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कैलाश विजयवर्गीय को मिली कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी

Kailash Vijayvargiya got the responsibility of breaching Kamal Nath’s stronghold. बीजेपी ने कैलाश विजयवर्गीय को कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी है. इसी जिम्मेदारी के तहत विजयवर्गीय आज से छिंदवाड़ा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. भोपाल ! हरियाणा, पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) की नजर अब कमलनाथ के अभेद गढ़ छिंदवाड़ा पर है. भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को महाकौशल क्लस्टर प्रभारी बनाया है. विजयवर्गीय आज (19 मार्च) से तीन दिन छिंदवाड़ा के प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान वह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट बीते 72 साल से (एक साल छोड़ कर) कांग्रेस का गढ़ बनी हुई है. कांग्रेस के इस अभेद किले को भेदने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तमाम तरह की कोशिश कर ली, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. साल 1980 से छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ परिवार का कब्जा चला रहा है. हालांकि, 1998 में उपचुनाव में बीजेपी के सुंदरलाल पटवा ने यहां कमलनाथ को हराया था और एक साल के लिए सांसद चुने गए थे. विजयवर्गीय भेदेंगे कांग्रेस का अभेद्य किला?इसके बाद फिर से इस सीट पर कमलनाथ परिवार ही काबित होता आ रहा है. वर्तमान में भी कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ यहां से सांसद हैं, जबकि अब फिर से कांग्रेस ने नकुलनाथ को ही अपना प्रत्याशी बनाया है. बीजेपी में कैलाश विजयवर्गीय संकटमोचक के रूप में काम संभालते नजर आ रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बीजेपी ऐसे प्रदेशों में भेजती आ रही है, जो कहीं न कहीं बीजेपी के प्रभाव वाले नहीं हैं. विजयवर्गीय को इससे पहले पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया था. यहां पहली बार बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया और विधानसभा चुनाव में उनकी सीटें बढ़ी. इसी तरह विजयवर्गीय को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था. अब बीजेपी ने विजयवर्गीय को कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी है. इसी जिम्मेदारी के तहत विजयवर्गीय आज से छिंदवाड़ा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.

सीएए लागू करने पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Supreme Court notice to Center on implementation of CAA याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सीएए) लागू करने की अधिसूचना जारी करने के बाद इसका विरोध जारी है। ताजा खबर यह है कि सीएए के खिलाफ दायर 230 से अधिक याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र से 8 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख तय की। बता दें, याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है।याचिकाओं की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा की गई, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं।पिछले हफ्ते वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केरल स्थित इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर एक याचिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि सीएए को लागू करने का केंद्र का कदम संदिग्ध था क्योंकि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया।

चुनावी बॉन्ड की पूरी जानकारी का खुलासा करें, सुप्रीम कोर्ट ने SBI को खूब सुनाया

Supreme Court tells SBI to disclose complete details of electoral bonds नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीसरी बार SBI को फटकार लगाई। उसे चुनिंदा रवैया न अपनाने और 21 मार्च तक चुनावी बॉन्ड स्कीम से जुड़ी सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करने को कहा। इसके मुताबिक, SBI को यूनिक बॉन्ड नंबर्स बताने होंगे, जिससे खरीदार और उसे भुनाने वाले राजनीतिक दल के बीच संबंध का खुलासा होगा। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि SBI को सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करना होगा। निर्वाचन आयोग को ये जानकारियां तुरंत अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी। 21 मार्च तक सारी जानकारी देंकोर्ट ने कहा, ‘आदेश को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए SBI के चेयरमैन और MD 21 मार्च को शाम 5 बजे से पहले एक हलफनामा दाखिल कर ये बताएं कि बॉन्ड की सभी जानकारियों का खुलासा कर दिया है और कोई भी जानकारी छिपाई नहीं है।’ SBI की ओर से पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बैंक को उसके पास मौजूद सभी जानकारियों का खुलासा करने में कोई आपत्ति नहीं है। सोशल मीडिया पर हम पर भी कमेंट होते हैं: CJIसुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक बार जब अदालत फैसला सुना देती है, तो यह देश की प्रॉपर्टी बन जाता है और बहस के लिए खुला होता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र ओर से कहा, ‘बेबुनियादी बयानबाजी शुरू हो गई हैं। कोर्ट में पेश लोगों ने प्रेस को इंटरव्यू देना, कोर्ट को जानबूझकर शर्मिंदा करना शुरू कर दिया है।’ इस पर CJI ने कहा, ‘जज होने के नाते हम संविधान के मुताबिक फैसला करते हैं। हम कानून के मुताबिक काम करते हैं। हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक संस्था के तौर पर हमारे कंधे मजबूत हैं। हमारी अदालत को उस राजनीति में एक संस्थागत भूमिका निभानी है, जो संविधान और कानून के शासन द्वारा शासित होती है। यही एकमात्र काम है।’

