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सलमान के बाद शाहरुख खान को मिली जान से मारने की धमकी, हुई FIR, छत्तीसगढ़ से है कनेक्शन!

मुंबई बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के बाद अब बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी मिली है. शाहरुख खान की टीम ने बांद्रा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. बाबा सिद्दिकी के मर्डर के बाद बॉलीवुड के दूसरे सुपरस्टार को धमकी मिली है. इस धमकी के बाद किंग खान की टीम तुरंत हरकत में आई और एफआईआर दर्ज कराई. मामला हाईप्रोफाइल देखते हुए बांद्रा पुलिस ने तुरंत एक्शन दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. मुंबई पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है. इस धमकी को शाहरुख खान को देने का मकसद क्या है इसका पता लगाया जा रहा है. मुंबई पुलिस की एक टीम रायपुर पहुंच चुकी है. वहां ये टीम मामले की जांच करेगी. बांद्रा पुलिस स्टेशन में शाहरुख खान के लिए धमकीभरा कॉल आया था. कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि अगर शाहरुख खान अपनी जान बचाना चाहते हैं तो हमें करोड़ों रुपये दें. नहीं तो उन्हें अंजाम भुगतना पड़ेगा और फिर कॉल को काट दिया गया. आरोपी ने फोन बंद कर दिया है. उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश हो रही है. मुंबई पुलिस ने तुरंत ही इस मामले को दर्ज कर लिया था. आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की 308(4) और 351(3)(4) धारा लगाई गई है. मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. इस धमकी भारी कॉल के बाद इंडस्ट्री में इस बात को लेकर खौफ मचा हुआ है. सलमान खान से शाहरुख कुछ दिन पहले मिले भी थे और दोनों स्टार्स आसपास ही रहते हैं. पुलिस ने मन्नत के बाहर बैरिगेट लगाए हुए हैं. शाहरुख की सिक्योरिटी को बढ़ाया जाएगा. अभी एक्स्ट्रा सिक्योरिटी की मांग नहीं हुई है. बॉडीगार्ड हमेशा उनके साथ होते हैं. हो सकता है कि शाहरुख खान की सिक्योरिटी में भी इजाफा हो सकता है.  

अब 30 हजार रुपये लगेगा पराली जलाने पर जुर्माना, SC की सख्ती के बाद केंद्र ने दोगनी की पेनाल्टी

नईदिल्ली केंद्र ने पराली जलाने पर जुर्माने को दोगुना कर दिया है. नए लिए गए सख्त फैसले के मुताबिक, दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को 5,000 रुपये, 2 से 5 एकड़ जमीन वाले किसानों को 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को पराली जलाने पर 30,000 रुपये जुर्माना देना होगा. बता दें कि बीते महीने के आखिरी में सुप्रीम कोर्ट ने भी पराली जलाने से प्रभावित राज्य सरकारों को कम जुर्माने के लिए फटकारा था, इसके बाद केंद्र ने जुर्माने की राशि बढ़ाई है. दरअसल केंद्र सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो एकड़ से कम जमीन की पराली जलाने पर जुर्माने की राशि पांच हजार रुपये रहेगी। वहीं दो से पांच एकड़ जमीन पर यह जुर्माना बढ़ाकर दो गुना यानी 10 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी गई है।   केंद्र सरकार ने पराली जलाने पर सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माने की राशि में दोगुना वृद्धि की है. नए नियमों के अनुसार, अब दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को पराली जलाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा. वहीं, 2 से 5 एकड़ वाले किसानों को 10,000 रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. ये नियम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 (Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Act, 2021 (29 of 2021) के तहत संशोधित किए गए हैं. अधिनियम की धारा 25 की उप-धारा (2) के खंड (h) का हवाला देते हुए, केंद्र सरकार ने इन नियमों को संशोधित करते हुए “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (पराली जलाने के लिए पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का अधिरोपण, संग्रहण और उपयोग) संशोधन नियम, 2024” के रूप में पारित किया है.  

साध्वी Pragya Thakur की बढ़ी मुश्किलें, जारी हो गया वारंट, कहा कि जिंदा रहूंगी तो कोर्ट जरूर आऊंगी

