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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा स्वच्छ और सतत औद्योगिकीकरण की ओर एक और कदम

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। विगत वर्ष रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, देश-विदेश में आयोजित रोड शो और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से प्रदेश को निवेशकों के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बनाने के जो प्रयास हुए, उनके ठोस परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 मार्च को उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी, ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र और मेडिकल डिवाइसेस पार्क में 27 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। वह उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 28.1 करोड़ रुपये की लागत से बने सामान्य अपशिष्ट उपचार केंद्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी करेंगे। इन इकाइयों में 1127 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे 4700 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस निवेश से उज्जैन औद्योगिकीकरण का नया केंद्र बनेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिलेगी। विक्रम उद्योगपुरी: निवेश और रोजगार के नए अवसर औद्योगिक विस्तार में विक्रम उद्योगपुरी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां मेसर्स सिग्निफाईआरबीटी कॉन्सेप्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 100 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स रेलसस प्राइवेट लिमिटेड 97 करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 180 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स इस्कॉन बालाजी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 92.74 करोड़ रू.का निवेश किया जायेगा। जिससे 383 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मेसर्स पायोनियर इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज द्वारा 51करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 900 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स प्रेन मोटर्स (भारत) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 50 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा।मे.श्रीपति मॉलिक्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 50करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 150लोगों को रोजगार मिलेगा। मे.कैडीटॉय कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड 30 करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। में. एएम वुड टॉयज प्राइवेट लिमिटेड 26 करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र: विविध क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी कई नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मेसर्स विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज द्वारा 0.55 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 6 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स 2 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे, जिससे 25 लोगों को रोजगार मिलेगा।मेसर्स जेएसके फूड्स द्वारा 1.6करोड़ रू. का निवेश किया जायेगा जिससे 50 लोगों को रोजगार मिलेगा मेसर्स महालक्ष्मी एंटरप्राइजेज 0.5 करोड़ रु. का निवेश करेंगे, जिससे 9 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही कान्ता इंडस्ट्रीज 1.3 करोड़ रू. का निवेश करेगी, इससे 6 लोगों को रोजगार मिलेगा और विश्वा इंडस्ट्रीज 1.3 करोड़ रु. का निवेश करेगी, इससे 6 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स शिव शक्ति एग्रो द्वारा 1 करोड़ रुपये निवेश किया जायेगा, इससे 8 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स स्वाति एंटरप्राइजेज 0.8 करोड़ रु. का निवेश करेंगे, इससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स भदावर सीड्स एंड फर्टिलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड 1.12 करोड़ रुपये का निवेश करेगे, इससे 25 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स महाकाल इंडस्ट्रीज 0.5 करोड़ रुपए का निवेश करेगी, इससे 5 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेडिकल डिवाइसेस पार्क: स्वास्थ्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश स्वास्थ्य उपकरण निर्माण के क्षेत्र में मेडिकल डिवाइसेस पार्क उज्जैन को नई पहचान देगा। मेसर्स युवीटेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 30 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स बंसी सर्जिकल सॉल्यूशंस 1.47करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 27 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स अमूल्यम ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड 6.7 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, इससे 132 लोगों को रोजगार मिलेगा। स्वच्छ और सतत औद्योगिकीकरण की ओर एक और कदम उद्योगों के विस्तार के साथ पर्यावरण-संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28.1 करोड़ रुपये की लागत से बने सामान्य अपशिष्ट उपचार केंद्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी करेंगे। यह केंद्र औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिससे उज्जैन औद्योगिक क्षेत्र को एक सतत और स्वच्छ औद्योगिक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकेगा। विक्रम उद्योग पुरी देश के 12 सबसे स्वच्छ उद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से बदल रहा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से लेकर रोड शो और विदेशी निवेश यात्राओं तक, हर प्रयास ने प्रदेश को निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनाया है। उज्जैन में इन औद्योगिक इकाइयों के शुभारंभ से प्रदेश में नए निवेश अवसरों का सृजन होगा, जिससे उद्योगों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान निवेशकों द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। मध्यप्रदेश: निवेशकों की पहली पसंद रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, रोड शो और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के सफल आयोजन और प्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे एवं उद्योगों के लिए सहज वातावरण निर्मित होने के कारण निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। उज्जैन में होने वाला यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब वैश्विक निवेश का केंद्र बनता जा रहा है।  

मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  इंदौर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार कर रही है। हमारी सरकार सभी प्राचीन परंपराओं को निभाते हुए विकास के नए-नए कीर्तिमान के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा सत्र का समापन हुआ। पहली बार सत्र भी पूरे समय चला और पहली बार आज तक का सबसे बड़ा विकास का बजट चार लाख 21 हजार करोड़ रूपये का बजट पारित भी हुआ। प्रदेश में कई सारी नई योजनाओं को लागू करने के लक्ष्य रखे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में गुड़ी पड़वा का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट के समय विक्रमादित्य काल के ध्वज का लोकार्पण किया गया। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म के सभी तीज त्यौहार तिथि परंपरा के अनुसार मनाये जाते हैं। काल गणना से भविष्य के त्योहारों की तिथियां निर्धारित की जाती हैं, जो शुद्ध होती है। तीज त्यौहारों के सूक्ष्म तिथि निर्धारण के लिये अवंतिका नगरी उज्जैन में समय गणना केन्द्र स्थापित है। यह हमारे प्राचीन गणितीय सिद्धांतों का भी प्रतिपादन करता है और पंचाग का अनुसरण करने में भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पड़वा पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के नागरिकों से आहवान करते हुए कहा कि प्रदेश में गुड़ी पड़वा का पर्व धूमधाम से मनाया जाये। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में मंत्रीगण अलग-अलग स्थानों पर सांसद-विधायकों के साथ वर्ष का पहला दिन आनंद से मनाएंगे।  

मोहन यादव आज 25 मार्च को अपने जन्मदिन के दिन उज्जैन में रहेंगे, शहर में आयोजित होंगे कई कार्यक्रम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 25 मार्च को जन्मदिन है. मुख्यमंत्री के शहर उज्जैन में सड़के पोस्टर से पट गई है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए मुख्यमंत्री आज मंगलवार को उज्जैन आ सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 मार्च को अपने जन्मदिन के दिन उज्जैन में रहेंगे। वे कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित विक्रमोत्सव के पौराणिक फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री राम तिवारी ने इस बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कई विदेशी राजनयिक शिरकत करेंगे। इनमें वेनेजुएला के एच.ई. कैपाया रोड्रिग्ज गोंजालेज, राजदूत अल्फ्रेडो जीसस काल्डेरा गुज़मैन और क्यूबा की काउन्सलर मैलेना रोजास मदीना शामिल हैं। समारोह में मुंबई की सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूं गुजरी है अब तलक’ का लोकार्पण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर उनके स्वागत और सम्मान के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मोहन यादव का आज मंगलवार (25 मार्च) को जन्मदिन है. उनके जन्मदिन के पहले ही उज्जैन में बीजेपी नेताओं ने बधाई और स्वागत के पोस्टर से सड़कों को भर दिया है. मुख्यमंत्री भगवान महाकाल की पूजा अर्चना करने और आशीर्वाद लेने के लिए मंगलवार को उज्जैन भी आ सकते हैं. हालांकि, अभी इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह प्रयास लगाए जा रहे हैं कि वे अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आने के लिए निकाल सकते हैं. सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन रहती है तैयारी उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के मुताबिक अभी आज मंगलवार (25 मार्च) के दौरे के संबंध में औपचारिक जानकारी नहीं आई है, मगर जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी रहती है. मुख्यमंत्री का उज्जैन गृह नगर है. ऐसे में कभी भी आ सकते हैं. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री मोहन यादव के डर आने वाले दिनों में भी प्रस्तावित है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन तैयारी रहती है. पूरा परिवार साथ मनाता है जन्मदिन मुख्यमंत्री मोहन यादव का परिवार हर साल उनके जन्मदिन एक साथ एकत्रित होकर मानता है, क्योंकि वे भोपाल के सीएम हाउस में अकेले रहते हैं. उनका पूरा परिवार उज्जैन में रहता है, इसलिए परिवार के साथ भी वे समय व्यतीत करने के लिए उज्जैन आ सकते हैं. उज्जैन की सड़कों पर बड़ी संख्या में समर्थकों ने पोस्टर लगा दिए हैं. इससे भी यह संभावना है कि वे उज्जैन आ सकते हैं.

