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महाकुंभ-2025: राजस्थान परिवहन निगम ने प्रयागराज के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया, कल से चलेगी ये बस

जयपुर महाकुंभ-2025 के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने प्रयागराज के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। सेवा 12 जनवरी से शुरू होगी। जयपुर से बस भरतपुर, आगरा और कानपुर होकर प्रयागराज तक जाएगी। इस रूट की कुल दूरी 750 किलोमीटर होगी। बस अलग-अलग समय पर जयपुर से प्रयागराज और प्रयागराज से जयपुर से चलेगी। बता दें कि उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन होगा। इस आयोजन में करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा, बस से जुड़ी जानकारी और शिकायतों के लिए 9549456746, 0141-2373044 और टोल फ्री नंबर 1800-2000-103 पर संपर्क किया जा सकता है। यह विशेष बस सेवा महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा के लिए दो श्रेणियों की बसें चलाएगा। इसमें ब्लू लाइन एक्सप्रेस का किराया 965 रुपए प्रति यात्री जबकि नॉन एसी स्लीपर बस का किराया 1085 रुपए प्रति यात्री होगा। ब्लू लाइन एक्सप्रेस बस सुबह 5 बजे जयपुर से प्रस्थान कर रात 8 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वापसी में यह बस सुबह 9 बजे प्रयागराज से रवाना होगी और रात में करीब 12 बजे जयपुर पहुंचेगी। नॉन एसी स्लीपर बस सेवा एक्सप्रेसवे के माध्यम से संचालित बस शाम 3:30 बजे जयपुर से निकलकर अगले दिन सुबह 6:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी, जबकि प्रयागराज से शाम 6 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9 बजे तक जयपुर पहुंचेगी।  

महाकुंभ 2025 में योगी सरकार का विशेष इंतजाम, मिलेगा 5 रुपये में आटा और 6 रुपये में चावल

महाकुंभनगर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ मेला को लेकर तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। महाकुंभ में योगी सरकार ने अखाड़ों, संस्थाओं और कल्पवासियों के लिए बड़े पैमाने पर अन्न भंडार की व्यवस्था की है। ऐसा पहली बार है, जब महाकुंभ में इतने बड़े पैमाने पर अखाड़ों, संस्थाओं और कल्पवासियों को नाम मात्र की कीमत पर राशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। सीएम योगी के निर्देश पर अखाड़ों-संस्थाओं और कल्पवासियों को मात्र 5 रुपए में आटा और 6 रुपए में चावल उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए मेला क्षेत्र में 138 उचित मूल्य की दुकानों पर राशन उपलब्ध कराया गया है। 18 रुपए प्रति किलो की दर पर चीनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार महाकुंभ को दिव्य, भव्य के साथ साथ नव्य रूप देने में लगे हैं। इसके लिए उन्होंने अफसरों को सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। खासकर श्रद्धालुओं के भोजन के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में आने वालों के लिए अन्न भंडार खोल दिया है। यहां मेला क्षेत्र में उचित मूल्य की 138 दुकानें खोली गई हैं, जहां पर कल्पवासियों के लिए एक लाख बीस हजार सफेद राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। इस बार कल्पवासियों, अखाड़ों और संस्थाओं को राशन के लिहाज से बेहद कम कीमत पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा हैं। महाकुंभ में अखाड़ों-कल्पवासियों को 5 रुपए प्रति किलो की दर से आटा और 6 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चावल उपलब्ध कराया जाना है। इसके अलावा कल्पवासियों को 18 रुपए प्रति किलो की दर से चीनी भी उपलब्ध कराई जाएगी। अखाड़ों और संस्थाओं को 800 परमिट की व्यवस्था है। गैस कनेक्शन की भी सुविधा राशन देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने भोजन पकाने के लिए भी सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इस काम के लिए सभी 25 सेक्टर्स में एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। ये एजेंसियां कल्पवासियों, अखाड़ों और संस्थाओं को नया गैस कनेक्शन प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही उन्हें रिफिल करने का भी पूरा इंतजाम है। इसके अलावा जिन कल्पवासियों के पास अपना खुद का खाली गैस सिलेंडर है, उन्हें भी यहां पर रीफिल करा सकते हैं। तीन विशेष प्रकार के सिलेंडर भरने की व्यवस्था महाकुंभ में की गई है। इनमें 5 किलो, 14.2 किलो और 19 किलो के सिलेंडर भरे जा सकेंगे। अन्न भंडार के पांच गोदाम स्थापित महाकुंभ में अखाड़ों-कल्पवासियों और संस्थाओं को भोजन के लिए किसी प्रकार की समस्या न आने पाए, इस लिहाज से मेला क्षेत्र में 138 दुकानों पर विशेष इंतजाम किया गया है। साथ ही अन्न भंडार के पांच गोदाम भी तैयार किए गए हैं। इन गोदामों पर 6000 मीट्रिक टन आटा और 4000 मीट्रिक टन चावल और 2000 मीट्रिक टन चीनी भी रहेगी। इन सामग्रियों की रहेगी व्यवस्था मेला क्षेत्र में दी जा रही इस विशेष सुविधा के अंतर्गत हर कल्पवासी को 3 किलो आटा, 2 किलो चावल और एक किलो चीनी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। जनवरी से फरवरी अंत तक राशन की यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही वन नेशन वन कार्ड की सुविधा भी प्राप्त होगी। 100 कुंतल सामान हर दुकान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

