LATEST NEWS

रतलाम: शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर, टीचर ने छात्रा से मांगे 50 हजार रुपये

Ratlam: Another case of corruption exposed in the education department, teacher demanded 50 thousand rupees from a student रतलाम! मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के आलोट क्षेत्र में स्थित न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल के एक शिक्षक प्रदीप सिंह को 12वीं कक्षा की एक छात्रा से 50 हजार रुपये मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी टीचर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 6 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रैक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने की धमकी आरोप के अनुसार, शिक्षक प्रदीप सिंह ने छात्रा को धमकाया कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो उसका प्रैक्टिकल परीक्षा का रिजल्ट खराब कर दिया जाएगा और उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। इतना ही नहीं, आरोपी शिक्षक ने कथित रूप से छात्रा को उसके माता-पिता की जान से मारने की धमकी भी दी। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई पीड़िता की शिकायत के बाद परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, एक मार्च को छात्रा स्कूल की एक्सट्रा क्लास में गई थी, जहां टीचर प्रदीप सिंह ने उसे अलग बुलाकर पैसे लाने के लिए धमकाया। जब छात्रा ने घर आकर अपने माता-पिता से 50 हजार रुपये मांगे, तो उन्होंने कारण पूछा, जिस पर छात्रा ने पूरा मामला उजागर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस जांच में जुटी शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी पर लगे आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतों में शामिल रहा है। शिक्षा विभाग पर उठे सवाल इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शिक्षक, जो बच्चों को सही दिशा देने के लिए जिम्मेदार होता है, अगर इस तरह के अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले के उजागर होने के बाद अभिभावकों में भी भय और आक्रोश है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

एमपी गजब : बीईओ-क्लर्क ने मिल कर शिक्षा विभाग को लगाया 5 करोड़ का चुना: शिक्षकों का वेतन रिश्तेदारों के खातों में डाला, प्राचार्यों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

