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गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही : PM मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी आर्थिक नीतियों एवं सुशासन के बल पर जनता का आत्म विश्वास बढ़ाया है और गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही है। मोदी ने यहां देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाइम्स के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का जो मंत्र दिया है, उससे लोगों का जीवन आसान हुआ और उनमें सम्मान एवं स्वाभिमान का भाव पैदा हुआ जिसने देश एवं समाज के विकास को भी गति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक भारत की राजनीति और नीतियों को देखा है। उन्हें पहले एक जुमला अक्सर सुनाई देता था- अच्छी आर्थिकी इज बुरी राजनीति। विशेषज्ञ कहे जाने वाले लोग इसे खूब बढ़ावा देते थे। लेकिन इससे पहले की सरकारों को हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने का बहाना मिल जाता था। यह एक तरह से कुशासन को, अक्षमता को छिपाने का माध्यम बन गया था। पहले सरकार इसलिए चलाई जाती थी कि बस अगला चुनाव जीत लिया जाए। चुनाव जीतने के लिए एक वोट बैंक बनाया जाता था और फिर उस वोट बैंक को खुश करने के लिए योजनाएं बनती थी। इस प्रकार की राजनीति ने सबसे बड़ा नुकसान यह किया कि देश में असंतुलित असमानता इसका दायरा बहुत बढ़ता गया। कहने को विकास बोर्ड लग जाता था दिखता नहीं था। असंतुलित अवस्था ने, इस मॉडल ने जनता का सरकारों के प्रति विश्वास तोड़ दिया। उन्होंने कहा, “हम आज इस विश्वास को वापस लाए हैं। हमने सरकार का एक उद्देश्य तय किया है। ये उद्देश्य वोटबैंक वाली जो राजनीति होती है ना उससे हजारों मील दूर है। हमारी सरकार का उद्देश्य एक बड़ा है, विराट है, व्यापक है। हम, जनता का विकास, जनता द्वारा विकास एवं जनता के लिए विकास के मंत्र को लेकर चल रहे हैं। हमारा उद्देश्य नया भारत बनाने का है, भारत को विकसित बनाने का है। और जब हम इस विराट लक्ष्य को लेकर निकल पड़े हैं तो भारत की जनता ने भी हमें अपने विश्वास की पूंजी सौंपी है। आप कल्पना कर सकते हैं सोशल मीडिया के इस जमाने में भ्रामक प्रचार दुष्प्रचार सब कुछ चारों तरफ अपने पैर जमा करके बैठा है। इतने सारे अखबार हैं, इतने सारे चैनल हैं, उस दौर में भारत के नागरिक का विश्वास हम पर है, हमारी सरकार पर है।” उन्होंने कहा कि जब जनता का विश्वास बढ़ता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तो देश के विकास पर एक अलग ही प्रभाव दिखता है। पुरानी विकसित सभ्यताओं से लेकर आज के विकसित देशों तक एक चीज हमेशा से आम रही है, ये आम चीज है जोखिम उठाने की संस्कृति। एक समय था जब हमारा देश पूरे विश्व के कारोबार और संस्कृति का हॉटस्पॉट था। हमारे व्यापारी एवं नाविक एक तरफ दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ काम कर रहे थे, तो दूसरी ओर अरब, अफ्रीका और रोमन साम्राज्य से भी उनका गहरा नाता जुड़ता था। उस समय के लोगों ने जोखिम लिया और इसलिए भारत के उत्पाद एवं सेवाएं सागर के दूसरे छोर तक पहुंच पाए। आजादी के बाद हमें जोखिम लेने की इस संस्कृति को और आगे बढ़ाना था। लेकिन आजादी के बाद की सरकारों ने तब के नागरिकों को वो हौसला ही नहीं दिया, इसका परिणाम ये हुआ कि कई पीढ़ियां एक कदम आगे बढ़ाने और दो कदम पीछे खींचने में ही गुजर गई। अब बीते 10 सालों में देश में जो परिवर्तन आए हैं उन्होंने भारत के नागरिकों में जोखिम उठाने की संस्कृति को फिर से नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा, “आज हमारा युवा हर क्षेत्र में जोखिम उठाने लगा है। कभी एक कंपनी शुरू करना जोखिम माना जाता था, 10 साल पहले तक मुश्किल से किसी स्टार्टअप का नाम सुनते थे…आज देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या सवा लाख से ज्यादा हो गई है। एक जमाना था कि खेलों में और खेलों को पेशे के रूप में अपनाने में भी जोखिम था, लेकिन आज हमारे छोटे शहरों के नौजवान भी ये जोखिम उठाकर दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का भी उदाहरण है। आज देश में करीब एक करोड़ लखपति दीदी बनी हैं। ये गांव-गांव में उद्यमी बनकर अपना कुछ बिजनेस चला रही हैं। मुझे कुछ समय पहले एक ग्रामीण महिला से संवाद करने का अवसर आया, उस महिला ने मुझे बताया था कि कैसे उसने एक ट्रैक्टर खरीदा और अपनी कमाई से पूरे परिवार की आय बढ़ा दी। एक महिला ने एक जोखिम लिया और अपने पूरे परिवार का जीवन बदल डाला। जब देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग जोखिम लेना शुरू कर दें तब बदलाव सही मायने में दिखने लगता है। यही हम भारत में आज होते देख रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत का समाज अभूतपूर्व आकांक्षाओं से भरा हुआ है। इन आकांक्षाओं को हमने अपनी नीतियों का बड़ा आधार बनाया है। हमारी सरकार ने देशवासियों को एक बहुत अनूठा पैकेज दिया है…ये कॉम्बो, निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का है। हम विकास का ऐसा मॉडल लेकर चल रहे हैं जहां निवेश हो, निवेश से रोज़गार सृजित हो, विकास हो और वो विकास भारत के नागरिकों की गरिमा बढ़ाएं, गरिमा सुनिश्चित करें। अब जैसे देश में शाैचालय बनाने का एक उदाहरण है। मैं छोटी चीजें इसलिए बता रहा हूं कि कभी-कभी हमें लगता है इसका कोई मूल्य ही नहीं है…लेकिन इसकी कितनी बड़ी ताकत होती है, इसका एक उदाहरण है कि हमारे देश में हमने एक मिशन लिया शाैचालय बनाने का, देश की बहुत बड़ी आबादी के लिए ये सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और गरिमा का भी माध्यम है।” उन्होंने कहा कि इस योजना की जब बात होती है तो अक्सर कहा जाता है कि इतने करोड़ शौचालय बने हैं… ठीक है बन गए होंगे। लेकिन ये जो शौचालय बने हैं ना उनको बनाने में ईटें लगी हैं, लोहा लगा है, सीमेंट लगा है, काम करने वाले लोग हैं। और ये सारा सामान किसी दुकान से … Read more

