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अकेले पड़े जीतू यादव, खुद इस्तीफा नहीं देते तो पार्टी कर देती निलंबित

Jitu Yadav lying alone, had he not resigned himself, the party would have suspended him. पार्षद कालरा के घर हमले और उनके नाबालिग बेटे के साथ की गई हरकत के कारण एमआईसी मेंबर जीतू यादव की राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। अनुशासन समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संगठन यादव के खिलाफ एक्शन लेता, उससे पहले उन्होंने ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और एमआईसी मेंबर पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा जीतू के पास कोई चारा भी नहीं था,क्योकि संगठन की तरफ से भी जीतू के खिलाफ कार्रवाईकी तैयारी हो चुकी थी। पार्षद कालरा के घर हुए विवाद के बाद जीतू यादव को उनके राजनीतिक आका ही मदद के लिए तैयार नहीं थे, क्योकि घर में घुसकर नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत से वे खुश नहीं थे और पूरे मामले में चुप्पी साध रखी थी। मामला ज्यादा तूल नहीं पकड़ता, लेकिन यादव खेमे की तरफ से ही इस मामले को हवा दी गई। नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत की वीडियो उनके समर्थकों ने ही वायरल की। जब मालिनी गौड़ ने कालरा के परिजनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलवाया तो दूसरे दिन यादव भी अपने समर्थकों के साथ इंदौर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उसके वीडियो भी अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर खूब वायरल कराए। इसके बाद कालरा खेमे की तरफ से भी काॅल रिकार्डिंग वायरल करना शुरू हो गई और मामला भोपाल तक पहुंच गया। बताते है कि नाबालिग बच्चे को नग्न करने के मामले में पीएमअेा कार्यालय से भी रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद मामला और गंभीर होता गया। अतत: यादव को इस्तीफा देना पड़ा।

हाईकोर्ट ने दिये जांच के आदेश ,स्कूल को कैसे मिल गई छात्रा के जन्म से पहले की फोटो

High Court orders investigation, how did the school get the photo of the student before her birth? जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक प्रकरण एमसीआरसी संख्या 52670/2024 की सुनवाई के दौरान अलग-अलग स्कूलों में अभियोक्ता की अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस थाना मऊगंज की उपनिरीक्षक सुश्री प्रज्ञा पटेल ने कोर्ट को बताया कि अभियोक्ता ने कभी भी कक्षा-1 में प्रवेश ही नहीं लिया था। शासकीय अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने कहा कि यह दस्तावेज केस डायरी में उपलब्ध है। वहीं, लोक अभियोजक नितिन कुमार गुप्ता ने कहा कि 12 जुलाई 2011 का दस्तावेज अर्थात् प्रवेश फार्म 07 जनवरी 2025 को केस की सुनवाई के समय केस डायरी में उपलब्ध नहीं था। यह गंभीर मामला है कि बिना कोई औचित्य दिए तथा वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लिए बिना केस डायरी में दस्तावेज कैसे जोड़े जा सकते हैं। आवेदक के अधिवक्ता शिव कुमार कश्यप ने कोर्ट को बताया कि सरस्वती ज्ञान मंदिर मऊगंज, जिला रीवा (तत्कालीन) से वर्ष 2016-17 की जो अंकतालिका प्रस्तुत की गई है, उसमें अभियोक्ता की जन्म तिथि 03 मई 2004 लिखी हुई है। जबकि अंकतालिका में अभियोक्ता की जो फोटो लगी है उस पर 10 जुलाई 2003 की तिथि अंकित है। इस पर जस्टिस विवेक अग्रवाल ने आदेशित किया है कि पुलिस अधीक्षक मऊगंज इस संबंध में जांच करेंगे कि विद्यालय को अभियोक्ता का दिनांक 10 जुलाई 2003 का फोटोग्राफ कैसे प्राप्त हुआ, जबकि उसका जन्म वर्ष 2004 में हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि, इस आदेश की प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी रीवा को भी भेजी जाए ताकि सरस्वती ज्ञान मंदिर मऊगंज को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हुए उक्त विद्यालय के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा सके। इस बीच उपनिरीक्षक प्रज्ञा पटेल ने आदर्श शिशु विद्यालय हाई स्कूल, मऊगंज के मूल अभिलेख को जब्त कर न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को तय की गई है।

थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

mp congress big rally held in dr ambedkar birthplace mhow theme is jai bapu jai bhim jai constitution भोपाल:मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रों को ले जा रही बस से ट्रक टकराया, एक की मौत; कई घायल

