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इंडिगो ने जारी किया भोपाल से हैदराबाद की दूसरी फलाईट का शेड्यूल, सीटें भरने के लिए यात्रियों को मिल सकता है कम किराये का लाभ

भोपाल इंडिगो ने भोपाल से हैदराबाद के बीच दूसरी उड़ान शुरू करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने इसके लिए एयरपोर्ट अथारिटी से स्लाट लेने की औपचाकिता पूरा कर दी है। दो उड़ानें होने से सीटों की संख्या बढ़ जाएगी। अब यात्रियों को कम किराये का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में इंडिगो की एक उड़ान हैदराबाद रूट पर संचालित है। यह शाम 7.15 बजे हैदराबाद रवाना होती है। 10 जनवरी 2025 से प्रस्तावित दूसरी उड़ान दोपहर एक बजे हैदराबाद रवाना होगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस भी कतार में एयर इंडिया की सहयोग की कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी नव वर्ष में चार उड़ानें शुरू करने की तैयारी की है। कंपनी ने हैदराबाद के अलावा बेंगलुरू, दिल्ली एवं मुंबई उड़ान का स्लाट लिया है। फरवरी के पहले सप्ताह में कंपनी कम से कम दो उड़ानों के साथ भोपाल में दस्तक दे सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार कंपनी को एयरपोर्ट पर जगह आवंटित की जा चुकी है। जल्द ही कंपनी कार्यालय खोलेगी। उड़ानें भी शुरू होंगी। भोपाल हैदराबाद उड़ान संख्या 6-ई 7594/ 7594 का 10 जनवरी से लागू शेड्यूल हैदराबाद प्रस्थान सुबह 10.20 बजे भोपाल आगमन दोपहर 12.40 बजे भोपाल प्रस्थान दोपहर 01.00 बजे हैदराबाद आगमन दोपहर 03.15 बजे

40 साल बाद भोपाल को मिलेगी जहरीले कचरे से आजादी, सरकार को मिली सभी अनुमति

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को 337 मीट्रिक टन अत्यंत जहरीले कचरे से आजादी मिलेगी। भोपाल गैस त्रासदी का जहरीला कचरा मामले में सरकार को सभी अनुमति मिली है। गुप्त तरीके से किसी भी वक्त कचरा हटाने की कार्रवाई हो सकती है। 250 किलोमीटर लंबाई का भोपाल से पीथमपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनेगा। 40 साल बाद पीथमपुर में वैज्ञानिक पद्धति से निष्पादन होगा। रामकी एनवायरो में वैज्ञानिकों के निगरानी में निष्पादन होगा। कचरे को जलाकर निष्पादित किया जाएगा। 12 ट्रैकों में साइंटिफिक क्लोजर के साथ भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में कचरा ले जाया जाएगा। 300 से ज्यादा पुलिस बल तैनात रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 6 जनवरी तक हटाने के निर्देश दिए थे। गैस राहत त्रासदी मंत्रालय ने भोपाल और इंदौर कमिश्नर को निर्देश दिया है। सभी आवश्यक तैयारी रखने का निर्देश दिए है। किसी भी वक्त जानलेवा जहरीला कचरा हटाया जा सकता है। निर्देश भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्रालय का है।

अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जिला मुख्यालय के लगभग सभी होटल बुक, दर्शन का समय बढ़ाया

अयोध्या नए साल के आगमन के साथ ही भगवान श्रीरामलला की जन्मभूमि अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जिला मुख्यालय के लगभग सभी होटल बुक हो गए हैं। इस बीच, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के दर्शन का समय बढ़ा दिया है और अपेक्षित भीड़ को प्रबंधित करने के लिए व्यापक व्यवस्था लागू की है। इस साल 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। कुछ होटलों और लॉज में अब भी कमरे उपलब्ध अयोध्या जिला मुख्यालय में लगभग सभी होटलों के कमरे बुक हो चुके हैं। अयोध्या में एक स्थानीय होटल के मालिक अंकित मिश्रा ने कहा, “हम इस नए साल में श्रद्धालुओं का स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं। हमारे सभी कमरे 15 जनवरी तक के लिए पहले से बुक हो चुके हैं।” शनिवार सुबह जब जांच की गयी, तो एक ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ने दिखाया कि कुछ होटलों और लॉज में अब भी कमरे उपलब्ध हैं, हालांकि कुछ होटल मांग में वृद्धि के कारण प्रति रात एक कमरे का 10,000 रुपये से अधिक शुल्क ले रहे हैं। इस साल की शुरुआत में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन में वृद्धि देखी गई है, जबकि चैत्र (मार्च-अप्रैल) में हिंदू नववर्ष का पारंपरिक महत्व है। सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजकरण नैयर ने कहा, “राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, लता चौक, गुप्तार घाट, सूरजकुंड और अन्य लोकप्रिय स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।” मंदिर ट्रस्ट ने भी खासकर 30 दिसंबर से जनवरी के पहले दो हफ्तों के बीच बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए व्यापक तैयारी की है। ट्रस्ट के एक व्यक्ति ने कहा, “सभी भक्तों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए दर्शन का समय बढ़ाया गया है और विशेष व्यवस्था की गई है।”