अफ्रीकी देश डोमिनिका PM मोदी को देगा अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, अवार्ड देने के पीछे की वजह जान लीजिए

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अफ्रीका यात्रा से पहले अफ्रीकी देश डोमिनिका ने पीएम मोदी को देश का सबसे बड़ा सम्मान देने की घोषणा की है। कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण के सम्मान में डोमिनिका पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करेगा। गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह ऐलान किया गया है कि डोमिनिका के राष्ट्रमंडल की अध्यक्ष सिल्वेनी बर्टन आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह सम्मेलन 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन में होने वाला है। गौरतलब है कि पीएम मोदी 16 से 21 नवंबर तक के लिए अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। डोमिनिका के प्रधानमंत्री स्केरिट ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ भी की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी डोमिनिका के सच्चे साथी रहे हैं। खासकर वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच हमारी जरूरत के समय में। उनके समर्थन के लिए हमारी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में और हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में उन्हें डोमिनिका का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करना सम्मान की बात है। हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और अपने साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।” भारत नें भिजवाईं थी वैक्सीन की 70,000 खुराकें कोरोना महामारी के दौरान फरवरी 2021 में भारत ने डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराकें भिजवाईं थी। डोमिनिका ने कहा है कि इससे उन्हें अपने साथ साथ पड़ोसी कैरेबियाई देशों की मदद का भी अवसर मिला। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में डोमिनिका के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को भी मान्यता देता है। क्या है ये अवार्ड जानिए कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका ने अपने लिखे पत्र में कहा कि डोमिनिका का राष्ट्रमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर प्रदान करेगा। यह पुरस्कार कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण को मान्यता देता है। यह पुरस्कार गुयाना में आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन की ओर से प्रदान किया जाएगा। भारत ने दी थी वैक्सीन पत्र में आगे कहा बताया गया कि फरवरी 2021 में, भारत ने उदारतापूर्वक डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराक दी थी, जिससे डोमिनिका अपने कैरेबियाई पड़ोसियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ था। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलवायु लचीलापन-निर्माण पहल(Climate Resilience Building) में डोमिनिका के लिए भारत के समर्थन को भी स्वीकार करता है। कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के पीएम ने जताया आभार प्रधानमंत्री स्केरिट ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के महत्वपूर्ण समर्थन पर प्रकाश डालते हुए उनकी एकजुटता के लिए डोमिनिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम पुरस्कार की पेशकश को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने में डोमिनिका और कैरिबियन देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की बात को दोहराया भी है। पीएम मोदी डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट के साथ भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जो भारत और कैरिकॉम सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक मंच है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने इन मुद्दों से निपटने में डोमिनिका और कैरेबियाई देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन और प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट दोनों साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और भारत और कैरिकॉम के सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों से OBC समाज का प्रधानमंत्री इन्हें बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे।” विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने के लिए विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है। कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आगे बढ़ने से रोकती है ताकि सत्ता पर पीढ़ी दर पीढ़ी इनका कब्जा बना रहा है इसलिए कांग्रेस शुरू से ही आरक्षण के खिलाफ रही है।” सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महाविकास अघाड़ी वालों ने महाराष्ट्र के परेशानियों को बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। मराठवाड़ा में लंबे समय से पानी का संकट रहा है लेकिन कांग्रेस और अघाड़ी वाले हमेशा हाथ पर हाथ धरे रहें। हमारी सरकार में पहली बार सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की।” 20 नवंबर को होंगे महाराष्ट्र में चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार तेज हो गया है और सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के प्रयास कर रहे हैं। मतदान 20 नवंबर को होना है और मतगणना 23 नवंबर को होगी। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीतीं, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में एमवीए ने 48 में से 30 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि महायुति केवल 17 सीटें जीत सकी।

