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अनिल शुक्ला होंगे ग्वालियर सर्किल के सीएफ

Anil Shukla will be CF of Gwalior Circle भोपाल। वन विभाग ने सर्किल में रिक्त पद के नई पदस्थापना करने के प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि रंग पंचमी के बाद पदस्थापना के आदेश जारी हो जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ग्वालियर सागर और सिवनी सर्किल में अपने पसंदीदा अफसरों को पदस्थ कराना चाह रहें हैं। बताया जाता है कि होशंगाबाद सर्किल से 6 महीने पहले हटाए गए एसीएस वन वर्णवाल ने अनिल शुक्ला को पहले वन विकास निगम में पदस्थ किया अब उन्हें ग्वालियर सर्किल में पदस्थ करने का प्रस्ताव भेजा है। इसी प्रकार क्षेत्रीय महाप्रबंधक जबलपुर पदस्थ बृजेंद्र झा को सिवनी और मुख्यालय में पदस्थ रिपुदमन सिंह को सागर सर्किल में वन संरक्षक के पद पर पदस्थ करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय में अनुमोदन के लिए लंबित है। सवाल यह उठता है कि 6 महीने पहले जिन अधिकारियों को फील्ड से हटाकर मुख्यालय अटैच किया गया उन्हें एसीएस पुनः फील्ड में पोस्टिंग करने जा रहे हैं।

सलकनपुर मंदिर के पास भीषण आग, एक दर्जन दुकानें जलकर राख, ढाई घंटे में पाया गया काबू

Massive fire near Salkanpur temple, a dozen shops burnt to ashes, brought under control in two and a half hours जिले के रेहटी के पास स्थित सलकनपुर में प्रसिद्ध मां विजयासन देवी धाम के पास बुधवार सुबह बड़ी आग लग गई। जानकारी लगते ही अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। देखते ही देखते एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गईं। करीब ढाई घंटे के अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान बताया गया है। जानकारी के अनुसार सलकनपुर मंदिर के ऊपर रास्ते पर स्थित बुधवार सुबह 8:30 के करीब दुकानों में आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण दुकानों के बाहर पड़ा कचरा और शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते एक दर्जन दुकानों में आग फैल गई। विजयासन देवी धाम के पास दुकानों में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने अपने-अपने साधनों से आग पर काबू करने का प्रयास किया, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हो रहे थे। देवलोक के निर्माण कार्य में लगे पानी के टैंकरों से बुझाई आग स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह दुकानों में आग जैसे ही लगी सभी दुकानदार मंदिर पहुंच गए और मंदिर पर चल रहे देवलोक के निर्माण कार्य में लगे पानी के टैंकर और फ्लोरी में पानी भरकर बुलाया और दुकानदारों ने प्लास्टिक के कुप्पों से आग बुझाई। मंदिर की चढ़ाई ज्यादा होने की वजह से फायर ब्रिगेड देर से पहुंची।स्थानीय व्यापारी अरविंद मालवीय एवं पंकज शर्मा ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी। दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पाया। अगर, आग को बुझाया नहीं गया होता तो लगभग सभी दुकानें आग में राख हो जाती। आग इतनी उग्र थी कि रोड क्रॉस करके सामने वाली लाइन के पर्दे, बैनर और मेट भी आग में झुलस गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम दिनेश तोमर, एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा, तहसीलदार भूपेंद्र कैलाशिया, थाना प्रभारी राजेश कहारे, सलकनपुर चौकी प्रभारी भावना यादव, मंदिर ट्रस्ट सचिव रामकिशोर दुबे सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना का मौका मुआयना किया। वही, पुलिस आग लगने के कारण की जांच कर रही है। फिलहाल कारण अज्ञात है। एक दर्जन दुकानें पूरी तरह राख, आग लगने से लाखों का नुकसानआगजनी में एक दर्जन दुकानों का सामान पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। हालांकि नुकसान का सही आंकलन नहीं हो पाया है। इस आगजनी की घटना में सलकनपुर मंदिर पहाड़ी पर जिनकी दुकानों में आग लगी है, उनमें अभिलाषा नाविक, अखिलेश गोयल, राकेश रघुवंशी, मधु मालवीय, मंजू राठौर, विजय यादव, महेश केवट, जितेंद्र चौहान, राकेश गौड़, हेम नारायण वर्मा सहित अन्य नाम शामिल हैं। दुकानदारों के माने तो आगजनी ने उन्हें सड़कों पर ला दिया है। दुकान से ही उनकी रोजी-रोटी चलती थी। दुकानदारों ने सरकार से राहत राशि की मांग की है। अक्सर होती रहती है आगजनी, सलकनपुर धाम पर हो फायर ब्रिगेड की व्यवस्थादेवीधाम सलकनपुर में दुकानों में आग लगने की घटना पहली नहीं है। आगजनी की घटना अक्सर हो जाती है जिसमें दुकानदारों का लाखों का नुकसान हो जाता है। बताया जाता है कि 2008 में सलकनपुर मंदिर के पास भेरू घाटी पर शॉर्टसर्किट से लगभग 40 दुकानें पूरी तरह जलकर ख़ाक हो गई थी। इसी तरह दिवाली वाली रात भी मंदिर पर दुकानों में आगजनी की घटना हुई थी। कारण कभी शॉर्ट सर्किट तो कभी जंगल के सूखे पत्तों या दुकानों के अवशेष कचरे की वजह से आगजनी की वजह सामने आती है। दुकानदारों को कहना है कि आगजनी की घटना पर काबू पाया जाने के लिए सलकनपुर धाम पर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था होना चाहिए।

