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आनंद शिविर में भाग लेने देश की चार संस्थाओं में जा सकते हैं शासकीय सेवक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आनंद विभाग लोगों के जीवन को टेन्शन फ्री कर उनके जीवन में आनंद के लिए कार्य कर रहा है। शासकीय सेवकों में आनंद शिविर से सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए राज्य आनंद संस्थान द्वारा वर्तमान में देश की 4 संस्थाओं से एमओयू किया यगा है। इन संस्थाओं में द आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन बैंगलूरू, इनिशिएटिव ऑफ चेंज पुणे, दशा (फाउंडेशन) गोगा सेन्टर कोयम्बटूर, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट (कान्हा शान्तिवनम) हैदराबाद शामिल हैं। आनंद शिविर में भाग लेने के लिए आनंद विभाग की वेबसाइट WWW.anadsansthanmp.in के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। आनंद शिविर में पंजीयन करवाते समय शासकीय सेवकों को नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। आनंद शिविरों के माध्यम से व्यक्तियों को आनंद के साथ परिपूर्ण जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। चारों संस्थानों के साथ 5 आनंद शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 184 प्रतिभागियों की सहभागिता रही।  

मुख्यमंत्री ने जेलों में बंदियों की सुरक्षा और सुधार गतिविधियों में तेजी लाने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब बंदियों को जमानत एवं जुर्माना अदा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपए तक की जुर्माना राशि मंजूर की जाती है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अबतक 31 बंदियों को जुर्माना एवं जमानत के रूप में 6 लाख 43 लाख 517 रुपए की राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के प्रावधानों का पालन करने में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। इस धारा में यह प्रावधान है कि “जेल अधीक्षक, जेल में निरूद्ध अभियुक्त व्यक्ति के उपबंधित कारावास की आधार या एक-तिहाई अवधि पूर्ण होने पर, ऐसे व्यक्ति को जमानत पर निर्मुक्त करने के लिए संबंधित माननीय न्यायालय को कार्रवाई करने के लिए तुरन्त लिखित में आवेदन करेगा।” इस प्रावधान के तहत प्रदेश के 78 केदियों के प्रकरण न्यायालय की ओर भेजे गाए जिनमें से 46 केदियों के पक्ष में कार्यवाही हुई और वे रिहा कर दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों ही मामलों में प्रदेश के अव्वल रहने पर जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादवबुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राज्य की जेलों में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और उनके बौद्धिक एवं चारित्रिक सुधार की गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए। प्रदेश की सभी जेलों में जारी है ई-प्रिजन व्यवस्था बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी जेलों में ई-प्रिजन व्यवस्था लागू है। इस व्यवस्था में बंदियों से संबंधित जानकारियों को निरंतर अद्यतन किया जाता है। ई-प्रिजन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए (लीगेसी डाटा के साथ) अबतक कुल 13 लाख 17 हजार 303 आमद दर्ज की जा चुकी है। आईसीजेएस के माध्यम से 1लाख 31 हजार से अधिक बंदियों की जानकारी प्रविष्टि भी की जा चुकी है। बताया गया कि गत 1 जुलाई 2024 से अब तक नवीन आपराधिक कानून के अंतर्गत ई-प्रिजन पर 48 हजार 139 बंदियों की आमद हुई है। जेलों की क्षमता में वृद्धि के प्रयास भी किए जा रहे हैं। 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर भी सजा में छूट देकर समय पूर्व रिहाई का प्रस्ताव मान्य बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिवर्ष 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर बंदियों को समय पूर्व रिहाई किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कहा कि अच्छे आचरण वाले बंदियों को इस विशेष दिवस पर विशेष परिहार प्रदान किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुली जेलों से बंदियों को स्वतंत्रता का अहसास होने का जिक्र कर प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल केवल सजा भुगतने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बंदियों के लिए कौशल विकास, योग, आध्यात्मिक शिक्षा और काउंसलिंग जैसी योजनाओं को विस्तार देने पर बल दिया। इससे न केवल बंदियों का मानसिक एवं चारित्रिक विकास होगा, बल्कि उनकी समाज में पुनः सकारात्मक रूप से वापसी भी सुनिश्चित होगी। नवाचारों को दें प्रोत्साहन बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जेल सुधार कार्य में समाज की भी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सामाजिक व धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों की मदद से सुधार कार्यक्रम चलाने की जरूरत बताई। राज्य सरकार बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास करेगी ताकि वे भविष्य में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं जीपी सिंह, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं मनीष सिंह, एडीजी अखेतो