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MP में जनवरी से एक लाख पदों पर भर्ती, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागों से मांगी जानकारी

 भोपाल  प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है। रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई। लक्ष्य है कि साल 2025 के अंत तक नियुक्तियाँ प्रारंभ हो जाए रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य सचिव ने सभी विभागों से यह जानकारी भी साझा करने को कहा है कि गत 31 मार्च 2024 तक कितने पद के संबद्ध के रिक्त हो जाएंगे और वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज कर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई. मालूम हो, जनवरी से ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की प्लानिंग की गई है ,लक्ष्य है कि साल 2025 के अंत तक नियुक्तियाँ प्रारंभ हो जाए. उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं। बजट 2025-26 में किया जाएगा प्रावधान इधर, जानकारी सामने आ रही है कि साल 2025-26 के बजट की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए प्रावधान किया जाएगा। एक लाख पदों की भर्ती के हिसाब से बजट का प्रावधान रखा जाएगा।

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024: बुधनी और विजयपुर में आज मतदान, दोनों ही दलों ने झोंकी ताकत

बुधनी / विजयपुर मध्यप्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में हो रहे उपचुनाव के तहत कल मतदान होगा, जिसके लिए निर्वाचन आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।मध्यप्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार बुधनी विधानसभा उप निर्वाचन के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, बांसापुर से आज सुबह मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री का वितरण किया गया। वहीं विजयपुर के लिए शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज श्योपुर से मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री का वितरण हुआ। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कल सुबह सात बजे से शाम पांच बजे के बीच मतदान होगा। 23 नवंबर को मतों की गणना होगी। श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान शुरू,  वहीं प्रशासन की ओर से मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 327 मतदान केंद्रों की होगी लाइव स्ट्रीमिंग इस बार सभी 327 मतदान केंद्र कैमरों की निगरानी में रहेंगे और वेबकास्टिंग के माध्यम से कंट्रोल कमांड सेंटर पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी। वहीं क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सशस्त्र बल तैनात रहेगा, साथ ही सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। 327 केंद्रों पर 2 लाख 54 हजार मतदाता मतदान करेेगे। चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रेक्षक संजीव गडकर और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन भी मौजूद रहे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी-कलेक्टर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर कन्याल ने बताया कि विजयपुर विधानसभा में निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान विघ्न फैलाने वाले अराजक तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा में 164 मतदान केंद्र क्रिटिकल के रूप में चिन्हित किए गए हैं। क्रिटिकल सहित सभी केदं्रों की वेबकास्टिंग होगी। 8 मतदान केंद्र शेडो एरिया (मोबाइल नेटवर्क विहीन) में है, यहां वायरलेस सिस्टम लगाए गए हैं। मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, किसी भी स्थिति में सेक्टर अधिकारी 15 मिनट से कम समय में मतदान केंद्र पर रेस्पोंड करेंगे। कुल 44 सेक्टर अधिकारी और 16 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात होंगे 2 हजार जवान-एसपी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। चिन्हित मतदान केन्द्रों पर आम्र्ड फोर्स तैनात किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों की 5 कंपनी, एसएएफ की 7 कंपनियां मिली है। वहीं जिला पुलिस बल के 650 जवान तैनात रहेंगे। अन्य जिलों से पुलिस के 250 जवान और होमगार्ड के 100 जवान मिले हैं। साथ ही 300 विशेष पुलिस अधिकारी भी नियुक्त किए जा रहे हैं। 47 सेक्टर पुलिस मोबाइल बनाई गई है, जो हर 5-6 मतदान केन्द्रों को कवर करेंगी। 27 क्यूआरटी टीमें भी मतदान दिवस पर तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। वहीं श्योपुर जिले के विजयपुर में मुख्य तौर पर भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं। इन दोनों समेत यहां से कुल 11 प्रत्याशी चुनावी समर में उतरे हैं। विजयपुर में मतदाताओं की संख्या दो लाख 54 हजार 817 है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों पर कल शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया, जिसके बाद अब प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। प्रचार के अंतिम दिन बुधनी में जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा स्वयं संभाला, वहीं विजयपुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी लगातार मतदाताओं के बीच पहुंचने में जुटे रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विजयपुर सीट से कांग्रेस के रामनिवास रावत जीते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें इसके बाद राज्य में वन मंत्री बनाया गया। कुछ समय बाद उन्होंने विधानसभा से भी त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा। वहीं बुधनी से 2023 का विधानसभा चुनाव राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जीते थे। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें विदिशा से सांसद पद का टिकट दिया, जिस पर जीत हासिल करने के बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। इसके चलते उन्होंने बुधनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।

इंदौर संभाग में शामिल रहे जिलों को निमाड़ संभाग का तमगा मिलने वाला है, तैयारी तेज

