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महाकाल मंदिर में बड़ा एक्शन, प्रशासक बने एडीएम अनुकूल जैन, गणेश धाकड़ को हटाने का बाद दी जिम्मेदारी

उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने पुष्टि की है कि महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ को उनके पद से हटा दिया गया है. हालांकि, उनके स्थान पर नया प्रशासक कौन होगा, इस पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है. वही महाकालेश्वर मंदिर की आय से हेरफेर के मामले में आरोपी बनाए गए दो कर्मचारियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. 2 बार मंदिर समिति के प्रशासक रहे हैं धाकड़ महाकाल मंदिर का अगला समिति प्रशासक कौन होगा इसे लेकर संशय है. ये फैसला भोपाल से लिया जाएगा या स्थानीय स्तर पर, इसे लेकर भी चर्चा जारी है। इस पर कलेक्टर नीरज सिंह का कहना है कि जल्द ही मामले में स्पष्टता आएगी. गौरतलब है कि गणेश धाकड़ को 14 अगस्त 2024 को महाकाल मंदिर समिति का प्रशासक नियुक्त किया गया था. यह उनका दूसरा कार्यकाल था। इससे पहले वे 2021 से 2022 तक करीब एक वर्ष तक इसी पद पर रह चुके थे. धाकड़ ने कहा, मुझे कोई जानकारी नहीं वहीं महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक पद से हटाए जाने के सवाल पर गणेश धाकड़ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें अब तक स्थानांतरण से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. वहीं इस घटनाक्रम को लेकर मंदिर से जुड़े अधिकारी और स्थानीय लोगों में चर्चा का बाजार गर्म है. पूर्व मे भी मिला था प्रभार बताया जाता है कि एडीएम अनुकूल जैन एडीएम का पद संभालने के साथ ही जिला प्रोटोकॉल की व्यवस्थाओं के संबंध में महाकालेश्वर मंदिर से जुड़े रहते हैं। पूर्व में भी 13 अगस्त को उन्हें एक दिन के लिए महाकालेश्वर मंदिर का प्रशासक बनाया गया था, जिसके बाद गणेश धाकड़ को मंदिर का प्रशासक बना दिया गया था।   अवैध वसूली करने वाले रिमांड पर महाकालेश्वर मंदिर में अवैध वसूली करने वाले राजकुमार, अभिषेक भार्गव, रितेश शर्मा, राजेंद्र सिसोदिया को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है. महाकाल थाना पुलिस के मुताबिक अभी तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें दो लोग निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी है.

इंदौर में कपड़ा व्यापारी अब यूपीआई से भुगतान नहीं ले रहे, 25 व्यापारियों के बैंक अकाउंट कर दिए गए हैं फ्रीज

इंदौर इंदौर में रेडिमेड कपड़ों के कारोबारियों के एक संगठन ने साइबर ठगी के मामलों में बेकसूर दुकानदारों के बैंक खाते फ्रीज किए जाने पर विरोध जताते हुए ग्राहकों से UPI के माध्यम से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। संगठन के एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। उधर पुलिस ने कारोबारियों के इस निर्णय को सरासर गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। शहर के राजबाड़ा क्षेत्र में कपड़ों की कुछ दुकानों में लगाए गए बोर्ड में कहा गया है, ‘साइबर फ्रॉड की आशंकाओं के चलते ऑनलाइन-यूपीआई का पेमेंट नहीं ले पाएंगे।’ ध्यान खींचने के लिए पोस्टर लगाए इस बारे में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि ये पोस्टर साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं से कारोबारियों को होने वाले नुकसान की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए लगाए गए हैं। ‘हो रहा नुकसान, नाम भी खराब हो रहा’ जैन ने कहा कि अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के धन से दुकानदारों को UPI भुगतान किए जाने पर बेकसूर दुकानदारों के बैंक खाते फ्रीज किए जा रहे हैं, नतीजतन व्यापार चौपट हो रहा है और बाजार में कारोबारियों की साख बिगड़ रही है। ‘चेक बाउंस होने पर खाते फ्रीज होने का पता चलता है’ उन्होंने बताया, ‘मुझे कई कारोबारियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि साइबर ठगी के मामलों के कारण उनका बैंक खाता फ्रीज किए जाने का पता उन्हें तब चला, जब उनके द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया चेक बाउंस हो गया।’ जैन ने कहा कि इन हालात में उनके संगठन ने तय किया है कि UPI के बजाय नकदी और क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान लेने को तब तक प्राथमिकता दी जाएगी, जब तक सरकार कारोबारियों की इस समस्या का समाधान नहीं करती। उदाहरण देकर समझाया, उपाय भी बताया उन्होंने कहा, ‘मान लीजिए कि किसी अपराधी ने साइबर ठगी से मिले पैसों से खरीदी करते हुए 1,000 रुपए UPI के जरिये किसी दुकानदार के बैंक खाते में पहुंचाए हैं, तो ठगी की जांच पूरी होने तक इस खाते में केवल 1,000 रुपए की रकम को फ्रीज किया जाना चाहिए, लेकिन हो यह रहा है कि पूरे खाते को फ्रीज कर दिया जा रहा है।’ पुलिस बोली- शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे साइबर ठगी के कई मामलों की जांच कर रही अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने कहा, किसी भी दुकानदार द्वारा नकद लेन-देन को बढ़ावा देकर यूपीआई से भुगतान नहीं लेने की घोषणा करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ग्राहक इस सिलसिले में पुलिस को शिकायत करेगा, तो उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने व्यापारियों को बताया उपाय वहीं दुकानदारों के खाते फ्रीज करने की शिकायत के बारे में दंडोतिया ने कहा, ‘साइबर ठगी के धन से भुगतान का पता चलने पर कई बार उस बैंक खाते को फ्रीज करा दिया जाता है जिसमें यह रकम जाती है। लेकिन खाताधारक उचित दस्तावेज दिखाता है, तो खाते के जरिए लेन-देन बहाल कर दिया जाता है।’

दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी

नई दिल्ली दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग में सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.  यह दिल्ली के इतिहास में दिसंबर महीने में एक ही दिन में अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश है. इससे पहले  3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी है. तो आज की दर्ज की गई बारिश 101 साल बाद एक रिकॉर्ड है. इससे पहले शुक्रवार तक पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी. इससे कल अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री की गिरावट आई और तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस लिहाज से ये पिछले 5 सालों में सबसे ठंडा दिन रहा. दिल्ली में कल से रुक रुक कर बारिश हो रही है. हालांकि अच्छी खबर ये है कि बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अब GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. केंद्रीय प्रदूषण सूचकांक बोर्ड के मुताबिक, आज दिल्ली का एक्यूआई घटकर ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया, जो पिछले कई दिनों से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था. सीपीसीबी डाटा के मुताबिक, आज सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 164 मापा गया. जो कल तक 300 के पार बना हुआ था. NCR में प्रदूषण का हाल     ग्रेटर नोएडा- 87     गाजियाबाद- 87     नोएडा- 116     गुरुग्राम- 108     फरीदाबाद-108 दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड राष्ट्रीय राजधानी में 15 सालों में दिसंबर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान यानी अधिकतम तापमान तेजी से गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस हो गया. दिल्ली में कल, 27 दिसंबर की रात 2.30 बजे से बारिश हो रही थी, दिन के तापमान में 9.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जो दिसंबर में पिछले पांच सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान था. आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में पिछले पांच सालों में दिसंबर का सबसे कम तापमान था. 15.9 डिग्री सेल्सियस (2023) 15.6 डिग्री सेल्सियस (2022) 17.8 डिग्री सेल्सियस (2021) 15.2 डिग्री सेल्सियस (2020) 14.3 डिग्री सेल्सियस (2019) कल से शुरू होगा ठंड और कोहरे का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भी आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा सुबह से लेकर दोपहर तक एक या दो बार हल्की बारिश होने की संभावना है, इसके बाद बाकी दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे. मुख्य सतही हवा सुबह के समय 4 किमी प्रति घंटे से कम गति के साथ दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने की उम्मीद है. मौसम कार्यालय ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में धुंध या हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है और सुबह के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मध्यम कोहरा रहेगा. बारिश का दौर खत्म होने के बाद 29 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के साथ ठंड बढ़ेगी और कोहरे का कहर शुरू होगा. कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’ माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसी के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप श्रेणी की पाबंदियां लगाई जाती हैं. दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के सुधार को देखते हुए  ग्रैप के स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. फिलहाल ग्रैप के स्टेज 1 और 2 की पाबंदियां लागू हैं. ग्रैप के स्टेज-3 के तहत हटीं ये पाबंदियां ग्रैप-III के प्रावधानों के तहत आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को छोड़कर, बीएस-IV सर्टिफिकेशन से नीचे के इंजन वाले माल वाहन नहीं चल सकते हैं. और राष्ट्रीय राजधानी के बाहर पंजीकृत माल वाहन अगली सूचना तक शहर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, यदि उनका इंजन बीएस-IV सर्टिफिकेशन वाला नहीं है. दिल्ली और एनसीआर के शहरों में सरकारी कार्यालयों में काम के घंटे अलग-अलग होते हैं.

सागर, छिंदवाड़ा, कटनी सहित 13 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट, मौसम एकाएक बिगड़ा -कई जगहों पर गिरे ओले