भाजपा पूर्व विधायक एवं जिला अध्यक्ष के बीच मंच पर एक दूसरे को सुनाई खरीखोटी

Former BJP MLA and District President insult each other on stage पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी और भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट के बीच हुए असंसदीय वार्तालाप और विवाद का कारण विधानसभा चुनाव के बाद हुई शिकवे-शिकायत को माना जा रहा है। श्योपुर। लोकसभा के लिए प्रत्याशी घोषित किए गए शिवमंगल सिंह तोमर द्वारा उद्बोधन में नाम ना लिए जाने से विजयपुर के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी खफा हो गए और वह इस कदर भड़के गए कि मंच सहित पूरे पंडाल में सन्नाटा छा गया। इस सभा में पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान, दुर्गालाल विजय, सुरेंद्र जाट सहित एक दर्जन से अधिक भाजपा नेताओं ने उद्बोधन दिए। मंच पर बैठे सीताराम का नाम उद्बोधन में भी नहीं लिया गया। हद तो तब हो गई जब भाजपा प्रत्याशी ने अपने संबोधन में सूची पढ़ते हुए सभी नेताओं के नाम लिए, लेकिन सीताराम का नाम लेना भूल गए। विधानसभा चुनाव की खुन्नस निकली मंच पर पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी और भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट के बीच हुए असंसदीय वार्तालाप और विवाद का कारण विधानसभा चुनाव के बाद हुई शिकवे-शिकायत को माना जा रहा है। ज्ञात हो कि सुरेंद्र जाट ने विजयपुर विधानसभा प्रत्याशी बाबूलाल मेवरा के कहने पर जिन लोगों की पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने की शिकायत भेजी हैं, उनमें पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी का नाम भी शामिल है। सीताराम ऐसी शिकायत से खुन्नस खाए बैठे हैं। पूर्व विधायक की नाराजगी भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जाट को झेलनी पड़ी। जिनका नाम लेकर उन्होंने जाट के खिलाफ अभद्रता करते हुए उनके लिए असंसदीय भाषा का भी उपयोग कर डाला। सार्वजनिक मंच से इस तरह असंसदीय भाषा के उपयोग से मंच सहित पूरे पंडाल में सन्नाटा पसर गया। इसका एक वीडिया इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है। विवाद उस समय हुआ जब मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी शिवमंगल सिंह तोमर के प्रचार करने श्योपुर पहुंचने से पहले कराहल मुख्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान ब्राह्मण धर्मशाला में एकसभा का आयोजन किया गया। इसी से आपा खोए बैठे पूर्व विधायक सीताराम ने शिवमंगल सिंह के भाषणों के बीच खड़े होकर आदिवासियों के अपमान की बात कहकर सन्नाटा पसरा दिया, यही नहीं उन्होंने मंच पर बैठे एक दर्जन उन आदिवासी सरपंचों को भी मंच से उतरने को बोल दिया, जिन्होंने सदस्य ली थी। हालांकि बाद में भाजपा प्रत्याशी शिव मंगल सिंह ने उन्हे शांत कराया, लेकिन इस विवाद के बाद कराहल में अब इस बात पर यह चर्चा हो रही है क्या बीजेपी इस तरह आपस में लड़झगड़ कर प्रत्याशी को जीता पाएगी।