आबकारी विभाग भी नए वर्ष के जश्न में आयोजित पार्टियों में बगैर अनुमति के शराब पार्टी करने को लेकर अभी से अलर्ट

इंदौर वर्ष 2024 की विदाई के साथ नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए कई स्थानों पर पार्टियां आयोजित होंगी। इसकी तैयारी शहर में शुरू हो चुकी है। वहीं आबकारी विभाग भी नए वर्ष के जश्न में आयोजित पार्टियों में बगैर अनुमति के शराब पार्टी करने को लेकर अभी से अलर्ट हो गया है। विभाग की अलग-अलग टीमें 31 दिसंबर को होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट और फार्म हाउस की निगरानी करेंगी। बगैर लाइसेंस के शराब पिलाने पर कार्रवाई की जाएगी। 31 दिसंबर की रात को शहर में शराब पार्टियों के लिए बुकिंग शुरू हो चुकी है। लाइसेंस लेकर ही पार्टी करें आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब पार्टी करने के लिए लाइसेंस लेना होगा। बगैर लाइसेंस के शराब पार्टियां आयोजित नहीं हो सकेंगी। सहायक आबकारी आयुक्त मनीष खरे ने बताया कि नए साल की पार्टियों के स्थान को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों चिह्नित किया जा रहा है। वहीं आयोजकों को निर्देशित किया जा रहा है कि आकस्मिक लाइसेंस लेकर ही शराब पार्टी आयोजित करें। पब व रेस्टारेंट रात 12 बजे तक बंद हो जाएं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने एसीपी अमित सिंह को 31 दिसंबर को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि 31 दिसंबर को शहर की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएं। बजरंग दल इंदौर विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर, सह संयोजक अविनाश कौशल ने बताया कि हमने मांग की है कि नशा करके वाहन चलाने वालों के वाहन जब्त किए जाएं। नशे में मिलने पर 24 घंटे बाद दें जमानत सार्वजनिक स्थानों पर आतिशबाजी न की जाए। होटल पब, रेस्टारेंट को आवश्यक रूप से रात 12 बजे बंद कराया जाए। नाबालिक अगर कोई होटल पर वह रोड पर नशे में पाया जाए तो कार्रवाई कर 24 घंटे के बाद ही जमानत दी जाए। बड़े आयोजनों की अनुमति नहीं दी जाए। बता दें नए वर्ष के आयोजन को लेकर शहर भर में तैयारियां जोरों से की जा रही हैं। वहीं प्रशासन भी इस आयोजन को शांतिपूर्वक कराने को लेकर अपनी योजना बना रहा है। इस पर कुछ नियम बनाए गए हैं ताकि कोई परेशानी नहीं हो सके।

2025 में बदलने वाली है सूरत, मेरठ को नमो भारत-वंदे भारत और सड़कों के नेटवर्क की मिलेगी सौगात

