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कार पंक्चर कर लाखों की चोरी मद्रास की ठक-ठक गैंग, रास्‍ते चलते बदल लेते हैं कपड़े

Madras's Thak-Thak gang steals lakhs by puncturing a car, changes clothes on the way

Madras’s Thak-Thak gang steals lakhs by puncturing a car, changes clothes on the way इंदौर। कार पंक्चर कर लाखों रुपये की चोरी करने में मद्रास की ठक-ठक गैंग का चेहरा सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने सात बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज निकाले हैं जो बाणगंगा थाना क्षेत्र में वारदात करने आए थे। बदमाश पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वारदात करते ही चलते हुए आरोपित कपड़े भी बदल लेते हैं। दो वारदातें हुई थीं डीसीपी जोन-3 पंकज पांडेय के मुताबिक, 15 जुलाई को पंधाना निवासी देवेंद्र पंवार के साथ लवकुश चौराहे पर वारदात हुई थी। बदमाश उनकी कार को पंक्चर कर 10 लाख से ज्यादा के आभूषण और नकदी रुपये चुरा ले गए थे। इसी गैंग ने कोतवाली थाना क्षेत्र के सियागंज में कार पंक्चर की और महिला से 35 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। वारदात के पहले पार्टी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस मदनी दरबार होटल पहुंची तो आरोपित वारदात के पूर्व नाॅनवेज की पार्टी करते हुए नजर आए। आरोपित वारदात के बाद रेलवे स्टेशन के समीप भी दिखे। हालांकि इस बीच पुलिस की नजरों से बचने के लिए कपड़े बदल लिए। 15 जुलाई को लवकुश चौराहे पर वारदात हुई थी। बदमाश कार पंक्चर कर 10 लाख से ज्यादा के आभूषण और रुपये चुरा ले गए थे। इसी गैंग ने कोतवाली थाना क्षेत्र के सियागंज में ऐसी वारदात की थी। पंकज पांडेय, डीसीपी जोन-3 बंगले में चोरी करने वाले आरोपितों से टामी-औजार जब्त एमजी रोड स्थित लाल बंगला में चोरी करने वाले आरोपितों को तुकोगंज पुलिस ने शनिवार तक रिमांड पर लिया है। पुलिस ने आरोपितों से औजार और टामी जब्त कर ली है। आरोपित पवन ओझा निवासी हुकुमचंद कालोनी और रवि साहू निवासी मालपुर कैंट गुना ने शहर में चोरी की थी। आरोपितों ने साड़ी व्यवसायी पलाश जैन पर हमला भी किया था। जितेंद्रसिंह यादव, टीआई

महंगाई ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, हाय रे महंगाई , अभी और बढ़ेगी महंगाई

Inflation has spoiled the taste of food, oh dear inflation, inflation will increase further.

Inflation has spoiled the taste of food, oh dear inflation, inflation will increase further. भोपाल ! महंगाई की मार से पहले ही परेशान आम लोगों के ऊपर अब मौसम की मार पड़ने वाली है. देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश आने वाले दिनों में टमाटर की कीमतों में तेज इजाफा करा सकती है. यह खतरा ऐसे समय उपस्थित हुआ है, जब पहले से टमाटर की कीमतें काफी बढ़ी हुई हैं. पिछले महीने यहां तक गया था भावभोपाल में टमाटर की कीमतें इस सीजन में एक बार शतक लगा चुकी हैं. भोपाल के खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतें 100 रुपये किलो पर पहुंच गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, करोंद मंडी पर टमाटर कल 100 रुपये किलो के भाव से बिक रहा था. वहीं न्यू मार्केट खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतें 100 से 120 रुपये किलो तक पहुंच गई थीं. पिछले साल इतना महंगा हुआ था टमाटरटमाटर की कीमतों में हर बार साल के इन महीनों के दौरान तेजी देखी जाती है. पिछले साल तो स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी टमाटर के भाव खुदरा बाजार में 350 रुपये किलो तक पहुंच गए थे. उसके बाद सरकार ने सहकारी एजेंसियों की मदद से कई शहरों में रियायती दर पर टमाटर बेचना शुरू किया था.

नागद्वारी यात्रा शुरू, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने तय किया बसों का किराया