महाकुंभ 2025 : आधुनिक उपकरणों से स्वच्छता, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी

महाकुंभ नगर. महाकुंभ-2025 में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्नानार्थियों को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने के लिए आधुनिक स्वच्छता उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से तैयारी कर ली गई है और मेला शुरू होने से पूर्व इन आधुनिक उपकरणों को तैनात कर दिया जाएगा। इन उपकरणों की खरीद पर 45 से 50 लाख खर्च होने की संभावना है। इन उपकरणों में 10 मैनुअल वॉक-बिहाइंड स्वीपिंग मशीन और 2 बैटरी ऑपरेटेड वैक्यूम टाइप लीटर पिकर शामिल हैं। यह कदम न केवल महाकुंभ को स्वच्छता प्रदान करेगा, बल्कि, श्रद्धालुओं को एक साफ और हरित वातावरण भी देगा। महाकुंभ 2025 के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्नानार्थियों को बेहतर सुविधा और अनुभूति के दृष्टिगत मेला क्षेत्र के पक्के घाटों, फुटपाथों, सड़कों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के लिए कॉम्पैक्ट मैनुअल स्वीपिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा। पर्यावरण-अनुकूल उपकरण के रूप में, यह ईंधन या बिजली की आवश्यकता के बिना संचालित होता है, जिससे इसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। मशीन को मैनुअल रूप से संचालित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह धूल उड़ाए बिना प्रभावी ढंग से सफाई करती है। इसका एर्गोनोमिक डिजाइन उपयोग के दौरान कम्फर्ट सुनिश्चित करता है, जबकि सड़कों की सफाई में इसकी दक्षता, इसे संचालित करना और रखरखाव करना आसान बनाती है। यह उपकरण स्वच्छता कर्मियों को अपने कार्यों को अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से करने के साथ-साथ स्वच्छ और हरित वातावरण में योगदान करने के लिए सक्षम बनाता है। इसके साथ ही साफ-सफाई के लिए बैटरी चालित वैक्यूम टाइप लीटर पिकर भी मेला क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। यह कूड़ा बीनने वाली मशीन एक बैटरी चालित, राइड-ऑन कम वॉक-अलॉन्ग पावर-सक्शन वैक्यूम मशीन है, जिसे कूड़े और मलबे के संग्रह के लिए डिजाइन किया गया है। यह मेले में विभिन्न सतहों को प्रभावी ढंग से साफ करेगा। इसका कॉम्पैक्ट आकार इसे मेला क्षेत्र के किसी भी क्षेत्र में आसानी से संचालित करने की अनुमति देता है। यह उन्नत, पर्यावरण अनुकूल उपकरण वाहन से जुड़ा हुआ है, जो मैनुअल श्रम की आवश्यकता के बिना उत्कृष्ट गतिशीलता और संचालन प्रदान करता है। इसकी शक्तिशाली वैक्यूम कार्यक्षमता अपशिष्ट पदार्थों की त्वरित, संपूर्ण और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करती है, जबकि इसकी टिकाऊ बैटरी शक्ति पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और कार्बन एमिशन को कम करने में मदद करती है। मेला क्षेत्र की सफाई के लिए इन उपकरणों की खरीद पर लगभग 45-50 लाख का खर्च होने की संभावना है। यह खर्च प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में इनकी खरीद की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। विशेष कार्याधिकारी मेला, आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता कर्मियों को ज्यादा सशक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों को डिप्लॉय किया जा रहा है। मेला शुरू होने से पूर्व मशीन यहां पहुंच जाएंगी और इनको संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया जाएगा।