लाडली बहनों से लेकर किसानों को एमपी के बजट में क्या मिला? पढ़ें बड़ी बातें

From Laadli sisters to farmers, what did they get in MP’s budget? Read the important points MP Budget 2025 News: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में मोहन यादव सरकार का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने 2025-26 के लिए राज्य का 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं को लेकर घोषणाएं की गई हैं. अहम बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने किसी नए टैक्स की घोषणा नहीं की है. यह सीएम मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट है. बजट के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर बजट भाषण सुनते देखे. मध्य प्रदेश बजट 2025 हाइलाइट्स लाड़ली बहनों को अटल पेंशन योजना से जोड़ेंगे.लाड़ली बहना योजना के लिए 18679 करोड़श्री कृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधानराम वन पथ गमन के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना का लाभआगामी 5 वर्षों में उद्योगों को 30,000 करोड़ रुपये इंसेंटिवखाद्यान्न योजना के लिए 7,132 करोड़ रुपये का प्रावधानश्रम विभाग के लिए 1,808 करोड़ रुपये का प्रावधानआकांक्षा योजना के लिए 20.52 करोड़ रुपये का प्रावधानजनजातीय वर्ग के लिए प्रमुख योजनाएं 23,000 प्राथमिक स्कूल, 6,800 माध्यमिक स्कूल, 1,100 हाई स्कूल.900 उच्चतर माध्यमिक स्कूल, 1,078 आश्रम, 1032 सीनियर छात्रावास.कुपोषण मुक्ति आहार अनुदान – 2.20 लाख महिलाओं को 1,500 रुपयेअनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए 25 करोड़ रुपयेपिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 1,086 करोड़ रुपयेगरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए विशेष बीमा योजनारोजगार व औद्योगिक विकास प्रदेश में 39 नए औद्योगिक क्षेत्र – 3 लाख से अधिक नौकरियांप्रसूति, विवाह और अंत्येष्टि सहायता के लिए 3,917 करोड़ रुपयेविशेष पिछड़ी जातियों के लिए 53,000 से अधिक आवास, 22 नए छात्रावास.विकास के दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक सकल घरेलू उत्पाद 250 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्यवार्षिक आय 22.33 लाख रुपये तक बढ़ाने की योजना2024 की तुलना में बजट में 15% वृद्धिसकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर देश में सबसे अधिक – 22 वर्षों में 17 गुना वृद्धिकिसान और कृषि नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड रुपया 183 करोड़ रुपये का प्रावधान.कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत बिल में दी जा रही राहत जारी रहेगी. इसके लिए 19000 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2 करोड़ 42 लाख प्रकरणों में रुपए 2955 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है.इसमें 2025-26 में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान.किसान प्रोत्साहन योजना के लिए 5230 करोड़ रुपयेप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2 हजार करोड़ रुपयेधान उपार्जन बोनस के लिए 850 करोड़ रुपये