भोपाल  मध्य प्रदेश में आज का मौसम (शनिवार, 28 दिसंबर) कैसा रहेगा। मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को सागर, छिंदवाड़ा, कटनी सहित 13 जिलों ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन जबलपुर समेत 25 जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई है। रविवार (29 दिसंबर ) को पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर कम होगा। सिस्टम के गुजरने के बाद टेम्प्रेचर लुढ़केगा और ठंड बढ़ेगी। कोहरा भी छाएगा। जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। इन जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार (28 दिसंबर) को सागर, टीकमगढ़, बैतूल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, नर्मदापुरम और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा भी चल सकती है। इन जिलों में हल्की बारिश और बादल विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, सीहोर विदिशा, रायसेन, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, रतलाम, देवास, शाजापुर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। इन जिलों में बरसा पानी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में शुक्रवार देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। मंदसौर में बारिश से कृषि उपज मंडी में रखा लहसुन पानी के साथ बहने लगा। उज्जैन में तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान एक पड़े गिर पड़ा। देवास में बारिश से सड़कें तरबतर हो गई। जानें किस जिले में कितना रहा रात का पारा मंडला में रात का पारा 11.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। नरसिंहपुर में 12.0, नौगांव 12.1, शहडोल के कल्याणपुर में 12.2, सिंगरौली के देवरा में 12.6, पचमढ़ी 13.4, बालाघाट 14.2, उमरिया 14.4, रीवा 14.6, खंडवा 15.0 और खरगोन में 15.0 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 16.4, इंदौर 17.5, ग्वालियर 13.1, उज्जैन 18.5 और जबलपुर में पारा 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश के कई जिलों में मावठा गिरा है। शुक्रवार को सुबह से ही अधिकांश जगहों पर बादल छाए थे लेकिन दोपहर होते होते ये बरस भी पड़े। एमपी के खरगोन के महेश्वर, बैतूल में मुलताई, अलीराजपुर, मंदसौर और रतलाम जिलों में कई जगहों पर बारिश हुई। रतलाम के मलवासा और आसपास ओले गिरे हैं। इधर मंदसौर में भी ओले गिरे। यहां के गरोठ में मध्यम आकार के ओले गिरे हैं। मंदसौर जिला मुख्यालय पर करीब 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक आई तेज बरसात से यहां की कृषि मंडी में रखी उपज गीली हो गई। प्रदेश की राजधानी भोपाल सुबह घने कोहरे के आगोश में रही, बाद में यहां बादल छा गए। ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में भी बादल छाए हैं। बता दें कि मौसम विभाग पहले ही प्रदेश में ओले, बारिश का अलर्ट जारी कर चुका है। 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश के अधिकांश जिलों बारिश का अलर्ट है। 28 दिसंबर यानि शनिवार को प्रदेश के 8 जिलों नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक वेस्टर्न पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम सक्रिय होने से मौसम के तेवर बदले हैं। इससे 2 दिनों तक ओला बारिश का अनुमान है।

मप्र में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सोयाबीन बेचा, अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा

भोपाल मप्र में पहली बार एमएसपी पर हो रही सोयाबीन की सरकारी खरीदी में किसानों ने वैसा उत्साह नहीं दिखाया , जैसा सरकार को अनुमान था। केंद्र सरकार ने मप्र के लिए एमएसपी पर सोयाबीन खरीदी के लिए 13 लाख मीट्रिक टन का कोटा तय किया था। 25 अक्टूबर से प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की जा रही है, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम हाउस स्थित समत्व कार्यालय में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि 25 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक की स्थिति में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सरकार को सोयाबीन बेचा है। एमपी में सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर तक चलेगी एमपी में एमएसपी पर सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम हाउस स्थित समत्व कार्यालय में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि 25 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक की स्थिति में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सरकार को सोयाबीन बेचा है। इन किसानों से सरकार ने अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा गया है। कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश में खरीदी 6 लाख मीट्रिक टन से ऊपर नहीं पहुंचेगी। इन किसानों से सरकार ने अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा गया है। कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश में खरीदी 6 लाख मीट्रिक टन से ऊपर नहीं पहुंचेगी। किसान लगातार पर सोयाबीन खरीदने की मांग कर रहे थे, इसके बाद सरकार ने घोषणा की थी कि लक्ष्य से ज्यादा सोयाबीन आता है तो सरकार अपने संसाधनों से खरीदी करेगी। सबसे ज्यादा भोपाल और उज्जैन संभाग में खरीदी समीक्षा बैठक में कृषि सचिव ने बताया कि प्रदेश में सोयाबीन की सर्वाधिक खरीदी भोपाल संभाग में हुई है। यहां कुल 1 लाख 80 हजार 198 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा जा चुका है। इसके बाद उज्जैन संभाग में 1 लाख 49 हजार 974.54 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा गया है। सागर संभाग में 93 हजार 495 मीट्रिक टन, नर्मदापुरम संभाग में 93 हजार 287 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदी हुई है। अब तक किसानों को 1957.1 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया है। सोयाबीन की समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल है। तिलहन- दलहन की फसलों पर भी प्रोत्साहन देने के निर्देश सीएम डॉ. यादव ने बैठक में कहा कि मप्र में सोयाबीन उत्पादन में पिछले सालों में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए राज्य सरकार आगे भी सोयाबीन की एमएसपी पर खरीदी जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को सोयाबीन के अलावा दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन देने पर काम करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई योजना बनाई जाए। उद्यानिकी फसलों में किसानों को ज्यादा आय होती है, किसानों को इसकी जानकारी दी जाए। केंद्रों पर रखा धान भीगा तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें बेमौसम बारिश की आशंका को देखते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को धान खरीदी की समीक्षा करते हुए खरीदी केंद्र पर खुले में रखे सभी धान का जल्द से जल्द परिवहन कराकर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों और गोदामों में रखवाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों पर करीब 19.5 लाखा मीट्रिक टन धान रखा हुआ है, जिसका बड़ा हिस्सा खुले में हैं। सीएम ने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही के कारण प्रदेश में कभी भी धान भीगता है तो संबंधित अधिकारी सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहे।  

पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, राष्ट्रपति – प्रधानमंत्री की उपस्थिति में दी गई मुखाग्नि