प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में विगत सवा वर्ष में मध्यप्रदेश सरकार ने विरासत को साथ लेकर विकास के नए आयाम स्थापित किये हैं, जिससे उन्हें संतोष है। प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के श्रमिकों का कई वर्षों से लंबित भुगतान जहां एक ओर पूरा कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर राज्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के आधार पर 20 वर्ष पुरानी पार्बती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना भी मूर्त रूप ले रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में साढ़े आठ लाख आवास और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 36 लाख आवास में गृह प्रवेश करवाया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जड़ों से जुड़े रहकर ही विकास पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने ये विचार रविवार को दिल्ली में एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2000 वर्ष पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता से शासन की व्यस्थाओं का संचालन किया और विदेशी आक्रांताओं से स्वतंत्रता दिलाकर सुशासन स्थापित किया, जो प्रदेश की गौरवशाली विरासत है। विक्रम संवत का प्रवर्तन इसी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में जनता का कर्ज माफ किया और बिना ब्याज का धन जनता को उपलब्ध कराया। उनके पुरुषार्थ के विभिन्न आयामों का उत्सव मनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार आगामी 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली में विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन महाकाल और काल की नगरी है। यहां पृथ्वी 23.6 अंश पर झुकी हुई है जो इसे कालगणना के लिए सर्वोत्तम स्थल बनाती है। उज्जैन को विश्व का मीन टाइम बनाने के उद्देश्य से यहां वैदिक घड़ी की स्थापना की गई है, जो भारतीय ज्ञान की गौरवशाली परंपरा को पुनर्स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के उच्च आदर्शों और नैतिकता को जीवन शैली में सम्मिलित करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। महर्षि सांदीपनि के आश्रम को तीर्थ के रूप में विकसित कर नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण से जोड़कर आदर्श गोकुल ग्राम बनाए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी को 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 1956 में गेहूं का समर्थन मूल्य 94 रुपए प्रति क्विंटल और वर्ष 2002-03 में 600 रुपए था, जिसे आज बढ़ाकर 2600 रुपए कर दिया गया है। वर्ष 2002-03 में राज्य का बजट केवल 23 हजार करोड़ का था, जो वर्तमान में बढ़कर 4 लाख 21 हजार करोड़ का हो गया है। पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में उपलब्ध है, जो दिल्ली मेट्रो को भी प्रदाय की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश को सक्षम और सम्पन्न राज्य बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ‘डायमंड स्टेट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।  

लोगों को जागरूक करना और पीड़ितों की मदद मानवता की सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टी.बी. अर्थात क्षय रोग का इलाज संभव है। संतुलित आहार, संयमित जीवन शैली और नियमित योग तथा व्यायाम से इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। टी.बी. से उबरने के लिए पी‍ड़ितों की मदद करना, मानवता की सेवा है। विश्व तपेदिक (टी.बी.) दिवस सभी नागरिकों को क्षय रोग से बचाव के लिए सतर्क रहने और पीड़ित रोगियों की सहायता करने के प्रति जागरूक करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व तपेदिक (क्षय रोग) दिवस पर प्रदेशवासियों से क्षय रोग से सतर्क रहने, रोग से बचाव के संबंध में लोगों को जागरूक करने और पीड़ितों की सहायता का आह्वान किया है।  

सीएम मोहन ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख किया और उनके नाम पर पार्क बनाने की घोषणा

भोपाल बिहार के विधानसभा चुनाव पास आ गए हैं और इसके साथ ही बीजेपी की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। बिहार के चुनाव में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव भी पार्टी की ओर से अहम भूमिका निभाएंगे। बिहार के यादव वोटर्स को लुभाने का दायित्व उन्हें भी दिया गया है। डॉ. मोहन यादव CM Mohan yadav ने यह जिम्मेदारी निभाना शुरु भी कर दिया। राजधानी भोपाल में बिहार दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बिहारवासियों के लिए अहम ऐलान किए। कार्यक्रम में आए बिहार के लोगों से बीजेपी को जिताने की अपील की और पूर्व सीएम लालू यादव के परिवार पर निशाना भी साधा।  