सेमा, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों ने विभाग की मौजूदा कार्यप्रणाली, गत एक वर्ष की गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में विकास कार्यों पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने का सुझाव दिया और संबंधितों को इस पर अमल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिष्ठान से रामायण, तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने युवाओं और विद्वानों को जोड़ने के लिए चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रबंधकारिणी समिति के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, संयोजक राजेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य सुरेश पचौरी एवं कैलाश जोशी, समिति सदस्य एवं कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिष्ठान की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस पहल से जोड़ा जाए, जिससे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से भी रामायण और तुलसी साहित्य को अधिक लोगों तक पहुंचाये। उन्होंने आगामी आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने और इनसे जनसामान्य को जोड़ने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझावों पर बैठक में गहनता से विचार-विमर्श किया गया। कार्याध्यक्ष शर्मा ने मानस भवन के सामने न रोड का चौड़ीकरण किये जाने और मानस भवन, हिंदी भवन और गांधी भवन के बीच अवैध निर्माण हटवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कलेक्टर भोपाल को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति को अवगत कराया कि सरकार प्रदेश में शराबबंदी पर गंभीरता से विचार कर रही है। गीता के ज्ञान और हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में ‘गीता भवन’ बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने बताया कि हमारी सरकार पुण्यभूमि हरिद्वार जैसे प्रबंध अब महाकाल नगरी उज्जैन में भी कराने की ओर अग्रसर है। साधु-संतों, अखाड़ों और धर्मशालाओं को उज्जैन के सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इससे स्थायी आश्रम, मठ, धर्मशालाएं, सत्संग स्थल बनाये जा सकेंगे। कलेक्टर ने समिति को अवगत कराया कि भोपाल में भी स्मार्ट सिटी रोड पर टीटी नगर के पास करीब एक एकड़ भूमि में गीता भवन बनाया जायेगा। समिति सदस्यों ने प्रतिष्ठान के विकास संबंधी विभिन्न विषयों/कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों/सुझावों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान की मासिक मुख पत्रिका “तुलसी मानस भारती’’ का विमोचन भी किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता के लाइट वेट डबल स्कल्स इवेंट में मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ी रुक्मणि और पूनम के स्वर्ण पदक तथा रोइंग खेल के महिला-क्वाड्रापल इवेंट में संतोष यादव, खुशप्रीत, पूनम और रुक्मणि को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि भारत की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रुक्मणि और पूनम की इस उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता में पुरूषों के डबल स्कल लाइटवेट इवेंट में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुशील और नितिन देओल के कांस्य पदक जीतने पर इन्हें भी बधाई देते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।  

मोहन सरकार का छात्रों को तोहफा, CM ने किया टॉपर्स को स्कूटी के बाद अब लैपटॉप देने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार स्कूटी के बाद अब मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत हाई सेकेंडरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने वाली है. फरवरी की 15 तारीख को लैपटॉप की सौगात विद्यार्थियों को मिल जाएगी. मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हायर सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी. यह योजना साल 2009 में शुरू हुई थी. उस समय 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की घोषणा की गई थी. इसके बाद सरकार ने अपने क्राइटेरिया में थोड़ी कमी लाते हुए बड़ा दिल दिखाया. सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी लैपटॉप की सौगात दी जाएगी. सरकार की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ उठाया है. साल 2022-23 की बात करें तो 78,641 विद्यार्थियों को यह फायदा मिला था. इसके बाद इस साल लगभग 12,000 विद्यार्थियों का आंकड़ा बढ़ चुका है. इस बार लगभग 90,000 विद्यार्थियों को लैपटॉप की योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि फरवरीमें लैपटॉप भी विद्यार्थियों को मिल जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि 15 फरवरी से लैपटॉप दिए जाने की योजना अमली जामा पहनना शुरू कर देगी. ₹25000 देती है डॉ मोहन यादव सरकार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार हाई सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की राशि देती है. इस साल इस योजना पर सरकार 225 करोड रुपये से ज्यादा की राशि खर्च करने वाली है. सरकार ने स्कूटी पर भी करोड़ों रुपये की राशि खर्च करते हुए विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया है.