अम्बाह मे आधार केन्द्रो पर की जा रही अबैध बसूली

Illegal recovery being done at Aadhaar centers in Ambah मलखान सिंह परमार मुरैना ! अम्बाह नगर मे आधार केन्द्रो ओर ऑन लाइन पर की जा रही है बसूली आधार कार्ड को मोबाइल नंबर और बैंक खातों समेत अन्‍य कई सुविधाओं से लिंक करना अनिवार्य है. इस सिलसिले में कई लोगों को अपनी आधार डिटेल अपडेट करनी पड़ रही है. इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध वसूली करने पर तुले हुए हैं तथा आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करने के नाम पर मनमानी की जा रही है। निर्धारित शुल्क 50 रुपये की जगह 100 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे है। यह मामला मुरैना के अम्बाह मे आधार केन्द्रो का है जहाँ आधार को मोबाइल से लिंक करने के लिए कर्मी तैनात होकर लोगो से धन उगाही कर रहै है मिलीभगत से हो रहे हैं काम:–अम्बाह मे आधार केन्द्रो पर अधिकारिओ की मिलीभगत से धन उगाही की जा रही है और आधार ऑपरेटर केंद्र पहुंचने वाले लोगो से अधिक पैसा की मांग करते हैं. पैसा देने वालो का काम जल्द करवा दिया जाता है और जो लोग गरीब है उनका काम कई महीनों तक नहीं किया जाता है और यह काम ऑपरेटर की मिलीभगत से चल रहा हैं. जिससे आम लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं. आधार ग्राहक अधिक रूपये देने के लिए मजवूर:– अंबाह में आधार केदो पर अवैध वसूली चल रही है जिसमें मोबाइल नंबर लिंक, नाम में संशोधन, पते में संशोधन आदि सुधार आधार कार्यों में किया जा रहे हैं जिसके एवज मे मजदूर, गरीब लोग आधार कार्ड बनवाने जाते हैं तो उन्हें अधिक पैसे देने के लिए मजबूर होना पड़ता है अधार कार्ड मे नम्बर लिंक करने के नाम पर 150 से 200 तक देने पड़ते है लोगो को नम्बर लिंक करना जरूरी है पर आधार सेंटर वाले लोगो की मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे है शहर अंबाह में जितने भी केंद्र है आधिकारी की ऑफीस के बगल में ही लूट का कारोबार चल रहा है और अधिकारी को इन लोगो पर कार्यवाही करने के लिए समय नहीं है

अम्बाह सिबिल अस्पताल में मरीजों को काफी परेशान का सामना कर पड़ रहा है

Patients are facing a lot of problems in Ambah Sibil Hospital. मलखान सिंह परमार मुरैना ! अंबाह सिबिल अस्पताल मे देखने को मिला मरीजो को बेड पर बिछाने के लिए चादर नहीं मिल रही है। सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों को तमाम सुविधाएं देने की बात कहती हो। लेकिन अंबाह के सरकारी अस्पताल में भर्ती होने आए मरीजों को बेड पर चादर तक नहीं है ऐसे में मरीजों को या तो घर से चादर लानी पड़ रही है या फिर बिना चादर के ही लेटना पड़ रहा है। अंबाह अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार लगातार पहल कर रही है। कि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो। अस्पतालों में अब स्टॉफ की कमी नहीं है। इसके बावजूद अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। सिबिल अस्पताल प्रभारी नहीं मिले मौके पर जानकारी ली तो लोगों ने बताया कि अपने क्लीनिक पर होंगे अस्पताल में वह नहीं थे शुक्रवार को अस्पताल के पड़ताल में व्यवस्था भी कुछ इसी तरह दिखी। किसी भी बेड चादर बिछी नहीं दिखी सिबिल अस्पताल मरीजों के बेड पर चादर नहीं थी वार्ड में एक भी बेड पर चादर नहीं थी तथा जो भी नए मरीज आए, उसे बिना चादर के ही बेड पर भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।

