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मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश

पक्का आवास पाने से कोई न छूटे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने 31 मार्च तक पूर्ण करें सर्वे कार्य जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए करें प्रयास पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण देने बनाएं कार्ययोजना जनजातीय परिवारों की माताओं-बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए करें सभी उपाय जनजातीय परिवारों को उपलब्ध कराएं दुधारू गाय मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें। कोई भी हितग्राही आवास पाने से वंचित न रहे। किन्हीं भी कारणों से आवास पाने से छूट गये पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रतानुसार सबको पक्के घर की सौगात दी जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अभियान के मैदानी क्रियान्वयन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को अभियान तहत गांव और हितग्राही चयन का काम पूरा कर तय कार्य योजना एवं मापदंडों के अनुसार लक्षित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव उर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि शमी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की अब तक की प्रारंभिक प्रगति एवं केन्द्र सरकार को अभियान के संदर्भ में भेजे गये विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों, बसाहटों, मजरों टोलों में ज़रूरत वाले विकास कार्यों में गति लाने ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार के इस अभियान से राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय वर्ग के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ हर हितग्राही तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं। गांव में मिट्टी का परीक्षण कर किसानों को बताया जाए कि उन्हें कौन सी फसल लगाना ज्यादा लाभदायक होगा। साथ ही टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए शासकीय सहयोग से दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे जनजातीय वर्ग की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय आबादी वाले 89 विकासखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 31 मार्च 2025 तक सर्वे का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबको पक्का आवास देने की मंशा से समर्पित होकर कार्य करें। पारम्परिक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए शुरू करें ई-कॉमर्स सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों को पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और बैठक जैसे आयोजन के लिए गांव-गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए जाएं। यहां होने वाले आयोजनों से जनजातीय संस्कृति समृद्ध रहेगी। उन्होंने जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के चयनित 11 हजार 377 जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों द्वारा उगाई जाने वाली रागी, कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खरीदारी शासन स्तर पर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज के विक्रय के लिए प्रदेश में विशेष मंडियां शुरू की जाए जिससे गांव के लोगों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और बिचौलियों का नेटवर्क खत्म हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे पारम्परिक उत्पादों एवं खाद्य उत्पादों की देश-दुनिया में बेहतर मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा शुरू की जाए। मत्स्य उत्पादन में संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ही मछलियों के बीज तैयार करने की व्यवस्था के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से कार्य योजना तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन डीपी आहूजा ने अवगत कराया कि विभाग पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण प्रदान करने के लिए योजनाओं पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में हेचरी विकसित कर दूसरे राज्यों को मत्स्य-बीज बेचने से रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा‍ कि जनजातीय कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर खेती की संभावना कम है, वहां लोगों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर लाभान्वित किया जाए। पोषण वाटिका की स्थापना में बालाघाट और मण्डला को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में शामिल जनजातीय ग्रामों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया रोग के पीड़ितों को चिन्हित कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर और शहडोल में मरीजों के बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बालाघाट और मण्डला जिले में पोषण वाटिकाएं प्राथमिकता से स्थापित करने के निर्देश दिए। विद्युत कनेक्शन के लिए मजऱे-टोलों पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुदूर जनजातीय ग्रामों में बिजली और पानी के कनेक्शन की बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को सोलर पम्प योजना से लाभान्वित करने … Read more

नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अगले पांच साल में राज्य का बजट करेंगे दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल को बनाएंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी भोपाल शहर की सभी दिशाओं में बनाएंगे नगर द्वार भोजपुर रोड में बनाएंगे भोज द्वार, इंदौर-उज्जैन रोड पर विक्रम द्वार मुख्यमंत्री का भोपाल उत्सव मेला समिति ने जीआईएस की सफलता के लिए किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के चहुंमुखी विकास में मध्यप्रदेश का योगदान अव्वल रहेगा। भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल की प्राकृतिक सम्पदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें जनता की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा आयोजित नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भोपाल को एक सुदंर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोपाल शहर में सभी दिशाओं से आने वाली सड़कों में नगर द्वार बनाए जाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर ‘भोज द्वार’ और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप ‘विक्रम द्वार’ बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है। भोपाल शहर के समीप ही रातापानी अभयारण्य है। यहां दुर्लभ बाज मिलने की भी पुष्टि हुई है। यह हमारी राजधानी को और भी आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम भोपाल शहर का सतत सौन्दर्यीकरण कर रहे हैं। हम भोपाल की विरासतों को चिरस्थायी बनाए रखेंगे। भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। भोपाल के 35 से अधिक व्यापारी संघों, उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का होली मिलन समारोह में आत्मीय सम्मान कर उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी। भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने और अपनी कुशलता व कर्मठता से जीआईएस को सफल बनाने के लिए भोपाल मेला उत्सव समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रशस्ति (सम्मान) पत्र दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबके सहयोग से हमको विकास की नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे। अब तक जो नहीं हुआ वो करके दिखाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ राजनीतिज्ञ रघुनंदन शर्मा, नगर निगम के सभापति किशन सूर्यवंशी, रवीन्द्र यति, भोपाल मेला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल, डीबी ग्रुप के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, राहुल कोठारी, आशीष अग्रवाल सहित भोपाल शहर के सभी व्यापारी संघों के पदाधिकारी, उद्योगपति एवं समाजसेवी उपस्थित थे। मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जीआईएस ने पूरे विश्व में भोपाल की शान बढ़ाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिली है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूध पर बोनस देने के साथ ही अन्य क्षेत्रों की सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को करेंगे लाभान्वित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अन्तर्गत हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का  जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया। चिंतामन गणेश मंदिर स्थित महाकाल परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल जनसमूह ने स्वागत किया। इनमें बड़ी संख्या में महिला, बच्चे ,पुरूष सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान, नगर निगम सभापति श्रीमति कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम जनता का आभार जताते हुए कहा कि आपके स्नेह और आशीष के बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है। आपसे मिले बिना जी नहीं भरता है। इसलिए मैं दौड़ के आपके पास चला आता हूं। उन्होंने कहा कि उज्जैन की भूमि पर उद्योगों की बहार आने लगी है। आज हमने 1200 करोड़ रुपए से अधिक के उद्योगों को लगाने के लिए भूमि-पूजन किया है। इसमें 5000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और आने वाले समय में कई लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हमारे प्रदेश में आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकास के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। लगातार प्रयास से हम सफलता पा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। विकास की रफ्तार अब नहीं रुकेगी। आम जनता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध करने के लिए हम कृत संकल्पित हैं। सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव को फलों से तौला भी गया और मित्र मण्डल कार्यकर्ताओं ने कतार लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूल, मोतियों की माला से स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों ने आत्मीयता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद भी दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती कपूर की आत्मकथा का किया विमोचन