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, शिक्षकों की कमी समेत ये मुद्दे उठाए

Congress MLA Jaivardhan Singh attacked the government, raised these issues including shortage of teachers विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में 70000 शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधायक अभिभाषण से हटकर वक्तव्य दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के दूसरे सदस्य भी सारंग का समर्थन करने लगे। इससे शोर शराबे की स्थिति बन गई। जवाब में कांग्रेस विधायक भी शोर-शराबा करने लगे। बाद में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो आंकड़े उन्होंने पेश किए हैं, वह स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े हैं। वे गलत जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनके वक्तव्य के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी टोका। इसके बाद कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ नया देखने को मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जो योजनाएं चल रही थीं, उनको भी आगे बढ़ाने में सरकार पीछे रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वादा किया था कि अगर, उनकी सरकार फिर बनेगी तो हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देंगे। लेकिन, सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ है। सीखो कमाओ योजना को लेकरजयवर्धन सिंह कांग्रेस विधायक ने कहा कि योजना का बजट 300 करोड़ है, लेकिन इसमें से केवल 30 करोड़ खर्च किए गए हैं। Gi सम्मिट को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में 1 साल में ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मध्य प्रदेश में जो बड़े-बड़े उद्योग हैं, वह कांग्रेस की देन हैं। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। एक भी किसान का गेहूं 2700 रुपए क्विंटल और धान 3100 रुपये क्विंटल में धान नहीं खरीदा गया। सहकारिता विभाग में हर 5 वर्ष में चुनाव होते थे। भाजपा राज्य में चुनाव क्यों नहीं हो रहे। मंडियों के चुनाव होते थे, लेकिन अब क्यों नहीं हो रहे।

राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का हमला, कहा- पीएम की तारीफ के अलावा कुछ समझ नहीं आया

MP Vidhan Sabha Budget Session 2025-26 Live Updates News in Hindi: मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। आज आर्थिक सर्वेक्षण और द्वितीय अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। आज विपक्ष घोटालों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। अभिभाषण पर लगाए गए कांग्रेस के आरोप पर मंत्री सारंग का बयानअभिभाषण आने से पहले ही उस पर टिप्पणी करना कांग्रेस की आदत है। कांग्रेस के नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ तो बोलेंगे ही। इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का एक विधायक बता दे कि उन्होंने अभिभाषण को पूरा सुना या पढ़ा है। हमारी सरकार विकास और कल्याण मूलक सरकार है। डबल इंजन की सरकार की जो परिभाषा है उसको प्रतिपादित करते हुए हमारी सरकार प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के माध्यम से हर वर्ग का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। राज्यपाल के अभिभाषण से सरकार की विकास और कल्याण की जो पॉलिसी है वो परिलक्षित हुई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभाउमंग सिंघार ने कहा कि जनता से किए गए बीजेपी के वादों को विपक्ष सदन में उठाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था। सब पुराना है गिनाया जा रहा है। किसी के लिए भी कुछ भी नया नहीं है। बस सरकार के पुराने आंकड़े पढ़वाए गए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को विधायक डॉ अभिलाष पांडेय ने सौंपा प्रयागराज से लाया गंगा जल का कलश

