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वैश्विक स्तर पर टेक संप्रभुता उनका और पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा : राष्ट्रपति मैक्रों

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस के दो दिवसीय दौरे पर हैं. फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचने पर राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने एलिसी पैलेस में उनका जोरदार स्वागत किया. पीएम मोदी के सम्मान में राष्ट्रपति मैक्रों ने डिनर की मेजबानी भी की. इस बीच आज पीएम मोदी AI Action Summit में हिस्सा लेंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के नेतृ्त्व में आज एआई समिट का आयोजन होगा. इस बार पीएम मोदी को एआई समिट की सह अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया गया है. लेकिन इस आयोजन की सह अध्यक्षता के लिए मोदी को ही क्यों आमंत्रित किया गया? राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह पीएम मोदी के साथ मिलकर टेक संप्रभुता को बढ़ावा देना चाहते हैं. वैश्विक स्तर पर टेक संप्रभुता उनका और पीएम मोदी का मुख्य एजेंडा है. मैक्रों ने कहा कि हम दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि भारत और फ्रांस दो सशक्त देश हैं और हमारा संबंध बहुत घनिष्ठ हैं. हम अमेरिका और चीन के साथ काम करना चाहते हैं लेकिन किसी पर निर्भर नहीं होना चाहते. भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और यह हर साल दस लाख इंजीनियर प्रोड्यूस करता है जो कि संयुक्त रूप से यूरोप और अमेरिका से भी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से आत्मनिर्भरता चाहते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हमें अलग-थलग रहना चाहते हैं. हमें ऐसे पार्टनर्स की जरूरत है जिन पर हम बिना किसी निर्भरता के भरोसा कर सकें. AI खतरा नहीं मददगार बनेगा मैक्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस दो अग्रणी देश हैं लेकिन एआई के मामले में अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं. इनके बाद फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और जर्मनी है. इसलिए हम एआई पर मिलकर काम करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के सामने भी यही चुनौती है कि एआई मार्केट में अमेरिका की पकड़ है और चीन की कुछ कंपनियों की भी यहां सशक्त मौजूदगी है. ऐसे में पीएम मोदी चाहते हैं कि इस नई तकनीक से भारत को लाभ हो. राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत के साथ मिलकर हम टेक्नोलॉजी संप्रभुता विकसित करेंगे. हम यहां लोगों को ट्रेनिंग देंगे. हम भारत और फ्रांस में डेटा सेंटर तैयार करेंगे और हमारी भाषाओं में लैंग्वेज मॉडल तैयार करेंगे. हम अमेरिका या चीन के मॉडल पर निर्भरता नहीं चाहते. इस दिशा में ग्लोबल साउथ बड़ा बाजार होगा. भारत के साथ थर्ड फ्रंट बनाएंगे मैक्रों! राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि तकनीक की इस प्रतिस्पर्धा में भारत और फ्रांस मिलकर थर्ड फ्रंट का खाका तैयार कर सकते हैं ताकि अमेरिका और चीन को टक्कर दी जा सके. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एआई ही भविष्य है. इसलिए मैंने 2018 में इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी शुरू की थी. मैं चाहता हूं की हमारी भावी पीढ़ियां हमसे बेहतर एक बेहतर जिंदगी जी सके. बता दें कि पीएम मोदी का यह फ्रांस का सातवां दौरा है. वह आखिरी बार 2023 में फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इससे पहले यह समिट 2024 में दक्षिण कोरिया और 2023 में ब्रिटेन में हुआ था.  

प्रधानमंत्री मोदी विद्यार्थियों से आज करेंगे परीक्षा पे चर्चा

प्रदेश से 18 लाख 27 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीयन कर की सहभागिता भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 10 फरवरी को प्रात: 11 बजे देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री हर वर्ष परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम सोमवार 10 फरवरी को नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश से 18 लाख 27 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने अपना पंजीयन कर सहभागिता की है। कार्यक्रम का संचार माध्‍यमों पर सीधा प्रसारण किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया एवं ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट, mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई से भी कार्यक्रम का प्रसारण होगा। कार्यकम का प्रसारण अन्य निजी चैनल भी करेगें। कार्यक्रम को ऑनलाइन देखे जाने के लिये यूट्यूब लिंक https://www.youtube.com/watch?v=G5UhdwmEEls भी जारी की गई है। कार्यक्रम में विद्यार्थी एवं शिक्षक तथा अभिभावक उक्त लिंक के माध्यम से सहभागिता कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सहित अधिकारी भी होंगे शामिल स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्‍कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और स्कूल शिक्षा विभाग में अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय से विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। आयुक्‍त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्‍पा गुप्‍ता ने बताया कि प्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में हाई और हायर सेकेण्डरी स्‍कूलों में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर लैपटॉप/मोबाइल इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में जहां टीवी देखने की व्यवस्था संभव नहीं होगी, वहां रेडियो/ट्रांजिस्टर की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। समस्‍त जि़ला कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकों की सामूहिक रूप से सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इस कार्यक्रम का पहला संस्करण वर्ष 2018 में हुआ था। इस वर्ष इस कार्यक्रम का आठवाँ संस्करण है।  

पीएम मोदी फ्रांस से सीधा अमेरिका जाएंगे , जानें राष्ट्रपति ट्रंप से किन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी तक फ्रांस की यात्रा करेंगे। पीएम मोदी पेरिस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद वाशिंगटन डीसी जाएंगे। वहीं फ्रांस की यात्रा के तुरंत बाद पीएम मोदी 12 फरवरी से अमेरिका की 2 दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा होगी।बता दें कि ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने के कुछ ही सप्ताह के भीतर वाशिंगटन डीसी जाने वाले मोदी कुछ चुनिंदा विदेशी नेताओं में शामिल होंगे। सामने आई ये जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फरवरी से अमेरिका की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा के दौरान, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत बनाएगी और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को नई गति और दिशा देगी। बता दें कि बता दें कि पीएम मोदी का अमेरिका दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने बेड़ियों से जकड़ कर 104 अप्रवासियों को अमेरिका से भारत भेजा है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले, वह 10-12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे, जहां वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे। मिसरी ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी कैडारैचे अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर का दौरा करेंगे, इसमें भारत भी एक भागीदार है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस आयोजन का मकसद वैश्विक वैश्विक स्तर पर एआई के बढ़ते प्रभाव और उसके उपयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी 2025 तक फ्रांस की यात्रा पर रहेंगे। एआई एक्शन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी विक्रम मिस्री ने बताया कि 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे. इस आयोजन का मकसद वैश्विक स्तर पर एआई के बढ़ते प्रभाव और उसके उपयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है. इनके अलावा, यह शिखर सम्मेलन एआई प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग और उसकी नैतिकता पर भी विचार-विमर्श करेगा. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि यह तीसरा उच्च-स्तरीय एआई शिखर सम्मेलन है. इससे पहले 2023 में यूके और 2024 में दक्षिण कोरिया में इसी तरह के सम्मेलन आयोजित किए गए थे. इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से भारत और फ्रांस के बीच टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूती मिलेगी.

फ्रीलांसर, डिलीवरी ब्वॉय और कैब ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स को भी अब मिलेगी पेंशन! बजट में हुआ बड़ा ऐलान

नई दिल्ली बीते एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रीलांसर, डिलीवरी ब्वॉय और कैब ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया। इसके तहत गिग वर्कर्स को हेल्थ बेनिफिट समेत कई बड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। दरअसल, लेबर मिनिस्ट्री ने कहा है कि जल्द ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े एक करोड़ गिग श्रमिकों के लिए पेंशन योजना लाने को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मांगेगा। एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत हर लेनदेन से हुई आय से सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान दिया जाएगा। क्या है प्लान  कहा कि श्रम मंत्रालय एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसके तहत जोमैटो, स्विगी के अलावा ओला, उबर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इन श्रमिकों की आय पर हर लेनदेन पर प्रतिशत के रूप में सामाजिक सुरक्षा अंशदान काट लेंगे। सूत्र के मुताबिक इस योजना के तहत श्रमिकों को रिटायरमेंट के समय दो विकल्प दिए जा सकते हैं, जब उनकी पेंशन तय हो जाएगी। वे जमा पर ब्याज को पेंशन के रूप में निकाल सकते हैं या संचित धन को निर्धारित अवधि के लिए बराबर किस्तों में विभाजित कर सकते हैं। हालांकि, सूत्र ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए योगदान की जाने वाली राशि अभी तय नहीं की गई है। गिग श्रमिक एक साथ दो या अधिक प्लेटफॉर्म के लिए काम कर सकते हैं। बजट में हुआ बड़ा ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार ई-श्रम प्लेटफॉर्म पर गिग कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करेगी। साथ ही उन्हें पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी। बता दें कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए डिलिवरी सर्विसेज प्रोवाइड करने वाले कर्मचारी आदि ‘गिग’ कर्मियों की श्रेणी में आते हैं। व्यव सचिव ने कही थी ये बात बीते दिनों व्यय सचिव मनोज गोविल ने कहा कि श्रम मंत्रालय और संबंधित अन्य मंत्रालयों के साथ परामर्श कर योजना के मापदंडों तथा विवरणों पर काम किया जा रहा है। गोविल ने कहा कि ‘गिग’ श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना या तो 100 प्रतिशत केंद्रीय क्षेत्र की योजना हो सकती है या केंद्र प्रायोजित योजना हो सकती है, जहां लागत केंद्र व राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाएगी।

बागेश्वर धाम आ सकते हैं पीएम मोदी, धीरेंद्र शास्त्री ने भेजा निमंत्रण; एक साथ करेंगे दो बड़े काम

 छतरपुर  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को छतरपुर के बागेश्वर धाम जा सकते हैं. पीएम मोदी बागेश्वर धाम ट्रस्ट द्वारा बनाए जा रहे बड़े कैंसर हॉस्पिटल की आधारशिला रखेंगे. कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आएंगे और मध्य प्रदेश राज भवन में रात्रि विश्राम करेंगे. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक, ”कैंसर हॉस्पिटल के भूमि पूजन का निमंत्रण प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया है.” हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय से अभी तक पीएम मोदी के छतरपुर जाने की अधिकृत मंजूरी नहीं आई है. राज्य सरकार तैयारी में जुटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश प्रवास को लेकर राज्य सरकार तैयारी में जुटी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर सबमिट के उद्घाटन सत्र में 24 फरवरी को शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जाएंगे और इसके बाद भोपाल आएंगे. 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट में शामिल होंगे. अडानी, गोदरेज सहित बड़े बिजनेसमैन का आना तय इन्वेस्टर समिट में देश के बड़े उद्योग समूह अडानी समूह, गोदरेज, जेके सीमेंट के राघव पाठ सिंघानिया, आईटीसी लिमिटेड के संजीव पुरी कुमार, मंगलम बिड़ला सहित 100 से ज्यादा कंपनियों के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर शामिल होंगे. इसके अलावा कनाडा, जर्मनी, जापान, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, थाईलैंड, इटली, यूके सहित देश के हाई कमिश्नर एम्बेसडर ने भी इन्वेस्टर सबमिट में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी है. इन्वेस्टर समिट में देश और विदेश के 10 हजार निवेशक शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. 3 लाख करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए वहीं, इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश में निवेश की बड़ी राह खुलने की उम्मीद जताई जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार को देश और विदेश के निवेशकों से अभी तक 3 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मिल चुके हैं. यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश के उद्योग विभाग द्वारा शुरू किए गए इन्वेस्ट पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं. निवेशकों ने मध्य प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, सोलर सेक्टर, खनिज टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में निवेश को लेकर अपनी रुचि जताई है. वहीं, इसके पहले मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रीजनल इन्वेस्टर समिट भी की थी. इसमें भी मध्य प्रदेश सरकार को चार लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे. राज्य सरकार सरल बना रही नीति उधर, राज्य सरकार प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए लगातार नीतियों को सरल बना रही है. इसके लिए सरकार नीतियों में लगातार बदलाव कर रही है. राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में की गई रीजनल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों से चर्चा के दौरान निवेश की राह में रोड़ा बनने वाली नीतियों को लेकर कई सुझाव मिले थे. इसके आधार पर सरकार नीतियों में लगातार बदलाव कर रही है और ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले कई नीतियों में बदलाव करने जा रही है. सरकार को उम्मीद है कि प्रदेश में बड़ा निवेश आने से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के मामले में बड़े रास्ते खुलेंगे. वहीं आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी. Global Investor Summit, 24 और 25 फरवरी ● 250 एकड़ क्षेत्र में मानव संग्रहालय में तैयारियां जोरों पर ● 30 से अधिक देशों के निवेशक जिनमें जापान, जर्मनी, अमेरिका और इंग्लैंड शामिल ● 50 से अधिक देश के बड़े उद्योगपतियों को भेजा गया आमंत्रण पत्र ● 23 की रात को भोपाल पहुंचेंगे पीमए मोदी राजभवन में करेंगे रात्रि विश्राम ● 23 को बागेश्वर धाम(Bageshwar Dham) भी जा सकते हैं पीएम मोदी ● 24 की सुबह मानव संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल ● 25 जेट विमानों की पार्किंग की जगह बनाई गई एयरपोर्ट पर ● 250 एकड़ में डोम, अस्थाई कक्ष, कैंप के साथ लाइव एग्जीबिशन

प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी की रात भोपाल में ही रुकेंगे, 24 को सुबह 10 बजे करेंगे समिट का शुभारंभ

भोपाल भोपाल में 24 फरवरी से दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) शुरू होगी। इसका शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को सुबह 10 बजे करेंगे। समिट में शामिल होने के लिए अब तक 30 देशों के राजदूत व काउंसलर ने सहमति दे दी है। कई देशों के उद्योगपति भी इसमें शामिल हगि। टूरिज्म, एनर्जी, माइनिंग, आईटी, एमएसएमई-स्टार्टअप और अर्बन के केंद्रीय मंत्री व केंद्रीय सचिव भी मौजूद रहेंगे। मुख्य समिट के बाद विभागों का अलग से शिखर सम्मेलन होगा। इसे लेकर राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 250 एकड़ में डोम, अस्थाई कक्ष, कैंप के साथ लाइव एग्जीबिशन लगेगी। इसमें टेक्सटाइल से जुड़ी सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो व ऑटो मोबिलिटी एक्सपो के साथ कला-संस्कृति से जुड़ी विलेज थीम (एमपी लेगेसी पवेलियन) होगी। एक्सपो में मप्र बॉन्ड के कपड़ों के साथ ऑटो की नई गाड़ियों और बाइक की प्रदर्शनी होगी। विलेज थीम में जिन गांवों की कला है, वहीं के लोग उसका प्रदर्शन करेंगे। इतना ही नहीं, दो दिन तक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का पूरा आयोजन कार्बन फ्री रहेगा। सोलर से बिजली की सप्लाई होगी और जांचने के लिए एक्यूआई भी लगेगा। उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों के भव्य स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर भी बड़ी तैयारी हो रही है। करीब 25 जेट विमानों की पार्किंग वहां की जाएगी। इसके एक तरफ निवेश फ्रेंडली 19 नई नीतियों को एक-एक करके लागू किया जा रहा हैं, वहीं हर बड़े उद्योगपति के साथ वॉलेंटियर के तौर पर एक सीनियर अफसर को तैनात किया जा रहा है। बताया गया है कि समिट में तकरीबन 20 हजार निवेश (छोटे-बड़े) पहुंचने का अनुमान है। पीएम के साथ ये मंत्री भी… मोदी के आने का प्रारंभिक कार्यक्रम तय हो गया है। वे समिट से एक दिन पहले 23 फरवरी को भोपाल पहुंच सकते हैं। रात्रि विश्राम राजभवन में करेंगे। अगले दिन 24 को राजभवन से ही सीधे मानव संग्रहालय पहुंचेंगे। सीएम, मुख्यमंत्रियों के अलावा कुछ उद्योगपति भी उनसे मिल सकते हैं। समिट के उद्घाटन के बाद मोदी दोपहर 12 बजे से पहले भोपाल से रवाना हो जाएंगे। पीएम के अलावा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, पियूष गोयल, नितिन गडकरी, माइनिंग मंत्री जीकिशन रेड्डी को भी निमंत्रण भेजा गया है। इन उद्योगपतियों को निमंत्रण, 1000 विदेशी मेहमान रिलायंस के मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप के गौतम अडानी, टाटा के एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा, विप्रो लिमिटेड के अजीम प्रेमजी, महिंद्रा के आनंद महिंद्रा, भारती एंटरप्राइजेज के सुनील भारती मित्तल, आईटीसी के संजीव पुरी, बजाज फिनसर्व के संजीव बजाज, डॉ. रेड्डी लैब के सतीश रेड्डी की ओर से प्रारंभिक सहमति मिल चुकी है। समिट के लिए अब तक लगभग 10 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। मेहमानों को खास अनुभव देने के लिए भोपाल के आसपास 40-50 होम स्टे भी होंगे। साथ में एक टेंट सिटी भी डेवलप करने का प्लान है। कई देशों से मप्र में निवेश की उम्मीद कनाडा, जिम्बाब्वे, जर्मनी, मलेशिया, जापान, यूके, मोरोक्को, सेशल्स सहित 30 देशों के प्रतिनिधि आयोजन का हिस्सा बनेंगे। साथ ही टोगो, स्लोवेनिया, पोलैंड, पलाउ, रोमानिया, बुल्गारिया, म्यांमार, श्रीलंका सहित कई देशों के राजनयिक भी आएंगे। कई देशों की निवेश एजेंसी जैसे इन्वेस्ट ओटावा (कनाडा), टीआआईटीआर (ताइवान), एमए ट्रेड (मलेशिया), इटालियन ट्रेड, जेट्रो (जापान) भी आएंगे। साथ ही वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसीज, पोलैंड डिप्लोमेटिक मिशन, इंटरनेशनल ट्रेड-इंवेस्टमेंट मिनिस्ट्री मलेशिया भी आयोजन का हिस्सा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को करेंगे प्रयागराज का दौरा, महाकुंभ में पवित्र स्नान, जानिए क्या है पूरा शेड्यूल

प्रयागराज  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकुंभ मेले में भाग लेते हुए संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक विशाल और पवित्र आयोजन है, जो हर बार करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा खासतौर पर महाकुंभ मेले के धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने और प्रदेश की धार्मिक विरासत को सम्मान देने के लिए होगा। पीएम मोदी पांच फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वह प्रयागराज एयरपोर्ट से से डीपीएस हैलीपैड पहुंचेंगे, जहां से वह 10.45 पर अरेल घाट जाएंगे. वह अरेल घाट पर नाव के जरिए महाकुंभ पहुंचेंगे. प्रयागराज में संगम पर सुबह 11 बजे वह पवित्र स्नान करेंगे. महाकुंभ मेले में 11 से 11.30 बजे का समय प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित है. पीएम मोदी पवित्र स्नान के बाद 11.45 पर बोट के जरिए अरेल घाट लौटेंगे. यहा ंसे वह डीपीएस हैलीपैड होते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम पूरी तरह से निर्धारित है और उनकी यात्रा में कई प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं। मोदी सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर द्वारा डीपीएस हैलीपैड तक जाएंगे। इसके बाद, वह अरेल घाट के लिए रवाना होंगे, जहां वह नाव के जरिए संगम के पवित्र स्थल तक पहुंचेंगे। संगम, जहां गंगा, यमुन और सरस्वती नदियां मिलती हैं, को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है और यह स्थल महाकुंभ मेले का प्रमुख आकर्षण है। प्रधानमंत्री मोदी का पवित्र स्नान सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक होगा। इस समय को खासतौर पर प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित किया गया है। इस दौरान वह संगम में स्नान करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। महाकुंभ में यह समय प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा। स्नान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी नाव के जरिए अरेल घाट वापस लौटेंगे, जहां से वह डीपीएस हैलीपैड के लिए रवाना होंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री प्रयागराज एयरपोर्ट जाएंगे, और वहां से वह दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और उनकी यात्रा का शेड्यूल बहुत ही सटीक तरीके से पालन किया जाएगा। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को स्पष्ट करता है। साथ ही, यह यात्रा महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के बीच सरकार के समर्थन और भागीदारी को भी प्रदर्शित करती है। PM मोदी का महाकुंभ में पूरा शेड्यूल     पीएम मोदी 5 फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे     पीएम मोदी वायुयान के विशेष विमान से बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे     एयरपोर्ट से पीएम मोदी सीधी डीपीएल हैलीपैड पहुंचेंगे     पीएम मोदी यहां से कार से वीआइपी जेटी जाएंगे     पीएम मोदी 10.45 मिनट पर अरेल घाट जाएंगे।     अरेल घाट से पीएम मोदी क्रूज से संगम में डुबकी लगाने जाएंगे।     संगम में डुबकी के बाद पीएम मोदी गंगा की पूजा व आरती करेंगे।     एक घंटे बाद पीएम मोदी महाकुंभ मेला क्षेत्र से प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए लौट जाएंगे। सीएम योगी पहुंचे प्रयागराज पीएम मोदी के अगुवाई के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वह अखाड़ों, आचार्यवाड़ा, दंडीवाड़ा व खाकचौक के प्रतिनिधियों से भेंट वार्ता भी कर सकते हैं। पीएम के दौरे से पहले सुरक्षा का जायजा लेने सीएम योगी मंगलवार को ही प्रयागराज पहुंच गए हैं।    

मुस्लिम शायर डॉ. अंजुम बाराबंकवी ने प्रभु श्रीराम पर लिखी ऐसी गजल, तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए पीएम मोदी

भोपाल अयोध्या में भगवान श्रीराम की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने की खुशी और उत्साह हर तरफ छाया हुआ है। इसी उमंग को साहित्य में भी खूबसूरत अंदाज में परोसा जा रहा है। राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी ने भी इस संदर्भ में एक गजल लिखी है। उन्होंने अपनी यह गजल पीएम नरेंद्र मोदी के अवलोकन के लिए भेजी थी। जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय से पीएम मोदी के हस्ताक्षरित पत्र डॉ अंजुम बाराबंकवी के नाम आया है। पीएम मोदी ने शायर की भगवान राम के लिए भावनाओं को सराहनीय बताया है। साथ ही कहा है कि आप जैसे देशवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। यह लिखा चिट्ठी में नेहपूर्ण पत्र के माध्यम से अपने विचारों को मुझसे साझा करने के लिए आभार। अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूर्ण होने पर अपनी प्रसन्नता को ‘राम ग़ज़ल’ लिखकर अभिव्यक्त करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। ‘राम ग़ज़ल’ में प्रभु श्री राम के प्रति अपने प्रेम को आपने बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया है। कहा भी गया है- ‘रामो विग्रहवान् धर्मः’ अर्थात् प्रभु श्री राम साक्षात् धर्म के, यानि कर्तव्य के सजीव स्वरूप हैं। हमारी संस्कृति के आधार प्रभु श्री राम से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, दृढता, साहस, सत्यनिष्ठा और समभाव रखते हुए जीवन में आगे बढ़ने की सीख मिलती है। यह देखना सुखद है कि अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में उनके दर्शन के लिए देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। आस्था और अध्यात्म के केन्द्रों के रूप में अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी व विन्ध्याचल सहित हमारे विभिन्न पावन स्थल स्थानीय अर्थव्यवस्था व रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व के भाव के साथ अमृत काल में एक भव्य व विकसित भारत के निर्माण की दिशा में हम अग्रसर हैं। मुझे विश्वास है कि आप जैसे देशवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। यह है डॉ अंजुम बाराबंकवी की राम गजल दूर लगते हैं मगर पास हैं दशरथ नन्दन मेरी हर साँस का विश्वास हैं दशरथ नन्दन दिल के काग़ज़ पे कई बार लिखा है मैंने इक महकता हुआ अहसास हैं दशरथ नन्दन दूसरे लोगों के बारे में नहीं जानता हूँ मेरे जीवन में बहुत ख़ास हैं दशरथ नन्दन और कुछ दिन में समझ जाएगी छोटी दुनिया हम ग़रीबों की बड़ी आस हैं दशरथ नन्दन आप इस तरह समझ लीजिए मेरी अपनी ज़िन्दगी के लिए मधुमास हैं दशरथ नन्दन ये जो दौलत है मेरे सामने मिट्टी भी नहीं मेरी क़िस्मत के मेरे पास हैं दशरथ नन्दन मेरी ये बात भी जो चाहे परख सकता है सच के हर रूप के अक्कास हैं दशरथ नन्दन  

गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है- किरणसिंहदेव

इस बजट से तय हो गया भारत विश्व का नेतृत्व करेगा :किरण सिंहदेव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास को मिली एक ऊंची उड़ान-किरण देव गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है-श्री किरणसिंहदेव रायपुर  केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि  श्री नरेंद्र मोदी जी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर देशवासियों को बजट के माध्यम से पूरे देश को एक बड़ी सौगात दी है। यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की अवधारणा से पूरिपूर्ण समावेशी और विकास को एक ऊंची उड़ान देने वाला और क्रांतिकारी बदलाव के साथ एक सुदृढ़ और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने वाला है। इसमें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मध्यम वर्ग को जहां 12 लाख की सालाना आय को टैक्स मुक्त करते हुए किसानों को 5 लाख रुपए तक के लोन में छूट दी है। कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पीएम धन-धान्य योजना के दायरे को बढ़ा दिया है। इससे खेती-किसानी में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। साथ किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। एक करोड़ 70 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिलेगा। श्री सिंह देव ने कहा श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है। इस बजट में सबका साथ सबका विकास की अवधाराणा का एक वृहद स्वरूप है। जिसमें समाज के सभी वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र के लिए कई बड़ी सौगातें शामिल है। श्री किरणदेव सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने यहां डबल इंजन की सरकार बनाकर प्रदेश को विकास के पथ ला दिया है। केंद्रीय बजट में पीएम मोदी की सरकार ने कई बड़ी सौगात दी है, इससे छत्तीसगढ़ के विकास को और रफ्तार मिलेगी और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हमारे प्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। श्री देव ने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं के चलते छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में निर्बाध और उत्तरोत्तर तेज गति से विकास कर रहा है। केंद्रीय बजट हुई घोषणाओं से छत्तीसगढ़ के विकास में और तेजी आएगी।  कहा कि  केंद्रीय बजट से किसान, युवा और उद्यमियों सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में सभी वर्गों और क्षेत्र का ख्याल रखा गया है और एक विकासोन्मुखी का समावेश है। श्री किरण सिंहदेव  ने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों और मजदूरों की सबसे बड़ी हितैषी है। आज छत्तीसगढ़ में धान के समर्थन मूल्य के अलावा देशभर के किसानों को उनके फसलों का वाजिब दाम और उनकी आय को बढ़ाने के कार्य किसी क्रांति से कम नहीं है। किसानों से मोटे आनाज को केंद्र सरकार तीन गुना अधिक दामों पर खरीद रही है। साथ ही खरीफ और रबी की फसलों में एमएसपी में बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा 109 प्रकार की उन्नत किस्म किसानों को प्रदान की गई हैं। खाद्य तेल, तेंदूपत्ता उत्पादन और प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय मिशन योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की विष्णुदेव साय की सरकार में आदिवासी समाज के लिए केंद्र की सरकार ने अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इससे आदिवासी समाज को संबल मिला हैं। आज आदिवासी हर क्षेत्र में सामर्थवान होने के साथ ही आर्थिक रूप से सबल हुए हैं। केंद्रीय बजट से इनके विकास में और तेजी आएगी। केंद्रीय बजट और सरकार की योजनाओं से दलित, वंचित और आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और एक  विकसित राष्ट्र की स्थापना होगी। इस बजट ने बता दिया है कि अब भारत को विश्व का नेतृत्व करने से कोई नहीं रोक सकता।यह बजट देश के लोगो के लिए नई खुशहाली लेकर आयेगा।

मोदी सरकार की योजना 3 करोड़ महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी’, जानिए क्या है; कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?

नईदिल्ली लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए सरकार महिलाओं को फाइनेंशियली सपोर्ट करती है. सरकार की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने की योजना में बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है. ये योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है. इस ग्रुप में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं. सेल्फ हेल्प ग्रुपों में बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी, दवाई वाली दीदी शामिल हैं. लखपति दीदी योजना एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है. इसके जरिए देश की सभी दीदियों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है. ताकी वो खुद पैसे कमा सकें. लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। योजना के जरिए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है। यह योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है। जिसमें बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी और दवाई वाली दीदी जैसी महिलाएं शामिल हैं। लखपति दीदी योजना क्या है? यह एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है। जिसमें महिलाओं को तरह-तरह की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे खुद कमाई कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना की शुरुआत लखपति दीदी योजना 15 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। इसका मकसद देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। योजना के लिए जरूरी शर्तें 1. योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। यदि वेरिफिकेशन के दौरान परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता पाया गया, तो योजना का फायदा नहीं मिलेगा। 2. यह योजना केवल उन महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम है। यदि परिवार की आय 3 लाख से ज्यादा है, तो वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं। आवेदन कैसे करें? 1. योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं को पहले सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से एक बिजनेस प्लान बनाना होगा। 2. यह प्लान सरकार को भेजा जाएगा, जहां अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। 3. अगर आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है, तो महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा और 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इन दो शर्तों को करना होगा पूरा लखपति दीदी योजना के लिए अप्लाई करने के लिए महिलाओं के लिए कुछ टर्म्स और कंडीशन भी दी गई हैं. इस योजना में जो सबसे जरूरी शर्त है कि कोई भी महिला अगर इस योजना के लिए अप्लाई करती है तो उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य नहीं होना चाहिए. अगर उस महिला के घर में वेरिफिकेशन के दौरान कोई भी सदस्य सरकरी नौकरी वाला मिलता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. इसके अलावा इस योजना के लिए केवल वही महिला अप्लाई कर सकती है जिसकी फैमिली ईयरली इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है. 3 लाख रुपये से ज्यादा ईयरली इनकम वाली महिलाएं योजना का हिस्सा नहीं बन सकती हैं. ऐसे करें अप्लाई लखपति दीदी योजना में अप्लाई करने के लिए महिलाओं को एक सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए बिजनेस प्लान तैयार करना होगा. जब उनका बिजनेस प्लान बन जाएगा तो उस प्लान को सरकार को भेजा जाएगा. इसके बाद सरकार के अधिकारी एप्लीकेशन को अच्छी तरह से रिव्यू करेंगे. अगर एप्लीकेशन एक्सेप्ट हो जाता है तो योजना का बेनिफिट दिया जाएगा. इसके साथ 5 लाख रुपये तक का लोन भी दिया जाएगा. क्या है पात्रता? अगर आप भी लखपति दीदी बनना चाहता हैं और योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो पहले जान लें कि इसके लिए एलिजिबिलीटी क्या होगी। योजना का फायदा वहीं महिलाएं उठा सकती हैं, जो प्रदेश की स्थाई नागरिक हो। इसके अलावा महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, महिला की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उस महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ पाने के लिए कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसके लिए आधार कार्ड राशन कार्ड बैंक खाता पासबुक, स्वयं सहायता समूह का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। योजना के तहत स्‍वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं को चुना जाता है, जिनकी सालाना आमदनी कम होती है। इसके बाद उन्‍हें 1-5 लाख रुपये तक का ब्‍याजमुक्‍त कर्ज दिया जाता है। ऐसे करें आवेदन इसके लिए आपको स्वयं सहायता के कार्यालय जाना होगा। यहां आपकी एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान तैयार होगा। दस्तावेजों के साथ एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान स्वयं सहायता कार्यालय में जमा कर दें। यहां आपकी एप्लीकेशन रिव्यू होगी और फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार रिव्यू करेगी। अप्रूव होने के बाद लोन के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा। आप चाहें तो ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।    

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘पूर्वोदय मिशन’ के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।

प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह अशोक विहार के स्वाभिमान अपार्टमेंट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र और सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टरों का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का उद्घाटन करेंगे और नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी सभी के लिए आवास की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी ‘सभी के लिए आवास’ (हाउसिंग फॉर ऑल) की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 3 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के अशोक विहार स्थित स्वाभिमान अपार्टमेंट में इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत झुग्गी झोपड़ी (जेजे) समूहों के निवासियों के लिए नवनिर्मित फ्लैटों का दौरा करेंगे। इसके बाद करीब 12 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे आपको बता दें अशोक विहार में पीएम मोदी झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। वह लाभार्थियों को स्वाभिमान अपार्टमेंट की चाबियां भी सौंपेंगे। नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा दूसरी सफल इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना को पूर्ण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के निवासियों को उचित सुख-सुविधाओं से सुसज्जित बेहतर और स्वस्थ परिवेश प्रदान करना है। सरकार द्वारा फ्लैट के निर्माण पर खर्च किए गए प्रत्येक 25 लाख रुपये के लिए, पात्र लाभार्थी कुल राशि का 7 प्रतिशत से भी कम भुगतान करते हैं, जिसमें 1.42 लाख रुपये का नाममात्र योगदान और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। नौरोजी नगर और सरोजिनी नगर में टाइप-II क्वार्टर का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र (डब्ल्यूटीसी) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों में बदला नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों से बदलकर इस क्षेत्र का कायाकल्‍प कर दिया है। इससे उन्नत सुविधाओं के साथ लगभग 34 लाख वर्ग फ़ीट प्रीमियम वाणिज्यिक स्‍थल उपलब्‍ध हुआ है। सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2,500 से अधिक आवासीय इकाइयां हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं और स्‍थल का कुशल उपयोग किया गया हैं। परियोजना के डिजाइन में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल उपचार संयंत्र तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले अपशिष्ट कॉम्पैक्टर शामिल हैं जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जनजीवन को प्रोत्साहित करते हैं। द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे इसके अलावा प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें कार्यालय, ऑडिटोरियम, उन्नत डेटा सेंटर, व्यापक जल प्रबंधन प्रणाली आदि शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल इस इमारत का निर्माण उच्च पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया गया है और इसे भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) के प्लेटिनम रेटिंग मानकों के अनुसार निर्मित किया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये की 3 नई परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला शुक्रवार को पीएम मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक और द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक शामिल है। इसमें नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन भी शामिल है, जिसमें शिक्षा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल, 50 हजार से अधिक आबादी भूमि के रहवासियों को मिलेेंगे भूमि संबंधी रिकार्डस

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में 27 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के साथ रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी स्वामित्व योजना के तहत पूरे देश में 57 लाख से अधिक सम्पत्ति कार्ड का वितरण करेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 17 जिलों के 50 हजार से अधिक सम्पत्ति मालिकों के भूमि संबंधी रिकार्डस शामिल हैं। स्वामित्व योजना में मालिकाना हक के साथ ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान करने के लिए जिलों में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। इन जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। इसी प्रकार उपमुख्यमंत्री अरुण साव कोरबा, उपमुख्यमत्री विजय शर्मा दुर्ग, कृषि मंत्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल महासमुंद, वन मंत्री केदार कश्यप राजनांदगांव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, कबीरधाम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बलौदाबाजार-भाटापारा, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी सरगुजा और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके अलावा 7 अन्य जिलों कोण्डागांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती में भी स्वामित्व कार्डों का वितरण होगा। स्वामित्व योजना के हैं कई लाभ स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है। इस योजना में ड्रोन सर्वे और जीआईएस मानचित्रों की सहायता से भूमि रिकार्डस को सटीक बनाया जाएगा। भूमि संबंधी सर्टिफिकेट मिलने से भूमि संबंधी विवादों मे कमी आएगी। सम्पत्ति की खरीदी बिक्री और हस्तान्तरण आसान हो जाएगा। भूमि मालिकों को बैंकऋण मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।   योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 से स्वामित्व योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 को ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के लिए हुई थी। देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है।

डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे जमीन के पट्टे, पीएम मोदी करेंगे शिरकत

नई दिल्ली  केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से दस राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों के 50 हजार गांवों में 58 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरणआज  शुक्रवार को होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्ड का ई-तिरण करेंगे। वहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई केन्द्रीय मंत्री अलग-अलग शहरों में कार्ड वितरण समारोह में शामिल होंगे।  पंचायती राज मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से गांवों की संपत्तियों का ड्रोन सर्वे व उनके स्वामित्व संपत्ति कार्ड बनाने का कार्यक्रम पिछले चार साल से चला रखा है। इसके तहत अब तक 31 राज्यों के 3 लाख 17 हजार से अधिक गांवों में करीब 2.19 करोड़ स्वामित्व संपत्ति कार्ड बन चुके हैं। इसके तहत शुक्रवार को देश भर में लगभग 20 हजार स्थानों पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड वितरित किए जाएंगे। मोदी के साथ केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज मौजूद रहेंगे। समारोह में प्रदेशो के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और हितधारक भी वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। 6 केन्द्रीय मंत्री कल राजस्थान में रहेंगे केन्द्र सरकार की ओर से 13 केन्द्रीय मंत्रियों को राज्यों में जाकर इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 6 मंत्री राजस्थान के शहरों में रहेंगे। इनमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा जयपुर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जोधपुर, वन व पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव अलवर, महिला बाल विकास मंत्री अनपूर्णा देवी कोटा, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अजमेर में रहकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जबकि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सियोनी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री धामतारी में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। कहां कितने कार्ड तैयार प्रदेश     गांवों की संख्या     कार्ड संख्या (लाखों में) मध्यप्रदेश     43014                 32.53 राजस्थान          36312                7.18 छत्तीसगढ़     15791              1.84   राजस्थान के 1.50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व योजना के तहत जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। 27 दिसंबर को राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली शामिल होकर लाभार्थियों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जहां लाभार्थियों को बुलाकर उनके नाम संपत्ति कार्ड सौंपे जाएंगे। जानकारी के अनुसार, राजस्थान की 3526 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 7522 गांवों के निवासियों को ये पट्टे वितरित किए जाएंगे। 27 दिसंबर को केंद्र सरकार की पहल पर देशभर की 29,127 ग्राम पंचायतों के 46,251 गांवों में कुल 58 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे। इनमें से राजस्थान के 1,50,778 लाभार्थियों को भी संपत्ति कार्ड मिलेंगे। राजस्थान में यह कार्यक्रम मुख्य रूप से 33 जिला मुख्यालयों पर आयोजित होगा। हालांकि, अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में बने नए जिलों की समीक्षा प्रक्रिया अभी जारी है। स्वामित्व योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल 2020 को की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन का सीमांकन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक से करना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को उनके अधिकारों का रिकॉर्ड (संपत्ति कार्ड) प्रदान किया जाता है। इन कार्ड्स का उपयोग ग्रामीण परिवार बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। इससे उनकी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में मान्यता मिलेगी। अब तक इस योजना के तहत देशभर में 1.37 करोड़ संपत्ति कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

केन बेतवा लिंक परियोजना : पीएम मोदी ने किया शिलान्यास, बुंदेलखंड में रचा इतिहास

खजुराहो  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की नींव रखी। यह राष्ट्रीय नदी जोड़ो नीति के तहत पहली परियोजना है। इससे मध्य प्रदेश के 10 जिलों के 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। इस परियोजना की लागत लगभग 44,605 करोड़ रुपये है। इससे 2,000 गांवों के 7.18 लाख किसान परिवारों को फायदा होगा। साथ ही, 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी बनेगी। यह परियोजना बुंदेलखंड का कायाकल्प करेगी। बुंदेलखंडी बोली से भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में बुंदेलखंडी बोली में किया, उन्होंने कहा- वीरों की धरती बुंदेलखंड में रहबे वाले, सबई जनन को हमारी तरफ से हाथ जोड़कर राम-राम पहुंचे। सीएम मोहन यादव की सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इस एक साल में एमपी में विकास को एक नई गति मिली है। यहां आज हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजना की शुरुआत हुई है। सुशासन पर लोगों को भरोसा है पीएम ने कहा हमारे लिए सुशासन दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। यह भाजपा सरकारों की पहुंचान है। देश की जनता ने तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई। एमपी में आप सभी लगातार भाजपा को चुन रहे हैं। इसलिए क्योंकि सुशासन का भरोसा ही सबसे प्रबल है। हमारी सरकार ने विकास में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं विद्वानों से आग्रह करुंगा कि देश की आजादी से अब तक किसकी सरकार ने क्या काम किया। मैं दावे से कहता हूं, देश में जब-जब भाजपा को जहां-जहां भी सेवा करने का मौका मिला है, हमने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनहित के कार्यों में सफलता पाई है। आजादी के बाद सबसे पहले नदी जल का महत्व बाबा साहब आंबेडकर ने समझा पीएम ने कहा भारत के लिए नदी जल का महत्व सबसे पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समझा। भारत में जो नदी घाटी परियोजनाएं बनीं, इसके पीछे उन्हीं का विजन था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उनके इस योगदान के लिए किसी को पता नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के बीच नदी जल को लेकर विवाद चल रहा है। जिस समय कांग्रेस की सकरार थी वो इस विवाद को सुलझा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अटलजी की सरकार ने पानी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार जाते ही कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां नदियों को जोड़ने की दो परियोजनाएं चल रही हैं। 21वीं सदी में वहीं देश आगे बढ़ पाएगा जिसके पास पर्याप्त जल होगा। पानी होगा तभी खेत-खलिहान होंगे। पानी होगा तभी उद्योग-धंधे होंगे। इसलिए खास है यह परियोजना     केन बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध बनाया जाएगा।     2 टनल का निर्माण कर बांध में 2,853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जाएगा।     केन नदी पर दौधन बांध से 221 किमी लंबी लिंक नहर के द्वारा एमपी यूपी राज्यों के 14 जिलों को लाभ मिल सकेगा।     मध्य प्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया के 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इससे लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे।     केन- बेतवा परियोजना से उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। जिससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।     परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख एवं उत्तर प्रदेशकी 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही परियोजना से 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।     परियोजना के अंतर्गत चंदेल कालीन तालाबों को सहेजने का कार्य होगा। मध्य प्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों में चंदेल कालीन 42 तालाबों का मरम्मत जीर्णोधार किया जाएगा।     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में परियोजना के कियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मध्य 22 मार्च 2021 को त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।     केन बेतवा लिंक परियोजना की लागत राशि 44 हजार 605 करोड़ रूपये है।     परियोजना का व्यय निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 10 प्रतिशत के अनुपात में रहेगा।     परियोजना से 8.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी, 02 हजार ग्रामों के लगभग 7 लाख 18 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। परियोजना से मिटेगा सूखा और पलायन का कलंक बुंदेलखंड का सूखा और पलायन लोगों की कमर तोड़ता रहा है। परिवारों को पलायन करने पर यह सूखा मजबूर करता रहा है। लेकिन केन बेतवा परियोजना बुंदेलखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी। क्योंकि दौधन बांध से लेकर केन बेतवा तक परियोजना आकार लेगी और बुंलेखंड का सूखा मिटाएगी। सूखाग्रस्त बुंदेलखण्ड क्षेत्र में भूजल स्तर की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्याटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पीएम मोदी ‘भागीरथ’ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के शिलान्यास समारोह में पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘सरकार, समाज और व्यवस्था’ पर ध्यान देने के लिए आदर्श बताया। उन्होंने पीएम मोदी के जयपुर वाले बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को दूसरे देशों के लिए आदर्श बनना चाहिए। सीएम यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक राज्यों के बीच समन्वय नहीं बनाया और बुंदेलखंड की तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘वे कभी बुंदेलखंड का भला नहीं सोचते हैं। जो हो रहा है यह सिर्फ मोदीजी ही कर सकते हैं।’ रैली में पहले पहुंचे सीएम यादव कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शिरकत की। उनके साथ कई मंत्री और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा भी शामिल हुए। कई कैबिनेट मंत्री जैसे प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, तुलसी सिलावट और … Read more

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