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सुशासन के जरिए लोक कल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन के जरिए लोक कल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हमारे प्रयासों का अधिकतम लाभ जनता को ही मिले। राज्य सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। जनता के कल्याण के लिए हम दिन-रात काम करेंगे। सरकार इस काम से कभी पीछे नहीं हटेगी। हम अपनी ऊर्जा का अधिकतम उपयोग जनकल्याण के लिए करेंगे। जनता की शत-प्रतिशत संतुष्टि ही हमारा पुण्य फल और पारितोषिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नर्मदापुरम संभाग में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने में सरकार को समुचित सहयोग भी करें। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, वरिष्ठ विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा, विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक श्री विजय पाल सिंह सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। जनहित के कार्यों में विशेष रूचि लें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे जनता से जुड़े कार्यों को पूरा कराने में विशेष रूचि लें। सुशासन के जरिए ही जनता का सरकार पर भरोसा कायम रहता है। हम अपने क्षेत्र में सुशासन के जरिए जनकल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपने संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के 5-5 प्रमुख बड़े निर्माण कार्यों सहित अन्य प्रस्ताव लिखित में दें। सरकार सभी निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराएगी और प्रस्तावों पर समुचित निर्णय लेगी। जनकल्याण अभियान से जुड़े, पात्र हितग्राहियों को दिलाएं लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम संभाग क्षेत्र के विधायकों से गत 11 दिसम्बर 2024 से चल रहे जनकल्याण अभियान के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि यह जनता के कल्याण का अभियान है, जो जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के बगैर पूरा नहीं हो सकता। जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाएं और उनसे अभियान के उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में व्यक्तिश: जानकारी लें। प्रयास करें कि सभी पात्र हितग्राहियों को अभियान का लाभ मिले। यदि किसी समस्या के कारण हितग्राही को हितलाभ देने में कठिनाई आ रही है, तो कलेक्टर, कमिश्नर या शासन स्तर से मार्गदर्शन लेकर उसका निराकरण कराएं। विजन डाक्यूमेंट भेजें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन विधायकों ने अब तक अपनी विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट (विकास का रोडमैप) तैयार नहीं किया है, वे जल्द से जल्द डाक्यूमेंट तैयार कर उन्हें (मुख्यमंत्री सचिवालय को) भेज दें। सरकार प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विजन डाक्यूमेंट पर गंभीरता से काम कर रही है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की सफलता पर मुख्यमंत्री का आभार जताया बैठक में वर्चुअली जुड़े जनप्रतिनिधियों ने नर्मदापुरम में गत माह 7 दिसम्बर को सम्पन्न हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर हर्ष जताया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार माना। नर्मदापुरम के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आगामी नर्मदापुरम प्रवास पर मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। विधायकों से वन-टू-वन चर्चा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायकों से भी वन-टू-वन चर्चा की। विधायक सोहागपुर की ओर से माखननगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन कर यहां 50 बेड स्वीकृत करने का आग्रह प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तहसील बनखेड़ी में शासकीय आईटीआई केन्द्र खोले जाने की मांग पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारियों को इस पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। सोहागपुर विधायक द्वारा एसडीएम कार्यालय सोहागपुर एवं माखन नगर के साथ अन्य विभागों के नवीन कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर करने की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव राजस्व को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

सौरभ शर्मा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी, गिरफ्तारी की तैयारी, प्रॉपर्टी हो जाएगी जब्त