PM मोदी 13 दिसंबर को करेंगे महाकुंभ तैयारियों की समीक्षा, महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 2025 के महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करने और प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के लिए 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज का दौरा करेंगे. एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार को अधिकारियों के जरिए इस बात की जानकारी मिली है. प्रयागराज में संगम के तट पर जिस इलाके में महाकुंभ मेले की तैयारी है, उस जगह को यूपी सरकार ने महाकुंभनगर नाम दिया है और इसे एक नए जिले के रूप में अधिसूचित किया है. प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 दिसंबर को व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भव्य आध्यात्मिक आयोजन के लिए सभी तैयारियां अच्छी तरह से चल रही हैं. शहर को सजाने की तैयारी एजेंसी के मुताबिक, एक बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए महाकुंभनगर और प्रयागराज को भव्यता से सजाया जाएगा. विभागों को अपने कार्यालयों और भवनों को सुंदर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सरकारी बिल्डिंग्स को लाइटिंग से जगमग करने की योजना बनाई गई है. प्रमुख चौराहों, सड़कों और पार्कों को भी सजाया जाएगा. डिवीजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने वाले प्रोजेक्ट सहित सभी तैयारियां वक्त पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं. पंत ने कहा, “तैयारियां तेजी से चल रही हैं और तय समय सीमा के अंदर पूरी हो जाएंगी.” दौरे से पहले काम पूरा करने के निर्देश बयान के मुताबिक, इमारतों को रौशन किए जाने की भी योजना है. इसके अतिरिक्त प्रमुख चौराहों और सड़कों को भी दुल्हन की तरह सजाया जाएगा. मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की ओर से सभी आवश्यक तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, जिन परियोजनाओं का पीएम मोदी लोकार्पण करेंगे, उन्हें भी समय से पहले पूरा किए जाने के आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के संबंध में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि सभी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इन्हें निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात दिसंबर को प्रयागराज में स्वयं इन कार्यों की समीक्षा करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं. PWD और प्राधिकरण पूरी जोर-शोर से तैयारियों में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) द्वारा सभी महत्वपूर्ण सड़कों का नवीनीकरण तेजी से पूरा किया जा रहा है. सभी चौराहों और सड़क सौंदर्यीकरण का कार्य प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पीडब्लूडी द्वारा समय पर पूरा कर लिया जाएगा. मंडलायुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमैटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है. विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है. बयान के मुताबिक, 7 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा सुनिश्चित करेगा कि सभी निर्देशों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो. मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की समीक्षा करेंगे, इसके साथ ही स्वच्छ और हरित महाकुंभ पर जोर देंगे. मंडलायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के लिए सभी विभाग और अधिकारी पूरी तरह तैयार हैं. PWD प्रमुख सड़कों के नवीनीकरण का काम तेजी से पूरा कर रहा है, जबकि प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी प्रमुख चौराहों और सड़कों का वक्त पर सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.  

महाकुंभ-2025: श्री आदि शंकर विमान मंडपम् मंदिर श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा

प्रयागराज महाकुंभ-2025 में संगम किनारे बना दक्षिण भारतीय शैली का श्री आदि शंकर विमान मंडपम् मंदिर श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व मंदिर में विग्रहों के दर्शनों के लिए आ चुके हैं। महाकुंभ के लिए योगी सरकार मंदिर के आसपास विकास कार्य करा रही है। मंदिर की आभा ऐसी है कि वो श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच लेती है। मंदिर के प्रबंधक रमणी शास्त्री के अनुसार कांचिकामकोटि के 69वें पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती ने अपने गुरु चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती की इच्छापूर्ति के लिए श्री आदि शंकर विमान मंडपम् का निर्माण कराया। गुरु चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती ने वर्ष 1934 में प्रयाग में चातुर्मास किया था। उन दिनों वो दारागंज के आश्रम में रुके थे। प्रतिदिन पैदल संगम स्नान को आते थे। उस दौरान बांध के पास उन्हें दो पीपल के वृक्षों के बीच खाली स्थान नजर आया। गुरु चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती ने धर्मशास्त्रों का अध्ययन किया और स्वयं के तपोबल से यह साबित किया कि इसी स्थान पर आदि शंकराचार्य और कुमारिल भट्ट के बीच संवाद हुआ था। बाद में यहीं पर कुमारिल भट्ट ने तुषाग्नि में आत्मदाह किया था। रमणी शास्त्री ने बताया कि इसी स्थान पर गुरु चंद्रशेखरेंद्र ने मंदिर बनाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती ने पूर्ण किया। 17 वर्ष लगे मंदिर निर्माण में श्री आदि शंकर विमान मंडपम् की नींव वर्ष 1969 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल बी. गोपाल रेड्डी ने रखी थी। तब इंजीनियर बी. सोमो सुंदरम् और सी.एस. रामचंद्र ने मंदिर का नक्शा तैयार किया था। मंदिर प्रबंधन के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने भी निर्माण में सहयोग दिया था। जिन 16 पिलर्स पर मंदिर टिका है, उनका निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर कृष्ण मुरारी दुबे की देख-रेख में कराया गया था। 17 मार्च 1986 को मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। श्री आदि शंकर विमान मंडपम् में विग्रह और निर्माण में प्रयोग किए गए पत्थर दक्षिण भारत से लाए गए हैं। मंदिर द्रविड़ियन आर्किटेक्चर का नायाब उदाहरण है। 130 फीट ऊंचा है मंदिर 130 फीट ऊंचे इस मंदिर में श्री आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की गई है। देवी कामाक्षी और 51 शक्तिपीठ के अलावा तिरुपति बालाजी और सहस्र योग लिंग के साथ 108 शिवलिंग मंदिर में स्थापित हैं। गणेश जी का मंदिर भी है। मंदिर प्रातः 6 बजे से दोपहर 1 बजे और सायं 4 से रात्रि 8 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। मंदिर के ऊपरी तलों से संगम का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है। इन दिनों भी श्री आदि शंकर विमान मंडपम् में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालु श्री आदि शंकर विमान मंडपम् में आएंगे और विग्रहों के दर्शन करेंगे।  

