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Vikram Vyapar Mela 2026 में लग्जरी कारों का धमाका, 50% टैक्स छूट ने बढ़ाई BMW और मर्सिडीज की डिमांड

उज्जैन  धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ शहर ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी नई आर्थिक गति दर्ज कर रहा है। प्रदेश शासन के विक्रम व्यापार मेला 2026 के दौरान दोपहिया, कार और हल्के वाहनों पर लाइफटाइम मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट लागू की है। यह छूट 15 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक मेला अवधि में प्रभावी रहेगी। इस छूट का असर यह रहा कि मेले के पहले ही दिन 501 वाहनों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हो गई। 50 प्रतिशत छूट लागू होने से लग्जरी कारों की मांग आसमान पर पहुंच गई है। मेले में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडिज और जैगवार जैसे लग्जरी ब्रांडों की डिमांड बढ़ गई। 50 % की छूट मिलने से ऑन-रोड कीमत में आई बड़ी कमी आरटीओ संतोष मालवीय के अनुसार 16 फरवरी को किए भौतिक सत्यापन और कर निर्धारण के बाद पहले दिन 501 वाहनों का पंजीयन दर्ज किया गया। इनमें 136 दोपहिया, 340 चारपहिया और 25 अन्य हल्के वाहन शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि कर प्रोत्साहन का सीधा प्रभाव वाहन पंजीयन और ऑटोमोबाइल बाजार की मांग पर पड़ा है। लाइफटाइम टैक्स, जो वाहन के पंजीयन के समय एकमुश्त लिया जाता है, उसमें 50 प्रतिशत की छूट मिलने से ऑन-रोड कीमत में बड़ी कमी आई है। इससे उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बढ़ी है। डीलरशिप स्तर पर बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया तेज हो गई। पिछले मेले के भी टूटेंगे रिकॉर्ड इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में लगे वाहन मेले में 124 चार पहिया वाहन और 40 दोपहिया वाहन के अस्थाई आउटलेट लगे हैं। सोमवार को इन आउटलेट से 450 से ज्यादा वाहन की बिक्री हुई जबकि 41 वाहन रविवार को शुभारंभ के बाद ही बिक गए थे। इसको लेकर आरटीओ अधिकारियों को मानना है कि इस बार मेला ग्वालियर और पिछले दो साल उज्जैन में लगे मेले का भी रिकार्ड तोड़ देगा। 2024 में 1 मार्च से शुरू हुआ मेला 9 अप्रेल तक चला था। इस दौरान 5797 दोपहिया वाहन, 17908 चार पहिया वाहन कुल 23705 वाहनों की बिक्री हुई थी। 2025 में 26 फरवरी से शुरू हुआ मेला 9 अप्रेल तक चला था। 7772 दोपहिया वाहन, 28451 चार पहिया और कुल 36225 वाहनों की बिक्री हुई थी। जिससे शासन को 186.58 करोड का राजस्व प्राप्त हुआ था और इतने ही राजस्व की छूट दी गई थी। 3 करोड़ के वाहन भी बिके थे मेले में पिछले विक्रम व्यापार मेलों में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडिज बैंज और जैगवार जैसे ब्रांडों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन बाजार की क्षमता को दर्शाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, इस तरह की कर रियायतें ऑटोमोबाइल सेक्टर में डिमांड जनरेशन, एडवांस टैक्स रिलेजेशन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। विक्रमोत्सव मेला अब उज्जैन में ऑटोमोबाइल रजिस्ट्रेशन का पीक सीजन बनता जा रहा है।