शहडोल में बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण, PM वर्चुअली संबोधित करेंगे

शहडोल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 15 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में होना है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला प्रमुख रूप से शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियों की व्यापक व्यवस्था की गई है। बाणगंगा मेला मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लिया। उन्होंने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाकर स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। जिले में मौजूद 250 बलों के अलावा अन्य जिलों से 336 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही दो कंपनियों और अनूपपुर एवं उमरिया जिलों से 40-40 बलों की व्यवस्था की गई है। बाहरी जिलों से एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा बल हैलीपैड से लेकर पूरे मार्ग और मंच तक हर जगह तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित ने बताया कि कटनी और अनूपपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाहरी रास्ते से जाना पड़ेगा। वीआईपी कार्यक्रम के चलते शहर के वाहनों को भी बाहरी मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन के लिए चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बिहार के जमुई का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण करेंगे. पीएम इस दौरान 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत बने 11,000 आवास के गृह प्रवेश समारोह में भाग लेंगे. पीएम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम-जनमन के तहत शुरू की गई 23 मोबाइल मेडिकल यूनिट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अतिरिक्त 30 एमएमयू का भी उद्घाटन करेंगे. 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आजीविका में मदद के लिए 300 वन धन विकास केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और जबलपुर में दो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों और श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर और गंगटोक, सिक्किम में दो आदिवासी शोध संस्थानों का भी उद्घाटन करेंगे, ताकि आदिवासी समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा सके. नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 500 किलोमीटर नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के रूप में काम करने वाले 100 बहुउद्देश्यीय केंद्रों की आधारशिला रखेंगे. वे जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए 1,110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला भी रखेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में “जंगल सत्याग्रह” के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।  

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में बीजेपी की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। पीएम मोदी ने चिमूर की रैली आई भीड़ को संबोधित करते हुए केहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के क्या नतीजे आने वाले हैं, ये आप लोगों ने आज ही दिखा दिया है। ये जनसैलाब बता रहा है कि महाराष्ट्र में महायुति की भारी बहुमत से सरकार बनने जा रही है। पीएम मोदी ने सभा में कांग्रेस के 1984 के विवादित विज्ञापन के मुद्दे को भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के एक विज्ञापन को कोटा की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया था। संकल्प पत्र की तारीफ की पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज महाराष्ट्र बीजेपी को भी बधाई दूंगा, जिसने बहुत ही शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र में लाड़की बहनों के लिए, हमारे किसान भाई-बहनों के लिए, युवाशक्ति के लिए, महाराष्ट्र के विकास के लिए एक से बढ़कर एक शानदार संकल्प लिए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महायुति के साथ-साथ केंद्र में NDA की सरकार यानी महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार, यानी विकास की डबल रफ्तार। महाराष्ट्र के लोगों पिछले 2.5 वर्षों में विकास की इस डबल रफ्तार को देखा है। आज महाराष्ट्र देश का वो राज्य है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र का तेज विकास, अघाड़ी वालों के बस की बात नहीं है। अघाड़ी वालों ने केवल विकास पर ब्रेक लगाने में ही पीएचडी की है। कामों को अटकाने, लटकाने और भटकाने में कांग्रेस वाले तो डबल पीएचडी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी।’ उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस लोगों को जाति के आधार पर बांट रही है। हमें एक रहना होगा ताकि समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस देश में 10 फीसदी आबादी आदिवासियों की है, जबकि कांग्रेस इन्हें जातियों में बांटना चाहती है ताकि उन्हें कमजोर कर सके। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समुदाय बंट गया तो फिर ये लोग उनकी पहचान को ही खत्म कर देंगे। कांग्रेस के युवराज ने विदेश में यह बात कही थी। हमें कांग्रेस की साजिश से बचना है और एकजुट रहना होगा। इस तरह बंटोगे तो कटोगे और एक हैं तो सेफ हैं का नारा देने के बाद भाजपा ने एक और गियर चेंज किया है। अब भाजपा ने एकजुटता की बात करते हुए आरक्षण वाला कार्ड चल दिया है कि यदि एकजुटता टूटी तो फिर कोटा ही छिन जाएगा। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के दलित और आदिवासी समुदाय को लुभाने के लिए भाजपा ने यह फैसला लिया है। इससे पहले हरियाणा में भाजपा को जीत मिल चुकी है और इसके पीछे दलित वर्ग का समर्थन माना जा रहा है। ऐसे में वही रणनीति अब भाजपा महाराष्ट्र में चलने की कोशिश में है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब लगभग एक सप्ताह का ही चुनाव प्रचार है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सक्रियता बढ़ गई है और भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि एकता के नारे का असर भी दिख रहा है। इस बीच आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भी साथ लेने की कोशिश की गई है। धारा 370 कांग्रेस की देन थी पीएम मोदी ने कहा कि हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा। महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए। जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है। यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया। हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया। कांग्रेस बांटना चाहती है पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं। हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10 फीसदी के आसपास है। कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए। आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है। एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज जातियों में बंटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।

