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आमला प्रीमियम लीग के फाइनल मुकाबले में एच.एम.एकता ने केसी बड़कुइ को किया परस्त,एच एम एकता टीम बनी आमला प्रीमियम लीग विजेता ।

HM Ekta defeated KC Barkui in the final match of Amla Premium League.HM Ekta team becomes Amla Premium League winner. हरिप्रसादगोहेआमला । नगर के रेल्वे स्टेडियम में लगातार 3 वर्षो से आयोजित टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा हैं। इस क्रिकेट प्रतियोगिता से नगर के प्रतिभावान खिलाड़ी को अपना हुनर दिखाने का एक मौका मिलता है और वे दिखाते भी है। शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के दिग्गज टेनिस बॉल के खिलाड़ी और अन्य प्रदेशों से भी खिलाड़ी यह क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेकर चौके ,छक्के,लगाकर दर्शकों का मनोरंजन तो करते है साथ हि अपने खेल से सबका दिल भी जीत लेते हैं। इस प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार 1 लाख 11 हजार 1सौ ग्यारह रुपये, द्वितीय पुरुस्कार 55 हजार 5 सौ 55 रुपये, के साथ विजेता व उपविजेता टीम को एक चमचमाती ट्राफी,बेस्ट बेस्टमेन, मेन आफ द सीरीज ,बेस्ट बॉलर,सहित अन्य ट्राफी क्रिकेट खिलाड़ी को दी गई। बुधवार के दिन दो सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला खेला गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी मुकेश खंडेलवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार,नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे एवं विशेष अतिथि के रूप में भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख, जनपद अध्यक्ष गणेश यादव,समाजसेविका आराधना मालवीय, शरद जैसवाल,युवा मोर्चा अध्यक्ष नीलेश राठौर,रोशन साबले,नरेंद्र गिरी, संदीप सिसोदिया,प्रदीप कोकाटे,बिल्लू यादव,शैलेन्द्र राठौर,दीपक दवंडे सहित अतिथि मौजूद थे ।इस प्रतियोगिता के मुख्य संरक्षण चंदन मानू,सतीश मीना,सुनील यादव,सन्नी भूमरकर, शेख आबिद, शरद भलावी,राकेश धामोड़े,गन्नू ठाकुर के संरक्षण में यह प्रतियोगिता आयोजित कि जा रही हैं। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में हुआ घमासान | पहला सेमीफाइनल मुकाबले में के.सी.बड़कुइ ओर गाजी क्लब के बीच खेला गया। जो कि बड़ा रोमांचक मुकाबला दोनों टीम के बीच खेला हुआ,इस रोमांचक मुकाबले में के.सी. बड़कोइ ने जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह बनाई इस मैच में मेन ऑफ द मैच टोनू रहे,वही दूसरा सेमी फाइनल मुकाबला करन इलेवन बैतूल और एच. एम.एकता के बीच खेला गया इस मुकाबले में एच. एम.एकता ने करन इलेवन को आसानी से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। दोनों के बीच फाइनल मैच खेला गया जिसमें केसी क्लब ने टॉस जीतकर 8 ओवरों में मात्र 53 रन ही बनाए इसका पीछा करने उतरी एच एम एकता क्लब ने बड़े ही रोमांचित मैच में अंतिम ओवर की दूसरी बॉल पर यह मुकाबला जीता।इसमें मेन ऑफ द मैच सरोश अहमद मेन ऑफ द सीरीज सरोश अहमद.बेस्ट हीटर अंसार,बेस्ट बैट्समैन अन्नू,बेस्ट बॉलर आनंद,बेस्ट फील्डर सोहेल खान,बेस्ट ऑलराउंडर शब्बीर शाह,सपोर्टिंग टीम ऑफ टूर्नामेंट कृष्णा सोनी,बेस्ट अंपायर दिलीप दोमने,सुनील यादव,प्रदीप पोटफोडे को दिया गया। फाइनल मुकाबले में एच एम एकता ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।अंत में राजू बोहोत ने सभी अतिथियों खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: एक क्लिक में नया बिजली कनेक्शन