बिहार तो बिहार मध्य प्रदेश में भी बिहार दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन सत्ताधारी मोहन यादव सरकार ने कराया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया। एमपी सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ। राजेंद्र प्रसाद को लेकर एक बड़ी घोषणा भी की है। इससे दोनों राज्यों के रिश्तों में और सकारात्मक सुधार होगा। भोपाल में एक कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम बिहार दिवस के मौके पर था। मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने मिलकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का नाम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ था। सीएम मोहन ने की बिहार की तारीफ मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि देश और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार ने धर्म और संस्कृति को बचाने का काम किया है। राजू कुमार सिंह ने देश के विकास में बिहार के योगदान की बात कही। उन्होंने लोगों से एनडीए का साथ देने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।’ मोहन सरकार की बड़ी घोषणा सीएम मोहन यादव ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भोपाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के नाम पर एक पार्क बनाया जाएगा। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। यह पार्क सभी सुविधाओं से लैस होगा। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने पं. जवाहरलाल नेहरू के मना करने के बाद भी सरदार वल्लभ भाई पटेल के बुलाने पर सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को बचाने में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का यह योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति भी लगाई जाएगी। सीएम ने पूछा कि रामजी का मंदिर बन गया तो वहां दर्शन करने क्यों नहीं गए! उन्होंने कहा कि यमुनाजी का किनारा खाली है… गोपाल कृष्ण बुला रहे हैं… अब वहां मंदिर बनाने की बात कर लो। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जिसका भगवान कृष्ण के नाम पर नामकरण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना

प्रदेश में हो रहा है तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल निर्देशन में सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से हो रहे है। विकास के कीर्तिमान स्थापित हुये हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जामसांवली सहित प्रदेश में 13 अलग-अलग लोक के निर्माण कार्य से धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। हनुमान लोक का प्रथम चरण का कार्य मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य है और द्वितीय चरण में शीघ्र ही हनुमान लोक के विकास के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रत्येक वर्ग के कल्याण के कदम उठाए गए हैं। पांढुर्णा में सभी विकास कार्य होंगे, जिससे जिले में औद्योगिक विकास होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पडवा (नये विक्रम संवत) की शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि नये साल में पांढ़ुर्णा के विकास को प्राथमिकता से किया जाएगा। । मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को पांढुर्ना में चमत्कारिक हनुमानजी के मंदिर परिसर जामसांवली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी वर्गों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध सरकार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार विकास हो रहे हैं और सभी वर्गों के कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीबों के लिये सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। इस बार किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदी जायेगी। साथ ही धान उत्पादन पर भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार देने का लक्ष्य है। लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं जो रुकी थीं, वे सभी हो रही हैं। इसी प्रकार गरीबों के हित लिये भी लगातार कार्य किये जा रहे हैं। चमत्कारिक हनुमानजी का किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जामसांवली में चमत्कारिक हनुमानजी का पूजन-अर्चन कर प्रदेश के कल्याण एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कन्या-पूजन कर सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद विवेक बंटी साहू, विधायक कमलेश शाह, पूर्व विधायक नाना भाउ मोहोड़, कलेक्टर अजय देव शर्मा, एसपी सुंदर सिंह कनेश, मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पं. रमेश दुबे, संतोष जैन, नरेन्द्र परमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक सहित अन्य अधिकारी और आम जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने दी विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व जल दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर सभी से जल संरक्षण के लिए संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल से ही हमारा कल सुरक्षित