MLA Dr. Abhilash Pandey handed over the urn of Ganga water brought from Prayagraj to Chief Minister Mohan Yadav and Assembly Speaker Narendra Singh Tomar भोपाल। आज मध्यप्रदेश विधानसभा के पहले दिन जबलपुर उत्तरमध्य के विधायक डॉ.अभिलाष पाण्डेय प्रयागराज महाकुंभ के संगम तट से लाए गए माँ गंगा के पावन जल का कलश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी एवं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी को प्रदान किया। इस पुण्य कार्य ने मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रथम दिवस को आध्यात्मिक बना दिया।इसके साथ ही डॉ अभिलाष पांडे ने विधानसभा में अन्य सभी मंत्री ,विधायक एवं विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी मां गंगा का पवित्र गंगाजल प्रदान किया। गौरतलब है कि जबलपुर उत्तर मध्य विधायक डॉ अभिलाष पांडेय पिछले सात दिनों से अपनी विधानसभा मैं प्रयागराज महाकुंभ से लाया गंगा जल वितरण कर रहे है विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र उत्तर मध्य विधानसभा जबलपुर मैं कुष्ठ रोगी आश्रम, वृद्ध आश्रम,अनाथ आश्रम ,केंद्रीय जेल ,हॉस्पिटल सहित लगभग पचास हज़ार घर तक गंगा जल स्वयं ने वितरण किया।विधानसभा के पहले दिन गंगाजल का वितरण एक शुभ और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक साबित होगा। सांस्कृतिक महत्व का यह अनुकरणीय कार्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है साथ ही युवा विधायक की सनातन परम्परा , संस्कृति,संस्कार एवं गंगा मैया के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। डॉ अभिलाष पांडे ने कहा कि आज से शुरू होने वाला विधानसभा का सत्र प्रदेश के सुख, शांति ,समृद्धि और विकास के लिए नए आयाम स्थापित करे ऐसी मां गंगा से प्रार्थना करता हूं और सभी सुखी और निरोगी रहें इसलिए मां गंगा के आशीर्वाद स्वरूप गंगाजल को लेकर आया हूं कुंभ के समय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में पूरे मध्यप्रदेश में सेवा,सत्कार और आतिथ्य के भाव के साथ सभी कुंभ जाने वालों का स्वागत किया है उसके लिए भी मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन और आभार करता हूं।

एमपी विधानसभा का बजट सत्र, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

MP Budget 2025 live updates :मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। सबसे पहले सदन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण हुआ। 12 मार्च का मध्य प्रदेश सरकार राज्य का बजट पेश करेगी। 24 मार्च तक चलने वाले विधानसभा के सत्र में कुल 9 बैठकें होंगी। वहीं, इस बार कांग्रेस सदन में जमकर हंगामा करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत आज विधानसभा के पहले दिन किसान कांग्रेस ने विधानसभा घेराव करके कर दी है। देखें सत्र के पहले दिन के पल-पल का अपडेट..। MP Budget 2025 live updates : कांग्रेस के विधानसभा घेराव के मुद्दें MP Budget 2025 live updates : राज्यपाल का अभिभाषण मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए संकल्पित है। किसानों को सस्ती दरों पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मात्र 5 रुपए में स्थाई बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं के समग्र सामाजिक विकास और महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक उन्नति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। MP Budget 2025 live updates : सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने सिर पर काली टोपी लगाकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथ में एक तख्ती भी थी, जिसपर लिखा है ‘विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए’। पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि, सरकार जनता के मुद्दों पर जवाब देने से बचना चाहती है। इसलिए सदन की कार्यवाही इतनी कम अवधि की रखी गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से लिखित मांग कर चुके हैं। इसपर उन्हें आश्वासन तो दिया गया, पर अबतक सदन की कार्यवाही की अवधि नहीं बढ़ाई गई। यही कारण है कि हमें कार्यवाही में शामिल होने के बजाए, बाहर विरोध करना पड़ रहा है।

महिला दिवस पर मंत्री का बड़ा ऐलान,डी-मार्ट की तर्ज पर प्रदेश में खुलेंगे ट्राइबल मार्ट, महिलाएं करेंगी संचालन