विश्व मंच पर भारत की भूमिका महत्वपूर्ण, UN चीफ ने कहा – योगदान है जरूरी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में भारत का स्थायी योगदान ‘हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण’ है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वैश्विक स्तर पर बढ़ती और सशक्त होती भूमिका एक ‘सकारात्मक मेगा ट्रेंड’ के रूप में उभर रही है। भारत को माना अहम शक्ति संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने ये टिप्पणियां कृत्रिम मेधा पर ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाले पहले शिखर सम्मेलन ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए नई दिल्ली रवाना होने से पहले कीं। गुतारेस ने यहां ‘पीटीआई’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों के सभी पहलुओं मसलन शांति और सुरक्षा, सतत विकास पर चर्चा में भारत एक अत्यंत अहम शक्ति बन गया है। मुझे भारत द्वारा आयोजित जी20 की अध्यक्षता याद है जहां बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।’ भारत का जताया आभार गुतारेस ने कहा, ‘और एक लोकतांत्रिक देश के रूप में मानवाधिकारों के मामले में भी वह अहम शक्ति बन गया है, वो भी एक ऐसी दुनिया में जहां दुर्भाग्य से हम दुनिया के कई हिस्सों में लोकतंत्र को संकट में देखते हैं।’ संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले हम संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा में भारत की उपस्थिति के लिए उसके प्रति बहुत आभारी हैं। वर्तमान में लगभग 5000 भारतीय महिलाएं और पुरुष दुनिया भर में शांति रक्षा अभियानों में तैनात हैं।’ इन मुद्दों पर भी की बात उन्होंने “शांति स्थापना में भारत के पहले पूर्ण महिला पुलिस दल” पर भी प्रकाश डाला और उसे “उल्लेखनीय” करार दिया। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में गुतारेस का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त हो रहा है। उन्होंने बढ़ते संघर्षों और बढ़ती असमानताओं के बीच दुनिया में उभर रहे कुछ ‘सकारात्मक मेगा ट्रेंड’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘मेरा संदेश यह है कि चिंता करने के कई कारण हैं। हमने देखा है कि संघर्ष बढ़ रहे हैं, अन्याय और असमानताएं बढ़ रही हैं और दुनिया में गरीबी और भूख की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आतंकवाद को पनपते और एक भयावह रूप में बदलते देखा है। इसलिए चिंता के कई कारण हैं, लेकिन कुछ सकारात्मक मेगा ट्रेंड भी हैं।’ गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि “सबसे महत्वपूर्ण मेगा ट्रेंड” में एक भारत जैसे देशों और अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका से संबंधित है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि विकसित देशों का समूह-जी7 और इसी तरह के अन्य देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी हर दिन कम होती जा रही है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाएं, जिनमें भारत एक प्रमुख स्तंभ है, विश्व की अर्थव्यवस्था में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं।’ उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया प्रतिदिन जारी है और यही “मेगा ट्रेंड” समय के साथ ऐसी विश्व व्यवस्था के निर्माण में योगदान देगा, जहां न्याय, समानता और शांति के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध होंगी।

दाग मिटाने की कोशिश में तारिक रहमान, कैबिनेट में हिंदू नेताओं की एंट्री से दिया बड़ा संदेश

ढाका बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल करने वाले तारिक रहमान की कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को जगह दी गई है. 25 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली. इनमें निताई रॉय चौधरी का नाम भी शामिल है. हालांकि पहले चर्चा थी कि चौधरी के समधी और अहम महकमों के मंत्री रह चुके गोयेश्वर चंद्र रॉय को जगह मिलेगी. वहीं दूसरे अल्पसंख्यक नेता का नाम दीपेन दीवान है. कौन हैं निताई रॉय चौधरी? तृतीयोमात्रा डॉट कॉम के मुताबिक, 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी एक बांग्लादेशी वकील और राजनीतिज्ञ हैं. निताई रॉय चौधरी, जो मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं, पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों में से एक हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं. उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशी को सीधी टक्कर में मात दी है. 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने मगुरा-2 संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की. निताई रॉय चौधरी को 147896 वोट मिले हैं. उन्होंने जमात उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के अंतर से हराया है.   कौन हैं दीपेन दीवान? दूसरे अल्पसंख्यक नेता दीपेन दीवान, बौद्ध मेजोरिटी वाले चकमा एथनिक माइनॉरिटी ग्रुप से हैं. इन्होंने दक्षिण-पूर्व रंगमती जिले की एक सीट से जीत हासिल की. हालांकि उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है और कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं. दीवान ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर एक निर्दलीय चकमा उम्मीदवार को हराया. हिंदू मंत्रियों की नियुक्ति और मां से नाता तारिक रहमान की कैबिनेट में मंत्री पद को लेकर गोयेश्वर रॉय को लेकर थी, जो बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं. खालिदा जिया सरकार में लगभग 30 साल पहले (1991-1996) वो राज्य मंत्री थे. इस बार उन्हें जगह न देकर उनके समधी निताई रॉय चौधरी को मंत्री बनाया गया है. खालिदा जिया की पार्टी भले ही अल्पसंख्यकों को ज्यादा महत्वपूर्ण पद न देती हो लेकिन खालिदा जिया के दो कार्यकाल में हिंदू मंत्री शामिल रहे – 1991-1996 में गयेश्वर चंद्र रॉय राज्य मंत्री (स्टेट मिनिस्टर) के रूप में शामिल थे. वे पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालय के प्रभारी थे. अब वे बड़ा अल्पसंख्यक चेहरा बन चुके हैं. 2001-2006 में गौतम चक्रबर्ती राज्य मंत्री के रूप में जल संसाधन मंत्रालय के प्रभारी थे. वे बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई कल्याण फ्रंट के कन्वेनर भी थे. तारिक रहमान ने भी मां की राह पर चलते हुए अपनी कैबिनेट में हिंदू चेहरों को शामिल किया है. उनकी मां की कैबिनेट में एक हिंदू मंत्री रहे लेकिन रहमान कैबिनेट में 2 अल्पसंख्यक चेहरे हैं, वो भी ऐसे वक्त में जब बांग्लादेश अल्पसंख्यकों के लिए नर्क बना हुआ है. बांग्लादेश के दामन से खून का दाग धोएंगे तारिक रहमान? तारिक रहमान ऐसे वक्त में बांग्लादेश की सत्ता संभाल रहे हैं, जब वहां अस्थिरता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के लिए बेहद बुरे हालात हैं. अंतरिम सरकार के राज में हिंदुओं का खूब कत्लेआम हुआ. मॉब लिंचिंग की ऐसी-ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं. खासतौर पर चुनावों की घोषणा होने के बाद से अलग-अलग इलाकों से लगभग हर रोज हिंदुओं की हत्या की खबरें आती रहीं. खासतौर पर नवंबर के अंत से फरवरी के पहले हफ्ते तक अल्पसंख्यकों के खून से बांग्लादेश का दामन रंग गया. क्या तारिक रहमान बदलाव के छोटे से कदम से अपने देश की इमेज सुधार पाएंगे? BNP कैबिनेट में किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी?   BNP के सूत्रों के हवाले से एक लिस्ट हासिल की है, जिसमें बताया गया है कि किन मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को कौन से मंत्रालय दिए जाएंगे.     मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर – स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्रालय     सलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्रालय     अमीर खसरू महमूद चौधरी – वित्त और योजना मंत्रालय     मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद – मुक्ति युद्ध मामलों का मंत्रालय     इकबाल हसन महमूद तुकू – बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय     AZM ज़ाहिद हुसैन – महिला और बाल मंत्रालय, सामाजिक कल्याण     खलीलुर रहमान – विदेश मंत्रालय     अब्दुल अवल मिंटू – पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय     मिजानुर रहमान मीनू – भूमि मंत्रालय     निताई रॉय चौधरी – सांस्कृतिक मामलों का मंत्रालय     मोहम्मद असदुज्जमां – कानून, न्याय और संसदीय मामलों का मंत्रालय     काज़ी शाह मोफ़ज्जल हुसैन कैकोबाद – धार्मिक मामलों का मंत्रालय     अरिफुल हक चौधरी – श्रम और रोज़गार मंत्रालय, प्रवासी कल्याण और विदेशी रोज़गार     खानदेकर अब्दुल मुक्तदिर – वाणिज्य, उद्योग, कपड़ा और जूट मंत्रालय     ज़ाहिर उद्दीन स्वपन – सूचना और प्रसारण मंत्रालय शाहिद     उद्दीन चौधरी एनी – जल संसाधन मंत्रालय     एहसानुल हक मिलन – शिक्षा, प्राइमरी और मास एजुकेशन मंत्रालय     अमीन उर ​​राशिद – कृषि, मत्स्य पालन और पशुधन मंत्रालय, खाद्य मंत्रालय     अफरोजा खानम – नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्रालय     असदुल हबीब दुलु – आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय     ज़कारिया ताहिर – आवास और सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय     दीपेन दीवान – चटगाँव पहाड़ी इलाकों के मामले मंत्रालय     सरदार एमडी सखावत हुसैन बकुल – स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्रालय     फकीर महबूब अनम – डाक और दूरसंचार विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय     शेख रबीउल आलम, सड़क परिवहन और पुल, रेलवे और शिपिंग मंत्रालय.