मेरठ दिल्ली-एनसीआर का हृदय स्थल बनकर उभर रहा मेरठ समृद्धि और भव्यता की नींव रख चुका है। देरी से ही सही, लेकिन उपलब्धियों का गुलदस्ता सजाते हुए सुहाने सफर पर निकल चुका है। गति से प्रगति के ध्येय वाक्य से देश की पहली रीजनल रैपिड रेल शुरू कर चुके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने इस साल मेरठ की सीमा तक (मेरठ साउथ -भूड़बराल स्टेशन से) भी नमो भारत ट्रेन के संचालन का शुभारंभ 18 अगस्त से कर दिया। आधुनिक हो रहे रेलवे के लिए क्रांति बनकर आई वंदेभारत ट्रेन 31 अगस्त से मेरठ-लखनऊ के बीच यात्रियों के लिए उपलब्ध करा दी गई। दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से मेरठ होते हुए देहरादून तक मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के रास्ते देहरादून तक 29 मई से वंदे भारत एक्सप्रेस भी शुरू हुई। मेरठ-नजीबाबाद और मेरठ-बागपत हाईवे पूरी तरह से शुरू हुआ तो वहीं गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज तक सफर का वास्तविक कार्य होते हुए दिखा। सभी हाईवे को जोड़ने वाला कनेक्टर यानी आउटर रिंग रोड भी लगभग तैयार हो गया। वहीं, देहरादून बाईपास पर परतापुर से सिवाया टोल प्लाजा तक एलिवेटेड रोड की स्वीकृति मिलने की खुशखबर भी मिली। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण भी नए साल में तैयार हो जाएगा। इस तरह से नया साल उन्नति के पथ पर सुहाने सफर के लिए स्वागत कर रहा है। मेरठ साउथ तक पहुंची देश की पहली रीजनल रैपिड रेल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम आरआरटीएस परियोजना का पहला कारिडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तैयार हो रहा है। इस साल यह सुखद रहा कि मेरठ साउथ यानी भूड़बराल स्टेशन से इस परियोजना पर संचालित ट्रेन नमो भारत की सेवा 18 अगस्त से शुरू हो गई। मेरठ के भूड़बराल स्टेशन से साहिबाबाद तक यात्रा का शुभारंभ हो गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम एनसीआरटीसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक 50 लाख लोग यात्रा कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक यात्रा गाजियाबाद और मेरठ साउथ स्टेशन से की गई। नए साल में जून में मोदीपुरम तक नमो भारत और मेरठ मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी। इससे मेरठ मेट्रो जहां शहर के अंदर यात्रा कराएगी, वहीं नमो भारत दिल्ली पहुंचाएगी। लखनऊ के साथ अयोध्या, बनारस पहुंचाएगी वंदेभारत वंदेभारत ट्रेन की शुरुआत मेरठ से लखनऊ के बीच 31 अगस्त से सेवा शुरू की गई थी। इसने जहां लखनऊ तक यात्रा सुहाना किया वहीं अब इस ट्रेन का विस्तार अयोध्या और बनारस तक करने की घोषणा भी साल के अंत तक हो गई। बड़ी संख्या में लोग अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर दर्शन करने जाते हैं, ऐसे लोगों को सहूलियत मिल जाएगी। वहीं काशी विश्वनाथ का दर्शन करने व पूर्वांचल के लोगों को भी सुविधा मिल जाएगी। उम्मीद है कि नए साल के शुरुआती एक-दो महीने में ही ट्रेन का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। क्योंकि इसकी संभावित समय सारिणी भी सार्वजनिक हो चुकी है। प्रयाग के तट पहुंचाएगा गंगा एक्सप्रेसवे, कम करेगा पूरब की दूरी महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे नए साल में शुरू हो जाएगा। प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का प्रोजेक्ट पश्चिम से पूरब की दूरी कम करेगा। दोनों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक यात्रा का सेतु की तरह काम करेगा। उम्मीद है कि जून तक इस पर यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। इसका निर्माण प्रदेश सरकार की ओर से किया जा रहा है। यह मेरठ से प्रयागराज के बीच बनाया जा रहा है। एलिवेटेड रोड बनते ही देहरादून हाईवे पर बढ़ेगी गति एनएच-58 यानी दिल्ली-देहरादून हाईवे का बाईपास सबसे व्यस्त रहता है। इसके आसपास कालेज, मंडप, होटल व व्यावसायिक गतिविधि बढ़ने से वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसलिए हाल ही में जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी थी कि परतापुर में जहां से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज बनाया गया है, वहीं से एक एलिवेटेड रोड बाईपास पर बनाया जाए। यह एलिवेटेड रोड मोदीपुरम से आगे सिवाया टोल प्लाजा के पास उतारा जाए। इस मांग को केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वीकृति प्रदान कर दी थी। उम्मीद है कि नए साल में इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। इससे इस हाईवे पर जाम कम हो जाएगा और वाहनों की गति बढ़ेगी। जोड़े जा रहे हाईवे, बाहर से निकल जाएंगे वाहन शहर में छह हाईवे हैं। इनमें से चार हाईवे और एक राज्य मार्ग को जोड़ने के लिए कनेक्टर यानी आउटर रिंग रोड बनाई जा रही है। इसका अधिकांश कार्य पूर्ण होने वाला है। यह दिल्ली-देहरादून हाईवे, मेरठ-नजीबाबाद हाईवे, किला रोड, मेरठ-गढ़ हाईवे, मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर हाईवे को आपस में जोड़ रहा है। बिजौली-जाहिदपुर, सिवाया और परतापुर सफर के बड़े केंद्र मेरठ-हापुड़-बुलंशहर हाईवे पर जाहिदपुर से बिजौली तक तीन नए मार्गों को जोड़ा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण यहीं पर जोड़ रहा है। परतापुर में दिल्ली रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, देहरादून बाईपास व नमो भारत का भूड़बराल स्टेशन है। वहीं सिवाया से मोदीपुरम के बीच में एनएच-58, आउटर रिंग रोड, नमो भारत ट्रेन का मोदीपुरम डिपो स्टेशन, प्रस्तावित बस अड्डा व प्रस्तावित ट्रांसपोर्टनगर होने से प्रमुख परिवहन केंद्र बन जाएगा। उम्मीदें 2025 गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होगा। प्रयागराज तक सफर होगा सुहाना। दिल्ली-दून हाईवे के बाईपास पर एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू होगा। दिल्ली-दून हाईवे से मवाना रोड, किला रोड, गढ़ रोड, हापुड़ रोड को जोड़ने वाले कनेक्टर का निर्माण कार्य पूर्ण होगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होगा। इससे मेरठ के आधे हिस्से को जाम से निजात मिलेगी। दिल्ली पहुंचना आसान होगा। जून तक तय लक्ष्य के अनुसार नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो का संचालन मोदीपुरम तक शुरू हो जाएगा।  

नए साल में नया फॉर्मूला लेकर चलेगी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार, होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!