Good news for electricity consumers: New electricity connection in one click भोपाल। नए साल में मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली विभाग की ओर से बड़ी सौगात मिली है। अब उपभोक्ता एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा शुरू की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एमपी ऑनलाइन के साथ अनुबंध किया है, जिससे उपभोक्ताओं को जनवरी के अंतिम सप्ताह से यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस सेवा के तहत उपभोक्ता न केवल नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे, बल्कि गैर-कृषि उपभोक्ताओं का ईकेवाईसी, पीएम-सीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थियों का सत्यापन, भार वृद्धि, और नाम परिवर्तन जैसे कार्य भी ऑनलाइन ही करवा सकेंगे। यह अनुबंध कंपनी मुख्यालय में प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) स्वाति सिंह, और एमपी ऑनलाइन के बिजनेस हेड संदीप राजपाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस नई सुविधा के साथ बिजली उपभोक्ताओं के काम और भी सरल हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने इसे डिजिटल युग में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम बताया है।

प्रदेश में अपराधियों की शामत: अगले तीन महीने होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

There will be swift action against criminals in the state in the next three months भोपाल। मध्यप्रदेश में अब अगले 3 महीने तक अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी। इसके लिए गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं। जनवरी से लेकर मार्च के बीच प्रदेश में ला एंड आर्डर बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई तेज होगी। वहीं आदतन अपराधियों के खिलाफ कलेक्टर रासुका लगाएंगे। सभी जिलों के एसपी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर कलेक्टर को रिपोर्ट देंगे। मध्य प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों में रोक लगाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड पर है। ऐसे में अगले तीन महीने गुंडों-बदमाशों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी।

सर्द हवाओं से ठिठुरा मध्यप्रदेश, कईं जिलों में अलर्ट: भोपाल, सहित  जिले शीतलहर की चपेट में 

Madhya Pradesh shivers due to cold winds, alert in many districts: Bhopal and other districts in the grip of cold wave भोपाल । सर्द हवाओं से मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। आलम यह है कि दिन में भी कंपकंपी छूट रही है। वहीं कई शहरों में रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। नए साल के पहले दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड रही। मौसम विभाग की माने तो अगले 3 दिन ऐसी ही ठंड पड़ेगी। गुरुवार को भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर समेत 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इससे पहले प्रदेश के 37 जिलों में सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, उज्जैन और शाजापुर में इतना घना कोहरा था कि विजिबिलिटी 50 मीटर ही रह गई थी। आज, गुरुवार को जिन जिलों में शीतलहर का अलर्ट है, उनमें भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर के अलावा मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया और कटनी भी शामिल हैं। बर्फबारी हो रही, इसलिए बढ़ रही ठंड वर्तमान में जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, सागर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, देवास, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, उमरिया, कटनी में शीतलहर भी चलेगी। 3 जनवरी: जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में शीतलहर चलने का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया रहेगा। 4 जनवरी: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहेगा।

भोपाल: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए वृंदावन ग्राम योजना शुरू

Bhopal: Vrindavan Gram Yojana started to improve rural economy विशेष रिपोर्ट: उदित नारायण, भोपाल ! मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। प्रदेश के 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन ग्राम’ की स्थापना की जाएगी। इस योजना के तहत ऐसे गांवों का चयन किया जाएगा, जहां कम से कम 2,000 की जनसंख्या और 500 से अधिक गोवंश हों। योजना का उद्देश्ययोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित करना, गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना, तथा जैविक खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है। इन गांवों में चारे, पानी और परिवहन की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम चयन और पर्यवेक्षणग्राम का चयन संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के परामर्श से कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। गाय आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंगवृंदावन ग्राम में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। इन समूहों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्थानीय मेलों, किसान बाजारों और राष्ट्रीय प्रदर्शनी में की जाएगी। मध्य प्रदेश का योगदानमध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है। इस योजना के माध्यम से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत पशुओं की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, और जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दिया जाएगा। सकारात्मक बदलाव की उम्मीदइस योजना से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि जैविक खेती और स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकेगा। योजना के तहत उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्रियों ने जो किया वही करने जा रहे हैं, सीएम मोहन