Nagdwari Yatra begins, administration fixes bus fare for devotees

Nagdwari Yatra begins, administration fixes bus fare for devoteesMela In Pachmarhi: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में आज से नागद्वारी यात्रा की शुरुआत हो गई है. पचमढ़ी में नागद्वारी मंदिर साल में महज 10 दिनों के लिए खुलता है. 10 दिन चलने वाले इस मेले में मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु नागराज के दर्शन के लिए आते हैं. सात दुर्गम पहाड़ी व 15 किलोमीटर की यात्रा कर श्रद्धालु नागराज के दर्शन करते हैं. इस बार भी इन 10 दिनों में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. बता दें यात्रा नागफनी से नाथद्वारा तक होती है. यहां श्रद्धालु एकत्रित होकर यात्रा शुरू करते हैं. करीब 15 किलोमीटर पैदल चलकर श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचते हैं. इस दौरान पगडंडियों और सीढिय़ों की मदद से श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचते हैं. 10 दिवसीय यात्रा को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं. मेला प्रभारी व एसडीएम संतोष तिवारी के अनुसार मेला अवधि तक एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी सहित प्रशासनिक अमला यहां मौजूद रहेगा. साथ ही 700 पुलिस जवान व 130 होमगार्ड, 50 आपदा मित्र, 12 एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे. प्रशासन ने फिक्स किया बसों का किराया मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नर्मदापुरम ने तक विभिन्न शहरों से आने जाने के लिए किराया सूची जारी की है. नागपुर से पचमढ़ी तक का किराया 338 रुपये निर्धारित किया है. छिंदवाड़ा से पचमढ़ी का 236 रुपये, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 250 रुपये, सिवनी मालवा से पचमढ़ी का किराया 212 रुपये, इटारसी से पचमढ़ी का किराया 178 रुपये, नर्मदापुरम से पचमढ़ी का किराया 157 रुपये, बाबई से पचमढ़ी का किराया 128 रुपये, सेमरी से पचमढ़ी का किराया 106 रुपये, बनखेड़ी से पचमढ़ी का किराया 97 रुपये, सोहागपुर से पचमढ़ी का किराया 93 रुपये, पिपरिया से पचमढ़ी का किराया 68 रुपये, मटकुली से पचमढ़ी का किराया 36 रुपये, औबेदुल्लागंज से पचमढ़ी का किराया 206 एवं गाडरवारा से पचमढ़ी का किराया 136 रुपये निर्धारित किया गया है.

MP Weather: प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हुआ मानसून, जिलों में बारिश का अलर्ट

MP Weather: Monsoon becomes active once again in the state, rain alert in districts

MP Weather: Monsoon becomes active once again in the state, rain alert in districts MP Weather Update: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून तेज गति से सक्रिय होने वाला है. मौसम विभाग ने कई जिलों को लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जबकि मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्य और हल्की बारिश भी हो सकती है. मौसम विशेषज्ञ डॉ राजेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में मानसून सक्रिय हो रहा है. अभी कुछ दिनों से यहां हल्की बारिश हो रही थी, लेकिन एक बार फिर तेज बारिश की आशंका बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदा पुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, सांची में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. इन जिलों में पहले भी लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक एमपी के कई जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है. इनमें भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, निवाड़ी, दमोह, सागर, उज्जैन, देवास, खंडवा, शहडोल, कटनी, अनूपपुर, उमरिया, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, पांढुरना, खंडवा, गुना जिले शामिल है. 11 जिलों में हल्की बारिश के आसारमौसम विभाग में मध्य प्रदेश के 11 जिलों में हल्की बारिश के संकेत दिए हैं. इन जिलों में अशोकनगर, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, आगर मालवा, झाबुआ, मंदसौर, खरगोन, बुरहानपुर, इंदौर और शिवपुरी शामिल है. नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीबमंडला जिले में झमाझम बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश की वजह से मंडला में नर्मदा नदी का जल स्तर 437.30 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 437.80 मीटर है. भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वहीं भोपाल में गुरुवार को बारिश की वजह से स्कूली बच्चों की बस नाले में फंस गई, जिसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया. सीहोर जिले के अहमदपुर के गांव मगर्दी में एक व्यक्ति नाले में बह गया है. तेज बारिश की वजह से नाला उफान पर था.

स्पेशल डीजी संजय झा सेवानिवृत, आलोक रंजन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Special DG Sanjay Jha retired, Alok Ranjan got big responsibility

Special DG Sanjay Jha retired, Alok Ranjan got big responsibility भोपाल। स्पेशल डीजी ट्रेनिंग संजय झा बुधवार 31 जुलाई को सेवानिवृत हो गए। उनकी जगह 1991 बैच के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रबंध आलोक रंजन को स्पेशल डीजी बनाया जाएगा। इसके बाद सितंबर में स्पेशल डीजी एवं डायरेक्टर अभियोजन सुषमा सिंह सेवानिवृत होंगी। उनके स्थान पर एडीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव स्पेशल डीजी बनेंगी। बता दें कि संजय झा परिवहन आयुक्त थे, जिन्हें गुना बस हादसे के बाद पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया था। इसी वर्ष 30 नवंबर को डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत होने पर एक स्पेशल डीजी को डीजीपी बनने का अवसर मिलेगा। ऐसे में स्पेशल डीजी एक पद रिक्त होने पर एडीजी तकनीकी सेवाएं योगेश मुद्गल डीजीपी बनेंगे। बता दें कि प्रदेश में डीजी के काडर पद पांच हैं, पर प्रदेश में काडर और नान काडर मिलाकर इसके 12 पद बनाए गए हैं। काडर पद में डीजीपी के अतिरिक्त, चेयरमैन पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन, डीजी होमगार्ड, डीजी जेल और स्पेशल डीजी प्रशिक्षण के पद शामिल हैं। लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में भी डीजी का पद हैं पर यह काडर पद नहीं है। अधिकारी का नाम — पदनाम– सेवानिवृत्तिसुषमा सिंह- स्पेशल डीजी- 30 सितंबर राजेश कुमार गुप्ता – एडीजी- 30 सितंबर अनिल कुमार गुप्ता – एडीजी- 31 अक्टूबर आरके हिंगणकर – डीआइजी -31 अक्टूबर सुधीर कुमार सक्सेना – डीजीपी – 30 नवंबर महेंद्र सिंह सिकरवार – आइजी – 31 दिसंबर