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम, CM साय ने झुमका में ओपन थिएटर का किया शुभारंभ

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बाघ और तेंदुए की सुरक्षा के लिए नए ओवरपास, रातापानी मिडघाट सेक्शन में वन्यजीवों की हताहत संख्या चिंताजनक

नर्मदापुरम वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे रातापानी के जंगल में पहाड़ियों के बीच से निकली रेल लाइन के ऊपर 4 एनीमल ओवरपास बना रहा है। बुदनी से बरखेड़ा के बीच 26 किमी के रेलवे ट्रैक पर 4 ऐसे  स्थान हैं जहां से वन्य प्राणियों की टेरेटरी है।  जंगली जानवर शिकार और पहाड़ी नाले में पानी की तलाश के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। लेकिन इसी बीच ट्रेन आ जाने पर तेज आवाज के कारण दो पहाडों के बीच में फंस जाते हैं। घबराहट में वे ट्रैक पर दौड़ने लगते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर मर जाते हैं। जिन स्थानों पर एनीमल ओवरपास बना रहे हैं वे स्थान वन विभाग ने रेलवे को चिन्हित करके दिए हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हीं रास्ते अक्सर निकलते हैं। अभी चौका रेलवे स्टेशन (केविन) के पास 2 एनीमल ओवरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 2 पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पहाडों के बीच फंसकर 10 तेंदुआ और 9 बाघों की मौत ट्रेन की चपेट आकर हो चुकी है। आवीएनएल के सीपीएम राघवेंद्र सारस्वत ने बताया कि 2 लगभग कंप्लीट हो चुके हैं, 2 पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य मानसून आने से पूर्व कम्पलीट करने का है। ईको फ्रेंडली ओवरपास बन रहे एक ओवरपास का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए से हो रहा है। 4 एनीमल ओवरपास बुदनी से मिडघाट के बीच 1, चौका- मिडघाट के बीच 2, चौका बरखेड़ा के बीच 1 एनीमल ओवरपास का निर्माण हो रहा है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है जबकि पहाड़ी के बीच गेप 18 मीटर का है। एनीमल ओवरपास जिन स्थानों पर बनाए गए हैं वहां रेलवे ट्रैक के दोनों और 100-100 मीटर की 3.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि वे एनीमल ओवरपास से होकर रेल लाइन का क्रॉस करें। यह ईको फ्रेंडली रहेंगे ताकि जंगली जानवर आसानी से इस पार से उस पास आ जा सकें। ट्रैक और पहाड़ के बीच 3-5 फीट की दूरी मिडघाट सेक्शन में चौका के पास रेलवे ट्रैक और पहाड़ी के बीच में 3-5 फीट का गेप बचता है। जब ट्रेन गुजरती है तो दोनो ओर ड्रेन बनी होने के कारण वन्य प्राणी दोनों पहाड़ के बीच स्थित ट्रैक भागने लगते हैं और निकल नहीं पाता।