महाकुंभ 2025 में महाआयोजन के दौरान 40 करोड़ से अधिक लोगों के प्रयागराज आने का अनुमान

प्रयागराज दुनिया के सबसे बड़े आयोजन व सनातन आस्था के केंद्र महाकुंभ 2025 को सभी के लिए सुगम बनाने हेतु योगी सरकार लगातार तत्परता से कार्य कर रही है। इस महाआयोजन के दौरान 40 करोड़ से अधिक लोगों के प्रयागराज आने का अनुमान है, जिसको लेकर मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी की है। खासतौर पर पीक डेज (प्रमुख स्नान) के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण कहीं कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। आने और जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं, जबकि मोबिलिटी जारी रहे इसकी भी व्यवस्था की गई है। रास्ता जाम न हो, इसके लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर जो योजना बनी है उसके अनुसार, श्रद्धालुओं को पीक डेज में एक से 5 किमी. और सामान्य दिनों में एक किमी. से ज्यादा पैदल यात्रा नहीं करनी होगी। आने और जाने के अलग-अलग रास्ते प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में सिर्फ प्रदेश और देश से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं का बड़ा जत्था प्रयागराज पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट को लेकर एक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान सर्वाधिक श्रृद्धालु सड़क मार्ग से प्रयागराज पहुंचेंगे। प्रशासन की ओर से सभी शहर के दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां वाहन खड़ा कर श्रद्धालु आगे का रास्ता तय करेंगे। मेला क्षेत्र में हमने आने और जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए हैं। आस्था की डुबकी लगाने वाले जिस रास्ते से जाएंगे, उस रास्ते से वापस नहीं लौटेंगे। उन्हें दूसरे रास्ते से होकर जाना होगा, ताकि कहीं भी श्रद्धालु आमने-सामने नहीं आ सकेंगे।   नहीं बनने दी जाएगी जाम की स्थिति मंडलायुक्त ने बताया कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि श्रद्धालु कहीं एक साथ रुकें नहीं, वो चलते रहें। इससे कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि मेला क्षेत्र के साथ-साथ शहर में भी श्रद्धालुओं की मोबिलिटी को बरकरार रखा जाए ताकि स्नान और दर्शन आदि करने के बाद वो सीधे पार्किंग स्थल पहुंचें और अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। इसी तरह, रेलवे से भी रिक्वेस्ट की गई है कि वो समय पर और अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित करें, ताकि श्रद्धालु अपना समय गंवाए बिना यात्रा को बरकरार रखे। रेलवे की ओर से पॉजिटिव रिस्पॉन्स भी मिला है और उन्होंने कई अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें संचालित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि यदि श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करना चाहेंगे तो उनके लिए कुछ होल्डिंग एरियाज भी चिह्नित किए गए हैं। राजसी स्नान के दिनों में लागू होगी विशेष ट्रैफिक स्कीम महाकुंभ की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाएगा। प्रमुख स्नान के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई करोड़ तक होगी। ऐसा अनुमान है कि मौनी अमावस्या को सर्वाधिक 4 से 5 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगमनगरी आ सकते हैं। इसकी भी तैयारी की गई है। विजय विश्वास पंत ने बताया कि पीक डेज में आने वाले श्रद्धालुओं को एक से 5 किमी. और सामान्य दिनों में एक किमी. से ज्यादा नहीं चलना पड़ेगा। मौनी अमावस्या सबसे डेंसिटी वाला दिन होने की संभावना है। इसमें भी सुबह 3 बजे से दोपहर 12 बजे का समय बहुत क्रिटिकल होगा, जब श्रद्धालु संगम का रुख करेंगे। वहीं 12 बजे के बाद उनका लौटना शुरू हो जाएगा। हमारी कोशिश उन्हें सुगमता से संगम क्षेत्र तक पहुंचाने और फिर पार्किंग स्थल तक वापस आने की सुविधा प्रदान करने की है। संगम में पवित्र डुबकी लगाने के बाद उन्हें तुरंत वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने। उन्हें पार्किंग स्थल तक पहुंचाने के बाद गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा। हमारी विभिन्न ट्रैफिक स्कीम तैयार है, जिससे न ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा और न ही मेला और शहर क्षेत्र में ट्रैफिक पैनिक की स्थिति होगी। इंदौर की बायो फ्रेंडली थैलियों का होगा उपयोग मंडलायुक्त ने बताया कि इस महाकुंभ को स्वच्छ कुंभ बनाने के मुख्यमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। इनके रिप्लेसमेंट ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है। खासतौर पर इंदौर की बायो फ्रेंडली थैलियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर हम व्यापारियों से भी संवाद करने वाले हैं। साथ ही लोगों और अधिकारियों को प्लास्टिक की बजाए विभिन्न प्रकार के झोलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