Minister’s big announcement on Women’s Day, Tribal Marts will open in the state on the lines of D-Mart, women will operate them MP News: मध्य प्रदेश में महिला दिवस के अवसर पर एक बड़ा ऐलान किया गया है. डी-मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे, जिनका संचालन आदिवासी महिलाएं करेंगी. यह परियोजना आदिवासी महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है. MP Tribal Mart: मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला दिवस पर मंत्री विजय शाह ने बड़ी घोषणा  की है. उन्होंने कहा कि डी मार्ट की तरह आदिवासी ब्लॉकों में ट्राईबल मार्ट खोले जाएंगे. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा, मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी. करोड़ों की कीमत के खुलने वाले इस ट्राइबल मार्ट काआदिवासी महिलाएं ही  संचालन करेंगी.  खंडवा में महिला दिवस के मौके पर आज कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खंडवा के आदिवासी ब्लॉक खालवा,मंडला और शहडोल में इसकी शुरुआत की जाएगी, जिसके के लिए एक एकड़ जमीन पर करीब एक करोड़ रुपए की लगत से ये ट्राईबल मार्ट बनाया जाएगा. इसमें दो करोड़ रुपए का लोन महिलाएं को दिया जाएगा जिससे वह अपना रोजगार चला सके. मंत्री विजय शाह ने कहा कि महिला दिवस के मौके पर इतनी बड़ी सौगात बहनों को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दी जा रही है. मैं समझता हूं कि महिला दिवस के मौके पर इससे बड़ी सौगात हमारी बहनों के लिए हो ही नहीं सकती आदिवासी समाज की होगी तरक्की  अगर यह प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है तो, पूरे प्रदेश में इस तरह के ट्राइबल मार्ट खोले जाएंगे. इससे न सिर्फ महिला सशक्तिकरण बल्कि आदिवासी समाज को भी मुख्य धारा से जोड़कर तरक्की की राह पर अग्रसर किया जा सकेगा. बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार सहित केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी आदिवासी समाज के लिए नित नए कदम उठा रही है. डी मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट की घोषणा भी उन्हीं कदमों में से इसे एक कदम माना जा रहा है.अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री की इस घोषणा पर कितनी जल्दी और कितना अमल होता है

31 मार्च तक बनवाएं किसान आईडी, नहीं तो अटक जाएंगे फसल बीमा और सम्मान निधि के पैसे!

Get your farmer ID made by March 31, otherwise your crop insurance and Samman Nidhi money will get stuck! भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर! अगर आपने 31 मार्च 2025 तक किसान आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई, तो आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की डिजिटल पहचान के लिए 11 अंकों की यूनिक आईडी अनिवार्य की गई है। क्यों जरूरी है किसान आईडी? राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों का पंजीकरण करा रही है। यह यूनिक आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी, जिसके बिना न तो फसल बीमा का क्लेम मिलेगा, न ही किसान सम्मान निधि की राशि, और न ही बिना दस्तावेज़ों के कृषि ऋण उपलब्ध होगा। मध्यप्रदेश के कृषि विभाग के अनुसार, 31 मार्च के बाद यह पंजीकरण फ्री नहीं रहेगा, यानी इसके लिए किसानों को शुल्क देना होगा। जिन पंचायतों में पहले ही शिविर लग चुके हैं, वहां के किसान अपने पटवारी से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकते हैं। बिना किसान आईडी नहीं मिलेगा इन योजनाओं का लाभ अगर आपने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई, तो आप कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं— ✔ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – सालाना ₹6,000 की सहायता राशि नहीं मिलेगी। ✔ फसल बीमा योजना – केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी। ✔ कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – किसान बिना ज्यादा दस्तावेज़ों के लोन नहीं ले पाएंगे। ✔ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) – अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने के लिए भी यह आईडी अनिवार्य होगी। ✔ फसल सर्वे व स्वामित्व हस्तांतरण – सरकारी रिकॉर्ड में जमीन संबंधी कार्यों के लिए यह आईडी आवश्यक होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़ किसान आईडी बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य हैं— जल्दी करें, वरना देना होगा अतिरिक्त शुल्क! जो किसान 31 मार्च तक अपना पंजीकरण नहीं करवाते, उन्हें इसके बाद शुल्क देकर किसान आईडी बनवानी होगी। इसलिए समय रहते नजदीकी पंचायत या शिविर में जाकर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये में खरीदने के मामले की नहीं हो पा रही है जांच

