संगठन अल-बदर के आतंकी भी शामिल हैं. ये घटना उस रोज हुई जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को लेकर अपने प्रोपगेंडा को हवा देता है और 5 फरवरी को कथित रूप से कश्मीर सॉलिडरिटी डे बनाने का ढोंग करता है. बता दें कि पाकिस्तान के कथित कश्मीर सॉलिडरिटी डे के मौके पर ही 5 फरवरी को लाहौर में आयोजित एक रैली में आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद ने भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया. रैली को संबोधित करते हुए तल्हा सईद मिमियाता दिखा. उसने कहा कि वो कश्मीर को आजाद कराएगा. उसने मंच पर खूब नौटंकी की और कश्मीर को लेकर कसमें खाई. तल्हा सईद ने यह भी मांग की कि पाकिस्तानी सरकार अपनी नीति की समीक्षा करे और उसके बाप हाफिज सईद को जेल से रिहा करे.

कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है, लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है: CM यादव

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में IPS मीट का शुभारंभ किया. इस अवसर पर सीएम ने प्रदेश के आला IPS अधिकारियों को संबोधन में कहा कि कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है. लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है. किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया पुलिस को ही देना पड़ती है. परेशानी में पुलिस ही भगवान नजर आती है. पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है. जो काम पुलिस के नहीं हैं, उनमें भी पुलिस से मदद की उम्मीद की जाती है. जाति से किसी को अपराधी न समझें CM यादव ने कहा कि कई जातियों को हमने आपराधिक घोषित कर दिया है. लेकिन हमारी ये मानसिकता अंग्रेजों के वजह से हो गई. जबकि ऐसे लोगों का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो ये बहुत काम के हो सकते हैं. उन्होंने उदाहरण दिया कि नट जाति के लोगों से पहले गुप्तचर का काम लिया जाता था, अपनी कला-कौशल के बल पर वे बहुत काम आते थे. इसीलिए पुलिस को अपनी मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा. सबके अधिकारों की रक्षा ही सच्ची पुलिसिंग मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को पुलिसिंग की भावना का सही अर्थ समझाने के लिए उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार किसान अपनी फसल में से कई वर्गों को उपज का हिस्सा देता है, उसी प्रकार पुलिस की भी ये भावना होनी चाहिए. जो हमें मिला, केवल वो हमारा नहीं है. पुलिस को मिला पॉवर सबका पॉवर है. सबके अधिकारों के लिए अपने पॉवर का इस्तेमाल करना ही सच्ची पुलिसिंग है. सीएम यादव ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती होती है कि कानून का पालन कराना है, दक्षता दिखानी है लेकिन ये वसंवेदनशीलता के साथ होना चाहिए. मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है जिसने कई मामलों में अपनी अच्छी पोजीशन से बनाई है बम्होरीकला थाना प्रभारी का सम्मान टीकमगढ़ के बम्होरीकला थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में सम्मिलित किया और एक्सीलेंस अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया था. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई और बम्होरीकला थाना प्रभारी रश्मि जैन को सम्मानित किया. CM ने दिए थानों को पुरस्कृत करने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंत में डीजीपी कैलाश मकवाना से कहा कि प्रदेश में भी पुलिस थानों को पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू हो. उन्होने कहा कि जिस प्रकार केन्द्रीय गृह मंत्रालय थानों को पुरस्कृत करता है, इसी प्रकार के पैरामीटर पर मध्यप्रदेश में पुलिस थानों को प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू करें. प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर थानों को पुरस्कृत किया जाए.  

ट्रंप के ऑर्डर से फिर मची खलबली, अब इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर लगाया बैन; क्या नेतन्याहू है वजह?

वॉशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपराध न्यायालय (ICC) पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ICC की ओर से गाजा में इजरायल के युद्ध अपराध की जांच के चलते अमेरिका ने ये कार्रवाई की है। अमेरिका के प्रमुख सहयोगी इजरायल पर गाजा में नरसंहार के गंभीर आरोप लगे हैं। ICC ने बीते साल इजरायली नेताओं के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। ट्रंप ने ICC की कार्रवाई को खतरनाक मिसाल बताते हुए बैन का ऐलान किया है। इन प्रतिबंधों में ICC अधिकारियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक शामिल है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमलों के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ ICC के गिरफ्तारी वारंट जारी करने के चलते यह कदम उठाया गया है। ट्रंप प्रशासन अमेरिका और सहयोगी देशों की ICC जांच का विरोध कर रहा है। उन्होंने इन जांचों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है। हालांकि अमेरिका और इजरायल ICC के सदस्य नहीं हैं और दोनों ही देश इसके ऑर्डर नहीं मानते। ट्रंप पर हमलावर रहे हैं ट्रंप ICC को दूसरी बार अमेरिकी प्रतिशोध का सामना करना पड़ा है। साल 2020 में ट्रंप प्रशासन ने तत्कालीन अभियोजक फातौ बेन्सौडा और एक शीर्ष सहयोगी पर प्रतिबंध लगाए थे। ये प्रतिबंध अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के युद्ध अपराधों की ICC की जांच की प्रतिक्रिया में लगाए गए थे। ICC को अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। इससे अदालत के कामकाज पर असर पड़ा है। ICC अध्यक्ष ने कुछ समय पहले चिंता जताई थी कि अमेरिकी प्रतिबंध न्यायालय के कामकाज को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से न्यायालय की स्वतंत्रता की रक्षा करने का आह्वान किया है। ICC 125 सदस्य देशों वाला ICC एक स्थायी न्यायालय है। यह युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों, नरसंहार और सदस्य देशों या उनके नागरिकों के खिलाफ आक्रामकता के लिए मुकदमा चलाता है। हालांकि कई बड़े देश इसके सदस्य नहीं है। इंटरनेशनल कोर्ट ने पिछले नवंबर में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, पूर्व इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट और हमास नेताओं के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। अदालत ने माना था कि नेतन्याहू और गैलेंट ने मानवीय सहायता रोककर गाजा में नागरिकों की भुखमरी को युद्ध के हथियार की तरह इस्तेमाल किया। हालांकि इजरायल ने आरोपों को झूठा बताकर खारिज कर दिया था।

मोहन सरकार आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई एसओपी बनाने जा रही, गड़बड़ियां रोकने तत्कालिक बदलाव होंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत कई अस्पतालों ने फर्जीवाड़े किए हैं. लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें आने के बाद अब मोहन यादव सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है. मरीजों के फर्जी बिल लगाकर सरकारी खजाने को चपत लगा रहे भोपाल के 200 समेत प्रदेश के एक हजार अस्पताल जांच के दायरे में हैं. सरकार आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानि एसओपी बनाने जा रही है. गड़बड़ियां रोकने के लिए कुछ तत्कालिक बदलाव भी किए गए हैं. डायलिसिस का क्लैम पाने के लिए नई गाइडलाइन आयुष्मान योजना के मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने बताया “सरकार आयुष्मान योजना की गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई एसओपी तैयार कर रही है. अभी लोग शिकायत कर रहे थे कि डायलिसस के मामले में अस्पताल संचालक फर्जी बिल बनाकर सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं. ऐसे में हमने इसमें बदलाव किया है. डायलिसिस मरीजों के लिए एक जरूरी बदलाव राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) ने किया है. इसके तहत आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों को डार्यालिसस पर क्लैम तभी मिलेगा, जब डॉक्टर या अस्पताल अधीक्षक मरीज के साथ फोटो टीएसएम पोर्टल पर अपलोड करेगा. यदि टीएसएम पोर्टल पर फोटो अपलोड नहीं हुए तो क्लैम रिजेक्ट कर दिया जाएगा.” शिकायत सही मिली तो इंपैनल्ड अस्पताल होंगे बाहर आयुष्मान योजना के तहत भोपाल जिले के 200 और प्रदेश के 1000 से अधिक इम्पैनल्ड अस्पतालों की नए सिरे से जांच की जा रही है. इनमें फर्जी बिलिंग और इलाज में अनियमितता की शिकायत मिल रही थी. यही शिकायतें गली-मोहल्लों में संचालित आरोग्य अस्पतालों के खिलाफ भी मिल रही थीं. अब सरकार शिकायत मिलने वाले इंपैनल्ड अस्पतालों की जांच करेगा. यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ऐसे अस्पतालों को आयुष्मान योजना की सूची से बाहर किया जाएगा. प्रदेश के एक हजार अस्पतालों की होगी स्क्रीनिंग मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत इंपैनल्ड एक हजार अस्पतालों की स्क्रीनिंग की जाएगी. इसमें उनकी मूलभूत सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली जाएगी. यदि ऐसे अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, तो उनके खिलाफ मान्यता रद्द करने समेत अन्य कार्रवाई होगी. गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिलने और जरूरी संसाधन नहीं होने पर ऐसे अस्पतालों को डीलिस्ट किया जाएगा. अस्पतालों के क्लैम सेटलमेंट, मरीजों की शिकायतों और इलाज की गुणवत्ता पर आधारित नए मानक तय किए जाएंगे. अस्पतालों की रैंकिंग बनाई जाएगी, जिससे अच्छे अस्पतालों को फायदा मिलेगा और खराब अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी.

5 साल बाद RBI से आई गुड न्यूज, रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती

नई दिल्ली  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक आज (7 फरवरी 2025) खत्म हो गई है और आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे कमेटी के फैसले का ऐलान कर दिया। तीन दिन तक चली इस मीटिंग में उम्मीद के मुताबिक रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया गया। 2020 में COVID-19 के बाद आज आरबीआई रेपो रेट में 25bps की कटौती कर दी है। आरबीआई ने नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले मई, 2020 में कोविड-19 महामारी के समय रेपो दर को 0.40 प्रतिशत घटाकर चार प्रतिशत किया गया था। फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के जोखिमों से निपटने के लिए आरबीआई ने मई, 2022 में दरों में बढ़ोतरी करनी शुरू की थी और यह सिलसिला फरवरी, 2023 में जाकर रुका था। रेपो दर दो साल से 6.50 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है। आरबीआई के गवर्नर ने संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक में लिए गये निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि छह सदस्यीय समिति ने आम सहमति से रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि बैठक में इकोनॉमी डेवलपमेंट को लेकर चर्चा की गई. गवर्नर ने आगे कहा कि हमने बैठक में फैसला किया है कि रेपो रेट को घटाया जा रहा है. अब रेपो रेट 6.50 से घटाकर 6.25 किया जा रहा है. रेपो रेट में कटौती के बाद अब आपके लोन की ईएमआई कम हो जाएगी. गवर्नर ने कहा कि ग्‍लोबल इकोनॉमी चुनौतियों से गुजर रही है. साथ ही वैश्विक स्‍तर पर महंगाई भी बढ़ रही है. वहीं फेडरल रिजर्व बैंक ने रेट में कई बार कटौती की है. साथ जियो पॉलिटिकल टेंशन भी बढ़ रहा है. जिस कारण दुनिया भर की इकोनॉमी पर असर पड़ रहा है. भारतीय रुपया अभी प्रेशर में है. रिजर्व बैंक के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए देश की विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है. वित्त वर्ष 2026 के लिए रियल GDP ग्रोथ 6.75%, अप्रैल-जून 2025 तिमाही 6.7%, जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में 7% रहने का अनुमान है. वहीं अक्टूबर-दिसंबर 2025 और जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इसके 6.5-6.5% रहने का अनुमान है. महंगाई को और कम करने का लक्ष्‍य गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि इस वित्त वर्ष 4.8 फीसदी महंगाई रहने का अनुमान है. वहीं आगे महंगाई दर और कम हो जाएगी. दिसंबर में रिटेल महंगाई दर और थोक महंगाई दर, दोनों में बदलाव हुआ. रिटेल महंगाई दर 4 महीने के निचले स्तर 5.22% पर है. वहीं थोक महंगाई दर बढ़कर 2.37% पर पहुंच गई है. नवंबर में यह 1.89% थी. गवर्नर ने कह कि रिजर्व बैंक ने कहा कि सेकेंड्री मार्केट में गवर्नमेंट सिक्‍योरिटीज में ट्रेडिंग करने के लिए निवेशक सेबी द्वारा रजिस्‍टर्ड आरबीआई के प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर स‍कते हैं.