CM Mohan is going to do what the two former Chief Ministers of the state did. भोपाल ! मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव नए साल में नया प्रयोग करने जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उमा भारती की तरह सीएम आवास पर जनता दरबार लगाएंगे। सीएम मोहन यादव लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। सीएम आवास पर पहले जनता दरबार का आयोजन 6 जनवरी को होगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मोहन यादव से पहले राज्य के दो पूर्व सीएम उमा भारती और दिग्विजय सिंह जनता दरबार लगा चुके हैं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में कभी पहल नहीं की। सूत्रों के अनुसार, पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सुबह 10 से 12 बजे तक होगा। सीएम हाउस पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। लोगों की समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारी भी मौजूद करेंगे जो लोगों की समस्या का तुरंत समाधान करेंगे। बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी। यहां केवल केवल बीमारी और जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी। ग्रामीण इलाके के लोगों को प्राथमिकता बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ग्रामीण इलाके से आए लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। सीएम खुद उन लोगों की समस्या को सुनेंगे। पहले जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ये सीएम भी लगा चुके हैं जनता दरबार मोहन यादव से पहले पूर्व सीएम उमा भारती भी जनता दरबार लगा चुकी हैं। पूर्व सीएम उमा भारती 2003 में राज्य की मुख्यमंत्री बनीं थी। वह लोगों की समस्या सुनकर उसका समाधान करती थीं। कहा जाता है कि जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचते थे जिस कारण से इसे बंद करना पड़ा था। मध्य प्रदेश में सबसे पहले दिग्विजय सिंह ने जनता दरबार लगाने की शुरुआत की थी। दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक लोगों की समस्या सीएम आवास पर खुद सुनते थे।

एमपी गजब: शराब पीकर क्लासरूम में सो गए मास्टर साहब, खतरे में बच्चों का भविष्य

MP Amazing: Master fell asleep in the classroom after drinking alcohol, children’s future in danger Sidhi News MP: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के शिक्षा विभाग में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. वहां पर स्कूली शिक्षा के स्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीधी के एक सरकारी स्कूल के मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाने के बदले शराब के नशे में टुल होकर क्लासरूम में ही सो गए. जबकि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए. सीधी जिले के सरकारी स्कूलों में यह मामला सामने आने के बाद से शिक्षा विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग इस घटना पर चिंता जता रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों का कहना है कि छात्रों का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है. अगर इसी तरह शिक्षक और शिक्षा विभाग के अफसर लापरवाह बने रहे तो बच्चों का क्या होगा? ऐसे में तो बच्चों को स्कूल भेजना भी सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है. शराब के नशे में टीचर द्वारा बच्चों को पढ़ाना गंभीर मामला है. ऐसे हुआ खुलासा यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब मौके पर स्कूल पहुंचे किसी अभिभावक ने अपने मोबाइल में शिक्षक के करतूत को कैद कर लिया. फिर उसके बाद इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर की. उसके बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है. बता दें की एमपी के स्कूलों में शराब पीकर शिक्षकों के क्लासरूम में सोने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले रीवा के एक प्राइमरी स्कूल में भी हेडमास्टर साहब भी शराब के नशे में टुल होकर सोते नजर आए थे. 15 सितंबर को ऐसा ही मामला आया था सामने सीधी जिले के ही बमुरहा में ​15 सिंतबर 2024 को स्कूल में शिक्षक शराब के नशे में छात्रों के बैग को तकिया बनाकर सोते नजर आये थे. मामला सामने आने के बाद मास्टर साहब के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे.