The case of buying guggal worth 930 rupees per kg for 1700 rupees is not being investigated भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर के निर्देश एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में बेअसर साबित हो रहें है। इसका सबसे बड़ा उदाहरणएमएफपी पार्क में हुई रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला की जांच एक साल से एमडी ठाकुर जांच नहीं करवा पा रहें हैं। इस बीच खबर है कि पार्क की सीईओ गीतांजलि गुग्गल खरीदी में विवादों की सुर्खियों में रहीं प्रभारी सुनीता अहिरवार को पुनः प्रबंधक बनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने 31 जनवरी 25 को एमएफपी पार्क की सीईओ गीतांजलि को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि गुग्गल की खरीदी 930 रूपये की जगह 1700 रुपए की दर से खरीदने की जांच सात दिन में बिंदुवार प्रतिवेदन दें। 1 महीने से अधिक का समय बीत गया है पर पार्क की सीईओ ने एमडी के पत्र पर जांच शुरू नहीं की। दिलचस्प पहलु यह है कि गुग्गल खरीदी की जांच को लेकर फेडरेशन के एमडी ठाकुर ने पूर्व के सीईओ को भी दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं पर एमएफपी पार्क में उनके पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एमडी ने पिछले दिनों पर के दोनों डॉक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इनमें से किसी ने भी अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके पहले लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। क्या है मामलाएमएसपी पार्क की तत्कालीन प्रबंधक अहिरवार ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।

ग्वालियर किला निजी हाथों में सौंपने शहरवासियों ने किया विरोध, बोले- दिल्ली तक जाएंगे

gwalior city residents protested against handing over gwalior fort to private hands Gwalior Fort Update: ग्वालियर के ऐतिहासिक किले को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी से शहरवासी आक्रोश में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि ग्वालियर किला (Gwalior Fort) हमारी विरासत है, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। शहरवासियों का कहना है कि ग्वालियर किले पर बने ऐतिहासिक स्मारक हमारी पहचान हैं और किले के निजीकरण के बाद यहां मनमाने ढंग से वसूली प्रारंभ हो जाएगी। इसके विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शुक्रवार को कलेक्टर और राज्य पुरातत्व विभाग को ज्ञापन देकर चेताएगी। बता दें, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ ग्वालियर किले के लिए एमओयू किया है। वहीं इंडिगो ग्रुप के 100 लोगों की टीम शुक्रवार 7 मार्च की शाम 4 बजे ग्वालियर फोर्ट पहुंच रही है। टिकट काफी महंगे हो जाएंगेग्वालियर किले पर जो स्मारक पूर्ण रूप से संरक्षित हैं और उनसे आमदनी भी हो रही है, ऐसे स्मारकों को निजी हाथ में देना ठीक नहीं रहेगा। क्योंकि उनके टिकट काफी बढ़ जाएंगे। ऐसे में आम आदमी स्मारकों को देखने से वंचित रह जाएगा और पुरातत्व महत्व भी समाप्त हो जाएगा।–लाल बहादुर सिंह, पूर्व क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष) गूजरी महल संग्रहालयराष्ट्रपति भवन तक जाएंगे हम इस मुद्दे पर पूरी लड़ाई लड़ेंगे, किसी भी हालत में किले का निजीकरण नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े। हम हर स्तर पर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही दूसरे समाजों को भी इससे जोड़ेंगे। इससे पूर्व भी हमने यहां निजी होटल के निर्माण को नहीं होने दिया था।–पूरन सिंह राणा, एडवोकेट, सचिव, जाट समाज कल्याण परिषद ग्वालियरनिजीकरण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे ग्वालियर का किला न सिर्फ शहर बल्कि प्रदेश-देश के लिए भी पुरातत्व धरोहर है। इसका निजीकरण किया जाना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। पता नहीं इस ऐतिहासिक विरासत को पूंजीपतियों के हवाले क्यों किया जा रहा है। जो लोग इस काम को करवा रहे हैं, उन्हें गरिमा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। हम शुक्रवार को इसके लिए ज्ञापन भी देंगे।–सुनील शर्मा, कांग्रेस प्रदेश महासचिवकम हो जाएगी पर्यटकों की संख्या ग्वालियर किला हमारे ग्वालियर नहीं अपितु पूरे देश में प्रसिद्ध है, यहां हर कोई आना पसंद करता है। निजी हाथों में जाने के बाद यहां जाने के लिए अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा। वहीं राज्य पुरातत्व विभाग और केंद्रीय पुरातत्व विभाग इस किले का संरक्षण और देखभाल कर तो रहे हैं। निजीकरण से निश्चित तौर पर पर्यटकों की संख्या कम ही होगी।–ज्योति अग्रवाल, संस्थापक अध्यक्ष, अग्रकुल महिला समितिनिजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए ग्वालियर किला हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, इसका निजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इसे संरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि निजी कंपनियों को सौंपना। इससे आम जनता की पहुंच और सांस्कृतिक महत्व प्रभावित हो सकता है। किले का संरक्षण सरकार खुद करे, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।–श्वेता बिंदल, चेयरपर्सन, जेसीआई ग्वालियरनिर्णय वापस लिया जाए ग्वालियर किला हमारे शहर की शान है। जो भी ऐतिहासिक धरोहर होती हैं उनकी देखभाल व संरक्षण करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है। निजीकरण करना कोई विकल्प नहीं है, इसलिए अनुरोध है कि निजी कंपनी को किले को देने का निर्णय वापस लिया जाए। किले का जो पुराना इतिहास है उसको यथावत रखा जाए, क्योंकि यही हमारी पहचान भी है।-जुबैर रहमान, संस्थापक अध्यक्ष, लॉयंस क्लब दिशा