है। यह प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर जल संसाधनों की सुरक्षा का संकल्प लें और एक समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल बचाने के लिए जागरूक रहने और जल संरक्षण के सभी उपाय अपनाने की अपील की है। जल संकट की गंभीरता को उजागर करने और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस वर्ष आगामी 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ करने जा रही है। जल संरक्षण में जन सहभागिता बढ़ाने और अधिकाधिक जल संरचनाओं के निर्माण की मूल मंशा से जुड़ा यह अभियान (लगातार 90 दिनों तक संचालित होकर) 30 जून 2025 तक चलेगा। इस अवधि में जल बचाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, जांच करने करीला पहुंचे भोपाल आईजी

अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मां जानकी के दर्शन करने करीला धाम पहुंचे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई. दरअसल, मोहन यादव जब सीढ़ियों से जा रहे थे, तभी अचानक से वीआईपी रास्ते की सीढ़ियां टूट गईं. इससे मुख्यमंत्री मोहन यादव गिरते-गिरते बचे, उन्हें उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों ने संभाल लिया. वहीं, अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच दल भोपाल से करीला पहुंचा. भोपाल आईजी जांच करने पहुंचे करीला जांच अधिकारी के रूप में भोपाल आईजी अंशुमन यादव करीला धाम पहुंचे. जहां उन्होंने घंटों रुककर हादसे के कारणों की जांच की. वहीं ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना, अशोकनगर एसपी विनीत जैन समेत अन्य अधिकारियों से उन्होंने लंबी चर्चा की. सीढ़ियों का गिरना गंभीर मामला जांच के बाद भोपाल आईजी अंशुमन यादव ने कहा, ” यह सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसलिए यहां जांच के लिए आए हैं. विस्तार से मामले की जांच की जा रही है. ” मेला समाप्त होने के बाद जांच अधिकारियों के पहुंचने से साफ है कि प्रशासन इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है. सीढ़ियों पर भीड़ होने से हुआ हादसा प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मां जानकी के दर्शन करने के लिए करीला धाम पहुंचे थे. जहां मंदिर से दर्शन करने के बाद वे लोहे की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे. तभी सीढ़ियां टूट गईं थीं और मोहन यादव गिरने से बाल-बाल बचे थे. हादसे का कारण सीढ़ियों पर अधिक लोगों का पहुंचना बताया जा रहा है. बता दें कि यह सीढ़ियां लगभग 15 साल पुरानी थी, जो वेल्डिंग के से तैयार की गई थी. संभवत: वेल्डिंग उखड़ जाने के कारण ये घटना घटी.

हमारा जीवन वनों से ही संभव है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारा जीवन वनों से ही संभव है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व वानिकी दिवस पर वन संरक्षण और पौधे रोपने का संकल्प लेने का प्रदेशवासियों से किया आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा जीवन वनों से ही संभव है, प्रदेश की वनभूमि जैव विविधता और हरियाली से परिपूर्ण है, यह शुद्ध हवा के लिए पृथ्वी के फेफड़ों के सामान है। यह असंख्य वन्य जीवों का आश्रय स्थल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को ‘विश्व वानिकी दिवस’ पर वनों के संरक्षण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रदेशवासियों से वनों के संरक्षण और उनके संवर्धन का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपने का संकल्प लेने का भी प्रदेशवासियों से आव्हान किया।  

राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में हो रहा है हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से हो रहा विकास राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ मुख्यमंत्री ने तराना में नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो-उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण परियोजना के शुभारंभ के साथ ही 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा पानी प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर हो रहे है कार्य आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी दो बहुउद्देशीय बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं का श्रीगणेश हुआ है। आज नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से नर्मदा का जल तराना में आया है। सूखे खेतों में पानी पहुंचेगा तो सोने जैसी फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 हजार 489 करोड़ 65 लाख रूपये की नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्य माइक्रो बहुउद्देशीय परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को उज्जैन जिला प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इसमें शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, तराना विधायक महेश परमार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तराना