मध्य प्रदेश को मिलने वाला है नया प्रदेशाध्यक्ष जल्द , इस दिन आएगी सूची

Madhya Pradesh is going to get a new state president soon, the list will come on this day भाजपा जिला अध्यक्ष चुने जाने की मप्र भाजपा की अड़चनें शीर्ष नेतृत्व ने दूर कर दी है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही भाजपा को प्रदेश अध्यक्ष भी मिल जाएगा। इन बिंदुओं पर दिल्ली में शुरू हुई केंद्रीय भाजपा की बैठक में मंथन हुआ। इसमें मप्र भाजपा संगठन पदाधिकारियों का एक दल शामिल रहा। चुनाव को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत हुई। प्रदेश भाजपा ने किया था मंथन प्रदेश भाजपा खुद के स्तर पर मंथन कर रही थी, लेकिन जिला अध्यक्ष चुने जाने को लेकर एक राय नहीं बनी। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व की लाइन पर पार्टी बढ़ेगी। प्रत्येक जिले से तीन-तीन नामों का पैनल मंगवाया जाएगा। इसी में से एक नाम संगठन के संज्ञान में लाकर फाइनल किया जाएगा। बता दें कि अध्यक्षों की सूची पांच जनवरी तक आ जाएगी। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। बूथ व मंडल अध्यक्ष चुनने में अव्वल राष्ट्रीय बैठक में मप्र भाजपा द्वारा बूथ और मंडल अध्यक्ष चुने जाने को लेकर बरती गई पारदर्शिता व सक्रियता चर्चा का विषय रही। सूत्रों के मुताबिक अन्य राज्यों के संगठन को मप्र भाजपा के कामों से सीख लेने की सलाह दी गई। सक्रिय सदस्यता में भी अच्छा काम प्रदेश भाजपा ने सक्रिय सदस्य बनाने में भी अच्छा काम किया। मप्र भाजपा इसमें पहले स्थान पर रहा तो गुजरात को दूसरी व यूपी को तीसरी रैंक मिली। इस पर भी प्रदेश भाजपा संगठन को सरहाना मिली है। पूर्व संगठन मंत्री भी ठोक रहे ताल पार्टी के पूर्व संगठन मंत्री से लेकर पूर्व विधायक तक जिला अध्यक्ष के लिए ताल ठोक रहे हैं। क्षेत्रीय क्षत्रपों से समीकरण बैठाने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई नेता पूर्व संगठन मंत्रियों के नाम की पुरजोर पैरवी भी कर रहे हैं। ऐसा होता है पार्टी में ही नई लकीर खींची जाएगी। भाजपा संगठन ने सितंबर 2021 में छह संभागीय संगठन मंत्रियों की छुट्टी कर दी थी। शैलेंद्र बरूआ, जितेंद्र लिटोरिया, आशुतोष तिवारी, श्याम महाजन, जयपाल सिंह चावड़ा और केशव सिंह भदौरिया को पद से मुक्त करते हुए पूरी जिम्मेदारी संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को दी गई थी। तीन फैक्टर हावी लंबे समय बाद जिला अध्यक्षों के चुनाव हो रहे हैं। 75 फीसदी जिलों में मौजूदा अध्यक्ष भारी पड़ रहे हैं, क्योंकि इन्हीं के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 और सक्रिय सदस्यता बनाने में देशभर में बाजी मारी।जमीनी पदाधिकारी दावा ठोक रहे हैं कि वे लंबे समय से बिना पद के काम किए जा रहे हैं। उन्हें निगम मंडलों में जगह नहीं दी गई। कम से कम अब संगठन चुनाव में ही मौका मिल जाए।कई सांसद व भाजपा विधायक भी जोड़-तोड़ में लगे हैं कि उनके गुट का अध्यक्ष हो तो चुनाव लड़ने को लेकर थोड़ी मदद मिलेगी। इसके अलावा भी अध्यक्षों को लेकर कई फैक्टर प्रभावी हैं।

मनोज श्रीवास्तव बने नए एमपी राज्य निर्वाचन आयुक्त: सीएम सचिवालय में सबसे पावरफुल अफसर रहे; बीपी सिंह का कार्यकाल पूरा