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश

अब नेताओं की काले रंग की लग्जरी गाड़ियों पर नजर नहीं आएगा हूटर, जानिए क्या है इसका कारण

Now the hooter will not be seen on the black luxury cars of politicians, know the reason behind this सीहोर के जनप्रतिनिधियों की पहली पसंद बनी काले रंग की गाड़ियों पर अब हूटर नजर नहीं आएंगे। शासन के निर्देशों के बाद जनप्रतिनिधियों ने अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने की शुरुआत कर दी है। सबसे पहले विधायक सुदेश राय ने अपनी लग्जरी गाड़ी से हूटर हटवाया, इसके बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने गाड़ी से हूटर निकलवा दिया। गौरतलब है कि शहर में करीब आधा दर्जन जनप्रतिनिधियों के पास काले रंग की गाड़ी, जिनमें वे सफर करते हैं। विधायक सुदेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, युवा नेता शशांक सक्सेना सहित कुछ अन्य जनप्रतिनिधि भी काले रंग की गाड़ी में ही चलते हैं। अब इन जनप्रतिनिधियों ने शासन के नियमों का पालन करते हुए अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने शुरू कर दिए हैं। उप पुलिस महानिरीक्षक ने दिए थे ये आदेशउप पुलिस महानिरीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने आदेश जारी किए कि प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के विरुद्ध निजी वाहनों में हूटर, फ्लेश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), वीआईपी स्टीकर चस्पा करना और गलत नंबर प्लेट के मामले विगत कुछ समय से लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने से ऐसा करने वालों को प्रोत्साहन मिल रहा है। इन अनाधिकृत वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। कुछ दिन पूर्व एक जिले में वीआईपी भ्रमण के दौरान ऐसा ही एक अनाधिकृत वाहन पकड़ा गया था, जिस पर बीनएएस एवं मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। निजी वाहनों में हूटर, फ्लेश लाइट लाल, पीली, नीली बत्ती, वीआईपी के स्टीकर, गलत नंबर प्लेट का दुरुपयोग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध 15 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। यातायात पुलिस ने की कार्रवाईयातायात प्रभारी सूबेदार ब्रजमोहन धाकड़ के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने एक प्राइवेट स्कॉर्पियो वाहन जिस पर चालक द्वारा अवैध रूप से हूटर और सायरन लगाए हुए था, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालक से समन शुल्क तीन हजार रुपये वसूला गया। यातायात पुलिस द्वारा प्राइवेट वाहनों पर अवैध हूटर एवं सायरन लगाकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