कांग्रेस OBC नाम सुनते ही चिढ़ जाती है… PM मोदी ने क्यों किया आंबेडकर के पंचतीर्थ का जिक्र, किसे दी चुनौती

अकोला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जिस किसी राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, वह राज्य पार्टी के ‘शाही परिवार’ के लिए एटीएम बन जाता है। मोदी ने 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अकोला में एक चुनाव प्रचार रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम महाराष्ट्र को कांग्रेस का एटीएम नहीं बनने देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के शाही परिवार को चुनौती देता हूं कि वे साबित करें कि उन्होंने कभी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पंचतीर्थ का दौरा किया है।’’ मोदी ने आंबेडकर के जन्म स्थान महू, ब्रिटेन में अध्ययन के दौरान लंदन में उनके रहने की जगह, नागपुर में उनके बौद्ध धर्म अपनाने से संबंधित दीक्षा भूमि, दिल्ली में उनके ‘महापरिनिर्वाण स्थल’ और मुंबई में ‘चैत्य भूमि’ को दर्शाने के लिए ‘पंचतीर्थ’ शब्द का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ मंत्र का पालन करते हुए कांग्रेस की साजिश विफल कर दी। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को पता है कि जब देश कमजोर होगा, वह सिर्फ तभी मजबूत हो पाएगी। उस पार्टी की नीति एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर देना है।’’ उन्होंने अकोला में कहा, “कांग्रेस पार्टी जानती है, देश जितना कमजोर होगा, कांग्रेस उतनी मजबूत होगी. इसीलिए अलग-अलग जातियों को लड़ाना, यही कांग्रेस की फितरत है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने कभी हमारे दलित समाज को एकजुट नहीं होने दिया, कांग्रेस ने हमारे ST समाज को भी अलग अलग जातियों में बांटकर रखा. OBC नाम सुनते ही कांग्रेस चिढ़ जाती है, OBC समाज की अलग से पहचान न बनें, इसलिए कांग्रेस ने तरह-तरह के खेल खेले हैं.”  

ट्रंंप 2.0 के साथ समझौतें ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच बड़े समझौतों की तैयारी है। 20 जनवरी, 2025 को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शपथ लेने के बाद, मोदी सरकार सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े सौदे कर सकती है। यह ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में रोजगार पैदा होंगे, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा और अमेरिकी व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। कोविड महामारी और अमेरिका-चीन संबंधों में खटास के बाद, कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में अपने कारखाने स्थापित किए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यहां निर्माण क्षेत्र में और अधिक संभावनाएं हैं। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के जानकार एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने बताया कि ट्रंप 2.0 के शुरुआती दौर में ही भारत को कुछ बड़े सौदों को अंतिम रूप देने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छी केमिस्ट्री को देखते हुए यह सही समय होगा। कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी (CUTS) के महासचिव प्रदीप मेहता ने भारत-अमेरिका संबंधों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेहता ने विनिर्माण क्षेत्र में अमेरिका की ताकत का लाभ उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका भारत में उत्कृष्टता केंद्र और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोल सकेगा। एक्सपर्ट ने क्या सुझाव? मेहता ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद यह संदेश देना चाहिए कि भारत कोई संरक्षणवादी देश नहीं है जो अमेरिकी उत्पादों पर ऊंची दरें लगाता है। 2020 में, ट्रंप ने आयातित मोटरसाइकिलों, खासकर हार्ले-डेविडसन पर ऊंची दरों को लेकर भारत पर हमला किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत में शायद दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ हैं और हार्ले-डेविडसन को भारत में भारी टैरिफ का भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने मार्च 2017 में अमेरिकी कांग्रेस को अपने संबोधन में पहली बार इस मुद्दे का उल्लेख किया था। ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से भारत को होगा नुकसान? ट्रंप के फिर से अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से भारत के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो रही हैं। भारत से जाने वाले सामानों पर ज्यादा टैक्स लग सकता है, खासकर गाड़ियों, कपड़ों और दवाइयों पर। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति में यकीन रखते हैं। लेकिन, एक अच्छी खबर यह है कि ट्रंप समझौता भी कर लेते हैं। भारत, ट्रंप की टीम से बात कर रहा है ताकि उनकी आर्थिक नीतियों को समझा जा सके और कोई रास्ता निकाला जा सके।

बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से योगी ने जाति और संविधान वाले नैरेटिव को तोड़ा, महाराष्ट्र चुनाव में पीएम मोदी से अधिक रैली CM योगी करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ने लगा है और कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी दलों के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं । अगले 13 दिनों तक बड़े नेता महाराष्ट्र में तूफानी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 11 रैलियां करेंगे। आठ नवंबर से पीएम मोदी की जनसभा की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को राहुल गांधी भी आरएसएस के गढ़ नागपुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। 18 अक्तूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री और बीजेपी के ट्रंप कार्ड साबित हो चुके योगी आदित्य नाथ मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह पीएम मोदी से अधिक जनसभाओं में शिरकत करेंगे। एक्सपर्ट मानते हैं कि महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नारे का असर भी महाराष्ट्र चुनाव में दिखेगा। जम्मू और हरियाणा में राहुल गांधी पर भारी पड़े योगी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का करिश्मा नजर आया। जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी और हरियाणा में करीब 65 फीसदी रहा। जम्मू में योगी ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कीं, जिनमें से चार पर बीजेपी को जीत मिली। बीजेपी किश्तवाड़ और कठुआ जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर जीतने में सफल रही। किश्तवाड़ में पहली बार बीजेपी की शगुन परिहार ने कमल खिलाया। हरियाणा में भी योगी आदित्यनाथ ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, जिनमें से 13 पर बीजेपी को जीत मिली। यह जीत कांटे के मुकाबले में बीजेपी को तीसरी बार हरियाणा की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सीएम योगी ने हरियाणा में असंध से चुनावी रैली की शुरुआत की थी। इस सीट से ही राहुल गांधी प्रचार में उतरे थे। असंध में बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा से कनाडा तक लगे ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे हरियाणा चुनाव में ही योगी आदित्यनाथ ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के चुनावी नारे को लॉन्च किया। इस नारे में ग्राउंड पर इस कदर कमाल किया कि बीजेपी ने एंटी इम्कबेंसी और कांग्रेस के नैरेटिव को धवस्त कर दिया। यह नारा इनके जुबान पर इस कदर चढ़ा कि गैर चुनावी राज्यों में भी बीजेपी समर्थक इसे आजमाने लगे। लोकप्रियता का आलम यह है कि कनाडा में हमले के बाद हिंदू समुदाय ने अपने प्रदर्शन में’बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के पोस्टर लगाए गए। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनाव में एमवीए के लिए मुस्लिम वोटरों की एकजुटता का जवाब इस नैरेटिव से दिया जा सकता है। इससे पहले के चुनाव में बाबा का बुलडोजर भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी साबित हुआ था। क्यों चलता है योगी आदित्यनाथ का करिश्मा चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने भाषण की शुरुआत महिला विकास, किसान और विकास जैसे मुद्दों से करते हैं। ‘युवाओं के हाथ में तमंचा नहीं टेबलेट होना चाहिए’, यह उनकी पसंदीदा लाइनों में से एक है। इसके बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए काम के जरिये आतंकवाद को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखते हैं। आतंक की बात होती है तो पाकिस्तान की चर्चा लाजिमी है। पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ ही वह अपना संदेश साफ कर देते हैं। दंगों की चर्चा करते हैं तो बुल्डोजर एक्शन के बारे में बताते हैं। राम मंदिर की चर्चा तो सभा में मौजूद के लोगों को अयोध्या में दर्शन का निमंत्रण देते हैं। जब समां बंध जाता है तो वह सभा में मौजूद लोगों से संवाद भी करते हैं। यूपी में सड़कों पर नमाज बंद, मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकर हटाने और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन पर भी जनता का फीडबैक लेते हैं। हरियाणा में राहुल गांधी के जातिगत आरक्षण के जवाब में ही उन्होंने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।

उपचुनावों में पूरी तरह योगी की चल रही, मोदी-नड्डा से मुलाकात, मोहन भागवत संग बंद कमरे में चर्चा