Manoj Srivastava becomes new MP State Election Commissioner: He was the most powerful officer in CM Secretariat; BP Singh’s tenure ends भोपाल । रिटायर्ड अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश के नए राज्य निर्वाचन आयुक्त बन गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार शाम को आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले आयोग के आयुक्त रहे बसंत प्रताप सिंह का 6 माह का अतिरिक्त कार्यकाल 31 दिसंबर पूरा हुआ है। इसके चलते राज्य शासन ने आज ही राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नई नियुक्ति के आदेश जारी किए। श्रीवास्तव के पहले इस पद पर पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा और रिटायर्ड एसीएस मलय श्रीवास्तव की भी दावेदारी थी। वीरा राणा का आदेश ऐन मौके पर रुका थाइसके पहले 30 सितम्बर को पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा के रिटायरमेंट के दिन उन्हें नया राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाए जाने के आदेश जारी होने वाले थे। राज्य निर्वाचन आयोग में इसकी तैयारी भी कर ली गई थी और बीपी सिंह ने स्टाफ को हाई-टी देकर खुद को कार्यमुक्त भी बता दिया था। हालांकि अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाने का आदेश जारी होने के बाद समीकरण बदल गए। इसके बाद वीरा राणा काे राज्य निर्वाचन आयुक्त बनने का फैसला टल गया। 30 जून को खत्म हो गया था सिंह का कार्यकालइससे पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त रहे बीपी सिंह का कार्यकाल 30 जून 2024 को खत्म हो गया था। तब सरकार ने किसी नए आयुक्त को नियुक्ति नहीं देते हुए बीपी सिंह को ही पद पर बने रहने के आदेश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद 6 माह तक पद पर बने रह सकते हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

Leader of Opposition Umang Singhar took a dig at CM Mohan: ‘State is in debt, Chief Minister’s wealth is increasing’ मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। प्रदेश पर भारी कर्ज़ का बोझ नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। ADR रिपोर्ट का खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। देश के अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। नेता प्रतिपक्ष के तंज उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। क्या कहते हैं आंकड़े? भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। सवालों के घेरे में सरकार विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी।

वाटर फॉल, नर्मदा नदी और प्राचीन मंदिर…जबलपुर के भेड़ाघाट में मनाइए नए साल का जश्न