भोपाल मोहन सरकार नए साल में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक बदलाव होंगे। विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को इसका आधार बनाया जाएगा। सरकार के स्तर पर खाका तैयार हो रहा है। बीते साल में पिछड़ने वाले अधिकारियों से नए फार्मूले के आधार पर निपटा जाएगा। मध्य प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।  सरकार इसमें उद्योग, कृषि-वनोत्पाद, अद्योसंरचनाएं एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन जैसे 8 कार्य समूह तय किए हैं। माना जा रहा है कि इन समूहों में पहले से कुछ काबिल अफसर हैं लेकिन कुछ का परफार्मेंस बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यहां बदली जा सकती है प्रशासनिक जमावट -प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त की पदस्थापना। जिलों में विवादित हो चुके कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय है, उनको भी वापस बुलाया जाना है जो 3 साल पूरे कर चुके हैं। -ऐसे जिले जहां पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने सदन में गंभीर मुद्दे उठाए और शासन-प्रशासन को किरकिरी झेलनी पड़ी, वहां कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय। -राजस्व महाभियान में खराब परफार्मेंस वाले कमिश्नर- कलेक्टर भी निशाने पर होंगे। खाद संकट के दौरान जिलों में बेहतर वितरण व्यवस्था नहीं बना पाने, किसानों को नहीं समझा पाने वाले कुछ कलेक्टर भी राडार पर बताए जा रहे हैं। -ऐसे जिले जहां से सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ग्राफ कम करने के लिए बगैर वैधानिक निराकरण के बंद करने की दोबारा शिकायतें मिल रही हैं, उन संबंधित अधिकारियों को भी बदला जा सकता है।

जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पुराने टर्मिनल की जगह कार्गो बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव बनाया

 जबलपुर  शहर के व्यापारी और व्यवसायी कार्गो विमान के जरिए अपना सामान बाहर भेज सकें वहीं बाहर से भी सामान आसानी से आ सके, इसके लिए जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जबलपुर एयरपोर्ट से कार्गो विमान सेवाएं शुरू करने का प्लान बनाया। एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल की जगह कार्गो बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव बनाया, ताकि विमानों से लोड और अनलोड माल को वहां रखा जा सके। इसके लिए प्लान बनाकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास भेजा भी गया, लेकिन वहां मामला अटक गया। चार से पांच माह बीत जाने के बाद भी वहां से क्लीयरेंस नहीं मिल सका, जिस कारण न तो निर्माण शुरू हो सका और न ही कार्गो विमान सेवाएं। क्लीयरेंस मिलते ही बातचीत कार्गो बिल्डिंग को क्लीयरेंस का इंतजार, हेडक्वार्टर में अटका मामला शहर से भी शुरू होनी है कार्गो विमान सेवाएं, अनुमति मिलते ही शुरू होगा काम इधर जैसे ही क्लीयरेंस मिलता है, तो बिल्डिंग निर्माण के साथ ही एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कार्गो विमान कम्पनियों से भी बातचीत की जाएगी। उन्हें जबलपुर में आने और यहां से जाने वाले माल की जानकारी और कार्गो विमान सेवा शुरू होने से विमान कम्पनियों को होने वाले फायदे की जानकारी दी जाएगी, ताकि यह सेवाएं शुरू हो सकें। यहां से आता-जाता है माल ट्रेन से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, कानपुर, आगरा से माल आता है, तो वहीं इलाहाबाद, पटना, लखनऊ, कानपुर, गुजरात समेत अन्य शहरों और प्रदेशों में यहां से माल भेजा जाता है। माल लाने ले जाने के लिए जबलपुर रेल मंडल के पास 14 एसएलआर और एक लीज कंटेनर है। लेकिन ट्रेन से समय अधिक लगता है। वहीं कई बार माल कहीं और जाने की बजाय कहीं और चला जाता है। ऐसे में लम्बे समय से शहर से कार्गो विमान सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी।  प्रदेश के अन्य एयरपोर्ट पर सुविधा प्रदेश के अन्य एयरपोर्ट्स पर कार्गो की सुविधा है। ऐसे में वहां से कार्गो विमान भी उड़ान भरते हैं, लेकिन जबलपुर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद से अब तक यहां कार्गो सुविधा नहीं थी, जिस कारण व्यपारियों और व्यवसाईयों को हवाई जहाज से सामान भेजने में परेशानी होती थी। यदि कुछ आवश्यक चीजें हवाई जहाज के माध्यम से दूसरे शहर या विदेश भेजनी होती थी, तो लोगों को नागपुर जाना पड़ता था। इन्हें मिलेगा फायदा शहर में गारमेंट क्लस्टर है, वही आईटी सेक्टर का भी बड़ा काम शहर में है। इसके अलावा कई ऐसी कम्पनियां हैं, जो देश के अन्य शहरों और विदेशों तक से सामान बुलवाती है। ऐसे में इन कम्पनियों को फायदा होगा। कार्गो विमान सेवा शुरू होने से माल भी वर्तमान समय से कम समय में पहुंच सकेगा।

जल्द पूरा होगा भारत का सपना, लॉन्च होने वाला है ISRO का SPADEX मिशन… जानिए क्यों है खास ?