कौन से कानून के तहत सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

जबलपुर  मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की. पेट्रोल पंप से भरवाया गया छह लाख का डीजल याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आइएसबीटी बस स्टैंड के समीप याचिकाकर्ता का पेट्रोल पंप है। मुख्यमंत्री के सम्मान में तीन जनवरी, 2024 को जबलपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम आयुक्त ने खाद्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से भेजा था। अधिग्रहित बसों में लगभग छह लाख रुपये का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था। डीजल का भुगतान न होने के कारण उन्होंने निगमायुक्त से संपर्क किया। निगमायुक्त द्वारा बताया गया कि संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय की ओर से बसों में डीजल भरवाने कहा गया था। याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं याचिकाकर्ता ने अगस्त, 2024 को बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान करने के संबंध में लिखित निर्देश दिए गए थे। शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त ने पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने का निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें। इसके अलावा यह भी बताएं कि किस कानून में निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी बसों में डीजल भरवाए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा।

ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप , मंडियों में योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के कल्याण एवं समस्याओं के निराकरण के लिये प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का भुगतान आसान बनाने के लिये प्रदेश में ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू की गई है। कृषकों को इस प्रणाली से जोड़कर प्रत्येक भुगतान की एंट्री ई-अनुज्ञा पोर्टल पर हो रही है। व्यापारियों द्वारा इस प्रणाली का इस्तेमाल कर क्रय की गई कृषि उपज के परिवहन के लिये गेट पास बनाये जा रहे हैं। रिकॉर्ड संधारण में इस प्रणाली से बहुत लाभ हुआ है। ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप है। मंडियों में इस योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा है। ई-मंडी योजना मंडी प्रांगण के अंदर कृषकों को प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल और भुगतान की प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिकली कैप्चर करने की प्रक्रिया है। योजना को स्कॉच आर्डर ऑफ मेरिट वर्ष 2023 प्रदान किया गया है।      

MP में हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा

मध्यप्रदेश में जापान की मदद से बनेगा हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में  हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा। जापान के सहयोग से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर  जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लेंगे। कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड इंड्रस्ट्री में जापान सहयोग करेगा। ई-वी निर्माण में जापान सहयोग देगा। जापान के सहयोग से मध्यप्रदेश को बनाएंगे आइडियल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  कहा कि यात्रा में उन्होंने जापानी निवेशकों और उद्योगपतियों को भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने की गहरी रुचि दिखाई है और कई प्रमुख कंपनियां आगामी समिट में हिस्सा लेंगी। उन्होंने जापान के विभिन्न उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ बिजनेस टू बिजनेस (बी-टू-बी) और जापान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (जी-टू-जी) मुलाकात की और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बात की। जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जल्द ही जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जापान प्लस सेल की भी स्थापना की जाएगी, जो जापानी निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क और फॉलोअप करेगी। मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को फरवरी में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2025) में आमंत्रित किया, जिससे निवेश के नए अवसर खुलेंगे। जापान होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कंट्री पार्टनर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार जापान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. यादव ने बताया कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल (रेडिमेड गारमेन्ट्स) सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जताई है। जापानी कंपनियों का निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा। जापानी कंपनियों के सहयोग से हम प्रदेश को इन्वेस्टमेंट के लिए एक ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली स्टेट’ बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार उद्योगों के विकास के लिए बेहतर अधोसंरचनाएं, सरल निवेश नीतियां और निवेशकों को एक बेहद अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जापानी निवेशकों को विश्वास दिलाया कि वे बेहिचक यहां निवेश करें, राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इस सफल यात्रा से जापानी कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश में किया जाने वाला निवेश यहां रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और औद्योगिक विकास को गति भी देगा। जापान यात्रा मध्यप्रदेश को “निवेश का हब” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का आयोजन भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में होगा, जहां विभिन्न देशों के निवेशक और उद्योगपति भाग लेंगे।     