भोपाल प्रदेश के मौजूदा 10 संभागों की संख्या में बढ़ोतरी की तैयारी तेज हो गई है। इस कवायद में प्रदेश के अंतिम छोर तक बसे जिलों को एक नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिर्ची, कपास और गन्ने की खेती के लिए प्रसिद्ध इस इलाके में बड़ी पर्वत शृंखला भी मौजूद है। अब तक इंदौर संभाग में शामिल रहे इन जिलों को निमाड़ संभाग का तमगा मिलने वाला है। प्रदेश में एक नया संभाग बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है। नए सिरे से किए जा रहे जिला सीमाओं के सीमांकन के दौरान अब निमाड़ को भी नया संभाग बनाने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस नए संभाग में खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी जिलों को शामिल किया जाएगा। अब तक इंदौर संभाग में शामिल इन जिलों की संभागीय मुख्यालय से दूरी अधिक होने के चलते नया संभाग गठित किया जा रहा है। निमाड़ कई मामलों में प्रसिद्ध पश्चिम और दक्षिण क्षेत्रों में बंटे निमाड़ की जमीन बहुत उपजाऊ मानी जाती है। यह क्षेत्र खासकर कपास, गन्ना और मिर्च उत्पाद के लिए पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में ख्याति रखता है। इसके अलावा इस क्षेत्र की पर्वत शृंखला भी देशभर में पहचानी जाती है। पीथमपुर होगा इंदौर का धार जिले में शामिल लेकिन मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित पीथमपुर को अब नई पहचान इंदौर जिले का हिस्से का होने की मिलने वाली है। औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद बड़ी फैक्ट्रियों का फायदा पिछड़े जिले धार को देने की शुरुआती मंशा रही, लेकिन रेलवे, वायुयान से लेकर शहरी सुविधाओं की वजह से कॉरपोरेट को हमेशा इंदौर ही पसंद रहा। इसके अलावा कर्मचारियों, अधिकारियों और मजदूरों को भी इंदौर से पीथमपुर आवाजाही आसान रही है, उसके चलते इस औद्योगिक क्षेत्र का फायदा अब तक धार की बजाए इंदौर को ही मिलता रहा है। नए बदलाव के दौरान अब पीथमपुर, इंदौर जिले का हिस्सा बन जाएगा। बुधनी और सांची की दिक्कतें दूर जिला मुख्यालय से दूरी के साथ मौजूद कुछ नगर अब पड़ोसी जिले में शामिल होने वाले हैं। कई किलोमीटर दूर सीहोर जिले में शामिल बुदनी अब नई व्यवस्था में नर्मदापुरम के साथ दिखाई देगा। इसी तरह सांची को भी रायसेन से हटाकर विदिशा जिले में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि यह दोनों नगर अपनी मौजूदगी से महज चंद किलोमीटर दूर स्थित जिला मुख्यालय की बजाए दूरस्थ जिलों में शामिल हैं। जिसके चलते जरूरी कामों के लिए लोगों लंबी दूरी की यात्रा करना पड़ती है। बनेंगे नए जिले मप्र स्थापना के समय कुल 48 जिलों का साथ रखने वाले प्रदेश में अब कुल 55 जिले हो चुके हैं। अब नए सिरे से किए जा रहे सीमांकन के साथ इस संख्या में कुछ नए जिलों का समावेश होने वाला है। इनमें विदिशा जिले से कटकर सिरोंज नया जिला बनाया जाएगा। नर्मदापुरम में शामिल पिपरिया भी अब नया जिला बनने वाला है। इसी तरह सागर जिले में शामिल बीना भी नए जिले का आकार लेगा। बदलाव यह भी होंगे     सतना की चित्रकूट बनेगी नई तहसील।     बैतूल का मुलताई होगा पांढुर्णा में शामिल।     धार जिले का कुक्षी होगा बड़वानी जिले में शामिल।     जबलपुर संभाग का नरसिंहपुर होगा नर्मदापुरम में शामिल।     जबलपुर संभाग का डिंडोरी जिला होगा शहडोल में शामिल।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई प्रस्ताव को मिली मंजूरी

भोपाल प्रदेश में 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके आधार पर ही उनकी पेंशन का निर्धारण भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि अभी तक 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को जुलाई और जनवरी में मिलने वाले वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलता था। हाईकोर्ट ने कुछ प्रकरणों में कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया तो वित्त विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया कि जिन मामलों में कोर्ट का निर्णय होगा, उन्हें ही लाभ दिया जाएगा। इसे अव्यवहारिक माना गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन के समक्ष जब यह विषय आया तो उन्होंने एक जैसी व्यवस्था बनाने की बात कही, जिस पर वित्त विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया कि जो कर्मचारियों 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे, उन्हें भी वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा और उसके हिसाब से पेंशन का निर्धारण होगा। इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर कैबिनेट में नर्मदापुरम के बाबई मोहासा में नवकरणीय ऊर्जा के लिए भूमि की आवंटित करने का निर्णय लिया गया। मुरैना में बनेगा सोलर एनर्जी स्टोरेज का प्लांट। भोपाल के भंवरी में अतिरिक्त भूमि की आवंटित। 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे।  

रायपुर दक्षिण उपचुनाव: 10 बूथ संभालेंगी महिलाएं, एक दिव्यांगों के भरोसे, पांच रहेंगे युवा प्रबंधित