कांग्रेस को फिर झटका, कमलनाथ के करीबी सैयद समेत 65 नेता भाजपा में शामिल

Shock to Congress again, 65 leaders including Syed, close to Kamal Nath, join BJP लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। छिंदवाड़ा जिले में पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी सैयद जाफर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। इसके अलावा 64 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली। छिंदवाड़ा ! प्रदेश में नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को छिंदवाड़ा से पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी और कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जाफर समेत 64 नेता भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी के लोकसभा चुनाव के सह प्रभारी सतीष उपाध्याय एवं न्यू ज्वॉइनिंग टोली के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष प्रदेश कार्यालय में सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सय्यद जाफर, पथरिया के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश श्रीधर, कांग्रेस महामंत्री डॉ. मनीषा दुबे, रतलाम जिला पंचायत सदस्य संतोष पालीवाल, बसपा के प्रदेश प्रभारी व प्रदेश महासचिव डॉ. रामसखा वर्मा, पूर्व प्रचारक अभयराज सिंह, रतलाम के मध्यप्रदेश आई.टी.सेल महामंत्री अंकित पोरवाल, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री विरेन्द्र नायमा, आलोट विधानसभा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सुरेश डागी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश मैनूखेड़ी, ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गालाल अटोलिया, एनएसयूआई के जिला प्रभारी गोपाल सिसोदिया सहित 64 से अधिक जनपद सदस्य, सरपंच, पूर्व सरपंच, कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चिंतामणि मालवीय, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल एवं छिदंवाड़ा लोकसभा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू उपस्थित रहे।

एक्शन में चुनाव आयोग, 6 राज्यों के गृह सचिव हटाए

Election Commission in action, removed Home Secretaries of 6 states पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद चुनाव आयोग (EC) एक्शन में है। चुनाव आयोग ने सोमवार को 6 राज्यों के गृह सचिवों को हटा दिया। ये राज्य हैं – यूपी, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात।साथ ही पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। मिजोरम के प्रशासनिक सचिव को हटाया गया है। हिमाचल के सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिलों में हैं। चंडीगढ़ के डीजीपी का पदभार संभालने के बाद सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना निश्चित रूप से एक चुनौती है। चुनाव को किस तरह से मैनेज किया जाए, इसके लिए आईजी और यूटी के एसएसपी हर छोटी से छोटी बात पर नजर रखकर इसकी तैयारी कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैयार है।

हमीदिया अधीक्षक के निर्देश: अब नहीं चलेगी घसीटा राइटिंग, डॉक्टर कैपिटल लेटर में लिखेंगे दवाओं के नाम

Hamidia Superintendent’s instructions: Now cursive writing will not work, doctors will write names of medicines in capital letters. भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों को ओपीडी पर्चे पर दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं जिन पर जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुमित टंडन ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें। बतादें कि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। ओपीडी पर्ची की होगी मॉनिटरिंग डॉक्टरों की राइटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके। डॉक्टरों को लिखनी होगी जेनेरिक दवाएंचिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानिटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है। अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं। पहले भी जारी हो चुके ऐसे आदेश9 दिसंबर 2014 को चिकित्सकों को घसीटामार लिखावट नहीं करने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने निर्देश जारी किए थे। इसमें भी डाक्टरों से कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा गया था। इसके बाद अप्रैल 2015 में एक बार फिर यही आदेश जारी किए गए। – 2 जनवरी 2021 – हमीदिया अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के पर्चे पर चिकित्सकों का नाम, मोबाइल नंबर और उनकी मुहर भी लगाने के आदेश जारी हुए थे। इनका कहनाहमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मॉनिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था।डॉ सुमित टंडन, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

इलेक्टरल बॉन्ड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला :जीतू पटवारी

Electoral bond scam is the biggest scam of independent India: Jitu Patwari मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति 300 करोड़ में, मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का केंद्र बना : जीतू पटवारी 2014 से 2023 तक भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की,भाजपा की वादाखिलाफी के खिलाफ जनता आशा भरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है: जीतू पटवारी भोपल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश समेट पूरे देश के लिए लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं परंतु बीजेपी की डबल इंजन सरकार की डबल वादा खिलाफी के खिलाफ जनता हताश और निराशा है, आलम यह है कि 2014 से 2023 तक कोई भी गारंटी पूरी नहीं हुई है एवं इसी कारण जनता आशाभरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है। पटवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे दिया करते थे उसके विपरीत इलेक्ट्रोरल बॉन्ड्स के जरिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कई खुलासे हुए हैं एवम उससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह भाजपा के लीगल करप्शन के उदाहरण हैं। वैक्सीन निर्माता, पाकिस्तान एवं लॉटरी किंग के द्वारा भाजपा को जो चंदा दिया गया इन सब पर चर्चा होनी चाहिए, चुनावी बांड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। भाजपा ने भ्रष्टाचार का तांडव मचा रखा है एवं संस्थाओं को डराने एवं वसूली का माध्यम बनाकर रखा है, यह पहले कभी नहीं हुआ। पटवारी ने कहा कि जहां कांग्रेस पार्टी ने लोगों को आरटीआई जैसे अधिकार दिए खाद्यान्न, भूमि अधिग्रहण, वन अधिकार कानून आदि कानून दिए वहीं भाजपा ने इन कानूनों को पंगु बनाया। कांग्रेस पार्टी फिर एक बार जनता को अधिकार देगी, हम किसानों को एमएसपी का अधिकार देंगे, ग्रेजुएट युवाओं को ₹100000 सालाना की स्टाइपेंड का अधिकार देंगे, बहनों को 8000 से 8500 के करीब प्रति माह की आर्थिक सुरक्षा का अधिकार देंगेऔर विस्तार में सभी अधिकार एवं न्याय के माध्यम इंडिया एलायंस की रैली में हमारे नेता राहुल जी एवं एलायंस के नेता करेंगे। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी मध्य प्रदेश की सरकार ने लगातार आचार संहिता लगने के पहले तक तबादले किए परंतु उसके बाद भी कई अधिकारी कई विभाग में नहीं हैं, 500 से ज्यादा पदों पर पदाधिकारी नहीं है तथा प्रभार के आधार पर व्यवस्थाएं चल रही हैं। यहां कर्ज, क्राइम एवं करप्शन पर्ची वाले मुख्यमंत्री के शासन में लगातार फल फूल रहा है, मध्य प्रदेश लगातार क्राइम इंडेक्स में एवं करप्शन इंडेक्स में ऊंचाई हासिल कर रहा है, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का तो यहां तक भी कहना है कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की 300 करोड रुपए में नियुक्ति हुई है, यही बीजेपी का असली चरित्र है। श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दृढ़ता से चुनाव में उतर रही है एवं जो संकेत हैं उनके आधार पर मैं कह सकता हूं कि परिणाम आप सभी को चौंकाएंगे एवं कांग्रेस पार्टी चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।

