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छत्तीसगढ़ में आज विद्यासागर महाराज के समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल हुए गृहमंत्री अमित शाह

डोंगरगढ़  चंद्रगिरि तीर्थ में आयोजित विनयांजलि समारोह में अमित शाह शामिल हुए। इस समारोह में CM साय भी मौजूद है। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर की तस्वीर वाला 100 रुपए का स्मृति सिक्का भी जारी कर सकते हैं। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विशेष डाक टिकट भी जारी किए जा सकते हैं जैन समाज के मुताबिक अमित शाह भारतीय डाक विभाग की ओर से विशेष डाक टिकट और लिफाफे भी जारी किए जा सकते हैं। बता दें कि 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर चंद्रगिरी ट्रस्ट द्वारा 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महातीर्थ बन चुका है डोंगरगढ़ डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। संयम का रास्ता दिखाया विद्यासागर महाराज ने समाज को देशभक्ति और संयम का रास्ता दिखाया। राष्ट्र संत विद्यासागर महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके द्वारा स्थापित कई सामाजिक प्रकल्प आज भी डोंगरगढ़ में सक्रिय हैं। स्कूल और गौशाला संचालित जैन समाज के मुताबिक क्षेत्र में स्थित प्रतिभा स्थली स्कूल बेटियों की शिक्षा के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ आवासीय स्कूल है। इसके अतिरिक्त, चंद्रगिरी तीर्थ में हथकरघा उद्योग और एक विशाल गौशाला भी संचालित है, जो उनकी सामाजिक दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं।  

महिला वर्ग के खेलों में ट्रांसजेंडरों की एंट्री पर लगा स्टॉप, डोनाल्ड ट्रंप ने लिया बड़ा फैसला

न्यूयॉर्क  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ ग्रहण करने के बाद में लगातार एक्शन में है। कार्यकाल की शुरुआत में ही उन्होंने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसमें एक फैसला खिलाड़ियों से जुड़ा हुआ भी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक ऐसे कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत ट्रांसजेंडर खिलाड़ी महिला वर्ग के खेलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। डोनाल्ड ट्रंप का यह आदेश उन पर लागू होगा जो जन्म के समय पुरुष थे और बाद में लिंग परिवर्तन कराकर महिला बन गए। ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान कहा था कि पुरुषों को महिलाओं के खेलों से दूर रखा जाना चाहिए। एपी वोटकास्ट के मुताबिक, आधे से ज्यादा वोटर्स ने कहा कि सरकार और समाज में ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए समर्थन बहुत आगे बढ़ गया है। उन्होंने चुनाव से पहले बयानबाजी जारी रखी और ट्रांसजेंडर पागलपन से छुटकारा पाने का वादा किया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह आदेश ‘शीर्षक IX’ के वादे को बनाए रखेगा और ऐसे स्कूलों और एथलेटिक संघों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की आवश्यकता होगी, जो महिलाओं को एकल-लिंग वाले खेलों और लॉकर रूम से वंचित करते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान शिक्षा सचिव बेट्सी डेवोस ने 2020 में एक शीर्षक IX नीति जारी की। इसने यौन उत्पीड़न की परिभाषा को सीमित कर दिया और कॉलेजों को केवल तभी दावों की जांच करने की जरूरत थी जब उन्हें कुछ अधिकारियों को सूचित किया गया हो। पूर्व राष्ट्रपति की सरकार ने वापस लिया था प्रस्ताव पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार ने एक नियम प्रस्तावित किया था, जो स्कूलों को ट्रांसजेंडर एथलीट्स को पूरी तरह प्रतिबंधित करने से रोकता, लेकिन कुछ मामलों में सुरक्षा और निष्पक्षता की बुनियाद पर सीमाएं लगाने की इजाजत देता। हालांकि दिसंबर 2023 में बाइडेन प्रशासन ने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया, क्योंकि इसे लेकर विवाद था और कानूनी मुश्किलें सामने आ रही थीं। अमेरिका की सेना में भी ट्रांसजेंडर्स की भर्ती पर लग सकती है रोक डोनाल्ड ट्रंप का यह आदेश ट्रांसजेंडर आबादी पर किस तरह से असर डालेगा अभी तो यह साफ नहीं है, लेकिन उनकी संख्या के बारे में पता लगाना बेहद ही मुश्किल है। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना में ट्रांसजेंडर्स की भर्ती के आदेश पर भी रोक लगाने के एक कार्यकारी आदेश पर साइन किए हैं। कार्यकारी आदेश के तहत नए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पेंटागन नीति की समीक्षा करेंगे और समीक्षा के बाद ट्रांसजेंडर्स सैनिकों के अमेरिकी सेना में भर्ती पर रोक लगाने का फैसला कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने जेलों में बंदियों की सुरक्षा और सुधार गतिविधियों में तेजी लाने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब बंदियों को जमानत एवं जुर्माना अदा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपए तक की जुर्माना राशि मंजूर की जाती है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अबतक 31 बंदियों को जुर्माना एवं जमानत के रूप में 6 लाख 43 लाख 517 रुपए की राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के प्रावधानों का पालन करने में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। इस धारा में यह प्रावधान है कि “जेल अधीक्षक, जेल में निरूद्ध अभियुक्त व्यक्ति के उपबंधित कारावास की आधार या एक-तिहाई अवधि पूर्ण होने पर, ऐसे व्यक्ति को जमानत पर निर्मुक्त करने के लिए संबंधित माननीय न्यायालय को कार्रवाई करने के लिए तुरन्त लिखित में आवेदन करेगा।” इस प्रावधान के तहत प्रदेश के 78 केदियों के प्रकरण न्यायालय की ओर भेजे गाए जिनमें से 46 केदियों के पक्ष में कार्यवाही हुई और वे रिहा कर दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों ही मामलों में प्रदेश के अव्वल रहने पर जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादवबुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राज्य की जेलों में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और उनके बौद्धिक एवं चारित्रिक सुधार की गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए। प्रदेश की सभी जेलों में जारी है ई-प्रिजन व्यवस्था बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी जेलों में ई-प्रिजन व्यवस्था लागू है। इस व्यवस्था में बंदियों से संबंधित जानकारियों को निरंतर अद्यतन किया जाता है। ई-प्रिजन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए (लीगेसी डाटा के साथ) अबतक कुल 13 लाख 17 हजार 303 आमद दर्ज की जा चुकी है। आईसीजेएस के माध्यम से 1लाख 31 हजार से अधिक बंदियों की जानकारी प्रविष्टि भी की जा चुकी है। बताया गया कि गत 1 जुलाई 2024 से अब तक नवीन आपराधिक कानून के अंतर्गत ई-प्रिजन पर 48 हजार 139 बंदियों की आमद हुई है। जेलों की क्षमता में वृद्धि के प्रयास भी किए जा रहे हैं। 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर भी सजा में छूट देकर समय पूर्व रिहाई का प्रस्ताव मान्य बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिवर्ष 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर बंदियों को समय पूर्व रिहाई किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कहा कि अच्छे आचरण वाले बंदियों को इस विशेष दिवस पर विशेष परिहार प्रदान किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुली जेलों से बंदियों को स्वतंत्रता का अहसास होने का जिक्र कर प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल केवल सजा भुगतने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बंदियों के लिए कौशल विकास, योग, आध्यात्मिक शिक्षा और काउंसलिंग जैसी योजनाओं को विस्तार देने पर बल दिया। इससे न केवल बंदियों का मानसिक एवं चारित्रिक विकास होगा, बल्कि उनकी समाज में पुनः सकारात्मक रूप से वापसी भी सुनिश्चित होगी। नवाचारों को दें प्रोत्साहन बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जेल सुधार कार्य में समाज की भी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सामाजिक व धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों की मदद से सुधार कार्यक्रम चलाने की जरूरत बताई। राज्य सरकार बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास करेगी ताकि वे भविष्य में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं जीपी सिंह, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं मनीष सिंह, एडीजी अखेतो सेमा, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों ने विभाग की मौजूदा कार्यप्रणाली, गत एक वर्ष की गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी।  