कलियासोत नदी को बारहमासी बनाकर साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने, केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुलाकात की।

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar to make Kaliyasot river perennial and develop it on the lines of Sabarmati River Front. भोपाल की कलियासोत नदी को गुजरात की साबरमती की तर्ज पर विकसित किया जाए – विधायक रामेश्वर शर्मा भोपाल। भोपाल की हुजूर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरों की तर्ज पर विकसित कराते हुए विकास पुरुष की पहचान बनाने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा ने क्षेत्रीय विकास को लेकर एक नई मुहिम छेड़ दी है। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा ने केन्द्रीय नगरीय विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर कोलार की कलियासोत नदी को बारहमासी बनाने के साथ-साथ साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने एवं उसके घाटों को विकसित कर पर्यटन केन्द्र बनाने की मांग को लेकर निवेदन पत्र सौंपा है। इस निवेदन पत्र में उन्होंने भोपाल की जीवन रेखा कहीं जाने वाली कलियासोत नदी के सालभर सूखे रहने की चिंता तथा उससे होने वाली नागरिक असुविधा को व्यक्त किया, साथ ही उसे बारहमासी बनाने के उपाय एवं उससे होने वाले लाभ को भी विधायक शर्मा ने मांग पत्र में उल्लेखित किया। ज्ञात हो कि कलियासोत नदी कोलार से होते हुए बेतवा नदी में मिलती है। जो कि वर्तमान में कलियासोत डेम पर पूर्णरूपेण निर्भर करती है। डेम के गेट खुलने के बाद ही इस नदी में पानी आता है बाकि वर्ष भर यह सूखी रहती है। निम्न मांगों को लेकर सौंपा पत्र केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि – कलियासोत नदी भोपाल की जीवन रेखा है। उसे बचाने का दायित्व हम सबका है। और केवल बचाना नहीं है, उसका संवर्धन भी करना है। इसको लेकर कल माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी से भेंट कर उनको कलियासोत नदी की यथास्थिति से अवगत कराया। साथ ही उनकी विकास योजना को लेकर भी सुझाव प्रस्तुत किए। उन्हें गुजरात की साबरमति रिवर फ्रंट की कार्य योजना की भी जानकारी दी। जिसके मूल स्वरूप एवं पर्यावरण के अनुरूप CEPT अहमदाबाद (Center for Environmental Planning and Technology) द्वारा विकसित किया गया था।कलियासोत के सौंदर्गीकरण हेतु भी इसी तरह के अनुभवी संस्थान के द्वारा कार्य योजना बनवाई जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि – माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री कलियासोत नदी के संरक्षण की दिशा में साबरमती नदी की तर्ज पर विकसित करने हेतु सार्थक निर्देश सम्बन्धितों को दिए । जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया ।

टीवी मोबाइल से रोका तो बच्चों ने माता पिता पर केस दर्ज करवा दिया, 7 साल की सजा संभव

When TV was stopped from mobile, children filed a case against parents, possible punishment of 7 years

When TV was stopped from mobile, children filed a case against parents, possible punishment of 7 years इंदौर ! बच्चों ने माता पिता पर केस दर्ज करवा दिया। केस भी ऐसा कि उसमें सात साल तक की सजा हो सकती है। बच्चों ने इसलिए ऐसा किया क्योंकि माता पिता उन्हें टीवी और मोबाइल नहीं देखने देते थे। नाराज 21 साल की बेटी और 8 साल के बेटे ने थाने पहुंचकर माता पिता दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने पैरेंट्स के खिलाफ चालान भी पेश कर दिया है। मामला चंदन नगर थाने का है। हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट में शुरू हुए ट्रायल पर रोक लगाईअधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि माता-पिता ने हाईकोर्ट में इस केस में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जिला कोर्ट में माता-पिता के खिलाफ शुरू किए गए ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी है। चौधरी के मुताबिक, हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में उल्लेख किया गया कि 25 अक्टूबर 2021 को बच्चे थाने पहुंचे और पुलिस अफसरों को माता-पिता के द्वारा मोबाइल देखने, टीवी चलाने पर रोज-रोज डांटने की बात बताई। इस पर पुलिस ने परिजन के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। बुआ के पास रहते हैं बच्चेबच्चों ने पुलिस को बताया कि माता-पिता कई बार उनसे मारपीट भी करते थे। माता-पिता ने पुलिस थाने और कोर्ट में बार-बार कहा कि बच्चों की मोबाइल, टीवी की लत से हर घर परेशान है। बच्चों को डांटना बहुत ही सामान्य बात है। अब एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही दोनों बच्चे बुआ के साथ रह रहे हैं। पिता का भी अपनी बहन के साथ विवाद चल रहा है। यह धाराएं लगाई गईबच्चों की शिकायत पर पुलिस ने पैंरेंट्स पर धारा 342, धारा 294, धारा 323 लगाई है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री का फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास

PWD Minister's attempt to cheat by creating fake Facebook ID

PWD Minister’s attempt to cheat by creating fake Facebook ID मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पैसों की मांग का मामला सामने आया है। मंत्री स्टाफ ने साइबर पुलिस की जबलपुर यूनिट में शिकायत कर दी है। हालांकि कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन साइबर पुलिस ने इस संबंध में फेसबुक से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने का पत्र भेज दिया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को मंत्री राकेश सिंह को जबलपुर प्रवास के दौरान एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि आपके नाम से फेसबुक मैसेंजर से मैसेज आया है कि कुछ पैसों की जरूरत है। इसके बाद मंत्री ने स्टाफ को जानकारी जुटाने को कहा। मंत्री स्टाफ ने फेसबुक खंगाला तो मंत्री राकेश सिंह के नाम से एक फर्जी अकाउंट एक्टिव था, जिसकी डीपी में मंत्री राकेश सिंह की फोटो लगी हुई थी। इसके बाद मंत्री ने साइबर सेल में शिकात करा दी। मंत्री की अपील जालसाजों से सावधान रहेंमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में जालसाज द्वारा लोगों को मैसेज भेजकर पैसे मांगने संबंधी चैट की स्क्री शॉट पोस्ट करने के साथ अपील की है कि जालसाजों से लोग सावधान रहें। मंत्री सिंह ने कहा कि कोई भी इस ठग की बात पर ना आए। क्या है चैट मेंअज्ञात जालसाज ने मंत्री राकेश सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी से उनके एक परिचित को भेजे मैसेज में लिखा – हेलो, कैसे हो, इसके बाद सामने वाले ने जवाब दिया कि अच्छा है भैया, आपका आशीर्वाद है। इसके बाद जालसाज ने कहा – कहां पर हो, इस पर सामने वाला जवाब देता है कि एंजेसी में भैया, महेन्द्रा ट्रेक्टर वाली। इसके बाद जालसाज ने कुछ पैसे ट्रांसफर कर करने संबंधी मैसेज किया। चूंकि ट्रैक्टर एजेंसी संचालक भी जबलपुर क्षेत्र का है और मंत्री राकेश सिंह के पुराने परिचित हैं। उन्हें पता है कि मंत्री राकेश सिंह कभी किसी से उधार पैसे नहीं मांगते। इससे उसे शक हुआ तो उसने मंत्री के करीबियों से संपर्क कर उन तक बात पहुंचाई।

पनीर फैक्ट्री पर EOW का छापा, 25 सदस्यीय टीम कर रही जांच

EOW raids cheese factory, 25 member team investigating

EOW raids cheese factory, 25 member team investigating सीहोर ! जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर पीपलियामीरा गांव में स्थित पनीर फैक्ट्री पर ईओडब्ल्यू टीम ने छापामार कार्रवाई की है. टीम में 20 से 25 सदस्य हैं, जो जांच पड़ताल कर रहे हैं. ईओडब्ल्यू अफसरों की टीम करीब 10 से 12 गाडिय़ों के काफिले के साथ आई हैं. फैक्ट्री के बाहर पुलिस बल तैनात है, जबकि अंदर ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी है. बता दें ग्राम पिपलियामीरा में स्थित जय श्री गायत्री पनीर फैक्ट्री में आज बुधवार की सुबह ईओडब्ल्यू ने छापामार कार्रवाई की है. ईओडब्ल्यू के अफसर 10 से 12 गाडिय़ों के काफिले के साथ आए हैं. इस टीम में करीब 20 से 25 सदस्य बताए जा रहे हैं. फैक्ट्री आते ही टीम के अफसर फैक्ट्री के अंदर चले गए, जबकि बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है. किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है. बता दें कुछ दिन पहले ही फैक्ट्री को सील भी किया गया था. फैक्ट्री मालिक के घर भी छापाबताया जा रहा है कि फैक्ट्री मालिक के सीहोर क्रिसेंट रेसिडेंसी स्थित घर पर भी छापा मारा है, यहां भी ईओडब्ल्यू की टीम के करीब 8 से 10 सदस्य पहुंचे हैं. फिलहाल फैक्ट्री और मालिक के घर पर कार्रवाई जारी है. बता दें सीहोर स्थित गायत्री पनीर फैक्ट्री में दूध से कई तरह की चीजें बनती है, जिसमें पनीर, आईस्क्रीम अन्य पदार्थ. खास बात यह है कि इस फैक्ट्री से प्रोडेक्ट की विदेशों में भी सप्लाई की जाती है.