A truck collides with a bus carrying students in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, one dead; many injured मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हो गया जिसमें छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं. हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं एक की मौत हो गई है. कई और बच्चों को चोटें आई हैं. बच्चों और बस ड्राइवर समेत अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. बच्चों का इलाज किया जा रहा है. यह सड़क हादसा शहर के भोरी बायपास के पास हुआ है. पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने में मदद की. जानकारी के मुताबिक यह हादसा भौरी बाईपास पर हुआ है, जहां छात्रों से भरी हुई बस जा रही थी और सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी. बस का सामने का हिस्सा कचूमर बन चुका है. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ा और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया. इसी बीच पुलिस को भी जानकारी दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. घायलों का चल रहा इलाजघायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. सभी छात्र-छात्राएं पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इजीनियरिंग के छात्र हैं. सभी छात्र आईसर कंपनी के प्लांट पर विजिट के लिए गए थे. हादसे में 6 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टर्स की टीम बच्चों का इलाज करने में जुटी हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त छात्र-छात्राएं विजिट से वापस लौट रहे थे उसी वक्त बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है. एक छात्र की मौतबिरसिंहपुर पाली के रहने वाले छात्र विनीत साहू की हादसे के बाद मौत हो गई है. उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया था. वहीं छात्र विमल यादव और छात्र शिवम लोधी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उनका क्रिटिकल केयर में इलाज किया जा रहा है. बस के अंदर बैठे बाकी छात्र-छात्राओं को यानी करीब 29 छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. सभी छात्रों को हादसे के बाद पीपुल्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है.

इस धंधे ने BJP नेता को बनाया धनकुबेर, प्रॉपर्टी पर कब्जा कर गाड़ियां भी छीन लेता था पूर्व पार्षद

sagar crorepati businessman money lending fraud rajesh kesharwani income source full details मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयकर विभाग ने हाल ही में केशरवानी परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बीड़ी और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश और बृजेश केशरवानी ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। इसी धंधे से वह करोड़पति बने। उन्होंने लोगों को ब्याज पर खूब पैसा दिया, जिसे नहीं चुकाने पर उनकी गाड़ियां छीन ली और प्रॉपर्टी पर भी कब्जा कर लिया। आईटी के छापे में उनके पास से सात फार्च्यूनर, क्रिस्टा और इनोवा जैसी लग्जरी कारें मिली है। साथ ही चार किलो 700 ग्राम सोने के साथ करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं। दअरसल, आयकर विभाग ने तीन दिन पहले सागर में तीन प्रमुख ठिकानों पर छापा मारा था। जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और पूर्व पार्षद राजेश और बृजेश केशरवानी के ठिकानों की जांच की गई थी। इन छापेमारियों में विभाग को 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले, जिनमें 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के बेनामी होने की जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग को छापेमारी में 150 करोड़ की टैक्स चोरी का भी पता चला है। हालांकि, टीम अभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। जिसके बाद और बड़े खुलासे हो सकते है। बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने रविवार सुबह सागर में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान एक टीम ने भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और उनके भाई कुलदीप राठौर के घर छापेमारी की। वहीं, दूसरी टीम ने पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, उनके भाई बृजेश केशरवानी और सहयागी राकेश छावड़ा के घर छापा मारा था। तीन दिन की जांच के बाद आईटी की टीम को करोड़ों की संपत्ति और लेनदेन का पता चला है। किसके घर क्या मिला था? पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर से 140 करोड़ से ज्यादा के नकद लेनदेन के दस्तावेज मिले थे। साथ 7 बेनामी लग्जरी कारें और करीब 4.7 किलो सोना और गहने मिले था। सोने और गहनों के दस्तावेज दिखाने के कारण आईटी टीम ने इसे जब्त नहीं किया था।भाजपा पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले से 14 किलो सोना और 3.8 करोड़ रुपये नकद मिले थे। कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज के साथ करोड़ों के लेनदेन और टैक्स चोरी की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा उनके घर में तीन मगरमच्छ भी पले हुए मिले थे। जिन्हें देखकर आयकर विभाग की टीम भी हैरान रह गई थी।