MP Amazing: BEO-Clerk together defrauded the Education Department of Rs 5 crore: Teachers’ salaries were transferred to the accounts of relatives, fraud was committed in connivance with the principals भोपाल (कमलेश)। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार करने के लिए पत्नियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ही जांच में हुआ है। पिछले महीने रायसेन के सिलवानी बीईओ दफ्तर में 1 करोड़ के गबन के मामले में 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य और रिटायर्ड प्राचार्य शामिल हैं। इनके अलावा जिन 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वो इन कर्मचारियों की पत्नियां और रिश्तेदार हैं। ये एकलौता मामला नहीं है। 5 अन्य जिलों में भी गबन के ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में भ्रष्टाचार की करीब 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ये मामला उठ सकता है। आखिर किस तरह पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से किया गया भ्रष्टाचार और इन मामलों में क्या एक्शन लिया गया, पढ़िए रिपोर्ट… अब जानिए, कैसे किया एक करोड़ का गबन रायसेन के जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक के मुताबिक, ये पूरा हेरफेर साल 2018 से 2022 के बीच किया गया। सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ क्लर्क चंदन अहिरवार इस गबन का मास्टरमाइंड है। चंदन के पास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हर स्कूल के शिक्षक की बैंक अकाउंट डिटेल होती थी। रजक बताते हैं कि 2022 तक शिक्षक और अतिथि शिक्षकों की सैलरी का भुगतान वेंडर के जरिए होता था। तब ऑफलाइन ट्रांजेक्शन भी हो जाता था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया है। चंदन शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के नाम के आगे अपने रिश्तेदार या पत्नी का बैंक अकाउंट दर्ज कर वेतन और मानदेय की राशि ट्रांसफर करता था। उसने पत्नी सुमन अहिरवार के बैंक अकाउंट में 37 लाख रुपए जमा कराए। इसी तरह इस गबन में शामिल बाकी लोगों ने भी करीब 58 लाख रुपए की रकम पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में जमा कराई। प्राचार्यों की भी मिलीभगत, 3 रिटायर हो चुकेजिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक बताते हैं कि सरकार ने पहले स्कूल के प्राचार्यों को ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण) के अधिकार दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षकों को सैलरी के लिए संकुल कार्यालय पहुंचना पड़ता था। मगर, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और प्राचार्यों ने मिलीभगत कर इस व्यवस्था को पलीता लगाया। रजक के मुताबिक, इस दौरान पांच स्कूलों के प्राचार्यों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके साइन से ही रिश्तेदारों के खातों में ये राशि पहुंचाई गई। इसमें इनकी बराबर की भागीदारी है। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जानिए, कैसे किया पूरा गबन पासवर्ड बांट दिया: नियमों के मुताबिक, डीडीओ अपना पासवर्ड किसी को साझा नहीं कर सकता। जांच में पाया गया कि डीडीओ ने अपना पासवर्ड कर्मचारियों को दे दिया। इसका इस्तेमाल कर कोषालय से पैसा निकाला गया। महीने की समीक्षा नहीं हुई: नियमानुसार हर महीने भुगतान की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। सिलवानी बीईओ दफ्तर में ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे ये पता नहीं चला कि सही व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं। ई-भुगतान का सत्यापन नहीं: हर महीने ये जांच होना चाहिए कि जो भी ऑनलाइन भुगतान किए हैं, वो सही बैंक अकाउंट में पहुंचे या नहीं। यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। असली दावेदारों का नाम गायब किया: जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो उसका नाम और बैंक खाता सरकारी डेटाबेस में दर्ज करना जरूरी होता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया। बिल तैयार करने में लापरवाही: कोषालय संहिता 2020 के नियमों के अनुसार, बिल (देयक) बनाने की जिम्मेदारी क्रिएटर की होती है। उसे सॉफ्टवेयर में अपने पासवर्ड से लॉगिन कर भुगतान लेने वाले व्यक्ति का नाम, बैंक खाता नंबर दर्ज करना होता है। अप्रूवर इस बिल की जांच कर कोषालय में जमा करता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। स्वीकृति आदेश में अनियमितता: जब किसी भुगतान को स्वीकृत किया जाता है, तो उसके साथ स्वीकृति आदेश (Approval Order) संलग्न किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में अलग-अलग भुगतान के लिए एक ही स्वीकृति आदेश का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई अधूरे स्वीकृति आदेश भी जारी किए गए और कुछ मामलों में आदेश अटैच ही नहीं किए गए। ऐसे पांच और मामलों की जांच की जा रही है रायसेन का ये अकेला मामला नहीं है। पिछले दो साल में गबन के ऐसे 5 और मामले हैं, जिनकी विभागीय जांच की जा रही है। इनमें भी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई है। छिंदवाड़ा: रिश्तेदार-पत्नी और बहन के खातों में 1 करोड़ 32 लाख ट्रांसफर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 1.32 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ था। जबलपुर वित्त विभाग की टीम ने सात दिन की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले में पूर्व बीईओ एमआई खान और चौरई संकुल के बाबू तौसिफ खान की मिलीभगत पाई गई। आरोपियों ने कोरोना में मृत कर्मचारियों की सहायता राशि भी हड़प ली और सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्त विभाग की टीम को जुन्नारदेव में तकरीबन 1 करोड़ 44 लाख के घोटाले की आशंका थी। इसमें से 1 करोड़ 32 लाख की पुष्टि हो चुकी है। क्या हुआ: जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया कि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी को निलंबित कर दिया है। उनसे राशि वसूल करने की प्रक्रिया जारी है। ग्वालियर: अलग-अलग खातों में 47 लाख ट्रांसफर ग्वालियर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय डबरा में 2024 में 47 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस गड़बड़ी को भोपाल की ऑडिट टीम ने पकड़ा था। यह राशि सात अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें तत्कालीन … Read more

बजट सत्र से पहले कांग्रेस बना रही रणनीति, बेरोजगारी महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरेंगे, 9 मार्च को बैठक