new year celebration in bhedaghatspectacular amidst marble valleys and sparkling waterfalls भेड़ाघाट ! जबलपुर के पास स्थित एक शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो संगमरमर की वादियों, धुआंधार जलप्रपात, और पवित्र नर्मदा नदी के लिए प्रसिद्ध है. यहां के प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय होता है. यह स्थल विशेष रूप से नए साल के जश्न या किसी भी खास अवसर पर शांति और सुकून का आनंद लेने के लिए सही है. भारत में प्रकृति की अपार धरोहरें हर कोने में फैली हुई हैं, और मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर इन धरोहरों का प्रमुख केंद्र है. अगर आप नए साल का जश्न प्रकृति के करीब और शांत वातावरण में मनाना चाहते हैं, तो जबलपुर का भेड़ाघाट और इसके आसपास के स्थल आपके लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं. read more: https://youtu.be/V5wcMkX490o?si=TF8QyG53-KavifTw जबलपुर को ‘संस्कारधानी’ के नाम से भी जाना जाता है, और यह शहर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. इस शहर के प्रमुख स्थल भेड़ाघाट, बरगी डेम, धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल न केवल प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का अनुभव कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्व को भी जीवित रखते हैं. संगमरमर वादियों में नाव की सैर, रोपवे से धुआंधार का नज़ारा, और नर्मदा की लहरों का संगीत इस अनुभव को यादगार बना देंगे. इसके साथ बरगी डेम में क्रूज पर भी यात्रा कर सकते है. धुआंधार जलप्रपातभेड़ाघाट का प्रमुख आकर्षण धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है. गिरते हुए पानी से उठता झाग धुएं जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘धुआंधार’ नाम दिया गया. इसकी तुलना अक्सर नियाग्रा फॉल्स से की जाती है. रोपवे के जरिए इस जलप्रपात का दृश्य और भी रोमांचक बनता है. संगमरमर की वादियांभेड़ाघाट में संगमरमर के पहाड़ नर्मदा नदी के साथ दो किलोमीटर तक फैले हुए हैं. इन संगमरमर की चट्टानों में सफेद, गुलाबी, हरी, और काली रंगों की छटा देखने को मिलती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन वादियों का दृश्य और भी मनोरम होता है. बंदर कूदनीसंगमरमर की इन चट्टानों के बीच ‘बंदर कूदनी’ नामक स्थान है, जहां चट्टानों की निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि एक बंदर कूदकर इसे पार कर सकता है. यह स्थल कई पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है. चौंसठ योगिनी मंदिरयह 9वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर भेड़ाघाट के पहाड़ पर स्थित है. यह मंदिर शक्ति.पासना का केंद्र था और इसे तांत्रिकों की विश्वविद्यालय माना जाता है. मंदिर में चौसठ योगिनियों की मूर्तियां हैं, जो हरियाली लिए पीले बलुआ पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था. त्रिपुर सुंदरी मंदिरभेड़ाघाट से कुछ दूरी पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरी काल की उत्कृष्ट कृति है. यहां देवी के तीन रूप महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है. यह स्थान तीन शहरों की सुंदर देवियों के वास का प्रतीक है. कुंभेश्वर महादेव मंदिरलम्हेटा घाट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने यहां लक्ष्मण के साथ शिव की आराधना की थी. इंद्र गयाइंद्र गया वह स्थान है जहां इंद्रदेव ने अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन किया था. यह स्थान आज भी धार्मिक कर्मकांडों के लिए प्रसिद्ध है. लम्हेटा घाटयह स्थान नर्मदा किनारे डायनासोर के अंडों के अवशेषों के लिए जाना जाता है. यहां डायनासोर के जीवाश्म मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं. भेड़ाघाट की फिल्मी पहचानभेड़ाघाट के संगमरमर वादियों में कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. यह स्थान भारतीय फिल्म उद्योग के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है. भेड़ाघाट में नाव यात्रा पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव है. नाविक की रोचक कमेंट्री, जिसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है, सैर को और भी यादगार बनाती है. नए साल का जश्ननए साल के जश्न या किसी भी अन्य अवसर पर भेड़ाघाट एक अद्भुत पर्यटन स्थल है. यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त हैं. भेड़ाघाट न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पौराणिक कहानियां इसे विशेष बनाती हैं. यह स्थान न केवल देखने और महसूस करने का है बल्कि आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है. यहां की यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार अवश्य करनी चाहिए.