भोपाल  मालेगांव ब्लास्ट मामले में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को वारंट मिला है। एनआईए कोर्ट ने उन्हें 13 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। पूर्व में भी साध्वी प्रज्ञा कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुई हैं। कोर्ट से वारंट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर साध्वी प्रज्ञा ने अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इसमें दिख रही है कि साध्वी प्रज्ञा बीमार हैं। कोर्ट में रहना जरूरी कोर्ट ने कहा है कि उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही एनआईए कोर्ट ने कहा कि इस केस में आखिरी बहस चल रही है। ऐसे में प्रज्ञा ठाकुर का कोर्ट में मौजूद रहना ज़रूरी है। हालांकि, प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि अगर वो जिंदा रहीं तो कोर्ट जरूर जाएंगी। वारंट जारी किया मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में आखिरी बहस कर रही है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का मौजूद रहना बेहद जरूरी है। लेकिन प्रज्ञा ठाकुर कोर्ट नहीं पहुंच रही थीं, जिसके चलते स्पेशल जज एके लाहौती ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर को 13 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। अपनी हाल बताया इस बीच साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी खराब तबीयत का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस_का_टॉर्चर सिर्फ ATS कस्टडी तक ही नहीं, मेरे जीवन भर के लिए मृत्यु दाई कष्ट का कारण हो गया। ब्रेन में सूजन, आंखों से कम दिखना, कानों से कम सुनना, बोलने में असंतुलन, स्टेरॉयड और न्यूरो की दवाओं से पूरे शरीर में सूजन. एक हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है, जिंदा रही तो कोर्ट अवश्य जाऊंगी। गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ने जो तस्वीर शेयर की है, उसमें साफ सूजन दिख रहा है। साध्वी प्रज्ञा भोपाल से सांसद रही हैं। अपने बयानों से वह कई बार पार्टी को मुश्किल में डालती रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रमों से भी वह दूर रहती हैं। मालेगांव विस्फोट में साध्वी को बनाया गया था आरोपी 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर के नासिक शहर में एक मोटरसाइकिल पर रखे विस्फोटक उपकरण के फटने से 6 लोग मारे गए और 100 से अधिक अन्य घायल हो गए थे। मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल था। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बार-बार दावा करती रही हैं कि कस्टडी के दौरान उन पर काफी अत्याचार हुआ। तभी से वो फिजिकली ठीक नहीं रही हैं। इसके लिए वो कांग्रेस की सरकार और एटीएस की प्रताड़ना को जिम्मेदार मानती रही हैं। NIA कोर्ट ने प्रज्ञा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया साध्वी प्रज्ञा ने कुछ समय पहले अपनी खराब हेल्थ के चलते 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत में उनकी उपस्थिति से छूट के लिए आवेदन दायर किया था। अदालत ने सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छूट भी दी थी। हालांकि हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने साध्वी प्रज्ञा को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के सिलसिले में जमानती वारंट जारी किया है। मामले में आरोपी ठाकुर अदालत की कार्यवाही के लिए उपस्थित नहीं हुईं, जिसके बाद अदालत ने उनकी उपस्थिति की मांग की। वारंट 13 नवंबर तक ‘वापस करने योग्य’ है, जिसका अर्थ है कि वारंट रद्द करने के लिए ठाकुर को उस तिथि तक अदालत में उपस्थित होना चाहिए।  

रेलवे का बड़ा तोहफा : साउथ के फेमस मंदिरों के कम दाम में कराएगा दर्शन

इंदौर भारतीय रेलवे मध्य प्रदेश के इंदौर से आगामी 16 दिसंबर को दक्षिण दर्शन यात्रा की शुरुआत करने जा रहा है। यह पूरी यात्रा 9 रात और 10 दिनों के लिए होगी। जिसमें रेलवे की तरफ से दक्षिण के सभी प्रमुख स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इस दौरान यात्रियों के ठहरने खाने-पीने और दर्शन के लिए आने जाने की व्यवस्थाएं भी रेलवे की तरफ से ही कराई जाएगी। आइए जानते है इसका किराया कितना होगा… यह यात्रा इंदौर से शुरू होकर इंदौर में ही खत्म होगी। इस यात्रा के लिए ट्रेन में विशेष सर्व सुविधा युक्त एलएचबी कोच लगाए गए है। यात्रा तीन श्रेणियों में यात्रियों को सुविधा प्राप्त प्रदान करेगी। प्रथम श्रेणी स्लीपर क्लास में 18 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के मान से यह पूरी यात्रा करवाई जाएगी। थर्ड एसी श्रेणी के लिए 29 हजार 500 और सेकंड एसी श्रेणी के लिए 39 हजार प्रति व्यक्ति का पैकेज रेलवे के द्वारा तय किया गया है। इस टूर पैकेज की शुरुआत इंदौर से होगी। इस स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले यात्री इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल और नागपुर स्टेशनों से बोर्डिंग/डिबोर्डिंग कर सकेंगे। इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी और तिरुवनंतपुरम के मशहूर मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्री इस टूर पैकेज के लिए बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट irctctourism.com पर ऑनलाइन जाकर कर सकते हैं।

राज्योत्सव 2024 में अनोखी पहल : किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारियां

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 में ग्रामोद्योग विकास विभाग द्वारा शिल्पग्राम में लगाए गए स्टॉल में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया समझने और रेशम की खेती के लिए किसानों और आमनागरिक बड़ी संख्या में ठहर रहे। विभागीय स्टॉल में प्राकृतिक स्वरुप में रेशम के कीड़ों को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में विशेषकर बच्चे विशेष रूचि दिखा रहे| इस अवसर पर स्टॉल में तरह-तरह के रेशम बीजों का भी प्रदर्शन किया गया है, जिनमें विशेष रूप से मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा एवं रैली साबू बीजों को प्रदर्शित किया गया है| जिनसे कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क, बनारसी, कांजीवरम की साड़ियां बनाई जाती हैं। विभागीय स्टाल में आए किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारियां ली| गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कोसा उत्पादन एवं कोसा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन आधारित ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के संकल्प को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ टसर उत्पादन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से विशिष्ट स्थान रखता है। रेशम प्रभाग के योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचल में निवासरत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, स्व-रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, पालित डाबा टसर ककून उत्पादन योजना, नैसर्गिक बीज प्रगुणन एवं कोसा उत्पादन योजना, टसर धागाकरण जैसी योजनाओं का संचालन कर मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम लघु निर्माण अंतर्गत रेशम एवं टसर केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर स्टॉल में आए लोगों ने निजी क्षेत्र में एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में भी जाना। प्रदेश में शहतूत रेशम को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रेशम पालन के जरिए स्थायी रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन के लिए नवीन योजना शहतूत रेशम बाड़ी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहतूत का पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण और सिंचाई सुविधा के अंतर्गत उपकरण के लिए सहायता राशि प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषक शहतूती रेशम उद्योग की स्थापना कर एवं अपने जीविकोपार्जन के लिए स्थायी रोजगार कर सके। इस योजना से जुड़े कृषकों को उनके निजी भूमि में पौधरोपण के उपरांत उन्हें पौधरोपण एवं रेशम कीटपालन से संबंधित सभी तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना में प्रवधानित राशि लगभग 5 लाख रुपए है, जिन्हें मदवार प्रदान किया जाता है। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं सुदूर वनांचल से शहरी क्षेत्रों तक आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं।  

आयुष्मान योजना में कैंसर पीड़ितों को राहत, देश में अबतक 25 लाख रोगियों ने करवाया उपचार

भोपाल  सितंबर 2018 में प्रारंभ आयुष्मान भारत योजना के छह साल पूरे हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर को 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त बीमा कवर देना शुरू किया है। योजना के पिछले छह वर्ष के आंकड़े देखें तो कैंसर रोगियों के लिए यह योजना बड़ा संबल बनी है। देशभर में अभी तक सात करोड़ से अधिक लोगों का उपचार इस योजना के अंतर्गत हुआ है, इनमें 25 लाख कैंसर के हैं। स्पेशियलिटी के हिसाब से उपचार कराने वाला का यह चौथा बड़ा आंकड़ा है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यानी सिकाई कराने वाले रोगियों को मिला लें तो यह संख्या और अधिक होगी। गुजरात में तो आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले में ही सर्वाधिक कैंसर रोगी हैं। मप्र में एक लाख 62 हजार रोगियों ने कैंसर का उपचार कराया है। ‘पीएमजय’ डैशबोर्ड से मिली जानकारी     मप्र में जनरल मेडिसिन के बाद योजना का लाभ लेने वालों की सर्वाधिक संख्या कैंसर रोगियों की है। उप्र में 88 हजार कैंसर रोगियों ने योजना से उपचार कराया है।     यहां योजना का लाभ लेने वाले रोगियों की सर्वाधिक संख्या के मामले में कैंसर चौथे नंबर पर है। यह जानकारी ‘पीएमजय’ डैशबोर्ड के अनुसार है।     सामान्य तौर पर निजी और सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन के बाद आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग आदि के रोगी अधिक रहते हैं।     जब आयुष्मान योजना से उपचार लेने वालों की संख्या बात आती है तो मेडिकल आंकोलाजी किसी राज्य में पहले तो कहीं दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर है।     देश में सबसे ऊपर क्रमश: मेडिसिन, संक्रामक रोग और सर्जरी है। अब प्रोसीजर के आंकड़े देखें तो रोगियों ने सबसे अधिक लाभ हीमोडायलिसिस का लिया है।     देश भर में 64 रोगियों ने अभी तक आयुष्मान योजना से डायलिसिस कराई है, जिसमें मध्य प्रदेश के पांच लाख 43 हजार हैं।     दूसरे नंबर पर मल्टीपल पैकेज यानी जिसमें कई तरह प्रोसीजर शामिल हैं, तीसरे क्रम में 57 हजार मामलों के साथ सीजर डिलीवरी है। मप्र में किस बीमारी के कितने रोगियों ने उपचार कराया     मेडिसिन 10 लाख     मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर, जिसमें सर्जरी शामिल नहीं ) 1.62     आर्थोपेडिक 1. 62     स्त्री एवं प्रसूति रोग 1.33     हड्डी रोग 1.04 एक्सपर्ट ने बताया कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के जीएम ऑपरेशन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी का कहना है कि कैंसर का उपचार एक तो महंगा है। दूसरा यह कि इसका उपचार दो से तीन वर्ष और कुछ का तो इससे भी अधिक समय तक चलता है। यही कारण है कि अधिकतर रोगी आयुष्मान भारत योजना से ही उपचार कराते हैं। वह कहते हैं कि यह बात भी सही है सरकारी अस्पतालों की तुलना में योजना के अंतर्गत अनुबंधित निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में इसके उपचार की अच्छी सुविधाएं हैं। प्रोसीजर के मामले में रेडिएशन ओंकोलॉजी और कीमोथेरेपी का लाभ लेने वाले रोगियों की संख्या भी अन्य प्रोसीजर की तुलना अधिक है।