congress is making strategy before the budget session will surround on issues like unemployment मध्यप्रदेश में 10 मार्च से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से अपील की है कि यदि अपराधों और भ्रष्टाचार के मामले में उनके पास कोई सबूत है तो वह भेजें, ताकि इसे विधानसभा के पटल पर उठाए जा सके। जानकारी के लिए बतादें कि यह सत्र 14 दिनों का होगा, जिसमे कुल 9 बैठकें होगी। तो वहीं कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले 9 मार्च को बैठक बुलाई है। जिसमे पार्टी के सभी दिग्गज नेता शामिल होगें। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में होगी, जहां पर कांग्रेस के दिग्गज विधानसभा का घेराव करने की रणनीति तैयार करेंगे। साथी अलग-अलग रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इन मुद्दों पर घेरने की तैयारीहोने वाली बैठक में एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी शमिल होंगे और विधानसभा में रखे जाने वाले मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे। बजट से पहले होने वाली यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 दिन तक होनी वाली इस बैठक में कांग्रेस किसानों , रोजगार, महंगाई, कर्ज, करप्शन, लाड़ली बहना सहित अन्य मुद्दों को उठाएगी। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश का बजट 11 से 13 मार्च के बीच पेश किया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने लोगों से की अपीलबजट सत्र को लेकर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भ्रष्टाचार के संबंध में कोई सबूत है तो वे मोबाइल नंबर 8269889419 पर संपर्क कर भेज सकते हैं। उमंग सिंघार ने कहा है कि मध्य प्रदेश में घोटाले, अपराध, दलितों पर अत्याचार, माफिया राज से जुड़े कोई भी सबूत लोगों के पास हो तो वे कांग्रेस को उपलब्ध कराए ताकि विधानसभा में इन मुद्दों को उठाए जा सके। कांग्रेस ने कहा है कि विधानसभा सत्र में सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने के लिए लोग फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज या अन्य कोई भी प्रमाण सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं ताकि अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाए जा सके।

भाजपा नेता की गुंडागर्दी, ASI से धक्का-मुक्की कर नेम प्लेट तोड़ी, नपा उपाध्यक्ष को भी पीटा

bjp leader jinesh jain hooliganism pushed asi and broke his name plate also beatup nagar palika vice president MP News! मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भाजपा नेता की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। जहां धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लीलता परोसी जा रही थी, जिसे बंद कराने आए ASI के साथ भाजपा नेता धक्का-मुक्की की और वर्दी में लगे नेम प्लेट भी तोड़ दिया। इतनी ही नहीं उसने गनर और अन्य लोगों के साथ मिलकर नगर पालिका उपाध्यक्ष के साथ भी मारपीट की। बता दें कि, ये मामला अंबाह थाना इलाके में चल रहे जयेश्वर महादेव मेला का है। आरोप है कि, यहां जयेश्वर महादेव मेले में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस कराया जा रहा रहा था। फूहड़ गानों पर महिला डांसर के ठुमके लगवाए जा रहे थे। इस संबंध में जब एएसआई किशन सिंह को सूचना मिली तो वो उस फूहड़ डांस को बंद कराने मौके पर पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेता जिनेश जैन ने सत्ता का रोब दिखाते हुए न सिर्फ एएसआई के धक्का-मुक्की की। साथ ही उनकी वर्दी पर लगी नेम प्लेट भी खींसकर निकाली और उसे तोड़ दिया। यही नहीं भाजपा नेता पुलिस जवान का मोबाइल भी छीनकर फेंक दिया। भाजपा नेता ने यहीं बस नहीं किया। मेले के बाहर चाय की दुकान पर बैठे नगर पालिका उपाध्यक्ष उमेश जैन के साथ भी जिनेश जैन अपने गनर और अन्य लोगों ने मारपीट की। भाजपा नेता जिनेश जैन नगर पालिका अध्यक्ष अंजली जैन के पति हैं। बताया जा रहा है कि उसी ने अश्लील डांस का कार्यक्रम आयोजित कराया था। फिलहाल, एएसआई और उपाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेता जिनेश जैन गनर बबलू शर्मा, बुलंद सिंह परिहार सहित 10-15 अज्ञात लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