चेन्नई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्ष 2024 शानदार  विदाई देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये अपने दोहरे रिकॉर्ड कायम करने वाले ‘स्पैडेक्स’ अंतरिक्ष मिशन के लिए उलटी गिनती काम आज से शुरू करेगा। इसके तहत पहली अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक पर – स्पैडेक्स उपग्रह से जुड़ी डॉकिंग और अनडॉकिंग श्रृंखला है और दूसरा पीएसएलवी-सी60 प्रक्षेपण यान पर पीओईएम-4 के हिस्से के रूप में 24 वैज्ञानिक प्रयोगों का पीएसएलवी का चौथा चरण शामिल है। पीएसएलवी-सी60 स्पैडेक्स मिशन का प्रक्षेपण 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा के पहले अंतरिक्ष बंदरगाह पर पैड से 2158 बजे निर्धारित है। पीएसएलवी मिशन के लिए उलटी गिनती का काम जो आम तौर पर 24 से 25 घंटे का होता है, कल से शुरू होने की उम्मीद है, जिसके दौरान चार चरण वाले वाहन में प्रणोदक भरने का कार्य किया जाएगा। इसरो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, प्रक्षेपण के करीब एक कदम और बढ़ाते हुये स्पैडेक्स के प्रक्षेपण यान के साथ दो उपग्रह एकीकृत हो गए है। कहा गया, “एकीकरण मील का पत्थर है, एसडीएससी शार ‘लिफ्टऑफ़’ के एक कदम और करीब स्पैडेक्स उपग्रहों को पीएसएलवी-सी60 के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है।” बताया गया,“ पीएसएलवी-सी60 पर पहली बार पीआईएफ सुविधा में पीएस 4 (चौथे चरण इंजन) तक पूरी तरह से एकीकृत कर इसे पहले लॉन्च पैड पर ले जाया गया।” इसरो अपने पहले सफल अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के साथ वर्ष 2024 की शानदार विदाई करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि यह अग्रणी मिशन भारत को चौथा देश बनने के लिए प्रेरित करेगा। इससे दुनिया को पता चलेगा कि देश जटिल अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल कर रहा है” इसरो के लिए यह एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मिशन होगा जिसके तहत अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के लिए दो उपग्रह चेज़र और टारगेट वाले स्पैडेक्स लॉन्च के अलावा, स्पैडेक्स मिशन के साथ पीएसलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल-4 (पीओईएम-4) पर अंतरिक्ष में रिकॉर्ड 24 वैज्ञानिक प्रयोग किये जायेंगे।  क्या है यह मिशन? अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक तब बहुत जरूरी होती है जब साझा मिशन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए कई रॉकेट लॉन्च करने की जरूरत होती है। इसरो के अनुसार, स्पेडेक्स मिशन में दो छोटे अंतरिक्ष यान (प्रत्येक लगभग 220 किग्रा) शामिल हैं, जिन्हें पीएसएलवी-सी60 के जरिये स्वतंत्र रूप से और एक साथ, 55 डिग्री झुकाव पर 470 किमी वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा, जिसका स्थानीय समय चक्र लगभग 66 दिन का होगा। अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन के लिए मिशन इस मिशन के माध्यम से, भारत अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक रखने वाला दुनिया का चौथा देश बनने की ओर अग्रसर है। 9 दिसंबर को पीएसएलवी-सी59/प्रोबास-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव, एस सोमनाथ ने कहा कि दिसंबर में ही पीएसएलवी-सी60 के प्रक्षेपण के साथ एक समान मिशन आने वाला है। सोमनाथ ने कहा, ‘यह (पीएसएलवी-सी60 मिशन) स्पैडेक्स नामक अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन करने जा रहा है। रॉकेट अब तैयार है और हम प्रक्षेपण की ओर ले जाने वाली गतिविधियों के अंतिम चरण के लिए तैयार हो रहे हैं, संभवतः दिसंबर में ही।’ बताया जाता है कि अंतरिक्ष में डॉकिंग की यह प्रक्रिया सबसे कठिन होती है और इसमें जरा सी चूक बड़ी मुसीबतें पैदा कर सकती है।   गोलाकार कक्षा में लॉन्च किया जाएगा मिशन इसरो के अनुसार, स्पेडेक्स मिशन को दो छोटे अंतरिक्ष यानों (एसडीएक्स01, जो कि चेजर है और एसडीएक्स02, जिसका नाम टारगेट है) के पृथ्वी की निचली वृत्ताकार कक्षा में तेज गति में मिलन, डॉकिंग और अनडॉकिंग को प्रदर्शित किया जाएगा। पीएसएलवी कक्षीय प्रयोग मॉड्यूल (पीओईएम) अंतरिक्ष में विभिन्न प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने के लिए 24 प्रयोग करेगा। इनमें 14 प्रयोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विभिन्न प्रयोगशालाओं से और प्रयोग 10 निजी विश्वविद्यालयों तथा ‘स्टार्ट-अप’ से संबंधित हैं। डॉकिंग प्रक्रिया से ही बने हैं अमेरिका और रूस के स्पेस स्टेशन गौरतलब है कि अमेरिका और रूस धरती पर एक-दूसरे के दुश्मन हैं, हालांकि अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) स्थापित करने में दोनों देशों ने साथ काम किया है। जहां नासा के स्पेस शटल ने आईएसएस के एक भाग का निर्माण किया है, वहीं रूस ने भी अपने कई स्पेस शटल्स का इस्तेमाल किया। नासा के पा मौजूदा समय में कोलंबिया, चैलेंजर, डिस्कवरी, अटलांटिस, एंडियेवर जैसे स्पेस शटल हैं, वहीं रूसी स्पेस एजेंसी रॉस्कॉस्मोस ने अपने स्पेस शटल का नाम बुरान रखा है।  

गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई का विशेष अभियान शुरू किया

गुरुग्राम  बिना पुलिस को सूचना दिए गुरुग्राम में विदेशियों को फ्लैट किराये पर दिए जा रहे हैं। पुलिस जांच में पहले इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत, वेरिफिकेशन के बिना रहने वाले किरायेदारों और मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। गुरुग्राम में विशेष अभियान चलाया जाएगा पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर गुरुग्राम में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को चेक किया जा रहा है। झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, होटलों में विशेष रूप से चेकिंग की जा रही है। अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। यदि किसी ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखा होता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी से अपील कर रही है कि किरायेदारों, घरों में काम करने वालों, होटल में काम करने वालों का वेरिफिकेशन जरूर कराएं। रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रहीवहीं सरकार को शक है कि मुस्लिम बाहुल्य मेवात (नूंह) में रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रही है। मेवात में कुछ लोग इन रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दे रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी सरकार के आगे शिकायत की कि यह रोहिंग्या देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इनके बारे में पूरी जानकारी के बगैर इन्हें रोकना मुमकिन नहीं। ऐसे में इन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए और तब तक पूरी सख्ती बरती जानी चाहिए। हरियाणा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में 600 से 700 परिवार रोहिंग्या मुसलमानों के हैं। अकेले मेवात में करीब दो हजार रोहिंग्या रहते हैं।

देश में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी , साल 2024 में लग्जरी कारों का नया रेकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली  क्या सस्ती कारों के दिन लदने वाले हैं? साल 2024 में लग्जरी कारों की डिमांड कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल हर घंटे ऐसी 6 लग्जरी कारों की बिक्री हुई जिनकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा थी। यानी हर 10 मिनट में एक लग्जरी कार बिक्री है। इन कारों में ऑडी और मर्सिडीज-बेंज जैसे बड़े ब्रांड की कार शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक 5 साल पहले हर घंटे लग्जरी कारों की बिक्री की संख्या मात्र दो थी। ऐसे में इन 5 वर्षों में इसमें तीन गुना की तेजी आई है। इससे पता चलता है कि संपन्न वर्ग का विस्तार हो रहा है। इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार साल 2025 में लग्जरी कार निर्माता दो दर्जन से ज्यादा नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। कैसा होगा साल 2025? इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री 50 हजार का आंकड़ा पार कर जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह डिलियन ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि 2025 में इंडस्ट्री 8 से 10% की दर से बढ़ेगी।’ वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, ‘साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।’ साल 2024 में कैसी रही स्थिति? इस साल भी लग्जरी कारों की बिक्री में काफी तेजी आई है। मर्सिडीज-बेंज कारों की बिक्री की संख्या साल 2024 में 20 हजार हो जाएगी। कंपनी ने सितंबर तक नौ महीनों में बिक्री में 13% की वृद्धि दर्ज की जो 14,379 यूनिट थी। वहीं जनवरी से सितंबर के दौरान BMW इंडिया की बिक्री करीब 5% बढ़कर रेकॉर्ड 10,556 वाहन हो गई। ऑडी इंडिया ने कहा कि वह अगले साल बिक्री को फिर से बढ़ाने के लिए तैयार है। क्यों बढ़ रही लग्जरी कारों की बिक्री? देश में अरबपतियों की संख्या में तेज आ रही है। नाइट फ्रैंक की ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2024’ के अनुसार अल्ट्रा-रिच भारतीयों की संख्या 2023 में 13263 से 2028 में 50% बढ़कर 19908 हो जाने की उम्मीद है। भारत के बाद चीन (47%), तुर्की (42.9%) और मलेशिया (35%) का स्थान होगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश में अरबपतियों की संख्या बढ़ने से लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आई है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा-बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में कार्य योजना अनुसार फ्रंट एरिया डेवलपमेंट का कार्य करायें