रायपुर रायपुर दक्षिण के लिए मतदान 13 नवंबर को किया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग तैयारियाें में लगा हुआ है। रायपुर दक्षिण के लिए 266 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें से 253 मुख्य सामान्य मतदान केंद्र, जबकि 13 उप मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, कुछ आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें से 10 संगवारी बूथ बनाए गए हैं, इन मतदान केंद्रों में सिर्फ महिलाएं ही रहेंगी और पूरा प्रबंधन देखेंगी। जिसमें पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य सभी सहायक स्टाफ महिलाएं ही रहेंगी। वहीं, एक मतदान केंद्र दिव्यांगों के भरोसे संचालित किया जाएगा। इसमें सभी स्टाफ दिव्यांग ही रहेंगे। वहीं, पांच बूथ युवा प्रबंधित रहेंगे। इन मतदान केंद्रों में 30-35 वर्ष के युवा कर्मचारियों की टीम इनका प्रबंधन देखेगी। इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में 1500 कर्मचारियों की टीम रहेगी, जो कि सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक मतदान प्रक्रिया करवाएगी। इस उपचुनाव में पिछली बार की तुलना में 10 हजार से ज्यादा मतदाता नए बने हैं और इस बार 2,71,169 मतदाता मतदान करेंगे। मतदान दलों को बांटेंगे सामग्री मतदान दलों की टीमों को मतदान सामग्रियों का वितरण मंगलवार सुबह सेजबहार से किया गया। इसके लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय से सुबह सात बजे से बसों की व्यवस्था की गई। वहां मतदान दल अपनी-अपनी सामग्रियां लेने के बाद सीधे निर्धारित मतदान केंद्र पहुंचे और व्यवस्था संभाला। दाे हजार जवान संभालेंगे मोर्चा दक्षिण के चुनाव के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए दो हजार जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें सीआरपीएफ और पुलिस की टीम शामिल है। इन्होंने एक दिन पहले से ही मोर्चा संभाल लिया है और मतदान केंद्रों में व्यवस्था संभाल रहे हैं। शाम छह बजे तक मतदान, रिजल्ट 23 को मतदान के लिए इस बार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान की सुविधा दी जा रही है। मतदान के बाद सभी दल सेजबहार स्थित स्ट्रांग रूम में देर रात तक अपनी सामग्रियां जमा करेंगे। वहीं, उपचुनाव के परिणाम 23 नवंबर को सामने आएंगे। फैक्ट फाइल 2,71,169 कुल मतदाता 1,33,800 पुरुष मतदाता 1,37,317 महिला मतदाता 52 तृतीय लिंगी मतदाता

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 होगा विकसित मध्यप्रदेश का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया सदस्यों को संबोधित कहा – शहरी विकास और प्लानिंग पर मंत्रीगण दें अपने सुझाव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 विकसित मध्यप्रदेश का आधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से ‘विकसित मध्यप्रदेश @ 2047 विज़न डॉक्यूमेंट’ तैयार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस संबंध में नीति आयोग के सीईओ बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने राज्य के प्रमुख अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने विभागों में विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह में डॉक्यूमेंट का प्रारूप मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सहयोगियों को प्रदेश में शहरी विकास और शहरी प्लानिंग के संबंध में अपने सुझाव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य घटकों में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 9 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 लागू की गई,‍जिसमें पहले की तरह स्वयं की भूमि पर 2 लाख 50 हजार रूपए तक का अनुदान प्राप्त करना प्रमुख घटक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धार और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे,‍जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।  

फर्जी कॉल में हो रही बढ़ोतरी, TRAI ने उठाय बड़ा कदम, 1.77 करोड़ Sim Cards को किया बंद

नई दिल्ली सरकारी टेलीकॉम विभाग अब फर्जी कॉल को लेकर अलर्ट मोड़ में नजर आ रहा है। दरअसल विभाग द्वारा हर दिन तकरीबन 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स ब्लॉक किए जा रहे हैं। हालांकि इसके बाबजूद भी साइबर ठग फ्रॉड के नए-नए तरीके निकल रहे हैं। इसी को देखते हुए अब टेलीकॉम विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए 1.77 करोड़ Sim Cards को ब्लॉक कर दिया है। यानी अब ये Sim Cards कॉल या मैसेज नहीं कर सकेंगे। दरअसल विभाग ने जिन सिम कार्ड्स को ब्लॉक किया है। इन नंबरों का उपयोग फर्जी कॉल करने के लिए किया जा रहा था। इन नंबरों से सायबर ठग लोगों को निशाना बना रहे थे। जिसे देखते हुए विभाग द्वारा यह बड़ा कदम उठाया गया है और टेलीकॉम विभाग ने TRAI के साथ मिलकर इन नंबरों को ब्लॉक किया है। 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया दरअसल पिछले महीने ट्राई ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया था, नए नियमों के मुताबिक अब ऑपरेटरों को खुद ही मार्केटिंग और फर्जी कॉल्स को रोकना होगा। ऐसे में इन नए नियमों से कॉलर की व्हाइटलिस्टिंग की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। वहीं ट्राई के मुताबिक लोगों के द्वारा की गई शिकायतों को देखते हुए विभाग ने लगभग 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया हैं। इसके साथ ही लगभग 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर को बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो महज 5 दिनों में लगभग 7 करोड़ कॉल्स को विभाग द्वारा रोका गया हैं। एक बार फिर टेलीकॉम विभाग ने सख्ती दिखाई वहीं विभाग ने आगे और भी ज्यादा सख्ती करने के संदेश दिए हैं। टेलीकॉम विभाग अब फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए कड़ी करवाई कर रहा है। इससे पहले भी विभाग द्वारा लाखों सिम कार्ड ब्लॉक किए गए थे। वहीं अब एक बार फिर विभाग ने सख्ती दिखाई है। दरअसल हाल ही में संचार विभाग ने एक बयान दिया था और कहा था कि ‘बैंकों और पेमेंट वॉलेट की तरफ से लगभग 11 लाख अकाउंट को फ्रीज किया गया है। वहीं आने वाले समय में और भी सिम कार्ड्स को ब्लॉक किए जाएंगे। अभी सिर्फ यह शुरुआत है।’ डेली ब्लॉक हो रहे 1.53 करोड़ फर्जी कॉल दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने आधिकारिक X हैंडल से जानकारी शेयर करते हुए कहा कि 1.35 करोड़ फर्जी कॉल रोज ब्लॉक किए जा रहे हैं। वहीं, फर्जी टेलीमार्केटिंग कॉल करने वाले 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। फर्जी कॉल करने में इस्तेमाल किए जाने वाले 14 से 15 लाख मोबाइल फोन को भी ट्रेस किया गया है। दूरसंचार विभाग ने बताया कि यूजर्स की परेशानी को समझते हुए पिछले 5 दिन में डेली 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स ब्लॉक किए गए हैं। इसका मतलब है कि सरकार ने करीब 7 करोड़ कॉल्स को ब्लॉक किया है। इसके अलावा दूरसंचार विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर बंद किए गए हैं। यही नहीं, दूरसंचार विभाग ने चोरी हो चुके 14 से 15 लाख मोबाइल नंबर को भी बंद कर दिया है। DoT ने बताया कि यह तो बस शुरुआत है। टेक्नोलॉजी हमारे जीवन में कई तरह के फायदे लेकर आई है लेकिन कई लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि टेक्नोलॉजी के लिए रेगुलेटरी सिस्टम को लाया गया है। पहले भी लाखों मोबाइल नंबर हो चुके ब्लॉक पहले भी DoT ने करोड़ों सिम कार्ड को ब्लॉक करने का काम किया है। दूरसंचार विभाग ने लोगों के मोबाइल पर आने वाले फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए नियमों में बदलाव किया है। अब यूजर्स को केवल व्हाइटलिस्ट किए गए टेलीमार्केटिंग कॉल्स ही आएंगे। साथ ही, मैसेज में URL या APK लिंक होने पर उसे नेटवर्क लेवल पर ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। हालांकि, अगर, मैसेज व्हाइटलिस्टेड है, तो उसे फर्जी कॉल्स नहीं समझा जाएगा।