ग्वालियर किला अब निजी हाथों में, इंडिगो एयरलाइंस से 5 साल का करार

Gwalior Fort is now in private hands, 5 year agreement with Indigo Airlines Gwalior Fort: नरेंद्र कुइया. लियर के किले को अब निजी हाथों में देने की तैयारी है। इसके लिए भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ एमओयू किया है। इसमें आगा खान कल्चरल सर्विसेज फोरम (एकेसीएसएफ) को शामिल किया है। अभी 5 साल के करार में किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण होगा। बाद में पांच साल और बढ़ेगा। इसकी फंडिंग इंडिगो एयरलाइंस करेगी, एकेसीएसएफ संरक्षण करेगी। इनके संरक्षण का कार्य भी वे ही करते हैं। ग्वालियर दुर्ग पर एमओयू (MOU) के बाद की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मप्र टूरिज्म(MP Tourism), इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) और एकेसीएसएफ की 100 लोगों की टीम 7 मार्च को शाम 4 बजे किले पर पहुंचेगी। संरक्षण कार्य तो पहले से हो रहाइस एमओयू में ग्वालियर किले के वि₹म महल, कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की बात कही गई है। जबकि राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही यहां पाथवे का निर्माण कार्य भी जारी है। ऐसे में निजी कंपनी से संरक्षण कार्य कराने की क्या जरूरत आन पड़ी है। एमओयू में ऐसे तथ्य● ग्वालियर किला कंजर्वेशन और इल्यूमिनेशन परियोजना बहुआयामी प्रयास।● पर्यटकों के लिए सुविधाजनक पहुंच मार्ग, सुविधाओं का विस्तार।● मौजूदा स्थानों का उपयोग कर कैफे व प्रदर्शनी स्थलों का विकास। तब विरोध पर रुका था होटल निर्माणग्वालियर किले पर बनी भीमसिंह राणा की छत्री पर शासन ने 2022-23 में होटल की योजना बनाई थी। जाट समाज के विरोध के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। श्योपुर का किला, बलदेवगढ़ का किला, दतिया का राजगढ़ पैलेस राज्य पुरातत्व विभाग से असंरक्षित कर पर्यटन निगम को दिए थे। 50 लाख रुपए मासिक आयग्वालियर किले पर 50 लाख रु. मासिक आय ग्वालियर दुर्ग पर बने केंद्र-राज्य पुरातत्व विभाग के स्मारकों को देखने विदेशों से सैलानी आते हैं। मासिक आय 50 लाख तक है। विशेष दिनों में यह बढ़ जाती है। संरक्षण कार्य तो पहले से हो रहाइस एमओयू में ग्वालियर किले के विक्रम महल, कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की बात कही गई है। जबकि राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही यहां पाथवे का निर्माण कार्य भी जारी है। ऐसे में निजी कंपनी से संरक्षण कार्य कराने की क्या जरूरत आन पड़ी है। ऐसे काम पहले भी हो चुके हैंनिजी कंपनियों को पुरातत्व संरक्षित स्मारकों की जानकारी नहीं होती। वे धरोहरों का संरक्षण कार्य कैसे कर सकती हैं। ऐसे काम पहले भी हो चुके हैं। ये सब मिलीभगत से होते हैं।

ऐसे फल और सब्जियां जो खुद बताते हैं कि मैं किस चीज के लिए फायदेमंद हूं…

Fruits and vegetables that tell me what they are good for… हमारी प्रकृति हमें वो सब कुछ देती है जिसकी हमारे शरीर को जरूरत होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ फल और सब्जियां अपने आकार और बनावट से यह संकेत देती हैं कि वे हमारे शरीर के किस अंग के लिए फायदेमंद हो सकती हैं? प्रकृति ने हमें जो भी दिया है, वह किसी न किसी रूप में हमारे शरीर के लिए लाभकारी है। जरूरत है तो बस इसे सही तरीके से समझने और अपने आहार में शामिल करने की!

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