जापान भारत का पांचवा सबसे बड़ा निवेशक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में जापान, भारत का पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने पिछले दो दशकों में भारत में 38 बिलियन डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जो निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पहले से ही कई प्रमुख जापानी कंपनियां सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। ब्रिजस्टोन ने पीथमपुर में अपना विश्वस्तरीय टायर उत्पादन संयंत्र स्थापित किया है, जो रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पैनासोनिक जैसी दिग्गज कंपनी ने मध्यप्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। एनएसके, सानोह और कामात्सु जैसी जापानी कंपनियां भी प्रदेश में कार्यरत हैं, जो ऑटोमोटिव और मशीनरी क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। व्यापार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश से जापान को होने वाला निर्यात निरंतर बढ़ रहा है। यह दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का प्रमाण है। मोहन कैबिनेट का बड़े फैसले — भोपाल-इंदौर के बीच मेट्रो रेल प्रौद्योगिकी में शहरी विकास प्लानिंग, हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा। — मध्यप्रदेश में कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड के वैल्यू एडीशन में जापान मध्यप्रदेश में अपना सहयोग प्रदान करेगा। — सिसमेक्स कार्पोरेशन के साथ उज्जैन मेडिकल डिवाइस में निवेश और अनुसंधान का आश्वासन भी जापान ने दिया है। — आटोमोटी सेक्टर और ईवी मैनिफेक्चरिंग के लिए भी जापान ने सहयोग करने की सहमति दी है। — सीएम जनकल्याण के दौरान 30 हजार 716 शिविर 42.96 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 41.7 लाख के करीब लोगों के आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। — सर्वाधिक 9 लाख आयुष्मान भारत योजना के आवेदन मिले थे जिनमें से 99 प्रतिशत आवेदनों को स्वीकृत कर निराकरण कर दिया गया। सबसे ज्यादा आवेदन भोपाल में 2.40 लाख , छिंदवाड़ा 2.18 लाख, उज्जैन में 2.13 लाख आवेदन आए। — प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रथम चरण में एमपी में साढ़े 9.5 लाख मकान मिले थे जिनमें से 8.5 बनाकर मकान आवंटित किए हैं जिसके कारण मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया है। — पीएम आवास योजना 2.0 स्वीकृत हुई है जिसमें 10 लाख मकान मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे। BLC के तहत मकान बनाकर देंगे। अफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप में अगर किसी व्यक्ति का प्लॉट या पट्टा है तो उसके खाते में पैसे भेजे जाएंगे। सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक के लिए बनेंगे मकान — अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग योजना के तहत ऐसे लोगों को मकान बनाकर दिया जाएगा जो शहरी क्षेत्रों में आते हैं, या कहीं काम करते हैं। उनके लिए 10 लाख मकान बनाए जाएंगे। इनमें सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। — पीएम आवास योजना के जरिए एमपी को झुग्गी मुक्त बनाने की ओर काम किया जाएगा। — सेमी कंडक्टर में भी जापान के उद्योगपतियों ने निवेश … Read more

सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सकीय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचनात्मक विकास कार्य, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत समीक्षा कर दिशा निर्देश दिये। 50 प्रतिशत सीएचसी का एफआरयू में किया जायेगा उन्नयन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अगले वर्ष तक प्रदेश के 50 प्रतिशत सीएचसी को एफआरयू में उन्नयन किया जाना है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की करें रियल-टाइम मॉनिटरिंग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में स्वास्थ्य मानकों की स्थिति ठीक नहीं है, वहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए कारकों का गहन विश्लेषण किया जाए और विशेष प्रयास किए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 और 25 तारीख़ को आयोजित होने वाले एएनसी जांच दिवस के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की गर्भ-धारण से प्रसव पूर्व तक सभी अनिवार्य जांचों को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि समय पर सभी आवश्यक जांचें न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेंगी बल्कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का