भोपाल लोकायुक्त छापे के 14 दिन बाद भी पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा है। स्वजन ने बताया था कि वह दुबई में है। उसके विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर भी जारी है, फिर भी उसके नहीं आने की स्थिति में आगे की कार्रवाई के संबंध में अब लोकायुक्त पुलिस विधिक सलाह ले रही है। इसमें उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने से लेकर न्यायालयीन आदेश से संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की तैयारी है। अभी तक सिर्फ सौरभ की मां उमा शर्मा ने बयान दर्ज कराए हैं। पत्नी के साथ दुबई गया था छापे के दौरान सौरभ के स्वजन ने पुलिस को बताया था कि वह कार्रवाई के दो दिन पहले ही पत्नी दिव्या के साथ दुबई गया है। सूत्रों का कहना है कि उसका 21 दिसंबर को वापसी का टिकट था। इसके पहले ही 18 दिसंबर को सौरभ के आवास और कार्यालय में पुलिस ने छापा डाला था। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा सौरभ, उसके करीबी चेतन गौर, शरद जायसवाल, पत्नी दिव्या शर्मा और मां उमा शर्मा से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था। आयकर विभाग की मांग पर एक सप्ताह पहले उसके विरुद्ध पिछले लुकआउट सर्कुलर भी जारी है। साले को गिफ्ट किया साढ़े 3 करोड़ का घर जबलपुर के शास्त्री नगर स्थित रोहित तिवारी के घर पर कुछ दिनों पहले ईडी ने कार्रवाई की थी। रोहित सौरभ का साला है। सौरभ के खिलाफ करोड़ों की अवैध संपत्ति का मामला सामने आया था, जिसके बाद से उसके रिश्तेदारों के यहां पर भी छापामार कार्रवाई चली। कहा यह भी जा रहा है कि रोहित का जो उमा निवास बना है वह सौरभ शर्मा ने उसे गिफ्ट किया था। जिसकी कीमत लगभग 3.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। लाल डायरी पर पूर्व मंत्री भार्गव बोले- ‘मेरा तो नाम नहीं होगा’ सौरभ के घर से एक डायरी बरामद हुई है। डायरी में कई मंत्रियों के नाम कोड वर्ड में हैं। ऐसे में कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना है। इस पर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि मेरा नाम तो नहीं होगा। बता दें कि जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि शर्मा घर से एक लाल डायरी मिली है, जिसमें कई मंत्रियों के नाम हैं।  पुलिस नहीं पता कर पाई सौरभ कहा है इससे एयरपोर्ट या बंदरगाह पर पहुंचते ही उसे पकड़ा जा सकेगा। लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि संभवत: सौरभ भारत आ गया है। इसके बाद भी पुलिस पुख्ता तौर पर यह पता नहीं कर पाई है कि वह कहां है। सौरभ के करीबी शरद जायसवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन कर अतिरिक्त समय मांगा है। चेतन गौर ने भी आयकर व ईडी में बयान दर्ज करा दिए हैं, पर लोकायुक्त पुलिस से दूरी बना रखी है। जानें कब तक जांच एजेंसियों को क्या-क्या मिला  ईडी भोपाल ने सौरभ शर्मा और अन्य मामले में मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जिलों में स्थित विभिन्न परिसरों में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 27 दिसंबर 24 को तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ से अधिक की सावधि जमा के रूप में चल संपत्ति भी मिली है।  25.87 करोड़ रुपए मिले कैश  सौरभ शर्मा के परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपए से अधिक का बैंक बैलेंस और 50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए थे। 23 करोड़ रुपए नकदी बरामद किए गए हैं। लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर से 2 करोड़ 87 लाख नगद जब्त बरामद किए थे। अब इंडी ने 23 करोड़ रुपए नकद बरामद होने के बाद सौरभ शर्मा के पास से कुल बरामद कैश की कीमत बढ़कर 25 करोड़ 87 लाख हो गई है। आईटी टीम ने कार से जब्त किया था 52 किलो सोना, 10 करोड़ नगदी गौरतलब है कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बीते दिनों सौरभ शर्मा के ठिकानों से 234 किलो चांदी और करोड़ों रुपए कैश बरामद किए थे. इसके बाद सौरभ के सहयोगी की कार से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे. फिलहाल सौरभ शर्मा फरार है. भोपाल जिला न्यायालय में सौरभ शर्मा के वकील ने अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, जिसे खारिज कर दी गई. सौरभ के वकील अब उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में हैं.

‘गढ़चिरौली जल्द होगा नक्सली प्रभाव से मुक्त’, 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सीएम देवेंद्र फडणवीस के सामने डाले हथियार

गढ़चिरौली  महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष सीनियर कैडर विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का समेत कुल 11 नक्सलियों ने  सरेंडर कर दिया. इन सभी नक्सलियों के सिर पर 1.03 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम रखा गया था. ये सभी सुरक्षा कर्मियों पर हमले करने में शामिल थे. सीएम के सामने सरेंडर करने वाले माओवादियों में सबसे प्रमुख दंडकारण्य जोनल कमेटी का सदस्य विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का है. विमला पिछले 38 सालों से नक्सलवादी आंदोलन में शामिल था. सीएम फडणवीस ने नक्सल विरोधी अभियानों में बहादुरी के लिए C-60 कमांडो और अधिकारियों को सम्मानित भी किया. उन्होंने कहा कि हथियार डालने वाले माओवादियों की संख्या में वृद्धि और भर्ती करने में आंदोलन में विफलता को देखते हुए महाराष्ट्र जल्द ही नक्सल खतरे से मुक्त हो जाएगा. उन्होंने कहा, “गढ़चिरौली पुलिस ने जिले में नक्सली गतिविधियों को लगभग खत्म कर दिया है. उत्तरी गढ़चिरौली अब माओवादी गतिविधियों से मुक्त है और दक्षिणी गढ़चिरौली जल्द ही नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा.” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ सालों में कई खूंखार नक्सलियों को या तो मार गिराया गया या गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि, माओवादी कैडर आंदोलन से खुद को अलग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसकी खोखली विचारधारा का एहसास हो गया है. मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्हें यकीन है कि, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से ही न्याय मिलेगा.” उन्होंने कहा कि, भारत विकास में बड़ी छलांग लगा रहा है और माओवाद खत्म हो रहा है. इससे एक दिन पहले फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि, गढ़चिरौली जिले के दूरदराज के इलाकों में नक्सलियों का प्रभुत्व कम हो रहा है और नक्सलवाद अपने अंत के करीब है. उन्होंने कहा कि सरकार ने माओवादियों के प्रभुत्व को खत्म करके गढ़चिरौली को “पहला जिला” बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि, गढ़चिरौली को अक्सर महाराष्ट्र का आखिरी जिला कहा जाता है क्योंकि यह राज्य की पूर्वी सीमा पर है. फडणवीस ने अपने दौरे के दौरान जिले में 32 किलोमीटर लंबी गट्टा-गरदेवाड़ा-वांगेतुरी सड़क और वांगेतुरी-गरदेवाड़ा-गट्टा-अहेरी मार्ग पर महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बस सेवा का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़चिरौली सरकार के लिए अंतिम नहीं, बल्कि ‘पहला जिला’ है. उन्होंने कहा कि, आज उद्घाटन किया गया सड़क संपर्क महाराष्ट्र को सीधे छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा. फडणवीस ने नक्सलवाद के खिलाफ उनके काम के लिए गढ़चिरौली पुलिस की सराहना की. उन्होंने कहा कि, लोग अब नक्सलियों का समर्थन नहीं करते हैं. अब कोई भी व्यक्ति गैरकानूनी आंदोलन में शामिल होने को तैयार नहीं है जो “बहुत महत्वपूर्ण” है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने गट्टा-गरदेवाड़ा-तोड़गट्टा-वांगेतुरी सड़क और ताड़गुडा पुल का हवाई निरीक्षण किया. फडणवीस ने कोंसारी में लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के विभिन्न विभागों का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “राज्य सरकार पिछले दस सालों से गढ़चिरौली को बदलने की कोशिश कर रही है ताकि आम आदमी को मुख्यधारा में लाया जा सके और इस जिले से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके.” उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और गढ़चिरौली पुलिस और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की बदौलत पिछले चार सालों में माओवादी गढ़चिरौली में एक भी कैडर की भर्ती करने में विफल रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि, खनन से जुड़े उपक्रमों में गढ़चिरौली जिले में 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि, निकट भविष्य में गढ़चिरौली में एक हवाई अड्डा बनेगा और गढ़चिरौली बंदरगाहों को जोड़ने वाले जलमार्गों का भी सर्वेक्षण किया जाएगा.

जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

विधान सभावार विजन आधारित तैयार करें रोडमैप – मुख्यमंत्री डॉ.यादव जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद रैन बसेरों का निरीक्षण करें विधानसभा वार समीक्षा की जाए इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें। पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए। ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा। इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। बैठक यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान 6 एक्सप्रेस-वे नियोजित हैं,‍जिसमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, अटल प्रगति पथ और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण प्रगतिरत है। अपने सुझाव परिसीमन आयोग को भी दे सकते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअली जुड़े सांसद एवं विधायकों से कहा कि यदि वे क्षेत्रीय आबादी या भौगोलिक स्तर पर जनहित में अपने जिले या तहसील का संभाग या जिला परिवर्तन कराना चाहते हैं, तो वे अपने सुझाव लिखित में राज्य सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग को दे सकते हैं। प्राप्त सुझाव पर परिसीमन आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा। बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने के दे दें प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बनाने के मामलों में गंभीर … Read more

यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा कचरे का विनिष्टीकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण की करेंगे सतत निगरानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2015 में किया जा चुका है ट्रायल रन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कचरे का निष्पादन जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सरोकार प्राथमिकता में सबसे ऊपर है, कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सतत् निगरानी में की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के 40 वर्ष बीतने के बाद भोपाल में रखा लगभग 337 मीट्रिक टन कचरे का हानिकारक प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि बचे हुए शेष कचरे में 60 प्रतिशत से अधिक केवल स्थानीय मिट्टी, 40 प्रतिशत में 7-नेपथॉल, रिएक्टर रेसिड्यूज और सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। इसमें मौजूद 7-नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका विषैला प्रभाव 25 साल में लगभग समाप्त हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से चर्चा में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया का केन्द्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे- नीरी (नेशनल इन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), नागपुर, NGRI (नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट) हैदराबाद, IICT (इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ केमीकल टेक्नोलॉजी) तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर गहन परीक्षण किया गया है। उनके अध्ययन तथा सर्वोच्च न्यायालय को प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को मार्च, 2013 में दिये गये निर्देशानुसार केरल कोच्चि स्थित हिंदुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड के 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर पीथमपुर स्थित TSDF में ट्रायल रन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में किया गया। सफल ट्रायल रन का प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ट्रायल रन के निष्कर्षों के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2014 में यूसीआईएल के 10 मीट्रिक टन कचरे का एक और ट्रायल रन भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की निगरानी में टीएसडीएफ पीथमपुर मे किये जाने के निर्देश दिये। सर्वोच्च न्यायालन ने इस ट्रायल रन की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये थे। निर्देशानुसार अगस्त, 2015 में ट्रायल रन के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की समस्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण को कोई नुकसान नही हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के पश्चात ही यूसीआईएल के कचरे के निपटान की कार्यवाही को आगे बढ़ाने एवं उन्हें नष्ट करने का निर्देश जारी किया। मुख्य सचिव ने 3 बिन्दुओं पर कराई जांच कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई के संबंध में समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने विस्तृत रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाकर पृथक से जांच कराई। जांच के बिंदु :- आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण, फसल की उत्पादकता पर प्रभाव और क्षेत्रीय जल स्त्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण थे। तीनों बिंदुओं के परीक्षण में यह पाया गया कि यूसीआईएल कचरे के निष्पादन से किसी भी प्रकार के नकारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया को लेकर शासन पूरी तरह से संवेदनशील हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सभी संबंधित टीमों की सतत् निगरानी में विनिष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।  

एमपी के लोगों ने धार्मिक स्थलों में जाकर नववर्ष का स्वागत किया, 100000 ओंकारेश्वर और 50 हजार से ज्यादा भोजपुर पहुँचे