CJI बनते ही ऐक्शन में जस्टिस संजीव खन्ना, तत्काल सुनवाई पर बदल डाली जस्टिस चंद्रचूड़ वाली व्यवस्था

नई दिल्ली देश के नए नवेले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना बतौर CJI अपने कार्यकाल के दूसरे दिन यानी मंगलवार को ऐक्शन में दिखे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामलों की तत्काल सुनवाई पर नई व्यवस्था करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई के लिए मौखिक उल्लेख करने की अनुमति अब नहीं दी जाएगी। उन्होंने वकीलों से इसके लिए ई-मेल या लिखित पत्र भेजने का आग्रह किया। आमतौर पर वकील दिन की कार्यवाही की शुरुआत में CJI की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष अपने मामलों पर तत्काल सुनवाई के लिए उनका मौखिक उल्लेख करते रहे हैं। चीफ जस्टिस खन्ना ने इस पुरानी परंपरा को बदलते हुए कहा, “अब कोई मौखिक उल्लेख नहीं होगा। केवल ई-मेल या लिखित पर्ची/पत्र के जरिए ही तत्काल सुनवाई के लिए अनुरोध स्वीकार किया जाएगा। बस, उस पत्राचार में वकीलों को तत्काल सुनवाई की आवश्यकता के कारण बताने होंगे।” बता दें कि पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के दौरान मौखिक उल्लेख की परंपरा ने वकीलों को मौखिक रूप से तत्काल केस की लिस्टिंग का अनुरोध करने की अनुमति दी थी। हालांकि, इस व्यवस्था का इस्तेमाल आमतौर पर आसन्न गिरफ्तारी के मामलों या पुलिसिया कार्रवाई में अक्सर विध्वंस के मामलों में राहत पाने के लिए किया जाता था। नए चीफ जस्टिस खन्ना ने न्यायिक सुधारों के लिए नागरिक-केंद्रित एजेंडे की रूपरेखा तैयार की है और कहा है कि न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और नागरिकों के साथ उनकी स्थिति की परवाह किए बिना समान व्यवहार करना न्यायपालिका का संवैधानिक कर्तव्य है। जस्टिस खन्ना ने एक दिन पहले ही मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली है। 10 नवंबर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल खत्म हो गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में जस्टिस खन्ना को शपथ दिलाई थी। प्रधान न्यायाधीश ने सोमवार को अपने पहले बयान में कहा, ‘‘न्यायपालिका शासन प्रणाली का अभिन्न, फिर भी अलग और स्वतंत्र हिस्सा है। संविधान हमें संवैधानिक संरक्षक, मौलिक अधिकारों के रक्षक और न्याय के सेवा प्रदाता होने के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समान व्यवहार के मामले में न्याय वितरण ढांचे में सभी को सफल होने का उचित अवसर प्रदान करना आवश्यक है, चाहे उनकी स्थिति, धन या शक्ति कुछ भी हो, और ये न्यायपूर्ण और निष्पक्ष निर्णय हो। ये हमारे मूल सिद्धांतों को चिह्नित करते हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हमें सौंपी गई जिम्मेदारी नागरिकों के अधिकारों के रक्षक और विवाद समाधानकर्ता के रूप में हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। हमारे महान राष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है।’’जस्टिस खन्ना ने न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों का उल्लेख किया जिनमें लंबित मामलों की संख्या कम करना, मुकदमेबाजी को किफायती बनाना और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता शामिल है। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को सभी नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने अदालतों को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उच्चतम न्यायालय ने एक बयान में कहा कि प्रधान न्यायाधीश का उद्देश्य एक आत्म-मूल्यांकन दृष्टिकोण अपनाना है जो अपने कामकाज में फीडबैक के प्रति ग्रहणशील और उत्तरदायी हो।इसमें कहा गया है, ‘‘नागरिकों के लिए फैसलों को समझने योग्य बनाना और मध्यस्थता को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता में होगा।’’