प्रदेश में आज मूसलाधार बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया येलो-ऑरेंज अलर्ट

Meteorological Department: Rain alert

Torrential rain forecast in the state today, IMD issues yellow-orange alert भोपाल ! मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में जुलाई की तरह अगस्त महीने में भी मौसम खासा मेहरबान रहेगा. प्रदेश में बारिश का सिस्टम फिर एक्टिव हो गया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज गुरुवार (1 अगस्त) से प्रदेश में तीन-चार दिन बारिश होगी. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 15 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून टर्फ गंगानगर, हिसार, दिल्ली होते हुए गुजर रही है. पश्चिम बंगाल की ओर और अरब सागर में ऊपरी हवा का चक्रवात सक्रिय होने से दोनों तरफ से नमी आ रही है. इसके चलते प्रदेश में अगले तीन-चार दिन भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने जिलों को येलो और ऑरेंज अलर्ट में बांट रखा है. मौसम विभाग के अनुसार सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, बालाघाट जिलों में बारी बारिश का ऑरेंज जारी किया गया है. जबकि सीहोर, बैतूल, हरदा, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां सहित कुछ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इनके अलावा भी अन्य शहरों में तेज बारिश होगी. कल इन जिलों में होगी भारी बारिशमौसम विभाग ने दो अगस्त के लिए भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में विदिशा, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, सिवनी, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, छतरपुर, टीकमगढ़ और बालाघाट शामिल हैं. तीन दिनों से थी राहतबता दें बीते एक सप्ताह से प्रदेश के कई शहरों में झमाझम बारिश का दौर जारी था, लेकिन सिस्टम के नरम पड़ जाने की वजह से बीते तीन दिनों से प्रदेश में राहत थी. जबकि इससे पहले कटनी सहित तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए थे. भारी बारिश की वजह से लोगों को असुविधाओं का सामना भी करना पड़ गया था.

चैनलिंक, बारवेड वायर और पोल्स की 60 करोड़ की खरीदारी में कमीशनबाजी बंट जाते हैं 12 करोड़

12 crore commission is divided in the purchase of 60 crores of chainlink, barbed wire and poles.