नहीं आएगी जिला अध्यक्षों की सूची, भाजपा में घमासान के चलते बदला नियुक्ति का फार्मुला

bjp sangathan election bjp sangathan election list of district president will not be released due to tussle in mp bjp BJP Sangathan Election: भाजपा में जिला अध्यक्षों की सूची की राह देख रहे पार्टी कार्यकर्ताओं का इंतजार अब खत्म हो गया है। क्योंकि दिल्ली में दो दिन तक चली मंत्रणा के बाद अब नया फॉर्मूले पर सहमति बनी है। दरअसल, भाजपा नेताओं के बीच आपसी विवाद इतना गहराया कि संगठन ने घोषणा का तरीका ही बदल दिया। सूत्रों के मुताबिक संगठन सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे और वहां उपजे विवाद को भी संभालेंगे।विवाद के बीच संगठन की नसीहतसूची के इंतजार के बीच गुरुवार सुबह प्रदेश संगठन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि जिला अध्यक्ष बनने के बाद उनके चहेते नेता के घर के बजाय पार्टी कार्यालय में स्वागत सत्कार का कार्यक्रम होना चाहिए।वहीं बैठक में जुड़े प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सभी नेताओं को नए जिला अध्यक्ष मिलने से पहले बधाई दी। कहा कि सभी को साथ मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है। बता दें बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ सभी जिला निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद रहे।पर्यवेक्षक बताएंगे जिलाध्यक्षों के नामसंगठन ने इतने विवाद के बाद भी लोकतांत्रित व्यवस्था का फॉर्मूला बरकरार रखा है। राष्ट्रीय संगठन की ओर से तय की गई अंतिम सूची के नामों को प्रदेश संगठन द्वारा पर्यवेक्षकों को बताया जाएगा। फिर पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन अधिकारी को उन नामों के बारे में बताएंगे। जहां से घोषणा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक तय होने वाले नाम को सीधे मैसेज कर पार्टी कार्यालय बुलाया जाएगा। इस दौरान वर्तमान जिला अध्यक्ष और निवर्तमान जिला अध्यक्ष को भी पूरी जानकारी दी जाएगी।

महामहिम राष्ट्रपति के नामे सौपा ज्ञापन “पी.सी.डब्ल्यू.जे.” आमला ने, ।

Memorandum submitted to His Excellency the President “P.C.W.J.” Amla, हरिप्रसाद गोहेआमला। “तू गलती से भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू मत कर देना, मेरे कलम के लिए ऐ दोस्त, कही देश भर में क्रांति की मशाल न जल जाए, क्योंकि तेरी फितरत शांति की नही, आग लगाने की है” चुकी चौथी पालिका के साथ खेल खेलना तेरी फितरत बंन गई, जिसका नतीजा किसी भ्रष्टचार सड़क ठेकेदार की ठेकेदारी को उजागर करता चौथी पालिका का शिपासलर या पत्रकार को आजीवन काल के गाल में समा दिया गया। फिर भी छत्तीसगढ़ सरकार मौन दिखाईं देने लगी। चुकी छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की निर्मम हत्या के मामले में अखिल भारतीय संघटन प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के आमला अध्यक्ष एवम साथी पदधिकारियों ने‌ महामहिम राष्ट्रपति के नामे अनुविभागीय अधिकारी महोदय को ज्ञापन सौपा है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है, कि छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए, और पत्रकार के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान कर पीड़ित परिवार के साथ उचित न्याय किया जाए। चुके प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को अवगत कराया है, कि पत्रकार मुकेश चंद्रकार ने सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। ठेकेदार द्वारा किए गए इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के बाद मुकेश चंद्रकार की निर्मम हत्या कर शव को सेफ्टी टैंक में फेंक दिया गया। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने मांग की है, कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, साथ ही देशभर में आए दिन पत्रकारों पर बढ़ती हिंसक घटनाओं को देखते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू करे, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। चुकी एक पत्रकार देशहित में समाज के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना सत्य को उजागर करता है, जिसकी सुध लेने वाला शायद भारत वर्ष में कोई दिखाईं नहीं दे रहा, जिसका पुरा लाभ असामाजिक तत्व उठते हुए दिखाईं दे रहें हैं। भारत सरकार को ज्ञात होना चाहिए की प्रभावी रूप से पत्रकार दुनिया की छवि को वास्तविकता पर सुचारू रूप से पेश करते हैं। पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए हिंसा और धमकी का सामना आए दिन करना पड़ता है या पड रहा है। पत्रकारों को जिन खतरों का सामना करना पड़ता है, उनमें हत्या, अपहरण , बंधक बनाना, उत्पीड़न, धमकी, जबरन गायब कर दिया जाना, तक शामिल हैं, फिर भी पत्रकार वास्तविक समझ के साथ अपना दायत्व पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हैं। जिस तरह से पत्रकारों के पास शक्ति होती है, और पत्रकार जिम्मेदारी से उपयोग करने की सामाजिक जिम्मेदारी के साथ कदम उठाते है। पत्रकारों के पास जनता की धारणाओं को प्रभावित करने की शक्ति है, और साथ ही पत्रकार सच बताने और लोगों की आवाज़ सुनने और सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी ज़िम्मेदारी के साथ करते हैं। प्रेस के प्रसार के अधिकार में प्रसार की मात्रा तय करने की स्वतंत्रता भी शामिल है।चुके भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) (ए) के तहत, पत्रकारों को भाषण और अभिव्यक्ति की आज़ादी मिली हुई है, जैसे प्रकाशित करने का अधिकार, सूचना प्रसारित करने का अधिकार, सूचना प्राप्त करने का अधिकार, इसी तरह भ्रष्टचार उजागर करने का अधिकार जिसका भयावह परिणाम छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की निर्मम हत्या कर दी गई, और छत्तीसगढ़ सरकार की शायद मुंह से जुबान गायब हो गई। जिसे भारी आक्रोश के साथ प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के पदधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर महामहिम राष्ट्रपति से पत्रकार सुरक्षा कानून लागु करने की मांग करते हुएछत्तीसगढ़ के यूवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार के हत्यारों को फांसी देते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के आमला अध्यक्ष मोहम्मद आसीफ लंघा, आमला नगर उपाध्यक्ष नरेंद्र असोले, भूपेन्द्र पांडेय, रूपेश सोनी, संतोष राठौर, गोलू सोनी, दिलीप चौकीकर, नितिन खातरकर, मंगेश, पंकज अग्रवाल, राजू खातरकर, आकाश सोनी, अनिल साहू, दुर्गा प्रसाद जुंजारे, मदन साहू, ओर सभी पत्रकार साथी उपास्थित रहे। सरकार के प्रति भारी आक्रोश के साथ पत्रकारों ने कहा कि एक पत्रकार समाज के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना सत्य उजागर करता है। ऐसे में सरकार का दायित्व है, कि वह पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करते हुए दोषियों पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्यवाही करे