भारत को एक करने के लिए, जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए मैं पदयात्रा करने वाला हूं : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बीच उन्होंने एक और बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा है कि ‘जिस दिन ये (मुस्लिम) 50 पर्सेंट हो जाएंगे, हर मंदिर में मस्जिद बन जाएगी, तब हिंदुओं को पता चलेगा.’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने  में ये बात कही है. एक दूसरे इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह भारत में हिंदू समाज के बीच एकजुटता का संदेश लेकर जल्द ही पूरे देश में पद यात्रा निकालेंगे. उन्होंने कहा, “भारत को एक करने के लिए, जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए मैं पदयात्रा करने वाला हूं.” धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “मंदिरों के बाहर ये तो लिखा है कि चप्पल बाहर उतारें, लेकिन जाति-पात बाहर उतारकर आएं ये नहीं लिखा है. मेरी विचारधारा बहुत अलग है, मुझे भारत को बचाना है.” महाकुंभ में गैर सनातनियों को लेकर क्या कहा? वहीं इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ‘महाकुंभ में गैर सनातनियों को खाने पीने की दुकानें नहीं लगाने देना चाहिए’ जैसी मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, “क्या मक्का-मदीना में हमारे गरीब हिंदू भाइयों को दुकान मिल सकती है, नहीं ना. क्या किसी चर्च के सामने कोई हिंदू कैंडल की दुकान लगा सकता है, नहीं ना.” उन्होंने कहा, “अगर आप को हमारे धर्म के बारे में नहीं पता है. अगर आप को संगम के बारे में नहीं पता है, आप को सत्संग के बारे में नहीं पता है तो आप वहां बिजनेस करके क्या करोगे? क्या आप हमारी पवित्रता को बरकरार रख पाएंगे? हमने इसमें क्या गलत कह दिया था. लोगों ने इस बात पर बवाल कर दिया कि हमने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का समर्थन कर दिया.”

खुदरा महंगाई में तेज उछाल के आसार, सब्जी और खाद्य तेल ने डाला जेब पर डाका

नईदिल्ली खाने-पीने की चीजों के दामों में तेज बढ़ोतरी के चलते अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी को पार करते हुए 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी रही थी. अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर  (Retail Inflation Rate) आरबीआई (Reserve Bank Of India) के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के भी पार जा पहुंची है. अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी तेज उछाल देखने को मिला है और ये डबल डिजिट को पार करते हुए 10.87 फीसदी पर जा पहुंची है. डबल डिजिट में खाद्य महंगाई दर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक अक्टूबर 2024 में रिटेल इंफ्लेशन रेट 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 4.23 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 6.68 फीसदी और शहरी इलाकों में 5.62 फीसदी रही है. मंत्रालय ने बताया कि खुदरा महंगाई दर में ये तेज उछाल, सब्जियों, फलों, ऑयल और फैट्स की कीमतों में तेज उछाल के चलते देखने को मिला है. अक्टूबर 2024 में खाद्य महंगाई दर डबल डिजिट में चला गया है और ये 10.87 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.24 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 10.69 फीसदी तो शहरी इलाकों में 11.09 फीसदी रही है. महंगी सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई खुदरा महंगाई दर का जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके मुताबिक अक्टूबर में सब्जियों की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी आई है. सब्जियों की महंगाई दर 42.18 फीसदी रही है जो सितंबर में 35.99 फीसदी रही थी. दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 2.97 फीसदी रही है. दालों की महंगाई में कमी आई है और घटकर 7.43 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.81 फीसदी रही थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 6.94 फीसदी रही है जो सितंबर में 6.84 फीसदी रही थी. चीनी की महंगाई दर घटकर 2.57 फीसदी, अंडों की महंगाई दर में घटकर 4.87 फीसदी रही है. मीट और मछली की महंगाई दर बढ़कर 3.17 फीसदी रही है.   महंगी EMI से राहत के आसार नहीं खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की अपर लिमिट 6 फीसदी से बहुत ऊपर 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. जबकि खाद्य महंगाई दर 11 फीसदी के करीब है.  ऐसे में सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि सब्जियों की कीमतों में कमी आने का नाम नहीं ले रही है. दिसंबर 2024 में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. और अब ये तय है कि आरबीआई रेपो रेट को मौजूदा लेवल पर फिलहाल स्ठिर रखेगा. 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत? भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है. 

नेशनल सैंपल सर्वे के अनुसार मप्र के 22 फीसदी लोग जोड़ घटाव ही नहीं, बेसिक पढ़ाई लिखाई में भी कमजोर