प्रदेश में 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड, कई शहरों का तापमान लुढ़का

भोपाल मध्य प्रदेश में अब धीरे धीरे ठंड की दस्तक होने लगी है। हवाओं का रुख बार बार बदलने से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।  उत्तरी हवाओं के चलने से 15 नवंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में तेज ठंड पड़ने की उम्मीद है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में शहरों का अधिकतम तापमान 29-30 डिसे तो न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच हो सकता है। नवंबर के तीसरे हफ्ते में ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में तापमान 6 डिग्री तक गिर सकता है। अगले 3-4 दिनों तक राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में  अधिकतम तापमान 31-32 व न्यूनतम तापमान 18-19 डिसे के बीच आ सकता है।आमतौर पर नवंबर में दिन का तापमान 30 डिसे तो रात का तापमान 15 डिसे से कम हो जाता है। अगले हफ्ते से बढ़ेगी ठिठुरन आज  प्रदेश में ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे ग्वालियर, भोपाल, इंदौर , जबलपुर सहित कई शहरों में ठंड बढ़ेगी, ।आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं की वजह से पचमढ़ी, मलाजखंड, अमर कंटक, सहित कई जिलों के मौसम में परिवर्तन होगा और रात के तापमान में गिरावट आते ही ठिठुरन बढ़ेगी। अबतक नवंबर महीने में ट्रेंड रहा है कि दूसरे सप्ताह से ही सर्दी जोर पकड़ती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है।इस दौरान कुछ जिलों में मावठे की हल्की वर्षा भी होती है, जिसके बाद सर्दी का असर तेज होता है। 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड मौसम विभाग की मानें तो 15 नवंबर से ठंड का असर और तेज देखने को मिल सकता है। पिछले 10 वर्षों से तापमान ने ऐसा ही माहौल बना रखा है। बताया गया है कि दिन में गर्मी का असर दूसरे सप्ताह तक बना रहेगा। इसके बाद पारा तेजी से नीचे आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उत्तरी हवाओं की वजह से मौसम में तेजी से गिरावट आ रही है। इन शहरो में तेजी से नीचे आ रहा पारा बदलते मौसम के बीच कई जिलो में ठंड का असर तेज देखने को मिल रहा है। यहां तेजी से पारा नीचे आया है, जिनमें मंडला में 15.6 डिग्री टेम्प्रेचर मापा गया, तो वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत प्रदेश के करीब 20 से 25 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। वहीं पचमढ़ी में टेम्प्रेचर 13.4 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 16.4 डिग्री, मंडला में 15.6 डिग्री, रीवा में 16.6 डिग्री के अलावा बैतूल-मलाजखंड में तापमान 16.8 डिग्री रहा।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खुलने से मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी

नई दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा 12 नवंबर को आम जनता के लिए खुल सकता है। इससे मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर छह लेन हैं और आगरा नहर व गुड़गांव नहर पर दो नए पुल भी बने हैं। जाम से मिलेगा छुटकारा बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे और पुलों के खुलने से मथुरा रोड पर जाम से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा यह सिर्फ एक वैकल्पिक मार्ग नहीं है, बल्कि मथुरा रोड पर लगने वाले भारी जाम की समस्या का स्थायी समाधान है।यह नया एक्सप्रेसवे यमुना नदी के किनारे यमुना खादर, ओखला विहार और बतला हाउस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इसका निचला हिस्सा महारानी बाग के पास बना है और यह DND फ्लाईओवर के आश्रम एंट्री के पास सड़क को पार करेगा। ढाई घंटे का सफर 25 मिनट में सासंद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर 5500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस सड़क का इस्तेमाल फरीदाबाद, पलवल और सोहना जाने के लिए किया जा सकेगा।इससे लोगों का समय भी बचेगा। अभी महारानी बाग से सोहना पहुंचने में 2.5 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यह समय घटकर केवल 25 मिनट रह जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का आधुनिक सड़क मार्ग है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे देश के सबसे तेज़ सड़कों में से एक बनाता है। इस एक्सप्रेसवे पर पशुओं और पैदल चलने वालों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस एक्सप्रेसवे पर बाइक और धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है। बता दें कि 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था।