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025  के अंतर्गत अंर्तराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न देशों से आए राजनयिकों के साथ सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक सीमा कपूर की आत्मकथा “युं गुजरी है अब तलक”  का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के आयाम जुड़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति की यह विशेषता रही है कि यहां के लोगों ने हर प्रकार की चुनौतियों और विषम परिस्थितियों में अपने आप को दृढ़ रखा है और पूरे विश्व के समक्ष एक मिसाल पेश की है। भारतीय संस्कृति पर केन्द्रित फिल्म फेस्टिवल हमारी कला और संस्कृति को पूरे विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है। इस फेस्टिवल में अतीत की कालजयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया है। चलित हिंदी फिल्मों की यात्रा दादा साहब फालके द्वारा निर्देशित फिल्म राजा हरिश्चंद्र से होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्में आज भी समसामयिक हैं। आने वाले समय में और भव्य स्तर पर इस प्रकार के आयोजन किए जाने चाहिए। विक्रम महोत्सव से हम सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल को याद करते हैं। सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाट्य और फिल्मों के माध्यम से पूरे विश्व में उनकी न्यायप्रियता और उनके सुशासन का संदेश जाता है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व में विभिन्न आयाम समाए हुए हैं। सही अर्थों में उज्जैन 64 कलाओं को प्रदान करने वाली नगरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से फिल्मोत्सव के समापन के अवसर पर संस्कृति विभाग, कालिदास अकादमी और विक्रमादित्य शोध पीठ को शुभकामनाएं दीं। समापन समारोह में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,  दिलीप सिंह परिहार,  नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, ओम जैन, कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे, नरेश शर्मा,  राजेश सिंह कुशवाहा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप भारत के ज्ञान और संस्कृति के प्रकाश को दुनिया में पहुंचाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ, जिसमें 90 फिल्मों का प्रसारण किया गया है। इसमें अधिकतर फिल्में भगवान श्रीकृष्ण पर केन्द्रित रही। कार्यक्रम में साउथ अमेरिका के देश सूरीनाम की एंबेसी में कार्यरत सचिव श्रीमती सुनैना पी.आर. मोहन ने कहा कि उज्जैन शहर में उनका प्रथम बार आगमन हुआ है। यहां के लोगों के व्यक्तित्व में सादगी समाहित है। श्रीमती सुनैना ने कहा कि हमारे देश के युवा अपने शहर, अपने प्रदेश और अपने देश पर गर्व करें, गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं। अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के समापन के पूर्व गोपाल कृष्ण (हिन्दी), भगवान श्रीकृष्णा (हिन्दी), श्रीकृष्ण अर्जुन युद्धम (तेलुगु), मीरा रो गिरधा (राजस्थानी),  भगवान श्रीकृष्णा चैतन्य (बंगाली),  श्रीकृष्णा लीला (तमिल), भगत्नसयो (गुजराती) भाषा फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके अलावा विदेशी भाषाओं में डेथ इन वेरीक्यूकोस और साचा: चेरनोबिल का एक बच्चा-1 फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसका कलाप्रेमी दर्शकों ने आनंद उठाया।

मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की

व्यापार में कमिटमेंट का है सर्वाधिक महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश आ रहा है, उद्योग भी लग रहे है और रोजगार सृजित का सृजन कर विकास का लिखा जा रहा है नया अध्याय मुख्यमंत्री ने 1127 करोड़ की लागत की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन औद्योगिक इकाइयों से 5046 युवाओं को मिलेगा रोजगार विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ की लागत वाले सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से देश और प्रदेश में समृद्धि बरस रही है। सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली नगरी उज्जयिनी में पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ था। इसके बाद क्रमवार संभागीय मुख्यालयों पर 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इन आरआईसी में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत’ को साकार करने प्रदेश में 1127.24 करोड़ रुपए के निवेश से 26 विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर विकास का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। यह परियोजनाएं उज्जैन को एक नया औद्योगिक आयाम देंगी, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा। इन इकाइयों से हमारे लगभग 5046 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को समाहित कर प्रदेश में स्थित भारत के सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विक्रम व्यापार मेला उज्जैन में आयोजित औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापार वचन से होता है, व्यापार