में जल संसाधन विभाग के 9.64 करोड़ रूपये लागत के इंदौर हाई लेवल ब्रिज, 5 करोड़ 73 की लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 5 करोड़ 21 लाख रूपये लागत की 11 नल जल परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने 7 करोड़ 15 लाख रूपये लागत के उप-स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ग्राम कडेरी में हाई स्कूल भवन निर्माण का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से विकास हो रहा है। भारत आज विश्व में सबसे सशक्त देश बनकर उभरा है। भारत की आज पूरी दुनिया में कीर्ति है, सम्मान है। हर क्षेत्र में हम तरक्की कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में आज हमारे पास सबसे आधुनिक हथियार और उपकरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, यहां 250 से अधिक नदियां है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्षों से विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे नदी विवादों को सुलझा कर नदी जोड़ो परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान में 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। अब विवाद समाप्त हो गया है और परियोजना मूर्त रूप ले रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों में सहमति के बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को प्रतिवर्ष 12000 रूपए की राशि दी जाती है। हमारी सरकार इस वर्ष से 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार ने 10 गाय पालने वालों को भी अनुदान राशि और दुग्ध उत्पादकों को 5 रूपये प्रति लीटर अनुदान देने का निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में राज्य को नंबर वन बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2029 तक इतनी अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएगी। स्थानीय निकाय चुनाव में प्रदेश में महिलाओं को 50% तथा नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना जैसी योजनाएं महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रूपये प्रति महीना इंसेंटिव दिया जाएगा। महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट्स का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर हाथ को काम देगी। हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिलेगा। हम 1 वर्ष में लगभग 01 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हजारों साल से सत्ता, धर्म सत्ता के अधीन चलती है। यह संस्कृति सनातन संस्कृति के नाम से जानी जाती है। राजा, महाराजा, सम्राट सब धर्म आधारित समाज के अधीन है। हमारी संस्कृति भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के नाम से जानी जाती है। भगवान राम ने हमारे प्रदेश के चित्रकूट धाम में 11 साल व्यतीत किये। चित्रकूट धाम को हम अयोध्या की तरह विकसित करेंगे। इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण की प्रदेश के विभिन्न स्थानों, जहां-जहां लीलाएं हुई है, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए सभी व्यवस्थाएं करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि साधु-संतों एवं श्रृद्धालुओं को किसी प्रकार का कष्ट न हो। नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के मुख्य बिंदु नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30 हजार 218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना एवं घटिया के कुल 83 ग्रामों की 27 हजार 490 हेक्टेयर तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के कुल 17 ग्रामों की 2728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना का कुल कमाण्ड क्षेत्र 30 हजार 218 हेक्टेयर है। परियोजना अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय से (जिला खंडवा के ग्राम बड़ेल के समीप) 03 मीटर व्यास की पाईप लाईन से 15 घन मीटर प्रति सेकण्ड की दर से 435 मीटर की ऊंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। परियोजना की मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 200 किलोमीटर है। जल उद्वहन के लिये 06 पंपिंग स्टेशन में कुल 50 पंप मोटर्स … Read more