भोपाल  मध्य प्रदेश के लोगों का गणित कमजोर है। नेशनल सैंपल सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि एमपी में 22 फीसदी लोग जोड़ घटाव भी नहीं कर पाते हैं। यह सर्वे 2022-23 के बीच हुआ है। वही, मध्य प्रदेश के ज्यादा स्थिति राजस्थान की खराब है, 27 फीसदी लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं। नेशनल सैंपल सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि जोड़ घटाव ही नहीं, बेसिक पढ़ाई लिखाई में भी दोनों कमजोर हैं। 22 फीसदी लोगों को जोड़ घटाव नहीं आता दरअसल, व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वे 2022-23 की यह तस्वीर सामने आई है। इसके मुताबिक, एमपी के 22 फीसदी लोग साधारण जोड़-घटाव में सक्षम में नहीं हैं। ऐसे लोगों की उम्र हालांकि 24 साल से अधिक है। इसकी वजह है कि बेसिक एजुकेशन सिस्टम कमजोर है। इससे साफ है कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर है। हाल के दिनों दसवीं और 12वीं बोर्ड के जो रिजल्ट आते रहे हैं, उसके नतीजों से भी यह साफ दिखता है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर है। बोर्ड परीक्षा में भी छात्र अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। हालांकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मध्य प्रदेश की सरकार कई कदम उठा रही है। महाराष्ट्र की है सबसे बेहतर स्थिति वहीं, इस सर्वे में महाराष्ट्र की स्थिति सबसे बेहतर है। महाराष्ट्र में सिर्फ 11.8 फीसदी, हरियाणा में 15.1 फीसदी, गुजरात में 15.8 फीसदी, पंजाब में 16.5 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 19.9 फीसदी, झारखंड में 21.2 फीसदी, मध्य प्रदेश में 22 फीसदी, बिहार में 23.6 फीसदी और यूपी में 25.4 फीसदी लोग जोड़ घटाव भी नहीं कर पाते हैं। केंद्र और राज्य राज्य लगातार ऐसे लोगों को साक्षर करने के लिए अभियान भी चला रही है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर हो सकती है।

हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता.” : मोहम्मद अदीब

नईदिल्ली वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक मीटिंग बुलाई गई थी. इस बैठक में राज्यसभा के पूर्व सांसद ने मोहम्मद अदीब (Mohammad Adeeb) भी शामिल हुए. इस दौरान मंच पर अपने संबोधन में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद हो गया है. मोहम्मद अदीब ने दावा किया, “ये मुसलमानों का एहसान है कि उन्होंने जिन्ना को मना किया, जिसके चलते पाकिस्तान का बॉर्डर लाहौर तक रह गया, नहीं तो ये लखनऊ तक होता.” उन्होंने आगे कहा कि मैं जिंदगी के तकरीबन अस्सी साल पूरे कर रहा हूं. पचास साल से ज्यादा सियासी गलियारों में घूमा हूं. आज हम अपने इलाके में एक गुनहगार की तरह बसर कर रहे हैं. अब तो देशद्रोही भी हो गए हैं, हमने ऐसे ऐसे लोगों को देखा, जो हमारे साथ थे और फिर अपनी सियासी जिंदगी बनाने के लिए हमको किस्मत के हवाले कर गए. जो लोग पाकिस्तान चले गए, उसका इल्जाम हमें दिया गया. ‘हमने गांधी-नेहरू को माना…’ मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, “हम मानते हैं, जो पाकिस्तान गए वो महावीर हो गए, लेकिन हमने तो अपना खून बांटा था, हमने तो जिन्ना को मना किया था और ठुकराया था. हमने लियाकत अली खान को नहीं माना था, हमने नेहरू गांधी और आजाद को माना था. हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता.” उन्होंने आगे कहा कि हमने पाकिस्तान को मुक्तसर कर दिया और तुम हमें सजा देते हो, हम पर जुल्म करते हो. अब तक जितने भी हमारे ऊपर हमले हुए हैं, सबसे बड़ा हमला आपकी औकात का है. हम पर फसाद हुए, हमारे घरों पर बुलडोजर चले, हम इसलिए नहीं बोले कि मेरा घर तो महफूज है क्योंकि हम अपनी जिंदगी के लिए जीते हैं. मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, “आज हमारे पास कुछ भी नहीं बचा. आप लोग हमारी कूवत है. हमने सबसे ज्यादा जो मुसीबत झेली है, वो ये है कि अब हमारी हैसियत नहीं रह गई. हम जब अलीगढ़ में पढ़ते थे, तो उस वक्त सियासी जमातें कहती थीं कि कहीं मियां नाराज न हो जाएं. मोहम्मद अदीब ने दिल्ली में आयोजित मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में ये बाते कहीं. उनकी स्पीच के वक्त मंच पर  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी और जनरल सेक्रेटरी फजलुर्रहीम मुजद्दिदी भी मौजूद थे. इसके अलावा कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, अमरैन महफूज रहमानी, समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और कर्नाटक से राज्यसभा सांसद सैय्यद नसीर हुसैन भी मौजूद थे.

मेगा जॉब फेयर/अप्रेंटिसशिप मेला के माध्यम से 669 युवाओं का हुआ प्रारंभिक चयन

युवाओं को मेला के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास सराहनीय-कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल कौशल उन्नयन के माध्यम से सरकार युवाओं का संवार रही भविष्य-कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल मेगा जॉब फेयर/अप्रेंटिसशिप मेला के माध्यम से 669 युवाओं का हुआ प्रारंभिक चयन अनूपपुर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कौशल उन्नयन के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जा रहा है। किताबी ज्ञान के साथ ही युवाओं का कौशल उन्नयन भी आवश्यक है। सरकार द्वारा लगातार इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल शासकीय आईटीआई अनूपपुर परिसर में आयोजित प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेन्टिश मेला मेगा जॉब फेयर 2024-25 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष रामदास पुरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, एनआरएलएम के जिला परियोजना प्रबंधक शशांक प्रताप सिंह, आईटीआई के प्राचार्य वेद प्रकाश, जिला अग्रणी प्रबंधक सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया अजीत नाम्बियार, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक आर.एस. डावर, उद्यान विभाग के सहायक संचालक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, नगर निरीक्षक पुलिस अरविन्द जैन सहित बड़ी संख्या में युवा तथा विभिन्न कम्पनियों के अधिकारी तथा जिले के विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश के अंतिम छोर के जिले अनूपपुर में 21 कम्पनियों द्वारा जिले के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जो प्रारम्भिक चयन किया गया है। वह युवाओं के भविष्य को गढ़ेगा। उन्होंने शासन के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार प्रदेश एवं देश को स्वर्णिम बनाने तथा दुनिया का नम्बर एक राष्ट्र बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जब हमारा देश आजादी का 100 वाँ वर्ष मनाए, तो हम विकसित राष्ट्र की श्रेणी में हों, इस संकल्प के साथ सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर हाथ को काम, हर खेत को पानी तथा स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाएं सरल, सुलभ हों इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मेगा जॉब फेयर/अप्रेंटिसशिप मेला के आयोजन के लिए जिला प्रशासन को भी धन्यवाद देते हुए युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कार्यक्रम में खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं का आव्हान किया कि वह विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं का लाभ उठाएं तथा 8 से 50 लाख तक के स्वरोजगार प्रकरण तैयार कर उद्यमशील बनें। उन्होंने युवाओं से खादी ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं का लाभ के लिए जिला पंचायत कार्यालय में स्थापित ग्रामोद्योग प्रकोष्ठ से सम्पर्क करने की अपील की। उन्होंने बताया कि खादी ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं में 30 से 35 प्रतिशत तक के अनुदान उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। इस अवसर पर विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष रामदास पुरी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य की सरकार लोककल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से हर जरूरतमंद को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी प्रकाश डाला तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के सद्प्रयासों की सराहना की। मेले में 21 कंपनियों के अंतर्गत रोजगार हेतु इच्छुक 1234 युवक-युवतियों ने अपना पंजीयन कराया, जिनमें से 669 युवक-युवतियों को प्रारंभिक चयन का जॉब आफर लेटर प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनआरएलएम के जिला प्रबंधक दीपक मोदनवाल द्वारा किया गया। मंत्री ने मौके पर वितरित किए हितलाभ व जॉब ऑफर लेटर   प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेन्टिश मेला मेगा जॉब फेयर 2024-25 कार्यक्रम के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने हितलाभ का वितरण किया। जिसमें लर्नेट स्किल्स अनूपपुर के लिए श्यामकली सिंह, पूनम चावले, एसआईएस अनूपपुर के लिए रोहित कुमार सिंह, गणेश सिंह, शिवशंकर सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, न्यूट्रीएन्टी क्राप प्राईवेट लिमि. बिलासपुर के लिए विपांशु महरा, पीएमकेयूवाई अनूपपुर के लिए नीतीश कुमार सिंह, संदीप भगाड़े, टाटा मोटर्स के लिए 8 लोगों को, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 3, मदर्सन गुजरात के लिए 3, निवास कम्पनी के लिए 3, एफआईएटी के लिए 01, सागर मैन्यूफैक्चुरर के लिए 01 युवा को प्रारंभिक चयन के प्रमाण पत्र दिए गए। इसी तरह आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह फुनगा, आमाडांड़, बिजुरी, बसनिहा, वेंकटनगर, जैतहरी, अनूपपुर के 48 प्रकरणों में सीसीएल राशि 01 करोड़ 22 लाख का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के रिटेल ट्रेड हेतु पुष्पेन्द्र त्रिपाठी अनूपपुर, संजय सोनकर अनूपपुर को चेक प्रदान किया गया। पशुपालन विभाग दीनदयाल राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

उज्जैन में 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ उप राष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने किया

उज्जैन उज्जैन में 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ उप राष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने किया। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों को कालिदास राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान दिए। उन्होंने जय महाकाल ने अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है, जहां ऐसी सांस्कृतिक विरासत हो। जो देश और समाज अपनी संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर को संभालकर नहीं रखता, वो ज्यादा दिन नहीं टिकता है। उपराष्ट्रपति ने जय महाकाल कहकर ही भाषण समाप्त किया। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के शुभारंभ से पहले बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।मंच पर उनके साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री व उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल मौजूद हैं। सारस्वत अतिथि रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी जी महाराज भी आए हुए है।। इन लोगों को दिया गया राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान     शास्त्रीय संगीत: पुणे के पं. उदय भवालकर, मुंबई के पं. अरविंद पारीख     शास्त्रीय नृत्य: मुंबई की डॉ. संध्या पुरेचा, मणिपुर की गुरु कलावती देवी     रूपंकर कला: दिल्ली के पीआर दारोच, मैसूर के रघुपति भट्ट     रंगकर्म: राजस्थान के भानु भारती, कोलकाता के रुद्र प्रसाद सेनगुप्ता     राष्ट्रीय कालिदास श्रेष्ठ कृति अलंकरण: इंदौर के आचार्य मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी     प्रादेशिक भोज श्रेष्ठ कृति अलंकरण: ग्वालियर के आचार्य बालकृण शर्मा 7 दिन तक चलेगा समारोह 7 दिन तक चलने वाले समारोह का समापन 18 नवंबर को होगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय स्तर की कालिदास चित्र और मूर्तिकला प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक देख सकेंगे।

यूपी से लेकर दिल्ली तक यूपीएससी के स्टूडेंट्स सड़कों पर हल्ला बोलने को मजबूर , ‘वन डे-वन शिफ्ट’ पर भिड़े स्टूडेंट्स