में वचन का ही सर्वाधिक महत्व है। मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिकरण और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दिए गए वचनों को पूरा करने संपूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक  से प्रदेश की 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से प्रदेश को नंबर 1 बनायेंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का जो सपना देखा है, वो साकार हो रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर जिलों को मिलाकर एक नए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा। जबलपुर, ग्वालियर और उनके आस-पास के जिलों का भी विकास मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में भविष्य में किया जाएगा। इससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 का आयोजन भी किया जा रहा है। विक्रम व्यापार मेले में भी व्यापार व्यापक स्तर पर हो रहा है और बहुत अधिक संख्या में गाड़िया बिक रही है। अगले कुछ वर्षों में हम भव्य स्तर पर सिंहस्थ-2028 महापर्व का भी आयोजन करेंगे। आस्था का ये महाकुंभ अर्थव्यवस्था को गति देने में इतिहास लिखेगा और उज्जैन को प्रमुख वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। इस वर्ष 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है, जो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करने के कार्य के लिए है। लाड़ली बहना हमारे प्रदेश का गौरव है, बजट में लाड़ली बहनों का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में अमूल द्वारा दूध प्र-संस्करण का कारखाना भी स्थापित किया गया है। प्रदेश की सांची डेयरी को भी अमूल की तर्ज पर विकसित कर सांची को हम प्रदेश की पहचान बनाएंगे। उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाकाल महालोक बनाए जाने के बाद धार्मिक पर्यटन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से अभी तक जिले में 60 करोड़ से अधिक धार्मिक पर्यटक आए है जिससे जिले में होटल व्यवसाय ने भी बहुत तरक्की की है। इस प्रकार उद्योग के साथ आध्यात्मिक विकास का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का हुआ सफल आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। जीआईएस में प्रधानमंत्री मोदी ने 18 नई औद्योगिक नीतियों की शुरूआत की। समिट के दौरान 70 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई और प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो 17 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का अवसर प्रदान करेंगे। जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए विगत एक माह में 19 नवीन औद्योगिक इकाइयों को 315 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश को 9168 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हो चुका है और इससे 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश अब औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। सरकार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रदेश में गरीब युवाओं, अन्नदाताओं, नारी शक्ति और सभी के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।प्रदेश के चंबल क्षेत्र में भी औद्योगिक विकास किया जा रहा है, अब वहाँ बंदूकों की आवाज की जगह औद्योगिक मशीनों की आवाज सुनाई दे रही है। झाबुआ में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही किसान भाइयों के लिए और दूध उत्पादन बढ़ाने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रदेश का पहला डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके, जर्मनी और जापान यात्राओं  में प्रदेश को एक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। वहाँ से मिले समर्थन और निवेशकों की इच्छाओं को देखकर हमें यह विश्वास हुआ कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में हाल ही में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद, जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, वे अब धरातल पर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों ने इन्दौर में दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन पर इंदौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शुभकामनाएँ दी। मंगलवार रात उज्जैन से एयरपोर्ट इंदौर पहुँचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एयरपोर्ट में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने स्वागत किया महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता,  सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा,  जयपाल सिंह चावड़ा, दीपक जैन टीनू , चिंटू वर्मा  सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संभागायुक्त इंदौर दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण अनुराग,  एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ देकर शुभकामनाएँ दी।  