जंगल से निकलकर गांवों के करीब रम रहा चीता अग्नि, पालतू जानवर का किया शिकार

Cheetah Agni has come out of the jungle and is roaming around villages, hunting domestic animals श्योपुर ! एमपी के श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क से चीता अग्नि बाहर निकल आया है। उसने राजस्थान की सीमा से लगे चंबल नदी से लगभग 15 किमी दूर एक गांव में मवेशियों का शिकार किया। मंगलवार को इस घटना का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में अग्नि एक खेत में एक गाय का शिकार करते हुए दिखाई दे रहा है। अग्नि पार्क की सीमाओं के आसपास घूम रहा है और अक्सर अंदर-बाहर आता-जाता रहता है। वनरक्षकों की टीम कर रही निगरानी वहीं, चार-पांच वनरक्षकों की एक निगरानी टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। हालांकि, पार्क प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की पुष्टि नहीं की है। चार दिसंबर को खुले जंगल में छोड़े गए 4 दिसंबर, अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर अग्नि और वायु, जंगल में छोड़े जाने वाले पहले दो चीते थे। अब कूनो के खुले जंगलों में एक दर्जन चीते घूम रहे हैं। इनमें से कई पार्क की सीमाओं को पार कर आस-पास के गांवों में प्रवेश कर चुके हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। शहर के करीब पहुंच गया था अग्नि चीता अग्नि श्योपुर के इलाकों में अक्सर दिखाई देता है। दो महीने पहले, अग्नि ने अपने आवास पर लौटने से पहले श्योपुर शहर (कूनो की सीमा से लगभग 60-65 किमी दूर) में चार दिन बिताए थे। पिछले महीने में, अग्नि को सिरोनी, ओछापुरा और जहांगीर जैसे इलाकों में बार-बार देखा गया है। वन विभाग एहतियात बरत रहा है। ग्रामीणों को उन इलाकों में प्रवेश करने से रोका जा रहा है, जहां चीता अक्सर आता है। क्योंकि अग्नि उस क्षेत्र में शिकार करना जारी रखे हुए है। मालिकों को दिया जाएगा मुआवजा अधिकारियों का कहना है कि चीते द्वारा मारे गए मवेशियों के मालिक को मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि अब एहतियात ज्यादा बरतने की जरूरत है, चीते अब पार्क की सीमाओं से बाहर निकलकर मानव बस्तियों के पास आ रहे हैं। इससे मनुष्यों और चीतों के बीच संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। वन विभाग चीतों की गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक करने की कोशिश कर रहा है ताकि वे इन खूबसूरत जानवरों से सुरक्षित रह सकें। इस घटना के बाद, वन विभाग ने चीतों की निगरानी बढ़ा दी है। वे यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीते पार्क की सीमा के अंदर ही रहें। अगर कोई चीता पार्क से बाहर निकलता है, तो उसे वापस लाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

Mahakal Temple Ujjain: गर्मी में बदलेगी बाबा महाकाल की दिनचर्या, ठंडे जल से करेंगे स्नान

उज्जैन(Mahakal Temple Ujjain)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी। मंदिर की पूजन परंपरा में इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। गर्मी के दिनों में राजाधिराज महाकाल ठंडे जल से स्नान करेंगे। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा। पं. महेश पुजारी ने बताया महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में ठंड व गर्मी का प्रभाव रहता है। इन दिनों सर्दी के अनुसार भगवान की सेवा पूजा की जा रही है। तड़के 4 बजे भस्म आरती में भगवान को गुनगुने गर्म जल से स्नान कराया जा रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के बाद गर्मी की शुरुआत मानी जाती है और चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से भगवान की सेवा पूजा गर्मी के अनुसार की जाने लगती है। इसमें तीन आरती का समय भी बदलेगा। आरती का वर्तमान समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 15 मार्च से यह रहेगा आरती का समय महाकाल मंदिर में फाल्गुन पूर्णिमा से शरद पूर्णिमा तक छह माह गर्मी के अनुसार भगवान की सेवा पूजा की जाती है। वहीं, शरद पूर्णिमा से फाल्गुन पूर्णिमा तक सर्दी के अनुसार पूजन की परंपरा है। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा पर 15 मार्च से गर्मी के अनुसार शुरू होने वाली पूजा अर्चना 7 अक्टूबर शरद पूर्णिमा तक चलेगी।

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

ऊर्जा मंत्री नहीं पहनेंगे प्रेस किए कपड़े, क्यों लिया प्रण? कांग्रेस बोली- ये नौटंकी वेब सीरीज का भाग