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर पिछले कुछ दिनों से सैकड़ों स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली के मुर्खजी नगर में भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स “एक दिन, एक शिफ्ट, नॉर्मलाइजेशन नहीं” की मांग कर रहे हैं. धीरे-धीरे यह प्रदर्शन दूसरे शहरों में भी पहुंचता दिख रहा है. अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर छात्र जिस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं वो क्या है, क्यों यूपी से लेकर दिल्ली तक यूपीएससी के स्टूडेंट्स सड़कों पर हल्ला बोलने को मजबूर हो रहे हैं, आखिर छात्र आयोग के फैसले के खिलाफ क्यों हैं. यहां से शुरू हुई स्टूडेंट्स का गुस्सा दरअसल, यह पूरा विवाद 1 जनवरी 2024 से तब शुरू हुआ, जब UPPSC ने अपर सब-ऑर्डिनेट सर्विस (PCS) प्रीलिम्स एग्जाम का नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें कहा गया था कि 17 मार्च 2024 को परीक्षा होगी, लेकिन यह परीक्षा स्थगित हो गई. कुछ दिन बाद यानी 3 जून 2024 को आयोग ने एक और नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि अब 27 अक्टूबर को परीक्षा होगी, लेकिन फिर से तय तारीख पर परीक्षा नहीं हो सकी. अब 5 नवंबर को UPPSC ने एक बार फिर नोटिफिकेशन जारी किया है. इससे छात्रों में काफी गुस्सा है. RO/ARO भर्ती परीक्षा के बाद खोलने लगे मोर्चा स्टूडेंट्स के सड़कों पर उतरने की दूसरी वजह RO/ARO भर्ती परीक्षा भी है. दरअसल, 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा हुई थी. इसमें सैंकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए थे लेकिन परीक्षा के दौरान ही खबर आई कि कुछ छात्रों के पास पहले से ही परीक्षा का प्रश्न पत्र था. इसके बाद सेंटर पर हंगामा हुआ. STF ने मामले की जांच शुरू की. बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने एग्जाम कैंसिल करने का फैसला किया. 2 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया कि 11 फरवरी को हुए एग्जाम को रद्द करके छह महीने में परीक्षा दोबारा कराई जाए. सीएम के दखल की वजह से अभ्यर्थियों को लगा कि 6 महीने में RO/ARO एग्जाम दोबारा हो जाएगा. लेकिन अब तक पेपर नहीं हुआ है… मामले की जांच जारी है. इस बीच 3 जून को पीसीएस एग्जाम करवाने को लेकर फिर से नोटिफिकेशन आया जिसमें 27 अक्टूबर को प्रीलिम्स की परीक्षा की डेट दी गई. लेकिन एग्जाम से कुछ दिन पहले फिर 16 अक्टूबर को आयोग ने फिर से परीक्षा स्थगित करने की सूचना दी. नोटिस में कहा गया कि दिसंबर के पहले पखवाड़े तक परीक्षा करवाई जा सकती है. आयोग की घोषणा से स्टूडेंट्स ने शुरू किया हल्लाबोल   आयोग ने दो शिफ्ट परीक्षा कराने के साथ-साथ नॉर्मलाइजेशन को लेकर भी एक नोटिस जारी किया था. आयोग ने छात्रों को बताया कि दो या अधिक दिनों में होने वाली परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए परसेंटाइल विधि यूज करेंगे. पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 और आरओ-एआरओ 2023 भर्ती परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी. साथ ही, लोक सेवा आयोग ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों का प्रतिशत स्कोर निकालने के लिए जो फॉर्मूला इस्तेमाल होगा, उसे भी सार्वजनिक कर दिया गया है. आयोग के परीक्षा कराने के इस तरीके को लेकर अभ्यर्थिय़ों के बीच नाराजगी है. क्या है नॉर्मलाइजेशन पैटर्न ? अब कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया क्या है. यहां बता दें कि इस फॉर्मूले के अनुसार, किसी उम्मीदवार का प्रतिशत स्कोर जानने के लिए उसके प्राप्त अंकों के बराबर या उससे कम अंक पाने वाले सभी उम्मीदवारों की संख्या को उस शिफ्ट में उपस्थित कुल उम्मीदवारों की संख्या से विभाजित किया जाता है और फिर इसे 100 से गुणा किया जाता है. नई प्रक्रिया में ऐसे निकलेगा पर्सेंटाइल उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी छात्र को परीक्षा में सबसे ज्यादा 70 प्रतिशत अंक मिले हैं और 70 फीसदी या उससे कम मार्क्स लाने वाले छात्रों की कुल संख्या 15000 है जबकि ग्रुप में कुल छात्रों की संख्या 18000 थी तो पर्सेंटाइल ऐसे निकालेंगे- 100×15000/18000=83.33% (यह प्रतिशत ही उस छात्र का पर्सेंटाइल होगा जिसने 70% अंक प्राप्त किए हैं.) दो शिफ्ट में एग्जाम नहीं देना चाहते छात्र मान लीजिए दो शिफ्ट A और B हैं. शिफ्ट A का पेपर थोड़ा आसान है, जबकि शिफ्ट B का पेपर थोड़ा कठिन है. शिफ्ट A में औसतन उम्मीदवारों ने 150 में से 120 अंक प्राप्त किए हैं और शिफ्ट B में औसतन उम्मीदवारों ने 150 में से 100 अंक प्राप्त किए तो यहां नॉर्मलाइजेशन का उपयोग करके शिफ्ट B के उम्मीदवारों के अंकों को बढ़ाया जाएगा ताकि दोनों शिफ्टों के अंकों को एक समान पैमाने पर लाया जा सके. नॉर्मलाइजेशन के बाद, सभी उम्मीदवारों के अंक एक नए पैमाने पर तब्दील हो जाते हैं. अब, शिफ्ट A और शिफ्ट B के उम्मीदवारों के अंकों की तुलना एक ही पैमाने पर की जा सकती है.

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