12 crore commission is divided in the purchase of 60 crores of chainlink, barbed wire and poles. उदित नारायणभोपाल ! चालू वित्त वर्ष में जंगल महकमे में करीब 50 से 60 करोड़ रूपए की चैनलिंक, बारवेड वायर और टिम्बर पोल्स की खरीदी में बड़े पैमाने पर कमीशन बाजी का खेल खेला जा रहा है। सबसे अधिक खरीदी कैंपा फंड से की जा रही है। इसके अलावा विकास और सामाजिक वानिकी (अनुसंधान एवं विस्तार ) शाखा से भी खरीदी होती है। विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों की माने तो कुल रिलीज बजट की 18 से 20% धनराशि कमीशन के रूप में टॉप -टू – बॉटम बंटती है। यानि सप्लायर्स को हर साल लगभग 10-12 करोड़ कमीशन में बांटने पड़ते हैं। दिलचस्प पहलू यह है कमीशन में अधिक हिस्सेदारी न बढ़े, इसके लिए प्रोटेक्शन शाखा से बंटने वाली राशि भी अब कैंपा शाखा से बंटने लगी है। जबकि पूर्व में विभाग में परम्परा रही है कि फायर लाइन से लेकर मोबाइल, वायरलेस, वाहन आदि से समन्धित बजट प्रोटेक्शन शाखा से बंटता रहा है।मुख्यालय से सबसे अधिक फंड कैंपा शाखा से रिलीज किया जाता है। इसके बाद सामाजिक वानिकी और विकास शाखा से भी करोड़ों की धनराशि वन मंडलों को दिया जाता है। तीनों शाखाओं को मिलाकर हर वन मंडल को 5 से 7 करोड़ रूपए की राशि हर साल खरीदी के लिए रिलीज किया जा रहा है। चैनलिंक जाली, बारवेड वायर, टिम्बर पोल्स, रूट ट्रेनर्स, मिट्टी और गोबर एवं रासायनिक खाद वगैरह की खरीदी की जाती है। इस खरीदी में 15 से 18 फीसदी तक राशि कमीशन बाजी में बंटती है। इस खेल को रोकने के लिए पूर्व वन मंत्री विजय शाह ने ग्लोबल टेंडर बुलाने की पहल की थी किंतु मैदानी अफसरों के विरोध के चलते वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए थे। इसकी मुख्य वजह यह है कि मुख्यालय से लेकर मैदानी अमले का नेक्सस से सीधा रिश्ता है। गौरतलब यह भी है कि मुख्यालय से विभिन्न शाखों द्वारा फंड रिलीज करने का कोई निर्धारित मापदंड नहीं है। चेहरा देखकर फंड वितरित किया जा रहा है। इस फार्मूले का उपयोग सबसे अधिक कैम्पा फंड में किया जा रहा है। अनूपपुर वन मंडल में तीन रेंज है जहां कैंपा फंड से फायर प्रोटक्शन के 24 लाख रुपए रिलीज किए गए। वहीं उत्तर शहडोल वन मंडल में बड़े जंगल हैं, उसके लिए कैम्पा शाखा से मात्र 14 लाख रूपये दिए गए। इसी प्रकार सिंगरौली में तीन रेंज है वहां 36 लाख और नरसिंहपुर वन मंडल के लिए मात्र ₹1200000 दिए। यह असमानता इसलिए है कि कैंपा पीसीसीएफ अपनी मनमर्जी के अनुसार डीएफओ को फंड डिलीट कर रहे हैं। जबकि संरक्षण शाखा फायर प्रोटक्शन के लिए वार्षिक एप्सन प्लान तैयार करता है। पीसीसीएफ डॉ दिलीप कुमार का कहना है कि कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को ट्रांसफर होनी चाहिए और उसके बाद संरक्षण शाखा ही डीएफओ को अपने एक्शन प्लान के अनुसार बजट रिलीज करें।इसके कारण गड़बड़ी की आशंका बढ़ती जा रही है। सरकार के निर्देशों की अवहेलना राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि वायरवेट, चैनलिंक और पोल की खरीदी में लघु उद्योग निगम को प्राथमिकता दें किंतु 95% खरीदी जेम्स और ई टेंडर से हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लघु उद्योग निगम की दर और जेम (GEM) की दरों में डेढ़ गुना अंतर है। यानी लघु उद्योग निगम में वायरवेट कि दर 83 रुपए से लेकर 85 रुपए तक निर्धारित की गई है। जबकि जेम (GEM) में ₹150 तक है। सरकार की मंशा यह भी है कि लघु और मध्यम उद्यमियों को इस कारोबार से जोड़ा जाए। मुख्यालय से लेकर फील्ड के अफसर टेंडर की शर्तों में ऐसी शर्ते जुडवा देते हैं जिसके चलते लघु और मध्यम उद्यमी प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर हो जाते हैं। सरकार के अन्य विभाग में टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाती है किंतु वन विभाग में या परंपरा नहीं है। प्रतिस्पर्धियों का कहना है कि सभी डीएफओ को अपने वन मंडल के प्रत्येक टेंडर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करें। चहेती फर्म को उपकृत करने जोड़ देते हैं नई शर्तें फंड बंटवारे को लेकर दो अफसर भिड़ चुके विभाग में फंड बंटवारे को लेकर दो सीनियर अधिकारी भिड़ चुके हैं। पीसीसीएफ कैंपा महेंद्र सिंह धाकड़ की पदस्थापना के पहले तक फॉरेस्ट प्रोटक्शन को लेकर कैंपा से फंड संरक्षण शाखा को रिलीज किया जाता था और फिर संरक्षण शाखा डीएफओ की मांग के आधार पर वितरित करता था। धाकड़ ने इस परंपरा को बदल दिया। अब वह प्रोटेक्शन की राशि भी स्वयं जारी करते हैं। पूर्व में पीसीसीएफ प्रोटेक्शन रहे अजीत श्रीवास्तव ने इसका पुरजोर विरोध किया था और तीखा पत्र भी लिखा था, लेकिन बात नहीं बनी। मुद्दे को लेकर एक बैठक में तो दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई पर तत्कालीन वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने पीसीसीएफ कैंपा धाकड़ का साथ दिया। हालांकि अजीत श्रीवास्तव जल्द ही रिटायर हो गए। मौजूदा पीसीसीएफ प्रोटेक्शन डॉ दिलीप कुमार किंकर्तव्यविमुढ़ की स्थिति में है और वह सेवानिवृत्ति के दिन गिन रहे हैं। विभाग में चर्चा है कि पीसीसीएफ कैंपा महेन्द्र धाकड़ फाइनेंस कंपनी की तरह फंड रिलीज़ करते हैं। वे तो एक उच्च स्तरीय बैठक में यहां तक कह चुके हैं कि कैम्पा शाखा स्वायत्त संस्था है। ब्लैक लिस्ट फर्म कर रही हैं अभी भी धंधा वन विभाग में अलग-अलग वन मंडलों में कई फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके बाद भी ब्लैक लिस्ट फर्म अपने राजनीतिक रसूख के दम पर सामग्री की सप्लाई कर रही हैं। इसकी वजह भी साफ है कि वन विभाग में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है, जहां ब्लैक लिस्ट की गई फर्म को अन्य वन मंडलों में मैसेज कर धंधा करने से रोका जाए। वैसे पीडब्ल्यूडी जल संसाधन और अन्य विभागों में ऐसी व्यवस्था है कि ब्लैक लिस्ट फर्म की सूची बनाकर मैदानी अफसरों को भेजा जाता है और उन्हें निर्देशित किया जाता है कि इनसे कोई भी वर्क आर्डर न दिया जाए। कमीशन बाजी के खेल में प्रमुख संस्थाएं प्रखर इंटरप्राइजेज इंदौर, तिरुपति इंजीनियरिंग वर्क बालाघाट, जबलपुर वायरस जबलपुर, श्री विनायक स्टील इंदौर, राजपूत फेसिंग पोल भोपाल, अरिहंत मेटल (नाहटा), लकी इंडस्ट्रीज इंदौर, आकांक्षा इंडस्ट्रीज विदिशा, नवकार … Read more