Energy Minister will not wear ironed clothes, why did he take the vow? Congress said- this drama is part of a web series मध्य प्रदेश में अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा अनोखा प्रण लिया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वे 1 साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे मंत्री की नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि वे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे, जिससे रोज आधा यूनिट बिजली बचेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेटी की शादी के दिन ही प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। कांग्रेस ने बताया नौटंकीऊर्जा मंत्री के इस बयान पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मंत्री की नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और यह उनकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है, तो वे अपनी 10-10 गाड़ियों को छोड़कर साइकिल से चलना शुरू करें, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्या वास्तव में बिजली बचेगी?ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस फैसले से मध्य प्रदेश में कितनी बिजली बचेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह बयान उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता की कैबिनेट बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

Cabinet meeting chaired by CM Dr. Mohan Yadav today, many important proposals will be discussed मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी। बैठक में नई लोक परिवहन नीति के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। किसानों को दूध खरीदी पर प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, जनजातीय देवलोक के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव और नगर एवं ग्राम निवेश की धारा 66 में बदलाव का प्रस्ताव भी आ सकता है। विशेष क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को लेकर कुछ मैदानी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रमुख नियमों में बदलाव की चर्चा की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। इसके अलावा बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) से प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और मौजूदा उद्योगों को सहयोग प्रदान करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों और राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। प्रदेश का द्वितीय अनुपूरक बजट लगभग चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी मंथन किया जाएगा।

Tikamgarh News: इलेक्ट्रॉनिक दुकान में लगी आग से सामान जलकर हुआ राख, तीन फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

Goods burnt to ashes in a fire that broke out in an electronic shop; three fire brigades brought it under control टीकमगढ़ ! नगर पलेरा में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में मंगलवार सुबह अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। इससे लगभग 30 से 40 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीन फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटना नगर पलेरा के गोल मार्केट में सुबह करीब 6:00 बजे हुई। एक दुकानदार जब अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो उसने वहां से धुआं उठते देखा और तुरंत इसकी सूचना दुकान संचालक को दी। जब तक दुकान संचालक मौके पर पहुंचता, तब तक आग पूरे दुकान में फैल चुकी थी। संचालक ने तुरंत नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी। नगर पंचायत पलेरा की दो फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन आग की लपटें तेजी से बढ़ती जा रही थीं। स्थिति बिगड़ती देख नजदीकी नगर परिषद जतारा से एक और फायर ब्रिगेड बुलाया गया। इसके बाद करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखा सारा इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गया। इसमें फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन, एलईडी और मोबाइल शामिल थे। दुकान संचालक के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। घटना की सूचना पलेरा पुलिस थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे लगी आग? सुबह 6:00 बजे गोल मार्केट के सामने स्थित एक दुकानदार ने धुआं उठते देखा और तुरंत नगर परिषद को इसकी सूचना दी। इसके बाद दुकान मालिक को भी जानकारी दी गई। जब तक नगर परिषद और दुकान मालिक मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और पूरी दुकान जलने लगी थी। फिलहाल, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन इस घटना के कारणों की जांच कर रहा है।

छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई पहाड़गढ़ जनपद पंचायत CO रामपाल करजरे को बचाने के लिए

Action taken against junior employees to save Pahargarh District Panchayat CO Rampal Karjare मुरैना ! कल दिनांक 2 मार्च को जिला पंचायत सीईओ ने पहाड़गढ़ जनपद के 3 पंचायत के सहायक  सचिवों को निलंबित किया गया है यह कार्रवाई पहाड़गढ़ को रामपाल करजारे को बचाने के लिए की गई है रामपाल करजरे द्वारा पंचायत सहायक सचिवों एवं सचिव सरपंचों से कोरे कागजों पर दस्तखत करवाए गए हैं कई पंचायत के सील  व दस्तावेज अपने पास रखे गए हैं ऐसे ही नरेगा के मजदूरों की एटीएम कार्ड बैंक पासबुक भी रामपाल करजारे के कई लोगों के पास पहले ही जमा है मेरे द्वारा रामपाल करजारे के खिलाफ कई बार शिकायत की गई परंतु  प्रशासन द्वारा उसे लगातार बचाया जा रहा है रामपाल करजारे ने कई तालाब कागजों पर बनाए और कागजों पर ही भुगतान कर दिया असल स्थान पर कई तालाब नहीं बनाए गए ।ऐसे ही FTO के अनुसार भुगतान होना चाहिए जो नहीं होता जिन लोगों के पहले बिल लगे हुए हैं उनके कई कई महीनो तक भुगतान नहीं हुई परंतु जो सरपंच 40 से 50% कमीशन देता है उसका भुगतान तुरंत किया जाता है हमने FTO के अनुसार ही पेमेंट करने की कई बार शिकायत करी परंतु आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई या निश्चित रूप से शीर्ष अधिकारियों के द्वारा जनपद पंचायत पहाड़गढ़ सीईओ रामपाल करजारे को बचाया जा रहा है।छोटे कर्मचारियों को पंचायत सचिवों सहायक सचिवों को शिकार ना बनाया जाए