आचार्य विद्यासागर के प्रथम समाधि स्मृति दिवस विधानसभा परिसर में मनाया गया

भोपाल भोपाल में विधानसभा परिसर में पहली बार किसी जैन संत का स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। आचार्य विद्यासागर महाराज के स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रहे। सीएम ने मंच पर बैठे मुनि प्रमाण सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन (पैर धोए) किया। कार्यक्रम में आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर आधारित 25 किताबों का विमोचन किया गया। जैन समाज के अध्यक्ष ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का नाम आचार्य विद्यासागर के नाम पर करने की मांग की है। दिगंबर जैन मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा रोशनपुरा चौराहा, मालवीय नगर, बिरला मंदिर होते हुए विधानसभा पहुंची। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद आलोक शर्मा भी मौजूद हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी पहुंचे। सीएम बोले- आचार्य विद्यासागर देवता के रूप में विद्यमान हो गए कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, आचार्य विद्यासागर महाराज के भीतर जो मानव सेवा का भाव रहा है उसके चलते वो जीते जी देवता के रूप में हम सब के बीच विद्यमान हो गए। सीएम यादव ने गोमाता का जिक्र करते हुए कहा कि गोमाता के माध्यम से पूरी प्रकृति बदल सकती है। हम सबके जीवन में पूरा बदलाव आ सकता है। गोमाता के भीतर वह भाव है जो अपने बच्चों का ख्याल रखती है और मनुष्य के बच्चों का भी ख्याल रखती है। जैन मुनियों ने निकाली शोभायात्रा विधानसभा में यह आयोजन श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी भोपाल के माध्यम से प्रथम समाधि स्मृति दिवस विधानसभा परिसर में मनाया जा रहा है। विधानसभा में 108 प्रमाण सागर महाराज, मुनि आदित्य सागर के ससंघ में मनाया जा रहा है। विधानसभा के लिए मुनि आदित्य सागर महाराज सुबह 7.30 बजे पैदल शोभायात्रा निकालते हुए विधान सभा परिसर के लिए रवाना हुए है। केन्द्र सरकार जारी करेगी सिक्का आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने जैनाचार्य विद्यासागर महाराज के प्रथम समाधि दिवस के मौके पर 100 रुपये मूल्य का स्मारक सिक्का जारी किया करने का निर्णय लिया था। सिक्का जारी होने की अधिसूचना 31 जनवरी को जारी की गई थी। इस 100 रूपये मूल्य के सिक्के में जैनाचार्य विद्यासागर महामुनिराज की तस्वीर को अंकित किया गया है। आज 6 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह विद्यासागर के प्रथम समाधि दिवस के पर सिक्का जारी करेंगे। डोंगरगढ़ जांएगे अमित शाह देश के गृहमंत्री अमित शाह आज डोंगरगढ़ जाएंगे। जहां वे चंद्र गिरी तीर्थ में विद्यासागर महाराज की समाधि स्थल के दर्शन करेंगे। इस दौरान अमित शाह 100 रूपये का सिक्का भी जारी कर सकते है। बता दें कि 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी।

राजधानी भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियां जोरों पर, मेहमान चखेंगे मालवा-निमाड़ का स्वाद