शहर में दिनदहाड़े शूटआउट, महिला के गले से छीनी चेन और मार दी गोली, बेटे पर था निशाना लेकिन मां की मौत

Shootout in broad daylight in the city, chain snatched from woman's neck and shot, son was targeted but mother died

Shootout in broad daylight in the city, chain snatched from woman’s neck and shot, son was targeted but mother died ग्वालियर ! शहर में दिनदहाड़े एक गंभीर अपराध का मामला सामने आया है, जहां 55 साल की बुजुर्ग महिला को दो नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। घटना प्रीतम विहार कॉलोनी के माधौगंज थाना क्षेत्र में हुई। बदमाशों ने घर के बाहर इस घटना को अंजाम दिया और फिर फरार हो गए। महिला की हत्या का मुख्य निशाना उसका छोटा बेटा था, लेकिन गोली उसकी मां को लग गई। परिजनों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैसे हुई घटना बुजुर्ग महिला अनीता गुप्ता अपने छोटे बेटे जय गुप्ता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही थीं। जैसे ही वे घर के बाहर पहुंची, नकाबपोश बाइक सवार दो बदमाश उनके पास आकर खड़े हो गए। बदमाशों ने जय गुप्ता पर बंदूक तानकर चैन देने की बात कही। जब जय ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उसे धमकाया और गोली चला दी। गोली जय गुप्ता को न लगकर उसकी मां को जा लगी। गोली लगने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। हत्या की वजह घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि वारदात के पीछे चेन लूट और पुरानी रंजिश की बातें सामने आई हैं। मृतक के दामाद रोहित गुप्ता का कहना है कि बदमाशों ने चेन लूटने का बहाना बनाकर और पुरानी रंजिश के चलते गोली चलाई है। उनके साले सत्यम गुप्ता का सत्यम ट्रैवल्स के नाम से बसों का व्यवसाय है, जिससे पुरानी दुश्मनी हो सकती है। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान चेन लूट और पुरानी रंजिश से संबंधित सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात नकाबपोश बदमाशों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। अशोक सिंह जादौन, CSP ग्वालियर, ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

पांच हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, लोकायुक्त को देखकर खेत में लगाई दौड़

Patwari arrested for taking bribe of Rs 5000, ran in the field after seeing Lokayukta

Patwari arrested for taking bribe of Rs 5000, ran in the field after seeing Lokayukta शाजापुर ! नारायण गांव निवासी किसान प्रेम सिंह गुर्जर के पिता और चाचा भगवान सिंह गुर्जर की 13 एकड़ जमीन का बंटवारे और पावती अलग अलग करवानी थी, जिसे लेकर किसान लंबे समय से परेशान था। मामले को लेकर किसान पटवारी शाहिद शाह जो उनके गांव ने पदस्थ था के पास पहुंचा और जमीन नामांतरण करने की बात कही। जिसके लिए पटवारी ने किसान से 45000 हजार रुपये की मांग की। चालीस हजार रुपये में बात तय की गई थी। जिसके बाद लोकायुक्त ने पटवारी को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार पटवारी शाहिद शाह जिले के कुलमनखेड़ी का रहने वाला है। वह जिले की शाजापुर तहसील के नारायण गांव के हल्का नंबर 26 का पटवारी है और काशी नगर स्थित एक मकान में कार्यालय संचालित करता है। गुरुवार को किसान प्रेम सिंह गुर्जर ने उज्जैन लोकायुक्त में पटवारी के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जिस पर लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर एक टीम गठित कर किसान को 5000 हजार रुपये देकर शाजापुर रवाना किया गया। किसान तय राशि में से 5000 रुपये पटवारी को देने के लिए काशी नगर मजार युशुफी दरगाह रोड स्थित ऑफिस में देने पहुंचा। जैसे ही किसान ने पटवारी को रुपये दिए उसके तुरंत बाद पीछे से आ रहे लोकायुक्त डीएसपी बसंत श्रीवास्तव की टीम ने पामार मार दिया। ऑफिस में घुसी टीम को देखकर पटवारी शाहिद शाह कार्यालय से बाहर निकलकर सोयाबीन के खेत में भागने लगा। लेकिन, टीम ने पीछाकर उसे पकड़ लिया और उसके पास से रिश्वत के 5000 रुपये जब्त किए।