भोपाल  मध्यप्रदेश के नागरिकों ने अंग्रेजी नववर्ष का स्वागत धार्मिक स्थलों में जाकर किया हैं। उज्जैन महाकालेश्वर, ओरछा, मैहर, बगलामुखी, ओंकारेश्वर, खजराना-चिंतामन गणेश, भोजपुर जैसे कई मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल ज्योतिर्लिंग में तो करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। 1 जनवरी के तड़के 3 बजे से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सीएम मोहन पहुंचे हिल स्टेशन पचमढ़ी वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पचमढ़ी में नये वर्ष का आगाज किया। वे मंगलवार को ही हिल स्टेशन पहुंच गए थे। इसे दौरान उन्होंने धूपगढ़ में भी समय बिताया, इसे लेकर उनका वीडियो भी सामने आया है। धार्मिक स्थलों पर भक्तों का लगी भीड़ खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी करीब 1 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। दतिया के पीतांबरा पीठ में माता के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भोपाल के नजदीक स्थित रायसेन जिले के भोजपुर मंदिर में में करीब 50 हजार श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। निवाड़ी जिले के ओरछा में रामराजा के दर्शन के लिए करीब एक लाख लोग पहुंचे। अन्य पर्यटन स्थलों पर भी दिखी भीड़ मैहर जिले के मां शारदा के दरबार में नए साल के पहले दिन देवी दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां पर वन विहार नेशनल पार्क, अरेरा हिल्स पहाड़ी स्थित शौर्य स्मारक, सैर सपाटा, म्यूजियम, बोट क्लब, और लेक व्यू में लोग परिवार समेत पहुंचे।

मालामाल हुए निवेशक, सेंसेक्स 1436 अंक चढ़ा, निफ्टी 24150 के ऊपर हुआ बंद, हरे निशान में रहा सभी सेक्टर

मुंबई  बाजार में नए साल के साथ ही रौनक लौट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज 2 जनवरी को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी रही। दोनों इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक उछलकर कारोबार कर रहे हैं। दोपहर 2 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स जहां करीब 1,400 अंक बढ़कर 79,900 के स्तर पर चला गया। वहीं निफ्टी 440 अंकों की उड़ान भरकर 24,150 के पार चला गया। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली। सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ निफ्टी वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोश देखने को मिला और सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी रही जबकि BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स में खरीदारी रही। वहीं ऑटो , IT शेयरों में अच्छी तेजी रही जबकि बैंकिंग, PSE, तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुआ। मेटल, रियल्टी इंडेक्स में तेजी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1436.30 अंक यानी 1.83 फीसदी की बढ़त के साथ 79,943.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 445.75 अंक यानी 1.88 फीसदी की बढ़त के साथ 24,188.65 के स्तर पर बंद हुआ। Bajaj Finserv, Eicher Motors, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Shriram Finance निफ्टी का टॉप गेनर रहा। वहीं Britannia Industries, Sun Pharma निफ्टी का टॉप लूजर रहा। वहीं बीएसई का मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर देखें तो सभी सेकटर हरे निशान में बंद हुआ। आईटी इंडेक्स 2 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 3.5 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ।  मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें शेयर बाजार की इस शानदार तेजी के पीछे कई 4 बड़ी वजहें रहीं- 1. शानदार GST कलेक्शन दिसंबर महीने में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो कंज्मप्शन गतिविधियों में तेजी को दिखाता है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है। KPMG के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, “मजबूत जीएसटी कलेक्शन स्थिर मांग और इकोनॉमी की अच्छी सेहत को दिखाता है।” निफ्टी अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिससे बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, “23,770 का स्तर पार करने के बाद, कंसॉलिडेशन की उम्मीद थी। अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर बना रहता है, तो यह 24,025 तक जा सकता है।” उन्होंने कहा कि हालांकि अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस स्तर पर गिरावट की संभावना कम ही दिखती है। 3. अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद शेयर बाजार को कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। हाल ही में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर से अच्छे कारोबारी अपडेट देखने को मिली थे।मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और CSB बैंक जैसी कंपनियों के बिजनेस अपडेट को देखकर अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीदें और बढ़ी हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि लक्जरी खपत वाले सेक्टर, जैसे ज्वेलरी और हॉस्पिटैलिटी, भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 4: आईटी सेक्टर की उछाल पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में जारी तेजी में सबसे अहम योगदान आईटी शेयरों का है। आज 2 जनवरी को भी आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की उछाल आई। सीएलएसए और सिटी दोनों का का कहना है कि स्थिर मांग और रुपये में गिरावट के चलते दिसंबर तिमाही में आईटी कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रह सकती है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइसप्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, “कंसॉलिडेशन का दूसरा सप्ताह बताता है कि यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को मजबूत मोमेंटटम दिखाने वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर फार्मा और FMCG सेक्टर में।”

पीथमपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच आज से यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाया जाएगा