भोपाल  ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। नगर निगम व लोक निर्माण विभाग शहर को संवार रहे हैं। इसी तरह मप्र टूरिज्म बोर्ड मेहमानों की खातिरदारी की व्यवस्था में लगा हुआ है। डाटा सेंटर में निवेश के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पहले दिन ही दूसरी समिट ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा की होगी। इसमें खासतौर पर मोहासा बाबई में बन रहे ऊर्जा पार्क को प्रोजेक्ट कर उसमें बड़ी कंपनियों से निवेश आमंत्रित किया जाएगा। बता दें कि भोपाल में 24 फरवरी से दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) शुरू होगी। इसका शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को सुबह 10 बजे करेंगे। नामी कंपनियों को आमंत्रण पांच सेक्टर एमएसएमई, खनिज, आईटी, ऊर्जा और नगरीय विकास में सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने के लिए अलग-अलग समिट कराई जाएंगी। इन क्षेत्रों से संबंधित विभाग तैयारी में जुटे हैं। इन समिट में कम से कम एक हजार उद्योगपतियों और निवेशकों को लाने का टारगेट दिया गया है। हालांकि इन समिट में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। 24 को दो विभागीय समिट होंगी। पहली आइटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की। तैयारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और मप्र इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा की जा रही है। टीसीएस, इंफोसिस, आइबीएम जैसी कंपनियों को भी न्योता दिया जा रहा है। हाल ही में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसियों को लॉन्च किया गया है। दूसरे दिन यह होगा 25 को पहली समिट एमएसएमई और स्टार्टअप को लेकर होगी। प्रदेश के एमएसएमई और स्टार्टअप परिदृश्य की ब्रांडिंग की जाएगी। माइनिंग की दूसरी समिट में प्रदेश में उपलब्ध क्रिटिकल मिनरल जैसे ग्रेफाइट, रॉक फॉस्फेट, ग्लूकोनाइट आदि की ब्रांडिंग होगी। एक्सप्लोरेशन और खनिज संबंधी उद्योगों की स्थापना पर फोकस रहेगा। तीसरी समिट नगरीय विकास की होगी। शहरों के विकास, मूलभूत सुविधाओं, बड़ी कचरा प्रबंधन परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं आदि के लिए निवेश आमंत्रित किया जाएगा। मेहमान चखेंगे मालवा-निमाड़ का स्वाद भोपाल में 24 और 25 फरवरी को होने जा रहे इंवेस्टर्स समिट में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलाया गया है. इसमें रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी, अदाणी समूह के गौतम अडानी सहित कई बड़े उद्योगपति के अलावा विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी होंगे. उधर समिट में आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के फूड से लुभाया जाएगा. इसके लिए एमपी टूरिज्म द्वारा खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है. देश-विदेश के मेहमानों को मालवा के दाल पानिये, मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. वहीं बुंदेखंड के बरा और चंबल के बफोरी भी मेन्यु में शामिल किए जा रहे हैं. स्थानीय खानों के अलावा कॉन्टिनेंटल, चाइनीज फूड भी होंगे. 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ मध्य प्रदेश के आथित्य और अलग-अलग क्षेत्र के स्वाद से भी रू-ब-रू कराया जाएगा. समिट में देश के नामचीन उद्योगपतियों के अलावा दूसरे देशों की बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में करीबन 5 हजार निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मेहमानों के सामने मध्य प्रदेश के संस्कृति और खान-पान की ब्रांडिंग भी की जाएगी. इसके लिए मेहमानों के सामने 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे. इनमें मध्य प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रों की डिसेस को परोसा जाएगा. इसमें इंडियन और इंटरनेशनल फूड के अलावा स्थानीय डिसेस भी होंगी. इनके हिसाब से अलग-अलग फूड जोन बनाए जाएंगे. दाल बाफले, दाल पानिए परोसे जाएंगे देशी-विदेशी मेहमानों को मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध दाल बाफले परोसे जाएंगे. इसके अलावा दाल पानिये, आमड़ी की भाजी और मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. बुंदेलखंड क्षेत्र के बरा, गक्कड़-भर्ता, चंबल का बफोरी के अलावा मिलेट्स की रोटी और मिलेट्स के स्वीट्स परोसे जाएंगे. मेन्यु में मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के एक-एक स्पेशल व्यंजन को शामिल किया जाएगा. फूड जोन में व्यंजनों के साथ उनकी खासियत और क्षेत्र के नामों को प्रदर्शित किया जाएगा. दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ वीरेन्द्र बताते हैं कि “मेन्यू में विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वाद का विशेष ख्याल रखा जाएगा. हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले सभी मेहमान सभी डिसेस का स्वाद लेकर जाएं. व्यंजनों में स्थानीय के साथ इंडियन और इंटरनेशनल फूड को भी शामिल किया जाएगा. कई डिसेज के लिए मुंबई और पुणे से स्पेशल मसालों को बुलाया जा रहा है. इसमें स्नोपी, बूसल, स्प्राट खासतौर से बुलाए जा रहे हैं.

मोहन सरकार का छात्रों को तोहफा, CM ने किया टॉपर्स को स्कूटी के बाद अब लैपटॉप देने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार स्कूटी के बाद अब मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत हाई सेकेंडरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने वाली है. फरवरी की 15 तारीख को लैपटॉप की सौगात विद्यार्थियों को मिल जाएगी. मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हायर सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी. यह योजना साल 2009 में शुरू हुई थी. उस समय 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की घोषणा की गई थी. इसके बाद सरकार ने अपने क्राइटेरिया में थोड़ी कमी लाते हुए बड़ा दिल दिखाया. सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी लैपटॉप की सौगात दी जाएगी. सरकार की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ उठाया है. साल 2022-23 की बात करें तो 78,641 विद्यार्थियों को यह फायदा मिला था. इसके बाद इस साल लगभग 12,000 विद्यार्थियों का आंकड़ा बढ़ चुका है. इस बार लगभग 90,000 विद्यार्थियों को लैपटॉप की योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि फरवरीमें लैपटॉप भी विद्यार्थियों को मिल जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि 15 फरवरी से लैपटॉप दिए जाने की योजना अमली जामा पहनना शुरू कर देगी. ₹25000 देती है डॉ मोहन यादव सरकार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार हाई सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की राशि देती है. इस साल इस योजना पर सरकार 225 करोड रुपये से ज्यादा की राशि खर्च करने वाली है. सरकार ने स्कूटी पर भी करोड़ों रुपये की राशि खर्च करते हुए विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया है.

उज्जैन सिंहस्थ मेला 3360 हेक्टेयर में लगेगा, 15 करोड़ लोग जुटेंगे, 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार

उज्जैन उज्जैन सिंहस्थ मेला क्षेत्र के विकास के लिए आगामी 15 अप्रैल तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। भवन अनुज्ञा का कार्य आगामी 15 जून तक कर लिया जाएगा और 25 जून से कार्य प्रारंभ होगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में नगर विकास योजना की कार्ययोजना तैयार कर कार्य की शुरु हुआ। यहां 200 एमएलडी पेयजल क्षमता का मेला क्षेत्र में विकास किया जाएगा। सीवर नेटवर्क डिजाइन के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में 160 एमएलडी का सीवरेज जनरेशन होगा जिसमें 100 एमएलडी क्षमता के स्थाई एसटीपी निर्माण किए जाएंगे और अस्थाई रूप से 60 एमएलडी क्षमता के सीवरेज का निष्पादन किया जाएगा। यहां होने वाले विकास कार्यों की तैयारियों की समीक्षा जापान से लौटने के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने की। उन्होंने उज्जैन में चल रहे कई निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया है। पानी का इंतजाम कैसे करेंगे यह भी तय कर रही सरकार सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की मौजूदगी के चलते प्रतिदिन उज्जैन शहर में पानी की कितनी डिमांड होगी। इसके आधार पर भी व्यवस्था बनाने पर सरकार फोकस कर रही है। वर्तमान में उज्जैन शहर की जनसंख्या लगभग 8.65 लाख है। इसमें प्रतिदिन पेयजल की मांग 178.28 एमएलडी है। अम्बोदिया, गऊघाट, साहिबखेड़ी और उंडासा के जलाशयों को मिलाकर कुल पानी की क्षमता 151.01 एमएलडी है। प्रस्तावित सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना से 51 एमसीएम, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना से 58.34 एमसीएम पेयजल की सप्लाई की जा सकेगी। इसके अलावा न्यू अम्बोदिया की 68 एमएलडी पेयजल क्षमता की परियोजना प्रस्तावित है। साथ ही 860 करोड़ रुपए की लागत से हरियाखेड़ी परियोजना पर 100 एमएलडी पेयजल क्षमता की परियोजना का विकास भी किया जा रहा है। 6 सेक्टर में बंटेगा सिंहस्थ मेला जोन: मेडिसिटी बना रहे, 550 बिस्तर का मिलेगा अस्पताल उज्जैन में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर भी सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है। बीडीसी (भवन विकास निगम) के द्वारा मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लागत कुल 592.3 करोड़ रुपए है। इसमें 550 बिस्तर की क्षमता होगी। सिंहस्थ में जनसंख्या के पीक लोड वाले दिनों में विस्तार योग्य क्षमता जोड़ी जाएगी तथा सामान्य दिनों में स्वास्थ्यकर्मियों और संसाधनों की क्षमता के अनुरूप कार्य योजना बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 500 अस्थायी अस्पताल बनाए जाएंगे और कैम्प लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अनुसार 6 जोन में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। सिंहस्थ के गर्मी के मौसम में आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए इलेक्ट्रोलाइट की उपलब्धता समस्त मेला क्षेत्र में जगह-जगह तय की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपदा की स्थिति में कार्ययोजना स्टेट यूनिट के साथ मिलकर बनाई जाएगी। मेले के दौरान बर्न यूनिट, एम्बुलेंस की सुविधा, ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर आदि की सम्पूर्ण तैयारी रखने पर फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का विशेष ध्यान हैजा और अन्य मौसम जनित बीमारियों और आपदा प्रबंधन के रिस्पांस पर भी ध्यान रखा जाएगा। स्वास्थ्य प्लान में आयुष विभाग को भी जोड़ा जाएगा। साफ सफाई के लिए 16220 सफाई कर्मियों के जरूरत सिंहस्थ में साफ-सफाई व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि सड़क एवं अन्य सफाई कर्मियों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा कचरा संग्रहण के लिए लगभग 5 हजार सफाई कर्मियों की आवश्यकता होगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी। इस स्थिति को ध्यान में रखने के साथ ऑउटसोर्स एजेंसी के कार्यों की मॉनिटरिंग की जाने तथा इसका समय-समय पर फॉलोअप पर भी फोकस किया जाएगा। फेस रिकग्नीशन, एलर्ट सिस्टम के साफ्टवेयर डेवलप होंगे वर्तमान में आईटीएमएस जंक्शन सिस्टम सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए डेवलप किया जा रहा है। सिंहस्थ के समय आईटीएमएस पुलिस विभाग को सौंपा जाएगा। सिंहस्थ में फेस रिकग्निशन, अलर्ट सिस्टम, फायर अलार्म के सभी सॉफ्टवेयर एमपीएसईडीसी के द्वारा विकसित किए जाएंगे। यह कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है। इसके अलावा सिंहस्थ 2028 के लिए ऑल इन वन ऐप भी बनाया जाएगा जिसमें ड्रोन सर्विस, यातायात और वाहन प्रबंधन, मानव संसाधन और कार्य प्रगति की जानकारी की सुविधा मिल सकेगी। सिंहस्थ में वाहनों की पार्किंग की उपलब्धता के लिए ऑनलाइन डेटा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जीआईएस आधारित उपयोगिता सिस्टम बनाया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र का वर्चुअल टूर ऐप के माध्यम से कराया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से भी विकास सिंहस्थ में पर्यटन की दृष्टि से किए जाने वाले विकास कार्यों की समीक्षा में महाराजवाड़ा हेरिटेज होटल, ओमकार सर्किट, ग्रांड होटल उज्जैन का उन्नयन एवं नवीन कक्षों का विस्तार होटल क्षिप्रा रेसीडेंसी के उन्नयन कार्य, देवी अहिल्या लोक महेश्वर, गंभीर डेम में जलक्रीडा सुविधाएं, बोट क्लब एवं रेस्टोरेंट, 10 करोड़ रुपए की लागत से पंचकोशी यात्रा मार्ग के पड़ावों का विकास, सिंहस्थ टेंट सिटी विकास, अष्ट भैरव मंदिरों के विकास कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। महाकाल महालोक में मूर्तियों के नीचे होगा पौराणिक कथाओं का वर्णन श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अंतर्गत नारायणा धाम के श्रीकृष्ण सुदामा मंदिर के विकास कार्य भी कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री महाकाल लोक की मूर्तियों के नीचे पौराणिक कथाओं का वर्णन किया जाएगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्टोन क्लेडिंग और न्यू वेटिंग हॉल, श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश टनल मार्बल क्लेडिंग और फ्लोरिंग कार्य, आपातकालीन निर्गम, पालकी हॉल, मार्बल क्लेडिंग और फ्लोरिंग के कार्य, विजिटर फेसिलिटेशन सेंटर और श्री महाकालेश्वर भक्त निवास निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। रोड रेस्टोरेशन की लगातार मानिटरिंग हो उज्जैन में अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोड रेस्टोरेशन के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर सभी रिस्टोरेशन कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण किए जाएं। रोड रेस्टोरेशन के पूर्ण कार्यों का पुन: निरीक्षण अगले एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों एवं एसडीएम की टीम के साथ किए जाने के बाद ही कार्य पूर्णता का सर्टिफिकेट दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत रोड रेस्टोरेशन, रोड खुदाई एवं योजना के संपूर्ण कार्यों की जानकारी सतत रूप से स्थानीय विधायकों को दी जाए। अफसरों के ये भी निर्देश सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए सड़क के दोनों तरफ लेवलिंग के कार्य के बाद ही कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र दिया जाए। वर्षा ऋतु में सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना पर अभी … Read more

मिलावटी दूध के विक्रय की रोकथाम के लिए कलेक्टर का महत्वपूर्ण आदेश, उपभोक्ताओं को एसएनएफ की मात्रा बतानी होगी