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में कार्य योजना अनुसार फ्रंट एरिया डेवलपमेंट का कार्य करायें। पूर्व से निर्मित गौ शेड, भूसा शेड सहित अन्य सभी भवनों का रंग रोगन व मेंटीनेंस कराते हुए शेष निर्माणाधीन कार्यों को आगामी 10 दिवस में अनिवार्यत: पूर्ण करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा के बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गौवंश वन्य विहार के विकास कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार की प्रदेश में अपनी पहचान है। प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ के दौरान देश के महान मनीषी स्वामी अवधेशानंद गिरिजी, स्वामी रामदेव तथा पूज्य मोरारी बापू भी हेलीकाप्टर से बसामन मामा गौवंश वन्य विहार आयेंगे तथा संपूर्ण वन्य विहार का भ्रमण करेंगे। उन्होंने नियत समय में सभी कार्य पूर्ण करने कके निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौवंश वन्य विहार में गोबर व गोमूत्र से निर्मित सामग्री को विक्रय किये जाने के लिये संबंधित संस्थानों से अनुबंध किये जाने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का आर्थिक संसाधन हासिल कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उनकी उत्पाद सामग्री का क्रय कराया जाना सुनिश्चित करायें। उन्होंने गौवंश वन्य विहार के लिये आवंटित चरनोई भूमि में चारा उत्पादन करने व विक्रय करने का दायित्व एफपीओ के माध्यम से कराने की बात कही ताकि इससे भी आमदनी हो सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौवंश वन्य विहार में सोलर पैनल लगाकर ऊर्जीकृत करने तथा मृत पशुओं के लिये निष्पादन इकाई लगाये जाने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने हिनौती गौधाम में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। रीवा जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक मशीनों से होगा नेत्र रोग का उपचार उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जिला चिकित्सालय रीवा में सर्व-सुविधायुक्त ऑपरेशन थियेटर में अब अत्याधुनिक मशीनों से नेत्र रोगियों का उपचार होगा तथा जटिल नेत्र सर्जरी भी की जायेगी। इस सुविधा के हो जाने से अब नेत्र रोगियों को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय का भ्रमण किया तथा ऑपरेशन थियेटर की सुविधाओं का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय में नेत्र विभाग के ऑपरेशन थियेटर को 76 लाख रूपये की लागत से सर्व-सुविधायुक्त बनाकर अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन ओपीडी तथा चिकित्सालय विस्तार भवन का निरीक्षण कर कार्य को शीघ्र पूर्ण करने को निर्देश निर्माण एजेंसी को दिये। अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय, सीएमएचओ डॉ. संजीव शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. एमएल गुप्ता उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रदेश में उर्वरक प्रबंधन की समीक्षा, की जाएं उपलब्धता सुनिश्चित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूरिया, डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों की समय रहते उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए गौवंश आधारित जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाए। कृषक, पारम्परिक अनुभव और स्वयं की पहल पर बड़े पैमाने में जैविक खाद का उपयोग कर रहे हैं। यह मिट्टी की गुणवत्ता और धरती की सेहत के लिए भी लाभप्रद है। उपयोग की जा रही जैविक खाद की मात्रा की गणना और दस्तावेजीकरण की आवश्यकता है। इस आधार पर प्रदेश में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ाने के लिए कृषकों को प्रोत्साहित करने का मॉडल विकसित किया जाए। राज्य की यह पहल अन्य प्रदेशों के लिए भी अनुकरणीय होगी। रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जैविक तथा प्राकृतिक खाद जैसे विकल्प किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उर्वरक प्रबंधन की समीक्षा के दौरान यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री के समत्व भवन में हुई बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उर्वरकों के अग्रिम भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को फसल चक्र के अनुसार समय रहते उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए उर्वरक वितरण के प्रमुख केन्द्रों पर अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए कार्य योजना विकसित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में फसलों की बुवाई लगभग 97 प्रतिशत है। वर्तमान वर्ष में यूरिया, एन.पी.के.,एस.एस.पी और एम.ओ.पी. उर्वरकों की उपलब्धता गत चार वर्षों में सर्वाधिक है। वर्तमान तक उपलब्ध 35 लाख 68 हजार मीट्रिक टन में से 32 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया का वितरण हो चुका है। इसी प्रकार 9 लाख 29 हजार मीट्रिक टन एन.पी.के., 10 लाख 58 हजार मीट्रिक टन एस.एस.पी, 91 हजार मीट्रिक टन एम.ओ.पी. वितरित हो चुका है। इसी प्रकार 10 लाख 82 मीट्रिक टन डीएपी और 20 लाख 11 हजार मीट्रिक टन डीएपी + एन.पी.के. वितरित किया जा चुका है। बैठक में विभिन्न जिलों में मासिक उर्वरक व्यवस्था पर चर्चा हुई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।  

भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बड़ा निर्णय, गहलोत सरकार में बने 9 जिले और 3 संभाग को किया ख़त्म

जयपुर राजस्थान में भजनलाल सरकार ने अशोक गहलोत के 9 नए जिलों को निरस्त कर दिया है। सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में खाद्य सुरक्षा योजना में नए लाभार्थी जोड़ने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर निरस्त कर दिया है। वहीं, गहलोत सरकार में बनाए नए 17 जिलों में 8 नए जिले भजनलाल कैबिनेट ने यथावत रखे हैं। इन जिलों में बालोतरा, ब्यावर, डीग, खैरथल-तिजारा, डीडवाना-कुचामन, कोटपूतली-बहरोड़, फलोदी और सलूंबर शामिल है। ऐसे में राजस्थान में अब 33 और 8 तो कुल 41 जिले रहेंगे। वहीं राजस्थान में अब 7 संभाग होंगे। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि तीन नए संभागों सीकर, पाली और बांसवाड़ा को भी निरस्त कर दिया है। भजनलाल कैबिनेट की बैठक में निरस्त होने वाले जिलों और संभागों पर अंतिम मुहर लगी है। मंत्री सुमित गोदारा और जोगाराम पटेल ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए निरस्त होने वाले जिलों और संभागों के बारे में जानकारी दी है। बता दें कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने अंतिम समय में राजस्थान में 17 नए जिले और तीन नए संभाग बनाए थे। इस निर्णय को भजनलाल सरकार ने पलटते हुए 9 जिलों और नए बने तीनों संभागों को निरस्त कर दिया है, जबकि 8 जिले यथावत रहेंगे। वहीं, राज्य में संभाग पहले की तरह सात ही रहेंगे। इन जिलों को किया निरस्तः मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि कैबिनेट बैठक में लिए निर्णय के मुताबिक दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़, सांचौर जिले को निरस्त किया गया है। मंत्री के मुताबिक कैबिनेट बैठक में लिए निर्णय के मुताबिक बालोतरा, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, कोटपूतली-बहरोड़, डीडवाना-कुचामन, फलोदी, डीग और संलूबर जिले यथावत रहेंगे।

सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ें जाए: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पेसा कानून में प्रस्तुत समस्त दावों का निराकरण समय-सीमा निर्धारित कर प्राथमिकता पर किया जाए, आगामी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में इसकी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य विभाग में पेसा सेल गठित करने पर सहमति प्रदान की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में समस्त पात्र भाई-बहनों का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश तेंदूपत्ते का बड़ा उत्पादक है, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग अन्य राज्यों में होता है। तेंदूपत्ता संग्राहकों और इससे जुड़े विभिन्न व्यवसायों को प्रदेश में ही प्रोत्साहित करने एवं जनजातीय भाई-बहनों को इसके लाभ दिलवाने के लिए रणनीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने पर दिए गए दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने के लिए राज्य शासन द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन अनुसार ग्रामवासियों को रिकार्ड ऑफ राइट्स शीघ्र प्रदानकिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर वन, राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी समन्वय से कार्य करें। प्रदेश में विद्यमान 925 वन ग्रामों में से 827 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 792 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कर अब तक 790 ग्रामों का गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं को जोड़ते हुए गतिविधियों का विस्तार किया जाए। बैठक में मध्यप्रदेश वन अधिकार अनिधियम के प्रावधानों और उसके क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में विधि विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद दांडेकर, विषय विशेषज्ञ डॉ. शरद लेले, श्री मिलिंद थत्ते, पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम, श्री राम दांगोरे, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर, 15 हजार से अधिक पदों पर भर्ती, जारी किया कैलेंडर

भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में आयोजित होने वाली परीक्षा का कैलेंडर जारी कर दिया है। यह भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है। इसमें 15 भर्ती परीक्षा और पांच प्रवेश परीक्षा की तिथियों का जिक्र है। कैलेंडर में मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में 15,000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा शेड्यूल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। कर्मचारी चयन मंडल ने पहली बार भर्ती के लिए विभिन्न पदों की संख्या को सार्वजनिक किया है, जिससे अभ्यर्थियों को आने वाली भर्ती प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इस बार कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पांच अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षाएं विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए आयोजित की जाएंगी और इनसे जुड़ी तारीखों को पहले ही कैलेंडर में शामिल किया गया है। परीक्षा की जानकारी के साथ-साथ कर्मचारी चयन मंडल ने रिजल्ट जारी होने की तीथि भी स्पष्ट कर दी है। कैलेंडर के मुताबिक, 15 फरवरी से नर्स संयुक्त भर्ती परीक्षा की शुरुआत होगी, जिसमें 2267 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके परिणाम अप्रैल में घोषित होने की संभावना जताई गई है। पीएसटी प्रवेश परीक्षा मई 2025 में और पीएनएसटी जून 2025 में होगी।  

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