उत्तर कोरिया के 10 हजार सैनिक यूक्रेन की जंग में उतारा, इंटरनेट मिलने पर ले रहे एडल्ट फिल्में के मजे

मॉस्को नॉर्थ कोरिया एक ऐसा देश है, जहां तानाशाही अपने चरम पर है और हर तरफ कड़ी पाबंदियां हैं. फ्रीडम ऑफ स्पीच, इंटरनेट का इस्तेमाल, यूट्यूब जैसे साधारण लगने वाले हक भी वहां सीमित हैं. अब जरा सोचिए, जब ऐसे माहौल में पले-बढ़े किसी शख्स को पहली बार इंटरनेट की आजादी मिले, तो वह क्या करेगा? रूस में तैनात नॉर्थ कोरिया के सैनिकों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां उन्हें बिना किसी रोक-टोक इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौका मिला और इसका नतीजा खूब चर्चा में है. नॉर्थ कोरिया के कुछ सैनिक, जो इस समय रूस में तैनात हैं, इंटरनेट पर एडल्ट कंटेंट देखने में काफी मशगूल हैं. एक पत्रकार के दावे के मुताबिक, ये सैनिक अपनी ड्यूटी के बाद इंटरनेट पर एडल्ट वीडियो देखकर अपनी थकान मिटा रहे हैं. नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट का इस तरह खुला इस्तेमाल मुमकिन नहीं है, रूस में यह उन्हें पहली बार मिला है और इसका खूब फायदा उठा रहे हैं. क्या है मामला? फाइनेंशियल टाइम्स के विदेशी मामलों के पत्रकार गिडियन राचमैन ने X पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि एक भरोसेमंद स्रोत के मुताबिक, रूस में तैनात नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को पहली बार बिना रोक-टोक इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौका मिला.  वे एडल्ट कंटेंट देख रहे हैं. इस पोस्ट को 57 लाख से ज्यादा बार देखा गया है. हालांकि, राचमैन ने अपने सोर्स का खुलासा नहीं किया. इस पर अमेरिकी आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल चार्ली डीट्ज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस बारे में पुष्टि नहीं कर सकते कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं. ‘नॉर्थ कोरियाई सैनिकों में भी होता है टेस्टोस्टेरोन’ सोशल मीडिया पर इस स्थिति को लेकर लोगों ने मजाकिया कमेंट्स किए. एक यूजर ने लिखा-अभाव में रहने वाले को जब अचानक आजादी मिलती है, तो यही होता है. वहीं, किसी और ने कहा-आखिरकार, नॉर्थ कोरियाई लोगों का भी टेस्टोस्टेरोन है, भले ही वे एक तानाशाह के साए में जी रहे हों. उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का हक मिलना चाहिए.  

मप्र और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया

भोपाल मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने और चीता कॉरिडोर के विकास के लिए दोनों राज्यों ने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया है। यह समिति चीता के संरक्षण, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रों के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाएगी। साथ ही, यह हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट दोनों राज्यों की सरकारों को सौंपेगी। इस समिति के संयुक्त अध्यक्ष मध्यप्रदेश और राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक होंगे। अन्य सदस्य के रूप में चीता प्रोजेक्ट के निदेशक, क्षेत्र संचालक/संचालक, वन्य-प्राणी विशेषज्ञ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा नामांकित प्रतिनिधि होंगे। समिति मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता परियोजना कॉरिडोर के लिए एमओयू का मसौदा तैयार करेगी। यह कॉरिडोर चीतों के सुरक्षित भ्रमण और उनके संरक्षण के लिए विकसित किया जाएगा। समिति कूनो और रणथंबौर क्षेत्रों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन के लिए नए मार्गों का मूल्यांकन करेगी। यह पर्यटन के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीतों के संरक्षण में भी सहायक होगा। समिति उन अधिकारियों और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर भी ध्यान देगी, जो कूनो से राजस्थान तक मौजूदा कॉरिडोर में चीतों की निगरानी और गश्त में शामिल हैं। इससे चीतों की सुरक्षा और संरक्षण में सुधार आएगा। कूनो और गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्रों से चीतों के भविष्य के माइग्रेशन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों का विकास भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा। इसके लिए प्रि-औगमेंटेशन बेस तैयार कर सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां विकास के नये कीर्तिमान बन रहे : उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़

  रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन तथा राज्य अलंकरण समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सबकी भागीदारी की जरूरत है। इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान बढ़चढ़कर होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास के नये कीर्तिमान बन रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने राज्य अलंकरण से सम्मानित सभी विभूतियों कोे बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 36 सम्मान, जिन्हें देखकर मुझे ऊर्जा मिली है। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि जब शताब्दी ने पलटी खाई तो छत्तीसगढ़ का उदय हुआ, ये यात्रा यहां तक आ गई है। इसके लिए बहुत शुभकामनाएं देता हूँ, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, पुरानी कहावत है आज भी कानों में गूंजती है। आप सभी इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। इस समारोह में आकर मेरा मन गौरव से भर गया है। छत्तीसगढ़ की पावन धरती समृद्ध सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारतीयता हमारी पहचान है। वर्ष 2000 में इस राज्य को विशिष्ट पहचान मिली। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को इस अवसर पर याद न करें तो बड़ी चूक होगी। उनकी याद सदैव आती है। राष्ट्रहित पर वे हमेशा अटल और मानवीय भावनाएं के विषय में बहुत कोमल थे। राजनीति में उन्होंने ऐसी सर्जरी की कि किसी को पीड़ा नहीं हुई और तीन राज्य बनाए, मैं उन्हें नमन करता हूँ। आपने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाकर एक बड़ा मापदंड हासिल किया, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बधाई के पात्र हैं। अटल जी ने जो कारीगरी की, उसमें कोई दर्द नहीं था। भाई चारा था। अगले साल छत्तीसगढ़ अपने स्वर्ण युग में प्रवेश करेगा इसका सुखद समन्वय भारत के अमृत काल के साथ हो रहा है। हमें अपनी गौरवमयी विरासत को नहीं भूलना चाहिए। यह मौका है हमारे महापुरुषों को याद करने का। आज जब हम अमृतकाल मना रहे हैं। मुझे और आपको गर्व है कि जिन लोगों ने अपना बलिदान किया, उन्हें दूर दूर जाकर हम उन्हें नमन कर रहे हैं। उनके समक्ष नतमस्तक हो रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीरनारायण सिंह जैसे लोगों  ने विषम हालात में स्वतंत्रता की ज्योति को जलाये रखा, हम उन्हें हमेशा स्मरण करते हैं और इसके लिए जनजातीय दिवस मना रहे हैं। इन महापुरुषों ने निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की। इस मौके पर आपको मैं चिंतन और मंथन के लिए भी आग्रह करूंगा। सेवा निःस्वार्थ होना चाहिए, इसमें कोई स्वार्थ नहीं होना चाहिए। निःस्वार्थ सेवा के नाम पर या आड़ पर हमारी श्रद्धा को परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी संस्कृति हजारों साल पुरानी है उस पर प्रहार किया जा रहा है। इस पर हमें सजग होना चाहिए। यह धनबल के आधार पर हो रहा है। भोलेपन के आधार पर हो रहा है। भारत की आत्मा को जीवंत रखने के लिए ऐसी ताकतों को कुचलने की आवश्यकता है। आपसे आग्रह है कि इनसे सचेत रहिये। इन प्रयत्नों में खासतौर पर हमारे आदिवासियों भाइयों को निशाना बनाया जाता है। हमारे भारत की संस्कृति सबको समेटने वाली संस्कृति है। इस विशेषता को बरकरार रखना है। इस राज्य के युवाओं के लिए एक और चिंता का कारण है जिस पर यह सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नक्सलवाद से लड़ने का काम किया है। सरकार की सकारात्मक नीतियों की वजह से युवाओं को अनेक अवसर मिल रहे हैं। राज्य की गति और देश की प्रगति में बड़ा जुड़ाव है। राज्य की प्रगति और देश की प्रगति एक दूसरे की पूरक है। भारत की विकास यात्रा ने दुनिया को चमत्कृत कर दिया है। दुनिया हमारी तकनीकी प्रगति को देखकर दांतों तले  उंगली दबा रही है। मेरे मन में शंका नहीं है कि छत्तीसगढ़ का देश की प्रगति में बड़ा योगदान रहेगा। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा बेहद समृद्ध है। इस राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। यहां की खनिज संपदा जैसे बस्तर का लौह अयस्क, कोरबा का कोयला भारत के औद्योगिक विकास की प्राणवायु है। इस भूमि को धान का कटोरा कहा जाता है। यह राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एक बात मैं जरूर ध्यान दूंगा और आपसे भी आग्रह करूंगा कि राज्य का हित राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखना होगा, राज्य का हित राष्ट्र के हित से अलग नहीं है। प्रदेश के निरंतर विकास के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई देना चाहता हूँ। संविधान दिवस ज्यादा समय दूर नहीं है। आज के नवयुवकों को याद दिलाना चाहूंगा। संविधान हमारी महत्वपूर्ण आधारशिला है इस पर हमारा भविष्य टिका है। संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। हर नागरिक को संविधान की अहमियत का एहसास होना चाहिए। इसके आदर्शों का पालन हमारी जिम्मेदारी है। संविधान से खिलवाड़ के हर प्रयास को कुंठित करना चाहिए। आपातकाल देश का काला क्षण था। 21 महीनों तक अधिकारों पर विराम लग गया। हालात इतने भयावह थे कि प्रजातांत्रिक मूल्य नजर तक नहीं आ रहे थे। लाखों लोगों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। इस भयावह कालखंड की जानकारी आज की पीढ़ी को होनी चाहिए। इस राज्य में आईआईटी है। आईआईएम है। जिस पेशे से मैं जुड़ा हूँ उससे भी जुड़ा  हुआ विश्वविद्यालय है जो बहुत प्रतिष्ठित है। राज्य का युवा, महिला एवं हर वर्ग अपना योगदान दे सके, अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके, ऐसी नीतियां छत्तीसगढ़ में तैयार हो रही है। यहां प्रशासनिक पारदर्शिता आई है। समाज के हर वर्ग को सशक्त करने का प्रयास हुआ है। राज्य ने हाल ही में एक उद्योग नीति बनाई है इससे नवयुवकों की आशाएं फलीभूत होंगी। केंद्र और राज्य ने युवाओं के लिए इतनी योजनाएं  शुरू की हैं कि युवा अपने उद्यम से अन्य लोगों को भी लाभ दे सकते हैं। इस मौके पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि मैं असम प्रदेश से आता हूं। यह हरा-भरा प्रदेश है। छत्तीसगढ़ और असम राज्य में कई समानताएं … Read more

सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले, राज्यस्तरीय कॉल सेंटर बनेगा: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दुरुपयोग से बचने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा है। मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को ‘फ्यूचर रेडी’ यानी भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी की अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाए। प्रत्येक थाने में सायबर डेस्क, हर जिले में सायबर थाना और राज्य स्तर पर कॉल सेंटर बनाया जाए। सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले। हाल ही में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में वन्य पशुओं की गतिविधियों से जन जीवन प्रभावित होने या जन हानि की आशंका है वहां वन विभाग से समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए पुलिस सक्रिय रहे। पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रखे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर चलने वाली गतिविधियों और मैसेज आदि पर निगरानी रखे। भ्रामक, गलत खबर फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई करें। कानून-व्यवस्था के साथ अन्य भ्रामक खबरों के बारे में संबंधित विभाग को तथ्यों की जांच करने के लिए कहें जिससे वस्तुस्थिति पता चल सके। नए क्रिमिनल कोड के संबंध में प्रशिक्षण दें। प्रत्येक प्रकरण की जांच और चालान प्रस्तुत करने के लिए आवश्यकतानुसार पेन ड्राइव, टेबलेट इत्यादि पुलिस स्टाफ को उपलब्ध कराने विभागीय स्तर पर बजट प्रविधान किया जाए। प्रत्येक संभाग में एफएसएल लैब बने। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ये भी दिए निर्देश एडीजी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से संभाग स्तर पर दौरे और अपराधों की समीक्षा करें। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के प्रबंधन के लिए मंदिर क्षेत्र में थाना स्थापित करें। महिला अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित गतिविधियां चलाएं। नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपितों को कठोरतम दंड दिलाना सुनिश्चित करें। गुम बालिकाओं की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चले। संदिग्ध हुक्काबार, नाइट क्लब आदि पर भी निगरानी बढ़ाएं। नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय कर अंतरराज्यीय गिरोहों के विरुद्ध अभियान चलाएं। नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़ी निगरानी की जाए। पुलिसकर्मी और अधिकारी को स्वयं का आवास निर्मित करने के लिए विभाग की ओर से दी जाने वाली अनुमति और ऋण व्यवस्था की प्रक्रिया सरल बनाएं। समयबद्ध पदोन्नति हो। गौ-तस्करों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। मार्च 2026 तक नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म करें बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल विरोधी अभियान संबंधी बैठक में मार्च-2026 तक नक्सल गतिविधियों को पूर्णत: समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रदेश के संभावित नक्सल क्षेत्र में सघन आपरेशन चलाया जाए। आवश्यकतानुसार हाकफोर्स की भर्ती की जाए।

छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभूतियों एवं संस्थाओं को उप राष्ट्रपति धनखड़ ने किया सम्मानित