जुआ फड़ पर छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार आमला पुलिस ने की कार्यवाही ।

Gambling raid raided, 5 accused arrested, Amla police took action. हरिप्रसाद गोहेआमला । पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री निश्चल एन. झारिया के निर्देशानुसार जिले में जुआरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आमला पुलिस ने एसडीओपी बैतूल श्री मयंक तिवारी और अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमति कमला जोशी के मार्गदर्शन में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम हसलपुर में जुआ खेलते हुए 5 आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। थाना आमला से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 09.01.2025 को करीबन 11:30 बजे मुखबिर की सूचना पर आमला पुलिस ने हसलपुर डेम के पास छापा मारा। छापे के दौरान जुआ फड़ से कुल 5 आरोपी ताश के पत्तों से हार-जीत का जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया । जिनसे नकदी: ₹9,600/-,ताश की गड्डियाँ: 1 जप्त किया गया पकड़े गए आरोपियों पर पुलिस ने जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक सत्यप्रकाश सक्सेना, उनि नितिन पटेल, प्रआर 210 विकास वर्मा, आरक्षक 452 विवेक , 641 पलक सोलकी,576 कन्हैया रघुवंशी की विशेष भूमिका रही। सामाजिक बुराई के इस खेल पर पुलिस अधीक्षक का संदेशपुलिस अधीक्षक श्री निश्चल एन. झारिया ने नागरिकों से अपील की है:“जुआ एक सामाजिक बुराई है, जो अपराध और पारिवारिक विवादों को बढ़ावा देती है। बैतूल पुलिस जिले को अपराधमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