इंदौर मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में दूध की गुणवत्ता और उपभोक्ता स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कलेक्टर आशीष सिंह ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। इसके तहत सभी दूध विक्रेताओं और डेयरी संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों पर फैट (वसा) मापक यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है।  यह कदम अपमिश्रित और मिलावटी दूध के विक्रय की रोकथाम और संक्रामक रोगों की रोकथाम के उद्देश्य से उठाया गया है। कलेक्टर ने बताया, भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। दूध में फैट व एसएनएफ की मात्रा, आवक व विक्रय की जानकारी डिस्प्ले करना भी जरूरी है। कैन पर लिखनी होगी मात्रा की जानकारी उपभोक्ताओं के सामने विक्रेता को दूध का परीक्षण कर फैट और एसएनएफ की मात्रा बतानी होगी। इस यंत्र के इस्तेमाल और संचालन की जानकारी भी उपभोक्ताओं को देने का दायित्व विक्रेताओं का रहेगा। जो दूध विक्रेता डोर-टू-डोर सप्लाय करते हैं उन्हें अपने साथ मापक यंत्र रखना होगा या दूध के डिब्बों, कैन पर मात्रा को प्रतिदिन लिखकर प्रदर्शित करना होगा। आदेश 3 अप्रेल तक लागू रहेगा। इस कारण लिया फैसला नए नियम की जानकारी देते हुए कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि दूध में मिलावट के कई मामले सामने आ रहे हैं. दूध में जहरीली चीजें मिलाकर बेची जा रही है. ऐसे में मिलावटी दूध पर रोक लगाने के लिए ये फैसला लिया गया है. इससे संक्रामक रोगों पर भी लगाम लगाई जा सकेगी. भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत इस आदेश को जारी किया गया है. अब दूध में मौजूद फैट की मात्रा से लेकर कई जानकारी देना जरुरी है. भरना पड़ेगा जुर्माना नए आदेश के मुताबिक़, अगर दुग्ध उत्पादकों ने नियमों को नहीं माना तो उन्हें इसके लिए सजा दी जाएगी. विक्रेता को बताना होगा कि दूध में कितना फैट है. साथ ही इसमें मौजूद एसएनएफ की मात्रा भी बतानी होगी. इसके लिए यंत्र जारी किया गया है जिसमें दूध डालते ही उसकी सारी असलियत सामने आ जाएगी. वहीं जो उत्पादक लोगों को घर पर दूध की सप्लाई करते हैं, उन्हें डिब्बे पर इसकी जानकारी देना जरुरी है. सिर्फ 10 रुपए में कीजिए दूध में मिलावट की जांच  जो न केवल सस्ती हो, बल्कि कोई भी इसका इस्तेमाल बिना किसी परेशानी के कर सके। एनडीआरआई करनाल ने एक दूध परीक्षण किट विकसित की है जो काफी सस्ती है और बहुत कम समय में दूध में मिलावट का पता लगा सकती है। स्ट्रिप की मदद से दूध में यूरिया, स्टार्टर, डिटर्जेंट पाउडर, ग्लूकोज न्यूट्रलाइजर, रिफाइंड तेल और हाइड्रोजन परऑक्साइड की मात्रा की जांच की जा सकती है। मिलावट की जांच के लिए संस्थान ने आठ तरह की स्ट्रिप विकसित की है।  स्ट्रिप को दूध में डुबोया जाता है। इससे सिर्फ 8-10 मिनट में दूध में मिलावट की जांच की जा सकती है। हर मिलावटी तत्व के लिए अलग स्ट्रिप होती है। दूध में मिलावट हो तो स्ट्रिप का रंग बदल जाता है, जिसके आधार पर पता लगाया जा सकता है कि दूध में कितनी मिलावट है। उन्होंने कहा कि दूध में फैट प्रतिशत बढ़ाने के लिए वनस्पति तेल मिलाया जाता है लेकिन वनस्पति तेल दूध में नहीं घुल सकता है। इसे दूध में मिलाने के लिए डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। दूध में अगर डिटर्जेंट पाउडर मिलाया  गया है तो स्ट्रिप का रंग नीला हो जाता है। दूध में यूरिया का पता लगाने के लिए एक पीले कागज की स्ट्रिप विकसित की गई है। इसे दूध में डुबोया जाता है। अगर दूध में यूरिया का मिलावट है  तो पीली स्ट्रिप लाल रंग की हो जाती है।  अगर दूध में यूरिया की मिलावट नही है तो स्ट्रिप गुलाबी या पीले रंग की हो जाती है । इसका परिणाम तीन मिनट में आ जाता है।

2050 तक पाकिस्तान की जनसंख्या 38 करोड़ से अधिक हो जाएगी, प्रजनन दर 2.5 तक

इस्लामाबाद  कंगाली में डूबा पाकिस्तान तमाम सूचकांकों में पीछे है, लेकिन बच्चा पैदा करने के मामले में यह काफी आगे है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि साल 2050 तक पाकिस्तान जनसंख्या के मामले में अमेरिका को भी पीछे छोड़ देगा और दुनिया की तीसरा सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन जाएगा। ऐसा तब हुआ है जब पिछले तीन दशक के दौरान पाकिस्तान में जन्म दर में बड़ी गिरावट देखी गई है। 3.6 है पाकिस्तान की प्रजनन दर संयुक्त राष्ट्र विश्व प्रजनन रिपोर्ट 2024 के अनुसार, पाकिस्तान की प्रजनन दर साल 2024 में 3.6 पर है, जो एशिया के तमाम देशों से बहुत ज्यादा है। हालांकि, 1994 में पाकिस्तान की अपनी ही प्रजनन दर की तुलना में यह काफी कम हुई है। साल 1994 में पाकिस्तान में प्रति महिला जीवित प्रजनन दर 6 थी। इसका मतलब है कि हर महिला औसतन छह बच्चों को जन्म देती थी। तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश बनेगा इस गिरावट के बावजूद, अनुमान है कि साल 2050 तक पाकिस्तान अमेरिका, इंडोनेशिया,ब्राजील और रूस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा। साल 1947 में पाकिस्तान बनने के समय देश की जनसंख्या 3.1 करोड़ थी, जो 2023 की जनगणना के अनुसार 24.1 करोड़ हो गई है। कितनी हो जाएगी पाकिस्तान की जनसंख्या? संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 2050 तक पाकिस्तान की जनसंख्या 38 करोड़ से अधिक हो जाएगी। वहीं, 2054 तक प्रजनन दर में और गिरावट आने की उम्मीद है, जो घटकर 2.5 तक हो जाएगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के साथ-साथ इथियोपिया, नाइजीरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य जैसे मुस्लिम देशों में 2024 में वैश्विक जन्म का 43 प्रतिशत हिस्सा रहा। देश की बढ़ती आबादी ने पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा दिया है। जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए देश परिवार नियोजन कार्यक्रमों,गर्भनिरोधक वितरण और ग्रामीण शिक्षा अभियानों समेत विभिन्न उपायों का सहारा ले रहा है। हालांकि, धार्मिक कट्टरता, सांस्कृतिक बाधाएं और शिक्षा तक सीमित पहुंच इसमें बाधा डाल रही है। धार्मिक कट्टरता के चलते परिवार नियोजन उपायों को देश में बुरी नजर से देखा जाता है।