सावधान रहें, डेंगू बन सकता है जानलेवा… बर्तनों में मिले सबसे ज्यादा लार्वा

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils

Be careful, dengue can become fatal…Most larvae found in utensils भोपाल। सतर्कता जरूरी है, नहीं तो डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है। विभाग द्वारा किए एक सप्ताह के सर्वे में आठ हजार से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। मलेरिया विभाग की टीम लगातार घरों में जाकर सर्वे कर रही है। टीमों ने अभी तक दो लाख 75 हजार, 176 घरों का सर्वे किया है, जिसमें लगभग आठ हजार घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। इन घरों में फूलों और पौधों के गमलों से लेकर पानी के बर्तनों, कूलरों एवं कंटेनरों में लार्वा जमा मिला है। खासबात यह कि घर के बर्तनों में सबसे ज्यादा लार्वा पाया गया है। आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा इस दौरान अधिकारियों ने 1997940 बर्तनों का सर्वे किया गया, जिनमें आठ हजार 976 बर्तनों में खतरा पाया गया है। जांच के दौरान तीन हजार 187 कंटेनरों में खतरे की आशंका दिखाई दी है, जिनमें भारी लार्वा होने की उम्मीद है। इन कंटेनरों को खाली कराकर टोमोफास डाला गया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में लार्वा सर्वे का काम और भी अधिक प्रभावी तरीके से चलेगा। इसके लिए टीमें भी बढ़ाई जाएंगी। बतादें कि अभी तक भोपाल में डेंगू के मरीजों की संख्या 82 हो गई है। पनप रहा एडीज मच्छर

भोपाल की सेन्ट्रल लाइब्रेरी होगी आधुनिकीकृत

Bhopal's Central Library will be modernized

Bhopal’s Central Library will be modernized भोपाल : भोपाल में स्कूल शिक्षा विभाग के 3 पुस्तकालय संचालित हो रहे है। इन पुस्तकालायों के माध्यम से नागरिकों विशेष रूप से युवाओं को समाचार पत्रों के साथ विभिन्न अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन पुस्तकालायों के जीर्णोंद्वार के लिये विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये गये है। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल जिसे मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। इसके जीर्णोंद्वार के लिये कलेक्टर भोपाल द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपये का बजट उपलब्ध कराया है। बजट राशि से पुस्तकालय क्षेत्र का विस्तार, 3 मंजिला भवन निर्माण, पार्किंग व्यवस्था और नवीन फर्नीचर आदि का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों के हो जाने के बाद सेंट्रल लाइब्रेरी में वर्तमान व्यवस्था के अलावा 500 और नये सदस्यों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध होगी। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के द्वारा भी पुस्तकालय का अनुरक्षण एवं विकास का कार्य किया गया है। पुस्तकालय सदस्यों की मांग पर विभागीय बजट से करीब 350 नई ज्ञानवर्धक पुस्तकें क्रय कर पाठकों को उपलब्ध कराई गई है। 60 हजार पुस्तकों का है भंडार भोपाल के न्यू मार्केट में मल्टीलेवल स्मार्ट पार्किंग के द्वितीय तल पर भोपाल जिला पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। इस पुस्तकालय में करीब 60 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। इस पुस्तकालय में भी प्रतिदिन नागरिकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये युवा अध्ययन करने पहुँचते है। जीटीबी कॉम्प्लेक्स की लाइब्ररी में होती है विविध गतिविधियाँ भोपाल के जीटीबी कॉम्प्लेक्स में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुदान से स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी संचालित हो रही है। पूर्व में यह पुस्तकालय ब्रिटिश लाइब्रेरी रूप में जाना जाता था। स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी में पिछले वर्ष 2 दिवसीय फेस्टिवल में बच्चों के लिये स्टोरी टेलिंग, क्विज काम्प्टीशन और फन एक्टिविटीज का आयोजन किया गया। जिसमें विजेता रहे बच्चों को पुरस्कार वितरित किये गये। इसके साथ ही जवाहर बाल भवन और वर्ल्ड-वे इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा तीसरी से 8वीं तक के बच्चों को लाइब्रेरी द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गयी। बच्चों को मोबाइल के स्थान पर पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित किया गया। लाइब्रेरी के सदस्यों की मांग पर लगभग 600 नई पुस्तकों को लाइब्रेरी के कलेक्शन में शामिल किया गया। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5 केन्द्रीय पुस्तकालय और 36 जिलो में जिला पुस्तकालय संचालित हो रहे है।

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