महाकुंभ 2025: प्रयागराज की दीवारें भी बताएंगी महाकुंभ का महत्व, परंपरा और समुद्र मंथन का भी दीवारों पर होगा चित्रण

प्रयागराज संगम नगरी में लगने वाला महाकुंभ 2025 बेहद ख़ास होने वाला है। शहर की दीवारें महाकुंभ के दौरान धर्म और अध्यात्म की अलख जगाते हुए देखी जाएंगी। पहली बार करीब 10 लाख स्क्वायर फीट दीवार पर इसका चित्रण किया जाना है जिसमें 5 लाख स्क्वायर फीट पर किया जा रहा है बाकी की दीवारें चिन्हित की जा रही है। आपको बता दे महाकुंभ के इतिहास चित्रण शहर की दीवारों पर दिखाई देगा, संत ऋषि ने कैसे कुंभ की परंपरा को आगे बढ़ाया, इसको भी चित्रण के जरिए दीवारों पर श्रद्धालु देख सकेंगे। करीब 18 करोड़ के बजट से शहर और महाकुंभ क्षेत्र में जानें वाली सड़कों के किनारे की दीवारों पर इसका चित्रण किया जा रहा है। जिसमें संत महत्मा और सनातन संस्कृति से जुड़े चित्रण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होंगें। ख़ास बात यह है कि इस चित्रण में भगवान राम और श्रीकृष्ण को दर्शाया जाएगा। इसकेे साथ ही समुंद्र मंथन का भी चित्रण किया जाएगा, जिससे कुंभ के परंपरा की शुरूआत को श्रद्धालु चित्रण के जरिए समझ सकें। अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि मेला क्षेत्र और शहर के प्रमुख स्थलों की दीवारें और फ्लाईओवर भगवान राम, श्रीकृष्ण, भगवान भोलेनाथ और देवी-देवताओं का बखान करेंगी। उन्होनें बताया कि पेंट माई सिटी के तहत इस बार देवी देवताओं के अलावा गंगा अवतरण की पूरी कहानी के साथ इनमे पलने वाले जीव जंतुओं को भी चित्रण के जरिए दर्शाया जाएगा। उन्होनें बताया कि करीब 10 लाख स्क्वायर फीट दीवार पर इसका चित्रण किया जाना है। चित्रण के पहले चरण के कार्य की शुरुआत मेला प्राधिकरण कार्यालय से हो चुकी है। अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी के मुताबिक पेंट माई पेंट सिटी के तहत कुल आठ संस्थाओं का चयन इस पूरे कार्य के लिए किया गया है। ये संस्थाएं मुंबई, पुणे, राजस्थान समेत अन्य स्थानों की हैं। इसके साथ ही इलाहाबाद विश्विद्यालय, ट्रिपल आईटी और बीएचयू के कई बद्धिक शैक्षिक लोगों को भी जोड़ा गया है। बाहरी संस्थाओं को 20 फीसदी स्थानीय कलाकार रखने हैं, ताकि स्थानीय कलाकारों को भी रोज़गार के संसाधन पेंट माय सिटी के तहत उपलब्ध कराए जा सकें।  

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