 पीथमपुर  भोपाल से यूनियन कार्बाइड का 337 जहरीला कचरा लेकर 12 कंटेनर गुरुवार अल सुबह पीथमपुर की रामकी कंपनी पहुंचे। आज से ही कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्थानीय आमजन के विरोध के चलते यहां कड़ी सुरक्षा इंतजाम के बीच यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से अंजाम देने की तैयारी की गई है। परीक्षण के तौर पर पहले 90 किलोग्राम, 180 किलोग्राम और फिर 270 किलोग्राम कचरे को भस्मक में जलाकर देखा जाएगा। इस दौरान विज्ञानियों द्वारा जो मात्रा उचित निष्पादन के लिए मान्य होगी, उसी के आधार पर इसे जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन दिन का समय लगेगा। 2015 में भी यहां जलाया गया था कचरा बता दें कि पीथमपुर स्थित भस्मक में 13 अगस्त 2015 को भी यूनियन कार्बाइड से 10 टन जहरीले कचरा निस्पादन के लिए भेजा गया था। तब परीक्षण के तौर पर तीन दिन जलाया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रायल रन के दौरान भस्मक में हर घंटे 90 किलो कचरा जलाया गया था। इसी ट्रायल रन रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय ने जहरीले कचरे का निपटान पीथमपुर में करने के निर्देश दिए हैं। ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाया गया भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा 250 किमी का ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाया गया। पूरे रास्ते में जगह-जगह पुलिस तैनात रही। जहरीले कचरे से भरे 12 कंटनरों के साथ फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित पुलिस के वाहन भी चल रहे थे। इस तरह टोटल 18 गाड़‍ियां चल रही थीं। पीथमपुर में जारी है विरोध पीथमपुर के रामकी कंपनी में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का लगातार विरोध चल रहा है। आज शहर में इसके विरोध में रैली भी निकाली जाएगी। शुक्रवार को शहर बंद रखने की अपील की गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि जहरीला कचरा जलाए जाने से शहर के लोगों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। रखने के लिए बनाया 25 फीट से ऊंचा प्लेटफार्म पीथमपुर रामकी कंपनी में कचरे का वजन किया जाएगा। इसके बाद यहां जमीन से 25 फीट ऊंचे बनाए गए लकड़ी के प्लेटफार्म पर रखा जाएगा, जिससे यह कचरा पानी, हवा किसी के भी संपर्क में न आ सके। परीक्षण के बाद विज्ञानियों की टीम तय करेगी कि कचरे को कितने तापमान पर और कितनी मात्रा में जलाया जाए। यदि 90 किलोग्राम वाला परीक्षण सफल होता है तो करीब पांच महीने का समय लगेगा और यदि 270 किलोग्राम सफल हुआ तो इसे खत्म करने में 51 दिन का समय लगेगा। ऐसे पैक किया गया जहरीला कचरा जहरीला कचरा भरते हुए विशेष सावधानी बरती गई। फैक्ट्री में तीन जगह एयर क्वालिटी की निगरानी के लिए उपकरण लगाए गए। इनसे पीएम 10 और पीएम 2.5 के साथ नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड की जांच की गई। कचरा जिस स्थान पर रखा था, उस इलाके की धूल भी कचरे के साथ कंटेनरों के जरिये भेजी गई है। जिन जंबो बैग में पैक किया गया, वह एचडीपीई नान रिएक्टिव लाइनर के बने हैं। इसके मटेरियल में कोई रिएक्शन नहीं हो सकता है। ऊंचाई पर रखा जाएगा कचरा     पीथमपुर रामकी कंपनी में अतिसुरक्षित साइट पर कचरे को जमीन व पानी से दूर ऊंचाई पर रखा जाएगा। यहां विज्ञानियों द्वारा इसका अलग-अलग भार में परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जल्द ही इसके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। – स्वतंत्र कुमार सिंह, संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग, भोपाल  

सरकार ने निशानेबाज मनु भाकर को खेल रत्न से नवाजा, शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश को भी खेल रत्न पुरस्कार मिला

नई दिल्ली भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर को भारी बवाल के बाद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इससे पहले जब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नामों की घोषणा की गई थ तो मनु भाकर का नाम उसमें शामिल नहीं था। इसे लेकर मनु भाकर के पिता ने निराशा भी जाहिर किया था। इसके बाद मनु भाकर को खेल रत्न देने की घोषणा की गई है। खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 का एलान गुरुवार को कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में विजेताओं को सम्मानित करेंगी। मनु और गुकेश के अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालंपियन प्रवीण कुमार को भी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। खेल मंत्रालय ने बयान में कहा, समिति की सिफारिशों और सरकार की जांच के आधार पर खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालयों को पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने निम्न खिलाड़ियों, कोच, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है.  इन ख‍िलाड़‍ियों को म‍िला ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2024  1. गुकेश डी (शतरंज) 2. हरमनप्रीत सिंह (हॉकी) 3. प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स) 4. मनु भाकर (शूटिंग) मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में पहले 10 मीटर एयर पिस्टल में पोडियम पर जगह बनाई और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर मिश्रित टीम में दूसरा कांस्य पदक जीता. इस तरह वह खेलों के इस महाकुंभ के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं. डी गुकेश शतरंज के इतिहास में सबसे युवा विश्व चैम्पियन बने. 2024 में चेन्नई के 18 वर्ष के गुकेश के रूप में एक नया रोलमॉडल सामने आ गया है.सिंगापुर में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को हराकर वह विश्व चैम्पियन बने. 14 दौर के खिताबी मुकाबले से पहले ही गुकेश को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, जिससे दबाव बनना लाजमी था. तीसरे, 11वें और 14वें दौर में जीत दर्ज करके ने विश्व चैम्पियन का खिताब जीता.  पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने साबित कर दिया कि टोक्यो खेलों में मिला कांसा कोई तुक्का नहीं था.हरमनप्रीत ने पेरिस ओलंपिक में 10 गोल दागे जिसके दम पर उन्हें तीसरी बार एफआईएच वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिला. देखें क‍िन्हें म‍िले अर्जुन पुरस्कार 1. ज्योति याराजी (एथलेटिक्स) 2. अन्नू रानी (एथलेटिक्स) 3. नीतू (मुक्केबाजी) 4. स्वीटी (मुक्केबाजी) 5. वंतिका अग्रवाल (शतरंज) 6. सलीमा टेटे (हॉकी) 7. अभिषेक (हॉकी) 8. संजय (हॉकी) 9. जरमनप्रीत सिंह (हॉकी) 10. सुखजीत सिंह (हॉकी) 11. राकेश कुमार (पैरा तीरंदाजी) 12. प्रीति पाल (पैरा एथलेटिक्स) 13. जीवनजी दीप्ति (पैरा एथलेटिक्स) 14. अजीत सिंह (पैरा एथलेटिक्स) 15. सचिन सरजेराव खिलारी (पैरा एथलेटिक्स) 16. धरमबीर (पैरा एथलेटिक्स) 17. प्रणव सूरमा (पैरा एथलेटिक्स) 18. एच होकाटो सेमा (पैरा एथलेटिक्स) 19. सिमरन जी (पैरा एथलेटिक्स) 20. नवदीप (पैरा एथलेटिक्स) 21. नितेश कुमार (पैरा बैडमिंटन) 22. तुलसीमथी मुरुगेसन (पैरा बैडमिंटन) 23. नित्या श्री सुमति सिवान (पैरा बैडमिंटन) 24. मनीषा रामदास (पैरा बैडमिंटन) 25. कपिल परमार (पैरा जूडो) 26. मोना अग्रवाल (पैरा शूटिंग) 27. रुबीना फ्रांसिस (पैरा शूटिंग) 28. स्वप्निल सुरेश कुसाले (शूटिंग) 29. सरबजोत सिंह (शूटिंग) 30. अभय सिंह (स्क्वैश) 31. साजन प्रकाश (तैराकी) 32. अमन (कुश्ती) खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार (आजीवन) 1. सुच्चा सिंह (एथलेटिक्स) 2. मुरलीकांत राजाराम पेटकर (पैरा-तैराकी)  द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी) 1. सुभाष राणा (पैरा-शूटिंग) 2. दीपाली देशपांडे (शूटिंग) 3. संदीप सांगवान (हॉकी) द्रोणाचार्य पुरस्कार (आजीवन श्रेणी) 1. एस. मुरलीधरन (बैडमिंटन) 2. अर्मांडो एग्नेलो कोलाको (फुटबॉल) राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 1. फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी 2024 1 चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (ओवरऑल विनर यूनिवर्सिटी) 2. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, (1st रनर-अप यूनिवर्सिटी) 3. गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर (सेकेंड रनर अप यूनिवर्सिटी)

मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कोहरे की चादर में लिपटे कई शहर, जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सुबह और शाम ही नहीं बल्कि दोपहर में भी हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में फिलहाल बर्फबारी हो रही है और वहां से बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इनकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मध्य प्रदेश के तापमान में आ रही है गिरावट का यह दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। बर्फीली हवाओं ने प्रदेश का अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। अब बचे हुए जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में जैसे ही बारिश का दौर खत्म हुआ है, वैसे ही कई शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री सेल्सियस देखा गया। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन, उमरिया, शिवपुरी, बालाघाट, रायसेन, रीवा, नौगांव, गुना जैसे शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक कोहरे और शीतलहर का दौर देखने को मिलेगा। लगातार गिर रहा तापमान फिलहाल हिमाचल प्रदेश लद्दाख उत्तराखंड और जम्मू जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। यहां से आ रही बर्फीली हवाएं प्रदेश के तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक हवा की रफ्तार तेज होगी जिससे ठंड का असर ज्यादा बढ़ जाएगा। जनवरी के 20 से 22 दिन शीतलहर और कोल्ड डे में गुजरने वाले हैं। यहां शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर सहित 19 जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है। मुरैना, दतिया, सागर, भिंड, राजगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, उमरिया, दमोह और कटनी में भी शीतलहर चलेगी। आज सुबह से कई जिले घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं।

Bhopal को 40 साल बाद मिली जहरीले कचरे से बड़ी राहत, कड़ी सुरक्षा में पहुंचा पीथमपुर

भोपाल  राजधानी भोपाल से 40 साल बाद आखिरकार जहरीला कचरा बाहर निकल ही गया। 12 कंटेनर जहरीला कचरा लेकर धार जिले के पीथमपुर के लिए निकलने की खबर है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह जहरीला अपशिष्ट कचरा भोपाल से पीथमपुर के लिए रवाना हुआ है। इस कचरे को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भेजा जा रहा है। कंटेनर के साथ एम्बुलेंस, पुलिस और फायर दमकलें चल रही हैं। 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा भोपाल की यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री के गोदाम में 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा रखा था। अफसरों के अनुसार कंटेनर उस समय रवाने किए जा रहे हैं जब सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहेगा। गौरतलब है कि इस जहरीले कचरे को भोपाल की यूनियन कार्बाइड से पीथमपुर ले जाने की तैयारी रविवार दोपहर से शुरू हुई थी। 12 कंटेनर में लोड किया गया जहर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के इस जहर ने सैकड़ों लोगों की जान ली थी। उस दर्द को लोग आज भी नहीं भुला पाए हैं। प्रशासन के द्वारा लंबे समय के बाद इसे हटाने के लिए आखिरकार काम किया गया है। इसे सावधानी के साथ 12 कंटेनरों में लोड किया गया है। एक कंटेनर में 30 टन कचरा जानकारी के अनुसार एक कंटेनर में औसत रूप से 30 टन कचरा भरा गया है। 200 से ज्यादा मजदूरों ने इसे अलग-अलग शिफ्ट में कंटेनर में लोड किया है। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। वहीं सरकार ने भी प्रक्रिया को पूरा करने में हर प्रकार की सावधानी रखी। कचरा हटाने के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पीथमपुर भेजे जा रहे कचरे को रामकी एनवायरो में जलाया जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस कचरे को 6 जनवरी तक हटाने के निर्देश दिए थे। अब 3 जनवरी को सरकार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी। भोपाल से पीथमपुर तक करीब 250 किलो मीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। कार्रवाई का पीथमपुर में हुआ विरोध पीथमपुर में इस कचरा को जलाने के विरोध में 10 से ज्यादा संगठनों ने 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का आह्वान किया है। कई संगठनों का कहना है, भोपाल का कचरा अमेरिका भेजा जाए। वहीं पीथमपुर बचाओ समिति 2 जनवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी में है। कब और कैसे लीक हुई थी जहरीली गैस 1984 में 2-3 दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट लीक हुई थी, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5 लाख से अधिक लोग इसकी जद में आ गए थे. यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से निकली गैस 40 किलोमीटर दूर तक में फैल गई थी. शहर की एक चौथाई आबादी गैस चेंबर में तब्दील हो गई थी. सबसे अधिक बच्चों पर गैस का प्रभाव पड़ा था. जिस रात यह घटना घटी थी. उसके कई दिनों बाद तक भोपाल से लोगों का पलायन चलता रहा. हजारों लोग सैकड़ों किसोमीटर दूर चले गए. यहां से जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे. इस उन्माद के बीच साहस और हौसले की भी कमी नहीं थी. बड़ी संख्या में लोगों ने प्रभावित लोगों को निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी. हिरोशिमा और नागासाकी के बाद मौत का विकराल रूप भोपाल गैस त्रासदी जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद मृत्यु का तीसरा सबसे वीभत्स और घृणित रूप थी. हालात ऐसे बने थे कि श्मशान में लाशें जलाने की जगह नहीं बची थी. एक चीता पर 10 से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. मुस्लिम कब्रिस्तान में भी शवों को दफनाने की जगह नहीं बची थी. स्थिति ऐसी बनी थी कि पुरानी कब्रों को खोद कर शवों को दफनाया गया था. भोपाल में मौत का तांडव कई दिनों तक चलता रहा. गैस रिसाव के 30 घंटे बाद भी फैक्ट्री में लाशों का अंबार लगा हुआ था. तीन दिनों तक जानवरों के शव सड़कों और घरों में बिखरे पड़े हुए थे. इससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही थी. बड़ी संख्या में यहां से लोग पलायन कर रहे थे. तो प्रशासन अन्य शहरों से सफाई कर्मचारियों को बुलाकर अभियान में लगाया था. गैस का दुष्प्रभाव ना सिर्फ सन 1984 में था बल्कि आज भी लोग विकलांगता और गंभीर बीमारियों की जद में जीने को मजबूर हैं. कई पीढ़ियों ने झेला त्रासदी का दंश भोपाल गैस त्रासदी की जद में आने वाले या फिर उस घटना में बचे लोगों का जीवन सामान्य नहीं रहा. लोगों को कई सालों तक इस त्रासदी का दंश झेलना पड़ा. त्रासदी प्रभावित लोगों की जीवन अवधि कम होती चली गई. साथ ही कई लोग विकलांग, नपुंसक और गंभीर बीमारियों का शिकार होते चले गए. इस त्रासदी के शिकार हुए 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को बहुत कष्ट उठाना पड़ा. हाल ही में हुए एक रिसर्च में पता चला कि गैस पीड़ित समूह के पुरुषों और 21 वर्ष से ऊर के व्यक्तियों की मृत्य बहुत जल्द हो गई. इस अध्ययने में पाया गया कि करीब 30 वर्षों में 6 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई. खून में घुल गई जहरीली गैसें त्रासदी के करीब ढाई दशक बाद आईसीएमआर की एक रिपोर्ट सामने आई. इसमें पाया गया कि यहां के लोगों के खून में जहरीली गैसें घुल गई थी. जिससे लोगों में और आने वाली पीढ़ियों में इसका बुरा असर दिखा. आज भी जो बच्चे पैदा होते हैं उनमें सांसों की समस्या, विकलांगता और गंभीर बीमारियां देखी जाती हैं. हालांकि, अब राहत की बात है कि जहरीले कचरे को नष्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि अब यहां के लोग स्वस्थ और सेहतमंद होंगे और आने वाली पीढ़ियां भी हेल्दी पैदा होंगी.

वैज्ञानिक तरीके से जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाए जाने को लेकर मीडियो से बात की। उन्होंने कहा कि रासायनिक कचरे का निष्पादन वैज्ञानियों से ही कराया जा रहा है। इसमें सभी मानकों का पालन हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ आज तीन बजे प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक करेंगे और सभी शंकाओं का समाधान करेंगे। कचरा जलाने से ना तो पर्यावरण कोई कोई नुकसान होगा और ना ही भूजल प्रभावित होगा। समस्त अध्ययन के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। भोपाल के लोग 40 साल से कचरे के साथ जी रहे थे कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर को लेकर आवाज उठा रहे हैं और भोपाल को लेकर अभी तक कोई बात नहीं की। दोमुही कांग्रेसी करते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। भोपालवासी 40 वर्ष से इस कचरे के साथ जी रहे थे। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस कचरे को हम पीथमपुर में जलाने जा रहे है उसका पहले भी ड्राई रन कर चुके है। इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी, उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इस कचरे को नष्ट करने के निर्देश हमें दिए थे। इसमें यह साफ कर दिया गया था कि इस कचरे के जलने से पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त 2015 में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का ट्रायल रन किया गया था। परीक्षण में जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक कचरा जलाने से वातावरण में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने हमें कचरा जलाने के लिए निर्देशित किया है।

यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान – मुख्यमंत्री यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।  यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।            मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।     वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।

भोपाल में 3 से 6 जनवरी 2025 के बीच 4 दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ करेंगे। रवीन्द्र भवन भोपाल में 3 से 6 जनवरी 2025 के बीच 4 दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना और उन्हें विज्ञान, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में योगदान करने के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह आयोजन बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और नवाचार के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश को इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी करते हुए गर्व हो रहा है।” राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में देश के 700 से अधिक विद्यार्थी, उनके शिक्षक और मेंटर भाग लेंगे। साथ ही बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों के छात्र भी शामिल होंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय “स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना” है। इस विषय को पांच उप-विषयों में विभाजित किया गया है, जिनमें पारिस्थितिकी तंत्र की समझ, पोषण व स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, आत्मनिर्भरता के लिए पारिस्थितिकी दृष्टिकोण, तकनीकी नवाचार और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय बाल विकास कांग्रेस एक राष्ट्रीय विज्ञान संचार कार्यक्रम है, जिसकी शुरूआत 1993 में हुई थी। यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद के द्वारा आयोजित किया जाता है। इसमें 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे भाग लेते है। वराह मिहिर वेधशाला का ऑटोमेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला के ऑटोमेशन का उद्घाटन भी करेंगे। इससे विज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलेगी। ऑटोमेशन होने से आम नागरिक अब घर बैठे ही वेधशाला के टेलीस्कोप का उपयोग कर सकेंगे। मुख्य गतिविधियां राष्ट्रीय बाल विकास कांग्रेस में विभिन्न विषयों पर 20 से अधिक तकनीकी सत्र, कार्यशालाएं, प्रदर्शनी और विज्ञान आधारित खेलों का आयोजन होगा। इनमें चंद्रयान प्रदर्शनी, वॉटर रॉकेटरी, कागज से टोपी निर्माण, पर्यावरण साँप सीढ़ी का खेल, गणित सीढ़ी का खेल, जीव विज्ञान प्रदर्शनी, लीफ क्राफ्ट, पर्यावरण प्रदर्शनी, चीता प्रदर्शनी, लोक गीत द्वारा वैज्ञानिक जागरूकता, हाईड्रोपोनिक्स तकनीक रोबोटिक्स कार्यशाला, आकाशीय बिजली से बचाव पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं छात्रों के मध्य फेस-टू-फेस संवाद भी होगा। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जैसे सोलर मैन डॉ. चेतन सोलंकी (IIT मुंबई), डॉ. नंद कुमार (एम्स, दिल्ली) और डॉ. चैतन्य पूरी (आइसर पुणे) छात्रों के साथ संवाद करेंगे। स्थानीय विद्यार्थियों को भी मिलेगा मंच भोपाल के विद्यार्थियों को इस आयोजन में शामिल होने का विशेष अवसर दिया गया है। स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों से भी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट आमंत्रित किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिभागियों और वैज्ञानिकों से सीखने और संवाद करने का अवसर मिलेगा। भोपाल में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और वैज्ञानिक समुदाय के लिए विज्ञान के नए आयामों को समझने और साझा करने का मंच प्रदान करेगा।  

अब छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान बालिका के खाते में सीधे UNIPAY के माध्यम से हो सकेगा

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि नव वर्ष से मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकृत पात्र बालिकाओं को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान UNIPAY के माध्यम से किया जायेगा। यह व्यवस्था लागू हो जाने से अब छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान बालिका के खाते में सीधे UNIPAY के माध्यम से हो सकेगा। भुगतान की सूचना भी मोबाईल में एसएमएस से बालिका को प्राप्त हो सकेगी। इस तरह भुगतान की प्रकिया अब और अधिक सटीक हो गयी है। मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना में बालिका को कक्षा 6, कक्षा 9, कक्षा 11 एवं कक्षा 12 में छात्रवृत्ति देने एवं स्नातक प्रथम एवं अंतिम वर्ष में प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। अब तक लगभग 29 लाख से अधिक बालिकाओं को 813.64 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की जा चुकी है। पूर्व में यह राशि जिलों के द्वारा आहरित कर सम्बंधित बालिका के खाते में डिपोजिट की जाती थी, इसमें समय लगता था और बालिका को सूचना भी नहीं प्राप्त हो पाती थी। UNIPAY के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया प्रभावी और पारदर्शी हो गयी है। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि विभाग लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को UNIPAY पेमेंट पोर्टल के माध्यम से सहायता राशि का हस्तांतरण करता है। इसके लिए प्रत्येक हितग्राही का बैंक खाता आधार लिंक एवं डीबीटी इनेबिल्ड होना चाहिए, इसके पोर्टल का संचालन एमपीएसईडीसी द्वारा किया जा रहा है। इसमें कोई मैन्युअल हस्तक्षेप नहीं है। एमपीएसईडीसी के पोर्टल पर पेमेंट आर्डर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाता है। पेमेंट आर्डर जनरेट होने के बाद एमपीएसईडीसी के UNIPAY पेमेंट पोर्टल से बैंकिंग पार्टनर को हितग्राही के आधार के रेफरेंस नंबर के साथ पेमेंट भेजा जाता है। इसके बाद बैंक यह पेमेंट आर्डर और NPCI को भेजता है NPCI इसे हितग्राही के पसम्बंधित बैंक को भेजता है।  

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