रीवा में शर्मनाक वारदात: पत्नी का बेडरूम वीडियो वायरल, दहेज के लिए हथियार लेकर ससुराल पहुंचा आरोपी गिरफ्तार

रीवा   मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पत्नी का निजी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पति शिवम साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर अपलोड करने का गंभीर आरोप है। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। आर्थिक तंगी के कारण जब पीड़िता ने मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। आरोप है कि दहेज न मिलने की खुन्नस में शिवम ने पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व रिश्तेदारों को भेज दिया।  पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। जब पीड़िता ने आर्थिक तंगी के चलते मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। उसने दहेज न मिलने की खुन्नस में पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया व रिश्तेदारों को भेज दिया। पोर्न स्टार बनने की सनक में की करतूत पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को ‘स्टार’ बनाना चाहता था। जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है ताकि लोग उसे पहचानें। पीड़िता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे। बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था। हथियार लेकर ससुराल पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था। 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक (MP 17 ZH 8856) से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा। वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पोर्न स्टार बनने की सनक पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को स्टार बनाना चाहता था. जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है, ताकि लोग उसे पहचानें. पीडि़ता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे. बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था. पुलिस ने दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था. 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा. वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा. परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया. सीएसपी बोले- परिवार को डरने की जरूरत नहीं सीएसपी राजीव पाठक ने बताया, “आरोपी गिरफ्तार है और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। परिवार को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

यूपीआई के बढ़ते लेनदेन के बीच भी नकदी का रफ्तार जारी, सर्कुलेशन 40 लाख करोड़ रुपए: रिपोर्ट

मुंबई   देश में करेंसी सर्कुलेशन जनवरी 2026 के अंत तक बढ़कर रिकॉर्ड 40 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया है। इसमें सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 5.3 प्रतिशत थी। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।  एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया कि जनता के पास करेंसी (सीडब्ल्यूपी) की हिस्सेदारी कुल करेंसी सर्कुलेशन में 97.6 प्रतिशत (करीब 39 लाख करोड़ रुपए ) हो गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में यूपीआई के कारण डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है और इससे कैश-टू-जीडीपी रेश्यो में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक,”देश में एक महीने में होने वाले यूपीआई लेनदेन की वैल्यू करीब 28 लाख करोड़ रुपए है, जो कि देश के कुल करेंसी स्टॉक का करीब 70 प्रतिशत है, जो कि दिखाता है कि देश में बड़ी संख्या में लोग डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।” वहीं, देश का कैश-टू-जीडीपी रेश्यो वित्त वर्ष 26 में कम होकर 11 प्रतिशत हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 21 में 14.4 प्रतिशत पर था। रिपोर्ट में कहा गया है, “करेंसी और जीडीपी में परिवर्तन की दिशा भले ही एक जैसी हो, लेकिन जीडीपी की वृद्धि को अब नकदी के बजाय यूपीआई के माध्यम से अधिक हो रही है।” सीआरआर में कटौती के कारण चालू वित्त वर्ष में ‘आरबीआई के पास बैंकर्स डिपॉजिट’ में 1.86 लाख करोड़ रुपए की कमी आई, जिसके परिणामस्वरूप रिजर्व मनी की वृद्धि घटकर 5.8 प्रतिशत रह गई। एसबीआई रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के बीच बैंकों में जमा और ऋण लगभग तीन गुना बढ़ गए, जो बैंकिंग प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और ऋण मध्यस्थता में सुधार का संकेत है। वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के दौरान जमा राशि 85.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 241.5 लाख करोड़ रुपए हो गई और ऋण 67.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 191.2 लाख करोड़ रुपए हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की परिसंपत्ति वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 तक जीडीपी के 77 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई, जो वित्तीय सुदृढ़ीकरण में सुधार को दर्शाती है।

छिंदवाड़ा में टी.राजा ने कहा—वंदे मातरम गाना जरूरी, धमकियों और इनाम की घोषणा के साथ राज की तैयारी

छिंदवाड़ा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर  शहर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बजरंग दल द्वारा ‘हिंदू गर्जना रैली’ निकाली गई, जिसके बाद एक धर्मसभा का आयोजन हुआ। सभा में तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी. राजा सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शिवाजी-संभाजी के पराक्रम का किया उल्लेख अपने संबोधन में टी. राजा सिंह ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी के शौर्य और बलिदान का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है। उनके संबोधन के दौरान उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक समर्थन जताया।  टी. राजा ने कहा- कई नेता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की भाषा और प्रतीकों का इस्तेमाल करते हैं। अपने ऊपर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- अगर कोई मेरी जान लेना चाहता है तो पूरी तरह ले, लेकिन बच गया तो सख्त जवाब देंगे। उन्होंने “नो केस, नो FIR” की मांग भी रखी और कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें मानती है तो उनके बजरंगी 10-10 बांग्लादेशियों का सिर काटेंगे भाजपा विधायक ने कहा- कि उनका कभी राज आया तो वह एक आतंकी का सिर काटने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देंगे। सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता की अपील विधायक ने गौ संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर जागरूकता की आवश्यकता बताई। उन्होंने परिवारों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने कुछ समकालीन राजनीतिक मुद्दों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर अपनी राय भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित और तथ्यों के आधार पर समझने की आवश्यकता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंच पर विश्व हिंदू परिषद के अरविंद प्रताप सिंह और जिला संयोजक नरेंद्र पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभा से पूर्व विभिन्न शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने देशभक्ति और वीरता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। अपने संबोधन के अंतिम भाग में विधायक ने जनसंख्या संतुलन और भविष्य की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए समाज से एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। टी. राजा बोले- राजनीति कीचड़, मैं खुद फंस चुका धर्मसभा को संबोधित करते हुए टी. राजा सिंह ने कहा कि राजनीति कीचड़ की तरह है, जिसमें मैं खुद फंस चुका हूं। अपने बच्चों को इसमें नहीं फंसाना चाहता। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को धर्म के लिए समर्पित करने की शिक्षा देंगे। इस दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का जिक्र करते हुए धार्मिक समर्पण की बात कही। ओवैसी बंधुओं पर बोले- वे हमेशा मेरी चिंता करते हैं सभा के दौरान टी. राजा सिंह ने AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने खुद को उनका “जीजा” बताते हुए कहा कि ओवैसी बंधु हमेशा उनकी चिंता करते हैं। टीपू सुल्तान को नायक बताने वाले बयान पर राजा ने कहा कि टीपू सुल्तान ने सिर्फ अपनी सल्तनत बचाने के लिए युद्ध लड़े। वह टीपू सुल्तान नहीं टीपू शैतान है। सीएम मोहन यादव को हिंदुओं का समर्थन है राजा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कहा कि उन्हें “दूसरों के वोट” की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हिंदुओं का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के टुकड़े करने की सोच रखने वालों को सुविधाएं देना बंद किया जाना चाहिए। मंदिर से शुरू होकर दशहरा मैदान तक पहुंची रैली इससे पहले रैली दादा धूनी वाले दादा मंदिर से शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोग भगवा ध्वज और पट्टियां लिए शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रैली दशहरा मैदान पहुंची, जहां धर्मसभा आयोजित की गई। अंत में लोगों को देश रक्षा की शपथ दिलाई गई। हिंदुओं के हित में काम करने वाले नेताओं को चुनने की अपील भी की गई। ओवैसी बंधुओं पर साधा निशाना ओवैसी बंधुओं और टीपू सुल्तान पर बयान अपने भाषण के दौरान टी. राजा सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। टीपू सुल्तान को लेकर दिए गए बयानों पर उन्होंने असहमति जताई और उन्हें हिन्दू विरोधी बताया। इसके साथ ही उन्होंने हिन्दुओं को सतर्क और जागने की सलाह दी। 

बजरंग दल ने किया जफर की पिटाई, महाकाल के दर्शन पर विवादित नाम सुनते ही भड़क उठे लोग

उज्जैन  उज्जैन में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता, माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने मुस्लिम युवक की पिटाई कर दी। वह एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पकड़कर उससे पूछताछ की और बाद में मारपीट की। इसका वीडियो भी मंगलवार को सामने आया है, जिसमें युवक अपना नाम जफर खान और खुद को शिव भक्त बता रहा है। बजरंग दल को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हुए हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर धोती-कुर्ता पहने जफर खान नाम के युवक को कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने पहले हिंदू नाम बताया, लेकिन सख्ती करने पर अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। जफर ने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे भगवान शिव के दर्शन कराने उज्जैन लाई थी। दोनों ने महाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर के दर्शन किए थे। मुस्लिम नाम सुनते ही की पिटाई जफर खान को पकड़ने के बाद कार्यकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की। करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने उसे घेरकर पहले पूछताछ की और असली नाम सामने आने के बाद पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान युवक के सिर से खून भी बहने लगा। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। होटल में ठहरने पर भी विवाद बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने बताया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा क्षेत्र के एक होटल में रुके। युवक ने होटल में हिंदू नाम बताया था और पंडित की वेशभूषा में था। बाद में पूछताछ में उसने अपना नाम जफर खान बताया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। युवक-युवती अलग-अलग समुदाय से नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 साल है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म का होने की जानकारी थी। दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस ने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन: आउटसोर्स स्टाफ 23-24 फरवरी को करेंगे काम बंद

ग्वालियर मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर राज्य के 30 हजार से अधिक आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन नौ सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। संघ ने बताया कि कर्मचारी 17 और 18 फरवरी को भी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और 23 एवं 24 फरवरी को सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे। इस आंदोलन में शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की रूपरेखा तय, काली पट्टी बांधकर जताएंगे विरोध जिला अध्यक्ष चित्रवीर पटेल के नेतृत्व में कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट की। तृतीय चरण (16-18 फरवरी) में प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। अंतिम चरण (23-24 फरवरी) में कर्मचारी काम बंद कर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और भोपाल की सड़कों पर उतरकर “हल्ला बोल” प्रदर्शन करेंगे।  भोपाल में करेंगे हल्ला बोल प्रदर्शन मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर  17 और 18 फरवरी को कर्मचारी कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। इसके बाद 23 और 24 फरवरी को प्रदेशभर के आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और राजधानी भोपाल में हल्ला बोल प्रदर्शन करेंगे।  स्थायी समाधान निकालने पर जोर संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए। वैकल्पिक रूप से, उन्हें बिना शर्त संविदा में मर्ज किया जाए। कर्मचारियों की मांग है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार की तर्ज पर एक ठोस नीति बनाकर उनके लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। इसके अतिरिक्त, निजी आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा वेतन भुगतान में हो रही अनियमितताओं को रोकने के लिए सभी जिलों में इन एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर विभाग द्वारा सीधे कर्मचारियों के खातों में वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू की जाए। चतुर्थ श्रेणी पदों पर नहीं होगी नियुक्ति जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश के किसी भी विभाग में अब चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके पहले ही सरकार चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बंद कर चुकी है।  वित्त विभाग द्वारा 31 मार्च 2023 को विभागों में चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारी रखने को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसमें रिक्त पदों पर तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर पद पूर्ति जरूरी होने पर आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं लेने की छूट थी, लेकिन बजट के अभाव में नियुक्तियां नहीं की जा सकती थीं। दो साल पहले 2023 में वित्त विभाग ने नियमित भर्तियां पूरी होने तक आउटसोर्स सेवाएं लेने के निर्देश जारी किए थे। इसमें बजटीय प्रावधान के अनुसार विभाग प्रमुख आउटसोर्स एजेंसी चयनित कर सेवाएं ले सकते थे। अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नौ सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी, वेतन बढ़ाने की मांग आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार के सामने नौ सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से विभाग में समायोजन की मांग शामिल है। एनएचएम के अंतर्गत सेवाएं दे चुके कर्मियों को रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए। आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये निर्धारित हो और अप्रैल 2024 से रुकी हुई 11 माह के एरियर राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। रेगुलर कर्मचारियों की तरह छुट्टियां, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। नियमित भर्तियों में आउटसोर्स कर्मियों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिले। निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर विभाग सीधे कर्मचारियों के खातों में भुगतान करे। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की आशंका: मरीजों की बढ़ेगी परेशानी हॉस्पिटल मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के जिला अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में वार्ड बॉय, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मी और अन्य तकनीकी पदों पर बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं। इनके दो दिवसीय अवकाश पर जाने से ओपीडी रजिस्ट्रेशन, लैब टेस्टिंग और वार्डों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की आशंका है। इनका कहना है कि हम लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर हमारे लिए भी ठोस नीति बनाई जाए, अन्यथा हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। – चित्रवीर पटेल, जिला अध्यक्ष, म.प्र. संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ।

मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा, अनुपूरक बजट और इंदौर घटनाओं पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन के हंगामेदार होने के आसार है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। यह प्रावधान वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति के लिए लाया जा रहा है। 18 फरवरी को वर्ष 2026-27 का मुख्य बजट पेश किया जाएगा। सत्र के आज भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। पहले दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया था।  कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौत का मुद्दा उठाया था, आज फिर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18 फरवरी को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।  नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को लेकर विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक गंदा पानी लेकर विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मप्र विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू, इंदौर में हुई मौतों पर कांग्रेस का प्रदर्शन मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन के हंगामेदार होने के आसार है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। यह प्रावधान वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति के लिए लाया जा रहा है।  तिलहन संघ कर्मचारियों के वेतनमान का मुद्दा भी सदन में उठा विधानसभा में विधायक केशव देसाई ने न्यायालय के आदेश के बाद भी तिलहन संघ के कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने का मामला उठाया। इस सवाल का जवाब सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की बजाय नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कोर्ट के आदेश जारी हो रहे हैं, वैसे-वैसे सरकार कार्रवाई कर रही है। शासन के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के कर्मचारियों के वेतनमान निर्धारण के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को छठा वेतनमान दिए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अपील और अवमानना के प्रकरण लंबित हैं, इसलिए कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ कहा जा सकेगा। भाजपा को शर्म आनी चाहिए- कांग्रेस विधायक उज्जैन के तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि इंदौर प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरे विश्व में शर्मसार किया है। दूषित पानी पीने से लगभग 35 से 40 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति देकर ऊपर भेज दिया गया। इन मासूम लोगों की मौत के लिए जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। बीजेपी को शर्म आना चाहिए। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर ध्यानाकर्षण कांग्रेस विधायक आतिफ अकील भोपाल में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या और नियंत्रण में कमी को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं वरिष्ठ भाजपा विधायक जयंत मलैया दमोह जिले के अंतर्गत सीतानगर सिंचाई परियोजना की मूल डीपीआर में किए गए परिवर्तन की जांच को लेकर जल संसाधन मंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक आज शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मंत्रियों और विधायकों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। विपक्ष के सवालों का प्रभावी जवाब देने और मुख्य बजट को लेकर तैयारी पर विशेष जोर रहेगा। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में कांग्रेस पहले ही अपनी रणनीति तय कर चुकी है। ऐसे में आज सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।   

3.25 लाख करोड़ की राफेल डील समझें: भारत क्यों बुला रहा है फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को

नई दिल्ली  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आ चुके हैं. इमैनुएल मैक्रों आज यानी मंगलवार को मुंबई पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज उनकी मुलाकात और बैठक होगी. इमैनुएल मैक्रों और मोदी की मुलाकात से रक्षा और तकनीक की दुनिया में हलचल मचने वाली है. इमैनुएल मैक्रों चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. इसका मुख्य मकसद भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. मगर उनकी यात्रा सबसे बड़ा फोकस है 3.25 लाख करोड़ रुपये की महाडील. जी हां, भारत और फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ रुपए की राफेल वाली मेगा डिफेंस डील होने वाली है. यह डील भारतीय वायुसेना को 114 आधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों से लैस करेगी. इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा न केवल डिप्लोमेसी का प्रतीक है, बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम को गति देने वाली सौगात भी है. अब सवाल है कि आखिर यह डील इतनी बड़ी क्यों है, और ‘F-5 वाला राफेल’ क्या बला है? इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का बैकग्राउंड देखें तो भारत और फ्रांस के रिश्ते पहले से ही मजबूत हैं. 2016 में 36 राफेल जेट्स की पहली डील के बाद दोनों देशों ने कई प्रोजेक्ट्स पर हाथ मिलाया. मसलन स्कॉर्पीन पनडुब्बियां. अब 2026 में यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि चीन की बढ़ती आक्रामकता और पाकिस्तान की हरकतों के बीच भारत अपनी हवाई ताकत को दोगुना करना चाहता है. इमैनुएल मैक्रों भी मानते हैं कि भारत फ्रांस का सबसे बड़ा साझेदार है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत राफेल की ताकत का सबूत देख चुका है. यही कारण है कि इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का मुख्य फोकस राफेल डील ही है. यह डील न सिर्फ रक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-फ्रांस साझेदारी की गारंटी भी बनेगी. भारत-फ्रांस के बीच बड़ी डील यह भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी हथियार खरीद है. रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हाल ही में राफेल डील को हरी झंडी दी. डील के तहत फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदे जाएंगे. इनमें से 18 विमान सीधे फ्रांस से ‘ऑफ-द-शेल्फ’ खरीदे जाएंगे यानी तैयार माल की तरह. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इसकी कुल लागत करीब 30 अरब यूरो (लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये) है. इसमें विमानों के अलावा रखरखाव, ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स और मिसाइल सिस्टम जैसे स्कैल्प भी शामिल हैं. यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को 50 फीसदी तक बढ़ा देगी, क्योंकि वर्तमान में 36 राफेल ही हैं. राफेल डील में क्या अहम? इस डील में एक चीज सबसे अहम है, वह है राफेल का एफ-5 वर्जन. जी हां, राफेल एक फ्रेंच लड़ाकू विमान है. यह ‘मल्टी-रोल’ वाला विमान है. जल, थल और नभ तीनों जगह कारगर. राफेल के अलग-अलग वर्जन हैं. जैसे F3, F4. अब नई डील में F4 और F5 वेरिएंट्स आ रहे हैं. भारत-फ्रांस के बीच राफेल डील की सबसे खास बात ये है कि इनमें से 24 विमान ‘सुपर राफेल’ होंगे. इन एडवांस्ड जेट को ही F-5 वर्जन कहा जा रहा है. अभी भारत के पास जो राफेल हैं, वे F-3 वेरिएंट के हैं. ये राफेल 4.5 जेनरेशन फाइटर माने जाते हैं. अभी जो डील होने जा रही है, इनमें ज्यादातर राफेल F-4 वर्जन के होंगे. यह अधिक एडवांस सिस्टम और अपग्रेड टेक्नोलॉजी के साथ आएंगे. जबकि F-5 राफेल एक ‘सुपर अपग्रेड वर्जन’ है. यह छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसा होगा. क्या है एफ-5 वाला राफेल? इसमें एडवांस्ड सेंसर, स्टील्थ फीचर्स (जो रडार से छिप जाएं), AI-बेस्ड ऑटोनॉमी (खुद फैसले लेना) और ‘किल-वेब’ तकनीक है, जो कई विमानों को एक साथ जोड़कर दुश्मन को निशाना बनाती है. F5 में नए इंजन, बेहतर मिसाइलें और ड्रोन इंटीग्रेशन होगा. भारत को 24 ‘सुपर राफेल’ भी मिलेंगे, जो F5 के प्रोटोटाइप हैं. फ्रांस इसे 2030 तक डिलीवर करेगा. यह डील सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है. भारत को राफेल डील के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलेगा, जिससे हम खुद राफेल जैसे विमान बना सकेंगे. आज क्या-क्या होगा?     भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 फरवरी 2026 को मुंबई जा रहे हैं. यहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलेंगे. पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17-19 फरवरी 2026 तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर हैं. वे भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा.     17 फरवरी को दोपहर करीब 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे. इस मीटिंग के दौरान, वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा करेंगे. उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसे नए और उभरते क्षेत्र में और डाइवर्सिफाई करने पर फोकस होगी. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक इंपॉर्टेंस के मुद्दों पर भी विचारों का लेन-देन करेंगे.     शाम करीब 5:15 बजे, दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, रिसर्चर्स और दूसरे इनोवेटर्स की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे. मैक्रों के दौरे पर क्या-क्या होगा? इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है. दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे. इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा. राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. और क्या-क्या होने की संभावना?     मोदी और मैक्रो की द्विपक्षीय बैठक के बाद करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना     रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र में होगा समझौता     मुंबई में दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का संयुक्त उद्घाटन करेंगे, जो 2026 तक दोनों देशों में मनाया जाएगा.     भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा     भारत सरकार ने हाल ही में फ्रांस से … Read more