नौकरशाही में सुलेमान पर चर्चा : क्या वीआरएस या ‘वी फोर्स्ड रिटायरमेंट’?

Debate on Suleman in bureaucracy: Is it VRS or ‘We are Forced Retirement’? भोपाल। मध्यप्रदेश की नौकरशाही में इन दिनों सुगबुगाहट तेज है। आईएएस मोहम्मद सुलेमान ने अपने सेवा जीवन के आखिरी मोड़ पर ऐसा मोड़ लिया कि सरकारी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो गई। सुलेमान, जिन्हें नौकरशाही के ‘चाणक्य’ का दर्जा प्राप्त था, ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच माह पहले ही वीआरएस ले लिया। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि एक ‘पावरफुल’ अधिकारी को समय से पहले ही ‘विश्राम’ लेना पड़ा?कहने को तो इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहा जा रहा है, लेकिन सरकार के गलियारों में इसे ‘स्वैच्छिक से अधिक विवश सेवानिवृत्ति’ कहा जा रहा है। शिवराज सरकार में सुलेमान का दबदबा ऐसा था कि विभागों के सचिव भी उनके आगे ब्रीफकेस उठाने को तैयार रहते थे। 15 साल तक सत्ता के गलियारों में उनकी गूंज थी, लेकिन जैसे ही सत्ता बदली, उनकी गूंज कम और उनके ट्रांसफर ज्यादा होने लगे। पहले उन्हें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि विभाग भेजा गया, फिर कर्मचारी चयन मंडल की कुर्सी थमा दी गई। यह संकेत काफी था कि ‘अब आपको अपना भविष्य खुद देखना होगा’। मुख्य सचिव की कुर्सी से दूरी बनी ‘दूरी’ का कारण? मोहम्मद सुलेमान की नजर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी पर थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उनके बैचमेट अनुराग जैन को मुख्य सचिव बना दिया गया और सुलेमान को किनारे कर दिया गया। बस, यहीं से शुरू हुआ सुलेमान का ‘प्लान बी’। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव की रेस में पिछड़ने के बाद उन्होंने ही सोचा कि अब सरकारी सेवा में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि कुछ नया किया जाए। अब नौकरशाही से ‘फ्री’, लेकिन जिंदगी में ‘बिजी’! सुलेमान ने वीआरएस के बाद की योजना भी बना रखी है। वे दिल्ली स्थित ‘द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ से पीएचडी करने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों तक सरकारी फाइलों में मग्न रहने के बाद अचानक ‘अकादमिक’ दुनिया में जाने का ख्याल क्यों आया? दरअसल, यह भी ‘ट्रांजिशन प्लान’ का हिस्सा हो सकता है। जैसे ही सरकारी कूलिंग-ऑफ पीरियड खत्म होगा, सुलेमान किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज पर नज़र आ सकते हैं। ‘पावर’ में थे, पर ‘पावर’ चला गया! शिवराज सरकार में सुलेमान की पावर का आलम यह था कि बड़े-बड़े मंत्री भी उनकी ‘कृपा’ के लिए लाइन लगाए खड़े रहते थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही उनकी यह ‘कृपा’ कम होने लगी। मोहन यादव सरकार के आते ही उनका मंत्रालय से बाहर होना यह साफ संकेत था कि अब वे ‘विशेषाधिकारी’ नहीं, बल्कि ‘सामान्य अधिकारी’ रह गए हैं। शायद यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई और उन्होंने फाइलों के ढेर से निकलकर ‘स्वतंत्रता’ का रास्ता चुना। वीआरएस: एक ट्रेंड या मजबूरी? मध्यप्रदेश की नौकरशाही में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने समय से पहले वीआरएस लिया हो। पहले भी कई बड़े अधिकारी जब ‘दरबार’ से दूर कर दिए गए, तो उन्होंने समय से पहले ही ‘दरवाजे’ से बाहर निकलना बेहतर समझा। मोहम्मद सुलेमान का मामला भी कुछ ऐसा ही है।अब देखना यह होगा कि सुलेमान की यह ‘नई पारी’ कितनी लंबी चलती है और वे किस बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं देते हैं। फिलहाल, नौकरशाही में यह चर्चा जोरों पर है कि ‘जो कल तक सरकार के ‘रणनीतिकार’ थे, आज वे नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं!’