MP में हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा

मध्यप्रदेश में जापान की मदद से बनेगा हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में  हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा। जापान के सहयोग से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर  जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लेंगे। कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड इंड्रस्ट्री में जापान सहयोग करेगा। ई-वी निर्माण में जापान सहयोग देगा। जापान के सहयोग से मध्यप्रदेश को बनाएंगे आइडियल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  कहा कि यात्रा में उन्होंने जापानी निवेशकों और उद्योगपतियों को भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने की गहरी रुचि दिखाई है और कई प्रमुख कंपनियां आगामी समिट में हिस्सा लेंगी। उन्होंने जापान के विभिन्न उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ बिजनेस टू बिजनेस (बी-टू-बी) और जापान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (जी-टू-जी) मुलाकात की और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बात की। जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जल्द ही जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जापान प्लस सेल की भी स्थापना की जाएगी, जो जापानी निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क और फॉलोअप करेगी। मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को फरवरी में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2025) में आमंत्रित किया, जिससे निवेश के नए अवसर खुलेंगे। जापान होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कंट्री पार्टनर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार जापान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. यादव ने बताया कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल (रेडिमेड गारमेन्ट्स) सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जताई है। जापानी कंपनियों का निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा। जापानी कंपनियों के सहयोग से हम प्रदेश को इन्वेस्टमेंट के लिए एक ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली स्टेट’ बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार उद्योगों के विकास के लिए बेहतर अधोसंरचनाएं, सरल निवेश नीतियां और निवेशकों को एक बेहद अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जापानी निवेशकों को विश्वास दिलाया कि वे बेहिचक यहां निवेश करें, राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इस सफल यात्रा से जापानी कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश में किया जाने वाला निवेश यहां रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और औद्योगिक विकास को गति भी देगा। जापान यात्रा मध्यप्रदेश को “निवेश का हब” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का आयोजन भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में होगा, जहां विभिन्न देशों के निवेशक और उद्योगपति भाग लेंगे।     जापान भारत का पांचवा सबसे बड़ा निवेशक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में जापान, भारत का पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने पिछले दो दशकों में भारत में 38 बिलियन डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जो निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पहले से ही कई प्रमुख जापानी कंपनियां सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। ब्रिजस्टोन ने पीथमपुर में अपना विश्वस्तरीय टायर उत्पादन संयंत्र स्थापित किया है, जो रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पैनासोनिक जैसी दिग्गज कंपनी ने मध्यप्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। एनएसके, सानोह और कामात्सु जैसी जापानी कंपनियां भी प्रदेश में कार्यरत हैं, जो ऑटोमोटिव और मशीनरी क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। व्यापार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश से जापान को होने वाला निर्यात निरंतर बढ़ रहा है। यह दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का प्रमाण है। मोहन कैबिनेट का बड़े फैसले — भोपाल-इंदौर के बीच मेट्रो रेल प्रौद्योगिकी में शहरी विकास प्लानिंग, हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा। — मध्यप्रदेश में कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड के वैल्यू एडीशन में जापान मध्यप्रदेश में अपना सहयोग प्रदान करेगा। — सिसमेक्स कार्पोरेशन के साथ उज्जैन मेडिकल डिवाइस में निवेश और अनुसंधान का आश्वासन भी जापान ने दिया है। — आटोमोटी सेक्टर और ईवी मैनिफेक्चरिंग के लिए भी जापान ने सहयोग करने की सहमति दी है। — सीएम जनकल्याण के दौरान 30 हजार 716 शिविर 42.96 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 41.7 लाख के करीब लोगों के आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। — सर्वाधिक 9 लाख आयुष्मान भारत योजना के आवेदन मिले थे जिनमें से 99 प्रतिशत आवेदनों को स्वीकृत कर निराकरण कर दिया गया। सबसे ज्यादा आवेदन भोपाल में 2.40 लाख , छिंदवाड़ा 2.18 लाख, उज्जैन में 2.13 लाख आवेदन आए। — प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रथम चरण में एमपी में साढ़े 9.5 लाख मकान मिले थे जिनमें से 8.5 बनाकर मकान आवंटित किए हैं जिसके कारण मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया है। — पीएम आवास योजना 2.0 स्वीकृत हुई है जिसमें 10 लाख मकान मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे। BLC के तहत मकान बनाकर देंगे। अफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप में अगर किसी व्यक्ति का प्लॉट या पट्टा है तो उसके खाते में पैसे भेजे जाएंगे। सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक के लिए बनेंगे मकान — अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग योजना के तहत ऐसे लोगों को मकान बनाकर दिया जाएगा जो शहरी क्षेत्रों में आते हैं, या कहीं काम करते हैं। उनके लिए 10 लाख मकान बनाए जाएंगे। इनमें सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। — पीएम आवास योजना के जरिए एमपी को झुग्गी मुक्त बनाने की ओर काम किया जाएगा। — सेमी कंडक्टर में भी जापान के उद्योगपतियों ने निवेश … Read more

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारी शुरू, विकास प्राधिकरण द्वारा परियोजना को प्राथमिकता से किया जा रहा

 उज्जैन  धर्मधानी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा बीते दो दिनों से लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना बना रहे हैं। शिप्रा स्नान, महाकाल दर्शन व भीड़ नियत्रंण को लेकर बिंदुवार चर्चा हो रही है, लेकिन इन सब के अलावा शहर के प्राचीन मंदिरों के उन्नयन का प्लान भी तैयार किया जा रहा है। इनमें महाकाल वन में स्थित चौरासी महादेव के मंदिर विशेष हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वार करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से इन्हें संवारने का प्लान तैयार किया जा रहा है। हजारों भक्त आते हैं 84 महादेव के दर्शन करने उज्जैन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार सोनी ने बताया कि चौरासी महादेव मंदिरों का विकास प्राथमिकता से किया जा रहा है। प्रतिवर्ष देशभर से हजारों भक्त चौरासी महादेव के दर्शन करने उज्जैन आते हैं। श्रावण व अधिक मास में चौरासी महादेव दर्शन यात्रा भी निकाली जाती है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हों इसको लेकर समग्र योजना बनाई जा रही है। सलाहकार से मंदिरों का अध्ययन कराकर डिजाइन तैयार कराई गई है। इन चीजों का होगा निर्माण विचार-विमर्श के बाद, जो योजना तैयार हुई है, उसमें मंदिरों का विकास, आसपास की खाली जमीन का विकास, बाउंड्रीवाल, पहुंच मार्ग, रंगरोगन, लाइटिंग, हरियाली तथा नाली आदि का निर्माण शामिल है। जिन मंदिरों में जिस प्रकार के काम की आवश्यकता होगी, वह कराया जाएगा। कुल मिलाकर मंदिरों के संपूर्ण विकास की योजना बनाई गई है। पिछले सिंहस्थ में भी हुआ था काम चौरासी महादेव मंदिरों को लेकर सिंहस्थ 2016 में भी योजना बनाई गई थी। इसके तहत कई मंदिरों में परिसर आदि का निर्माण भी कराया गया था। प्राचीन मंदिर काले पत्थरों से निर्मित हैं, लेकिन शिखर पर रंग-रोगन तथा मरम्मत आदि के काम किए गए थे। इस बार महापर्व के पहले से संधारण शुरू होगा, इससे काम में गुणवत्ता भी बनी रहेगी। भोपाल के लाल परेड मैदान में दिखी थी झलक इस वर्ष भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में उज्जैन के चौरासी महादेव मंदिरों की झलक दिखाई दी थी। महाराज विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी के मार्गदर्शन में विरासत से विकास के अमर नायक राजा भोज देव के स्वर्णिम कालखंड पर बनाई गई झांकी में लघु फिल्म के माध्यम से उज्जैन के चौरासी महादेव के मंदिरों को भी दिखाया गया था। इससे स्पष्ट है कि इन मंदिरों का विकास मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है।