पोड़ी में विकास को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री विष्णु देव ने ₹126 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के पोड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए ₹88 करोड़ से अधिक की लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹38 करोड़ से अधिक की लागत के 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तेज गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना है। हमारी सरकार  परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।

CM साय ने कहा- ‘ऑल द बेस्ट प्यारे बच्चों’, बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का बढ़ाया आत्मविश्वास

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है. उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है. मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है. मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी. लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है. यह स्वाभाविक है. यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं.     मेरे प्यारे बच्चों,     परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए-आप अकेले नहीं हैं। हम सब आपके साथ हैं।     परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 17, 2026 उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है. लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें. आपने पूरे वर्ष मेहनत की है. हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएं, समय का संतुलन बनाए रखें. पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे.

क्या खत्म हुआ चांदी का जलवा? ऑल टाइम हाई से ₹1.80 लाख नीचे, सोना भी कमजोर

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों क्रैश (Gold-Silver Price Crash) जारी है और हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती हो रही हैं. सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को चांदी का भाव फिसला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर खुलने के साथ ही Silver Price 4600 रुपये से ज्यादा कम हो गया. वहीं दूसरी कीमती धातु सोना भी फिसल गया. अपने हाई लेवल से अब चांदी 1.80 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती (Silver Crash From High) मिल रही है, जबकि सोना 38,000 रुपये से अधिक सस्ता (Gold Cheaper) हो गया है.  क्या फूट गया है चांदी का बुलबुला?  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट के बारे में, तो महज कुछ ही दिनों में चांदी का बुलबुला फूटा (Silver Bubble Burst) हुआ नजर आ रहा है. इसके इस हिसाब से भी समझ सकते हैं कि बीते 29 जनवरी को सिल्वर प्राइस पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकला था और 4,20,048 रुपये के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था. इस हाई लेवल से अब तक चांदी 1,80,157 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है.   मंगलवार को खुलते ही धड़ाम Silver सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी चांदी का भाव एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. सोमवार को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी 2,39,891 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ थी और इसके मुकाबले ये ओपन होते ही गिरकर 2,35,206 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 1 Kg Silver Price 4,685 रुपये तक कम हो गया है.  Gold का भी सिल्वर जैसा हाल  चांदी की कीमत के बाद बात करें, सोने के भाव के बारे में, तो ये कीमती धातु भी लगातार गिरावट देख रही है. हालांकि, बीच-बीच में इसकी कीमत में उछाल भी देखने को मिला है. बहरहाल, मंगलवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव अपने पिछले बंद 1,54,760 रुपये से गिरकर 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. यानी MCX Gold Rate 1,210 रुपये कम हो गया.  अपने हाई से कितना सस्ता सोना?  Gold Rate ने भी बीते 29 जनवरी को ही चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,93,096 रुपये के हाई पर पहुंच गया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद क्रैश का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसका असर अब तक देखने को मिल रहा है. सोना अपने हाई से अब तक 38,336 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है. 

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