आमला के शिक्षक हरिदास बड़ोदे(डाक्टर हरिप्रेम मेहरा) मथुरा मंच पर नवाजे गए ।

Amla’s teacher Haridas Barode (Dr. Hariprem Mehra) was honored on the Mathura stage. हरिप्रसाद गोहेआमला । बैतूल जिले के आमला निवासी शिक्षक हरिदास बड़ोदे ( डाक्टर हरीप्रेम मेहरा ) एक कुशल शिक्षक के साथ गीत संगीत एवं साहित्य के क्षेत्र में भी बखूबी जाने एवं पहचाने जाते है। इन्होंने क्षेत्र सहित समूचे मध्यप्रदेश में साहित्य के क्षेत्र में अपनी अमिट पहचान बनाई है अब उन्हें उत्तरप्रदेश के मथुरा में आयोजित साहित्य सम्मान वर्ष 2024 से नवाजा गया बडौदे की उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है। उन्हें सभी ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है । गौरतलब हो की मथुरा : नव उदय पब्लिकेशन ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के द्वारा वर्ष 2024 के समाप्ति के अवसर पर तीन दिवस पूर्व दिनांक 29 दिसंबर 2024 को प्रभु श्री कृष्ण जी की पावन जन्मभूमि मथुरा (उत्तरप्रदेश) में स्थान- जी. एस. फार्म, गोवर्धन चौराहा, गोवर्धन रोड, मथुरा में राष्ट्रीय भव्य सम्मान समारोह के अंतर्गत विशाल कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, काव्य पाठ, कविता पाठ, गीत, गायन आदि विभिन्न श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिसमे भारत वर्ष के प्रत्येक राज्य के अलावा विश्व स्तर के विद्वान, साहित्यकार, कवि, कवयित्री, लेखकों के सहित समाजसेवी, शिक्षाविदों, डॉक्टर, पर्यावरण प्रेमी, जनकल्याण के क्षेत्र में विभिन्न अभियान से जुड़े समाजसेवी, समाजसेवी संस्थाओं के संस्थापक आदि लगभग 250 विद्वानों को विशाल मंच पर एकत्रित कर सम्मानित किया गया है। उक्त कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह में शामिल होकर काव्य पाठ व गीत गायन करने का सुनहरा अवसर व आमंत्रण साहित्य के क्षेत्र में भूमिका बनाने वाले मध्यप्रदेश के बैतूल जिला के आमला निवासी- ‘डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा’ को प्राप्त हुआ। मथुरा विशाल कवि सम्मेलन में डॉ. हरिप्रेम मेहरा, धर्मपत्नी- श्रीमती आरती बड़ोदे एवं पुत्री- आंशी मेहरा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। सुबह 8 बजे से सायं 8 बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में प्रत्येक सहभागी को केवल पांच मिनट का समय दिया गया था। लेकिन काव्य पाठ के दौरान एवं श्री कृष्ण जी को समर्पित स्वलिखित गीत- तेरे चरणों की धूल…नामक मौलिक गीत की प्रस्तुति ने मंच ने अतिरिक्त समय देने के लिए मजबूर कर दिया और डॉ. हरिप्रेम मेहरा ने मंच के पूरे दस मिनट लेने के बावजूद जोरदार तालियों से समां बांधा। मंचासीन अतिथियों के द्वारा डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा को “महाकवि सूरदास नव उदय गीतकार व साहित्यकार सम्मान-2024” के सम्मान-पत्र सह मोमेंटो प्रदान करके गौरवांवित किया गया है। इस अवसर पर आयोजक समिति के द्वारा सम्मानित मंच पर सभी सम्मानित सदस्यों के फेमिली सदस्यों को प्रदेशवार मंच पर एक साथ बुलाकर अतिथियों के द्वारा अभिवादन किया गया। ये रहे अतिथि अद्वितीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- आदरणीय दर्शन सिंह चौधरी, लोकसभा सांसद, नर्मदापुरम (मध्यप्रदेश), बत्तीलाल मीणा सचिव- कृषि मंत्रालय, आगरा (उत्तरप्रदेश), अजीत कुमार (PCS, SDM) मथुरा, डॉ. बृजेश यादव (CPO-दीनदयाल उपाध्याय बेट्रीनरी कॉलेज) मथुरा, वेद प्रकाश राय (राष्ट्रीय सचिव, मीडिया प्रभारी-अखिल भारतीय भोजपुर समाज) लखनऊ, डॉ धर्मेंद्र कुंतल (डायरेक्टर- कुंतल मल्टीस्पेसिलिटी हॉस्पिटल) मथुरा, रवि चौधरी (डायरेक्टर- राइट वाइट् एग्रोफ़ूड) आगरा, राघवेश तिवारी (नायब तहसीलदार) मथुरा, डॉ हर्ष गुप्ता (MBBS, MD, MCh, यूरोलोजिस्ट, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन) मथुरा, जुगल किशोर प्रधान, भूपेंद्र कुमार (फाउंडर- MD ऑफ ऐफोरिया ग्रुप) नोएडा, कैप्टन डॉ. राजश्री (असोसिएट- NCC officer B.B.A. युनिवर्सिटी लखनऊ, मंच संचालक, विशेष अतिथि- कविश्रेष्ठ सत्यप्रकाश ‘सत्य’ देहरादून (उत्तराखंड), श्रीमती अर्चना द्विवेदी कवयित्री श्रृंगार रस अयोध्या, कवि अनूप कुमार नवोदयन लखनऊ, मंच संचालक, कवयित्री भारती शर्मा मथुरा, शेरसिंह मथुरा, नरेंद्र चौधरी मथुरा, कर्मवीर गुर्जर मथुरा, मोहित मानधन्या, भोपाल (मध्यप्रदेश), राज शेखर लखनऊ, अम्बरीष पांडेय (वरिष्ठ पत्रकार व सम्पादन ZEE न्यूज़) नोयडा, अविनाश कुमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष- नवोदय जनतांत्रिक पार्टी, MD ब्राम्हीह अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन), गरिमा श्रीवास्तव (न्यूज रीडर, एंकर जनतंत्र टीवी चैनल), रक्षा सिन्हा (मंच संचालक) गाज़ियाबाद, वर्तिका (पत्रकार ndtv न्यूज़ रीडर) मथुरा (उत्तरप्रदेश), कविश्रेष्ठ प्रभात कुमार ‘प्रभात’ मथुरा, मुख्य संचालिका- मैडम ऋतु अग्रवाल (संपादिका- नव उदय मासिक पत्रिका, एवं नव उदय पब्लिकेशन) ग्वालियर, संस्थापिका व आयोजिका- शिव्या जैन (नव उदय मासिक पत्रिका व नव उदय प्रकाशन) ग्वालियर (मध्यप्रदेश) आदि उपस्थित थे। किया आमला का नाम रोशन डॉ. हरिदास बड़ोदे हरिप्रेम मेहरा, वर्तमान में शिक्षक, कवि, गीतकार, लेखक, साहित्यकार होने के साथ साथ कुशल व्यवहार, मृदुभाषी व मिलनसार है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश में जिला बैतूल की तहसील मुलताई में सूर्यपुत्री माँ ताप्ती देवी, उद्गम स्थल के समीप वटवृक्ष से शोभायमान पैतृक ग्राम बानूर जन्मभूमि के साधारण बड़ोदे परिवार व विशाल मेहरा समाज के सपूत और आमला शहर के मूलतः निवासी को इस उपलब्धि के लिए आमला शहर का नाम रोशन करने पर सभी ईष्ट मित्रों, रिश्तेदारों, परिवारजनों, नगरवासियों के द्वारा उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की है।