समना विकासखण्ड को तहसील बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना रानी अवंती बाई के अद्भुत साहस और पराक्रम को देखकर अंग्रेज दहशत में रहते थे। उनके बलिदान दिवस पर नमन कर हम सभी उन्हें कृतज्ञता पूर्वक स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी में वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर डिंडौरी में बालपुर स्थित समाधि स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान व्यक्तित्व के धनी अल्पायु में ही ऐसे काम कर जाते हैं, जिससे कि वे सदैव इतिहास में स्मरण किये जाते है। उन्होंने बताया कि अवंती का अर्थ है, ‘जिसका कभी अंत न हो।’ वीरांगना रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों की हड़प नीति के विरोध में मात्र 26 वर्ष की आयु में आजादी का झण्डा बुलंद करते हुए प्राणोत्सर्ग कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले का समना विकासखंड को तहसील बनाया जायेगा। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के शौर्य और पराक्रम का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि यह वीरांगनाओं और वीरों की धरती है।यहाँ रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्याबाई, राजा रघुनाथशाह एवं कुंवर शंकरशाह जैसे महान व्यक्तित्व जन्मे हैं। रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंती बाई और राजा रघुनाथ शाह एवं कुंवर शंकरशाह ने अपने सीमित संसाधनों से देश व स्वाभिमान के लिये अंग्रेजी शासन के खिलाफ जमकर लोहा लिया। उन्होंने तात्कालिक समय में कठिन परिस्थतियों में सिर्फ आत्म सम्मान, राष्ट्रभक्ति को लेकर समाज को एक नई दिशा दी। रानी अवंती बाई का चरित्र से हमें सीख मिलती है कि डलहौजी की हडप नीति के विरोध में उन्होंने अपनी शासन की रक्षा की।उनके इस योगदान के कारण लोधी समाज सहित सम्पूर्ण समाज रानी अवंती बाई को पूजता है। महापुरूषों की गौरव गाथा स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के स्वतंत्रता संग्राम में आहूति देने वाले महान लोगों की गौरव गाथा को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है। ऐसे महापुरूषों की गौरव गाथाओं को समाज की अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा ताकि भावी पीढ़ी भी महापुरूषों की शौर्य गाथाओं से परिचित हो सकें। भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य वीर इस बात के प्रतीक हैं। जनजातीय समाज के लिए बिरसा मुंडा भगवान हैं। उनके जन्मदिन पर जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। वीरांगना रानी दुर्गावती की योगदान याद करने के लिए जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन की पहली केबिनेट आयोजित की। जनजातीय गौरव को ध्यान में रखते हुए खरगोन विश्वविद्यालय का नाम क्रांतिसूर्य टंटया मामा के नाम पर किया गया। किसान गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं। श्रीअन्न (मोटे अनाज) के लिए एक हजार रूपए प्रति क्विंटल, धान के लिए 4 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर, गेंहू के लिए 2600 प्रति क्विंटल राशि हस्तांतरित करने वाले हैं। 10 से ज्यादा गौ-पालन करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। इससे गौ-पालन और दुग्ध उत्पादन को बढावा मिलेगा। प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए लगातार प्रयास जारी है। डिंडौरी में दुग्ध आधारित उद्योगों के साथ ही लघु उद्योग, मध्यम उद्योग, कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग लगाएंगे। रानी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष को मना रहे हैं, रानी अवंती बाई और रानी अहिल्या बाई के आदर्शों के सभी पक्षों को लेकर समाज में जा रहे हैं, जिसके आधार पर गरीब, युवा, किसान और नारी के कल्याण कार्यों को कर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अवंती बाई की शहादत की इस पुण्य भूमि में सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि रानी अवंतिबाई जैसा पराक्रम इतिहास में कम मिलता है। अंगेजों के शासनकाल में रानी अवंतीबाई ने जनमानस के लिए कर वसूली के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई, रानी ने 26 वर्ष की उम्र में अपने पराक्रम का परिचय देते हुए, आज से 150 से अधिक वर्ष पहले बताया कि न्याय और परोपकार की भावना के साथ हम हर कार्य कर सकते है। संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने अपने सम्बोधन में कहा कि रानी अवंती बाई का पराक्रम असाधारण एवं अद्भुत है। रानी अवंती बाई ने 1857 की क्रांति में भाग लेकर अपने राज्य की रक्षा कर अंग्रेज अधिकारी वाडिंग्टन को भगाया। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश परस्ते ने अपने सम्बोधन में रानी अवंती बाई के बलिदान की शौर्यगाथा का वर्णन किया।क्षेत्र के विकास सौगात के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। डिंडौरी जिले को मिली सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेंहदवानी से आईटीआई तक डामरीकरण का कार्य, शहपुरा में 132 केव्ही. का सब स्टेशन निर्माण, दनदना, राघो, नागदमन, गोरखपुर जलाशयों के पक्की नहरीकरण कार्य, नर्मदा तट पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कार्य, मूसरघाट से शहडोल मार्ग, समनापुर में तहसील कार्यालय का क्रियान्वयन, गौराकन्हारी में कन्या छात्रावास, नेवसा वाटरफॉल के समीप गाजर नदी पर बांध बनाये जाने की सौगात दी। हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत राहुल केशरवानी को 2 करोड़ 27 लाख स्वीकृत राशि राइस मिल के लिए, सीसीएल के तहत मां नर्मदा आजीविका स्व सहायता समूह सहित 2482 स्व-सहायता समूहों को 53 करोड़ 80 लाख की राशि, पीएमएफएमई योजना के तहत अमृता, संतोषी स्व-सहायता समूह को फ्लोर मिल के लिए 7 लाख रूपए की राशि का हितलाभ वितरण मंच से किया गया। उक्त कार्यक्रम में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, चमरू सिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे, तोक सिंह नरवरिया, मनोहर ठाकुर, गिरीश द्विवेदी, होशियार सिंह नरेन्द्र सिंह राजपूत, अवधराज बिलैया, पंकज तेकाम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।  

सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना :मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान कहा कि सिंहस्थ 2028 ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है. सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना है, जिसे देखते हुए अभी से व्यवस्था की जा रही है. सीएम मोहन यादव ने सिहंस्थ 2028 को लेकर से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को अद्भुत और ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार अभी से कार्य कर रही है. सिंहस्थ 2028 के लिए 2000 करोड़ का बजट इसी साल जोड़ा गया है. प्रदेश सरकार सिंहस्थ को पूरी तरह सफल बनाने की कोशिश कर रही है. कितने करोड़ आएंगे श्रद्धालु? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जब पूछा गया कि कितने श्रद्धालुओं की सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है? तो उन्होंने कहा कि कम से कम 25 करोड़ श्रद्धालुओं के सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है. इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए सरकार 25 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं जुटा रही है. सिंहस्थ को लेकर साधु-संत से वादा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने साधु संतों से वादा किया है कि सिंहस्थ 2028 का स्नान शिप्रा नदी के जल से ही होगा. शिप्रा नर्मदा लिंक योजना के बाद शिप्रा नदी में पर्व और त्योहारों के दौरान नर्मदा का जल भी प्रवाहित किया जाता है. शिप्रा नदी के जल से सिंहस्थ के अमृत स्नान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सरकार सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. बता दें कि सिंहस्थ भले ही साल 2028 में हो लेकिन सूबे की मोहन यादव सरकार अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है. मुख्यमंत्री का दावा है कि सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही हैं, हाल ही में सरकार ने 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते देने का ऐलान बजट में किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाला है, जबकि अब सरकार ने प्रमोशन का रास्ता भी साफ कर दिया है. मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 9 साल बाद फिर से पदोन्नति मिलेगी, क्योंकि सीएम मोहन यादव ने 9 साल से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को फिर से बहाल करने का फैसला कर दिया है, जिससे प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है. मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन दरअसल, मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ रिटायर कर्मचारियों को राज्य पुनर्गठन की धारा-49 से मुक्त करने का ऐलान कर दिया है. सीएम मोहन के इस ऐलान से प्रदेश के सरकारी कर्मचारी खुश नजर आ रहे हैं. क्योंकि पिछले 9 साल से प्रमोशन की राह देख रहे कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म हो जाएगा. जिसके लिए मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने सीएम मोहन यादव का धन्यवाद भी जताया है. सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में न्यू मार्केट में सरकरी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का शिलान्यास किया था, इस दौरान उन्होंने यह घोषणा की है. जिसमें सरकारी कर्मचारियों के मंडलों के प्रमुख भी थे. यह इलाका भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आता है, जहां राजधानी के सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी रहते हैं, ऐसे में कर्मचारी संगठन लंबे समय से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को हटाने की मांग भी कर रहे थे, जिसे सीएम मोहन यादव ने पूरा कर दिया है. 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा भत्ता बता दें कि इससे पहले बजट में भी मोहन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया था, अब 1 अप्रैल से राज्य के सभी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के हिसाब से ही महंगाई भत्ते दिए जाएंगे. अब तक पुरानी पद्धति चल रही थी, लेकिन 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते मिलने से सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा. जबकि अब प्रमोशन का रास्ता भी साफ हो गया है. 

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