भारत मंडपम में 10 फरवरी को होने वाली परीक्षा पर चर्चा के लिए छात्र भी बेहद उत्साहित, पीएम मोदी देंगे टिप्स

नई दिल्ली ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम नए कलेवर में छात्रों के सामने होगा। सवालों का जवाब सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी ही नहीं देंगे, बल्कि देश के कई दिग्गज भी देंगे। पहले पीएम मोदी छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन और तनावमुक्त रहने के टिप्स देते थे, लेकिन इस बार फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, अभिनेता विक्रांत मैसी, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर और खेल जगत के कई दिग्गज भी जरूरी टिप्स देते नजर आएंगे। दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 10 फरवरी को होने वाली परीक्षा पर चर्चा के लिए छात्र भी बेहद उत्साहित हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी), परीक्षा से जुड़े तनाव को सीखने के उत्सव में बदलने की पहल है। इसके 8वें संस्करण में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। वर्ष 2018 में परीक्षा पे चर्चा एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है, जिसने वर्ष 2025 में अपने 8वें संस्करण के लिए 3.56 करोड़ पंजीकरण प्राप्त किए हैं। ये 7वें संस्करण में 2.26 करोड़ पंजीकरण हुए थे, जो 1.3 करोड़ पंजीकरणों की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। परीक्षा पे चर्चा न केवल एक लोकप्रिय कार्यक्रम बन गया है, बल्कि यह एक “जन आंदोलन” में भी बदल गया है। यह पूरे देश में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ गहराई से जुड़ गया है। परीक्षा के तनाव को दूर करने और छात्रों को परीक्षाओं को एक त्योहार – “उत्सव” के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित करता है। परीक्षा पे चर्चा में अधिकतम भागीदारी मानसिक सेहत और समग्र शिक्षा के महत्व के बारे में बढ़ती जागरूकता और स्वीकृति को दर्शाती है। कार्यक्रम का इंटरैक्टिव प्रारूप, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और प्रधान मंत्री के बीच खुला संवाद शामिल है, ने इसकी सफलता में और योगदान दिया है। परीक्षा पे चर्चा को “जन आंदोलन” के रूप में और मजबूत करने के लिए 12 जनवरी 2025 (राष्ट्रीय युवा दिवस) से 23 जनवरी 2025 (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) तक स्कूल स्तर पर कई आकर्षक गतिविधियां आयोजित की गईं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को परीक्षा पे चर्चा को एक उत्सव के रूप में मनाने में शामिल करना था। कुल 1.42 करोड़ छात्र, 12.81 लाख शिक्षक और 2.94 लाख स्कूलों ने भाग लिया। ये गतिविधियां तनाव को कम करने, ध्यान केंद्रित करने और परीक्षा के दौरान और उसके बाद प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई थीं। छात्रों को खो-खो और कबड्डी जैसे स्वदेशी खेलों, छोटी दूरी की मैराथन, रचनात्मक मीम प्रतियोगिता, आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रदर्शनों और आकर्षक पोस्टर बनाने सहित विविध प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्हें छात्र प्रशंसापत्रों के माध्यम से अपने अनुभव साझा करने, छात्र-नेतृत्व वाली चर्चाओं में भाग लेने और विश्राम और मन की शांति विकसित करने के लिए योग और ध्यान सत्रों में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। स्कूलों ने विद्यार्थियों के लिए नाटकों का आयोजन किया, कार्यशालाएं आयोजित कीं तथा अपने विचार साझा करने के लिए विशेष अतिथियों को आमंत्रित भी किया।  

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