भारत को साल के अंत तक रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के चौथे स्क्वॉड्रन को प्राप्त होगा

नई दिल्ली भारत इस साल के अंत तक रूसी निर्मित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के चौथे स्क्वॉड्रन को प्राप्त करने वाला है. सूत्रों ने पुष्टि की है कि पांचवां स्क्वॉड्रन 2026 में आने की उम्मीद है. भारत ने पहले ही एस-400 प्रणाली के तीन स्क्वॉड्रन प्राप्त कर लिए हैं. उन्हें विभिन्न स्थानों पर तैनात किया है. भारत ने 2018 में रूस के साथ एस-400 प्रणाली के पांच स्क्वॉड्रन के लिए लगभग ₹35,000 करोड़ के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे. यह उन्नत वायु रक्षा प्रणाली भारत के रणनीतिक स्थानों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. एस-400 की तैनाती के प्रमुख क्षेत्रों में होगी सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए एक स्क्वॉड्रन को तैनात किया गया है. पठानकोट क्षेत्र में एक अन्य स्क्वॉड्रन को तैनात किया गया है ताकि जम्मू-कश्मीर और पंजाब की रक्षा को मजबूत किया जा सके. भारत की पश्चिमी सीमा पर एक स्क्वॉड्रन को तैनात किया गया है ताकि राजस्थान और गुजरात में महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. भारत के पास S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मौजूद होने की वजह से चीन या पाकिस्तान सीमा पार से नापाक हरकत नहीं कर पाएंगे. इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के बचे हुए यूनिट्स आने के बाद देश की सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी. एस-400 मिसाइल सिस्टम के ऑपरेटर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है. हथियार नहीं महाबली है यह अभेद्य रक्षा कवच एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हथियार नहीं महाबली है. इसके सामने किसी की भी साजिश नहीं चलती. यह आसमान से घात लगाकर आते हमलावर को पलभर में राख में बदल देता है. एस-400 मिसाइल सिस्टम को दुनिया की सबसे सक्षम मिसाइल प्रणाली माना जाता है. पाकिस्तान और चीन भारत के लिए हमेशा से चुनौती रहे हैं. भारत का इन देशों से युद्ध भी हो चुका है. शक्ति का संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसी मिसाइल प्रणाली की देश को जरूरत थी. भारत को एस-400 सिस्टम मिलने से भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होगा. 35 हजार करोड़ रुपए में हुई थी पांच यूनिट की डील भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे पांच सिस्टम खरीदने का करार  किया था जिसकी लागत 5 अरब डॉलर यानी 35,000 करोड़ रुपये है. चीन हो या पाकिस्तान S-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम के बल पर भारत न्यूक्लियर मिसाइलों को अपनी जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में ही ध्वस्त कर देगा. S-400 से भारत चीन-पाकिस्तान की सीमा के अंदर भी नजर रख सकेगा. जंग में भारत S-400 सिस्टम से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को उड़ने से पहले निशाना बना लेगा. चाहे चीन के जे-20 फाइटर प्लेन हो या फिर पाकिस्तान के अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान. यह मिसाइल सिस्टम इन सभी विमानों को नष्ट करने की ताकत रखता है.  रूस ने साल 2020-2024 तक भारत को एक-एक कर ये मिसाइल सिस्टम देने की बात कही थी.   एक बार में 72 मिसाइल दाग सकता है ये सिस्टम S-400 एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है. इसके सबसे खास बात ये है कि इस एयर डिफेंस सिस्टम को कहीं मूव करना बहुत आसान है क्योंकि इसे 8X8 के ट्रक पर माउंट किया जा सकता है. S-400 को नाटो द्वारा SA-21 Growler लॉन्ग रेंज डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी कहा जाता है. माइनस 50 डिग्री से लेकर माइनस 70 डिग्री तक तापमान में काम करने में सक्षम इस मिसाइल को नष्ट कर पाना दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल है. क्योंकि इसकी कोई फिक्स पोजिशन नहीं होती. इसलिए इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं कर सकते.   S-400 मिसाइल सिस्टम में चार तरह की मिसाइलें होती हैं जिनकी रेंज 40, 100, 200, और 400 किलोमीटर तक होती है.  यह सिस्टम 100 से लेकर 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को पहचान कर नष्ट कर सकता है.  एस-400 मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defence Missile System) का रडार बहुत अत्याधुनिक और ताकतवर है. 600 km की रेंज में 300 टारगेट ट्रैक करने की ताकत इसका रडार 600 किलोमीटर तक की रेंज में करीब 300 टारगेट ट्रैक कर सकता है. यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हवाई हमले से निपटने में सक्षम है. शीतयुद्ध के दौरान रूस और अमेरिका में हथियार बनाने की होड़ मची हुई थी. जब रूस अमेरिका जैसी मिसाइल नहीं बना सका तो उसने ऐसे सिस्टम पर काम करना शुरू किया जो इन मिसाइलों को टारगेट पर पहुंचने पर पहले ही खत्म कर दे.  

भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पारा लुढ़केगा, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बादल छाए, बारिश की संभावना

भोपाल  मध्‍य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। दिन के समय जहां गर्मी का अहसास शुरू हो गया है वहीं सुबह और रात के समय अभी भी ठंड का असर कायम है। आज 5 फरवरी की सुबह से ही मध्‍य प्रदेश के कई शहरों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसके चलते लोगों ने फिर से ठिठुरन महसूस की। कहा जा सकता है कि बसंत पंचमी के बाद भी अभी सर्दी का मौसम पूरी तरह से बीता नहीं है। इस बीच मौसम के जानकारों का ताजा अनुमान है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम बदल सकता है। कुछ शहरों में गरज और चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। प्रदेश का मौसम मंगलवार को मिलाजुला रहा। तीखी धूप की वजह से पूर्वी इलाकों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़े हैं, लेकिन पश्चिमी इलाकों में धूप-छांव की वजह से तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। हालांकि भोपाल और इंदौर में रात के तापमान में जरूर मामूली गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विभोक्ष है, जो द्रोणिका के रूप में पाकिस्तान पर है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पारा लुढ़केगा। वहीं, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। बाकी जिलों में भी तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, नीमच, भिंड, दतिया, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रही। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, मंडला में तापमान 34.7 डिग्री, सिवनी में 33.4 डिग्री, जबलपुर में 33.3 डिग्री, दमोह में 33 डिग्री रहा। भोपाल में 31.7 डिग्री, इंदौर में 30.6 डिग्री, ग्वालियर में 26.1 डिग्री और उज्जैन में पारा 30 डिग्री पर आ गया। सुबह और रात में ही ठंड का असर रहेगा मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी में सुबह और रात में ही ठंड का असर देखने को मिलेगा। दिन में तेज धूप खिली रहेगी, जिससे दिन गर्म ही रहेंगे। 20 फरवरी से यह असर और कम हो जाएगा। 12-13 फरवरी को बारिश के असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 8 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश के कुछ हिस्से में पहले सप्ताह में बादल छाए रहेंगे। 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान है। 20 फरवरी के बाद ठंड का असर और कम होगा। जिससे दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अभी दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड, तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़े बाड़े से कूनो के खुले जंगल में रिलीज किए 2 मादा चीता के साथ 3 शावक

शिवपुरी कूनो नेशनल पार्क में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मादा चीता धीरा, मादा चीता आशा और उसके 3 शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में रिलीज किया। जिसके बाद खुले जंगल में चीतों की संख्या अब 7 हो गई है। अब ये सभी चीते अपने मन पसंद भोजन का शिकार करेंगे। साथ ही पर्यटकों को भी नए चीतों का दीदार हो सकेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने चीतों को रिलीज करने के बाद कहा, “पालनपुर कूनो का दिन आज के लिए खास है। पिछले समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीता छोड़कर वन्य जीवन में चीतों की पुनर्बसाहट का नया काम शुरू किया था। आज 5 चीतों को दोबारा छोड़ने का संकल्प किया है।” सीएम ने आगे कहा, “धीरा और मादा के साथ 3 बच्चों को जंगल में छोड़ा गया। परमात्मा करे ये सभी अच्छे से बढ़ें। शासकीय स्तर पर जो प्रबंधन किए जाने हैं, वह सब कर रहे हैं। आने वाले समां में पर्यटकों से लेकर कई सेक्टर में इसका नाम अलग प्रकार से जाना जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल प्रदेश के एनसीसी कैडेट्स को किया सम्मानित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) विद्यार्थियों को अनुशासन और उत्साह प्रदान करता है। देशभक्ति, सामर्थ्य, सहयोग, सह-अस्तित्व की भावना के साथ एनसीसी की यूनिफार्म धारण करना आत्मविश्वास की विशेष अनुभूति प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर अधिक सशक्त और समर्थ होते भारत की ओर सम्पूर्ण विश्व आशा की दृष्टि से देख रहा है, इस परिदृश्य में भारतीय युवा पीढ़ी का दायित्व अधिक बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सेना के साथ त्यौहार मनाना हमारे सशस्त्र बल को यह विश्वास दिलाता है कि समाज और सरकार उनके साथ है। राष्ट्रीय कैडेट कोर के विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व ऐसे व्यक्तित्व के सानिध्य में मनाने का अवसर मिलना गर्व का विषय है, यह अवसर है हर कैडेट के लिए अविस्मरणीय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह-2025 में शामिल राष्ट्रीय कैडेट कोर के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री निवास में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में एनसीसी कैडेट्स का सम्मान किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, एनसीसी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ निदेशालय के एडीजी मेजर जनरल श्री विक्रांत एम. धुमने तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में लगे कैम्प में 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के 2 हजार 361 कैडेट्स का समागम हुआ। एनसीसी एकता और अनुशासन की पाठशाला है, इसके अनुभव जीवनभर कैडेट्स का मार्गदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत विश्व के प्राचीनतम देशों में से एक है और यहाँ राष्ट्र के लिए स्वयं को बलिदान करने वालों की कमी नहीं रही है। देश और धर्म की रक्षा के लिए बच्चों द्वारा दी गई कुर्बानियों का भी भारत में लंबा इतिहास है। भारतीय सांस्कृतिक वातावरण में परिवारों से मिले उत्कृष्ट संस्कारों के माध्यम से युवाओं ने देश और समाज के लिए समर्पित भाव से योगदान दिया है। वर्तमान में विश्व का सबसे युवा देश भारत है। भारत की बौद्धिक क्षमता के बलबूते पर ही कई देश आगे बढ़े हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत का युवा, अपने देश को विश्व में सर्वोच्च स्थान पर लाने के लिए वर्तमान समय को अनुकूल पा रहा है। स्वामी विवेकानंद के विचार थे कि 21वीं सदी भारत की होगी और निश्चित ही युवा पीढ़ी अपने समर्पण, क्षमता और योग्यता के आधार पर इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट कॉम्पीटिशन में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सीनियर अंडर ऑफीसर कौशिकी शुक्ला को मुख्यमंत्री पुरस्कार राशि के रूप में एक लाख रूपए का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इसी प्रकार ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट कॉम्पीटिशन में आर्यन सेन को भी एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट कॉम्पीटिशन में सृष्टि मिश्रा और नादया पनहोत्रा को द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर 75-75 हजार रूपए, रिमाउंट एंड वेटनरी कॉप्स घुड़सवारी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर वसुंधरा दुबे को एक लाख रूपए, ऑल इंडिया आइडिया एंड इनोवेशन काम्पीटिशन के फाइनलिस्ट रहे आयुष गौतम को 50 हजार रूपए, शूटिंग कॉम्पीटिशन में प्रथम स्थान प्राप्त अरहमना तनवीर और नंदिनी सिंह को 50-50 हजार रूपए तथा राष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग प्रतियोगिता के लिए चयनित हुईं अर्शिका मिश्रा को 50 हजार रूपए की राशि मुख्यमंत्री पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से विशिष्ट एकता शिविर के प्रत्येक कैडेट को दो-दो हजार रूपए मुख्यमंत्री पुरस्कार राशि के रूप में प्रदान किए गए।

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