आमला वारियर्स बनी, रॉयल इलेवन खो, खो विजेता , यंग वारियर्स मुलताई को किया परास्त

Amla Warriors became, Royal XI lost, lost and won, Young Warriors defeated Multai हरिप्रसाद गोहे आमला । टीम रॉयल इलेवन के तत्वावधान में अध्यक्ष सुषमा महिला जनकल्याण समिति आमला आराधना मालवीय , नगर पालिका अध्यक्ष आमला नितिन गाडरे के सौजन्य से रेल्वे दवाखाने के सामने स्थित रेल्वे खेल मैदान में दो दिवसीय खो, खो खेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन आयोजित किया गया था । आयोजित दो दिवसीय खो, खो खेल प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों की टीमों ने भाग लेकर उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर आयोजन को सफल बनाया । शनिवार को प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला आमला वारियर्स एवं यंग वारियर्स मुलताई के बीच खेला गया । दोनों टीमों के बीच खेले गए रोमांचकारी फाइनल मुकाबले में आमला वारियर्स टीम के कप्तान चेतन धुर्वे एवं यंग वारियर्स टीम मुलताई के कप्तान सिद्धार्थ धुर्वे की अगुवाई में दोनो टीम के खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन कर मौजूदा दर्शको का मनोरंजन किया । संघर्ष पूर्ण मुकाबले में आमला वारियर्स ने जीत दर्ज कर यंग वारियर्स मुलताई को परास्त कर रॉयल इलेवन प्रतियोगिता अपने नाम की विजेता एवं उप विजेता टीम को समिति अध्यक्ष आराधना मालवीय एवं नपा अध्यक्ष नितिन गाड़रे के हस्ते पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया। आमला तियोगिता के फाइनल मुकाबले में गणमान्य अतिथि बतौर खेल और युवा कल्याण केंद्र विभाग से रामनारायण शुक्ला, बीएमओ डॉक्टर अशोक नरवरे , एएसआई गंभीर रघुवंशी , संजय शुक्ला,संदीप सोलंकी , हर्ष राठौर,सतीश मीना, , धोटेजी , आरती नागले सोशल वर्कर नर्मदपुरम सें मुख्य अतिथि के रूप मे मौजूद रहे । विजेता टीम को प्रथम पुरुस्कार 7500 रुपए एवं ट्राफी आराधना मालवीय अध्यक्ष सुषमा महिला जन कल्याण समिति आमला एवं दूसरा पुरुस्कार 3,500 नितिन गाडरे अध्यक्ष नगर पालिका परिषद आमला जिला बैतूल मध्य प्रदेश तथा 5100 विजेता को तथा 2100 उपविजेता को राशि दीपक बंदेवार राष्ट्रीय अध्यक्ष ओबीसी,एसटी,एससी संयुक्त मोर्चा भारत,आलोक कुमार बामने जी ,प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी एसटी एससी संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश श्रीमती कल्पना मालवीय के सौजन्य से विजेता टीम को दी गई । नगर की खेल प्रेमी जनता ने आयोजित खो, खो प्रतियोगिता में पहुंच आयोजन को सफल बनाया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में मैच रैफरी हरी भाऊ झरबड़े, अपने मुखार बिंद से मैच का आखों देखा हाल सुनाने वाले एंकर सर अशोक झा, नीरज यादव, राकेश धामोडे, सतीश मीना जी , दिलीप ढोमने, किशोर माथनकर , मनोज देशमुख , प्रदीप कोका टे , चंदन मानू , लिखीराम साहू , रोहित हारोड़े , कुणाल ,आदि सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा । प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजन समिति द्वारा इस आयोजन से एक संदेश भी दिया गया कि खेलकुद व्यक्ति को स्वस्थ और फिट रखने के साथ-साथ, उसके स्वरूप को और बेहतर बनाने तथा शीघ्र निर्णय लेने की दिशा में उनकी मदद करता हैं। इसलिए, हर किसी को खेल के महत्व को समझना चाहिए। युवाओं को खेलों में भाग लेने के साथ-साथ इसे अपने करियर के रूप में चुनना चाहिए। खेल मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें इससे किसी भी कीमत पर अलग नहीं किया जाना चाहिए ।