रायपुर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड ने आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह की अध्यक्षता की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहे।    राजधानी नवा रायपुर में राज्योत्सव के तीसरे दिन राज्य की महान विभूतियों के नाम से अलंकरण प्रदान करने समारोह का आयोजन किया गया। राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार श्री बुटलू राम माथरा को प्रदान किया। इसी प्रकार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाने वाला अहिंसा एवं गौ-रक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान मनोहर गौशाला खैरागढ़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधूर सम्मान सुश्री छोटी मेहरा, खेल (तीरंदाजी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान श्री विकास कुमार को प्रदान किया गया। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता सम्मान के लिए सतनामी महिला समिति कोहका जिला दुर्ग को, महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती अदिती कश्यप और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए माता बहादुर कलारिन सम्मान कुमारी चित्ररेखा सिन्हा, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक चेतना और दलित उत्थान के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान श्री राजेन्द्र रंगीला (गिलहरे), सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सम्मान श्री शशिकांत द्विवेदी को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुरनगर, जिला जशपुर, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. सत्यभामा आडिल, संस्कृति विभाग द्वारा संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान पं. श्री सुधाकर रामभाऊ शेवलीकर को प्रदान उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने प्रदान किया। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं शिल्प के क्षेत्र में दिया जाने वाला दाऊ मंदराजी सम्मान श्री पंडीराम मंडावी को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा ही छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्रीमती निर्मला ठाकुर (बेलचंदन) और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए खुमान साव सम्मान श्री दुष्यंत कुमार हरमुख, कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान संयुक्त रूप से श्री शिवकुमार चंद्रवंशी और श्री खेमराज पटेल को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान श्री सियाराम अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में दानवीर भामाशाह सम्मान श्री सुभाष चंद अग्रवाल, मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती बिलासाबाई केंवटीन मत्स्य विकास पुरस्कार श्री विनोद दास को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया।   आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा और उत्थान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भंवर सिंह पोर्ते सम्मान छत्तीसगढ़ आदिवासी कल्याण संस्थान अनुपम नगर रायपुर को प्रदान किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव पुरस्कार संयुक्त रूप से सुरेन्द्र कुमार राठौर, श्री शोभा सिंह एवं श्री ललित कुमार नायक को प्रदान किया गया। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान श्री रामनरेयश यादव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर क्षेत्र में बिसाहूदास महंत पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री पन्नालाल देवांगन और श्री बहोरी लाल देवांगन को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदाय किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री सत्यनारायण देवांगन एवं श्री अरूण मेहर को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार श्री भगत गुलेरी, संस्कृति विभाग द्वारा लोक शैली पंथी नृत्य प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार श्री साधे लाल रात्रे, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान श्री प्रकाश अवस्थी, संस्कृति विभाग द्वारा ही हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए दिया जाने वाला किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण श्री सतीश जैन को प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धनवन्तरि सम्मान डॉ. मनोहर लाल लहेजा को प्रदान किया गया। विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से श्री सुरेन्द्र तिवारी और श्री प्रकाश चंद्र पंत को, संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान श्री आनंद कुमार पांडे, संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य, आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. पीसी लाल यादव को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकरिता प्रिंट मीडिया हिन्दी के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री भोलाराम सिन्हा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में श्री मोहन तिवारी, प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री मुकेश एस. सिंह, रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा क्षेत्र में प्रदाय किए जाने वाले पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान श्री अतुल जैन को प्रदान किया गया।

छत्तीसगढ़ का राज्योत्सव : एक्स पर देशभर में दूसरे नंबर पर कर रहा ट्रेंड

    एक्स पर छाया रहा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव- 2024 रायपुर,  सोशल मीडिया एप एक्स पर आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 देशभर में दूसरे नंबर पर ट्रेंड करता रहा है। तीन दिवसीय इस राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में किया गया, जहां देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने छत्तीसगढ़ आकर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनकड़, राज्यपाल श्री रमेन डेका,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की मौजूदगी में समापन अवसर पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिए गए । राज्योत्सव में हुई सभी प्रस्तुतियों की लाइव स्ट्रीमिंग देश-विदेश के लोगों ने देखा और बढ़-चढ़कर राज्योसव के सभी कार्यक्रमों का हिस्सा भी बने। आज देशभर में दिन भर सोशल मीडिया एप एक्स पर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 ट्रेंड करता रहा। गौरतलब है कि आज राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव के समापन अवसर पर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ बतौर मुख्य आतिथ्य शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं राज्य स्थापना दिवस का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था।

CM डॉ मोहन की अध्यक्षता में वनाधिकार व पेसा कानून के लिए 13 सदस्यों की बनी समिति

भोपाल मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाया गया है। पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल, जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह, वन मंत्री रामनिवास रावत उपाध्यक्ष बनाए गए है। एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन पदेन सदस्य सचिव होंगे। कुल 13 सदस्यों की टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति का कार्यकाल दो साल के लिए होगा। आइए जानते है इस टास्क फोर्स समिति का काम क्या होगा…     मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार साल में दो बार शीर्ष समिति की बैठक करना।     मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई जा सकेगी।     राज्य में वर्तमान में चिन्हान्कित वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों (potential area) के मैपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना।     अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिए संस्तुति प्रदान करना।     राज्य में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना।     राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के संबद्धित विभाग/विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिए डीएलसी (DLC) और पेसा संबंधित विषयों के लिए जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्य योजना के लिए अनुशंसाएं प्रदान करना।     प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद, कार्य योजना एवं समय सीमा के अनुसार बिंदुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना।     राज्य में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा (PESA) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य उपाय या अनुशंसाएं, जैसा टास्कफोर्स उचित समझें।  

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