लखनऊ  लोकसभा चुनाव 2024 में झटका खाने वाली बीजेपी के लिए यूपी का उपचुनाव प्रतिष्‍ठा का सवाल बन चुका है। 9 सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होनी है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ स्‍वयं उपचुनाव को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस बार बीजेपी आलाकमान ने योगी आदित्‍यनाथ को खुली छूट दी है। प्रत्‍याशियों के चयन से लेकर तमाम अहम रणनीतिक फैसले योगी के मुताबिक लिए गए हैं। ऐसे में ये उपचुनाव असल मायने में मुख्‍यमंत्री योगी के लिए भी अग्नि परीक्षा जैसी होगी। अचानक दिल्‍ली पहुंच मोदी और नड्डा से मिले एक दिन पहले योगी आदित्‍यनाथ अचानक दिल्‍ली पहुंचे। वह यहां बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मिले। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक उपचुनाव से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होती रही। इसके बाद योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब एक घंटे की बातचीत में चुनावी चर्चा के अलावा महाकुंभ 2025 और 69 हजार शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। संघ के शीर्ष नेताओं से 45 मिनट तक चली बैठक इससे पहले पिछले हफ्ते मथुरा में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ यहां संघ के शीर्ष नेताओं से मिलने पहुंचे। करीब 45 मिनट तक इनके बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। हरियाणा विधानसभा चुनावों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संघ ने यूपी उपचुनावों को लेकर भी योगी को कई सुझाव दिए। मोहन भागवत से इन मुद्दों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि उपचुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने, बूथ प्रबंधन सभी वर्गों के वोटरों को एकजुट करने सहित कई मुद्दों पर दोनों के बीच वार्ता हुई है। लोकसभा चुनाव में अनुकूल प्रदर्शन होने के बाद हरियाणा की सफलता में संघ की अहम भूमिका रही। वहां छोटे समूहों में बैठकें कर लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाई। साथ ही बूथ प्रबंधन में संघ ने अहम भूमिका निभाई। डोर-टू-डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाया। अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह का कुछ माहौल यूपी में बनाने को लेकर चर्चा हुई। इन 9 सीटों पर होने हैं उपचुनाव करहल, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर में 13 नवंबर को उपचुनाव हैं। अयोध्‍या की मिल्‍कीपुर सीट पर भी उपचुनाव होना है, लेकिन अभी उसकी डेट नहीं घोषित की गई है। इन 10 सीटों में पांच पर सपा का कब्‍जा था। तीन बीजेपी के पास थी। एक निषाद पार्टी और एक रालोद के पास थी। लोकसभा की 80 में मात्र 33 सीटें जीत पाई थी बीजेपी इस साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की 80 में से केवल 33 सीटें जीत पाई। साथ ही उसका वोट शेयर भी घटकर 41 फीसदी तक रह गया। ऐसे में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के सामने उपचुनाव जीतने को लेकर बड़ी चुनौतियां हैं। जिस तरह बेहतर प्रदर्शन करते हुए सपा ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है, इससे उपचुनाव में भी उसका दावा मजबूत माना जा रहा है।

धनतेरस पर प्रधानमंत्री मोदी करेंगे मध्य प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन, किसानों को मिलेगी कल्याण निधि

Prime Minister Modi will inaugurate three new medical colleges of Madhya Pradesh on Dhanteras, farmers will get welfare fund मंदसौर। धनतेरस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे और प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेजों का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन मंदसौर में रखा गया है। इन तीनों नए मेडिकल कॉलेजों में मंदसौर, नीमच और सिवनी का मेडिकल कॉलेज शामिल है। इन कॉलेजों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, और इसी सत्र से छात्रों का प्रवेश भी आरंभ हो गया है। प्रधानमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन के साथ ही ये तीनों मेडिकल कॉलेज आधिकारिक रूप से कार्यरत हो जाएंगे, जिससे क्षेत्र के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। किसान कल्याण निधि की सौगात इस मौके पर 80 लाख किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 1624 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित की जाएगी। किसान कल्याण निधि के इस वितरण को लेकर मुख्य कार्यक्रम मंदसौर में आयोजित किया गया है, जिससे किसानों में काफी उत्साह है। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में 512 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंदसौर के लिए कुछ अतिरिक्त घोषणाएं भी कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए ये योजनाएं प्रदेश के नागरिकों और किसानों के लिए दीपावली पर विशेष उपहार के रूप में हैं, जो राज्य के विकास और कल्याण में अहम भूमिका निभाएंगी।

पुतिन से बोले PM मोदी, यूक्रेन संघर्ष सुलझाने में भारत पूरा सहयोग करने को है तैयार