बफरजोन के पास जंगल में लगी भीषण आग, बुझाने में जुटा वन अमला

A massive fire broke out in the forest near the buffer zone, forest staff engaged in extinguishing it. दमोह ! तेज हवाओं के कारण वन अमले को आग बुझाने में भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी ओर देर शाम तक वन अमला आग बुझाने में जुटा रहा। जंगल में आग लगने से कई वन्य जीवों के रहवास भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।दमोह के मड़ियादो बफरजोन में कलकुआ के पास जंगल में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई और आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही आग की लपटें और धुआं दिखाई दे रहा था। वन परिक्षेत्र अधिकारी हृदेश हरि भार्गव अमले के साथ मौके पर पहुंचे और आग पर नियंत्रण पाने लिए प्रयास शुरू किए गए।गर्मी शुरू होने से साथ जंगल में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। इस आग से जंगल में लगे वनस्पति पौधे, पेड़ , छोटे जीव आदि जल जाते है। शनिवार दोपहर तेज हवाओं के कारण आग विकराल हो गई और जंगल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने का कारण अज्ञात है। तेज हवाओं के कारण वन अमले को आग बुझाने में भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी ओर देर शाम तक वन अमला आग बुझाने में जुटा रहा। जंगल में आग लगने से कई वन्य जीवों के रहवास भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि यह क्षेत्र पन्ना टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहां तेंदुआ, नीलगाय और चीतल जैसे कई वन्यजीव हर समय बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं। बता दें कि सड़क के दोनों ओर घास-फूस लगी है। जिससे राहगीरों द्वारा बीड़ी पीने के दौरान फेंकी गई जलती तीली के कारण आग लगने का अंदेशा है। इसके अलावा महुआ-आचार के पेड़ के नीचे सफाई और गर्मी अधिक करने के लिए भी लोग आग लगाते हैं जो जंगल में फैल जाती है। शनिवार दोपहर लगी आग से कितना नुकसान हुआ व वन्य जीव जलने संबंधी कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है अधिकारी आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार रात तक आग नहीं बुझाई जा सकी थी।

मध्य प्रदेश में 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले, यहां देखिए लिस्ट

5 IAS officers transferred in Madhya Pradesh, see the list here धनंजय सिंह भदौरिया को सचिव, मध्य प्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास को अनुसूचित जाति विकास का आयुक्त बनाया गया है। भोपाल। लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। शनिवार शाम को 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

घरेलू विवाद से प्रथक रहने वाली पत्नी भरण पोषण की पात्र नहीं

Wife who is separated from domestic dispute is not eligible for maintenance हरिप्रसाद गोहे आमला/मुलताई ! घरेलू पोषण के एक छह वर्ष पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मुलताई नीलम खटाना ने घरेलू विवाद के कारण प्रथक रहने एवं महिला के भरण पोषण करने में सक्षम होने के कारण पत्नी की ओर से प्रस्तुत आवेदन निरस्त कर दिया है ! हालांकि नाबालिक पुत्र को प्रतिमाह ₹5000 देने के आदेश प्रदान किए हैं ! पति-पत्नी के इस रोचक मामले का मुख्य पहलू यह है कि वर्ष 1999 में हुए विवाह से दो संतान का जन्म हुआ एक संतान पति के पास है ! एक संतान पत्नी के पास है पत्नी की ओर से वर्ष 2019 में आवेदन इस आधार पर प्रस्तुत किया गया था कि उसका उसके पति से घरेलू विवाद है और वह उसे प्रताड़ित और परेशान करता है ! इसीलिए वह अपने पति के साथ रहना नहीं चाहती स्वयं व अपने छोटे पुत्र के लिए भरण पोषण का आवेदन प्रस्तुत किया था ! पति की ओर से वकील राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में पति अपनी पत्नी को साथ रखना चाहता था ! किंतु पत्नी किसी भी कीमत पर साथ रहने को तैयार नहीं थी ! बड़े पुत्र ने न्यायालय में उपस्थित होकर अपनी मां के विरुद्ध गवाही दी थी और पिता का समर्थन किया था न्यायालय में पत्नी ने स्वीकार किया था ! कि वह स्वयं का भरण पोषण करने में सक्षम है और वह किसी भी कीमत पर पति के साथ रहना नहीं चाहती इस मामले का मुख्य पहलू यह है ! कि आवेदिका के भाई का विवाह अनावेदक की बहन से और अनावेदक की बहन का विवाह आवेदक के भाई से हुआ था ! आटा साटा पद्धति से हुआ था और दोनों परिवार में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी ! दोनों परिवार की ओर से प्रस्तुत तलाक की याचिका न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई थी ।

वाहन किराया राशि पूर्ण प्रात नहीं होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे वाहन मालिक , विधान सभा निर्वाचन में अधिग्रहित किए थे वाहन