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।

वन विहार के वाइल्ड कैफ़े के विवादित टेंडर पर डायरेक्टर अवधेश मीना पर गाज गिरने की संभावना

Director Awadhesh Meena is likely to face action over the controversial tender of Wild Cafe of Van Vihar भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के डायरेक्टर अवधेश मीना अपनी पहली ही पोस्टिंग में विवादों से घिर गए हैं। यही नहीं, अब उन पर कार्यवाही की गाज भी गिरने की संभावना है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभरंजन सेन ने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए फाइल पीसीसीएफ प्रशासन-एक के विवेक जैन को भेज दी है। जैन के यहां फाइल लंबित है। वैसे वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन से संबंधित विवाद हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। हाई कोर्ट ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय से 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। शीर्ष अधिकारियों के दबाव में वन विहार डायरेक्टर मीना ने  विज्ञापन में एक शर्त ऐसी जोड़ी थी कि जिसमें उल्लेख था कि मौजूदा वाइल्ड कैफे संचालक यदि एल-1 फर्म के बराबर बोली की रकम अदा करता है, तो उसे पुनः संचालन का अधिकार दिया जा सकता है। कैफे के लिए जारी विज्ञापन में वर्तमान वाइल्ड कैफे के संचालक अश्वनी कुमार रिछारिया  समेत चार फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर, दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज और श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने हिस्सा लिया। निविदा समिति ने दो फर्म मैसर्स प्रज्ञा एसोसिएट्स छतरपुर और दौलत राम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ओबेदुल्लागंज को दस्तावेज में कमी बताते हुए दौड़ से बाहर कर दिया। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल ने वाइल्ड कैफे के संचालन के लिए सबसे अधिक बोली 21 लाख एक रूपये की लगाई। यानि एल-1 श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन के वर्क ऑर्डर भी वन विहार डायरेक्टर अवधेश मीना ने जारी कर दिए। श्रुति जैन शिव शक्ति दाल मिल कृषि उपज मंडी भोपाल को कैफे के संचालन कि सच के अनुसार 21 लाख ₹1 का बैंक ड्राफ्ट भी जमा कर दिया। इस दौरान शीर्ष अधिकारियों के दबाव में डायरेक्टर मीना ने एल -1 का टेंडर निरस्त करते हुए वर्तमान में संचालित कर रहे फर्म को ही कैफे संचालक के आदेश जारी कर दिए। बस यहीं से विवाद शुरू हो गया।  दोनों ही पार्टी पहुंची हाई कोर्ट  संचालन को लेकर दो पार्टियों में जंग शुरू हो गई। पहले एल-1 फर्म शक्ति दाल मिल हाई कोर्ट में वन विहार डायरेक्टर पर अनुबंध तोड़ने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ता श्रुति जैन की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वाइल्ड कैफे चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ता ने भाग लिया और सफल घोषित किया गया। सभी अधिकार और अधिकार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक में निहित हैं, लेकिन मनमाने ढंग से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कार्यालय ने मनमाने ढंग से और अवैध तरीके से निविदा को रद्द दिया। याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ कार्यालय 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल कर सकता है। शीर्ष अफसर कर रहें है प्रताड़ित  श्रुति जैन, शिव शक्ति दाल मिल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल और कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और अधिकार के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मुख्य सचिव को लिखिए पत्र में उल्लेख है कि 28 जनवरी 25 को हमने वन विहार के साथ पांच वर्षों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए और उस पर वन विहार के निदेशक द्वारा मुहर और हस्ताक्षर किए गए। 31 जनवरी को हमें पता चला कि वन विहार के निदेशक पर इस टेंडर को रद्द करने का दबाव डाला है। इस मामले में एसीएस वर्णवाल सहित फारेस्ट के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं, जो इस टेंडर को रद्द करने पर जोर दे रहे हैं ताकि किसी अन्य पार्टी को फायदा पहुंचाया जा सके। सत्ता का दुरुपयोग न केवल पीड़ितों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि प्रशासन और कानून के शासन में जनता का विश्वास भी कम करता है। इनका कहना  वाइल्डलाइफ कैफे के संचालन को लेकर विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। मैं मानता हूं कि डायरेक्टर ने गलत शर्त जोड़ी है। इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और मैंने प्रस्ताव पीसीसीएफ प्रशासन-एक विवेक जैन को भेज दिया है।   शुभ रंजन सेन, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ

ग्रहों की अनुकूलता का सरल माध्यम गौसेवा है:स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी ।

The simplest means of achieving the favourable position of the planets is cow service: Swami Ram Swarupacharya. हरिप्रसाद गोहेआमला। जनसहयोग से निर्मित और संचालित श्री महावीर हनुमान गौशाला के लिए आज विशिष्ट दिन रहा क्योंकि आज महान कथा वाचक और संत का आगमन गौशाला में हुआ।कथाचार्य अनंत श्री श्री विभूषित जगतगुरु रामानंदाचार्य कामदगिरि पीठाधीश्वर स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज चित्रकूट धाम आज गौशाला पधारे।गौशाला के कार्यों को देखकर स्वामी जी प्रसन्न हुए और गौशाला के कार्यों की प्रशंसा की सर्वप्रथम गौशाला परिवार द्वारा महाराज जी का चरण पखार कर अभिनंदन किया।स्वयं महाराज जी ने गौशाला में गौपूजन किया गौमाता को गुण मिष्ठान खिलाया।इस अवसर पर आशीर्वाद स्वरूप अपनी बात कहते हुए कहा कि एक मात्र गाय की सेवा करने से ही मन, वाणी, कर्म और शरीर की पवित्रता संभव है। और तो और गौ सेवा से व्यक्ति अपने सम्पूर्ण कुल की रक्षा कर सकता है, सम्पूर्ण सृष्टि की सुरक्षा केवल गौमाता की रक्षा से ही संभव है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय एवं सामर्थ्य के अनुसार गाय की सेवा करनी चाहिए । इस अवसर पर उन्होंने गौशाला को इक्कावन सौ रुपए की राशि भेंट की।यह क्षण गौशाला परिवार के लिए गौरव का क्षण था क्योंकि देश के इतने बड़े संत और जगत गुरु का गौशाला में आगमन हुआ और उनके द्वारा आशीर्वाद स्वरूप सहयोग राशि भेंट करना अद्वितीय था।जगतगुरु महाराज जी विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक है श्री राम मंदिर अयोध्या में मंदिर निर्माण के बाद पहली कथा इनके ही मुखार बिंद से प्रवाहित हुई थी । उल्लेखनीय है कि ससाबड़ के प्रतिष्ठित पुंडे परिवार द्वारा रामकथा करवाई जा रही जिसके निमित्त महाराज जी का आगमन हुआ है और आज वे गौशाला पहुंचे।महाराज जी ने कहा कि गौशाला का कार्य उत्तम है निराश्रित बीमार और घायल गौवंश के आश्रय के रूप में ये गौशाला का कार्य श्रेष्ठतम है।उन्होंने सभी से आग्रह किया कि गौशाला में सभी सहयोग करे तन मन और धन से जिससे जो संभव हो सहयोग करे।गौ सेवा करके अपने जीवन को धन्य करे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सूर्यवंशी ढोलेवार कुंबी समाज के युवा प्रमुख अजय गंगारे,नरेंद्र आसोले सहित सुखदेव नारे समेत गौशाला परिवार के समस्त सदस्य उपस्थित थे ।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet