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PM मोदी और अमित शाह ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए सदैव अटल स्मारक पहुंचे

नई दिल्ली देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 100वीं जयंती है. पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के मौके पर उन्हें याद किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत एनडीए के शीर्ष नेता पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए सदैव अटल स्मारक पहुंचे हैं. पूर्व पीएम वाजपेयी की 100वीं जयंती के मौके पर केंद्र सरकार विभिन्न स्तरों पर समारोहों का आयोजन कर रही है. इस बीच पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी सदैव अटल स्मारक पहुंचकर पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने पोस्ट कर कहा कि आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के साथ जिस प्रकार देश को एक नई दिशा और गति दी, उसका प्रभाव हमेशा अटल रहेगा. यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे उनका भरपूर सान्निध्य और आशीर्वाद मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पूर्व पीएम को याद करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अटल जी ने विचारधारा के प्रति समर्पण और मूल्य आधारित राजनीति से देश में विकास और सुशासन के नए युग की शुरुआत की. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को कार्य संस्कृति बनाने वाले वाजपेयी जी ने देश की सुरक्षा और जनकल्याण को सदैव सर्वोपरि रखा. राजनीतिक जीवन में शुचिता और आत्मसंयम से उन्होंने भाजपा को जनप्रिय बनाया. अटल जी ध्रुवतारे के समान अनंत काल तक देशवासियों को राष्ट्रसेवा के पथ पर दिशा दिखाते रहेंगे. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी इस मौके पर मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे. यहां खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. केन बेतवा परियोजना के शिलान्यास होने के साथ अटल बिहारी वाजपेजी का सपना साकार होगा.  

प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर कल मध्य प्रदेश जायेंगे और खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य के दृष्टिकोण से देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही, जलविद्युत परियोजनाएं हरित ऊर्जा में 100 मेगावाट से अधिक का योगदान देंगी। इस परियोजना से रोजगार के कई अवसरों का सृजन होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। वह 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों की आधारशिला भी रखेंगे। ये भवन स्थानीय स्तर पर सुशासन के लिए ग्राम पंचायतों के कार्य और जिम्मेदारियों के व्यावहारिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा की आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के सरकार के मिशन में योगदान देगी। यह जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी मदद करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी आज खजुराहो आएंगे, केन बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन करेंगे

 खजुराहो  देश की प्रथम नदी जोड़ो केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास आज 25 दिसंबर बुधवार को खजुराहो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। 44 हजार 605 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लगभग 11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मप्र के 10 जिले और उत्तर प्रदेश के चार जिलों में पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। परियोजना में होने वाले व्यय का 90 प्रतिशत भार केंद्र सरकार उठाएगी। प्रदेश के ऊपर वित्तीय भार मात्र 10 प्रतिशत आएगा। इस परियोजना से 103 मेगावाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिसका पूरा लाभ मध्य प्रदेश को मिलेगा। बुंदेलखंड का आर्थिक व सामाजिक विकास होगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना के प्रति लोगों को किया जा रहा जागरूक     इस बीच, प्रभावित जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को परियोजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गुन्नौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने कहा कि यह बुंदेलखंड अंचल के लिए महत्वाकांक्षी योजना है।     उन्होंने कहा, ‘बुंदेलखंड की दो दशक पुरानी आस अब पूरी हो रही है। 18 साल से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ क्षेत्र की प्यास के बुझने के साथ ही जीवन बदलने का ऐतिहासिक पड़ाव भी है।’     ‘चार दशके से बुंदेलखंड की जनता को जिस दिन का बेसब्री से इंतजार था, वह दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़संकल्प से आ गया है। साथ ही भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना पूरा हुआ।’     लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से कलश यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है एवं कार्यक्रम में पहुंचने के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। सभी जगह ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।     इस योजना को लेकर सभी गावों में दीवार लेखन के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं नुक्कड़ नाटक और गीत संगीत के माध्यम से भी लोगों में केन बेतवा लिंक परियोजना के बारे में बताया जा रहा है। खजुराहो पुलिस ने जारी किया रूट प्लान पीएम मोदी के आगमन को लेकर छतरपुर पुलिस द्वारा यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए पार्किंग व्यवस्था एवं डायवर्सन प्लान बनाया गया है, जिसका रूट चार्ट जारी किया जा रहा है। डायवर्सन प्लान के तहत छतरपुर, दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी से कार्यक्रम में आने वाले वाहन की मंजू नगर रोड में फेस्टिवल ग्राउंड, लालगांव, प्रेम गिरी मंदिर, एएसआई ग्राउंड में पार्किंग रहेगी। महोबा, राजनगर, चंदला, गौरीहार, लवकुशनगर की तरफ से कार्यक्रम में आने वाले वाहन बलवंत सिंह महाविद्यालय परिसर पार्किंग, एमपीटी पार्किंग विवेकानंद चौराहा, टूरिस्ट ग्राउंड, आदिवर्त पार्किंग में पार्क करेंगे, जिला दमोह तरफ से आने वाली जो बसे छतरपुर होकर आएंगी वह गंज से राजनगर रोड एवं पन्ना तरफ से आने वाली बसें टोरिया टेक से डायवर्ट होकर आएंगी। पन्ना, चंद्रनगर तरफ से कार्यक्रम में आने वाले समस्त वाहन टोरिया टेक से सूरजपुरा रनेह फॉल, अचनार बाईपास से होते हुवे पायल तिराहा तक आएंगे, विक्रमपुर तरफ से आने वाले वाहन गोकुल धाम होते हुए खजुराहो आएंगे, रानेहफॉल चंद्रनगर से आने वाले वाहन अचनार बाईपास से पायल तिराहा तक आएंगे। पुलिस ने जारी की प्रतिबंधित सामग्री की सूची शिलान्यस समारोह हेतु सभास्थल, मार्ग एवं क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की दृष्टि से छतरपुर पुलिस द्वारा व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसामान्य की सुविधा हेतु छतरपुर पुलिस द्वारा कई घेरे की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन अथवा ड्रोन कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम धन्यवाद पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम छतरपुर जिले के जनपदों एवं ग्राम पंचायतों की जनता ने केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात के लिए 443 धन्यवाद पत्र दिए हैं। छतरपुर जिले में आगामी 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री, स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100 वीं जयंती पर केन बेतवा लिंक परियोजना के भूमिपूजन के लिए बुन्देलखण्ड की धरती पर खजुराहो में स्वयं पधार रहे हैं। यह परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिससे बुन्देलखंड के लोगों की पानी की समस्या का निदान होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को खजुराहो में करेंगे देश की पहली केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश को देंगे अनेक सौगातें प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का करेंगे लोकार्पण 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन और प्रथम किश्त का करेंगे वितरण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का करेंगे जारी भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश के खजुराहो में देश की पहली महत्वाकांक्षी और बहुउद्देशीय केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी देश की पहली ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण और 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्टॉम्प और सिक्का भी जारी करेंगे। देश को नदी जोड़ो की परिकल्पना देने वाले युगदृष्टा स्व. वाजपेयी की जयंती पर यह मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात होगी। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दोपहर 12:10 बजे खजुराहो आयेंगे और दोपहर 2:20 बजे दिल्ली के लिये रवाना होंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस परियोजना के शिलान्यास के साथ ही स्व. वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मूर्त रूप लेगा। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश के खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। परियोजना के द्वितीय चरण की 240 मेगावॉट क्षमता के लिये एमपीपीएसीए से आवश्यक सहमति उपरांत चयनित विकासक “सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड” से अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाना प्रस्तावित है। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के ऊपर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को प्रदेश की जनता को समर्पित करना प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति सरकार के सतत प्रयासों को प्रदर्शित करता है। अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन कर प्रथम किश्त का वितरण भी करेंगे। प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में से भवन विहीन, जीर्ण-शीर्ण भवन और अनुपयोगी 2500 ग्राम पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति के लिये चिन्हित किया गया है। प्रारंभिक चरण में 1153 नवीन पंचायत भवनों के लिये 437.62 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का मत था कि पंचायत भवन, ग्राम पंचायत की सर्वाधिक मूल एवं महत्वपूर्ण अधोसरंचना है। इन भवनों की ग्राम पंचायतों के व्यवहारिक रूप से कार्य एवं दायित्वों के संवहन और कार्य संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों को सशक्त करने के लिये समस्त ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन एवं क्लस्टर स्तर पर क्लस्टर पंचायत भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया है।  

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जल संरक्षण एवं जल समृद्धि की दिशा में एक नया अध्याय लिखने वाला होगा – विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल      मध्यप्रदेश की पुण्यभूमि, जो अपनी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक गौरव के लिए प्रसिद्ध है, अब एक और ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने जा रही है। 25 दिसंबर 2024 को मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यानस यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से होगा। यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए विकास, जल संरक्षण एवं जल समृद्धि की दिशा में एक नया अध्याय लिखने वाला होगा, साथ ही यह भारत की जल क्रांति की नई गाथा लिखने का भी प्रतीक बनेगा। शुभ योग यह है कि परियोजना का भूमिपूजन आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती के दिन हो रहा है, जिन्होंने भारत के विकास के लिए अनेक सपने देखे थे, उनमें नदियों को जोड़ना विशेष रूप से शामिल था। उन्होंने इस दिशा में प्रारंभिक कदम भी उठाए थे। प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी अब स्वप्न दृष्टा वाजपेयी जी के सपने साकार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। यह परियोजना प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता, मध्यप्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह और अटलजी के विचारों के प्रति समर्पण का एक और प्रमाण है, जो मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी।      प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं में गंगा की धरा पर उपस्थिति का श्रेय राजा भागीरथ को दिया जाता है। राजा भागीरथ के तप और साधना से गंगा धरती पर अवतरित हुईं, जिसकी उपस्थिति से भारत का भू-भाग समृद्ध हुआ, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी आधुनिक भागीरथ हैं। मोदीजी ने भी जल संकट से जूझते भारत के लिए एक नई जल क्रांति की शुरुआत की है। जल संसाधनों को भारत की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनाया है। उनके नेतृत्व में जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य और विकास का आधार बन गया है। गुजरात में जब वे मुख्यमंत्री थे, तब उनकी जल नीतियों ने सूखे और जल संकट से जूझते गुजरात को जलसमृद्धि का अनूठा उदाहरण बनाया। गुजरात, जो कभी सूखे और जल संकट का प्रतीक था, आज नर्मदा नदी के जल से आच्छादित है। उनकी दूरदृष्टि और अदम्य साहस ने नर्मदा नदी के जल को सही दिशा में मोड़ते हुए गुजरात की प्यास बुझाई, कृषि क्षेत्र को समृद्ध किया और नर्मदा के जल से साबरमती नदी को भी नया जीवन दिया। यह उनकी नीतियों और इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि गुजरात में जल के अभाव का स्थान जल के सदुपयोग और समृद्धि ने ले लिया। गुजरात में उनका काम जल संकट से जूझ रहे राज्यों के लिए आदर्श बन चुका है।      माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी नीति तक ही सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बनाया। उनके अनुसार, जल का प्रबंधन एक पुण्य कर्म है, जिसमें वर्तमान की जरूरतें और भविष्य की पीढ़ियों का उत्तरदायित्व दोनों निहित हैं। उनका यह कथन इस सोच को सार्थक रूप देता है कि जल का सवाल केवल संसाधनों का नहीं, बल्कि मानवता के अस्तित्व का है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आधुनिक राजाभोज कहना न्याय संगत है। राजा भोज ने जल संरक्षण के लिए ऐसी संरचनाएं बनाईं, जो सदियों बाद भी जल प्रबंधन की उत्कृष्ट मिसाल बनी हुई हैं। भोपाल का ऐतिहासिक बड़ा तालाब राजा भोज की जल संरक्षण क्षमता का अद्भुत उदाहरण है,जो सदियों बीत जाने के बाद भी लाखों लोगों की प्यास बुझा रहा है। दो नदियों के संगम से बनाए गए इस तालाब ने यह सिद्ध कर दिया हैकि जल संरक्षण केवल उस समय की आवश्यकता ही नहीं, बल्कि उसे पीढ़ियों के लिए उपहार के रूप में संरक्षित किया जाता है।      प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी का दृष्टिकोण भी ऐसा ही है। मोदी जी भी जल संरचनाओं के जनक राजाभोज की परंपरा को आधुनिकता के साथ मानवता के अस्तित्व के लिए आगे बढ़ा रहे हैं।      माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि जल का संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है-“जल संचय केवल एक प्रयास नहीं, यह एक पुण्य है। इसमें उदारता और उत्तरदायित्व दोनों निहित हैं। आने वाली पीढ़ियां जब हमारा आकलन करेंगी, तो यह केवल हमारी आर्थिक उपलब्धियों या भौतिक विकास पर आधारित नहीं होगा। उनका पहला प्रश्न यही होगा कि हमने जल के प्रति क्या दृष्टिकोण अपनाया। जल का संरक्षण, प्रबंधन और इसके प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही भविष्य में हमारी पहचान बनेगी।” यह विचार न केवल जल संरक्षण के महत्व को दर्शाता है इसीलिये उनकी जलनीतियां दीर्घकालिक हैं, जो न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करती हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी टिकाऊ मार्ग प्रस्तुत करती हैं। माननीय मोदी जी के नेतृत्व में शुरू हुए “जल शक्ति अभियान” और “हर घर जल” और कैच द रैन जैसे अभियानों ने करोड़ों भारतीयों के जीवन को परिवर्तित कर दिया है। उनकी योजनाएं यह सिद्ध करती हैं कि जल प्रबंधन में उनका दृष्टिकोण कितना प्रभावशाली और स्थायी है।      मध्यप्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विशेष लगाव समय-समय पर उनकी योजनाओं और निर्णयों से स्पष्ट होता है। उन्होंने हमेशा मध्यप्रदेश को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। उनके प्रयासों से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अब केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना मध्यप्रदेश के विकास में नई ईबारत लिखने जा रही है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, जिस भूमि पर बन रही है, वह शौर्य, सम्मान और जनकल्याण के प्रतीक बुंदेलखंड की भूमि है, बुंदेलखंड की पवित्र भूमि ने ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है, जिन्होंने लोकहित को सर्वोपरि रखा। राजा छत्रसाल ने अपनी नीतियों और नेतृत्व से बुंदेलखंड के लोगों के कल्याण के लिए जो काम किए, उनकी गूंज आज भी सुनाई देती है। प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व भी राजा छत्रसाल के दृष्टिकोण का आधुनिक संस्करण है। उनकी योजनाएं और प्रयास बुंदेलखंड को जल संकट से उबारने और यहां की सूखी धरती को फिर से हराभरा बनाने के लिए समर्पित हैं।      प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी जी के संकल्प का फल है कि 44,605 हजार करोड़ रूपये की केन-बेतवा लिंक जैसी बहुप्रतीक्षित परियोजना आज जमीन पर उतर रही है और … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हमारे देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है, आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप वाला देश है

नई दिल्ली देशभर में 45 जगहों पर आयोजित किए गए रोजगार मेले में 71 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं। इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने पिछले एक या डेढ़ साल में लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, यह एक रिकॉर्ड है। पीएम मोदी ने कहा कि चयनित सभी युवा नई सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जिसे युवा पा ना सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप वाला देश है। युवाओं को हर सेक्टर में आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। ग्रामीण भारत में रोजगार देने के लिए बैंक सखी जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के सामर्थ्य और प्रतिभा का भरपूर उपयोग उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘रोजगार मेलों के जरिए हम लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों से सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में सरकारी नौकरी देने का अभियान चल रहा है। आज भी 71,000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।’ यह रोजगार मेला देश भर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किया जाएगा। इनमें गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा शामिल हैं। रोजगार मेले की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को हुई थी। हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बताया था कि रोजगार मेले के जरिए अब तक कई लाख युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट शामिल

भोपाल भोपाल में फरवरी 2025 में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का आयोजन । जीआईएस-2025 समिट का उद्देश्य निवेशकों को राज्य की क्षमताओं, प्रचुर संसाधनों एवं अनुकूल औद्योगिक वातावरण से अवगत कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिये आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिए औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा देश के विभिन्न शहरों में इन्टरेक्टिव सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्य प्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 10 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ। वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा है, “25 दिसंबर को नदी जोड़ो परियोजना का खाका देने वाले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती (Atal Bihari Vajpayee 100th Birth Anniversary) है। इस उपलक्ष में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर तक राज्य सरकार जन कल्याण पर्व मना रही है। सरकार हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएगी।” रोजगार के बेहतर अवसर पर बल मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही. निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है. औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं. नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है. मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं. इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे.इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा. निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है. प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है.

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

पूर्व सीएम भैरो सिंह शेखावत, वसुंधरा राजे का जिक्र, जयपुर पहुंचे मोदी ने दिया राजस्थान के विकास और राजनीति का दिया संदेश

जयपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजस्थान के जयपुर में 46,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, जो राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। लेकिन इस कार्यक्रम के पीछे केवल विकास का ही संदेश नहीं था, बल्कि मोदी ने अपनी सरकार के राजनीतिक एजेंडे को भी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। उनकी ये परियोजनाएं केवल राजस्थान के विकास के लिए नहीं, बल्कि आगामी चुनावी मुकाबले में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने के लिए भी रणनीतिक कदम प्रतीत होती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में अपनी स्पीच के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत, वसुंधरा राजे और जसवंत सिंह के किस्सों को याद किया, जो एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा सकता है। मोदी का यह बयान न केवल राजस्थान की राजनीतिक पृष्ठभूमि को उजागर करता है, बल्कि उनके द्वारा इन नेताओं को सम्मानित करने का उद्देश्य भाजपा के पुराने नेताओं और उनके योगदान को जनता के बीच फिर से प्रस्तुत करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस भावनात्मक अंदाज में भैरोंसिंह शेखावत और जसवंत सिंह के किस्से सुनाए, उसमें उनके नेतृत्व की क्षमता और राजस्थान के लिए उनके समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मोदी ने इन नेताओं की नर्मदा जल को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया का उल्लेख किया, जिसमें शेखावत और सिंह ने गुजरात के नर्मदा पानी को राजस्थान को देने के मोदी के कदम को सराहा था। यह केवल विकास की बात नहीं थी, बल्कि यह कांग्रेस की विफलताओं और राजस्थान में जल संकट पर भाजपा के प्रयासों की ओर इशारा करता था। मोदी ने अपने भाषण में कहा, “उनकी आंखों में आंसू थे,” इस वाक्य के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि भाजपा और उनके नेतृत्व में दिल से काम करने का एक भावुक पहलू है, जो कांग्रेस की राजनीति से अलग है। वसुंधरा राजे का उल्लेख भाजपा के महिला नेतृत्व को मजबूती देने की दिशा में एक राजनीतिक संकेत हो सकता है। राजे की राजनीति राजस्थान में भाजपा की मजबूत चेहरा रही हैं और उनका नाम लेकर मोदी ने महिला सशक्तिकरण के पक्ष में अपनी पार्टी का रुख साफ किया। यह कदम महिला वोटरों को ध्यान में रखते हुए उनकी भूमिका को न केवल पहचान दिलाता है, बल्कि इसे भाजपा के विकासात्मक दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। मोदी का यह प्रयास महिलाओं के बीच भाजपा का समर्थन बढ़ाने के लिए एक सूक्ष्म रणनीति हो सकती है। 1. विकास के साथ राजनीतिक संदेश मोदी का जयपुर दौरा सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक सूक्ष्म राजनीतिक संदेश भी था। प्रधानमंत्री ने राजस्थान की भाजपा सरकार के एक वर्ष की उपलब्धियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने भाजपा सरकार की पारदर्शिता और विकास कार्यों की दिशा को उजागर किया, जो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में एक stark contrast के रूप में प्रस्तुत किया गया। मोदी ने कांग्रेस को निशाने पर रखते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक और भर्तियों के मामले कांग्रेस के शासनकाल की छवि बने थे, जबकि भाजपा सरकार ने बम्पर भर्तियां निकाली और पारदर्शी परीक्षाएं करवाई। यह बयान एक राजनीतिक इशारा था, जिसका उद्देश्य भाजपा की सत्ता में लौटने की संभावनाओं को मजबूत करना था। 2. महिलाओं को सशक्त बनाने की रणनीति प्रधानमंत्री ने अपनी योजनाओं में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रमुखता दी, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है। “नमो ड्रोन दीजिए योजना” और “बीमा सखी स्कीम” जैसी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को नए कौशल से लैस करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस कदम के जरिए मोदी ने उन महिला वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास किया है, जो पारंपरिक रूप से भाजपा से दूर रही हैं। यह योजनाएं न केवल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें वित्तीय निर्णयों में भी सक्षम बनाती हैं। 3. जल संकट पर जोर और राजनीतिक तंज जल संकट और नदियों को जोड़ने की योजना पर मोदी ने जो बयान दिए, वे स्पष्ट रूप से कांग्रेस सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए भाजपा के विकासात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करने का एक तरीका थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेई के नदियों को जोड़ने के विजन का हवाला देते हुए यह दर्शाया कि कैसे भाजपा सरकार जल संकट के समाधान की दिशा में काम कर रही है, जबकि कांग्रेस ने कभी इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए। मोदी का यह बयान केवल कांग्रेस पर आरोप लगाने का तरीका नहीं था, बल्कि यह भाजपा की जल नीति को एक प्रभावी राजनीतिक तर्क के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास था, जिससे ग्रामीण और किसान समुदाय को भाजपा के पक्ष में खड़ा किया जा सके। 4. राजनीतिक एजेंडा और भाजपा की ‘विकासवादी’ छवि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भाजपा की विकासवादी छवि को और भी मजबूत किया, विशेष रूप से सौर ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में किए गए समझौतों का जिक्र करते हुए। उन्होंने राजस्थान में किसानों को दिन में बिजली देने की योजना का उल्लेख किया, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से मोदी ने यह संदेश दिया कि भाजपा सरकार किसानों के लिए वास्तविक कदम उठा रही है, जबकि कांग्रेस ने केवल बयानबाजी की है। यह बयान भाजपा के ‘किसान समर्थक’ एजेंडे को प्रमोट करने का एक राजनीतिक प्रयास था, जो आगामी चुनावों में किसानों के वोट को अपनी तरफ खींचने के उद्देश्य से था। 5. भ्रष्टाचार और विवादों के खिलाफ भाजपा की ‘परदर्शिता’ मोदी ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और नदियों के पानी के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा की सरकार को विकास और समाधान के पक्ष में बताया। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत तथा जसवंत सिंह की चर्चा कर एक भावनात्मक एंगल भी जोड़ा, जो उनके समर्थकों को आकर्षित करने का एक तरीका था। उनका यह कदम कांग्रेस के खिलाफ एक ठोस राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें विपक्ष की कमजोरियों को उजागर करने के साथ भाजपा के विकासात्मक और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की छवि को प्रस्तुत किया गया। 6. विकास और सहयोग की राजनीति मोदी ने राज्य और केंद्र … Read more

प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे

शिवपुरी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश उनका देखा सपना साकार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छतरपुर में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की नींव रखेंगे। इससे मप्रयूपी के जिलों में पानी आएगा, समृद्धि बढ़ेगी। मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे।  इससे गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर, मुरैना जैसे 11 जिलों में जल संकट दूर होगा। इस बीच मीडिया से गुरुवार को बातचीत करते सीएम और भाजपाध्यक्ष। सत्ता-संगठन ने सरकार के एक वर्ष के काम का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, डिह्रश्वटी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद थे।  

मोदी के विकसित भारत की उड़ान भरता मोहन का मध्यप्रदेश

नरेन्द्र शिवाजी पटेल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र बन सकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, तकनीकी विकास और गुणवत्ता सुधार के प्रति प्रतिबद्धता के साथ भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में राज्य ने लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां एक ओर प्रदेश में वर्ष- 2003 तक सिर्फ 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे। अब 17 मेडिकल कॉलेज संचालित है। हाल ही में 3 नये मेडिकल कॉलेज नीमच, मंदसौर, सिवनी का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से संपन्न हुआ है। आगामी 2 वर्षों 8 शासकीय और 12 मेडिकल कॉलेज PPP मोड पर प्रारंभ करने की योजना प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार प्रत्येक जिले के लिए एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की दूरदर्शिता और दृढ़-संकल्प ने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी और एक नए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 592.30 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। 13 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना के लिए स्वीकृति दी है। स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 46,491 नए पद सृजित किए गए हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा। प्रदेश में दो वर्षों से लंबित लगभग एक लाख नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परीक्षा इस वर्ष आयोजित की गई, जिससे उनके भविष्य को लेकर उपजे संदेह का निराकरण हुआ है। प्रदेश के हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता रही है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री जी ने आयुष्मान योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष से अधिक के नागरिकों को योजना में लाभ की पात्रता प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री जी ने “पीएमएयर एंबुलेंस सेवा” के माध्यम से राज्य के गंभीर रोगियों और दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और उच्च चिकित्सा सहायता प्रदान की है। हेली एंबुलेंस और फिक्स्ड विंग फ्लाइंग एंबुलेंस की सेवाएं राज्य के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत 4.02 करोड़ कार्ड जारी किए गए हैं। लगभग 5599 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र भी खोले गए हैं, जिससे न्यूनतम दर पर मरीजों को दवा उपलब्ध हो सकेगी। सरकार ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के बाल चिकित्सा विभाग में अपना पहला राज्य नवजात और बाल चिकित्सा संसाधन केंद्र स्थापित किया। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाया गया है। पीएम-जनमन अभियान के तहत 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित की गईं, जो दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसी क्रम में देश में पहली बार किसी शासकीय चिकित्सालय में ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए CAR- T-Cell Therapy की सुविधा इंदौर के महाराजा यशवंतराव होल्कर चिकित्सा महाविद्यालय में उपलब्ध करवाई है। तो वहीं हृदय रोग की आधुनिक उपचार सेवा हेतु भोपाल के जय प्रकाश जिला चिकित्सालय में 30 बिस्तरीय कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की जा रही है। यह भी महत्वपूर्ण पहल है कि एम.आर.आई. सेवाओं को व्यवस्थित करते हुए प्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों के जिला चिकित्सालयों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन) में एम.आर.आई. मशीनों की स्थापना की जा रही है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग में दूसरे स्थान पर है और इसी रोग से ग्रसित वयस्क मरीजों को गंभीर संक्रमणों से बचाने के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। गर्भवती महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए राज्य सरकार ने जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत उन जिलों में जहाँ गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध नहीं थी, अब निजी सोनोग्राफी सेंटरों के माध्यम से निःशुल्क सोनोग्राफी प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए प्रदेश को नई दिशा दी है। उनकी दूरदर्शिता और प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हुई हैं, बल्कि हर नागरिक तक पहुंचने में भी सक्षम हो रही हैं। प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के लक्ष्य के साथ कदम से कदम मिलाते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए जो कार्य किए हैं, वे आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।  

मोदी सरकार के वन नेशन-वन इलेक्शन बिल को कैबिनेट से मिली मंजूरी

 नई दिल्ली एक देश, एक चुनाव के विधेयक को गुरुवार को मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है. सूत्रों का कहना है कि अब सरकार इस बिल को सदन के पटल पर रख सकती है. ये विधेयक अगले सप्ताह इसी शीतकालीन सत्र में लाए जाने की संभावना है. सबसे पहले जेपीसी की कमेटी का गठन किया जाएगा और सभी दलों के सुझाव लिए जाएंगे. अंत में यह विधेयक संसद में बिल लाया जाएगा और इसे पास करवाया जाएगा. इससे पहले रामनाथ कोविंद की कमेटी ने सरकार को एक देश, एक चुनाव से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. राजनीतिक दलों से चर्चा करेगी जेपीसी सूत्रों का कहना है कि लंबी चर्चा और आम सहमति बनाने के लिए सरकार इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की योजना बना रही है. जेपीसी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा करेगी और इस प्रस्ताव पर सामूहिक सहमति की जरूरत पर जोर देगी. देश में अभी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं. यह विधेयक कानून बनने के बाद देश में एक साथ चुनाव कराए जाने की तैयारी है. हालांकि, इस सरकार के इस कदम का कांग्रेस और AAP जैसी कई इंडिया ब्लॉक की पार्टियों ने विरोध किया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इससे केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा होगा. नीतीश कुमार की जेडी(यू) और चिराग पासवान जैसे प्रमुख NDA सहयोगियों ने एक साथ चुनाव कराए जाने का समर्थन किया है. क्या है सरकार की तैयारी? सूत्रों ने बताया कि सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों को बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और सिविल सोसायटी के सदस्यों के साथ अपने विचार साझा करने के लिए कहा जाएगा. इसके अतिरिक्त, आम जनता से भी सुझाव मांगे जाएंगे, जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में समावेशिता और पारदर्शिता को बढ़ाएंगे. विधेयक के प्रमुख पहलुओं में इसके लाभ और देशभर में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया जाएगा. संभावित चुनौतियों का समाधान किया जाएगा और विविध दृष्टिकोणों को एकत्रित किया जाएगा. ‘एक देश, एक चुनाव’ को बार-बार होने वाले चुनावों से जुड़ी लागत और व्यवधानों को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि सरकार चाहती है कि इस विधेयक को लेकर व्यापक समर्थन हासिल किया जाए. हालांकि, इस प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस भी बढ़ सकती है. विपक्षी दल इसकी व्यवहार्यता के बारे में सवाल उठा सकते हैं.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार के एक वर्ष के कार्यों से कराया अवगत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संसद भवन नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को भोपाल में फरवरी 2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष में किये गये कार्यों से अवगत कराकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसम्बर 2024 से 2 महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ कर रही है। पहला कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक आयोजित होगा। यह प्रदेश के समग्र विकास और जनहित पर आधारित रहेगा। दूसरा कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विकास के प्रमुख 4 स्तंभ युवा, नारी, किसान और गरीब के सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए चिन्हित योजनाओं में शत-प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त करना है। अभियान में आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित आवेदकों की समस्याओं का निराकरण भी किया जायेगा।  

प्रधानमंत्री मोदी को दो राष्ट्रों से मिले सर्वोच्च सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बारबाडोस और डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को बारबाडोस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस” से सम्मानित किए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व गगन में जय-जय भारत का नारा गूंज रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर निरंतर नए आयामों को छू रहा है। यह बदलते और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित होने पर कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम के ध्येय मंत्र पर अग्रसर नया भारत आज विश्व के लिए प्रेरणापुंज की तरह है।  

PM मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमान्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर” से सम्मानित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमान्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर” से सम्मानित होने पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मान केवल 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का ही क्षण नहीं, अपितु वैश्विक परिदृश्य में भारत के बढ़ते वर्चस्व का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी ने एक और कीर्तिमान, एक और वैश्विक सम्मान प्राप्त कर पूरे विश्व में माँ भारतीय का गौरव बढ़ाया है।  

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