Vehicle owners, who were facing financial crunch due to non-payment of vehicle rent amount in full, had acquired the vehicles during the assembly elections. हरिप्रसाद गोहे आमला । विधानसभा निर्वाचन में आमला विधानसभा क्षेत्र से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा विधानसभा निर्वाचन 2023/यातायात/1199 के पत्र दिनांक 05/10/23 को वाहन मालिकों को प्राप्त हुआ था । जिसके परिपालन में वाहन मालिकों द्वारा निर्वाचन कार्यवाही हेतु लगने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन क्रमांक तथा वाहन मालिकों के नाम से वाहनों को अधिग्रहित किया गया था । गौरतलब हो की परिवहन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा आदेश दिनांक 30/08/22 क्रमांक एफ 22,22 /2018 /2022 आठ की सूची अनुसार वाहन के प्रकारों के आधार पर किराया राशि वाहन मालिकों को देने के आश्वासन तथा जारी किए गए आदेश पर निर्वाचन कार्यवाही हेतु वाहन किराए पर लिए गए थे । जिनकी संख्या लगभग 35 थी । निर्देशों के पालनार्थ वाहन मालिकों द्वारा वाहन तथा ड्राईवर सहित अपना, अपना वाहन आदेश अनुसार तहसील कार्यालय आमला में जमा किए गए थे । बावजूद निर्वाचन कार्यवाही समाप्त उपरांत आज दिनांक तक वाहन किराया राशि पूर्ण अदा नहीं की गई । जिस कारण वाहन मालिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वहीं बैंक फाइनेंस वाहनों की किस्त अदा करने में भी समस्या उत्पन्न हो रही है। सौपा ज्ञापन, पूर्ण राशि प्रदाय करने की मांग आज शनिवार अधिग्रहित किए गए वाहन मालिकों ने तहसील कार्यालय आमला पहुंच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शैलेंद्र बड़ोनिया को ज्ञापन सौप पूर्ण वाहन किराया राशि दिलाए जाने मांग की गई और उन्हें हो रही परेसानियो के संबंध में अवगत कराया । सौपे ज्ञापन के माध्यम से वाहन मालिकों ने बताया सभी वाहन मालिकों द्वारा वाहन की जानकारी के साथ स्वयं के बैंक खातों की प्रति जमा करने के उपरांत भी किराया राशि में आधे का अंतर है । वाहन मालिक रमजान खान, ने बताया आमला की सूची में जिस वाहन की किराया राशि 77764/ रुपए दर्शाया वहीं बैतूल कार्यालय में 27272/ रुपए दर्शाया गया है । ऐसे में वाहन मालिकों को बताई गई राशि अनुसार किराया राशि प्राप्त नहीं हो रही है । साथ ही वाहन मालिकों के बैंक खाता क्रमांक देने के बावजूद भी सूची में गलत खाता क्रमांक दर्ज कर दिए गए । जिस कारण भी किराया राशि का भुगतान नहीं हो पाया है । वाहन मालिकों ने निर्वाचन में लिए गए वाहन की किराया राशि तहसील आमला की सूची अनुसार जल्द प्रदाय करने मांग की । ज्ञापन सौंपते समय वाहन मालिक रमजान खान, गणेशराम , पवन, हरिकेश मोड़क, दुर्गेश गिरी, मुरली भोरासे, दीपक सोनपुरे, गुलाम मुस्तफा, हरीश पाटिल, रविकांत, विकाश, राकेश सहित अन्य वाहन मालिक मौजूद रहे। ,, इन्होंने क्या कहा वाहन मालिकों का ज्ञापन मिला है । भुगतान उप जिला निर्वाचन अधिकारी बैतूल से किया गया है जिन्हे ज्ञापन भेजा जा रहा है । अभी अस्सी प्रतिशत भुगतान हुआ है शेष भुगतान भी हो जायेगा ।शेलेंद्र बड़ोनिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला जिला बैतूल मध्य प्रदेश । वाहन मालिकों को वाहन का किराया समय पर भुगतान करना चाहिए ऐसा न होने की स्थिति में उन्हें आर्थिक परेशानी होती हैं ।अधिवक्ता पंडित राजेन्द्र उपाध्याय ।

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