नई दिल्ली पूरे राजकीय सम्मान के साथ शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षा मंत्री सहित तमाम गणमान्य लोगों की उपस्थिति में निगम बोध घाट पर मुखग्नि दी गई। इससे पहले निवास से उनका पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय लाया गया। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद निगम बोधी घाट के लिए अंतिम यात्रा रवाना हुई। कांग्रेस मुख्यालय में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा सहित पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी यहां डॉ. सिंह के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। गांधी परिवार भी अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। निगम बोध घाट पर पहले राष्ट्रपति के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यहां कई गणमान्य नागरिक पहुंचे। इस दौरान रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग), निशाद राज मार्ग, बुलेवार्ड रोड, एसपीएम मार्ग, लोथियन रोड और नेताजी सुभाष मार्ग सहित सड़कों पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रतिबंध है। मनमोहन सिंह के स्मारक पर राजनीति इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री के स्मारक पर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है, जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी तरफ से डॉ. सिंह के लिए स्मारक बनाने का फैसला किया और इसकी जानकारी कांग्रेस नेतृत्व के साथ ही डॉ. सिंह के परिजन को भी दी। इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और नवजोत सिंह सिद्धू ने सरकार को घेरा। सिद्धू ने कहा कि यदि अटल बिहारी वाजपेयी के साथ ऐसा होता तो भाजपा को कैसा लगता। गहलोत ने कहा कि स्मारक बनाने के बारे में सरकार को खुद ही सोचना था। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे थे। साल 1991 में मनमोहन सिंह की राजनीति में एंट्री हुई जब 21 जून को पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया। उस समय देश एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। पी.वी. नरसिंह राव के साथ मिलकर उन्होंने विदेशी निवेश का रास्ता साफ किया था। वित्त मंत्री रहते उन्होंने देश में आर्थिक उदारीकरण की नीतियों को लागू किया, जिससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला और भारत को विश्व बाजार से जोड़ा जा सका। वह 1991 में पहली बार असम से राज्यसभा के सांसद चुने गए। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई सुधार किए, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हुई। वह 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता भी रहे। हालांकि, साल 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत के बाद उन्होंने 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यूपीए-1 और 2 में प्रधानमंत्री का पद संभाला। मनमोहन सिंह ने पहली बार 22 मई 2004 और दूसरी बार 22 मई, 2009 को प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली थी।  

बेटे के निवास पर भी पड़ा छापा, छत्तीसगढ़-रायपुर में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के घर पर ईडी की दबिश