समय पर चिन्हांकन कर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष निगरानी प्रणाली लागू की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए फोकस्ड एप्रोच अपनाएं। स्वास्थ्य मानको की स्थिति जिन जिलों में ठीक नहीं है वहाँ कारकों को चिन्हांकित करके विशेष प्रयास किये जायें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन जिलों में नियमित दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रवीण सिंह अढ़ायच, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश के 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क प्रदान की गई ई-स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का सबसे महान देश बनने के मार्ग पर अग्रसर है। ऐसे में मेरिट में आए विद्यार्थी अपनी योग्यता, क्षमता और निपुणता से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर समाज हित और देश की उन्नति में हरसंभव योगदान दें। लक्ष्य प्रगति में ही उनकी श्रेष्ठता सही अर्थों में सिद्ध होगी और भारत को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में सार्थक योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान राम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य, पन्ना-धाय के उद्धरण देते हुए कहा कि अद्भुत क्षमता और सामर्थ्य के साथ नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने के उदाहरणों ने ही इन महान विभूतियों के जीवन को आदिकाल से वर्तमान तक अनुकरणीय बनाया है। अंग्रेजी साम्राज्य का जब सूर्य अस्त नहीं होता था तब नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर विश्व में अपनी सामर्थ्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ स्कूटी चलाकर किया उनका उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप सर्वआदित्य राठौर, प्रशांत राजपूत, सिद्धार्थ साहू, रफत खान, आर्यन राजपूत, आकाश कुशवाह, सुबबली मीणा, पलक सिंह, ऊषा मीणा और सलोनी दांगी को ई-स्कूटी की चाबी भेंट की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना हुआ साकार – मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की पहल से कई परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना साकार होगा। यह पहल विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित भी करेगी और आगे की शिक्षा को सुविधाजनक भी बनाएगी। शासकीय शालाओं में आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हैं अकादमिक गतिविधियां – मंत्री सिंह स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय शालाओं में श्रेष्ठतम अधोसंरचना के साथ ही विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम, मोटिवेशन क्लासेज और कॅरियर गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले इन कार्यों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री सिंह ने विद्यार्थी से अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर दृढ़ निश्चय के साथ अग्रसर होने और समर्पित भाव से इस ओर प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान की गईं। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री के हाथों ई-स्कूटी की चाबी पाकर खुश हुए विद्यार्थी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री नि:शुल्क स्कूटी योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी की चाबी प्रदान की। स्कूटी पाते ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की योजना के बारे में बात भी की। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की गई है। कुशाभाऊ सेंटर में भोपाल (कोटरा) के विद्यार्थी हर्षनंद मेहर, (12वीं बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक) ने बताया कि राज्य सरकार की इन योजनाओं से विद्यार्थियों को नये अवसर मिलते हैं। हर्षनंद वर्तमान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। भोपाल के बरखेड़ा सीएम राइज स्कूल से 12वीं की परीक्षा में सानिया जहाँ को भी सर्वोच्च अंक प्राप्त होने पर स्कूटी मिली है। सानिया ने बताया कि वे आगे चलकर शिक्षक बनना चाहती हैं। शिक्षक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम राइज स्कूल खुलने से बच्चों को पढ़ने के बेहतर अवसर मिले हैं। शिवाजी नगर सुभाष उत्कृष्ट स्कूल की छात्रा बबली मीना को भी अपने स्कूल में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर स्कूटी मिली है। वे बताती हैं कि नि:शुल्क स्कूटी योजना से उनका मनोबल बढ़ा है। अब उन्हें कॉलेज जाने में और सुविधा होगी। उनकी माँ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। नि:शुल्क स्कूटी मिलने की खबर से उनकी माँ भी बहुत प्रसन्न हुई। आदित्य गौर ने अपने विद्यालय में बोर्ड की … Read more