कज़ान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (22 अक्टूबर) को 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर कजान में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठक की। पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपकी मित्रता और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। इस शहर के साथ भारत के गहरे और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। कजान में भारत के नए कांसुलेट खुलने से ये संबंध और मजबूत होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 3 महीनों में मेरा दो बार रूस आना हमारे करीबी समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में BRICS की सफल आवश्यकता के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। 15 वर्षों में BRICS ने अपनी विशेष पहचान बनाई है और अब विश्व के सफल देश इससे जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कल (23 अक्टूबर) मैं BRICS सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हूं। बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर तक रूस के शहर कजान में आयोजित किया जा रहा है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के विषय पर हम लगातार संपर्क रहे हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा है, हमारा मानना ​​है कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम शांति और स्थिरता की जल्द से जल्द बहाली का पूरा समर्थन करते हैं। हमारे सभी प्रयास मानवता को प्राथमिकता देते हैं। भारत आने वाले समय में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। वहीं, इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अंतर सरकारी आयोग की अगली बैठक 12 दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली है। हमारी परियोजनाएं लगातार विकसित हो रही हैं। उन्होंने पीएम मोदी ने कहा कि आपने कजान में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है। हम इसका स्वागत करते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की नीतियों से हमारे सहयोग को फायदा होगा। हमें आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल को रूस में देखकर बहुत खुशी हुई। इस दौरान पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, “हमारे ऐसे रिश्ते हैं कि मुझे ऐसा लगा कि आपको किसी अनुवाद की जरूरत नहीं है।” पुतिन की बात पर पीएम मोदी ठहाका लगाकर हंसने लगे। पीएम मोदी का मेगा स्वागत प्रधानमंत्री मोदी 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को कजान पहुंचे। पीएम मोदी ने मॉस्को से लगभग 900 किलोमीटर पूर्व में स्थित कजान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान जारी कर कहा कि भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकास एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल नए सदस्यों को जोड़कर ब्रिक्स का विस्तार करने से इसकी समावेशिता बढ़ी है जिससे वैश्विक भलाई होगी। पीएम मोदी ने कहा कि वह शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। रूस द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन को यूक्रेन में संघर्ष और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच गैर-पश्चिमी देशों द्वारा अपनी ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने भारतीय तिरंगा थामकर नारे लगाए और संस्कृत में एक स्वागत गीत गाया। पारंपरिक भारतीय परिधान पहने रूसी कलाकारों के एक समूह ने रूसी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे मोदी ने बड़ी दिलचस्पी से देखा। पीएम मोदी द्वारा ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी बैठक सहित कई द्विपक्षीय बैठकें किए जाने की संभावना है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मूल सदस्य हैं। इसमें अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी शामिल कर इस समूह का विस्तार किया गया है।

पीएम मोदी क लक्ष्य अगले 30 सालों का, 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पब्लिक लाइफ में कई बार लोग सवाल करते हैं कि जब तीन बार सरकार बन गई, इतने सुधार कर लिए तो इतनी दौड़ धूप क्यों करते हैं? उन्होंने कहा, हमने जो सपने देखे हैं, उनको पूरा किए बिना ना चैन है ना आराम।  वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल में 125 दिन में किए गए कामों की लिस्ट गिनाई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले 30 सालों का है 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना है। पीएम मोदी ने कहा, हमने 70 साल से अधिक के बुजुर्गों के लिए 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है। 125 दिनों में 5 लाख घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 90 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। 125 दिनों में 12 नए इंडस्ट्रियल नॉट्स को मंजूरी दी है। निफ्टी और सेंसेक्स में ग्रोथ हुई है। हमारी विदेशी मुद्रा बढ़ी है। भारत की उपलब्धियों की लिस्ट बहुत लंबी है। मैं सिर्फ 125 दिनों की बात कर रहा हूं। 125 दिनों में दुनिया भारत में किन विषयों पर चर्चा करने आई, कौन से ग्लोबल इवेंट हुए। उन्होंने कहा, भारत में टेलिकॉम और डिजिटल फ्यूचर पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हुआ। भारत मे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत में हुआ। यह भारत के साथ जुड़ी उम्मीदों की लिस्ट है। इससे भारत की दिशा और दुनिया की आशा दोनों समझ में आती हैं। ये वो विष्य हैं जो आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेगी। इसी लिए आज दुनिया भारत आ रही है। आज भारत में इतना कुछ हो रहा है कि तीसरे टर्म में जो गति भारत ने पकड़ी है उसे देखकर बहुत सी रेटिंग एजेंसियों ने भारत का ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दिया है। भारत को सबसे ज्यादा जो प्यार करते हैं, ऐसे पारखी एक्सपर्ट यहां मौजूद हैं। वे जिस प्रकार भारत के निवेश को लेकर उत्साहित हैं, उसका बहुत महत्व है। वे ग्लोबल फंड्स् को कहते हैं कि 50 पर्सेंट फंड भारत के शेयर मार्केट में इनवेस्ट करें तो इसका बहुत बड़ा मतलब है। भारत एक विकासशील देश भी है और उभरती हुई शक्ति भी है। हम गरीबी की चुनौतियां भी समझते हैं और प्रगति का रास्ता भी जानते हैं। हमारी सरकार तेजी से नीतियां बना रही है। निर्णय ले रही है और नए सुधार कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, पब्लिक लाइफ में भांति-भांति के लोग मिलते हैं। कुछ लोग कहते हैं क मोदी जी तीन बार सरकार तो बना ली तो इतनी दौड़-धूप क्यों करते रहते हो। दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए। इतने सुधार कर लिए। अब इतने मेहनत की जरूरत क्या है। लेकिन जो सपने हमने देखे हैं, जो संकल्प लेकर हम चले हैं उसमें ना चैन है ना आराम है। पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, 12 करोड़ शौचालय बने. 16 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन बने। मेडिकल कॉलेज और नए एम्स बने। पिछले 10 साल में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा नए स्टार्टअप बने। 8 करोड़ युवाओं ने मुद्रा लोन लेकर अपना काम शुरू किया। इतना पूरा नहीं है। आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। इस युवा देश का पोटेंशियल हमें आसमान की ऊंचाई पर पहुंचा सकता है। इसके लिए हमें बहुत कुछ बहुत तेजी से करना है। आज भारत की सोच और अप्रोच में जो बदलाव आया है। उसे आप भी देख रहे होंगे। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पीएम ने कहा, आम तौर पर परंपरा रही है और स्वाभाविक भी है कि हर सराकर, पिछली सरकार के काम से तुलना करती है। इससे संतोष भी मान लेती है कि पिछली सरकार से बेहतर किया। हम भी कभी इस रास्ते पर चलते थे। लेकिन अब हमें वह रास्ता रास नहीं आ रहा है। अब हम बीते हुए कल और आज की तुलना करके आराम फरमाने वाले लोग नहीं हैं। अब सफलता का मापदंड ये नहीं कि हमने क्या पाया। अब आगे का लक्ष्य है कि हमें कहां पहुंचना है। हम उस ओर देख रहे हैं कि कितना बाकी है और कब तक पहुंचेंगे। मैं नया अप्रोच लेकर पूरी सरकारी मशीनरी से काम ले रहा हूं। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प भी इसी सोच को दिखाता है। हम देखते हैं कि विकसित भारत का हमारा संकल्प, उसकी सिद्धि के लिए कहां तक पहुंचे हैं। हमें और कितना करना है। ऐसा नहीं है कि यह सरकार ने तय कर दिया और टारगेट सेट हो गया। विकसित भारत के संकल्प से आज 140 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। यह जनभागेदारी का अभियान ही नहीं बल्कि भारक के आत्मविश्वास का आंदोलन बन चुका है। जब सरकार ने विकसित भारत के विजन डॉक्युमेंट पर काम करना शुरू किया तो लाखों लोगों ने अपने सुझाव भेजे। उनके आधार पर भारत ने अगले तीस साल के लक्ष्य तय किए। इस विषय पर चर्चा हमारी चैतन्य का हिस्सा बन चुका है। जन शक्ति से राष्ट्र शक्ति के निर्माण का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारे पास डबल एआईः पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, भारत को एक चीज का और फायदा मिल रहा। आप जानते हैं कि यह एआई का दौर है। दुनिया का वर्तमान और भविष्य एआई से जुड़ा है। लेकिन भारत के पास डबल एआई की शक्ति है। अब लोग सोचते हैं कि मोदी के पास दो एआई कहां से है। दुनिया के पास एक ही एआई है वह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेकिन हमारे पास दूसरी एआई है ऐस्पिरेशनल इंडिया। जब इनकी ताकत मिलती है तब विकास की गति भी तेज होनी स्वाभाविक है। हमारे लिए यह कोई तकनीक नहीं है बल्कि भारत के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार है। इसी साल भारत ने इंडिया एआई मिशन शुरू किया है। भारत हर सेक्टर में एआई का उपयोग बढ़ा रहा है। हम दुनिया को भी बेहतर एआई सल्यूशन देने में भी जुटे हैं। वॉर के स्तर पर भी भारत ने भी कई कदम उठाए हैं। भारत दूसरे एआई को लेकर भी उतना ही गंभीर है। भारत के सामान्य जन, क्वालिटी ऑफ लाइफ, छोटे उद्यमी, … Read more