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा के धरमपुरा, रायपुर स्थित निवास पर छापा मारा है. ईडी की कार्रवाई के दौरान सीआरपीएफ के जवान घर को घेरे हुए हैं. ईडी की टीम सुबह से ही कांग्रेस नेताओं के घरों पर छापेमारी में जुटी है. इसके पहले सुकमा में कवासी लखमा के बेटे और जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी के साथ नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घरों पर ईडी की टीम ने दबिश दी थी. सूचना रायपुर पहुंचने से पहले ही कवासी लखमा के भी घर में ईडी की टीम ने दस्तक दे दी थी. बड़ी संख्या में सीआरपीएफ जवानों की तैनाती वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के बेटे हैं। बताया जा रहा है कि शराब घोटाले में ईडी ने कुछ दिन पहले केस दर्ज किया था। शायद उसी मामले में कार्रवाई हो रही है। यह छापेमारी सुकमा और रायपुर में हो रही है। इस छापेमारी को डीएमएफ फंड स्कैम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि ईडी इस मामले में लंबे समय से कार्रवाई कर रही है। आबकारी घोटाले में कई लोगों जेल में भी हैं। साथ ही बीतते समय के साथ जांच का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। ईडी की छापेमारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। कवासी लखमा छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेता हैं। वह हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। ED ने शराब घोटाले में दो पूर्व मंत्री पर भी कराई थी FIR छत्तीसगढ़ में शराब और कोयला घोटाले मामले में ED ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 100 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई थी। इनमें कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कमरो, शिशुपाल का नाम शामिल हैं। वहीं 2161 करोड़ के शराब घोटाले के मामले में ED ने ट्रिपल A यानी IAS अफसर, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया था। जिसके बाद ACB इस मामले में अलग से कार्रवाई कर रही है। FIR में तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम भी FIR में शामिल है, जिन्हें हर महीने 50 लाख दिया जाता था। FIR में शामिल तथ्यों के आधार पर आपको बताते हैं कि किस तरह नया सिंडिकेट तैयार कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। तत्कालीन आबकारी मंत्री और आयुक्त को मिलते थे 50-50 लाख ये पूरा सिंडिकेट सरकार के इशारों पर ही चलता रहा। तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी इसकी जानकारी थी और कथित तौर पर कमीशन का बड़ा हिस्सा आबकारी मंत्री कवासी लखमा के पास भी जाता था। चार्जशीट के मुताबिक मंत्री रहे कवासी लखमा और तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास को 50-50 लाख हर महीने दिए जाते थे। शराब घोटाला मामले में FIR में दर्ज नाम     01. IAS, तत्कालीन संयुक्त सचिव (वाणिज्य एवं उद्योग विभाग छत्तीसगढ़ शासन)     02. अनवर ढेबर     03. अरुणपति त्रिपाठी (प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमीटेड)     04. मेसर्स रतनप्रिया मिडिया प्राईवेट लिमीटेड     05. कवासी लखमा (तत्कालीन आबकारी मंत्री)     06. निरंजनदास (आई.ए.एस. तत्कालीन आबकारी आयुक्त)     07. जनार्दन कौरव (तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी)     08. अनिमेष नेताम (तत्कालीन उपायुक्त आबकारी)     09. विजय सेन शर्मा (तत्कालीन उपायुक्त आबकारी)     10. अरविंद कुमार पटले (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)     11. प्रमोद कुमार नेताम (तत्कालीन सहायक कमिशनर आबकारी)     12. रामकृष्ण मिश्रा (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)     13. विकास कुमार गोस्वामी (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)     14. इकबाल खान (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी)     15. नीतिन खंडुजा (तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी)     16. नवीन प्रताप सिंग तोमर (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)     17. मंजु कसेर (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी)     18. सौरभ बख्शी (तत्कालीन सहायक आयुक्त)     19. दिनकर वासनिक (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)     20. आशीष वास्तव (तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त आबकारी)     21. अशोक कुमार सिंह (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी)     22. मोहित कुमार जायसवाल (जिला आबकारी अधिकारी)     23. नीतू नोतानी (उपायुक्त)     24. रविश तिवारी (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी)     25. गरीबपाल दर्दी (आबकारी अधिकारी)     26. नोहर सिंह ठाकुर (आबकारी अधिकारी)     27. सोनल नेताम (सहायक आयुक्त आबकारी विभाग)     28. अरविंद सिंह     29. अनुराग द्विवेदी (मेसर्स अनुराग ट्रेडर्स)     30. अमित सिंह (मेसर्स अदीप एग्रोटेक प्राईवेट लिमिटेड)     31. नवनीत गुप्ता     32. पिंकी सिंह (प्रोप्राईटर अदिप एम्पायर्स)     33 विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू     34. त्रिलोक सिंह, ढिल्लन (मेसर्स ढिल्लन सिटी मॉल प्राईवेट लिमीटेड)     35. यश टुटेजा (निवासी कटोरा तालाब रायपुर)     36. नितेश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर     37. यश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर     38. अभिषेक सिंह, डायरेक्टर मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड     39. मनीष मिश्रा, मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड     40. संजय कुमार मिश्रा, सी.ए. मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राईवेट लिमीटेड     41. अतुल कुमार सिंह श्री ओम साईं, बेवरेजेस प्राईवेट लिमीटेड     42. मुकेश मनचंदा, श्री ओम साई बेवरेजेस प्राईवेट लिमीटेड     43. विजय भाटिया, भिलाई     44. अशीष सौरभ केडिया, मेसर्स दिशिता वेंचर्स प्राईवेट लिमीटेड     45. मेसर्स छ.ग. डिस्टलरीस प्राईवेट लिमीटेड     46. मेसर्स भाटिया वाईन एवं मर्चेंटस प्राईवेट लिमीटेड     47. मेसर्स वेलकम डिस्टलरीस     48. सिद्धार्थ सिंघानिया, मेसर्स सुमीत फैसलिटीस लिमीटेड एवं टॉप सिक्योरिटीस फैसलिटीस मैनेजमेंट     49. बच्चा राज लोहिया मेसर्स इगल हंटर सॉल्युशन लिमीटेड एवं पार्टनर     50. मेसर्स अलर्ट कमाण्डों प्राईवेट लिमीटेड एवं पार्टनर     51. अमित मित्तल, मेसर्स ए टू जेड प्राईवेट लिमिटेड     52. उदयराव मेसर्स ए टू जेड प्राईवेट लिमीटेड का मैनेजर     53 मेसर्स प्राईम वन वर्क फोर्स     54. लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल निवासी भिलाई     55. विधु गुप्ता, प्रीज्म होलोग्राफी एवं सिक्योरिटीस प्राई लिमी.     56. दीपक दुआरी     57. दिपेन चावडा     58. मेसर्स प्राईम डेव्हलपर्स     59. मेसर्स ए ढेबर बिल्डकॉन     60. मेसर्स ए. जे. एस. एग्रोट्रेड प्राईवेट लिमीटेड     61. सफायर इस्पात के मालिक श्री उमेर ढेबर एवं श्री जुनैद ढेबर     62. अख्तर ढेबर     64. अशोक सिंह     65. सुमीत मलो     66. रवि बजाज     67. विवेक ढांढ, निवासी जी. ई. रोड रायपुर     68. अज्ञात कांग्रेस के पदाधिकारीगण     69. अन्य आबकारी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- ई-मंडी योजना एक जनवरी से प्रदेश की बी-क्लास की 41 मंडियों में विस्तारित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ई-मंडी योजना एक जनवरी 2025 से प्रदेश की बी-क्लास की 41 मंडियों में विस्तारित की जा रही है। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी बोर्ड) अपनी महत्वपूर्ण ई-मंडी योजना का विस्तार कर रहा है। पूर्व से ई-मंडी योजना 42 मंडियों में क्रियाशील है। मंडियों को सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिये प्रदेश में निरंतर कार्य किया जा रहा है। ई-मंडी योजना से किसान मंडियों में अपनी उपज के विक्रय के लिये स्वयं अपनी पर्ची बना सकेंगे। मंडी ऐप से किसानों को सुविधा होगी। उन्हें उपज विक्रय के लिये या प्रवेश पर्ची के लिये लाईन में नहीं लगना होगा। ई-मंडी योजना के तहत मंडी प्रांगण में प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल तथा भुगतान तक की कार्यवाही कंप्यूटराइज्ड रहेगी। मंडियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि 01 अप्रैल 2025 से सभी 259 मंडियां ई-मंडी के रूप में कार्य करें। मोबाइल ऐप से प्रक्रिया होगी सरल मंडी ऐप के द्वारा किसान भाइयों के लिये प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। किसानों को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है कि वह मंडी आने से पहले मंडी में अपनी प्रवेश पर्ची स्वयं अपने मोबाइल से बना सकते हैं। एक बार प्रवेश पर्ची बन जाने पर बार-बार उन्हें अपना संपूर्ण डाटा मंडी में देने की आवश्यकता नहीं रहेगी। प्रवेश पर्ची बन जाने से किसान सीधे मंडी प्रांगण के नीलामी स्थलों पर जाकर अपनी कृषि उपज की नीलामी करा सकते हैं। नीलामी की कार्यवाही भी मिलेगी मोबाइल पर नीलामी की कार्यवाही की जानकारी किसानों को मोबाइल पर भी प्राप्त होगी। तुलावटी भाईयों को ई-मंडी योजना का प्रशिक्षण दिया गया है। वे एंड्रॉयड मोबाइल पर की गई तौल का फाइनल वजन दर्ज करेंगे और उन्हें कोई भी जानकारी लिखने की आवश्यकता नहीं रहेगी। साथ ही व्यापारी साथियों को भी भुगतान पत्रक बनाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ई-मंडी योजना में व्यापारी की आईडी पर रेडीमेड भुगतान पत्रक प्रदर्शित होगा। व्यापारी को उनके द्वारा किसानों को किये जा रहे भुगतान की सिर्फ एंट्री ही करनी होगी। रियल टाइम होगा उपज रिकार्ड का संधारण ई-मंडी योजना से किसानों द्वारा मंडी में विक्रय की जा रही कृषि उपज का रिकार्ड संधारण रियल टाइम ऑनलाइन होगा। इससे मंडियों में भीड़-भाड़ भी नहीं होगी और असुविधा भी नहीं होगी। किसान भाइयों को प्रवेश, अनुबंध, तौल तथा भुगतान करने के बाद उनके मोबाइल पर एसएमएस तथा व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त होगा। किसानों को यह जानकारी रहेगी कि उनकी उपज किस व्यापारी द्वारा कितने दाम पर खरीदी गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार सोयाबीन का उपार्जन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सोयाबीन के अलावा किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए किसानों के साथ चर्चा कर योजना बनाई जाएगी। उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में अधिक लाभ है, इसलिए किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रवृत्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में सोयाबीन उपार्जन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एवं कृ‍षि उत्पादन आयुक्त श्री मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास श्री एम. सेलवेन्द्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उपार्जन के बाद भुगतान भी जल्द से जल्द हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन कर उन्हें जल्द से जल्द भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई या बारदाने की समस्या न आने पाए। उपार्जित सोयाबीन का उठाव और भंडारण विधिवत तरीके से हो और उपज को ओला-पाला एवं बारिश से बचाया जाये। 31 दिसम्बर तक होगा सोयाबीन उपार्जन बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी दी कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से किया जा रहा है, जो 31 दिसम्बर तक चलेगा। गत 26 दिसम्बर तक 2 लाख 4 हजार किसान अपना सोयाबीन बेच चुके हैं। इन किसानों से 5 लाख 89 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। आगामी 31 दिसम्बर तक करीब साढ़े 6 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन का अनुमान है। प्रदेश में भोपाल संभाग में सर्वाधिक 180198.04 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। उज्जैन संभाग में 149974.54 लाख मीट्रिक टन, सागर संभाग में 93495.33 लाख मीट्रिक टन एवं नर्मदापुरम संभाग में 93287.44 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4 हजार 892 रूपए प्रति क्विंटल है। किसानों को 1957.1 करोड़ रूपए उपार्जन राशि का भुगतान अब तक किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देर रात भोपाल के रैन बसेरों में पहुँचकर जरूरतमंदों और महिलाओं को वितरित किए कंबल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को सभी रैन बसेरों में राम-रोटी प्रारंभ करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में राहगीरों, गरीबों, निराश्रितों से चर्चा की, उनके हालचाल जाने और सभी को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद कुरवाई के करोड़ीलाल प्रजापति, हशीब खान, संजु कुशवाहा, रवि शर्मा और पथरिया दमोह के दिव्यांग प्रताप मालवीय से चर्चा कर उनके हालचाल जाने और रैन बसेरे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राहगीरों ने बताया कि यहां की सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। भोजन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में राम-रोटी की व्यवस्था करें। दिव्यांग प्रताप मालवीय ने बताया कि वह हर एक-दो दिन में आ जाते हैं, उनकी चार बेटियां हैं, गुजारे की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे यहां आकर रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को प्रताप की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी को कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थित रैन बसेरा पहुंचे। रैन बसेरे का निरीक्षण कर उन्होंने वहां मौजूद सभी राहगीरों और गरीब व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने यहां विशाल मालवीय, शंकर मालवीय, ओमराज, आशीष तिवारी, दिव्यांग विजय आईना (गुनावा) सभी से चर्चा कर उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि सब आगे के सफर के लिए यहां रूके हैं। महिलाओं से चर्चा की, उन्हें भी कंबल दिए रैन बसेरे का निरीक्षण कर लौटते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने ही कुछ महिलाओं को बैठे देखा। उन्होंने वाहन रूकवाकर महिलाओं के पास जाकर चर्चा की और वहां बैठने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि वे सब्जी बेचने आती हैं। रात कहां बिताओगी, मुख्यमंत्री ने पूछा तो महिलाओं ने बताया कि यहीं पर। खुले आसमान के नीचे रात बिताने की बात जानकार मुख्यमंत्री सभी महिलाओं को कंबल वितरित किए और कलेक्टर से कहा कि इन सभी के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देंगे। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के इस मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। राहगीरों और गरीबों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना हो सके, बचने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण सहित सुमित पचौरी, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