स्टूडेंट्स की बल्ले बल्ले… CM मोहन यादव ने आज 12वीं टॉपर्स को दी स्कूटी; पिछले वर्ष 7778 को मिली थी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 7900 मेधावी विद्यार्थियों को आज सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्कूटर की सौगात दी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकुर कन्वेंशन सेंटर में सीएम विद्यार्थियों को पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर दिए गए। ये सभी वे मेधावी विद्यार्थी हैं, जिन्होंने 12वीं परीक्षा में टॉप किया था। सभी विद्यार्थियों को सरकार ने विकल्प भी दिया है। जो यह स्कूटर लेना नहीं चाहते हैं या जिनके पास पहले से स्कूटर हैं, उन्हें सरकार 95 हजार रुपये की राशि देगी। वहीं अगर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर लेना चाहता है, तो उसे 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। 2023 में शुरू हुई थी योजना बता दें कि एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2023 में 12वीं टॉपर छात्र-छात्राओं को स्कूटी देने की योजना शुरू की गई थी। स्कूल शिक्षा विभाग की योजना के तहत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं परीक्षा में सरकारी विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी दी जाती है। सरकार की तरफ से ई-स्कूटी और पेट्रोल स्कूटी के लिए दो किस्तों में पैसे दिए जाते हैं। छात्रों पर निर्भर करता है कि वे ई-स्कूटी लेंगे या पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी। 2022-23 में 7778 छात्रों को दी थी स्कूटी स्कूटी देने से पहले छात्र-छात्राओं की पसंद पूछी जाती है। इस बार भी छात्रों की पसंद पूछी गई है। इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए सहमति देने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों में 1 लाख 20 हजार रुपए जमा किए जाएंगे। पेट्रोल स्कूटी चुनने वाले छात्रों को 90 हजार रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। योजना का बजट 80 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2022-23 में 7778 छात्रों को स्कूटी दी गई थी। 2760 छात्रों को ई-स्कूटी और 5018 छात्रों को पेट्रोल वाली स्कूटी दी गई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने कुल 40.40 करोड़ रुपए खर्च किए थे। 90 हजार छात्रों को लैपटॉप देगी सरकार मध्य प्रदेश सरकार ने 2009-10 में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। योजना का लाभ MP बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 75% या उससे अधिक नंबर हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मिलता है। पात्र छात्रों को सरकार लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 रुपए की राशि देती है। योजना का बजट 225 करोड़ है। 2022-23 में 78,641 विद्यार्थियों को योजना का फायदा मिला था। 2023-24 के टॉपर 90,000 को 15 फरवरी से पहले सरकार लैपटॉप देगी।

अचानक यात्री बन ट्रैन सवार हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, यात्रियों से की खूब बाते, जमकर खिलखिलाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को जबलपुर-आरकेएमपी इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से नर्मदापुरम से रवाना होकर रात्रि करीब 10.16 बजे रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों, उनके परिजनों व अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को दुलार किया, उनके साथ फोटो/सेल्फी खिंचवाये और सभी की कुशलता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस महोत्सव-2025 में सम्मिलित होने के उपरांत ट्रेन से भोपाल आने की इच्छा व्यक्त की। नर्मदापुरम से आरकेएमपी स्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक सामान्य यात्री की तरह अपनी यात्रा की। उन्होंने रेल की बोगी में मौजूद सभी यात्रियों के साथ बेहद आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप कर रेल यात्रा का भरपूर आनंद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की और उनसे फीडबैक भी लिया।   प्रदेश के लाड़ले सीएम डॉ. यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों से मुलाकात की और राज्य के विकास को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री लोगों के बीच बैठा है। सीएम डॉ. यादव और उनके स्टाफ ने बाकायदा ट्रेन की टिकट बुक कराई। इस टिकट को टीसी ने चेक भी किया। गौरतलब है कि, इंटरसिटी एक्सप्रेस में एंट्री करते ही सीएम डॉ. यादव लोगों के साथ-साथ बच्चों से घिर गए। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और टॉफी खिलाई। इस दौरान जनता से सीधे संवाद के बीच कई बार वे खिलखिलाकर हंस दिए। लोगों के साथ चलती ट्रेन में जमकर खिलखिलाए सीएम सीएम डॉ. यादव ने लोगों से बड़ी देर तक बातचीत की। एक तरफ उन्होंने लोगों को कई संस्मरण सुनाए, तो दूसरी तरफ लोगों ने भी कई किस्से सुनाकर उन्हें उनकी मीठी-मीठी यादों से तरोताजा कर दिया। यह सिलसिला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आने तक लगातार चलता रहा। इस पूरी यात्रा के बीच लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि सीएम डॉ. यादव उनके बीच बैठे हैं। उनके सादगी भरे अंदाज ने लोगों को आकर्षित किया। इधर, इस मुलाकात के बाद लोगों का कहना था कि सीएम डॉ. यादव के बारे में सुना तो था, लेकिन देखा पहली बार। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई मुख्यमंत्री इतनी सादगी के साथ हमसे मुलाकात करेगा। मैं कर्म करने में विश्वास करता हूं- सीएम यादव बता दें, सीएम डॉ. यादव का कहना है कि मैं कर्म में विश्वास करता हूं। मैं इसके अलावा कुछ और नहीं जानता। प्रदेश का मुखिया होने के नाते मेरा कर्तव्य जनता की सेवा करना है। इसके अलावा मेरे मन में कुछ और विचार आता ही नहीं है। एक मुख्यमंत्री तब मुख्यमंत्री कहलाने का अधिकारी है, जब उसकी जनता उससे प्रेम करे और उस पर विश्वास करे। मैं लगातार यही प्रयास करता हूं कि जनता का विश्वास और प्रेम मेरे प्रति कम न हो, और न उनके मन को किसी प्रकार की ठेस लगे। सीएम यादव-स्टाफ ने बुक कराई टिकट गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनके स्टाफ ने नर्मदापुरम से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक बाकायदा इंटरसिटी एक्सप्रेस की टिकट बुक कराई। एक्सप्रेस में मौजूद टीसी ने उनकी टिकट चेक भी किए। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी कई बार सादगी की मिसाल पेश कर चुके हैं। वे जनता से सीधा संवाद की शैली के लिए चर्चित रहे हैं। वे कई बार बिना किसी सुरक्षा और तामझाम के सड़कों पर निकलकर लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। उनका यह अंदाज बताता है कि वे जनता से जुड़ने के लिए कितना आतुर रहते हैं। इस संवाद से उन्हें प्रदेश की जनता की मन पढ़ने में मदद मिलती है। दिखी पीएम मोदी की झलक सीएम डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झलक दिखाई दी। जिस तरह पीएम मोदी लोगों के बीच जाकर खुद को भूल जाते हैं, उसी तरह सीएम डॉ. यादव भी जनता के बीच खो से गए। उन्होंने जनता से हाथ मिलाया, उनसे बात की, उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। उन्होंने जनता से मन की बात उसी तरह शेयर की, जिस तरह पीएम मोदी करते हैं। इस मौके पर उन्होंने जनता से कहा कि किसी को भी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका बेटा उनके साथ है। जनता के कल्याण में किसी भी चीज को रुकावट बनने नहीं दिया जाएगा। उनके कल्याण के लिए जिस हद तक जाना पड़े मैं जाऊंगा। सीएम यादव ने की मां नर्मदा की पूजा गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदा जयंती के मौके पर नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव-गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवि नर्मदे…नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर प्राणदायिनी मां नर्मदा जी के दर्शन-पूजन ने मुझे नई ऊर्जा से भर दिया है। आज नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर नर्मदापुरम जिले में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस कार्यक्रम में सहभगिता कर विचार साझा किए। मैया की कृपा से मध्यप्रदेश के अन्नदाता के घरों में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली है और असंख्य घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मां रेवा के आशीर्वाद से चहुंओर समृद्धि एवं सुख के पुष्प पुष्पित और पल्लवित हो रहे हैं। मां नर्मदा की कृपा ऐसे ही अविराम हर घर-आंगन में बरसती रहे, हर घर धन-धान्य से भरा रहे, सर्वदा आनंद के दीप देदीप्यमान रहें, यही प्रार्थना है। नर्मदे हर।’    

मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन की मंत्रि-परिषद ने दी स्वीकृति 5 वर्ष की अवधि में 10 लाख आवासों का किया जायेगा निर्माण मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 4,400 रोजगार होंगे सृजित “मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति 2025” को दी स्वीकृति हुकुमचंद मिल की देनदारियों के निपटान एवं नवीन परियोजना क्रियान्वयन को मंजूरी शासकीय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालयों में अध्ययनरत इंटर्नशिप छात्रों की स्टायपेण्ड राशि में वृद्धि का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई। योजना अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जायेगा। इसमें 50 हजार करोड़ रूपये व्यय होंगे। बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.एच.पी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों तथा निजी बिल्डर/डेवलपर के द्वारा आवासों का निर्माण कर प्रदान किया जायेगा। इस घटक अंतर्गत निजी डेवलपर द्वारा क्रियान्वित व्हाइट लिस्टेड/ओपन मार्केट परियोजनाओं में हितग्राहियों द्वारा आवास क्रय करने के लिए रिडीमेबल हाऊसिंग वाउचर (आरएचवी) प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गयी है। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा। इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा योजना अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बी.एल.सी. घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा ए.एच.