6 जनवरी एफआईआर दर्ज, 7 को एपीसीसीएफ मीना एक और शाखा का प्रभार

FIR registered on 6th January, charge of another branch of APCCF Meena on 7th भोपाल। जंगल महकमे के इतिहास में यह पहला प्रकरण है कि महिला प्रताड़ना को लेकर जिस एपीसीसीएफ मोहन मीणा के विरुद्ध उसी अफसर को अगले दिन 7 जनवरी को अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। मौजूदा तौर पर मीणा नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा में पदस्थ है। पीसीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन के आदेश पर महकमे के अधिकारी हतप्रभ हैं।विभाग में एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों के कमी के चलते प्रभार दिया जा रहा है। ऐसे में एपीसीसीएफ मीणा को भी नीति विश्लेषण मूल्यांकन शाखा के अलावा अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी शाखा का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश पीसीसीएफ विवेक जैन ने जारी कर दिया है। पीसीसीएफ जैन के आदेश जारी करने की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। आखिरकार फिर दर्ज होने के पहले तक मीणा को प्रभार क्यों नहीं दिया गया? तब भी कैंपा सहित अन्य शाखाओं के प्रभार अन्य एपीसीसीएफ को प्रभार दिए गए थे। पीसीसीएफ जैन के आदेश पर विभाग के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान नाम न छापने की शर्त पर अपने – अपने कमैंट्स दिए। किसी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर उनके हौसले को बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया। अन्यथा लंबे समय से विभाग में मीणा की उपेक्षा की जा रही थी। उन्हें पहले भी दिया जा सकता था। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि समझ से परे है। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को चुनौती है और महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। इस कहावत के पीछे उनकी धारणा है कि पीसीसीएफ पी धीमान और एपीसीसीएफ मोहन मीणा के बीच 36 का आंकड़ा है। काम करने में उनमें टकराहट की खबरें सुनाई देने लगेंगे। एक अफसर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि योग्यता के आधार पर प्रभार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को बैतूल के गंज पुलिस स्टेशन में कार्यस्थल पर महिला प्रताड़ना को लेकर एपीसीसीएफ मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज करने से पहले जिला न्यायालय के प्रथम व्यवहार न्यायधीश के समक्ष पीड़ता ने 164 में बयान दर्ज कराए। यह मामला 2021 का है। तब एपीसीसीएफ मोहन मीणा बैतूल वन वृत में पदेन सीसीएफ के रूप में पदस्थ थे।

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

Instructions to Tehsildars and Naib Tehsildars of Bhopal for timely action: Minister Karan Singh Verma भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

स्मार्ट मीटर से की छेड़छाड़ तो अफसर के पास पहुंचा मैसेज, टीम ने 27 हजार का ठोका जुर्माना

damoh when smart meter was tampered with message reached the officer team caught electricity theft imposed fine of 27 thousand शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद भी बिजली चोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। बुधवार शाम टंडन बगीचा क्षेत्र में एक स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ का संदेश बिजली अधिकारियों को मिला। तुरंत कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग की टीम उपभोक्ता के घर पहुंची और मामला दर्ज कर 27,242 रुपये का जुर्माना लगाया। बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता एमएल साहू ने बताया कि टंडन बगीचा क्षेत्र में प्रदीप कुमार जैन के परिसर में लगे स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की सूचना प्राप्त हुई। कनिष्ठ अभियंता प्रदीप परिहार और लाइनमैन ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि स्मार्ट मीटर में अलग से लूप लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। मौके पर विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और बिजली आपूर्ति काट दी गई। साथ ही उपभोक्ता पर जुर्माना लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाना दमोह में आवेदन दिया गया।अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर की तकनीक से छेड़छाड़ की घटनाओं का तुरंत पता चलता है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होती है। हालांकि, यह घटनाएं अभी भी बिजली चोरी की समस्या को पूरी तरह खत्म करने में विफल रही हैं।

उमरिया में फिर हुई बाघ की मौत, जिम्मेदारों का हर बार की तरह जवाब- आपसी संघर्ष में गई होगी जान

Tiger died again in Umaria उमरिया जिले में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ उनकी मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं। हाल ही में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर के खितौली बीट (कक्ष क्रमांक RF 501) में एक मादा बाघ का शव मिला। मृत बाघिन की उम्र लगभग 1 वर्ष बताई गई है। यह घटना 8 जनवरी की है, जब वन विभाग की गश्ती टीम को एक सावक की मौत की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण दो बाघों के बीच आपसी संघर्ष बताया गया। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाघों की मौत के मामलों में प्रशासन लापरवाही बरतते हुए इन्हें आपसी द्वंद्व बताकर मामले को खत्म कर देता है। सूचना मिलने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने मौके पर टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। वन विभाग, राजस्व विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया। घटना स्थल से नमूने एकत्र कर 8 जनवरी को प्रयोगशाला भेजे गए। पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और बाघों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमित गश्ती और प्रभावी जांच के अभाव में बाघों की मौत के असली कारणों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। बाघों की संख्या घटने के पीछे के वास्तविक कारणों की गहन जांच और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।

कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन का समीकरण, अब फैसला दिल्ली से

District presidents of BJP in Madhya Pradesh भोपाल (District presidents of BJP in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी यह चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। इन सब के बीच अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है।दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया।बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी।इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपादो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

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