20 अक्टूबर को वाराणसी जाएंगे PM मोदी, 1400 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं की देंगे सौगात

काशी हरियाणा विजय और जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 20 अक्टूबर को काशी आ रहे हैं। वैसे उनका यह दौरा पहले से तय है। वह काशी में करीब साढ़े पांच घंटे के प्रवास के दौरान दो सभा को संबोधित करेंगे। इसे लेकर प्रशासन व भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सारनाथ में हुए अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा. प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम नए निर्माण के साथ-साथ अपने सुनहरे अतीत को भी सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को प्रधानमंत्री 1,300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान दो जनसभाओं को भी संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है. वाराणसी में क्या है पीएम का कार्यक्रम? प्रधानमंत्री मोदी रविवार को वाराणसी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे. बीजेपी की काशी इकाई के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि संभावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां उतरने के बाद रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और करीब 1,000 लोगों को संबोधित करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सिगरा स्थित सम्पूर्णनानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंच कर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे. पीएम ने इस स्टेडियम का उद्घाटन जुलाई 2023 को किया था. प्रधानमंत्री यहां कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे दिल्ली वापसी करेंगे. शंकरा नेत्र अस्पताल से सबको मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के संबंध में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल के शुरू होने से वाराणसी सहित पूर्वांचल और बिहार के लोगों को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर बाबतपुर हवाई अड्डा टर्मिनल और अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं सहित करीब 1,400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होना है. पीएम मोदी की यात्रा पर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं. व्यवस्था ऐसी की जा रही है जिससे आम जनता को तकलीफ ना हो और सुरक्षा भी दुरुस्त हो. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुख्ता योजना बनाई गई है. इस दौरान 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी. इस दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं.

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