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Dr. Mohan Yadav ranked 10th among the richest Chief Ministers of the country, latest report creates stir एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Dr Mohan Yadav) देश के पांचवें सबसे अमीर सीएम है। विधानसभा चुनाव 2023 के समय डॉ. मोहन यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15 लाख रुपए) के पास सबसे कम संपत्ति है। वहीं देश के 31 मुख्यमंत्रियों(Richest Chief Ministers) की कुल संपत्ति 1630 करोड़ रुपए है। 2023-24 में भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय लगभग, 85, 854 थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13, 64, 310 रुपए है, जो औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। डॉ. मोहन यादव के पास इतनी संपत्ति चल संपत्ति: विस चुनाव 23 के समय डॉ. मोहन(CM Mohan Yadav) यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। डॉ. यादव के पास 5.66 करोड़, पत्नी के पास 3.23 करोड़, परिवार के पास 59.66 लाख और बेटा अभिमन्यु के पास 42.96 लाख की चल संपत्ति थी।अचल संपत्ति का विवरण: डॉ. मोहन यादव के पास चुनाव के पहले 13.36 करोड़ और पत्नी सीमा पास 18.75 करोड़ की अचल संपत्ति थीं।चुनाव के पहले मोहन यादव पर 5.75 करोड़, पत्नी सीमा पर 1.86 करोड़, परिवार पर 4 लाख रुपए की देनदारियां थीं। देखें अमीर मुख्यमंत्रियों की लिस्ट

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