पी. घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही परिवारों के लिए हर मौसम अनुकूल आवासों के निर्माण के साथ साथ समुचित अधोसंरचना जैसे सड़क, जल प्रदाय, मल-जल निकासी, पार्क तथा सामाजिक अधोसंरचना जैसे आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि विकसित किये जायेंगे। शासन सभी पात्र हितग्राही परिवारों को आवास प्रदान किया जाना सुनिश्चित करेगा। शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई। एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके। सेमी कंडक्टर नीति से 14,400 रोजगार होंगे सृजित मंत्रि-परिषद द्वारा “मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2025” लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी। उत्कृष्टता केंद्रों के लिए सकारात्मक भूमिका में सहयोगी, ‘स्किल इंडिया जैसी पहल और वैश्विक तकनीकी उन्नत कंपनियों के साथ साझेदारी भारतीय कार्य बल को चिप डिजाइन, निर्माण, और सिस्टम एकीकरण में उन्नत कौशल तथा इस क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किये जाने की आवश्यताओं के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” जारी करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट में हुए निर्णय अनुसार प्रदेश में निवेश के प्रति निर्मित अनुकूल वातारण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में एक स्थायी इको-सिस्टम का विकास होगा। उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से कौशल विकसित होगा। प्रदेश में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा। इससे प्रदेश में रोजगार की संभावनाएँ भी बढ़ेगी। इस नीति से राज्य को उच्च तकनीक से जुड़े कुशल कार्यबल का विकास करने का अवसर मिलेगा। राज्य को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करने के लिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र सार्थक होगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने का अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ होगी। उद्योगों और स्टार्टअप्स को सहयोग मिलेगा नवाचार को बढ़ावा देकर सेमी कंडक्टर डिज़ाइन, आर एंड डी और विनिर्माण क्षेत्रों को सहायता मिलेगी। निर्यात वृद्धि से राजस्व में राज्य की वैश्विक बाजार में पकड़ मजबूत होगी। देश में ‘मेक इन इंडिया और ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमी कंडक्टर डिजाइन में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया गया है। भारत की युवा और तकनीकी रूप से कुशल जनसंख्या अनुसंधान और विनिर्माण के लिए एक विशाल प्रतिभा पूल प्रदान करती है। इसके अलावा, अमेरिका, जापान, और ताइवान जैसे देशो के साथ भारत के सहयोग ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। भारत का तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप इको-सिस्टम, विशेष रूप से एआई, आईओटी और रोबोटिक्स में, सेमीकंडक्टर … Read more

मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में 4 लाख रूपये की सहायता प्रदेश के कृषकों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत कृषकों को आंशिक अपंगता के लिये 50 हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है। स्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये एवं मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जाते है। साथ ही अंत्येष्टि के लिये 4 हजार रूपये की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मण्डी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के उत्थान के लिये यह योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रसूति व्यय एवं प्रसूति अवकाश सहायता, विवाह के लिये सहायता, प्रावीण्य छात्रवृत्ति सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना में स्थायी अपंगता सहायता, मृत्यु सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मण्डी प्रांगण में कार्य करते समय हुई दुर्घटना में सहायता आदि का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना-2015 लागू की गई। यह योजना उन हम्माल एवं तुलावटियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों पर प्रभावी होगी, जो मण्डी उपविधि के प्रावधान अनुसार मण्डी समिति में 18 से 55 वर्ष आयु के अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटी हैं। योजनांतर्गत हितग्राही को न्यूनतम एक हजार एवं अधिकतम 2 हजार रूपये तक प्रति वर्ष अंशदान जमा करना होगा। इस योजना का लाभ पात्रता रखने वाले अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण या हितग्राही की आकस्मिक मृत्यु/स्थायी अपंगता/असाध्य बीमारी होने की दशा में प्राप्त होगा। कृषि विपणन पुरुस्कार योजना प्रदेश में मण्डियों में प्रत्येक वर्ष में 2 बार नर्मदा जयंती एवं बलराम जयंती के अवसर पर लॉटरी पद्धति द्वारा ड्रा निकाले जाते हैं, जिसमें बम्पर ड्रा के पुरुस्कार में “क” प्रवर्ग की मण्डी समिति में 35 अश्व शक्ति का ट्रेक्टर एवं “ख”, “ग” तथा “घ प्रवर्ग की मण्डी समितियों में 50 हजार रूपये मूल्य तक के कृषि यंत्र दिये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मण्डी के श्रेणी अनुसार एक हजार से 21 हजार रूपये तक की नगद राशि के रुप में पुरुस्कार दिये जाते हैं। कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली उपलब्ध कराने की योजना प्रदेश में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार प्रदेश की 257 मण्डी समितियों में कृषि उपज के विक्रय के लिये आये कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली (न्यूनतम अनिवार्य मीनू 6 पूड़ी अथवा 6 रोटी, दाल एवं सब्जी के साथ) उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 हजार 900 विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे नि:शुल्क स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी।  

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