कलेक्टर आशीष सिंह और आयुक्त नगर निगम शिवम वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खजराना गणेश की माला पहनाई और प्रसाद भेंट किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आतिथ्य में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन 26 मार्च को समन्वय भवन में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्सय भवन में भोपाल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा उपस्थित रहेंगे। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया है कि सम्मेलन में राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मनोज पुष्प और नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती मौजूद रहेंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुष्ठ रोगियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुष्ठ रोगियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीनगर स्थित महात्मा गांधी कुष्ठ आश्रम पहुंच कर कुष्ठ रोगियों पर पुष्प वर्षा के साथ अभिवादन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुष्ठ रोगियों को भोजन परोसा तथा फल, खाद्य सामग्री, वस्त्र और दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट की। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा, वरिष्ठ प्रतिनिधि राहुल कोठारी,समाज सेवी तथा कुष्ठ रोगियों के परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के हर प्रकार के कष्ट में साथ खड़ी है। ऐसे लोगों के बीच आकर एक प्रकार से आत्मीय सुख प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर रखते हुए आगे लेकर जाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बड़ा निवेश मिला है और सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक ईकाइयों के भूमि-पूजन की शुरुआत कर दी है। पहले भिंड, मुरैना और ग्वालियर में 18 औद्योगिक ईकाइयों के भूमि-पूजन किया। बुधवार को भी उज्जैन में विभिन्न औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन हो रहा है।  

CM यादव ने अपने जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री निवास से जनसंपर्क विभाग के विकसित मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया। इस ऐप से प्रदेशवासियों को सरकार की नीतियों, योजनाओं और महत्वपूर्ण समाचारों की त्वरित व सटीक जानकारी सीधे मोबाइल पर ही प्राप्त हो सकेगी। मोबाइल ऐप पर समाचार, फोटो गैलरी, वीडियो गैलरी, मंत्री परिषद के निर्णय, आलेख, विभिन्न विभागों की वेबसाइट के लिंक, जिलों के समाचार तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों, कमिश्नर और कलेक्टर की सूची आसानी से प्राप्त हो सकेगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता तथा सोशल मीडिया विशेषज्ञ उपस्थित थे। आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. खाड़े ने अवगत कराया कि जनसम्पर्क विभाग के पोर्टल mpinfo.org का Android Based मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। मोबाइल ऐप में मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण से जुड़े समाचार सिंगल क्लिक पर ऐप में उपलब्ध होंगे। ऐप पर स्क्रीन रीडर की भी सुविधा दी गई है, जिससे यूजर आसानी से समाचार सुन सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐप में वॉइस सर्च की सुविधा दी गई हे, जिससे यूजर आसानी से आवश्यकता अनुसार कंटेंट सर्च कर सकते हैं। ऐप पर व्हाट्सऐप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करने की लिंक भी दी गई है, इससे सुगमता से कंटेट को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया जा सकेगा। मोबाइल ऐप पर पुश नोटिफिकेशन की सुविधा भी दी गई है, इसके माध्यम से समाचार को सभी यूजर्स तक पुश किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री निवास पर उत्साह और शालीनता के साथ मनाया गया जन्म दिवस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नवाचारों से बेहतर हुआ प्रदेशवासियों का जीवन : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्मदिन की बधाई दी केंद्रीय गृहमंत्री शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों ने दी बधाई प्रदेश मंत्री मंडल के सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, समाजिक व स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी किया अभिवादन मुख्यमंत्री निवास पर उत्साह और शालीनता के साथ मनाया गया जन्म दिवस मुख्यमंत्री ने सपरिवार पूजा-अर्चना और गौमाता की सेवा कर की दिन की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए की प्रार्थना तथा विकसित मध्यप्रदेश के सभी संकल्प पूर्ण करने के लिए मांगा आशीर्वाद मुख्यमंत्री निवास पर उत्साह और शालीनता के साथ मनाया गया जन्म दिवस भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके जन्म दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए नवाचारों से प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यही कामना है कि ईश्वर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दीर्घ और स्वस्थ जीवन प्रदान करें और वे जन सेवा में इसी प्रकार निरंतर सक्रिय रहे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार विकास और सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। केंद्रीय मंत्री शाह ने बाबा महाकाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने बधाई संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास और उन्नति के नव शिखर को स्पर्श करे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रीगण का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री ने बधाई दी। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, हितानंद शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारी ने जन्म दिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री निवास पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, एंदल सिंह कंषाना, इंदर सिंह परमार, राकेश शुक्ला, श्रीमती कृष्णा गौर, धर्मेंद्र सिंह लोधी, विधायकगण, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा, मिष्ठान वितरण और वाद्ययंत्रों के माध्यम से अपनी प्रसन्नता और उत्साह का प्रकटीकरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गदा और कृपाण भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यकर्ताओं ने विशाल पुष्प हार पहनाकर जन्म दिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिन की शुरुआत मुख्यमंत्री निवास स्थित मंदिर में सपरिवार पूजा अर्चना कर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास स्थित गौशाला में सर्व सुखदायिनी गौ माता की सेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की तथा विकसित मध्यप्रदेश के सभी संकल्प पूर्ण करने के लिए गौ माता से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा का किया अनावरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर भारत के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, चिन्तक, समाज सुधारक, इतिहासकार, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता थे। वे अपने कृतित्व से वीर सावरकर के नाम से लोकप्रिय हुए। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को इंदौर के प्रगति नगर में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, वीर सावरकर के पौत्र रंजीत सावरकर, बाबा साहब नवाथे, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीर सावरकर के स्मरण से ही रोमांच की अनुभूति होती है। उन्होंने अनेक कष्ट एवं प्रताड़ना सह कर देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन आदर्श है। कालापानी जैसी सबसे कठिन सजा पाकर भी वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के इतिहास को सही रूप में समझने की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य है कि उनके इतिहास को सही रूप में जन-जन तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस स्थान की स्थापना जिस महापुरुष के नाम से होती है वह स्थान उन्हीं के नाम से जाना और पहचाना जाए। इसके लिए सूचना पटल लगाने सहित शासकीय पत्राचार और अन्य कार्यों में भी उनके नाम का उपयोग किया जाए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र के प्रगति नगर जोन कार्यालय में जन सहयोग से वीर सावरकर की प्रतिमा का निर्माण किया गया है। मूर्ति के आधार को वीर सावरकर द्वारा लिखी गई किताबों की शक्ल में तैयार किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं

भोपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री निवास में जन्मदिन के शुभ अवसर पर मंगलमय शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास सभी क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

देश भर के केन्द्रीय शस्त्र पुलिस बल, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला पुलिस कार्मिक ले रहे हैं भाग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में तेज़ी से उभर कर सामने आ रहा है। भविष्य में हमारा प्रदेश खेलों की राजधानी बनेगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में निशानेबाजों की खोज के लिए कार्यक्रम प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बीएसएफ के समन्वय से निशानेबाजों की खोज की जाएगी। उन्हें रेवती रेंज में प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यकम के आयोजन के लिए बीएसएफ के टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज इंदौर के रेवती रेंज में 18वीं अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी (खेल) चैम्पियनशिप-2024 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता केंद्रीय आयुध एवं युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्ल्युटी) सीसुबल, इंदौर द्वारा आयोजित की जा रही है, जो 24 से 29 मार्च 2025 चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया। उद्घाटन समारोह में बीएसएफ और पुलिस ब्रास बैंड द्वारा बजाए गए लयबद्ध मार्चिग धुनों पर केंद्रीय पुलिस संगठनों और विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा स्मार्ट और साफ-सुथरे मार्च पास्ट, बीएसएफ बोल्ड्स टीम द्वारा वेपन से ड्रिल/करतब का प्रदर्शन और एनटीसीडी (राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र), टेकनपुर के श्वानों द्वारा सुरक्षा कर्तव्यों का पालन करते हुए विशेष रूप से भारतीय नस्लों के कुत्तों की शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड की सलामी ली और गुब्बारे और खुले आसमान में कबूतर भी छोड़े। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सिविल प्रशासन,  पुलिस, शीर्ष औद्योगिक संगठन के प्रमुख, बल के जवानों,  परिवारों और प्रतिष्ठित नागरिकों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। रेवती रेंज में आयोजित इस वार्षिक चैम्पियनशिप खेल प्रतियोगिता में देश भर के केन्द्रीय शस्त्र पुलिस बल, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों के कार्मिक भाग ले रहे हैं। यह पिछले 5 वर्षों में आयोजित नहीं किया जा सका था एवं आखिरी बार 2019 में पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित किया गया था। यह 24 से 29 मार्च 2025 तक इंदौर के रेवती रेंज में आयोजित किया जा रहा है। छह दिनों की इस प्रतियोगिता के दौरान देश भर के पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस की टीमें, जिसमें देश भर के 600 पुरुष एवं महिला निशानेबाज और अधिकारी शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विभिन्न पुलिस संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले निशानेबाज/टीमें उच्च खेल भावना के साथ सौहार्दपूर्ण तरीके से अपने शूटिंग कौशल का प्रदर्शन करेंगी। अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड (AIPSCB) की देखरेख में रेवती रेंज में स्पोर्ट्स वेपन्स की इस प्रतियोगिता में 17 स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के विभिन्न अधिकारी की निगरानी में  कुल 204 पदकों के लिए खिलाड़यों के बीच मुकाबला होगा, जिसमें 68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य शामिल हैं। देश भर के केंद्रीय पुलिस संगठन और राज्य पुलिस अपने शानदार रिकॉर्ड के कारण अपनी स्थापना के बाद से ही देश के खेल जगत में सुर्खियों और प्रधानता में रहे हैं। सीएपीएफ और पुलिस बलों के कई दिग्गज खेल कर्मियों ने विभिन्न खेलों में हमारे देश का प्रतिनिधित्व किया है और हमें गौरवान्वित किया है। बल में प्रचलित खेल संस्कृति न केवल खिलाड़ियों में बल्कि प्रत्येक बल कार्मिक में सकारात्मक भावना को बढ़ाती और प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां पुराने और आधुनिक हथियारों की तस्वीरों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें बीएसएफ प्रशिक्षण गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें 18वीं अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी (खेल) चैम्पियनशिप-2024 में असम पुलिस, हरियाणा पुलिस, केरला पुलिस, राजस्थान पुलिस, छत्तीसगढ़ पुलिस, तमिलनाडु पुलिस, पंजाब पुलिस, तेलांगना पुलिस, आरपीएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, असरराइफल्स, सीआईएसएफ, एसएसबी, दिल्ली पुलिस, जम्मू कश्मीर पुलिस, हिमाचल पुलिस, उत्तराखंड पुलिस, उत्तरप्रदेश पुलिस, गुजरात पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस, मनीपुर पुलिस, कर्नाटक पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस, मेघालय पुलिस, मध्यप्रदेश पुलिस के कार्मिक भाग ले रहे हैं।  

वन क्षेत्रों में स्थित देव स्थलों में बढ़ाएंगे सुविधाएं, जनजातीय मंत्रणा परिषद की हुई बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए अधिक से अधिक प्रयास किये जायेंगे। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। वन क्षेत्रों में जनजातीय समाज के देव स्थलों पर पूजा-पाठ के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिए वन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री जन-मन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के जिन पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें आवश्यक परीक्षण और सर्वेक्षण के बाद लाभान्वित किया जाएगा। “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” में सभी कार्य समय-सीमा में किए जाएंगे। जनजातीय विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग के लिए आकांक्षा योजना का लाभ मिलेगा। योजना का विस्तार कर शासकीय सेवाओं में भर्ती और महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए ऑफलाइन एवं ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश जनजातीय मंत्रणा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। विधानसभा समिति कक्ष में हुई बैठक में जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागरसिंह चौहान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, विधायकगण, परिषद के सदस्य, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, प्रमुख सचिव जनजातीय विकास गुलशन बामरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जनजातीय कल्याण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। धार जिले में बटालियन में तीन चौथाई जनजातीय वर्ग के लोग शामिल करने की पहल हुई है। इसी तरह के प्रयास प्रदेश के पूर्वी अंचल में मंडला, डिण्डौरी और अन्य जिलों में भी होंगे। क्षेत्र विशेष की परिस्थितियों की दृष्टि से जनजातीय वर्ग के विकास के सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जनजातीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार और मेलों में भागीदारी सुनिश्चित करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में लगने वाले प्रमुख मेलों में जनजातीय वर्ग के कलाकारों को भेजा जाएगा। गत वर्ष उज्जैन में निकलीं बाबा महाकाल की सवारियों में प्रदेश के भिन्न-भिन्न जनजातीय बहुल जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जनजातीय वर्ग के कलाकारों को विभिन्न आयोजनों से निरंतर जोड़ा जाएगा। प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में प्रचलित लोकप्रिय पर्व भगोरिया का अपना महत्व है। इससे जुड़े जनजातीय बंधुओं को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। भगोरिया पर्व शासकीय स्तर पर मनाने का निर्णय भी लिया गया है। जनजातीय वर्ग के सेनानियों को पूरा सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की प्रथम राजधानी रही सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक, रानी दुर्गावती के नाम पर एसएएफ की बटालियन का नामकरण और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम से सागर में विश्वविद्यालय प्रारंभ करने के निर्णय लिए गए। खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा विश्वविद्यालय प्रारंभ किया गया है। शीघ्र ही जनजातीय समुदाय में सम्मान प्राप्त गोंड राजा भभूत सिंह की स्मृति में आयोजन किया जाएगा। नई पीढ़ी को इन जननायकों के व्यक्तित्व से अवगत कराया जायेगा। वन्या रेडियो के माध्यम से जनजातीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है। सांस्कृतिक संरक्षण केन्द्र होंगे सक्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समुदाय के धार्मिक मुखियाओं, तड़वी, पटेल, भुमका आदि के माध्यम से भी संस्कृति के संवर्धन के प्रयास किए जा रहे हैं। संस्कृति संवर्धन अनुसंधान एवं विकास योजना के अंतर्गत संगोष्ठियां, कार्यशालाएं और आदिरंग कार्यक्रम होते हैं। बैगा संस्कृति केन्द्र मंडला, भारिया संस्कृति केन्द्र तामिया, सहरिया संस्कृति केन्द्र श्योपुर कूनो, भील सांस्कृति केन्द्र माण्डू और राजा शंकर शाह संग्रहालय जबलपुर के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में सक्रिय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय मंत्रणा परिषद की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने एवं परिषद के सदस्यों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समय-समय पर पृथक बैठकें करने के भी निर्देश दिए। अनेक योजनाओं में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत जनजातीय वर्ग को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने और जनधन बैंक खाते प्रारंभ करने में शत-प्रतिशत कार्य हुआ है। जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने, आधार कार्ड तैयार करने और पीएम किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन में भी 99 प्रतिशत उपलब्धि है। गांव-गांव तक सड़क के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 24 जिलों में जून 2025 तक कार्य पूर्ण हो रहे हैं। सबको पक्का घर दिलवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में जनजातीय समाज को लाभान्वित किया गया है। हर घर नल से जल का लाभ साढ़े सात लाख से अधिक परिवारों को प्राप्त हो चुका है। ऊर्जा विभाग ने हर घर बिजली के अंतर्गत 13 हजार 800 घरों में कनेक्शन दिए हैं। आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण का कार्य निरंतर चल रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में 355 नए स्वीकृत केन्द्र निर्माणाधीन हैं। दूरसंचार सेवाओं के अंतर्गत 18 नए टॉवर कार्य कर रहे हैं। शीघ्र ही सभी 43 टॉवर कार्यशील होंगे। प्रधानमंत्री जनमन योजना में 21 जिलों के 87 जनजातीय विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” में विभिन्न विभागों के कार्य जनजातीय क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं। अभियान में 18 विभागों और मंत्रालयों की 25 योजनाएं चिन्हांकित कर उनका क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे जनजातीय परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन, वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन, पेसा क्षेत्र में मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 2022 के क्रियान्वयन और इसके लिए की गई मानव संसाधन व्यवस्था और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी भी बैठक में दी गई। पेसा अधिनियम में नई ग्राम सभाओं, शांति एवं विवाद निवारण समिति, ग्राम सभा निधि, वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति, भूमि प्रबंधन, गौण खनिज पूर्वेक्षण, उत्खनन, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, साहूकारी प्रथा पर नियंत्रण, अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए शासकीय पदाधिकारियों को दिए गए दायित्व और उन्मुखीकरण से संबंधित जानकारी दी गई। बैठक में परिषद के सदस्यों द्वारा गत बैठक में प्रस्तुत सुझावों के संदर्भ में की गई कार्यवाही की विभागवार जानकारी प्रदान की गई।  

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