स्मार्ट सिटी योजना से नागरिकों की जीवनशैली में सुधार के कार्य प्रमुख रूप से किये जा रहे

भोपाल स्मार्ट सिटी योजना के माध्यम से शहरों का समुचित विकास, आर्थिक सुधार और नागरिकों की जीवनशैली में सुधार के कार्य प्रमुख रूप से किये जा रहे हैं। योजना में पिछले एक वर्ष में सातों स्मार्ट सिटी शहरों में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये की 21 कार्य पूरे किये जा चुके हैं। वर्तमान में 828 करोड़ के 43 कार्य प्रगति में है। प्रदेश के 7 शहरों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना शहर शामिल है। सीआईटीआईआईएस में 2 शहरों का चयन स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा ‘द सिटी इन्वेस्टमेंटस् टू इनोवेट इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन’ (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 अंतर्गत राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये के मान से अनुदान राशि प्राप्त होगी। चैंलेज कंपोनेंट-2 के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिये भेजा है। जबलपुर-इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मान केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास कार्य और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि विकास कार्य प्रगति पर हैं। जबलपुर और पीथमपुर के प्रस्ताव केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार इन्क्यूबेशन ऑफ न्यू सिटीज चैलेंज के अंतर्गत जबलपुर टैक्सटाइल एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर एवं पीथमपुर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप सेक्टर-7 के प्रस्ताव तैयार कर नई दिल्ली भेजे गये हैं। चयनित शहर को व्हीजीएफ के रूप में एक हजार करोड़ रूपये की राशि प्राप्त होगी। उज्जैन शहर में यूनिटी मॉल केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिट मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को अपने उत्पादों के विक्रय के लिये उपर्युक्त स्थान प्राप्त होगा। यह कार्य अगस्त 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है।  

महाकुंभ में मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा

 महाकुंभ नगर मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए भोजन उपलब्ध कराएगी। विश्व हिंदू परिषद द्वारा साधु-संतों के लिए निवास की व्यवस्था की जाएगी और वहीं पर यह लंगर सेवा चलाई जाएगी। लंगर सेवा की टाइमिंग? इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को बिन मांगे भोजन देना और उनके धार्मिक कर्तव्यों में सहयोग करना है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान रोजाना सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक यह लंगर सेवा चलती रहेगी। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग, धर्माचार्य संपर्क विभाग और मंदिर अर्चक पुरोहित आयाम विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी। 15,000 श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम इस सेवा का लाभ प्रतिदिन करीब 15,000 श्रद्धालु उठाएंगे। कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों को विशेष सम्मान के साथ चौरंग और पाटे पर बैठाकर भोजन कराया जाएगा। यह सेवा उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो हर साल इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं। अयोध्या की तर्ज पर प्रयागराज में इससे पहले 2023 में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत ने एक महीने तक लंगर सेवा का आयोजन किया था, जिसमें लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया था। प्रयागराज में यह सेवा उसी तर्ज पर चलाए जाने की योजना है। भोजन सामग्री दान करने की अपील महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु अपने पुण्य लाभ के लिए डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ मेले में इस बार लगभग 35 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। विश्व हिंदू परिषद ने महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अनाज और अन्य भोजन सामग्री दान करें।

BJP के प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी? इस बात की चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली तक

भोपाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी? इस बात की चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली तक चल रही है. 15 जनवरी तक बीजेपी की मध्य प्रदेश इकाई को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन किसके नाम का ऐलान होगा? इसे लेकर हर कोई अलग-अलग नाम पर चर्चा कर रहा है. मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के जिला और शहर अध्यक्ष पद को लेकर नेताओं के बीच रायशुमारी चल रही है. सभी जिला और शहर अध्यक्षों की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चयन होगा. प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में इस बार कई नेताओं के नाम शामिल हैं. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारने वाले कई नेता प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं. इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारी के लिए भी कई नामों का जिक्र हो रहा है. हालांकि, अभी आलाकमान का पूरा फोकस शहर और जिला अध्यक्ष पर किया है. शहर, जिला अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि मिलकर प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे. प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को 4 साल का कार्यकाल मिला है. लोकसभा चुनाव की वजह से पिछले साल होने वाले चुनाव को इस बार संपन्न कराया जा रहा है. प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष का नाम सामने आ जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी शहर और जिला अध्यक्ष को लेकर विचार-विमर्श चल रही है. सांसद ही बनते आ रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष, इस बार क्या होगा? अगर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के पद की बात की जाए तो लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि सांसदों को ही ये जिम्मेदारी दी जा रही है. इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण जटिया, नंदू चौहान, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा जैसे कई नाम शामिल हैं. इस बार भी यह कोशिश की जा रही है कि किसी सांसद को ही प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान मिले. वर्तमान अध्यक्ष भी दौड़ में शामिल वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी दोबारा कार्यकाल की दौड़ में शामिल नजर आ रहे हैं. उनके कार्यकाल में ही बीजेपी की दो बार सरकार बन चुकी है. जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, उस समय मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. इसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी की सरकार बन गई. इसके पश्चात विधानसभा चुनाव 2023 में भी विष्णु दत्त शर्मा का ही कार्यकाल था, जब बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की.

UPSRTC की महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए बड़ी तैयारी, AC बसों से लेकर किए गए ये खास इंतजाम

प्रयागराज उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने गुरुवार को झुंसी रोडवेज वर्कशॉप में बैठक की। इस बैठक में महाकुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने झुंसी के कटका में बने अस्थायी बस स्टैंड स्टैंड का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ जो विश्व स्तर का आयोजन है इसकी तैयारी छह महीने से चल रही है। महाकुम्भ के दौरान करीब 7000 बसें चलाई जाएंगी जिनमें से 550 शटल बसें श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निशुल्क होंगी। एमडी ने बताया कि बसों में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाए गए हैं। महाकुम्भ के आयोजन में दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, और बिहार सहित आठ राज्यों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शटल बसों पर कुम्भ मेले की ब्रांडिंग भी की गई है। बैठक में राज्य परिवहन निगम के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. इस बार कुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है. ऐसे में यूपी रोडवेज की ओर से भी तैयारी की गई है. महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में लगभग 5000-6000 बसों को लगाया गया है. यहीं नहीं 550 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाईं जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो. भूले-भटके काउंटर होंगे स्मार्ट महाकुम्भ नगर, प्रमुख संवाददाता। महाकुम्भ में इस बार संस्थाओं के भूले- भटके शिविरों की व्यवस्था भी स्मार्ट होगी। अपनों का साथ छूटने के बाद दोनों गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से संचालित शिविरों में पहुंचने वालों का कंप्यूटर में डेटाबेस तैयार होगा। दोनों गैर सरकारी संस्थाओं ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। भारत सेवा दल की ओर से संचालित भूले-भटके शिविर में डेटाबेस तैयार करने के साथ अपनों से बिछड़ने वालों की फोटो और ब्योरा संस्था की सोशल साइट पर अपलोड किया जाएगा। संस्था के प्रतिनिधि मेला क्षेत्र 25 सेक्टरों में तैनात होंगे। ये प्रतिनिधि थानों और दुकानों से सूचनाएं लेकर मुख्यालय केंद्र भेजेंगे। भूले भटके शिविर के संचालक उमेशचंद्र तिवारी ने बताया कि इस साल व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा। महिला और बच्चों के लिए संचालित होने वाले हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति शिविर में पहुंचने वाली महिला और बच्चों का लेखा भी कम्प्यूटर में दर्ज होगा। संचालक शेखर बहुगुणा ने बताया कि शिविर लगाने की तैयारी हो रही है।

सर्द हवाओं और तापमान में भारी गिरावट, कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली इस साल सर्दियों का मौसम अपने शबाब पर है। एक तरफ बर्फीले थपेड़े और घना कोहरा आम जिंदगी को ठहरने पर मजबूर कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बारिश की बूंदों ने कई हिस्सों में मौसम को तरोताजा बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 दिसंबर 2024 से 8 जनवरी 2025 तक के लिए विस्तारित मौसम का हाल पेश किया है, जिसमें सर्दी, बारिश और कोहरे से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल हैं। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दी का प्रकोप जारी है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर की गंभीर चेतावनी दी गई है। राजस्थान के चुरु में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। घने कोहरे ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आम जनजीवन को प्रभावित किया है। 28 -31 दिसंबर के बीच कोहरा और ज्यादा घना होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक पश्चिमी हिमालय और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते 27-28 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी। सर्द हवाओं और तापमान में बदलाव की संभावना उत्तर और पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान अगले दो दिनों में 2 डिग्री तक गिर सकता है। मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा। दक्षिण भारत में बारिश का जोर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पिछले हफ्ते भारी बारिश ने मौसम को बदल दिया। यह निम्न दबाव क्षेत्र के कारण इन इलाकों में गरज के साथ बारिश हुई। अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुदुचेरी और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में इस बार मानसून के बाद की बारिश सामान्य से 15% ज्यादा रही है।

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